S
StoryPublisher
Guest
484
रुकसाना मुझे गुस्से से देख रही थी और रज़िया नॉर्मल थी
रुकसाना-तू भी ना रज़िया थोड़ी देर रुक लेते वही अच्छा होता
रज़िया-अब क्या हुआ
रुकसाना-बंदर के साथ बैठ कर झूले का मज़ा नही ले पाएँगे
रज़िया-जाने दे ना वो अपना काम कर रहा है हम अपना मज़ा लेते है
मैं चुप चाप बैठ कर उनकी बातें सुन रहा था.
गुस्से शुरू हो गया.
रुकसाना-रज़िया मज़ा आ रहा है
रज़िया-हाँ
रुकसाना-रज़िया
रज़िया-हाँ बोल
रुकसाना-तुम्हें वो लड़का याद है
रज़िया-किस की बात कर रही है
रुकसाना-अरे वही. जिस ने मंदिर मे पूजा की थी और लोगो को प्रसाद दे रहा था
अवी-(ये तो मेरी बात कर रही है. देखता हूँ क्या बात करती है)
रज़िया-उसे तो मैं कभी नही भूल सकती, कितना हॅंडसम था वो
रुकसाना-हाँ, उसकी बॉडी देखी तुम ने
रज़िया-ऐसा था कि बस देखती रहूं
अवी-(इनको तो मैं पसंद आ गया.)
रुकसाना-काश वो मुझे मिल जाता ,
रज़िया-मिल जाता तो क्या करती
रुकसाना-पूरी रात ना मैं सोती और ना उसे सोने देती
अवी-(ये तो खुद तय्यार है मेरे साथ सोने के लिए)
रज़िया-धीरे बोल वो लड़का सुन रहा है
अवी-(सुनूँगा तभी तो तुम्हारी चूत मारूँगा)
रुकसाना-मैं क्या डरती हू किसी से
अवी-(डरना भी नही चाहिए ऐसी लड़की तो मुझे ज़्यादा पसंद है)
रज़िया-तो क्या कहा तूने
रुकसाना-अगर वो मिलता तो रात भर ना उसे सोने देती और ना मैं सोती.
रज़िया-बड़ी आई उसके साथ रात ...तुझ से पहले मैं उसके साथ मज़ा करती
अवी-(ये भी तय्यार है. एक साथ दोनो मिल जाए तो मज़ा आ जाएगा)
रुकसाना-तू ,
रज़िया-हाँ मैं, पर मुझे तो लगता था कि उसे हम दोनो भी कम पड़ सकती है
अवी-(सही कहा ,तुम दोनो को आज ही लूँगा)
रुकसाना-हाँ, वो एक गबरू पहलवान की तरह दिख रहा था. काश वो मुझे मिल जाता.
रज़िया-सपने मत देख हमारी तरह बाकी लड़किया भी यही सोच रही होगी
अवी-(काश सारी लड़किया तुम्हारी तरह सोचे)
रुकसाना- हमारी बात अलग है
रज़िया-क्या अलग है. तुझे कहा था कि उस से बात कर पर तू तो बस उसे देख कर अपनी प्यसस भूज़ा रही थी. और बाकी की लड़किया तो उसे से बात भी कर रही थी.
अवी-(अच्छा हुआ बात नही की. वरना मुझे तुम पर ट्राइ करना पड़ता. )
रुकसाना-कल करूँगी ना
अवी-(कल की ज़रूरत नही पड़ेगी. आज ही तुम्हारी चुदाई करूँगा)
रज़िया-कल तो उसके पीछे लड़कियो की लाइन लग जाएँगी. आज अच्छा मौका था. काम बन जाता तो हम उसके साथ मज़े कर रहे होते
अवी-(आज इनकी चुदाई करता हू, कल रणजीतसिंघ भी देने वाला है )
रुकसाना-हाँ, पर जो होना था वो हो गया. अब क्या कर सकते है
अवी-(अभी भी बहुत कुछ कर सकती हो)
रुकसाना-उसका नाम क्या था
अवी-(नाम मे क्या रखा है)
रज़िया-अवी
रुकसाना-आज अगर वो मिल जाता तो मैं आज ही लड़की से औरत बन ने को तय्यार थी.
अवी-(ये तो वर्जिन है. रज़िया भी वर्जिन हुई तो मज़ा आ जाएगा)
रज़िया-मैं भी
अवी-(दोनो वर्जिन, मेले की शुरुआत अच्छी हो रही है)
रुकसाना-उसके साथ करके मज़ा आता ,अगर वो मुझे प्यार करेगा तो मैं उसकी बन कर रहने को तय्यार थी .अगर नही करता तो भी उसके साथ मज़ा करके चली जाती , हम तो यहाँ के नही है. मेले के बाद कुछ प्राब्लम भी नही होती.
अवी-(ऐसी लड़किया मिल जाए तो मज़ा ज़्यादा आता है. चुदाई करने के बाद तुम कौन और मैं कौन.रात गयी बात गयी)
रज़िया-वो तो है. इस मेले मे अगर किसी के साथ भी किया तो ज़्यादा प्राब्लम नही होगी. पर अगर अवी मिल जाता तो मज़ा आ जाता
अवी-(मिलेगा रज़िया जान ,आज चूत और कल या फिर उसके अगले दिन गंद)
रुकसाना-काश बंदर की जगह अवी होता
अवी-(ये बंदर आज तुम्हारी चुदाई करने वाला है)
रज़िया-ज़्यादा सपने मत देख
रुकसाना-अभी तो उसे सपनो मे ही देखना होगा.
अवी-(पहले रियल मे देखो बाद मे सपने मे याद करते रह जाना)
रज़िया-आज तो वो मेरे सपनो मे आने वाला है.
रुकसाना-तेरे
रज़िया-अब सपने मे तो पहले मुझे मज़ा लेने दे
अवी-(रुकसाना से पहले तेरी चुदाई करूँगा रज़िया जान )
रुकसाना-चल दिया तू भी क्या याद रखेंगी
अवी-(नही देती तो भी रज़िया की चुदाई पहले करता)
रज़िया-शुक्रिया
फिर दोनो इधर उधर की बातें करते हुए झूले का मज़ा ले रही थी.
झूला रुकने वाला था.
अब इनको मेरा असली चेहरा दिखाने का समय आ गया.
इन को चेहरा दिखाता हूँ पर बात नही करूँगा. चुप चाप चला जाउन्गा.
ये दोनो मेरा चेहरा देख कर मेरे पीछे पीछे बात करने के लिए ज़रूर आएगी.
झूला हमारे बॉक्स के पास रुक गया. झूला रुकते ही मैं ने अपने मुँह पर से कपड़ा निकाल दिया.
कपड़ा निकलते ही उन दोनो को एक जोरदार झटका लगा.
जिसे वो बंदर कह रही थी वो उनके सपनो का राजा था.
उनको तो कुछ समझ नही आ रहा था कि वो क्या करे
वो कभी मेरी तरफ देखती तो कभी एक दूसरे की तरफ
रुकसाना का चेहरा सुन्न पड़ गया था. वो ज़्यादा शोक्ड हुई थी.
झूला रुकते ही मैं ने उनके सामने चुटकी बजाई. उनको होश मे लाया.
और झूले मे से उतर कर धीरे धीरे जाने लगा.
धीरे धीरे इस लिए जा रहा था कि उनको मुझे ढूँढने मे प्राब्लम ना हो जाए
वो दोनो भी उतर कर मेरे पीछे आ रही थी.