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19 थ डे
सुबह बुआ ने मुझे नींद से जगाया.
नीता बुआ-अवी उठो मंदिर जाने मे देर हो जाएगी.
अवी-सोने दो ना चाची
नीता बुआ-चाची के बच्चे चल उठ जा जल्दी,
अवी-बुआ क्या हुआ
नीता बुआ-मंदिर जाना है उठ जल्दी,
मैं उठ गया. कविता और लीना अभी तक घोड़े बेच कर सो रही थी.
मैं उठ कर फ्रेश होने चला गया. सब तय्यार हो चुके थे ,बस मैं कविता और लीना बाकी थे.
मैं जल्दी जाकर फ्रेश हो गया. कविता और लीना भी फ्रेश हो गयी.
फिर कविता और लीना मेरे कमरे मे आ गयी.
लीना-भैया रात कैसे रही
कविता-हमारा गिफ्ट कैसा लगा
अवी-तुम दोनो मुझे सबसे ज़्यादा प्यार करती हो ये कल पता चल गया.
लीना-हम तो आपको बहोत प्यार करते है पर आप नही करते
अवी-मैं तुमसे ज़्यादा तुम्हे प्यार करता हूँ,
कविता-फिर हमारा गिफ्ट कहाँ है
अवी-तो इस लिए तुम्हे लगता है मैं तुम्हे प्यार नही करता.
लीना-हाँ
अवी-ऐसा होता तो मैं गिफ्ट खरीदता ही नही.
लीना-फिर हमे दिया क्यूँ नही
अवी-अगर अभी दिया तो तुम मोबाइल और लॅपटॉप पर लगी रहोगी. और एग्ज़ॅम मे कम मार्क मिलेंगे. फिर बुआ मुझे कहेंगी कि मेरी वजह से तुम को कम मार्क मिले है. तुम चाहोगी कि मुझे बुआ ऐसा कहे
लीना-नही
अवी-तो गिफ्ट कब दूं
कविता-एग्ज़ॅम के बाद
अवी-ये हुई ना बात ,अब चलो मंदिर भी जाना है.
लीना और कविता को समझाने के बाद हम मंदिर चले गये.
मंदिर जाकर पूजा की.
पूजा हो जाने के बाद हम ठाकुरजी की फॅमिली के साथ बाते करने लगे.
मैं हमेशा की तरह रणजीतसिंघ के साथ बाते करने लगा. रणजीतसिंघ ने थोड़ी देर बाते की और चला गया.
रणजीतसिंघ को मीटिंग की तय्यारी करनी थी, रणजीतसिंघ ने बताया कि ये ऑर्डर उनको मिला तो बहोत प्रॉफिट होगा और फिर ये ऑर्डर उनको मिलता रहेगा.
रणजीतसिंघ के जाने के बाद मैं राज के साथ बैठ कर इधर उधर देख रहे थे की रेशमा मेरे पास आ गयी.
रेशमा-अवी
अवी-भाभी आप, कहिए क्या काम है
रेशमा-तुम्हे पता है वो कहाँ है
अवी-क्यू क्या हुआ ,उनका कॉल नही आया
रेशमा-अब कॉल रोज आता है और अलग तरह से बात करते है
अवी-कैसे बात करते है
रेशमा-वो बदले हुए अंदाज़ मे .और पहले तो कॉल नही करते थे और अब रोज सुबह शाम कॉल करके पूछते है कैसी हो ,खाना खाया ,बेटा कैसा है, मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है
अवी-कुछ गड़बड़ नही है, आप टेन्षन मत लो ,मुझ पे भरोसा रखो, उनको कुछ नही हुआ है.वो जल्दी वापस आ जाएँगे
रेशमा-भरोसा रखू, मतलब तुम्हे पता है कि वो कहाँ है
अवी-हाँ,
रेशमा-मुझे बता दो
अवी-नही बता सकता ,पर मुझ पे ट्रस्ट कीजिए
रेशमा-क्यूँ नही बता सकते
अवी-क्यू कि उसने मना किया है,
रेशमा-वो कैसा क्यूँ करेंगे
अवी-भाभी आप मुझ पे भरोसा कीजिए ,वैसे फोन पर बात हो रही हैना.
रेशमा-हाँ
अवी-तो मुलाकात जल्दी हो जाएगी.
रेशमा-ठीक है ,तुम पे भरोसा कर रही हूँ
रेशमा बात कर के चाची के पास चली गयी.
राज-भैया आप किस बारे मे बात कर रहे थे
अवी-वो तेरे काम की बात नही है, चल चाय पीते है
चाय पीने के बाद हम घर चले गये.
घर जाकर मैं ने नाश्ता किया और मंदिर जाकर काम देखने लगा.
रणजीतसिंघ के ना होने से मैं ज़्यादा देर टेंट मे बैठ कर फाइल देख रहा था.
जितना पैसा मंदिर मे जमा हो रहा था उसमे से 30% खर्च हो गया था.
हमारा पर्फॉर्मेन्स अच्छा था.
पानी, खाना, रहना, देख रेख मे खर्च हुए थे.
रणजीतसिंघ की सेकेटरी ने मेले का काम अच्छे से हॅंडल किया था
टेंट मे बैठ कर भोर हो रहा था तो मैं बाहर घूम कर मेले के काम को चेक करने लगा.