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फिर मैं ने अपने कपड़े पहन लिए. और ठकुराइन का बाथरूम से बाहर आने का इंतज़ार करने लगा.
ठकुराइन तो थोड़ा समय लग रहा था .पता नही अंदर क्या कर रही थी.
मैं ना बैठ सकता था बस खड़ा रह कर ठकुराइन का इंतज़ार करने लगा.
थोड़ी देर बाद ठकुराइन ने बाथरूम का गेट खोल कर मुझे अंदर बुलाया
ठकुराइन-ये क्या तुम ने कपड़े क्यूँ पहने
अवी-काम हो गया तो पहन लिए
ठकुराइन-जब मैं कहूँगी तब तक तुम हवेली से बाहर नही जा सकते हो
क्या समझे
अवी-जी समझ गया.
ठकुराइन-समझ गये हो तो कपड़े निकाल कर बाथरूम मे आकर मुझे नहला दो
अवी-(क्या मुसीबत है)जी अभी आया.
मैं ने कपड़े निकाल लिए और बाथरूम मे चला गया.
ठकुराइन ने अपने पेटिकोट को उपर बूब्स के पास बाँध दिया था.
ठकुराइन-ये तुम्हारा लंड इतना लाल कैसे हो गया.
अवी-आपकी चुदाई करने से
ठकुराइन-ये तो कुछ ज़्यादा ही कमजोर दिख रहा है.
अवी-थोडा सा,पर कल तक ठीक हो जाएगा.
ठकुराइन-जाने दो फिर ,तुम बेडरूम मे जाओ बाकी चुदाई फिर कभी कर लेंगे.
अवी-(ठकुराइन की बात सुनकर दिल को सुकून मिला) जी
पता नही ठकुराइन बाथरूम मे मुझसे क्या करवाती.
अच्छा हुआ मेरे लंड ने मुझे बचा लिया
मैं बेडरूम मे आकर फिर से क्रीम को लंड पर लगा लिया और क्रीम को अपने पास रख लिया. और कपड़े पहन कर ठकुराइन का इंतजार करने लगा.
ठकुराइन पहले बाथरूम से टवल मे बाहर आ गई और फिर नये कपड़े लेकर फिर बाथरूम मे चली गई.
ठकुराइन कपड़े पहन के आ गई .
ठाकूरीन-अपना लंड दिखाओ मुझे
मैं ने फिर से लंड बाहर निकाला
ठकुराइन-बेड पर लेट जाओ
मैं बेड पर लेट गया.
और ठकुराइन कुछ ढूँढने लगी.
ठकुराइन-वो क्रीम कहाँ गई.
अवी-मेरे पास है.
ठकुराइन ने क्रीम ली और मेरे लंड पे क्रीम लगाने लगी. बड़े प्यार से क्रीम लगा रही थी.
ठकुराइन-इस तरह करने की क्या ज़रूरत थी. दर्द हो रहा है
अवी-(नही ) थोड़ा सा
ठकुराइन-ये क्रीम लगा लेना 24 घंटे मे पहले जैसा हो जाएगा. और आराम करना ,
अवी-जी
ठकुराइन-और ठकुराइन ने बड़े प्यार से मेरे सर पे किस किया.
ठकुराइन का ये नया रूप देख कर मैं उनको समझ नही पाया.
ठकुराइन-थोड़ी देर कपड़े मत पहनना
अवी-जी
और ठकुराइन मेरे पास बैठ गई .और लंड का ख़याल रखने लगी.
ठकुराइन का एक हाथ लंड पर और दूसरा हाथ मेरे सर पे घुमा रही थी.
ठकुराइन के ऐसा करने से मुझे नींद आ रही थी.
मेरी आँखे लग गई. और ठकुराइन वैसे ही मेरे लंड को क्रीम की मालिश देने लगी.
थोड़ी देर बाद किसी ने गेट नॉक किया.
ठकुराइन-कौन है
नौकरानी- मालकिन ,ठाकुर जी आ गये .आप को नीचे याद कर रहे है.
ठकुराइन-ठीक है, उनसे कहो 10 मिनट मे आ रहे है
नौकरानी चली गई
ठकुराइन- अवी सुनो
अवी-जी ठकुराइन
ठकुराइन-नीचे कोई पूछेंगा कि तुम यहाँ क्या कर रहे तो क्या खाओगे
अवी-मैं क्या कहूँगा.
ठकुराइन-(ये भी मुझे बताना होगा.) कहना कि रणजीतसिंघ से मिलने आए थे.और इस के सिवा एक वर्ड ज़्यादा बोला तो मुझ से बुरा कोई नही होगा
अवी-समझ गया.(ठाकूरीन का सच बता दूं,नही बता सकता, मेरे पास प्रूफ नही है.)
ठकुराइन-10 मिनट है हमारे पास, तुम खुद को ठीक करो फिर हम नीचे जाएँगे.
मैं फ्रेश हो गया और ठकुराइन के साथ नीचे हॉल मे आ गया.
हॉल मे रणजीतसिंघ अपनी बीवी कामिनी, ठाकुरजी, कुवरसिंघ अपनी बीवी रेशमा और ठाकुर की बेटी पायल बैठे थे
हम भी उनके पास जाकर बैठ गये.
मुझे हवेली मे देख कर सब शॉक्ड हो गये.
ठाकुरजी-अवी तुम कब आए
मैं बोलने वाला था कि ठकुराइन बोल पड़ी
ठकुराइन-अबी 10 15 मिनट पहले आया है.
ठाकुरजी-कुछ काम से आए हो
अवी-जी
ठकुराइन-रणजीतसिंघ को मिलने आया था.
रणजीतसिंघ-मुझ से मिलने, एक कॉल कर देते
अवी-ठकुराइन की तरफ देखते हुए ,मेरा मोबाइल खराब हो गया है.
रणजीतसिंघ-कोई बात नही चलो मेरे रूम मे चल कर बात करते है.
रणजीतसिंघ और कामिनी मुझे अपने रूम मे ले गये.
रणजीतसिंघ-अब बोलो क्या काम था जिस के लिए हवेली आना पड़ा.
अवी-कुछ खास काम नही था बस ऐसे ही हवेली घूमने आ गया.
रणजीतसिंघ की बीवी हमारे पास बैठी थी.
कामिनी-क्या रंजीत डार्लिंग,अपने दोस्त से मुझे नही मिलवाओगे
रणजीतसिंघ-रणजीतसिंघ का दोस्त है, ऐसा वैसा थोड़े ही होगा.
कामिनी-कुछ भी कहो, अवी काम का आदमी है, बैठे बैठे मुझे ठकुराइन बना दिया.
अवी-आप कहो तो सच मे बना सकता हूँ.
कामिनी -खुद पे इतना यकीन है.
अवी-आज़माके देख सकती हो,
रणजीतसिंघ-कामिनी,अवी को मैं एक बार आज़माके देख चुका हूँ, और इस ने मुश्किल काम ,जो मैं भी नही कर पाया इस ने 2 मिनट मे कर दिया ,
कामिनी-फिर बना दो मुझे ठकुराइन.
अवी-1 महीने मे आप गाओं की ठकुराइन होगी.
रणजीतसिंघ मेरी बात सुनकर मुस्कुराने लगा.
कामिनी-रंजात डार्लिंग ने इतने सालो मे नही किया और तुम 1 महीने मे करने का प्रॉमिस कर रहे हो.
अवी-अपना तो यही स्टाइल है.
कामिनी-चलो ठीक है अगर तुम ने मुझे ठकुराइन बना दिया तो मैं तुम्हारी गुलाम बन जाउन्गी.
रणजीतसिंघ-क्या डार्लिंग ,फिर मेरा क्या होगा.
कामिनी-फिर आप बना दो मुझे ठकुराइन
रणजीतसिंघ-वो सब जाने दो पहले अवी के लिए कुछ नाश्ते का इंतज़ाम करो
कामिनी-पहले बात तो पूरी होने दो
रणजीतसिंघ-कैसी बात
कामिनी-मुझे ठकुराइन बनाने की.
रणजीतसिंघ-तुम पागल हो, अवी तुम्हारे साथ मज़ाक कर रहा था.और तुम ने सच मान लिया.
रणजीतसिंघ और मैं हँसने लगे.
कामिनी का चेहरे पे गुस्सा दिख रहा था.
अवी-सॉरी भाभिजी.
कामिनी-तुम्हें तो मैं
रणजीतसिंघ-मैं ने अवी को ऐसा करने को कहा था
कामिनी-आपने, आज रात बाहर सोना पड़ेगा आपको ,यही सज़ा है मेरा मज़ाक उड़ाने की
और कामिनी बेड पर जाकर अपना चेहरा पिल्लो मे छुपा कर अपना गुस्सा हमे दिखा रही थी.