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मैं और मेरा परिवार

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674

19 थ डे

सुबह बुआ ने मुझे नींद से जगाया.

नीता बुआ-अवी उठो मंदिर जाने मे देर हो जाएगी.

अवी-सोने दो ना चाची

नीता बुआ-चाची के बच्चे चल उठ जा जल्दी,

अवी-बुआ क्या हुआ

नीता बुआ-मंदिर जाना है उठ जल्दी,

मैं उठ गया. कविता और लीना अभी तक घोड़े बेच कर सो रही थी.

मैं उठ कर फ्रेश होने चला गया. सब तय्यार हो चुके थे ,बस मैं कविता और लीना बाकी थे.

मैं जल्दी जाकर फ्रेश हो गया. कविता और लीना भी फ्रेश हो गयी.

फिर कविता और लीना मेरे कमरे मे आ गयी.

लीना-भैया रात कैसे रही

कविता-हमारा गिफ्ट कैसा लगा

अवी-तुम दोनो मुझे सबसे ज़्यादा प्यार करती हो ये कल पता चल गया.

लीना-हम तो आपको बहोत प्यार करते है पर आप नही करते

अवी-मैं तुमसे ज़्यादा तुम्हे प्यार करता हूँ,

कविता-फिर हमारा गिफ्ट कहाँ है

अवी-तो इस लिए तुम्हे लगता है मैं तुम्हे प्यार नही करता.

लीना-हाँ

अवी-ऐसा होता तो मैं गिफ्ट खरीदता ही नही.

लीना-फिर हमे दिया क्यूँ नही

अवी-अगर अभी दिया तो तुम मोबाइल और लॅपटॉप पर लगी रहोगी. और एग्ज़ॅम मे कम मार्क मिलेंगे. फिर बुआ मुझे कहेंगी कि मेरी वजह से तुम को कम मार्क मिले है. तुम चाहोगी कि मुझे बुआ ऐसा कहे

लीना-नही

अवी-तो गिफ्ट कब दूं

कविता-एग्ज़ॅम के बाद

अवी-ये हुई ना बात ,अब चलो मंदिर भी जाना है.

लीना और कविता को समझाने के बाद हम मंदिर चले गये.

मंदिर जाकर पूजा की.

पूजा हो जाने के बाद हम ठाकुरजी की फॅमिली के साथ बाते करने लगे.

मैं हमेशा की तरह रणजीतसिंघ के साथ बाते करने लगा. रणजीतसिंघ ने थोड़ी देर बाते की और चला गया.

रणजीतसिंघ को मीटिंग की तय्यारी करनी थी, रणजीतसिंघ ने बताया कि ये ऑर्डर उनको मिला तो बहोत प्रॉफिट होगा और फिर ये ऑर्डर उनको मिलता रहेगा.

रणजीतसिंघ के जाने के बाद मैं राज के साथ बैठ कर इधर उधर देख रहे थे की रेशमा मेरे पास आ गयी.

रेशमा-अवी

अवी-भाभी आप, कहिए क्या काम है

रेशमा-तुम्हे पता है वो कहाँ है

अवी-क्यू क्या हुआ ,उनका कॉल नही आया

रेशमा-अब कॉल रोज आता है और अलग तरह से बात करते है

अवी-कैसे बात करते है

रेशमा-वो बदले हुए अंदाज़ मे .और पहले तो कॉल नही करते थे और अब रोज सुबह शाम कॉल करके पूछते है कैसी हो ,खाना खाया ,बेटा कैसा है, मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है

अवी-कुछ गड़बड़ नही है, आप टेन्षन मत लो ,मुझ पे भरोसा रखो, उनको कुछ नही हुआ है.वो जल्दी वापस आ जाएँगे

रेशमा-भरोसा रखू, मतलब तुम्हे पता है कि वो कहाँ है

अवी-हाँ,

रेशमा-मुझे बता दो

अवी-नही बता सकता ,पर मुझ पे ट्रस्ट कीजिए

रेशमा-क्यूँ नही बता सकते

अवी-क्यू कि उसने मना किया है,

रेशमा-वो कैसा क्यूँ करेंगे

अवी-भाभी आप मुझ पे भरोसा कीजिए ,वैसे फोन पर बात हो रही हैना.

रेशमा-हाँ

अवी-तो मुलाकात जल्दी हो जाएगी.

रेशमा-ठीक है ,तुम पे भरोसा कर रही हूँ

रेशमा बात कर के चाची के पास चली गयी.

राज-भैया आप किस बारे मे बात कर रहे थे

अवी-वो तेरे काम की बात नही है, चल चाय पीते है

चाय पीने के बाद हम घर चले गये.

घर जाकर मैं ने नाश्ता किया और मंदिर जाकर काम देखने लगा.

रणजीतसिंघ के ना होने से मैं ज़्यादा देर टेंट मे बैठ कर फाइल देख रहा था.

जितना पैसा मंदिर मे जमा हो रहा था उसमे से 30% खर्च हो गया था.

हमारा पर्फॉर्मेन्स अच्छा था.

पानी, खाना, रहना, देख रेख मे खर्च हुए थे.

रणजीतसिंघ की सेकेटरी ने मेले का काम अच्छे से हॅंडल किया था

टेंट मे बैठ कर भोर हो रहा था तो मैं बाहर घूम कर मेले के काम को चेक करने लगा.

 


674 ए

मेले काम ,फाइल को देखते हुए बोर हो रहा था ऐसे मे मैं टेंट से बाहर आ गया.

और गाओं के कुछ लड़को से पूछ ताछ की माला के बारे मे.

माला ने अपना घर रिया को बेच दिया था. ऐसे मे वो अगर गाओं मे आई होगी तो किसी ना किसी के घर पे ज़रूर रुकी होगी.

मैं ने कुछ लड़को से पूछा पर किसी ने माला को नही देखा था.

मैं ने मंगला काकी ,जिनको गाओं के बारे मे पूरी खबर रहती है. उनको पूछा पर उनको भी माला के बारे मे कुछ पता नही था.

मैं भी पागलो जैसे लोगो को पूछ रहा हूँ. माला गाओं मे क्यूँ आएगी.वो तो सीधा मेले मे आकर चली गयी होगी.

माला अपने पति के साथ शहर के होटेल मे रुकी होगी.

और कल मुझ से टकराने के बाद वो वापस मेले या गाओं मे क्यू आएगी.

वो तो वापस चली गयी होगी.

मैं क्यू माला के बारे मे सोच कर अपना दिमाग़ खराब करूँ. उसको मेरी फिकर नही है तो मैं क्यू उसके बारे मे सोचु.

मैं ने माला को अपने दिमाग़ से निकाल दिया. और मेले के चक्कर लगाने लगा.

लोग दर्शन करने के लिए मंदिर जा रहे थे.

मेला ख़तम होने का टाइम था इस लिए लोगो ने आख़िरी दर्शन करने के लिए भीड़ की थी.

ऐसे भीड़ मे क्या होता है वो मुझे पता था.

चोर अपना काम ऐसे भीड़ मे कर जाते है.

इनको पकड़ना मुश्किल होता है.

मैं इधर उधर देख कर काम कैसा चल रहा है वो चेक कर रहा था.

फिर मैं नाश्ता करने के लिए दुकान मे चला गया.

ओपन दुकान था. रोड पे टेबल रखा था उस पे बैठ कर लोग नाश्ता कर रहे थे.

मैं ने नाश्ता करने की जगह चाय पीना सही समझा .

मैं चाय पीते हुए आते जाते हुए लोगो को देखने लगा.

औरते काफ़ी सज धज कर आई थी . कुछ औरते छोरो को ओपन इन्विटेशन दे रही थी कि आओ और मूज़े लूट लो

इतनी ज्यूयलरी पहन कर मेले मे आओगे तो क्या होगा पता है फिर भी पहन कर आ जाते है.फिर हमारे नाम से चिल्लाते है.

मैं अपनी चाय पीते हुए इसी बारे मे सोच रहा था कि मेरी नज़र एक औरत पे गयी.

मुझे लग रहा था कि मैं उस औरत से मिला हूँ पर याद नही आ रहा था

वो भी बाकी की औरतो की तरह ज्यूयलरी पहन कर आई थी. पर उसका नेककलेस सब से अलग था

देख कर लग रहा था कि बहोत पुराना और खानदानी नेककलेस है.

दूर से देख कर वो नेककलेस सब को अपनी तरफ अट्रॅक्ट कर रहा था.

मैं वापस उस औरत को पहचानने मे लग गया

ये तो वो काकी है जो पहले दिन मिली थी प्रसाद देते समय

ये किस आंगल से काकी लग रही है.

28 29 साल की शादीशुदा लग रही है.

क्या नाम बताया था.

हाँ याद आ गया. शोभा बताया था उसने अपना नाम

मैं शोभा को देखने लगा.

शोभा को देखते देखते मेरी नज़र उसके पीछे चल रही औरत पे गयी.

उस औरत को देख कर ऐसा लग रहा था कि वो शोभा का पीछा कर रही है

शायद वो चोरनी होगी और शोभा का नेककलेस चुराने आई हो

शोभा अपनी धुन मे अपनी फॅमिली के साथ जा रही थी.

अचानक उस औरत ने शोभा के गले मे पहने हुए नेककलेस को ब्लेड से कट मारा

नेककलेस पुराना था जिस की वजह से उसकी बनावट उस चोरनी को समझ नही आई जिस से नेककलेस उसके हाथ मे नही आया.

पर नेककलेस शोभा के गले मे लटक रहा था जैसे कि अभी गिर जाए.

शोभा अपनी मस्ती मे चल रही थी .उसको इस बारे मे कुछ पता नही चला.

वो चोरनी वही पर खड़ी रह गयी. उसे लगा अब वो फिर ट्राइ करेंगी तो पकड़ी जाएगी.

वो चोरनी शोभा को देखती रही.

शोभा कुछ आगे गयी थी कि उसका नेककलेस नीचे गिर गया.

शोभा को इस बारे मे पता नही चला .वो चलते हुए आगे निकल गयी.

शोभा का नेककलेस नीचे गिरते ही वो चोरनी खुश हो गयी.और नेककलेस के पास चली गयी.

मैं भी उस नेककलेस के पास जाने लगा.

मेरे पहले वो चोरनी उस नेककलेस के पास पहुँच गयी.

जब वो चोरनी नेककलेस को उठाने के लिए झुकी ,तो और एक हाथ उस नेककलेस को उठाने के लिए आगे आया.

अब नेककलेस पे 2 हाथ आ गये.

एक दूसरी औरत भी उस नेककलेस उठाने आ गयी.

मैं अपनी जगह पर रुक गया.

मुझे लग रहा था कि कुछ तो होगा. 2 औरते एक नेककलेस ,और नेककलेस शोभा का.

मुझे लग रहा कि कुछ ड्रामा होगा.

पहले ड्रामा देख लेता हूँ फिर इनको देखता हूँ.

मैं उन दोनो को देखने लगा. एक चोरनी और दूसरी को जो मिला वो अपना कहने वाली.

चोरनी-ये मेरा हार है

औरत-ये तेरा कैसे हुआ तू तो उधर से आ रही.

चोरनी-मैं कही से भी आउ ,तुझे क्या लेना देना है.

औरत-आवाज़ नीचे रख, मुझे भी चिल्लाना आता है

चोरनी-चिल्लाके देख यही तेरी ज़ुबान ना काट डाली तो मैं अपना नाम बदल दूँगी

औरत-हाथ तो लगा कर दिखा ,फिर देख मैं क्या करती हूँ

चोरनी-हाथ लगाने की बात क्या करती है

और चोरनी ने उस औरत को धक्का दिया.

वो औरत पीछे जाकर दूसरी औरत से टकरा गयी.

उस औरत को धक्का देने के बाद वो चोरनी नेककलेस लेकर जाने लगी.

उस औरत ने चोरनी को पीछे से धक्का दिया.

वो चोरनी नीचे गिर गयी.

चोरनी-साली छिनाल मुझे गिराती है रुक तुझे अभी दिखाती हूँ

औरत-मुझे छिनाल बोलती है, तू छिनाल तेरी माँ रंडी, और तू रंडी की नाजायद औलाद

चोरनी-मेरी माँ को गाली देती है रुक साली,देख अब तेरी माँ को पूरे गाओं के लंड से कैसे चुदवाती हूँ ,

औरत-तुझे अपने बाप का पता नही होगा. पता नही तेरी माँ ने कितनो से मूह काला करके तुझे पैदा किया है.

चोरनी-मेरा बाप कौन है इसके बारे मे तू मत सोच. तेरे बेटी का बाप कौन होगा वो सोच,

और चोरनी उस औरत पे टूट पड़ी.

दोनो ने एक दूसरे के बाल पकड़ कर नोचना सुरू किया.

लोग उन दोनो का झगड़ा देखने लगे.

कोई कुछ नही कर रहा था ,बस देख रहे थे

 
675

चोरनी-ले ,साली मेरी माँ को गाली देती है

और चोरनी ने उस औरत को जोरदार थप्पड़ मारा.

थप्पड़ खाते वो औरत दूर जाके गिर गयी.

अब तो उस औरत को भी गुस्सा आ गया.

औरत-मुझे थप्पड़ मारा ,रुक तुझे अभी बताती हूँ.

चोरनी-साली मुझे मारेगी.हाथ तोड़ दूँगी

और दोनो एक दूसरे को थप्पड़ ,और धक्के मारने लगी.

दोनो के बाल बिखर गये थे.

दोनो के गाल लाल हो चुके थे.

ऐसे मे उनका झगड़ा बढ़ता जा रहा था.

कुछ औरतें बीच मे आ गयी. और जो लड़के पोलीस की तरह देख रेख कर रहे थे वो भी आ गये.

अब हाथ नही ज़ुबान चल रही थी.

इनका झगड़ा चल रहा था उधर शोभा अपना नेकक्लेस ढूँढने आई थी.

मैं ने शोभा को आवाज़ दिया.

अवी-शोभा शोभा

शोभा इधर उधर देखने लगी.

अवी-शोभा इधर ,दुकान मे

शोभा ने मुझे देख लिया .

और भागते हुए मेरे पास आ गयी.

और हान्फते हुए मुझसे बात करने लगी.

शोभा-अच्छा हुआ तुम मिल गये,मुझे तुम्हारी मदद चाहिए

अवी-पहले बैठो फिर आराम से बात करो

शोभा-मेरे पास बैठने का समय नही है.

अवी-बैठो तो सही. मैं तुम्हारी मदद तभी करूँगा जब तुम बैठोगी.

शोभा के पास दूसरा रास्ता नही था. वो मेरे पास बैठ गयी.

अवी-ये लो पानी पियो

शोभा-तुम समझ नही रहे ,मैं बहुत बड़ी मुसीबत मे हूँ

अवी-पानी पीकर बताओ क्या हुआ

शोभा पानी पीने लगी.

शोभा-वहाँ क्या हो रहा है. वहाँ इतनी भीड़ क्यूँ है.

अवी-कुछ नही झगड़ा हो रहा है. तुम कुछ बताने वाली थी.

शोभा-हां, मुझे तुम्हारी मदद चाहिए

अवी-पहले बताओ हुआ क्या है

शोभा-तुम मेले का काम देख रहे हो ,मेरी मदद कर दो

अवी-मदद कर दूँगा पहले क्या हुआ वो बताओ

शोभा-वो मेरा हार कहीं गिर गया या

अवी-गिर गया या किसी ने चुराया है

शोभा-ऐसा मत बोलो ,अगर वो हार नही मिला तो मेरी सास मेरी जान ले लेगी.

अवी-ऐसा क्या था उस हार मे

शोभा-वो हमारा खानदानी हार है

अवी-अगर वो हार नही मिला था.

शोभा-मेरी सास मुझे घर से निकाल देंगी.

अवी-वो तो बुरा होगा, लेकिन इसमे मैं क्या कर सकता हूँ.

शोभा-तुम वो हार ढूढ़ने मे मेरी मदद करो

अवी-ये मुश्किल काम है,इतना बड़ा मेला ,इतने लोगो मे एक हार ढूँढना मुश्किल होगा.

शोभा-ऐसा मत बोलो ,मैं बड़ी मुश्किल से अपनी फॅमिली को झूठ बोल कर यहाँ हार ढूँढने आई हूँ. तुम ही मेरी मदद कर सकते हो .तुम यहाँ का काम देख रहे हो .मेरी मदद कर दो

अवी-ठीक है करता हूँ कुछ, पर मुझे क्या मिलेगा.

शोभा-तुम जो चाहो मैं वो देने को तय्यार हूँ

अवी-तुम क्या कह रही हो इसका मतलब जानती हो

शोभा-हाँ, इसके सिवा दूसरा रास्ता नही है

अवी-ठीक है. तुम्हे पता है मैं कहाँ रहता हूँ

शोभा-नही

अवी-वो खेत मे तुम जहाँ रुकी हो, वहाँ जो घर है मैं वही रहता हूँ.

शोभा-पर तुम ये मुझे क्यूँ बता रहे हो

अवी-रात को वहाँ आकर हार ले जाना

शोभा-हार कहाँ है

अवी-मैं ढूँढ लूँगा. तुम रात मे आना और सुबह हार लेके चली जाना

शोभा-पर हार कहाँ है

अवी-मुझे पता है किस ने चुराया है तुम्हारा हार

शोभा-पता है तो अभी जाकर लाओ ना

अवी-तुम्हे अगर अभी दिया तो तुम रात मे मुझसे मिलने नही आओगी.

शोभा-मैं आउन्गि. मैं वादा करती हूँ, मुझे अभी हार दो ,नही तो मेरी सास...

अवी-पक्का वादा करती हो

शोभा-हाँ,आ जाउन्गी

अवी-तो रात 11.00 बजे आ जाना

शोभा-मैं आ जाउन्गी ,मुझे हार ला दो

अवी-चलो मेरे साथ ,बस चुप रहना

शोभा-मैं कुछ नही बोलूँगी.

मैं शोभा को लेकर झगड़े वाली जगह पर आ गया.

अवी-क्या हो रहा है यहा पर

लड़का-ये दोनो झगड़ा कर रही थी.

औरत-मैं ने कुछ नही किया.

चोरनी-साब मैं ने कुछ नही किया.इसी ने शुरुआत की थी.

औरत-मैं ने नही इस रंडी ने शुरुआत की थी

चोरनी-तू रंडी, तेरी माँ रंडी.

औरत-साली मेरी माँ को रंडी बोलती है. रुक तुझे अभी बताती हूँ.

और वो चोरनी को मारने जा रही थी कि मैं ने उसको रोक दिया.

अवी-फिर से झगड़ा सुरू किया तो मुझसे बुरा कोई नही होगा.

औरत-इसको बोलो चुप रहने को

अवी-चुप ,दोनो को टेंट मे लेकर आओ

चोरनी-मैं ने कुछ नही किया .मुझे जाने दो

अवी-चुप चाप चलो वरना पोलीस स्टेशन भेज दूँगा.

पोलीस का नाम सुनते वो चोरनी और औरत चुप हो गयी.

लड़के उन दोनो को टेंट की तरफ ले जाने लगे.

शोभा-ये सब क्या है

अवी-देखती जाओ ,आगे क्या होता है ,बस अपना वादा याद रखना

हम टेंट मे पहुँच गये.

 


675 ए

मैं ने लड़को को जाने को कहा.

अवी-शोभा बैठो यहाँ पर

शोभा-ये हो क्या रहा है

अवी-इनको पूछते है. तुम दोनो झगड़ा क्यूँ कर रही थी

चोरनी ने शोभा को पहचान लिया उसे पता था कि अगर हार की बात निकली तो वो फस जाएँगी.

चोरनी-इस ने मेरी माँ को गाली दी थी

चोरनी ने बात बदल दी

अवी-तुम ने इसकी माँ को गाली दी

औरत-इस ने पहले मुझे धक्का दिया फिर गाली दी .

चोरनी-मैं ने कब तुम्हे धक्का दिया.

औरत-तूने मुझे धक्का दिया था.

अवी-फिर सुरू हो गयी तुम दोनो, तुम बताओ कि क्या हुआ था.

औरत-मैं ने रोड पे एक हार देखा ,उसे उठा रही थी कि ये आ गयी और कहने लगी कि हार उसका है.

अवी-उसका ही होगा हार

औरत-नही, इसका नही था, मैं ने देखा था कि वो हार दूसरी औरत का था ,

अवी-किसका था.

औरत-मैं उसका चेहरा नही देख पाई.

अवी-तुम उस हार को क्यूँ उठा रही थी.

औरत-मैं तो उसे पोलीस को देने के लिए उठा रही थी.ताकि जिसका वो हार है उसको मिल जाए.

अवी-वो हार कहाँ है

चोरनी-पता नही वही गिर गया होगा

अवी-तुम्हारे ब्लाउस मे जो है वो क्या है ,

चोरनी-वो वो

अवी-दे रही हो या पोलीस को बुलाऊ

चोरनी-देती हूँ

उस ने हार मुझे दिया.

हार मेरे हाथ मे देख कर शोभा खड़ी हो गयी.

शोभा-ये मेरा हार है

अवी-ये तुम्हारा हार है और इस ने चुराया था.

औरत-मैं ने कहा था ना कि ये हार इसका नही है

अवी-तुम इसको 2 थप्पड़ मारो

औरत-क्या

अवी-मारो उसे थप्पड़

उस औरत ने चोरनी के गाल पर 2 थप्पड़ मारे

अवी-ये लो तुम्हारा इनाम ,

मैं ने 2000 रुपये उस औरत को दिए.

औरत-इसकी क्या ज़रूरत है

अवी-रख लो तुम ने जो अच्छा काम किया है ये उसके लिए है

औरत-ठीक है, मैं इसे एक और थप्पड़ मारू

अवी-मार लो

उस औरत ने चोरनी को एक और थप्पड़ मार दिया .

औरत-दुबारा मेरी माँ को गाली दी तो मार डालूंगी.

अवी-अब तुम जाओ यहाँ से

और वो चली गयी.

अवी-अब बताओ तुम्हारा क्या करूँ

चोरनी चुप चाप खड़ी थी

अवी-पोलीस मे दूं

चोरनी-ग़लती हो गयी. दुबारा ऐसा नही करूँगी मुझे पोलीस में मत देना

अवी-पहले बताओ कि तुम ये सब क्यूँ करती हो

चोरनी-मज़बूरी मे करना पड़ता है

अवी-तुम्हे कैसे मज़बूरी

चोरनी-जिसका पति शराबी हो. और कोई काम नही करता तो वो क्या करेंगी. मुझे अपना घर चलाना पड़ता है

अवी-तो कुछ काम करती

चोरनी-काम ,वो भी करके देखा था , वहाँ भी सब मुझे रंडी बनाना चाहते थे.फिर मैं क्या करती

अवी-तो चोरी करने लगी.

चोरनी-हाँ

अवी-कब से कर रही हो

चोरनी-सालो से ,

अवी-कभी पकड़ी नही गयी.

चोरनी-नही ,आज मज़बूरी थी इस लिए पकड़ी गयी

अवी-कैसी मज़बूरी ,

चोरनी-मेरा बेटा बीमार है

अवी-सच कह रही हो

चोरनी-एक माँ अपने बेटे के बारे में झूठ क्यूँ बोलेगी.

अवी-अपने बेटे को डॉक्टर के पास लेजाने के लिए पैसे चाहिए थे

चोरनी-हाँ

अवी-ये लो पैसे ,

मैं ने 3000 रुपये उसे दिए

शोभा-ये तुम क्या कर रहे हो. इसे पोलीस मे दो.

चोरनी-पोलीस के पास मत भेजो

अवी-शोभा तुम गयी नही. तुम्हे हार मिल गया ना

शोभा-हाँ

अवी-तो यहाँ क्या कर रही हो .तुम्हे अपनी फॅमिली के पास नही जाना.

शोभा-मैं तो भूल ही गयी.मैं चलती हूँ

अवी-अपना वादा याद रखना

शोभा-कैसा वादा

और शोभा हँसते हुए चली गयी

मुझे उसे इतनी जल्दी हार नही देना चाहिए था.

हार मिलते ही पलट गयी.

सोचा था कि आज शोभा की जम कर चुदाई करूँगा

लेकिन शोभा तो मुझे चूना लगा कर चली गयी.

मैं ने अच्छी चूत अपने हाथ से जाने दी.

 


676

शोभा चली गयी.

शोभा के जाते चोरनी मेरी तरफ देखने लगी.

चोरनी-साब मुझे छोड़ दो.मुझे पोलीस मे मत दो

अवी-तुम ने चोरी की है, उसकी सज़ा तुम्हे पोलीस वाले देंगे.

चोरनी-आप कोई भी सज़ा दे दो .पर पोलीस मे मत देना

अवी-क्यूँ जैल जाने से डर लगता है

चोरनी-जैल जाने से नही पोलीस से डर लगता है

अवी-पोलीस से ,वो क्यूँ

चोरनी-मेरी एक साथी को पोलीस पकड़ कर ले गयी थी.पोलीस ने उसके साथ ज़बरदस्ती की. सारे पोलीस वालों ने उसके साथ ,बिचारी उसके बाद कभी दिखाई नही दी.

अवी-पर तुम ने चोरी की है.

चोरनी-आप जो सज़ा देंगे मैं भुगतने को तय्यार हूँ ,चाहे तो आप कुछ भी कर लो पर पोलीस मे मत देना.पता नही पोलीस वाले क्या करेंगे, कितने दिन तक मुझे जैल मे रखेंगे. ऐसे मे मेरे बेटे का क्या होगा.

अवी-मैं अगर पोलीस वालों जैसा करूँ तो

चोरनी-साब आप एक बार करके छोड़ देंगे पर पोलीस वाले तो मुझे खा जाएँगे.और एक बार उनको मेरे बारे में पता चला तो वो मुझे बार बार बुलाते रहेंगे.

अवी-(क्या करूँ, दिखने मे तो ठीक ठाक है ,मुझे इसके साथ चुदाई करनी चाहिए या नही. इसने मजबूरी मे चोरी की. पर ये तो चोरनी है. अगर सज़ा नही दी तो और चोरी करती रहेगी.और मुझे तो सिर्फ़ एक ही सज़ा देने आती है.) तुम सोच लो

चोरनी-मैं ने सोच लिया है.यहाँ आप अकेले करेंगे पर वो पोलीस जानवर है,उनका कुछ नही कह सकते.

अवी-तुम्हे रांड़ बन ना मंज़ूर नही था,और मेरे साथ इतनी जल्दी तय्यार हो गयी.

चोरनी-साब आपने मेरे बेटे के लिए पैसे दिए, मैं अपने बेटे के लिए कुछ भी कर सकती हूँ .मैं ने चोरी की फिर भी आप ने मेरी कहानी सुन कर मेरी मदद की. बस मुझे पोलीस मे मत देना,

अवी-ठीक है नही दूँगा,पर मैं जो करने को कहूँगा वो तुम्हे करना होगा. और दुबारा चोरी ना करने की अपने बेटे की कसम खानी होगी.

चोरनी-मैं कसम खाती हूँ दुबारा चोरी नही करूँगी.कोई दूसरा काम करूँगी.

अवी-आओ मेरे पास

चोरनी मेरे पास आ गयी

मैं ने उसके बूब्स पर हाथ रख दिए

इसके साथ चुदाई करूँ कि नही.

पता नही कितनो के साथ किया होगा इसने

कॉंडम तो है पर मज़ा नही आएगा.

क्या करूँ,

एक काम करता हूँ इसको लंड चूस्वा कर छोड़ देता हूँ .

शोभा अगर रात आई तो

इस से लंड चूस्वा लेता हूँ. और अगर चूत अच्छी हुई तो एक 2 धक्के लगवा दूँगा.

चोरनी-मैं कपड़े निकालूं

अवी-नही, बस ब्लाउस के हुक खोल दो

चोरनी ने ब्लाउस खोल दिया.मैं बूब्स को दबाने लगा.

उसके बूब्स उतने खास नही थे .पर दबाने मे मज़ा आ रहा था.

थोड़ी देर बूब्स दबाने के बाद मैं ने लंड को जीन्स से बाहर निकाल लिया.

चोरनी-साब आपका लंड तो बढ़िया है.

अवी-पसंद आया तो चूसो ,

चोरनी मेरे सामने नीचे बैठ गयी.और लंड को पकड़ कर अच्छे से देखने लगी.

मेरा लंड अच्छे अच्छों को पसंद आता है. ये तो चोरनी है. इसने तो मेरे जैसा लंड देखा ही नही होगा.

चोरनी ने मेरे लंड को चुराना सुरू किया.

अपने चालाकी से लंड को गायब करने लगी.

चोरनी ने लंड को ऐसे गायब किया जैसे गढ़े के सर से सिंग गायब होते है

मेरा लंड उसने अपने मुँह मे ले लिया.

चोरनी ने मेरे लंड को चुरा कर चूस ना सुरू किया.

वो लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे मेरे लंड का ही उसे इंतजार हो.

चोरनी का जोश देख कर लग रहा था कि वो चूस्कर मेरा वीर्य निकाल देगी.

उसने आदगा लंड चूसना सुरू किया तो लंड उसके मुँह मे काफ़ी तेज़ी से अंदर बाहर हो रहा था.

वो खुद मेरे लंड से अपने मुँह को चुदवा रही थी.

वो लंड चूस्ते हुए मेरी तरफ देख रही थी और मेरी तरफ देख कर पूरा लंड मुँह लेकर चूसने लगी.

पर पूरा लंड लेकर चूसना मुश्किल था.फिर भी वो ज़्यादा से ज़्यादा लंड मुँह मे लेकर चूसने लगी.

थोड़ी देर बाद मैं ने उसके सर को पकड़ कर मुँह को चोदने लगा.

उसने अपना मुँह और खोल दिया और मुँह चुदाई का मज़ा लेने लगी.

लंड चूसवाने के बाद मैं ने लंड को उसके मुँह से बाहर निकाला.

चोरनी-कपड़े निकालु

अवी-नही, सिर्फ़ उपर करो. मुझे सिर्फ़ देखना है.

चोरनी-चुदाई नही करोगे.

अवी-अगर अच्छी हुई तो करूँगा वरना फिर से लंड चुसवाउन्गा.

उसने अपनी साड़ी और पेटिकोट उपर करके मुझे अपनी चूत दिखाने लगी.

उसकी चूत बालो से छुपी हुई थी.

अवी-चूत को खोल के दिखाओ

उसने अपने हाथो से अपनी चूत को खोल कर ,अपने बालो से रास्ता बनाते हुए मुझे चूत दिखाई.

उसकी चूत कुछ खास नही थी.

उसके खाने की प्राब्लम है ऐसे मे वो चूत का ध्यान क्या रखती.

मुझे उसकी चूत पसंद नही आई.

अवी-ये क्या है ,कितना गंदा हाल बना कर रखा है.

चोरनी-मेरे पति को मेरी वाली बहुत पसंद है. मेरा पति कहता है मेरी वाली सबसे अच्छी है.

अवी-पर मुझे पसंद नही आई.

मेरी बात सुनते उसने अपना मुँह टेडा किया.

उरको मेरा लंड चूत मे चाहिए था ,

अवी-पलट जाओ ,तुम्हारी गंद देखनी है.

चोरनी पलट कर मुझे अपनी गंद दिखाने लगी.

ये भी कुछ खास नही थी.

कॉंडम लगा कर भी मज़ा नही आएगा.

अवी-तुम लंड को चूस कर मेरा पानी निकाल दो.

चोरनी-चुदाई कर लो, मेरा बहुत मन हो रहा है ,तुम्हारे लंड को लेने को.

अवी-यही तुम्हारी सज़ा है कि तुम तड़फती रहो.

ऐसी सज़ा सुनते उसे गुस्सा आ गया.

पर वो कर भी क्या सकती है.

वो वैसे अपनी सारी और पेटिकोट को उपर रख के मेरे लंड को चूसने लगी.

वो मेरे लंड को चूस्ते हुए अपने एक हाथ से अपनी चूत को सहलाने लगी.

मैं नेउसके हाथ को रोक दिया.

मेरे ऐसा करते वो ज़ोर ज़ोर से लंड को चूसने लगी.

उसका जोश था या गुस्सा पता नही पर मुझे मज़ा आ रहा था.

वो मेरे वीर्य को चूत मे लेना चाहती थी पर मैं ने उसकी इच्छा पूरी नही होने दी.

उसकी चूत की जगह उसके पेट मे जाने वाला था मेरा वीर्य

वो जिस तरह लंड चूस रही थी उस से लग रहा था कि वो सुबह से भूकी हो

चोरनी ने बड़े प्यार से मेरा वीर्य पी लिया

मेरा वीर्य पीते ही वो खुश हो गयी.

वीर्य पीने के बाद वो अपनी चूत खुजाने लगी थी मैं ने उसे ऐसा नही करने दिया.

वो कम्से कम हाथ से तो अपना पानी निकलवा कर खुश होना चाहती थी.

पर उसकी सज़ा उसे भुगतनी थी.

वो चुप चाप मेरे सामने खड़ी रह कर मेरे कुछ कहने का इंतजार करने लगी.

अवी-तुम्हारी सज़ा पूरी हुई. अब तुम जा सकती हो पर दुबारा चोरी करते हुए मिली तो बहुत बुरा हाल करूँगा.

चोरनी-जी साब

फिर वो चोरनी चली गयी. मैं भी घर चला गया.

घर जाकर मैं ने खाना खा लिया और थोड़ी देर आराम करने लगा.

 
676 ए

आराम करने के बाद मैं ने 3.30 पीएम पायल को फोन करके मैदान पर बुला लिया.

पायल अपनी कार लेकर मैदान मे आ गयी.

पायल जैसे कार से नीचे उतरी ,उसका नया रूप देख कर मैं शॉक्ड हो गया.

पायल को मैं ने ज़्यादातर सलवार कमीज़ मे देखा था.

उसको नये ड्रेस मे ,वो भी इतने मॉडरेन ड्रेस मे

जीन्स तो ठीक है.पर स्कर्ट वो भी इतना छोटा.

पायल को इस नये रूप मे देख कर मैं उसको देखता रह गया.

पायल कॅट वॉक करते हुए मेरे पास आने लगी.

कॅट वॉक करने से पायल स्कर्ट मे कुछ ज़्यादा ही हॉट लग रही थी.

पायल मेरे पास आ गयी. और चुटकी बजा कर मुझे ख़याल से बाहर निकाला.

पायल-क्या हुआ कहाँ खो गये.

अवी-तुम पायल हो ना

मेरी बात सुनते पायल हँसने लगी.

पायल-मैं पायल ही हूँ

अवी-इस ड्रेस मे पहले कभी नही देखा ना इसलिए पूछ लिया.

पायल-शहर मे मैं ऐसे ड्रेस पहनती हूँ.

अवी-आज तुम्हारा बर्थ डे होगा.तभी पहना है.

पायल-नही तो,मेरे बर्तडे को टाइम है

अवी-फिर ये नया ड्रेस

पायल-ये कल खरीदा था ,कैसी लग रही हूँ

अवी-हॉट आंड सेक्सी

पायल-मुझे लगा था कि तुम यही कहोगे

अवी-तुम्हारा टॉप सेक्सी लग रहा था,और ये स्कर्ट हॉट है

पायल-थॅंक्स

अवी-तुम शहर मे डेली पहनती हो स्कर्ट

पायल-हाँ

अवी-फिर यहाँ तो तुम सलवार कमीज़ और जीन्स पहनती हो.

पायल-तुम ने वो कहावत तो सुनी होगी. हाथी के दाँत खाने के अलग और दिखाने के अलग होते है.

अवी-कुछ भी हो तुम हॉट लग रही हो.

पायल-थॅंक्स

अवी-बस एक मेहरबानी करना मुझ पर

पायल-क्या

अवी-अपनी हॉट नेस से मुझे पिघला मत देना.

पायल-इतनी कोई हॉट नही हूँ.

अवी-वो भी पता चल जाएगा कि तुम कितनी हॉट हो ,तो सुरू करे

पायल-हाँ चलो ,पर ,तुम अकेले कार चलाना,मैं तुम्हारे साथ नही बैठ सकती.

अवी-मैं ने प्रॉमिस किया है.

पायल-आज मैं ने स्कर्ट पहना है

अवी-प्रॉमिस तो प्रॉमिस होता है मेरे लिए.

पायल-पर

अवी-फिर तुम ऐसे ड्रेस पहन कर क्यूँ आई हो.

पायल-कल तुम ने जो शॉपिंग करवाई थी तब लिया ये ड्रेस,तो तुम दिखाने के लिए पहन कर आ गयी

अवी-मैं ने प्रॉमिस किया है.

पायल-ठीक है चलो

कल की तरह पायल मेरी गोद मे बैठ गयी. बैठने से पायल की स्कर्ट उपर हो गयी.

स्कर्ट उपर होते ही पायल की चिकनी जाँघो के दर्शन हो गये.

पायल की जाँघो को देखते ही मुझे उनको सहलाने का मन हो रहा था

पायल खुद को मेरे पैरो के बीच मे अड्जस्ट कर रही थी.

पायल के ऐसे करने से मेरा लंड उसकी गंद को रगड़ने लगा.

पायल को भी मेरे लंड का टच अपनी गंद पर हो रहा था

फिर भी पायल आगे सरक ने की जगह और पीछे होकर मेरे लंड से अपनी गंद को चिपका कर बैठ गयी.

पायल के ऐसा करने से और उसकी जाँघो को देख कर मेरा मन भटक रहा था पर मैं ने अपना ध्यान कार चलाने पे लगा दिया.

पायल भी मुझे कार चलाते हुए देख कर मुझे कार सिखाने पे ध्यान दे रही थी.

पायल बार बार अड्जस्ट हो रही थी जिसकी वजह से उसकी स्कर्ट उपर हो रही थी.

उसकी चिकनी जांघे देख कर मेरी धड़कने तेज चल रही थी.

पायल को पता चल गया था कि उसकी वजह से मेरा क्या हाल हो रहा है.

पायल मुझे अपना प्रॉमिस तोड़ने केलिए खुद कुछ ज़्यादा अड्जस्ट करने के चक्कर मे मेरे लंड पे अपनी गंद रगड़ रही थी.

मुझे लग रहा था कि मैं अब ज़्यादा देर खुद को रोक नही पाउन्गा ,

ऐसे मे मुझे चाची की बात याद आ गयी. आज कंट्रोल रखा तो कल उसका फल अच्छा मिलता है.

मैं कार चलाने लगा.

मेले मे जाने का समय हो गया जिस से हम ने कार चलाना बंद किया.

पायल और मैं कार से बाहर आ गये.

अवी-चलो चलते है

पायल-रूको मुझे कपड़े चेंज करने है

अवी-इसमे तुम हॉट लग रही हो

पायल-मेले मे ऐसे नही जा सकती.

अवी-तो पहन कर क्यूँ आई.

पायल-तुम्हे दिखाने के लिए कि मैं ने क्या खरीदा है.

अवी-घर चलके बदल देना

पायल-वहाँ अच्छा नही लगेगा. यही कार मे बदलती हूँ

अवी-ठीक है, मैं बाहर रुकता हूँ

पायल पीछे की सीट पर चली गयी.मैं कार से बहुत दूर जाकर कार की दूसरी तरफ देखने लगा.

पायल ने कपड़े चेंज किए .

अवी-अब चले

पायल-हाँ चलो

फिर मैं पायल के साथ घर आ गया.

 
677

पायल ने जीन्स और टी शर्ट पहन ली.फिर हम घर आ गये.

घर से मेरे भाई बहनों को साथ लेकर हम मेले मे आ गये.

मेले मे मैं पायल से दूरी बनाए रख कर मेला एंजाय कर रहा था.. क्यूँ कि यहाँ मेरी जान थी. रानी के सामने सब फीकी दिखती थी मुझे.

रानी हर बात मे खास थी और वो मेरी गर्लफ्रेंड थी.

मेले मे पायल अपने तरह से एंजाय कर रही थी.एक आम लड़की की तरह एंजाय कर रही थी.

विद्या पायल का पूरा ध्यान रख रही थी.

मेले को फिर से स्टार्टिंग से एंजाय करके सब खुश थे.

मेला देखने के बाद मैं सबको घर छोड़ कर वापस मेले मे आ गया.

शीला और उसकी सहेली के साथ मस्ती करने के लिए वापस मेले मे आ गया.

शीला और उसकी सहेली मेरा ही इंतज़ार कर रही थी.

अवी-ज़्यादा इंतज़ार तो नही करना पड़ा

शीला ने कोई जवाब नही दिया. वो मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी.और दुकान के अंदर टेबल पे जाकर बैठ गयी.

अवी-इसे क्या हुआ

सहेली1-शायद वो तुम पे गुस्सा है

अवी-अब किस बात पे गुस्सा

सहेली2-उस्दिन मुझे गले लगाया था उस लिए

अवी-ये भी ना, क्या ज़्यादा गुस्सा है

सहेली2-हाँ, कल तो उसी के बारे में बात करके मेरा दिमाग़ खराब किया.

अवी-तुम कही घूम आओ तब तक मैं शीला को मनाता हूँ

शीला की सहेली चली गयी. और मैं शीला के पास चला गया. शीला कॉर्नर मे लास्ट टेबल पर बैठी थी.

मैं जाकर शीला के पास बैठ गया और उसका हाथ अपने हाथ मे लिया.

अवी-गुस्सा हो

शीला-मैं क्यूँ गुस्सा होउंगी

अवी-फिर इस तरह यहाँ क्यूँ आ गयी.

शीला-मेरी मर्ज़ी

अवी-तुम्हारी मर्ज़ी, ठीक है मैं चलता हूँ, अब हम कभी नही मिलेंगे.

मैं अपनी जगह से उठ गया और जाने लगा कि शीला ने मेरा हाथ पकड़ लिया और बैठ ने को कहा.

अवी-अब रोका क्यूँ ,

शीला-पता नही

अवी-पता करो. ऐसी रहोगी तो कैसे चलेगा. मैं सब छोड़ कर तुम्हारा पास आता हूँ और तुम हो कि.

शीला-तुम मुझसे शादी करोगे

अवी-नही,

शीला-प्यार करोगे

अवी-हाँ

शीला-समझे इसी लिए मैं कन्फ्यूज़ हूँ

अवी-तुम प्यार करती हो

शीला-शायद करने लगी हूँ

अवी-तुम्हे खुद का पता नही है. इस लिए उस्दिन मैं तुम्हारी सहेली पे ट्राइ कर रहा था.

शीला-तुम हो क्या ,मैं समझ नही पा रही हूँ

अवी-ज़्यादा समझने की कोशिस करोगी तो तुम्हे प्राब्लम होगी.

शीला-तो मैं क्या करूँ

अवी-मुझे प्यार करने दो

शीला-पर

अवी-रहने दो ,

शीला-वो नही कर सकती

अवी-तो किस करने तक कैसा रहेगा.

शीला-सिर्फ़ किस

अवी-पूछ रही हो या कुछ और करने को बोल रही हो

शीला-पता नही

मैं ने शीता को पकड़ कर किस करना सुरू किया.

हमे किस करता हुआ देख कर दुकान वाले ने हमारे तरफ की लाइट बंद की.

किस मे शीला का रेस्पोन्स उतना अच्छा नही था.पर ठीक ठाक था.

शीला ने किस करते हुए अपनी आँखे बंद की थी. और किस को फील कर रही थी.

किस करना जल्दी ख़तम करना पड़ा क्यूँ कि हम पब्लिक एरिया मे थे. पर शीला के होंठो का रस पीने मे मज़ा आया.

अवी-अब बताओ कैसा फील हुआ,सच बताना और शरमाना मत

शीला-ऐसा लगा कि किस करती रहूं और किस कभी ख़तम ना हो.

अवी-हम ऐसे धीरे धीरे आगे बढ़ते है अगर तुम्हे अच्छा लगा तो प्यार करेंगे ,क्या कहती हो

शीला-ठीक है, पर मेरे मर्ज़ी के बिना कुछ मत करना,

अवी-ओके डार्लिंग

फिर हम शीला की सहेलियो के साथ घूमने लगे. मैं जाते हुए दुकान वाले को लाइट ऑफ करने के लिए 100 रुपये दिए.

सहेली2-तुम आज जा नही रही गन्ना खाने

सहेली3-नही. एक दिन रेस्ट करना पड़ता है

अवी-रेस्ट ,मज़ा करने मे कैसा रेस्ट करना

सहेली2-सही कहा पर ठंड मे थोड़ा रेस्ट करना पड़ता है

अवी-शीला और मैं ऐसा नही करेगे.

सहेली1-शीला तुम ने बताया नही

शीला-जब करेंगे तब बता देंगे, शायद कुछ हो भी ना

सहेली2-शीला तू ग़लती कर रही है. काश अवी मेरे पीछे पड़ता,तो मैं उसका गन्ना हमेशा लेती रहती

सहेली1-मैं भी यही सोचती हूँ

शीला-लेकिन अवी मेरा है. मैं करूँ या ना करूँ मेरी मर्ज़ी

सहेली1-जैसा तुझे करना है वैसा कर

शीला-तुम सिर्फ़ लेना जानती हो. प्यार करना नही. प्यार करना लेना सीखो

इस छोटी मोटी नोक झोंक के बाद हम मेले मे घूमने लगे.

शीला मेरे साथ चिपक कर मेला घूम रही थी, उसे डर था कहीं उसकी सहेलियाँ मुझे उस से छीन ना ले

फिर शीला के साथ थोड़ी देर मेला घूम ने के बाद मैं शीला और उसकी सहेलियों को बाइ बोल कर घर3 चला गया.

घर3 जाकर मैं सोचने लगा कि शोभा को हाथ से जाने नही देना चाहिए था.

शोभा के साथ मज़ा आ जाता.मैं शोभा के बारे में सोच रहा था कि किसी ने गेट खटखटाया

इतनी रात मे कौन आया. मैं ने जाकर गेट खोला.

सामने एक औरत शॉल लेकर अपना चेहरा छुपा कर खड़ी थी.

वो मुझे अलग करके अंदर आ गयी .ये कौन है मैं ने गेट बंद किया.

उसने शॉल हटा दी,

अवी-तुम

शोभा-क्यूँ किसी और का इंतज़ार कर रहे थे

अवी-मुझे लगा नही था कि तुम आओगी,

शोभा-क्यूँ नही आती ,तुम ने मेरी मदद जो की

अवी-पर तुम ने तो कहा था कि

शोभा-वो तो मज़ाक मे कहा था.

अवी-मज़ाक था ,रूको तुम्हे अभी मज़ाक क्या होता है वो दिखाता हूँ

शोभा-वही तो देखने आई हूँ.

अवी-तुम्हे पता हैना मैं ने क्यूँ बुलाया है.

शोभा-हाँ, और एक बात बताऊ

अवी-बताओ

शोभा-मैं इस दिन के बारे में तब से सोच रही थी जब तुमसे पहली बार बात की थी

अवी-वो तो मुझे भी पता था तभी तो तुम्हारी मदद की थी

शोभा-मदद का इनाम तुम्हारे सामने है

अवी-इनाम तो लूँगा.पर एक बात बताओ कितनो के साथ ऐसी रात बिताई है.

शोभा-मेरा पति और अब तुम्हारे साथ ,लेकिन क्यूँ पूछ रहे थे

अवी-कॉंडम के बारे में सोच रहा था.

शोभा-कॉंडम होगे तो उसके साथ करना ,

अवी-(मैं भी वही सोच रहा था) ठीक है. वैसे तुम्हे याद है ना कि तुम्हे रात भर रुकना है

शोभा-तो पूरा इनाम वसूल करना चाहते हो

अवी-करना तो पड़ेगा क्या पता दुबारा कभी मिले या ना मिले

शोभा-सही कहा ,आज की रात है तुम्हारे पास ,यही तो मज़ा है "रात गयी तो बात गयी"

अवी-अच्छी सोच है तुम्हारी ,

शोभा-ऐसी सोच तुम्हारी भी है , वरना फिर पीछे लग जाते है और उस से परेशानी होगी.

अवी-परेशानी तो तुम्हे होगी कल चलने मे.आगे पीछे से बॅंड बजाउन्गा.

शोभा-पीछे से, कोई बात नही मुझे आदत है

अवी-बाते बहुत हो गयी.रात छोटी है और काम ज़्यादा है.

शोभा-तो तुम्हे रोका किसने है.

अब तो शोभा की बजानी होगी.

 


678

शोभा के साथ बात करने के बाद मैं ने उसे दबोच लिया.

शोभा को पकड़ कर गले लगा लिया और उसके बदन को मसल्ने लगा.

शोभा भी मेरे गले लग गयी और अपने बदन को मेरे शरीर से रगड़ने लगी.

मैं शोभा की गर्दन पे किस करने लगा और अपने हाथ उसकी पीठ और गंद पर घुमाने लगा.

जब मेरा हाथ उसकी गंद पर गया तब मैं ने उसकी गंद को ज़ोर से दबा दिया .जिस से उसके मुँह से चीख निकल गयी.

शोभा-आअहह धीरे करो...सब तुम्हारा है.

अवी-मेरा है तो मुझे अपने तरीके से लेने दो...

और उसकी गंद को दबाते हुए उसके बदन को मसल्ने लगा.

वो मेरा पूरा साथ देने लगी.मैं ने उसके बदन को मसल्ते हुए उसको दीवार से सटा दिया.

उसे दीवार के साथ खड़ा करने के बाद मैं ने उसका पल्लू हटा दिया. पल्लू अलग होते उसके बड़े बड़े बूब्स ब्लाउस से बाहर निकलने को मचल रहे थे

ब्लाउस मे उसके क्लीवेज़ साफ दिख रहे थे. मैं ने अपना मुँह उसके बूब्स मे फसा दिया.

ब्लाउस के उपर से बूब्स के बीच मे किस करने लगा. शोभा मेरे सर पे हाथ घुमाने लगी.

और मदहोश होते हुए शीष्कारी लेने लगी.

आआआआअहह............. तूमम्म्मममममम,,.......... हातूऊऊऊऊओ........ मीईईईई........ जादुउऊुउउ.......हाईईईईईईईईईईई........... आआआआआहह.......मेरईईईईवी......... पतिईईईईईईईईईईई......... नीईईईई भीईीईईईईईईईईईई इथनाआआआआ.........नहियीईईईईईईईईई............. मसलाआआआआअ......मुझीईईई.......... आआआआहह.......

टुमाराआआआअ......... पतिईईईईईईई......... पागलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल.......होगाआआआआआअ....... जूऊऊऊऊओ......तुमक़रीईईईवए......... आमम्म्ममममममम......चूवस्स्सस्स्स्साआआ ........ नहियीईईईईई.....

मैं ब्लाउस के उपर से उसके बूब्स दबाने लगा.

शोभा आहे भरने लगी. मज़े मे मेरा साथ देने लगी.

उपर्र्र्र्र्र्ररर....... सीईईईई .......... हीईीईईईईईईईईईईई........... चूऊसनाआआआआ चाहटीईईई हूऊऊऊ........ आज़ाद करूऊऊऊऊओ......... और्र्र्र्र्र्र्ररर.........खााआआआ........ जाओववववववववववव.......बीनाआआआअ डकार्रर्र्र्र्ररर....... लिइईईई......

मैं ने बूब्स दबाना बंद किया और शोभा की आँखो मे देखा.

शोभा मुझे अपनी तरफ घूरता हुआ देख कर शरमा गयी.

उसकी सासे तेज चल रही थी.

अभी तो खेल चालू हुआ है

मैं ने उसके सर को उपर किया और उसके होंठो के पास अपने होंठ ले गया.

मेरे होंठ उसके होंठो के पास जाते वो खुद मुझे किस करने के लिए अपने होंठ आगे लाने लगी.

मैने उसके होंठो को अपने होंठो से मिलने नही दिया.

मेरे ऐसा करते शोभा ने मेरे सर को पकड़ कर किस करना सुरू किया.

मैं ने भी शोभा के मस्ताने होंठो को का रस पीना सुरू किया.

शोभा को किस करने के साथ अपना हाथ उसकी गंद पे ले गया,और गंद के साथ खेलने लगा.

शोभा ने मेरे सर को पकड़ रखा था.जिस से मैं किस करते हुए एक हाथ से गंद दबाने लगा.

शोभा सिंपल तरीके से किस कर रही थी. अपने होंठो से मेरे होंठ को दबा दिए था. और इसी तरह किस कर रही थी.

मैं ने अपना हाथ उसकी गंद से हटा दिया और अपने तरीके से किस करने लगा.

शोभा के बूब्स को मरोड़ दिया जिस से उसका मुँह खुल गया. और मैं ने उसके उपर वाले होंठ को अपने होंठो मे ले लिया और चूसने लगा.

शोभा को मेरा इस तरह किस करना पसंद आया .वो भी मेरे निचले होंठ को चूसने लगी.

अब जाके किस्सिंग का मज़ा आ रहा था. शोभा नये तरीके किस करने से जोश मे आ गयी.

किस करते हुए वो अपनी जाँघो को मेरे पैरो से रगड़ रही थी.

किस करने के बाद मैं ने उसके गाल पर काट खाया.

गाल पर काटने से शोभा मस्ती मे आ गयी.

मदारचोद्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड.......... काट्त्तटटटटटटतत्त.........क्यूनुउऊुुुउुुउु............ रहाआआआआआ......... हाईईईईईईईईईईई.......... तेरीईई...........बाप्प्प्प्प्प्प्प्प्प्प......... कााआआआ.......... मालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल............ समझज़ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज.......... रखााआआआअ......... हाईईईईईईईईईई.......क्य्ाआआआअ...........

शीला के मुँह से गाली सुनते ही मुझे गुस्सा आ गया.

मैं ने उनके गर्दन को पकड़ कर उपर उठा कर दबा दिया

शोभा को मेरे ऐसा करने से दर्द होने लगा. वो समझ गयी कि मैं जोश मे नही गुस्से मे कर रहा हूँ.

शोभा मेरे हाथो मे तड़फ़ने लगी. उसे सास लेने मे प्राब्लम होने लगी.

दर्द्द्द्दद्ड........हूऊऊऊओ.....रहााआ....... हाईईईईई...छ्ोड़ूऊऊ...... मुझीई..... मैंन्णणन्..... मररर्र्ररर ..... जौंगिइिईईईईई........

शोभा को ऐसे तड़फते हुए देख कर मैं होश मे आ गया.

मैं ने शोभा को छोड़ दिया.

शोभा मुझसे दूर हो गयी और हान्फते हुए मुझे देखने लगी.

गाली सुनकर पता नही मुझे क्या हो गया. इस से पहले भी मैं गलियों के साथ चुदाई कर चुका हूँ.

फिर आज मुझे क्या हो गया.

शायद कुछ ज़्यादा जोश मे आ गया था.

मैं शोभा के पास गया .जो हाफ़ रही थी.

अवी-तुम ठीक हो

शोभा-दूर रहो, तुम तो मुझे मार ही देते

अवी-सॉरी ,

शोभा-कोई ऐसे थोड़े ही करता है. अगर मुझे कुछ हो जाता तो

अवी-तुम्हारी गाली सुनकर मैं जोश मे आ गया था.

शोभा-मैं गालियाँ देते हुए चुदाई करती हूँ.

अवी-आओ ,फिर सुरू करते है.

शोभा-नही.पता नही फिर से क्या कर पाओगे

अवी-करके दिखाता हूँ

और मैं ने शोभा को पकड़ कर फिर से किस करके उसको गरम करना सुरू किया.

शोभा को मेरा किस करना अच्छा लगा था जिस से वो फिर से जोश मे आ गयी.

और मुझे किस करने मे साथ देने लगी.

किस करके उसका मूड ठीक कर दिया.

अवी-मज़ा आया

शोभा-हाँ, और मज़ा चाहिए

शोभा का पल्लू मैं ने पहले हटा दिया था .अब मैं शोभा के ब्लाउस के हुक खोलने लगे .

किस करने से वो खुश थी अब मैं उसके बूब्स से खेलने मे इंट्रेस्टेड था.

मैं ने शोभा के ब्लाउस के हुक खोल दिए और शोभा की ब्लॅक ब्रा मे क़ैद बूब्स मेरे सामने आ गये.

मैं ने उसके बूब्स को क़ैद से आज़ाद किया और ब्रा के हुक खोल कर , ब्रा को निकाल कर फेक दिया.

शोभा का ब्लाउस एक तरफ और ब्रा दूसरी तरफ फेक दिया.

ब्रा के हटते ही बूब्स क़ैद से आज़ाद हो गये .

बूब्स मेरे सामने नंगे होते मैं ने बूब्स को मसलना सुरू किया.

शोभा के नरम नरम मोटे बूब्स को मसल्ने मे इतना मज़ा आ रहा है तो चूसने कैसा लगेगा.

ये पता करने के लिए मैं ने उसके बड़े बड़े बूब्स को चूसना सुरू किया.

शोभा के निपल बड़े थे जिस से मुझे चूसने मे मज़ा आ रहा था.

मैं एक बूब्स को मुँह मे लेकर चूस रहा था तो दूसरे बूब्स को मसल्ने लगा.

शोभा शीष्कारी लेने लगी.

आआआहह.....खााआ.......... जाओववववववववव.......... पूरााआआ....... खााआआ......... लूऊऊऊऊ......

ब्क़्होत्त्त्त्त्त्त्त्त्त........ तन्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग........ करटीईईई.......हाईईईओिईई........

आईसीईईईव......... हीईीईईईई..........

आआआआहह........ माआआआआआआआआअ........मज़ाआआआअ.......आआआआआअ ......रहाआआआआ........हाईईईईईईईईईई........

पर जब मैं उसके निपल पे अपने दाँतों से काट देता तो उसकी शीष्कारी के साथ चीख निकल गयी.

मदर्र्र्र्रर्रचूद्द्द्द्द्दद्ड खट्त्तटटटटटटतत्त ...........क क्यूनुउऊुुुुउउ.......

शीष्कारी लेते हुए शोभा रुक गयी

वो फिर से गालियाँ दे रही थी

मैं ने उस अपने तरीके से एंजाय करने को कहा

फिर क्या था शोभा खुल कर शीष्कारी लेने लगी

आआअहज्ज........ मदारचोद्द्द्द्द्द्द्दद्ड....... काट्त्तटटतत्त.....क्यूनुउऊुुुुुउउ...रहााआआ..... हाईईईईईईईईईईईई...... मेरा पतिईईईईईई....... देकेँगाआआआ....... तो मेरिइईईईईईईईई.......... गंद्द्द्द्द्द्दद्ड............ पीईईईई......... लतह........ माररर्र्र्र्र्ररर...... कार्रर्र्र्र्र्र्ररर....... निकलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल........ देगाआा.........

निकाालल्ल्ल्ल नीईई डूऊऊऊओ मान्ंनननणणन् तुम्हीईईई आअज्जजज्ज्ज्ज्ज खााआ जौंगाआआआ

एक बूब्स को काट कर चूस कर हो जाने के बाद मैं मसल्ने के लिए दूसरे बूब्स को चूसने लगा.

दूसरा बूब्स को दबा कर चूसने लायक कर दिया था जिस से मुझे मज़ा आ रहा था.

मैं बूब को बदल बदल कर चूस कर शोभा को मज़ा दे रहा था.

ये चूसना बहुत हो गया अब शोभा की चूत देखने का समय आ गया था.

मैं ने शोभा की साड़ी उतार दी .शोभा मेरे सामने पेटिकोट मे थी.

मैं ने शोभा को उठा कर बेड पर लिटा दिया.

मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए ,शोभा पेटिकोट मे और मैं अंडरवेर मे था.

 
शोभा को लेटाने के बाद मैं ने उसकी नाभि पे किस किया और उसके पेटिकोट के नाडे को दाँतों मे पकड़ कर खोल दिया

मेरे मुँह मे अपना नाडा देख कर शर्मा गयी .पर पेटिकोट निकालने के लिए अपनी गंद उपर की.

मैं ने पेटिकोट के साथ उसकी पैंटी भी निकाल दी.

शोभा को नंगा करते उसकी बालो वाली चूत मेरे सामने आ गयी.

शोभा की चूत पर बाल थे पर छोटे छोटे थे जिस की वजह से उसकी चूत खिली हुई थी.

मैं ने शोभा की चूत की महक को सूंघ कर उसके नशे मे खो गया.

बहनऑड्ड्डड्ड्स........... सालीईईईवए............ सुंगगगगगगगगगगग......... क्य्ाआआआअ............ रहाआआआअ......... हाईईईईईईईईईईईई.......... खुलीीईईईईईईई........चूवततत्टटतत्त.....तेरीईई............ सामनीईईईई ....... हाईईईईईईईईईई............फद्द्द्द्द्द्दद्ड....... डालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल..........

जिस से कब मैं ने शोभा की चूत पे किस की पता नही चला.

शोभा की चूत पर मैं लगातार किस करता गया.

फिर मैं ने उसकी चूत मे अपनी उंगली डाल कर बाहर निकाली.

मेरी उंगली पूरी गीली हो गयी .शोभा की चूत तो अभी से पानी छोड़ रही है.

मैं ने उस गीली उंगली को मुँह मे डाल कर चाट लिया.

टेस्ट ठीक ठाक था .

शोभा- और मत तड़पाओ ,डाल दो अंदर

अवी-क्या डालु ,उंगली कि लंड

शोभा-लंड डाल दो ,उंगली फिर कभी करना.

मैं ने अपनी अंडरवेर निकाल दी.

और कॉंडम का पॅकेट टेबल से उठा लिया.

शोभा-रूको

अवी-क्या हुआ

शोभा-कॉंडम मुझे दो

अवी-तुम क्या करोगी

शोभा-दो ,फिर पता चल जाएगा.

मैं ने शोभा को कॉंडम दिया .उसने बड़े कातिल अंदाज़ मे अपने दाँतों से पॅकेट खोल दिया.

फिर वो उठ कर मेरे लंड को देखने लगी. वो मेरे लंड को देख कर खुश हो गयी

ईईई...... क्य्ाआआ...... हाीईओिइ...... तुउुुुउइ..... तूऊऊऊओ..... सबकााआआआ...... बाप्प्प्प्प्प्प्प्प...... दिक्ककककककककककक....रहाआआआआअ....... हाईईईईईईईईईई.........

उसने अपने हाथो से मेरे लंड पर कॉंडम लगाया.

और लंड को मुँह मे लेकर गीला किया. शोभा के अंदाज़ से मैं खुश हो गया.

फिर शोभा अपने पैर फैला कर लेट गयी. मैं ने लंड को शोभा की चूत पर सेट किया.

मैं लंड को उसकी चूत पे रगड़ने लगा

आआआअजजजज्ज्ज्ज्ज्ज...... मेरिइईईईईईई........ फटनन्नपननणणनीईईईई......... वालिइीईईईईईईईई......... हाईईईईईईईईईईई............

माआआआअ........... मुझीईईईई............ हिम्मत्त्तटटतत्त......... दएनााआआआ.............

और धीरे धीरे लंड को शोभा की चूत मे डालने लगा.

उसकी चूत गीली हो चुकी थी जिसकी वजह से पहले 2 झटके मे आधा लंड अंदर चला गया.

ये थी उसके पति की गहराई अब मैं चूत मे कुँआ खोदूँगा.

मैं ने शोभा की तरफ देखा और एक ज़ोर दार झटका मारा और पूरा लंड शोभा की चूत मे चला गया.

शोभा को दर्द होने लगा पर उसने अपने होंठ दबा कर रखे थे. बेडशीट को अपने मुट्ठी मे पकड़ रखा था.

पर दर्द इतना था कि उसके मुँह से चीख निकल गयी.

माआआआअ............. मररर्र्र्र्ररर....... मदर्चोद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द......... अपणीईीईईईईईईई................ माआआआआ का मााालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल .......? समझाआआआअ रखााआआआ हाईईईईईईईईईई क्य्ाआआअ........

बहनचोद्द्द्द्द्दद्ड.... अपणीईीईईईई बहन्ंनननननणणन्......... की फद्द्द्द्द्द्दद्ड .......?. ज़ाआाअ.... कार्रर्र्ररर....... मेरिइईईईई.......क्यूनुउऊुुउउ फद्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड ....... रहा......... हाईईईईईईईईई.....

माआआआअ........ मररर्र्र्र्र्र्ररर........ गाइिईईईईईईईई....... मेरईईईईई...... पतिईईईईईईई....... इथनाआआआअ........ दरीएद्द्द्द्द्द्द्द्द नहियीईईईईईई.......

जब उसने मेरा लंड देखा तभी वो समझ गयी थी उसको दर्द होगा.

शोभा मेच्यूर थी. जिस की वजह से मैं रुका नही बल्कि धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करने लगा.

उसकी गालियाँ भी मुझे रोकने को नही चूत फाड़ने को एग्ज़ाइट कर रही थी.

शोभा को चूत मे जलन हो रही थी पर उसे पता था कि जलन थोड़ी देर और फिर मज़ा ही मज़ा

माएआर्चोद्द्द्द्दद्ड........ रुकनाआआआ...... थोड़िईईईईईईईई....... दर्र्र्र्र्ररर........ अपणीईीईईईईई....... माआआआ...... को ...... छोड़नीईए........ जनाआआआअ......... जो इतनीईीईईईईई........ जल्दीीईईईईईईई........ मीईएडीएड........ धक़्क्ीईईईद्द्द्ड.......... माररर्र्र्र्र्र्ररर..... रहााआअ ...... हाईईईईईईईईई.........

शोभा मेरे धक्के के साथ अपने बूब्स दबा रही थी. ताकि जल्दी पानी निकल जाए और जलन ख़तम हो

सालल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्लीीई....... कुचह...... तूऊऊऊऊ.......रहमम्म्ममममम....... कार्रर्र्र्र्र्र्ररर........ फद्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड डालेँगाआआआआज़्ज़ ........ तूऊऊऊऊओ......... मेरााआआअ ......... पतिईईईईईई कााआआ.......... अपणीईीईईईई ........ भानंननननणणन्....... कूऊऊऊ........ छोड़ेगाआआआअ........

हुआ भी ऐसा ही. शोभा की मेहनत और मेरे धक्को की वजह से उसका पानी निकल गया.

पानी निकल ने से वो मस्ती मे मेरा साथ देने लगी.

आआआहह....... आब्ब्ब्ब्ब्ब्बबब......... माररर्र्र्र्ररर........ दिकाआआआ........ अपणीईीईईईईई........ तकट्त्तटटटटटटतत्त......... डीकााआआ........ अपनााआआअ....... जश्ह........

और्र्र्र्ररर....... जोर्र्र्र्र्र्र्ररर ........ सीईएडीए....... माआररर्रररी....... धकक्क्ीईई........ मैंन्ननननणणन् भीईीईईईईई........ तूऊऊऊऊ...... डेकूउुुुुुउउ........ इसस्स्स्सस्स....... गाओंन्न नननणणन् ........ क्ीईई........ लुंद्द्द्द्द्द्दद्ड ......... मीईईई......... किठनाआआआ....... दमम्म्ममममम...... हाईईईईईई......

तुझे दम देखना है तो ले संभाल मेरे धक्को को

आआहह........ माआआआअ....... धीरीईईई....... माआअरर्र्र्र्ररर

-........ तुउउउउउउउउ ....... और्र्र्र्र्र्र्र्ररर ........ तेरााआआअ....... लुंद्द्द्द्द्दद्ड ...... दोनूऊऊऊ...... दमदर्र्र्र्र्ररर...... हाईईईईईईई...... आआअहह धीरीईई........ धीरीईएव........

देखी मेरी ताक़त अब मेरा वीर्य निकालने तक धक्के कम नही होगे

और मैं शोभा की चूत को फाड़ने लगा

मैं भी उसकी चूत का पूरा मज़ा लेने लगा.

फिर मैं ने उसे उल्टा लिटा दिया और पैरो को वी शेप मे फैला दिया .

शोभा के उपर आकर मैं ने पीछे से लंड उसकी चूत मे डाल दिया.

और डिप्स मारने जैसे उसकी चूत मारने लगा.



आआआअहह....... माआआज़ा......... मुझीईईई....... ईईईईई....... मररर्रर्रफ़्र....... डालेँगाआआआअ......

वो इस पोज़िशन मे लेटकर सिर्फ़ अपनी चूत मे लंड का मज़ा लेने लगी.

वो लगातार अपने पैर धीरे और फैलने लगी और मुझे धक्के मारने मे आसानी होने लगी.

फिर शोभा के कहने पे मैं ने पोज़िशन चेंज की.

वो वापस सीधा लेट गयी और अपने पैरो को उपर करके मुँह के पास ले गयी.

5 फुट की शोभा 2.6 फीट की हो गयी.

ऐसे तो मेरे धक्के जोरदार लगेंगे .

शोभा की चूत मे लंड पेल कर उसकी चूत पे अपना पूरा वेट डाल कर धक्का मारने लगा.

Mआआआआअदर्चोद्द्द्द्द....... नहियीईईईईई....... हाईईईईईईई...... तुउुुुुउउ....... बहँचोद्द्द्द्दद्ड....... भीईीईईईईई..... नहियीईईईईई...... हाईईईईईईईईई....... तुउुुुुुुउउ........

आब्ब्ब्ब्ब्बबब...... तूऊऊऊऊ....... रुक्कककककककक ........ जाओववववववव........ माआआआआ.......... तुउुुुुुुुुउउ ....... ईसांंननननणणन्........ नहियीईईईईईईई........ जनवर्रर्र्र्र्ररर....... हाईईईईईईईईईई.......

मेरे लंड की ताक़त ने उसे अपनी गालियाँ वापस लेने पे मज़बूर किया.

क्या धक्के थे ,शोशा तो मस्ती मे शीष्कारी लेने लगी.

फिर से शोभा ने पानी छोड़ दिया और मैं ने लंड बाहर निकाल लिया.

शोभा ने अपने पैर साइड किए जिस से हड्डी टूट ने की आवाज़ आई.

ये तो कुछ नही था.

मैं ने शोभा को एक तरफ होके लिटा दिया और मैं उसके पीछे आ गया.

उसके एक पैर को पकड़ कर हवा मे उठा लिया और लंड को चूत मे डाल कर ज़ोर दार धक्को से चुदाई ख़तम करने लगा.

शोभा की शीष्कारियो से पता चल रहा था कि वो कितनी खुश है.

मैं ने उसके एक बूब्स को दबोच कर अपने आख़िरी झटके मारने लगा.

आख़िरी के झटके कुछ ज़्यादा जोरदार और अनकंट्रोल होते है जिस से उसके बूब्स का बुरा हाल कर दिया.

मारीईई...... आअम्म्म्मममम ककूऊऊऊ?.......... छ्चोद्द्द्द्द्द्दद्ड...... डूऊऊऊ....... दर्द्द्द्द्द्दद्ड...... हूऊऊऊओ..... रहााआआ...... हाईईईईईईई...... मज़ाआआआआ....... आआआआअ......... रहााआआ....... हाईईईईईई.......

जोर्र्र्र्ररर सीईईई मरूऊऊऊ ....... और्र्र्र्र्ररर ...... जोर्र्र्र्र्ररर..... सीईदीई ........ धकीईईदी...... मरूऊऊऊ.....

शोभा मेरे हाथ को अपने बूब्स से हटाना चाहती थी पर मैं अपनी मस्ती मे था.

आआअहह....... दर्द्द्द्द्दद्ड........आआआहज........ मज़ाआआआआ.......?. नहियीईईईईईई........ दर्द्द्द्द्द्द्दद्ड........ नहियीईईई नहियीईईई....... मज़ाआआअ.....

मैंन्ननननणणन् पागलल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल्ल............ हूऊऊओ....... जौंगिइिईईईईईई....

शोभा की बाते मेरा जोश बढ़ा रही थी और मेरे धक्के जोरदार लग रहे थे

मैं अपना वीर्य निकालने पे ध्यान दे रहा था.

फाइनली शोभा को सुकून मिला .मेरा वीर्य निकल गया. और शोभा का दर्द कम हुआ.

लेकिन शोभा के बूब्स मसल्ने से लाल हो गये थे.

मैं तो थक कर ,लंड शोभा की चूत से बाहर निकाल कर बेड पर लेट गया.

शोभा भी मेरे साथ ठंडी पड़ गयी

 
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