चॅप्टर 876
आज का दिन अजीब था मेरे लिए
दादाजी और नानाजी के बारे मे जान कर मैं रात भर सो नही पाया
माँ और पापा के बारे मे जान कर खुशी हुई थी पर नाना नानी के बारे मे जान कर दुख हुआ
पर जो हो गया उसे बदल नही सकते
मैं तो नाना नानी को याद करके रात भर भर रोता रहता
पर छोटी चाची ने मुझे बताया कि मुझे क्या करना चाहिए
छोटी चाची की बात सही थी
इतने दिनो बाद सब के चेहरे पे खुशी दिखाई दी है , ये टूर सबके लिए नयी खुशिया लेकर आएगा
मैं अपनी वजह से दूसरो की खुशियो को कुछ नही होने दूँगा
छोटी चाची की बात मानते हुए मैं कल मंदिर मे जाकर नाना नानी के लिए पूजा करूँगा
और सबके साथ इस टूर को जैसा प्लान किया था वैसे एंजाय करूँगा
यही सब सोचते सोचते थोड़ी देर के लिए मुझे नींद आ गयी
बड़ी चाची के प्यार के आगोश मे सो गया.
सुबह चाची ने मेरे माथे पर किस करके जगाया.
ब चाची-अवी अब कैसा लग रहा .है
मैं ने कोई जवाब नही दिया
मुझे ऐसे चुप देख कर छोटी चाची ने इशारे से स्माइल करने को कहा , और मुझे थप्पड़ भी दिखाया अगर मैं ने ग़लती की तो ......
मुझे चुप देख कर बड़ी चाची के एक्सपीरियंस भी चेंज हो रहे थे
मुझे समझ मे आ गया कि मेरे ऐसे रहने से क्या होगा
मैं ने एक पल के लिए आँख बंद की और रात मे जो हुआ उसको अपने दिमाग़ से निकाल दिया
ब चाची- अवी क्या हुआ , कैसा लग रहा है तुम्हें
अवी-ऐसा की नयी सुबह हुई है.
मेरी बात सुनकर छोटी चाची ने चैन की साँस ली
ब चाची-ये अची बात है. हर दिन की शुरुआत ऐसी करो कि लगे नयी सुबह नयी उम्मीद लेकर आई है ,
अवी-जी,
ब चाची-मीना तू नहाने जाने वाली थी ना
सी चाची- जा ही रही थी
ब चाकगी- बच्चों को भी नहला दे
सी चाची- जी
और छोटी चाची ने मेरे माथे पे एक किस किया और नहाने चली गयी
अवी-और सीमा चाची.
ब चाची-वो आराम कर रही है. वो थोड़ी देर मे उठ जाएँगी तब मिल लेना.
अवी-और चाचा जी,उनका गुस्सा कम हुआ
ब चाची-वो तो अभी यहाँ आकर नीचे घूमने गये है. ये पता करने कि यहाँ घूमने की कौन कौनसी जगह.
अवी-वो हम ने प्लान बना लिया .आप तैयार हो जाइए मैं सबको बता देता हूँ कि हमारा क्या प्रोग्राम है.
ब चाची-पहले तू तो फ्रेश हो जा .
अवी-मेरे फ्रेश होने तक बाकी सब तैयार हो जाएँगे
ब चाची-अवी तू ऐसे ही रहा कर ,तुझे इस तरह देख कर शालिनी भाभी को अच्छा लगता होगा
अवी- जी ,
और मैं ने बड़ी चाची का आशीर्वाद लिया
बड़ी चाची ने मुझे गले लगा कर आशीर्वाद दिया
फिर मैं बाकियो के रूम मे जाने लगा .ये बताने के लिए हमे क्या करने वाले है.
पहले पूजा बुआ के रूम मे गया .राज ने बताया कि पूजा बुआ नहा रही थी . अगर राज ना होता तो मैं भी बुआ के साथ नहा लेता.
फिर मैं नीता बुआ के कमरे मे गया तो ,नेहा बुआ और नीता बुआ साड़ी पहन रही थी.
नेहा बुआ और नीता बुआ एक दूसरे की परछाई दिखती है. अगर उनको एक दूसरे के सामने खड़ा किया जाए तो ऐसा लगेगा कि वो मिरर मे देख रही हो.
अगर यहाँ नेहा बुआ ना होती तो मैं नीता बुआ को प्यार वाली झप्पी ज़रूर देता.
मैं बुआ को तैयार रहने का बोल कर अपनी नटखट बहनों के रूम मे गया.
छोटी चाची सच कहती है , मेरे खुश रहते बाकी सब को खुशी मिलती है
फिर मैं कविता लीना के कमरे मे गया
मैं ने बेल बजाई तो कविता ने डोर खोला .
कविता नहाते हुए डोर खोलने आई थी. उसके बदन पर सोप लगा हुआ था. वो छोटा सा टवल लपेट कर आई थी.पर डोर खोलते ही उसने अपना टवल खोल दिया
अवी-कविता ये क्या है. कोई ऐसे डोर खोलता है क्या
कविता-भैया मॅजिक आइ से मैं ने देखा था. आप थे इस लिए डोर और टवल खोल दिया.
अवी-ठीक है. तुम जल्दी नहा कर तैयार हो जाओ ,ये लीना कहाँ है.
कविता-वो नहा रही है.
अवी-तुम दोनो साथ मे नहा रही थी.
कविता-हाँ,और अब आप भी हमारे साथ नहाने वाले है.
अवी-तुम पागल तो नही हो गयी.
कविता-10 मिनट की बात है. बात तब मे थोड़ी मस्ती करेंगे
अवी- आज नही , कल पक्का
कविता- भैया हम यहाँ मस्ती करने आए है ,, और आप हो कि , जाइए मैं आपसे बात नही करूँगी
अवी- मेरी बात तो सुनो
कविता- मुझे कुछ नही सुना है , आप जा सकते है
यही होगा , इनको कौन बताए कि मैं , इसी लिए छोटी चाची ने कहा था की
अवी-ठीक है. तुम्हें नाराज़ नही करूँगा. लेकिन सिर्फ़ नहाएँगे,, इस से आगे कुछ नही
कविता-लव यू भैया. चलिए लीना को सर्प्राइज़्ड देते है.
और कविता ने मुझे नंगे बाथरूम मे आने को कहा. और खुद भाग कर बाथरूम मे चली गयी.
लीना-कविता कौन था जो इतनी देर लगा दी.
कविता-गेस कर ,
लीना-भैया थे
कविता-हाँ,
लीना-तो उनको जाने क्यूँ दिया. यहाँ लेकर आती. साथ मे नहाते हुए मस्ती करते
मैं नंगा अपने खड़े लंड को लेकर बाथरूम मे आ गया.
अवी-तो तुम्हें मेरा साथ मस्ती करनी है.
लीना-वाउ भैया आप,कविता तेरा जवाब नही.
और लीना भाग कर मेरे पास आ गयी और मेरे गले लगने की जगह मेरे लंड के गले लग गयी.
मेरे लंड को अपने मुँह मे ले लिया.
लीना की इस हरकत पे मुझे हसी आ गयी. मैं ने कुछ सेकेंड उसे लंड चूसने दिया और उसे खड़ा करके अपने गोद मे उठा कर बाथटब मे ले गया.
कविता-लीना ये क्या कर रही थी. भैया ने इसके लिए मना किया
लीना-भैया ये क्या कर दिया.
अवी-अभी कुछ दिन पहले तुम्हें प्यार किया था अब सिर्फ़ थोड़ी मस्ती चलेगी. अगर मस्ती से ज़्यादा करने की सोची तो मैं दुबारा तुम्हारी बात नही मानूँगा.
लीना-ओक ,वैसे आप हमारे साथ नहाने वाले है ये काफ़ी है.
कविता-भैया लीना ने तो उसे प्यार कर ली ,मेरा क्या होगा.
अवी-तुम्हारी ग़लती है जो भाग कर बाथरूम मे आ गयी.
कविता-जाने दीजिए.
और दोनो मुझसे स्नेक की तरह लिपटने लगी.
दोनो अपने नाज़ुक नाज़ुक हाथो से मेरी शरीर को सहलाने लगी.
मेरे कसरती शरीर को पिघलाने लगी.
दोनो का एक हाथ तो मेरे चेस्ट को सहला रहा था और दूसरा हाथ मेरे लंड पे था.
दोनो झगड़ा कर रही थी ,मेरे लंड को अपने हाथो मे पकड़ ने के लिए.
पर सोप की वजह से उनके हाथ फिसल रहे थे.
हम ज़ाक बना कर एक दूसरे के उपर डाल रहे थे.
लीना ने तो झाग को अपने बदन पे ऐसे लगाया कि झाग उसके बूब्स और चूत को छुपा रहे थे.
ऐसा लग रहा था कि उसने झाग की ब्रा पैंटी पहनी हो.
कविता ने अपने गालो पे झाग लगा कर दादी बना दी. और सर पे झाग का ताज पहन लिया.
मेरी दोनो नटखट ,चंचल बहनों के आपस काफ़ी आइडिया थे.
मैं ने दोनो के उपर पानी डालके फिर से उनको नंगा कर दिया.
मेरे ऐसा करते दोनो मेरे उपर टूट पड़ी. और मेरे लंड पे झाग डाल कर हिमालय माउंटन बना दिया
क्रेवीटीविटी का जीता जागता नमूना थी मेरी बहनें.
ये तो कुछ नही, मेरे चेस्ट पे अपने बूब्स जैसे झाग के बूब्स बना दिए.
और लंड भी छुपा दिया.
और मेरे बूब्स देख कर हँसने लगी.
उनकी हसी देख कर मैं उनको कुछ करने से मना नही कर सकता था.
दोनो मेरे साथ अजीबो ग़रीब मस्ती करते हुए नहाने लगी.
पूरे बाथरूम का नक्शा बदल दिया दोनो ने
कविता और लीना जब थक गयी तो मेरे दोनो तरफ मेरी बाहों मे आकर आराम से बाथटब मे बैठ गयी.
कविता-भैया ये कभी बैठा था भी है या ऐसे खड़ा रहता है.
अवी-इतनी सुंदर अप्सरा को देख कर कैसे बैठ सकता था.
लीना-अगर आप कहो तो हम प्यार करके इस बैठा देते है
कविता-एक बार हाँ कर दो
अवी-नही, पहले हम बहुत प्यार कर चुकी हो . मैं नही चाहता कि मेरे प्यार करने से तुम्हारे पति के लिए बचे ही ना
कविता-प्यार मिलता रहेगा तो हम और ज़्यादा खूबसूरत हो जाएँगी.
अवी-किसने कहा.
कविता-हमे पता है. और इंटरनेट पे भी पढ़ा है.
अवी-लेकिन अभी पूरा प्यार करूँगा तो बाद मे कौन करेगा.
लीना-भैया कल किसने देखा है.
अवी-किसीने देखा कि नही मुझे नही पता पर हमे देखना है. समझी
कविता-मतलब
अवी-मतलब हम कल भी प्यार करेंगे
लीना-सच ,हम कल प्यार करेंगे
अवी-मेरी प्यारी बहाना हम कल नही. आने वाले कल की बात कर रहा हूँ
कविता-सीधा सीधा कहो ना लीना के बर्तडे पे प्यार करेंगे.
अवी-वो तुम्हें पता है. मैं फिर से क्यू बताऊ
लीना-भैया हम मेरे बर्तडे पे नया क्या करेंगे
अवी-वो तुम सोचो,
कविता-फिर तो मज़ा आएगा. वैसे भैया एक बात थी.
अवी-क्या?
लीना-भैया हमे रानी दीदी पसंद है. बहुत अच्छी है रानी दीदी.
अवी-तो
कविता-भैया रानी दीदी बहुत अच्छी है.
अवी-कहीं तुम
लीना-भैया आप रानी दीदी से शादी करना ,
अवी-वो तुम्हारी जैसी नही है. वरना उस को अपनी गर्लफ्रेंड बना लेता.
कविता-इतनी सी बात , आप कहो तो हम रानी दीदी को अपने जैसा बना दे
अवी-नही.
लीना-तो भैया आप रानी दीदी से बात करेंगे
अवी-सोचूँगा. वैसे इस बात के लिए टाइम है.
कविता-कोई उड़ा ले जाए उस से पहले रानी दीदी से बात कर लो.
अवी-तुम्हें सच मे रानी को अपने भाभी बनाना है
कविता-हाँ,
अवी-ठीक है, समझो रानी ही तुम्हारी भाभी बनेंगी.
कविता लीना-थॅंक यू भैया.
अवी-तुमने मेरा तो फिक्स किया .तुम्हारा क्या
कविता-मेरी गर्लफ्रेंड लीना है. और बाय्फ्रेंड आप हो
लीना-मेरे बाय्फ्रेंड आप हो और मेरी गर्लफ्रेंड कविता है.
अवी-तो तुम किसी और को बाय्फ्रेंड नही बनाओगी.
कविता-आप से अच्छा मिला तो भी नही बनाएँगे. इसी लिए तो महिला कॉलेज मे अड्मिशन लिया है.
अवी-और शादी
लीना-उसके लिए तो टाइम है पर
कविता-हमारे लिए लड़का आप ढूंढ़ेंगे. जैसे हम ने रानी दीदी को आपके लिए सेलेक्ट किया.
अवी-ठीक है. तुम्हारे लिए राज कुमार ढूंढूंगा
लीना-लेकिन तब तक हमारे राजकुमार आप हो.
अवी-तो रानी के मिलने तक तुम दोनो मेरी रानी रहोगी
कविता-यही तो आपकी बात मुझे पसंद है.
अवी-और क्या क्या पसंद है मुझे पता है.
कविता-भैया एक बार
अवी-ठीक है. मैं 5 मिनट मे शवर लेता हूँ तब तक तुम्हें जो करना है कर लो
मेरी बात सुनते ही दोनो खुश हो गयी.
मैं बाथटब से शवर के नीचे आगया.
कविता ने पहले मेरे लंड को साफ किया .
और अपने मुँह मे लेकर चूसने लगी.
तो लीना मेरे शरीर पे लगा हुआ झाग साफ करने लगी.
फिर लीना मुझे प्यार करने लगी. और कविता ने मेरे उपर फिर झाग डाला और मुझे नहलाने लगी.
दोनो ने मुझे इतना प्यार दिया कि दोनो को अपनी क्रीम खिलाए बिना मुझे चैन नही आता.
दोनो ने बाथटब मे मुझे इतना गरम कर दिया था कि मेरी गरमी जल्दी निकल गयी.
मेरी क्रीम खा कर कविता और लीना खुश हो गयी.
मेरी बहनें जिसके साथ शादी करेंगी उसे इतना प्यार मिलेगा कि वो बेडरूम से बाहर कभी निकलेगा नही.
ऐसे मे उनके लिए लाखों मे एक दूल्हे ढूंढूंगा .
मेरी गरम बहन को ठंडा करने के लिए हिमालय या किसी बर्फ़ीली जगह पे हूनीमन पे भेजूँगा.
मुझे तो उनके नये नये आइडिया और प्लान देख कर लगता है कि दोनो ने शादी के बाद क्या करना है ये भी सोच रखा होगा
पर अभी तो उनके खेलने कूदने के दिन है.
उनको उनके मर्ज़ी से मस्ती करने देता हूँ.
आज़ादी पंछी की तरह लाइफ जीने देता हूँ और ईगल से उसकी रक्षा करने के लिए मैं हूँ ही.
दोनो ने इस दिन की शुरुआत इतनी अच्छी होगी कभी सोचा नही था.
दिन की शुरुआत अच्छी होंगी तो पूरा दिन खुशी या ही खुशिया लाएगा.
दोनो मुझे नहलाने के बाद खुद शवर लेने लगी.
मैं ने दोनो को स्वीट सी किस दे कर जल्दी तैयार रहने को कहा .
इसी लिए चाची मुझे कुछ नही बताती
कुछ बताएँगी और मैं उसी के बारे मे सोच कर आज को खराब कर दूँगा
इसका असर बाकी सब पे होगा
सबने कितना कुछ सोच रखा होगा इस टूर के लिए कि वो ये करेंगे वो करेंगे
अगेर मेरी वजह से उनकी इच्छा पूरी नही हुई तो
जैसे चाचा ने सोचा था कि बड़ी चाची के साथ हूनीमन मनाएँगे पर मेरे वजह से उनको गुस्सा आ गया
कविता लीना ने भी ऐसा कितना कुछ सोचा होगा कि ये करेंगी वो करेंगी
रानी कोमल का भी कुछ प्लान होगा
स्वेता दीदी और सीतल दीदी का प्लान तो मैं ने खुद बनाए है अगर मैं ने इंटेरेस्ट नही दिखाया तो वो प्लान फैल हो जाएगा ,
राज राजेश विद्या ने भी बहुत कुछ सोच रखा है बुआ भी फिर से बचपन एंजाय करेंगी
ये सब मुझपे डिपंड करता है
और वैसे भी इस टूर की ज़िम्मेदारी मैं ने उठाई है ,अगर मैं ही इंटेरेस्ट नही दिखाउन्गा तो ये टूर फैल हो जाएगा
यही सब सोचते हुए मैं अपने कमरे मे आ गया
अपने रूम मे जाते मुझे झटका लगा.