चॅप्टर 942आ
मुझे इस तरह बातें करते हुए देख कर चाची सोच मे पड़ गयी कि मुझे हुआ क्या है
चाची सोचने लगी कि बात क्या है जो मैं उनसे कहना चाहता हूँ
चाची मुझे अपने गले लगाए हुई थी
अवी- चाची ये आप क्या कर रही है
सी चाची -चुप रह , तुम्हें आराम की ज़रूरत है
अवी- मुझे आपसे शादी करने की ज़रूरत है
सी चाची -तू मज़ाक कर रहा हैं ना
अवी- नही , मैं सीरीयस हूँ , मैं तो दूल्हे की तरह सेरवानी पहन कर आया हूँ
मेरी बात सुनते ही चाची समझ गयी कि मैं मज़ाक नही कर रहा हूँ
सी चाची -मैं तो तेरी ही हूँ , फिर ऐसे शादी करने का इरादा तेरे मन मे कैसे आया
अवी- क्यूँ कि आप मेरी हो और आज मैं आपको हमेशा के लिए मेरी बनाना चाहता हूँ
सी चाची -उस दिन भी तूने कुछ ऐसा ही पूछा था कि मैं कितना प्यार करती हूँ तुझे
अवी- और आपने कहा कि आप मेरी हो
सी चाची -और भी कुछ कहा था
अवी- हमारे बीच मे ये मगल्सुत्र है
सी चाची -हाँ , मैं तुम्हारे चाचा की पत्नी हूँ दुनिया वालो के लिए
अवी- मुझे दुनिया वालो का कुछ नही करना है , आप मेरी हो और आपको मुझे शादी करनी होगी
सी चाची -ये नही हो सकता अवी
अवी- क्यू नही हो सकता
सी चाची -तेरे चाचा की वजह से ये नही हो सकता
अवी- तो चाचा को मैं मार डालूँगा फिर तो आप मेरी हो जाएँगी
मेरी बात सुनते ही चाची शॉक्ड हो गयी
सी चाची -ये तू क्या बोल रहा है , तेरा दिमाग़ खराब हो गया है , हम कल बात करेंगे
अवी- मुझे आज ही बात करनी है , और आपने मेरी कसम खाई है
सी चाची -तुझे हुआ क्या है
अवी- मुझे आप से प्यार हुआ है , और शादी करनी है ,
सी चाची -हमारे दिल तो एक हैं ना फिर ये शादी की क्या ज़रूरत पड़ गयी
अवी- दिल मिल गये है तो हम भी मिल जाते है
सी चाची -तू समझ नही रहा है
अवी- सब समझ रहा हूँ मैं , आप बस मेरा मन रखने को बोलती है कि आप मुझे प्यार करती है पर सच कुछ और है
सी चाची -खबरदार अवी कभी मेरे प्यार को झूठ कहा तो , मैं सिर्फ़ तुम्हें प्यार करती हूँ करती रहूंगी
अवी- तो शादी करने मे क्या प्राब्लम है
सी चाची -ये मंगलसूत्र जो तेरे चाचा ने अग्नि को साक्षी मान कर पहनाया है
अवी- मैं अमित को साक्षी मान कर मंगलसूत्र पहनाउन्गा
और मैं ने अपनी जेब से मगलसूत्र बाहर निकाला , ये वही मंगलसूत्र है जो साड़ी के साथ मिला था ,
अवी- ये देखिए मैं मगलसूत्र भी लाया हूँ
सी चाची -अवी सच मे तुम मुझसे शादी करना चाहता है
अवी- हाँ , आपको अपनी बनाना चाहता हूँ
सी चाची -मैं तो तेरी ही हूँ
अवी- शादी करके अपनी बनाना चाहता हूँ
सी चाची -ये नही हो सकता अवी
अवी- क्यूँ नही हो सकता
सी चाची -मैं तेरे चाचा की धरम पत्नी हूँ
अवी- चाचा के पास तो बड़ी चाची और सीमा चाची है
सी चाची -तो क्या हुआ मैं उनकी पत्नी हूँ
अवी- फिर टूर पे आप चाचा के साथ हूनीमन करने क्यूँ नही गयी थी
सी चाची -वो मैं
अवी- अब बोलिए
सी चाची -अवी तू इन सब बातों के लिए छोटा है , तू समझ नही पाएगा
अवी- मैं सब समझता हूँ , और इतना भी छोटा नही हूँ , आपको माँ बनाया है मैं ने
सी चाची -पर तुम मेंटली कमज़ोर है
अवी- बात को घुमाए मत
सी चाची -मैं नही घुमा रही हूँ, भले मैं तेरे चाचा से प्यार नही करती पर सच ये है कि मैं उनकी पत्नी हूँ
अवी- तो आज मेरी बीवी बन जाइए
सी चाची -ऐसी बातें जल्द बाज़ी मे नही की जाती
अवी- आज ही ये बात ख़तम करते है
सी चाची -तुझे हुआ क्या है , रानी से झगड़ा हुआ है
अवी- रानी से झगड़ा हुआ कि नही ये इम्पोर्टेंट नही है आप बात बदलना मत
सी चाची -तो रानी ने कुछ कहा है मैं अभी बात करती हूँ रानी से
अवी- रानी से कोई बात नही हुई है मेरी
सी चाची -तो तू ऐसी बात क्यूँ कर रहा है किसी ने कुछ कहा है
अवी- हाँ
सी चाची -किसने
अवी- मेरे दिल ने कहा कि आप से शादी करके अपना बना लूँ
सी चाची -तेरे दिल को इस वक्त मेरे प्यार की ज़रूरत है , तुझे किस करती हूँ आ मेरे पास
अवी- मुझे पूरी की पूरी आप चाहिए ,
सी चाची -तो ऐसा बोल कि मेरे साथ सेक्स करना चाहता है
अवी- मैं आप से शादी करना चाहता हूँ
और मैं ने बॅग मे रखी हुई दुल्हन की साड़ी जो शॉप गर्ल से खरीदी थी उसे निकाल कर चाची के हाथ मे रख दी .
सी चाची -ये क्या है
अवी- मैं सेरवानी पहन ली है आप ये दुल्हन की साड़ी पहन कर तैयार हो जाइए
सी चाची -ये तूने कब ली
अवी- शाम मे शहर जाकर खरीदी है ,आप जल्दी पहन लो
सी चाची -अवी ये कुछ ज़्यादा हो रहा है
अवी- आप शादी करना चाहती है कि नही
सी चाची -( अवी को हुआ क्या है , मुझे सुबह तक के लिए बात घुमानी होगी, सुबह अच्छे से बात करूँगी ) तुम मुझसे शादी करना चाहते हो , यहाँ बंद कमरे मे , ये कैसी शादी हुई
अवी- यहाँ अमित के सामने शादी करना चाहता हूँ
सी चाची -फिर भी ये बंद कमरे की शादी हुई
अवी- तो आप मंदिर मे करना चाहती है शादी
सी चाची -हाँ
अवी- तो साड़ी पहन लो हम अभी मंदिर चलते है
सी चाची -( ये तो उल्टी चाल पड़ गयी ) शादी रात मे नही की जाती
अवी- बहाने मत बनाइए
सी चाची -कुमकुम तो है ही नही
अवी- रशोई घर मे होगा अभी लेकर आता हूँ
सी चाची -अवी ये पागलपन बंद करो
अवी- आप मेरे साथ खेलना बंद करो
सी चाची -मैं कौन सा खेल खेल रही हूँ तुम्हारे साथ
अवी- आज मुझे पता चला कि आप मेरे साथ खेल खेल रही थी
सी चाची -साफ साफ बोल
अवी- मैं जब भी आपको प्यार करने को बोलता तो आप बड़ी चाची का नाम बोल कर मना कर देती कि बड़ी चाची को बताने के बाद करेंगे , पर सच कुछ और है
सी चाची -यही सच है कि सुमन दीदी के हाँ करने तक हम प्यार नही कर सकते , और शादी भी नही कर सकते
अवी- अब तो झूठ मत बोलो
सी चाची -क्या झूठ बोला है
अवी- आप मेरे साथ सुहागरात इस लिए नही कर रही थी क्यूँ कि आप चाचा की बीवी हो , और आप चाचा को धोका नही देना चाहती थी
मेरी बात सुनते ही चाची ने अपना सर नीचे किया
अवी- सच सुनते ही आप चुप क्यूँ हो गयी
सी चाची -अवी वो मैं
अवी- मेरे साथ ये खेल क्यूँ खेला आपने
सी चाची -मेरी बात सुनो , मैं एक पत्नी हूँ
अवी- चाचा की पत्नी , और मेरी सिर्फ़ चाची , सिर्फ़ चाची हो मेरी
सी चाची -मैं तुझे प्यार करती हूँ , दिल से तुम्हें अपना जीवनसाथी मानती हूँ
अवी- अब तो झूठ मत बोलिए
सी चाची -अवी तूने जो कहा है वो सच है और मैं ने जो कहा वो भी सच है
अवी- दोनो बातें सच कैसे हो सकती है
सी चाची -क्यूँ कि मैं एक औरत हूँ , ऐसी औरत जिसको सब सॅक्रिफाइस करना पड़ता है , अपनी ख़ुसीयो का गला घोंट ना पड़ता है
अवी- मैं समझा नही
सी चाची -तू समझ भी नही सकता , एक औरत के दर्द को कोई समझ नही सकता
अवी- आप बता कर देखो
सी चाची -क्या बताऊ तुम्हें, तुमने तो किसी और को सच मान लिया है
अवी- आप अपना सच बता नही रही थी तो मैं ने अपनी सोच को सच मान लिया
सी चाची -तेरी बात सच है और मैं ने तुझे झूठ नही बोला , मुझसे ज़्यादा अभागन औरत कोई नही हो सकती , तुम्हें अपना सबकुछ मानते हुए तुमसे बहाने बनाने पड़ रहे है कि हम प्यार नही कर सकते
अवी- क्या मतलब
सी चाची -मेरी कुछ ज़िम्मेदारिया है जो मुझे तुमसे प्यार करने को रोक रही है
अवी- ऐसी कौन सी ज़िम्मेदारी है मुझे भी बताओ
सी चाची -तेरी ज़िम्मेदारी है मुझपे, इस घर की ज़िम्मेदारी है , इस फॅमिली की ज़िम्मेदारी है मुझपे
अवी- मैं समझा नही
सी चाची -सुमन दीदी ने मेरे लिए सीमा दीदी के लिए जो किया है उस की वजह से मैं उनकी मर्ज़ी के बिना कुछ नही कर सकती ., दीदी ने हमारे लिए जो कुर्बानी दी है , जो हमे प्यार दिया है उनके मर्ज़ी के बिना मैं तुमसे प्यार कैसे कर सकती हूँ
अवी- ये मुझे पता है आप ने बताया है , पर चाचा कि बात भी सच हैं ना
सी चाची -हाँ, तुम्हारे चाचा की पत्नी हूँ , ऐसे मे मैं तुम्हारे साथ कैसे सो सकती हूँ ,कैसे तुम्हें रात भर प्यार कर सकती हूँ , ये मंगलसूत्र मुझे कुछ नही करने देता , तुम्हें किस करके तुम्हारा दिल रख रही थी ,और तुम्हारे चाचा के साथ वफ़ादार थी, तुमसे प्यार करती हूँ पर पत्नी मैं तुम्हारे चाचा की हूँ
अवी- पर मैं ने आप के साथ चुदाई तो की हैं ना
सी चाची -तब वो ज़रूरी थी , हमे माँ बनना ज़रूरी था , इस फॅमिली के लिए ज़रूरी था , इस लिए हम तुम्हारे साथ चुदाई करके माँ बनी
अवी- तो इसका मतलब है कि , ओह माइ गॉड , आपके माँ बनने के बाद आपने मेरे साथ चुदाई इस लिए नही की , आप अपना पत्नी धर्म निभा रही थी, बड़ी चाची के प्यार मे बँधी थी , .बड़ी चाची को जल्दी बताउन्गी बताउन्गी बोल कर टालती रही ताकि आप अपना पत्नी धर्मा निभा सके ,
सी चाची -हाँ , मुझे अपना पत्नी धर्म निभाना था , और तुम्हारी ज़िम्मेदारी मुझपे थी जिस से तुम्हें थोड़ा प्यार करके खुश रखना था , और सुमन दीदी के मर्ज़ी के बिना नही कर सकती थी
अवी- ( चाची देवी है , चाचा से वफ़ादार रही , अपना पत्नी धर्म निभाया , मुझे थोड़ा प्यार करके ख्याल रखा , बड़ी चाची के प्यार को टूटने नही दिया , उनको बताने तक मुझे लिमिट क्रॉस नही करने दी , चाची देवी है )
( चाची ने मेरे साथ चुदाई तभी की जब फॅमिली को उसकी ज़रूरत थी , चाची को माँ बनना था ताकि चाचा खुश रह सके इस लिए मुझसे माँ बन गयी , पर उसके बाद मुझे कभी लिमिट क्रॉस करने नही दिया , जिस से चाची चाचा से वफ़ादार रही , और मुझे थोड़ा प्यार इस लिए फिया की मेरा दिल ना टूट , साथ ही बड़ी चाची का विश्वास भी टूटने नही दिया , सबको खुश रखा चाची ने )
और मैं चाची के पैरो मे गिर गया
उनके पैर पकड़ लिए
उनके पैरो मे अपना सर राक कर रोने लगा
अवी- चाची आप देवी हो
सी चाची -तुम रो क्यू रहे हो रोने तो मुझे चाहिए , मैं ने तुम्हें अपना मानती हू तुज़े सच नही बता पाई
अवी- सच इतने दर्द देता हो तो उसे छुपा रहना चाहिए
सी चाची -छुपाने से मुझे दर्द हो रहा था
अवी- आपके दर्द को मैं कभी समझ ही नयी पाया
सी चाची -दर्द होते है ऐसे है
अवी- आप ने कितना कुछ अपने अंडर छुपा के राका है
सी चाची -मैं कैसे इस दर्द , इस राज़ के साथ जीती हू मुझे पता है
अवी- आप को प्यार अतुलनिया है
सी चाची -तेरा प्यार भी कुछ कम नही
अवी- (मैं तो चाचा का सच बताने की लिए सब कर रहा था , और मुझे सच पता चला की चाची मुझे प्यार करने से क्यू रोकती है , चाची देवी है )
सी चाची -क्या सोच रहे हो
अवी- मैं अपनी देवी को देख रहा हू
सी चाची -अब भी कहेंगा मुझसे शादी करना चाहता है
अवी- करना तो चाहता हू पर अबी नही , सही समय का इंतज़ार करूँगा
सी चाची -( अवी तूने मुझे मार डाला था आज )