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मैं और मेरा परिवार

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मामी फ्रेश होने के लिए बाथरूम मे चली गयी.

और मैं कपड़े पहन कर सोचने लगा कि अब क्या किया जाय.

एक तो मैं ने सुबह मिसेज़ दूबे को प्रॉमिस किया था कि शाम को उनके साथ चुदाई करूँगा.

पर अब मामी ने मुझे एक जोरदार झटका दिया.

सुबह अगर मुझे पता होता कि मामी आज रात यही रुकने वाली है तो मैं मिसेज़ दूबे को शाम के लिए हाँ नही करता.

एक तरफ मामी और दूसरी तरफ मिसेज़ दूबे .

मामी ने कहा था कि किसी ने तो बेल बजाई थी. वो मिसेज़ दूबे ही होगी.

मतलब मिसेज़ दूबे की चूत मे खुजली हो रही है.

मैं ने सुबह मिसेज़ दुबे को प्रॉमिस कर के उस खुजली को बढ़ा दिया था.

मैं क्या करूँ,एक तरफ मामी और दूसरी तरफ मिसेज़ दूबे.

मामी तो कल चली जाएँगी. मतलब मेरे पास आज का मोका है मामी के साथ चुदाई करने का.

मिसेज़ दूबे जी तो चुदाई मैं कर चुका था.

आज मुझे मामी के साथ चुदाई करनी होगी.

मिसेज़ दूबे को कल चुदाई करने के लिए मनाता हू.

मतलब कल भी मुझे यही रुकना होगा.

बड़ी चाची और कोमल का क्या करू.छोटी चाची को बता देता हू कि बड़ी चाची को संभाल ले.

मैं ने पहले छोटी चाची का कॉल किया.

अवी-हेलो चाची

सी चाची-अवी तू कहाँ है, तुझे 7.00 बजे आने को कहा था ना अब तो 8.30 बज गये है.तू आज मुझे मरवाने पे तुला है.अब बोल ना कहाँ है

अवी-चाची आप रुकेंगी तभी तो मैं बोलूँगा ना

सी चाची-हाँ, बोल

अवी-चाची मैं आज नही आ पाउन्गा.

सी चाची-क्यू?

अवी-वो मैं कल बताउन्गा

सी चाची-पर दीदी

अवी-बड़ी चाची को आप संभाल लो

सी चाची-पर अब मैं क्या कहूँगी.दोपेहर मे किसी तरह संभाल लिया था .

अवी-एक काम कीजिए, आप बड़ी चाची को बताइए कि पंकज के घर मे फॅमिली झगड़ा हो गया है.इस लिए मैं पंकज के साथ हूँ .

सी चाची-हा ये ठीक रहेंगा. पर कल जल्दी आ जाना

अवी-कल दोपेहर तक आ जाउन्गा

सी चाची-दोपेहर तक वैसे तू कर क्या रहा है.

अवी-वो लंबी कहानी है वो मैं आपको आने के बाद बताउन्गा.

सी चाची-ठीक है. अपना ख़याल रखना

बड़ी चाची का तो हो गया. छोटी चाची कोमल को भी बता देंगी.

अब सब से बड़ा काम बाकी रह गया था.वो था मिसेज़ दुबे को समझाना.साथ मे खाना भी लाना था

मैं पहले मिसेज़ दूबे के घर चला गया. फिर होटेल जाकर खाना ले आउन्गा.

मैं ने मिसेज़ दूबे के घर की बेल बजाई

थोड़ी देर बाद मिसेज़ दूबे ने गेट खोला. मुझे सामने देख कर खुश हो गयी और साथ मे दुखी हो गयी.

अवी-अंदर नही बुलाओगी

मिसेज़ दूबे-तुम....अंदर मेरे पति नहा रहे है, तुम बाद मे आना

अवी-मुझे बस एक मिनिट आप से बात करनी है.

मिसेज़ दूबे-जल्दी कहो, मेरा खाना जल जाएगा.

अवी-आज मैं आपके साथ

मिसेज़ दुबे-अभी नही कर सकते .मेरे पति घर पर है. कल देखते है.

अवी-मैं भी वही कहने आया था.

मिसेज़ दूबे-अब जाओ यहाँ से

अवी-एक और बात है

मिसेज़ दुबे-क्या?

अवी-आपने खाने मे क्या बनाया है

मिसेज़ दूबे-नोन्वेज बनाया है

अवी-एक काम कीजिए 2 लोगो के लिए खाना पॅक्ड करके दीजिए

मिसेज़ दूबे-खाना,फिर मैं क्या करूँगी.

अवी-आप फिर बना लेना

मिसेज़ दूबे-नही

अवी-फिर कल का भी कॅन्सल.

मिसेज़ दूबे-ठीक है देती हू यहीं रूको

मिसेज़ दूबे ने अंदर जाकर खाना पॅक्ड कर के मुझे दिया.

एक साथ 2 काम हो गये. मिसेज़ दुबे अपने आप मान गयी और फ्री मे घर का खाना भी दे दिया.

 


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ये तो मेरे लिए अच्छा हुआ जो मिसेज़ दूबे खुद कल चुदाई करने के लिए मान गयी.

अगर नही मानती तो मैं मिसेज़ दूबे को कहने वाला था कि कल आपकी 2 बार चुदाई करूँगा .

2 बार चुदाई करने के नाम से मिसेज़ दूबे मान जाती.

पर मेरे कुछ कहने से पहले मिसेज़ दूबे मान गयी. मतलब कल सिर्फ़ 1 बार मिसेज़ दूबे के साथ चुदाई करूँगा.

वैसे भी कल दोपेहर से जो मैं ने चुदाई शुरू की थी वो अभी तक चालू थी.और कल भी चलती रहेंगी.

रात मे भी मामी की चुदाई करनी है. और कल मिसेज़ दूबे की .

अगर कल मिसेज़ दूबे की 2 बार चुदाई करनी पड़ती तो मैं तो मर जाता.

जो होता है वो अच्छे के लिए होता है.

मैं खाना लेकर मामी के पास आ गया

मामी फ्रेश होकर मेरा इंतज़ार कर रही थी.वो भी बिना कपड़ो के

मामी-इतनी जल्दी खाना भी लेकर आ गये

अवी-मैं आपको भूका थोड़ी रहने देता

मामी-पर इतनी जल्दी कहाँ से लेकर आ गये. और खुश्बू तो अच्छी आ रही है

अवी-खुश्बू क्या स्वाद भी अच्छा होगा

मामी-किस होटेल से लेकर आए हो

अवी-ये होटेल का नही घर का खाना है

मामी-घर का, घर से लेकर आए हो

अवी-हाँ,

मामी-किसके घर से

अवी-मिसेज़ दूबे के घर से

मामी-उसके घर से, फिर मैं नही खाउन्गी

अवी-खा कर तो देखिए

मामी-मैं नही खाने वाली उसके हाथ का

अवी-मिसेज़ दूबे ने अपने हाथ से बनाया है, स्पेशल आपके लिए

मामी-मेरे लिए

अवी-हाँ आपके लिए और मिसेज़ दूबे ने आपको सॉरी भी कहा.अब तो खा लो

मामी-अगर वो इतनी अच्छी है तो कल मुझे घर के अंदर क्यू नही बुलाया

अवी-(अब मैं आपको क्या बताऊ) घर के अंदर उनका बाय्फ्रेंड था जिसकी वजह से ..

मामी-समझ गयी

अवी-आप तो जल्दी समझ रही हो

मामी-सब तुम्हारे साथ का नतीज़ा है.चलो खाना खाते है

मामी और मैं खाना खाने लगे . खाना काफ़ी टेस्टी था. मामी तो हर नीवाले के साथ खाने की तारीफ कर रही थी.

खाना खाने के बाद मामी ने मुझे पंकज को कॉल करने को कहा और मोबाइल स्पीकर पर डालने को कहा.

मैं ने पंकज को कॉल किया

अवी-हेलो पंकज, क्या हाल है. पार्टी का हॅंगओवर उतरा कि नही

पंकज-कुछ मत पूछ मैं यहाँ टेन्षन मे हू

अवी-क्या हुआ

पंकज-मामी बिना बताए कहाँ गयी कुछ पता नही चल रहा है

अवी-क्या बात कर रहा है. मामी गायब है,कहाँ गयी

पंकज-पता नही पर मामा के साथ झगड़ा कर के गयी है

अवी-किस बात पे झगड़ा हुआ है

पंकज-वो तो मुझे नही पता ,हम मामा से पूछ रहे है पर वो भी नही बता रहे.पता नही मामी कहाँ गयी झगड़ा करके

अवी-फिर तो अपने मायके गयी होगी

पंकज-वहाँ पर भी नही है

अवी-फिर अपनी किसी सहेली के यहाँ गयी होगी

पंकज-मुझे भी ऐसा लग रहा है पर मामा तो टेन्षन मे है वो तो पोलीस के पास जाने की बात कर रहे है

मामी ने ना मे गर्दन हिला कर मुझे पंकज को रोकने के लिए कहा.

अवी-मामी गुस्से मे अपनी सहेली के पास गयी होगी. कल तक आ जाएगी. कल तक के लिए इंतज़ार कर ले

पंकज-मामा सुन ने को तय्यार नही है

अवी-तू समझा मामा को .अगर पोलीस के पास गये तो बदनामी हो जाएगी

पंकज-ठीक है देखता हू मामा को पटा कर

फिर पंकज ने कॉल कट कर दिया.

 


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अवी-ये क्या आप घर पर बिना बताए आ गयी

मामी-हाँ,

अवी-सब आपके लिए परेशान हो रहे है.

मामी-थोड़ा उनको भी परेशान होने दो

अवी-कम से कम आप एक फोन तो कर लो

मामी-आज नही कल करूँगी जो करना है.अब तुम इस बात पे सवाल पूछना बंद करो

अवी-दिखा है,कुछ और टॉपिक पर बात करते है

मामी-क्यू बात करने मे टाइम बर्बाद कर रहे हो ,

अवी-तो क्या ..

मामी-चलो चुदाई शुरू करते है

अवी-अबी तो खाना खाया है थोड़ी देर बाद चुदाई का खेल शुरू करते है.

मामी-ठीक है

अवी-मामी आपको मेरा एक काम करना होगा.

मामी-हाँ ,बोलो

अवी-आप पंकज की मम्मी को कुछ मत बोलना और मामा से भी बोलना कि पंकज की मम्मी को ये ना पता चले कि आपको उनके बारे मे पता है. वरना पंकज की मम्मी मुझ पर गुस्सा हो जाएँगी.

मामी-मैं तो पंकज की मम्मी को कभी माफ़ नही करूँगी.

अवी-मत करना पर मेरा इतना काम तो आपको करना होगा.

मामी-तुम्हारे लिए कुछ भी करूँगी ,पर तुम मुझसे ऐसा क्यू करवाना चाहते हो

अवी-आपको तो पता है कि मैं पंकज की मम्मी के साथ सेक्स करता हूँ, आपको सच बताने के लिए उनका इस्तेमाल किया है. ये बात उनको पता चली तो वो मेरे साथ सेक्स नही करेंगी. और दूसरी बात

मामी-और दूसरी बात

अवी-अगर ये बात सिर्फ़ आपके और आपके पति के बीच रहेंगी तो आप पंकज के घर कभी भी आ सकती है. पहले की तरह , फिर आप और मैं

मामी-समझ गयी. हमारे बारे मे है तो वैसा ही करूँगी जैसा तुम ने कहा है. ऐसा करने से ईशा को भी कुछ पता नही चलेंगा वरना मैं सोच रही थी कि उसको पता चलेंगा तो क्या होगा.

अवी-चलो आप खुश तो मैं खुश ,और सब आपके कंट्रोल मे

मामी-मेरे नही तुम्हारे कंट्रोल मे ,

देखते देखते 1 घंटा होगा. रात के 10.30 बज गये

मामी-अब शुरू करते है

अवी-हाँ करते है पर अब मैं आपकी गंद मारूँगा

मामी-मार लो पर पहले मुझे तो तुम्हारे उपर उछलने दो

अवी-तो हो जाओ उछलने के लिए तय्यार

मामी-पहले एक बार मेरी चूत चूसो ना

अवी-अबी नही रात मे जब करूँगा तब चूसूंगा. इस बार डाइरेक्ट शुरू करते है

इतना कह कर मैं कपड़े निकाल कर बेड पर लेट गया.

मामी ने पहले लंड को मुँह मे एक बार डाल कर अपने थूक से गीला कर दिया.

और फिर मेरे उपर आकर बैठने लगी.

मामी ने लंड को हाथ मे पकड़ कर चूत पे रख कर लंड पर बैठने लगी.

मामी पहले तो धीरे धीरे बैठी पर जब आधा लंड अंदर गया तब मामी एक झटके मे नीचे बैठ गयी.

लंड मामी की चूत मे चला गया. पर मामी ने लंड पर उछलना शुरू नही किया.

मामी चूत मे वैसे ही लंड रख कर मेरे तरफ झुक गयी. मामी के झुकते ही मैं ने मामी के बूब्स को पकड़ लिया और मसल्ने लगा.

मामी फिर भी मेरे उपर झुकती गयी और मेरे होंठो पर किस कर के ,मुझे धक्के मारने को कहा.

मुझे लगा था क़ि मामी मेरे लंड की सवारी करेंगी .

मुझे क्या था मैं धक्के मारने लगा.मामी भी उपर से मेरे लंड पर उछलने लगी.

तो मामी डबल मज़ा लेना चाहती है.

मामी ने आज खुद को मेरे नाम कर दिया है. हमेशा के लिए मामी मेरी हो गयी.

मामी अपनी टॅंक पूरी खाली करने को तय्यार थी और मैं उनका पानी पीने को तय्यार था.

मामी का बदन जो सुबह फिट था वो मेरे धक्को से ढीला पड़ गया था.

मामी के टाइट बूब्स को ढीला कर दिया था. चूतड़ को पिल्लो की तरह नरम कर दिया था.

मामी का बदन सुबह से लेके अब तक पूरा टूट चुका था.

हम थोड़ी देर ऐसे ही मज़ा लेते रहे फिर मामी का पानी निकलते ही मैं ने मामी को पलट दिया.

अब मामी मेरे नीचे थी और मैं मामी के उपर था.

अवी- मामी अब मेरी बारी,

मामी-पहले चूत फिर गंद .

अवी-ठीक है

मामी के बदन मे भी आग लगी थी.जो मैं अपने पंप से धक्के मारकर बुझा ने लगा.

मामी मेरे धक्को का पूरा साथ देने लगी.

बार बार शीष्कारियाँ लेकर अहहहा हहा हाहाहा हाहाहा कर करके मुझे बोलती बहुत अच्छा लग रहा है .और ज़ोर से मारो.

मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मार कर पूरा लंड मामी की चूत मे डाल कर चूत को फाड़ने लगा.

मेरी गति बढ़ने से मामी ने अपने दोनो पैर मेरी पीठ पर डाले और मुझे पकड़ रखा था.

मैं ज़ोर ज़ोर से लंड को अंदर बाहर कर ने लगा मामी चिल्ला रही थी कि तुम आअहह...कितने... अच्छे...आअहह...ऐसे ही...यह क्या ... और ज़ोर से और ज़ोर से फाड़ मेरी चूत... हहहः अवी... अहहहः और मामी उछल उछल के लंड को अंदर लेने लगी

मैं मामी के बूब्स दबा के गांद दबा के चोदता रहा .

फिर मामी का दुबारा पानी निकालने के बाद मैं ने मामी को पलटा कर मामी को घोड़ी बना दिया.

मामी की गंद देख के मैं बोला मामी क्या मस्त गंद है .जब भी देखता हू गंद मारने का मन होता है.

फिर मैं ने लंड को 2 झटकों मे मामी की गंद मे डाल दिया. और धक्के मारने लगा.

मामी की गंद फिर टाइट हो गयी थी जिस से मुझे गंद मारने मे मज़ा आ रहा था.

मामी भी गंद मे लंड का मज़ा ले रही थी.

मामी शीष्कारिया ले रही थी चोद चोद चोद हा हः आआहहहः उूुुुुुुुुउउ रररररर्र सूउसुसुसुसुसुसूस वूओवववव अवी पहली बार पिछे से चुदवा कर मज़ा आ रहा है.

मैं मामी की बात सुनकर खुश हो गया और ढका धक शॉट मारने लगा

मामी फिर मेरे लंड की सवारी करना चाहती थी पर मुझे तो गंद मारनी थी.

मामी के आगे मुझे झुकना पड़ा. मैं बेड पर लेट गया और मामी मेरे लंड पर बैठ गयी.

मामी ने ये क्या किया मामी तो गंद मे लंड लेकर मेरे उपर बैठ गयी.

चलो मामी और मेरी ,दोनो की इच्छा पूरी हो गयी.

मामी मेरे लंड पर उछल कूद करने लगी.

मैं भी नीचे से मामी की गंद मे धक्के मारने लगा.

ऐसा थोड़ी देर चलने के बाद मैं ने फिर से मामी को घोड़ी बना दिया और आख़िरी झटके मारने लगा

फिर मैं ने मामी की गंद मे आख़िरी धक्का मारा और पिचकारी से मामी की गंद भर दी .

मामी की गंद मे वीर्य डालते ही मामी मेरे उपर गिर गयी.

 


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मामी की चूत और गंद मार कर मज़ा आ गया.

मामी की चुदाई करने के बाद मामी मेरे उपर गिर गयी.

फिर नॉर्मल होने के बाद मामी की गंद से मैं ने लंड निकाल लिया.

मामी-तुम हो कौन

अवी-अवी

मामी-ऐसे नही, तुम मे ऐसा है क्या जो हर चुदाई मे तुम ऐसा मज़ा देते हो कि मैं बता नही सकती

अवी-मतलब आपको मेरे साथ चुदाई करने मे मज़ा आया

मामी-हाँ, आज जैसी तुम ने मेरी चुदाई की है वैसी चुदाई मेरी आज तक नही हुई,तभी तो पंकज की मम्मी तुम्हारी दीवानी है.

अवी-तो एक बार और करते है

मामी-एक बार और, तुम क्या थकते नही

अवी-ऐसे काम मे कोई थकता थोड़ी है. और वो भी आपके साथ,ये हो ही नही सकता.

मामी-तो तुम्हे एक बार और करना है

अवी-कर लेते है, क्या पता बाद मे कब चान्स मिलेगा पता नही

मामी-ठीक है पर अब बस एक बार उसके बाद नही.

अवी-ठीक है पर पहले थोड़ा रुक जाते है

रुकने से अच्छा था कि हम थोड़ी देर सो जाए .हम बस 1 घंटे के लिए सोने वाले थे पर मामी के बदन से चिपक कर कुछ याद नही रहा.हम दोनो सोते रहे.

आज मामी की 4 बार चुदाई की.

इतनी चुदाई के बाद मुझ मे कुछ भी करने की ताक़त नही बची थी.

मामी तो थक कर सो भी गयी थी.

चुदाई का मज़ा तो ले लिया था .अब बारी थी कल की

कल क्या होगा. मामी चली जाएगी. मिसेज़ दूबे की चुदाई करनी होगी. फिर घर जाकर बड़ी चाची की डाट खानी होगी.

कल जो भी करना है वो कल पर छोड़ देते है.

आख़िरी बार चुदाई करने का सोचा था पर पता नही क्या हुआ जो मैं भी मामी के साथ सो गया.

फिर सुबह 9.00 बजे मामी और मेरी नींद खुल गयी.

मुझे अभी भी शरीर मे थकान महसूस हो रही थी.

मामी उठ कर बाथरूम मे चली गयी.और मैं बेड पर लेट कर कल के बारे मे सोचने लगा.

क्यू ना मैं भी मामी के साथ नहा लूँ.कल रात एक चुदाई मिस कर ली ,उसकी भरपाई मामी के साथ नहा कर निकालता हू.

मैं ने बाथरूम का गेट नोक किया.

अवी-मामी गेट खोलो

मामी-मैं नहा रही हू

अवी-मामी एक मिनिट के लिए गेट तो खोलो

मामी ने गेट खोला,मामी ने टवल पहन रखा था

मामी को टवल मे देख कर मामी के साथ नहाने की इच्छा सर चढ़ने लगी

मामी-क्या है

अवी-मामी साथ मे नहाते है

मामी-साथ मे

अवी-थोड़ी मस्ती करते हुए नहाते है

मामी-कुछ सोच कर ठीक है

मैं मामी के साथ बाथरूम मे आ गया , मामी ने मेरी तरफ देखते हुए टवल निकलना शुरू किया

टवल हटाते समय मेरी आँखे मामी के उपर थी

मामी ने इस बात का फ़ायदा उठाते हुए स्माइल करते हुए धीरे धीरे टवल निकालना शुरू किया

टवल से पहले बूब्स बाहर निकले ,उन को देख कर मेरे मुँह मे पानी आ गया

मामी-अवी ज़्यादा मस्ती नही करेंगे मेरा बदन टूट गया है

मामी ने मेरे उपर बॉम्ब फोड़ दिया चलो कोई बात नही छेड़ छाड़ करके मज़ा लेते है

फिर शवर शुरू करते टांडा पानी हमारे उपर पड़ते ही हम एक दूसरे को चिपक गये

पानी का मज़ा लेते हुए मैं ने मामी के बदन को सोप लगाना स्टार्ट किया

सोप लगा कर मामी के बदन को झाग से छुपा दिया

मामी ने भी मेरे लंड को अच्छे से झाग मे लेते हुए झट से छुपा दिया

फिर मामी के हाथ से सोप नीचे गिर गया ,सोप को उठाने के लिए जैसे ही मामी पलट कर झुक गयी

क्या बताऊ मामी की गंद देख कर मेरा बाबूराव झाग से बाहर निकल कर झटके मारने लगा

मेरे लंड को क्या है चूत या गंद देखी तो झटके मारने लग जाता है , चुदाई के बाद भुगतना तो मेरे शरीर को पड़ता है

वैसे भी मामी ने चुदाई करने से मना किया था उनको आज बहुत कुछ हॅंडल करना था ,और मैं नही चाहता था कि मामी को लास्ट मोमेंट पर नाराज़ करूँ

फिर क्या था मैं मामी के साथ मस्ती करते हुए नहाने लगा.

मामी के साथ नहाते हुए मज़ा आ गया.लेकिन मामी ने चुदाई करने से मना किया .और फिर मिलने का प्रॉमिस किया.

नहाने के बाद मामी और मैं ने कपड़े पहन लिए

मामी-अवी ,तुम्हारे साथ बिताया हुआ समय मैं कभी नही भूलूंगी.

अवी-आपका जो हाल है वही मेरा है.

मामी-मैं दुविधा मे थी कि तुम्हारे पास आकर मैं ने ठीक किया कि नही. पर मेरा ये फ़ैसला सही साबित हुआ. थॅंक्स मुझे इतनी खुशी देने के लिए.

अवी-आपके के लिए कुछ भी.

मामी-अच्छा अब मैं चलती हू.

अवी-आख़िरी बार करना नही है.

मामी-करना तो है. पर मेरी बेटी वहाँ परेशान हो रही होगी. उसके लिए जाना होगा. लेकिन हम फिर ज़रूर मिलेंगे

अवी-चलो मैं आपको छोड़ देता हू

मामी-नही रहने दो

अवी-क्यू?

मामी-क्यू कि किसी ने मुझे तुम्हारे साथ देख लिया तो सब समझेंगे कि मैं तुम्हारे साथ थी...

अवी-कम से कम ऑटो तक छोड़ देता हू

मामी-ठीक है

मैं मामी को ऑटो मे बैठा कर मिसेज़ दूबे के घर चला गया.

 


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मामी के बाद अब बारी थी मिसेज़ दूबे की.

मैं मामी को छोड़ कर मिसेज़ डूबे के घर चला गया. मिस्टर दूबे की कार घर पे नही थी. मतलब मिसेज़ दूबे घर पर अकेली है.

मैं ने बाइक अपने घर 2 के सामने रख दी और मिसेज़ दूबे के घर चला गया.मैं ने बेल बजाई. बेल बजते ही मिसेज़ दूबे ने जल्दी गेट खोल दिया.

मुझे सामने देख कर मिसेज़ दुबे ने मुझे घर के अंदर खीच लिया.

मिसेज़ दूबे-अच्छा हुआ तुम जल्दी आ गये

अवी-क्यू?

मिसेज़ दूबे-जल्दी आने से ज़्यादा देर तक चुदाई कर सकते है.

अवी-मैं सिर्फ़ एक बार करने वाला हू

मिसेज़ दूबे-उदास होते हुए बस एक बार

अवी-हाँ,

मिसेज़ दूबे-इस बार चलेंगा पर अगली बार कम से कम 2 बार तो ज़रूर करना.

अवी-(ये तो पीछे पड़ गयी. जाने दो कुछ नही होता. वैसे भी मैं कितनी बार यहाँ आने वाला हू.) ठीक है.

मिसेज़ दूबे-चलो बेडरूम मे

अवी-चलेंगे पर पहले मुझे खाने को कुछ दो बहुत भूक लगी है

मिसेज़ दूबे-रूको अभी लेकर आती हू

मिसेज़ दूबे किचिन मे चली गयी और मैं आराम से बैठ कर टीवी देखने लगा.

मिसेज़ डूबे मेरे लिए खाना लेकर आ गयी.

मैं ने खाना शुरू कर दिया.

मिसेज़ दूबे मेरे पास बैठ गयी.

अवी-आप बैठी क्यू हैं.

मिसेज़ दुबे-तो क्या करूँ

अवी-डॅन्स करते हुए अपने कपड़े निकालो

मिसेज़ दूबे-मुझे डॅन्स नही आता

अवी-तो क्या आता है

मिसेज़ दूबे-चुदाई करना

अवी-चुदाई के लिए डॅन्स तो करना होगा

मिसेज़ दूबे-पर मुझे डॅन्स नही आता

अवी-आपको डॅन्स करके ऑस्कर थोड़े कमाना है. अब थोड़ी गंद हिलाओ. थोड़े लटके झटके मारो

मिसेज़ दूबे-करके देखती हू

अवी-ठीक से करना

मैं ने टीवी पर सॉंग लगा दिया.और खाना खाते हुए मिसेज़ दूबे का डॅन्स देखने लगा.

मुझे मिसेज़ दूबे के साथ कुछ अलग करने का मन हुआ .

मिसेज़ दुबे डॅन्स करते हुए अपने कपड़े निकालने लगी.

मिसेज़ दूबे इतना बुरा भी डॅन्स नही कर रही थी जितना मैं ने सोचा था.

मिसेज़ दूबे ने अपने बूब्स को हाथो मे पकड़ कर कपड़ो के उपर से डॅन्स करते हुए अपना ब्लाउस निकालने लगी.

मिसेज़ दूबे तो सेक्सी डॅन्स कर रही थी.

ब्लाउस का एक एक हुक निकालते हुए अपने जीभ से बूब्स को चाट लेती.और अपनी कमर हिला रही थी.

मुझे मिसेज़ दूबे का स्टाइल पसंद आ गया.

मिसेज़ दूबे ने ब्लाउस खोल दिया. और साड़ी जो नीचे लटक रही थी उसे भी निकाल लिया.

फिर मिसेज़ दूबे ने ब्रा खोलने के लिए मेरे पास आ कर ,मेरी तरफ पीठ कर नीचे बैठ कर अपनी गंद उपर नीचे हिलाने लगी.

मुझे ये भी स्टाइल पसंद आ गया. मैं ने ब्रा का हुक खोल दिया और पेटिकोट के उपर से हिलाते हुई गंद पर थप्पड़ मार दिया.

मिसेज़ दूबे फिर से अपनी जगह पर जा कर अपने बूब्स को हाथो मे पकड़ कर निपल को जीभ से चाट ते हुए डॅन्स करने लगी.

अब बारी थी पेटिकोट की मुझे लगा मिसेज़ दूबे पेटीकोत का नाडा खोल देंगी पर ऐसा नही हुआ

मिसेज़ दूबे डॅन्स करते हुए अपने हाथो से पेटिकोट को नीचे से पकड़ कर उपर कर दिया. और पेटिकोट को हाथ मे पकड़ कर मुझे पैंटी दिखाते हुए डॅन्स करने लगी.

मिसेज़ दूबे तो मेरी सोच से भी कही ज़्यादा अच्छा डॅन्स कर रही थी.

मैं तो मिसेज़ दूबे के डॅन्स पर फिदा हो गया.

मिसेज़ दूबे पेटिकोट को उपर करके मुझे पैंटी दिखाते हुए मेरे पास आ गयी.

मेरे पास आकर इसी तरह डॅन्स करती रही.जब तक मैं ने उनकी चूत पर पैंटी के उपर से किस नही किया.

मेरे किस करते ही मिसेज़ दूबे ने पेटिकोट नीचे कर दिया. और वही पर 2 3 गोल घूम कर डॅन्स करने लगी.

फिर मेरी तरफ गंद करके डॅन्स करने लगी.

मिसेज़ दूबे की गंद देखते ही मैं ने उनकी गंद पर थप्पड़ मार दिया.

पहला थप्पड़ पेटिकोट के उपर से उनकी गंद पर लगा. दूसरा थप्पड़ पैंटी के उपर से उनकी गंद पर लगा. और तीसरा थप्पड़ चिकनी गंद पर लगा.

मुझे मिसेज़ दूबे का गंद पर थप्पड़ खाने का आइडिया भी अच्छा लगा.

पहले थप्पड़ पर पेटिकोट खोल दिया था.पेटिकोट नीचे गिर गया.

दूसरा थप्पड़ के बाद पैंटी नीचे कर दी थी. पर तीसरा थप्पड़ मारने के बाद पैंटी उपर कर ली.

फिर मिसेज़ दूबे डॅन्स करते हुए पलट गयी. और उंगली पर थूक लगा कर पैंटी के उपर से लंड की तरह अंदर बाहर करने की आक्टिंग कर रही थी.

फिर मिसेज़ दूबे मेरे पास वापस आ गयी और डॅन्स करते हुए मेरी प्लेट मे जो मूली थी वो उठा ली.

और पैंटी के अंदर डाल कर अपनी चूत मे डालने लगी

मुझे दिखाने के लिए पैंटी नीचे कर दी.पैंटी नीचे होते ही मिसेज़ दूबे ने आधी मूली चूत मे डाल कर मुझे दी.

और वापस अपनी जगह पर जाकर नंगी होकर डॅन्स करने लगी.

मैं ने उस मूली को खाना शुरू कर दिया. मिसेज़ डूबे के पानी की वजह से मूली का टेस्ट बढ़ गया

मिसेज़ दूबे के कपड़े भी निकल गये थे और मेरा भी खाना हो गया.

खाना खाने के बाद मैं ने सबसे पहले मिसेज़ दूबे के डॅन्स के लिए तालिया बजाई

 


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मैं ने मिसेज़ दूबे के डॅन्स के लिए तालिया बजाई.

अवी-आप तो बहुत अच्छा डॅन्स करती है

मिसेज़ दूबे-वो तो बस ऐसे ही..

अवी-बातें बाद मे करते है पहले आपकी चुदाई कर लेता हू

मिसेज़ दूबे-तुम ने अभी तो खाना खाया है

अवी-मैं ने बस थोड़ा सा नाश्ता किया है.

मिसेज़ दूबे-तुम भी निकालो कपड़े

अवी-निकालता हू पर पहले मेरी बात सुनो

मिसेज़ दूबे-अब क्या है

अवी-मैं पहले आपकी गंद मारूँगा

मिसेज़ दूबे-जो करना है वो करो, पर मेरी प्यास बुझा दो

अवी-ठीक है. तो बन जाओ मुर्गी

मिसेज़ दूबे-मैं ने घोड़ी सुना है कुत्ति सुना है ये मुर्गी क्या है

अवी-जैसे टीचर स्टूडेंट को मुर्गा बनाते है वैसे मुर्गी बन जाओ

मिसेज़ दूबे-वैसे किया तो प्राब्लम हो जाएगी

अवी-क्यू प्राब्लम होगी

मिसेज़ दूबे-तुम्हारे धक्के मारने से मेरा सर ज़मीन को लगेगा

अवी-नीचे पिल्लो रख देंगे.अब बनो मुर्गी

मिसेज़ दूबे मुर्गी बन गयी. मुर्गी बन ने से मिसेज़ दूबे की गंद बाहर निकल गयी.

मैं ने मिसेज़ दूबे के मुर्गी बनते ही अपने कपड़े निकाल लिए

मैं ने घोड़ी बना कर, कुत्ति बना कर गंद मारी थी. आज मुर्गी बना कर गंद मारने वाला था.

मैं इस नयी पोज़िशन मे चुदाई के नाम से मेरा लंड खड़ा हो गया.

अवी-आपको एक और काम करना होगा

मिसेज़ दूबे-अब क्या करना है

अवी-आपको हर धक्के के साथ मुर्गी की तरह चिल्लाना होगा.

मिसेज़ दूबे-ये तो मैं कर सकती हू

अवी-पर हर धक्का मारने पर आप चिल्लाई तो मैं आपकी एक और बार चुदाई करूँगा

मिसेज़ दूबे-एक और बार फिर तो मैं हर धक्के पर मुर्गी की तरह चिलाउन्गी.

फिर मैं ने मिसेज़ दूबे को सोफे के पास मुर्गी बन ने को कहा. सोफे के पास करने से एक तरफ सोफा होगा और दूसरी तरफ मैं

मिसेज़ दूबे सोफे के पास मुर्गी बन गयी.

मैं ने लंड पर तेल लगा लिया और लंड को मुर्गी की गंद पर रख दिया

मुर्गी पहली बांग देने के लिए तय्यार थी.

गंद पर लंड रख कर एक ज़ोर दार झटका मार कर आधा लंड गंद मे डाल दिया.

आड़ा लंड अंदर जाने पर मुर्गी सिर्फ़ दर्द से चिल्लाई.

मैं ने बिना रुके दूसरा झटका मारा और पूरा लंड मुर्गी की गंद मे डाल दिया.

मुर्गी फिर सिर्फ़ दर्द की वजह से चिल्लाई.

अवी-आप मुर्गी तरह चिल्लाई क्यू नही

मिसेज़ दूबे-तुमने झटके मारे है धक्का कहाँ मारा

अवी-अब धक्का मारता हूँ

मिसेज़ दूबे-थोड़ा रुक जाओ

अवी-ये कॉक रुकता नही

और मैं ने मुर्गी की गंद मे एक धक्का मारा.

मुर्गी के मुँह से कुकड़ू कू निकल गया.

चलो मिसेज़ दूबे मुर्गी बन गयी.

फिर मैं ने धीरे धीरे धक्के मारना शुरू किया.

मुर्गी हर धक्के पर बांग देने लगी कुकड़ू कू.

जब धक्का ज़ोर से लगता तो मुर्गी ज़ोर से कुकड़ू कू चिल्लाती.

और धक्का धीरे मारने पर आराम से मज़ा लेते हुए कुकड़ू कू की आवाज़ निकालती.

मुर्गी ने हाथो को पैरो से होते हुए अपने कानो को पकड़ा हुआ था. जिस से धक्के के बाद गिरने के चान्स थे.

पर अपनी मुर्गी साहसी थी. मेरे धक्के मारते ही अपना बदन सोफे से चिपका देती. जिस से मुर्गी गिर ने बच जाती.

मैं पहले धीरे धीरे धक्के मारते हुए मुर्गी के सॉंग का मज़ा लेने लगा .कुकड़ू कू कुकड़ू कू

मुर्गी का सॉंग सुनकर मेरा जोश बढ़ रहा था.

जोश बढ़ने के साथ मेरी धक्के मारने की गति भी बढ़ रही थी.

गति बढ़ने के साथ मुर्गी के चिल्लाने की गति भी बढ़ रही थी.

ऐसा लग रहा था की मुर्गी ने अपना सॉंग फॉर्वर्ड कर दिया हो

मुर्गी का ध्यान धक्को की तरफ था. मुर्गी मज़े लेते हुए एक भी धक्का मिस नही कर रही थी.

मुर्गी की दुबारा चुदाई तो करनी पड़ेगी.

मुर्गी को पूरी चुदाई बस एक पोज़िशन मे पूरी करनी पड़ रही थी. ऐसा करने से मुर्गी को दर्द हो रहा था पर मज़ा भी आ रहा था.

मुर्गी की गंद मारने के साथ ना मैं कुछ कर रहा था और ना मुर्गी कुछ कर पा रही थी.मतलब गंद मारने के साथ ना बूब्स दब रहे थे ना चूत मे उंगली हो रही थी.ना होंठ से होंठ मिल रहे थे.

पर जितना कुछ हो रहा था उसमे मज़ा आ रहा था.

मुर्गी का हाल बहाल हो रहा था पर मेरा कॉक पूरा मज़ा ले रहा था.

कल की चुदाई की वजह से मेरा कॉक पानी छोड़ ने के लिए तय्यार नही था.पर मुर्गी इतनी हॉट थी कि क्या बताऊ

अपनी कुकड़ू कू के सॉंग से मेरा जोश बढ़ा कर मेरा पानी निकालने की पूरी कॉसिश कर रही थी.

मुर्गी की कुकड़ू कू से मुझे समझ मे आ गया कि मुर्गी को अब दर्द हो रहा है.

मुर्गी का दर्द ख़तम करने के लिए मैं ने धक्को की गति बढ़ा दी.

मुर्गी ने भी उँचे सुर मे सॉंग शुरू कर दिया.

मुर्गी मेरे हर धक्के का पूरा साथ दे रही थी.

ऐसे ही एक दूसरे का साथ दे कर मैं ने अपना वीर्य मुर्गी की गंद मे डाल दिया.

वीर्य से गंद भर ने के बाद मैं ने लंड मुर्गी की गंद से बाहर निकाल लिया.

मुर्गी के दोनो छेद बंद हो गये. एक गंद और दूसरा मुँह दोनो बंद हो गये.

 


441

मुर्गी की गंद मारने के बाद, मिसेज़ दूबे की गंद मारने के बाद मैं ने उनकी गंद से लंड बाहर निकाल लिया.

लंड बाहर निकालते ही मिसेज़ डूबे खड़ा होना चाहती थी पर उनका बदन मुर्गी बन ने से अकड़ गया था.

फिर भी मिसेज़ दूबे खड़ी हो गयी. मिसेज़ दूबे के खड़े होते ही हड़िया टूटने की आवाज़ आ गयी.

मिसेज़ दूबे खड़ी होकर अपने बदन की अकड़न निकालने लगी.

फिर मिसेज़ दूबे सोफे पर लेट गयी. और खुद को रिलॅक्स करने लगी.

मैं फ्रेश होने के लिए बाथरूम मे चला गया.

मिसेज़ दूबे कम से कम1 घंटे तक सोफे पर लेट कर आराम करती रही. तब तक मैं फ्रेश हो गया. किचन मे जाकर पानी पिया. और टीवी पर मूवी देखने लगा.

मिसेज़ दूबे-तुम हर बार मेरा दम निकाल देते हो

अवी-आपकी गंद ही ऐसी है कि दम निकालना पड़ता है

मिसेज़ दूबे-तुम ने अपना मज़ा तो कर लिया अब मुझे मज़ा करने दो

अवी-तो आप तय्यार है फिर लंड लेने के लिए

मिसेज़ दूबे-हाँ पर चूत मे

अवी-ठीक है ,अब सिर्फ़ चूत

मिसेज़ दूबे-हाँ, पर इस बार मैं मुर्गी नही बनूँगी.

अवी-मुर्गी नही तो खरगोश बन जाइए

मिसेज़ दूबे-खरगोश

अवी-आप मेरे लंड पर खरगोश की तरह जंप मारिए

मिसेज़ दूबे-नही मार सकती

अवी-क्यू ,

मिसेज़ दूबे-मुर्गी बन ने से बदन अकड़ गया था अब खरगोश बन गयी तो मुझे हॉस्पिटल मे भरती करना होगा

अवी-उस पे भी एक उपाय है. आप पहले 5 मिनिट पूरा लंड चूत से बाहर निकाल कर खड़ी हो कर फिर लंड पर बैठ जाना. और उसके बाद लंड पर उछलना.

मिसेज़ दूबे-ठीक है ,पर पहले मैं फ्रेश होकर आती हू

अवी-जाइए ,

मिसेज़ दूबे बाथरूम की तरफ जाने लगी

अवी-आपने ऐसा डॅन्स करना कहाँ से सीखा

मिसेज़ दूबे-ऐसे ही आ गया

फिर मिसेज़ दूबे फ्रेश होकर आ गयी.

मिसेज़ दूबे-चलो शुरू करते है

अवी-पहले खड़ा तो करो

मिसेज़ दूबे-अभी करती हू

फिर हम बेडरूम मे चले गये.बेडरूम मे जाते ही मैं बेड पर लेट गया.

अवी-मैं कुछ नही करूँगा जो करना है तुम करो

मिसेज़ दूबे ने कुछ नही कहा वो बेड पर आकर मेरे लंड को चूस कर खड़ा करने लगी.

मिसेज़ दुबे की चूत मे कुछ ज़्यादा ही खुजली हो रही थी. जिस के चलते मिसेज़ दूबे ने मेरा लंड बहुत जल्दी खड़ा कर दिया. और ऐसा खड़ा किया कि वो लोहे की रोड की तरह हो गया.

लंड खड़ा होते ही मिसेज़ दूबे मेरे उपर आ गयी. और लंड पर चूत रख कर एक झटके मे नीचे बैठ गयी.

खुद एक झटके मे लंड पर बैठी और खुद चिल्ला रही थी.

चिल्लाना हो जाने के बाद मिसेज़ दूबे खड़ी हो गयी. लंड चूत से बाहर आ गया.

मिसेज़ दूबे फिर लंड पर निशाना लगा कर बैठ गयी. फिर खड़ी हो गयी.

मिसेज़ दूबे उठक बैठक लगा रही थी.

मिसेज़ दूबे ने 10 12 बार ऐसा किया.उसके बाद उन से और करना पासिबल नही.

मिसेज़ दूबे-मुझ से और खरगोश की तरह करना नही होगा.

ये खरगोश था. मुझे लगा उठक बैठक लगा रही है

अवी-आपको जैसा करना है वैसा करो

मिसेज़ दूबे मेरी बात सुनकर खुश हो गयी. और लंड पर उछलना शुरू कर दिया.

मिसेज़ दूबे ज़्यादा से ज़्यादा कितनी देर उछल सकती थी.

मिसेज़ दूबे 5 मिनिट तक उछलती रही. फिर वो थक गयी.

मिसेज़ डूबे-तुम भी कुछ करो, मैं तो थक गयी.

अवी-मैं करूँगा तो गंद मे लंड होगा.

मिसेज़ दूबे-रहने दो मैं खुद कुछ करती हू.

फिर मिसेज़ दूबे बस लंड को चूत मे रख कर अपनी गंद को गोल गोल घुमाने लगी.

कभी लंड पर उछलने लगती और कभी गंद को गोल गोल घुमा देती.

मुझे तो मिसेज़ दूबे के साथ चुदाई करने मे मज़ा आ रहा था.

मिसेज़ दूबे आधे से ज़्यादा समय लंड पर उछल रही थी और बाद मे मेरे लंड को मुँह मे लेकर चूसने लगी.

मिसेज़ दूबे तब तक चूस्ति रही जब तक मेरा वीर्य निकल नही जाता.

मतलब मिसेज़ दूबे मेरे लंड पर उछल कर थक गयी थी.

मिसेज़ दूबे के मुँह मे वीर्य डालने के बाद हम दोनो बेड पर लेट गये .और आराम करने लगे

 
442

2 बार मिसेज़ डूबे की चुदाई करने के बाद मैं थक चुका था.

मुझ मे कुछ करने की ताक़त नही थी,

मुझे अब आराम करने की सख़्त ज़रूरत थी.पर यहाँ आराम किया तो कल की तरह 7.00 8.00 बजे तक सोता रहूँगा. मतलब 6 -7 घंटे तो सोता रहूँगा.

मैं यहाँ सोने की जगह घर जाकर सो गया तो अच्छा रहेगा.

अगर यही सो गया तो क्या पता मिसेज़ दूबे फिर चुदाई करने को कहेंगी.

मुझे यहाँ से जाना होगा.

मैं बची हुई ताक़त लगा कर खड़ा हो गया.

और बाथरूम मे फ्रेश होने के लिए चला गया.

मैं बाथरूम को जाने से पहले मिसेज़ दूबे को टी बनाने के लिए कहा.

मैं फ्रेश होने के बाद टी पी कर थोड़ा तरो ताज़ा हो गया.

फिर कपड़े पहनने लगा.

मिसेज़ दूबे-जा रहे हो

अवी-हा

मिसेज़ डूबे-फिर कब आओगे

अवी-जल्दी आउन्गा

मिसेज़ दुबे-जल्दी मतलब कितने दिनो बाद

अवी-जब इधर चक्कर हो गया तो तब करेंगे

मिसेज़ दूबे-थोड़ा जल्दी आ जाना

अवी-देखते है

फिर मैं मिसेज़ दुबे की गंद पर थप्पड़ मार कर बाइक के पास चला गया.

मैं बाइक के पास गया था कि मुझे अपने घर के पास एक लड़की बैठी हुई मिल गयी.

मैं बाइक के पास आते ही वो लड़की मेरे पास आ गयी

सेल्सगर्ल-तो आज मिल ही गये तुम

मैं ने उस लड़की की तरफ देखा. मुझे उसका चेहरा कुछ याद था पर मुझे याद नही आ रहा था कि वो कौन है.

मैं ने अपने दिमाग़ पे ज़ोर डालने की बजाय उसको पूछना ठीक समझा

अवी-क्या हम पहले मिल चुके है

सेल्सगर्ल-तुम मुझे भूल गये.

अवी-(ये क्या कोई महारानी है जो इसे याद रखूं) भुला नही पर याद नही आ रहा

सेल्सगर्ल-मैं सेल्सगर्ल हू. अब याद आया

अवी-नही

सेल्सगर्ल-2 महीने पहले तुम ने जबर दस्ती एक औरत के घर पर मेरे साथ

अवी-हाँ याद आया(ये तो वही है जिसकी चूत मारी थी मिसेज़ वर्मा के घर पे पर अब ये यहाँ क्या कर रही)

सेल्सगर्ल-चलो याद तो आया

अवी-पर तुम यहाँ क्या कर रही हो

सेल्सगर्ल-ये भी भूल गये ,तुम ने मुझे बुलाया था एक और बार करने के लिए

अवी-(हाँ इसकी गंद मारने के लिए मैं ने बुलाया था. ये अभी तक यहाँ आ रही है )हाँ पता है. पर वो तो मैं ने 2 महीने पहले कहा था तुम क्या तब से रोज यहाँ आ रही हो

सेल्सगर्ल-उस दिन तो तुम आए नही. मैं तुम्हारा इंतज़ार करके वापस चली गयी. उसके बाद 1 हफ्ते तक यहाँ आकर देखती थी पर यहाँ पर ताला लगा हुआ रहता था.

अवी-फिर आज कैसे

सेल्सगर्ल-मैं आज यहाँ पर कुछ समान बेचने आई थी तो घर के सामने बाइक देखी तो सोचा तुम यही कही होगे ,इस लिए मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रही थी.

अवी-(क्या बात है. मुझे तो लगा था कि इसकी कुवारि गंद मेरे हाथ से निकल गयी) तो तुम करना चाहती हो मुझे तो लगा. और तुम्हे इतने पैसे मिलने के बाद भी तुम समान बेच रही हो

सेल्सगर्ल-उन पैसो से घर खरीदा और बाकी पैसे बॅंक मे रख दिए.

अवी-ये अच्छा किया

सेल्सगर्ल-वो सब छोड़ो ,चलो घर के अंदर जाकर करते है

अवी-मैं आज नही कर सकता

सेल्सगर्ल-क्यू?

अवी-(इसकी कुवारि गंद मारी तो आज भी यही रुकना होगा जो मैं नही कर सकता.)मुझे एक ज़रूरी काम है

सेल्सगर्ल-फिर कब करेंगे

अवी-(क्या खूब लड़की है, पैसे मिलने के बाद मज़े करने चाहिए पर ये तो यहाँ अपनी गंद मरवाने के लिए उछल रही है) आज नही कल करेंगे.

सेल्सगर्ल-कल. पक्का ना

अवी-हाँ,वैसे तुम ने किसिके साथ किया है

सेल्सगर्ल-नही, बस अब तक एक बार किया है ,वो भी तुम्हारे साथ

अवी-(इसकी गंद तो मारनी ही पड़ेगी. पर कल फिर से पिछली बार की तरह हो गया तो) तुम्हारा नाम और अड्रेस बता दो

सेल्सगर्ल-वो क्यू?

अवी-अगर कल नही आ पाया तो तुम्हारे घर आ सकता हू .

सेल्सगर्ल- मैं पुराने नगर मे रहती हू. घर नंबर 253 है

अवी-तो कल मिलते है

सेल्सगर्ल-पिछली बार की तरह मत करना.

अवी-नही करूँगा

फिर मैं बाइक लेकर अपने गाओं की तरफ निकल पड़ा

 


443

मैं ने सेल्सगर्ल को प्रॉमिस किया कल हम चुदाई करेंगे. उसके बाद मैं बाइक लेकर अपने गाओं चला गया.

सेल्सगर्ल अजीब थी, चुदाई करने के लिए...जाने दो मुझे क्या है मुझे तो उसकी चुदाई करनी है. और वो सेल्सगर्ल है, क्या पता उसका कभी काम पड़ जाए. क्यू कि सेल्सगर्ल दूसरो को मनाते अच्छे है.

मैं गाओं की तरफ इस लिए जा रहा था कि मेरे ना होने पर कोमल भी 2 दिन से कॉलेज गयी या नही.इस लिए मैं सीधा गाओं जा रहा था.

इस 2 दिन मे रानी से भी बात नही कर पाया. पहले रानी को कॉल करना होगा.

मैं ऐसे ही इधर उधर के बारे मे सोच रहा था कि आगे से एक कार जो फुल स्पीड से आ रही थी वो मुझे कट मार गयी.

मैं अपने ख़यालो मे डूबा हुआ था जिस से मैं बाइक पर कंट्रोल नही कर पाया और बाइक के साथ रोड से नीचे गिर गया.

मैं ने उस कार की तरफ देखा वो कार भी आगे जाकर रुक गयी थी.

फिर वो कार मेरी तरफ पीछे आ गयी.

मैं ने कार पहचान ली थी. ये कार हमारे गाओं के ठाकुर की कार थी.

ठाकुर की कार मतलब कुछ भी हो ग़लती मेरी ही होगी. पर ये कार पीछे क्यू आ रही थी.

ठाकुर की हमारे गाओं मे बहुत चलती थी.ठाकुर की 2 बीविया थी. पहली के मर जाने के बाद ठाकुर ने दूसरी शादी की थी.

ठाकुर की दूसरी बीवी जो ठाकुर से 20 साल छोटी है उसको पूरा गाओं ठकुराइन कहता है.

ठाकुर की पहली बीवी से 2 बेटे है .और दूसरी बीवी से 1 बेटी थी. दूसरी बीवी से बेटी होने के बाद ठाकुर कुछ करने की हालत मे नही थे.

बड़े बेटे का नाम ठाकुर रणजीतसिंघ है. जिस की शादी हो चुकी थी. और उसका 1 बेटा और बेटी है .दोनो शहर मे रह कर पढ़ाई कर रहे है. ठाकुर रंजीत सिंग की बीवी का नाम कामिनी है.

ठाकुर के दूसरे बेटे का नाम कुवरसिंघ है. जिस ने रति का रेप किया था. इसकी शादी 2 साल पहले हुए थी. इस की बीवी को अभी तक किसी ने देखा नही है.

इसकी बीवी का नाम रश्मि है

ठाकुर की बेटी उनकी जान है.सब से प्यारी और सेक्सी. उस का नाम पायल है.

इन सब मे मैं ने सिर्फ़ ठाकुर और ठकुराइन को पंचायत मे देखा था. बाकी किसी को भी मैं नही जानता था ,मतलब पर्सनली नही जानता था.बस उनके बारे मे चाची से सुना था. 3 4 बार हवेली जाने को मोका आया था पर मैं किसी ना किसी से वजह से जा नही सका.

चाची ने मुझे ठाकुर की फॅमिली से हमेशा दूर रखा था ,ठाकुर मेरे दादाजी के दोस्त थे फिर भी मैं उनके बारे मे बहुत कम जानता था

बड़ी चाची हमेशा कहती है कि ठाकुरों की ना दोस्ती अच्छी होती और ना दुश्मनी.

ठाकुर की कार मेरे पास आ गयी.

मैं चुप चाप खड़ा होकर उनके कुछ कहने का इंतज़ार कर रहा था.

कार मेरे पास आकर रुक गयी. मैं ने कार की तरफ देखा ,कार एक लड़की चला रही थी.

शायद वो ठाकुर की लड़की पायल होगी. मैं ने कभी उसे देखा नही था.

कार के पीछे से ठाकुर साब उतर गये.

ठाकुर-ए लड़के देख कर नही चला सकता.

अवी-(मैं तो ठीक से चला रहा था पर ये ठाकुर है) जी वो ग़लती हो गयी.

कुवरसिंघ-क्या ग़लती हो गयी. कार को खरॉच आ जाती तो तेरी धुलाई करता

अवी-मैं ने मुन्डी नीचे कर ली

कार मे से रणजीतसिंघ भी उतर गया.

कुवरसिंघ-ए लड़के किस गाओं के हो जो हमारी कार देख कर भी ग़लती कर ली

अवी-मैं ने गाओं का नाम और साथ मे अपना पूरा नाम बता दिया

गाओं मे ठाकुर के बाद हमारी फॅमिली का नंबर आता था

मेरा पूरा नाम सुनते ही ठाकुर साब थोड़े नॉर्मल हो गये

ठाकुर-तुम योगेन्द्र सिंग के पोते हो

अवी-(योगेन्द्र सिंग मेरे दादाजी का नाम है) जी

ठाकुर-तुम ने पहले क्यू नही बताया. ये कुवरसिंघ भी ना किसी पर भी गुस्सा हो जाता है.

ठाकुर-योगेन्द्र सिंग की तबीयत कैसी है

अवी-जी वो अब अच्छे है

ठाकुर-क्या अभी तक आश्रम मे है

अवी-हाँ

ठाकुर-इतना बड़ा झटका जो लगा था जिस से योगेन्द्र की तबीयत खराब हो गयी

अवी-(कौन से झटके की बात कर रहे है पता नही, इनको तो पूछ भी नही सकता, चाची को पूछूँगा.)

ठाकुर-अपना ख़याल रखना ,और हवन मे तुम भी आ जाना.

इतना कह कर ठाकुर साब और कुवरसिंघ और रणजीतसिंघ कार मे बैठ कर चले गये.

अवी-ये ठाकुर साब किस हवन की बात कर रहे थे क्या पता.

मैं बाइक पर बैठ कर किक मारने लगा तो पैर मे दर्द हुआ. शायद रोड से नीचे गिर ने पर चोट लग गयी होगी.

फिर मैं दूसरे पैर से किक मार कर अपने घर की तरफ निकल गया.

 


444

एक छोटे से आक्सिडेंट के बाद मैं घर आ गया.

दोपहर होने की वजह से बड़ी चाची और सीमा चाची सो रही थी. छोटी चाची भी सो रही थी.

पर मेरे आने से रति ने छोटी चाची को नींद से जगाया

शायद छोटी चाची ने रति को बताया होगा कि मेरे आते ही उनको उठा दे.

मैं घर आते ही अपने कमरे मे चला गया.थोड़ी देर बाद छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.

सी चाची-अवी

अवी-जी चाची

सी चाची-क्या हाल बना रखा है तूने अपना

अवी-(चाची को ठाकुर वाली बात बताना सही नही होगा.) वहाँ आप नही थी इसकी वजह से मेरा ये हाल हुआ

सी चाची-कभी तो अपना ख़याल रखा कर .अगर दीदी ने तुम्हे ऐसा देख लिया होता तो

अवी-क्या होता. वहाँ भी आप संभाल लेती

सी चाची-हर बार मुझ पर डिपेंड मत रहा कर

अवी-जी

सी चाची-चल बता मुझे,कि वहाँ शहर मे ऐसा क्या किया जो 2 दिन रुकना पड़ा

अवी-आइए मेरे पास बैठिए, इस बार बहुत लंबी कहानी है.

सी चाची-चल अब बता, और हाँ सब कुछ बताना.

अवी-पंकज के घर से शुरू करता हू.

सी चाची-हाँ,वही से कर

अवी-पंकज के घर जाते ही पहले पंकज की मम्मी की चुदाई की

सी चाची-तो तूने काकी के बदले पंकज से उसकी मम्मी माँग ली

अवी-पंकज काकी के सिवा कुछ नही दे सकता था.

सी चाची-फिर आंटी,

अवी-वो मेरी पुरानी सेट्टिंग है.

सी चाची-अरे हाँ, मैं तो भूल ही गयी. चल बता आंटी के बाद क्या किया.

अवी-उसके बाद ...पंकज की मामी के साथ मार्केट मे जो किया वो बताया

सी चाची-तो पंकज की मामी पर नज़र थी तेरी, पर ये मिसेज़ दूबे ने तो तुम्हारा खेल खराब कर दिया

अवी-अबी आपको पूरी बात बताई कहाँ है. मिसेज़ दूबे को उनकी ग़लती की सज़ा भी दी मैं ने.

सी चाची-अच्छे से बता

अवी-फिर पंकज ने मुझे काकी दी. उसके बाद पंकज की पार्टी मे जो हुआ उसके बारे मे बता दिया.

सी चाची-तू ईशा पे ट्राइ कर रहा था या मामी पर

अवी-मामी पर

सी चाची-फिर घर2 जाने पर क्या हुआ

अवी-उसके बाद चाची को मामी की सुबह वाली एंट्री के बारे मे बताया

सी चाची-तू मामी को चोद कर मार्केट गया. इतनी बड़ी ग़लती की तूने

अवी-चाची उस ग़लती मे मुझे मिसेज़ दूबे मिल गयी. फिर मार्केट का किस्सा बता दिया.

सी चाची-तूने मिसेज़ दूबे को सबक सिखाया कि नही

अवी-मिसेज़ दुबे से पहले मामी की चुदाई बताता हू

सी चाची-हाँ बता

अवी-फिर मामी की कहानी बता दी

सी चाची-फिर मिसेज़ दूबे के साथ क्या आज चुदाई की

अवी-हाँ, उनकी ग़लती के लिए उनको मुर्गी बना कर चुदाई की.

सी चाची-इसमे तो तुम ने मज़ा किया और ग़लती की सज़ा भी दे दी

अवी-एक साथ दोनो काम कर लिए

सी चाची-हो गया या कुछ और भी बाकी है

अवी-एक बात बाकी है.

सी चाची-अब क्या बाकी रह गया

अवी-आपको वो सेल्सगर्ल पता है

सी चाची-किस की बात कर रहा है

अवी-वही मिसेज़ वर्मा के घर पर

सी चाची-हाँ हाँ, अब तू कितनो के साथ चुदाई करता है कि याद भी नही रहता.

अवी-अगर आप हाँ कर दो तो

दूसरो के....

सी चाची-हाँ क्या कह रहा था सेल्सगर्ल के बारे मे

अवी-वो भी आई थी

सी चाची-वो भी, कितनो के साथ चुदाई की

अवी-उसके साथ कुछ नही किया. उसको कल करने के लिए कहा है.

सी चाची-फिर ठीक है,क्या कहा कल, क्या कल फिर तू जाएगा.

अवी-हाँ

सी चाची-तू मुझे एक दिन मरवाने वाला है

अवी-कल कॉलेज के समय पर करूँगा .

सी चाची-फिर ठीक है. चल वो सब जाने दे मैं तुम्हारे लिए खाना लेकर आती हू

चाची को मैं ने खाना खाने के लिए ना किया फिर भी चाची मेरे खाना लाने चली गयी.

 
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