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चाची को मैं ने खाना खाने के लिए ना किया फिर भी चाची मेरे खाना लाने चली गयी.
जब तक चाची खाना लेकर आई तब तक मैं थकने की वजह से सो गया.
चाची खाना वापस लेकर चली गयी.
मैं करीब 4 घंटे तक सोता रहा. मेरी नींद 7.00 बजे खुली.
मैं बेड से उठने के लिए खड़ा हो रहा था कि मेरी जाँघो के पास की नस लग गयी.(माँस पेसियो मे खिचाव आया)
पता नही किस वजह से ऐसा हुआ. एक तो चुदाई करने से हो रहा था.या फिर आक्सिडेंट की वजह से हुआ होगा. पर मुझे तो चुदाई की वजह से लग रहा था.
जाँघो मे इतना दर्द हुआ कि मेरे मुँह से चीख निकल गयी.मेरे मुँह से जोरदार चीख निकली.
मेरी चीख सुनकर तीनो चाची भागती हुई मेरे कमरे मे आ गयी.
बी चाची-क्या हुआ अवी
मेरे मुँह से फिर चीख निकल गयी. माँ
बड़ी चाची ने मेरे सर के पास बैठ कर मेरे सर को अपने गोद मे रख लिया.और मेरे सर पे हाथ घुमाने लगी.
बी चाची-क्या हुआ अवी, कोई बुरा सपना देखा तूने
अवी-सपना नही, मेरे पैरो मे दर्द हो रहा है
बी चाची-कहाँ पर
अवी-जाँघो पे
सीमा चाची और छोटी चाची भी मेरे पास बैठ गयी.
सीमा चाची मेरे लिए परेशान थी. पर छोटी चाची ज़्यादा परेशान हो गयी. क्यू कि मुझे कुछ हुआ तो सारा इलज़ाम छोटी चाची पर लगने वाला था. बड़ी चाची के मुताबिक छोटी चाची ने मुझे बाहर भेजा था.
मेरे मुँह से दर्द की वजह से चीख निकल रही थी.
तीनो चाची को क्या करे कुछ समझ नही आ रहा था.
चाचा भी शहर गये थे. अभी तक वापस नही आए थे.
बी चाची-अवी ,और रोने लगी.
शायद बड़ी चाची को समझ नही आ रहा था कि क्या करे.
सी चाची-दीदी हमे अवी को हॉस्पिटल ले जाना चाहिए
बी चाची-तू चुप कर ,सब तेरी वजह हुआ है. क्या ज़रूरत थी अवी को शहर मे रुकने देने क़ी. देखा कितना दर्द हो रहा है. अगर अवी को कुछ हो गया तो मुझ से बुरा कोई नही होगा.
म चाची-दीदी ,ये सब आप बाद में करना पहले हम अवी को हॉस्पिटल ले जाते है.
ब चाची-हॉस्पिटल कैसे जाएँगे. इस समय बस कहाँ है. और बाइक तो सिर्फ़ अवी को चलानी आती है.
सी चाची-मैं कुछ बोलू
ब चाची-बोल,दिखता नही अवी को दर्द हो रहा है और तू चुप चाप खड़ी है
सी चाची-इस समय अवी को हॉस्पिटल नही ले जा सकते है
म चाची-फिर क्या करे
सी चाची-अवी की नस लग गयी होगी.हम मंगला काकी को बुलाते है वो मालिश करके अवी का दर्द कम कर सकती है.
ब चाची-मेरा मुँह क्या देख रही हो जा बुला ना जल्दी मंगला को
सी चाची-मैं रति को बोलती हू
ब चाची-तेरे पैरो मे क्या मेहंदी लगी है जो रति को भेज रही है.
म चाची-मीना तू ही बुला ले मंगला को,साथ मे रति को लेकर जा ,मैं बच्चों के पास रुकती हू.
छोटी चाची रति को लेकर मंगला काकी के पास चली गयी. दोनो भागते हुए मंगला काकी के पास चली गयी.
सीमा चाची बच्चो के पास रुक गयी. बड़ी चाची मेरे पास बैठ कर मेरे सर पर हाथ घूमाते हुए रो रही थी.
छोटी चाची मंगला काकी को लेकर आ गयी. रति बच्चों को देखने लगी और सीमा चाची मेरे पास गयी.
ब चाची-मंगला देख ना अवी को क्या हुआ है.जांघों मे बहुत दर्द हो रहा है अवी को
मंगला काकी-अभी देखती हू
मंगला काकी कपड़ो के उपर से मेरी जांघों पर हाथ घुमाने लगी. और पूछने लगी कहाँ दर्द हो रहा है
मंगला काकी-यहाँ दर्द हो रहा है
अवी-नही. फिर मैं ने दर्द वाली जगह बता दी.
दर्द मेरे लंड के पास हो रहा था.
बी चाची-जल्दी कुछ कर ना मंगला
मंगला काकी-इसके कपड़े उतारने होगे और मुझे गरम तेल चाहिए
ब चाची-मीना देख क्या रही जा तेल गरम के ला
सी चाची-जी दीदी
छोटी चाची की आँखे मे पानी आ गया. बड़ी चाची के इस तरह बात करने से छोटी चाची की आँखों मे पानी आ गया. छोटी चाची रशोई घर मे तेल गरम करने के लिए चली गयी.
ब चाची-अब तू क्या देख रही है मंगला की मदद कर अवी के कपड़े निकाल ने के लिए.
म चाची-जी दीदी
मंगला काकी और सीमा चाची ने मेरा जीन्स निकाल दिया.
मैं अब टीशर्ट और अंडरवेर मे था.
नस मे ऐसा खिचाव आया था कि मेरा लंड भी खड़ा था.
शायद सपना देखने से लंड खड़ा हो गया था और लंड खड़ा होने से और उपर से जीन्स पहन कर सोने से और 2 दिन से चुदाई पे चुदाई करने से नस लग गयी.
जीन्स निकालते ही मेरी छोटी अंडरवेर मे मेरे मोटे और लंबे लंड ने तंबू बना दिया
मंगला काकी और सीमा चाची की आँखे उसी पर थी. दोनो ने मेरे लंड का स्वाद जो चखा था.
पर बड़ी चाची को मेरे दर्द की वजह से कुछ नज़र नही आ रहा था.
छोटी चाची भी तेल लेकर आ गयी. छोटी चाची चुप चाप अपनी मुन्डी नीचे करके खड़ी थी.
मंगला काकी मेरे लंड को देख रही थी.
ब चाची-मंगला ऐसी बैठी क्यूँ हो कुछ कर ना देख अवी को दर्द हो रहा है
मंगला काकी-शायद मुझे पता चल गया इसे दर्द क्यूँ हो रहा है.
छोटी चाची ने मुन्डी उपर करके मंगला काकी की तरफ देखने लगी.
ब चाची-तुझे पता चला है तो कुछ करने की बजाय बैठी क्यू है.
मंगला काकी- इसका इलाज तो करूँगी पर तुम सब बाहर जाओ
मंगला काकी के कहने के बाद भी कोई बाहर नही गया.
मंगला काकी-तुम लोग बाहर क्यू नही जा रहे हो
म चाची-अवी को ऐसे छोड़ कर हम बाहर कैसे जाएँगे.
मंगला काकी-फिर मैं तुम सब के सामने इलाज करूँगी
ब चाची-तू कर ना जो करना है.
मंगला काकी-मैं सच मे करूँगी
ब चाची-कर ना जल्दी, देख अवी को दर्द हो रहा है
मंगला काकी-ठीक है फिर मैं इलाज शुरू करती हूँ .
चाची को मैं ने खाना खाने के लिए ना किया फिर भी चाची मेरे खाना लाने चली गयी.
जब तक चाची खाना लेकर आई तब तक मैं थकने की वजह से सो गया.
चाची खाना वापस लेकर चली गयी.
मैं करीब 4 घंटे तक सोता रहा. मेरी नींद 7.00 बजे खुली.
मैं बेड से उठने के लिए खड़ा हो रहा था कि मेरी जाँघो के पास की नस लग गयी.(माँस पेसियो मे खिचाव आया)
पता नही किस वजह से ऐसा हुआ. एक तो चुदाई करने से हो रहा था.या फिर आक्सिडेंट की वजह से हुआ होगा. पर मुझे तो चुदाई की वजह से लग रहा था.
जाँघो मे इतना दर्द हुआ कि मेरे मुँह से चीख निकल गयी.मेरे मुँह से जोरदार चीख निकली.
मेरी चीख सुनकर तीनो चाची भागती हुई मेरे कमरे मे आ गयी.
बी चाची-क्या हुआ अवी
मेरे मुँह से फिर चीख निकल गयी. माँ
बड़ी चाची ने मेरे सर के पास बैठ कर मेरे सर को अपने गोद मे रख लिया.और मेरे सर पे हाथ घुमाने लगी.
बी चाची-क्या हुआ अवी, कोई बुरा सपना देखा तूने
अवी-सपना नही, मेरे पैरो मे दर्द हो रहा है
बी चाची-कहाँ पर
अवी-जाँघो पे
सीमा चाची और छोटी चाची भी मेरे पास बैठ गयी.
सीमा चाची मेरे लिए परेशान थी. पर छोटी चाची ज़्यादा परेशान हो गयी. क्यू कि मुझे कुछ हुआ तो सारा इलज़ाम छोटी चाची पर लगने वाला था. बड़ी चाची के मुताबिक छोटी चाची ने मुझे बाहर भेजा था.
मेरे मुँह से दर्द की वजह से चीख निकल रही थी.
तीनो चाची को क्या करे कुछ समझ नही आ रहा था.
चाचा भी शहर गये थे. अभी तक वापस नही आए थे.
बी चाची-अवी ,और रोने लगी.
शायद बड़ी चाची को समझ नही आ रहा था कि क्या करे.
सी चाची-दीदी हमे अवी को हॉस्पिटल ले जाना चाहिए
बी चाची-तू चुप कर ,सब तेरी वजह हुआ है. क्या ज़रूरत थी अवी को शहर मे रुकने देने क़ी. देखा कितना दर्द हो रहा है. अगर अवी को कुछ हो गया तो मुझ से बुरा कोई नही होगा.
म चाची-दीदी ,ये सब आप बाद में करना पहले हम अवी को हॉस्पिटल ले जाते है.
ब चाची-हॉस्पिटल कैसे जाएँगे. इस समय बस कहाँ है. और बाइक तो सिर्फ़ अवी को चलानी आती है.
सी चाची-मैं कुछ बोलू
ब चाची-बोल,दिखता नही अवी को दर्द हो रहा है और तू चुप चाप खड़ी है
सी चाची-इस समय अवी को हॉस्पिटल नही ले जा सकते है
म चाची-फिर क्या करे
सी चाची-अवी की नस लग गयी होगी.हम मंगला काकी को बुलाते है वो मालिश करके अवी का दर्द कम कर सकती है.
ब चाची-मेरा मुँह क्या देख रही हो जा बुला ना जल्दी मंगला को
सी चाची-मैं रति को बोलती हू
ब चाची-तेरे पैरो मे क्या मेहंदी लगी है जो रति को भेज रही है.
म चाची-मीना तू ही बुला ले मंगला को,साथ मे रति को लेकर जा ,मैं बच्चों के पास रुकती हू.
छोटी चाची रति को लेकर मंगला काकी के पास चली गयी. दोनो भागते हुए मंगला काकी के पास चली गयी.
सीमा चाची बच्चो के पास रुक गयी. बड़ी चाची मेरे पास बैठ कर मेरे सर पर हाथ घूमाते हुए रो रही थी.
छोटी चाची मंगला काकी को लेकर आ गयी. रति बच्चों को देखने लगी और सीमा चाची मेरे पास गयी.
ब चाची-मंगला देख ना अवी को क्या हुआ है.जांघों मे बहुत दर्द हो रहा है अवी को
मंगला काकी-अभी देखती हू
मंगला काकी कपड़ो के उपर से मेरी जांघों पर हाथ घुमाने लगी. और पूछने लगी कहाँ दर्द हो रहा है
मंगला काकी-यहाँ दर्द हो रहा है
अवी-नही. फिर मैं ने दर्द वाली जगह बता दी.
दर्द मेरे लंड के पास हो रहा था.
बी चाची-जल्दी कुछ कर ना मंगला
मंगला काकी-इसके कपड़े उतारने होगे और मुझे गरम तेल चाहिए
ब चाची-मीना देख क्या रही जा तेल गरम के ला
सी चाची-जी दीदी
छोटी चाची की आँखे मे पानी आ गया. बड़ी चाची के इस तरह बात करने से छोटी चाची की आँखों मे पानी आ गया. छोटी चाची रशोई घर मे तेल गरम करने के लिए चली गयी.
ब चाची-अब तू क्या देख रही है मंगला की मदद कर अवी के कपड़े निकाल ने के लिए.
म चाची-जी दीदी
मंगला काकी और सीमा चाची ने मेरा जीन्स निकाल दिया.
मैं अब टीशर्ट और अंडरवेर मे था.
नस मे ऐसा खिचाव आया था कि मेरा लंड भी खड़ा था.
शायद सपना देखने से लंड खड़ा हो गया था और लंड खड़ा होने से और उपर से जीन्स पहन कर सोने से और 2 दिन से चुदाई पे चुदाई करने से नस लग गयी.
जीन्स निकालते ही मेरी छोटी अंडरवेर मे मेरे मोटे और लंबे लंड ने तंबू बना दिया
मंगला काकी और सीमा चाची की आँखे उसी पर थी. दोनो ने मेरे लंड का स्वाद जो चखा था.
पर बड़ी चाची को मेरे दर्द की वजह से कुछ नज़र नही आ रहा था.
छोटी चाची भी तेल लेकर आ गयी. छोटी चाची चुप चाप अपनी मुन्डी नीचे करके खड़ी थी.
मंगला काकी मेरे लंड को देख रही थी.
ब चाची-मंगला ऐसी बैठी क्यूँ हो कुछ कर ना देख अवी को दर्द हो रहा है
मंगला काकी-शायद मुझे पता चल गया इसे दर्द क्यूँ हो रहा है.
छोटी चाची ने मुन्डी उपर करके मंगला काकी की तरफ देखने लगी.
ब चाची-तुझे पता चला है तो कुछ करने की बजाय बैठी क्यू है.
मंगला काकी- इसका इलाज तो करूँगी पर तुम सब बाहर जाओ
मंगला काकी के कहने के बाद भी कोई बाहर नही गया.
मंगला काकी-तुम लोग बाहर क्यू नही जा रहे हो
म चाची-अवी को ऐसे छोड़ कर हम बाहर कैसे जाएँगे.
मंगला काकी-फिर मैं तुम सब के सामने इलाज करूँगी
ब चाची-तू कर ना जो करना है.
मंगला काकी-मैं सच मे करूँगी
ब चाची-कर ना जल्दी, देख अवी को दर्द हो रहा है
मंगला काकी-ठीक है फिर मैं इलाज शुरू करती हूँ .