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मैं और मेरा परिवार

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नेक्स्ट डे मैं जल्दी उठ गया. छोटी चाची मुझे इतनी जल्दी फ्रेश होता हुआ देख कर मेरा मज़ाक उड़ाने लगी.

मैं फ्रेश होकर सुबह के 9.00 बज़े बाइक लेकर नीता बुआ के घर आ गया.

अवी-बुआ लीना कहाँ है

नीता बुआ-वो फ्रेश हो रही है

अवी-लीना को बता दीजिए कि मैं आ गया हू.

नीता बुआ-उसे पता है तुम आ गये हो तभी नहाने चली गयी है. तुम बैठो, जब तक लीना नही आती मैं तुम्हारे लिए नाश्ता बनाती हू.

अवी-नाश्ता मत बनाइए. हम बाहर ही खा लेंगे

नीता बुआ-ठीक है.

मैं लीना का इंतज़ार करने लगा कि तभी कविता आ गयी. शायद लीना को बर्तडे विश करने आई हो.

अवी-लीना को मिलने आई हो

कविता-हाँ भैया

हाँ कहकर कविता लीना के कमरे मे भाग गयी.थोड़ी देर बाद कविता और लीना हॉल मे आ गयी.

अवी-लीना चलो तुम्हारे लिए बर्तडे गिफ्ट लेने चलते है

लीना मेरी बात सुनकर खुश हो गयी.

लीना को जो चाहिए था वो उस मिल रहा था.

लीना-हाँ चलिए.

नीता बुआ-अवी कब तक वापस आओगे

मेरे बोलने से पहले लीना ने जवाब दे दिया.

लीना-दोपेहर तक आ जाएँगे

नीता बुआ-थोड़ा जलदी आ जाना,बर्तडे की तय्यारी करनी है.

लीना-जल्दी नही आ सकते.क्यू कि पहले केक खरीद ना है,फिर गिफ्ट,फिर होटेल मे खाना खाना है. इतना करने से दोपेहर तो हो जाएगी

नीता बुआ-ठीक है पर जल्दी आने की कोशिश करना

लीना-जाएँगे तभी तो वापस आएगा

नीता बुआ-अवी आराम से जाना

अवी-जी बुआ

मैं ने बाइक निकाल दी.

अवी-बैठो ,खड़ी क्यू हो

लीना-कविता तू बीच मे आ जा मैं पीछे बैठे जाती हू

कविता भी हमारे साथ आ रही है, अब क्या करना चाहती है लीना

अवी-कविता भी आ रही है

लीना-हाँ

अवी-(अब ये क्या नया चक्कर है.) कविता मेरे लिए एक ग्लास पानी तो लाना

कविता-अभी लाती हू

कविता घर के अंदर चली गयी.

अवी-कविता अगर हमारे साथ आएगी तो कैसे चलेगा

लीना-मैं ने बताया था ना कि मेरे साथ एक और भी है जो औरत बन ना चाहती है

अवी-तो क्या वो कविता है

लीना-हाँ,अब मना मत करना.

अवी-कविता के बारे मे तुम ने पहले क्यू नही बताया

लीना-अगर पहले बता देती तो आप मना कर देते.

अवी-मैं अब भी मना कर सकता हू

लीना-आपको तो पता है मैं और कविता एक दूसरे के बिना नही रह सकते है. हम जो भी करते है साथ मे करते है. और आज भी हम साथ मे आपसे प्यार करेंगे.

अवी-(मुझे छोटी चाची की बात याद आ गयी. शायद छोटी चाची कविता की बात कर रही थी.) ठीक है .पर पहले मेरी एक बात माननी होगी.

लीना-कौन सी बात

अवी-बीच मे तुम्हे बैठना होगा

लीना-मुझे गले लगा लिया थॅंक यू भैया.

कविता पानी लेकर आ गयी.

कविता-भैया पानी

लीना-फेक दो पानी को और चलो जल्दी भैया ने हाँ कर दी.

लीना और कविता बाइक पर बैठे गयी. और हम शहर की तरफ निकल पड़े.

लीना ने मुझे कस के पकड़ रखा था

अवी-लीना बाइक तो धीरे चल रही है फिर तुम्हे मुझे पकड़ ने की क्या ज़रूरत है.

लीना-आज आप हम दोनो के है , 4 महीने से इस दिन का इंतज़ार किया है, कंट्रोल नही हो रहा.

कविता-मुझे भी भैया को प्यार करने दे

लीना -तू आते वक्त बीच मे बैठ लेना.

लीना-भैया हम शहर मे कहाँ करेंगे

अवी-ये तो तुम्हे पता होगा

लीना-मैं कहाँ शहर जाती हू. मुझे कुछ नही पता शहर के बारे मे.आप ही देख लो अपने किसी फ्रेंड का घर

अवी-ठीक है. पहले शॉपिंग करना है या प्यार करना है

कविता- भैया,शॉपिंग बाद मे करेंगे.

लीना-हाँ शॉपिंग बाद मे करेंगे

अवी-बाद मे तुम शॉपिंग कर नही पाओगी.

कविता-शॉपिंग मे सिर्फ़ आप जाना .हम तब तक आराम करेंगे

अवी-तुम दोनो ने तो पहले से सब सोच रखा है

लीना-हाँ,इस लिए तो माँ को कहा है कि हम दोपेहर मे आएँगे

कविता-अब जल्दी चलो ना भैया,

अवी-लगता है ज़्यादा ही सोच रखा है तुम दोनो ने .जो थोड़ा रुक भी नही सकती

कविता-हम तो बस..

लीना-आप बाइक की स्पीड बढ़ा दीजिए

अवी-तो चलो फिर

मैं ने स्पीड बढ़ा दी.और हम शहर पहोच गये. एक शॉप से कुछ खाने का समान ले लिया.और फिर कविता और लीना को शहर वाले घर2 मे ले आया. बाइक रुकते ही मैं ने लीना को चाबी दी. लीना ने गेट खोल दिया. और हम सब अंदर चले गये

 


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मैं घर2 के अंदर आ गये.और कविता और लीना को सोफे पर बैठा दिया.

अवी-अब बोलो ये सब क्या है.

लीना-सब तो बता दिया है.अब क्या बताना बाकी है

अवी-मैं पूछ रहा हू कि तुम दोनो पढ़ाई करने की बजाय इन सब चीज़ो के पीछे कैसे लगी.

लीना-ये सब जानकार क्या करेंगे

कविता-कही आप फिर से मना तो नही करोगे

अवी-मैं मना नही करूँगा. बस मैं जान ना चाहता हू.

कविता-लीना तू ही बता दे

लीना-गर्मियो की छुट्टियों मे स्वेता दीदी आई थी ना

अवी-(कही इनको मेरे और स्वेता दीदी के बारे मे तो पता नही चल गया) तो क्या स्वेता दीदी ने सिखाया तुम्हे

लीना-स्वेता दीदी ने कुछ नही सिखाया. जब आप फिर से स्वेता दीदी के साथ शहर गये थे,स्वेता दीदी और रोहन की शादी फिक्स करने तो स्वेता दीदी ने अपना लॅपटॉप कोमल दीदी के पास रखा था..

कविता-स्वेता दीदी के लॅपटॉप मे हमे मूवी देखनी थी तो हम लॅपटॉप मे मूवी ढूँढने लगे.

लीना-मूवी ढूँढते हुए हमे गंदी मूवी मिल गयी जिस मे ..

अवी-ब्लू फिल्म

कविता-हाँ वही

लीना-उसमे एक आदमी एक लड़की के साथ...आप समझ गये ना

अवी-अच्छे और खुल बताओ.

कविता-एक आदमी एक लड़की के साथ चुदाई कर रहा था

लीना-ये सब देखने के बाद हमे भी कुछ कुछ होने लगा.

कविता-फिर हमने दूसरी मूवी लगाई उसमे 2 लड़किया एक दूसरे के साथ चुदाई कर रही थी.

लीना-हमे ये देख कर अजीब लगा. पर थोड़ी देर बाद हम भी उनकी तरह एक दूसरे के साथ करने लगे

अवी-तब कोमल कहाँ थी

लीना-वो अपने कमरे मे सो रही थी

कविता-उसके बाद हम दोनो एक दूसरे के साथ मज़े करने लगे.

लीना-फिर स्वेता दीदी ने लॅपटॉप वापस ले लिया.लेकिन कोमल दीदी को नया लॅपटॉप

मिल गया.फिर हम कोमल दीदी के लॅपटॉप पर देखने लगे

अवी-तो क्या कोमल भी ब्लू फिल्म देखती है

कविता-नही. हम तो इंटरनेट पे देखने लगे. जब कोमल दीदी कॉलेज चली जाती फिर हम देख कर मज़ा करते और सेक्स के बारे मे इंटरनेट पर पढ़ने लगे

अवी-तुम दोनो एक दूसरे को मज़ा दे रही थी तो मेरे साथ करने की क्या ज़रूरत पड़ गयी

लीना-उस्दिन जब आपको और माँ को सेक्स करते हुए देख लिया.तब पता चला कि जब तक एक आदमी किसी औरत के साथ नही करता तब तक मज़ा नही आता

कविता-फिर लीना ने ये बात मुझे बताई तो तब हम ने सोचा बिना किसी आदमी के हम मज़ा नही कर सकते.

लीना-तो हमने आपके साथ करने के बारे मे सोचा.मैं ने एक बार आपको किस करके देखा कि आप का रियेक्शन क्या होता है. उस समय आप गुस्सा हो गये, फिर हम इस दिन का इंतज़ार करने लगी

अवी-( कविता और लीना एक दूसरे से इतना कनेक्टेड है ये आज पता चला.

कविता कोमल की बहन है, पर कविता कोमल से ज़्यादा लीना के साथ रहती है. इसकी वजह कोमल का पढ़ाकू पना है. कोमल पढ़ाई मे इतना डूब गयी कि अपनी बहन कविता पे ध्यान नही दिया. स्वेता दीदी और सीतल दीदी भी शहर मे रहती है, जिस से कविता और लीना एक दूसरे की बेस्ट फ्रेंड बन गयी. कविता कोमल की सग़ी बहन है पर कविता लीना को अपनी सग़ी बहन से ज़्यादा मानती है. दोनो हमउम्र है.

लीना के पापा दुबई मे और राजेश नोएडा मे पढ़ता है. स्वेता दीदी और सीतल दीदी शहर मे, कोमल पढ़ाई, और मैं अपनी दुनिया मे था जिस की वजह से लीना और कविता इतने करीब आ गये.ऐसे मे लीना को कविता का साथ मिला ,

मैं ने भी दोनो पर ध्यान नही दिया. जिस की वजह से बात यहाँ तक आगे बढ़ गयी. )

अवी- तुम दोनो कुछ ज़्यादा ही मस्ती करने लगी हो.

कविता-अब आपके साथ भी मस्ती करेंगे

लीना-भैया करेंगे ना आप

अवी-(छोटी चाची ने हाँ किया था मतलब चाची चाहती है कि मैं लीना और कविता के साथ चुदाई करू.अगर मैं ने नही किया तो हो सकता है कि ये दोनो बाहर किसी के साथ भी कर ले) हाँ करूँगा पर तुम दोनो को मुझे प्रॉमिस करना होगा कि तुम दोनो मेरे और नीता बुआ के बारे मे किसी से नही कहोगी.

कविता-हम प्रॉमिस करते है.

अवी-तुम दोनो मेरे अलावा किसी के साथ नही करोगी.

कविता-मतलब सिर्फ़ आप मज़ा करेंगे

लीना-तू चुप कर ,भैया हम आपके सिवा किसी के साथ नही करेंगे.

अवी-और अपनी हर बात मुझे बतानी होगी.

कविता-हम ये भी करेंगे

अवी-अब चलो बेडरूम मे

कविता-चलो पर पहले मैं करूँगी

लीना-तू नही मैं करूँगी ,मेरा बर्तडे है

अवी-रूको.अब तुम दोनो ने जितनी ब्लू मूवी देखी है, जितना सेक्स के बारे मे पढ़ा है उसे इस्तेमाल करो और मुझे प्यार करो. जो ज़्यादा प्यार करेगी उसके साथ पहले करूँगा

कविता-ठीक है.

लीना-कहाँ है बेडरूम

मैं लीना और कविता के साथ बेडरूम मे आ गया

 


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मैं लीना और कविता के साथ बेडरूम मे आ गया.

बेडरूम मे आते ही लीना और कविता बेड पर जाकर बैठ गयी.

अवी-ये क्या ऐसे बैठोगी तो कैसे चलेंगा

कविता-भैया पहले आप शुरू करो .आपने तो पहले भी किया हमने तो सिर्फ़ ब्लू फिल्म देखी है

लीना-हाँ भैया आप हमे बताते जाइए हम करते जाएँगे

अवी-तुम दोनो ब्लू फिल्म देखी हैना. बस वैसा ही करना है

कविता-देखने और करने मे अंतर होता है

अवी-ठीक है. जैसा मैं करता हू तुम वैसा करो.

लीना-हाँ ये ठीक रहेंगा

अवी-मैं अपने कपड़े निकालता हू तुम दोनो अपने निकालो

मैं ने अपनी टीशर्ट निकाल दी. लीना और कविता ने भी अपनी कमीज़ निकाल दी.

लीना ने पिंक ब्रा पहनी थी.और कविता ने वाइट ब्रा.कविता के बूब्स लीना के बूब्स से बड़े थे.

मैं ने दोनो हाथो से दोनो के एक एक बूब्स पकड़ कर दबा दिए.

अवी-तुम दोनो तो बड़ी हो गयी हो

कविता-हम ने कहा था ना कि हम बड़े हो गये है.

लीना-भैया मैं कविता से बड़ी हूँ ना.

अवी-वो तो अच्छे से देखने के बाद पता चलेगा

फिर मैं ने बनियान निकाल दी. दोनो मेरी चेस्ट को देखने लगी.

अवी-तुम रुक क्यू गयी. तुम भी निकालो अपनी अपनी ब्रा

लीना-भैया आप अपने हाथो से निकालो ना हमे अच्छा लगेगा

अवी-ठीक है. पहले कविता की निकलता हू. क्यू कि उसके बूब्स बड़े है

कविता-देखा मैं ने कहा था ना कि मेरे बूब्स बड़े है.देखो अब भैया ने भी कहा है.

मैं ने कविता को अपने गले लगा लिया और उसकी गर्दन पर किस करने लगा. और कान को जीभ से सहलाने लगा

अवी-कैसा लग रहा

कविता-आहह भैया बहोत अछा लग रहा है बस ऐसे ही करते रहे.

अगर मैं कविता के साथ करता रहा तो लीना को बुरा लग जाएगा.

मैं ने गर्दन पर किस करते हुए ब्रा को खोल दिया और कविता से अलग हो गया

अवी-कविता तुम तो सच मे बड़ी हो गयी है. इतने प्यारे ,गोल ,और मस्त बूब्स किसी के नही देखे

कविता-सच भैया. मेरे बूब्स इतने अच्छे है

अवी-हाँ,गोल ,पके हुए आम की तरह रसदार दिख रहे है.

लीना ने मूह फूला लिया.

अवी-अब बर्तडे गर्ल की बारी.

मुझे पता था कि कविता की तारीफ करने से लीना नाराज़ हो जाएगी .लीना के लिए कुछ अलग करना होगा.मैं लीना के पेट के पास आ गया

अवी-लीना तुम्हारी नाभि तो कितनी प्यारी है. तुम्हारी माँ से भी अच्छी है. मैं ने आजतक ऐसी नाभि नही देखी

लीना-सच भैया

अवी-हाँ,तुम्हारी नाभि को चूसने का मन कर रहा है.

और मैं ने अपनी जीभ लीना की नाभि मे डाल दी.और लीना के नाभि के साथ खेलने लगा.

लीना-भैया ऐसे ही...गुद्गुद्दि हो रही है...

और मैं लीना की नाभि चूस्ते हुए उपर आ गया और लीना की ब्रा खोल दी.

अवी-लीना तुम्हारे बूब्स इतने प्यारे है कि मुझे खा जाने का मन कर रहा है.

लीना-तो खा जाइए. ना

अवी-दोनो को बूब्स को पकड़ते हुए.तुम दोनो के बूब्स अच्छे है. और इतने प्यारे है कि मैं तो आज इनको खा जाउन्गा.

कविता-लीना-ये आपके लिए कब से तरस रहे है.

थोड़ी देर मैं दोनो के बूब्स दबाता रहा.

फिर मैं ने अपना हाथ अपने जीन्स पर रख दिया. कविता और लीना ने अपने हाथ अपने अपने सलवार के नाडे पर रख दिया.

अवी-मेरे तीन कहते ही खोल देना.

1 2 3 ,कविता और लीना ने नाडा खोल दिया. सलवार नीचे गिर गयी. मैं ने अपनी जीन्स निकाल दी.

लीना की पिंक पैंटी और कविता की वाइट पैंटी गीली हो चुकी थी.

मैं उन्दोनो की पैंटी को देख रहा था.और वो दोनो मेरे अंडरवेर के तंबू को देख रही थी.

कविता-भैया आपका तो बहोत बड़ा डिक रहा है

लीना-हाँ बिल्कुल ब्लू फिल्म के हीरो की तरह

अवी-तुम्हे क्या लगा कि तुम्हारे भाई का छोटा होगा.

कविता-ऐसा नही है लीना ने बताया था कि आपका बहोत बड़ा है.

अवी-अभी देखा कहाँ है. जब अंडरवेर निकल जाएगी तब देखना.

कविता-जल्दी दिखा दो ना

अवी-रूको पहले मुझे तुम्हे किस करने दो

और मैं दोनो के सामने नीचे बैठे गया और पहले लीना की गीली पैंटी पर किस करके जीभ से चाट लिया. और फिर कविता की गीली पैंटी पर किस करके पैंटी का रस चूस लिया.

अवी-तुम दोनो तो टेस्टी हो

लीना-बहन किसकी हैं.

अवी-अब तुम दोनो पैंटी मत निकाल ना उसे मैं निकालूँगा.

मैं अपनी अंडरवेर निकाल ने लगा.जैसे जैसे अंडरवेर नीचे जा रही थी उन्दोनो की आँखो मे चमक आ रही थी.

मैं ने अंडरवेर निकाल दी.मेरा लंड उन्दोनो को सलामी देने लगा.

लीना-भैया उस्दिन से भी बड़ा लग रहा है.

कविता-भैया इस से तो बहोत दर्द होगा

अवी-मैं तुम दोनो को दर्द नही होने दूँगा.

कविता-वो तो हमे पता है फिर भी दर्द तो होगा ना

अवी-थोड़ा सा होगा. मैं वो भी कम करने की कोशिश करूँगा.

फिर मैं कविता के पास गया और कविता को पीछे से पकड़ लिया

अवी-कविता अब मैं तुम्हारी पैंटी निकालूँगा.

कविता-निकाल लीजिए.

मैं ने कविता के गर्दन पर फिर किस करने लगा. और मेरा लंड कविता की गंद पर दस्तक देने लगा.

फिर मैं ने लंड को कविता की पैंटी के उपर से अंदर डाल दिया. कविता की हाइट कम थी जिस से लंड पैंटी के अंदर गंद की दरार मे जाने लगा.पैंटी खुल ने लगी.

मेरा लंड कविता के पैंटी के अंदर गंद की दरार मे था. मैं वैसे ही नीचे हो ने लगा.जिस से लंड गंद की दरार मे फिट होने लगा.और उपर से पैंटी नीचे हो गयी.

लंड गंद की दरार से, लंड का टोपा कविता की चूत के पास चला गया.लंड चूत को छूते ही कविता की शीष्कारी निकल गयी.

मैं वैसे ही नीचे बैठने लगा. जिस से पैंटी थोड़ी नीचे सरक गयी. मैं ने अपने हाथ से आगे की पैंटी थोड़ी नीचे कर दी. और लंड को चूत से सामने वाली पैंटी से बाहर निकाल लिया.

मैं कविता के पीछे था.लंड पैंटी के उपर से पैंटी मे डाला था और आगे से निकाला था.

अब कविता की गंद चूत और पैंटी के बीच मेरा लंड आ गया

और मैं नीचे बैठने लगा. मेरा खड़ा लंड पैंटी को नीचे ले जाने लगा.पैंटी नीचे गिर गयी.

लीना-ताली बजाते हुए. भैया आपने ये कहाँ से सीखा .हमने तो ब्लू फिल्म मे भी नही देखा.

पनटी नीचे आते ही कविता पलट गयी और मेरे गले लग गयी.

अवी-रूको अब लीना की पैंटी तो निकालने दो

कविता ने मुझे छोड़ दिया.

मैं लीना के पास आ गया. लीना एग्ज़ाइट हो गयी थी कि मैं किस तरह पैंटी निकालूँगा.

अवी-लीना तुम्हारी नाभि इतनी प्यारी है कि मैं एक बार और चूसूंगा.

और मैं ने जीभ लीना की नाभि मे डाल दी.और नाभि के साथ खेलने लगा. ऐसे ही खेलते हुए मैं किस करते हुए लीना की पैंटी के पास आ गया.

और पैंटी पर किस करने लगा .लीना सिसकारियाँ लेने लगी. मैं पैंटी को दात्तों मे पकड़ कर नीचे करने लगा.पैंटी धीरे धीरे नीचे आने लगी.

मैं लीना के पीछे गया और पीछे से पैंटी को दाँतों मे पकड़ नीचे करने लगा.

कभी आगे तो कभी पीछे, ऐसा करते करते पैंटी नीचे गिर गयी.

पैंटी नीचे होते ही लीना की पिंक पैंटी की पिंक चूत मेरे सामने आ गयी. चिकनी,गुलाबी,बटरफ्लाइ की तरह लीना की चूत थी. मैं ने जीभ से एक बार लीना की चूत का चाट लिया. लीना का नमकीन पानी चख लिया.

अब हम तीनो कमरे मे नंगे थे. मेरा घोड़ा चूत मे जाने के लिए मचल रहा था. मैं ने कविता और लीना को बेड पर लिटा दिया.

अवी-तुम दोनो ऐसे ही रहो मैं अभी आता हू

कविता-भैया कहाँ जा रहे हो

अवी-रूको तो मैं अभी 1 मिनिट मे आता हू

मैं बेडरूम से बाहर आ गया.

 


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मैं हनी लेकर कमरे मे वापस आ गया.

अवी-कविता पहले मैं लीना के साथ करूँगा फिर तुम्हारे साथ

लीना-सच भैया.

अवी-हाँ

कविता-भैया आपने तो कहा था कि जो आपको ज़्यादा प्यार करेगी उसके साथ करेंगे

अवी-देखो कविता अगर उसके साथ पहले किया तो उसे ज़्यादा देर आराम करने को मिलेगा.जिस से शाम तक वो बर्तडे के लिए ठीक हो जाएगी.और वैसे भी वो तुमसे छोटी है.और उसका बर्तडे भी है .

कविता-जैसा आप ठीक समझे .

अवी-पहले मैं लीना को प्यार करता हू .तुम भी मेरे साथ लीना को प्यार करो

कविता-ठीक है पर आपके लंड को पहले मैं चूसुन्गि

अवी-(लगता है ज़्यादा ही ब्लू फिल्म देखी है दोनो ने,पता नही कितनी ब्लू फिल्म देखी है. जो बिना मेरे कहने से लंड चूसने को तय्यार हो गयी.) ठीक है.

मैं लीना के उपर आ गया.

अवी-लीना सुरू करूँ

लीना-हाँ

मैं ने लीना के होंठो पर किस करना शुरू किया.पहली बार मैं इतने नाज़ुक होंठो को चूस रहा था.

मैं ने जितनी उम्मीद की थी उस से ज़्यादा ही जोश से लीना मेरे होंठो को चूस रही थी.

होंठो को चूसने के बाद जीभ को चूसने लगे .लीना मेरे जीभ को चूस्ति फिर मैं उसके जीभ को.

हम कभी धीरे धीरे तो कभी जोश के साथ किस करते गये.

लीना के नाज़ुक होंठो को चूसने मे इतना खो गया कि मैं कविता के बारे मे भूल गया.

मैं पहली बार अपने से छोटी उमर की लड़की के साथ प्यार कर रहा था.

मेच्यूर औरतों से सीखने मे और छोटी लड़की को सिखाने मे बहोत मज़ा आता है.

हम किस कर रहे थे और कविता हम दोनो को देख रही थी.मैं 10 मिनिट तक लीना के होंठो का रस पीता रहा.फिर मैं ने किस तोड़ दिया

कविता-भैया अब मेरी बारी

अवी-नही कविता.मुझे लीना के साथ पूरा प्यार करने दो फिर तुम्हारे साथ करूँगा

कविता-ऐसे आपको देखते हुए मैं तो मर जाउन्गि

अवी-मैं तुम दोनो को एक साथ प्यार नही कर सकता.अगर किया तो तुमको मज़ा नही आएगा.

लीना के साथ करने के बाद जब मैं तुम्हारे साथ करूँगा तो तुम्हे लीना से ज़्यादा मज़ा आएगा.

कविता-ठीक है

होंठो को चूसने के बाद मैं लीना के बूब्स के पास आ गया.

फिर मैं ने लीना के बूब्स को मूह मे ले लिया और चूसना सुरू किया.

लीना-आअहह भैया मज़ा आ रहा है..

अवी-अभी तो शुरुआत हुई है..आगे आगे देखो कितना मज़ा आता है.

और मैं लीना के बूब्स को दबाते हुए चूस रहा था.

लीना के गुलाबी निपल को चूसने और चाटने से लीना पागल होने लगी.

छोटे छोटे बूब्स के गुलाबी निपल को चूसने से मैं हवा मे उड़ रहा था.

लीना के निपल अभी से इतने मीठे है जब इन मे दूध होगा तो ,लीना के निपल को मूह से बाहर निकालने का मन नही होगा.

लीना के निपल को चूसने मे मज़ा आ रहा था.

कविता-भैया जल्दी करो ना फिर मेरे साथ भी तो करना है

मैं ने हनी को लीना के बूब्स पे डाल दिया.

लीना-भैया क्या कर रहे हो

अवी-तुम बस मज़े लो.

मैं लीना के बूब्स को हनी के साथ चाटने लगा.

लीना के बूब्स पहले ही मीठे थे और हनी की वजह से और मीठे हो गये.और अगर बूब्स मे दूध होता तो मैं ज़िंदगी भर बूब्स चूस्ता रहता.

मेरे इस तरह बूब्स चूसने से लीना को मज़ा आ रहा था.और हनी की वजह से एक अलग नशा लीना मुहसूस कर रही थी.

थोड़ी देर मैं इसी तरह लीना के बूब्स को चूस्ता रहा. उधर कविता का बुरा हाल हो रहा था.

मैं ने लीना के बूब्स को चूसना बंद किया और कविता को पकड़ कर किस करने लगा.

कविता तो इस का इंतजार कर रही थी. मेरे किस करने से कविता भी मुझे किस करने लगी.

लीना और कविता ने खुद को अच्छे से मेनटेन करके रखा था.

दोनो के नाज़ुक बदन एक से बढ़कर एक थे.

मुझे कल तक पता नही था कि मेरी बहन बड़ी हो गयी है. और आज लग रहा है कि मैं अपनी बहनो से छोटा हू

मैं ने अपनी जीभ कविता के मूह मे डाल दी. मेरी हनी वाली जीभ को कविता चूसने लगी.

लीना और कविता ने 6 महीने मे बहोत कुछ सीख लिया था.

मुझे लग रहा था की बस थोडा प्यार करके ख़तम हो जाएगा.

पर मुझे तो कुछ बताने की ज़्यादा ज़रूरत नही पड़ रही थी

किस ऐसे कर रही थी जैसे मुझे इन से किस करना सीखना होगा

मैं ने ज़्यादा देर कविता को अपनी जीभ चूसने नही देना चाहता था.थोड़ी देर मे मैं ने किस तोड़ दिया.

कविता-भैया इतनी जल्दी क्यू किस ख़तम किया.मुझे और करना है

अवी-बाकी किस बाद मे. ये लो हनी लीना के बूब्स पे डाल कर उसके बूब्स को चूसो

लीना-भैया अगर कविता मेरे बूब्स को चूसेगी तो आप क्या करेंगे.

अवी-तू बस देखती जा कि मैं क्या करता हू.

कविता ने लीना के बूब्स को चूसना सुरू किया.

मैं लीना की टाँगो के बीच आ गया. और लीना की नन्ही परी को देखने लगा.

लीना की चूत चिकनी और गुलाबी थी. चूत देख ऐसा लग रहा था कि मुस्किल से लंड अंदर जा पाएगा.

लीना की नन्ही परी आज मेरी हो जाएगी. मेरी बहन आज मेरी होने जा रही थी.

मैं ने चूत पर किस किया. लीना ने कविता के सर को पकड़ कर अपने बूब्स से अलग किया.और मुझे देखने लगी.

मैं ने चूत को जीभ से चाट कर साफ किया. और चूत को चाटने लगा.

लीना के मूह से शीष्कारियाँ निकलने लगी. आआहह भैया ....

मैं ने अपनी जीभ चूत मे डाल की कोशिश की पर बड़ी मुश्किल से जीभ थोड़ी सी अंदर गयी.

मैं ने सोचा ये दोनो साथ मे मस्ती करते है फिर भी चूत इतनी टाइट है.

क्या ये दोनो चूत चूस्कर मज़ा नही करती.पता नही ब्लू फिल्म से क्या सीखा हो,

मैं उतनी ही जीभ से चूत को चाटने लगा.चूसने लगा.

लीना मुझसे छोटी है और कुवारि है, ऐसी चूत चूसने से मैं जन्नत मे था. 2 परियो के बीच

लीना शीष्कारियाँ लेने लगी.

उूुुुुुुुुुउऊहह.............आआआआआआआहह..भैया........., बहोत गुदगुदी हो रही है.उूुुुुुुुुुुुउउईईईईईई

मैं थोड़ी देर लीना की चूत चूस्ता रहा.

लीना-भैया कुछ हो रहा है

और लीना ने पानी छोड़ दिया मैं ने लीना का सारा नमकीन पानी पी लिया.

मैं ने चूत को छोड़ दिया .कविता मेरी तरफ देखने लगी.

कविता-भैया ये क्या किया. आपने ने लीना का पेशाब पिया

अवी-ये पेशाब नही ,लीना की चूत का पानी है.तुम दोनो तो मस्ती करते हो फिर भी ऐसा सवाल पूछ रही हो

कविता-हम तो सिर्फ़ किस करते है और एक दूसरे के बूब्स को दबाते है. चूत को कभी चूसा नही.

अवी-ब्लू फिल्म मे तो देखा होगा .वहाँ पर भी तो ऐसा करते है

लीना-हाँ देखा है पर हमे वो अच्छा नही लगता.हम तो अपने अपने हाथ से अपनी अपनी चूत को सहलाते है.

अवी-ये चूत के पानी के बारे मे नही पता तुम्हे

कविता-पता है पर वो भी तो पेशाब होती है.उसे आपने पी लिया

अवी-पेशाब अलग होती है और चूत का पानी अलग होता है.घर जाकर इंटरनेट पे अच्छे से पढ़ लेना,पता नही क्या पढ़ा है तुमने

कविता-हमे तो ये पता ही नही था.

अवी-मैं तुम दोनो को बाद मे बता दूँगा. अब कविता तुम लंड को अपने मूह मे लेकर चूसो,आइस क्रीम की तरह,ये तो अच्छा लगता है ना

कविता-अच्छा तो नही लगता पर एक बार चूस्कर देखना है. ब्लू फिल्म मे देखा है चूस्ते हुए

अवी-तुम दोनो को चूत चूसना अच्छा नही लगता पर लंड चूसना चाहती हो,

लीना-हमे तो लड़कियो का, एक दूसरे के साथ करते हुए देख कर अजीब लगता था.फिर भी हम एक दूसरो को किस करते. हमे तो आपके साथ करना था .और आप जो कहोगे वो हम करेंगे

कविता-सही कहा लीना ने.हमे एक बार लंड चूस्कर देखना है. कैसा लगता है. मेरी सहेली अपने बाय्फ्रेंड का चूस्ति है और हमे बताती है कि कितना मज़ा आता है लंड चूसने मे.जिस की वजह से हमे देखना है कि कितना मज़ा आता है. और मेरी सहेली ने कहा कि वीर्य पीने से चेहरे पे चमक आती है. लंड चुसाइ के बाद वीर्य पीना पड़ता है.

मैं बेड पर लेट गया

अवी-लो एक एक करके चूसो.और मुझे बताओ कि तुम्हे कैसा लगा.

कविता ने लंड को हाथो मे पकड़ लिया.

कविता-भैया इतना बड़ा मूह मे कैसे जाएगा

अवी-पूरा मूह मे नही लेना है. जितना जाता है उतना मूह मे लेकर चूसो. और हाँ जैसा ब्लू फिल्म मे देखा है वैसा ही करना.

कविता ने पहले लंड पर किस किया और फिर लंड को मूह मे लेने लगी. कविता धीरे धीरे लंड को मूह मे लेने लगी. मुश्किल से कविता ने लंड को मूह मे लिया.

फिर कविता लंड को चूसने लगी. बड़े प्यार से लंड को चूस रही थी.

ये था ब्लू फिल्म देखने की पढ़ाई

कविता का पहली बार था जिस से उसका इमेच्यूर पना दिख रहा था

पर जो भी था मेरी बहन लाखों मे एक थी.

थोड़ी देर लंड चूसने के बाद कविता को मैं ने रोक दिया.

अवी-कविता अब लीना को चूसने दो

कविता ने लंड को मूह से निकाल लिया.कविता के मूह से लंड बाहर निकलते ही लीना ने लंड को पकड़ लिया और चूसने लगी.

अवी-कविता कैसा लगा लंड चूसना

कविता-अच्छा लगा. पहले थोड़ा अजीब लगा फिर मज़ा आने लगा.मुझे पता नही था कि इतना मज़ा आता है लंड चूसने मे.

अवी-अभी तो सिर्फ़ चूसा है. थोड़ी देर मे तुम्हे मेरा पानी पिला दूँगा.

कविता-आपका पानी

अवी-पी कर देखना तुम्हे और मज़ा आएगा.

कविता-ठीक है ,हमारी सहेली ने बताया था कि पानी पीना ज़रूरी होता है.

लीना लंड को चूस रही थी.थोड़ी देर बाद मैं ने लीना को रोक दिया .

और मैं खड़ा हो गया और कविता और लीना को मेरे लंड के पास बैठा दिया.

और एक एक करके कविता और लीना के मूह मे लंड डालने लगा .दोनो बारी बारी लंड को चूसने लगी.

मैं ने 1 हफ्ते से चुदाई नही की थी. इस लिए मेरा वीर्य जल्दी निकल गया.

मैं ने आधा वीर्य कविता के मूह मे और आधा वीर्य लीना के मूह मे डाल दिया.

अवी-पी लो.बाहर मत फेकना .

लीना और कविता ने वीर्य पी लिया.

अवी-कहो कैसा लगा

लीना-कुछ अजीब सा लगा पर अच्छा था

कविता-हाँ,भैया अच्छा लगा. इस लिए मेरी सहेली कहती है कि लंड चूसने मे मज़ा आता है.

अवी-तुम ने मेरे साथ जो किया वो अपनी सहेली को मत बताना

लीना-हम ये बात किसी को नही बताएँगे

कविता-भैया ये तो छोटा हो गया है

अवी-थोड़ी देर मे फिर कड़ा हो जाएगा. लीना तुम बेड पर लेट जाओ. अब मैं तुम्हारी चुदाई करूँगा

लीना के साथ कविता भी बेड पर लेट गयी.

 


379

लीना और कविता बेड पर लेट गयी. मैं ने एक बार कविता के चूत पर किस किया और फिर लीना के चूत को चाटने लगा.

लीना की चूत चाटने मे मुझे मज़ा आ रहा था.

और लीना को भी अपनी चूत चूसवाने मे मज़ा आ रहा था.

ऐसा करने से मेरा लंड भी खड़ा होने लगा. कविता ने चुप चाप लेट ने की जगह मेरे लंड को पकड़ कर सहलाना सुरू किया.

मैं लीना की चूत चाट कर चुदाई के लिए तय्यार करने लगा और कविता मेरे लंड को सहला कर लंड खड़ा करने लगी.

मैं ने लीना की चूत को चूसना तब बंद किया जब लीना का पानी निकलने वाला था.

ऐसा करने से लीना को दर्द कम होगा. जब मेरा लंड अंदर जाएगा तब लीना का पानी निकल जाएगा जिस से लीना को ज़्यादा दर्द नही होगा.

मेरा लंड भी चुदाई के लिए तय्यार हो गया था.

मैं ने क्रीम को अपने लंड पर लगा दिया जिस से लीना को ज़्यादा दर्द नही होगा. थोड़ी क्रीम लीना की चूत पर लगा दी.

फिर मैं ने पिल्लो को लीना की गंद के नीचे रख दिया. जिस से चूत उपर हो गयी.

फिर मैं ने लंड को चूत पर रख दिया और धीरे धीरे लंड को चूत पर रगड़ने लगा.

मुझे जो भी करना था वो आराम से करना था जिस से कविता को डर ना लगे.

मैं ने लंड को चूत पर रख दिया .

अवी-लीना लंड लेने को तय्यार हो जाओ

लीना-भैया धीरे करना.

अवी-मैं आराम से करूँगा. बस तुम खुद को लंड लेने के लिए तय्यार करो

लीना-आप डाल दो.

मैं ने एक झटका मारा .लंड को मैं ने फिसलने नही दिया. और एक झटके मे लंड का टोपा चूत मे चला गया.

लीना के मूह से चीख निकल गयी.

लीना-भैया दर्द हो रहा

अवी-बस थोड़ा सा दर्द होगा.

लीना-नही भैया दर्द बहोत हो रहा है

कविता-भैया लीना को दर्द हो रहा है.

अवी-इतना दर्द तो होता है. पर मैं तुम्हे ज़्यादा दर्द नही होने दूँगा.

और मैं ने लीना के होंठो को चूसना सुरू किया.ताकि लीना का दर्द कविता को पता ना चले.

लीना को किस करते हुए बूब्स को दबाने लगा.जिस से लीना का दर्द जल्दी कम हो गया.

लीना का बदन फिर अकड़ने लगा. लीना की चूत से पानी निकलने वाला था.

लीना ने मुझे कस के पकड़ लिया. मतलब लीना का पानी निकलने वाला है.

मैं ये मोका खोना नही चाहता था. पर लीना की सील टूट जाएगी तो उसकी चीख तो मेरे मूह मे दब जाएगी.

पर आँखो से पानी तो निकल जाएगा. जो कविता देख सकती है.और वो मेरे लिए सही नही होगा.

अवी-कविता बाथरूम मे जाकर हीटर ऑन कर दो

कविता-गरम पानी किस लिए चाहिए

अवी-वो तुम्हे मैं बाद मे बताउन्गा.तुम पानी गरम करो ,पानी गरम हो जाने के बाद मुझे बता देना

कविता-जी भैया

कविता बाथरूम मे चली गयी और मैं ने ज़ोर दार झटका मारा जिस से सील तोड़ते हुए लंड 5 इंच तक अंदर चला गया.

लीना की चीख निकल गयी पर किस करने से लीना की चीख मेरे मूह मे दब गयी. पर लीना की आँखो से पानी निकल गया.

पर लंड चूत मे जाते ही चूत ने पानी छोड़ दिया जिस से लीना को बहोत कम दर्द हुआ.पर उसकी एज के हिसाब से दर्द ज़्यादा था

मैं ने लीना के बूब्स दबाते हुए किस करना चालू रखा.दर्द की वजह से लीना का बदन काँप रहा था.

लीना की चूत बहोत टाइट थी. और लीना की एज मुझ से कम होने से उसे इतना दर्द तो होना ही था.

मैं ने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की , जिस से लीना को ज़्यादा दर्द ना हो, कोई कितना भी कोशिश करे सील टूटने पे दर्द तो होगा ही.

मैं अपनी बहन का दर्द कम करने की पूरी कोशिश कर रहा था.

मैं 10 मिनिट तक लीना को किस करते हुए बूब्स दबा रहा था. अब लीना का दर्द कम हुया.

मैं ने लीना के होंठो को छोड़ दिया.

अवी-दर्द कम हुआ

लीना-हाँ,पर थोड़ा दर्द हो रहा है

अवी-थोड़ी देर मे वो भी कम हो जाएगा.

लीना-थोड़ा आराम से करना,भैया

अवी-प्यार से करूँगा. तुम कविता को मत बताना कि तुम रोई थी.

लीना-क्यूँ?

अवी-अगर तुम कविता को बता दोगि तो कविता तुम पर हँसेगी. तुम्हारा मज़ाक उड़ाएगी.

लीना-मैं कविता को ऐसा करने नही दूँगी. मैं कविता को कुछ नही बताउन्गी.

अवी-अब मैं तुम्हे मज़ा दूँगा.

और मैं ने धीरे धीरे लंड को हिलाना सुरू किया.

अभी तक पूरा लंड अंदर नही गया था. और मैं डालने वाला भी नही था.

मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा. अब कविता भी आ गयी.

कविता-भैया पानी गरम हो गया

अवी-ठीक है अब देखो मैं लीना को कैसे मज़ा देता हू

लीना की टाइट छूट मे लंड अंदर बाहर करने मे दम लग रहा था.

लंड हिलने से लीना को भी दर्द होने लगा.

पर कविता के आने से लीना ने अपना दर्द छुपा लिया.

धीरे धीरे लंड हिलाने से चूत मे जगह बन ने लगी.

मैं धक्के मारने लगा. धीरे धीरे लीना को भी मज़ा आना सुरू हुआ.मैं ने लीना के बूब्स को दबाना बंद किया.

अब सिर्फ़ मैं धक्के मार रहा था. और लीना शीष्कारियाँ लेने लगी.और कविता चुदाई देखने लगी.

उउउउउउउउउउउउउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.............आआआआआआआहह..भैया........., ऐसा मज़ा कभी नही आया.उउउउउउउउउउउउउउउईईईईईई...भैया आप बहोत अच्छे हो...आआहह...भैया ऐसे ही करते रहिए

मैं ने लीना की बाते सुनकर अपनी गति बढ़ा दी. ज़ोर से धक्के मारने लगा

10 मिनट तक ऐसे ही धक्के मारता रहा .लीना का बदन अकड़ने लगा. मैं फिर से लीना के उपर आ गया और लीना के होंठो को चूसने लगा.

लीना ने पानी छोड़ दिया. पानी छोड़ने से लीना का बदन ढीला पड़ गया. मैं ने एक ज़ोर दार झटके के साथ पूरा लंड अंदर डाल दिया और बिना रुके धक्के मारता गया

लीना को दर्द हुआ पर पानी निकलने से उसे कम दर्द हुआ.

लीना के होंठो को चूस्ते हुए मैं ने लीना के सर को अपने हाथो से छुपा दिया ताकि कविता को ज़्यादा कुछ पता ना चले.

मैं लीना के होंठो को चूसने के साथ धीरे धीरे धक्के लगाता गया और लीना के होंठो को चूस्ता गया.

थोड़ी देर बाद लीना को अच्छा लगने लगा. लीना को मज़ा आने लगा.लीना भी अपनी गंद हिलाने लगी.

मैं धक्के लगाते गया. 10 मिनिट के बाद लीना ने पानी छोड़ दिया और मैं ने लीना के होंठो को छोड़ दिया.

अब मैं फिर से धक्के लगाते गया. मैं अपनी पोज़िशन भी चेंज नही कर सकता था.

ऐसे ही कभी धीरे धीरे तो बीच मे गति बढ़ा कर धक्के मारता गया.

कविता बस ऐसे ही हमे देखती रह गयी.

लीना मेरे साथ पूरा मज़ा ले रही थी.लीना अपनी पहली चुदाई अपने भाई के साथ करके बहोत खुश थी.

लीना की नाज़ुक चूत पे मैं ने अपना झंडा गाढ दिया था.

लीना अपनी चूत हार कर वो भी अपने भाई से बहोत खुश थी.

मैं अपने धक्के लगाता गया और लीना मज़े मे शीष्कारियाँ लेने लगी.

अब मेरा भी वीर्य निकलने वाला था. मैं ने अपनी गति और बढ़ा दी. और 10 12 धक्के मारने के बाद मैं ने अपना वीर्य लीना की चूत मे डाल दिया.

लीना ने भी अपना पानी छोड़ दिया.

मैं लीना के उपर गिर गया. लीना और मैं हाँफने लगे.

मैं जल्दी ही नॉर्मल हो गया. और लीना के उपर से अलग हो गया.

लंड चूत से बाहर आ गया. लंड पर खून लगा हुआ था.

कविता-भैया आपके लंड पर खून लगा हुआ है

अवी-पहली बार करने से खून तो निकलता है.

कविता-मुझे पता है. पर इतना खून.

अवी-ये तो बहोत कम है दूसरो का तो इस से ज़्यादा निकलता है. मैं ने लीना का बहोत कम खून निकल्ने दिया(लीना का बहोत खून निकला था. उसकी एज के हिसाब से निकला था)

कविता-मेरा भी इतना निकलेंगा

अवी-तुम्हारा इससे भी कम निकलेगा. अब तुम्हे मज़ा दूँगा ,पर पहले लीना की गरम पानी से सिकाई कर देता हू

कविता-पानी गरम है पर भैया टाइम बहोत हो गया है. मेरे साथ करने के बाद आप शॉपिंग नही कर पाएँगे.

अवी-तुम टेन्षन मत लो मैं सब संभाल लूँगा

 


380

मैं ने पंकज को कॉल किया और पंकज को बर्तडे का समान लेने को कहा. पंकज ने हाँ कर दी.

पंकज की वजह मेरा थोड़ा समय बच गया. पर लीना के साथ चुदाई करने मे ज़्यादा ही टाइम लग गया.

हमे 2 बजे तक घर जाना था और अभी 11.30 बज रहे थे.अगर कविता के साथ भी लीना जितना समय लग गया तो फिर भी मेरे पास 1 घंटा बच जाएगा.

मैं लीना को उठा कर बातरूम ले गया.और लीना की चूत को गरम पानी से साफ करने लगा.

अवी-लीना दर्द हो रहा है

लीना-हाँ थोड़ा थोड़ा

अवी-थोड़ी देर मे वो दर्द भी ख़तम हो जाएगा.

लीना ने अपनी चूत देखी जो अब मैं साफ कर दी थी

लीना-भैया ये पहले जैसी हो जाएगी ना

अवी-उससे भी अच्छी हो जाएगी.

लीना-भैया अगर मेरा दर्द कम नही हुआ तो बर्थडे कैसे मनाएँगे

अवी-मैं हू ना ,तुम बस आराम करने पे ध्यान देना .

फिर चूत की सिकाई करने के बाद मैं ने लीना को उठा कर बेड पर लिटा दिया.

अवी-लीना ये पेन किल्लर खा लो .इस से तुम्हारा दर्द कम हो जाएगा.

लीना ने पेन किल्लर खा ली.

मैं ने पेन किल्लर के साथ प्रेगेन्सी रोकने की मेडिसिन भी दी.

फिर मैं ने लीना को सोने को कहा और कविता को लीना के पास बैठा कर मैं हॉल मे आ गया.

और मैं ने रानी को कॉल किया और तीन साड़ी लेने को कहा. सबसे अच्छी वाली. और तीन मे से एक साड़ी रेड कलर की लेने को कहा.

रानी-तीन साड़ी ,चाची को दे रहे हो

अवी-चाची को तो कल ही नयी साड़ी दी है. ये साड़ी मेरी बहन के लिए ,उसका बर्तडे है आज

रानी-तुम्हारी बहन का बर्तडे ,मुझे नही बुलाया तुमने

अवी-छोटा सा बर्तडे है ,और तुम्हारे बार बार आने से कोमल शक करेंगी.

रानी-पता है मुझे, तुम टेन्षन मत लो मैं शॉपिंग कर लूँगी.

अवी-2 घंटे मे करनी है.

रानी-हो जाएगा.

अब शॉपिंग की टेन्षन ख़तम हो गयी.

मैं कविता के पास गया और हॉल मे लेकर आ गया.

कविता-भैया आपने तो सारी शॉपिंग तो घर बैठे कर दी

अवी-हाँ,क्यू कि मैं तुम्हारे साथ ज़्यादा समय प्यार करना चाहता हू

कविता-मेरे गले लग गयी. आइ लव यू भैया.

मैं ने कविता को खड़े खड़े ही किस करने लगा. कविता जो कब से गरम हो के चुदाई का इंतज़ार कर रही वो पूरे जोश के साथ मेरा साथ देने लगी.

कविता और लीना के नाज़ुक ,कोमल होंठो का रस पीने मे अद्भुत आनंद मिल रहा था.

दोनो जवान हो रही थी. ऐसे मे उनके साथ प्यार करने मे मुझे ,क्या कहूँ,जन्नत मे था मैं

कविता मुझ से ज़्यादा जोश से किस कर रही थी और मैं भी कविता को होंठो को चूसने लगा. कविता लीना से कही अच्छी तरीके से किस कर रही थी.

कविता लीना से ज़्यादा मेच्यूर थी. उसका बच्पना लीना जैसा नही था.

जिस से वो किस करते अपने प्यार का इज़हार कर रही थी.

थोड़ी देर होंठो को चूसने के बाद हम एक दूसरे के जीभ को चूसने लगे.

साथ मे कविता मेरे चेहरे को किस कर रही थी. और मैं भी उसकी तरह उसके चेहरे पे किस करता गया.

कुछ देर तक हम ऐसे ही एक दूसरे को किस करते रहे.

फिर मैं ने कविता को सोफे पर लिटा दिया .और मैं बेडरूम मे जाकर खाने का समान ले आया.

समान को टेबल पर रखने के बाद मैं कविता के उपर आकर बूब्स को चूसने लगा.

कविता के बूब्स लीना के बूब्स से मेच्यूर लग रहे थे. कविता लीना से 5 महीने बड़ी थी फिर भी कविता लीना से ज़्यादा मेच्यूर थी

मैं कविता के बूब्स को चूसने लगा और दूसरे बूब्स को दबाने लगा. कविता मज़े मे शीष्कारियाँ लेने लगी.

कविता के बूब्स लीना की तरह थे गोरे थे, निपल हल्के ब्राउन थे पर इनमे दूध ज़्यादा बनेगा.

लीना के बूब्स छोटे थे जिस से वो टाइट थे पर कविता के बूब्स की साइज़ ज़्यादा थी और थोड़े टाइट और नरम थे.

थोड़ी देर बूब्स चूसने के बाद मैं ने बॅग मे से चॉक्लेट निकाल ली.

कविता-भैया ये चॉक्लेट किस लिए निकाल रहे है

अवी-तुम बस देखती जाओ की तुम्हारे भैया क्या क्या करते है.

चॉक्लेट पिघल गयी थी. मैं ने चोक्लट को कविता के बूब्स पर लगा दिया.

कविता- लीना के बूब्स को हनी लगाई थी और मेरे बूब्स को चॉक्लेट लगा रहे है

अवी-तुम मेरी चॉक्लेट गर्ल हो,

कविता-चॉक्लेट गर्ल, नाम अच्छा है.

अवी-अब बाते मत करना सिर्फ़ मज़े लो,मेरी चॉक्लेट गर्ल

मैं कविता के बूब्स की चॉक्लेट को चाटने लगा.

अपने जीभ से इतना हल्का सेन्सिटिव टच दे रहा था की कविता शीष्कारियाँ लेने लगी.

निपल को अपनी जीभ से प्यार के साथ सहला रहा था कि कविता का हाथ मे बालों पर चला गया.

बूब्स को चॉक्लेट लगी होने से मैं दबा नही सकता था.

जिस से मेरी जीभ का काम बढ़ गया.

ऐसी ओवरटाइम ड्यूटी (काम)किसको पसंद नही आएगी.

मेरा पेट भी भर रहा था और मुझे मज़ा भी आ रहा था.

चॉक्लेट मैं कविता को खिलाने लाया था.पर खा मैं रहा था.

कविता को तो चॉक्लेट बहोत पसंद है. उसे भी चॉक्लेट खिलानी पड़ेगी.

थोड़ी देर ऐसे ही कविता के बूब्स को चाटने और चूसने लगा.फिर मैं ने बूब्स को चाटना बंद किया.

मैं कविता के साथ 69 मे आना चाहता था पर लीना की वजह से ये करना सही नही था.

अगर लीना को पता चला कि कविता के साथ ज़्यादा मस्ती की तो वो नाराज़ो जाएगी.

मैं कविता की टाँगो के बीच आ गया. और कविता की पिंकी को किस करने लगा. कविता की चूत को चाटने लगा.

चॉक्लेट की कमी थी. मुझे कविता को भी चॉक्लेट खिलाना था जिसकी वजह से मैं बिना चॉक्लेट लगाए चूत को चाटने लगा.

कविता अपनी चूत चूसवाने से सातवें आसमान मे थी .

लीना की तरह कविता की चूत भी टाइट थी. मुश्किल से जीभ अंदर जा रही थी. फिर भी मैं कविता की चूत को चाटने लगा.

कविता की प्यारी चूत के साथ खेलने मे मज़ा आ रहा था.

कविता जो पहले से गरम थी जिस की वजह से उसने जल्दी पानी छोड़ दिया.

मैं ने कविता की कुवारि चूत का सारा पानी पी लिया और कविता की चूत को साफ किया

 


380ए

कविता का पानी तो मैं ने पी लिया अब बारी थी कविता को चॉक्लेट खिलाने की.

अवी-कविता कैसा लग रहा है.

कविता-बता नही सकती पर बदन हल्का लग रहा है.

अवी-हल्का लग रहा है ,चॉक्लेट खाना चाहोगी.

कविता-खाना तो है पर पहले प्यार करते है.

अवी-प्यार करते हुए चॉक्लेट खाना चाहोगी.

कविता-वो कैसे

अवी-मैं अपने लंड पर चॉक्लेट लगाता हू और तुम खा लो,

कविता-खा लूँ

अवी-चॉक्लेट खा लेना,

कविता-इसमे और मज़ा आएगा.

मैं ने अपने लंड पर चॉक्लेट लगा दी. कविता समझ गयी कि उसे क्या करना है.

कविता ने अपने होंठो पर जीभ घुमाई और फिर मेरे टोपे पर

एक बार लंड पर जीभ घुमाने के बाद कविता मेरी तरफ देख कर हाथो से इशारा करके बता रही थी चॉक्लेट टेस्टी है.

कविता को मैं ने लंड चूसने से मना किया.

सिर्फ़ जीभ से लंड को चाटने कहा.

कविता मेरी तरह धीरे धीरे चॉक्लेट खा रही थी.

कविता ने धीरे धीरे पूरी चॉक्लेट साफ कर दी.और फिर लंड को चूस कर गीला कर दिया.

अवी-कविता कैसी थी चॉक्लेट

कविता-ये चॉक्लेट अब तक की सब से अच्छी चॉक्लेट है.

मैं फिर से कविता के टाँगो के बीच आकर चूत चूसना सुरू किया.

कविता-भैया कितनी बार चूसोगे

अवी-ये ज़रूरी है मेरी बहना,

मैं कविता की चूत चूसने लगा ठीक उसी ज़रा कविता के साथ की जैसा लीना के साथ किया था.

लीना की तरह पानी निकल ने से पहले चूत चूसना बंद किया.

कविता-रुक क्यूँ गये

अवी-ताकि तुम्हे दर्द ना हो

फिर मैं ने क्रीम को अपने लंड पे और कविता की चूत पर लगा दिया. और लंड को कविता की चूत पर रख दिया.

अवी-कविता तुम तय्यार हो

कविता-हाँ भैया

अवी-तुम्हे पता है पहली बार करने से दर्द होता है

कविता-हाँ पता है

अवी-तुम्हे पता है लीना ने दर्द होते हुए भी चिल्लाया नही.

कविता-मैं भी नही चीखूँगी

अवी-मैं अब अंदर डालने वाला हू

कविता-डाल दो

मैं ने लंड को चूत पर रख कर एक झटका मारा. लीना की तरह लंड का टोपा एक बार मे कविता की चूत मे चला गया.

ऐसा करना ज़रूरी था ,लंड के फिसलने से कविता और मुझे मज़ा नही आएगा.

लंड का टोपा अंदर जाते कविता ने अपने होंठो को दबा दिया.जिस से उसकी चीख नही निकली.

मैं कविता के उपर आ के उसके होंठो पर अपने होंठ रख कर एक ज़ोर दार झटका मारा. लंड 5 इंच तक सील तोड़ते हुए अंदर चला गया.

इस बार कविता को दर्द हुआ .वो चीखने वाली थी पर किस करने से कविता की चीख मेरे मूह मे दब गयी.

पर दर्द की वजह से उसकी आँखो से पानी निकल गया.

मैं ने थोड़ी देर ऐसे ही रुकना ठीक समझा.

और अपना एक हाथ नीचे कविता की चूत पर ले गया.

क्यू कि कविता का पानी नही निकला था और दर्द ज़्यादा हो रहा था.

मैं कविता के उपर था ऐसे मे भी मैं कविता के चूत के पास अपना हाथ ले गया.

और चूत को सहलाने लगा. ये काम मुश्किल था पर करना ज़रूरी था.

लीना की तरह कविता का भी पानी निकल गया होता तो कविता को ज़्यादा दर्द नही होता.

मैं कुछ देर चूत को सहलाता गया जिस से कविता की चूत से पानी निकल गया.

चूत से पानी निकलने से कविता का दर्द कम हुआ पर पहली चुदाई की वजह से दर्द तो होना ही था.

चूत का पानी और खून बाहर निकलने लगा.

कविता का दर्द थोड़ा कम हुआ.

अवी-कविता अब कैसा लग रहा है

कविता-भैया थोड़ा दर्द हो रहा है

अवी-रूको वो भी दर्द कम करता हू

थोड़ी देर होंठो को चूसने के बाद मैं ने होंठो को छोड़ दिया और बूब्स को चूसने लगा.

कविता-भैया दर्द हो रहा है

अवी-अब थोड़ी देर होगा उसके बाद तुम्हे अच्छा लगेगा

मैं कविता के बूब्स 10 मिनिट तक चूस्ता रहा. फिर जाके उसे थोड़ा अच्छा लगने लगा.

फिर मैं ने लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करना सुरू किया.

लंड को हिलाने से कविता को दर्द हुआ पर वो तो होना ही था.

कविता की चूत ने मेरे लंड को पकड़ रखा था. जिस से पहले मुश्किल से लंड अंदर बाहर जा रहा था.पर10 12 बार लंड को अंदर बाहर करने से चूत की पकड़ ढीली हो गयी और लंड आराम से अंदर बाहर होने लगा

मैं धीरे धीरे कविता की प्यारी चूत को मारने लगा. जिस से कविता को मज़ा आने लगा.

जैसे जैसे मैं धक्के लगा रहा था वैसे वैसे कविता मज़े लेती गयी.

सोफे पर चुदाई करने से मेरा ज़ोर ज़्यादा लग रहा था.

मेरी बहन बहादुर थी, मेरा पूरा साथ दे रही थी.

10 मिनिट तक धीरे धीरे धक्के मारता गया.फिर कविता ने पानी छोड़ दिया और मैं लंड को चूत मे अंदर तक डाल दिया.

इसी के साथ मेरा पूरा लंड कविता के अंदर चला गया

कविता को दर्द के साथ मज़ा भी मिला.

पूरा लंड अंदर जाने के बाद मैं धक्के लगाता गया.

जैसा मैं ने लीना के साथ किया था कविता के साथ वही करना था.

ताकि किसी को ऐसा ना लगे कि उसके साथ अच्छे से नही किया और दूसरे के साथ अच्छे से किया

मैं दोनो को खुश रखना चाहता था.

मैं आराम से कविता की चुदाई करता गया.

मैं ने अपनी गति बढ़ा दी. कविता ने भी अपनी गंद हिलाने की गति बढ़ा दी.

मैं धक्के मार रहा था और कविता गंद उछाल रही थी.

कविता की टाइट चूत को मैं 30 मिनिट तक मारता रहा. फिर हम दोनो ने एक साथ पानी छोड़ दिया

कविता की चूत मे वीर्य डालने के बाद मैं कविता के उपर गिर गया.

लीना के मुकाबले कविता के साथ ज़्यादा थक गया.

थोड़ी देर हाँफने के बाद मैं कविता के उपर से अलग हो गया.

कविता ने अपनी चूत को देखा और फिर मेरे लंड को.

अवी-क्या देख रही हो

कविता-आपने तो चूत को फाड़ दिया

अवी-2 3 दिन मे ठीक हो जाएगी. चलो अब तुम्हे साफ कर दूं

मैं कविता को उठा कर बाथरूम मे ले गया और कविता की सिकाई करने लगा. गरम पानी से कविता को अच्छा लगने लगा.

फिर मैं ने कविता को पेन किल्लर दे दी और प्रेगॅनेन्सी की गोली दी और लीना के साथ बेड पर लिटा दिया.

अब 2.00 बजने मे 1 घंटा बाकी था

कविता और लीना बेड पर आराम से सो गयी.

 


381

मैं ने कविता और लीना को आराम करने दिया और मैं बाहर चला गया.

पहले मैं रानी के पास गया और रानी से साड़ियाँ ले ली. रानी ने अची साड़ियाँ पसंद की थी.मैं ने रानी को बताया कि लीना का बर्तडे तुम भी साथ चलो .पर दीवाली की वजह से रानी ने मना किया और कोमल की वजह से भी आने से मना किया.

फिर मैं पंकज के पास जाकर बर्तडे का समान ले लिया. पंकज ने केक बहोत ही अच्छा पसंद कर के लिया था. मैं ने पंकज को पैसे देने चाहे पर उसने लेने से मना किया. पंकज ने केक के साथ बर्तडे के लिए जो ज़रूरी समान होता है वो भी ले लिया.

मैं ने पंकज को अपने साथ चलने को कहा पर उसने मना कर दिया.

मैं वापस घर2 आ गया.

कविता और लीना अभी तक सो रही थी. 2 .00 भी बज गये पर वो दोनो सो रही थी.

नीता बुआ का कॉल आने से पहले मैं ने नीता बुआ को कॉल किया

अवी-हेलो बुआ

नीता बुआ-हेलो,अवी कितनी देर लगेगी तुम्हे आने मे

अवी-बुआ 1 और घंटा लग जाएगा

नीता बुआ-1 घंटा और लगेगा

अवी-हाँ,वो बाइक खराब हो गयी. जैसे ही बाइक ठीक हो जाती है मैं कविता और लीना के साथ आ जाउन्गा

नीता बुआ-जल्दी आना,राजेश भी आया है

अवी-राजेश तो आने वाला नही था

नीता बुआ-हाँ,उसने कहा कि वो लीना को सर्प्राइज़ देना चाहता था. इस लिए उसने झूठ कहा था कि वो नही आएगा

अवी-फिर तो एक और केक लेना पड़ेगा

नीता बुआ-2 केक मत लेना. उसी केक से हो जाएगा

अवी-ठीक है बुआ हम 1 घंटे मे आते है

नीता बुआ-लीना को मत बताना कि राजेश आया है

अवी-नही बताउन्गा.

और मैं ने फोन रख दिया. कविता और लीना को आधा घंटा और सोने दिया.

तब तक मैं ने नहाने के लिए गरम पानी रख दिया.

फिर कविता और लीना को जगाया. दोनो ही उठ गयी.

अवी-उठो हमे जाना होगा. 2.30 हो रहे है

लीना-इतने देर तक हम सोते रहे. आपने उठाया क्यू नही

अवी-मैं ने बुआ को बता दिया कि हमे देर हो जाएगी

लीना-ये आपने अच्छा किया

कविता-भैया हम ऐसे तो घर नही जा सकते

अवी-तुम दोनो 10 मिनिट मे नहा लो .सिर्फ़ 10 मिनिट

लीना-ठीक है.

लीना और कविता बाथरूम मे चली गयी और 10 मिनिट के बाद फ्रेश होकर आ गयी.

हम ने अपने अपने कपड़े पहन लिए.और फिर नाश्ता करने लगे

अवी-तुम दोनो को मज़ा आया

लीना-हां ,बहोत मज़ा आया

कविता-देखने और करने मे कितना फ़र्क होता है वो हमे आज पता चला

अवी-तुम दोनो को दर्द तो नही हो रहा है

लीना-मेरा दर्द तो कम हो गया है

कविता-मेरा भी पर थोड़ा थोड़ा अभी भी है.

अवी-शाम तक वो भी चला जाएगा

लीना-भैया आपने ऐसा करना कहाँ से सीखा

कविता- हाँ भैया हमने आज तक ब्लू फिल्म मे ऐसा नही देखा था

अवी-ये तो अपने आप आ जाता है.

लीना-भैया मुझे हनी के साथ करने मे मज़ा आया

कविता-मुझे चॉक्लेट के साथ

लीना-कविता तूने चॉक्लेट के साथ भी किया

कविता-हाँ,

लीना-भैया आपने मेरा साथ चॉक्लेट क्यू नही इस्तेमाल किया

अवी-लीना तुम्हारे साथ हनी और कविता के साथ चॉक्लेट इस्तेमाल किया

लीना-मुझे चॉक्लेट के साथ करना अच्छा लगता . मुझे चॉक्लेट कितनी पसंद ये तो आपको पता है फिर भी आपने मेरे साथ चॉक्लेट क्यू नही इस्तेमाल किया

अवी-तुम्हारे साथ पहले करना था और तब तक चोक्लट पिघली नही थी.

लीना-फिर भी

अवी-अगली बार तुम्हारे साथ चॉक्लेट और कविता के साथ हनी के साथ मज़ा करेंगे

लीना-अगली बार कब करेंगे

अवी-कविता के बर्तडे के दिन

लीना-उसके लिए तो 5 महीने बाकी है

कविता-इतने दिन हम क्या करेंगे

अवी-रोज रोज करेंगे तो मज़ा नही आएगा. देखो अब हम कविता के बर्तडे के दिन करने फिर जून महीने मे फिर लीना के बर्तडे के दिन

लीना-बीच मे नही कर सकते

अवी-करेंगे ना पर जब अच्छा मोका मिलेंगा तब

कविता-भैया क्या ब्लू फिल्म की तरह आप पीछे से भी करोगे

अवी-हाँ,पर अभी नही जब तुम दोनो बड़ी हो जाओगी तब करेंगे

लीना-आप जब चाहो तब हम करेंगे क्यू कविता

कविता-हाँ

अवी-ये हमारा सीक्रेट किसी को बताना मत

लीना-नही बताएँगे

कविता-हम तो अब बाय्फ्रेंड भी नही बनाएँगे

अवी-क्यूँ?

कविता-क्यू की हमारे बाय्फ्रेंड आप हो

लीना-सही कहा कविता तूने.हम दोनो के बाय्फ्रेंड हमारे भैया.

अवी-(चलो ठीक है. इसी बहाने से ये दोनो किसी को अपना बाय्फ्रेंड बनाकर ग़लत हरकत तो नही करेंगी.) चलो अब चलते है

हम ने नाश्ता ख़तम किया और मैं ने बेडशीट बदल दी और सोफे पर भी नयी बेड शीट डाल दी.

फिर लीना और कविता को लेकर गाँव आ गया.

घर आते ही लीना ने राजेश को देखा तो वो और खुश हो गयी. कविता तो सीधा अपने घर जाकर सो गयी.

लीना थोड़ी देर राजेश के साथ बाते करती रही फिर थोड़ा आराम करने गयी.

मैं ने राजेश के साथ मिलकर घर को सज़ा दिया. 2 घंटे इसी मे चले गये. मैं ने नीता बुआ को लीना की साड़ी दे दी. फिर कविता के घर जाकर कविता को भी साड़ी दे दी.

और अपने घर आकर फ्रेश होने चल गया.

फिर शाम को हम सब नीता बुआ के घर आ गये.

लीना और राजेश ने केक कट किया. और सबको केक खिलाने लगे. लीना ने मुझे केक खिलाने के बाद गले लगा लिया.

फिर छोटी चाची ने सबको गिफ्ट दे दी.सब गिफ्ट देख कर खुश हो गये.

नीता बुआ ने सब के लिए खाना बनाया था. हम सब ने हँसी खुशी से खाना खा लिया.

एक गाँव मे रहने के बाद भी हम कितने दिनो के बाद पूरी फॅमिली एक साथ बैठे कर हँसी मज़ाक कर रहे थे.

आज का दिन मुझे हमेशा याद रहेगा.

 
382

बर्तडे हो जाने के बाद हम अपने घर आ गये.

घर आने के बाद मैं अपने कमरे मे चला गया.मुझे अपने कमरे मे गये हुए थोड़ी देर ही हुई थी कि छोटी चाची कमरे मे आ गयी.

सी चाची-क्या हुआ मेरे शेर को जो इतनी जल्दी सो रहे हो

अवी-चाची पूरा बदन थकान से दुख रहा है

सी चाची- ऐसा क्या किया लीना और कविता के साथ जो तुम्हारा पूरा बदन दुख रहा है

अवी-आपको तो पता है कि मैं ने क्या किया है लीना और कविता के साथ..एक मिनिट आपको कविता के बारे मे कैसे पता चला

सी चाची-मैं ने कल कहा था ना कि तुम एक सर्प्राइज़्ड भी मिल सकता है. वो सर्प्राइज़्ड कविता थी.दोपेहर मे नीता ने बताया कि तुम्हारे साथ कविता भी गयी है.

अवी-आप हो कौन?

सी चाची-ये कैसा सवाल पूछ रहे हो

अवी-आप को इतना सब कैसे पता चल जाता है

सी चाची-पता लगाना पड़ता है

अवी-कैसे पता लगाया कि कविता भी लीना के साथ आने वाली है

सी चाची-ये तो कोई भी बता सकता था कि अगर तुम लीना की चुदाई करोगे तो कविता भी तुम्हारे साथ चुदाई करेगी.

अवी-वो तो है. दोनो हमेशा एक साथ रहती है.सही कहना मैं ने

सी चाची-हाँ,और वैसे भी मैं पूरे फॅमिली मे क्या चल रहा है उस पे नज़र रखती हू

अवी-फिर तो आपको पूजा बुआ और राकेश के बारे मे पहले से पता होगा

सी चाची-हाँ ,तुम्हारे बताने से पहले मैं जानती थी कि पूजा और राकेश मे कुछ चल रहा है

अवी-फिर तो आपको सब के बारे मे पता होगा

सी चाची-हाँ

अवी-सीमा चाची के बारे मे भी

सी चाची-हाँ,मुझे पता है कि सीमा दीदी ने किस करना कहाँ से सीखा है,शादी से पहले सीमा दीदी को एक लड़का पसंद था.

अवी-आपको तो मान ना पड़ेगा. पर आपको एक ऐसी बात पता नही जो सिर्फ़ मुझे पता है(ज्योति बुआ और चाचा के बारे मे)

सी चाची-ऐसी कोई बात नही है जो मुझे पता ना हो.

अवी-मैं जिस बारे मे बात कर रहा हू वो आपको पता नही है

सी चाची-पूरी तरह से पता नही है पर अंदाज़ा लगाकर पता लगा लिया है.(अगर वो सच हुआ तो ..,ये मैं सोच भी नही सकती)

अवी-आप झूठ बोल रही है वो बात आपको पता नही है

सी चाची-तो बता देना

अवी-वो बात मैं नही बताने वाला

सी चाची-मत बता ...वैसे भी एक ना एक दिन तू खुद मुझे बताने वाला है.मुझे तुम पर खुद से ज़्यादा भरोसा है.

अवी-ऐसा कोई दिन ही नही आएगा

सी चाची-आएगा वो दिन जल्दी आएगा.और मैं भी उसी दिन का इंतज़ार कर रही हू

अवी-आप बस इंतज़ार करती रह जाएगी.पर मैं नही बताने वाला(बताना होगा पर सही समय देख कर)

सी चाची-देखती हू कि कैसे नही बताते हो

अवी-वो बाद की बात है. क्या अब मैं सो सकता हू

सी चाची-हाँ सो जाओ..वैसे तुम्हारे बदन के दर्द को कम कर सकती हूँ अगर तुम चाहो तो

अवी-वो कैसे

सी चाची-मंगला काकी को बोल सकती हू तुम्हारी मालिश करे .

अवी-क्या काकी मान जाएगी

सी चाची-पिछली बार भी तो किया था.

अवी-ठीक है वैसे भी 10 दिन तो घर मे रहना है. इस बीच मालिश भी हो जाएगी

सी चाची-मैं कल ही मंगला काकी को बोल देती हू कि तुम्हारी भी मालिश कर दे .और हाँ मालिश के साथ कुछ और भी करना हो तो कर लेना

अवी-वो तो करूँगा ही

सी चाची-कर लेना ,चल अब सो जा

छोटी चाची अपने कमरे मे चली गयी.

क्या छोटी चाची को ज्योति बुआ और चाचा के बारे मे पता है. कैसे पता होगा चाची तो हॉस्पिटल मे थी.

क्या मैं चाची को बता दूं...अभी नही बता सकता.हमे जो खुशियो मिल रही है इस मे ये बताना ठीक नही रहेंगा.

अगर ज्योति बुआ गाँव आकर चाचा के साथ फिर से चुदाई की तो मैं चाची को बता दूँगा.हाँ ये ठीक रहेंगा.

क्या चाची ज्योति बुआ के आने का इंतज़ार कर रही थी ताकि मैं खुद चाची को बता दूं..हा ऐसा भी हो सकता है नही तो चाची मुझे कैसे भी करके पूछ लेती

चाची ने हॉस्पिटल मे बैठे बैठे रानी को बुला लिया था. क्या पता चाची को थोड़ा शक होगा.

मैं ऐसे ही सोचते हुए सो गया.

 


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बर्तडे हो जाने के बाद हम अपने घर आ गये.

घर आने के बाद मैं अपने कमरे मे चला गया.मुझे अपने कमरे मे गये हुए थोड़ी देर ही हुई थी कि छोटी चाची कमरे मे आ गयी.

सी चाची-क्या हुआ मेरे शेर को जो इतनी जल्दी सो रहे हो

अवी-चाची पूरा बदन थकान से दुख रहा है

सी चाची- ऐसा क्या किया लीना और कविता के साथ जो तुम्हारा पूरा बदन दुख रहा है

अवी-आपको तो पता है कि मैं ने क्या किया है लीना और कविता के साथ..एक मिनिट आपको कविता के बारे मे कैसे पता चला

सी चाची-मैं ने कल कहा था ना कि तुम एक सर्प्राइज़्ड भी मिल सकता है. वो सर्प्राइज़्ड कविता थी.दोपेहर मे नीता ने बताया कि तुम्हारे साथ कविता भी गयी है.

अवी-आप हो कौन?

सी चाची-ये कैसा सवाल पूछ रहे हो

अवी-आप को इतना सब कैसे पता चल जाता है

सी चाची-पता लगाना पड़ता है

अवी-कैसे पता लगाया कि कविता भी लीना के साथ आने वाली है

सी चाची-ये तो कोई भी बता सकता था कि अगर तुम लीना की चुदाई करोगे तो कविता भी तुम्हारे साथ चुदाई करेगी.

अवी-वो तो है. दोनो हमेशा एक साथ रहती है.सही कहना मैं ने

सी चाची-हाँ,और वैसे भी मैं पूरे फॅमिली मे क्या चल रहा है उस पे नज़र रखती हू

अवी-फिर तो आपको पूजा बुआ और राकेश के बारे मे पहले से पता होगा

सी चाची-हाँ ,तुम्हारे बताने से पहले मैं जानती थी कि पूजा और राकेश मे कुछ चल रहा है

अवी-फिर तो आपको सब के बारे मे पता होगा

सी चाची-हाँ

अवी-सीमा चाची के बारे मे भी

सी चाची-हाँ,मुझे पता है कि सीमा दीदी ने किस करना कहाँ से सीखा है,शादी से पहले सीमा दीदी को एक लड़का पसंद था.

अवी-आपको तो मान ना पड़ेगा. पर आपको एक ऐसी बात पता नही जो सिर्फ़ मुझे पता है(ज्योति बुआ और चाचा के बारे मे)

सी चाची-ऐसी कोई बात नही है जो मुझे पता ना हो.

अवी-मैं जिस बारे मे बात कर रहा हू वो आपको पता नही है

सी चाची-पूरी तरह से पता नही है पर अंदाज़ा लगाकर पता लगा लिया है.(अगर वो सच हुआ तो ..,ये मैं सोच भी नही सकती)

अवी-आप झूठ बोल रही है वो बात आपको पता नही है

सी चाची-तो बता देना

अवी-वो बात मैं नही बताने वाला

सी चाची-मत बता ...वैसे भी एक ना एक दिन तू खुद मुझे बताने वाला है.मुझे तुम पर खुद से ज़्यादा भरोसा है.

अवी-ऐसा कोई दिन ही नही आएगा

सी चाची-आएगा वो दिन जल्दी आएगा.और मैं भी उसी दिन का इंतज़ार कर रही हू

अवी-आप बस इंतज़ार करती रह जाएगी.पर मैं नही बताने वाला(बताना होगा पर सही समय देख कर)

सी चाची-देखती हू कि कैसे नही बताते हो

अवी-वो बाद की बात है. क्या अब मैं सो सकता हू

सी चाची-हाँ सो जाओ..वैसे तुम्हारे बदन के दर्द को कम कर सकती हूँ अगर तुम चाहो तो

अवी-वो कैसे

सी चाची-मंगला काकी को बोल सकती हू तुम्हारी मालिश करे .

अवी-क्या काकी मान जाएगी

सी चाची-पिछली बार भी तो किया था.

अवी-ठीक है वैसे भी 10 दिन तो घर मे रहना है. इस बीच मालिश भी हो जाएगी

सी चाची-मैं कल ही मंगला काकी को बोल देती हू कि तुम्हारी भी मालिश कर दे .और हाँ मालिश के साथ कुछ और भी करना हो तो कर लेना

अवी-वो तो करूँगा ही

सी चाची-कर लेना ,चल अब सो जा

छोटी चाची अपने कमरे मे चली गयी.

क्या छोटी चाची को ज्योति बुआ और चाचा के बारे मे पता है. कैसे पता होगा चाची तो हॉस्पिटल मे थी.

क्या मैं चाची को बता दूं...अभी नही बता सकता.हमे जो खुशियो मिल रही है इस मे ये बताना ठीक नही रहेंगा.

अगर ज्योति बुआ गाँव आकर चाचा के साथ फिर से चुदाई की तो मैं चाची को बता दूँगा.हाँ ये ठीक रहेंगा.

क्या चाची ज्योति बुआ के आने का इंतज़ार कर रही थी ताकि मैं खुद चाची को बता दूं..हा ऐसा भी हो सकता है नही तो चाची मुझे कैसे भी करके पूछ लेती

चाची ने हॉस्पिटल मे बैठे बैठे रानी को बुला लिया था. क्या पता चाची को थोड़ा शक होगा.

मैं ऐसे ही सोचते हुए सो गया.

 
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