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Guest
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रात मे ठकुराइन की चुदाई करने के बाद मैं सुबह उठ कर अपने घर चला गया.
इन 6 दिनो मे मैं बहुत कम बार अपने घर गया था.
चाची के साथ ठीक से बात भी नही हो पाई.
कल से तो मेला शुरू हो जाएगा.
मुझे आज थोड़ा आराम करना चाहिए
मैं घर जाकर अपने कमरे मे सो गया.
बाहर कॉटन के गद्दे पर सो जाओ पर उस पे वो नींद नही आती जो अपने कमरे मे अपने बेड पर सोने से आती है.
मैं तो घर आकर सो गया.
बड़ी चाची मुझे अपने से दूर देख कर उदास थी. मैं घर कम और हवेली ज़्यादा जाने लगा था जिस से बड़ी चाची मेरे बारे मे सोचती रहती थी.
बड़ी चाची ने 6 दिन मे मुझे ठीक से प्यार तो छोड़ो बात करने भी नही मिली.
यहाँ तक कि बड़ी चाची के हाथ का खाना भी खाने को नही मिला.
बड़ी चाची को उदास और ख़यालो मे खोया देख कर छोटी चाची ने बड़ी चाची से बात करने का फ़ैसला किया.
सी चाची-दीदी
बड़ी चाची ने कोई जवाब नही दिया .वो बस मेरे बारे मे सोचती रही.
सी चाची-दीदी ,दीदी ,
ब चाची-हड़बड़ा कर क्या हुआ ,
सी चाची-कुछ नही.
ब चाची-ह्म्म्मी
सी चाची-दीदी क्या सोच रही हो
ब चाची-कुछ नही...वो अवी के बारे मे सोच रही थी.
सी चाची-अवी के बारे मे
ब चाची-हाँ, देखा नही तूने अवी हम से बात भी नही कर रहा
सी चाची-आप भी ना दीदी, कुछ भी सोचती रहती हो
ब चाची-मैं क्या झूठ बोल रही हू
सी चाची-ऐसा मैं ने कब कहा.
ब चाची-तो फिर
सी चाची-दीदी आपको पता है ना अवी को कितना काम है, ऐसे मे उसे हम से बात करने के लिए समय कहाँ मिलेगा
ब चाची-2 मिनिट के लिए तो बात कर सकता है
सी चाची-दीदी हम ने अवी को इतनी ज़िम्मेदारी का काम दिया है ,अवी बस वो काम पूरा कर रहा है और हमारा नाम रोशन कर रहा है
ब चाची-वो तो अवी के चाचा ने काम करने से मना किया था इस लिए हम ने अवी को वो ज़िम्मेदारी दी है
सी चाची-हाँ ,पर आपने देखा नही, जो काम अवी के चाचा को पूरा करने मे 1 महीना लग जाता ,उस काम को अवी ने 5 दिन मे कितने अच्छे से पूरा काम किया. हर तरफ अवी के नाम लिया जा रहा है. और हम यही तो चाहती है कि अवी का नाम हो
ब चाची-वो सब ठीक है. पर ठाकुर,हवेली
सी चाची-ठाकुर हवेली,मैं समझी नही
ब चाची-तुम्हें पता है ना ठाकुरों के शौक कैसे होते है
सी चाची-हाँ पता है
ब चाची-रणजीतसिंघ के साथ रह कर ऐसे शौक अवी को लग गये तो
सी चाची-नही लगेंगे, हमारा अवी इन सब से दूर रहता है. वो शराब के नाम से दूर रहता है
ब चाची-वो तो मुझे भी पता है
सी चाची-फिर आप किस बारे मे बात कर रही है
ब चाची-मैं मेले की बात कर रही हू. पिछले मेले मे ठाकुर ने कितनी लड़कियो के साथ हवेली पर...तू समझ रही है ना
सी चाची-तो ये बात है
ब चाची-हाँ, तू तो पिछले मेले के बाद इस घर मे आई थी. तुझे पता नही. वो ठाकुर हवेली मे मेले के समय क्या क्या करता था और साथ मे अवी के दादाजी भी
सी चाची-ये आपको कैसे पता
ब चाची-एक दिन अवी के दादाजी को बुलाने हवेली गयी थी तब देखा था
सी चाची-आपको लगता है हमारा अवी भी ऐसा करेगा
ब चाची-अब मैं तुम्हें क्या बताऊ मीना, उस दिन अवी का वो देख कर मैं हर बार यही सोच रही हू कि अवी को हवेली मे बुरी आदत जल्दी लग जाएगी.
सी चाची-तो आप ही बताइए क्या किया जाए. अवी को तो मेले के काम के लिए रणजीतसिंघ के साथ रहना होगा. इस लिए अवी को हवेली तो जाना होगा.
ब चाची-ये ही तो परेशानी है
सी चाची-आपको मेले मे हवेली पर ये सब होता है पता था तो अवी को मेले का काम क्यू दिया
ब चाची-अवी के चाचा ने मना कर दिया था. और मेला तो हमारी फॅमिली की परंपरा है. अवी के चाचा के बाद सिर्फ़ अवी हमारे घर मे बड़ा है. उसके सिवा मैं किसे ये काम देती
सी चाची-तो फिर ये हवेली के बारे मे सोचना बंद कीजिए
ब चाची-कैसे करू मीना, 6 दिन से अवी,हर रात को हवेली मे सो रहा है. मुझे तो बहुत डर लग रहा है
सी चाची-तो आप ही बताइए मैं क्या करू
ब चाची-तू ऐसा कुछ सोच ना मीना जिस से अवी मेले का काम भी करे और अवी को हवेली भी ना जाना पड़े
सी चाची-ये तो मुश्किल काम है
ब चाची-तू मेरे लिए बस ये काम कर दे
सी चाची-आपके लिए तो सब कुछ, मुझे सोचने दीजिए
सी चाची-(क्या किया जाए,कैसे, अवी मेले का काम भी करे और हवेली ना जाए. और अवी मज़ा भी कर सके और बड़ी चाची को अच्छा भी लगे.हाँ ये हो सकता है)
सी चाची-दीदी अवी हवेली मे ना रहे यही चाहती है ना
ब चाची-हाँ, हवेली छोड़ कर वो कही भी रहेगा तो मुझे कोई परेशानी नही है
सी चाची-हमारे खेत का घर3 कैसा रहेगा.वहाँ से खेतो मे जो लोगो के रहने लिए बनाया है अवी उस पे नज़र रख सकता है. वहाँ सो भी सकता है. और ऐसा करने से अवी हवेली भी नही जा पाएगा
ब चाची-हाँ ये ठीक रहेगा. तेरा जवाब नही मीना. पर अवी के चाचा अवी को खेत वाला घर3 नही देंगे. वो तो वहाँ किसी को आने नही देते.दिन मे तो चल जाएगा पर रात मे अवी के चाचा उस घर3 को लॉक लगा देते है
सी चाची-वो आप मुझ पर छोड़ दो मैं अवी के चाचा को सभाल लूँगी.
ब चाची-अवी को भी तू बता, तेरी बात वो जल्दी मानता है
सी चाची-ठीक है. अब तो आप खुश है
ब चाची-हाँ, पर अवी को कहना कि आज वही पर सोना है,कल पूजा करनी है
सी चाची-और कुछ
ब चाची-नही,अब मैं आराम से पूजा की तय्यारी करती हू
सी चाची-हाँ कीजिए, पर मुझे आप से एक बात पूछनी है
ब चाची-हाँ पूछ
सी चाची-आप को ये पता चल गया ना अवी बड़ा हो गया है और साथ मे अवी का वो भी
ब चाची-हाँ, पता ही नही चला कब हमारा अवी बड़ा हो गया और...रुक बाद मे तूने क्या कहा...
छोटी चाची भाग कर मेरे कमरे मे आ गयी
बड़ी चाची छोटी चाची के पीछे पीछे मेरे कमरे मे आ गयी
ब चाची-क्या कहा था तूने
सी चाची-धीरे ,अवी सो रहा है.
ब चाची-कितना काम कर रहा है अवी, देख कितने आराम से सो रहा है
सी चाची-हाँ, चलिए हम हॉल मे चलते है, अवी को आज आराम करने की ज़्यादा ज़रूरत है ,कल से अवी को खाने के लिए समय नही मिलेगा
फिर छोटी चाची और बड़ी चाची हॉल मे जाकर बातें करने लगी.