S
StoryPublisher
Guest
सी चाची- कोमल के रूप मे भगवान ने आकर तुम्हे होश मे लाया था , पता नही कोमल ने क्या जादू किया , और उसकी एक आवाज़ से तुम होश मे आ गये , लाश से जिंदा हो गये ,
सी चाची- तेरी ज़िम्मेदारी कैसे निभाऊ ये सोच रही थी कि एक दिन तू कोमल.की आवाज़ सुनकर होश मे आ गया , उस दिन हम सबके लिए दीवाली हो गयी खुशी तेरे रूप मे वापस इस घर मे आ गयी , तेरे मूह से माँ वर्ड सुनते हम तो उस दिन को दीवाली की तरह सेलेब्रेट करने लगे थे
अवी-चाची होश मे आओ ,
सी चाची- उसके बाद हमे लगा कि तू फिर से नॉर्मल तरीके से जीना सुरू कर देगा , पर ऐसा नही हुआ , तू होश मे तो आ गया पर भीड़ मे भी अकेले रहने लगा
अवी-चाची आलकी बतो से मुझे डर लग रहा है
सी चाची- तू तो गुम्सुम सा रह कर जी रहा था पर तेरे ऐसे रहने से हम हर दिन मर रही थी , तुझे अकेला देखते तो हम खुद को अकेला समझती थी , तू रोता तो आसू हमारे निकल जाते थे
अवी-चाची बस भी करो
सी चाची- तेरे खुश रहने के लिए हमने क्या कुछ नही किया , पर तुम ने जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी
अवी-चाची चुप हो जाओ
सी चाची- तेरे लिए दादाजी को आश्रम मे ले गये ताकि तू उनको देख कर रोए ना , तुझे जो चाहिए वो दिया , इस घर को तोड़ कर तेरे लिए शहर जैसा ये कमरा बना दिया
अवी-चाची
सी चाची- पर तुझ मे कोई चेंज नही आया
अवी-चाची मैं आप पे गुस्सा नही हूँ प्लीज़ चुप हो जाओ
सी चाची- सुमन दीदी उपवास रखती , मंदिर मे पूजा करती , नये नये वैद्य को दिखाया पर तू तो अपने माँ और पापा को याद करके जी रहा था
अवी-चाची आप मेरी माँ हो
सी चाची- लेकिन उस मेडम ने फिर से तुम मे नयी जान फुक दी
सी चाची- उस मेडम से मिलने के बाद मैं ने एक नये अवी को देखा , ऐसे अवी को जैसा तुम्हारे दादाजी देखना चाहते थे
सी चाची- तुम्हे फिर से हँसता खेलता हुआ देख कर ऐसा लगा कि उस मेडम के पैर पकड़ कर शुक्रिया कहूँ
सी चाची- नये अवी का जनम जिस दिन हुआ उस दिन से हमारे घर मे ख़ुसीयो ने आना सुरू किया , हम माँ बन गयी , घर मे फिर से बच्चों की किल्किलारी सुनने को मिली
चाची की बाते सुनकर मैं रो रहा था
सी चाची- फिर से तुम्हारी बुआ के चेहरे पे खुशी देखने को मिली तुम्हारी वजह से ,
सी चाची- फिर से तुम ने घर को एक नये धागे से जोड़ दिया
सी चाची- जिसकी कल्पना भी तुम्हारी दादाजी ने नही की वो सब हमे तुम्हारे वजह से मिला ,
सी चाची- हमे अपने बेटे ने फिर से माँ बना दिया ,
अवी-चाची
सी चाची- हम तो आज भी तुम्हे अपना बड़ा बेटा मानते है , अमित से ज़्यादा तुझे प्यार करती हूँ , सुमन दीदी सुमित से ज़्यादा तुझे प्यार करती है , सीमा चाची के लिए तू उनका बेटा है , पूजा दीदी के लिए तूने जो किया उस से वो राज से ज़्यादा प्यार तुम्हे करने लगी है , नीता की मदद करके तूने तो बता दिया कि पास्ट रिपीट नही होगा
अवी-चाची
सी चाची- नेहा जो तुम्हारे बारे मे सोच रही थी उस के तुम ऑपोसिट बन गये ,
सी चाची- तुम हम सब के लिए सब कुछ हो ,
सी चाची- हमसे तुम नही हो तुमसे हम है
सी चाची- तुम नही हो तो हम भी नही रहेंगे
सी चाची- तुझे कुछ हो जाता तो हम क्या ज़िंदा रहते
सी चाची- तेरे आँखों मे आसू आते है तो दर्द हमे होता है तो तेरी गर्दन पे चाकू देख कर एक माँ को कैसा लगा होगा
सी चाची- तेरी चाची से पहले हम तेरी माँ है ,
सी चाची- तुझे खो देने के बारे मे सोच भी नही सकते
सी चाची- और तुम अपने गर्दन पे चाकू रख कर मरने की बात कर रहे थे
अवी-चाची
सी चाची- तूने ऐसा करने का सोचा भी कैसे , तेरे ऐसा करने पे मुझे गुस्सा तो आएगा ना , फिर भी तुझे मना रही हूँ
अवी-चाची ग़लती मेरी है , मुझे माफ़ कर दो
सी चाची- दुबारा ऐसा कभी मत करना
अवी-कभी नही करूँगा ,
और मैं ने चाची को गले लगा लिया
सी चाची- अवी हमने बहुत कुछ दर्द झेले है तेरे लिए , हमे और दर्द मत देना
अवी-नही दूँगा
सी चाची- तेरे बिना तो हम जीने का सोच भी नही सकते
अवी-मैं भी आपके बिना कैसे जी सकता हूँ
सी चाची- तूने आज रुलाया है फिर मत रुलाना मुझे
अवी-नही रुलाउन्गा
सी चाची- अकेले छोड़ ने की बात मत करना
अवी-कभी नही करूँगा
अवी-चाची आप ने जो कहा वो क्या सच है
सी चाची- तुझे क्या लगता है
अवी-आधी बाते तो मुझे पता है बाकी की बाते
सी चाची- सब सच है
अवी-दादाजी को मेरी वजह से हार्ट अटॅक आया था
सी चाची- (फिर से नही , भावनाओ मे बह कर जो ना बताना था वो बता दिया )
अवी-चाची क्या दादाजी को हार्ट अटॅक मेरे वजह से आया है
सी चाची- नही रे , तुम्हारे माता पिता के आक्सिडेंट से तुम्हारे दादाजी को एक अटॅक आ चुका था
अवी-फिर उनकी हालत ऐसी क्यू हुई
सी चाची- फिर तेरी हालत , तुझे देख कर उनको फिर से अटेक आया
अवी-पर दादाजी की ऐसी हालत मेरे वजह से हुई ना
सी चाची- ऐसा नही है , अभी तुझे क्या बटाऊ , आज नही किसी और दिन बता दूँगी
अवी-कब
सी चाची- मैं सोच रही हूँ कि हम दादाजी से मिलने जाए , तब बताऊ तो कैसा रहेगा
अवी-ये तो बढ़िया रहेगा
सी चाची- तो उसी दिन बता दूँगी दादाजी के बारे मे
अवी-जी
सी चाची- अब आज की बात को यही ख़तम करते है
अवी-मिट्टी डालते है इस बात पे
सी चाची- ये हुई ना बात , पुरानी बातों मे मिट्टी डालो
सी चाची- वैसे अवी तू सच मे रूठा हुआ था कि नाटक कर रहा था
अवी-आपको क्या लगता है
सी चाची- इतने अच्छे ऑफर छोड़ दिया मुझे ये लगता है सच मे तुम गुस्सा थे
अवी-हाँ मैं गुस्सा था
सी चाची- पर क्या तुझे थोड़ी भी अपनी चाची पे दया नही आई
अवी-आई थी पर आप इतना अच्छा मना रही थी कि मैं बीच मे टोकता क्यूँ
सी चाची- मेरी जान जा रही थी कि तेरा गुस्सा कम.नही हुआ तो क्या होगा
और तू मज़ा ले रहा था
अवी- जान तो मेरी भी जा रही थी
सी चाची-जाने दे पर तूने तो मोबाइल तोड़ दिया
अवी-मेरा 1स्ट मोबाइल था वो
सी चाची-अब मूह छोटा मत कर. मोबाइल नया ले लेना
अवी-देखता हूँ इसका कुछ होता है कि नही , 1स्ट मोबाइल था
सी चाची-बिना वजह तोड़ दिया.
अवी-नया तो ले लूँगा पर ये मज़ाक मुझे पे भारी पड़ गया मेरा मोबाइल टूट गया .
सी चाची-कान पकड़ती हूँ दुबारा ऐसा मज़ाक नही करूँगी
अवी-आप मुझपे गुस्सा हो
सी चाची-नही हूँ
अवी-आप गुस्सा हो,
सी चाची-कहा ना नही हूँ
अवी-आप गुस्सा हो
सी चाची-तू ऐसे नही मानेगा.
और छोटी चाची ने मुझे किस करके अपना प्यार करना शुरू किया
प्यार करके चाची ने सॉरी कहा और माफी भी माँगी और मुझे माफ़ भी कर दिया
सी चाची-अब सो जा
अवी-सो जाउ
सी चाची-रानी को कॉल करके सो जाना.
सी चाची- तेरी ज़िम्मेदारी कैसे निभाऊ ये सोच रही थी कि एक दिन तू कोमल.की आवाज़ सुनकर होश मे आ गया , उस दिन हम सबके लिए दीवाली हो गयी खुशी तेरे रूप मे वापस इस घर मे आ गयी , तेरे मूह से माँ वर्ड सुनते हम तो उस दिन को दीवाली की तरह सेलेब्रेट करने लगे थे
अवी-चाची होश मे आओ ,
सी चाची- उसके बाद हमे लगा कि तू फिर से नॉर्मल तरीके से जीना सुरू कर देगा , पर ऐसा नही हुआ , तू होश मे तो आ गया पर भीड़ मे भी अकेले रहने लगा
अवी-चाची आलकी बतो से मुझे डर लग रहा है
सी चाची- तू तो गुम्सुम सा रह कर जी रहा था पर तेरे ऐसे रहने से हम हर दिन मर रही थी , तुझे अकेला देखते तो हम खुद को अकेला समझती थी , तू रोता तो आसू हमारे निकल जाते थे
अवी-चाची बस भी करो
सी चाची- तेरे खुश रहने के लिए हमने क्या कुछ नही किया , पर तुम ने जीने की उम्मीद ही छोड़ दी थी
अवी-चाची चुप हो जाओ
सी चाची- तेरे लिए दादाजी को आश्रम मे ले गये ताकि तू उनको देख कर रोए ना , तुझे जो चाहिए वो दिया , इस घर को तोड़ कर तेरे लिए शहर जैसा ये कमरा बना दिया
अवी-चाची
सी चाची- पर तुझ मे कोई चेंज नही आया
अवी-चाची मैं आप पे गुस्सा नही हूँ प्लीज़ चुप हो जाओ
सी चाची- सुमन दीदी उपवास रखती , मंदिर मे पूजा करती , नये नये वैद्य को दिखाया पर तू तो अपने माँ और पापा को याद करके जी रहा था
अवी-चाची आप मेरी माँ हो
सी चाची- लेकिन उस मेडम ने फिर से तुम मे नयी जान फुक दी
सी चाची- उस मेडम से मिलने के बाद मैं ने एक नये अवी को देखा , ऐसे अवी को जैसा तुम्हारे दादाजी देखना चाहते थे
सी चाची- तुम्हे फिर से हँसता खेलता हुआ देख कर ऐसा लगा कि उस मेडम के पैर पकड़ कर शुक्रिया कहूँ
सी चाची- नये अवी का जनम जिस दिन हुआ उस दिन से हमारे घर मे ख़ुसीयो ने आना सुरू किया , हम माँ बन गयी , घर मे फिर से बच्चों की किल्किलारी सुनने को मिली
चाची की बाते सुनकर मैं रो रहा था
सी चाची- फिर से तुम्हारी बुआ के चेहरे पे खुशी देखने को मिली तुम्हारी वजह से ,
सी चाची- फिर से तुम ने घर को एक नये धागे से जोड़ दिया
सी चाची- जिसकी कल्पना भी तुम्हारी दादाजी ने नही की वो सब हमे तुम्हारे वजह से मिला ,
सी चाची- हमे अपने बेटे ने फिर से माँ बना दिया ,
अवी-चाची
सी चाची- हम तो आज भी तुम्हे अपना बड़ा बेटा मानते है , अमित से ज़्यादा तुझे प्यार करती हूँ , सुमन दीदी सुमित से ज़्यादा तुझे प्यार करती है , सीमा चाची के लिए तू उनका बेटा है , पूजा दीदी के लिए तूने जो किया उस से वो राज से ज़्यादा प्यार तुम्हे करने लगी है , नीता की मदद करके तूने तो बता दिया कि पास्ट रिपीट नही होगा
अवी-चाची
सी चाची- नेहा जो तुम्हारे बारे मे सोच रही थी उस के तुम ऑपोसिट बन गये ,
सी चाची- तुम हम सब के लिए सब कुछ हो ,
सी चाची- हमसे तुम नही हो तुमसे हम है
सी चाची- तुम नही हो तो हम भी नही रहेंगे
सी चाची- तुझे कुछ हो जाता तो हम क्या ज़िंदा रहते
सी चाची- तेरे आँखों मे आसू आते है तो दर्द हमे होता है तो तेरी गर्दन पे चाकू देख कर एक माँ को कैसा लगा होगा
सी चाची- तेरी चाची से पहले हम तेरी माँ है ,
सी चाची- तुझे खो देने के बारे मे सोच भी नही सकते
सी चाची- और तुम अपने गर्दन पे चाकू रख कर मरने की बात कर रहे थे
अवी-चाची
सी चाची- तूने ऐसा करने का सोचा भी कैसे , तेरे ऐसा करने पे मुझे गुस्सा तो आएगा ना , फिर भी तुझे मना रही हूँ
अवी-चाची ग़लती मेरी है , मुझे माफ़ कर दो
सी चाची- दुबारा ऐसा कभी मत करना
अवी-कभी नही करूँगा ,
और मैं ने चाची को गले लगा लिया
सी चाची- अवी हमने बहुत कुछ दर्द झेले है तेरे लिए , हमे और दर्द मत देना
अवी-नही दूँगा
सी चाची- तेरे बिना तो हम जीने का सोच भी नही सकते
अवी-मैं भी आपके बिना कैसे जी सकता हूँ
सी चाची- तूने आज रुलाया है फिर मत रुलाना मुझे
अवी-नही रुलाउन्गा
सी चाची- अकेले छोड़ ने की बात मत करना
अवी-कभी नही करूँगा
अवी-चाची आप ने जो कहा वो क्या सच है
सी चाची- तुझे क्या लगता है
अवी-आधी बाते तो मुझे पता है बाकी की बाते
सी चाची- सब सच है
अवी-दादाजी को मेरी वजह से हार्ट अटॅक आया था
सी चाची- (फिर से नही , भावनाओ मे बह कर जो ना बताना था वो बता दिया )
अवी-चाची क्या दादाजी को हार्ट अटॅक मेरे वजह से आया है
सी चाची- नही रे , तुम्हारे माता पिता के आक्सिडेंट से तुम्हारे दादाजी को एक अटॅक आ चुका था
अवी-फिर उनकी हालत ऐसी क्यू हुई
सी चाची- फिर तेरी हालत , तुझे देख कर उनको फिर से अटेक आया
अवी-पर दादाजी की ऐसी हालत मेरे वजह से हुई ना
सी चाची- ऐसा नही है , अभी तुझे क्या बटाऊ , आज नही किसी और दिन बता दूँगी
अवी-कब
सी चाची- मैं सोच रही हूँ कि हम दादाजी से मिलने जाए , तब बताऊ तो कैसा रहेगा
अवी-ये तो बढ़िया रहेगा
सी चाची- तो उसी दिन बता दूँगी दादाजी के बारे मे
अवी-जी
सी चाची- अब आज की बात को यही ख़तम करते है
अवी-मिट्टी डालते है इस बात पे
सी चाची- ये हुई ना बात , पुरानी बातों मे मिट्टी डालो
सी चाची- वैसे अवी तू सच मे रूठा हुआ था कि नाटक कर रहा था
अवी-आपको क्या लगता है
सी चाची- इतने अच्छे ऑफर छोड़ दिया मुझे ये लगता है सच मे तुम गुस्सा थे
अवी-हाँ मैं गुस्सा था
सी चाची- पर क्या तुझे थोड़ी भी अपनी चाची पे दया नही आई
अवी-आई थी पर आप इतना अच्छा मना रही थी कि मैं बीच मे टोकता क्यूँ
सी चाची- मेरी जान जा रही थी कि तेरा गुस्सा कम.नही हुआ तो क्या होगा
और तू मज़ा ले रहा था
अवी- जान तो मेरी भी जा रही थी
सी चाची-जाने दे पर तूने तो मोबाइल तोड़ दिया
अवी-मेरा 1स्ट मोबाइल था वो
सी चाची-अब मूह छोटा मत कर. मोबाइल नया ले लेना
अवी-देखता हूँ इसका कुछ होता है कि नही , 1स्ट मोबाइल था
सी चाची-बिना वजह तोड़ दिया.
अवी-नया तो ले लूँगा पर ये मज़ाक मुझे पे भारी पड़ गया मेरा मोबाइल टूट गया .
सी चाची-कान पकड़ती हूँ दुबारा ऐसा मज़ाक नही करूँगी
अवी-आप मुझपे गुस्सा हो
सी चाची-नही हूँ
अवी-आप गुस्सा हो,
सी चाची-कहा ना नही हूँ
अवी-आप गुस्सा हो
सी चाची-तू ऐसे नही मानेगा.
और छोटी चाची ने मुझे किस करके अपना प्यार करना शुरू किया
प्यार करके चाची ने सॉरी कहा और माफी भी माँगी और मुझे माफ़ भी कर दिया
सी चाची-अब सो जा
अवी-सो जाउ
सी चाची-रानी को कॉल करके सो जाना.