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मैं और मेरा परिवार

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445

चाची को मैं ने खाना खाने के लिए ना किया फिर भी चाची मेरे खाना लाने चली गयी.

जब तक चाची खाना लेकर आई तब तक मैं थकने की वजह से सो गया.

चाची खाना वापस लेकर चली गयी.

मैं करीब 4 घंटे तक सोता रहा. मेरी नींद 7.00 बजे खुली.

मैं बेड से उठने के लिए खड़ा हो रहा था कि मेरी जाँघो के पास की नस लग गयी.(माँस पेसियो मे खिचाव आया)

पता नही किस वजह से ऐसा हुआ. एक तो चुदाई करने से हो रहा था.या फिर आक्सिडेंट की वजह से हुआ होगा. पर मुझे तो चुदाई की वजह से लग रहा था.

जाँघो मे इतना दर्द हुआ कि मेरे मुँह से चीख निकल गयी.मेरे मुँह से जोरदार चीख निकली.

मेरी चीख सुनकर तीनो चाची भागती हुई मेरे कमरे मे आ गयी.

बी चाची-क्या हुआ अवी

मेरे मुँह से फिर चीख निकल गयी. माँ

बड़ी चाची ने मेरे सर के पास बैठ कर मेरे सर को अपने गोद मे रख लिया.और मेरे सर पे हाथ घुमाने लगी.

बी चाची-क्या हुआ अवी, कोई बुरा सपना देखा तूने

अवी-सपना नही, मेरे पैरो मे दर्द हो रहा है

बी चाची-कहाँ पर

अवी-जाँघो पे

सीमा चाची और छोटी चाची भी मेरे पास बैठ गयी.

सीमा चाची मेरे लिए परेशान थी. पर छोटी चाची ज़्यादा परेशान हो गयी. क्यू कि मुझे कुछ हुआ तो सारा इलज़ाम छोटी चाची पर लगने वाला था. बड़ी चाची के मुताबिक छोटी चाची ने मुझे बाहर भेजा था.

मेरे मुँह से दर्द की वजह से चीख निकल रही थी.

तीनो चाची को क्या करे कुछ समझ नही आ रहा था.

चाचा भी शहर गये थे. अभी तक वापस नही आए थे.

बी चाची-अवी ,और रोने लगी.

शायद बड़ी चाची को समझ नही आ रहा था कि क्या करे.

सी चाची-दीदी हमे अवी को हॉस्पिटल ले जाना चाहिए

बी चाची-तू चुप कर ,सब तेरी वजह हुआ है. क्या ज़रूरत थी अवी को शहर मे रुकने देने क़ी. देखा कितना दर्द हो रहा है. अगर अवी को कुछ हो गया तो मुझ से बुरा कोई नही होगा.

म चाची-दीदी ,ये सब आप बाद में करना पहले हम अवी को हॉस्पिटल ले जाते है.

ब चाची-हॉस्पिटल कैसे जाएँगे. इस समय बस कहाँ है. और बाइक तो सिर्फ़ अवी को चलानी आती है.

सी चाची-मैं कुछ बोलू

ब चाची-बोल,दिखता नही अवी को दर्द हो रहा है और तू चुप चाप खड़ी है

सी चाची-इस समय अवी को हॉस्पिटल नही ले जा सकते है

म चाची-फिर क्या करे

सी चाची-अवी की नस लग गयी होगी.हम मंगला काकी को बुलाते है वो मालिश करके अवी का दर्द कम कर सकती है.

ब चाची-मेरा मुँह क्या देख रही हो जा बुला ना जल्दी मंगला को

सी चाची-मैं रति को बोलती हू

ब चाची-तेरे पैरो मे क्या मेहंदी लगी है जो रति को भेज रही है.

म चाची-मीना तू ही बुला ले मंगला को,साथ मे रति को लेकर जा ,मैं बच्चों के पास रुकती हू.

छोटी चाची रति को लेकर मंगला काकी के पास चली गयी. दोनो भागते हुए मंगला काकी के पास चली गयी.

सीमा चाची बच्चो के पास रुक गयी. बड़ी चाची मेरे पास बैठ कर मेरे सर पर हाथ घूमाते हुए रो रही थी.

छोटी चाची मंगला काकी को लेकर आ गयी. रति बच्चों को देखने लगी और सीमा चाची मेरे पास गयी.

ब चाची-मंगला देख ना अवी को क्या हुआ है.जांघों मे बहुत दर्द हो रहा है अवी को

मंगला काकी-अभी देखती हू

मंगला काकी कपड़ो के उपर से मेरी जांघों पर हाथ घुमाने लगी. और पूछने लगी कहाँ दर्द हो रहा है

मंगला काकी-यहाँ दर्द हो रहा है

अवी-नही. फिर मैं ने दर्द वाली जगह बता दी.

दर्द मेरे लंड के पास हो रहा था.

बी चाची-जल्दी कुछ कर ना मंगला

मंगला काकी-इसके कपड़े उतारने होगे और मुझे गरम तेल चाहिए

ब चाची-मीना देख क्या रही जा तेल गरम के ला

सी चाची-जी दीदी

छोटी चाची की आँखे मे पानी आ गया. बड़ी चाची के इस तरह बात करने से छोटी चाची की आँखों मे पानी आ गया. छोटी चाची रशोई घर मे तेल गरम करने के लिए चली गयी.

ब चाची-अब तू क्या देख रही है मंगला की मदद कर अवी के कपड़े निकाल ने के लिए.

म चाची-जी दीदी

मंगला काकी और सीमा चाची ने मेरा जीन्स निकाल दिया.

मैं अब टीशर्ट और अंडरवेर मे था.

नस मे ऐसा खिचाव आया था कि मेरा लंड भी खड़ा था.

शायद सपना देखने से लंड खड़ा हो गया था और लंड खड़ा होने से और उपर से जीन्स पहन कर सोने से और 2 दिन से चुदाई पे चुदाई करने से नस लग गयी.

जीन्स निकालते ही मेरी छोटी अंडरवेर मे मेरे मोटे और लंबे लंड ने तंबू बना दिया

मंगला काकी और सीमा चाची की आँखे उसी पर थी. दोनो ने मेरे लंड का स्वाद जो चखा था.

पर बड़ी चाची को मेरे दर्द की वजह से कुछ नज़र नही आ रहा था.

छोटी चाची भी तेल लेकर आ गयी. छोटी चाची चुप चाप अपनी मुन्डी नीचे करके खड़ी थी.

मंगला काकी मेरे लंड को देख रही थी.

ब चाची-मंगला ऐसी बैठी क्यूँ हो कुछ कर ना देख अवी को दर्द हो रहा है

मंगला काकी-शायद मुझे पता चल गया इसे दर्द क्यूँ हो रहा है.

छोटी चाची ने मुन्डी उपर करके मंगला काकी की तरफ देखने लगी.

ब चाची-तुझे पता चला है तो कुछ करने की बजाय बैठी क्यू है.

मंगला काकी- इसका इलाज तो करूँगी पर तुम सब बाहर जाओ

मंगला काकी के कहने के बाद भी कोई बाहर नही गया.

मंगला काकी-तुम लोग बाहर क्यू नही जा रहे हो

म चाची-अवी को ऐसे छोड़ कर हम बाहर कैसे जाएँगे.

मंगला काकी-फिर मैं तुम सब के सामने इलाज करूँगी

ब चाची-तू कर ना जो करना है.

मंगला काकी-मैं सच मे करूँगी

ब चाची-कर ना जल्दी, देख अवी को दर्द हो रहा है

मंगला काकी-ठीक है फिर मैं इलाज शुरू करती हूँ .

 


446

मंगला काकी-ठीक है फिर मैं इलाज शुरू करती हू .

ब चाची-पर अवी को हुआ क्या है

मंगला काकी-मेरे लंड पर थप्पड़ मारते हुए ,समझी

सी चाची-तो ये बात है

ब चाची-तुझे क्या समझा. तू चुप चाप खड़ी रह. तुझे बाद मे देखती हू.हाँ मंगला क्या हुआ अवी को

मंगला काकी-अभी तो बताया

ब चाची-कब बताया

मंगला काकी-तुम भी ना. रूको अच्छे से दिखाती हू. मीना मेरी मदद कर

सी चाची-काकी हम बाहर जाते है आपको जो करना है वो करो

ब चाची-तुझे कहा ना चुप रहने को. मैं अवी को छोड़ कर नही जाउन्गी.तुम्हें जाना है तो जाओ

म चाची-रुक ना मीना मज़ा आएगा

ब चाची-क्या मज़ा आएगा .यहाँ अवी को दर्द हो रहा है और तुम मज़ा करने की बात कर रही हो. तुम्हें भी देखती हू बाद मे

मंगला काकी-आपका हो गया होगा तो मैं अपना काम शुरू करू.

अवी-काकी क्या हुआ मुझे

ब चाची-तू बोल मत. मंगला सब ठीक कर देगी.

फिर छोटी चाची और मंगला काकी ने मेरी अंडरवेर निकाल दी.

अंडरवेर निकलते ही मेरा लंड लोहे की तरह खड़ा होकर सब को सलामी देने लगा.

अंडरवेर निकलते ही सब मेरे लंड को देखने लगे. इस कमरे मे जितने लोग थे सब की चूत मे मेरा लंड गया था.पर बड़ी चाची को छोड़ कर सब को पता था.

बड़ी चाची तो शॉक्ड हो गयी मेरे लंड को देख कर .

सब मेरे लंड को खा जाने वाली नज़रों से देख रही थी.

सब बस मेरे लंड को देख रहे थे पर कोई कुछ नही कर रहा था.

पर दर्द की वजह से मेरे मुँह से चीख निकल गयी. और सब अपने ख्यालों से बाहर आ गये.

मंगला काकी-समझी सुमन,क्यू अवी की नस लग गयी

ब चाची-हाँ

मंगला काकी-तो इलाज शुरू करूँ.

ब चाची-हाँ कर,

मंगला काकी ने तेल को अपने हाथ पर लगा लिया और मेरे लंड की मालिश करने लगी.

ब चाची-मालिश करने से दर्द चला जाएगा.

मंगला काकी-हाँ, पर मालिश करके इसका पानी निकालना होगा.

ब चाची-ठीक है. तू अपना काम कर

मंगला काकी का हाथ लंड पर पड़ते मेरे मुँह से चीख निकल गयी.

ब चाची-मंगला आराम से करो. अवी को दर्द हो रहा है.

मंगला काकी-इतना दर्द तो होगा ही.

ब चाची-देख अवी की आँखे से पानी निकल रहा है.

मंगला काकी-ले तू ही कर ,मैं चली जाती हू

ब चाची- मैं तो बस

म चाची-मंगला मैं करती हू

बड़ी चाची ने सीमा चाची की तरफ आँखे निकाल का गुस्सा किया.

सीमा चाची चुप हो गयी पर मज़े लेते हुए चुप के से हँस रही थी. छोटी चाची को राहत मिली. बड़ी चाची मंगला काकी को देख रही थी.

मंगला काकी की मालिश से दर्द कम होने लगा.

मंगला काकी अपना काम कर रही थी. पर मेरा पानी निकालने का नाम नही ले रहा था.

मैं बेड पर लेटा हुआ लंड हिलाने का मज़ा और दर्द कम होने का आनंद मना रहा था.

मंगला काकी मेरा इलाज करने की जगह लंड का मज़ा ले रही थी.

अगर चाची कमरे से बाहर जाती तो मेरा लंड मंगला काकी एक तो मुँह मे लेती या फिर चूत मे

लेकिन मंगला काकी इस मे सफल नही हुई. पर लंड की मालिश करते हुए कभी चमड़ी को पीछे कर देती तो कभी टोपे पर अपनी उंगली घूमाकर लंड का मज़ा लेती.

लंड के साथ साथ आंडो की मालिश भी कर रही थी. बड़ी चाची को बस मुझे बिना दर्द के देखना था. जिस से मंगला काकी अपना मज़ा आराम से लेने लगी.

मंगला काकी को मस्ती करते हुए देख कर सीमा चाची चुपके चुपके हँस रही थी .

बड़ी चाची ने बस एक बार मेरे लंड को देखा उसके बाद बड़ी चाची मेरे सर पे हाथ घूमाते हुए मेरी तरफ देख रही थी.

छोटी चाची को मेरी चीख उसके बाद बड़ी चाची का डाटने से बुरा लग रहा था ,पर मंगला काकी के बताने के बाद कि मुझे क्या हुआ है ,छोटी चाची का रोना थोड़ा कम हुआ.

सीमा चाची पहले टेन्षन मे थी और अब मज़ा ले रही थी.

मंगला काकी-सुमन क्या खिलाती हो अपने भतीजे को

ब चाची-क्यूँ क्या हुआ

मंगला काकी-देखना नही कितना बड़ा हो गया है इसका...

ब चाची-वो...मीना

सी चाची-कसरत करने से हुआ होगा

छोटी चाची ने बात संभाल ली,

मंगला काकी-पर कुछ भी बोल तेरा भतीजा मर्द बन गया है. कितना समय लग रहा है

ब चाची ने फिर मीना की तरफ देखा

सी चाची-हमारे घर मे मर्द ही पैदा होते है.

मंगला काकी-(पता है तेरा पति कौनसा मर्द है. छोटा सा लंड लेकर घूमता है) अब तो इसकी शादी करनी होगी.

ब चाची-अभी तो वो बच...

सी चाची-बीच मे बोलते हुए पहले पढ़ाई तो करने दो शादी भी हो जाएँगी

बी चाची-पर ये हुआ कैसे ,मतलब अचानक ये दर्द

मंगला काकी-इसको चो...

ब चाची-देख कर बात कर

मंगला काकी-इसको करने के लिए चाहिए या फिर कर रहा होगा जो आज नही मिली तो दर्द हुआ

ब चाची-गुस्से से मीना अवी 2दिन से शहर मे क्या कर रहा था.

सी चाची-आपको बताया था ना

मंगला काकी ने क्या बोल दिया. छोटी चाची गयी काम से ,छोटी चाची को कुछ समझ नही आ रहा था.

मंगला काकी समझ गयी कि मीना फँस चुकी है. मंगला काकी मेरे साथ चुदाई कर चुकी है इस लिए ऐसा कहा था.

मंगला काकी-मैं तो थक गयी. मीना ले तू कर मालिश (लगा ले हाथ,अपने पति के छोटे लंड के साथ बहुत खेली होगी.आज बड़े लंड के साथ खेल)

छोटी चाची ने एक बार बड़ी चाची की तरफ देखा और फिर मेरे लंड की मालिश करने लगी.

छोटी चाची का हाथ लगते मेरे मुँह शीष्कारी निकल गयी.

ब चाची-मंगला तुम ही करो ,देख मीना का हाथ लगते अवी का दर्द हो रहा है.

बड़ी चाची की बात सुनकर सीमा चाची हँसने लगी.

मंगला काकी-सुमन तुम भी ना, अवी के प्यार मे तुझे कुछ समझ नही आ रहा है. ये दर्द नही मज़ा है. जो हम रात मे अपने पति के साथ करती है तब निकालते है वो आवाज़ थी.

म चाची-दीदी मीना की जगह मैं करू

ब चाची-ज़ोर से सीमा

सीमा चाची ने अपनी मुन्डी नीचे कर ली

मंगला काकी-तू भी कर लेना.इसका पानी निकलने मे टाइम लगेगा.

मैं चुप चाप इनकी बातें सुन रहा था.

छोटी चाची के हाथ का इतने दिनो बाद मेरे लंड को छूना , मेरा लंड बर्दास्त नही कर पाया और मेरा वीर्य निकल गया

वीर्य निकलते ही मंगला काकी ने मेरे लंड को पकड़ कर अपने हाथ पर मेरा वीर्ये जमा किया.

तीनो चाची मंगला काकी की ये हरकत देखती रह गयी.

मंगला काकी ने मेरा वीर्य हाथ मे लेने के बाद चाट कर साफ किया

मंगला काकी की इस हरकत से बड़ी चाची को गुस्सा आ गया.

छोटी चाची को पता था कि मंगला काकी ने ऐसा क्यूँ किया, काकी को मेरे लंड की याद आ गयी.

सीमा चाची नाराज़ हो गयी कि उनको मेरा लंड पकड़ने नही मिला और ना वीर्य पीने मिला

मंगला काकी खुश थी

और मुझे दर्द से राहत मिल गयी

 


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मंगला ने मेरा पानी अपने हाथ पर लेकर चाट लिया

ब चाची-गुस्से से मंगला ये क्या कर रही हो

सी चाची-काकी

मंगला काकी-क्या करूँ तब से इसका देख कर मेरी गीली हो गयी.

ब चाची-पर इसके सामने करने की क्या ज़रूरत थी. बाहर जाकर जो करना है वो कर लेती. इस पे क्या असर होगा

सी चाची-(अवी ने तो इसकी चूत मारी है ये उसी असर है)

मंगला काकी-जाने दो जो हो गया सो हो गया. तुम रति को मत बताना

ब चाची-नही बताउन्गि,पर मुझे ये बता ये सब हुआ कैसे

मंगला काकी-तुम ने कहा ना कि वो शहर गया था वहाँ पर किया होगा किसी के साथ जिस की वजह से ये नस लग गयी.

सी चाची-क्या कुछ भी बोल रही हो काकी हमारा अवी ऐसा नही कर सकता.

मंगला काकी-(बड़ी आई मुझे बताने वाली,तुम्हारा भातीजा तो बड़ा खिलाड़ी है चुदाई का)

मंगला काकी और बातें ना खोल दे इसके लिए छोटी चाची ने सीमा चाची को इशारा किया.

म चाची-चलो काकी तुम्हे पैसे देती हू.

मंगला काकी-हाँ ,चलो बहुत देर हो गयी

सीमा चाची ने मंगला काकी को पैसे दे कर भगा दिया.

बड़ी चाची ने मेरे लंड पर बेडशीट डाल दी

ब चाची-मीना ये मंगला क्या बोल रही थी.

सी चाची-क्या कहा काकी ने

ब चाची-अवी शहर जाकर ऐसे काम करता है

सी चाची-मुझे नही लगता हमारा अवी ऐसे काम करता है

ब चाची-फिर ये मंगला ऐसा क्यू बोल रही थी.

सी चाची-मुझे क्या पता

म चाची-काकी तो ऐसे ही कुछ भी बोल देती है

ब चाची-पर उसने ऐसा कहा क्यूँ

म चाची- मैं बताती हू, आपने देखा नही उसने अवी के साथ कैसा किया

ब चाची-हाँ देखा

म चाची-काकी हमे बार बार बाहर जाने को कह रही थी

ब चाची-कह तो रही थी

म चाची-मुझे ऐसा लग रहा था कि अवी को देख कर अवी के साथ करने का इरादा होगा.और आपने वो इरादा पूरा नही होने दिया. इस लिए हमारे अवी पर ऐसा इलज़ाम लगा दिया ताकि वो आपका विश्वास जीते और आप दुबारा अवी की मालिश करने के लिए काकी को बुलाएँ और काकी अवी के साथ वो वाला काम करे

ब चाची-हाँ मुझे भी ऐसा लग रहा था .कैसे उसने वो हरकत की हमारे होते हुए.

सी चाची-मुझे भी यही लग रहा था.

अवी-चाची मैं कुछ बोलू

ब चाची-हाँ बोलना

अवी-दोपहर मे मेरा आक्सिडेंट हो गया था शायद उसी वजह से नस लग गयी होगी(छोटी चाची को बचाने के लिए मैं ने आक्सिडेंट की बात बता दी)

ब चाची-क्या ,आक्सिडेंट कब हुआ,तूने बताया क्यू नही

म चाची-इतनी बड़ी बात हमसे छुपा रहा था

सी चाची-कहीं और चोट तो नही लगी

अवी-दोपहर मे गाओं आते हुए कार के साथ आक्सिडेंट हो गया था

ब चाची-किस की कार थी पता है .अभी जाकर पोलीस मे कंप्लेंट कर देते है

सी चाची-हाँ बता किस की कार थी

अवी-ठाकुर की कार थी

ठाकुर का नाम सुनते ही चाची का जोश ठंडा पड़ गया. किसी का भी जोश ठंडा पड़ जाता.

ब चाची-मुझे पूरी बात बता

अवी-मैं ने शुरू से लेकर दादाजी की बात से पहले जो हुआ वो बता दिया

ब चाची-कोई बात नही,ठाकुर को पता नही था तुम्हारे बारे मे नही तो तभी तुम्हें हॉस्पिटल ले जाते .

ब चाची-वो जाने दे, अब दर्द कैसा है.

अवी-अब अच्छा लग रहा है

ब चाची-तू फ्रेश हो जा ,फिर खाना खाते है,मीना एक काम कर तू अवी को यहीं खाना खिला देना

सी चाची-जी दीदी

ब चाची-अवी तू आराम कर ,मैं तो कहती हू 1 महीने के लिए कॉलेज से छुट्टी ले ले. अगले हफ्ते से

मेला शुरू होने वाला है.तू छुट्टी ले ले

अवी-जी चाची

ब चाची-अब तू आराम कर

इतना कह कर चाची मेरे कमरे से बाहर चली गयी . मैं थोड़ी देर बेड पर लेट कर आराम करने लगा

 


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चाची मेरे कमरे से बाहर चली गयी.

ब चाची-तो हम कहाँ थे

सी चाची-कहाँ थे मतलब

ब चाची-अवी के बोलने से पहले हम क्या बात कर रहे थे

म चाची-मंगला काकी की बात कर रहे थे

ब चाची-हाँ,मंगला को हमे अवी से दूर रखना होगा

सी चाची-हाँ ,मुझे भी यही लग रहा है

ब चाची-मीना तू एक काम करना ,अगर दुबारा अवी को दर्द हुआ था तू उसकी मालिश कर देना

म चाची-दीदी मैं करू

ब चाची-तू मत करना. मुझे पता है तुझे कंट्रोल नही होगा.

म चाची-मैं अच्छे से कर सकती हू

ब चाची-सीमा तू समझती क्यू नही हम उसकी माँ जैसी है.तुझ से मालिश करते हुए अगर कुछ ग़लत हो गया तो ये पाप होगा.मैं ये पाप होते हुए देखने से पहले मरना पसंद करूँगी.तुम दुबारा अवी के सामने ऐसी हरकत मत करना. वरना मुझ से बुरा कोई नही होगा. और मीना, तू अवी की मालिश करना

सी चाची- जी दीदी

ब चाची-मीना एक बात कहूँ

सी चाची-हाँ कहिए

ब चाची-वो अवी का देखा तूने कितना बड़ा है

सी चाची-क्या दीदी

ब चाची-अवी का वो ,

सी चाची-हाँ, अवी जवान हो रहा है.

ब चाची-मुझे तो आज पता चला कि हमारा बेटा बड़ा हो गया है.

सी चाची-(इतना बड़ा कि हमे माँ बना दिया) मुझे भी

ब चाची-थोड़ा उसका ख़याल रकना ,ऐसी उमर मे ग़लत काम हो जाते है

सी चाची-आप उसकी टेन्षन मत लो मैं अवी का ध्यान रखूँगी.

ब चाची-मीना एक और बात थी.

सी चाची-जी दीदी

ब चाची-तुम मुझसे नाराज़ तो नही हो ना

सी चाची-नाराज़ वो किस लिए

ब चाची-मैं ने तुम्हे गुस्से मे कुछ भी बोल दिया था.

सी चाची-मुझे पता है आप अवी से कितना प्यार करती है.ये सब तो चलता रहता है.

ब चाची-तू कितनी समझदार है मीना, हर बात समझ लेती हो.

सी चाची-वो तो...

ब चाची-जा अवी को खाना खिला देना मैं बच्चों को देखती हू

बड़ी चाची अपने कमरे मे चली गयी.

सी चाची-दीदी आज आप नही होती तो मुझे सुमन दीदी की डाट पड़ती

म चाची-वो छोड़ ये बता तू अवी की मालिश करने वाली है ना.

सी चाची-हाँ पर दुबारा दर्द होने पर

म चाची-लेकिन करने को तो मिलेगी

सी चाची-जब करनी होगी तो मैं आप को बुला लूँगी. एक बार आप भी कर लेना.

म चाची-सच मीना

सी चाची-हाँ. पर ज़्यादा आगे मत बढ़ जाना

म चाची-नही बढ़ूँगी. बस मुँह से मालिश कर दूँगी.और तू कैसे करेगी.

सी चाची-मैं तो हाथ से करूँगी

म चाची-झूठ मत बोल

सी चाची-आप से क्या छुपाना है.अगर मुँह से मालिश की तो नीचे तक चली जाएगी

म चाची- ठीक है तू अपने तरीके से करना मैं अपने तरीके से करूँगी.

सी चाची-ये ठीक रहेगा

म चाची-मीना एक और बात पूछूँ

सी चाची-हाँ पूछिए

म चाची-ये अच्छा मोका था दीदी को सच बताने का फिर तूने दीदी को बताया क्यू नही

सी चाची-मैं मंगला काकी के जाने का इंतज़ार कर रही थी

म चाची-काकी के जाने के बाद बता देती

सी चाची-बताने वाली थी कि अवी ने आक्सिडेंट की बात बता दी

म चाची-बाहर आने के बाद बता देती

सी चाची-मैं इंतज़ार कर रही थी कि दीदी अवी के लंड के बारे मे पूछे पर उस से पहले दीदी ने आपको जो कहा कि पाप ना होने पाए इस लिए मैं ने दीदी को सच नही बताया.

म चाची-अब तो मुझे भी लग रहा है कि दीदी को बताना मुश्किल होगा

सी चाची-वो क्यूँ

म चाची-देखा नही, अवी का लंड सामने होते हुए भी दीदी की आँखों मे कोई चमक नही थी

सी चाची-हाँ मैं ने भी देखा ,दीदी सिर्फ़ अवी के दर्द के बारे मे सोच रही थी

म चाची-अब तू क्या करेगी

सी चाची-कुछ ना कुछ तो करना होगा .या फिर किस्मत पर छोड़ देना होगा. सही समय आने पर दीदी को बता दूँगी

म चाची-जल्दी बताने की कोशिस करना. आज तो बड़ी मुश्किल से कंट्रोल किया है.

सी चाची-पता है मुझे, वो सब रात मे बातें करते है पहले मैं अवी को खाना खिला देती हू

छोटी चाची मेरे लिए खाना लेने के लिए रशोई घर मे चली गयी

 


449

मैं ने पहले तीनो चाची की बात सुनी फिर छोटी चाची और सीमा चाची की बातें चुप कर सुनी

छोटी चाची की बात सुन कर मुझे तसल्ली मिली की छोटी चाची बड़ी चाची को सच बताना चाहती है पर सही समय का इंतज़ार कर रही है.

और ये भी पता चला कि बड़ी चाची को बताना कितना मुश्किल है. और बताने के बाद क्या हो सकता है इसका भी पता चला.

सीमा चाची की बातों से पता चला कि चाची मेरा लंड चूसना चाहती है.

थोड़ी देर मे छोटी चाची मेरे लिए खाना लेकर आ गयी.

सी चाची-अवी अभी तक तुम ने कपड़े क्यू नही पहने

अवी-अब पहन कर क्या करू सब ने तो देख लिया .अब क्या फरक पड़ता है

सी चाची-वो तो है फिर भी पहन लो

अवी-बाद मे पहन लेता हू

सी चाची-ठीक है. चलो खाना खा लो

आज खाने मे मिठाई, और स्पेशल खाना था

अवी-चाची आज स्पेशल खाना किस लिए बनाया है

सी चाची-तुम्हारे लिए

अवी-बताइए ना किस के लिए बनाया है

सी चाची-दोपेहर मे ठाकुर साब आए थे

अवी-ठाकुर साब यहाँ पर

सी चाची-हाँ, यहाँ पर आए थे और जाते समय शायद तुम्हारे साथ आक्सिडेंट हो गया

अवी-ठाकुर साब किस लिए आए थे

सी चाची-छोटी बहू को बेटा हुआ ना उसकी मिठाई देने आए थे.

अवी-कुवरसिंघ की बीवी को

सी चाची-हाँ रश्मि को बेटा हुआ है

अवी-तो इस लिए आए थे

सी चाची-हाँ. और हवन के लिए बुलाया है

अवी-हवन वो किस लिए

सी चाची-बेटा हुआ है इस के लिए हवन रखा है. और साथ मे मेला लगने वाला है उसी सिलसिले मे बात करने के लिए

अवी-ठाकुर साब ने मुझे भी कहा था हवन मे आने के लिए

सी चाची-तो तुम भी मिला इन्विटेशन

अवी-हाँ

सी चाची-पर ये बात तो तुम ने दीदी को नही बताई

अवी-एक और बात नही बताई

सी चाची-वो क्या

अवी-ठाकुर साब ने कहा था कि दादाजी बीमार किसी झटका लगने से हुए है

सी चाची-(ये ठाकुर भी ना) और क्या कहा

अवी-बस इतना ही कहा था. दादाजी को झटका किस वजह से आया था.

सी चाची-(कुछ सोच मीना) हार्ट अटॅक के झटके के बारे मे बोल रहे थे

अवी-तो ये बात है

सी चाची-चल अब खाना खा ले

मैं खाना खाने लगा.

अवी-चाची

सी चाची-हाँ

अवी-ये मेला कब लगने वाला है

सी चाची-तू पहले खाना खा फिर बताती हू

मैं ने जल्दी जल्दी खाना खा लिया

अवी-अब बताइए

सी चाची-तुझे मेले के बारे मे कुछ पता नही है

अवी-मैं तो कभी इस मेले मे गया भी नही.

सी चाची-अरे हा पिछली बार जब मेला हुआ था तब तू शहर मे था

अवी-बताइए ना

सी चाची-वो जो जंगल मे मंदिर है ना वहाँ मंदिर मे पूजा और मेला होता है

अवी-पिछल 8 साल से तो नही हुआ था

सी चाची-क्यू कि ये मंदिर की पूजा और मेला 8 साल बाद होती है

अवी-और कितने दिन रहता है मेला

सी चाची-25 दिन

अवी-कब शुरू होगा

सी चाची-अगले महीने से स्टार्ट होगा.

अवी-क्या दिन भर रहता है

सी चाची-मंदिर मे पूजा सुबह 6.00 बजे शुरू होती है. मंदिर मे जब तक पूजा चलती है तब तक मेला शुरू नही होता.

पूजा हो जाने के बाद सब लोग भगवान का दर्शन करते है फिर दोपेहर 3.00 बजे मेला शुरू होता है

 
फिर शाम मे एक और पूजा होती है . वो पूजा 1 घंटे की होती है. उसके बाद कुछ लोग फिर भगवान के दर्शन करते है और कुछ लोग मेले का मज़ा लेते है. फिर रात 11.00 बजे मेला ख़तम होता है. ऐसा 25 दिन चलता है.और इस मेले मे बहुत दूर दूर से लोग आते है.

अवी-फिर तो मज़ा आएगा. मैं तो पहली बार मेले मे जाउन्गा.

सी चाची-मेरे लिए तो ये मेला खास है

अवी-क्यू?

सी चाची-क्यू की पिछली बार इसी मेले मे मेरी शादी हुई थी

अवी-आपकी शादी

सी चाची-हाँ,

अवी-बतैइना कैसे हुई थी आपकी शादी ,मैं तो आपकी शादी मे नही था ,आप बताइए

सी चाची-आज नही कल बताउन्गी. अभी मेला शुरू होने मे सिर्फ़ 1 हफ़्ता बाकी है,इस बार बहुत देर हो गयी है, एक तो हम माँ बन गयी और दूसरी तरफ ठाकुर की बहू भी माँ बन गयी जिस की वजह से हम मेले पे ध्यान नही दे रहे है. इस लिए मुझे बहुत काम करना है.

अवी-कल, पर पक्का कल

सी चाची-हाँ,कल बताउन्गी. उसके अगले दिन ठाकुर के हवेली भी तो जाना है

अवी-ठाकुर की हवेली,आपने कहा था कि मेले के सिलसिले मे बात करनी है

सी चाची-तुम्हे तो कुछ पता नही है

अवी-बताइए ना क्या पता नही है

सी चाची-ठाकुर और हमारी फॅमिली इस मंदिर मे पूजा करते है. सब देख रेख हमे कर करनी पड़ती है.

पूजा हो जाने के बाद सब लोग भगवान का दर्शन करते है फिर दोपेहर 3.00 बजे मेला शुरू होता है

फिर शाम मे एक और पूजा होती है . वो पूजा 1 घंटे की होती है. उसके बाद कुछ लोग फिर भगवान के दर्शन करते है और कुछ लोग मेले का मज़ा लेते है. फिर रात 11.00 बजे मेला ख़तम होता है. ऐसा 25 दिन चलता है.और इस मेले मे बहुत दूर दूर से लोग आते है.

अवी-फिर तो मज़ा आएगा. मैं तो पहली बार मेले मे जाउन्गा.

सी चाची-मेरे लिए तो ये मेला खास है

अवी-क्यू?

सी चाची-क्यू की पिछली बार इसी मेले मे मेरी शादी हुई थी

अवी-आपकी शादी

सी चाची-हाँ,

अवी-बताइए ना कैसे हुई थी आपकी शादी ,मैं तो आपकी शादी मे नही था ,आप बताइए

सी चाची-आज नही कल बताउन्गी. अभी मेला शुरू होने मे सिर्फ़ 1 हफ़्ता बाकी है,इस बार बहुत देर हो गयी है, एक तो हम माँ बन गयी और दूसरी तरफ ठाकुर की बहू भी माँ बन गयी जिस की वजह से हम मेले पे ध्यान नही दे रहे है. इस लिए मुझे बहुत काम करना है.

अवी-कल, पर पक्का कल

सी चाची-हाँ,कल बताउन्गा. उसके अगले दिन ठाकुर के हवेली भी तो जाना है

अवी-ठाकुर की हवेली,आपने कहा था कि मेले की सिलसिले मे बात करनी है

सी चाची-तुम्हें तो कुछ पता नही है

अवी-बताइए ना क्या पता नही है

सी चाची-ठाकुर और हमारी फॅमिली इस मंदिर मे पूजा करते है. सब देख रेख हमे कर करनी पड़ती है.

पहली पूजा ठाकुर की फॅमिली करती है और दूसरी पूजा हम करते है.

पिछली बार तुम्हारे दादाजी ने की थी. अब वो नही है तो कौन करेगा इसके लिए बात करने जाना है.

और हाँ तुम 1 महीना कॉलेज नही जा सकते. हमारी तरफ से सब कुछ तुम्हारे चाचा और तुम्हे करना होगा.

सब तुम पर है. ये हमारी फॅमिली की परंपरा है इसे कुछ होने मत देना

अवी-मैं कोशिस करूँगा

सी चाची-कोशिस नही ,तुम्हे जी जान लगा कर काम करना होगा.

अवी-वो भी करूँगा

सी चाची-क्या करूँगा .पहले ठीक तो हो जाओ

अवी-एक दिन आराम करने की ज़रूरत है.

सी चाची-अभी जितना आराम करना है कर लो बाद मे आराम करने क्या दिखा से बैठ ने भी नही मिलेगा.

अवी-चाची

सी चाची-क्या डर गये

अवी-क्या मैं मेले मे चुदाई कर सकता हू

सी चाची-हँसने लगी. तुम नही सुधरोगे.टाइम मिला तो कर लेना. और वैसे भी ठाकुर के साथ रहने वाले हो. चुदाई तो ठाकुर जमकर करते है.

अवी-फिर तो मज़ा आएगा.

सी चाची-मज़ा और काम

सी चाची-चल अब सो जा

अवी-गुड नाइट

सी चाची-गुड नाइट.

 


450

चाची के बाद मैं सो गया

मैं सो रहा था कि 11.00 बजे मोबाइल बजने लगा.

इतनी रात को किस का कॉल होगा.

मैं ने मोबाइल देखा,

रानी का कॉल था.

अवी-हेलो

रानी-सो रहे थे

अवी-हाँ

रानी-इतनी जल्दी

अवी-थक गया था.

रानी-2 दिन ऐसा क्या किया जो थक गये थे

अवी-सॉरी मैं ने तुम्हे कॉल नही किया

रानी-कोई बात नही.पर मैं तुम से नाराज़ हू

अवी-नाराज़ किस लिए.

रानी-आज मेरा फिज़िक्स का क्विज़ था ,और तुम देखने नही आए

अवी-(मैं तो भूल गया. आज तो कोमल ,रानी और आरती का क्विज़ था. )सॉरी वो मैं

रानी-क्या सॉरी ,कम से कम विश तो करो

अवी-तुम जीत गयी.

रानी-हाँ, हमारे ग्रूप से कोई टक्कर ले नही सकता.

अवी-कोंग्रट्ज़ ,पार्टी कब दे रही हो

रानी-पार्टी के लिए तुम्हारा पास टाइम है और मेरे लिए नही.

अवी-सॉरी दुबारा ऐसा नही होगा.

रानी-ठीक है, वैसे भी चाची ने मुझे सब बता दिया

अवी-क्या बताया

रानी-यही कि तुम मेले के कामो मे बिज़ी हो

अवी-हाँ वो बहुत काम है

रानी-वो पता है.इसी लिए पार्टी मेले के बाद दूँगी.

अवी-पार्टी तो बहाना है. मैं तो तुम्हारा साथ

मेरी बात काट कर, बात बदल दी

रानी-मेला तो 25 दिन चलने वाला है

अवी-हाँ

रानी-फिर तो तुम कॉलेज नही आओगे

अवी-काम के वजह से नही आ पाउन्गा

रानी-फिर मुझसे कैसे मिलोगे

अवी-फोन पर बात करेंगे

रानी-बस फोन पर

अवी-और क्या कर सकते है

रानी-क्या मैं वहाँ आ जाउ. तुम्हारी मदद करने के लिए

अवी-तुम यहाँ, कोमल

रानी-कोमल ने तो बुलाया है मुझे मेला देखने के लिए.

अवी-सच

रानी-हाँ, और वो भी पूरे 1 महीने के लिए

अवी-तुम्हारी मम्मी

रानी-वो काम के सिलसिले मे 1 महीने के लिए बाहर जा रही है.

अवी-फिर तो हम यहाँ खूब मज़ा करेंगे

रानी-नही कर सकते

अवी-क्यू?

रानी-कोमल मुझ से एक पल के लिए अलग नही होगी

अवी-कोई बात नही,कम से कम हम मिलेंगे तो सही .

रानी-हाँ, और मैं ज़्यादा समय चाची के साथ रह सकती हू

अवी-ये ठीक रहेगा. थोड़ा टाइम मेरे लिए भी निकाल लेना

रानी-क्या करने के लिए

अवी-थोड़ी मस्ती करेंगे

रानी-बिल्कुल नही.

अवी-क्या नही, तुम आओ तो सही फिर दिखाता हू

रानी-मैं चाची को बता दूँगी

अवी-बता दो

रानी-बड़ी चाची को

अवी-कम से कम किस तो मिलेगा ना

रानी-वो तो जब चाहे ले लेना

अवी-तो जल्दी आ जाओ

रानी-आती हू,

फिर रानी को गुड नाइट किस करने के बाद मैं ने कॉल कट कर दिया.

रानी आने वाली है, फिर तो स्वेता दीदी और सीतल दीदी भी आएगी. साथ मे पूनम और ज्योति बुआ भी आएगी.

ज्योति बुआ ,चाचा पर नज़र रखनी होगी.

नज़र रखने की ज़रूरत नही है,सब लोग साथ मे रहेंगे तो चाचा को कुछ करने का मोका नही मिलेगा.

मुझे तो अब 1 महीना यही रुकना होगा. मतलब फिर से उस सेल्स गर्ल की गंद नही मार पाउन्गा. पर कोई बात नही उसका अड्रेस तो लिया है ना ,

जब मेला ख़तम होगा तब उसकी गंद मारूँगा.

कल का दिन तो आराम करने मे चला जाएगा. फिर नेक्स्ट डे ठाकुर की हवेली मे जाना होगा.

पंकज और करीम को बताना होगा कि मैं 1 महीना कॉलेज नही आ पाउन्गा.

जो करना है वो कल करूँगा .अब तो सो लेता हू.

फिर मैं सो गया.

 


451

नेक्स्ट डे

बड़ी चाची ने मुझे नींद से जगाया

ब चाची-उठो अवी

अवी-सोने दो ना चाची.

ब चाची-उठो सुबह के 5.00 बज गये है

अवी-इतनी सुबह क्यू उठाया

ब चाची-तुम्हे अब 1 महीने तक इसी टाइम पर उतना होगा. आदत डाल लो

अवी-देखो उठ गया

ब चाची-ये क्या कपड़े पहन कर तो सो जाते

अवी-वो याद नही रहा.

ब चाची ने मेरे शरीर पर ब्लंकेट डाल दिया

ब चाची-कल से इसी समय पर उठा करो

अवी-जी चाची

ब चाची-और हाँ मेले के बारे मे पता है तुम्हे

अवी-हाँ

ब चाची-तुम्हे कहाँ से पता चला

अवी-कल छोटी चाची ने बताया

ब चाची-क्या बताया

अवी-यही की परंपरा टुटनी नही चाहिए.

ब चाची-तो तुम समझ गये

अवी-हाँ

ब चाची-और एक बात कल ठाकुर की हवेली जाना है

अवी-वो भी बताया

ब चाची-चलो अच्छा है मीना ने तुम्हे सब बता दिया.

अवी-चाची पूजा कौन करेगा

ब चाची-उसकी टेन्षन तुम मत लो, हम देख लेंगे.और हाँ ठाकुर से थोडा दूर रहना

अवी-क्यू?

ब चाची-वो गंदे काम करते है.

अवी-गंदे काम, ठीक है मैं उनसे दूर रहूँगा

ब चाची-चलो कसरत करने

फिर मैं कसरत करने चला गया.

कसरत करने के बाद पंकज को कॉल किया

पंकज-कहाँ है तू, कॉलेज क्यू नही आया

अवी-क्यू क्या है कॉलेज मे

पंकज-अब अगले हफ्ते से स्पोर्ट शुरू हो रहे

अवी-(ये स्पोर्ट भी अभी शुरू होने थे) अब मैं 1महीना कॉलेज नही आने वाला

पंकज-क्यू?

अवी-मेरे गाओं मे मेला है

पंकज-अरे हाँ, मैं तो भूल ही गया. मतलब तू कॉलेज नही आएगा. अगर आता तो मज़ा आ जाता .चल जाने दे,वैसे हमे मेला दिखाएगा कि नही

अवी-तू आएगा तो दिखाउन्गा

पंकज-मैं तो पूरी फॅमिली के साथ आता हू

अवी-आने से पहले बता देना

पंकज-बता दूँगा

अवी-और बता मामी का क्या हुआ

पंकज-कल अपने आप घर आ गयी. और मामा को गालियाँ देते हुए अपने शहर ले गयी. पता नही मामा और मामी मे क्या हुआ

अवी-तू ज़्यादा मत सोच

पंकज-मैं तो हमेशा कम सोचता हू

अवी-(इसी लिए तू चूतिया है) फिर मिलते है मेले मे

पंकज-हाँ,

पंकज करीम को बता देगा कि मैं कॉलेज नही आउन्गा.

करीम मेरी प्रॉक्सी मार देगा. और वैसे भी स्पोर्ट शुरू होने की वजह से कॉलेज नही गये तो भी चलता है

पंकज को कॉल करने के बाद मैं फ्रेश हो गया.

फिर दोपेहर मे कोमल मुझसे मिलने आ गयी.

अवी-कोंग्रट्ज़

कोमल-तुम्हे पता चल गया.

अवी-हाँ, और वैसे भी तुमसे ज़्यादा कॉलेज मे कोई टॅलेंटेड नही है

कोमल-हाँ, हमारा ग्रूप स्ट्रॉंग था. ऐसा लगा ही नही कि हम क्विज़ मे है.

अवी-वो छोड़ो ,ये बता पार्टी कब दे रही हो

कोमल-कब चाहिए

अवी-जब तुम्हारा दिल करे तब देना

कोमल-मैं रानी और आरती से पूछती हू.

कोमल के गुस्सा होने से पहले मैं ने कोमल को दूसरी बातों मे बिज़ी कर दिया. पर कोमल को याद आ गया कि वो यहाँ क्यू आई है.

कोमल-कहाँ गायब रहते हो

अवी-यही पर तो था.

कोमल-मैं 2 दिन की बात कर रही हू

अवी-वो मैं पंकज के घर था

कोमल-पंकज के साथ कुछ ज़्यादा ...जाने दो मैं तुम्हें ये बताने आई थी कि हम 1 महीना कॉलेज नही जा सकते

अवी-(ये तो मुझे पता है)सच

कोमल-इतना खुश मत हो. तुम्हे कोई आराम करने नही मिलने वाला है

अवी-(ये भी मुझे पता है) क्यू?

कोमल-मेला शुरू हो रहा है.तुम्हे क्या कुछ पता नही होता

अवी-मेला,तुम मेरा कितना ख़याल रखती हो .मुझे तो पता नही था मेले के बारे मे

कोमल-अगर मैं नही होती तो तुम्हारा क्या होता

अवी-(कोमल तो हवा मे उड़ने लगी) हा, तुम नही होती तो मेरा क्या होता

कोमल-तुम्हें एक और बात बताती हू

अवी-बताओ

कोमल-कॉलेज मे स्पोर्ट शुरू हो रहे है. जिस से हम 1 महीना कॉलेज नही गये तो भी चल जाएगा

अवी-तुम ग्रेट हो .पर पढ़ाई तो करनी होगी

कोमल-हाँ, पढ़ाई करने और मेले मे घूमने के लिए मैं ने रानी को बुलाया है यहाँ रहने के लिए

अवी-ये तो अच्छी बात है. कब आ रही है रानी

कोमल-अगले हफ्ते

फिर कोमल के साथ इधर उधर की बातें करने के बाद कोमल अपने घर चली गयी

 
452

कोमल के जाने के बाद दोपेहर मे मैं आराम करने लगा .

अभी आराम कर रहा था कि बड़ी चाची ने मुझे हॉल मे बुलाया.

ब चाची-अवी हम पूजा के घर जा रहे है

अवी-सब जान जा रहे है

ब चाची-सब नही सीमा यही रुकेंगी.

ब चाची-सीमा तुम यही रुक कर अवी का ख़याल रखना .हम पूजा के घर जा कर आते है

म चाची-जी दीदी

फिर बड़ी चाची, छोटी चाची, चाचा पूजा बुआ के घर चले गये. साथ मे रति अपने घर चली गयी. मेला जो लगने वाला था.

घर मे सिर्फ़ मैं ,सीमा चाची और हमारी बेटी परी रह गयी.

ये मेरे लिए अच्छा मोका था.सीमा चाची और मैं अकेले घर पर.

चाची के जाने के बाद मैं अपने कमरे मे आकर बेड पर लेट गया.

15 मिनिट बाद मैं ने दर्द का नाटक करते हुए सीमा चाची को आवाज़ दी.

सीमा चाची परी को लेकर मेरे कमरे मे आ गयी.

म चाची-क्या हुआ अवी

अवी-चाची कल की तरह दर्द हो रहा है

म चाची-कल की तरह,मैं मीना को बुला कर लाती हू

अवी-तब तक तो दर्द बढ़ जाएगा. आप ही कुछ कीजिए ना

म चाची-मैं ,ठीक है करती हू तेरे दर्द का इलाज

सीमा चाची ने मेरा पैंट और फिर अंडरवेर निकाल ली.

अंडरवेर निकालते ही चाची शॉक्ड हो गयी

म चाची-अवी ये तो कल की तरह खड़ा नही है

अवी-पता है. मुझे कोई दर्द नही हो रहा है.

म चाची-फिर ये नाटक क्यूँ किया

अवी-आपके साथ प्यार करने के लिए

म चाची-प्यार, तुझे पता है ना मीना ने क्या कहा है.

अवी-पता है छोटी चाची ने मना किया है.पर आज छोटी चाची नही है

म चाची-तो क्या हुआ ,मैं चुदाई नही कर सकती

अवी-और क्या कर सकती हो

म चाची-कुछ भी नही

अवी-कम से कम चूस कर मुझे आराम तो दे सकती हो ना,

म चाची-हाँ वो कर सकती हू,

अवी-तो निकालिए अपने कपड़े

म चाची-मैं ऐसे ही चूसुन्गि. अगर मैं ने अपने कपड़े निकाले तो कंट्रोल नही कर पाउन्गी,और मीना मुझ पर गुस्सा होगी

अवी-ठीक है. ऐसे ही कीजिए ,पहले लंड को खड़ा कीजिए फिर

म चाची-पता है मुझे क्या करना है,बस अपनी चाची का कमाल देखो,

सीमा चाची मेरे पास बैठ गयी. और मेरे लंड को हाथ मे पकड़ कर हिलाने लगी.

मेरी तीनो चाची अप्सरा से कम नही थी.उस पे सीमा चाची सेक्स की देवी है.

सीमा चाची ने खुद पे बहुत कंट्रोल रखा था ,वरना सीमा चाची मुझ से दूर नही रह पाती.

सीमा चाची के हाथो का जादू ऐसा चलने लगा कि मेरा लंड नशे मे झूमने लगा.

सीमा चाची का हाथ लंड पर चल रहा था लेकिन सीमा चाची अपने होंठो को दातों मे दबा रही थी. मतलब सीमा चाची जल्द से जल्द मेरे लंड को प्यार करना चाहती है.

सीमा चाची अपनी तमन्ना पूरी करने के लिए अपने हाथो को जल्द से जल्द लंड खड़ा करने का हुकुम दिया.

चाची के हाथो का जादू चल गया.थोड़ी देर लंड को हिलाने से मेरा लंड खड़ा हो गया.

चाची तब तक हिलाती रही जब तक मेरा लंड रोड की तरह खड़ा नही हो गया.

लंड खड़ा होते ही चाची खुश हो गयी. उनको कल मेरे लंड को हिलाने नही मिला था पर आज लंड चूसने मिलने वाला था.

म चाची-अवी ,मीना को मत बताना

अवी-नही बताउन्गा.अब शुरू कीजिए

चाची ने एक बार मेरी तरफ देखा और फिर लंड को हाथ मे पकड़ कर टोपे को जीभ से चाटने लगी.

चाची की जीभ मेरे लंड को छुते ही मेरे शरीर मे करेंट दौड़ गया.

आआहह चाछिईीई

चाची ने मेरी तरफ देखा और मुश्कुरा कर फिर टोपे को चाटने लगी.

आज चाची मेरी जान लेकर रहेंगी. चाची इतने प्यार से टोपा चाट रही थी कि मुझे बर्दास्त करना मुश्किल हो रहा था.

एक अलग ही मज़ा मिल रहा था चाची के प्यार करने से ,और चाची भी खुश थी अपने बेटे ,अपने पति, अपने भतीजे को प्यार करके

चाची का मैं बेटा भी था. और अपने बेटे को ज़्यादा देर तड़पाना नही चाहती थी.इस लिए चाची ने टोपा चाटने के बाद पूरे लंड को चाट कर गीला किया. यहाँ तक कि मेरे आंडो को भी चाटने लगी.

चाची के ऐसा करने से मैं चाची का गुलाम हो गया था. मैं परम आनंद महसूस कर रहा था.

मैं तो सातवे आसमान पर था.

मैं इस दिन का कब से इंतज़ार कर रहा था कि चाची मुझे प्यार करे, मेरी तरह चाची भी इस दिन के इंतज़ार मे थी.

जब आज वो दिन आ गया तो चाची पूरा मज़ा लेना चाहती थी. पूरी कसर निकालना चाहती है.

चाची बड़े प्यार से मेरे लंड को चाट रही थी,लंड पर किस कर रही थी.

लंड को चाटने के बाद चाची ने पूरे लंड को एक बार मे पूरा मुँह मे ले लिया और बाहर निकाल लिया.

चाची के मुँह मे जाने से लंड को ठंडक मिल गयी. लंड चाची के मुँह मे जाकर खुश होकर झटके मार रहा था. लंड का बस चले तो वो हमेशा के लिए मुँह मे रहेंगा.

चाची का ऐसा करने से लंड के साथ मुझे भी अच्छा लग रहा था.

फिर चाची आधे लंड को मुँह मे लेकर चूस ने लगी.

चाची का मुँह ओ शेप मे हो गया और उसमे मेरा लंड अंदर बाहर हो रहा था.

चाची ने एक हाथ से मेरे आधे लंड को पकड़ रखा था और दूसरे हाथ से मेरे आंडो को सहला रही थी.और लंड को चूस रही थी.

लंड और आंडो के साथ खेलने से मुझे मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर लंड चूसने के बाद चाची ने लंड बाहर निकाल लिया .और लंड पर थप्पड़ मारने लगी.

अवी-चाची क्या कर रही हो

म चाची-कुछ नही. इतने दिन दूर रहने की सज़ा दे रही हूँ.

अवी-चाची ये तो आप का है.ये तो आपके पास रहना चाहता है पर आप हो कि

चाची ने मेरी बात पूरी होने से पहले लंड को चूसना शुरू किया.

चाची के प्यार की गरमी मेरे लंड को पिघलने पे मज़बूर कर रही थी.

चाची ने तो डिसाइड किया था कि जब तक मेरा पानी नही निकलता तब तक लंड मुँह से बाहर नही निकालेगी.

चाची इस बार जोश मे आकर मेरा लंड चूस रही थी.

चाची का प्यार और जोश मैं तो चारो खाने चित हो रहा था.

चाची के प्रति मेरा प्यार मेरा कंट्रोल कम रहा था.

और क्या है ना चाची तो चाची है, मैं कितना भी खुद पर कंट्रोल करू पर चाची के सामने हार ने के सिवा कोई दूसरा रास्ता नही था

और जो होना था वो हो गया. मैं ने वीर्य चाची के मुँह मे डाल दिया.

चाची ने मेरा वीर्य बड़े चाव से पी लिया. और फिर लंड को चाट कर साफ कर दिया.

चाची जीत गयी. और चाची के जीतने से मैं बहुत खुश था.

 


453

चाची से प्यार करके दिल को खुशी मिल गयी.

चाची मेरा वीर्य पी कर खुद को तरो ताज़ा महसूस करने लगी.

म चाची-अब तो खुश हो ना तुम

अवी-अभी तो बस आधा खुश हुआ हू.

म चाची-अब और क्या करना है

अवी-आपने तो चूस लिया, अब मुझे आपकी चूसनी है

म चाची-मेरी , वो नही कर सकती

अवी-क्यूँ?

म चाची-अगर तुमने मेरी चूत चूसी तो मैं कंट्रोल नही कर पाउन्गी

अवी-पिछली बार तो मैं ने आपकी चूत चूसी थी.

म चाची-तब हम बाथरूम मे थे और मीना घर मे थी. जिस से तुम्हे आगे कुछ करने का मोका नही मिला

अवी-वो ठीक है, पर आप मेरे साथ चुदाई क्यू नही करना चाहती.

म चाची-जब तक दीदी को पता नही चलता और दीदी तुम्हारे साथ करने के लिए इजाज़त नही देती तब तक हम नही कर सकते

अवी-मुझे एक बात समझ नही आता कि आप बड़ी चाची के बिना चुदाई क्यू नही कर सकती

म चाची-ये जान कर क्या करेगा

अवी-मुझे आज जान ना है.

म चाची-तुम्हे आज बता ही देती हू

तुम्हें हमारी फॅमिली के बारे मे ज़्यादा पता नही है , हमारी फॅमिली भी यहाँ आती नही है.

पहले तुम्हे ये बता देती हू

अवी-हाँ, यही से शुरुआत कीजिए

म चाची-सुमन दीदी एक ज़मींदार की बेटी है ,उनकी फॅमिली उनके गाओं मे सब से अमीर है.

मैं एक ग़रीब फॅमिली से हूँ.

मीना की फॅमिली मेरी फॅमिली से अच्छी है पर

अवी-छोटी चाची का मत बताइए

म चाची-क्यू?

अवी-छोटी चाची मुझे अपनी शादी की बात आज रात को बताने वाली है

म चाची-अरे हाँ उसकी शादी तो पिछले मेले के समय हुई थी ठीक है मीना के बारे मे नही बताउन्गी

अवी-आप बड़ी चाची और अपने बारे मे बताइए

म चाची- ठीक है ,सुमन दीदी से शुरुआत करती हू.

जब सुमन दीदी की शादी हुई तो वो बहुत खुश थी .इस घर मे वो अकेली औरत थी. तुम्हारी दादी तो पहले ही भगवान के घर गयी थी.

तुम्हारा चाचा इतनी जल्दी शादी करने को तय्यार नही थे पर दादाजी के आगे उनकी एक ना चली और सुमन दीदी के साथ शादी हो गयी.

तुम अपने माता पिता के साथ शहर मे रहते थे जिस की वजह से तुम्हारे चाचा की शादी करनी ज़रूरी थी. घर मे एक लक्ष्मी चाहिए थी. दादाजी ने तुम्हारे चाचा के लिए सुमन दीदी को सेलेक्ट किया. उनको जैसी बहू चाहिए थी वैसी सारी खूबियाँ सुमन दीदी मे थी.

सुमन दीदी ने अपने पास्ट के बारे मे भूल कर नये से अपनी लाइफ जीना शुरू किया.

सुमन दीदी ने अपनी पुरानी लाइफ मे बहुत मुश्किलो का सामना किया था,उनको भूलना मुश्किल था पर दादाजी के विश्वास और तुम्हारे चाचा के प्यार ने सुमन दीदी पुरानी बातें भूलने मे मदद की

अवी-रुकिये

म चाची-क्या हुआ

अवी-आपने कहा कि बड़ी चाची ज़मींदार की फॅमिली से है. फिर मुश्किलो का सामना कैसे किया

म चाची-वो क्या है ना. जब सुमन दीदी छोटी थी तब की बात है.

दीदी की फॅमिली बहुत बड़ी है. सब के बारे मे बताने गयी तो रात हो जाएँगी.

अवी-आप बस जो ज़रूरी है वही बताइए

म चाची-सुमन दीदी का बचपन इतना खास नही था.

सुमन दीदी का बचपन उनकी बड़ी बहन के आस पास ही चल रहा था.

सुमन दीदी से बड़ी एक बहन है.उसके साथ दीदी स्कूल जाती थी. उसके साथ खेलती ,अपने सुख दुख शेर करती. सुमन दीदी दिल की साफ है वो जल्दी दूसरो पे भरोसा करती है,और अगर वो अपने हो जो आँखे बंद करके भरोसा करती है.

लेकिन उनकी बहन दीदी से अलग थी. वो दीदी से जलती थी. बस इंतज़ार करती कि कब दीदी को परेशान करने का मोका मिले.और एक दिन मोका मिल गया.

एक दिन स्कूल के टीचर ने दीदी के साथ बत्तमीजी करने की कोशिश की. पर दीदी बड़ी मुश्किल से उसके हाथ से निकल गयी. वो रोते हुए घर गयी.

दीदी ने टीचर की बात अपने पिता को बता दी. दीदी के पिता ने टीचर को मार डाला. पर दीदी उस घटना के बाद इतनी डर गयी कि दीदी ने स्कूल जाना बंद किया. अपने पिता के कहने पर भी दीदी स्कूल नही गयी

दीदी घर मे एक बंद कमरे मे बैठी रहने लगी.

दीदी को उस समय एक सहेली एक साथी के सहारे की ज़रूरत थी.दीदी को लगा कि उसकी बड़ी बहन उनकी मदद करेंगी पर ऐसा नही हुआ.

दीदी के माता पिता दीदी से अपनी बड़ी बेटी से ज़्यादा प्यार करते थे . ये बात दीदी की बहन को पसंद नही आई और वो दीदी को टीचर के नाम से डराने लगी.

जब भी मोका मिलता दीदी को परेशान कर देती.दीदी इतनी डर गयी कि पूछो मत, फिर दीदी अपनी बहन से नफ़रत करने लगी.

अवी-बड़ी चाची के साथ इतना कुछ हो गया और मुझे किसी ने बताया नही

म चाची-ऐसी बात बताई नही जाती ,और ये दीदी के बचपन की बात है ,ये तो तुम्हारे चाचा को भी पता नही है.

अवी-फिर क्या हुआ

म चाची-फिर दीदी की शादी हो गयी. दीदी की शादी के 2 साल अच्छे से गये

अवी-2 साल के बाद क्या हुआ

म चाची-दीदी को बच्चा नही हुआ. फिर तुम्हारे चाचा दीदी को परेशान करने लगे.

दीदी को अपने मायके भेज दिया. पर मायके मे उनकी बड़ी बहन ने फिर उनको परेशान करना शुरू किया, उनको बच्चा ना होने पर उनको कुछ भी बोल देती.ताने मार देती,उनका जीना मुश्किल कर दिया था.

फिर एक दिन कुछ ज़्यादा ही हो गया. दीदी इतनी परेशान हो गयी कि उनको लगा अपनी बड़ी बहन से तो उनके पति अच्छे है. वो वापस घर आ गयी.

फिर तुम्हारे चाचा ने दूसरी शादी करने का फ़ैसला किया. दीदी ने उनको इजाज़त दे दी.

और तुम्हारे चाचा ने मुझसे शादी की. मैं ग़रीब थी जिस से मेरे माता पिता मुझे दूसरी पत्नी बनाने के लिए तय्यार हो गये.

और एक दूसरी बात भी थी. मैं ने कहा था ना कि मैं ने एक लड़के को किस किया था. उस लड़के ने ये बात सारे गाओं मे फैला दी.

जिस से मेरी शादी हो नही रही थी. फिर तुम्हारे दादाजी ने पता नही हम ग़रीबो मे क्या देखा जो हम से रिश्ता जोड़ने की बात कही. शायद वो दूसरे गाओं की लड़की देख रहे थे. दीदी बड़े घर से थी शायद इसी लिए ग़रीब घर की लड़की से शादी करवाना चाहते थे.और शादी वो भी बड़े घर मे ये सुनकर मेरे माता पिता मेरी शादी करने के लिए तय्यार हो गये

इस पे भी दीदी की बहन दीदी को परेशान करने लगी. तुम्हारी सौतन आएगी. ऐसा करेगी वैसा करेगी..

दीदी ने अपनी बहन को कहा कि तुमने मेरी बहन होके मेरा साथ नही दिया. मुझे परेशान करती हो. देखना मैं अपनी सौतन को अपनी बहन बनाउन्गी. तुम से भी अच्छी. ऐसी बहन बनाउन्गी कि वो मेरे लिए और मैं उसके जान भी देने के लिए पीछे नही हटेंगे

अवी-ये दीदी की बहन को मैं ने कभी देखा नही

म चाची-कैसे देखते, उसके बाद ना दीदी अपने मायके गयी और ना अपनी बहन को यहाँ आने दिया.और ना मायके वालो यहाँ आने नही दिया. बच्चों के नाम करण को भी दीदी के माता पिता और कुछ दूसरे रिशतेदार आए थे.

अवी-फिर क्या हुआ

म चाची-फिर मेरी शादी हुई. दीदी ने मेरे आते ही मेरे हाथ मे घर की चाबी दी. मेरी हर बात का ध्यान रखने लगी. मैं उन से छोटी थी फिर भी वो मुझे बड़ी जैसा मान देती.

मुझे दीदी अच्छी लगने लगी. हर किसी ने मुझे बताया था कि तुम्हारी सौतन तुम्हे परेशन करेगी.पर दीदी मेरा पूरा ख़याल रखती. मुझे खाना भी नही बनाने देती.

जब मैं बीमार पड़ जाती तो दीदी पूरी रात बिना सोए मेरे ख़याल रखती.

मुझे भी खुशियाँ मिल गयी. पर शादी के 2 साल बाद तुम्हारे चाचा ने मुझे परेशान करना शुरू किया.बच्चा ना होने की वजह से.

तब भी दीदी ने मेरा साथ दिया और मेरे लिए तुम्हारे चाचा के साथ झगड़ा किया. फिर तुम्हारे चाचा ने मुझे परेशान करना बंद किया.

उसके बाद तुम्हारे चाचा ने मीना से शादी की मैं ने और दीदी ने मीना को भी प्यार दिया, मान दिया, जैसा दीदी ने मुझे दिया वैसा हमने मीना के साथ किया

अवी-तो इस लिए आप बहनों जैसा रहती है

म चाची-हाँ, हमारे ऐसा रहने से हमारी ताक़त बढ़ जाती है. हम हर प्राब्लम का एक साथ मिलकर सामना करते है. एक साथ खुशियाँ मनाते है. एक दूसरे को जान से ज़्यादा प्यार करते है

अवी-मुझे तो ये सब पता नही था

म चाची-ऐसी बातें बच्चों को नही बताई जाती. और तुम तो उस समय शहर मे रहते थे. जब यहाँ आए तो तुम खुद दुखी रहते थे. फिर हम कब बताते. और आज मोका मिल गया तो बता दिया.

अवी-(पता नही और क्या क्या मुझ से छिपा कर रखा है)

म चाची-अब तुम ही बताओ बिना दीदी के हम तुम्हारे साथ चुदाई कैसे करे.जिस दीदी ने हमारा हर समय साथ दिया. उसके साथ हमे अपनी खुशिया भी तो बाँटनी होगी ना

अवी-हाँ, अब मैं तब तक इंतज़ार करूँगा जब तक आप बड़ी चाची को सच नही बताती.

म चाची- हम तो तुम से ज़्यादा बेताब है तुम्हारे साथ प्यार करने के लिए

अवी-बड़ी चाची को बताने के बाद मैं आपको प्यार करने के लिए कहूँगा

म चाची-ये हुई ना बात ,चल अब सो जा, रात मे मीना की कहानी भी सुन नी है

बड़ी चाची की स्टोरी सुन ने के बाद मेरे दिल मे बड़ी चाची के लिए प्यार और बढ़ गया.

 
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