S
StoryPublisher
Guest
393
चाची कमरे से बाहर चली गयी.
अवी-कही चाची को पता तो नही चल गया. चाची को कैसे पता चल सकता है. वो तो घर पर थी.
क्या मुझे चाची को बता देना चाहिए. नही एक बार काकी से बात करता हू .अगर काकी ने चाचा का पीछा छोड़ दिया तो मैं चाची को नही बताउन्गा.पर काकी ने मेरी बात नही मानी तो मैं चाची को बता दूँगा.
अगर अभी चाची को बता दिया तो ,खुशी के दिनो मे रोना सुरू हो जाएगा.
मुझे एक एक करके चाचा के सब अफेर के बारे मे पता करना होगा, क्या पता कहाँ कहाँ चाचा ने अकाउंट खोल रखा है.
मुझे एक एक करके चाचा के अकाउंट बंद करने होगे और फिर भी चाचा नही रुके तो चाची को बता दूँगा.
नेक्स्ट डे
मैं ने जो सोचा है उसे पूरा करने के लिए दोपेहर मे काकी के घर चला गया.
मंगला काकी दुकान बंद करके मेरा ही इंतज़ार कर रही थी.
मेरे आते ही मंगला ने अपने कपड़े निकाल दिए.और मुझे अपने कपड़े निकालने को कहने लगी.
अवी-काकी पहले मालिश करो फिर चुदाई करेंगे
मंगला काकी-मालिश तो करूँगी, मालिश करके तुम जोरदार चुदाई करना.
अवी-आज तो दोनो तरफ से चुदाई करूँगा. आज आपकी गंद भी मारूँगा.
मंगला काकी-मार ले, मुझे उसमे भी मज़ा आता है.
काकी ने मेरी मालिश करना सुरू किया.
अवी-काकी आपकी गंद चाचा भी मारते है
मंगला काकी-तेरे चाचा सिर्फ़ चूत मारते है,गंद तो सरपंच मारता है.
अवी-चाचा और सरपंच ने कभी एक साथ किया है.
मंगला काकी-हाँ, एक बार दोनो साथ मे आ गये. और एक साथ मेरी चुदाई की, उस्दीन बहोत मज़ा आया था.
अवी-आज मेरे साथ मज़ा लो
. चलो अब इसको चूसो और मज़ा करा.
मंगला काकी इसी के इंतज़ार मे थी.
मंगला काकी ने जो हमला किया वो देखने लायक था.बहोत तेज़ी से मेरे लंड को चूसने लगी
अवी-काकी आराम से,
मंगला काकी-तेरा लंड टेस्टी है.
अवी-खा मत जाना
काकी मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे की रंडी हो.उसकी चूत से तो पता चल रहा था कि वो रंडी है,
मैं ने ज़्यादा देर काकी को लंड चूसने नही दिया.और काकी को गद्दे पर लिटा दिया .काकी अपनी टाँगो को फैलाकर बेड पर लेट गयी.
मैं ने लंड पर कॉंडम लगाया और काकी चूत मे मैं ने अपना लंड डाल दिया .
काकी गलियाँ देते हुए मुझे धक्के मारने को कह रही थी.
मैं भी काकी की गलियाँ सुनकर जोरदार धक्के मारने लगा.
काकी का भोसड़े को मज़ा देना है तो ज़ोर दार चुदाई करनी थी. मैं ने वैसा ही किया और काकी की चूत से पानी निकाल दिया.
अवी-काकी कुत्ति बन जाओ, अब गंद मारूँगा.
काकी ने मेरे लंड पर तेल डाल दिया और कुत्ति बन गयी.
काकी की मोटी गंद मेरे सामने थी.
मैं ने काकी की गंद पर लंड रखा और 2 झटकों मे लंड पेल दिया.
काकी की गंद मे पहला झटका अच्छे से गया ,पर दूसरे झटके से काकी को थोड़ा दर्द हुआ.
फिर भी काकी ने मुझे धक्के मारने को कहा.
मैं काकी की गंद मारने मे कोई कंजूसी नही कर रहता.
मुझे मज़ा नही आ रहा था ,पर काकी पूरा मज़ा ले रही थी.
काकी को मज़ा देना ज़रूरी था.मेरा काम जो निकालना था.
काकी की गंद मारकर लाल कर दी. और आज काकी को खुश करने के लिए काकी के मूह मे अपना वीर्य डाल दिया.
काकी मेरा वीर्य पी कर खुश हो गयी.
चाची कमरे से बाहर चली गयी.
अवी-कही चाची को पता तो नही चल गया. चाची को कैसे पता चल सकता है. वो तो घर पर थी.
क्या मुझे चाची को बता देना चाहिए. नही एक बार काकी से बात करता हू .अगर काकी ने चाचा का पीछा छोड़ दिया तो मैं चाची को नही बताउन्गा.पर काकी ने मेरी बात नही मानी तो मैं चाची को बता दूँगा.
अगर अभी चाची को बता दिया तो ,खुशी के दिनो मे रोना सुरू हो जाएगा.
मुझे एक एक करके चाचा के सब अफेर के बारे मे पता करना होगा, क्या पता कहाँ कहाँ चाचा ने अकाउंट खोल रखा है.
मुझे एक एक करके चाचा के अकाउंट बंद करने होगे और फिर भी चाचा नही रुके तो चाची को बता दूँगा.
नेक्स्ट डे
मैं ने जो सोचा है उसे पूरा करने के लिए दोपेहर मे काकी के घर चला गया.
मंगला काकी दुकान बंद करके मेरा ही इंतज़ार कर रही थी.
मेरे आते ही मंगला ने अपने कपड़े निकाल दिए.और मुझे अपने कपड़े निकालने को कहने लगी.
अवी-काकी पहले मालिश करो फिर चुदाई करेंगे
मंगला काकी-मालिश तो करूँगी, मालिश करके तुम जोरदार चुदाई करना.
अवी-आज तो दोनो तरफ से चुदाई करूँगा. आज आपकी गंद भी मारूँगा.
मंगला काकी-मार ले, मुझे उसमे भी मज़ा आता है.
काकी ने मेरी मालिश करना सुरू किया.
अवी-काकी आपकी गंद चाचा भी मारते है
मंगला काकी-तेरे चाचा सिर्फ़ चूत मारते है,गंद तो सरपंच मारता है.
अवी-चाचा और सरपंच ने कभी एक साथ किया है.
मंगला काकी-हाँ, एक बार दोनो साथ मे आ गये. और एक साथ मेरी चुदाई की, उस्दीन बहोत मज़ा आया था.
अवी-आज मेरे साथ मज़ा लो
. चलो अब इसको चूसो और मज़ा करा.
मंगला काकी इसी के इंतज़ार मे थी.
मंगला काकी ने जो हमला किया वो देखने लायक था.बहोत तेज़ी से मेरे लंड को चूसने लगी
अवी-काकी आराम से,
मंगला काकी-तेरा लंड टेस्टी है.
अवी-खा मत जाना
काकी मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे की रंडी हो.उसकी चूत से तो पता चल रहा था कि वो रंडी है,
मैं ने ज़्यादा देर काकी को लंड चूसने नही दिया.और काकी को गद्दे पर लिटा दिया .काकी अपनी टाँगो को फैलाकर बेड पर लेट गयी.
मैं ने लंड पर कॉंडम लगाया और काकी चूत मे मैं ने अपना लंड डाल दिया .
काकी गलियाँ देते हुए मुझे धक्के मारने को कह रही थी.
मैं भी काकी की गलियाँ सुनकर जोरदार धक्के मारने लगा.
काकी का भोसड़े को मज़ा देना है तो ज़ोर दार चुदाई करनी थी. मैं ने वैसा ही किया और काकी की चूत से पानी निकाल दिया.
अवी-काकी कुत्ति बन जाओ, अब गंद मारूँगा.
काकी ने मेरे लंड पर तेल डाल दिया और कुत्ति बन गयी.
काकी की मोटी गंद मेरे सामने थी.
मैं ने काकी की गंद पर लंड रखा और 2 झटकों मे लंड पेल दिया.
काकी की गंद मे पहला झटका अच्छे से गया ,पर दूसरे झटके से काकी को थोड़ा दर्द हुआ.
फिर भी काकी ने मुझे धक्के मारने को कहा.
मैं काकी की गंद मारने मे कोई कंजूसी नही कर रहता.
मुझे मज़ा नही आ रहा था ,पर काकी पूरा मज़ा ले रही थी.
काकी को मज़ा देना ज़रूरी था.मेरा काम जो निकालना था.
काकी की गंद मारकर लाल कर दी. और आज काकी को खुश करने के लिए काकी के मूह मे अपना वीर्य डाल दिया.
काकी मेरा वीर्य पी कर खुश हो गयी.