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मैं और मेरा परिवार

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अपडेट 281ए

मैं गेम खेल रहा था कि माला आ गयी. माला आज अपनी गंद मटका मटका कर चल रही थी.

माला की गंद जो मैं मर चुका था पर माला के ऐसे चलने से गंद मारने का मन हो रहा था.

माला का सिस्टर के ड्रेस मे गंद हिला कर चलना,

शाम मे रीया की गंद देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया था. मेरे लंड को गंद चाहिए थी.

और माला की गंद मेरे सामने थी.

माला ने चाची को चेक किया.और मेरे पास आकर बैठ गयी.

अवी-माला मेरी गोद मे बैठो

माला ने इधर उधर देखा और धीरे से मेरे कान मे कहा.

माला-तुम्हे बताया था कि इस रूम मे कॅमरा और उसका एक कनेक्षन डॉक्टर के घर मे है

अवी-मैं भूल गया था.

माला-उस दिन भी तुम ने ऐसा ही किया

अवी-क्या किया

माला-इसी रूम मे तुम ने मुझे किस किया था.

अवी-तो क्या डॉक्टर ने देख लिया

माला-डॉक्टर ने कुछ नही कहा.और मैं ने वो रेकॉर्डिंग डेलीट कर दी थी

अवी-तो चलो तुम्हारे रूम मे चलते है

माला-हाँ चलो

मैं माला के साथ उसके रूम मे आ गया.

अवी-चलो जल्दी सुरू करते है

माला-जल्दी क्यूँ

अवी-क्यू आज 2 बार तुम्हारी चुदाई करूँगा.

माला-2 बार

अवी-और आज सिर्फ़ तुम्हारी गंद मारूँगा

माला-सिर्फ़, कुछ सोचते हुए ठीक है, पर पहले मैं अपने तरीके से करूँगी,बाद मे तुम अपनी तरीके से करना.

अवी-गंद के अलावा कुछ नही,

माला-ठीक है.

माला कपड़े निकालने लगी.

अवी-रूको

माला-क्यूँ,

अवी-कपड़े मत उतारो,बस ढीले करो, आज कपड़ो मे चुदाई करूँगा तुम्हारी

माला-पर ऐसे तो दाग लग जाएँगे

अवी-बोल देना कि पेशेंट ने मेडिसिन गिरा दी.

माला-और

अवी-करना है या मैं जाउ यहाँ से

माला-ब्रा पैंटी निकाल लेती हू

अवी-सिर्फ़ पैंटी, बूब्स तो तुम्हारे बेटे के लिए है

फिर माला ने अपने कपड़े ढीले किए और अपनी पैंटी निकाल ली.साथ मे सलवार भी.

मैं पूरा नंगा हो गया.और बेड पर लेट गया.

फिर माला मेरे दोनो पैरो के बीच मैं आकर घुटनो के बल बैठ कर मेरे लंड को मुट्ठी मे पकड़ कर अपने मुँह के पास मेरे लंड ले गयी.

पहले तो माला ने मेरे लंड की महक सूंघ ली. और मेरा पूरा लंड अपने मुँह मे लेने लगी

माला के मुँह मे पूरा लंड जाते ही मेरा शरीर पूरा हिल गया

मैं मज़े लेते हुए माला के को मेरा लंड लोलीपोप की तरह चूस्ता हुवा देख रहा था

माला पूरे मज़े लेते हुए लंड चूस रही थी.

माला पूरा लंड झड तक अंदर ले कर चूस रही थी.

माला का लंड को मुँह मे अंदर बाहर करना अच्छा लग रहा था.

मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि मैं क्या कहूँ बस आँख बंद करके लंड चुस वाने का मज़ा ले रहा था.

लंड को चूसने के साथ पूरे लंड को चाट चाट कर एक दम चिकना कर रही थी.

अवी-माला बस रुक जाओ

माला रुक गयी .और लंड को मुँह से बाहर निकाले बिना मेरी तरफ देख रही थी.

अवी-कितना चूसोगी, अब ले लो गंद मे

और माला ने लंड को मुँह मे से बाहर निकाल लिया

और खड़ी होकर कॉंडम लेने चली गयी.

माला खड़ी होकर ,थोड़ा झुक कर कॉंडम को ढूँढ रही थी.

मैं ने अपनी जीन्स के पॉकेट मे से कॉंडम (रीया और ज़ीया के लिए लिया था पर उनके साथ तो बिना कॉंडम के मज़ा किया.) निकाल कर लंड पर लगा दिया.

कॉंडम लगाने के बाद मैं उठकर माला के पीछे जाकर खड़ा हो गया.

अवी-क्याहुआ

माला-लगता है कॉंडम ख़तम हो गये.

अवी-वो देखो फाइल के नीचे होगा.

माला फाइल के नीचे कॉंडम ढूँढ ने के लिए झुक गयी.

माला के झुकते ही मैं सही पोज़िशन मे आकर आधे लंड को माला की गंद मे डाल दिया.

माला के मुँह से चीख निकल गयी. आआहह क्य्ाआ किय्ाआ थोड़ा रुक्ककक जाते, कॉन्डोंम्म लगाआअ लेतीई,आअहह बताआ तू देतीए

अवी-मैं ने कॉंडम लगाया है, तुम्हारी गंद ऐसी है कि मैं खुद को रोक नही पाया.

माला-बेड पर चलो

अवी-बेड पर नही, तुम यही झुकी रहो मैं थोड़ी देर यही पर ही गंद मारता हू

माला-डाल दो पूरा लंड,

और मैं ने दूसरा झटका मार कर पूरा लंड अंदर डाल दिया.

इस बार माला धीरे से चीखी,

लंड डालने के बाद मैं माला की गंद मारने लगा.

माला शीष्कारिया लेने लगी. आआहह ऐसे ही फाड़ दो आआहह और ज़ोर से...आअहह फिर कब मिलेगा ऐसा ...आअहह आज फाड़ दो ...माआ आअहह और जोर्र्र्र से

मैं माला की बात सुनकर जोश मे आ गया. और माला की गंद ज़ोर ज़ोर से मारने लगा.

माला ने अपनी गंद पीछे कर ली और मुझे गंद मारने मे आसानी हो रही थी.

माला गंद मे जोरदार धक्के बर्दास्त नही कर पा रही थी.

माला ने एक हाथ से अपनी चूत को मसलना सुरू किया.

मैं ने माला की कमर को पकड़ लिया और माला की गंद फाड़ने लगा.

माला शीष्कारिया लेते हुए अपनी चूत मसल रही थी.

फिर मैं ने माला के एक पैरो को अपने हाथो मे पकड़ कर उपर कर दिया और गंद मे धक्के मारने लगा.

अवी-ओ माला तुम्हारी...गंद ...बस मारते रहने का मन हो रहा है

माला-तो रोका क़िस्स्स्स्ने है, बस अब पानी निकलते तक ऐसे ही मारते रहो, रुकना मत

अवी-तुम रुकने को बोलोगि फिर भी मैं रुकने वाला नही हू

माला-फाड़ दो मेरी गंद को

और मैं माला की गंद मारता गया.

माला शीष्कारी लेते हुए झड गयी.

और मैं रुका नही बस माला की गंद मारता गया.

माला-आआहह कमर दुख रही है

मैं ने माला की गंद पर 3 4 थप्पड़ मारे,

अवी-अब बोलो दुख रही है

माला-आआहह बस 1 सेकेंड के लिए खड़ी होने दो नही तो नस लग जाएँगी.

अवी-(मेरा मन लंड को बाहर निकालने का नही हुआ) दीवार को पकड़ कर खड़ी हो जाओ

मैं पीछे से माला की गंद मे धक्के मारने लगा. माला टेबल पर हाथ रखते हुए दीवार की तरफ जाने लगी

मैं एक मिनट के लिए रुकने वाला नही था

माला अपने गंद मे धक्के बर्दास्त करते हुए दीवार के पास पहुच गयी.

दीवार के पास पहुँचते ही माला खड़ी हो गयी. और मैं ने फिर से माला के एक पैर को हाथ मे पकड़ कर उपर किया और माल की गंद मे धक्के मारने लगा.

माला ने सोचा नही था कि उसकी चुदाई ऐसी होगी

पर ऐसी चुदाई मे भी माला मज़ा ले रही थी.

मैं लगातार माला की गंद मे धक्के मारता गया.

इतनी जोरदार चुदाई के बाद मेरा पानी भी जल्दी निकलने वाला था.

पर इस पोज़िशन मे जोरदार धक्के मारने से माला को चोट लग सकती थी.

अवी-माला जल्दी से घोड़ी बन जाओ, अपने हाथ ज़मीन पर रखो

माला ने अपने हाथ दीवार से ज़मीन पर रख कर घोड़ी बन गयी.

माला के घोड़ी बनते ही मैं माला की गंद मे जोरदार मार सकता था.

जोरदार धक्के मारते ही मेरा पानी निकल गया. .कॉंडम मेरे वीर्य से भर गया.

वीर्य निकलते ही मैं माला के उपर और माला ज़मीन पर गिर गयी.

माला के बूब्स ज़मीन मे दब गये.

माला हान्फते हुए मेरे नीचे पड़ी हुई थी.

मैं माला के उपर वैसे पड़ा रहा.

मेरा लंड अभी भी माला के गंद मे था.

 


अपडेट 281 बी

मैं माला के उपर वैसे ही पड़ा रहा.

थोड़ी देर बाद माला नॉर्मल हो गयी.

माला-अब उठो मेरे उपर से

अवी-थोड़ी देर और लंड को तुम्हारी गंद मे रहने दो

माला-जितनी देर चाहो उतनी देर रखो ,पर बेड पर चलो

अवी-रूको यही ,

माला-तुम्हारा वेट ज़्यादा है

अवी-बस 5 मिनट

माला-5 मिनट की जगह मैं 1 घंटा तुम्हारा लंड अपने अंदर रखने का सोच रही हू

अवी-1 घंटा

माला-तुम ने तो कहा था कि ,तुम मेरी 2 बार गंद मारने वाले हो

अवी-तुम थकि नही

माला-थक तो गयी हू पर आज गंद की खुजली को मिटा ही देती हू

अवी-पर मैं तो थक गया हू

माला-अभी जो हुआ वो तुम ने किया और अब जब होगा वो मैं करूँगी.

अवी-2न्ड चुदाई है ,कर पाओगि

माला-आज मैं कितनी भी थक जाउ पर दुबारा चुदाई ज़रूर करूँगी, और वो भी तुम्हारा पानी निकलने तक

अवी-ये तो लंड निकल गया गंद से

और मैं माला के उपर से उठ गया.और बिना कॉंडम निकाले बेड पर लेट गया.

माला-मैं 2 मिनट मे पेशाब करके आती हू

अवी-जल्दी आना

माला बाथरूम मे पेशाब करके आ गयी.

माला-ये क्या, कॉंडम तो निकाल लो

अवी-तुम खुद निकालो और चाट कर साफ करो

माला जल्दी से मेरे उपर आ गयी. और कॉंडम को निकाल कर फेक दिया.

लंड पर मेरा वीर्य लगा था.

माला ने पहले मेरे लंड की महक को सूंघ लिया.

माला-अगर तुम मेरे पति होते ना मैं दिन रात तुम्हारे लंड को अपनी चूत और गंद मे रखती

अवी-और अब

माला-अब मुँह मे रखूँगी

अवी-तो रखो ना

माला-रखती हू पर तुम्हे मेरा एक काम करना होगा

अवी-हाँ बोलो

माला-मैं जब तुम्हारा लंड चूसूंगई तब तुम मेरी चूत चूसना और गंद भी मारना

अवी-तीनो छेद मे कुछ ना कुछ लेना चाहती हो

माला-हाँ

अवी-पर गंद मे डालु क्या

माला-कुछ भी डालो, अपनी उंगली डाल दो

अवी-तो हो जाओ सुरू

माला मेरे उपर आ गयी. मैं ने एक बार टीवी की तरफ देखा चाची आराम से सो सही थी

माला ने मेरे मुँह के उपर अपनी चूत रख दी और मेरे लंड को चाट कर साफ करने लगी

मैं ने अपने हाथ से माला के चूतड़ को फैला कर गंद का छेद देखा.

माला की गंद का छेद मेरी धुँआधार चुदाई से खुल गया था.

मैं ने माला की गंद मे 3 उंगली डाल दी. गंद मे उंगली जाते ही माला ने पूरा लंड मुँह मे ले लिया.

माला के मुँह मे लंड जाते ही लंड ने एक झटका लिया.लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा.

गंद मे उंगली आगे पीछे करते हुए मैं ने अपनी जीभ माला की चूत मे डाल दी.

मैं माला के नीचे होने से एक साथ चूत और गंद का मज़ा नही ले सकता था.गंद मे उंगली करने मे मुश्किल हो रही थी

फिर भी मैं मुश्किल का सामना करते हुए चूत चूसने के साथ गंद मे उंगली कर रहा था.

माला पूरी मस्ती मे लंड चूस रही थी.

माला ने लंड को चूस चूस कर खड़ा कर दिया.

लंड चूसना आसान था गंद मे लेने से, मुझे लगा कि माला ज़्यादा देर तक लंड चूसेंगी पर ये क्या माला ने लंड को मुँह से बाहर निकाल लिया.

और मेरे उपर से अलग हो गयी.

 
मेरे कुछ बोलने से पहले माला ने मेरे लंड पर कॉंडम लगा कर लंड पर अपनी गंद का छेद रख कर एक झटके मे लंड गंद के अंदर लेकर नीचे बैठ गयी.

माला ऐसा करेगी मैं ने सोचा नही था

माला यही नही रुकी ,लंड गंद मे लेते ही लंड को अपनी गंद मे उपर नीचे होकर लेने लगी.

माला तो पूरे जोश मे थी. पर पहली चुदाई इतनी जोरदार होने के बाद भी इतना जोश

माला लगातार लंड को अपनी गंद मे ले रही थी.

जितनी उसकी स्पीड थी उसे देख कर ऐसा लग रहा था कि ये उसकी पहली चुदाई है

माला लगातार उपर नीचे हो रही थी.

माला ज़्यादा देर तक उपर नीचे नही हो सकती थी.पर माला 10 मिनट से मेरे लंड के उपर उछल रही थी

माला थक गयी थी फिर भी लंड पे उपर नीचे हो रही थी.

माला को दर्द हो रहा था फिर भी वो रुकने का नाम नही ले रही थी.

उसका चेहरा लाल हो गया था दर्द बर्दास्त करते हुए फिर भी वो रुक नही रही थी.

अपने होंठो को दांतो से दबा कर अपनी चीख रोकते हुए उपर नीचे हो रही थी.

माला को को इतना दर्द हो रहा था कि दाँतों मे होंठ दबाने से होंठो मे खून निकल रहा था.

माला की आँख दर्द से लाल हो गयी थी.

माला का बदन पसीने से भीग चुका था.

मैं ने माला को रोकने का फ़ैसला किया.

अवी-माला रुक जाओ

माला बस उपर नीचे हो रही थी.उसे मेरी बात सुनाई नही दी.

वो तो लंड को अपनी गंद मे लेकर उछल रही थी.

मैं ने माला के हाथो को पकड़ कर हिला पर माला ने कोई रेस्पॉन्स नही दिया.

माला के आँख से पानी निकल रहा था .

माला रोते हुए लंड को अपनी गंद मे ले रही थी.

सब कुछ ठीक चल रहा था पर ये माला को अचानक हुआ क्या.

मैं माला को रोकने की कोशिस करता रहा पर माला रुकने का नाम नही ले रही थी . बस रोते हुए लंड को गंद मे ले रही थी.

होंठो से तो खून निकल रहा था पर अब माला की गंद से भी खून निकल रहा था.

अब बहुत हो गया.

मुझे माला को रोकना होगा.

मैं ने माला के गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारा.ये थप्पड़ काफ़ी था माला को होश मे लाने के लिए

थप्पड़ गाल पर पड़ते ही माला होश मे आ गयी और दर्द की वजह से एक जोरदार चीख निकल गयी और रोते हुए किशोर नाम माला के मुँह से निकल गया .और माला किशोर नाम लेकर मेरे उपर गिर कर रोने लगी

माला-किशोर मुझे छोड़ कर क्यू चले गये, तुम्हारी माला तुम्हारे बिना अधूरी है.

और माला मेरे गले लग रख रोने लगी.

माला को अपने बाय्फ्रेंड की याद आ गयी. माला के बाय्फ्रेंड का नाम किशोर है.

मैं ने माला की गंद से लंड निकाल लिया. लंड पर खून लगा हुआ था.

लंड निकालने के बाद मैं ने माला की पीठ पर अपना हाथ घुमा कर उसका दर्द कम करने की कोशिस कर रहा था.

माला मेरे गले लग कर रो रही थी.

मैं माला को शांत करने की कोशिस कर रहा था.

थोड़ी देर मे थकावट ,दर्द, और बाय्फ्रेंड की याद मे माला मेरे गले रख कर वैसे ही सो गयी.

माला के सोते ही मैं ने माला को मेरे उपर से उठा कर बेड पर लिटा दिया.

और मैने बाथरूम मे पहले अपना लंड साफ किया और फिर गरम पानी लेकर वापस आ गया.

पहले मैं ने गरम पानी से माला का चेहरा साफ किया. और फिर गरम पानी की मदद से माला की गंद के दर्द को कम करने लगा.

15 20 मिनट तक मैं माला की गंद की शिकाई करता रहा.

माला वैसे ही लेटी रही.

फिर मैं ने माला के कपड़े ठीक किए. वो अच्छा हुआ मैं ने माला को पूरे कपड़े निकालने से रोका था.

बिना पैंटी और ब्रा के मैं ने माला को कपड़े पहना दिए.

दो नो कॉंडम को खिड़की से बाहर फेक दिया.और टीवी बंद की

फिर माला के उपर ब्लंक्केट डाल दिया. और माला के सर पर एक किस किया.और माला को आराम करने दिया.

माला अपने बाय्फ्रेंड को कभी नही भूल पाएगी.

फिर मैं चाची के रूम मे आ गया

चाची आराम से सो रही थी.

मैं बाथरूम मे चला गया और मूठ मार कर अपना पानी निकाल लिया.

और सोफे पर जाकर सो गया
 


अपडेट 282

रीड- अपडेट 279 सारा

8 थ दे

मैं सुबह 6.00 बजे उठ गया. उठने के बाद मैं बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गया .फिर चाची को जगाया. चाची भी फ्रेश हो गयी.

चाची को फ्रेश होने तक मैं ने फ्रूट काट दिए. चाची ने नाश्ता कर लिया. फिर सारा ने आकर चाची को चेक किया.और चली गयी.

सीमा चाची का दर्द अब कम हो गया था.सीमा चाची की हालत अच्छी होने लगी थी.

सी चाची-दीदी

ब चाची-हाँ

सी चाची-सीमा चाची की हालत मे सुधार आना सुरू हो गया है

ब चाची-हाँ, अब तो सीमा ठीक लग रही है.अच्छा हुआ जो हम इस हॉस्पिटल मे आए

सी चाची-दीदी,हॉस्पिटल की वजह से नही हमारे अवी की वजह से सीमा दीदी की हालत ठीक हुई है

ब चाची-अवी की वजह से

सी चाची-आपने देखा नही. अवी के हाथो से सीमा दीदी बराबर खाना खाती है. दिन मे अवी के चाचा के हाथो से कम खाना खाती है. और अवी के हाथो से एक रोटी ज़्यादा खाने लगी है.

ब चाची-हाँ, जब तक खाना ख़तम नही होता तब तक अवी प्यार से सीमा को खिलाता रहता है.

सी चाची-और तो और डॉक्टर के पास रोज जाता है, और डेली फ्रेश फ्रूट लेकर आता है.कितना ख़याल रखता है अवी हमारा

ब चाची-मैं अवी की जगह किसी को नही दे सकती. अवी हमारा बड़ा बेटा ही रहेगा.

सी चाची-ये आप ने सही कहा

चाची बाते करती गयी. फिर चाचा हमेशा की तरह देर से आ गये.चाचा के आने के बाद मैं सारा के पास चला गया.

मैं सारा के कॅबिन मे जाकर सारा के सामने बैठ गया.सारा ने आज फिर साड़ी पहनी थी.

अवी-गुड मॉर्निंग

सारा-तुम आ गये

अवी-आपने बुलाया तो आना पड़ा.

सारा-कॉफी पियोगे

अवी-क्या बात है आज कॉफी के लिए पूछ रही हो(मुझे खुश करना चाहती है, कल बताया था कि एक डॉक्टर ने किस करना सिखाया है इस लिए मुझे कॉफी पिला रही है)

सारा-ऐसे ही,पियोगे

अवी-अगर आप पिलाना चाहती हो तो पी लेंगे

सारा-मैं कॉफी बुलाती हू

सारा ने 2 कॉफी बुला ली.कॉफी आने मे टाइम था. तब तक सारा खड़ी होकर अलमारी मे फाइल देखने लगी और साथ ही में मेरे साथ बाते करने लगी.

अवी-आज आपने फिर साड़ी पहन ली

सारा-हाँ

अवी-मुझे ज़ोया ने कहा कि तुम और ज़ोया कभी साड़ी नही पहन ती. आज फिरसे क्यू(ज़ोया ने कुछ नही कहा बस इतने दिन से दोनो को सलवार मे देखा इस लिए अंदाज़ा लगा लिया)

सारा-बस हॉट लगने के लिए.

अवी-तो ये बात है(कल मैं ने जैसा कहा था ,सारा ने ठीक उसी तरह साड़ी पहनी थी)

सारा-मैं तो मज़ाक कर रही थी. बस पहने का मन किया पहन ली

अवी-कॉफी कोल्ड मंगाई है ना

सारा-नही. तुम्हे कोल्ड कॉफी पीनी है

अवी-पीनी तो हॉट है पर कोल्ड बुला देती तो आपके हाथ लगते ही आपकी तरह कॉफी भी हॉट हो जाती

सारा-तुम सब के साथ ऐसी ही बाते करते हो

अवी-सबके साथ नही पर कुछ खास फ्रेंड के साथ. जैसे आप

सारा-थॅंक्स ,खास फ्रेंड बनाने के लिए

मैं उठ कर सारा के पीछे खड़ा हो गया.

अवी-क्या कर रही हो

सारा-पेशेंट की रिपोर्ट देख रही हू

मैं अपना मुँह सारा के कान के पास ले गया.

अवी-आप इस साड़ी मे हॉट लग रही हो

सारा-ह्म्‍म्म्म

अवी-कल की बारिश की वजह से मुझे ठंड लग रही है

सारा-तो

अवी-आप हॉट है और मुझे ठंड लग रही है

सारा-फिर कॉफी पी लो

अवी-कॉफी आपकी जितनी हॉट नही होगी.

सारा-ज़ोर से साँसे लेते हुए.मैं इंजेक्षन लगा देती हू

अवी-इंजेक्षन तो मेरे पास है सिर्फ़ बॉटल की ज़रूरत है.

सारा-तुम्हारे पास कहाँ है इंजेक्षन

अवी-है मेरे पास

सारा-कहाँ है

अवी-आपको दिखा ही देता हू

और मैं ने सारा को पीछे से पकड़ लिया. सारा के हाथ से फाइल गिर गयी. मेरा लंड साड़ी के उपर से सारा की गंद पे रगड़ रहा था.

सारा की साँसे तेज चल रही थी.मैं धीरे धीरे लंड को सारा की गंद पे रगड़ रहा था.

इस से ज़्यादा कुछ करना नही चाहता था.

थोड़ी देर ऐसे रहने के बाद कम्पाउन्डर ने गेट नॉक किया. मैं ने सारा को छोड़ दिया और चेर पर जाकर बैठ गया.

सारा ने फाइल उठा ली और अपनी जगह पर आकर बैठ गयी.

कम्पाउन्डर फिर गेट खोल कर अंदर आ गया और कॉफी टेबल पे रख कर चला गया.

हम कॉफी पीने लगे. सारा चुप चाप कॉफी पी रही थी.

अवी-एक बात कहूँ

सारा-ह्म्‍म्म

अवी-आप कॉफी से ज़्यादा हॉट हैं

सारा-मेरी तरफ देखने लगी

कॉफी पीने के बाद हम चुप चाप बैठ थे.

अवी-सारा

सारा-हाँ

अवी-मैं चलता हू

सारा-ह्म्‍म्म

मैं गेट के पास आ गया

अवी- सॉरी अगर बुरा लगा हो तो

सारा ने मेरी तरफ देखा पर तब तक मैं कॅबिन से बाहर चला आया.

और फिर मैं घर आकर खाना खा कर सो गया.

 


अपडेट 283

{ रीया(ज़्)-रीया को ज़ीया

ज़ीया(र)-ज़ीया को रीया बना दिया }

मैं शाम 4.00 बजे छत पर चला गया. आज ज़ीया की दूसरी बार चुदाई करनी थी. ज़ीया चुदाई करते वक्त मेरा पूरा साथ देती थी.

पर मुझे डर भी था कि ज़ीया आज छत पर आएगी कि नही.पर मेरा डर जल्दी ख़तम हो गया.ज़ीया छत पर आ गयी.

पर ज़ीया और रीया को पहचानना मुश्किल था. जिस तरह कल मैने रीया को पहचाना आज भी मैने वही करने का सोचा.

मैं कल की तरह छत पर घूमते हुए उसके पास चला गया.उसने टी-शर्ट पहनी थी पर मुझे उसकी गर्दन दिख नही रही थी.

एक वही चीज़ थी गर्दन पर मोले जिस से रीया और ज़ीया को पहचाना जा सकता है.

फिर भी मैं ने अपनी किस्मत पर भरोसा कर के उसके साथ बाते करने लगा.

अवी-हाई रीया

ज़ीया(र)-हाई

अवी-(ये ज़ीया है) अब दर्द कैसा है

ज़ीया(र)-आज अच्छा लग रहा है

अवी-फिर चले प्यार करने

ज़ीया(र)-तुम्हे शरम नही आती .लड़की के साथ ऐसी बाते करते हो.

अवी-तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो.और अगर टाइम चला गया तो ज़ीया उपर आ जाएगी और मुझे वापस जाना पड़ेगा.

ज़ीया(र)-वो नही आएगी

अवी-क्यू .कहाँ गयी ज़ीया

ज़ीया(र)-वो सहेली के घर गयी है

अवी-तुम नही गयी उसके साथ

ज़ीया(र)-क्यू जाना चाहिए था

अवी-अगर उसे पता चल गया कि हम यहाँ क्या करते है

ज़ीया(र)-ज़ीया को मैं तो नही बताउन्गि और ना तुम .फिर उसे कैसे पता चलेंगा

अवी-फिर भी

ज़ीया(र)-ठीक है मैं चली जाती हू.

अवी-जा पाओगि

ज़ीया(र)-नही. पर तुम चाहते हो तो चली जाती हू

अवी-तुम्हे क्या लगता है मैं तुम्हे जाने दूँगा

ज़ीया(र)-वो तो तुम्हारे उपर है कि तुम क्या चाहते हो

अवी-मैं तो तुम्हे चाहता हू

ज़ीया(र)-तो फिर प्यार करो.

अवी-आज ज़्यादा प्यार करूँगा

ज़ीया(र)-वो क्यू?

अवी-क्यू कि हमारे पास काफ़ी समय है

ज़ीया(र)-हाँ

अवी-चलो अब नही तो कोई हमे यहाँ देख लेंगा

ज़ीया(र)-हाँ,मुझे भी यही लग रहा है

हम स्टोर रूम मे आ गये .फिर मैं ने गेट बंद कर दिया.

स्टोर मे जाते ही ज़ीया(र) सोफे पर बैठ गयी.मैं ज़ीया(र) के सामने खड़ा हो गया.

मेरा लंड लोवर के अंदर से ज़ीया(र) के मुँह के सामने था.

मैं ने टी-शर्ट निकाल दी. ज़ीया(र) मेरी तरफ देखने लगी. मैं ने लोवर भी निकाल दिया.

मैं ने अंडरवेर नही पहनी थी जिस से मेरा लंड ज़ीया(र) के मुँह के सामने था.

ज़ीया(र) मुझे नंगा देख कर शॉक्ड हो गयी.

अवी-क्या हुआ

ज़ीया(र)-वो तुम

 


अवी-क्या वो, मुँह मे लो कल की तरह .कल तुमने ही तो कहा कि आज मुझे पहले कपड़े निकालने पड़ेंगे. फिर तुम मुँह मे लेकर चूसोगी.भूल गयी क्या

ज़ीया(र)-(रीया बन ने का नाटक कर) अभी करती हू

और ज़ीया(र) मेरे लंड को मुँह मे लेकर चूसने लगी.

ज़ीया(र) रीया की तरह नही चूस रही थी पर जितना भी कर रही थी वो अच्छा ही कर रही थी.

ज़ीया(र) आधा लंड मुँह मे लेकर चूस रही थी. कभी लंड पूरा बाहर निकाल लेती तो कभी आधा अंदर ले लेती.

कभी जीभ से चाट भी लेती .लगता है रीया और ज़ीया साथ मे ब्लू फिल्म देखती है.दोनो का लंड चाटना एक जैसा था पर चूसना अलग था.

रीया लंड को मुँह से बाहर नही निकालती पर ज़ीया बाहर निकाल लेती. पर दोनो ही पूरा मज़ा दे रही थी .

फिर मैं ने ज़ीया(र) के सर को पकड़ लिया. और लंड को झड अंदर डालने की कोशिस करने लगा.

ज़ीया(र) को परेशानी हो रही थी. मैं ने ऐसा करना बंद किया.

2 मिनट तक ज़ीया(र) ने मेरे लंड को चूस कर लाल कर दिया.

अब मुझे भी ज़ीया(र) के बूब्स चूस्कर लाल करने थे और चूत मार कर लाल करनी थी.

मैं ने ज़ीया(र) को खड़ा किया और उसकी त-शर्ट निकाल दी. फिर मैं नीचे बैठ कर लोवर और पनटी एक साथ निकाल ली.

फिर ज़ीया(र) को सोफे पर लेटा दिया.

सोफा रीया और ज़ीया की चुदाई से नरम हो गया था. जब भी रीया और ज़ीया चुदाई करके चली जाती तब मैं सोफा साफ कर देता.

जिस से दूसरे को पता नही चलता. अगर पता चल भी गया तो वो बस इतना सोचेगी कि मैं ने उसकी बहन की चुदाई की है और अब वो अपनी बहन बन कर चुदाई कर रही है.

फिर मैं ने ज़ीया(र) को सोफे पर लिटा दिया.और मैं ने ज़ीया(र) के उपर आकर एक किस करके बूब्स को चूस ने लगा.और दूसरे बूब्स को दबाने लगा .

मैं ने कल जो रीया के साथ किया था वही आज ज़ीया(र) के साथ कर रहा था.

मैं ने कल जैसे किया था बिल्कुल वैसे ही ज़ीया(र) के साथ कर रहा था. बूब्स चूसने से ज़ीया(र) शीष्किया लेने लगी.

मैं बूब्स को ज़ोर से दबा रहा था जैसे कल रीया ने मुझे रोका था आज वैसे ही ज़ीया(र) ने मुझे रोक दिया .

मैं रुक गया तो उसने मुझे बोला प्लीज़ थोड़ा धीरे दबाओ मुझे दर्द हो रहा है .

फिर मैं बूब्स को धीरे धीरे दबाने लगा और चूसने लगा ज़ीया(र) फिर शीष्किया लेने लगी .

उसके मुँह से अया आहह उम्म्म की आवाज़ आ रही थी . 3 4 मिनट के बाद मैं ने देखा ज़ीया(र) के बूब्स दबाने और चूसने से लाल हो चुके थे और उसके निपल भी टाइट हो गये थे.

जैसे कल रीया के बूब्स लाल हो गये थे वैसे ही आज ज़ीया(र) के बूब्स लाल हो गये थे.

पर ज़ीया(र) के बूब्स लाल होने मे टाइम लगा.

मैं फिर भी उसके बूब्स को हाथ से दबाता रहा.ज़ीया(र) के बूब्स बहुत नरम थे बिल्कुल रीया की तरह.

ज़ीया(र) भी मेरे सर को अब बूब्स पे दबाने लगी और ज़ीया(र) के मुँह से अयाया अया के आवाज़ आने लगी.

फिर मैं दूसरे बूब्स को दबाने लगा और ज़ीया(र) शीष्किया लेने लगी 3 4 मिनट मैं ज़ीया(र) के दूसरे बूब्स को दबाता रहा.और उसे भी लाल कर दिया.

फिर मैं ने ज़ीया(र) के बूब्स को छोड़ दिया.ज़ीया(र) के बूब्स लाल हो चुके थे.

फिर मैं नीचे आ गया. ज़ीया(र) की चूत पूरी गीली हो चुकी थी.

मैं ज़ीया(र) की पिंक कलर के चूत देखने लगा कि किस की चूत ज़्यादा पिंक है. रीया की या फिर ज़ीया की. चूत के कलर के गेम मे रीया जीत गयी.

मैं ज़ीया(र) की चूत पे अपना हाथ फेरने लगा .फिर मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा तो वो शीष्किया लेने लगी और मेरे सर को अपनी चूत पे दबाने लगी और मैं उसकी चूत को चूसने लगा.

मैं ज़ीया(र) की चूत को 6 मिनट तक चूस्ता रहा फिर ज़ीया(र) झड गयी . मैं ने उसकी चूत का पानी पी लिया

ज़ीया(र) की चूत का पानी रीया की चूत के पानी की तरह नमकीन था .

मुझे और चूत चूसनी थी. मैं ने ज़ीया(र) को 69 पोज़िशन मे आने को कहा.

और मैं ज़ीया(र) की चूत चूसने लगा और ज़ीया(र) मेरे लंड को चूस रही थी. मैं 1 मिनट तक चूस्ता रहा मुझे ज़ीया(र) को झड्ने नही देना था. क्यू कि मैं आज 2 बार ज़ीया(र) की चूत मारना चाहता था.

 


अपडेट 284

{ रीया(ज़्)-रीया को ज़ीया

ज़ीया(र)-ज़ीया को रीया बना दिया }

फिर मैं ने ज़ीया(र) को घोड़ी बना दिया और ज़ीया(र) की चूत को अपने थूक से गीला कर दिया .

मैं ने अपना लंड ज़ीया(र) की चूत पर उपर नीचे करने लगा तो ज़ीया(र) कहने लगी डाल भी दो अब

ज़ीया(र) की तड़प देख कर मैं ने अपने लंड को ज़ीया(र) की चूत के छेद पर रखा और थोड़ा ज़ोर लगाया तो आधा लंड अंदर चला गया

ज़ीया(र) धीरे से चीखने लगी ऊऊऊऊईईईई मर गयी मैं तो आआआआअहह्ा हालाकी लंड को अंदर जाने मे ज़्यादा तकलीफ़ नही हुई.

अब मैं ने और ज़ोर लगाया तो पूरा लंड ज़ीया(र) की चूत मे चला गया .मैं थोड़ी देर रुक कर ज़ीया(र) के बूब्स दबाने लगा.

वो चीख रही थी. थोड़ी देर रुकने के बाद फिर मैं ने आधा लंड बाहर निकाला और एक झटके मे फिर पूरा अंदर डाल दिया

और फिर मैं ने धीरे धीरे हिलाना सुरू कर दिया.

थोड़ी देर बाद ज़ीया(र) को मज़ा आने लगा और ज़ीया(र) ने भी आगे पीछे हिलना सुरू कर दिया

जिस से हम दोनो को ही मज़ा आने लगा .

फिर मज़े मे ज़ीया(र) कहने लगी और ज़ोर से चोदो , फाड़ दो मेरी चूत को और तेज तेज चोदो.

मैं ज़ीया की बात सुनकर हैरान हो गया.ज़ीया ऐसा बोल सकती थी ऐसा मैं ने कभी सोचा नही था.

फिर मैं अपने काम मे लग गया.ज़ीया की बात सुनकर मेरी गति और बढ़ गयी

5 मिनट के बाद ज़ीया(र) झड गयी. ज़ीया(र) की चूत मे से पानी बहने लगा.

लेकिन मे अभी झड्ने वाला नही था मैं ने ज़ीया(र) को अब सीधा लिटा दिया और ज़ीया(र) की चूत मे लंड डाल दिया .

मेरा लंड अब आसानी से ज़ीया(र) की चूत मे चला गया

ज़ीया(र) को अब तकलीफ़ नही हुई. अब मैं झुक कर ज़ीया(र) की बूब्स दबा रहा था और अपने लंड को अंदर बाहर भी कर रहा था

जिस से ज़ीया(र) को मज़ा आ रहा था .अब मैं ने ज़ीया(र) की बूब्स को चूसना सुरू कर दिया

और ज़ीया(र) की आवाज़े निकलने लगी ऊओुईईईईईए आआआइईईए. ज़रा ज़ोर से चोदो बहुत मज़ा आ रहा है मुझे आज बहुत मज़ा आ रहा है.

मैं ने अपनी गति और बढ़ा दी और ज़ीया(र) फिर झड गयी और ज़ीया(र) की चूत से सारा पानी बाहर निकल गया.

अब रूम मे चूफ चूफ की आवाज़ आ रही थी. चुदाई करते हुए जैसे मैं ने रीया को पूछा था वैसे मैं ने ज़ीया(र) से पूछा मज़ा आया मेरी जान

ज़ीया(र) ने कहा हाँ.

फिर मैं और ज़ोर से ज़ीया(र) चोदने लगा थोड़ी देर बाद ज़ीया(र) ने मुझे कहा कि मैं अब झड्ने वाली हू.

अब और बर्दास्त नही हो रहा है.

मैं ने भी अपनी गति बढ़ा दी और ज़ीया(र) ओइईईईईईईईईईईई आआअहह करते हुए झड गयी और मैं भी अब झड्ने वाला था.

मैं ने अपनी गति फिर बढ़ा दी जिस से ज़ीया(र) को मज़ा आ रहा था और मैं जन्नत की तरफ जा रहा था.

और कुछ 5 6 धक्के मारने के बाद मेरा पानी निकल ने वाला था कि मैं ने लंड बाहर निकाल लिया और अपना वीर्य ज़ीया(र) के पेट के उपर डाल दिया.

मुझे ज़ीया(र) की एक और बार चुदाई करनी थी. मैं नही चाहता था कि ज़ीया(र) चूत मेरे पानी से भरी हो.

और चूत मे पानी डालता तो फिर से चुदाई करने के लिए ज़ीया(र) कहाँ चूत साफ करती.

इस लिए मैं ने अपना वीर्य ज़ीया(र) के पेट के उपर डाल दिया.

 


फिर मैं ने ज़ीया(र) को नॉर्मल होने दिया.

15मिनट के बाद ज़ीया(र) नॉर्मल हो गयी.

मैं ने ज़ीया(र) की पैंटी से ज़ीया(र) का पेट साफ किया. और फिर ज़ीया(र) के उपर आ गया.

ज़ीया(र)-हो गया ना अब उठो मेरे उपर से

अवी-रीया तुम भूल गयी क्या तुम ने कल क्या कहा था.

[(मैं ने उस्दिन कहा था कि हम कल नही मिलेंगे.पर ज़ीया ये नही सोचेगी .वो ये सोचेगी कि मैं कल रीया से मिला हू. और मैं ने और रीया ने कुछ नया करने का सोचा है.

रीया ने भी ऐसा ही सोचा जब मैं ने उसे कल चुदाई करते हुए पिछले दिन के बारे मे कहा था कि भूल गयी क्या.

दोनो बहने दिमाग़ इस्तेमाल नही करती है.)]

ज़ीया(र)-किसी बारे मे बात कर रहे हो

अवी-आज 2 बार सेक्स करेंगे

ज़ीया(र) चुप हो गयी

ज़ीया(र)-नही,मैं कहाँ भूली हू.मैं तो मज़ाक कर रही थी.

फिर क्या था मैं ज़ीया(र) के होंठो को चूसने लगा.ज़ीया(र) को तो मेरा साथ देना ही था.मैं थोड़ी देर ज़ीया(र) के होंठो को चूसने के बाद बूब्स चूसने लगा.

इस बार मैं सिर्फ़ बूब्स चूस रहा था.अगर मैं बूब्स दबा देता तो ज़ीया(र) को दर्द होता और बूब्स का जो हाल होता उसके बाद ज़ीया(र) मुझे फिर चुदाई नही करने देती.

मेरे पास समय कम था .पहली चुदाई मे 1.15 घंटा लग गया था. मुझे शाम 6.00 बजे से पहले चुदाई ख़तम करनी थी. क्यू कि 6.00 बजे सीतल दीदी और स्वेता दीदी आ जाती.

और मुझे नीचे ना देख कर पहले कमरे मे आती फिर उपर छत पर आ जाती.

मैं 5 मिनट तक बूब्स चूस्ता रहा.ज़ीया(र) की चूत तो पहले से गीली थी तो मैं ने चूत चूसना चालू कर दिया.

और ज़ीया(र) के उपर से अलग हो गया.फिर मैं ने ज़ीया(र) को खड़ा किया.और खुद सोफे पर लेट गया. और ज़ीया(र) को मेरे लंड पर बैठने को कहा.

ज़ीया(र) मेरे लंड के उपर चूत रख कर बैठने लगी. ज़ीया(र) ने आराम से धीरे से बिना मुझे पूछे लंड को अपनी चूत मे ले लिया.लगता है रीया की तरह ज़ीया भी ब्लू फिल्म देख कर सब सीख गयी.

लंड पूरा चूत मे जाने के बाद ज़ीया(र) उपर नीचे होने लगी. ज़ीया(र) के उपर नीचे होने से सोफा हिल रहा था .3 मिनट तक ज़ीया(र) उपर नीचे होती रही

फिर ज़ीया(र) ने अपने हाथ मेरे चेस्ट पर रख कर उपर नीचे होने लगी. साथ ही आवाज़े कर रही थी. मुझे लगा ज़ीया(र) अब थक चुकी है .

मैं ज़ीया(र) की कमर पकड़ कर नीचे से धक्के लगाने लगा.

मैं नीचे से धक्के मार रहा था और ज़ीया(र) उपर से चूत लंड पर दबा रही थी. 10 मिनट तक हम ऐसे ही चुदाई करते रहे.

फिर ज़ीया(र) ने पानी छोड़ा और मैं ने ज़ीया(र) को छोड़ा.

अब ज़ीया(र) को खड़ा कर के झुक कर सोफा पकड़ने को कहा.ज़ीया(र) ने वैसा ही किया.

फिर मैं ज़ीया(र) के पीछे चला गया.और लंड को ज़ीया(र) की चूत मे डाल दिया. और ज़ीया(र) की चूत मारने लगा.

ज़ीया(र) मस्ती मे नागिन की तरह हिल कर मेरे लंड को अपने चूत मे ले रही थी. मैं इसी पोज़िशन मे 10 मिनट तक ज़ीया(र) की चुदाई करता रहा .

और ज़ीया(र) ने फिर पानी छोड़ दिया. ज़ीया(र) पूरी तरह से थक गयी थी.

फिर मैं ने ज़ीया(र) को सोफे पर लिटा दिया और ज़ीया(र) के उपर आकर चूत मारने लगा. ज़ीया(र) पूरी तरह से थक गयी थी.

अब ज़ीया(र) को दर्द हो रहा था.मैं ने 5 मिनट तक ऐसे ही चुदाई करता रहा. ज़ीया(र) का दर्द देख कर मैं ने लंड बाहर निकाल लिया और मूठ मारने लगा.

लंड बाहर निकालने से ज़ीया(र) का दर्द कम हुआ. ज़ीया(र) मेरी तरफ देख रही थी मैं हाथो मे लंड लेकर हिला रहा था. कुछ देर बाद मेरा वीर्य निकल गया.

मैं ने फिर ज़ीया(र) के पेट पर अपना वीर्य गिरा दिया. और सोफे पर पीठ लगाकर हाँफने लगा

 


अपडेट 285

थोड़ी देर मे मैं नॉर्मल हो गया.

अवी-आज 2 बार करके मज़ा आया

ज़ीया(र)-तुम ने 2 बार करके मुझे बहुत मज़ा दिया.

अवी-तुम्हे मज़ा आया मतलब मुझे मज़ा आया

ज़ीया(र)-ऐसा है

अवी-हाँ ऐसा है

ज़ीया(र)-पर तुमने मेरे पेट पे क्यू गिराया

अवी-अंदर गिरा देता तो दूसरी बार करने मे मज़ा नही आता

ज़ीया(र)-पर तुम्हारे 2 बार करने से मैं पूरी तरह से थक गयी हू

अवी-घर मे जाकर आराम कर लेना.और कल भी आराम करना

ज़ीया(र)-कल क्यू आराम करूँगी

अवी-कल आराम करोगी तो परसो प्यार करने मे दोनो को मज़ा आएगा. नही तो तुम कल जल्दी थक जाओगी

ज़ीया(र)-ठीक है मैं कल आराम करूँगी

अवी-कल कॉलेज से आने के बाद सो जाना

ज़ीया(र)-वो क्यू?

अवी-फिर रात मे गोलगप्पे खाने आना वहाँ पर मैं तुम्हे थोड़ा प्यार करूँगा

ज़ीया(र)-उस्दिन जैसा

अवी-हाँ.

ज़ीया(र)-फिर तो मैं कल कॉलेज से आने के बाद सो जाउन्गि

अवी-तुम्हारे सोने से 2 फ़ायदे है

ज़ीया(र)-वो क्या

अवी-पहला तुम रोजाना ऐसे गायब रहोगी तो ज़ीया को पता चल जाएगा.कल सोने से उसे शक नही होगा(और तुम्हारे सोने से कल रीया की आराम से चुदाई करूँगा.)

ज़ीया(र)-और दूसरा

अवी-दूसरा फ़ायदा कल रात मे तुम गोलगप्पे खाने आओगी तो फ्रेश रहोगी .जिस से हम प्यार कर सकते है. पर ज़ीया को साथ मे मत लाना

ज़ीया(र)-ठीक है कल मैं गोलगप्पे खाने अकेली आउन्गि

अवी-(अच्छा हुआ मान गयी. कल ज़ीया सो जाएगी तो रीया के साथ आराम से शाम 3.00 बजे से 6.00 बजे तक चुदाई कर पाउन्गा.) चलो अब जाना चाहिए 6.00 बज रहे है

ज़ीया(र)-हाँ चलो

ज़ीया(र) ने अपनी पैंटी देखी. उसकी पैंटी पर मेरा वीर्य लगा हुआ था.

ज़ीया(र)-मेरी पैंटी को क्या कर दिया तुमने

अवी-तुम्हारा पेट साफ किया पैंटी से

ज़ीया(र)-तुम्हे पैंटी ही मिली

अवी-अगर टी-शर्ट से करता तो दाग लग जाता और ज़ीया को पता चल जाता

ज़ीया(र)-पर मैं बिना पैंटी की लोअर कैसे पहनु

अवी-पैंटी से तुम्हे नीचे जलन होगी. तुम सिर्फ़ लोवर पहन लो और कमरे मे जाकर दूसरी पैंटी पहन लेना या फिर मत पहनना

ज़ीया(र)-तुम हर बात का ध्यान रखते हो

अवी-(छोटी चाची ने सिखाया है) रखना पड़ता है. अब जल्दी पहन लो कपड़े

ज़ीया(र)-पहन तो रही हू

ज़ीया(र) ने कपड़े पहन लिए .फिर पहले मैं और फिर ज़ीया(र) बाहर आ गयी. ज़ीया(र) घर के अंदर चली गयी. और मैं स्टोर रूम बंद कर के अपनी छत पर

ज़ीया(र) की आज जानबूझ कर 2 बार चुदाई की ताकि ज़ीया(र) पूरी तरह से थक जाए और कल कॉलेज से आने के बाद सो जाए .जिस से मैं रीया के साथ आराम से चुदाई कर सकूँ.

फिर मैं छत पर घूमता रहा. ताकि सीतल दीदी उपर आके देखे कि मैं छत पर घूम रहा हू. और कल आराम से रीया और परसों ज़ीया की चुदाई कर सकूँ.

थोड़ी देर बाद सीतल उपर आ गयी. मुझे छत पर घूमते हुए देखा .फिर मेरे साथ छत पर घूमने लगी और बाते करने लगी.

सीतल- क्या कर रहे हो

अवी-छत पर घूमते हुए देख रहा हू कोई लड़की गर्लफ्रेंड बन ने के लिए मिलती है कि नही आपने तो

सीतल-तुम जल्दी गर्लफ्रेंड बना लो,और

अवी-वो तो बना लूँगा पर पुरानी गर्लफ्रेंड को भूलना मुश्किल है.

और मैं ने सीतल दीदी की कमर मे हाथ डाल दिया.और अपने पास खीच लिया

सीतल-अवी वो सब जो हमारे बीच मे हुआ था उसे

अवी-कुछ भी तो नही हुआ हमारे बीच मे, वो जाने दो एक फ्रेंड की तरह एक किस दो मुझे

सीतल-अवी तुम समझ क्यू नही रहे

अवी-एक बहन की तरह तो किस दे सकती हो

सीतल-यहाँ पर

अवी-मैं गाल पर किस देने की बात कर रहा हू.

सीतल-गाल पे मुझे लगा

अवी-जाने दो चलो नीचे चलते है.

मैं सीतल दीदी के साथ नीचे आने लगा.

सीतल दीदी ने मुझे सीडियो पर रोक लिया.

सीतल-अपनी आँख बंद करो

अवी-आप किस करने वाली हो

सीतल-हाँ

अवी-होंठो पे

सीतल-होंठो से

मैं ने अपनी आँख बंद की.

सीतल दीदी ने मुझे किस किया. ये क्या सीतल दीदी ने गाल पर किस किया.

मैं ने आँख खोली. सीतल दीदी हँसते हुए मुझे ठेंगा दिखाते हुए नीचे भागने लगी.

मैं भी हँसते हुए नीचे आ गया.

 


अपडेट 286

रीड- अपडेट 282 सारा

फिर मैं कमरे मे जाकर फ्रेश हो गया.

आज फिर मैं बाहर घूमने नही गया. हॉल मे बैठ कर स्वेता दीदी , पूनम दीदी और सीतल दीदी के साथ बाते करता रहा.

फिर हमने बाते करते हुए खाना खा लिया. खाना खाने के बाद मैं हॉस्पिटल चला गया.

मैं चाची के रूम मे चला गया.

चाचा-अवी

अवी-जी चाचा जी

चाचा-कल से तुम जल्दी आया करो . रात 9.00 बजे की जगह 8.00 बजे आया करो

अवी-मैं 8.00 आ जाउन्गा पर

चाचा-पर क्या

अवी-8.00 बजे खाना तय्यार नही होता है.

चाचा-कल से हो जाएगा

अवी-क्या आपने ज्योति बुआ को बता दिया कि खाना जल्दी चाहिए

चाचा-हाँ

अवी-फिर ठीक है मैं कल से 8.00 आ जाया रहूँगा

चाचा-अब मैं चलता हू

चाचा जी चले गये. और मैं अपने काम मे लग गया.

ज़ोया ने चाची को चेक किया. फिर एक बार मेरी तरफ देखा पर मैं ने ज़ोया की तरफ नही देखा जिस से ज़ोया नाराज़ होकर चली गयी.

मैं ने चाची को खाना खिलाया .फिर चाची सो गयी. मैं मोबाइल पर गेम खेलने लगा.

फिर माला आई .वो कल के लिए शर्मिंदा थी.

माला-अवी, सॉरी

अवी-सॉरी किस लिए

माला-कल जो भी हुआ ,मेरी ग़लती थी.

अवी-हम फ्रेंड है ना, ये सब तो चलता रहता है

माला-कल के लिए तुम मुझे से नाराज़ तो नही हो

अवी-अगर अभी चुदाई करने नही दी तो फिर पक्का नाराज़ हो जाउन्गा.

माला-तुम जो कहोगे वो होगा, पर मुझे से कभी नाराज़ मत होना

अवी-नही होऊँगा. चलें

फिर मैं ने माला की एक बार चुदाई की और फिर चाची के रूम मे आकर सो गया.

9थ डे

सुबह मैं आधा घंटा देर से उठ गया.चाची फ्रेश हो चुकी थी. चाची ने मुझे जगाया नही.चाची ने सोचा होगा कि मुझे आराम करने को नही मिलता है इस लिए मुझे सोने दिया.

फिर मैं ने फ्रेश होकर चाची को नाश्ता दिया. थोड़ी देर बाद सारा आ गयी. चाची को चेक कर के चली गयी. फिर चाचा आ गये और मैं सारा के पास चला गया.

मैं सारा की कॅबिन मे चला गया. कॅबिन मे जाकर चेर पे बैठ गया. सारा मेरे सामने बैठी थी.

सारा ने आज सलवार कमीज़ पहनी थी. कमीज़ का गला बड़ा था .जब भी सारा झुक जाती तो मुझे उसके बूब्स दिख जाते.

अवी-गुड मॉर्निंग

सारा-गुड मॉर्निंग

अवी-आप बिज़ी है

सारा-नही तो

अवी-मैं यहाँ कब से बैठा हू और आप है कि मेरी तरफ एक बार भी नही देखा

सारा-थोड़ा काम था मैं ने सोचा उसे पूरा कर देती हू फिर आराम से बाते करेंगे

अवी-तो कीजीएना बाते

सारा-कल तुमने ऐसा क्यू किया

अवी-क्या किया था मैने

सारा-मुझे पीछे से पकड़ा क्यू था

अवी-मुझे ठंड लग रही थी

सारा-तो क्या किसी के साथ ऐसे चिपक कर ठंड चली जाएगी

अवी-आप सच मे डॉक्टर हो ना

सारा-ये मेरे सवाल का जवाब नही है

अवी-पहले आप मेरे सवाल का जवाब दीजिए

सारा-मैं डॉक्टर हू पर ये क्यू पूछा तुमने

अवी-आप डॉक्टर होकर एक बात भूल गयी कि अगर किसी को ठंड लगती है तो किसी और के बदन की गरमी से ठंड चली जाती है

सारा-ये तो तुमने सही कहा पर मुझे ऐसे गले क्यू लगा लिया

अवी-फ्रेंड हो आप मेरी .फ्रेंड तो अपनी जान तक दे देते है.और आप है कि

सारा-ठीक है. पर ऐसा करने से पहले पूछ लिया करो

अवी-वैसे मैं कल पूछने वाला था. मतलब आप पूछने के बाद गले लगाने देंगी.

सारा-मे बी

अवी-मुझे ठंड लग रही है

सारा-बदमाश हो तुम

अवी-चलो कॉफी पिला दो

सारा-कोल्ड या हॉट

अवी-अब आप गले नही लगाने वाली हो तो हॉट पिला दो

सारा-ठीक है

सारा ने 2 कॉफी मंगा ली

अवी-आप इस ड्रेस मे हॉट लग रही हो

सारा-थॅंक्स

अवी-क्या मैं आप से पर्सनल सवाल पूछ सकता हू

सारा-हाँ.पर ज़्यादा पर्सनल नही

अवी-आपका साइज़ क्या है

सारा-6

अवी-6

सारा-हाँ मेरी सॅंडल का यही साइज़ है

अवी-मैं आपकी फिगर के बारे मे पूछ रहा हू

सारा-तो पहले ऐसा नही पूछ सकते थे

अवी-अब बता दो

सारा-36 -28-38

अवी-अच्छा फिगर है आपका

सारा-थॅंक्स,ज़ोया को बताऊ

अवी-नही मैं खुद पूछ लूँगा

सारा-मैं बता ही देती हू ज़ोया का भी यही साइज़

अवी-6

सारा-तुम अच्छा जोक करते हो. मैं फिगर के बारे मे बता रही थी.

अवी-क्या मैं आपकी फिगर अच्छे से देख सकता हू

सारा-क्यू देखना चाहते हो

अवी-बस ऐसे ही

सारा-क्या ऐसे ही

अवी-देखना चाहता हू कि आप इतनी हॉट कैसे हो

सारा-कल दिखा दूँगी

अवी-पक्का दिखाएँगी

सारा-हाँ

अवी-ठीक है फिर कल मिलते है

सारा-बाइ

मैं गेट के पास आया.

अवी-सारा

सारा-हाँ

अवी-आज तुम हॉट नही लग रही हो पर कल हॉट बनकर आना.

और मैं घर चला आया

 
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