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मैं और मेरा परिवार

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346 ए

मिसेज़ डूबे जो कब से अपनी चूत को मुझ से बचा रही थी आज वो चूत मेरे सामने थी.

मिसेज़ दूबे की चूत मेरे सामने आते ही मेरे लंड ने सर उठाना सुरू कर दिया.

मिसेज़ दुबे को एक ना एक दिन मेरे नीचे आना था. और वो दिन आज आ गया.

मैं ने मिसेज़ दूबे की चूत पर अपना हाथ घुमाने लगा.

मेरा टच अपनी चूत पर महसूस करके मिसेज़ दूबे के बदन मे बिजली दौड़ने लगी.

मिसेज़ दूबे का बदन काँप रहा था और चूत की गर्मी की वजह से बदन भी गरम हो रहा था.

फिर मैं ने देर ना करते हुए अपनी उंगली मिसेज़ दूबे की चूत मे डाल दी.

चूत पे उंगली रखते ही उंगली चूत मे फिसलते हुए अंदर चली गयी.

मिसेज़ दूबे की चूत ऐसी हो गयी थी कि जैसे चूत मे मक्खन लगा हो ,और जो चीज़ चूत को टच हो वो अंदर चली जाए.

उंगली अंदर जाते ही मिसेज़ दूबे के मूह से हल्की सी आअहह निकल गयी.

उंगली अंदर जाते ही मैं ने बाहर निकाल ली पर मिसेज़ दूबे की चूत इतनी चिकनी हो गयी कि उंगली बार बार अंदर जा रही थी.

मैं ने उंगली को अंदर बाहर करना सुरू किया. और मिसेज़ दूबे के उपर आकर गरम जोशी से उसके होंटो से अपने होन्ट मिला दिए

किचन मे मिसेज़ दूबे मेरे होंटो को चूस रही थी और अब मैं मिसेज़ दूबे के होंटो को चूसने लगा.

मिसेज़ दूबे के होंटो को चूसने से मिसेज़ दूबे ने भी मेरे होंटो को चूसना सुरू किया.

मिसेज़ दूबे मुझ से ज़्यादा जोश के साथ किस कर रही थी.

मैं पहले 2 चुदाई कर चुका था जिस से मेरा जोश कम था ,पर मिसेज़ दूबे ने कोई कमी नही रखी मुझे किस करने मे

किस करने का जोश इतना था कि होंटो को चूसने के साथ साथ चेहरे पे भी किस कर रही थी.

इधर मैं चूत मे उंगली करके मिसेज़ दूबे को जोश दिलवा रहा था.

जिस तरह से मैं ने रीया को कोई चान्स नही दिया था वैसे ही मैं मिसेज़ दूबे को भी कोई चान्स नही देना चाहता था

सब कुछ बिना ब्रेक के करना था. एक बार चुदाई हो गयी कि नेक्स्ट टाइम सब आराम से कर सकता हू

मैं ने दूसरे हाथ को भी काम पे लगा दिया. मैं एक हाथ से उसके बड़े बड़े बूब्स दबा रहा था तो दूसरा हाथ उसकी चूत पर था.

10 मिनिट तक मैं मिसेज़ दुबे गरम करता रहा. बीच मे मैं ने चूत मे उंगली करना बंद कर दिया था.

किस करने के बाद मिसेज़ दूबे हाफ़ रही थी.

मैं ने यही सही समय सोच कर अपनी जीन्स को निकाल दिया.

जींस निकलते ही मेरा लंड जो मिसेज़ दूबे की चूत देख कर खड़ा हुआ था वो मिसेज़ दूबे की चूत पर दस्तक देने लगा.

मैं ने मिसेज़ दुबे को चुदाई करने के लिए पूरी तरह से तय्यार कर लिया था.

उसकी चूत गरम थी. लंड लेने को तय्यार थी , मैं ने लंड को मिसेज़ दूबे की चूत पर रख कर एक झटके मे पूरा अंदर डाल दिया.

1 हफ्ते से जो मेरा दिमाग़ खराब करके रखा था वो एक झटके मे ठीक कर दिया.

मिसेज़ दूबे ने ये सोचा नही था कि मैं एक झटके मे पूरा लंड डाल दूँगा.

लंड अंदर जाते ही मिसेज़ दूबे के मूह से चीख निकल गयी .मर गयी... क्या किया तुमने....आआअहह..

मिसेज़ दूबे ने 1 हफ्ते से मुझे तड़फ़ाया था उसका हिसाब बराबर कर रहा था.

मैं ने मिसेज़ दूबे की चीख की कोई परवाह नही की और ज़ोर दार धक्के मारने लगा.

मिसेज़ दूबे चिल्लाती रही.पर उसने मुझे रोकने की कोशिस नही की.

दर्द भी ना हो और मज़ा भी आए ऐसा कभी होता है क्या. ये बात मिसेज़ दूबे को पता थी.

उसे पता था कि थोड़ी देर दर्द होगा फिर मज़ा मिलेंगा. और मुझे रोक दिया तो चुदाई अधूरी ना रह जाए इस लिए मिसेज़ दूबे चिल्ला रही थी पर मुझे रुकने को नही बोल रही थी.

मैं मिसेज़ दूबे के बूब्स को दबाने लगा .जो बूब्स पहले से बड़े थे उनको और बड़ा करने की कोशिस कर रहा था.

मिसेज़ दूबे के बड़े बड़े बूब्स दबाने मे मज़ा आ रहा था.

मिसेज़ दूबे के बूब्स को दबाते हुए मैं जोरदार धक्के मार रहा था.

मिसेज़ दूबे ने कब से अपना पानी रोक रहा था वो मेरे धक्को से चूत मे सूनामी ला रहा था.

और 5 मिनिट मे सूनामी कंट्रोल से बाहर हो गयी .और मिसेज़ दूबे की चूत से पानी निकल गया.

जिस तरह मेरा वीर्य ज़्यादा निकला था वैसे मिसेज़ दूबे का पहला पानी फ्लड लेकर आया.

मिसेज़ दूबे के पानी ने मेरे लंड को और सोफे को गीला कर दिया.

इतना पानी निकलने से मिसेज़ दूबे ने राहत की सास ली.

मिसेज़ दूबे का पानी निकला था मेरा वीर्य निकलना बाकी था.

मतलब चुदाई सुरू थी.

मैं मिसेज़ दूबे की चूत मे धक्के मारता गया.

पानी निकालने से मिसेज़ दूबे को हल्का हल्का महसूस हो रहा था.

जिस से मेरे धक्को का मिसेज़ दूबे को मज़ा आने लगा .उसकी चीखे शीष्कारियो मे बदल गयी.

मैं ने उसके बूब्स को दबाना बंद कर दिया और बस धक्के लगाने पे फोकस करने लगा.

मुझे आज बस मिसेज़ दूबे की चूत मे अपना वीर्य डालना था ,और मैं उसी पे लग गया.

मैं पूरी ताक़त लगाकर धक्के मारता गया और वो चीखो के साथ शीष्कारिया लेती गयी.

जैसा देखते है वैसा होता नही. लाइव शो देखना और खुद चुदाई करना इस मे ज़मीन आसमान का फ़र्क है

देखते हुए लगता है कि धक्के मार रहा है पर जब वो धक्के खुद लो तो तब समझ मे आता है.

मिसेज़ दूबे मेरे धक्को का एक्सपीरियेन्स लेते हुए फिर से झड गयी.

मिसेज़ दूबे ने भी मिसेज़ पवार की तरह अपनी टंकी को पानी से भर के रखा था.

दूसरी बार पानी निकलने के बाद मिसेज़ दूबे मेरे धक्को के साथ अपनी गंद उपर नीचे कर रही थी.

जिस तरह मिसेज़ पवार मुझे ज़ोर से धक्के मारने को कह रही थी उसी तरह मिसेज़ दूबे नही बोल रही थी. बस सिसकारियाँ लेती रही.

पर अपनी गंद उठा कर ये बता रही थी और ज़ोर से धक्के मारो

मैं तो अपनी ताक़त लगा कर धक्के मार रहा था.

ऐसे धक्के मारने से मिसेज़ दूबे मेरा पूरा साथ दे रही थी. मेरे धक्के के साथ वो भी मज़े मे शीष्कारिया ले रही.

.............ऊऊऊऊऊऊऊहह...

उूुुुुुुुुुउउईईईईईईईईईई....

मैं इस एक पोज़िशन मे धक्के मारते हुए थक गया था ,पर मैं पोज़िशन भी बदल नही सकता था .

मुझे सोफे पर धक्के मारने मे परेशानी हो रही थी फिर भी मैं रुका नही बल्कि और ज़ोर से धक्के मारने लगा.

आज इस धक्को ने इस सोसाइटी की हर औरत ने किसी का लंड ले लिया.

मैं ने मिसेज़ दूबे की चूत मारने मे कोई कसर नही छोड़ी.

मेरे वॉर से मिसेज़ दूबे की चूत से पानी बहता जा रहा था. मैं धक्के लगाता जा रहा था.

बीच बीच मे मैं उसके निपल को मरोड़ देता जिससे उसके मूह से चीख निकल जाती.

ऐसे मस्ती करते हुए मिसेज़ दूबे की चूत मारने मे मज़ा आ रहा था.

मैं मज़े के साथ मिसेज़ दूबे की फटी हुई चूत को और फाड़ रहा था.

हमारी चुदाई का सिलसिला 50 मिनिट तक चलता रहा.

इस बीच मैं ने उसके बूब्स,निपल को मरोड़ कर लाल कर दिया था. और चूत का पूसा भोसडा बना दिया .

इस लंबी चुदाई मे मिसेज़ दूबे ने 4 बार अपना पानी छोड़ा.

मैं ने भी अपना वीर्य मिसेज़ दूबे की चूत मे डाल दिया .

हम दोनो का पानी एक साथ निकल गया. जिस से उसने अपनी आँखे बंद कर ली थी.

मैं मिसेज़ दूबे की चूत मार कर थक गया था. और मिसेज़ दूबे मेरे धक्को से थक गयी थी.

मेरा वीर्य निकलते ही मैं ने लंड बाहर निकाल लिया .

मुझे थोड़ा आराम करने की ज़रूरत थी पर मैं यहाँ रुक नही सकता था.

मैं अपने कपड़े पहन कर मोबाइल को लेकर बाहर चला आया. मिसेज़ दूबे अपनी आँखे बंद किए नॉर्मल हो रही थी.

अगर वो होश मे आ गयी तो मैं उसके सवालो के जवाब नही दे सकता था. इस लिए मैं ने बाहर आना जाना सही समझा.

मैं उसके सवालो के जवाब दे सकता था पर आज नही, आज लगातार 3 चुदाई करने के बाद मुझे आराम करने की ज़रूरत थी.

मिसेज़ दूबे को फेस करने के लिए फ्रेश दिमाग़ की ज़रूरत थी.

मिस दूबे के आँखे खोलने से पहले मैं अपने घर2 चला गया.

 
346 बी

मिसेज़ दूबे की चुदाई करने के बाद मैं घर2 चला गया.

मिसेज़ पवार मेरा इंतज़ार करते हुए सो गयी.

मैं ने मिसेज़ पवार को बेड पर आराम करने दिया और मैं सोफे पर जाकर सो गया.

करीब 1 घंटे तक मैं सोता रहा. मैं ने अलार्म लगा कर रखा था जिस से मेरी नींद खुल गयी.

नींद खुलने के बाद मैं बेडरूम मे चला गया.

मिसेज़ पवार अभी तक सो रही थी.

मैं ने मिसेज़ पवार को सोने दिया और बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गया.

फ्रेश हो जाने के बाद मैं वापस मिसेज़ पवार के पास आ गया.

मिसेज़ पवार पीठ के बल सो रही थी.सोते हुए भी मिसेज़ पवार का हाथ अपनी चूत पर था.

शायद सपने मे मेरे साथ चुदाई कर रही होगी.

मैं ने मिसेज़ पवार को प्रॉमिस किया था कि मैं उनकी एक और बार चुदाई करूँगा.

एक और बार करना मुश्किल है पर प्रॉमिस किया है तो पूरा करना तो पड़ेगा.

मैं बेड के पास आ गया.

और अपने कपड़े निकाल कर लंड को खड़ा करने लगा.

3 बार चुदाई करने के बाद, वो भी कंटिन्यू ,बड़ा मुश्किल था ,

पर आज लगातार 3 चुदाई करने के बाद भी मुझ मे 1 और बार करने की एनर्जी बची हुई थी.

इतनी चुदाई करने के बाद मुझे आराम करने की ज़रूरत नही पड़ रही थी.

मे बी मिसेज़ पवार के साथ मज़ेदार चुदाई और मिसेज़ दूबे की चुदाई की वजह से हुआ होगा. आख़िर मिसेज़ दूबे की चुदाई कर ली ,

मैं ने मिसेज़ पवार और मिसेज़ दूबे की चुदाई के बारे मे सोचते हुए लंड खड़ा किया.

अगर मिसेज़ पवार मूह मे लेकर चूस्ति तो लंड जल्दी खड़ा हो जाता.

लंड खड़ा होते ही मैं ने कॉंडम लंड पर लगा लिया. और कॉंडम को थूक लगा कर गीला किया.

फिर बेड पर मिसेज़ पवार की चूत के पास आ गया.

मैं ने धीरे से मिसेज़ पवार का हाथ चूत से हटा दिया.

हाथ हट ते ही मिसेज़ पवार की चूत मेरे पास सामने गयी.मिसेज़ पवार की चूत को जितनी बार देखु उतनी बार ऐसा लगता था कि चूत हो तो मिसेज़ पवार जैसी हो.

मैं ने अपना हाथ मिसेज़ पवार की चूत पर रखा. मिसेज़ पवार की चूत गीली थी.

अब तो मुझे यकीन हो गया कि मिसेज़ पवार सपने मे मेरे साथ चुदाई कर रही है.

मैं ने धीरे से अपनी उंगली मिसेज़ पवार की चूत मे डाल दी .

मिसेज़ पवार की तरफ से कोई रियेक्शन नही हुआ. 2 बार लंबी चुदाई के बाद थक कर सो गयी थी

अब तो सिर्फ़ मेरा लंड चूत मे जाएगा तब मिसेज़ पवार की नींद खुलेगी.

मैं ने धीरे धीरे उंगली को चूत के अंदर बाहर करना सुरू किया.

मिसेज़ पवार आराम से सो रही थी.

थोड़ी देर मैं मिसेज़ पवार की चूत मे उंगली करता रहा.

फिर मैं ने मिसेज़ पवार का जूस अपनी उंगली से टेस्ट किया.

फिर मैं मिसेज़ पवार के बूब्स पर हाथ रख कर धीरे धीरे दबाने लगा.

मिसेज़ पवार ने इस बार भी कोई रियेक्शन नही दिया.

मैं वैसे ही धीरे धीरे बूब्स को मसलता रहा.

अब मिसेज़ पवार को जगाने का टाइम आ गया था.

मैं ने बूब्स दबाना बंद किया और लंड को मिसेज़ पवार की चूत पे रख कर रगड़ने लगा.

चूत पर लंड रगड़ने से मुझे मज़ा आ रहा था.

मुझे जितना मज़ा मिसेज़ पवार के साथ आ रहा था उतना मिसेज़ दूबे के साथ नही आया.

मैं ने मिसेज़ पवार के साथ कॉंडम इस्तेमाल किया और मिसेज़ दूबे के साथ बिना कॉंडम के ,फिर भी मुझे मिसेज़ पवार के साथ ज़्यादा मज़ा आ रहा था.

मिसेज़ दूबे के साथ 1 हफ्ते से ट्राइ कर रहा हू ,और मिसेज़ पवार से कल मिला था फिर भी मिसेज़ पवार मिसेज़ डूबे से कही ज़्यादा मज़ा दे रही थी.

मिसेज़ पवार का इस्तेमाल करके मिसेज़ दूबे के साथ चुदाई की,फिर भी मिसेज़ दूबे के साथ चुदाई करने मे ज़्यादा मज़ा नही आया.

इतना मज़ा देने की वजह से मिसेज़ पवार की एक और बार चुदाई कर रहा था.

मैं ने लंड को चूत पर सेट किया .

और एक जोरदार ज़तज़े मे पूरा लंड मिसेज़ पवार की चूत मे डाल दिया.

मेरा लंड एक झटके मे लेते ही मिसेज़ पवार को दर्द हुआ और मिसेज़ पवार सपनो की दुनिया से निकल कर हक़ीकत की दुनिया मे आ गयी.

मिसेज़ पवार ने अपनी आँखे खोली और हड़बड़ा कर क्या हुआ वो देखने लगी.

मिसेज़ पवार की आँखे खुलते ही मैं ने उनके होंटो पे अपने होन्ट रख दिए.

और मिसेज़ पवार को किस करता गया. मिसेज़ पवार अभी तक सिचुयेशन को समझने की कोशिस कर रही थी.

मैं मिसेज़ पवार की चूत मे धक्के मार रहा था और साथ मे होंटो पे किस कर रहा था.

मिसेज़ पवार मुझे अपनी बड़ी बड़ी आँखे से देखती रह गयी.

मेरे धक्को और किस करने से मिसेज़ पवार मस्ती मे आ गयी और मेरा साथ देने लगी.

किस करने मे मिसेज़ पवार मेरा साथ देते हुए अपनी गंद उछाल रही थी.

मैं अपने दोनो कामो मे लगा हुआ था.

मेरा लंड मिसेज़ दूबे की जगह मिसेज़ पवार की चूत मे जाने ज़्यादा इंटेरेस्ट था.

मिसेज़ पवार भी समझ गयी कि आज वो पूरी तरह से संतुष्ट होकर यहा से जाएँगी.

मिसेज़ पवार ने मेरे हर काम मे साथ दिया.

जिसका फल उसे मिल रहा था.ऐसा मज़ेदार फल जो हर औरत लेना पसंद करती है.

मैं जब भी मिसेज़ पवार की चुदाई करता तो मुझ मे अलग जोश आ जाता जिस से चुदाई करने मे हम दोनो को मज़ा मिल जाता.

किस करते हुए धक्के मारने पे ज़्यादा फोकस नही कर पा रहा था जिस की वजह से मैं ने किस करना बंद किया.

किस करना बंद करते ही मिसेज़ पवार लंबी लंबी सासे लेते हुए मेरी तरफ देख रही थी.

मैं अपने काम को पूरी मेहनंत के साथ कर रहा था.

मेरे धक्को मे ज़्यादा ज़ोर नही था फिर भी ठीक ठाक था.

3 चुदाई करने के बाद एक और चुदाई करने मे मेरा खून पसीना निकल रहा था.

मेरे इस तरह अचानक चुदाई करने से मिसेज़ पवार खुश थी.

मिसेज़ पवार अपनी खुशी अपनी गंद उपर करके बता रही थी.

और फिर से मेरे लंड ने मिसेज़ पवार के कुँए से पानी निकाल लिया.

पानी निकलने के बाद मिसेज़ पवार रिलॅक्स हो गयी और मैं भी कुछ देर के लिए रुक गया.

 


346 सी

पानी निकलने के बाद मिसेज़ पवार रिलॅक्स हो गयी और मैं भी कुछ देर के लिए रुक गया.

अवी-कैसा लगा सर्प्राइज़्ड

मिसेज़ पवार-जोरदार लगा.

अवी-मज़ा आया

मिसेज़ पवार-हाँ,

अवी-और पानी निकालु या गंद मारू

मिसेज़ पवार-पानी निकालो, तुम ने आगे से करने का प्रॉमिस किया था.

अवी-आगे तो 2 छेद है, मूह और चूत

मिसेज़ पवार-दोनो छेद मे करो, एक छेद से पानी निकालो और दूसरे छेद पर अपना पानी डालो

अवी-ये तो करूँगा ही पर एक बार बूब्स के साथ भी कर लेता हू

मिसेज़ पवार-वो कैसे

अवी-तुम्हारे बूब्स के बीच मे लंड रख कर धक्के मारूँगा.

मिसेज़ पवार-सुन ने मे अच्छा लग रहा है.

अवी-करने मे भी अच्छा लगेगा.

मिसेज़ पवार-तो सुरू करो

मैं ने मिसेज़ पवार की चूत से लंड निकाला और मिसेज़ पवार को बेड पर घुटने के बल बिठा दिया.

फिर लंड को मिसेज़ पवार के बूब्स मे रखा

अवी-दोनो बूब्स को चिपका दो

मिसेज़ पवार ने वैसा ही किया जैसा मैं ने कहा था

अवी-अपनी जीभ बाहर निकाल कर लंड को चाटने की कोशिस करना.

और मैं सुरू हो गया. मिसेज़ पवार के बूब्स को चोदने लगा.

मिसेज़ पवार के नाज़ुक ,गोरे गोरे बूब्स को लंड रगड़ने मे मज़ा आ रहा था.

लंड को मिसेज़ पवार के बूब्स मे आगे करते ही मिसेज़ पवार अपनी जीभ से चाट लेती पर कॉंडम की वजह से उनको मज़ा नही आ रहा था.

मुझे मज़ा आ रहा था. और मैं मिसेज़ पवार को भी मज़ा देने की कोशिस कर रहा था.

थोड़ी देर मिसेज़ पवार के बूब्स को चोदने के बाद मैं ने मिसेज़ पवार के मूह मे लंड डाल कर चोदना सुरू किया.

मिसेज़ पवार के मूह को धीरे धीरे चोदने लगा

मिसेज़ पवार जितना हो सके उतना मूह खोल कर लंड को मूह मे ले रही थी.

ऐसे ही मज़ा करने के बाद मैं ने मूह मे से लंड बाहर निकाला.

मिसेज़ पवार-अब पानी निकालो

मैं बेड पर बैठ गया.

अवी-बैठो मेरे लंड पर

मिसेज़ पवार मेरे बाजू मे पैर रख कर मुझसे चिपक कर लंड पर बैठ गयी.

लंड पूरा चूत मे लेने के बाद हम दोनो अपनी कमर हिला रहे थे.

मैं ने धक्के मारने की जगह मिसेज़ पवार की कमर को पकड़ लंड चूत मे रख कर बिना 1 इंच बाहर निकल रहे थे.

प्यार की चुदाई के साथ हम दोनो किस कर रहे थे.

तो कभी मिसेज़ पवार अपने हाथ पीछे बेड पर रख कर लंड पर झूलने लगी.

मैं भी मिसेज़ पवार के बूब्स को चूस्ते हुए चुदाई कर रहा था.

अवी-मज़ा आ रहा है.

मिसेज़ पवार-बहोट मज़ा आ रहा है.धक्को से ज़्यादा इसमे मज़ा आ रहा है.

हम थोड़ी देर ऐसे ही चुदाई करते रहे.

फिर मैं पीछे बेड पर लेट गया. लंड अभी भी मिसेज़ पवार की चूत मे था.

अवी-उच्छलो

मिसेज़ पवार मेरे लंड पर उछलने लगी.

मिसेज़ पवार मे भी लंबी चुदाई करने का दम था. जो मुझे दिख रहा था.

अवी-ज़ोर से

मिसेज़ पवार ने मेरे चेस्ट पर हाथ रख दिए और ज़ोर ज़ोर से लंड पर उछलने लगी.

अवी-ऐसे ही, पानी निकलने तक ऐसे ही करती रहो

मिसेज़ पवार लगातार लंड पर उछलते हुए मुझे और खुद मज़ा ले रही थी

मिसेज़ पवार भी तक चुकी थी, वो भी कितना लंड पर उछल पाएँगी.

मिसेज़ पवार-मैं और नही उछल सकती.

अवी-क्या हुआ

मिसेज़ पवार-आज के लिए इतना काफ़ी है.

अवी-एक काम करो तुम बेड पर लेट जाओ बाकी काम मैं करता हू

मिसेज़ पवार-फिर भी नही होगा.

अवी-आज जो होना है वो हो जाने दो, तुम पेट के बल लेट जाओ

मिसेज़ पवार-पेट के बल

अवी -तुम लेटो तो सही.

मिसेज़ पवार पेट के बल लेट गयी,

मैं ने मिसेज़ पवार के दोनो पैरो को जोड़ दिया जिस से चूतड़ भी जुड़ गये.

मैं ने अपने दोनो पैरो के बीच मे मिसेज़ पवार के पैरो को क़ैद किया .और गान्ड के अंदर लंड डालने लगा.

चूतड़ चिपके होने से गंद मारने मे ज़्यादा मज़ा आएगा और मेरा पानी भी जल्दी निकल जाएगा.

मैं ने अपना पूरा भार मिसेज़ पवार के उपर डाल दिया. और ज़ोर लगा कर अपना लंड मिसेज़ पवार की गंद मे डाल दिया

मिसेज़ पवार को दर्द हुआ .वो मेरे नीचे से निकलना चाहती थी. पर मैं ने निकलने नही दिया .और मिसेज़ पवार की गंद मारता रहा.

अब मिसेज़ पवार की गंद मराने मे मज़ा आ रहा था.

मैं बिना रुके मिसेज़ पवार की गंद मारता रहा.

मिसेज़ पवार को पहले दर्द और फिर मज़ा आने लगा.

इस पोज़िशन मे मिसेज़ पवार की गंद टाइट हो गयी थी. जिस से मेरा काम भी जल्दी हो गया.

मेरा पानी निकलने से मिसेज़ पवार भी रिलॅक्स हो गयी.

मिसेज़ पवार अपनी गंद मरवाने के बाद बाथरूम मे चली गयी. मैं वैसा ही बेड पर लेटा रहा.

मिसेज़ पवार ने फ्रेश हो जाने के बाद अपने का कपड़े पहन लिए.

अवी-जा रही हो

मिसेज़ पवार-जाने का मन नही हो रहा पर जाना पड़ेगा. वैसे हम फिर मिलेंगे ना

अवी-ज़रूर मिलेंगे,

मिसेज़ पवार-कब,और कहाँ

अवी-जगह यही होगी, समय मैं बताउन्गा तब,

मिसेज़ पवार-मैं इंतज़ार करूँगी. अच्छा मैं चलती हू

अवी-ठीक है.पर घर जाकर स्ट्रॉंग कॉफी बना कर रखना मैं थोड़ी मे पीने आउन्गा.

मिसेज़ पवार-जल्दी आना

और मिसेज़ पवार चली गयी. मैं भी फ्रेश होकर मिसेज़ पवार के घर चला गया.

मिसेज़ पवार के हाथ की कॉफी पीने के बाद मैं कॉलेज चला गया.और कोमल को अपने साथ लेकर गाओं चला गया.

 


347

घर आकर मैं बच्चो के साथ खेलने लगा.फिर मंगला काकी आ गयी. मंगला काकी को छोटी चाची ने बच्चो की मालिश करने के लिए रख लिया था.

फिर रात मे पढ़ाई करना स्टार्ट किया. अभी पढ़ाई स्टार्ट की थी कि छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी.

अवी-रुकिये

सी चाची- क्यू क्या हुआ

अवी-आपको कैसे पता चला कि मैं आज चुदाई करके आ रहा हू

सी चाची-चाची हू तुम्हारी.

अवी-पर आपको पता कैसे चला.

सी चाची-आज तू थका हुआ घर आया. और शाम को जब मैं तुम्हारी जीन्स धोने के लिए ले जा रही थी तो उस मे से वीर्य की स्मेल आ रही थी.अब बता क्या कि तूने आज, और जब से शहर2 से आया है तब से तूने क्या क्या किया

अवी-मैं ने चाची को अनु ,फिर मिसेज़ दूबे फिर मिसेज़ पवार के बारे मे बता दिया.

और बाद मे छोटी चाची को मिसेज़ दूबे का वीडियो दिखा दिया.

अवी-कैसा लगा वीडियो

सी चाची-अच्छा था पर आगे क्या करने वाला है

अवी-कल मिल लूँगा

सी चाची-और मिल कर गंद मारने वाला है. सही कहा ना मैं ने

अवी-आप मेरे दिमाग़ मे क्या चल रहा है वो कैसे पता लगाती हो

सी चाची-चाची,माँ,गर्लफ्रेंड ,और बीवी हू तुम्हारी. इतना तो पता लगा ही सकती हू कि तुम क्या सोचते हो

अवी-बीवी जैसा एक भी तो काम नही किया आपने

सी चाची-सब कुछ तो करती हू जिस से तुम्हे खुशी मिले

अवी-मुझे तो खुशी सिर्फ़ आपके साथ प्यार करने से मिलती है. और आप है कि 9 महीने से हाथ भी लगाने नही दिया .

सी चाची-जब सही टाइम आएगा तो मैं तुम्हारे पास ही सोया करूँगी

अवी-और वो टाइम कब आएगा

सी चाची-जल्दी ही आएगा

अवी-तब तक उपर से करने दीजिए ना

सी चाची-उपर से क्या करेगा. बूब्स मे हमारे बेटे के लिए दूध है वो पिएगा और अपने बेटे को भूका रखेगा.या फिर चूत चाटेगा जो अभी बेटे के जनम की वजसे ढीली हो गयी है.

अवी-मैं तो ऐसे ही कह रहा था आप तो गुस्सा हो गयी.

सी चाची-तुमने बात ही ऐसी की जिस से मुझे गुस्सा आ गया.

अवी-सॉरी आगे से नही होगा. अब तो गुस्सा थूक दीजिए

सी चाची-कहा थुकू, घर मे.और बच्चो को बीमार कर दूं

अवी-मैं सच मे थोड़ी कह रहा था वो तो सब गुस्सा आने पर कहते है तो मैं ने भी बोल दिया

सी चाची-लेकिन गुस्सा तो थूक ना पड़ेगा पर कहाँ ,हाँ एक जगह है

अवी-कौन सी

सी चाची-रुक दिखाती हू

चाची ने मुझे किस करना सुरू किया .मैं तो चाची के किस करने से शॉक्ड हो गया .चाची कब क्या करती है कुछ समझ मे नही आता

मैं भी चाची को किस करने लगा. चाची के होंटो को तो कभी जीभ को चूसने लगा.चाची भी मेरी जीभ को चूसने लगी.

लगभग 10 मिनिट तक हम किस करते रहे.

सी चाची-अब तो खुश हो गया ना या और खुश करू

अवी-इतना ही मेरे लिए काफ़ी है.

सी चाची-अगर और चाहिए तो लंड चूस कर खुश कर सकती हू

अवी-क्या सच

सी चाची-हाँ ,

अवी-तो फिर लंड को चूस लीजिए

सी चाची-तू तो दोपेहर मे 4 बार पानी निकाल चुका है.अब पानी निकालने मे टाइम लगेगा.मुझे वापस भी तो जाना है.

अवी-आप मज़ाक कर रही थी.आपको मेरा लंड नही चूसना था.

सी चाची-मैं मज़ाक क्यू करू. मैं तेरा पानी निकाल सकती हू

अवी-आप कहती है आपको जाना है ,फिर कहती है पानी निकालने मे टाइम लगेगा,फिर कहती है पानी निकाल दूँगी. आप मुझे पागल कर देंगी.

सी चाची-मैं क्यू तुम्हे पागल करू. रही बात पानी निकालने की तो तेरे लिए मैं ने रति को रखा है ना .जब चाहे उसके पास चले जाना और अपना पानी निकाल लेना

अवी-तो आप रति की बात कर रही हो

सी चाची-हाँ,अगर मैं ने तेरा लंड चूसा तो बिना चुदाई किए वापस नही जा पाउन्गि.

अवी-तो अभी चला जाउ.

सी चाची-रात मे कभी भी चले जाना .मैं ने उसको कहा है कि गेट खुला करके के सोया कर जिस से जब काम पड़े तब बुला सकूँ

अवी-आप सच मे अच्छी हो. पर आपको मुझे रोज एक किस तो करना पड़ेगा

सी चाची-वो तो मैं रोज करूँगी. और आज का किस मिल गया तुम्हे.चल मैं चलती हू ,तू पढ़ाई कर

और छोटी चाची अपने कमरे मे चली गयी.

रति तो अब रात मे भी यही रुकती है ,रति के साथ जब चाहू तब मस्ती कर सकता हू.

फिर मैं ने सोचा कि आज दिन मे 4 बार चुदाई की है. अगर एक और बार की तो कल कॉलेज जाने की बजाए घर मे रहकर सोना पड़ेगा

रति से सुबह बात कर लूँगा.

फिर मैं पढ़ाई कर के सो गया

 


348

मैं सुबह उठ कर कसरत करने लगा. रति मेरे लिए दूध लेकर आ गयी.

अवी-रति,कितने दिन हो गये मैं ने तुम्हारे साथ चुदाई नही की

रति-2 महीने

अवी-2 महीने कैसे निकाले

रति-उंगली करके

अवी-तुम आज रात को तैयार रहना आज तेरी चुदाई करूँगा

रति-साची

अवी-हाँ,पर चुदाई करते हुए गालियाँ मत देना और चिल्लाना मत,नही तो चाची को पता चल जाएगा.

रति-बिना गालियों या चिल्लाने के मैं चुदाई नही कर सकती

अवी-क्यू?

रति-अब आदत हो गयी है

अवी-कैसे लगी गालियाँ देने की आदत

रति-वो लंबी कहानी है और बताने लायक नही है.

अवी-मुझे लंबी कहानी पसंद है, तुम बताओ

कुछ सोचते हुए,

रति-किसी को बताना मत

अवी-मैं क्यू किसी को कुछ बताउन्गा ,तुम बिंदास अपनी कहानी बताओ

रति-तो सुनो पहली बार मेरी चुदाई ज़बरदस्ती की गयी थी.उस दिन मैं उनको गालियाँ देती रही ,चिल्लाती रही और वो मेरी ज़बरदस्ती चुदाई करते रहे,

अवी-मतलब तुम्हारा रेप हुआ था

रति-हाँ

ये मेरे लिए शॉकिंग न्यूज़ थी. मैं रति को क्या समझ रहा था और वो क्या निकली

अवी-किसने किया था

रति-ठाकुरजी के बेटे ने

अवी-छोटे या बड़े

रति-ठाकुरजी का बड़ा बेटा अच्छा है, मेरे साथ ज़बरदस्ती ठाकुर के छोटे बेटे ने की

अवी-(सुना तो मैने भी है कि ठाकुर का छोटा बेटा अयाश है) तुमने अपनी माँ को बताया

रति-कैसे बताती वो तो ये सुनकर मर जाती

अवी-कितने लोग थे,क्या ठाकुर के बेटे ने अकेले किया

रति-ठाकुरजी का बेटा और उसके 3 दोस्त थे

अवी-मुझे पूरी बात बताओ पर यहाँ नही मेरे कमरे मे आ जाओ

रति-ठीक है,मैं सफाई करने का बहाना करके के आती हू

मैं कसरत करने के बाद अपने कमरे मे चला गया. थोड़ी देर बाद रति कमरे मे आ गयी.

अवी-अब बताओ

रति-तुम क्यू जान ना चाहते हो

अवी-ऐसे ही, यहाँ मेरे पास बैठो

रति-ये 2 साल पहले की बात है.जब ठाकुरजी के घर मे शादी थी.

अवी-2 साल पहले ,ये तो ठाकुर के छोटे बेटे की शादी थी ना(मैं उस शादी मे नही गया था. मैं बूआयो के साथ दादाजी को देखने गया था. शादी मे चाची और चाचा गये थे.)

रति-हां, उसने अपनी शादी मे अपने दोस्त को खुश करने के लिए मेरे साथ ये सब किया.

अवी-शादी के दिन ,कहाँ पर हुआ था.

रति-हवेली पे हुआ था,मैं अपनी माँ के साथ ठाकुर की हवेली पे गयी थी.

शादी के दिन ठाकुरजी के बेटे मे मुझे देख लिया.मतलब ठाकुर के बेटे के फ्रेंड ने मुझे देख लिया और मुझे घूरते रहे.

शादी हो गयी.फिर नयी दुल्हन को हवेली की परंपरा के हिसाब से हवेली के मंदिर मे अकेले पूजा करनी थी. ठाकुर का बेटा अपने दोस्तो के साथ बैठा था.

शादी हो जाने के बाद मैं मेरी माँ के साथ घर जाने को निकल रही थी कि ठाकुरजी के बेटे ने मेरी माँ को कहा कि ठकुराइन ने हम दोनो को काम करने के लिए रुक जाने को कहा है.

माँ कैसे मना कर सकती थी. हम वापस हवेली आ गये. माँ काम करने लगी .मुझे ठाकुरजी के बेटे ने हवेली के पीछे एक कमरे मे काम करने को बुलाया.

मैं वहाँ चली गयी और काम करने लगी.

थोड़ी देर बाद ठाकुरजी का बेटा और उसके 3 दोस्त कमरे मे आ गये और गेट बंद कर दिया.

मैं डर गयी. उनके इस तरह कमरे मे आने से. उन लोगो ने मेरे साथ ज़बरदस्ती करनी सुरू की.

मैं चिल्लाती रही कि मुझे छोड़ दो.पर वो मेरे बदन को मसल्ते रहे. ठाकुरजी के बेटे ने मेरे साथ पहले किया .और चला गया. फिर ठाकुर के बेटे के दोस्तो ने मेरा रेप किया. मैं गालियाँ देती रही पर वो एक एक करके मुझे नोचते गये.

शादी की वजसे हवेली मे स्पीकर पर गाने बज रहे थे. जिस से मेरी आवाज़ किसी ने नही सुनी.और कमरा भी हवेली के पीछे था और सब लोग आगे थे.

रेप करने के बाद ठाकुरजी के बेटा वापस आ गया और मुझे धमकी दी कि अगर मैं ने किसी को बताया तो वो मुझे और मेरी माँ को बदनाम कर देंगे और वैसे भी मेरी बात कौन सुनता सब ठाकुर के बेटे की बात सुनते.इस लिए मैं ने किसी को नही बताया,

थोड़ी देर के लिए कमरे मे शांति रही.

रति ने खुद जल्दी नॉर्मल किया जैसे की कोई खास बात ना हुई हो.

मैं भी नॉर्मल हो गया.

अवी-पर तुमने तो कहा था कि मेरा नंबर 5 थ है.क्या वो 4 उसके बाद मैं

रति-हाँ,

अवी-फिर तुमने रवि के बारे मे क्यू बताया. कि रवि को घर बुलाया था और तुम्हारी माँ ने देख लिया.

रति-मैं ने रवि को बुलाया था पर कुछ करने से पहले माँ ने देख लिया.

अवी-मतलब रवि ने कुछ नही किया.

रति-वो तो पहली बार आया था

अवी-रवि पहली बार आया था पर तुमने तो कहा था कि 6 महीने की खुजली मिटानी है.

रति-रेप हो जाने के बाद जब भी ठाकुर के बेटे का मन होता वो मुझे बुला लेता और मेरे साथ चुदाई करता,मुझे मजबूरी मे जाना पड़ता था.

अवी-इतने दिनो तक वो तुम्हारा रेप करता रहा.

रति-हाँ,

अवी-और तुम सहती रही.

रति-उसके सिवा कोही रास्ता नही था.अब अपना सवाल पूछ लो जो पूछना चाहते हो

अवी-उसने कभी गान्ड नही मारी.

रति-उसे गान्ड मारना पसंद नही था

अवी-तुम्हे अपनी माँ को बताना चाहिए था.

रति-मेरे सिवा मेरी माँ का कोई नही है. अगर रेप के बारे मे पता चलता तो वो टूट जाती.वो खुद को कुछ ना कुछ कर देती इस लिए मैं ने नही बताया

अवी-क्या तुम्हे कभी लगा नही कि ये सब बंद करना चाहिए

रति-मुझे लगा कि अब बहोत हो गया मुझे बंद कर देना चाहिए. बंद करने का सिर्फ़ एक तरीका था घर मे रहना.पर मैं घर मे रहती तो माँ को क्या कहती क्यू घर पे रहती हू.और अगर माँ ने खुद किसी काम से हवेली भेजा तो, इस लिए मैं ने रवि का इस्तेमाल किया जिस से माँ खुद मुझे घर से जाने नही देंगी.

अवी-तुम्हे रवि के साथ देख कर तुम्हारी माँ को कितना बुरा लगा होगा.

रति-रेप का नाम सुन ने से कम बुरा लगा होगा.और मैं सिर्फ़ रवि को किस कर रही थी. और जब माँ ने देखा तो मैं ने माँ को कहा कि किस के आगे कुछ नही किया. वो मेरी बात मान गयी. और जैसा मैं ने सोचा था वैसा हुआ. माँ ने मेरा घर से बाहर निकलना बंद किया.

अवी-ठाकुर के बेटे ने कभी तुम्हे बुलाने की कोशिस नही की

रति-कैसे करता, मैं ने घर से बाहर पैर नही रखा ,और इतने छोटे लोगो के घर क्यू आएगा या फिर किसी को क्यू भेजेंगा.

अवी-फिर तुमने मेरा साथ चुदाई क्यू की

रति-1 1/2 साल से मैं ठाकुर के बेटे के साथ चुदाई कर रही थी. जिस से मुझे आदत पड़ गयी. पर मैं ने खुद को 6 महीने तक रोक लिया पर जब रोक नही पाई तभी तुम मिल गये और तुम्हारे साथ कर लिया.

अवी-तुमने तो कहा था कि मेरे साथ करने से माँ को शक नही होगा.

रति-वो तो अभी भी नही हुआ.और मुझे चुदाई के साथ काम भी मिल गया.1 साल तक तुम्हारे आया काम करूँगी. फिर कोई अच्छा लड़का देख कर शादी कर लूँगी जिस से मेरी माँ खुश हो जाएगी.

अवी-मैं तुम्हे रंडी समझ रहा था. मैं तुम्हे कितना ग़लत समझ रहा था

रति-अगर कोई भी लड़की पहली बार मे चुदाई करने को तैयार हो जाएगी तो सब रंडी ही समझेंगे.और एक बात है मुझे तुम्हारे साथ चुदाई करके अच्छा लगता है.

अवी-(सही कहा रति ने मैं ने अनु को भी रंडी समझा था जब पहली बार मे ही उसने लंड चूसा था पर बाद मे पता चला कि अनु के बाय्फ्रेंड की वजसे वो ऐसी हुई.मैं ने अनु ग़लत समझा और रति को भी.)आज के बाद मैं तुम्हारे साथ प्यार से चुदाई करूँगा.या फिर नही करूँगा.जो तुम्हे अच्छा लगे.

रति-पहले जैसी चुदाई करना .वो ही मुझे अच्छी लगती है

अवी-ठीक है.लेकिन उसके लिए तुम्हे इंतज़ार करना होगा.

रति-मैं इंतज़ार करूँगी

अवी-और हाँ अगर मुझे कभी मोका मिला ना तो मैं ठाकुर के बेटे से तुम्हारे रेप का बदला ज़रूर लूँगा.

रति-ऐसा मत करना नही तो मैं बदनाम हो जाउन्गि

अवी-मैं तुम्हे बदनाम नही होने दूँगा. और बदला भी ले लूँगा.अब तुम अपना काम करो मुझे कॉलेज जाना है

(अपडेट 51 ,अपडेट 52,रति की पहली चुदाई अवी के साथ).

 
349

मैं रति के साथ बाते करने के बाद कोमल को लेकर कॉलेज चला गया.

कॉलेज मे आकर मैं क्लास मे चला गया. अनु से तो अब दूर रहना था.तो सोचा अब एग्ज़ॅम तक क्लास मे बैठ कर पढ़ाई करता हू.

पर पहले मुझे मिसेज़ दूबे से मिलना था.कल जो मिसेज़ दूबे की चुदाई की थी उसका रियेक्शन देखना था.

मैं ने 2 क्लास अटेंड किए फिर मिसेज़ डूबे के घर चला गया.

मैं ने बेल बजाई. मिसेज़ दूबे ने गेट खोला .मुझे सामने देख कर शॉक्ड हो गयी.

मे बी उनको लगा होगा कि मैं कल के वजह से आज नही आउन्गा.

थोड़ी देर वो मुझे देखती रही फिर बिना कुछ बोले अंदर चली गयी.

मैं मिसेज़ दूबे के पीछे पीछे अंदर चला गया.

अंदर जाकर मैं सोफे पर बैठ गया.मिसेज़ दूबे किचन मे चली गयी.

और चाय लेकर आ गयी.हम ने चाय पी ली पर अब तक हमने बात करना सुरू नही किया था.फिर मैं ने पहले बात करनी सुरू की.

अवी-सॉरी ,वो सब ग़लती से हो गया.

मिसेज़ दूबे-तुम ने जानबूझकर किया,मुझे क्या तुम ने अनाड़ी समझ रखा है

अवी-हम दोनो ने ग़लती से किया

मिसेज़ दूबे-मैं ने कुछ नही किया जो किया तुमने किया.तुम ने मेरा रेप किया

अवी-मैं ने रेप नही किया

मिसेज़ दूबे-कल जो किया वो रेप नही तो क्या था.

अवी-तुम्हारी ही मर्ज़ी से किया ,और मर्ज़ी से करने पर उसे रेप नही कहते

मिसेज़ दूबे-मैं ने कब कहा था कि मेरे साथ सेक्स करो

अवी-कहा नही था पर तुम्हारी बातों से पता लग गया कि तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहती हो

मिसेज़ दूबे-मैं ने तो कभी ऐसी बाते नही की जिस से तुम्हे लगे कि मुझे सेक्स करना है.तुम वैसी बात करते थे मेरे साथ.

अवी-तुम इतनी हॉट और सेक्सी हो .तुम्हारा पति तुम्हारे साथ सेक्स नही करता है और करता भी है तो महीने 1 2 बार करता होगा.इसी लिए

मिसेज़ दूबे-तुम्हे कैसे पता ये सब. मैं ने तो नही बताया.

मैं उठ कर मिसेज़ दूबे के पास बैठ गया.

अवी-तुम ने जिस तरह सेक्स देखने के लिए हाँ कहा था तो मैं समझ गया कि तुम्हे भी सेक्स करना है. पर तुम्हारा पति तुम्हारे साथ सेक्स नही करता है तो तुम ने सोचा किसी और के साथ सेक्स कर लू.और तुम्हे मैं मिल गया. इसी लिए तुम मुझे तड़फ़ा कर अपनी प्यास बुझाना चाहती थी

जब तुम्हे पता चला कि मैं आंटी के साथ सेक्स करता हू तो तुम आंटी के बारे मे पूछ कर ये बताना चाहती थी कि तुम मेरे साथ सेक्स करना चाहती हो. और फिर रोज सेक्सी बाते.

और कल मिसेज़ पवार को अपने साथ कंपेर करके पहले मेरे घर2 के किचन मे और फिर यहाँ मुझे सेक्स करने के लिए अपनी तरफ अट्रॅक्ट किया.

मिसेज़ दूबे-ये सब झूठ है,मैं कल बहक गयी थी पर तुम होश मे थे.

अवी-तुम भी होश मे थी, तुम्हे पता था कि सेक्स देखने के बाद मैं कुछ ना कुछ ज़रूर करूँगा.फिर भी तुम मेरा और मिसेज़ पवार का सेक्स देखने क्यू आई.तुम्हे लगा कि सेक्स देख लूँगी तो फिर मैं तुम्हारे साथ भी कर लूँगा.

मिसेज़ दूबे-ऐसा मैं ने कभी नही सोचा था.

अवी-फिर वो क्या था जब मैं मिसेज़ पवार के साथ सेक्स करने के बाद हॉल मे आया था तो तुम मुझे ऐसे देख रही थी कि मुझे लगा की तुम मेरा रेप कर दोगि.और फिर किचन मे जाकर तुम ने मुझे किस किया .मैं ने तो किचन मे कुछ नही किया . तुम्हारी पैंटी निकालने के बाद लगा कि मैं ग़लत कर रहा हू इसी लिए मैं तुम्हे छोड़ कर मिसेज़ पवार के पास चला गया. पर तुम तो मुझे पाना चाहती थी. इसी लिए मेरे पास भाग कर आई थी. और मैं ना मिलने पर फिर हमारा सेक्स देखने लगी.

मिसेज़ दूबे-वो तो सेक्स देख कर मेरी आँखो मे सेक्स का भूत भर गया.और मैं बहक गयी थी.

अवी-तुमने हमारा सेक्स देखते हुए अपनी चूत से पानी निकाला .जब मैं तुम्हारे घर आया तो तुम ने मुझे खुद को ऐसे दिखाया जैसे कह रही हो आ जाओ और मेरी प्यास भूज़ा दो.इसी लिए मुझे करने से रोका नही.

मिसेज़ दूबे-मैं तो...

अवी-अब बोलो , तुम क्या बोलोगि मैं खुद बताता हू.तुम ने जानबूझ कर नाइटी के अंदर कुछ नही पहना.और मेरे सामने बैठ कर बार बार अपनी चूत को पैरो से दबा रही थी. फिर पानी लेकर आते हुए तुम एकदम मेरे पीछे से आई जिस से मैं पलट जाउ तो पानी तुम्हारी नाइटी पर गिर जाए और तुमने पानी अपनी चूत के पास गिराया. ताकि जब मैं नाइटी को हाथ लगाऊ तो मेरा हाथ तुम्हारी चूत पर लग जाए.(मैं ने जो किया था उसका इलज़ाम मिसेज़ दूबे पर लगा रहा था. मेरी बातों मे कन्फ्यूज़ मिसेज़ दुबे को कुछ समझ नही रहा था. पैंटी मैं ने निकाली फिर भी मैं ने मिसेज़ दूबे पर इलज़ाम लगाया कि जानबूझ कर नाइटी के नीचे कुछ नही पहना था.)

मिसेज़ दूबे-मैं ने ऐसा नही किया

अवी-जब मैं तुम्हारे साथ सेक्स कर रहा था तो तुम ने मुझे दूर करने की कोशिस नही की बस मज़े लेती रही.

मिसेज़ दूबे-मैं ने तुम्हे रोका था पर तुम सेक्स करने मे इतने डूब गये कि तुम्हे पता नही चला कि मैं ने रोका था

अवी-फिर झूठ

मिसेज़ दूबे-मैं ने तुम्हे धक्का दिया था. और तुम्हारे पीठ पर नाख़ून दबा दिए थे.

अवी-फिर झूठ(मिसेज़ दूबे मुझ पर झूठे इलज़ाम लगा रही थी.कही चुदाई का बदला तो नही ले रही है) टीशर्ट निकाल कर दिखाऊ

मिसेज़ दूबे-मैं सच कह रही हू.

अवी-तुम सच कह रही हो तो ये वीडियो देखो.

मैं ने उसे वीडियो दिखा दिया.उसने वीडियो देख लिया और शॉक्ड हो गयी.कुछ देर मेरी तरहफ़ देखती रही फिर रोने लगी.

अवी-रोओ मत मैं ने तो वीडियो बस ऐसे ही बना दिया .मैं वीडियो को डेलीट कर दूँगा.

मिसेज़ दूबे रोते हुए कुछ सोच रही थी.

मिसेज़ दूबे-कुछ सोचते हुए तुम ने जो कहा वो सब सच है. मुझे अपनी प्यास बुझानी थी. पर मैं डाइरेक्ट कैसे कहती .

जब तुम फ्लोवेर भेजते तो मुझे अच्छा लगता था. उस्दिन भी मुझे तुम्हारा फ्लॉवेर और गिफ्ट देना अच्छा लगा. जब तुम ने आंटी के बारे मे बताया तो मैं ने सोचा कि तुम्हारे साथ सेक्स किया जा सकता है. तो मैं ने आंटी के बारे मे पूछना सुरू किया. फिर जब तुमने सेक्स देखने की बात कही तो मैं ने सोचा यही मोका है सेक्स करने का.पर उस दिन कुछ ना हो सका और फिर नेक्स्ट मोके की तलाश मे थी. तुम्हे तड़फ़ा कर तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती थी.

इस लिए सेक्स देखने के बाद बिना बताए वापस अपने घर आ गयी. मुझे पता था तुम मुझे पूछने के लिए घर ज़रूर आओगे. और मैं ने ये सब किया .नाइटी पहन ली जानबूझ कर तुम्हारे पीछे से पानी लेकर आ गयी. और जैसा सोचा था फिर वैसा हुआ

अवी-(मिसेज़ दूबे ने कुछ नही किया फिर वो इतनी आसानी से मान कैसे रही है .मैं तो मज़ाक कर रहा था,कुछ तो चल रहा है मिसेज़ दूबे के दिमाग़ मे) मेरे दिमाग़ और वीडियो बनाने के सामने तुम हार गयी.

मिसेज़ दूबे-हाँ,पर तुम मेरे पानी लेकर आते ही पलट कैसे गये.

अवी-सामने मिरर मे देखा .(मिसेज़ दूबे इतनी प्यार से बात क्यू कर रही है.)

मिसेज़ दूबे-तुम हर बात मे स्मार्ट निकले . सोचने मे,सेक्स करने मे,लंड की साइज़ मे,हर बात मे

अवी-वो तो है. एक ग्लास पानी तो पिला दो इतनी बाते करके गला सुख गया है.

मिसेज़ दूबे-मैं अभी लाती हू

मिसेज़ दूबे पानी लेने चली गयी

 


350

मिसेज़ दूबे के दिमाग़ मे क्या चल रहा है ये पता करना होगा.

पर जो भी आज मिसेज़ दूबे की गान्ड मार कर रहूँगा.

जब तक मिसेज़ दूबे पानी लाने गयी तब तक मैं ने अपने कपड़े निकाल लिए और लंड को हाथ मे लेकर हिलाने लगा.

मिसेज़ दूबे पानी लेकर आ गयी.

मुझे नंगा देख कर शॉक्ड हो गयी फिर कुछ सोच कर खुश हो गयी.

और मेरे लंड को देखने लगी.

अवी-देख क्या रही हो आ जाओ

मिसेज़ दूबे मेरे पास आ गयी और मेरे लंड पर पानी डाल दिया.

अवी-ये क्या किया

मिसेज़ दूबे-कल तुमने मेरी चूत पे पानी डाला था .आज तुम्हारे लंड पर डाल दिया.

इतना कहने के बाद मिसेज़ दूबे ने अपनी नाइटी निकाल दी.ब्रा और पैंटी मे मेरे सामने खड़ी हो गयी.

अवी-खड़ी मत रहो. लंड को मूह मे लेकर चूसना सुरू करो

मिसेज़ दूबे-ये क्या नौकरानी की तरह मुझसे बात कर रहे हो

अवी-नौकरानी नही आज मैं तुम्हे अपनी रंडी बनाकर छोड़ूँगा.

मिसेज़ दूबे-रंडी

अवी-हाँ रंडी की तरह,तुझे ऐसा मज़ा दूँगा कि तेरे पति ने कभी नही दिया होगा.

मिसेज़ दूबे-फिर ठीक है. मुझे अपने पति से ज़्यादा मज़ा मिलेगा तो मैं रंडी बनने को तैयार हू.

अवी-फिर चूस लंड को

मिसेज़ दूबे नीचे बैठ गयी और मेरे लंड को मूह मे लेकर चूसने लगी.

पूरी रंडी की तरह चूस रही थी.

लंड की मोटाई के हिसाब से अपना मूह खोल कर लंड चूस रही थी.

लंड को चूसने के साथ हाथ से हिला भी रही थी.

लंड को चूसने के साथ मिसेज़ दूबे ने लंड को चाटना भी सुरू किया.

वो लंड चूस रही थी .और मज़ा ले रहा था.

फिर मैं ने मिसेज़ दूबे के सर को पकड़ लिया और लंड को मूह मे पेल ने लगा.

मिसेज़ दूबे आधे लंड को मूह मे लेकर चूस रही थी. पर मैं मिसेज़ दूबे के मूह मे पूरा लंड पेल रहा था

पूरा लंड मूह मे डाल कर बाहर निकाल रहा था.जिस से मिसेज़ दूबे को परेशानी हो रही थी.

पर मिसेज़ दूबे कुछ ना कर सकी ,मैं ने मिसेज़ दूबे के सर को पकड़ रखा था.

मैं 2 मिनिट तक मिसेज़ दूबे के मूह को चोदता रहा.

ये थी इतने दिन से तड़फाने की सज़ा,और असली सज़ा गंद मार कर दूँगा.

फिर मैं ने मिसेज़ दूबे की ब्रा निकाल ली.और गोद मे उठाकर मिसेज़ दूबे को बेडरूम मे ले गया.

और ज़ोर से बेड पर पटक दिया.

मिसेज़ दूबे-आराम से ,देखो मुझे लग गया ना.

मैं बिना बात किए उसके उपर आ गया.

मिसेज़ दूबे के निपल जो गुलाब जामुन जैसे थे उस पर अपनी जीभ घुमाने लगा.

जीभ घुमाने से मिसेज़ दूबे के निपल और भी ज़्यादा खड़े हो गये.

मिसेज़ दूबे के एक बूब्स को चूस रहा था और दूसरे बूब्स को हाथ से दबा रहा था.

मिसेज़ दूबे के बड़े बड़े बूब्स दबाने मे मज़ा आ रहा था.

सॉफ्ट और बड़े बूब्स हो तो चूसने मे मज़ा आता है.

मिसेज़ दूबे के बूब्स को देख कर लग रहा था कि मिस्टर डूबे ने इस पे बहोत मेहनत की है.

मैं बिना रुके मिसेज़ दूबे के बूब्स को दबाने और चूसने लगा.

मिसेज़ दूबे के निपल को चूसने मे मज़ा आ रहा था और इसी मज़े के वजह से मैं मिसेज़ दूबे के निपल को ज़ोर ज़ोर से चूसना सुरू किया.

मिसेज़ दूबे के मूह से हह उईईईई जैसी आवाज़े निकल रही थी.

मैं एक बूब्स को चूस रहा था और दूसरे बूब्स को दबा रहा था. वो मदहोशी मे मेरे बालो पे हाथ घुमा रही थी.

मैं उसके 1 बूब्स को ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था और 1 बूब्स को चूस रहा था और काट भी रहा था .मिसेज़ दूबे के मुँह से अब आवाज़ कुछ ज़्यादा ही निकल रही थी और उसकी साँसे भी तेज होती जा रही थी.

अवी चूस ले बूब्स को काट ले ,मर गयी रे कुत्ता है क्या तू साले औक्ककचह उहह माआअ साले मे क्या सच मे रंडी समझा है क्या अहह आ उफफफफफफफफ्फ़ ऐसे ही करते जाओ.

मैं मिसेज़ दूबे की आवाज़ और गालियाँ सुनकर शॉक्ड हो गया.मैं ने सोचा नही था कि वो गालियाँ भी दे सकती है.

गालियाँ और शीष्कारिया सुनकर मैं और जोश से बूब्स चूसने लगा.

मिसेज़ दूबे गालियाँ देते हुए मज़ा ले रही थी.

फिर मैं ने मिसेज़ दूबे की गीली पैंटी के उपर से उसकी चूत पे किस किया .

ऐसा करने से मिसेज़ दूबे के मूह से आह निकल गयी. अवी बोहोत मज़ा आ रहा है और चूस साले मार मेरी चूत पे औचह उम्म्म्मम माआ अपना मूह .

मैं ने एक झटके मे मिसेज़ दूबे की पैंटी निकाल दी.

पैंटी निकालते ही मैं ने देर ना करते हुए मिसेज़ दूबे की चूत को जीभ से चाटना सुरू किया.

चूत को टच करते ही मिसेज़ दुबे ने लंबी शीष्कारी ली.

मैं मिसेज़ दूबे की फूली हुई चूत को अपनी जीभ से कुरेदने लगा.

मिसेज़ दूबे की चूत को चाटने मे मज़ा आ रहा था. डबल पाव की तरह फूली हुई थी ,मुझे ऐसा लग रहा था कि मिसेज़ दूबे की चूत को कच्चा का जाउ.

मिसेज़ दूबे की चूत के दाने के साथ खेलते हुए मैं ने बूब्स को दबाना भी सुरू किया.

कभी मिसेज़ दूबे की चूत मे जीभ डाल देता तो कभी उंगली डाल कर ज़ोर ज़ोर से अंदर बाहर करने लगता.

चूत चूसने से मिसेज़ दूबे जैसे पागल हो उठी और उछल उछल के चूत को मेरे मूह मे दे रही थी .

साले मदर्चोद आअहह और जोर्र्र्र से कर आआहह मैं आ गयी और मिसेज़ दूबे ने पानी छोड़ दिया.

मिसेज़ दूबे की गालियाँ सुनकर मुझे गुस्सा आ गया और मज़ा भी .

मैं ने मिसेज़ दूबे की टाँगो को फैला दिया और लंड को मिसेज़ दूबे की चूत पर टिका दिया.

कल मैं ने एक झटके मे लंड अंदर डाला था .वो चीख पड़ी थी.

मैं ने आज भी पूरी ताक़त के साथ एक ही झटके मे मेरा पूरा लंड अंदर डाल दिया .

मेरा लंबा और मोटा लंड एक झटके मे लेने से अच्छे अच्चो की चीख निकल जाती है.फिर मिसेज़ दूबे क्या चीज़ थी.

मिसेज़ दूबे के मूह से चीख निकली ,उऊहह माआअ मर गेयियीई बेहेन्चोद निकाल लंड बाहर साले कल भी एक झटके मे डाला था और आज भी .मदर्चोद सच मे रंडी समझ रखा है क्या तूने .

मैं ने लंड बाहर नही निकाला और 2 थप्पड़ मिसेज़ डूबे के गालो पे मार दिए .चुप कर छीनाल ,एक नंबर की रंडी है तू आज तुझे पूरी रंडी बना दूँगा.

मैं ने ज़ोर से मिसेज़ दूबे के बूब्स मसल डाले और लंड को बाहर निकाल कर एक झटके मे पूरा लंड अंदर घुसेड दिया.

मिसेज़ दूबे मुझे गालियाँ दे रही थी और साथ मे चिल्ला रही थी.

और मैं लंड चूत मे पेल रहा था .

मिसेज़ दूबे ने इतनी जोरदार चुदाई होगी ऐसा सोचा नही होगा.

कल की चुदाई से ज़्यादा आज मिसेज़ दूबे को दर्द हो रहा था.

मिसेज़ दूबे का गला गालियाँ देते हुए सुख गया था. पर मैं धक्के लगाता गया.

मिसेज़ दूबे की आँखे बड़ी हो गयी थी पर मैं धक्के मारता गया.

मिसेज़ दूबे अपने सर को इधर उधर घुमा रही थी पर मैं धक्के मारता गया.

मिसेज़ दूबे की फटी हुई चूत और फट गयी पर मैं धक्के मारता गया.

5 मिनिट तक ऐसे ही मिसेज़ दूबे की चूत मारता रहा और मिसेज़ दूबे की बड़ी मुश्किल से चीख निकलती रही और गंदी गंदी गालियाँ अहूफफफफफ्फ़ याअ येस्स फक चोद मुझे साले फाड़ दे चूत बना दे आज इसका भोसड़ा तू तो मर्द है मुझे तो कल ही पता चला कि तू मर्द है.

तू मेरा राजा मैं तेरी रंडी अब तुझसे रोज चुदवाउन्गा मरररर गाईए ज़ोर ज़ोर से धक्के मार ओह माआआअ मर गयी रे या या य्ाआ अहह.

मैं ने लंड बाहर निकाल लिया और मिसेज़ दूबे की चूत पे ज़ोर ज़ोर से थप्पड़ मारे.वो अहह अहह करने लगी .

फिर मैं ने उस कुत्ति बना दिया और लंड को चूत मे डाल दिया. और जम जम कर चूत मारने लगा

मैं भी धक्के के साथ गलियाँ देने लगा ले साली कुतिया रंडी संभाल मेरे लंड को और ज़ोर से धक्के मारने लगा.

वो मेरे धक्को के दर्द से कराहने लगी अहह मारो फद्द्द्दि डालूओ इस चूत्त को मेरे राजा माआ क्या मस्त लंड हाईईइ रीए फतचह फतच की आवाज़ पूरी रूम मे घूम रही थी .

ऐसे ही गालियाँ देते हुए 30 मिनिट तक मैं ने मिसेज़ दूबे की चूत मे बोहोत धक्के मारे उसकी चूत मेरा लंड पेल नही पा रही थी.वो 30 मिनिट मे 4 बार झड चुकी थी.

मेरा पानी निकलने मे टाइम था.

मैं ने मिसेज़ दूबे को फिर से सीधा लिटाया और उसके उपर आ गया और उसके बूब्स चूस भी रहा था लंड धक्का धकककककक चूत मे घुसेड रहा था

हाईईईई फाड़ डाला मदर्चोद बड़ा मज़ा अरहहे हे रीईईई फक मी लाइक वहॉरीए य्ाआअ येस्स्स्स्स्स ह्ह्ह्ह्ह और ज़ोर से पूराअ घुसेद्डद य्ाआअहह

गंद को उछाल उछाल के मिसेज़ दूबे चूत मे मेरा लंड ले रही थी .

अब मिसेज़ दूबे फिर से झड़ने वाली थी और मैं भी.

मिसेज़ दुबे ने मुझे कस के पकड़ लिया .मैं ने अपनी गति बढ़ा दी और ज़ोर ज़ोर से लंड अंदर बाहर करने लगा.

यस अहह करते हुए मिसेज़ डूबे झड गयी.मैं ने पूरे ज़ोर से मिसेज़ दूबे की चूत मे लंड घुसेड दिया और मिसेज़ दूबे की चूत मे वीर्य डाल दिया.

इतनी जोरदार चुदाई के बाद मैं मिसेज़ दूबे के उपर गिर गया.

पहले रूम मे गालियाँ और शीष्कारियो की आवाज़ आ रही थी. और अब रूम मे बस हमारे हाँफने की आवाज़ आ रही थी.

मेरा लंड अभी भी मिसेज़ दूबे की चूत मे था और मेरा पूरा गाढ़ा पानी मिसेज़ दूबे की चूत से निकल रहा था

 


351

हम 10 मिनिट के बाद नॉर्मल हो गये. मेरा लंड अभी मिसेज़ दूबे की चूत मे था.

मैं ने लंड बाहर निकाल लिया. और बाथरूम मे जाकर फ्रेश हो गया.

वो अभी तक बेड पर लेटी हुई थी.उसके हाथ मे मेरा मोबाइल था.

मेरे इतने जल्दी वापस आने पर मिसेज़ दूबे शॉक्ड हो गयी.

तो ये बात है, मिसेज़ दूबे वीडियो डेलीट करने के लिए मेरे साथ फिर से चुदाई करने को तैयार हुई.

मैं ने मिसेज़ दूबे के हाथ से मोबाइल ले लिया.

अवी-क्या कर रही थी.

मिसेज़ डूबे-कुछ नही, वो तुम्हारा मोबाइल अच्छा लगा तो देख रही थी.

अवी-(मैं समझ गया कि मिसेज़ दूबे क्या करना चाहती है.मैं ने वीडियो की एक और कॉपी कर ली, और एक क्लिप को हाइड कर लिया .और मोबाइल पे वाय्स रेकॉर्डिंग सुरू कर ली)

फिर मैं मिसेज़ दूबे के पास बैठ कर मिसेज़ दूबे को दिखा कर इस तरह उसका वीडियो कहाँ है वो देख रहा था.

मिसेज़ दूबे के देखने के बाद मैं ने मोबाइल बाजू मे रख दिया.

मिसेज़ दूबे अभी भी मेरे मोबाइल को देख रही थी.

मैं ने ज़ोर से मिसेज़ दूबे की निपल को मरोड़ दिया .

मिसेज़ दूबे के मूह से चीख निकल पड़ी.उसने मेरी तरफ देखा

मिसेज़ दूबे-ये क्या किया दर्द हो रहा है

अवी-सेक्स करते हुए तो मज़ा ले रही थी और अब कह रही हो दर्द हो रहा है.

मैं ने फिर से निपल को मरोड़ दिया.

मिसेज़ दूबे-दर्द हो रहा है ऐसा क्यू कर रहे हो

अवी-अगर तुम ऐसे ही इधर उधर देखती रही तो मैं तुम्हारे निपल को मरोड़ ता रहूँगा

मिसेज़ दूबे-सेक्स करने के बाद अपना ध्यान इधर उधर लगा रही हू. और आराम नही करू तो क्या करू

अवी-जल्दी जाकर फ्रेश होकर वापस आ जाओ

मिसेज़ दूबे-क्यू?

अवी-फिर से एक बार करना है.

मिसेज़ दूबे-कुछ सोचते हुए फिर से ,तुम कुछ देर सो क्यू नही लेते

अवी-मैं इतनी जल्दी थक कर हारता नही.

मिसेज़ दूबे-कुछ सोचते हुए रूको मैं अभी फ्रेश होकर आती हू

मिसेज़ दूबे फ्रेश होने चली गयी. और मैं किचन मे जाकर तेल लेकर आ गया.

मिसेज़ दूबे अपना वीडियो डेलीट करना चाहती है. शायद उनको लग रहा होगा क़ी मैं वीडियो का ग़लत इस्तेमाल ना कर दूं

मैं ने तो बस सेफ्टी के लिए वीडियो बनाया था. अगर मेरे पास वीडियो ना होता तो मिसेज़ दूबे आज मेरे साथ चुदाई नही करती ,अच्छा हुआ मैं ने वीडियो बना लिया था. और वीडियो की मदद से अब मिसेज़ दूबे की गंद मारूँगा.

15 मिनिट के बाद मिसेज़ दूबे फ्रेश होकर आ गयी.

अवी-चुदाई करने मे मज़ा आया तुम्हे

मिसेज़ दूबे- हाँ,मज़ा आया

अवी-तुम्हारे पति से भी ज़्यादा मज़ा आया

मिसेज़ दूबे-हाँ

अवी-वैसे तुम गालियाँ भी दे सकती हो ये मैं ने कभी सोचा नही था

मिसेज़ दूबे-मुझे गलियाँ देते हुए सेक्स करने मे मज़ा आता है.

अवी-अपने पति के साथ भी गलियाँ दे कर चुदाई करती हो

मिसेज़ दूबे-नही. उनको पसंद नही है मेरा गालियाँ देना

अवी-इस लिए तुमने पूरी गलियाँ एक चुदाई मे निकाल ली

मिसेज़ दूबे-हाँ,क्या पता तुम फिर कब मेरे साथ सेक्स करोगे(वीडियो डेलीट हो जाने के बाद देखती हू तुम्हे,तुम्हे वीडियो नही बनाना चाहिए था. मैं बिना वीडियो के तुम्हारे साथ सेक्स कर लेती, कल मुझे तुम्हारे साथ मज़ा आया था. पर वीडियो देखने के बाद मुझे बस तुम्हे गलियाँ दे कर वीडियो डेलीट करना था. वो मैं करके रहूंगी.)

अवी-कल तो तुम सिर्फ़ शीष्कारिया ले रही थी.

मिसेज़ दूबे-कल अगर मैं गलियाँ दे कर सेक्स करती तो तुम्हे पता चल जाता कि मैं भी तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हू.

अवी-वैसे मुझे भी मज़ा आया इस लिए एक और बार तुम्हारी चुदाई करना चाहता हू

मिसेज़ दूबे-मैं भी तो यही चाहती हू(तुम थक कर सो जाओ और मैं वीडियो डेलीट कर दूँगी)

अवी-पर इस बार तुम्हारी गंद मारूँगा

मिसेज़ दूबे-वहाँ नही मैं ने आज तक वहाँ नही किया है

मैं ने मोबाइल हाथ मे ले लिया.और मोबाइल के साथ खेलने लगा.

अवी-तुम्हे तो बताया था कि मुझे गंद मारना कितना पसंद है.

मिसेज़ दूबे-हाँ,देखा मैं ने कैसे तुम अपनी गर्लफ्रेंड और मिसेज़ पवार की गंद मार रहे थे

अवी-और अब तुम्हारी मारूँगा.

मिसेज़ दूबे-अगर मैं ने मना किया तो

अवी-तो जबरजस्ति करके मारूँगा और तुम्हे ज़्यादा दर्द होगा

मिसेज़ दूबे-अगर मैं हाँ किया तो

अवी-जैसे तेल लगाकर मैं ने अपनी गर्लफ्रेंड (अनु) की आराम से गंद मारी थी वैसे तुम्हारी गंद मारूँगा.

मिसेज़ दूबे-कुछ सोचते हुए पक्का आराम से करोगे

अवी-हाँ,ये देखो तेल भी है मेरे पास.

मिसेज़ दूबे-ठीक है. पर आराम से

अवी-ओके,चलो लंड को मूह मे लेकर खड़ा करो

मिसेज़ दूबे-अभी करती हू

 


352

मिसेज़ दूबे मेरे लंड को मूह मे लेकर चूसने लगी.

मिसेज़ दूबे लंड को मूह मे लेकर चूस रही थी तो उसके बाल बार बार उसे डिस्ट्रब कर रहे थे.जैसे मिसेज़ पवार को कर रहे थे.

मैं ने मिसेज़ दूबे के बालो को पकड़ लिया.

जिस से मिसेज़ दूबे आराम से लंड चूस सके.

मिसेज़ दूबे लंड चूस रही थी पर उसकी नज़र मेरे मोबाइल पर थी.

चाहे कुछ भी हो मिसेज़ दूबे का चर्बी वाले बदन के साथ खेलने मे और मोटी गंद मारने मे मज़ा ज़रूर आएगा.

मिसेज़ दूबे अपने काम मे लगी हुई थी. मेरा लंड भी खूब था मिसेज़ दूबे के मूह मे जाते ही अपनी औकात पर आने लगा था.

लंड खड़ा होने लगा और मिसेज़ दूबे का मूह लंड के हिसाब से खुलने लगा.

1 मिनिट मे मिसेज़ दूबे ने पूरा लंड को खड़ा कर दिया.

लंड खड़ा होते ही मैं ने मिसेज़ दूबे के बालो को कासके पकड़ लिया. और उसके मूह मे धक्के लगाने लगा.

मेरे मोटे लंड के वजह से मिसेज़ दूबे की आँखे बड़ी हो गयी और मूह मे दर्द होने लगा.

अगर मैं ने ऐसा किया तो मिसेज़ दूबे की गंद नही मिलेंगी.

मिसेज़ दूबे की गंद का ख़याल दिमाग़ मे आते ही मैं आराम से मिसेज़ दूबे के मूह मे धक्के मारने लगा.

फिर मैं ने पूरा लंड मिसेज़ दूबे के मूह मे डाल दिया. लंड मिसेज़ दूबे के गले तक चला गया. 10 सेकेंड तक मैं ने लंड मूह मे वैसे ही रखा .और फिर निकाल लिया.

मेरे ऐसा करने से मुझे मज़ा आया और मिसेज़ दूबे की जान निकल गयी.

मिसेज़ दूबे खांसने लगी . और लंबी लंबी सासे लेने लगी.

मैं ने मिसेज़ दूबे को धक्का दे दिया .मिसेज़ दूबे बेड पर गिर गयी. और हाँफने लगी.

मैं भी मिसेज़ दूबे के उपर आ गया. और मिसेज़ दूबे के बूब्स को दबा दबा कर लाल कर दिया.

मिसेज़ दूबे के बूब्स को दबाते ही उनपर चुदाई का नशा चढ़ने लगा.उनकी सासे और तेज चलने लगी.

मिसेज़ दूबे फिर से शीष्कारिया लेने लगी.और मैं मिसेज़ दूबे के बूब्स को चूसने लगा.

थोड़ी देर मैं ने बूब्स चूस कर मिसेज़ दूबे को गरम किया.

फिर मैं ने मिसेज़ दूबे के हाथ मे तेल दिया और लंड पर लगाने को कहा.

मिसेज़ दूबे तेल को लंड पर लगाने लगी.

अवी-आप जितना ज़्यादा तेल अच्छे से लगाकर लंड को चिकना करेंगी उतना आपको दर्द कम होगा.

मेरी बात सुनकर मिसेज़ दूबे तेल को अच्छे से लगाने लगी. मिसेज़ दूबे ने लंड को तेल लगा कर चिकना किया.लंड तेल लगाने से चमक रहा था.

मिसेज़ दूबे ने अपना काम ठीक से किया और अब मेरी बारी थी मिसेज़ दूबे की गंद को लंड लेने लायक बनाने की.

मैं ने मिसेज़ दूबे को घोड़ी बन ने को कहा

मिसेज़ दूबे-पहले तुम भी तो मुझे तेल लगा दो फिर मैं घोड़ी बनूँगी

अवी-चुप कर रंडी साली, अब तू घोड़ी नही कुत्ति बन

मिसेज़ दूबे-ये कैसे बात कर रहे हो और पहले तेल तो लगा लो

अवी-तुम्हे गालियाँ देते हुए चुदाई करना पसंद है ना इस लिए ऐसा बोल रहा हू,चल अब तू कुत्ति बनेगी तभी तेल लगाउन्गा ना

मिसेज़ दूबे-ठीक है लो बन गयी मैं घोड़ी

अवी-मैं ने उसके गंद पर थप्पड़ मारा. घोड़ी नही कुत्ति है तू.

मिसेज़ दूबे-मरो मत लो कुत्ति बन गयी.

मैं ने तेल को मिसेज़ दूबे की गंद पे दल दिया पर अंदर नही डाला.

मिसेज़ दूबे-उंगली से तेल अंदर डालो ना

अवी-उंगली से नही लंड से तेल अंदर डालूँगा.

मिसेज़ दूबे-पहले जगा तो बना लो

अवी-जगा लंड डालने से अपने आप बन जाएगी. अब चुप चाप रहना.

मिसेज़ दूबे के साथ ऐसे बाते करने मे मज़ा आ रहा था.

और जो मिसेज़ दूबे सोच रही है उसे ठीक करना ज़रूरी था.

मैं ने लंड को मिसेज़ दूबे की गंद के छेद पर रखा. और रगड़ने लगा.

अवी-मज़ा आ रहा है

मिसेज़ दूबे-हाँ

अवी-अभी तक तो अंदर भी नही गया और तुम्हे मज़ा आ रहा है. तो सोचो अंदर जाएगा तो कितना मज़ा आएगा.

मिसेज़ दूबे-फिर जल्दी डाल दो ना

मैं ने मिसेज़ दूबे की कमर को पकड़ लिया .और लंड को अच्छे से मिसेज़ दूबे की गंद के छेद पर रख दिया .

ताकि लंड एक बार मे अंदर चला जाए. अगर फिसल गया तो दुबारा गंद नही मिलेंगी

मैं ने मिसेज़ दूबे को बिना बताए एक ज़ोर दार झटके के साथ आधा लंड अंदर डाल दिया.

लंड अंदर डालते ही मिसेज़ दूबे की कमर को कस के पकड़ लिया.ताकि लंड बाहर ना निकल जाए.

मिसेज़ दूबे चीख पड़ी मिसेज़ दूबे की आँखो मे आँसू आ गये .

अहह हरामी मदर्चोद आहह फाड़ दिया तूने मेरी अहह

...क्या कियाअ तुम नीई ...निकालो बाहर्ररर ...माआअ मरररर गाइिईई

अवी-अभी कहाँ फाडी है. अभी तो सिर्फ़ आधा अंदर गया है.देख अब फाड़ता हू

मिसेज़ दूबे-थोड़ी रुक जा ना...अहह

अहह

अहह

मदर्चोद ...दर्द...माँ ....साले निकाल बाहर...आआहह...कुछ मत कर मदर्चोद नही तो मर जाउन्गि....रुक वैसे

अवी-रुकता हू पहले अपने बदन को ढीला छोड़ो

मिसेज़ दूबे ने अपना बदन दिला छोड़ दिया और मैं ने एक और जोरदार झटका मारा जिस से पूरा लंड अंदर चला गया.

मिसेज़ दूबे की चीख निकल गयी.आआआआआआआआआहह..............मर गयी रीईईई................माअदर्चोद...........माअर डाला............................तूने ..................फ़ाआआआआद दी तूने ...............................आआआआआआआआहह...................हरमििइ...बाहर्ररर ..निकाल.....मैं मररररर जाउन्गीईईईईईइ...आआहह ये दर्रर्ड मैं तो मररर गाइ...मैं नईए क्य्ाआ बिगाड़ाअ...तेराा....माआअ बचाववववव मुझीई इस कामिनीईए सीई

मैं ने मिसेज़ दूबे की कमर को पकड़ रखा था.पर लंड डालने के बाद मैं रुका नही बल्कि धीरे धीरे गंद मारने लगा.

आआआआआआआआआहह..............मर गयी ................माअदर्चोद ...रुक जनाआअ...थोड़िईइ दर्ररर...आआहह....मैं यहााअ मरररर रहिी हुउऊ...रुक नाआ...माआदर्र्चोद

मैं ने जब भी किसी की गंद मारी है तब लंड डालने के बाद थोड़ी देर रुक कर एक तो किस करता या फिर बूब्स दबाता या फिर चूत मे उंगली करता.पर मैं ने इस बार ऐसा कुछ नही किया.

मुझे मिसेज़ दूबे की गंद मारने का अलग मज़ा लेना था.इतना तड़फ़ाया था इस गंद ने मुझे.

मैं लंड को हिला रहा था.

मिसेज़ दूबे को दर्द हो रहा था. मिसेज़ दूबे को थोड़ा आराम मिले इस लिए मैं धीरे धीरे गंद मार रहा था.

थोड़ी देर ,धीरे धीरे गंद मारने के बाद गंद खुल जाती है तब तक मिसेज़ दूबे का दर्द कम हो जाएगा.

मैं धीरे धीरे लंड हिला रहा था .मिसेज़ दूबे दर्द के मारे रो रही थी .मुझे गालियाँ दे रही थी.

गंद से खून बाहर निकाल रहा था

मिसेज़ दूबे अपनी गंद की चुदाई कभी भूलेंगी नही

मैं 5 मिनिट तक धीरे धीरे मिसेज़ दूबे की गंद मारता रहा .

थोड़ी देर मे मिसेज़ दूबे की गालियाँ और दर्द मे शीष्कारिया भी सुनाई दे रही थी.पर दर्द ज़्यादा था और शीष्कारिया कम थी.

मैं ने धीरे धीरे गति बढ़ा दी. जिस से थोड़ी देर मे मिसेज़ दूबे को मज़ा आने लगा.

दर्द था पर उतना नही जितना पहले हुआ था.

10 मिनिट के बाद मैं गति थोड़ी और बढ़ा दी. अब दर्द कम और शीष्कारिया ज़्यादा थी.

अहह अहह माआआआ

मज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ाआआआआआआआआआआआआआआआआआअ आआआआआआआआआआआआआआआअ.रहा..............है.....................................आआआआआआहह..........और्र्रर जोर्र्र्र से मरररर....दूं नहिी हाईईइ..माआदरचोड़..फाड़ नाअ गंद्दद्ड कूऊ

मिसेज़ दूबे की बात सुनकर मैं ने अपनी गति बढ़ा दी.

गति बढ़ाने से मिसेज़ दूबे का दर्द बढ़ गया और मज़ा भी आने लगा.

मिसेज़ दूबे की गंद मे जब धक्का मारता तो फॅक की आवाज़ रूम मे गूँज जाती.

मेरा धक्का मिसेज़ दूबे की गंद मे लगता तो चूतड़ हिलने लगते.बूब्स झूलने लगते.और मिसेज़ दूबे अपना सर इधर उधर घुमा देती.

मेरे धक्को की वजह से मिसेज़ दूबे का हुलिया बिगड़ गया था. उनके बाल बिगड़ गये थे.उनका चेहरा बिगड़ गया था, उनकी गंद का नकशा बिगड़ गया था.

मेरे लंड ने जो मिसेज़ दूबे की आँखो से आसू निकाले थे वो सुख गये थे.जिस से मिसेज़ दूबे का मेक अप खराब हो चुका था.

मिसेज़ दूबे के 1 1 किलो बूब्स हवा मे झूल रहे थे.

गंद से लाल पानी निकल रहा था,

मैं धक्के मार रहा था और मिसेज़ दूबे की गंद से खून निकल रहा था.

मेरे धक्को ने मिसेज़ दूबे की गंद का कचुंबर बना दिया था.

15 मिनिट तक मैं इस गति से धक्के मार रहा था.

थोड़ी देर मे मिसेज़ दूबे को फिर से दर्द होना सुरू हो गया.

पहली बार गंद चुदाई वो भी इतनी देर तक .इस से अब दर्द हो रहा था.

मिसेज़ दूबे-अब तो बाहर निकाल लो दर्द हो रहा है. आगे डाल कर पानी निकाल लो

पर मैं ने गंद मारना बंद नही किया. उलटा अपनी गति और बढ़ा दी.

साले मदर्चोद....दर्द हो रहा है ... बाहर निकाल

मैं ने और गति बढ़ा दी. अब तो मिसेज़ दूबे बेहोश हो रही थी. फिर भी मैं रुका नही.

क्यू कि मेरा वीर्य निकलने वाला था.मिसेज़ दूबे की टाइट गंद ने मेरा वीर्य जल्दी निकाल दिया.

मेरी ट्रेन सिर्फ़ वीर्य निकल ने पर रुक गयी. मैं ने वीर्य मिसेज़ दूबे की गंद जो अब फट चुकी है उसमे डाल दिया.

और लंड खीच कर बाहर निकाल लिया. लंड पक की आवाज़ के साथ गंद से बाहर आ गया.

लंड बाहर निकलते ही मिसेज़ दूबे बेड पर गिर गयी. मैं भी इतनी धुँआधार चुदाई के बाद बेड पर लेट गया

 
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