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मैं और मेरा परिवार

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550

रज़िया की चूत और गंद मारने के बाद मैं बाथरूम मे चला गया.

लंड को साफ करने के बाद रुकसाना की ब्लंकेट मे लेट गया.

मैं रुकसाना के बाजू मे लेटा था .मैं ने धीरे से रुकसाना का हाथ उठा कर अपने उपर रख दिया.

रुकसाना का हाथ मेरे उपर आते ही रुकसाना मेरे और पास आ गयी. और साथ मे एक पैर मेरे उपर डाल दिया.

ऐसा करने से उसकी चूत खुल गयी, और मैं करवट लेकर लेटा हुआ था जिस से मेरा लंड रुकसाना की चूत पर टच होने लगा.

रुकसाना सो रही थी, उसे नींद से जगाने के लिए मैं ने उसका नाक दबा कर रखा.

सास रुकने से रुकसाना ने हड़बड़ा कर अपनी आँखे खोल ली. रुकसाना के नींद से जागने से मैं ने नाक छोड़ दी और लंड को हाथ से पकड़ कर रुकसाना की चूत पर रगड़ने लगा

रुकसाना ने पहले लंबी लंबी सासे ली ,उसके नॉर्मल होते ही मैं ने उसके होंटो पर एक किस किया.

रुकसाना मुझे देखती रह गयी.

अवी-ऐसी क्या देख रही हो

रुकसाना-ये सपना

अवी-रूको अभी तुम्हे सपने से बाहर निकालता हूँ

और मैं ने एक जोरदार झटका मार कर आधे से ज़्यादा लंड रुकसाना की चूत मे डाला.

रुकसाना की चीख निकल गयी.

रुकसाना-धीरे करो, दर्द हो रहा है

अवी-अब बताओ ये सपना है या रियल है

रुकसाना-ये सपना नही है

और मैं ने रुकसाना के बोलते दूसरा झटका मारकर पूरा लंड रुकसाना की चूत मे डाल दिया.

रुकसाना-तुम ,ऐसा क्यूँ करते हो

अवी-क्यू कि तुम्हे इसी मे मज़ा आता है

रुकसाना-अब क्या सिर्फ़ डाल कर बैठे रहोगे.या कुछ करोगे

अवी-करूँगा तो बहुत कुछ पर ये बताओ मेरा सर्प्राइज़्ड कैसा लगा

रुकसाना-ये सर्प्राइज़्ड थोड़ी था. ये तो तुम्हारा प्रॉमिस है.

अवी-प्रॉमिस ,तुम्हे पता है मैं ने ये प्रॉमिस क्यूँ किया.

रुकसाना-क्यू कि रज़िया की तरह मेरी 2 बार चुदाई करनी है.

अवी-ये भी सही है पर एक दूसरी वजह है

रुकसाना-दूसरी वजह

अवी-ये आख़िरी चुदाई है, इसके बाद हम चुदाई नही करेंगे

रुकसाना-क्यू ,हमारे पास परसो का टाइम है.

अवी-उस दिन मैं बिज़ी रहूँगा.

रुकसाना-ऐसा मत कहो

अवी-इसी लिए तुम दोनो को आज इतना प्यार किया

रुकसाना-देखो ना परसो 1 घंटा खाली हो,

अवी-ठीक है देखता हूँ पर गारंटी नही है.

रुकसाना-कोशिस करना ,और ये आख़िरी चुदाई तो शुरू करो

अवी-कैसे करूँ

रुकसाना-जैसा तुम्हे चाहिए वैसा करो

अवी-तो ये लो

और मैं ने जोरदार धक्के लगाना शुरू किया

रुकसाना ने बर्दास्त करना शुरू किया ,उसकी मेरी साथ आख़िरी चुदाई जो थी.

मैने उसकी चूत का भोसड़ा बनाना शुरू किया.

रुकसाना मेरे लंड की दीवानी हो गयी थी.

और उसकी चूत ने 2 बार पानी छोड़ दिया.

अवी-रुकसाना ,तुम ने 2 बार पानी छोड़ दिया.

रुकसाना-और निकालो पानी

अवी-अब सिर्फ़ मेरा पानी निकलेगा.

रुकसाना-मतलब

अवी-अब तुम्हारी गंद मारूँगा

रुकसाना-गंद नही वहाँ दर्द हो रहा है.

अवी-आख़िरी चुदाई है

रुकसाना-आखरी, आराम से करना

अवी-गारंटी नही दूँगा.

रुकसाना-करो ,जैसा करना है.

अवी-आराम से ही करूँगा.

रुकसाना को रज़िया की तरह लेटा कर उसके उपर आकर गंद मारने लगा.

इस पोज़िशन मे गंद फैली हुई नही थी. पर धक्के मारने मे मज़ा आ रहा था.

दूसरी बार रुकसाना की गंद मे मैं ने वीर्य डाल दिया.

वीर्य निकलने के बाद मैं रुकने की जगह ,आराम करने की जगह, बाथरूम मे जाकर नहाने लगा.

मेरे नहाने तक रज़िया और रुकसाना भी उठ कर नॉर्मल हो गयी.

मेरे नहाने के बाद रज़िया और रुकसाना एक साथ बाथरूम मे चली गयी.

मैं ने मंदिर मे जाने के लिए कपड़े पहन लए ,लॅपटॉप चेक किया ,पॉर्न वीडियो भी डाउनलोड हो गयी थी. मैं ने कॅमरा और लॅपटॉप कपबोर्ड मे लॉक कर के रख दिया.

रुकसाना और रज़िया नहा कर बाहर आ गयी, और बिना पैंटी के कपड़े पहन लिए.

अवी-कैसा लगा मेला

रुकसाना-मेले मे बहुत मज़ा आया

रज़िया-ये मेला ज़िंदगी भर याद रहेगा.

अवी-चलो एक गुड बाइ किस दे दो,

रुकसाना और रज़िया ने मुझे किस किया .

अवी-और

रुकसाना-हमे भूलना मत

अवी-कितनी बार यही कहोगी.

रज़िया-हमारा अड्रेस ले लो

अवी-अड्रेस मत दो, हमारा दुबारा मिलना किस्मत पर छोड़ते है, जैसे पहली बार मिले थे.

रुकसाना-किस्मत, चलो हमारी किस्मत उपर वाले के हाथ मे देते है.

अवी-अब चलो ,मुझे मंदिर जाना है.

मैं ने रज़िया और रुकसाना को वापस भेज दिया. वो दोनो ने टाय्लेट की दबा साथ लाया था. जिस से अब अपनी फॅमिली के पास जाएँगी तो कुछ बताने की ज़रूरत नही है.

मैं ने छोटी चाची को कॉल करके बता दिया कि मैं मंदिर मे मिलूँगा

और मैं मंदिर चला गया.

 
551

8थ डे

मैं रुकसाना और रज़िया को गुड बाइ बोल कर मंदिर आ गया.

मंदिर मे सब मेरा इंतज़ार कर रहे थे.

चाची का आशीर्वाद लेने के बाद मैं ने और रणजीतसिंघ ने पूजा स्टार्ट की.

पूजा करने के बाद सब ने भगवान के दर्शन किए ,

दर्शन करने के बाद हम ठाकुर की फॅमिली के साथ बैठे कर बातें करने लगे.

पायल कोमल और स्वेता दीदी के साथ बातें कर रही थी पर बीच बीच मे मेरी तरफ देख कर मुश्कुरा रही थी. ये तो होना ही था, फोटो जो दिए थे ,

मैं रणजीतसिंघ के साथ बैठे कर बातें कर रहा था.

सब अपना अपना ग्रूप बना कर बातें कर रहे थे.

थोड़ी देर बाद पंडिताइन परसाद लेकर हमारे पास आ गयी.

पंडिताइन ने पहले सब को प्रसाद दिया फिर रणजीतसिंघ और मेरे पास आ गयी.

पंडिताइन को देख कर रणजीतसींफ के चेहरे पे स्माइल आ गयी.

पंडिताइन ने जब मुझे प्रसाद दिया तो मुझे घूर के देख रही थी .

मैं समझ गया कि पंडिताइन कहना क्या चाह रही है.

प्रसाद देते हुए पंडिताइन अपनी आँखो से सवाल पूछ रही थी कि क्या हुआ ,जो बिना बताए मुझे छोड़ कर चले गये.

मैं ने पंडिताइन से अपनी नज़रें हटा दी, जिस से पंडिताइन गुस्से वापस चली गयी.

रणजीतसिंघ-क्या बात है, पंडिताइन के साथ कुछ चल रहा है

अवी-मैं और पंडिताइन के साथ ,कुछ भी

रणजीतसिंघ-तुम्हारे पास चान्स है पंडिताइन के साथ करने का

अवी-वो कैसे

रणजीतसिंघ-ब्लॅकमेल करो, मेरे नाम से

अवी-ब्लॅकमेल करके मज़ा नही आता.

रणजीतसिंघ-तुम हो कौन,

अवी-अवी

रणजीतसिंघ-मेरा मतलब है तुम चुदाई करने से दूर क्यूँ भागते हो

अवी-पता नही, ज़्यादा चुदाई करना मुझे पसंद नही है

रणजीतसिंघ-जाने दो, मुझे तुमसे ये सवाल पूछना नही चाहिए था.क्यू कि तुम्हारा जवाब वही होता है.

अवी-अब समझे आप

रणजीतसिंघ-समझना पड़ा, और कहो आज घर पे रुकने वाले हो मंदिर मे रुकोंगे

अवी-मंदिर का काम देख लेता हूँ.

रणजीतसिंघ-अच्छा हुआ तुम ने मंदिर आने का फ़ैसला किया. मुझे एक मीटिंग मे जाना था.

अवी-मीटिंग मे, फिर क्या सेक्रेटरी को लेकर जा रहे हो.

रणजीतसिंघ-लेकर जाना तो पड़ेगा ,क्यू तुम्हे चाहिए

अवी- हाँ,उसके साथ कुछ टाइमपास हो जाएगा

रणजीतसिंघ-चुदाई कर रहे हो तो तुम्हारे साथ रहेगी नही तो मेरे साथ चलेगी.

अवी-सिर्फ़ टाइम पास करूँगा.उस से ज़्यादा कुछ नही.

रणजीतसिंघ-ठीक है, करो टाइम पास ,मैं मेनेज़र को लेकर जाउन्गा.

अवी-थॅंक्स

ठाकुर की फॅमिली के साथ मिलने के बाद हम घर चले गये.

घर जाते ही रानी ने मुझे किस किया.

रानी-कल तुम ने कॉल नही किया.

अवी-ये मंदिर के काम की वजह से भूल गया . सॉरी

रानी-तुम्हे पता है कि मंदिर का काम है, फिर कल मुझे कॉल का इंतज़ार करने को कहा क्यूँ

अवी-वो क्या है कि बात करने को कुछ था नही तो कॉल करने की बात कही

रानी-ये पहले नही बता सकते थे. मैं रात भर तुम्हारे फोन का इंतजार करती रही.

अवी-सॉरी ,इस बार माफ़ कर दो

रानी-अब मेले तक तुम्हे मैं कॉल नही करूँगी.और तुम भी मत करना,

अवी-फिर तो मैं बोर हो जाउन्गा

रानी-मेले का काम अच्छे से करो और मुझे खुश करो

अवी-ये तो यू कर दूँगा.

रानी को मनाने के बाद मैं खाना खा कर मंदिर की तरफ चला गया.

मंदिर जाते हुए मैं ने मोना का कॉल किया पर मोना ने फोन नही उठाया.

मैं मंदिर जाने तक बार बार मोना को फोन करता गया.

कल मोना को कुवरसिंघ के साथ चुदाई करने को कहा था .कल क्या हुआ, मोना ने अपना काम ठीक से किया या नही, ये पता करना था.

मोना के साथ क्या हुआ ,कही कुवरसिंघ ने कुछ ज़्यादा तो नही कर दिया.

दोपहर मे मोना के घर चला जाउन्गा.

 


552

मैं मंदिर के पास जो टेंट लगाया था वहाँ आ गया.

रणजीतसिंघ की सेक्रेटरी मेरा इंतज़ार कर रही थी.

सेक्रेटरी-गुड मॉर्निंग सर

अवी-गुड मॉर्निंग, अभी तक 12 नही बजे

सेक्रेटरी-कुछ देर मे बज जाएँगे.

अवी-तुम ने मुझे सर क्यू कहा

सेक्रेटरी-सर को सर ही कहूँगी ना

अवी-मैं तुम्हारा सर नही हूँ, वो तो रणजीतसिंघ है.

सेक्रेटरी-आप बॉस के फ्रेंड है तो मैं सर ही कहूँगी

अवी-जो कहना है कहो, चलो टेंट मे जाकर मेले का काम कैसा चल रहा है वो देखते है.

हम टेंट मे आ गये.

रणजीतसिंघ की सेक्रेटरी ने 2 टी मॅंगा ली. टी आने तक सेक्रेटरी मुझे मेले के काम के बारे मे बता रही थी.

टी ख़तम होते ही, मैं ने फाइल बंद कर दी.

सेक्रेटरी-सर अभी और बताना बाकी है आपने ये फाइल क्यू बंद की

अवी-क्यू कि मैं फाइल से ज़्यादा लोगो को पढ़ने मे विश्वास रखता हूँ

सेक्रेटरी-लोगो को, फिर तो मुझे भी पढ़ा होगा

अवी-इसी लिए तो फाइल बंद की है, मैं सिर्फ़ तुम्हे पढ़ना चाहता हूँ

सेक्रेटरी-तो पढ़ लीजिए

अवी-तुम्हे पता है आज रणजीतसिंघ तुम्हे मीटिंग मे क्यू नही लेकर गये.

सेक्रेटरी-मुझे कैसे पता होगा, सर ने सिर्फ़ आपके साथ रुकने को कहा है

अवी-मैं ने रणजीतसिंघ को कहा था कि तुम्हे मेरे साथ रहने दे.

सेक्रेटरी-आपने कहा, इसकी कोई खास वजह

अवी-इसका मतलब नही जानती तुम

सेक्रेटरी-जानती हूँ, आप मेरे साथ.... पर कल आपने कहा कि मेले के बाद मेरे साथ करेंगे

अवी-मतलब तुम तैयार हो मेरे साथ सेक्स करने को

सेक्रेटरी-हाँ,

अवी-क्यूँ?

सेक्रेटरी-क्यूँ कि सर ने कहा है

अवी-क्या कहा है रणजीतसिंघ ने

सेक्रेटरी-कल आप भी तो थे, आपको सब पता है

अवी-मतलब रणजीतसिंघ के कहते तुम किसी के साथ भी सेक्स कर लोगि

सेक्रेटरी-रणजीतसिंघ ने पहली बार मुझे किसी के साथ सेक्स करने को कहा है मैं उनको मना कैसे कर सकती हूँ

अवी-इस पहले रणजीतसिंघ के दूसरे फ्रेंड के साथ नही किया.

सेक्रेटरी-नही.

अवी-और रणजीतसिंघ के साथ

सेक्रेटरी-उनके साथ किया है.

अवी-क्या मैं पूछ सकता हूँ कि तुम रणजीतसिंघ के साथ सेक्स क्यूँ करती हो

सेक्रेटरी-ये जान कर क्या करोगे

अवी-बस ऐसे ही

सेक्रेटरी-सर ने सही कहा था कि तुम अजीब हो ,मैं तुम्हारे सामने हूँ ,और तुम हो कि सवाल पूछ कर टाइम पास कर रहे हो

अवी-मैं तो ऐसा ही हूँ

सेक्रेटरी-तुम्हारी बातों पे हसी आती है, तुम्हारी जगह अगर कोई और होता तो अब तक मेरे साथ सेक्स करके सो रहा होता

अवी-कुछ तो अलग होना चाहिए ना मुझ मे और बाकी सब मे

सेक्रेटरी-सही कहा तुम ने, इसी लिए रणजीतसिंघ ने तुम्हे अपना खास फ्रेंड बनाया है, नही तो मुझ पर उनके कितने फ्रेंड की नज़र थी पर रणजीतसिंघ ने उनको मुझे हाथ भी लगाने नही दिया.

एक बार तो रणजीतसिंघ के फ्रेंड ने मुझे परेशान किया था एक पार्टी मे ,रणजीतसिंघ ने सब के सामने अपने फ्रेंड को थप्पड़ मारा था.वो भी मेरे लिए

अवी-तो इस लिए तुम रणजीतसिंघ की हर बात मानती हो

सेक्रेटरी-ये तो अभी कुछ महीने पहले हुआ था. रणजीतसिंघ के तो मुझ पर बहुत उपकर है

अवी-वो उपकर भी बता दो

सेक्रेटरी-तुम अजीब हो, तुम जान कर ही दम लोगे

अवी-अब बता भी दो

सेक्रेटरी-बात तब की है जब मैं रणजीतसिंघ को जानती भी नही थी.

अवी-वन्स अपॉन ऑन टाइम

सेक्रेटरी-मज़ाक नही

अवी-अच्छा बताओ

सेक्रेटरी-मेरे हज़्बेंड एक बॅंक मे मेनेज़र थे, बॅंक मे एक फ्रॉड हुआ और मेरे हज़्बेंड की जॉब चली गयी. मेरे हज़्बेंड को 6 महीने के लिए जैल मे रहना पड़ा.

अवी-फिर रणजीतसिंघ से कैसे मिली

सेक्रेटरी-बताती हूँ, मेरे घर मे सिर्फ़ मेरे हज़्बेंड कमाते थे, उनके जैल जाने के बाद हमारे पास पैसे नही थे.

मेरे हज़्बेंड जैल से वापस आ गये .पर उनको दूसरी जॉब मिलना मुश्किल था.

अवी-फिर

सेक्रेटरी-मेरा हज़्बेंड इसी टेन्षन मे शराब पीने लगे. और एक दिन उनका आक्सिडेंट हो गया. वो बच गये पर उनके एक हाथ ने काम करना बंद किया.

अवी-फिर तो तुम टूट गयी होगी

सेक्रेटरी-हाँ,अब जो करना था मुझे करना था. मेरे बच्चों और मेरी ननद की शादी की ज़िम्मेदारी मुझ पर आ गयी. मैं ने जॉब ढूँढना शुरू किया.

जॉब ढूँढना बड़ा मुश्किल काम होता है.मैं मॅरीड थी जिस की वजह से जॉब नही मिल रहा था.

फिर एक दिन रणजीतसिंघ की कंपनी मे सेक्रेटरी की जॉब की एड आ गयी. मैं ने अप्लाइ किया पर जॉब नही मिली. मैं कंपनी के बाहर अपनी किस्मत पर रोने लगी.

तभी रणजीतसिंघ की नज़र मुझ पर पड़ी ,रणजीतसिंघ ने मेरे बारे मे पूछा. फिर मेरा इंटरव्यू लिया और मुझे सेलेक्ट किया.

अवी-लेकिन सेक्रेटरी तो पहले सेलेक्ट हो चुकी थी.

सेक्रेटरी-जिस एचआर मेनेज़र ने उस लड़की को सेलेक्ट किया था .उसने उस लड़की को सेक्स करने को कहा और जॉब दी.

रणजीतसिंघ ने उस एचआर मेनेज़र को निकाल दिया. पर उस लड़की को दूसरी जॉब दी क्यू कि उस लड़की ने जॉब की ज़रूरत की वजह से ऐसा किया था.

अवी-ये बताओ तुम रणजीतसिंघ की खास सेक्रेटरी क्यूँ बनी

सेक्रेटरी-मेरी जॉब लगने के बाद मेरा हज़्बेंड फिर शराब पीने लगा. और एक दिन हार्ट अटॅक आ गया. मैं अकेली थी ,तब रणजीतसिंघ ने मेरे हज़्बेंड के इलाज के लिए पैसे दिए, फिर ठीक होते ही उनको एक दुकान खोल कर दी, मेरी ननद की शादी करवा दी. मेरे बच्चों को अच्छे स्कूल मे अड्मिशन दिलवाया

अवी-रणजीतसिंघ तो ग्रेट है.फिर रणजीतसिंघ ने तुम्हे सेक्स करने को कहा.

सेक्रेटरी-ग़लत ,एक दिन मैं रणजीतसिंघ के साथ टूर पर थी. तब होटल मे उनका अकेलापन दूर करने के लिए मैं खुद उनके साथ सेक्स करने लगी.

अवी-और मेरे साथ

सेक्रेटरी-तुम रणजीतसिंघ के फ्रेंड हो, और तुम अच्छे लड़के हो.बस इतना ही.

अवी-चलो फिर मैं तुम्हे पे फ़ैसला छोड़ता हूँ कि तुम क्या चाहती हो

सेक्रेटरी-जो तुम चाहते हो,वही मैं चाहती हूँ

अवी-तो कब करना चाहोगी.

सेक्रेटरी-आप कब करना पसंद करोंगे

अवी-मेले के बाद

सेक्रेटरी-ठीक है ,जब आप चाहो मुझे कॉल कर देना ,मैं आ जाउन्गी

अवी-और रणजीतसिंघ का क्या

सेक्रेटरी-उनको बता कर आउन्गि.

अवी- अपना नंबर तो दो

हमने अपने नंबर एक्सचेंज किए.

 


553

हमने अपने नंबर एक्सचेंज किए.

अवी-ये तो हुई सेक्स की बात ,और मीटिंग मेले बाद

सेक्रेटरी-आपने ही तो कहा मेले के बाद

अवी- आज क्या करना है मैं उसकी बात कर रहा हूँ

सेक्रेटरी-आज क्या हो सकता है, मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा

अवी-किस तो कर सकते हैना

सेक्रेटरी-यहाँ पर, यहाँ कोई भी आ जाता है

अवी-कोई नही आता यहाँ पर

सेक्रेटरी-तुम्हे पता नही ,मेले मे क्या क्या होता है. मैं 2 दिन पहले इस टेंट मे अपने कपड़े ठीक कर रही थी, तो कुछ लड़के छुप कर देख रहे थे.

अवी-तुम ने रणजीतसिंघ को बताया ,वो उन लड़को को ठीक कर देते

सेक्रेटरी-मुझे क्या पता वो लड़के कौन थे,

अवी-और क्या होता है मेले मे

सेक्रेटरी-लड़के मेले मे दूसरे टाइप का एंजाय करने आते है.

अवी-दूसरे टाइप का मतलब

सेक्रेटरी-मेला जब ख़तम होने को होता है तो कुछ लोग पेड़ के पीछे सेक्स करते है

अवी-और ,

सेक्रेटरी-भीड़ मे तो आवारा लड़के लड़कियो और औरतो के साथ छेड़ छाड़ करते है

अवी-तुम जानती हो ऐसा कौन करता है.

सेक्रेटरी-कैसे जान सकती हूँ, हर कोई ऐसा कर लेता है, और औरते भी एंजाय करती है

अवी-फिर जाने दो, ये सब रोकना मुश्किल है ,और क्या क्या होता है

सेक्रेटरी-वो भीड़ वाला तो मैं समझ सकती हू पर अंधेरे मे पेड़ के पीछे सेक्स करना,मुझे तो शक हो रहा है

अवी-कैसा शक

सेक्रेटरी-सभी औरते होती है,

अवी-ये कैसा शक हुआ.

सेक्रेटरी-ज़्यादातर लड़किया और औरते 10.00पीयेम बजे चली जाती ,पर वो औरते घूमती रहती है

अवी-और

सेक्रेटरी-बस इतना ही

अवी-तुम एक काम करो, उन औरतो पे नज़र रखो, क्या वो औरते एक दूसरे को जानती है, क्या वो पैसे लेती है.

सेक्रेटरी-मतलब वो प्रॉस्टिट्यूट है कि नही ये देखना है

अवी-मुझे ऐसा लग रहा है, मेले मे उनको कस्टमर बहुत मिल जाते होंगे, तुम पता करो और फिर देखो मैं क्या करता हूँ.

सेक्रेटरी-इसमे कुछ समय लगेगा

अवी-मेला ख़तम होने से पहले हो जाएगा ना

सेक्रेटरी-1 हफ़्ता तो लग सकता है.

अवी-लगने दो ,

और मैं ने सेक्रेटरी का हाथ पकड़ लिया.

अवी-तुम्हारा फिगर क्या है

सेक्रेटरी-36-24-38

अवी-रणजीतसिंघ के लिए मेनटेन किया है.

सेक्रेटरी-हां,

अवी-38 ,रणजीतसिंघ ने तुम्हे मेनटेन रखा है

सेक्रेटरी-तुम्हे कैसे पता, कि रणजीतसिंघ पीछे से ज़्यादा करते है

अवी-लोगो को पढ़ता हूँ मैं,

सेक्रेटरी-तुम कौन सा साइज़ बनाना चाहोगे,

अवी-तुम खुद बाद मे देख लेना,

अवी-मेरा पूछना चाहोगी

सेक्रेटरी-मैं पूछने की जगह खुद चेक करने मे विश्वास रखती हूँ

और सेक्रेटरी खड़ी हो गयी और गोद मे बैठ गयी.

और अपनी गंद को मेरे लंड पर रगड़ने लगी.

गंद रगड़ने से मेरा लंड खड़ा हो गया.और मेरा लंड सेक्रेटरी की गंद को ठोकर मारने लगा.

सेक्रेटरी-दमदार लग रहा है

अवी-और

सेक्रेटरी-और सेक्स करते हुए बता दूँगी.

और मैं ने सेक्रेटरी के होंटो से अपने होन्ट मिला दिए.

सेक्रेटरी के होंटो को किस करने से पता चल गया कि आगे वाली से बहुत कुछ सीख सकता हूँ

अवी-तुम लिपस्टिक इतनी ज़्यादा क्यू लगाती हो

सेक्रेटरी-रणजीतसिंघ को यही पसंद है

अवी-और

सेक्रेटरी-रेड कलर पसंद है

अवी-रेड

सेक्रेटरी-रेड कलर की पहनी है, और ब्रा भी

अवी-और

सेक्रेटरी-उनको बाल पसंद नही है

अवी-और

सेक्रेटरी-मॅंगो फेवर पसंद है

अवी-और

सेक्रेटरी-ये क्या पूछ रहे हो .और मैं भी बता रही हूँ

अवी-तुम ही बता रही हो, मैं तो बस और और कर रहा हूँ

सेक्रेटरी-मेरे बारे मे तो बहुत पूछ लिया कुछ अपने बारे मे भी बताओ

अवी-मेरा नाम अवी है,

सेक्रेटरी-और

अवी-मेरा नाम अवी है

सेक्रेटरी-क्या एक बात दुबारा बोल रहे हो, और कुछ बताओ

अवी-मेरा नाम अवी है.

सेक्रेटरी-फिर से, तुम अपने बारे मे नही बताओगे

अवी-मेले के बाद अपने आप तुम्हे पता चल जाएगा.

सेक्रेटरी-कुछ तो बताओ

अवी-मेरा नाम अवी है

सेक्रेटरी-समझ गयी.

अवी-क्या समझी,

सेक्रेटरी-यही कि तुम स्मार्ट और प्यारे हो

अवी-और तुम बहुत भारी हो

सेक्रेटरी-क्या? मेरा वेट ज़्यादा है,

अवी-थोड़ा सा, आस पर ज़्यादा है.

सेक्रेटरी-तो तुम कम कर दो या दूसरी जगह पर बढ़ा दो,

अवी-मॅंगो का वेट बढ़ाना ठीक रहेंगा.

सेक्रेटरी-मॅंगो, फिर ब्रा भी खरीद कर देना होगा

अवी-ह्म्म्म्म ,ओके

रणजीतसिंघ की सेक्रेटरी के साथ बातें करके अच्छा टाइम पास हो गया.

सेक्रेटरी के साथ अभी थोड़ी मस्ती कर लेता हूँ ,जैसे रणजीतसिंघ करता है. फिर मेले के बाद चूत मारूँगा.

अवी-मैं क्या कह रहा हूँ

सेक्रेटरी-हां बोलो

अवी-तुम्हारी पैंटी गीली हो गयी है.

सेक्रेटरी-तुम्हे कैसे पता

अवी-मेरे लंड का भी यही हाल है, तुम ने साइज़ चेक करने के चक्कर मे लंड खड़ा कर दिया.

सेक्रेटरी-तो फिर चलो तुम्हारे घर चलते है

अवी-मैं तुम्हारे साथ मेले के बाद करने का सोच रहा था. पर लगता है डिन्नर से पहले स्नॅक खाना पड़ेगा.

सेक्रेटरी-यहाँ पर नही

अवी-कुछ नही होता, बस थोड़ा सा

सेक्रेटरी-आगे या पीछे

अवी-सेक्स तो मेले के बाद करेंगे.

सेक्रेटरी-फिर रहने दो ,आग लगा कर मैं तड़पती रहूंगी

अवी-रणजीतसिंघ जैसा करता है वैसा करेंगे.

सेक्रेटरी-वो तो सेक्स हो गया.

अवी-चूत मेले के बाद ,वो सेक्स करना है. गंद तो अभी एक दूसरे का साइज़ पता करने के लिए करते है

सेक्रेटरी-मैं समझी नही

अवी-आज गंद मारता हूँ ,मेले के बाद चूत

सेक्रेटरी-ये चीटिंग है,

अवी-लंड किसने खड़ा किया है.

सेक्रेटरी-मैं ने

अवी-तुम्हारी गंद ने

सेक्रेटरी-बातों मे अच्छा घूमाते हो.

अवी-तो क्या कहती हो.

सेक्रेटरी-सेक्स मेले के बाद करेंगे.

अवी-चलो सोफे पर

सेक्रेटरी-चलो

मैं ने सेक्रेटरी की गंद मारने का फ़ैसला किया. उसकी गंद ने मेरे लंड को खड़ा किया था.

 


554

मैं सेक्रेटरी के साथ सोफे पर आ गया.

और सेक्रेटरी को अपने पास खीच कर होंटो पे किस करना स्टार्ट किया.

मेरे होन्ट सेक्रेटरी के होंटो से मिलते हम एक दूसरे के होंटो को चूसना शुरू किया.

मैं धीरे धीरे सेक्रेटरी के होंटो को चूसने लगा. कभी उपर के होन्ट को तो कभी नीचे के होन्ट को चूस कर उसका रस पीने लगा.

होंटो को चूसने मे सेक्रेटरी मुझ से 2 कदम आगे थी. वो मॉडर्न थी. वो जिस तरह मेरे होंटो को चूस रही थी उस से मुझे नया सीखने को मिला था.

सेक्रेटरी मेरे होंटो को चूसने के साथ मेरी जीभ अपने होंटो मे पकड़ कर बाहर खीचने लगी.

उसका जोश देख कर मैं ने खुद अपनी जीभ उसके मूह मे डाल दी जिस से वो मेरी जीभ को चूस रही थी.

उसकी सारी लिपस्टिक मेरे पेट मे जा रही थी. वो खुद अपने होंटो को बदल कर मुझे चूसने दे रही थी

उसके साथ किस करते हुए कब हमारे हाथ एक दूसरे के बदन पर घूमने लगे हमे भी पता नही चला.

सेक्रेटरी ज़्यादातर समय मेरे बालो पे हाथ घुमा कर किस करने का मज़ा ले रही थी.

मैं सिर्फ़ उसकी पीठ पर हाथ घुमा रहा था.ताकि वो मुझसे चिपकी रहे.

खेल बराबर का था .ना वो हार रही थी और ना मैं जीत रहा था.

ऑपोसिट वाला टक्कर का हो तो खेल कोई भी हो, मज़ा पूरा आता है.

फाइनली हम ने एक दूसरे के सहमति से किस करना बंद किया.

किस बंद करते उसने मेरे लंड पर हमला बोल दिया. कुछ ज़्यादा ही जल्दी थी उसे मेरा लंड देखने की.

उसने खुद जीन्स और अंडरवेर निकाल कर स्नेक को बाहर निकाला

स्नेक बाहर निकलता है तो उसे दूसरे की गुफा मे जाए बिना चैन से नही रहता.

मेरा स्नेक देख कर सेक्रेटरी के आँखे ईगल की आँखे दिखने लगी. जो मेरे लंड को खाना चाहती हो.

उसने कुछ नही कहा और मेरे मोटे और लंबे स्नेक को मूह मे लेने के लिए तैयार हो गयी. उसने अपने होंटो पर जीभ घुमा कर बताया कि वो कच्चा भी खा सकती है.

सेक्रेटरी ने अपने होंटो पर बची हुई लिपस्टिक से मेरे लंड को रंग ना शुरू किया.

सेक्रेटरी मेरे लंड पर किस करके उसके रेड कलर मे रंग रही थी.

उसके ऐसा करने से मेरा लंड अपना नॅचुरल कलर से रेड कलर मे बदल गया.

फिर सेक्रेटरी ने मेरे लंड पे लगी हुई अपनी लिपस्टिक चाटनी शुरू की.

सेक्रेटरी ने अपने होंटो पे लगी हुई लिपस्टिक खाने की जगह पहले मेरे लंड पे किस करके रेड कर दिया फिर लंड फैली लिपस्टिक चाट कर खा रही थी.

सेक्रेटरी के ऐसा करने से मुझे मज़ा मिल रहा था.

रणजीतसिंघ के काले लंड को चूसने मे सेक्रेटरी को मज़ा नही आता होगा. पर मेरा लंड हर कोई अपने मूह मे फिर अपनी चूत मे रखने को तैयार हो जाता है.

सेक्रेटरी ने अपना एक्सपीरियेन्स वाला मूह खोल कर मेरे लंड को अंदर ले लिया.

सेक्रेटरी के मूह मे धीरे धीरे लंड जाते हुए देख कर मुझे अपने लंड पे गर्व होने .

ये क्या मेरा लंड कहाँ गायब हो गया .अभी तो यही पर था फिर अचानक कहाँ चला गया.

सेक्रेटरी ने पूरा लंड मूह मे लेकर थोड़ी देर वैसी रही .फिर एक झटके मे लंड बाहर निकाल लिया.

तो यहाँ था मेरा लंड ,मैं तो डर गया था ,

मेरा लंड सेक्रेटरी के थूक से गीला हो गया था. सेक्रेटरी ने लंड को अपने हाथ मे लेकर थूक को अच्छे से लंड पर लगाने लगी. और अपने हाथ से मूठ भी मार रही थी.

सेक्रेटरी ने फिर से लंड मूह मे लिया पर इस बार आधा लंड बाहर रखा था कि मुझे डर ना लगे कि ईगल ने स्नेक को खा तो नही लिया.

सेक्रेटरी लगातार लंड को चूस कर ये बता रही थी कि उसने लंड 10 मे से 10 मार्क दिए है.

ज़्यादातर औरते मूह से बोल कर बताने की जगह अपने काम से बताती है कि लंड उसको कैसा लगा है.

सेक्रेटरी जिस तरह लंड को चूस रही थी. जिस तरह उसके होन्ट मेरे लंड के लिए दूर होकर अंदर आने दिया. उसे देख कर मैं सेक्रेटरी के जादू मे खोता चला गया.

ऐसा खोता गया कि मेरा हाथ कब उसके सर पे गया और कब मैं उसके मूह मे लंड पेलने लगा पता ही नही चला.

सेक्रेटरी ने मुझे रोका नही बल्कि लंड को एंजाय करने लगी.

मेरा पूरा मोटा लंड अपने मूह मे लेने से सेक्रेटरी खुश हो गयी.

थोड़ी देर लंड को सेक्रेटरी के मूह मे घुमाने के बाद मैं रुक गया.

सेक्रेटरी-अवी तुम्हारा मेरी चूत मे डाल दो

अवी-नही, चूत मेले के बाद आज सिर्फ़ गंद

सेक्रेटरी-प्लीज़ ,रणजीतसिंघ जैसा मत करो, बस एक बार पानी निकाल दो.

अवी-चूस कर निकालता हूँ

सेक्रेटरी-सच, फिर तो तुम पहले आदमी हो जो मेरी चूत को चूसोगे.रणजीतसिंघ ने कभी ऐसा किया नही है.

मैं ने सेक्रेटरी को सोफे पर लिटा दिया. और उसकी सलवार और पैंटी नीचे कर दी.

रणजीतसिंघ की जितनी औरते है सबकी चूत टाइट है उसको गंद जो पसंद है.

सेक्रेटरी की चूत इतनी कातिलाना दिख रही रही थी. फिर भी रणजीतसिंघ गंद के पीछे पड़ा रहता है. सेक्रेटरी की गुलाबी, चिकनी, और जिस तरह चूत के उपर बालो की एक लाइन रखी थी उस से चूत और उठ कर दिख रही थी.

चूत के होन्ट एक दूसरे से चिपक कर मुझसे शरमा रहे थे

क्या कहूँ रणजीतसिंघ जैसा चूतिया कोई नही है इतनी प्यारी चूत को छोड़ कर गंद के पीछे लगा रहता है.

मैं रणजीतसिंघ जैसी ग़लती नही करूँगा.

मैं ने चूत पर अपने जादुई हाथ घुमाना शुरू किया.

मेरे हाथ सेक्रेटरी की चूत पर टच होते सेक्रेटरी के पैर कापने लगे

उसका 1स्ट टाइम था अपनी चूत चूसवाने का, वो भी मुझसे

मैं ने सेक्रेटरी की चूत को मसल्ते हुए उसकी जाँघो पर किस करना शुरू किया.

ऐसा करते उसकी धड़कने बढ़ने लगी.

उसकी सासे तेज चल रही थी .वो इस इंतज़ार मे थी की मेरी सासे उसकी चूत को गर्मी दे.

मैं सेक्रेटरी की चूत के पास चला गया. और उसकी चूत पर अपनी गरम सासे छोड़ना शुरू किया.

मेरी सासो ने उसके बदन मे गुद्गुद्दि करना शुरू की .इस तरह की गुद्गुद्दि वो पहली बार महसूस कर रही थी.

उसके चूत ने बॅक फाइयर करते हुए अपनी स्मेल से मेरे दिमाग़ का काम करना बंद किया.

मैं ने अपने होंटो को उसकी चूत से मिला दिया. हल्का सा किस किया

मेरे होंटो के गीलेपन से सेक्रेटरी ने अपने बदन को टाइट कर लिया.

दूसरा किस करने से सेक्रेटरी ने अपने बदन को ढीला छोड़ दिया ताकि चूत मेरे होंटो को फील कर सके.

.

 
इस बार किस करने के साथ चूसना शुरू किया जैसे लिप्स के साथ करता हूँ पहले किस फिर चूसना उसके बाद जीभ का खेल चालू होता है.

मैं लंबे किस के साथ उसके चूत को चूसने लगा.

वो धीरे धीरे शीष्कारी ले रही थी ताकि बाहर किसी को सुनाई ना दे

चूत को चूस्ते हुए मैं ने अपनी जीभ से दाने के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी.

चूत के नाज़ुक हिस्से पर मेरी जीभ पड़ते ही सेक्रेटरी के हाथ मेरे बालों पर आ गये.और मुझे रोकने लगे.

उसके रोकने से मैं रुकने वाला नही था. मैं लगातार उसके दाने को अपनी जीभ से परेशान करता गया.

उसका पहला एक्सपीरियेन्स था जिस से वो मुझे रोक रही थी. पर जैसे जैसे टाइम बीत रहा था उसे मज़ा आने लगा.

उसके हाथ अब रोकने की जगह मेरे बालों मे घूम रहे थे.मैं उसके दाने के साथ साथ कबड्डी खेलता गया.

फिर जीभ से उसकी चूत को चोदने लगा,ताकि उसका पानी का टेस्ट कैसा है वो मुझे पता चल जाए.

चूत मेरी जीभ के इशारो पे नाचने लगी.

सेक्रेटरी अपनी गंद उठा कर मेरे मूह मे अपनी चूत परोस रही थी.

वो अब अपने खुशी के मोड पर आ गयी थी. वो अपनी कमर ज़्यादा हिलाने लगी. शीष्कारी बढ़ रही थी. मेरे जीभ ने गति बढ़ा दी थी.

और इसी के साथ सेक्रेटरी का पानी पहली बार मैं ने टेस्ट किया.

सेक्रेटरी की तरह उसका पानी टेस्टी था. उसका पानी का टेस्टी पकड़ मेरी जीभ ने लास्ट ड्रॉप तक पी लिया.

उसका पानी फिर कर मेरी प्यास बुझ गयी .और सेक्रेटरी भी सॅटिस्फाइड हो गयी.

उसने उठ कर मुझे किस किया .और खुशी का इज़हार किया.

उसके मूह और चूत को तो खुश कर दिया .अब उसकी गंद मारने का समय आ गया था.

मैं भी तो देखु की रणजीतसिंघ इतनी प्यारी चूत को चोद कर गंद के पीछे क्यूँ लगा है.

मैं ने उसे घोड़ी बना दिया .और उसकी गंद को देखने लगा .

उसकी गंद तो नॉर्मल थी.ऐसा कुछ खास नही लगा. शायद रणजीतसिंघ का शोक हो गंद मारना.

मैं ने उसकी चूतड़ पर 2 3 थप्पड़ मार कर उसे बता दिया कि उसकी गंद मारने वाला हूँ.

मैं ने लंड पर थूक लगा दिया .और थोड़ा थूक उसकी गंद पर लगा दिया.

सेक्रेटरी-ये क्या कर रहे हो .मेरी बॅग मे क्रीम है.

मैं ने क्रीम को उसकी गंद पर और लंड पर लगा दिया

और उसके ब्राउन छेद पर अपना लाल टोपा रख दिया.

रणजीतसिंघ की औरतों की गंद मारते हुए लंड फिसलने का सवाल ही पैदा नही होता.

मैं ने सेक्रेटरी की कमर को पकड़ कर पहला झटका मारा.

लंड आधा अंदर चला गया. उसकी चीख निकल गयी.

रणजीतसिंघ उसकी इतनी गंद मारता है फिर भी चीख निकल गयी.हमारा लंड तो एक जैसा है.

सेक्रेटरी ने होंटो को दबा दिया ताकि उसकी चीख कोई सुने नही.

मैं ने दूसरा झटका मारकर पूरा लंड अंदर पेल दिया.

इस बार उसकी दबी हुई चीख निकल गयी. उसने अपने मूह को दबा कर रखा था.

चलो लंड तो चला गया .और उसकी चीख निकल गयी जो मैं ने सोची नही थी.

मैं ने उसके चूत को सहलाते हुए उसका दर्द कम करना शुरू किया.

उसका दर्द असली था या नाटक कर रही थी ये पता नही चल रहा था.पर लड़कियो को दर्द मे , मैं देख नही सकता.

चाहे दर्द मैं ही क्यू ना दूं पर दर्द कम करने मे आगे था.मैं उसकी चूत को सहलाते हुए दर्द कम करने लगा.

वो भी जल्दी नॉर्मल होगयि. क्यू कि उसे ज़्यादा दर्द नही हुआ था.

उसका सिंगल मिलते मैं ने लंड को इन आउट करना शुरू किया.

लंड उसकी गंद मे कसा हुआ था. शायद मेरा लंड रणजीतसिंघ से मोटा हो

जाने दो एक और गंद मे लंड जाकर मैं खुश था.

रुकसाना और रज़िया की गंद के बाद सेक्रेटरी की गंद ने मुझ पे जादू डाल दिया.

लंड ने धीरे धीरे उसकी गंद मे जगह बना कर उसे मज़ा देना शुरू किया.

उसकी पतली कमर को पकड़ कर बड़ी चूतड़ वाली गंद मार रहा था.

उसमे गजब का जादू था. गंद मारने मे ऐसा मज़ा आ रहा था कि जैसे कुवारि गंद हो.

सेक्रेटरी को अपनी गंद मरवाने का काफ़ी एक्सपीरियेन्स था जिस से वो मुझे दूसरो से ज़्यादा मज़ा दे रही थी.

मेरे धक्को के साथ वो बराबर अपनी गंद पीछे कर रही थी.

पहली बार ऐसा लग रहा था कि सच मे घोड़ी की सवारी कर रहा हूँ.

उसकी चूतड़ भी चुदाई मे पूरा पार्ट ले रही थी.

उसके चूतड़ मेरे धक्के से हिलने लगते

सेक्रेटरी भी शीष्कारी लेते हुए मेरा साथ देने लगी.

उसकी घुड़सवारी करने के बाद मैं ने उसे अपने उपर आकर उछल ने को कहा.

सेक्रेटरी खुशी खुशी मेरी गोद मे बैठ गयी .

पहले उसने उछल कूद करना स्टार्ट किया .

उसके उछल ने से मैं उसके हिलाते बूब्स को मसल कर उसका जोश बढ़ा रहा था

बीच बीच मे उसके होंटो पे किस करके उसे ब्रेक दे रहा था.

ऐसा करने से वो डबल जोश से उछल ने लगी.

उसके उछल ने के साथ मैं ने भी नीचे से धक्के मारना शुरू किया.

एक साथ दोनो तरफ से धक्के लगने से गंद और लंड दोनो मज़ा ले रहे थे

थोड़ी देर बाद वो थक गयी जिस से सिर्फ़ मैं उसकी गंद मारने लगा.

उसने अपनी गंद मे यूटा कर रखी ताकि उसके गंद मे मैं जोरदार धक्के मार सकूँ

मैं धक्के मार रहा था और वो मेरा जोश बढ़ा रही थी.

क्या चुदाई हो रही थी.

उसकी गंद मेरे लंड का दम निकाल रही थी.

मैं ने फिर से उसे घोड़ी बना दिया .और अपने धक्को का जादू दिखाने लगा.

मेरा लंड ने उसको दिन मे तारे दिखा दिए.

मेरा भी होने वाला था ऐसे मे मैं ने उसको अपना पानी पिलाने का सोचा.

मैं ने उसकी गंद से लंड बाहर निकाल लिया और उसके मूह के पास ले गया.

गंद से उसके मूह मे डालने का मन नही हुआ.

मैं ने लंड को हिला कर उसे अपना वीर्य पिलाने लगा.

सेक्रेटरी ने अपना मूह खोल कर मेरे वीर्य को पीना शुरू किया.

मेरा वीर्य आज तक सबको पसंद आया है

मेरा वीर्य पीकर सब का चेहरे निखरने लगा है

वो खुशी खुशी मेरा वीर्य पी गयी.
 


554a

सेक्रेटरी मेरा वीर्य खुशी खुशी पी गयी.

सेक्रेटरी की चुदाई के बाद मैं थक गया था. जिस से मैं वही सोफे पर बैठे गया.

सेक्रेटरी अपने गाल पर लगा हुआ वीर्य चाट कर साफ करने लगी.

वो मेरे सामने मेरा वीर्य उंगली मे ले कर अपनी जीभ बाहर निकाल कर चाटने लगी.

उसके ऐसा करने मैं उसकी तरफ देख कर मुश्कुराने लगा.

फिर सेक्रेटरी ने अपनी चूत और गंद को नाप्कीन से साफ किया

फिर धीरे धीरे अपना खजाना छुपाने लगी. उसका ऐसा करना भी मुझे पसंद आया.

मैं ने उसे अपने पास बुलाया और उसकी पैंटी पर एक किस किया .और उसकी सलवार उपर करने लगा.

उसके सलवार को उपर करके उसका नाडा बाँध दिया .मेरा ऐसा करना उसे अच्छा लगा.

सेक्रेटरी मेरे लंड के पास बैठे गयी .और नाप्कीन से साफ करने लगी.

वो अपना मेकप ठीक करने लगी. और मैने ने खुद को ठीक किया.

अवी-इधर मेरे पास आओ

वो मेरे पास आकर अपने बाल ठीक करने लगी

अवी-अब बताओ कैसा रहा

सेक्रेटरी-कहाँ से शुरू करू समझ नही आ रहा.

अवी-शुरू से शुरू करो

सेक्रेटरी-तुम्हारे किस करने से मैं पानी पानी हो गयी .पर लंड देखते क्या बताऊ

अवी-रणजीतसिंघ का पसंद था या मेरा

सेक्रेटरी-तुम्हारा, सर का तो ब्लॅक है और तुम्हारा ,ऐसा लगता है कि मूह से बाहर ही ना निकालु

अवी-तुम भी अच्छा चूस रही थी

सेक्रेटरी-चूसना ,तुम ने तो बिना लंड के मेरी चूत को अपना गुलाम बना दिया.

अवी-मैं ने ऐसा क्या किया

सेक्रेटरी-तुम्हारी जीभ ने मुझे आज वो खुशी दी जो अब तक मेरे पति और रणजीतसिंघ ने नही दी थी.

अवी-तुम खुश तो मैं खुश

सेक्रेटरी-मैं तो सोच रही थी कि जब जीभ इतना मज़ा दे सकती है तो तुम्हारा लंड क्या क्या करेगा.

अवी-क्यू गंद ने नही बताया

सेक्रेटरी-बताया ना कि चूत के मज़े ही मज़े होने वाले हैं

अवी-सेक्स मेले के बाद करेंगे

सेक्रेटरी-ये क्या था

अवी-ये ट्रेलर था.

सेक्रेटरी-मुझसे इंतज़ार नही होगा.

अवी-मेला ख़तम होने तक रूको फिर मज़े ही मज़े करेंगे

सेक्रेटरी-ठीक है. तब तक ट्रेलर देख तो सकती हूँ ना

अवी-नही. आज तुम्हारे लिए किया है. बाकी सब मेले के बाद

सेक्रेटरी-ठीक है.

अवी-वैसे एक बात पुछु

सेक्रेटरी-पूछो

अवी-रणजीतसिंघ तुम्हारी इतनी गंद मारता है फिर भी तुम्हे दर्द हुआ

सेक्रेटरी-हाँ,लेकिन कुछ भी हो दर्द की वजह से ज़्यादा मज़ा आता है.

अवी-सही कहा ,दर्द के बाद ही असली मज़ा आता है

सेक्रेटरी-आज का दिन मेरे लिए खास बनाने के लिए थॅंक्स

अवी-आज ,आज कुछ भी तो नही हुआ.

सेक्रेटरी-सॉरी ,मैं तो भूल ही गयी. सेक्स मेले के बाद

अवी-तब तक दूर रहना

सेक्रेटरी-यस सर

अवी-ये रणजीतसिंघ अब तक आया नही.

सेक्रेटरी-आते ही होगे

अवी-फोन करके देखो

सेक्रेटरी ने फोन करके रणजीतसिंघ के बारे मे पूछा.

रणजीतसिंघ फोन पर बोलते हुए टेंट मे आ गया.

रणजीतसिंघ-क्या चल रहा है

सेक्रेटरी-सर आप,

अवी-कुछ नही ,मेले का काम देख रहा था

रणजीतसिंघ-सिर्फ़ काम देखते रहे या काम किया भी.

अवी-कैसे करता ,यही पर बैठे थे

रणजीतसिंघ-क्यू सेक्रेटरी थी ना

अवी-वो अब सलवार कमीज़ मे है. उसके साथ तब करूँगा जब वो स्कर्ट पहनेगी

रणजीतसिंघ-फार्महाउस पे लेकर जाओ, वहाँ पहले स्कर्ट पहना देना फिर निकाल देना.

सेक्रेटरी-मैं भी यही कह रही हूँ पर ये मानता नही.

अवी-उसमे मज़ा नही आएगा. मुझे उतरना पसंद है.

मेरी बात सुनकर सेक्रेटरी हँसने लगी. अभी थोड़ी देर पहले उसको सलवार पहनाई थी

रणजीतसिंघ-तुम क्यू हँस रही हो.

सेक्रेटरी-बस ऐसे ही.

रणजीतसिंघ-उसे छोड़ो ये बताओ तुम ऐसे क्यूँ हो

अवी-क्या मतलब

रणजीतसिंघ-तुम 3 घंटे से यहाँ सेक्रेटरी के साथ अकेले थे. इतना अच्छा मोका गँवा रहे हो

अवी-ये तो मेरी है. जब चाहूं तब मोका बना सकता हूँ

रणजीतसिंघ-और वो पंडिताइन के वक्त भी मोका गँवा दिया था. मैं तुम्हे इतना चान्स देता हूँ .और तुम हो कि कुछ नही करते

अवी-मैं अपने मर्ज़ी से करता हूँ. क्या पता रुकने से मज़ा ज़्यादा मिले .

सेक्रेटरी-आग लगने पे ज़्यादा मज़ा मिलता है

अवी-देखा,इसे भी पता है

रणजीतसिंघ-तुम कब से अवी के गुणगान गा रही हो.क्या जादू किया तुम पर अवी ने

सेक्रेटरी-जादूगरो का जादूगर है अवी

रणजीतसिंघ-कही तुम दोनो ने चुदाई तो नही की.

अवी-सेक्स तो हम

सेक्रेटरी-सेक्स तो हम मेले के बाद करेंगे

रणजीतसिंघ-फिर तुम अवी के रंग मे कैसे मिल गयी.

अवी-ये मेरा जादू है

सेक्रेटरी-अवी बातें ऐसी करता है कि मैं इसकी दीवानी हो गयी

रणजीतसिंघ-फिर तो मेले के बाद तुम को मज़ा आएगा.

अवी-वही तो कह रहा हूँ. सेक्स मेले के बाद करेंगे

सेक्रेटरी-सर कुछ पीने को लाउ

रणजीतसिंघ-नही. यहाँ मेरे गोद मे आकर बैठो ,

सेक्रेटरी रणजीतसिंघ की गोद मे बैठ गयी.

सेक्रेटरी-ऊक्फ

रणजीतसिंघ-क्या हुआ

सेक्रेटरी-अब तक अवी की गोद मे बैठी थी जिस से दर्द हुआ

रणजीतसिंघ-क्या बात है

अवी-आप से सीख रहा हूँ.थोड़ा थोड़ा आगे बढ़ुंगा

रणजीतसिंघ-तो प्रेक्टिस कर रहे हो

अवी-हां, कुछ भी कहो.आपकी सेक्रेटरी जैसी कोई नही.

रणजीतसिंघ-ऐसा क्या किया इसने

अवी-मेरी गोद मे बैठ कर ही मेरा पानी निकाल दिया.

रणजीतसिंघ-मेरी सेक्रेटरी हॉट ही होती है.

अवी-होटेस्ट है

सेक्रेटरी-आप दोनो भी ना, मैं इतनी भी कुछ खास नही हूँ

रणजीतसिंघ-तुम क्या हो वो मेरा लंड अच्छे से जानता है.

अवी-मेरा लंड भी जान गया है

रणजीतसिंघ-अंदर जाएगा तो और अच्छे से जान लेगा.

अवी-वो मेले के बाद

रणजीतसिंघ-ठीक है.

अवी-अच्छा मैं चलता हूँ

रणजीतसिंघ-रूको थोड़ी देर

अवी-घर पे एक काम है

रणजीतसिंघ-ठीक है. सेक्रेटरी के साथ प्रॅक्टीस करते रहना.

अवी-ओके

सेक्रेटरी की गंद मारने के बाद मैं सोचने लगा कि अब कहाँ जाउ

अरे हाँ ,सेक्रेटरी के चक्कर मे मोना को भूल गया

उसे एक काम दिया था. क्या हुआ उसका ये पूछना तो भूल गया.

उसने फोन भी नही उठाया.

पता नही कल कुवरसिंघ ने उसके साथ क्या किया होगा.

उसके घर जाकर देखता हूँ. वो क्या कर रही है.

मैं मोना से मिलने उसके घर चला गया.

 


554बी

मैं मोना के घर जाने लगा.

मोना का पति शहर मे है और कमला काकी मेले मे होगी अपने पति साथ ,अगर सही सोचा होगा तो मोना घर पे अकेली होगी.

मैं मोना के घर आकर गेट खटखटाया. पर अंदर से कोई आवाज़ नही आई.

अवी-कमला काकी कमला काकी ,

मोना-कौन है

ये तो मोना की आवाज़ है.

अवी-कमला काकी मैं अवी

मेरा नाम सुनते मोना ने गेट खोल दिया और मुझे अंदर बुला कर गेट बंद किया.

अवी-कोई और है घर मे

मोना-नही ,मैं अकेली हूँ

अवी-तुम्हे हुआ क्या है मेरा फोन क्यू नही उठाया तुम ने

मोना-मैं सो रही थी.

अवी-अब तक

मोना-नही तो क्या, कल मेरे साथ जो हुआ उसके बाद आराम करना ज़रूरी था.

अवी-क्या हुआ ,क्या कहा कुवरसिंघ ने

मोना-वो मेरी बात मान गया.

अवी-सच

मोना-हां, वो मेले तक रुकने वाला है और उसके बदले मे मेरी चुदाई करेगा.

अवी-जैसा मैं ने कहा था वैसा किया ना

मोना-हाँ, पहले कुवरसिंघ के सामने पेशाब की फिर ज़िप खराब होने का नाटक किया .और कुवरसिंघ ने मदद की

अवी-फिर

मोना-फिर मैं ने कुवरसिंघ से अपने मालिक की बात की ,और मेला ख़तम होने तक का टाइम माँग लिया. और चुदाई करने का ऑफर दिया

अवी-कहाँ की चुदाई

मोना-कुवरसिंघ के दोस्त के फार्महाउस पर

अवी-कैसा करता है कुवरसिंघ चुदाई

मोना-जानवर की तरह पर मुझे पसंद आया.

अवी-कितनी बार किया

मोना-5 बार

अवी-5 बार? मान गये कुवरसिंघ को

मोना-मैं ने 5 बार किया ,कुवरसिंघ ने सिर्फ़ 2 बार किया.

अवी-अच्छे से बताओ

मोना-कुवरसिंघ के साथ बात करने के बाद फार्महाउस पर गये. वहाँ पर कुवरसिंघ ने शराब पीते हुए मेरी 2 बार चुदाई की. जानवर है कुवरसिंघ

अवी-फिर 3 बार किसने किया

मोना-कुवरसिंघ के खास फ्रेंड आए थे.

अवी-1 था या 3 थे,

मोना-3 दोस्त थे, एक एक बार मेरी चुदाई की पर उन 3 के साथ मज़ा नही आया

अवी-तू वहाँ मज़ा करने नही गयी थी.

मोना-पता है, जब कुवरसिंघ मेरी चुदाई कर रहा था तो बार बार सविता सविता कह रहा था.

अवी-तुम्हारी चुदाई सविता कह कर की

मोना-हां, मुझे तो बहुत गुस्सा आ रहा था. चूत मेरी और नाम हो उस सविता का

अवी-और क्या कहा था कुवरसिंघ ने

मोना-बस इतना ही कहा था.

अवी-ठीक है, फिर तुम वापस कब आई

मोना-सुबह

अवी-और तुम्हारी सास कमला काकी उसने कुछ नही कहा

मोना-मैं ने अपनी सास को नींद की गोली खिला दी थी.

अवी-और अब दिन भर आराम कर रही हो

मोना-हन, आज फिर जाना हैना कुवरसिंघ के पास

अवी-क्यू कुवरसिंघ का लंड पसंद आया

मोना-ऐसा नही है, तुम ने ही तो कहा था कि मेला ख़तम होने तक कुवरसिंघ के साथ चुदाई करनी है

अवी-और ये भी कहा था कि सुबह मुझे फोन करना

मोना-वो थकान की वजह से भूल गयी

अवी-कल का काम ठीक किया है इस लिए मैं तुम पे नाराज़ नही हूँ, पर एक बात है कुवरसिंघ के साथ चुदाई करते समय तुम शराब मत पीना नही तो गड़बड़ हो जाएगी

मोना-इतना पता है मुझे

अवी-और आज तुम कुवरसिंघ के पास मत जाना

मोना-मैं ऐसा नही कर सकती, इसका अंज़ाम बुरा होगा.

अवी-मैं ने कहा ना उतना करो,

मोना-पर

अवी-कुछ नही होगा, मुझे पता है कुवरसिंघ को शांत कैसे करना है .

मोना-कैसे

अवी-तुम अभी अपने पति को फोन करके यहाँ बुला लो.

मोना-मेरे पति को यहाँ बुलाऊ ,वो किस लिए

अवी-तुम्हारी कल की चुदाई सुनकर मेरा मूड बन गया है .मुझे तुम्हारी चुदाई करनी है

मोना-तो करो ना, इसमे मेरे पति को बुलाने की क्या ज़रूरत है

अवी-अभी नही रात मे करूँगा.और तुम्हारा पति आएगा तो तुम कुवरसिंघ को बता सकती हो कि तुम अपने पति के साथ थी

मोना-ये आइडिया तो अच्छा है, पर मेरे पति ने मेरे मालिक के बारे मे मेरे भाई को बता दिया तो,कि हम शहर मे मालिक के साथ चुदाई करते है.

अवी-एक काम करना ,अपने पति को एक नींद की गोली खिलाते रहना .और बता देना कि मालिक के साथ शहर मे क्या करते है ये तुम्हारे भाई को ना बताए

मोना-ये भी आइडिया अच्छा है

अवी-तुम्हारे पति को कुवरसिंघ के बारे मे पता नही है.

मोना-मैं ने इस बारे मे कुछ उसे कुछ नही बताया

अवी-शाबाश, तो आज तुम कुवरसिंघ के पास नही जाओगी, अपने पति को आज ही यहा भुला लो,रात मे अपने पति को नींद की गोली खिला देना.रात मे मेरे पास आना,

मोना-ये आइडिया अच्छा है पर इसका हमारे प्लान से क्या रीलेशन है

अवी-वो तुम्हे रात मे बताउन्गा.

मोना-और एक बात

अवी-पूछो

मोना-मेरे पति को बिना बुलाए भी तो कुवरसिंघ को बताया जा सकता है कि मेरा पति आया है

अवी-तुम्हारे बताने से कुवरसिंघ नही मानेंगा. तुम अभी अपने पति को बुलाओ और मेले मे कुवरसिंघ को दिखे ऐसे अपने पति के साथ घूमना ,

मोना-तुम ग्रेट हो

अवी-और रात मे 11.00 बजे आना ,मेरे खेत वाले घर3 मे

मोना-आ जाउन्गी.पर एक और सवाल पूछना है

अवी-पूछो

मोना-ये सविता कौन है

अवी-मुझे क्या पता, वो तो कुवरसिंघ को पता होगा.

मोना-मैं भी ना बेवकूफ़ हूँ, सविता के बारे मे तुम्हे कैसे पता होगा.

अवी-ये सवाल मुझ से किया है, कुवरसिंघ से मत करना

मोना-क्यूँ?

अवी-सविता के नाम से जानवर जैसी चुदाई की है अगर ये सवाल पूछ लिया तो तुम गयी काम से

मोना-समझ गयी.

अवी-अब अपने पति को फोन करके शहर से यहाँ बुला लो,और जल्दी काम पर लग जाओ

मोना-लग गयी समझो

अवी-और हाँ, रात मे आते हुए अपने पति का एक ड्रेस लेकर आना

मोना-वो क्यू?

अवी-तुम्हारी चुदाई अलग तरह से करना चाहता हूँ, समझा करो

मोना-ठीक है. लेकर आ जाउन्गी.

अवी-और कुवरसिंघ तुम्हे अपने पति के साथ देखने के बाद मुझे कॉल करना

मोना-कॉल करने की जगह रात मे मिलूंगी तब बता दूँगी.

अवी-ठीक है, आज रात 11.00 बजे

मोना को आगे का प्लान बताने के बाद मैं ने शहर जाकर कुछ ज़रूरी समान खरीद लिया.और समान को घर3 मे रख कर घर चला गया
 


555

मैं जब घर पहुँचा तो सब मेरा इंतज़ार कर रहे थे

कविता-भैया आज फिर लेट

सीतल दीदी-हम कब से यहाँ इंतज़ार कर रहे है.

स्वेता दीदी-उसे बैठने तो दो, दिन भर काम करने के बाद हमारे लिए भी टाइम निकलता है और तुम हो कि

पूनम दीदी-स्वेता तुम ठीक कह रही हो, थोड़ी देर हो जाती है,लेकिन वो काम करके आता है.

कविता-चलो ना भैया.

अवी-हो गया या कुछ बाकी है.मुझे थोड़ा बैठने दो पानी पीने दो फ्रेश होने दो ,फिर चलते है

लीना-भैया हम आज मेला जाना चाहते है.कल नही.

विद्या-पानी

सीतल दीदी-लो पानी भी आ गया.

मैं ने पानी पी लिया.

अवी-चलो चलते है

कोमल-तुम्हे फ्रेश होना था ना

अवी-उसमे टाइम लग जाएगा. और आज मेले मे कुछ करतब करने वाले आ रहे है.

राजेश-कैसे करतब

अवी-सर्कस जैसे ,पर खुले मे, राज रेकॉर्डिंग करना बंद करो

स्वेता दीदी-जब से तुम ने राज को कॅमरा दिया है वो बस एक तो फोटो निकालता है या फिर वीडियो बनाता है

अवी-फोटो निकलता है ये ठीक है पर रखता कहाँ है.

कोमल-मेरे लॅपटॉप मे और स्वेता दीदी के लॅपटॉप मे

कविता-चलो ना भैया ,हमे करतब देखना है.

विद्या आज चाची के साथ घर पे रुकी. बाकी बच्चा पार्टी के साथ मैं मेले मे आ गया

मेले मे आज करता वाले आए थे, करतब वाले गाओं गाओं जाकर घूम कर अपने करतब दिखाते है. हमारे गाओं मे मेला लगा है ये सुनकर करतब वाले यहाँ आ गये.

मेले का आज का अट्रॅक्षन सेंटर था करतब. कर्टाफ खुले मैदान मे था. ना मंडप और ना टेंट था.ना टिकेट थी.

जिसे जहाँ जगह मिली वो वहाँ से करतब देखेने लग जाता

करतब हो जाने के बाद लोग कुछ पैसे दे देते.

करतब देखने के लिए कुछ ज़्यादा ही भीड़ थी. ऐसे मे हमारे लिए जगह नही मिल रही थी.

अगर कुछ अच्छा इंतज़ाम होता तो मैं सेट्टिंग कर लेता .

पर यहाँ मे किसके साथ सेट्टिंग करू.

राज ,कविता और लीना करतब देखने की ज़िद करने लगे.

मैं क्या करूँ ,कैसे सबको करतब दिखाऊ

मैं सोच रहा था कि रणजीतसिंघ अपनी पत्नी कामिनी और बहन पायल के साथ करतब देखने आ गये

अवी-आप यहाँ

रणजीतसिंघ-हम करतब देखेने आए हैं,और तुम

अवी-हम भी करतब देखने आए थे पर भीड़ देख कर लगता नही हम करतब देख पाएँगे

रणजीतसिंघ-उसकी टेन्षन तुम मत लो,बस हमारा कमाल देखो

रणजीतसिंघ ने अपने आदमियो को हमारे लिए जगह बनाने और बैठने के लिए चेर का इंतज़ाम करने को कहा.

रणजीतसिंघ के आदमियो ने बड़ी मुश्किल से हमारे लिए जगह बना दी.

करतब वालो ने जो सर्कल बनाया था उस मे चेर रखी थी. हम वहाँ जाकर बैठ गये.

रणजीतसिंघ और मेरे आते ही करतब वाले ने हमारा स्वागत किया. हमारा नाम लेकर सब को बता दिया. लोगो ने तालिया बजाकर हमारा स्वागत किया.

फिर करतब शुरू हुई.करतब वालो के जिगर बाज़ करतब देख कर हम शॉक्ड हो गये.

बाइसिकल चलाते हुए अलग अलग करतब दिखाना ,

कुछ औरते चाकू के साथ कलाबाज़ी दिखा रही थी. 3 चाकू को अपने हाथो मे घुमा रही थी.

लड़किया रिंग को अपनी कमर मे घुमा रही थी.

कुछ लड़किया एक रिंग को तो कुछ लड़किया एक साथ 4 5 रिंग को घुमा रही थी.

दूसरी तरफ एक आदमी रिंग को आग लगा कर हाथ मे पकड़ रखहा था और एक लड़की उस आग लगी रिंग मे से जंप मार रही थी

कुछ आदमी तलवार के साथ करतब कर रहे थे.

एक आदमी तो अपनी जीभ पर तलवार की नॉक रख कर बॅलेन्स कर रहा था.

इस तरह के अजीबो ग़रीब करतब देख कर हम खुश हो गये.

हम सब ने करतबों को खूब एंजाय किया.

राज तो अपनी आँखे कॅमरा स्क्रीन पर लगाए हुए था.

जब से राज को कॅमरा मिला तब से वो कॅमरा के थ्रू एंजाय करता था. और बाद मे बाकी सब उस वीडियो को देख कर एंजाय करते थे.

करतब देखते हुए समय का ध्यान नही रहा.

करतब दिखाने के बाद लड़के लड़कियाँ लोगो से पैसे जमा कर रहे थे.

रणजीतसिंघ ने अपने आदमी को कुछ कहा ..वो आदमी करतब दिखाने वाले के पास गया.

करतब वाला-दोस्तो ,हमारे ठाकुर साब रणजीतसिंघ और अवी ने हमारे करतब और कालाबाज़ी से खुश होकर 50,000 रुपये इनाम दिए है. ठाकुर साब और अवी के लिए तालियाँ

लोगो ने जोरदार तालिया बजाना शुरू किया.

मैं ने रणजीतसिंघ की तरफ देखा

रणजीतसिंघ-तुम ऐसे क्या देख करे हो. ये सब करना पड़ता है. हम ने करतब देख कर बस कुछ पैसे दे दिए तो हमारी क्या इज्ज़्ज़त रहेंगी, कुछ दान धर्म करना पड़ता है.

अवी-थॅंक्स

मेरे भाई बहन मेरा नाम सुनकर खुश हो गये.और 50,000 का नाम सुनकर थोड़े शॉक्ड हो गये.

करतब देखने के बाद हम टी पीने चले गये. मैं रणजीतसिंघ के साथ कुछ बातें करने लगा.

अवी-आज आप किसी को भेजने वाले हो ना

रणजीतसिंघ-हाँ

अवी-आधे घंटे बाद भेज देना

रणजीतसिंघ-इतनी जल्दी, क्या बात है

अवी-(हर बार ना करना ठीक नही होगा. आज जल्दी बुला कर रणजीतसिंघ का मान रख लेता हूँ. और रात मे मोना भी तो आएगी. इस लिए जल्दी बुला रहा हूँ ) दोपेहर मे सेक्रेटरी के साथ टाइम पास करने से कंट्रोल नही हो रहा.

रणजीतसिंघ-कहो तो सेक्रेटरी को भेज दूं

अवी-सेक्रेटरी तो अपनी है, जब चाहे मज़ा कर सकता हूँ. पहले बाहर का माल देख लेता हूँ

रणजीतसिंघ-ये हुई ना बात, तुम निकलो मैं लड़की को भेज देता हूँ.

रणजीतसिंघ के साथ बात करने बाद मैं अपने भाई बहनों के साथ घर चला गया. आज शाम 7.00 बजे मेला देख कर वापस आ गये थे.

सी चाची-आज इतनी जल्दी वापस आ गये

सीतल दीदी-आज हम ने करतब देखे जिसकी वजह से जल्दी आ गये

ब चाची-करतब देख कर खूब मज़े किए होगे,हम ने भी बचपन मे खूब करतब देखे है

राज-हां, और भैया ने खुश होकर करतब वालो को 50 000 रुपये दिए

राज ने मुझे मार डाला.

स्वेता दीदी और बाकी सब ने सर पर हाथ रख दिया .

म चाची-वो सब ठीक है, अब चलो आराम कर लो दिन भर कितना खेलते हो

सब अपने अपने घर चले गये.

ब चाची-अवी ये राज क्या कह रहा था. तेरे पास 50,000 रुपये कहाँ से आए

अवी-चाची मेरा सिर्फ़ नाम था पैसे किसी और ने दिए

सी चाची-किसने दिए पैसे

अवी-रणजीतसिंघ ने पैसे दिए और मेरा नाम हुआ

ब चाची-रणजीतसिंघ ऐसा क्यू करेगा.

अवी-रणजीतसिंघ और मैं कौन है?

सी चाची-कौन है?

अवी-हम मेले का काम देख रहे है. मंदिर मे पूजा करते है

म चाची-ये तो सबको पता है

अवी-अगर हम करतब देख कर 100 200 रुपये देंगे तो अच्छा लगेगा

सी चाची-नही.

अवी-इसी लिए रणजीतसिंघ ने अपना और मेरा नाम करके पैसे दिए.

ब चाची-ऐसे कहो ना, ख़ामाखाँ मैं डर गयी थी. पर रणजीतसिंघ को उसके पैसे वापस कर देना

अवी-ठाकुर पैसे वापस नही लेते

ब चाची-वो मुझे पता नही है ,पर तुम्हे पैसे वापस देने होंगे

अवी-ठीक है, कुछ आइडिया लगाकर दे दूँगा.

सी चाची-जैसे कि

अवी-रणजीतसिंघ या उसकी बीवी को गिफ्ट दे दूँगा.

ब चाची-ये ठीक रहेंगा

अवी-पेट भर गया ,

सी चाची-ज़्यादा नाटक मत कर, विद्या अवी के लिए खाना लगा दो

खाना खाने के बाद मैं घर3 चला गया

 
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