• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

मैं और मेरा परिवार

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
चॅप्टर 936ब

मुझे ज्योति बुआ का कुछ ना कुछ करना होगा.

लेकिन ज्योति बुआ को अपनी लाइफ से अपनी फॅमिली से दूर करना इतना आसान नही होगा.

मेरा एक ग़लत कदम पूजा बुआ की फॅमिली को नुकसान पहुँचा सकता है.

राज के पापा अपनी बहन (ज्योति बुआ) से बहुत प्यार करते है.

अगर उनको पता चला तो पूजा बुआ की हस्ती खेलती फॅमिली टूट जाएगी.

तो मुझे पूजा बुआ के बारे मे सोच कर कदम उठाना होगा.

छोटी चाची को बताया तो ज्योति बुआ चारो खाने चित हो जाएगी.

लेकिन पहले मुझे पूनम दीदी से बात करनी होगी.

पूनम दीदी क्या सोचती है इस पे मेरी नेक्स्ट चल डिपंड है.

ज्योति बुआ ने बहुत ग़लत काम किया है.

चाचा के साथ रिश्ता बना कर मेरी चाची की फॅमिली को टूटने की कगार पे लाई है

पूजा बुआ का घर अपना रंडी का अड्डा चलाने के लिए ईस्तमाल करके ,पूजा बुआ को बदनाम करने का काम किया.

ज्योति बुआ तो मेरी पूरी फॅमिली को बदनाम करने पे तुली है.

बावरची, सरपंच क्यसोचता होगा मेरी फॅमिली के बारे मे

अगर उनकी बुरी नज़र चाची और बुआपे पड़ी तो. ज्योति बुआ की वजह से उनको भी ऐसी ही नज़र से देखा तो.

मुझे जल्दी कुछ करना होगा.

मैं ने ज्योति बुआ को रंगे हाथ पकड़ लिया तो कुछ नही होगा.वो तो अपना काम करती रहेगी उसेपैसे की लत जो लग गयी है.

मुझे कुछ और सोचना होगा. ताकि सब कुछ ठीक हो जाएगा.

मैं रात भर यही सोचते हुए सो गया.

सुबह होते ही मैं अपने काम मे लग गया.

रानी और आंटी सुबह होते ही फिर से मिलने का वादा करके अपने घर चले गये.

उनके जाते ही सब रोज की तरह अपने कामो मे लग गये.

मैं नेहा बुआ के यहाँ से अपने घर जाने लगा.

आसमान मे सुबह से बदल छाए हुए थे.

लगता है आज बहुत बड़ा तूफान आएगा.

चाचा तो मेरे आने से पहले खेतो मे चले गये.

चाचा का टिफिन टेबल पे रखा था शायद चाचा खाना लेकर नही गये.

चाचा उस दिन के बाद फिर से अपने पुराने रूप मे वापस आ गये थे.

मैने तो फंक्षन के दिन जिस चाचा को देखा था उसी को देखना चाहता था.

पर पता नही क्या हुआ जो चाचा इस तरह के हरकत कर रहे है. ना बात कर रहे और ना घर पे रुक रहे है.

आज तो खेतो मे टिफिन लेकर नही गये. पहली बस ऐसा हुआ कि बड़ी चाची के हाथ का खाना अपने साथ लेकर नही गये.

मैं ने चाची से पुछा इस बरमे तो चाची ने इधर उधर के जवाब दिए.

अवी-चाची, ये चाचा को क्या हुआ. ऐसे हरकत क्यूँ कर रहे है.

ब चाची-कुछ भी तो नही हुआ.

अवी-फंक्षन के दिन के बाद से चाचा घर पे दिखाई नही दे रहे.

ब चाची-वूऊ, हाँ , फंक्षन की वजह से जो काम रुक गया था उसकी वजह से खेतो मे जल्दी जा रहे है. तो घर पे कैसे दिखेंगे

अवी-फिर ये टिफिन , चाचा तो कभी अपना टिफिन नही भूलते. फिर आज बिना टिफिन लिए खेत मे कैसे गये.

ब चाची-कहा ना ,खेत मे काम है तो जल्दी जल्दी मे भूल गये

अवी-चाची क्या आप मुझसे कुछ छुपा रही है

ब चाची-मैंन्न्न् क्यउउूउ तुज़्ज़्ज़ से कुछ छुपौउूउ

अवी-(चाची की बातों से तो लग रहा है कि कुछ तो बात है जो मुझे बता नही रही है.) चाची क्या बात है. अपने बेटे को नही बताइएंगी.

ब चाची- तुम्हारे चाचा कह रहे थे कि दोपेहर मे अवी को भेजना टिफिन लेके, वो सुबह जल्दी गये ना तो खाना ठंडा हो जाता है. तू जाएगा ना टिफिन लेकर

अवी-जी, मैं टिफिन लेकर जाउन्गा.

ब चाची-मेरा प्यारा बेटा

अवी-चाची मैं बड़ा हो गया हूँ. अगर कोई भी बात आपको परेशान करे तो मुझे बताना. आपका बेटा आपकी सारी परेशानिया ख़तम कर देगा

मेरी बात सुनते ही बड़ी चाची मुझे देखती रह गयी.

और मेरे गले लग कर मेरे माथे को चूम लिया.

ब चाची-तूने इतना कहा यही मेरे लिए बहुत है. जा फ्रेश हो जा .मैं गरम गरम परान्ठे बनाती हूँ तेरे लिए

अवी-आलू के

ब चाची-तुझे आज आलू के परान्ठे खिला के आलू की तरह मोटू बना देती हूँ.

और मैं फ्रेश होने चला गया.

कुछ तो बात है जो बड़ी चाची मुझसे छुपा रही है.

चाची और चाचा मे कुछ तो हुआ है जो मुझे बताया नही जा रहा.

शायद मुझे पता है चाचा इस तरह की हरकत क्यूँ कर रहे है.

ये सब उस ज्योति बुआ की वजह से हो रहा है.

अगर ऐसा है तो चाचा और चाची के बीच मे दूरिया लाने की सज़ा ज्योति बुआ को मिल के रहेगी.

ज्योति बुआ को इस बार ठिकाने लगाए बिना जाने नही दूँगा.

इसमे छोटी चाची की मदद लूँगा. वो ज्योति बुआ को अच्छा सबक सिखा देगी.

मैं फ्रेश होकर नाश्ता करके अपने कमरे मे जाकर आराम करने लगा.

काफ़ी दिन हो गये छोटी चाची से बात किए हुए.

छोटी चाची का नाम लिया और छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.

सी चाची-अवी

अवी-आप100 साल जियेंगी.

सी चाची-तो जनाब मुझे याद कर रहे थे.

अवी-अपनी बीवी को याद कर रहा था. अमित की माँ को याद कर रहा था.

सी चाची-अमित के पापा मुझे किस लिए याद कर रहे थे.

अवी-आज अमित की माँ से बात करने का दिल कर रहा है.

सी चाची-कहिए

अवी-अमित की माँ मुझे कितना प्यार करती है ये जानना था मुझे

सी चाची-खुद से ज़्यादा

अवी-मैं कहूँगा कि मेरे साथ यहाँ से भाग चले तो अमित की माँ क्या कहेगी.

सी चाची-ये मंगलसूत्र अपने हाथो से निकाल दो ,तुम जहा कहोगे, जब कहोगे ,तुम्हारे साथ चलूंगी.

अवी-चाचा बीच मे आ रहे है

सी चाची-मैं तुमसे प्यार करती हूँ ,पर शादी उनसे हुई है.

अवी-मुझे मेरा जवाब मिल गया.

सी चाची-कैसा जवाब,सवाल क्या था.

अवी-सवाल आपको जल्दी बताउन्गा .अभी मुझे जाना होगा

सी चाची-अवी बात क्या है

अवी-मैं आप को सारी बातें बताता आया हूँ. पर एक बात मैं आपसे छुपाई थी. वो बात बताने का समय आ गया

सी चाची-ये कैसी बातें कर रहा है. कौन सी बात छुपाई है .और किस का समय आया है

अवी-जल्दी बताउन्गा. वो मेरे सर पे एक बोझ की तरह है .उसे आपको जल्दी बताउन्गा.

और मैं कमरे से बाहर जाने लगा.

सी चाची-अवी रुक तो ,पूरी बात तो करके जा

अवी-चाची अब तो मैं आपको जो बात छुपाई है वही बात पहले बताउन्गा .उस से पहले कोई बात नही

करूँगा.

सी चाची-सुन तो

और मैं कमरे से बाहर आ गया.

सी चाची-(अवी किस बारे मे बात कर रहा था. क्या छुपाया था अवी ने ,याद कर मीना ,अपना दिमाग़ का ईस्तमाल कर

पिछले साल दीवाली मे एक बार अवी ने मुझसे झूठ कहा था. वो गया कही और था और बोल रहा था कि लीना के घर पे था.लेकिन लीना के यहाँ तो मैं थी. शायद वही बात होगी )

[मंगला काकी का ईंसीडेंट था वो]

छोटी चाची मुझे आवाज़ देते हुए मेरे पीछे पीछे आ गयी.

मैं घर से बाहर जा रहा था कि बुआ और मेरी बहनें सामने थी.

अवी-आप सब एक साथ यहाँ

पूजा बुआ-सुमन को आवाज़ देना

सी चाची-क्या बात है सब एक साथ .और ये पूजा का समान ,मंदिर जा रहे हो.

पूजा बुआ-हाँ ,सुमन को आवाज़ देना.

सी चाची-दीदी दीदी.

ब चाची-क्या है मीना, अरे आप सब ,कहीं जा रहे हो

पूजा बुआ-तुम्हें बताना भूल गयी थी. वही बताने आई हूँ

ब चाची-क्या बात है

पूजा बुआ-बच्चों के फंक्षन मे मैं ये भूल गयी कि आज राज की दादी की पुण्यतिथि है

ब चाची-मैं भी भूल गयी.

पूजा बुआ-सुबह राज के पापा ने फोन करके याद दिलाया .तो मंदिर जाके उनकी आत्मा की शांति की पूजा करूँगी.मेरी सास को ये गाँव बहुत पसंद था तो राज के पापा ने कहा कि मंदिर मे जाके पूजा करना

ब चाची-ये तो सही सोचा. पर

पूजा बुआ-तुम नही आ सकती पता है मुझे. आसमान मे बादल है ऐसे मे बच्चों को मंदिर ले जाना ठीक नही होगा.

ब चाची-ये मौसन ऐसा ना होता तो मैं ज़रूर आती

नीता बुआ-हम हैं ना ,आपके आने की ज़रूरत नही है.

सी चाची-मैं चलती हूँ. अमित को सुमन दीदी संभाल लेगी.

ब चाची-मीना तू जा. और मेरी ज़रूरत पड़े तो बताना .मैं आ जाउन्गी

पूजा बुआ-मीना से काम हो जाएँगा. तुम यही रूको ,बचो के पास किसी को रुकना चाहिए

ब चाची-अवी तू भी जा ,

सी चाची-दीदी अवी को एक काम है वो कहीं जा रहा था.

पूजा बुआ-अवी बहुत काम करता है. आज उसे अपना काम करने दो, मंदिर की पूजा तो राज करेगा

अवी-बुआ मेरा काम जल्दी हो गया तो मैं आ जाउन्गा.

पूजा बुआ-तू यही कहेगा मुझे पता था. हमेशा हमारे बारे मे सोचता है

सीतल दीदी-माँ हमे चलना चाहिए अगर बारिश हो गयी तो प्राब्लम होगी

नीता बुआ-मीना चल जल्दी

सी चाची-मैं तो तैयार हूँ

छोटी चाची पूजा बुआ के साथ मंदिर मे चली गयी.

राज की दादी की बरसी थी. तो पूजा बुआ की पूरी फॅमिली जा रही थी.

ज्योति बुआ की माँ की बरसी होने से उनको तो जाना ही था.

नेहा बुआ और नीता बुआ की फॅमिली भी थी साथ मे

पर पूनम दीदी नही दिख रही थी.

पूजा बुआ और बड़ी चाची की बातें चल रही थी तो मैं ने स्वेता दीदी से बात की

अवी-दीदी सब जा रहे है

स्वेता दीदी-हाँ, पूनम दीदी को छोड़ कर

अवी-क्यूँ पूनम दीदी क्यूँ नही जा रही ,उनकी नानी की बरसी है.

स्वेता दीदी-हाँ, पर उसकी तबीयत ठीक नही है. सुबह हल्का बुखार था . टॅबलेट खा कर सो रही है .ऐसे मौसम मे बाहर निकेलेगी तो और तबीयत खराब होगी.

अवी-(कल की बात को ज़्यादा सीरियस्ली लिया होगा.इसी लिए बीमार पड़ गयी..शायद ज्योति बुआ से झगड़ा हो गया होगा.) कल तक तो ठीक थी.

स्वेता दीदी-पता नही कैसे बीमार पड़ गयी. मेरा एक काम करेगा

अवी-ज़रूर करूँगा

स्वेता दीदी-हमे आने मे देर होगी तो तू पूनम दीदी को एक बार देख लेगा .कि वो कैसी है.

अवी-(पूनम दीदी से मिलने तो जा रहा था. अच्छा हुआ आप सब मंदिर जा रहे है. जिस से मैं पूनम दीदी से आराम से बात कर पाउन्गा.) ये तो मैं कर लूँगा.

स्वेता दीदी-उसे कुछ लगे तो लाकर देना

अवी-आप टेन्षन मतलो .आप वापस आओगी तो पूमं दीदी को फिट देखोगी.

स्वेता दीदी-ये लो घर की की ,वो सो रही होगी तो उसे डिस्ट्रब नही होगा.

अवी-(ये तो सोने पे सुहागा हो गया) ये अच्छा किया की दे कर वरना दीदी की नींद खराब हो जाती.

स्वेता दीदी-ध्यान रखना दीदी का

पूजा बुआ मंदिर चली गयी.

उनके मंदिर जाने से और पूनम दीदी के अकेले घर रुकने से मेरा फ़ायदा हो रहा था.

अब मैं आराम से पूनम दीदी से बात करूँगा.

थोड़ा रुक कर जाता हूँ ताकि पूनम दीदी की नींद खुली हो .
 
चॅप्टर 937

मुझे पूनम दीदी से बात करनी थी.

मैं सोच रहा था कि पूनम दीदी से अकेले मे बात कहाँ करूँगा.

और देखो रास्ता अपने आप मिल गया.

राज के दादी की बरसी है ,और सब मंदिर जा रहे है.ज्योति बुआ भी जा रही है.

और पूनम दीदी घर पे अकेली है. स्वेता दीदी ने तो घर की की मुझे दे कर मेरा काम और आसान कर दिया.

थोड़ी देर रुकने के बाद पूजा बुआ के घर जाने लगा ,पूनम दीदी से मिलने.

कोमल कविता लीना नेहा बुआ नीता बुआ सब गये थे मंदिर मे तो मेरे और पूनम दीदी के बीच मे कोई नही आएगा.

मैं पूजा बुआ के घर आ गया.

गेट पे नॉक करूँ या की से गेट ओपन करू.

की से डोर ओपन करता हूँ देखु तो सही पूनम दीदी क्या कर रही है.

ज्योति बुआ का खून है ,पूनम दीदी क्या कर रही है उस से पता चल जाएगा कि कल क्या हुआ था

अंदर से आवाज़ तो नही आ रही. शायद सो रही होगी. बिना आवाज़ किए अंदर जाता हूँ.

मैं बिना आवाज़ किए घर मे एंटर हुआ और दबे पाँव घर मे पूनम दीदी को ढूँढने लगा.

स्वेता दीदी के रूम से कुछ आवाज़ आ रही है. लगता है पूनम दीदी वही है. और जाग रही है.

पर ये आवाज़ तो जानी पहचानी है.

आवाज़ सुनते ही मेरे चेहरे पे शैतानी स्माइल आई.

मैं बिना आवाज़ किए स्वेता दीदी के रूम के पास आकर अंदर झाँकने लगा.

अंदर का नज़ारा देख कर मैं शॉक्ड नही हुआ ,क्यूँ कि आवाज़ सुनकर मुझे पता लग गया था कि अंदर क्या चल रहा है.

पूनम दीदी ये सब भी कर सकती है इसी की उम्मीद नही थी.

लेकिन कुछ दिन पहले इसी की झलक मैं खेत मे देख चुका था.

ज्योति बुआ की चुदाई देख कर पूनम दीदी उंगली कर रही थी.

पर स्वेता दीदी ने कहा था कि पूनम दीदी बीमार है वो सो रही है.

पर यहाँ था अलग सीन चल रहा है.

पूनम दीदी अपनी चूत के साथ खेल रही थी.

पूनम दीदी लॅपटॉप पे ब्लू फिल्म देख कर अपनी चूत मे उंगली कर रही है.

उंगली नही वो तो केले को अपनी चूत मे डाल रही है.

ज्योति बुआ की चुदाई देख कर पूनम दीदी इतनी गरम हो गयी कि केले का ईस्तमाल करना पड़ रहा था

कमीज़ के उपर से अपने बूब्स को मसल रही थी .और दूसरे हाथ से केले को चूत मे डाल रही थी.

उनकी नज़र लॅपटॉप पे चल रही ब्लू फिल्म पे थी . .और उनके मूह से शीष्कारी निकल रही थी.

पूनम दीदी बेफिकर होकर अपनी मस्ती मे लगी हुई थी.

पूनम दीदी का एक ब्लूफिल्म भी है .तो पूनम दीदी वर्जिन नही है. इसका सबूत वो केला था.

पूनम दीदी की चूत मे केला आराम से जा रहा था.

पर पूनम दीदी की खूबसूरती देख कर मेरा केला जीन्स से बाहर निकलने को बग़ावत कर रहा था.

रुक जा बेटा तेरा नंबर आ जाएगा.

पूनम दीदी को चूत के साथ खेलते हुए रंगे हाथ पकड़ना ठीक रहेगा.

मुझे ने क्या करना है ये सोच कर कमरे के अंदर एंट्री मारी.

ऐसी एंट्री मारी की पूनम दीदी के हाथ रुक गये

पूनम दीदी की साँस अटक गयी. उनकी आवाज़ गले मे फस गयी.

पूनम दीदी आँख फाड़ कर मुझे देख रही थी.

उनको तो समझ नही आ रहा था.

काटो तो खून ऐसी हालत हो गयी थी पूनम दीदी की.

लॅपटॉप मे जो ब्लू फिल्म चल रही थी उस का पानी निकलने वाला था. शीष्कारियो की आवाज़ तेज हो गयी पर पूनम दीदी की आवाज़ गायब हो गयी.

उनकी धड़कने तेज चलने लगी. जिस का असर उनकी चूत पे हुआ और केला चूत से बाहर निकल गया.

केला निकलते ही पूनम दीदी होश मे आ गयी.

पूनम दीदी मुझे कुछ कहने वाली थी पर उनको पहले अपनी हालत का अहसास हुआ.

अपनी चूत को मुझे घूरता हुआ देख कर पूनम दीदी ने अपनी चूत को एक हाथ से छुपा दिया .

और दूसरे हाथ से सलवार उपर करने लगी. मैं उनकी सलवार के उपर होते ही आगे बढ़ने लगा.

मुझे आगे बढ़ते हुए देख कर पूनम दीदी अपनी सलवार उपर करने की जल्दिबाजी के साथ पीछे सरक गयी.

और धडाम के साथ बेड से नीचे गिर गयी.

नीचे गिरते ही खुद को गिरते संभालते सलवार उपर करने लगी.

डर की वजह से वो कुछ भी ठीक से नही कर रही थी.

उनको समझ नही आ रहा था कि पहले क्या करे.

अपनी सलवार उपर करने के साथ बाथरूम की तरफ जाने लगी.

दोनो काम एक साथ करने से ना वो सलवार पहन पा रही थी और ना ठीक से चल के बाथरूम की तरफ जा रही थी.

अगर मैं उनकी तरफ और आगे बड़ा तो वो फिर से गिर जाएगी. इस लिए मैं अपनी जगह पे रुक गया.

पूनम दीदी लंगड़ाते हुए बाथरूम मे गुस गयी. और डोर बंद करके डोर के पीठ लगा कर अपनी धड़कनों को कंट्रोल करने लगी.

ब्लू फिल्म बंद हो गयी. और कमरे मे सन्नाटा हो गया.

इस सन्नाटे मे पूनम दीदी का हाँफना सुनाई दे रहा था.

मैं बाथरूम के पास चला गया और पूनम दीदी से बात करने लगा.

अवी-दीदी अंदर सब ठीक तो हैं ना

पूनम दीदी ने कोई जवाब नही दिया.

अवी-दीदी आप ठीक तो हैं ना ,आप बीमार थी ना

पूनम दीदी-तुम तुम अंदर कैसे आ गये

अवी-मुझे पता चला कि आप बीमार है तो देखने गया

पूनम दीदी-पर डोर तो बंद था.

अवी-स्वेता दीदी ने मुझे की दी और कहा कि आप का ख़याल रखू .

पूनम दीदी-तो नॉक करके अंदर नही आ सकते थे.

अवी-स्वेता दीदी ने कहा कि आप सो रही थी तो डिस्ट्रब कैसे करता .

पूनम दीदी-तुम जान बुझ बिना बताए अंदर आए

अवी-मैं तो सिर्फ़ आपको देखने आया था. आप बीमार थी और घर मे अकेली थी तो देखने आया था. पर

पूनम दीदी-पर क्या

अवी-जैसे ही घर के अंदर आया तो दर्द से कराहने की आवाज़ सुनाई दी. मुझे लगा आपको दर्द हो रहा है तो बिना नॉक किए अंदर आ गया.

पूनम दीदी-(बात तो सच लग रही है) ठीक है

अवी-पर दीदी आप ये क्या कर रही थी. आपको बीमारी मे ऐसा नही करना चाहिए

पूनम दीदी-मुझे हल्का बुखार था .पर अब मैं ठीक हूँ

अवी-लेकिन ये आप

पूनम दीदी-चुप रहो,

अवी-क्यूँ?

पूनम दीदी-क्यूँ कि मैं कह रही हूँ ,और किसी को बताना मत जो तुम ने कमरे मे देखा

अवी-अगर स्वेता दीदी ने पूछा तो ,

पूनम दीदी-कहा ना किसी को मत बताना. मैं तेरी दीदी हूँ ना ,मेरा कहना मानेगा ना

अवी-मैं किसी को नही बताउन्गा कि ,घर के केले पूनम दीदी खाती है.

पूनम दीदी-कुछ भी मत कहो

अवी-वही तो मैं ने देखा

पूनम दीदी-देखा है तो बता कर मुझे शर्मिंदा मत करो

अवी-मैं ने कब कहा कि केला आप अपनी...

पूनम दीदी-तुम चुप रहो

अवी-मैं ने कुछ भी तो नही कहा केले के बारे मे कि ,केला आप अपने हाथो मे लेकर.,

पूनम दीदी-तुम चुप रहने का क्या लोगे

अवी-ये डोर ओपन होते ही मेरा मूह बंद हो जाएगा.

पूनम दीदी-मैं बाहर नही आ सकती

अवी-क्यूँ ,सलवार अभी तक पहनी नही.

पूनम दीदी-तुम भगवान के लिए कुछ मिनिट चुप रह सकते हो

अवी-लो हो गया चुप .पर दीदी ये पैंटी किस की है जो बेड पे पड़ी है.

पूनम दीदी-उसे हाथ मत लगाना

अवी-क्यूँ ,इस पैंटी से तो अच्छी खुश्बू आ रही.

पूनम दीदी-कुछ तो शरम करो मैं तुम्हारी बहन हूँ.

अवी-मैं आपकी बात नही कर रहा .मैं तो पैंटी की बात कर रहा हूँ. क्या खुश्बू है.

पूनम दीदी-बाहर आई तो तू मार खाएगा.

अवी-मार की जगह आपका केला खा सकता हूँ.

पूनम दीदी-क्यूँ तंग कर रहे हो

अवी-कहाँ तंग किया .आप मुझे तंग कर रही है. बाथरूम मे बंद होके

पूनम दीदी-मैं यही ठीक हूँ.मैं बाहर नही आ सकती .

अवी-क्यूँ नही आ सकती.

पूनम दीदी-इतना कुछ होने के बाद मैं तुम्हारा सामना नही कर सकती.

अवी-कम ऑन दीदी. हम बड़े हो गये है. ये तो चलता रहता है.

पूनम दीदी-बड़े हो गये इसका मतलब ये नही होता कि हम कुछ भी करे

अवी-कर तो आप रही थी.

पूनम दीदी-इसी लिए तो मैं बाहर नही आउन्गि.

अवी-मैं भी खुद को शांत करने को अपने हाथ का ईस्तमाल करता हूँ

पूनम दीदी-चुप रहो. अपनी बहन से कैसी बात कर रहे हो

अवी-तो आप बाहर नही आएँगी

पूनम दीदी-नही

अवी-तो मैं यही बेड पे बैठ कर आपका इंतज़ार करूँगा.

पूनम दीदी-करो इंतज़ार .पर मैं बाहर नही आउन्गि.

अवी-तो ज़िंदगी भर बाथरूम मे बंद रहो.

पूनम दीदी-रहूंगी. पर बाहर नही आउन्गि.

पूनम दीदी तो बाहर निकलने का नाम नही ले रही.

कितना ट्राइ किया पर दीदी मेरे सामने आना नही चाहती थी.

मैं भी आज पूनम दीदी से मिले बिना जाउन्गा नही.
 
चॅप्टर 937 आ

पूनम दीदी को रंगे हाथ तो पकड़ लिया .

लेकिन इस हालत मे पकड़े जाने से पूनम दीदी मेरे सामने आने से डर रही थी.

पूनम दीदी ने खुद को इस हालत का सामना करने को खुद को तैयार नही किया था.

वो तो ज़िंदगी भर बाथरूम मे बंद रहेगी पर बाहर नही आएँगी.

और मुझे किसी भी हालत मे पूनम दीदी से बात करनी है.

मैं बेड पे बैठ कर सोचने लगा कि पूनम दीदी को बाहर कैसे निकालु

थोड़ी देर तक मैं सोचता रहा. मेरी आवाज़ ना आने से पूनम दीदी समझने लगी कि शायद मैं चला गया हूँ

पूनम दीदी-अवी अवी

मैं ने कोई जवाब नही दिया.मेरे जाने का सोच कर बाहर आ जाए

पूनम दीदी-अवी मुझे पता है तुम कमरे मे हो

अवी-मैं कमरे मे नही हूँ. मैं चला गया .

पूनम दीदी-अच्छा जोक था.

अवी-जोक नही ,सच मे मैं कमरे मे नही हूँ.

पूनम दीदी-तो मुझसे बात कौन कर रहा है.

अवी-आप से बात , मेरा भूत कर रहा है.

पूनम दीदी-तुम मज़ाक कर रहे हो और मेरी जान जा रही है

अवी-तो बाहर आ जाइए

पूनम दीदी-मैं नही आ सकती.

और बाहर एक जोरदार बिजली कडकने लगी. जिसकी आवाज़ से पूनम दीदी डर गयी.

पूनम दीदी-अवी प्लीज़ बाहर जाओ ना, मुझे बिजली से डर लगता है.

अवी-मैं चला जाउन्गा तो अकेले मे आपको ज़्यादा डर लगेगा.

और अचानक बिजली चली गयी. लगता है तूफान आने वाला है

पूनम दीदी-ये क्या हुआ

अवी-पवर ऑफ हो गया

पूनम दीदी-तुम ने बाहर से लाइट ऑफ की होगी. ताकि मैं दर की वजह से बाहर आ जाउ

अवी-मैं अपनी दीदी को क्यूँ डराउन्गा.

पूनम दीदी-तो क्या सच मे पॉवर ऑफ हुआ है

अवी-बाहर बिजली कड़क रही है .तूफान आने वाला है ,पॉवेर ऑफ तो होगा ही.

पूनम दीदी-मुझे अंधेरे मे डर लग रहा है तुम प्लाज़ यहाँ से जाओ ना

अवी-मैं चला जाउन्गा तो अकेले मे आपको ज़्यादा डर लगेगा.

पूनम दीदी-मैं उस डर का सामना कर लूँगी. पर तुम्हारा सामना नही कर सकती.

अवी-मैं इतना बुरा दिखता हूँ जो आप मुझसे डर रह रही है.

पूनम दीदी-प्लीज़ अवी ,

अवी-ठीक है जा रहा हूँ. पर मैं आपकी पैंटी अपने साथ लेकर जाउन्गा.

पूनम दीदी-(पागल कही का) जो लेकर जाना है ,वो लेकर जाओ ,

अवी-वापस नही दूँगा पैंटी. मुझे आपकी पैंटी की खुश्बू पसंद आ गयी है

पूनम दीदी-तुम ऐसी बातें करके मेरी जान ले लोगे.

अवी-आपकी जान लेकर क्या करूँगा. पर पैंटी लेकर मेरा फ़ायदा होगा.

पूनम दीदी-जौ लेकर

अवी-तो मैं जा रहा हूँ. बाइ ,और हाँ आप बहुत खूबसूरत है.

पूनम दीदी ने मेरी बात सुनकर कुछ नही कहा.

और मैं अपने पर पटकते हुए आवाज़ करने लगा बाहर जाने का.

और डोर खोल कर बंद करने का आवाज़ करके मैं पर्दे के पीछे छुप गया.

फिर से कमरे मे सन्नाटा फैल गया.

पूनम दीदी डोर को कान लगा कर सुन रही थी कि मैं कमरे मे हूँ या नही.

पूनम दीदी को यकीन हो गया कि मैं जा चुका हूँ. पर तसल्ली तो करनी थी.

पूनम दीदी-आआहह अवी ,मैं गिर गयी.

पूनम दीदी ने गिरने की चोट लगने क़ी आवाज़ की ताकि अगर मैं कमरे मे छुपा होगा तो उनकी दर्द भरी आवाज़ सुनकर मैं पकड़ा जाउ

पर पूनम दीदी को पता नही था कि मैं इस खेल का बाप हूँ. मुझे फसाना आसान नही था. मैं पर्दे के पीछे छुप कर पूनम दीदी के बाहर निकलने का इंतज़ार करने लगा.

मेरी तरफ से रेस्पॉन्स ना मिलने से पूनम दीदी को लगा कि मैं सच मे चला गया हूँ.

फिर भी पूनम दीदी ने रिस्क नही लिया .और बाथरूम का दूर थोड़ा खोल के कमरे मे झाँक कर देखने लगी.

पूनम दीदी ने कमरे मे अच्छे से देख लिया पर उनको मैं कही नही दिखा.

पूनम दीदी की होशियारी देख कर मैं समझ गया कि पूनम दीदी को बाहर निकालना आसान नही था.

मुझे कमरे मे ना देख कर पूनम दीदी बाथरूम से बाहर आ गयी.

और लंबी सास लेकर रिलॅक्स फील करने लगी.

और उनके चेहरे पे मिस्टेक करने की स्माइल दिखाई दी.

पूनम दीदी ने पहले कमरे का डोर अंदर से बंद किया .क्यूँ कि वो हॉल मे जाकर घर का मेन डोर चेक करने का रिस्क नही ले सकती. क्या पता मैं किचन मे छुपा हूँ.

कमरे का डोर बंद करने से मेरा काम आसान हो गया .अब मुझे सिर्फ़ पूनम दीदी को बाथरूम मे जाने से रोकना था

पूनम दीदी ने वापस बेड पे जाकर केले को अपने हाथ मे लिया .और कुछ सोच कर हँसने लगी.

और मैं पर्दे के पीछे से बाहर आ गया.

अवी-दीदी अकेले अकेले क्या सोच कर हंस रही हो

मेरी आवाज़ सुनते ही पूनम दीदी के हाथ से फिर केला नीचे गिर गया.

पलट कर मुझे देखते ही उनके पसीने छूटने लगे.

मुझे देखते ही पूनम दीदी सोचने लगी कि बाथरूम तक कैसे जाए .क्यूँ कि बाथरूम से मेरा फ़ैसला उस से कम था.

पूनम दीदी-तुम

और पूनम दीदी बाथरूम की तरफ भागने लगी.

पर पूनम दीदी और बाथरूम के बीच मे मैं तेज़ी से जाकर खड़ा हो गया.

अब क्या करेंगी पूनम दीदी.

कमरे का डोर तो उन्होने बंद किया ,बाथरूम के सामने मैं खड़ा हूँ

अब तो पूनम दीदी बुरी तरह से फस गयी.

और पूनम दीदी कमरे के डोर की तरफ जाने लगी पर वहाँ भी मैं उनसे पहले पहुँच गया.

सारे रास्ते बंद होने पे सिर्फ़ एक रास्ता नज़र आता है लड़कियो को, पिल्लो से अपना चेहरा छुपा देना.

पूनम दीदी बेड पे जाकर लेट गयी .और अपने उपर ब्लंकेट लेकर खुद को छुपा दिया.

पूनम दीदी खुद को गलियाँ दे रही होगी कि वो बाथरूम से बाहर क्यूँ आई.

मुझपे गुस्सा होगी कि मैं ने उनको झूठ बोल के फसा दिया.

मैं खुश था कि पूनम दीदी मेरे हाथ मे आ गयी.

मैं धीरे धीरे पूनम दीदी की तरफ जाने लगा.तो ब्लंकेट कापने की वजह से हिलने लगा.

मैं बेड पे जाकर पूनम दीदी के पास बैठ गया .

अब तो पूनम दीदी की धड़कने काफ़ी तेज हो गयी.

उनको लगने लगा कि अब मैं क्या करूँगा.

अवी-दीदी. ठंड लग रही है

पूनम दीदी ने कुछ नही कहा.

अवी-दीदी ठंड मुझे भी लग रही है क्या मैं ब्लंकेट मे आ जाउ.

पूनम दीदी-मार दूँगी

अवी-चलो अच्छा है कम से कम आप कुछ बोली तो सही

पूनम दीदी-तुम ने झूठ बोल कर मुझे फसाया है.

अवी-आप बाहर नही आ रही है तो मैं क्या करता .

पूनम दीदी-अवी मुझे अकेला छोड़ दो

अवी-आप बीमार है. और स्वेता दीदी ने कहा कि इस मौसम मे आपको अकेला ना छोड़ू

पूनम दीदी-स्वेता से मत बात करलूंगी .तुम जाओ प्लाज़

अवी-मैं इतना बुरा हूँ जो आप मुझे बाहर निकलने को कह रही है

पूनम दीदी-आज हालत अलग है वरना मैं तुम्हें बाहर जाने को नही कहती.

अवी-क्या आप भी. उसी बात को लेकर बैठ गयी है.

पूनम दीदी-तुमने मुझे वैसे क्यूँ देखा

अवी-मैं ने कुछ नही देखा .मेरे देखने से पहले आप ने सब छुपा लिया था

पूनम दीदी-झूठ मत बोलो ,तुम मुझे घूर रहे थे.

अवी-आप इतनी खूबसूरत दिख रही थी कि मैं खुद को रोक नही पाया

पूनम दीदी-इसी लिए मैं तुम्हारे सामने नही आ रही थी.

अवी-पर अब तो आ गयी ना

पूनम दीदी-अवी ,थोड़ी देर के लिए हॉल मे जाओ. मैं पक्का वादा करती हूँ हॉल मे आकर तुमसे बात करूँगी

अवी-ठीक है .मैं हॉल मे जाता हूँ पर मुझे भूख लगी है.

पूनम दीदी-किचन मे खाना रखा है

अवी-किचन मे कौन जाएगा. ये केला खा लेता हूँ.

पूनम दीदी का केला मैं ने अपने हाथो मे ले लिया.

पूनम दीदी-उसे फेक दो वो गंदा है. किचन मे अच्छे केले रखे है वो खा लो

अवी-मुझे किचन मे जाने तक कि एनर्जी नही है. मैं तो यही केला खाउन्गा

पूनम दीदी-वो गंदा है

अवी-मुझे तो गंदा नही दिख रहा. इसकी खुश्बू तो अच्छी आ रही है

वो खुसबू पूनम दीदी की चूत की थी.

अवी-ये तो जानी पहचानी है खुश्बू

पूनम दीदी-अवी फेक दो उस केले को उसमे बदबू है*

अवी-ये खुश्बू है. और ऐसी खुश्बू आपकी पैंटी से आ रही थी.

पूनम दीदी-(अवी मुझे शर्मिंदा करके मार डालेगा) कहा ना फेक दो

अवी-आब्ब्ब नहिी फेककक सकताअ

मैं केला अपने मूह मे लेकर चूसने लगा. केले पे चूत का पानी सुख चुका था पर ऐसेकेला चूसना अच्छा लग रहा था.

पूनम दीदी-(इसकी आवाज़ को क्या हुआ. ये कर क्या रहा है.)तुम कर क्या करे हो

अवी-दीदी ये केला तो चूसने मे इतना टेस्टी लग रहा है तो खाने मे कितना टेस्टी लगेगा

पूनम दीदी-तुम चूस रहे हो

अवी-आप खुद देख लो

पूनम दीदी ने ब्लंकेट से झाँक कर देखा तो मेरे मूह मे अपनी चूत का केला देख कर शरमा कर वापस ब्लंकेट अपने उपर लिया.

पूनम दीदी-तुम गंदे हो

अवी-आप गंदी हो जो मुझे इतना टेस्टी केला खाने से रोक रही थी.

पूनम दीदी-तुमने अगर वो केला अभी फेका नही तो मैं कभी बात नही करूँगी.

अवी-आपको चाहिए केला. तो लीजिए

पूनम दीदी-मुझे मुझे क्यूँ चाहिए

अवी-एक डील करते है

पूनम दीदी-क्या

अवी-मैं आपका केला नही खाउन्गा .और पर ब्लंकेट से बाहर आएँगी.

पूनम दीदी-एक शरत पे

अवी-क्या?

पूनम दीदी-तुम मुझे तंग नही करोगे

अवी-ठीक है .

पूनम दीदी-और आज जो देखा तुम ने किसी को नही बताओगे.

अवी-नही बताओगे.

पूनम दीदी ने ब्लंकेट से अपना हाथ बाहर निकाला

पूनम दीदी-केला दो मुझे

अवी-दे रहा हूँ. हाथ मत हिलना वरना मेरा केला आपके हाथ मे आ जाएगा.

पूनम दीदी-मैं ने कहा था ना कि तंग मत करना

अवी-सॉरी ,लीजिए आपका वाला केला

पूनम दीदी केला अपने हाथ मे लेते ही ब्लंकेट से बाहर आ गयी.

उनके चेहरे हर तरह के एक्सपेस्षन थे

शरम,डर, शरारत, स्माइल,

पूनम दीदी ब्लंकेट से आ गयी तो मेरी नज़र बिना ब्रा के उनके बूब्स पे गयी.

मुझे अपने बूब्स की तरफ घूरता हुआ देख कर चुटकी बजा कर मुझे होश मे लाया.

पूनम दीदी-कहाँ खो गये

अवी-दीदी आप बहुत खूबसूरत हो.

पूनम दीदी-तुम्हें शरम नही आती मुझे ऐसा कहते हुए

अवी-मैं ने हॉट या सेक्सी नही कहा. खूबसूरत कहा.

पूनम दीदी-उसका मतलब वही था.

अवी-मैं ने दीदी भी तो कहा. फिर उसका मतलब हॉट और सेक्सी कैसे हुआ

पूनम दीदी-वो मैं

अवी-वैसे सच कहूँ तो आप हॉट हो ,

पूनम दीदी-देखा अब कहा ना हॉट

अवी-आपको बुखार है तो आप का बदन गरम होगा. तो आप हॉट हुई ना.

पूनम दीदी-बच्चू मेरे साथ होशियारी कर रहे हो.

अवी-आप बदसूरत हो. चेहरा अग्ली है , ड्रेस पहनने का सेन्स नही है.

पूनम दीदी-तुम मुझे ऐसा क्यूँ बोल रहे हो. मैं तुम्हारी दीदी हूँ

अवी-हॉट और सेक्सी कहा तो ऐसा क्यूँ कहा कह रही हो. बदसूरत कहा तो ऐसा क्यूँ कहा ये बोल रही हो. मैं क्या करूँ.

पूनम दीदी-कुछ मत कहो

अवी-तो कुछ करूँ

पूनम दीदी-तुम ,कहा था ना कि तंग मत करना

अवी-मैं ने कहा क्या करूँ जिस से आपको अच्छा लगे

पूनम दीदी-(कैसे बातों मे फसा रहा है.) मैं हार गयी. तुम्हें जो कहना है वो कहो

अवी-(यही तो मैं चाहता था) फिर मत कहना कि ऐसा क्यूँ कहा.

पूनम दीदी-नही कहूँगी. पर मुझे तंग मत करो, मुझे रिलॅक्स होने दो

अवी-2 मिनिट के लिए आँख बंद करके रिलॅक्स होते है.

और मैं ने पूनम दीदी को रिलॅक्स होने के लिए टाइम दिया क्यूँ कि हमे बहुत सारी बातें करनी थी.
 
937ब

थोड़ी देर के लिए कमरे मे शांति छाने लगी.

पूनम दीदी खुद को मेंटली तैयार कर रही थी मेरा सामना करने को

पूनम दीदी ने एक लंबी सास ली और हमारे बातों का सिल सिला शुरू हो गया.

अवी-तो दीदी

पूनम दीदी-क्या

अवी-तबीयत कैसी है

पूनम दीदी-बताया ना अब ठीक हूँ.

अवी-पर आपको क्या हुआ था.कल रात मे खाना खाने भी नही आई.

पूनम दीदी-वो सर दर्द कर रहा था .तो खाना खाने नही आई. फिर सुबह थोड़ा बुखार आया था.

अवी-अब कैसी है तबीयत

पूनम दीदी- सुबह टॅबलेट लेने के बाद थोड़ी देर सोने से बुखार चला गया.

अवी-तो फिर पूजा बुआ के साथ मंदिर मे क्यूँ नही गयी.

पूनम दीदी-तब मैं सो रही थी,

अवी-उठने के बाद क्या किया

पूनम दीदी-कुछ नही बोर हो रही थी तो मूवी देखने लगी.

अवी-फिर मूवी से बोर हुई तो ब्लू फिल्म देखने लगी.

पूनम दीदी-हाँ देखा ,तो क्या मेरी जान लोगे

अवी-मैं कहाँ जान ले रहा हूँ.

पूनम दीदी-जब से आए हो तब से अपनी बातों से मेरी जान ले रहे हो

अवी-आप सीधे सीधे बात करती तो मैं आपकी जान क्यूँ लेता.

पूनम दीदी-सब अचनाक हुआ कि मैं डर गयी थी.

अवी-मुझसे क्या डरना .मैं तो आपका भाई हूँ.

पूनम दीदी-भाई के साथ तुम लड़के भी हो

अवी-फिर तो आप भी मेरे लिए बहन नही एक हॉट लड़की हो गयी.

पूनम दीदी-तुम फिर तंग कर रहे हो

अवी-शुरू आपने किया

पूनम दीदी-मैं लड़की हूँ तो ऐसे हालत मे कोई देखेगा तो क्या बितती है ये बता नही सकते

अवी-आपकी जान गयी है ऐसा लगा होगा

पूनम दीदी-सब कुछ ख़तम हो गया ऐसा लगा

अवी-मुझे भी तो आपने एक बार पकड़ा था

पूनम दीदी-मैं ने कब पकड़ा था.

अवी-पिछले साल आपके शहर2 आया था तो अडल्ट बुक के साथ मुझे रंगे हाथो पकड़ा था ना.

पूनम दीदी-वो ,उसकी बात कर रहे हो.

अवी-हाँ,तब मुझे भी लगा था कि सब ख़तम हो गया था.

पूनम दीदी-ऐसा कुछ नही हुआ था. वो बात सिंपल थी और आज की बात अलग है

अवी-क्या अलग है. मैं अडल्ट बुक के साथ पकड़ा गया था .और आप ब्लू फिल्म देखते हुए पकड़ी गयी.

पूनम दीदी-तुम मेरी तरह नंगे नही थे. मैं तो केले को अंदर बाहर कर रही थी

ये क्या बोल दिया पूनम दीदी ने.

बातों बातों मे पूनम दीदी ने वो बोल दिया जिस के बारे मे बोलते वो शरम से मर गयी.

पूनम दीदी ने अपने मुहपे हाथ रखा.

अवी-तभी वो केला इतना टेस्टी था

पूनम दीदी-तुम बदमाश हो. मुझ से वो बुलवा लिया जो मैं बोलना नही चाहती थी.

अवी-इसमे ऐसा वैसा तो कुछ नही है. हम 18+है

पूनम दीदी- 18+ के बच्चू ,मैं लड़की हूँ हमारे लिए बहुत बड़ी बात होती है. और हम भाई बहन है .हम ऐसी बातें नही कर सकते.

अवी-एक मिनिट. आपने थोड़ी देर पहले कहा था कि मैं लड़का और आप लड़की हो ,

पूनम दीदी-फिर भी हम ऐसी बात नही कर सकते

अवी-हम फ्रेंड बन जाते है. फिर तो प्राब्लम नही आएगी.

पूनम दीदी-फ्रेंड बनकर क्या करने का इरादा है

अवी-ऐसी बातें जो सिर्फ़ फ्रेंड के साथ की जाती है.

पूनम दीदी-लड़कियो के साथ नही कर सकते

अवी-फ्रेंड तो फ्रेंड होते है, इसमे क्या लड़का और क्या लड़की.

पूनम दीदी-तुम फ्रॅंक होना चाहते हो

अवी-हाँ,

पूनम दीदी-ठीक है पर लिमिट क्रॉस नही होनी चाहिए.

अवी-ओके फ्रेंड

पूनम दीदी-(फ्रेंड बनने से फ़ायदा होगा.आज की बात अवी किसी को बताएगा नही )

अवी-तो दीदी आपका बाय्फ्रेंड हैं ना

पूनम दीदी-हाँ,

अवी-बाय्फ्रेंड मतलब लाइफ पार्टनर वाला बाय्फ्रेंड

पूनम दीदी-हाँ, 5 साल से रीलेशन मे हूँ. और जल्दी शादी करेंगे हम

अवी-आपका बाय्फ्रेंड क्या करता है. कभी मिलाया नही आपने,

पूनम दीदी-वो मुझसे 4 साल बड़ा है. बॅंक मे जॉब करता है. और मैं भी बॅंक की जॉब देख रही थी ताकि हम सेट्ल हो जाए,, और जॉब लग गयी

अवी-उसके साथ मुलाकात कैसे हुई

पूनम दीदी-वो हमारी कॉलोनी मे पेयिंग गेस्ट बनके आया और मेरा दिल चुराके ले गया. फिर उसने बॅंक मे जॉब ले ली और सेट्ल हो रहा है ताकि हम शादी कर सके.

अवी-अब तो आप को भी बॅंक मे जॉब मिली है. जल्दी जॉइंट अकाउंट खोल लेगी आप

पूनम दीदी-हाँ, स्वेता की शादी के बाद मैंभी शादी कर लूँगी

अवी-आपको जल्दी शादी करनी चाहिए ,

पूनम दीदी-ऐसा क्यूँ लग रहा है तुम्हें

अवी-केले महँगे हो रहे है. कितने केले खरीदी करेंगी आप.

पूनम दीदी-वो तो ऐसे ही.

अवी-लगता है आप अपने बाय्फ्रेंड के साथ अपना रीलेशन आगे लेकर गयी है

पूनम दीदी-हाँ वो एक दिन हम अपनी लिमिट क्रॉस कर गये

अवी-फिर आदत पड़ गयी होगी

पूनम दीदी-ऐसा नही है. हम वीकेंड पे मिलते है .

अवी-आपको आदत लगी है. झूठ मत बोलिए

पूनम दीदी-मुझे आदत नही लगी है.और तुम ऐसा क्यूँ बोल रहे हो

अवी-आदत नही लगी है तो आप ये क्या कर रही थी केले के साथ

पूनम दीदी-तुम ने मुझे बेशरम बना दिया बार बार केले का नाम बोल कर

अवी-तो अब बताने मे प्राब्लम नही होगी आपको

पूनम दीदी-तुम्हें कैसे बताऊ समझ नही आ रहा

अवी-हम फ्रेंड है

पूनम दीदी-वो मैं चेक कर रही थी

अवी-केला मीठा है ये चेक कर रही थी

पूनम दीदी-तुम भी ना. केला चेक करना होता तो खा कर देखती.

अवी-तो वो., क्या कहते है उसे

पूनम दीदी-कुछ मत कहो ,मैं बताती हूँ. मैं ब्लू फिल्म देख कर कुछ दिन से ज़्यादा एग्ज़ाइट हो रही हूँ ऐसा क्यूँ हो रहा है वो चेक कर रही थी.

अवी-(ज्योति बुआ की लाइव चुदाई का असर होगा) तो क्या रिज़ल्ट मिला

पूनम दीदी-फैल हो गयी. ब्लू फिल्म देख कर कंट्रोल नही कर पाई और

अवी-केला का ईस्तमाल किया

पूनम दीदी-हाँ. पर बीच मे तुम आ गये

अवी-सॉरी मेरी वजह से आपकी रिसर्च अधूरी रह गयी.

पूनम दीदी-जाने दो .मुझे भी सबक मिला कि घर मे अकेली होने के बाद भी अपने कमरे का डोर बंद करना चाहिए

अवी-वो तो है,

पूनम दीदी-मिल गये तुम्हारे सवाल के जवाब

अवी-हाँ, देखा कितना सिंपल था और आप बिना वजह बाथरूम मे छुप गयी थी.

पूनम दीदी-सब अचानक हुआ था .जिस से मैं क्या करूँ समझमे नही आया

अवी-मैं ने समझा दिया

पूनम दीदी-तुम बातें अच्छी करते हो. जिस से मैं रिलॅक्स हो गयी.

अवी-मेरी बातें थोड़ी नॉटी होती है.

पूनम दीदी-वो तो है. पर ऐसी नॉटी बातें सबको अच्छी लगती है.

अवी-आपको भी अच्छी लगी होगी.

पूनम दीदी-तुम जिस तरह बातें करते हो उस से तो तुम्हारी बहुत गर्लफ्रेंड होगी

अवी-मेरा नशीब खराब है. मैं सिंगल हूँ

पूनम दीदी-झूठ मत बोलो

अवी-सच कह रहा हूँ.

पूनम दीदी-नही बताना तो मत बताओ ,मेरे बारे मे तो मैं ने बता दिया

अवी-सेनटी मत हो .बताता हूँ

पूनम दीदी-तो बताओ कितनी गर्लफ्रेंड है

अवी-कहा ना नशीब खराब है.

पूनम दीदी-क्या मतलब

अवी-मैं एक लड़की को पसंद करता था वो भी मुझे पसंद करती थी पर उसने अपनी फॅमिली की वजह से मुझे छोड़ दिया और शादी कर ली

पूनम दीदी-कौन है वो ईडियट जिसने तुम्हारे जैसे जेम्स को छोड़ दिया.

अवी-उसका नाम लेना भी पसंद नही करता

पूनम दीदी-नही पूछूंगी. पर उसके बाद कोई नही मिली

अवी-फिर तो अपना हाथ ज़िंदा बाद था

पूनम दीदी-क्या कहा

अवी-आप केले की मदद लेती है और मैं अपने हाथ का

पूनम दीदी-समझ गयी.

अवी-लेकिन मज़ा नही आता

पूनम दीदी-सही कहा.मज़ा नही आता

अवी-लेकिन आपको ज़्यादा मज़ा आता होगा ब्लू फिल्म जो देखती है .मैं तो अडल्ट बुक्स पढ़ता हूँ.

पूनम दीदी-बुक्स मे ज़्यादा मज़ा आता है.

अवी-अपनी अपनी पसंद होती है.

पूनम दीदी-वो तो है.

अवी-तो क्या अब मुझे केला मिल सकता है.

पूनम दीदी-जाओ किचन मे

अवी-वो आपने जो छुपा कर रखा है वो चाहिए

पूनम दीदी-वो गंदा है

अवी-आपके लिए गंदा होगा पर मेरे लिए तो टेस्टी था.

पूनम दीदी-वो नही मिलेगा.

अवी-प्लीज़ दीदी

पूनम दीदी-नही कहा ना.

अवी-वो केला तो मैं खा कर रहूँगा.

पूनम दीदी-तुम गंदे तो .बेशरम हो और मुझे भी अपना जैसा बना दिया है

अवी-बेशरम बनके कैसा लग रहा है

पूनम दीदी-फ्रॅंक होके अच्छा लग रहा है

अवी-तो हम और बातें करते है ताकि आप और फ्रॅंक हो जाओगी.

पूनम दीदी-तुम से बातें करना अच्छा लग रहा है

और मैं पूनम दीदी के साथ इधर उधर की बातें करने लगा.

पूनम दीदी मेरे साथ फ्रीली बातें करने लगी.
 
937 सी

पूनम दीदी को खुले दिल से बात करने पे मज़बूर किया.

पूनम दीदी इस तरह मेरी बातों मे खो गयी कि बिना किसी शरम के बात कर रही थी.

थोड़ी देर पहले वो मुझसे बात ना करने के लिए बाथरूम मे छुप गयी थी.

पर अब वो मुझसे चिपक कर बैठ कर बातें कर रही थी.

पूनम दीदी बिल्कुल भूल गयी की उसे थोड़ी देर पहले मैं ने किस हालत मे देखा था.

वो केला अभी तकपूनम दीदी के पास था .वो मुझे दे नही रही थी.

और मैं उस केले को खाए बिना यहाँ से जाउन्गा नही.

हम बातें करने मे ऐसे खो गये कि बाहर बारिश कब शुरू हुई पता नही चला.

बारिश की वजह से ठंड लगते ही पूनम दीदी मुझसे चिपक गयी.

पूनम दीदी-कितनी ठंड है

अवी-बारिश शुरू हो गयी है

पूनम दीदी-बारिश ,लगता है तूफान आने वाला है

अवी-हाँ,

पूनम दीदी-ऐसी बारिश मे भाजिया और गरम गरम टी हो तो मज़ा आता है

अवी-वो तो है. पर ऐसे बारिश मे कपल प्यार करना पसंद करते है.

पूनम दीदी-मेरे बाय्फ्रेंड को बारिश मे प्यार करना बहुत पसंद है

अवी-फिर तो आपको भी प्यार करना अच्छा लगता होगा.

पूनम दीदी-मैं तो बारिश को हर तरह से एंजाय करती हूँ

अवी-मेरे साथ एंजाय करेंगी.

पूनम दीदी-मैं तुम्हारी बहन हूँ,तुम ये कैसे कह सकते हो

अवी-आप ग़लत समझ रही है

पूनम दीदी-साथ मे एंजाय करने को क्या कहते है .

अवी-मैं अलग तरह से एंजाय करने की बात कर रहा था.

पूनम दीदी-कैसे

अवी-क्यूँ ना इस बारिश मे साथ मे ब्लू फिल्म देखे

पूनम दीदी-साथ मे ,बिल्कुल नही.

अवी-क्यू नही. अब तो हमारे बीच मे सब क्लियर हो गया है.

पूनम दीदी-पर लिमिट रखनी चाहिए

अवी-हम लिमिट मे रहेंगे. आप भी तो अधूरी ब्लू फिल्म देखी है मेरी वजह से पूरी नही देख पाई.

पूनम दीदी-तो क्या

अवी-अब साथ मे बैठ कर पूरी फिल्म देख लो

पूनम दीदी-वो तो ऐसे भी देख सकती हूँ बाद मे

अवी-बाद मे तो वो मज़ा नही जो साथ मे देखने मे आएगा.

पूनम दीदी-क्या मतलब साथ मे ज़्यादा मज़ा आएगा.

अवी-साथ मे इस बारिश मे देखेंगे तो ज़्यादा मज़ा आएगा.एक अलग अड्वेंचर जैसा होगा.

पूनम दीदी-(साथ मे देखेंगे अगर फीलिंग आएँगी,क्या ट्राइ करके देखूं ,क्या पता ऐसा मौका दुबारा ना मिले ) लेकिन

अवी-ज़्यादा तर लोगो की सोचते हुए ज़िंदगी निकल जाती है. काश उस लड़की को प्रपोज़ किया होता, क्या ये ट्रेन पकडू,

पूनम दीदी-कह तो सही रहे हो . सोचते रहने मे लाइफ के असली अड्वेंचर को मिस कर देते है.

अवी-तो क्या कहती है आप

पूनम दीदी-एक लड़का एक लड़की ,अगर साथ मे ब्लू फ्लिं देखेंगे तो अनर्थ होगा.

अवी-आप तो ऐसे बोल रही है कि हम कुछ कर बैठेंगे

पूनम दीदी-मुझे पता है कंट्रोल नही होता.

अवी-एक काम करते है. आप यहाँ देखिए मैं दूसरे कमरे मे मोबाइल मे देखूँगा.

पूनम दीदी-इतना कुछ करने की ज़रूरत नही है.

अवी-तो

पूनम दीदी-(अवी से कुछ प्रॉमिस करवाती हूँ )तो हम साथ मे देखेंगे पर ये बात इस कमरे से बाहर नही जानी चाहिए.

अवी-मैं किसी को कुछ नही बताउन्गा.

पूनम दीदी-इस से पहले जो देखा वो भी नही बताओगे

अवी-वो तो मैं भूल गया

पूनम दीदी-स्मार्ट हो. और जो इस कमरे मे हुआ या होगा वो भी मत बताना

अवी-नही बताउन्गा.

पूनम दीदी-और तुम मुझसे 2 फीट की गॅप रख कर फिल्म देखोगे

अवी-मुझे सब मंज़ूर है. क्या अब ब्लू फिल्म देख सकते है.

पूनम दीदी-क्या तुम ने पहले मूवी देखी है

अवी-हाँ, पर एक 2 बार देखी है,

पूनम दीदी-फिर कोई प्राब्लम नही होगा. और हाँ मुझे कुछ मत पूछना

अवी-आप तो गुरु है ,आप से पूछना होगा.

पूनम दीदी-कहा ना कुछ मत पूछना

अवी-नही पूछूँगा ,

पूनम दीदी-तो मैं प्ले कर रही हूँ.(पता नही मैं ऐसा क्यूँ कर रही हूँ. )

अवी-करो ना दीदी.

पूनम दीदी-कर रही हूँ

लॅपटॉप हम दोनो के बीच मे रख कर, बीच मे पिल्लो की दीवार बना कर ब्लू फिल्म प्ले कर दी.

पूनम दीदी बेड के एक साइड मे थी और मैं दूसरे साइड मे.

लेकिन जल्दी ये दूरिया ख़तम हो जाएगी.

जैसे पहले हमारे बीच मे शरम का परदा था .उस पर्दे को हटाते हुए हम पास आ गये. वैसे ये दूरिया भी ख़तम हो जाएगी.

ब्लू फिल्म शुरू होते ही दोनो ने अपना थूक गीटक लिया.

पहली बार साथ मे ब्लू फिल्म देखने से एक्सपीरियंस कहे या डर करे ,अजीब सा फील हो रहा था.

ब्लू फिल्म प्ले होते हम ने एक दूसरे की तरफ देखा और फॉर्मल सी स्माइल दे कर स्क्रीन की तरफ देखने लगे.

स्क्रीन पर एक लड़की बिकिनी पहन कर फिल्म स्ट्रॅट कर रही थी.

बिकिनी मे पोर्न्स्टार को देखते मुझे पूनम दीदी की पैंटी याद आ गयी.

मुझे पैंटी याद आ सकती है तो पूनम दीदी को तो ज़रूर याद आई होगी.

पूनम दीदी-अवी तुम ने जो मेरी चीज़ ली है वो कहाँ है

अवी-केला तो मैं ने दे दिया.

पूनम दीदी-प -आ-न-त-य कहाँ है

अवी-आपकी खुशु वाली पैंटी ,वो मैं ने सेफ जगह रखी है

पूनम दीदी-कहाँ रखी है

अवी-बाद मे बताउन्गा .फिल्म मिस हो रही है. देखिए हीरो हेरोयिन की पैंटी निकाल रहा है.

पूनम दीदी-कहा था ना चुप रहना.

अवी-आपने तो शुरू की बात

पूनम दीदी-टिक है. फिल्म देखो

हम वापस फिल्म देखने लगे.

हेरोयिन की पैंटी निकाल कर उसकी खुश्बू सूंघने लगा.

अवी-देखा ,हीरो को भी पैंटी सूंघना पसंद है.

पूनम दीदी-ईडियट है वो ,खाना सामने है और वो सूंघने मे टाइम वेस्ट कर रहा है

अवी-टाइम वेस्ट नही. अपने हॉर्मोन को उतेज़ित कर रहा है, पैंटी पे लगी हुई खुश्बू से जोश बढ़ता है.

पूनम दीदी-कुछ भी मत बोलो

अवी-अभी बताता हूँ. डॉग सेक्स करते हुए बिच की पेशाब को सूँघता हैं ना. हर अनिमल पहले सूँघता है. ताकि जोश बढ़ सके,

पूनम दीदी-देखा है मैं ने ,डॉग को सेक्स करते हुए. ऐसा होता होगा.

अवी-ऐसा ही होता है. बदन की खुश्बू, पसीने की खुश्बू भी ,हॉर्मोन को उतेज़ित करती है.

पूनम दीदी-क्या मतलब

अवी-मर्द के पसीने की खुश्बू से औरत उतेज़ित होती है. मर्दानी शरीर देख कर भी कुछ औरत उतेज़ित होती है.

पूनम दीदी-सलमान की बॉडी देख कर काफ़ी लड़किया उसकी फॅन है

अवी-और लड़किया भी पर्फ्यूम लगा कर लड़को को अपनी तरफ अट्रॅक्ट करती है. पर्फ्यूम बदबू भगाने के लिए नही होता वो तो अट्र्क्ट करने के लिए होता है .ऐसा मुझे लगता है.

पूनम दीदी-इस बात से मैं सहमत हूँ. कभी कभी हम ऐसा मेक अप करते है ताकि लड़के हमारी तारीफ करे

अवी-सेक्स मे ,प्यार करने मे अलग अलग खुश्बू इम्पोर्टेंट प्ले अदा करती है.

पूनम दीदी-इतना तो मुझे पता था.

अवी-फिर मेरा दिमाग़ खराब क्यूँ किया.

पूनम दीदी-देख रही थी तुम्हारा नालेज

अवी-क्या पता चला

पूनम दीदी-ऐसा लगता है तुम ने लड़कियो पे ,प्यार पे , सेक्स पे, पीएच.डी की है.

अवी-ऐसा कुछ नही. बस इधर उधर से पता चल जाता है.

पूनम दीदी-नही सच मे, तुम्हें बहुत पता है .मैं ने एक ब्लू फिल्म देखी थी जिस मे मर्द औरत के बगल के बालो को सूँघता है, और औरत उसके पसीने मे भीगे शरीर को प्यार करती है

अवी-तो डाउट क्लियर हुआ.

पूनम दीदी-हाँ पर मेरी चीज़ कहाँ है

अवी-बताया ना सेफ जगह पे है.

पूनम दीदी-पर तुम करने क्या वाले हो उसके साथ

अवी-शाम मे वापस लौटा दूँगा.

पूनम दीदी-पक्का लौटा देना वरना पर्चेस करने जाना होगा

अवी-दे दूँगा.

पूनम दीदी-वैसे एक बात पूछनी थी

अवी-क्या ?

पूनम दीदी-तुम ने कभी सेक्स किया है

अवी-हाँ किया है.

पूनम दीदी-पर थोड़ी देर पहले तो कहा कि हाथ का ईस्तमाल करते हो. और कोई गर्लफ्रेंड नही बनाई

अवी-मैं ने गर्लफ्रेंड नही बनाई. पर दूसरो को मुझे अपना बाय्फ्रेंड बनाने से कैसे रोक सकता हूँ.

पूनम दीदी-तो क्या तुम ने सेक्स किया है

अवी-हाँ

पूनम दीदी-किसके साथ

अवी-सच कहूँ ,

पूनम दीदी-बिल्कुल सच बताना

अवी-मैं जिसे प्यार करता था उसका नाम माला है

पूनम दीदी-प्यार करने वाली का नाम तो बता दिया अब ये बताओ सेक्स किसके साथ किया था.

अवी-चाची की डेलिवरी के समय आपके शहर2 आया था तब हॉस्पिटल मे एक नर्स थी जिसका नाम भी माला था. नाम एक होने से मैं खुद पे कंट्रोल नही रख पाया और उसके साथ सेक्स किया.

पूनम दीदी-तुम तो छुपे रुस्तम निकले

अवी-उसके साथ 1 महीना सेक्स किया पर उसके बाद हाथ का ईस्तमाल किया

पूनम दीदी-स्टोरी अच्छी है.

अवी-एक मिनिट

पूनम दीदी-क्या हुआ

अवी-मुझे बातों मे फँसा कर ब्लू फिल्म देखने से मेरा मन भटका रही है.

पूनम दीदी-मैं ऐसा क्यूँ करूँगी.

अवी-ताकि बातों बातों मे फिल्म ख़तम हो जाए और आप मुझसे छुटकारा पाए

पूनम दीदी-ऐसा नही है. तुम ग़लत समझ रहे हो

अवी-मैं सब समझता हूँ. ऐसा करना था तो ब्लू फिल्म देखने का नाटक क्यूँ किया.

पूनम दीदी-सच मे मेरा ऐसा कोई विचार नही था.

अवी-देखिए फिल्म ख़तम होने को आई है.

पूनम दीदी-तुम से बात करने मे मैं इतनी खो जाती हूँ कि कुछ याद नही रहता.

अवी-पर ब्लू फिल्म ख़तम हो गयी.

पूनम दीदी-तो क्या हुआ मेरे पास बहुत है. मैं दूसरी लगा देती हूँ

अवी-सच

पूनम दीदी-हाँ, अच्छी वाली लगाती हूँ

अवी-इस बार बात मत करना

पूनम दीदी-सिर्फ़ फिल्म देखेंगे.

अवी-तो अच्छी मूवी लगाना

पूनम दीदी-अभी लगाती हूँ

पूनम दीदी ने दूसरी फिल्म लगा दी.

इस बार फिल्म पे ध्यान दूँगा .
 
937 डी

पूनम दीदी ने दूसरी मूवी लगा दी.

इस बार मैं मूवी देखना चाहता था.

पूनम दीदी भी मूवी देखने मे लग गयी.

इस मूवी मे पहले हीरो हेरोइन ने किस करने से शुरुआत की.

उनका किस करना एक लवर की तरह लग रहा था. पर जल्दी उनका किस वाइल्ड हो गया.

एक दूसरे के होंटो को काटने लगे .कभी हेरोयिन हीरो के उपर होकर किस करने लग जाती तो कभी हीरो हेरोयिन के कपड़े फाड़ते हुए जीभ चूसने लग जाता.

हीरो ने किस करते हुए उसकी ब्रा निकाल कर हवा मे फेक दी जो सीधे कॅमरा पर गिरी. ऐसा लगा जैसे हमारे उपर गिरी हो.

बूब्स आज़ाद होते हीरो बूब्स को मसल्ते हुए किस करने लगा.

वो हेरोयिन उसके नीचे तड़फ़ने लगी. फिर भी हीरो उस हेरोयिन के बूब्स को मसल मसल कर लाल करने लगा.

मैं तो मूवी देखने मे डूब गया था. मैं भूल गया था कि पूनम दीदी मेरे साथ है.

पूनम दीदी-कुत्ता कहीं कहा

अवी-आपने मुझे कुछ कहा

पूनम दीदी-तुम्हें नही उस हीरो कहा ,देखो कैसे मसल रहा है. थोड़ी तो रहम करना चाहिए .वो पाटनेर है इसकी

अवी-दीदी .वो हेरोयिन एंजाय कर रही है. उसको इसी मे मज़ा आता होगा.

पूनम दीदी-अरे हाँ, ये तो रंडी की तरह मज़ा ले रही है

अवी-ये रंडी ही है. देखिए आगे क्या होता है. मुझे तो अभी से कुछ कुछ हो रहा है

पूनम दीदी-सेम हियर

अभी तो पिक्चर बाकी है.

किस करने के बाद हीरो ने उसकी स्कर्ट निकाल ली.

स्कर्ट निकालते ही उसकी चूत जी स्ट्रिंग पैंटी मे कमाल के लग रहे थे.

अवी-क्या आस है.

पूनम दीदी-तुम लड़को को आस इतनी पसंद क्यूँ होती है.

अवी-आस का शेप कपड़ो के उपर से देख सकते है पर पुसी का नही देख सकते. और लड़का हमेशा लड़की के पीछे चलते है ताकि उसे देख सके पर उसे दिखती है लड़की की आस है तो 1स्ट लव आस से होता है, पर लव पुसी को मिलता है.

पूनम दीदी-ऐसे डाइरेक्ट वर्ड क्यूँ ईस्तमाल कर रहे हो

अवी-दीदी अगर ये वर्ड मैं हिँढी मे बोलता तो आप शरम से पानी पानी हो जाती . इंग्लीश मे बोलने से ऐसा लगता है जैसे नॉर्मल वर्ड ईस्तमाल कर रहे है.इसी लिए इंग्लीश वर्ड ईस्तमाल कर रहा हूँ ताकि हम फ्री ली बोल सके.

पूनम दीदी-सही कहा. हिन्दी, या अपने मदर टंग मे वो वर्ड ईस्तमाल करने पे अलग फीलिंग आती है. ऐतराज़ मूवी मे इस पे एक डायलॉग था गान* की जगह हिप कहते है.

अवी-तो हम इंग्लीश वर्ड ईस्तमाल करेंगे ताकि आप शरमाएँगी नही.तो वापस प्ले करूँ

पूनम दीदी-तुम ने फ्यूज किया था.

अवी-हाँ

पूनम दीदी-तो प्ले करो

प्ले होते ही हम मूवी देखने लगे.

हीरो हेरोयिन के चूतड़ को घूर्ने लगा.

पूनम दीदी-कैसे घूर रहा है लगता है खा जाएगा.

अवी-आपने ये मूवी देखी है

पूनम दीदी-नही.

अवी-तो मैं शरत लगा सकता हूँ वो उसकी आस पे थप्पड़ मरेगा.

पूनम दीदी-देखते है.

और हीरो ने हेरोयिन के चूतड़ पे थप्पड़ मारने लगा.

पूनम दीदी-तुम तो एक्सपर्ट हो ,पर ये थप्पड़ मारना क्यूँ पसंद करते है

अवी-आपने कितने खाए

पूनम दीदी-एक भी नही. बताओ तो

अवी-जैसे खुशी के आँसू होते है वैसे ये मज़े का थप्पड़ है. इस थप्पड़ से दर्द नही होता मज़ा आता है. देखो हेरोयिन कितने मज़े कर रही है.

पूनम दीदी-हाँ, मैं भी ट्राइ करूँगी.

अवी-मेरे साथ

पूनम दीदी-शॅट अप

हम फिर से मूवी देखने लगे.

उसने चूतड़ को लाल कर दिया फिर उस पे काटने लगा.

फिर उसने हेरोयिन को पलटा दिया और पैंटी निकाली .उसकी पुसी देख कर मैं पूनम दीदी की तरफ देखने लगा.

पूनम दीदी-मुझे क्या देख रहे हो ,मूवी देखो

अवी-आपकी भी बिना बालो की हैं ना. शेव्ड की हैं ना आपने

पूनम दीदी-पता है तो पूछ क्यूँ रहे हो. मूवी देखो .

अवी-दीदी ,आपकी दूर से देखने के बाद भी मैं 10/10 दूँगा. और हेरोयिन को 8/10 दूँगा.

पूनम दीदी-मूवी देख रहे हो या बंद करूँ

मैं चुप चाप मूवी देखने लगा.

पर मेरी बात सुनकर पूनम दीदी खुश हो गयी. मेरे मूह से तारीफ सुनकर, हेरोयिन से ज़्यादा मार्क देने से लड्डू फूटने लगे.

पूनम दीदी ने मेरी बात सुनकर सलवार के उपर से अपनी चूत को टच किया. मैं ने चोर नज़र से देख लिया.

पूनम दीदी खुश . हो गयी साथ मेगरम होने लगी.

हीरो हेरोयिन की पुसी को चाटने लगा.

ये देखते ही पूनम दीदी ने अपने पैर फैला दिए ताकि ठंडी हवा से उनकी चूत ठंडी हो जाए.

चूत चूसने का सीन देख कर पूनम दीदी गरम होने लगी.

अवी-दीदी आपने ये ट्राइ किया

पूनम दीदी- तुम क्यूँ पूछ रहे हो

अवी- ऐसे ही

पूनम दीदी-तूने किया है

अवी-हाँ, वो नर्स खुश हो जाती था मुझसे चूसवा कर

पूनम दीदी-मुझे भी पसंद है. मेरा बाय्फ्रेंड पहले यही स्टार्ट करता है.

अवी-दीदी

पूनम दीदी-हाँ

अवी-आपको अगर मेरे साथ ऐसे बात करना पसंद ना हो तो हम चुप चाप मूवी देख सकते है.

पूनम दीदी-मुझे तो अच्छा लग रहा है. तुम से बातें करने का मन होता है. ये बातें मैं ने स्वेता को नही बताई पर तुम्हें बता रही हूँ पता नही क्यूँ, और तुमसे बात करके मुझे बहुत सी बातें पता चल रही है. थॅंक्स

अवी-तो आगे बढ़ें . प्ले करू मूवी

पूनम दीदी-हाँ

हीरो लगतार हेरोयिन की चूत चूस रहा था.

हेरोयिन अपनी गंद उठा उठा कर चूत चूस्वा रही थी.

उसका पानी निकल गया .हेरोयिन तो ठंडी हो गयी पर हम दोनो गरम हो गये.

मेरा लंड खड़ा हो गया था पर मैं ने पहले पिल्लो अपने लंड पे रखा था.

फिर हेरोयिन घुटनों के बल हीरो के सामने बैठ गयी.

और हीरो की अंडरवेर निकाल कर उसका मोटा लंबा लंड बाहर निकाला .मुझसे बड़ा लंड था हीरो का.

पूनम दीदी-ये नकली होता है. कॅमरा का कमाल है.

अवी-क्या हुआ.

पूनम दीदी-इतना बड़ा नही होता है.

अवी-होता है. किसी किसी के होते है.

पूनम दीदी-फिर सर्जरी की होगी.

अवी-किसी के नॅचुरली होते है.

पूनम दीदी-मैं नही मानती.

अवी-आपके बाय्फ्रेंड का कितना लंबा है.

पूनम दीदी-इस से छोटा है.

अवी-मेरी तरफ देखिए

मैं ने अपने उपर से पिल्लो हटा दिया .अपना टेंट पूनम दीदी को दिखाया.

पूनम दीदी-ये क्या है

अवी-अंदर है तो छोटा दिख रहा है.

पूनम दीदी-ये तो काफ़ी बड़ा दिख रहा है

अवी-देखना चाहोगी

पूनम दीदी-हाँ, नही नही नही ,नही देखना है.

अवी-ठीक है मत देखिए. पर लंबे भी होते है.

पूनम दीदी-(देखु क्या, कितना बड़ा टेंट बना है. मूवी से ज़्यादा बड़ा होगा , क्या सच मे बड़ा होगा, अच्छा अवी खुद दिखा रहा था. क्या ज़रूरत थी मना करने की, अगर मैं ने खुद दिखाने को कहा तो वो क्या सोचेगा)

अवी-क्या सोच रही है

पूनम दीदी-कुछ नही

अवी-मुझे लगा आप दिखाने को कह रही है.

पूनम दीदी-(क्या करू ,बोल भी नही सकती ,मुझे देखना है)

अवी-बाद मे दिखा दूँगा. पहले मूवी देखते है

पूनम दीदी-(तब तक रुका नही जाएगा. पर अब रुकना होगा. परदेखूँगी ज़रूरी ,मुझे अपना डाउट क्लियर करना है.) प्ले करो

और वो हेरोयिन हीरो का लंड अपने हाथो मे पकड़ कर सहलाने लगी.

हेरोयिन को लंड सहलते हुए देख कर पूनम दीदी बार बार चोरी चोरी मेरे लंड को देख रही थी.

मैं ने एक बार बार पूनम दीदी को लंड देखते हुए पकड़ लिया पर पूनम दीदी ने अपनी नज़रें वापस मूवी पे लगा दी.

हेरोरिने लंड चूसने लगी. ये देखते पूनम दीदी ने अपने होंटो पे जीभ घुमाई

पूनम दीदी-अवी

अवी-हा दीदी

पूनम दीदी-उस नर्स ने ,माला ने कभी तुम्हारा चूसा था.

अवी-इंटरकोर्स करने से पहले वो हमेशा चूस्ति थी. और टाइम कम हुआ तो चूस कर मुझे खुश करती थी.

पूनम दीदी-(कितनी खुश होगी वो नर्स) मैं भी कम समय होने पर ओरल सेक्स करती हूँ

अवी-ओरल सेक्स के बिना मज़ा नही आता

पूनम दीदी-सही कहा. ओरल सेक्स से प्यास बढ़ती है

अवी-सही कहा.

और हम हीरो हेरोयिन को 69 पोज़िशन मे चूस्ते हुए देखने लगा.

मेरी नज़र हेरोयिन की चूत पर थी तो पूनम दीदी की नज़र हीरो के लंड पे थी.

हेरोयिन की चूत को पूनम दीदी की चूत समझ कर मूवी देख रहा था जिस से मेरे लंड मे दर्द हो रहा था.

पूनम दीदी ज़रूर हीरो के लंड को देख कर मेरे लंड के बारे मे सोचने लगी.

अवी-दीदी ये पोज़िशन बेस्ट होती है

पूनम दीदी-एक साथ डबल मज़ा मिलता है.

अवी-सही कहा. पर ये आगे कब बढ़ेंगे

पूनम दीदी-रूको ,इतनी जल्दी क्या है.

अवी-आप तो यही कहेंगी ना, आपके पास केला

पूनम दीदी-तुम फिर शुरू हो गये.

हम वापस मूवी देखने लगे

ओरल सेक्स के बाद हेरोयिन ने अपने पैर फैला दिए.और हीरो धीरे धीरे लंड अंदर डालने लगा.

लंड हेरोयिन के अंदर जा रहा था और दर्द पूनम दीदी के चेहरे पे दिख रहा था. जैसे खुद को हेरोयिन की जगह इमॅजिन कर रही होगी.

और हीरो ने एक झटके मे बाकी का लंड अंदर पेल दिया.

हीरोइन की चीख निकल गयी.

पूनम दीदी-आराम से दर्द हो रहा है

दीदी की बात सुनकर मैं हँसने लगा.

अवी-क्या हुआ दीदी

पूनम दीदी-क्या हुआ. कुछ भी तो नही.

अवी-तो ऐसे क्यूँ चिल्ला रही थी जैसे आप उस हेरोयिन की जगह हो.

पूनम दीदी-मूवी देखते हुए ऐसा फील हो जाता है

अवी-हेरोयिन तो आप थी फिर हीरो कौन था.

पूनम दीदी-मेरा बाय्फ्रेंड

अवी-पर उसका तो छोटा हैं ना, आप किसी और को हीरो की जगह इमॅजिन कर रही थी.

पूनम दीदी-(अवी को कैसे पता चला, अवी स्मार्ट है. ) किसे भी इमॅजिन करू तुम अपना देखो ,टेंट बनाकर बैठ हो

अवी-वो तो हो जाता है.

पूनम दीदी-तो चुप चाप मूवी देखो,

और हम मूवी देखने लगे.

हीरो हेरोयिन की चुदाई कर रहा था.

मूवी मे चुदाई देख कर हम दोनो अपनी लिमिट क्रॉस करके उतेज़ित हो गये थे.

ऐसे मे लंड हिलाए बिना मैं कैसे रह सकता हूँ.

और मैं अपने लंड को कपड़ो के उपर से सहलाने लगा.

पूनम दीदी-मेरे सामने ऐसा मत करो

अवी-दीदी मुझे मत रोकिए. आप भी कर लो मैं कुछ नही कहूँगा.

पूनम दीदी-(अच्छा हुआ अवी ने खुद कहा. वरना मैं कैसे खुद को शांत करूँ ये सोच रही थी. मैं धीरे धीरे अपनी चूत सहलाउन्गी.) ठीक है करो.

मैं ब्लू फिल्म देखते हुए लंड सहलाने लगा तो पूनम दीदी चुपके चुपके अपनी चूत को सहलाने लगी.

बहुत मज़ा आ रहा था इस तरह ब्लू फिल्म देखने मे.

पूनम दीदी भी इस तरह ब्लू फिल्म देखने को एंजाय कर रही थी.

अवी-दीदी केला ईस्तमाल करो

पूनम दीदी-शॅट अप ,

अवी-दीदी इस तरह मूवी देख मे अलग मज़ा आ रहा है.

पूनम दीदी-हाँ,

अवी-अब तो पोज़िशन चेंज करेंगे

पूनम दीदी-हेरोयिन हीरो के उपर आएगी.

अवी-घोड़ी बनाएगा.

पूनम दीदी-देखते है

और पूनम दीदी जीत गयी .हेरोयिन हीरो के उपर आकर उछलने लगी.

अवी-ये आपकी फेव पोज़िशन है.

पूनम दीदी-हाँ, इसमे ज़्यादा मज़ा आता है थोड़ा आराम भी मिलता है पार्टनर को

अवी-वो तो है. देखिए कैसे उछल रही है.

और साथ पूनम दीदी भी बेड को हिलाने लगी.

अवी-दीदी क्या कर रही हो

पूनम दीदी-कुछ भी तो नही

अवी-क्या मैं वॉल्यूम बढ़ा दूं

पूनम दीदी-(वॉल्यूम बढ़ गया तो मेरी आवाज़ दब जाएगी.) जो करना है करो

वॉल्यूम बढ़ाते ही ब्लू फिल्म का मज़ा बढ़ गया.

मैं ने वीडियो की गति बढ़ा दी ताकि ऐसा लग. रहा था कि चुदाई जोरदार हो रही है.

ऐसी चुदाई देख कर हम तो बहुत उतेज़ित हो गये.

पूनम दीदी ने अपनी उंगली की गति बढ़ा दी.

मैं भी अपना लंड सहला रहा था.

चुदाई रंग मे आ चुकी थी.

कमरे का महॉल रंगीन हो गया था.

बारिश की वजह से हमारे अंदर सेक्स की प्यास पैदा हो गयी.

पर हम अपने कपड़े तो नही निकाल सकते थे.

फिर भी हम अपने गुप्ताँग को सहला रहे थे.

मूवी मे हीरो अपना कम निकालने को तैयार था.

हीरो ने हेरोयिन के मूह पे अपना कम डाला.

ये देख कर पूनम दीदी ने शीष्कारी लेनी शुरू की

अपने होंटो पे अपनी जीभ घुमाने लगी.जैसे कम चाट रही हो.

पूनम दीदी अपना कंट्रोल खोती जा रही थी.

और थोड़ी देर मूवी चलती तो पूनम दीदी नंगी होकर केला चूत मे डालती.

पर मूवी ख़तम हुई. पर हम अभी तक हल्के नही हुए थे.

मूवी ख़तम होते ही एक दूसरे को देखने लगे.

हमारे हाथ अपने अपने गुप्ताँग पे थे.

दोनो लंबी लंबी सासे लेने लगा.
 
चॅप्टर 937 ए

ब्लू फिल्म तो ख़तम हो गयी पर इसका असर हम पे बढ़ गया था.

ब्लू फिल्म देख कर हमारे अंदर सेक्स की प्यास बढ़ गयी.

पूनम दीदी की आँख लाल हो चुकी थी. उनकी धड़कने तेज चल रही थी .सासो की आवाज़ से कमरे मे गर्मी बढ़ गयी थी

हमारे हाथ अभी तक अपने गुप्तांगो पे थे.

हम दोनो अपना थूक गीटक कर एक दूसरे को देखने लगे.

हम पर ब्लू फिल्म का असर इतना ज़्यादा हो गया था अब जल्दी हमे हल्का होना पड़ेगा वरना हम कुछ भी हो सकता है

पूनम दीदी का बदन जल रहा था .

अगर मैं ने थोड़ा एफर्ट लगाया तो काम बन सकता है.

पूनम दीदी बड़ी मुश्किल से कंट्रोल रखे हुए थी.

वो अपने पैरो को रगड़ रही थी.

मेरे लंड मे दर्द हो रहा था. ऐसा लग रहा था अभी लंड बाहर निकाल कर मूठ मारू

मेरा ये हाल था तो पूनम दीदी को बहाल होगी.

पूनम दीदी केले को अपने हाथ मे लेकर खेल रही थी .इस इंतज़ार मे कि कब मैं बाथरूम मे जाउन्गा और वो केला अपनी चूत मे डालेगी.

हम दोनो एक दूसरे का कुछ कहने का इंतज़ार कर रहे थे.

और अपना मूह खोला तो दोनो के साथ बोल पड़े

अवी-पूनम दीदी-मैं बाथरूम मे जाता/ जाती हूँ.

एक साथ दोनो बोलने से हसी भी आ रही थी और शरम भी आ रही थी.

अवी-आप जाइए मैं रुकता हूँ.

पूनम दीदी-तुम जाओ मैं रुक जाती हूँ

अवी-आपसे कंट्रोल नही होगा.

पूनम दीदी-तुम्हारा जीन्स फट जाएगा. तुम जाओ

अवी-पूनम दीदी-ठीक है मैं जाता/जाती हूँ

फिर से एक साथ बोलने से हमे हसी आ गयी.

अवी-हम पहले आप पहले आप क्यूँ कर रहे है.

पूनम दीदी-क्यूँ कि तुम ने मुझे बेशरम बना दिया है जो ऐसी बातें खुले आम बोल रही हूँ

अवी-लेकिन मज़ा तो आ रहा हैं ना

पूनम दीदी-अधूरा मज़ा .

अवी-पूरा मज़ा करने को बाथरूम जाना होगा

पूनम दीदी-कितनी गंदी बातें कर रही हूँ. ऐसी बात करने से पहले कितना सोचती थी. अब तुम्हें बता कर केले का ईस्तमाल करूँगी.

अवी-जल्दी कर लो

पूनम दीदी-और तुम

अवी-मैं बाद मे ईस्तमाल करूँगा.

पूनम दीदी-तुम पहले जाओ.

अवी-आपको ज़्यादा ज़रूरत है. आपका हाथ कहाँ है ये देख लो

पूनम दीदी-तुम भी अपना जीन्स देख लो ,कहीं फट ना जाए

अवी-तो क्या करे

पूनम दीदी-एक बाथरूम ईस्तमाल करेंगा और दूसरा कमरा. शिट दूसरे कमरे मे भी तो बाथरूम है

अवी-लेकिन बेड जैसा मज़ा बाथरूम मे नही आएगा

पूनम दीदी-तो क्या करे

अवी-मेरे पास एक आइडिया है जिसमे मज़ा ज़्यादा आएगा

पूनम दीदी-क्या

अवी-क्यूँ ना हम आपस मे करे. हम दोनो

पूनम दीदी-(ये तो डायरेक्ट पूछ रहा है. मुझे तो कंट्रोल नही हो रहा. मेरा तो अवी का रेप करने का मन कर रहा है) ये तुम क्या बोल रहे हो .हम भाई बहन है.

अवी-मेरी पूरी बात तो सुन लो

पूनम दीदी-(मैं हाँ कैसे कर सकती हूँ. ) बोलो ,पर ये मत भूलना हम कौन है

अवी-हम ब्लू फिल्म जैसा करते है पर अलग तरह से

पूनम दीदी-अलग तरह से क्या मतलब

अवी-हम खुद को शांत करने को करेंगे

पूनम दीदी-साफ साफ कहो

अवी-, नो किस, नो सकिंग ,और नो फक्किंग के साथ करेंगे.

पूनम दीदी-तुम पागल हो गये हो ऐसा कैसे कर सकते है.

अवी-कपड़ो के उपर से ,

पूनम दीदी-मतलब सब कपड़ों के उपर करेंगे

अवी-हाँ,सेक्स जैसा होगा पर सेक्स नही करेंगे.

पूनम दीदी-लेकिन इस मे टच तो करना होगा.

अवी-हम हग तो करते हैं ना. बस वैसे हग करके मैं धक्के मारूँगा और आप मेरा साथ देना. हम दोनो शांत हो जाएँगे.

पूनम दीदी-(अवी कितना स्मार्ट है. बिना सेक्स किए मैं उसके लंड को फील कर पाउन्गी. और मज़ा मिलेगा सेक्स जैसा पर सेक्स नही होगा)

अवी-क्या सोच रही है.

पूनम दीदी-अगर किसी को पता चला तो

अवी-हम तो नही बताएँगे ,और यहाँ कोई तीसरा नही है.

पूनम दीदी-अगर लिमिट क्रॉस हुई तो

अवी-नही होगी. अगर हुई तो ग़लती से हुआ ऐसा समझ लेंगे.

पूनम दीदी-(कुछ नया करने को मिल रहा है. केले से अच्छा अवी के कपड़ो के अंदर का लंड से मज़ा आएगा. इसमे पाप तो नही है. हम हग तो करते है. बस फोड़ी ज़्यादा देर हग कर रहे थे ऐसा समझेंगे)

अवी-ये पाप नही. हम हग कर रहे है ऐसा सोचेंगे. हम मे ज़्यादा प्यार है तो ज़्यादा देर हग कर रहे थे ऐसा सोचेंगे

पूनम दीदी-ठीक है.क्या करना होगा मुझे

अवी-आप लेट जाइए मैं आपके उपर आता हूँ.

पूनम दीदी बेड पे लेट गयी अपने पैर फैला दिए. उनकी सलवार चूत से चिपक गयी थी

पूनम दीदी तो मान गयी. अब तो मज़ा आएगा.

इस तरह की चुदाई का मज़ा मिल जाएगा. सेक्स करके सेक्स ना करने का मज़ा मिलेगा.

मैं ने अपना बेल्ट निकाल लिया.और पूनम दीदी के उपर आ गया.

पूनम दीदी के उपर आते ही हमारी धडकने तेज हुई

मैं ने अपने हाथ पुशअप मारने के पोज़िशन मे रखे और टेंट को पूनम दीदी की चूत पे टच किया.

मेरा टेंट पूनम दीदी की गीली सलवार को टच होते ही हम दोनो ने लंबी सास छोड़ी.

हमारा बदन तो सेक्स की आग मे जल रहा था ऐसे मे देर करना ठीक नही होता

पूनम दीदी डबल एग्ज़ाइट थी कि मैं कैसे उनको बिना टच किए मज़ा दूँगा.

मैं ने पूनम दीदी को एक फ्लाइयिंग किस दिया और धक्के मारना शुरू किया.

पहला धक्का पड़ते ही मुझे तो मज़ा आया .पूनम दीदी की आँख बंद होकर खुल गयी.

मेरा लंड पूनम दीदी की चूत किस करने लगा.

बिना लंड चूत मे डाले चुदाई का मज़ा लेने लगा.

पूनम दीदी की चूत मेरे लंड के धक्के से खुलने लगी पर बीच मे सलवार थी.

अवी-दीदी कैसा लग रहा है

पूनम दीदी-मत पूछो कैसा लग रहा है.बस करते रहो अच्छा लग रहा है

और मैं धक्के मारने लगा.

मेरा लंड पूनम दीदी की चूत को रगड़ने लगा.

नया कुछ करने का जोश मुझसे बढ़िया धक्के लगवा रहा था.

पूनम दीदी मेरे इस खेल का मज़ा लेते हुए शीष्कारी ले रही थी.

हमारे गुप्ताँग के सिवा कुछ टच नही हो रहा था.

हमारा मिलन इस तरह होगा ये सोचा नही था.

धक्के मारते हुए ऐसा लग रहा था कि ये कपड़ो की दीवार को फाड़ कर लंड चूत मे पेल दूं

पर कुछ ऐसा वैसा करके खेल खराब नही करना चाहता था.

पूनम दीदी को खुश करना चाहता था.

पूनम दीदी तो आउट ऑफ कंट्रोल होके शीष्कारी ले रही थी.

पूनम दीदी को मनपसंद केला मिल गया होगा ऐसा लग रहा था.

उनके चेस्ट उपर नीचे होने से उनके बूब्स को खाने का मन हो रहा था.

इसतरह मूठ मारने मे मुझे और पूनम दीदी को इन्फिनिट मज़ा मिल रहा था.

अभी तो मज़ा शुरू हुआ था पर पूनम दीदी ने मुझे रोक दिया.

पूनम दीदी का पानी निकल गया .ऐसे कैसे निकल सकता है

अवी-क्या हुआ

पूनम दीदी-अब तुम नीचे और मैं उपर

अवी-आपकी फेव पोज़िशन

और मैं बेड पे लेट गया और पूनम दीदी मेरे लंड पे बैठ गई.

अवी-बैठने से काम नही चलेगा. उछलना शुरू करो

पूनम दीदी -उछलने से काम नही चलेगा. रगड़ना होगा.

अवी-तो रगडो

और पूनम दीदी अपनी चूत और गंद को मेरे लंड पे रगड़ने लगी.

मेरे चेस्ट पे हाथ रख कर बड़े कातिल अंदाज़ से अपनी कमर को हिला के चूत को मेरे लंड पर रगड़ने लगी.

पूनम दीदी तो फुल सेक्स के नशे मे डूब चुकी थी.

उनको ऐसा लग रहा था कि हम सच मे सेक्स कर रहे है .

पूनम दीदी ब्लू फिल्म की हेरोयिन से बढ़िया आक्टिंग कर रही थी.

उनके सलवार का गीला पानी मेरी जीन्स को गीला करने लगा.

पूनम दीदी अपने बूब्स को मसल्ते हुए मेरे लंड की सवारी करने लगी.

अपने होंटो को दाँतों मे पकड़ कर दबातें हुए शकीरा डॅन्स कर रही थी.

उसके ऐसे मस्ती करने से मैं भी नीचे से अपनी गंद हिलाने लगा.

हम तो मस्ती मे पूरी तरह से खो गये.

बारिश की वजह से हम पे प्यार का नशा छाने लगा.

पूनम दीदी अपनी गर्मी शांत करने मे लगी थी.

पूनम दीदी ने अपने कमर हिलने की गति बढ़ा दी तो मैं समझ गया कि उनका होने लगा.

तो मैं ने उनको उपर झुका दिया.

पूनम दीदी को अब इतना पता था कि जल्दी पानी निकालना है. इस लिए वो मेरे उपर आ गयी.

मेरे उपर आते ही मैं ने पूनम दीदी को हग करके पलटा दिया.

पूनम दीदी के उपर आते ही मैं उनको हग करके जोरदार धक्के मारने लगा.

पूनम दीदी को यही तो चाहिए था.

मेरे इस तरह धक्को से हम दोनो अपनी लास्ट स्टेज पे आ गये

हम धीरे धीरे अपनी मर्यादाएँ ख़तम कर रहे थे.

और हम अपने बदन को एक दूसरे से रगड़ कर अपना अपना पानी निकालने को तैयार थे.

पूनम दीदी मेरे बालो मे हाथ घुमा कर मुझे प्यार कर रही थी.

और हम दोनो एक जोरदार चीख के साथ हल्के होने लगे

हमारा बदन झटके मारने लगा.

और पूनम दीदी ने अपना पानी निकाल दिया तो मैं ने अपनी टंकी खाली की.

हम कुछ सेकेंड तक एक दूसरे को कस के गले लगे हुए थे.

और ठंडे पड़ने से हमारी पकड़ ढीली हुई पर हम ऐसे ही गले लगे हुए नॉर्मल होने लगे.
 
Back
Top