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मैं और मेरा परिवार

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अपडेट 271

मैं घर आ गया. पर घर आते वक्त मैने प्रेग्नेन्सी रोकने की मेडिसिन और पेन किल्लर खरीद ली.

घर आकर मैं ने खाना खा लिया और कमरे मे सोने के लिए चला गया.

दोपहर मे 4.00 बजे मेरी नींद खुल गयी. मैं 10 मिनट मे फ्रेश होकर नीचे हॉल मे चला गया. ज्योति बुआ के साथ टी पीने के बाद मैं जल्दी से कमरे मे चला गया.

और फिर 4.30 बजे छत पर चला गया.छत पे जाकर ज़ीया का इंतज़ार करने लगा.5 मिनट बाद वो आ गयी.पर वो रीया थी कि ज़ीया .कुछ समझ मे नही आया.

पर जो भी थी उस से मुझे कोई फराक नही पड़ रहा था. मुझे सिर्फ़ उसकी छत पर जाना था.

वो हमारी छत के पास आकर खड़ी हो गयी.

उसने टी-शर्ट और लोवर पहन रखा था. वो जिस तरह से मुझे देख रही थी मैं समझ गया कि ये रीया है .अगर ज़ीया होती तो अब तक मुझसे बात कर लेती.पर अच्छा हुआ कि वो रीया है.

कल जब मैने अपनी छत को साफ किया तो मैं ज़ीया की छत पर गया था.ज़ीया की छत पर एक स्टोर रूम था जिस के गेट पर ताला लगा हुआ था.

वो ताला पुराना था. हाथ लगाते ही खुल गया और थोड़ा दबाने पर बंद हो गया.

मैं रीया की छत पर चला गया . रीया मुझे अपनी छत पर देख कर शॉक्ड हो गयी. मैं रीया के पास चला गया.

मैं ने जानबूझ कर रीया को ज़ीया कहा.

{ रीया(ज़्)-रीया को ज़ीया

ज़ीया(र)-ज़ीया को रीया

समझ कर पढ़ना }

अवी-ज़ीया कैसी हो,कल तुम्हे मज़ा आया था ना

रीया(ज़्)-मेरी तरफ देखने लगी

अवी-तुम ज़ीया ही हो ना.(मुझे पता है कि ये रीया है)

रीया(ज़्)-हाँ

अवी-(रीया ने हाँ कहा. और मेरा काम हो गया) कल तुम्हे मज़ा आया ना

रीया(ज़्)-(ज़ीया ने कल इसके साथ क्या किया था .ज़ीया बन ने का नाटक कर के पता लगाती हू) हाँ

अवी-(फस गयी रीया.रीया को लगा ज़ीया बन कर सब पता लगा लेती हू) कल तुमने कहा कि आज पूरा मज़ा करेंगे.

रीया(ज़्)-(ज़ीया ने इसके साथ क्या किया था.) कल की तरह आज भी मज़ा करेंगे

अवी-(कल तो कुछ किया ही नही ) चलो फिर

रीया(ज़्)-कहाँ

अवी-तुम ज़ीया ही हो ना

रीया(ज़्)-(दिमाग़ से काम लेना होगा. ज़ीया की बाते करके पता लगाना होगा) हाँ,तुम्हे ऐसा क्यू लगा

अवी-फिर पूछ क्यू रही हो कहाँ जाना है.कल की तरह स्टोर रूम मे चलते है.नही तो यहाँ रीया देख लेंगी.

रीया(ज़्)-वहाँ तो ताला है

अवी-वो तो खुल जाएगा .अब चलो जल्दी

मैं रीया(ज़्) को लेकर स्टोर रूम मे चला गया.और स्टोर रूम बंद कर दिया और खिड़की से हाथ डाल कर बाहर से ताला लगा लिया. और खिड़की बंद कर दी .

रीया(ज़्) सोच रही थी कि आगे क्या होगा.

मैं ने रीया(ज़्) को पकड़ लिया. रीया(ज़्) शॉक्ड हो गयी. और मैं ने ज़्यादा देर ना करते हुए रीया(ज़्) के होंठो पे किस कर दिया.

किस करते ही रीया(ज़्) शॉक्ड हो गयी .उसकी आँख बड़ी हो गयी. उसे कुछ समझ मे नही आ रहा था.

मैं रीया(ज़्) के होंठो को चूसने लगा. इस तरह चूस रहा था कि रीया(ज़्) पागल हो जाए.

कभी उपर के होंठो को तो कभी नीचे के होंठो को चूस रहा था.मैं ने दोनो हाथो से रीया(ज़्) के सर को पकड़ रखा था.जिस से रीया(ज़्) किस तोड़ ना सके और मुझे धक्का ना दे सके.

3 मिनट के बाद रीया(ज़्) ने अपने बदन को दिला छोड़ दिया. मैं ने अपने हाथ छोड़ दिए और रीया(ज़्) को दीवार से लगा लिया.

किस करने से रीया(ज़्) पर सेक्स का नशा छाने लगा. रीया(ज़्) मेरा साथ दे नही रही थी पर मुझे रोक भी नही रही थी.

मैं ने अपना हाथ रीया(ज़्) की गंद पर रख दिया और रीया(ज़्) की गंद दबाने लगा.

रीया(ज़्) अब पूरी तरह से सेक्स के नशे मे खो गयी थी.

रीया(ज़्) ने अपनी आँख बंद कर दी.

मैं रीया(ज़्) को सेक्स के नशे से बाहर आने नही दे सकता था. अगर उसे होश आ गया तो वो मेरे हाथ से निकल जाएँगी.

रीया(ज़्) को किस करने के साथ मुझे कुछ और भी करना होगा.

मैं ने किस करते हुए अपना एक हाथ रीया(ज़्) के लोवर मे डाल दिया.

मेरा हाथ सीधा रीया(ज़्) की पैंटी के अंदर चला गया.

रीया(ज़्) ने अपनी आँख खोल दी. पर मैं रीया(ज़्) को किस करता रहा और चूत को हाथ से मसल रहा था.

रीया(ज़्) की चूत गीली हो गयी थी.

 
10 मिनट तक मैं रीया(ज़्) को किस करता रहा और चूत मसलता रहा.

फिर मैं ने रीया(ज़्) के होंठो छोड़ दिए. और रीया(ज़्) की गर्दन को किस करने लगा.

मुझे हर काम बिना रुके सुरू करना था.1 मिनट भी मैं रुका तो गेम पलट सकता है.

रीया(ज़्) हाथ से निकल गयी तो ज़ीया भी हाथ से निकल जाएगी.

मैं रीया(ज़्) नॉर्मल होने का मोका नही दे सकता था.

मैं गर्दन पे किस कर रहा था और अब मेरा हाथ रीया(ज़्) के बूब्स पर था.

रीया(ज़्) ने ब्रा नही पहनी थी. चलो एक काम आसान हो गया.

मैं रीया(ज़्) के बूब्स टी-शर्ट के उपर से दबाने लगा.

बूब्स दबाने से रीया(ज़्) मदहोश होने लगी .होगी भी क्यू ना क्यू कि रीया(ज़्) के बूब्स टाइट थे .मतलब अभी तक बूब्स को किसी ने टच नही किया है.

मतलब रीया(ज़्) कुवारि है. फिर तो ज़ीया भी कुवारि होगी.

बूब्स दबाने से और किस करने से रीया(ज़्) को कुछ समझ नही आ रहा था.

यही सही मोका है रीया(ज़्) के कपड़े निकालने का.

किस करते हुए कपड़े निकाले तो वो आराम से मुझे कपड़े निकालने देगी.

मैं ने रीया(ज़्) की टी-शर्ट निकाल दी. रीया(ज़्) की टी-शर्ट आराम से निकल गयी.

रीया(ज़्) के बूब्स आज़ाद हो गये.

बूब्स आज़ाद होते ही रीया(ज़्) को और मदहोश करने का रास्ता मिल गया.

मैं ने रीया(ज़्) की गर्दन और होंठो पर किस करना बंद किया. गर्दन पर किस करते हुए बूब्स पर किस करने लगा.

बूब्स पर किस करते ही रीया(ज़्) शीष्कारिया लेने लगी. मेरा तीर निशाने पे लगा.

सिर्फ़ बूब्स पे किस करने से ये हालत है तो चूसने पर क्या होगा. चलो ये भी ट्राइ करता हू

मैं रीया(ज़्) के बूब्स को चूसने लगा.

मैं रीया(ज़्) के लेफ्ट बूब्स को चूस रहा था और राइट बूब्स को हाथो से दबा रहा था.

रीया(ज़्) के मुँह से शीष्कारिया निकल रही थी.

रीया(ज़्) के बूब्स टाइट थे. रीया(ज़्) के निपल गुलाबी थे .

मैं पूरी मस्ती मे रीया(ज़्) के बूब्स दबाने लगा और चूसने लगा.

थोड़ी देर लेफ्ट बूब्स चूसने के बाद अब मैं राइट बूब्स चूसने लगा.और दूसरे हाथ से रीया(ज़्) की चूत मसल्ने लगा.

रीया(ज़्) इस डबल धमाके से पूरी नशे मे चली गयी.ज़ोर से शीष्कारिया लेने लगी.

अपनी आँख बंद कर मज़ा ले रही थी.

थोड़ी देर बूब्स चूसने के बाद मैं पेट पर किस करते हुए नीचे आ गया.

फिर मैं नीचे बैठ गया. रीया(ज़्) ने अभी भी अपनी आँख बंद करके रखी हुई थी.

मैं ने रीया(ज़्) के लोवर और पैंटी को एक साथ नीचे कर दिया.

रीया(ज़्) की कुँवारी चूत मेरे सामने थी. लोवर और पैंटी नीचे होते ही रीया(ज़्) ने अपनी आँख खोल दी.

रीया(ज़्) को समझ मे आ गया कि मैं क्या करने वाला हू.

रीया(ज़्) ने मुझे रोकने के लिए अपना मुँह खोला ही था कि मैं ने अपना मुँह रीया(ज़्) की चूत पर रख दिया .और रीया(ज़्) की चूत पर किस करने लगा.

चूत पर किस करने से रीया(ज़्) को मुँह जो मुझे रोकने के लिए खुला था उस से शीष्कारिया निकालने लगी.

रीया(ज़्) की चूत ने तो मुझे दीवाना बना दिया.अगर रीया(ज़्) चूत ऐसी है तो ज़ीया की चूत कैसे होगी.

मैं ज़ोर से रीया(ज़्) की चूत को चूसने लगा. फिर मैं अपनी जीभ रीया(ज़्) की चूत मे डालने लगा.

रीया(ज़्) की चूत टाइट थी. मैं ने अपने हाथ से रीया(ज़्) की चूत के होंठो को खोल दिया.

और मैं अपनी जीभ से रीया(ज़्) की चूत को चोदने लगा.

रीया(ज़्) जो थोड़ी देर के लिए होश मे आई थी वो फिर से सेक्स के नशे मे डूब गयी.

अब चूत का पानी निकलने के बाद भी रीया(ज़्) मुझे नही रोकेंगी.

रीया(ज़्)की छोटी सी चूत को बड़ी बनाने मे मुझे मज़ा आएगा.

रीया(ज़्) की प्यारी चूत ,कुवारि चूत,

छोटी चूत,

चिकनी चूत

गुलाभी चूत,

रसदार चूत,चाटने मे मज़ा आ रहा था.

रीया(ज़्) तो अब मेरे हाथ की कट्पुतली बन गयी थी.

आज रीया(ज़्) की चूत से पानी और खून दोनो निकालूँगा.

मैं रीया(ज़्)की चूत को चूस्ता रहा.

10 मिनट तक रीया(ज़्) की चूत चाट ता रहा.

फिर रीया(ज़्) ने मेरे सर को पकड़ लिया मैं समझ गया कि रीया(ज़्) की चूत रोने वाली है.

अभी तो पानी निकालेगी पर बाद मे खून निकालेंगी.

रीया(ज़्) की चूत ने पानी छोड़ दिया. मैं ने सारा पानी पी लिया. कुँवारी लड़की का पानी सच मे अलग होता है. मैं ने सारा पानी पी लिया.

और मैं ने रीया(ज़्) की चूत से अपना मुँह अलग कर दिया.चूत का पानी निकलने के बाद रीया(ज़्)को नॉर्मल होने मे बहुत टाइम लगेगा.
 


अपडेट 272

{ रीया(ज़्)-रीया को ज़ीया

ज़ीया(र)-ज़ीया को रीया

बना दिया }

रीया(ज़्) की चूत का सारा पानी मैं ने पी लिया .और रीया(ज़्) की चूत से मैं ने अपना मुँह अलग कर दिया.

रीया(ज़्) आँख बंद करके लंबी लंबी सासे ले रही थी .

रीया(ज़्)को नॉर्मल होमे बहुत समय लगने वाला था. जब तक रीया(ज़्) नॉर्मल होती है तब तक मैं ने अपने कपड़े निकाल लिए.

रीया(ज़्) खुद को नॉर्मल कर रही थी.

रीया(ज़्) पता नही चला कि मैं भी नंगा हो गया हू. रीया(ज़्) तो खुद को नॉर्मल कर रही थी.

रीया(ज़्) नॉर्मल हो रही थी कि मैं ने फिर से रीया(ज़्) के होंठो को चूसना सुरू किया.

मेरे किस करते ही रीया(ज़्)ने अपनी आँख खोल कर मुझे देखा और फिर से सेक्स का मज़ा लेने के लिए अपनी आँख बंद कर ली.

मेरे किस करने से रीया(ज़्) फिर सेक्स के नशे मे चली गयी.

रीया(ज़्)के साथ ओरल सेक्स करते हुए मुझे टाइम का ध्यान रखना होगा. देर हो गयी तो सीतल दीदी मुझे ढूँढ लेगी या फिर ज़ीया उपर आ सकती है रीया(ज़्)को देखने के लिए.

रीया(ज़्) के साथ ओरल सेक्स करते हुए 5.00 बज गये. मुझे जल्दी करना था अगर ज़ीया उपर आ गयी तो.

पर वो स्टोर रूम की तरफ नही आ सकती थी. फिर भी मुझे जल्दी करना होगा.

मैं रीया(ज़्) को किस करते हुए स्टोर रूम मे जो पुराना सोफा था उस पे ले गया. रीया(ज़्) मेरे इशारो पे नाच रही थी. मैं जैसा कर रहा था वो वैसे कर रही थी. ये था 1स्ट चुदाई का नशा.

रीया(ज़्) सोफे पर लेट गयी और मैं रीया(ज़्) के उपर आकर किस कर रहा था.

सोफे पर आते ही मेरा लंड रीया(ज़्) की चूत पे रगड़ने लगा. जिस से रीया(ज़्) गरम हो गयी थी

मैं रीया(ज़्) को पूछ भी नही सकता था कि मैं लंड अंदर डालु कि नही. अगर पूछ लेता तो गड़बड़ हो जाती.

मैं ने रीया(ज़्) को किस करते हुए अपना हाथ अपने लोवर तक बढ़ाया. लोवर मे से क्रीम निकाल ली .

रीया(ज़्) एक तो वर्जिन है. अगर बिना क्रीम के लंड अंदर डाला तो वो पूरे सोसायटी को चिल्ला चिल्ला कर जमा कर देंगी.

मैं क्रीम अपने हाथो पे लगा कर लंड पे लगाने लगा. साथ मे रीया(ज़्) को किस कर रहा था.

किस करना बंद करना मतलब रीया(ज़्)को हाथ से जाने देना. पर किस करते हुए,रीया(ज़्)के उपर होते हुए लंड पर क्रीम लगाना ,मुश्किल का काम था.पर रीया(ज़्)की चूत के लिए ये करना ज़रूरी था.

मैं ने अपने लंड पर अच्छे से क्रीम लगा ली.और फिर थोड़ी क्रीम रीया(ज़्) की चूत पर लगा दी.

क्रीम चूत पर लगते ही रीया(ज़्) की चूत जो गरम थी उसने क्रीम को पिघला दिया. मैं क्रीम को अच्छे से रीया(ज़्) की चूत पे लगाने लगा.

रीया(ज़्)को लगा होगा कि मैं फिर से उसकी चूत मसल रहा हू

मेरे लंड पर और रीया(ज़्)की चूत पर क्रीम लग चुकी थी.

किस तोड़ कर लंड चूत मे डालना मतलब रीया(ज़्)को सोचने का मोका देने के बराबर था.मैं रीया(ज़्) को नॉर्मल होने का कोई मोका देना नही चाहता था.

मैं ने किस करते हुए अपने लंड को चूत पर रख दिया. पर मैं ने लंड के उपर से अपना हाथ नही निकाला. क्यू कि लंड चूत मे जाने से पहले फिसल सकता था.और लंड फिसलना मतलब रीया(ज़्)को पता चल जाता कि मैं क्या करने वाला हू. रीया(ज़्) दुबारा चूत मे लंड नही डालने देंगी.

मुझे एक बार लंड चूत मे डालना था. लंड अंदर जाने के बाद रीया(ज़्) मना नही करेंगी.

मैं ने एक हाथ से लंड को रीया(ज़्)की चूत पर रखा और दूसरे हाथ से रीया(ज़्) को कस के पकड़ रखा था.

और रीया(ज़्) को किस करता रहा. फिर मैं ने ऐसा झटका मारा कि लंड को टोपा एक झटके मे अंदर चला गया.

अगर एक झटके मे अंदर नही जाता तो रीया(ज़्) समझ जाती कि मैं क्या कर रहा हू. और वो मना कर देती.

मैं एक साथ पूरा लंड नही डाल सकता था क्यू कि ऐसा किया तो रीया(ज़्)दर्द से चिल्ला सकती है और दूसरी बात ये कि रीया(ज़्) को ऐसा लग सकता था कि मैं ज़ीया के साथ ज़बरदस्ती कर रहा हू.

सिर्फ़ टोपा अंदर जाने से पहले रीया(ज़्)को जो मैं लगातार किस कर रहा था उस से रीया(ज़्) को लंड चाहिए था.

लंड चूत मे महसूस कर के और दर्द से रीया(ज़्) समझ गयी कि क्या हुआ है.रीया(ज़्) ने आँख खोली और मुझसे अलग होने की कोशिस करने लगी.

रीया(ज़्) की आँख मे पानी आ गया. रीया(ज़्) की जो चीख निकली वो मेरे मुँह मे दब गयी.

मैं रीया(ज़्) को शांत रखने की कोशिस कर रहा था. रीया(ज़्) की आँख से पानी आ रहा था. मैं ने अपना हाथ लंड से अलग किया.और रीया(ज़्) के बूब्स दबाने लगा. दूसरे हाथ से रीया(ज़्) को पकड़ रखा.

रीया(ज़्) को किस करता रहा.

थोड़ी देर मे रीया(ज़्) थोड़ी शांत हो गयी.

 
फिर मैं ने एक ज़ोर दार झटका मारा. ऐसा झटका मारा कि रीया(ज़्) की सील टूट जाए .इस झटके के साथ मेरा लंड लगभग आधा रीया(ज़्) के अंदर जा चुका था .

रीया(ज़्) को बहुत दर्द होने लगा.रीया(ज़्) उछल ने लगी . मुझे धक्का देने लगी.

पर मैं कहाँ उसे छोड़ने वाला था. मैं रीया(ज़्) को किस करता रहा.रीया(ज़्) मुझे अपने से अलग करने की कोशिस कर रही थी पर मेरी पकड़ से छूटना रीया(ज़्) के लिए मुश्किल काम था.

रीया(ज़्) कोशिस करती रही. कोशिस करने से रीया(ज़्) थक गयी थी.

उसका बदन पहले काँप रहा था और अब ढीला पड़ने से और काँपने लगा.

रीया(ज़्) ने मुझे कस के पकड़ लिया और मेरी पीठ मे नाख़ून लगा रही थी. जिससे मुझे जलन हो रही थी . पर मैं कहाँ मानने वाला था.

मैं उसे किस करता रहा रीया(ज़्) के बूब्स दबाता रहा.पर मैं ने रीया(ज़्) छोड़ा नही .

रीया(ज़्) की सारी मेहनत बेकार जा रही थी.

रीया(ज़्) की आँख से पानी निकल रहा था. और रीया(ज़्) का पूरा बदन पसीने मे नहा रहा था . रीया(ज़्) घूर घूर के मुझे देख रही थी .

पर कुछ बोल नही पा रही थी .थोड़ी देर मे रीया(ज़्) का दर्द कम हुआ.

दर्द कम होते ही मैं ने एक और ज़ोर का झटका दिया .फिर से रीया(ज़्) मुझे ज़ोर ज़ोर से धक्का देने लगी .

पर मेरा लंड पूरी तरह से उसकी चूत मे नही गया था .

मैं ने एक आख़िरी झटका दिया .इसी के साथ मेरा पूरा लंड रीया(ज़्) की चूत मे चला गया .

रीया(ज़्) मुझे फिर से धक्का देने लगी पर मैं ने उसे नही छोड़ा . 5 6 मिनट तक रीया(ज़्) को रोने दिया.

पर मैं ने किस करना नही छोड़ा.किस करते हुए रीया(ज़्) के बूब्स दबा रहा था.

इस 5 6 मिनट मे रीया(ज़्) की ताक़त ख़तम हो गयी. साथ मे रीया(ज़्) का दर्द भी कम हो गया.रीया(ज़्) का बदन ढीला पड़ गया.

फिर मैं ने किस करना बंद किया. मेरा मुँह उसके मुँह से अलग होते ही रीया(ज़्) लंबी लंबी सासे ले रही थी . रीया(ज़्) के होंठ थोड़े सूज गये थे.

अवी-(मैं ने रीया(ज़्) से कहा )ज़ीया बस हो गया .अब दर्द नही होगा. तुमने कल कहा था कि मैं कितना भी रो दूं ,कितना भी मना करू ,मुझे कितना भी दर्द हो तुम रुकना मत. इस लिए मैं रुका नही. बस ज़ीया अब दर्द नही होगा. अब बस तुम्हे मज़ा आएगा.अगर तुम चाहो तो मैं रुक जाता हू. पर अब दर्द नही होगा. क्या मैं निकाल लूँ.बोलो ज़ीया ,क्या मैं निकाल लूँ ज़ीया. ज़ीया कुछ तो बोलो क्या.अगर तुम कुछ नही बोली तो मैं तुमसे बात नही करूँगा. बोलो ना ज़ीया. अगर मैं ने तुम्हे ज़्यादा दर्द दिया होगा तो मुझे गाली दो मुझे मारो पर कुछ तो बोलो ज़ीया.क्या मैं रुक जाउ.

मैं बार बार रीया(ज़्) को ज़ीया बुला रहा था. उसे ज़ीया बन ने पर मजबूर कर रहा था

अवी-(मैं ने फिर से रीया(ज़्) से कहा)ज़ीया मैं रुक जाता हू. तुम्हे मैं पसंद नही हू. मैं निकाल रहा हू

मुझे पता था कि रीया(ज़्) कुछ नही बोलेगी. मैं रीया(ज़्) के उपर से उठने लगा कि रीया(ज़्) के हाथ जो मेरी पीठ पर थे वो कस गये. मैं समझ गया कि रीया(ज़्) क्या चाहती है.

मैं ने रीया(ज़्) के आँख पर किस किया और धीरे धीरे लंड को हिलाने लगा.

रीया(ज़्) को दर्द हो रहा था पर मैं बहुत कम दर्द दे रहा था. मैं धीरे धीरे लंड को हिलाने लगा.

फिर थोड़ी देर बाद लंड को आधा बाहर निकालने लगा और अंदर डालने लगा .5 मिनट तक मैं ऐसा ही करता रहा.

रीया(ज़्) की छोटी चूत ने मेरे लंड के सामने हार मान ली और चूत ने पानी छोड़ दिया.

रीया(ज़्) का पानी छोड़ना हम दोनो के लिए अच्छा था. चूत से पानी निकल ने से रीया(ज़्) का दर्द कम हो गया.

और अब मेरा लंड आराम से अंदर जाने लगा.

फिर मैं ने धक्के मारने की गति बढ़ा दी. ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा.

रीया(ज़्) को भी मज़ा आने लगा. रीया(ज़्) भी शीष्कारिया लेने लगी.

रीया(ज़्) के मुँह से आवाज़े निकल रही थी.

आआआआअहह उूुुुुुुुुउऊहह

मैं भी रीया(ज़्) की आवाज़े सुनकर धक्के मारने लगा.

रीया(ज़्) कह रही थी औरर्र ज्ज्जूऊर्र ससीएक चहूओड़दूव कककककूऊऊओ आहह

उुउऊहह फिर मैं ने भी अपनी गति तेज कर दी.

धक्के पे धक्के लग रहे थे रीया(ज़्) ने फिर पानी छोड़ दिया.

अब तो रीया(ज़्) और मज़े मे आवाज़े निकाल रही थी.

रीया(ज़्)के साथ चुदाई करने मे मज़ा आ रहा था. अगर रीया(ज़्)के साथ इतना मज़ा आ रहा है तो ज़ीया के साथ कितना आएगा.

दोनो बहने ट्विन्स है मतलब उसकी चूत भी रीया(ज़्)की तरह टाइट होगी.

मैं कभी आराम से तो कभी जोरदार धक्के मारने लगा.

रीया(ज़्) कभी लंबी शीष्कारी लेती तो कभी छोटी शीष्कारी.

हम दोनो अपने तरीके से मज़ा ले रहे थे

रीया(ज़्) तो बार बार पानी छोड़ रही थी .अब मेरी बारी थी पानी निकालने की

फिर मैं भी धक्के ज़ोर से मारने लगा और इस आख़िरी झटके के साथ मैं ने अपना वीर्य रीया(ज़्) की चूत मे डाल दिया. और रीया(ज़्) के उपर गिर गया.

 


अपडेट 273

{ रीया(ज़्)-रीया को ज़ीया

ज़ीया(र)-ज़ीया को रीया

बना दिया }

फिर मैं रीया(ज़्) के उपर से अलग हो गया

अवी-ज़ीया दर्द हो रहा है

रीया(ज़्)-थोड़ा सा

अवी-मैं ने लोवर मे से मेडिसिन निकाल ली. ये लो पेन किल्लर खा लो

रीया(ज़्)-पानी कहाँ है खाने के लिए

अवी-बिना पानी के खा सकते है. इससे तुम्हारा दर्द कम होगा.

रीया(ज़्)-ठीक है दो मुझे

अवी-ज़ीया कैसा लगा तुम्हे

रीया(ज़्)-दर्द हुआ

अवी-और दर्द के बाद

रीया(ज़्)-दर्द के बाद भी दर्द हुआ

अवी-सच बोलो दर्द हुआ कि मज़ा आया

रीया(ज़्)-पहले दर्द हुआ फिर मज़ा आया.

अवी-मैं ने कल कहा था कि तुम्हे मज़ा आएगा(मुझे पता है रीया अपना सच नही बताएगी)

रीया(ज़्)-हाँ,मज़ा तो आया पर अब दर्द हो रहा है

अवी-तुम घर मे जाकर आराम करना.दर्द ख़तम हो जाएगा.

रीया(ज़्)-ठीक है. अब जाना होगा

अवी-रूको ये लो मेडिसिन

रीया(ज़्)-ये किस लिए

अवी-तुम प्रेग्नेंट ना हो जाओ

रीया(ज़्)-तुम ये भी ले आए

अवी-हाँ,और कल आराम करना उसके बाद अगले दिन मिलेंगे

रीया(ज़्)-मुझे भी यही लगता है

अवी-और रीया को मत बताना

रीया(ज़्)-नही बताउन्गि(मेरे साथ करने के बाद कह रहे हो मुझे मत बताना. अगर ये बात ज़ीया को पता चली तो ज़ीया मुझे माफ़ नही करेगी.मैं ज़ीया को ये बात कभी पता नही चलने दूँगी.मेरी ग़लती की वजह से ये सब हुआ , इसको क्या पता कि मैं ज़ीया नही रीया हू)

अवी-परसो यही मिलेंगे शाम 4.00 बजे

रीया(ज़्)-(इतना मज़ा आया, दुबारा तो लेना पड़ेगा. पर इसको पता नही चलने दूँगी कि मैं रीया हूँ.और ना ज़ीया को कुछ बताउन्गि) मैं आ जाउन्गि.

रीया(ज़्) कपड़े पहनने लगी. मैं ने रीया(ज़्) की पैंटी अपने पास रख ली.

अवी-पैंटी मेरे पास रहने दो

रीया(ज़्)-क्यू?

अवी-जब तुम्हारी याद आएगी तो इसका इस्तेमाल कर लूँगा.

रीया(ज़्)-रख लो

रीया(ज़्) ने कपड़े पहन लिए .मैं ने खिड़की से हाथ डालकर गेट खोल दिया .पहले मैं ने बाहर जाकर देख लिया कि कोई बाहर तो नही है.

फिर रीया(ज़्) को बाहर बुला लिया. रीया(ज़्) धीरे धीरे चलते हुए चली गयी. रीया(ज़्) लंगड़ाते हुए चली गयी.

मैं भी अपनी छत पर आकर अपने कमरे मे चला गया.

कमरे मे आकर मैं फ्रेश हो गया.आज रीया की चुदाई करके मैं काफ़ी फ्रेश हो गया था.

फिर मैं हॉल मे चला आ गया. नीचे थोड़ी देर सब से बाते करने के बाद मैं बाहर चला गया.

शहर मे चक्कर मार कर मैं गोलगप्पे की शॉप मे चला गया.

वहाँ पर सिर्फ़ ज़ीया थी. रीया का तो चुदाई के बाद यहाँ आना मुश्किल था इसलिए आज ज़ीया अकेली आ गयी.

मैं अपने प्लान का 2न्ड पार्ट स्टार्ट करने वाला था.

मैं ज़ीया के पास चला गया. ज़ीया के कुछ बोल ने से पहले मैं ज़ीया से बाते करने लगा

अवी-रीया कैसी हो. मेरे साथ चलो मुझे तुमसे ज़रूरी बात करनी है. अच्छा हुआ ज़ीया नही आई .चलो जल्दी(मैं जानबूझ कर ज़ीया को रीया कह रहा था)

 
मेरी बात सुनकर ज़ीया(र) शॉक्ड हो गयी. बिना मुझे सच बताए मेरे पीछे आ गयी.

वो जानना चाहती थी कि मैं रीया से क्या बात करने वाला हू.

मैं ज़ीया(र) को लेकर एक शॉप के पीछे चला गया जहाँ पर कोई नही था.

ज़ीया(र)-क्या बात करनी है

अवी-रीया मुझे ज़ीया अच्छी लगती है

ज़ीया(र)-खुश हो गयी. (ये तो मुझे रीया समझ रहा है. थोड़ी देर नाटक करती हू) मुझे क्यू बता रहे हो

अवी-पर तुमने मुझे शाम को जो प्यार किया उसके बाद मैं ज़ीया को भूल गया हू.

ज़ीया(र)-उदास हो गयी. ह्म्म्म

अवी-मैं ने पॉकेट मे से पैंटी निकाल ली. ये तुम शाम को भूल गयी थी.

पैंटी देख कर ज़ीया शोक्ड हो गयी. उसे लगा कि रीया ने गंदा काम करके मुझे अपनी तरफ किया. मुझे ज़ीया से दूर किया.

अवी-दोपेहर मे अगर तुम मुझे प्यार नही करती तो मैं ज़ीया से प्यार करने वाला था. पर तुम ने मुझे वो प्यार दिया जो ज़ीया मुझे कभी नही देती.

ज़ीया(र)-मैं तो इसे भूल ही गयी थी(रीया तुमने मेरे साथ ऐसा क्यू किया. नही रीया ने जानबूझ कर ऐसा नही किया होगा. जिस तरह मुझे अवी अच्छा लगता है वैसे रीया को भी अवी अच्छा लगता होगा.मैं ही रीया और अवी के बीच मे नही आउन्गि.)

अवी-(ज़ीया को सोचते हुए देख कर मैं सोचने लगा कि ज़ीया ने अगर मैं ने जैसा सोचा था वैसा नही किया तो) क्या हुआ रीया

ज़ीया(र)-अवी वो मैं नही ह...

ज़ीया(र) तो सच बोल रही है. मुझे इसे बोलने से रोकने होगा.

ज़ीया(र) की बात पूरी होने से पहले मैं ने ज़ीया(र) को किस किया.

अवी-क्या मैं तुम्हे शाम वाला प्यार करू .

ज़ीया(र)-वो मैं ...

ये तो कन्फ्यूज़्ड है. मुझे इसके फ़ैसले से पहले कुछ करना होगा.

मैं ज़ीया(र) की बात पूरी होने से पहले फिर एक बार किस करने लगा.

किस करते हुए मैं ने ज़ीया(र) को शॉप की दीवार से लगा दिया .और किस करने लगा.

ज़ीया(र) की तरफ से कोई विरोध नही था. पर कोई सपोर्ट भी नही था.

मैं ज़ीया(र)के होंठो को चूसने लगा .कितनी देर ज़ीया(र) बिना कुछ किए रह सकती थी.

मेरे किस करने से ज़ीया(र) गरम होने लगी.

ज़ीया(र) गरम होते ही मेरे होंठो को चूसने लगी. रीया(ज़्) ने जितना समय लिया था उससे कम समय मे ज़ीया(र) मेरा साथ देने लगी.

मैं 5 मिनट तक ज़ीया(र) के होंठ चूस्ता रहा .कभी मैं ज़ीया(र) के मुँह मे जीभ अंदर डाल देता तो कभी ज़ीया(र) मेरे मुँह मे जीभ डाल देती. इस तरह हमारा किस चलता रहा.

फिर मैं ने ज़ीया(र) के पायज़ामे मे हाथ डाला तो उसने हाथ अलग कर दिया.

अवी-क्या हुआ ये सब तो हम कर चुके है

ज़ीया(र)-(रीया ने इस से आगे भी किया.अरे हाँ इसके पास तो रीया की पैंटी थी.)

अवी-यहाँ कोई नही आता .अगर आ गया तो मैं देख लूँगा.

ज़ीया(र)-पर वो

अवी-मैं सिर्फ़ शाम की तरह उपर से करूँगा.

मैं ज़ीया(र) के जवाब के बिना सलवार का नाडा खोल दिया. सलवार नीचे गिर गया.

सलवार के साथ मैं भी नीचे बैठ गया.और ज़ीया(र) की चूत पर पैंटी के उपर से किस करने लगा. ये इतनी जल्दी हो गया कि ज़ीया(र) बस देखती रही.

मेरे किस करते ही ज़ीया(र) ने आँख बंद कर दी. मैं ने पैंटी भी नीचे कर दी.

अंधेरे मे ज़ीया(र) की चूत दिख नही रही थी.

ज़ीया(र) की चूत रीया की तरह होगी.

मैं ज़ीया(र) की चूत को चाटने लगा. ज़ीया(र) भी सेक्स के नशे मे चली गयी. मैं जीभ से ज़ीया(र) की चूत चाटने लगा.

10 मिनट तक ज़ीया(र) की चूत चूस्ता रहा. ज़ीया(र) ने 2 बार पानी छोड़ा. पहली बार पानी छोड़ने के बाद भी मैं ज़ीया(र) की चूत चाट ता रहा.

जब भी ज़ीया(र) पानी छोड़ देती तो मेरे सर को पकड़ कर चूत पर दबा देती.

2 बार ज़ीया(र) का पानी पीने के बाद मैं ने ज़ीया(र) को छोड़ दिया.

ज़ीया(र) थोड़ी देर वैसे ही आँख बंद करके खड़ी रही. फिर नॉर्मल होने के बाद अपने कपड़े ठीक किए.

ज़ीया(र) ने कपड़े पहन लिए. हम गोलगप्पे की शॉप मे आ गये.ज़ीया(र) ने मुझ से बात नही की.

ज़ीया(र) मुझे देख कर शरमा रही थी.

अवी-रीया कल छत पर मिलना

ज़ीया(र)-हाँ मे गर्दन घुमा दी

अवी-ठीक 4.00 बजे

ज़ीया(र)-फिर हाँ मे गर्दन घुमा दी

मैं घर चला आया.

ज़ीया(र) से ज़्यादा बाते करना ठीक नही था. अगर ग़लती से मैं ने या उस ने कुछ भी बोल दिया तो गड़बड़ हो जाएगी.

मेरे जाने के बाद ज़ीया(र) गोलगप्पे खाए बिना घर चली गयी.
 


अपडेट 274

रीड- अपडेट 266 ज़ोया

ज़िया की चूत का पानी पीने के बाद मैं घर आ गया.

मैं घर आकर खाना खा लिया और हॉस्पिटल की तरफ निकल गया.

मैं सोचने लगा कि अगर रीया ने ज़ीया को बता दिया तो .नही इतना होने के बाद रीया ज़ीया कुछ नही बताएगी.

रीया को लगता है कि मैं और ज़ीया प्यार करते है.अगर रीया ने ज़ीया को बताया तो रीया को लगेगा कि ज़ीया उसे माफ़ नही करेगी. मतलब रीया ज़ीया को नही बताएगी.

और जिस तरह से रीया ने मज़ा लिया उस से यही लगता है कि रीया फिर मज़ा लेना चाहेगी .रीया फिर ज़ीया बनकर मेरे साथ सेक्स करेगी.

अगर ज़ीया ने रीया से पूछ लिया कि उसने ऐसा क्यू किया तो. नही ज़ीया नही पूछ सकती.

अगर ज़ीया ने पूछा तो मेरे और ज़ीया के बारे मे (गोलगप्पे के पास चूत चूस ने के बारे मे) रीया को पता चला तो ये सोच कर ज़ीया रीया से कुछ नही पूछेगी और कुछ नही बताएगी.

पर कल ज़ीया छत पर नही आई तो. नही ज़ीया ज़रूर आएगी. जिस तरह से उसने मज़ा लिया है .वो फिर मज़ा लेने आएगी.

पर रीया के होते हुए ,रीया तो कल छत पर आ नही सकती वो तो दर्द की वजह से आराम करेंगी तो इसका फ़ायदा ज़ीया ले सकती है. ज़ीया को लगता है कि मैं उसे रीया समझ कर फिर प्यार कर सकता हू. मुझे लगता है ज़ीया आएगी.

मैं ने ज़ीया के लिए सिर्फ़ एक गेट खुला रखा है.

रीया आराम करेगी,मैं ने ज़ीया को सिर्फ़ छत पर बुलाया है,मैं ज़ीया को रीया समझता हू,ये सब अगर ज़ीया ने सोचा तो वो कल छत पर आएगी. नही तो रीया के साथ ही आगे बढ़ुंगा.

मैं हॉस्पिटल मे आ गया. मेरे आते ही चाचा चले गये.ज़ोया ने चाची को चेक किया.

सीमा चाची की हालत अच्छी होने लगी थी. ज़ोया और सारा मेरी चाचियो का अच्छे से ख़याल रख रही थी.

हम ने इस हॉस्पिटल मे आकर अच्छा किया.

ज़ोया और सारा की लगन देख कर लगता है वो चाची की नॉर्मल डेलिवरी करवाएँगी.

ज़ोया के चेक करने के बाद मैं ने चाची खाना खिलाया. उनके साथ बाते की .और थोड़ी देर बाद चाची सो गयी.

चाची के सोते ही मैं ज़ोया के पास चला गया.

अवी-क्या मैं अंदर आ सकता हू

ज़ोया-बैठो,तुम्हे पूछने की क्या ज़रूरत है

अवी-बतायाना कल कि क्या हुआ था जब मैं बिना पूछे अंदर आया था तो

ज़ोया-हाँ ,फिर भी तुम मेरे कॅबिन मे बिना पूछे आ सकते हो

अवी-मैं तो पूछकर ही अंदर आउन्गा.

ज़ोया-तुम नही मानोगे

अवी-नही.अगर आप भी मेडम की तरह ...

ज़ोया-मैं ऐसा काम नही करती

अवी-मतलब आप अपने बेडरूम मे करती हो

ज़ोया-मैं कुछ भी करू या ना करू तुम अपना काम करो

अवी-आप तो गुस्सा हो गयी. मैं तो फ्रेंड की तरह पूछ रहा था .जाने दीजिए लगता है हमे फ्रेंड नही बनना चाहिए. और मैं खड़ा होकर जाने लगा.

ज़ोया-रूको,

अवी-किस लिए

ज़ोया-सॉरी ,अब तो बैठो .मुझे तुम पर गुस्सा नही होना चाहिए था

अवी-आप मुझे पर नही खुद पर गुस्सा हो रही थी

ज़ोया-मैं खुद पर कैसे गुस्सा हो सकती हू

अवी-आप मेरी बात पर गुस्सा नही हुई आप अपने पति पर गुस्सा हो रही थी

ज़ोया-तुम पागल हो गये हो

अवी-जो सच कहता है उसे लोग पागल कहते है

ज़ोया-इसमे सच कहाँ था

अवी-मैं नही बताने वाला

ज़ोया-पहले ऐसी पागलो जैसी बाते करते हो.और फिर कुछ बताते नही

अवी-पहले आप प्रॉमिस करो आप मुझे पर गुस्सा नही करोगी

ज़ोया-मैं कभी भी तुम पर गुस्सा नही करूँगी

अवी-आपको सेक्स की ज़रूरत है.आप सेक्स करना है.

 
ज़ोया-क्या फिर से कहना

अवी-आपको किसी के साथ सेक्स करना है

ज़ोया-ऐसा कुछ नही है.

अवी-ऐसा ही है

ज़ोया-अगर होगा, तो तुम्हे ऐसा क्यू लगता है

अवी-कल आप मेरी मेडम की बात नही सुनती

ज़ोया-और

अवी-आज आप मुझ पर गुस्सा नही होती

ज़ोया-और

अवी-2 साल से आप प्यासी है.सही कहा ना मैं ने

ज़ोया-मैं तुम्हे क्यो बताऊ

अवी-फ्रेंड हू बस इतना याद रखिए

ज़ोया-तुम ने सही कहा. बस और 3 महीने निकालने है.

अवी-निकल जाएँगे?

ज़ोया-हाँ क्यू नही

अवी-बस ऐसे ही

ज़ोया-ये छोड़ो .हमेशा तुम मेरे बारे मे पूछते हो कभी अपने बारे मे कुछ बताओ

अवी-क्या जानना चाहती हो आप

ज़ोया-कुछ भी

अवी-मैं जल्द ही बाप बन ने वाला हू

ज़ोया-क्या?

अवी-हाँ,मेरी चाची के पेट मे मेरा बच्चा है

ज़ोया-क्या, तुम्हे पता है तुम क्या कह रहे हो

अवी-जो सच है वही बता रहा हू

ज़ोया-मुझे तो पहले से पता था कि कुछ गड़बड़ है तुम्हारी चाची मे . पर ये होगी सोचा नही था

अवी-(ज़ोया जिस दिन तुमने चाची के बारे मे पूछा था तभी मैं समझ गया था कि तुम्हे शक हो गया है. अगर तुम चाचा को बता देती या पूछ लेती तो गड़बड़ हो जाती.इस लिए मैं ने खुद बता दिया. ताकि तुम चाचा को ना बता सको) मजबूरी मे करना पड़ा

ज़ोया-ऐसी क्या मजबूरी थी

अवी-अगर मैं नही करता तो चाची किसी और के पास चली जाती. और वो कैसा होता ,अगर उस ने चाची का ग़लत इस्तेमाल किया होता तो

ज़ोया-हाँ ये तो है पर इतनी क्या ज़रूरत थी माँ बनने की

अवी-अगर चाची माँ नही बनती तो चाचा और शादी करते और चाचियाँ आती जाती पर ये कभी नही मानते कि वो नमार्द है

ज़ोया-ये तुम ने ठीक किया. पर तुमने मुझे क्यू बताया

अवी-मैं ने सुना है डॉक्टर और फ्रेंड से कुछ छुपाना नही चाहिए.

ज़ोया-तुम मुझ पर इतना भरोसा करते हो

अवी-आप फ्रेंड हो मेरी

ज़ोया-फिर भी तुमने मुझे क्यू बताया

अवी-अगर सीमा चाची के समय कुछ हुआ तो आपको पता होना चाहिए. ताकि आप सब संभाल सके

ज़ोया-मैं तो ये बात तुम्हारे चाचा से पूछने वाली थी .थोड़ी बात पूछ ली थी. पर अच्छा हुआ तुमने मुझे सब बता दिया.और तुम टेन्षन मत लो तुमने मुझे फ्रेंड माना है मैं तुम्हारी चाची को कुछ नही होने दूँगी.

अवी-(वो अच्छा हुआ कि ज़ोया और चाचा की बात छोटी चाची ने सुन ली थी .ज़ोया चाचा से चाचियो और महाराज के बारे मे पूछ रही थी. पर चाचा ने उस बात पर ज़्यादा ध्यान नही दिया. पर पहले ज़ोया ने मुझे पूछा था और अब चाचा से ,ये हमारे लिए ख़तरनाक बात थी. और इसी लिए छोटी चाची ने मुझे ज़ोया को सब सच सच बताने को कहा था.) मैं तो आपको सब बताता हू और आप है कि कुछ नही बताती

ज़ोया-मेरे बारे मे तो सब पता लगा चुके हो.अपने बारे मे और बताओ

अवी-और क्या सिर्फ़ 1 गर्लफ्रेंड है ,और कुछ नही

ज़ोया-मैं तो तुम्हे बच्चा समझ रही थी पर तुम तो बड़े खिलाड़ी निकले.

अवी-मैं कोई खिलाड़ी नही हू.

ज़ोया-और बताओ

अवी-बाकी कल

ज़ोया-कल क्यू

अवी-सब एक दिन मे बता दूँगा तो पूरा महीना कैसे निकलेंगा. मैं चलता हू

ज़ोया-ठीक है पर कल बताना

मैं ने जाते हुए ज़ोया के गालो पर किस किया. ज़ोया ने मेरी तरफ देख कर स्माइल की.मैं गेट के पास गया.

अवी-ज़ोया

ज़ोया-ह्म्म्म

अवी-सारा तुमसे संदर है

मेरी बात सुनकर ज़ोया हँसने लगी.

और फिर मैं चाची के रूम मे चला गया और रानी के साथ एसएमस पर बाते करने लगा

 


अपडेट 275

मैं रानी के साथ एसएमएस पे बाते करता रहा. थोड़ी देर बाद माला आ गयी. माला ने चाचियाँ को चेक किया. और मेरे पास आकर बैठ गयी.

अवी-आज गयी नही पेशेंट को चेक करने

माला-सब को चेक करके आई हू

अवी- आज ऐसा क्यू किया

माला-जैसे तुम कुछ जानते ही नही हो

अवी-तुमने कुछ बताया ही नही

माला-अब नाटक करना बंद करो

अवी-मैं कहाँ नाटक कर रहा हू

माला-यहाँ ज़्यादा देर रुकने के लिए.

अवी-ये पहले नही बता सकती थी.

माला-अब तो पता चला

अवी-हाँ

माला-तुम मेरे साथ मज़ाक क्यू कर रहे हो.

मैं ने माला को किस किया

अवी-अब तो ठीक है

माला-बस इतना ही

अवी-फिर चलो

माला-हाँ चलो

मैं माला को लेकर उसके रूम मे आ गया. रूम मे आते ही मैं बाथरूम मे चला गया.

जब मैं बाथरूम से बाहर आया तो माला ब्रा और पैंटी मे बेड पर लेटी हुई थी.

मैं ने टीवी सुरू कर दी और अपने कपड़े निकाल दिए . और माला के पास चला गया.

माला की पैंटी मे छुपी हुई चूत मेरी आँख के सामने थी.

मैं ने तुरंत अपने मुँह को माला की चूत पे रख दिया. पैंटी के उपर से माला की चूत चाटने लगा .

फिर मैं ने माला की पैंटी निकाल दी.और माला की चूत को चूस ने लगा.माला मस्ती मे शीष्कारी लेने लगी.

आअहह सस्स्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईईईईईईईई ओह

फिर मैं ने अपनी दो उंगलियो को माला की चूत मे डाल के अंदर बाहर करने लगा.जीभ और उंगलियो से माला मज़ा लेने लगी.

ऊऊऊऊओह मुझे भी चूस ने दो.

मैं ने माला को अपने उपर करके 69 पोज़िशन मे आ गया.

माला मेरे लंड को अपने हाथो मे पकड़ कर चूस ने लगी. और मैं माला की चूत मे मेरी दो उंगलियो को अंदर बाहर करने के साथ माला की चूत को चूस ने लगा.

आआआआआअहह सस्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईई

फिर मैं ने मेरे लंड को माला के मुँह से बाहर निकाल लिया है.

माला ने मुझे कॉंडम दिया .मैं ने कॉंडम लंड पे लगा लिया और फिर माला की दोनो टाँगो के बीच मे आ कर एक ही झटके मे पूरा लंड चूत मे डाल दिया.

ऊऊऊऊऊऊओह आआआआआआआहह क्या किया तुमने .पूरा अंदर डाल दिया. थोड़ा धीरे से नही कर सकते थे .

मैं ने माला की बात नही सुनी और मैं ने लंड को टोपे तक बाहर निकाल कर एक ज़ोर दार झटका मारा

ऊऊऊऊऊऊऊहह सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई फाड़ दिया मेरिइईईईई चूत को ऊऊऊऊहह

मैं माला की चूत मे ऐसे ही अंदर बाहर करके माला की चूत को चोद रहा था .थोड़ी ही देर मे माला झड ने के करीब पहुच गयी.

ऊऊऊऊऊहह माआ मे तो गाइ ऊऊओह सस्स्स्स्स्स्स्स्शह और माला ने अपने हाथो को मेरी पीठ के पीछे करके मुझे पकड़ लिया. और अपना सारा पानी मेरे लंड पे छोड़ दिया .

मैं ने लंड पूरा बाहर निकाल के फिर से माला की चूत मे ज़ोर का धक्का मारा

ऊऊऊऊऊऊऊओ हह सस्स्स्स्स्स्स्सिईईईईईईईईईईई दर्द हो रहा है आराम से करो

मैं ने फिर से माला की चूत मे एक करारा झटका मारा .

माला फिर चीख पड़ी आआआआआआआहह सस्स्स्सिईईईईईईईईईईई माला के मुँह से ज़ोर की आवाज़ निकल गयी.बस मुझे दर्द हो रहा है

मैं ने चूत से लंड बाहर निकाल लिया और माला की गंद मे डाल दिया. और माला की गंद मे मेरा लंड ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर कर ने लगा.

माला फिर शीष्कारिया लेने लगी.

हू

उूुुुुुुुुुुुुउउन्न्ञननननननननणणनह माला ने अपने मुँह पर पिल्लो लगा लिया.और मैं धक्के मारने लगा.ज़ोर ज़ोर से माला की गंद मारने लगा.माला की दबी हुई आवाज़ निकल रही थी मैं माला को ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था.

माला मज़े ले रही थी. माला की चूत मे जलन और गंद मे लंड दोनो का मज़ा ले रही थी.

और मैं बिना रुके माला को चोद रहा था.

थोड़ी देर बाद माला अपने चूतड़ उठा उठा के मेरे लंड को अपनी चूत मे ले रही थी.

थोड़ी देर ऐसे ही चुदाई करने के बाद माला की चूत से पानी निकल गया.मेरी उंगली चूत मे गीली हो गयी.

ऊऊऊऊओह सस्स्स्स्स्सिईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई आआआआआआअहह

अब मैं झड ने वाला था .मैं ने लंड बाहर निकाल लिया. और कॉंडम निकाल दिया.

माला समझ गयी कि अब क्या करना है. माला ने लंड मुँह मे ले लिया और चूसने लगी.

थोड़ी ही देर मे मैं ने सारा पानी माला के मुँह मे छोड़ दिया.

माला ने सारा पानी पी लिया. मैं बेड पर लेट गया.

 


अपडेट 276

रेड- अपडेट 270 सारा

माला-तुम ने तो मेरी जान निकाल दी

अवी-जान निकालने मे अपना ही मज़ा होता है

माला-हाँ मज़ा तो आया

अवी-मैं तो हमेशा मज़ा ही देता हू

माला-और एक बार करते है

अवी-अभी तो कह रही थी कि जान निकल गयी

माला-मैं कहाँ अभी करने को कह रही हू थोड़ी देर बाद करते है.

अवी-आज नही कल करेंगे

माला-एक बार करते है

अवी-नही .अगर चाचा को पता चला कि मैं यहाँ ये सब करता हू तो जो मिल रहा है वो भी नही मिलेगा(चाचा का डर तो दिखना होगा,माला पीछे तो नही लगेगी)

माला-ठीक है

मैं ने कपड़े पहन लिए.माला अभी भी नंगी लेटी थी

अवी-मैं ने 2 3 थप्पड़ माला की गंद पे मार दिए

और बाहर चला गया.बाहर आकर चाची के रूम मे जाकर सो गया.

6थ डे

मैं सुबा उठ गया. हम सब ने फ्रेश होकर नाश्ता कर लिया.

माला अभी तक घर नही गयी थी. माला चाची के रूम मे आ गयी. साथ मे सारा भी थी. सारा ने चाची को चेक किया और चली गयी.

माला अभी भी रूम मे थी. और छोटी चाची से बाते कर रही थी.

मैं माला के पास जाकर बैठ गया. माला बाते कर रही थी .

मैं ने छोटी चाची के रहते हुए माला के साथ मस्ती करने का फ़ैसला किया.

छोटी चाची बेड पर लेटी हुई थी और माला उनके पास और मैं माला के पास बैठा था.

माला ने नर्स वाला कोट पहना था. मैं ने कोट के नीचे हाथ डाल दिया.

छोटी चाची का बेड आख़िरी मे था. बड़ी चाची की तरफ हमारी पीठ थी. जिस की वजह से मैं माला के साथ मस्ती कर रहा था.

माला के कोट मे हाथ डालने के बाद कपड़ो के उपर से मैं माला की चूत मसल्ने लगा.

माला ने मेरी तरफ देखा मैं ने स्माइल की.

माला छोटी चाची के साथ बाते करते हुए बड़ी मुश्किल से कंट्रोल कर रही थी.

माला की चूत मसल ने मे मज़ा आ रहा था.

माला ने पैंटी नही पहनी थी. जिसकी वजह से माला को कंट्रोल नही हो रहा था.

जब माला को कंट्रोल नही हुआ तो उठ कर बाथरूम मे चली गयी.

तब तक चाचा आ गये आज भी चाचा देर से आ गये. मैं चाचा के आते ही माला के बाथरूम से आने से पहले सारा के कॅबिन मे चला गया.

मैं सीधा कॅबिन मे चला गया और सारा के सामने बैठ गया.

अवी-गुड मॉर्निंग

सारा-ह्म्म्म

अवी-लगता है कल की मॉर्निंग अच्छी नही गयी.

सारा-नही गयी

अवी-वो क्यू?

सारा-तुमने कल ऐसा क्यू किया

अवी-मैं ने क्या किया

सारा-भोले मत बनो

 
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