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मैं और मेरा परिवार

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393

चाची कमरे से बाहर चली गयी.

अवी-कही चाची को पता तो नही चल गया. चाची को कैसे पता चल सकता है. वो तो घर पर थी.

क्या मुझे चाची को बता देना चाहिए. नही एक बार काकी से बात करता हू .अगर काकी ने चाचा का पीछा छोड़ दिया तो मैं चाची को नही बताउन्गा.पर काकी ने मेरी बात नही मानी तो मैं चाची को बता दूँगा.

अगर अभी चाची को बता दिया तो ,खुशी के दिनो मे रोना सुरू हो जाएगा.

मुझे एक एक करके चाचा के सब अफेर के बारे मे पता करना होगा, क्या पता कहाँ कहाँ चाचा ने अकाउंट खोल रखा है.

मुझे एक एक करके चाचा के अकाउंट बंद करने होगे और फिर भी चाचा नही रुके तो चाची को बता दूँगा.

नेक्स्ट डे

मैं ने जो सोचा है उसे पूरा करने के लिए दोपेहर मे काकी के घर चला गया.

मंगला काकी दुकान बंद करके मेरा ही इंतज़ार कर रही थी.

मेरे आते ही मंगला ने अपने कपड़े निकाल दिए.और मुझे अपने कपड़े निकालने को कहने लगी.

अवी-काकी पहले मालिश करो फिर चुदाई करेंगे

मंगला काकी-मालिश तो करूँगी, मालिश करके तुम जोरदार चुदाई करना.

अवी-आज तो दोनो तरफ से चुदाई करूँगा. आज आपकी गंद भी मारूँगा.

मंगला काकी-मार ले, मुझे उसमे भी मज़ा आता है.

काकी ने मेरी मालिश करना सुरू किया.

अवी-काकी आपकी गंद चाचा भी मारते है

मंगला काकी-तेरे चाचा सिर्फ़ चूत मारते है,गंद तो सरपंच मारता है.

अवी-चाचा और सरपंच ने कभी एक साथ किया है.

मंगला काकी-हाँ, एक बार दोनो साथ मे आ गये. और एक साथ मेरी चुदाई की, उस्दीन बहोत मज़ा आया था.

अवी-आज मेरे साथ मज़ा लो

. चलो अब इसको चूसो और मज़ा करा.

मंगला काकी इसी के इंतज़ार मे थी.

मंगला काकी ने जो हमला किया वो देखने लायक था.बहोत तेज़ी से मेरे लंड को चूसने लगी

अवी-काकी आराम से,

मंगला काकी-तेरा लंड टेस्टी है.

अवी-खा मत जाना

काकी मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे की रंडी हो.उसकी चूत से तो पता चल रहा था कि वो रंडी है,

मैं ने ज़्यादा देर काकी को लंड चूसने नही दिया.और काकी को गद्दे पर लिटा दिया .काकी अपनी टाँगो को फैलाकर बेड पर लेट गयी.

मैं ने लंड पर कॉंडम लगाया और काकी चूत मे मैं ने अपना लंड डाल दिया .

काकी गलियाँ देते हुए मुझे धक्के मारने को कह रही थी.

मैं भी काकी की गलियाँ सुनकर जोरदार धक्के मारने लगा.

काकी का भोसड़े को मज़ा देना है तो ज़ोर दार चुदाई करनी थी. मैं ने वैसा ही किया और काकी की चूत से पानी निकाल दिया.

अवी-काकी कुत्ति बन जाओ, अब गंद मारूँगा.

काकी ने मेरे लंड पर तेल डाल दिया और कुत्ति बन गयी.

काकी की मोटी गंद मेरे सामने थी.

मैं ने काकी की गंद पर लंड रखा और 2 झटकों मे लंड पेल दिया.

काकी की गंद मे पहला झटका अच्छे से गया ,पर दूसरे झटके से काकी को थोड़ा दर्द हुआ.

फिर भी काकी ने मुझे धक्के मारने को कहा.

मैं काकी की गंद मारने मे कोई कंजूसी नही कर रहता.

मुझे मज़ा नही आ रहा था ,पर काकी पूरा मज़ा ले रही थी.

काकी को मज़ा देना ज़रूरी था.मेरा काम जो निकालना था.

काकी की गंद मारकर लाल कर दी. और आज काकी को खुश करने के लिए काकी के मूह मे अपना वीर्य डाल दिया.

काकी मेरा वीर्य पी कर खुश हो गयी.

 


394

काकी की गंद मारने के बाद मैं थोड़ी देर बिस्तर पर पड़ा रहा. फिर काकी के साथ बाते करने लगा.

अवी-काकी क्या आज भी मेरे चाचा आने वाले है

मंगला काकी-हाँ.आज भी आएगा तेरा चाचा.

अवी-(चाचा का कुछ तो करना पड़ेगा) काकी एक बात पुछु

मंगला काकी-हाँ पूछो

अवी- काकी तुम इतने लंड लेती हो .पर रति को लंड लेने से मना क्यू किया

मंगला काकी-मैं क्या तुम्हे रंडी दिखती हू जो अपनी बेटी को भी रंडी बना दूं..

अवी-काकी गुस्सा क्यू हो रही है. मैं तो ऐसे ही कह रहा था

मंगला काकी-मैं गुस्सा नही हो रही हू. मैं तो बस बता रही हू कि रति को मैं इस सब से दूर रखना चाहती हू.उसकी शादी हो जाए और वो अपने घर मे खुश रहे.

अवी-तो जल्दी से करा दो रति की शादी.

मंगला काकी-शादी के लिए पैसे चाहिए. और मेरे पास उतने पैसे नही है कि मैं अभी उसकी शादी करा सकूँ.

अवी-इसलिए आपने रति को हमारे घर काम करने को भेजा है

मंगला काकी-हाँ,काम करने से पैसे मिल जाएँगे और जल्दी से उसकी शादी करा दूँगी

अवी-रति ने भी मुझे यही कहा कि अगले साल वो शादी करेंगी और अपनी माँ को खुश रखेगी

मंगला काकी-रति ने ऐसा कहा

अवी-हां,वो आपको बहोत प्यार करती है

मंगला काकी-मुझे इतना प्यार करती है तो उसने ऐसा क्यू किया. रवि के साथ मैं ने उसको पकड़ा था

अवी-आपने नही पकड़ा रति को ,रति ने खुद आपको दिखाया

मंगला काकी-क्या?

अवी-हां,रति के पीछे गाँव के कुछ लड़के पड़े थे .रति को परेशान कर रहे थे .रति को बाहर जाने से डर लगता था इस लिए उसने रवि के साथ खुद को पकड़वा दिया. जिस से आप उसे घर से बाहर ना जाने दे(क्या करू काकी सच नही बता सकता.कि रति का रेप हुआ है)

मंगला काकी-तो उसे मुझे सीधे सीधे क्यू नही बताया

अवी-वो आपको परेशान नही करना चाहती थी.

मंगला काकी-रवि के साथ देख कर क्या मैं परेशान नही हुई

अवी-वो तो रवि को सिर्फ़ किस कर रही थी. जिससे आप ज़्यादा परेशान नही हुई.

मंगला काकी-हाँ,रति ने बताया था मुझे कि वो सिर्फ़...मैं ने रति को कितना ग़लत समझा.

अवी-आप खुद को दोष मत दो बस रति को पहले जैसा प्यार करना शुरू कर दीजिए.जिस से रति को अच्छा लगेगा.

मंगला काकी-मैं आज ही रति से बात करूँगी

अवी-मैं जो बताया है वो रति को मत बताना.नही तो रति मुझ पर गुस्सा होगी.

मंगला काकी-मैं तुम्हारी बात नही बताउन्गी.और उसको पहले जैसा प्यार करूँगी.और जल्दी ही उसकी शादी करा दूँगी.

अवी-वैसे काकी मैं रति की शादी करा सकता हू वो बिना पैसो के

मंगला काकी-बिना पैसो की शादी कैसे होगी

अवी-रति की शादी के लिए मैं पैसे दूँगा

मंगला काकी-तुम दोगे.तुम्हारे पास है इतने पैसे.

अवी-मैं दूँगा पैसे रति की शादी के लिए.

मंगला काकी-पर तुम क्यूँ दे रहे हो

अवी-मैं आपको पैसे दूँगा उसके बदले मे आपको चाचा के साथ चुदाई करना बंद करना होगा

मंगला काकी-अगर तुम रति की शादी के लिए पैसे दे रहे हो तो मैं तुम्हारे चाचा के साथ चुदाई करना बंद कर देती हू.

अवी-तो आप चाचा के साथ चुदाई नही करेंगी

मंगला काकी-तुम मेरी बेटी की शादी करने के लिए पैसे देने वाले हो तो मैं तुम्हारे चाचा क्या किसी के साथ भी चुदाई नही करूँगी. मुझे बस मेरी बेटी की खुशी चाहिए और कुछ नही.

अवी-वो आप मुझ पर छोड़ दीजिए मैं रति की शादी अच्छे घर मे करा दूँगा.

मंगला काकी-पर तुम्हारे चाचा इतने आसानी से मेरे साथ चुदाई करना बंद नही करेंगे.

अवी-उसकी टेन्षन आप मत लो आप बस चाचा को इतना कहना कि अवी को हमारी चुदाई के बारे मे मे पता चल गया है..

मंगला काकी-इसे तुम्हारे चाचा मान जाएँगे

अवी-चाचा को पता है कि मैं चाची को सब बात बताता हू .इस लिए वो मान जाएँगे

मंगला काकी-ठीक है. मैं आज ही तुम्हारे चाचा के साथ चुदाई करना बंद कर देती हू.

फिर मैं कपड़े पहन कर घर आ गया. मुझे पता था कि मैं ने जैसा कहा है काकी वैसा ही करेंगी.

कुछ पैसे दे कर चाचा काकी से दूर तो रहेंगे.बस अब मुझे ज्योति बुआ के बारे मे सोचना होगा.

 
395

काकी की चुदाई और काकी के साथ बाते करने के बाद मैं घर आ गया.

घर आकर मैं पहले बड़ी चाची के कमरे मे गया .बड़ी चाची और सीमा चाची सो रही थी.

फिर मैं ने रति को देखा वो रसोई घर मे काम कर रही थी.

मैं छोटी चाची के कमरे मे चला गया और गेट अंदर से बंद कर दिया.

चाची बेड पर आराम से सो रही थी. और अमित अपने झूले पर सो रहा था.

मैं ने अपनी टीशर्ट निकाल दी. और धीरे से चाची के उपर लेट गया.

मैं चाची के उपर लेट कर चाची को किस करने वाला था कि चाची ने मेरे सर को पकड़ लिया और मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए.

चाची और मैं एक दूसरे के होंठो को चूसने लगे. चाची और रानी के साथ किस करने मे अलग आनंद मिलता था.

हम थोड़ी देर एक दूसरे के होंठो को चूस्ते रहे फिर हम ने होंठो को आज़ाद कर दिया.

सी चाची-क्यू मज़ा आया

अवी-आप हमेशा मुझे शॉक्ड कर देती है. आपको कैसे पता कि मैं किस करने वाला हू

सी चाची-मैं ने थोड़ी देर पहले अपनी आँखे बंद की थी .अभी मुझे नींद आ रही थी कि तुम आ गये.

अवी-तो आपको पता था कि मैं क्या करने वाला हू.

सी चाची-दिख रहा था

अवी-लेकिन आपने मुझे किस क्यू किया

सी चाची-तेरे करने से पहले मैं ने कर दिया.

अवी-लेकिन मुझे आपको किस करना था. आपने क्यूँ किया

सी चाची-मैं ने किया और तूने किया एक ही तो बात है.

अवी-एक बात नही है. मुझे आपको किस करना था

सी चाची-ठीक है अब कर ले

अवी-कर लू किस

सी चाची-अब इतना पूछ क्यू रहा है. कर ले

अवी-मैं किस कर लू

सी चाची-हाँ कर ले

मैं चाची के उपर से उठ गया और साड़ी के साथ पेटिकोट उपर करने लगा. चाची ने मुझे रोका नही.

मैं ने चूत दिख जाए इतने उपर पेटिकोट और साड़ी को कर दिया.

और चाची की गुलाबी चूत पर किस किया और साड़ी को नीचे कर दिया.और चाची के उपर आ गया.

अवी-कैसा लगा किस

सी चाची-पहले जो किस किया था उस से ज़्यादा मज़ा आया इस किस मे

अवी-चाची आपको पता चल गया था कि मैं चूत पर किस करने वाला हू

सी चाची-हाँ,तू किस करना चाहता था और मेरे कहने पर भी तूने 2 बार फिर पूछ लिया तो मैं समझ गयी कि तू कहाँ किस करना चाहता है.

अवी-चाची आप अपना दिमाग़ मुझे दे दीजिए

सी चाची-दिमाग़ क्या मैं तो पूरी की पूरी तेरी हू जो चाहिए ले ले

अवी-तो फिर मुझे..

सी चाची-वो अभी नही...

अवी-फिर कब

सी चाची-दीदी को बताने के बाद

अवी-ठीक है,चाची आपको काकी की चुदाई सुनाऊ

सी चाची-हाँ जल्दी बता

अवी-मैं ने आज की काकी की चुदाई के बारे मे चाची को बता दिया.

सी चाची-मज़ा आया

अवी-मज़ा तो आया पर बहुत कम.

सी चाची-वो क्यू?

अवी-काकी तो एक नंबर की रांड़ है,रांड़ की चुदाई करने मे मज़ा कहाँ आता है.

सी चाची-वो तो है.तू कितना भारी हो गया है. मेरे बदन मे दर्द हो रहा है. चल उठ मेरे उपर से

अवी-नही उठुगा

सी चाची-मुझे दर्द हो रहा है.

अवी-एक शर्त पर उठुंगा

सी चाची-बोल अब क्या चाहिए

अवी-मुझे आज अपने हाथो से खाना खिलाना होगा

सी चाची-तुम एक नंबर का ईडियट है .ठीक है खिला दूँगी.

अवी-और हर एक नीवाले के साथ एक किस देना होगा

सी चाची-तू तो बड़ा स्मार्ट निकला. ठीक है मिलेंगी किस.

अवी-मैं चाची के उपर से अलग हो गया.

छोटी चाची उठ कर खड़ी हो गयी. और मेरे लिए खाना लेकर आ गयी.

चाची ने एक नीवाला मुझे खिलाया और मेरे गाल पर किस किया.

अवी-ये क्या चाची ,मैं ने गाल पर थोड़े ही कहा था

सी चाची-तूने तो सिर्फ़ किस कहा था तो मैं ने गाल पर दे दी

अवी-मुझे होंठो पर चाहिए

सी चाची-वहाँ नही मिलेंगी

अवी-ये तो चीटिंग है

सी चाची-तूने चीटिंग की तो मैं भी कर दी

अवी-मैं ने कब चीटिंग की

सी चाची-तूने मेरे होंठो पर किस करने की बजाय चूत पर किया उसका क्या

अवी-मैं समझ गया कि मैं खुद अपने पैरो पे कुल्हाड़ी मार दी. मुझे भूक लगी है जल्दी खिलाइए

छोटी चाची मुझे खाना खिलाने लगी और गाल पे किस करने लगी.

फिर आख़िरी नीवाले के समय चाची ने मेरे होंठो पर किस किया.

अवी-थॅंक यू चाची

सी चाची-ऑल्वेज़ वेलकम

फिर मैं अपने कमरे मे आ गया.

चाचा को तो काकी से अलग कर दिया है. अब ज्योति बुआ की बारी.पर चाचा ने ज्योति बुआ के बाद किसी और के साथ चुदाई करना शुरू किया हो तो. मुझे कुछ ऐसा सोचना होगा कि चाचा किसी और के साथ चुदाई करने से पहले दस बार सोचेंगे.

जब ज्योति बुआ गाँव आएगी तब देख लूँगा पहले मुझे कॉलेज के बारे मे सोचना होगा. कल से कॉलेज सुरू होने वाला है

 


395ए

चाची के साथ मस्ती करने के बाद मैं मंगला काकी के घर की तरफ चला गया.

अब तक चाचा ने मंगला काकी की आख़िरी चुदाई कर ली होगी.

और मंगला काकी ने चाचा से बात की होगी.

मंगला काकी अपनी दुकान मे बैठी थी.

मैं दुकान मे जाकर मंगला काकी के साथ बात करने लगा.

अवी-काकी क्या हुआ

मंगला काकी-होना क्या था, तुम्हारे चाचा को चुदाई करने से मना किया

अवी-चाचा ने क्या कहा

मंगला काकी-वो तो गुस्सा हो गये, और मुझे थप्पड़ मारा

अवी-चाचा ने ये बुरा किया. फिर क्या हुआ

मंगला काकी-मैं ने तुम्हारे चाचा को कहा कि "तुम ने मुझे कल पूछा था कि मेरे चाचा घर के अंदर क्या कर रहे थे"

अवी-फिर चाचा ने क्या कहा

मंगला काकी-तुम्हारे चाचा तुम्हारा नाम सुनकर थोड़े डर गये.फिर मैं ने तुम्हारे चाचा को समझा दिया

अवी-कैसे

मंगला काकी-मैं ने कहा कि मीना को अगर पता चला तो ये बात रति को पता चल जाएगी. हमे ये सब रोकना होगा.

अवी-चाची का नाम बता कर अच्छा किया

मंगला काकी-हाँ, मीना का नाम सुनकर तुम्हारे चाचा डर गये. और आज के बाद चुदाई करना बंद कर देते है ऐसा बोल कर जाने लगे

अवी-फिर

मंगला काकी-फिर मैं ने तुम्हारे चाचा को कहा कि आख़िरी बार कर लो,

अवी-तो आख़िरी बार चुदाई कर ली

मंगला काकी-हाँ

अवी-चलो ये अच्छा हुआ.

मंगला काकी-तुम्हारा काम मैं ने कर दिया अब तुम अपना वादा पूरा करो

अवी-जब रति की शादी करनी होगी तब मुझे बता देना मैं अपना वादा पूरा करूँगा

मंगला काकी-1 2 महीने मे रति की शादी कर दूँगी

अवी-रति 1 साल के बाद शादी करना चाहती है.

मंगला काकी-मैं उस से बात करती हू

अवी-जब होगी मैं अपना वादा पूरा करूँगा.

मंगला काकी-ठीक है.

मंगला काकी के साथ मिलने के बाद मैं घर चला गया.

घर पर चाचा मुझे घूर कर देख रहे थे, पर चाची के नॉर्मल रहने से चाचा थोड़े रिलॅक्स हो गये.

पर चाचा के साथ तो मेरा 36 का आकड़ा हो गया.

 


396

आज से कॉलेज फिर सुरू हो गये.मैं अपनी बॅग और बाइक लेकर कोमल के घर चला गया.

फिर कोमल को लेकर कॉलेज चला गया.

अवी-तुम जाओ क्लास मे मैं चला कॅंटीन मे

कोमल-मुझे भी कॅंटीन मे आना है

अवी-क्यू क्लास बंक करना तुमने भी शुरू कर दिया

कोमल-आज पहला दिन है ,तो आज कहाँ क्लास होगे. मैं तो रानी और आरती के साथ कॅंटीन मे बैठ कर दीवाली की बाते करने वाली हू

अवी-तो फिर चलो

मैं कोमल के साथ कॅंटीन मे आ गया.

रानी और आरती कॅंटीन मे बैठ कर कोमल का इंतज़ार कर रही थी.

कोमल और मैं उन दोनो के पास आ कर बैठ गये.

कोमल आरती के बाजू मे और मैं रानी के बाजू मे बैठ गया.

रानी-मेरी तरफ देखते हुए कैसी गयी दीवाली कोमल,

कोमल-अच्छी गयी.

रानी-सिर्फ़ अच्छी गयी.

कोमल-अच्छी का मतलब फुल 2 धमाल किया दीवाली मे.

आरती-मैने भी पूरी दीवाली मे खूब एंजाय किया.

अवी-रानी तुम ने क्या किया

रानी-मैं ने भी मज़े किए

कोमल-मुझ से तो कम ही किए होगे

आरती-तुम दोनो ने मुझसे कम एंजाय किया होगा.

रानी-मैं ने अपनी माँ के साथ नये ड्रेस लिए.

कोमल-वो तो मैने भी लिए. और अवी ने भी मुझे गिफ्ट मे नया ड्रेस दिया.

आरती-मुझे भी गिफ्ट मिले

रानी-मैं ने फाइयरवर्क के साथ मस्ती की और नये नये पकवान खाए

कोमल-वो तो हर कोई करता है

आरती-सही कहा.

रानी-मैं और मेरी माँ ने ये दीवाली ग़रीब बच्चों के साथ मनाई. उन बच्चों के साथ जिन्हे दीवाली मे खाने के लिए कुछ नही मिलता,शरीर पर फटे हुए कपड़े होते है उनके साथ दीवाली मनाई .उन ग़रीब बच्चों को हम ने नये ड्रेस के साथ अच्छा खाना खिलाया और ढेर सारी मस्ती की.

रानी की बात सुनकर कोमल और आरती ने अपनी हार मान ली

कोमल-तुम ने दीवाली एंजाय करने के साथ ,अच्छा काम भी किया.

आरती-तुम ने हम से ज़्यादा अच्छी दीवाली मनाई है.

अवी-मैं रानी की बात सुनकर खुश हो गया. मैं आज खुश था कि रानी मेरी गर्लफ्रेंड है.

कोमल-आज तुमको मेरी तरफ से नाश्ता मिलेंगा.

आरती-मेरी भी तरफ से

कोमल और आरती काउंटर पर नाश्ता लेने चली गयी.

अवी-तुम ने सब से अच्छी दीवाली मनाई है

रानी-अभी पूरी दीवाली हुई कहाँ है

अवी-क्या मतलब

रानी-तुम्हे गिफ्ट जो देना है,चलो जल्दी आँखे बंद करो नही तो कोमल आ जाएगी

अवी-करता हूँ

मैं ने आँखे बंद कर ली. रानी ने मेरे हाथ पर लगी हुई घड़ी निकाल दी और नयी घड़ी पहना दी.

रानी-अब आँखे खोलो

अवी-मैं ने आँखे खोली, और घड़ी को देखने लगा.घड़ी बहोत अच्छी थी. घड़ी पर ए और आर लिखा था.

रानी-कैसी लगी.

अवी-मैं ने घड़ी पर किस किया.

रानी-इसे ढूँढने मे मुझे 3 दिन लगे तब जाकर मुझे ये घड़ी मिली.तुम पसंद आई ना

अवी-तुम्हारी दी हुई हर चीज़ मुझे जान से ज़्यादा अच्छी लगती है..

रानी-मेरा गिफ्ट

अवी-(मैं तो कुछ लिया ही नही.) तुम्हारा गिफ्ट तुम्हारे सामने है. मुझे लगता है कि मुझसे अच्छा गिफ्ट तुम्हारे लिए कोई हो ही नही सकता.

रानी-ज़्यादा फ़िल्मे देखना बंद करो

अवी-मैं सच कह रहा हू. मैं तुमसे शादी करूँगा.अब बोलो और कोई गिफ्ट चाहिए

रानी-अब सारे गिफ्ट शादी के बाद लूँगी.

कोमल और आरती बीच मे तपाक पड़ी

कोमल-किस की शादी के लिए गिफ्ट लेने की बात हो रही है

अवी-(ये कोमल भी ना) मैं कह रहा था कि करीम की सिस्टर की शादी हो गयी और मैं ने अब तक उनके लिए गिफ्ट नही लिया.उसी की बात कर रहे थे

कोमल-तो खरीद कर दे दो.

अवी-कल ही करीम को गिफ्ट दूँगा.

आरती-जिस को देना है वो बाद मे देना पहले नाश्ता कर लो.नही तो ठंडा हो जाएगा.

फिर हम नाश्ता करने लगे

नाश्ता करने के बाद वो तीनो लाइब्रेरी चली गयी.और मैं पंकज और करीम को ढूँढने लगा.

 
397

मैं करीम और पंकज को ढूँढने लगा. दोनो को ढूँढते हुए पंकज की क्लास मे आ गया.

पंकज की क्लास मे बैठ कर सब बाते कर रहे थे मैं भी उनके पास चला गया.और पंकज की गर्लफ्रेंड के पास बैठ गया. पंकज की गर्लफ्रेंड अब मेरे और पंकज के बीच मे फँस गयी.करीम और करीम की गर्लफ्रेंड हमारी तरफ मूह करके बैठे थे.

अवी-तुम दोनो यहाँ हो मैं तुमको कब से ढूँढ रहा हू.

पंकज-क्या हुआ हमे क्यू ढूँढ रहे थे

अवी-10 दिन के बाद मिल रहे हो तो ढूँढना तो पड़ेगा.

पंकज-आगे सरक कर बैठ गया. तो बता क्या किया दीवाली मे

मैं अपना हाथ पंकज की गर्लफ्रेंड के पीछे ले गया और गंद पर घुमाने लगा. हम इतनी पास बैठे थे कि मेरा हाथ किसी को दिख नही रहा था.

पंकज की गर्लफ्रेंड ने एक बार मेरी तरफ देखा पर वो कुछ बोल नही सकती थी.

अवी-मेरी दीवाली तो ठंडी थी.तू बता क्या किया तूने

पंकज-मैने तो पूरे मज़े लिए है दीवाली मे

अवी-(साले के पास गर्लफ्रेंड ,माँ,और काकी है) किस के साथ मज़े किए

पंकज-गर्लफ्रेंड के साथ और किस के साथ करूँगा. तुम खुद पूछ लो.

मैं ने पंकज की गर्लफ्रेंड की गंद दबा दी.और साथ मे अपने पैरो से करीमकी गर्लफ्रेंड के पैरो से खेलने लगा.

करीम की गर्लफ्रेंड ने भी मुझे घूर के देखा पर अपने पैर वहाँ से हटाए नही.

अवी-क्या हर दिन पार्टी मना रहे थे

पंकज-हाँ,

अवी-जिसकी इतनी सेक्सी गर्लफ्रेंड हों वो तो हर दिन पार्टी मनाएगा.

पंकज-तू भी बना ले एक गर्लफ्रेंड .फिर तू भी करीम की तरह हमारे साथ पार्टी मे मज़ा करते जा.क्यू करीम

करीम-हाँ यार,अवी तू बना ले एक गर्लफ्रेंड

मैं ने एक बार पंकज की गर्लफ्रेंड और करीम की गर्लफ्रेंड की तरफ देखा .

अवी-मुझे गर्लफ्रेंड की ज़रूरत नही है.

पंकज-पता है क्यू नही चाहिए.

करीम-अनु जो है इसके पास

अवी-अनु ने तो नया बाय्फ्रेंड बना लिया है. अब हमने सेक्स करना बंद कर दिया है.

पंकज-तो फिर अब क्या करने वाला है

करीम-वही करेगा जो हर कोई करता है.अपने हाथ का इस्तेमाल करेगा.

अवी-पंकज की गर्लफ्रेंड की गंद दबाते हुए. अब तो वही करना पड़ेगा

पंकज की गर्लफ्रेंड के पसीने ने छूट रहे थे. पर वो चुप चाप बैठने के सिवा कुछ कर नही कर सकती थी.और उधर करीम की गर्लफ्रेंड मेरे पैरो के साथ खेलते हुए मज़े ले रही थी.वो नीचे मज़े ले रही थी और मेरे देखने से गुस्से से घूर्ने लगती.

पंकज-ज़्यादा हाथ का इस्तेमाल मत करना .

पंकज और करीम हँसने लगा.

पंकज की गर्लफ्रेंड और करीम की गर्लफ्रेंड दोनो चुप चॅप थी. एक डर की वजह से चुप थी और दूसरी मज़े और गुस्से की वजह से.

फिर मैं भी हँसने लगा. मैं उन दोनो पर हँसने लगा.

थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये.

पंकज की गर्लफ्रेंड अब बर्दास्त नही कर पा रही थी.

पंकज की गर्लफ्रेंड-तुम सब बाते करो मैं 10 मिनिट मे आती हू

पंकज-कहाँ जा रही हो

पंकज की गर्लफ्रेंड ने पंकज के कान मे कुछ कहा.

पंकज-अवी खड़ा हो जा.इसे जाने दे

मैं ने पंकज की गर्लफ्रेंड को जाने के लिए जगह दी. वो क्लास के बाहर चली गयी और साथ मे करीम की गर्लफ्रेंड को भी ले गयी.

हम थोड़ी देर इधर उधर की बाते करने लगे.

वो दोनो वापस आ गयी. पर इस बार पंकज की गर्लफ्रेंड हमारे पास बैठने की बजाय दूसरे बेंच पर बैठ गयी.

ऐसे ही हँसी मज़ाक मे कॉलेज ख़तम हो गया.

कॉलेज ख़तम होने के टाइम पर मैं और कोमल घर चले गये.

 


398

नेक्स्ट डे

मैं कोमल के साथ कॉलेज चला गया. कॉलेज मे आते ही कोमल क्लास मे और मैं कॅंटीन मे चला गया.

कॅंटीन मे पंकज और उसकी गर्लफ्रेंड बैठे कर बाते कर रहे थे.

मैं भी उनके पास जाकर उनके साथ बैठ गया.

पंकज की गर्लफ्रेंड मुझे गुस्साए से देख रही थी.पर मैं ने उसकी तरफ स्माइल कर दी और पंकज के साथ बाते करने लगा.

हम बाते कर रहे थे कि पंकज का मोबाइल बजने लगा.पंकज फोन पर बाते करने लगा. और मैं पंकज की गर्लफ्रेंड को देखने लगा.थोड़ी देर बाद पंकज ने कॉल कट कर दिया.

अवी-किस का कॉल था.

पंकज-मम्मी का फोन था .मुझे घर भुलाया है

अवी-किस लिए

पंकज-ऋतु दीदी आ रही ,तो मुझे घर बुलाया है

अवी-(ऋतु दीदी के आने की खबर सुनते ही मैं खुश हो गया.इस बार ऋतु दीदी की चूत का रस पी कर रहूँगा) ऋतु दीदी आ रही.

पंकज-हाँ, तुम दोनो बैठ कर बाते करो मैं घर जाकर आता हू

पंकज की गर्लफ्रेंड-मैं भी चलती हू तुम्हारे साथ

पंकज-तुम आ कर क्या करोगी.तुम यही रूको मैं 1 घंटे मे वापस आता हू.

इतना कह कर पंकज चला गया. पंकज के जाते ही वो भी खड़ी हो गयी.

अवी-तुम कहाँ जा रही हो,बैठो थोड़ी देर बाते करते है

प्गफ-मुझे तुमसे कोई बात नही करनी

अवी-मैं ने ऐसा क्या किया जो मुझसे बात भी नही करना चाहती हो

प्गफ-कल तुम ने मेरे साथ क्या किया था

अवी-तो उसके लिए तुम नाराज़ हो, मैं तो बस मज़ाक कर रहा था

प्गफ-तुम्हारा ये मज़ाक अगर पंकज देख लेता तो

अवी-ऐसे कैसे देख लेता. अगर देख लेता तो क्या होता .

प्गफ-पंकज तुम्हे कुछ नही कहता पर मेरा साथ तो छोड़ देता. और मैं पंकज को खोना नही चाहती.

अवी-ज़्यादा ड्रामा मत करो,मुझे पता है तुम पंकज को क्यू खोना नही चाहती हो. तुम पंकज से नही उसके पैसो से प्यार करती हो.

पंकज की गर्लफ्रेंड-पहले मैं ऐसा सोचती थी पर अब नही ,अब मैं पंकज से सच्चा प्यार करती हू.उस दिन तुम्हारे साथ सेक्स करने के बाद बहोत सोचा कि मैं ने क्या किया है. पंकज मुझसे प्यार करता है भले ही वो किसी और के साथ भी सेक्स करता हो पर वो मुझे जान से ज़्यादा प्यार करता है.मैं पंकज को धोका नही देना चाहती.

अवी-तो तुम सच मे पंकज से शादी करने वाली हो

प्गफ-हाँ,मैं ने पंकज के बारे मे अपने घर मे भी बताया है और पंकज ने भी अपने घर पे बताया है.

अवी-फिर मेरा क्या होगा

-प्लीज़ तुम मेरे साथ ऐसा वैसा करने के बारे मे मत सोचो. अगर पंकज को हमारे बारे में पता चला तो मैं ये सोच भी नही सकती कि उसके बाद पंकज क्या करेगा और पंकज के बिना मैं क्या करूँगी.

अवी-ठीक है .ज़्यादा ड्रामा मत करो. मैं तुमसे दूर रहूँगा.

-थॅंक्स

अवी-पर आख़िरी बार मेरे साथ सेक्स करना होगा.

-नही ,मैं पंकज के सिवा किसी के साथ नही करूँगी.

अवी-सोच लो ,अगर तुम ने मेरे साथ सेक्स नही किया तो मैं पंकज को वो पार्टी वाली बात बता दूँगा.

प्गफ-तुम ऐसा मत करो,तुम्हे ऐसा करके क्या मिलेगा.

अवी-मुझे तो कुछ नही मिलेगा पर तुम्हे भी पंकज नही मिलेगा.

वो सोच ने लगी कि उसे क्या करना चाहिए.

अवी-क्या सोचा तुमने

-मैं खुद पंकज को उस दिन की बात बता दूँगी. मुझे पूरा भरोसा है कि पंकज मुझे माफ़ कर देगा.लेकिन मैं पंकज के सिवा किसी और के साथ सेक्स नही करूँगी.

अवी-तो फिर बता दो,

उसने ने अपना मोबाइल निकाला और पंकज को कॉल करने लगी.

मैं ने उसका मोबाइल छीन लिया. और कॉल कट कर दिया.

अवी-ये क्या कर रही थी.

वो-तुम्हारे बताने से पहले मैं पंकज को सच बता रही थी.

अवी-मैं तो सिर्फ़ चेक कर रहा था कि तुम पंकज से प्यार करती हो कि नही.

प्गफ-मतलब तुम्हे मेरे साथ स...

अवी-मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने का मन तो है पर अब मैं ने अपना इरादा बदल दिया है. अब मैं सिर्फ़ तुम्हे भाभी की तरह छेड़ूँगा .

भाभी नाम सुनते ही वो शरमा गयी.

अवी-अब शरमाना बंद करो और एक कोल्ड ड्रिंक पिला दो

पंकज की गर्लफ्रेंड-रूको अभी लाती हू.

वो कोल्ड ड्रिंक लेने चली गयी.

अवी-ये बस कुछ दिन चलेगा. ये एक ना एक दिन मेरे पास ज़रूर आएगी. पंकज का सच जैसे जैसे उसे पता चलेगा वो मेरे पास आती जाएगी. मुझे भी उसे गले लगा कर नही रहना है ,बस कभी कभी थोड़ी मस्ती करूँगा .पर उसकी मर्ज़ी से ,तब तक करीम की गर्लफ्रेंड को देखता हू.

तब तक क्या करूँ,अरे हां,पंकज के घर की काकी...पंकज को उसका प्रॉमिस याद दिलाना होगा.(काकी के सिवा मैं पंकज से कुछ माँग भी नही सकता,पंकज की मम्मी और गर्लफ्रेंड को ग़लती से भी पंकज के सामने सेक्स नही कर सकता,ऋतु दीदी को तो मुझे खुद देखना होगा.)

पंकज की गर्लफ्रेंड के साथ थोड़ी देर बाते की फिर क्लास मे आ गया.

 


399

क्लास ख़तम हो जाने के बाद मैं फिर कॅंटीन मे चला. कॅंटीन मे मुझे फिर पंकज और उसकी गर्लफ्रेंड मिल गयी.

अवी-तू इतनी जल्दी घर जाकर वापस भी आ गया.

पंकज-घर पे सिर्फ़ एक छोटा सा काम था.वो करके सीधा इधर आ गया.

अवी-ऐसा कौन सा काम था जो इतनी जल्दी पूरा करके वापस आ गया

पंकज-कुछ नही वो ऋतु दीदी की एक चीज़ गुम गयी थी उसके बारे मे मुझे पूछने के लिए बुलाया था.

अवी-ऐसा क्या खो गया. जो ऋतु दीदी शाम तक रुक नही सकी.

पंकज-कैसे रुकती ,दीदी तो रात मे वापस जा रही है.

अवी-(लो एक और बार ऋतु दीदी हाथ से निकल गयी.)

पंकज-कहाँ खो गये

अवी-दीदी रात मे जाने वाली है

पंकज-हाँ

अवी-फिर वो वापस क्यू आई.

पंकज-अभी तो बताया कि ,दीदी घर पे कुछ भूल गयी थी उसे ले जाने आई थी. पर घर आ कर पता चला कि वो चीज़ खो गयी है.

अवी-क्या था वो

पंकज-दीदी का एक मेमोरी कार्ड गुम गया है

अवी-(तो अब पता चला ऋतु दीदी को. ये तो मेरे लिए अच्छा हुआ . मुझे अब ज़्यादा कोशिश नही करनी पड़ेगी) मेमोरी कार्ड ही गुम गया है. तो नया खरीद ले

पंकज-उस मेमोरी कार्ड मे दीदी के ज़रूरी डॉक्युमेंट थे.वो मेमोरी कार्ड मिलना ज़रूरी है. दीदी तो मेमोरी कार्ड की वजह से परेशान हो गयी है.

अवी-इतने ज़रूरी डॉक्युमेंट थे

पंकज-दीदी ने तो यही कहा कि वो डॉक्युमेंट उसके लिए इंपॉर्टेंट थे.

अवी-डॉक्युमेंट नये भी तो बना सकते है.

पंकज-मैं ने भी यही कहा था कि दीदी ने मेरे गाल पर थप्पड़ मार दिया.

अवी-फिर तो वो डॉक्युमेंट बहोत इंपॉर्टेंट होगे. जिस के लिए दीदी ने तुझे थप्पड़ मारा

पंकज-हाँ,यार पहली बार दीदी ने मुझे थप्पड़ मारा. और तो और दीदी बहोत ज़्यादा परेशान थी.

अवी-फिर तो ऋतु दीदी को मिलना होगा.

पंकज-तुझे क्यू मिलना है

अवी-दीदी को मिलकर उनकी परेशानी दूर कर दूँगा.

पंकज-वो कैसे

अवी-वो मैं दीदी को मिलकर बताउन्गा

पंकज-फिर तो तुम्हे सम्मर तक इंतज़ार करना होगा.

अवी-ठीक है,कर लूँगा.

प्गफ-तुम दोनो तो मुझे भूल गये हो. कब से मैं यहाँ बैठी हू और तुम दोनो मुझसे बात भी नही कर रहे हो

पंकज-सॉरी,मैं तो भूल ही गया था.

पंकज की गर्लफ्रेंड-आज बाते करना भूल गये .कही ऐसा ना हो एक दिन मुझे भूल जाओ

पंकज-तुम्हे कैसे भूल सकता हू.

प्गफ-भूलना भी मत नही तो

पंकज-नही तो क्या

पंकज की गर्लफ्रेंड-नही तो मैं तुम्हे फिर याद दिला दूँगी.

उस के थर्ड क्लास जोक पर हम सब हँसने लगे.

पंकज-तुम तो आज कल जोक मारना भी सीख गयी हो

गर्लफ्रेंड-ये सब तुम्हारे साथ रहने का नतीज़ा है.

पंकज-जोक देख कर मारा करो

गर्लफ्रेंड-क्यू?

पंकज-ज़्यादातर तुम्हारे जोक सर के उपर से जाते है पर एक आधा जोक सर को लग गया तो खून निकल सकता है. इस लिए जोक देख कर मारा करो

पंकज के थर्ड क्लास जोक पर मुझे फिर हँसना पड़ा.

थोड़ी देर हम ऐसे हसी मज़ाक करते रहे. फिर वो घर जाने के लिए बोल रही थी .पर मैं ने पंकज को जाने नही दिया. वो अपनी स्कूटी लेकर चली गयी . अब कॅंटीन मे मैं और पंकज बैठे थे.

 


400

कॅंटीन मे अब सिर्फ़ मैं और पंकज रह गये थे.

पंकज-तुमने मुझे रोका क्यू मुझे

अवी-तुझे एक बात याद दिलानी है.

पंकज-कौन सी बात

अवी-मुझे पता था कि तू भूल जाएगा इस लिए तुझे रोका है

पंकज-अब बोल भी दे कौन सी बात

अवी-मैं ने तेरा काम किया, मिसेज़ वर्मा को पटा कर तुझे कॉलेज मे वापस आने दिया. और तू मेरी बात भूल गया.

पंकज-मुझे याद है पर तूने तो कहा था कि तुझे अब कुछ नही चाहिए

अवी-मैं ने तो ऐसे ही कहा था. पर तुझे तो अपना प्रॉमिस पूरा करना चाहिए था ना

पंकज-मुझे पता था कि तू एक नंबर का कमीना है.

अवी-वो तो मैं हू

पंकज-मैं ने तेरे लिए तेरा इनाम तय्यार रखा है

अवी-तो कब दे रहा है.

पंकज-20 दिसंबर को मेरा बर्तडे है तब मैं तुझे तेरा इनाम दे दूँगा

अवी-उस्दिन तो तेरे घर पे मेहमान होगे

पंकज-तू मेरे बर्तडे के दिन रात को मेरे घर रुक जा.मैं रात मे तेरा इनाम तुझे दे दूँगा.

अवी-ठीक है. पर तुझे पता तो है कि मुझे क्या चाहिए

पंकज-हाँ पता है.

अवी-देख फिर गड़बड़ या नाटक मत करना

पंकज-नही करूँगा.तू आराम से एंजाय करना

अवी-मैं आराम से नही पूरे जोश के साथ एंजाय करूँगा.

पंकज-जैसा करना है वैसा कर लेना

अवी-पंकज मुझे एक बात बता

पंकज-क्या?

अवी-तूने आंटी को पटाया कैसे

पंकज-किस आंटी की बात कर रहा है

अवी-तेरी मम्मी की बात कर रहा हू

पंकज-जैसे मैं ने एक मिनिट मे गर्लफ्रेंड पटा ली वैसे ही मम्मी को पटा लिया जी

अवी-तेरी मम्मी इतनी जल्दी मान गयी.

पंकज-मैं हू ही ऐसा कि कोई मुझे मना नही कर सकती

अवी-तुझे बुरा नही लगा

पंकज-इसमे बुरा लगाने की कौन सी बात है.मम्मी के पास प्यासी चूत है. और मैं ने बस उनकी प्यास बुझाई है.

फिर हम ने थोड़ी देर इधर उधर की बाते की.

अवी-चल अब मैं चलता हू

पंकज-रुक तुझसे एक बात पूछनी है

अवी-बोल

पंकज-तूने अनु को छोड़ दिया

अवी-हाँ

पंकज-तो क्या अब मैं अनु के साथ चुदाई कर सकता हू

अवी-ऐसा सोचना भी मत

पंकज-क्यू,तूने तो मज़े ले लिए क्या अब मैं नही ले सकता

अवी-अनु ने नया बाय्फ्रेंड बनाया है.वो उसके साथ खुश है. इस लिए मैं ने अनु को छोड़ दिया है.तू भी अनु का ख़याल अपने दिमाग़ से निकाल दे.

पंकज-अनु चीज़ ही ऐसी है कि उसके बारे मे सोचना बंद नही कर सकता

अवी-अबे तेरे पास इतनी अच्छी गर्लफ्रेंड है. उसके साथ एंजाय कर.अनु के पीछे मत पड़ वो अब इन सब चीज़ो से कही दूर जा चुकी है

पंकज-फिर भी

अवी-अबे तेरे पास इतना प्यार करने वाली गर्लफ्रेंड है ,तू क्या अपनी गर्लफ्रेंड को खोना चाहता है. तुझे तो पता है अनु और तेरी गर्लफ्रेंड बेस्ट फ्रेंड है. अगर अनु ने तेरी गर्लफ्रेंड को बता दिया तो तेरी गर्लफ्रेंड तुझे छोड़ देगी.और वैसे भी तेरे पास गर्लफ्रेंड के साथ साथ घर पर मम्मी और काकी भी है. तो मेरी बात मान अनु का ख़याल अपने दिमाग़ से निकाल दे या फिर अपनी गर्लफ्रेंड को भूल जा

पंकज-मैं अपनी गर्लफ्रेंड को खोना नही चाहता.

अवी-तो फिर अनु को भूल जा

पंकज-यार अनु भूलने की चीज़ नही है पर मैं अपनी गर्लफ्रेंड को खोना नही चाहता. तू सही कह रहा है मुझे अनु को भूलना चाहिए.

अवी-ये हुई ना बात

पंकज-चल अब मैं चलता हू,तेरा इनाम बर्तडे वाले दिन मिल जाएगा.

पंकज अपने घर चला गया और मैं कोमल के साथ अपने गाँव चला गया.

 


400 ए

पंकज का इन्विटेशन तो मिल गया. अब इंतज़ार है पंकज की बर्थडे पार्टी का

जब तक पंकज की पार्टी का दिन नही आता तब तक मैं ने क्लास अटेंड करना सुरू किया.

क्लास अटेंड करने के बाद प्रॅक्टिकल क्लास के सुरू होने से पहले मैं कॅंटीन मे आ गया.

कॅंटीन मे करीम अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बैठा था. मैं करीम के पास जाकर बैठ गया.

अवी-आज कॅंटीन मे क्या कर रहा है.

करीम-तेरा ही इंतज़ार कर रहा था.

अवी-मेरा इंतज़ार कर रहे थे. किस लिए

करीम-मेरी बाइक खराब हो गयी है .

अवी-गरेज मे ले जा

करीम-वो तो ले जाउन्गा पर मेरी गर्लफ्रेंड को घर जाना है .उसे कैसे कहूँ कि बस से चली जा

अवी-मेरी बाइक ले जा

करीम-तेरी बाइक ले गया तो मेरी बाइक का क्या होगा

अवी-उसे गेराज मे ले जाना

करीम-मेरी गर्लफ्रेंड को अभी जाना है.

अवी-तो पहले उसे घर छोड़ दे फिर बाइक ठीक करना

करीम-उसे छोड़ने गया तो 1 1.30 घंटा लग जाएगा और मुझे घर भी जल्दी जाना ,हीना बाजी आ रही है.

अवी-फिर तो तेरा कुछ नही हो सकता

करीम-एक काम कर ,तू मेरी गर्लफ्रेंड को छोड़ दे .मैं अपनी बाइक गेराज ले जाता हू.

अवी-तेरी गर्लफ्रेंड मेरे साथ नही आएगी

करीम-वो मैं देख लूँगा.

अवी-ठीक है, बुला उसे .मैं छोड़ देता हू

करीम ने अपनी गर्लफ्रेंड को मना लिया. मैं उसे को बाइक पर बैठा कर छोड़ने चला गया.

मैं ने बाइक उसके घर के तरफ ले जाने की बजाय अपने घर2 की तरफ ले गया.

केगर्लफ्रेंड-ये कहाँ ले जा रहे हो

अवी-तुम्हारे घर जा रहे है

करीम की गर्लफ्रेंड-ये मेरे घर का रास्ता नही है

अवी-मुझे पता है की ये तुम्हारे घर का रास्ता नही है

-फिर इधर क्यू ले जा रहे हो

अवी-तुम्हारे साथ मस्ती करने के लिए अपने घर2 ले जा रहा हू

-मुझे कोई तुम्हारे साथ मस्ती नही करनी है.मुझे घर छोड़ दो

अवी-छोड़ दूँगा .पर मस्ती करने के बाद

-मैं करीम को बता दूँगी कि तुम क्या करने वाले हो

अवी-मैं भी बता दूँगा कि तुमने मेरे साथ पंकज के घर क्या किया था

-तुम करीम को वो सब मत बताना

अवी-तो फिर मेरे साथ मस्ती करो

-तुम अपने फ्रेंड को धोका दोगे

अवी-मैं उसे धोका नही तुम्हे मज़ा दे रहा हू.मुझे पता है तुम्हे मेरे साथ चुदाई करने मे मज़ा आया था और तुम्हे फिर से वो मज़ा चाहिए.और तुमने कहा था कि तुम मुझे पसंद करती हो पर करीम ने तुम्हे प्रपोज़ कर लिया.

-मज़ा तो आया था पर मैं तुम्हारे साथ नही कर सकती.पिछली बार जो हुआ उस से तो तुम यही चाहते थे कि मैं सिर्फ़ करीम की बन के रहूं

मैं ने उस का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया.

अवी-अब कहो मज़ा नही करना

-अगर करीम को पता चल गया तो

अवी-करीम को ना मैं बताने वाला हू और ना तुम बताओगी .

-लेकिन

अवी-देखो मैं जानता हू कि तुम्हे मेरे साथ करना है, उस्दिन पंकज के घर मे मेरे साथ करने के बाद तुम्हे करीम के साथ करने मे ज़्यादा मज़ा नही आया होगा.

-तुम कह तो सही रहे हो, मुझे करीम के साथ मज़ा नही आता,पर उसे छोड़ नही सकती ,मैं और करीम बहोत आगे जा चुके है.

अवी-(मुझे ये बात करीम ने बताई है, कि तुम करीम के साथ पहले की तरह मज़ा नही करती,करीम इस बात से बहोत अपसेट है, करीम और तुम फिर पहले की तरह एंजाय करो ,प्यार करो यही तुम दोनो के लिए ठीक होगा.) देखो ,करीम तुम्हारे साथ शादी करना चाहता है, और तुम भी.

लेकिन उस के साथ तुम्हारे दिल और दिमाग़ मे मैं भी हू

-हाँ, मैं करीम के साथ करते हुए तुम्हारे बारे मे सोचती हू

अवी-ऐसा करने से तुम दोनो को मज़ा नही आता,

-मैं क्या करू जब भी करीम के साथ करती हू तो तुम्हारे बारे मे सोचने लगती हू.

अवी-ऐसे तो करीम को एक दिन पता चल जाएगा.

-इसी की वजह से मैं ने करीम के साथ पंकज के घर जाना थोड़ा कम कर दिया है.

अवी-इस से भी बढ़िया उपाय है मेरे पास

-क्या?

अवी-मैं तुम्हारे साथ बीच बीच मे चुदाई करता जाउन्गा.जिस से तुम खुश रहोगी और करीम भी खुश रहेंगा

-लेकिन पिछली बार

अवी-उसे जाने दो, मैं बीच बीच मे तुम्हारे साथ चुदाई करूँगा ,पर तुम्हे करीम के साथ पहले की तरह प्यार करना होगा.

-तुम मिल गये और करीम भी इस से ज़्यादा मुझे क्या चाहिए ,

अवी-तो चले मेरे घर2

-चलो, पर मुझे जल्दी घर जाना है

अवी-मैं जल्दी कर लूँगा

-ठीक है पर पीछे से मत करना

अवी-नही करूँगा.

-चलो जल्दी.

अवी-क्यू चूत से पानी निकल रहा है

-इतना बड़ा लंड जिस के हाथ मे होगा उसकी चूत से पानी तो निकल ही जाएगा.

मैं उसको को लेकर घर2 आ गया.

 
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