S
StoryPublisher
Guest
चॅप्टर 885
कोमल ने मुझे अपने साथ बारिश मे फसा दिया.
बस अगर एक 2 दुकान के फ़ासले पे होती तो भाग कर बस के पास जा सकते थे.
रोहन भी अपनी कार लेकर पहले निकल गया था. वरना कार शॉप के पास आ सकती थी.
अब उनको पास बुलाना ठीक नही है
बस तो गाँव के बाहर थी.और बारिश भी ऐसी शुरू हुई कि हम शॉप से बाहर निकलते ही गीले हो जाते.
बारिश के साथ अंधेरा भी हो गया.
सब अपनी शॉप बंद कर रहे थे.
अगर ये शॉप भी बंद हो गयी तो हमारे लिए तो प्राब्लम होजाएगी.
अवी-कोमल ये तुम ने क्या
कोमल-अवी पहली बारिश चलो भीगते है.
अवी-कोमल ,
कोमल-मैं मज़ाक नही कर रही.
अवी-एक तो तुम ने यहाँ फसा दिया. और तुम्हें इस तूफान मे भीगने का मन हो रहा है.
कोमल-तुम बे वजह परेशान हो रहे हो.
अवी-बेवजह, तुम्हें कुछ हुआ तो नेहा बुआ मुझे कच्चा खा जाएगी.
कोमल-ऐसा कुछ नही होगा. तुम्हारे होते हुए मुझे कुछ नही होगा
अवी-मैं तुम्हें कुछ होने नही दूँगा. और भीगने का सोचना भी मत
कोमल-अवी ,पहली बारिश
अवी-बिल्कुल नही.
कोमल-तुम मत आओ मैं तो जा रही हूँ
अवी-तुम्हें मेरी कसम अगर बाहर गयी तो
कोमल-ये चीटिंग है.
अवी-चीटिंग तुमने की. क्या ज़रूरत थी ब्रेसलेट लेने की.
कोमल-वो मैं
अवी-कल भी आ सकते थे या फिर मुझे बताती ,मैं लाकर देता.
कोमल-मुझे तुमसे बात नही करनी. और वो ब्रेसलेट मैं ने अपने लिए नही तुम्हारे लिया था.
अवी-मेरे लिए.
कोमल-एक तो तुम्हारा लिए गिफ्ट लूँ और तारीफ करने की जगह गुस्सा हो रहे हो
अवी-अब रोना शुरू मत करना
कोमल-मैं क्यूँ रोने लगी
अवी-दिखाओ मुझे ,क्या लिया है.
कोमल-लो खुद देख लो
कोमल ने मुझे ब्रेसलेट दिया. और दूसरी तरफ मुँह करके खड़ी हो गयी.
मैं ने ब्रेसलेट देखा ,बहुत सुंदर था और उस पे मेरा नाम भी लिखा था.
अवी-कोमल ये मेरे लिए है.
कोमल ने कुछ नही कहा.
अवी-कोमल ये तो बहुत संदर है. मुझे तो बहुत पसंद आया
कोमल-झूठी तारीफ मत करो
अवी-सच ,देखो कितना अच्छा लग रहा है.
ब्रेसलेट पे मेरा नाम लिखा था.
"अवी के "
के- मेरे सरनेम के से स्टार्ट होता है
अवी-पर तुम ने ये नाम अधूरा क्यूँ लिखा.
कोमल-वो शॉप वाला लिखने वाला था कि वोल्टेज कम ज़्यादा होने से उसने मशीन बंद की. मैं ने उससे रिक्वेस्ट की पर उसने शॉप बंद करने की बात कही और तभी तुम आ गये सुर मुझे यहाँ लेकर आ गये
अवी-फिर भी इतना काफ़ी है.चलो मैं भी तुम्हें एक गिफ्ट देता हूँ.
मैं शॉपवाले से पूछने वाला था कि उस शॉपवाले हम पे बिजली गिरा दी.
शॉपवाला-भैया तुम्हें यहाँ से जाना होगा .हम शॉप बंद कर रहे है.
अवी-थोड़ी देर की बात है बारिश कम होते ही चले जाएँगे.
शॉपवाला-भैया ये बारिश रुकने वाली नही है. यहाँ बारिश ऐसी होती है.आपको पहले चले जाना चाहिए था. अभी भी टाइम है कोई टॅक्सी देख कर चले जाओ , अगर और थोड़ी देर रुके तो टॅक्सी भी नही मिलेगी.
मैं और कोमल एक दूसरे के चेहरे देखने लगे.
शॉपवाला-बाहर देख लो .सारी शॉप बंद हो गयी है. सबको पता है ये बारिश जल्दी नही रुकेगी.आप जल्दी चले जाइए वरना आपको परेशानी होगी.यहाँ कई बार बतीश शुरू होती है तो कोई बता नही सकता की कब रुकेगी
मैं ने इसके बारे मे सोचा नही. मुझे पूछना चाहिए था कि बारिश कब रुक सकती है. बिना वजह बस वापस भेज दी.
मुझे तो लगा था 1 घंटे मे बारिश कम होते ही टॅक्सी ले लूँगा. पर यहाँ तो टॅक्सी मिलना मुश्किल होगा.
अवी-मैं फोन करता हूँ. स्वेता दीदी को बुलाता हूँ कार लेकर
शॉपवाला-आपको लगता है इस बारिश मे नेटवर्क होगा. ऐसे मे बड़ी मुस्किल से नेटवर्क रहता है अब तो बारिश शुरू हो गयी.
शॉपवाले सही कहा. नेटवर्क नही था.
वहाँ बुआ का कॉल आया था तब तो नेटवर्क था और अब क्या हो गया
अब क्या करूँ, अकेला होता तो कैसे भी मनेज करता .पर कोमल के होते हुए ,
मुझे खुद को शांत रखना होगा. और इसका हल ढूँढना होगा.वरना कोमल बिना वजह डर जाएगी
अवी-भैया ये जेंट्स शॉप है.
शॉपवाला-हाँ
अवी-तो हमे लार्ज साइज़ के 2 शर्ट दीजिए. और एक प्लास्टिक बॅग. और छाता .एक टॉर्च मिल सकती है.
शॉपवाले ने मुझे शर्ट और प्लास्टिक तो दिया पर छाता और टॉर्च नही दी.
शॉपवाला-भैया यहाँ छाता और टॉर्च नही मिलती.और रेनकोट भी नही है हमारे पास
कोमल- वो वहाँ रखी है ना.
शॉपवाला-वो मेरी है. चलो आपकी परेशानी समझते हुए आप ले जा सकते है. पर इसके भी पैसे लूँगा.
अवी-ठीक है. और मुझे ये बताइए टॅक्सी कहाँ से मिलेगी.
उसने हमे टॅक्सी का पता बता दिया.मैं ने शॉपवाले को पैसे दिए.
मैं ने हम दोनो के मोबाइल और एक शर्ट बॅग मे डाल कर बॅग को अपनी बनियान के अंदर डाल दिया.
कोमल-ये क्या कर रहे हो
अवी-तुम देखती जाओ, ये शर्ट तुम पहन लो. ताकि तुम्हारा ड्रेस ज़्यादा गीला नही होगा.
कोमल-रैन कोट होगा तो पूछ लो
शॉपवाला-वो भी नही है.
और उस शॉप वाले ने बाहर जाके देखा
शॉपवाला-सभी दुकान बंद हो गयी
अवी-तुम शर्ट पहन लो. आज हम पहली बारिश मे भीगने का मज़ा लेंगे
कोमल-तुम्हें मुझपे गुस्सा आ रहा होगा ना
अवी-नही. तुम्हारी वजह से बारिश मे भीगने का मोका मिल रहा है.पहली बारिश
कोमल-पहले तुम मना कर रहे थे
शॉपवाला-भैया थोड़ा जल्दी करेंगे. मुझे शॉप बंद करनी है.
कोमल ने शर्ट पहन लिया.और हम छाते के नीचे आकर टॅक्सी ढूँढने के लिए निकल पड़े
एक बात अच्छी हुई कि हवा बंद हो गयी थी.सिर्फ़ बारिश चल रही थी.
वरना हमारा छाता तो उड़ जाता
अवी-तुम क्या कह रही थी.
कोमल-तुम मना कर रहे थे ना बारिश मे भीगने से
अवी-कोमल, भगवान यही चाहता है कि हम बारिश का मज़ा ले.
कोमल-स्मार्ट आन्सर
अवी-खुब्सरत लड़की साथ मे हो तो स्मार्टनेस दिखानी पड़ती है
कोमल-अपनी स्मार्टनेस दूसरी जगह लगाओ. देखो सब शॉप बंद है. और टॅक्सी का नामो निशान नही है
अवी-जितना टेन्षन लेंगे उतनी मुश्किल होंगी. टॅक्सी मिलनी होंगी तो मिल जाएगी.
कोमल-तुम तो ऐसे कह रहे हो कि टॅक्सी ना मिली तो होटेल तक पैदल चले जाएँगे
अवी-हमारा होटेल 10 किमी दूर है.
कोमल-अगर टॅक्सी ना मिली तो
अवी-वो बाद मे. पहले मेरे साथ चिपक कर चलो तुम गीली हो रही हो.
कोमल-हम भिगेंगे नही तो मज़ा कैसे आएगा पहली बारिश का
मैं ने कोमल की कमर मे हाथ डाला और उसे अपने से चिपका दिया.
मेरे ऐसा करते ही कोमल मेरी तरफ देखने लगी. और मुझसे चिपक गयी.
हम बारिश मे थोड़ा भिगते हुए आगे आगे चलने लगे .पर टॅक्सी नही मिली.
मेरा हाथ वैसे ही कोमल की कमर मे था. जिस से बारिश मे गरमी बढ़ रही थी.
उसकी गीली कमर मे हाथ फिसल रहा था.
रोड पे पानी जमा हुआ था जिस से मैं फिसल गया.
फिसल ने से मेरा हाथ कोमल की कमर पे फिसलने लगा
फिसलते हुए हमारे हाथ मे जो आता है वो पकड़ लेते है.
ऐसे मे मेरे हाथ मे जो चीज़े आई उसे पकड़ते मुझे करेंट लगा.
कमर से मेरा हाथ फिसल कर कोमल की हिप पर चला गया.
और मैने फिसलने से बचने के लिए उसके चूतड़ को पकड़ लिया था.
चूतड़ को दबातें ही कोमल के मुँह से आउच निकल गया.
मेरे हाथ को चूतड़ का टच पता था.
मेरे शरीर को करेंट लगते ही मैं ने चूतड़ को छोड़ दिया.
और कोमल ने भी राहत की सास ली.
इस घटना के बाद तो जैसा मुझे समझ नही आ रहा था कि मैं क्या करूँ.
मैं क्या कहूँ कोमल को. ये एक आक्सिडेंट था.
हम दोनो चुप चाप एक दूसरे को देखने लगे
मुझे तो समझ ही नही आ रहा था कि क्या कहूँ
कोमल भी शर्मा रही होंगी
मुझे तो लग रहा था कि कोमल को गुस्सा आएगा
फिर भी कोमल मेरे बारे मे क्या सोचेंगी.
मुझे लग रहा था कि मैं क्या करूँ. ऐसे मे कोमल ने बात शुरू की.
कोमल-अवी टॉर्च मुझे दो .मैं रास्ता दिखाती हूँ. वरना तुम फिर फिसल जाओगे
अवी-वो मैं ,मैं वो , फिसल गया , मैं ने ग़लती से
कोमल- अभी तो तुम फिसले थे और अब तुम्हारी ज़बान फिसल रही है
अवी- वो मैं
कोमल- टॉर्च
अवी- हाँ हाँ टॉर्च , लो टॉर्च.
कोमल- रास्ते पे बहुत गढ्ढे है. आक्सिडेंट हो जाता है.
मैं ने उस पे कुछ नही कहा
कोमल टॉर्च पकड़ कर चलने लगी.
कोमल-अवी एक जोक सुनोगे
अवी-क्यूँ नही.ज़रूर
कोमल-एक बार एक हाथी बारिश मे भिगते हुए घर जा रहा था. रास्ते मे उसे चिटी मिल गयी. तो चिटी ने पूछा तुम बारिश मे भागते हुए घर क्यूँ जा रहे हो. तो हाथी ने कहा कि पेड़ को पानी देने का समय हो गया है. अगर पानी नही दिया तो पेड़ हमे फ्रूट कैसे देगा .
अवी-हा हा हा ,नाइस जोक ,बारिश मे पानी देगा पेड़ को.
कोमल-आगे सुनो. चिटी भी भागने लगी. तो हाथी ने पूछा तुम्हें क्या हुआ .तो चिटी ने कहा कि मुझे मेरी बीवी ने कपड़े धो कर छत पे सुखाने कहा था वही सुखाने का भूल गया , घर जल्दी जाकर कपड़े सुखाने डालने होंगे छत पर
अवी-हा हा ,बारिश मे छत पे कपड़े सुखाने डालेगा.
कोमल-आगे सुनो, हाथी ने कहा मेरी छत पे कपड़े मत सुखाना .कल ग़लती से तुम्हारी बीवी के कपड़े मेरी बीवी ने पहन लिए थे , और कह रही थी कि वो आज स्लिम हो गयी है
अवी-बस कोमल. और नही ,पेट दुख रहा है हँसते हुए.
कोमल-अवी, टॅक्सी कहाँ है. हम तो इस गाओं के बाहर आ गये
अवी-तुम्हारे जोक मे पता ही नही चला.
कोमल-मुझे तो अब डर लग रहा है
अवी-मेरे होते हुए
कोमल-कोई लड़की तुम्हें अकेला देख कर तुम्हारा फ़ायदा ना उठा ले इस बात का डर लग रहा है.
अवी-मुझे बचा लेना .पता नही यहाँ की लड़किया कैसी है.
कोमल-वेरी फन्नी
अवी-शुरुआत तुम ने की थी.
कोमल-अवी कुछ करो ना. मुझसे और चला नही जाता.
अवी-मैं गोद मे उठा लूँ.
कोमल-सीरियस्ली
अवी-यहाँ तो कोई घर दिखाई नही दे रहा है.
कोमल-अवी हवा चलने लगी है.
अवी-कोमल पकड़के रखना वरना तुम उड़ जाओगी.
मैं तो इस सिचुएशन से डर ख़तम करने के लिए मज़ाक मस्ती का सहारा ले रहा था
लेकिन अचानक तेज हवाएँ चलने लगी और हमारा छाता
कोमल-छाता
कोमल ने इतना कहा था कि तेज हवा से हमारा चटा टूट गया.
और हम भीगने लगे.
मैं ने कोमल को जल्दी पास के पेड़ के नीचे चलने को कहा.
लेकिन तब तक हम 75% भीग चुके थे.
फिर भी हम बारिश की तेज बूँदो से बचने के लिए पेड़ के नीचे आ गये.
पेड़ के नीचे आ तो गये फिर भी हम भीग रहे थे.
अब तो हम पूरी तरह से भीग गये थे.
कोमल ठंड से काप रही थी.
कोमल का ड्रेस उसके बदन से चिपक गया था.
अवी-कोमल मेरे गले लग जाओ
कोमल-मैं ठीक हूँ
मैं ने उसको पकड़ कर अपने गले लगा लिया. कस के पकड़ लिया
अवी-तुम मेरी बात मान लिया करो.
कोमल-मैं ठीक थी.
अवी-दिख रहा था. तुम पूरी काप रही हो
कोमल-वो तो
अवी-अब देखो तुम्हारी ठंड गायब हो गयी है.
कोमल-लेकिन हमे किसी ने ऐसे देख लिया तो
अवी-यहाँ बारिश मे कौन आएगा.
कोमल को गले लगाते ही हमारी सर्दी गायब हो गयी.
कोमल का नाज़ुक बदन मेरे कसरती शरीर से चिपकते ही हमारे बदन मे गर्मी पैदा होने लगी.
हमारी धड़कने तेज चल रही थी.
हम तो जैसे भूल गये थे हम बारिश भीग रहे थे.
जवान बदन एक दूसरे के संपर्क मे आते ही जवानी की ज्वाला मे जलने लग जाते हैं.
हम भी तेज बारिश मे जल रहे थे.
जवानी की ज्वाला हमारे अरमान को जगा रही थी.
अरमान जागने मे ज़्यादा समय नही लगता .इसका पता पहले कोमल को लगा.
कोमल-अवी मुझे कुछ चुभ रहा है
अवी-क्या
कोमल-कुछ नही.
शायद कोमल समझ गयी थी वो क्या है
और ग़लती से वो क्या बोल गयी इसका पता चलते ही कोमल शरमा गयी
मुझे थोड़ी देर मे समझ आया क्यूँ कि मेरा ध्यान कोई सेफ जगह ढूँढने पर था
मैं ने ,ये तो ,शिट ,मेरा लंड टाइट हो गया था.वो कोमल को चुभ रहा था.
मुझे कोमल का माइंड दूसरी तरफ डाइवर्ट करना होगा.
अवी-कोमल
कोमल ने कोई जवाब नही दिया.
मैं ने कोमल की कमर मे चींटी काट ली. तो कोमल होश मे आ गयी.
अवी-कहाँ खो गयी थी.
कोमल-क्या हुआ
अवी-वो देखो एक बाइक आ रही है.
कोमल-ये तो गाओं की तरफ जा रही है और हमे दूसरी तरफ जाना है
अवी-उस से पूछ लेते है. यहाँ से होटेल कैसे जाएँगे.
हम उस बाइक को रोकने वाले थे कि वो बाइक हमारे पास आकर रुक गयी.
बाइक वाला-क्या हुआ. ऐसे यहाँ क्यूँ खड़े हो
अवी-हमे होटेल जाना था. पर टॅक्सी नही मिल रही.इस बारिश मे हम फस गये है
बाइक वाला-वो तुम्हारे पीछे जो खेत है वहाँ तबेला है. वहाँ रुक जाओ. बारिश रुकने तक , वो तबेला मेरा है. वहाँ रुक सकते हो
(इतफाक से हम जहाँ खड़े थे वो उस बाइक वाले का खेत था ,अपने खेत के पास हमे खड़ा देखा इस लिए वो रुक गया था )
अवी-सुक्रिया.
और वो बाइक वाला चला गया. और हम बाइक वाले की बताई हुई जगह पर जाने लगे.
तबेला ठीक हमारे पीछे था .पर पेड़ की वजह से दिखा नही था.
तबेला दिखते ही हम खुश हो गये और भाग कर तबेले मे चले गये.
तबेले मे 2 गाय थी. और सुखी घास रखी थी.
तबेले मे आते ही हम रिलॅक्स हो गये
हम कम से कम बारिश से तो बच सकते है.
तबेले मे आते हम वहाँ थोड़ी जगह बनाने लगे.
कोमल मुझसे दूर होते ही फिर से कापने लगी.
मैं भी पूरी तरह से भीग गया था.
हमे सर्दी से बचने के लिए कुछ करना होगा.
कोमल ने मुझे अपने साथ बारिश मे फसा दिया.
बस अगर एक 2 दुकान के फ़ासले पे होती तो भाग कर बस के पास जा सकते थे.
रोहन भी अपनी कार लेकर पहले निकल गया था. वरना कार शॉप के पास आ सकती थी.
अब उनको पास बुलाना ठीक नही है
बस तो गाँव के बाहर थी.और बारिश भी ऐसी शुरू हुई कि हम शॉप से बाहर निकलते ही गीले हो जाते.
बारिश के साथ अंधेरा भी हो गया.
सब अपनी शॉप बंद कर रहे थे.
अगर ये शॉप भी बंद हो गयी तो हमारे लिए तो प्राब्लम होजाएगी.
अवी-कोमल ये तुम ने क्या
कोमल-अवी पहली बारिश चलो भीगते है.
अवी-कोमल ,
कोमल-मैं मज़ाक नही कर रही.
अवी-एक तो तुम ने यहाँ फसा दिया. और तुम्हें इस तूफान मे भीगने का मन हो रहा है.
कोमल-तुम बे वजह परेशान हो रहे हो.
अवी-बेवजह, तुम्हें कुछ हुआ तो नेहा बुआ मुझे कच्चा खा जाएगी.
कोमल-ऐसा कुछ नही होगा. तुम्हारे होते हुए मुझे कुछ नही होगा
अवी-मैं तुम्हें कुछ होने नही दूँगा. और भीगने का सोचना भी मत
कोमल-अवी ,पहली बारिश
अवी-बिल्कुल नही.
कोमल-तुम मत आओ मैं तो जा रही हूँ
अवी-तुम्हें मेरी कसम अगर बाहर गयी तो
कोमल-ये चीटिंग है.
अवी-चीटिंग तुमने की. क्या ज़रूरत थी ब्रेसलेट लेने की.
कोमल-वो मैं
अवी-कल भी आ सकते थे या फिर मुझे बताती ,मैं लाकर देता.
कोमल-मुझे तुमसे बात नही करनी. और वो ब्रेसलेट मैं ने अपने लिए नही तुम्हारे लिया था.
अवी-मेरे लिए.
कोमल-एक तो तुम्हारा लिए गिफ्ट लूँ और तारीफ करने की जगह गुस्सा हो रहे हो
अवी-अब रोना शुरू मत करना
कोमल-मैं क्यूँ रोने लगी
अवी-दिखाओ मुझे ,क्या लिया है.
कोमल-लो खुद देख लो
कोमल ने मुझे ब्रेसलेट दिया. और दूसरी तरफ मुँह करके खड़ी हो गयी.
मैं ने ब्रेसलेट देखा ,बहुत सुंदर था और उस पे मेरा नाम भी लिखा था.
अवी-कोमल ये मेरे लिए है.
कोमल ने कुछ नही कहा.
अवी-कोमल ये तो बहुत संदर है. मुझे तो बहुत पसंद आया
कोमल-झूठी तारीफ मत करो
अवी-सच ,देखो कितना अच्छा लग रहा है.
ब्रेसलेट पे मेरा नाम लिखा था.
"अवी के "
के- मेरे सरनेम के से स्टार्ट होता है
अवी-पर तुम ने ये नाम अधूरा क्यूँ लिखा.
कोमल-वो शॉप वाला लिखने वाला था कि वोल्टेज कम ज़्यादा होने से उसने मशीन बंद की. मैं ने उससे रिक्वेस्ट की पर उसने शॉप बंद करने की बात कही और तभी तुम आ गये सुर मुझे यहाँ लेकर आ गये
अवी-फिर भी इतना काफ़ी है.चलो मैं भी तुम्हें एक गिफ्ट देता हूँ.
मैं शॉपवाले से पूछने वाला था कि उस शॉपवाले हम पे बिजली गिरा दी.
शॉपवाला-भैया तुम्हें यहाँ से जाना होगा .हम शॉप बंद कर रहे है.
अवी-थोड़ी देर की बात है बारिश कम होते ही चले जाएँगे.
शॉपवाला-भैया ये बारिश रुकने वाली नही है. यहाँ बारिश ऐसी होती है.आपको पहले चले जाना चाहिए था. अभी भी टाइम है कोई टॅक्सी देख कर चले जाओ , अगर और थोड़ी देर रुके तो टॅक्सी भी नही मिलेगी.
मैं और कोमल एक दूसरे के चेहरे देखने लगे.
शॉपवाला-बाहर देख लो .सारी शॉप बंद हो गयी है. सबको पता है ये बारिश जल्दी नही रुकेगी.आप जल्दी चले जाइए वरना आपको परेशानी होगी.यहाँ कई बार बतीश शुरू होती है तो कोई बता नही सकता की कब रुकेगी
मैं ने इसके बारे मे सोचा नही. मुझे पूछना चाहिए था कि बारिश कब रुक सकती है. बिना वजह बस वापस भेज दी.
मुझे तो लगा था 1 घंटे मे बारिश कम होते ही टॅक्सी ले लूँगा. पर यहाँ तो टॅक्सी मिलना मुश्किल होगा.
अवी-मैं फोन करता हूँ. स्वेता दीदी को बुलाता हूँ कार लेकर
शॉपवाला-आपको लगता है इस बारिश मे नेटवर्क होगा. ऐसे मे बड़ी मुस्किल से नेटवर्क रहता है अब तो बारिश शुरू हो गयी.
शॉपवाले सही कहा. नेटवर्क नही था.
वहाँ बुआ का कॉल आया था तब तो नेटवर्क था और अब क्या हो गया
अब क्या करूँ, अकेला होता तो कैसे भी मनेज करता .पर कोमल के होते हुए ,
मुझे खुद को शांत रखना होगा. और इसका हल ढूँढना होगा.वरना कोमल बिना वजह डर जाएगी
अवी-भैया ये जेंट्स शॉप है.
शॉपवाला-हाँ
अवी-तो हमे लार्ज साइज़ के 2 शर्ट दीजिए. और एक प्लास्टिक बॅग. और छाता .एक टॉर्च मिल सकती है.
शॉपवाले ने मुझे शर्ट और प्लास्टिक तो दिया पर छाता और टॉर्च नही दी.
शॉपवाला-भैया यहाँ छाता और टॉर्च नही मिलती.और रेनकोट भी नही है हमारे पास
कोमल- वो वहाँ रखी है ना.
शॉपवाला-वो मेरी है. चलो आपकी परेशानी समझते हुए आप ले जा सकते है. पर इसके भी पैसे लूँगा.
अवी-ठीक है. और मुझे ये बताइए टॅक्सी कहाँ से मिलेगी.
उसने हमे टॅक्सी का पता बता दिया.मैं ने शॉपवाले को पैसे दिए.
मैं ने हम दोनो के मोबाइल और एक शर्ट बॅग मे डाल कर बॅग को अपनी बनियान के अंदर डाल दिया.
कोमल-ये क्या कर रहे हो
अवी-तुम देखती जाओ, ये शर्ट तुम पहन लो. ताकि तुम्हारा ड्रेस ज़्यादा गीला नही होगा.
कोमल-रैन कोट होगा तो पूछ लो
शॉपवाला-वो भी नही है.
और उस शॉप वाले ने बाहर जाके देखा
शॉपवाला-सभी दुकान बंद हो गयी
अवी-तुम शर्ट पहन लो. आज हम पहली बारिश मे भीगने का मज़ा लेंगे
कोमल-तुम्हें मुझपे गुस्सा आ रहा होगा ना
अवी-नही. तुम्हारी वजह से बारिश मे भीगने का मोका मिल रहा है.पहली बारिश
कोमल-पहले तुम मना कर रहे थे
शॉपवाला-भैया थोड़ा जल्दी करेंगे. मुझे शॉप बंद करनी है.
कोमल ने शर्ट पहन लिया.और हम छाते के नीचे आकर टॅक्सी ढूँढने के लिए निकल पड़े
एक बात अच्छी हुई कि हवा बंद हो गयी थी.सिर्फ़ बारिश चल रही थी.
वरना हमारा छाता तो उड़ जाता
अवी-तुम क्या कह रही थी.
कोमल-तुम मना कर रहे थे ना बारिश मे भीगने से
अवी-कोमल, भगवान यही चाहता है कि हम बारिश का मज़ा ले.
कोमल-स्मार्ट आन्सर
अवी-खुब्सरत लड़की साथ मे हो तो स्मार्टनेस दिखानी पड़ती है
कोमल-अपनी स्मार्टनेस दूसरी जगह लगाओ. देखो सब शॉप बंद है. और टॅक्सी का नामो निशान नही है
अवी-जितना टेन्षन लेंगे उतनी मुश्किल होंगी. टॅक्सी मिलनी होंगी तो मिल जाएगी.
कोमल-तुम तो ऐसे कह रहे हो कि टॅक्सी ना मिली तो होटेल तक पैदल चले जाएँगे
अवी-हमारा होटेल 10 किमी दूर है.
कोमल-अगर टॅक्सी ना मिली तो
अवी-वो बाद मे. पहले मेरे साथ चिपक कर चलो तुम गीली हो रही हो.
कोमल-हम भिगेंगे नही तो मज़ा कैसे आएगा पहली बारिश का
मैं ने कोमल की कमर मे हाथ डाला और उसे अपने से चिपका दिया.
मेरे ऐसा करते ही कोमल मेरी तरफ देखने लगी. और मुझसे चिपक गयी.
हम बारिश मे थोड़ा भिगते हुए आगे आगे चलने लगे .पर टॅक्सी नही मिली.
मेरा हाथ वैसे ही कोमल की कमर मे था. जिस से बारिश मे गरमी बढ़ रही थी.
उसकी गीली कमर मे हाथ फिसल रहा था.
रोड पे पानी जमा हुआ था जिस से मैं फिसल गया.
फिसल ने से मेरा हाथ कोमल की कमर पे फिसलने लगा
फिसलते हुए हमारे हाथ मे जो आता है वो पकड़ लेते है.
ऐसे मे मेरे हाथ मे जो चीज़े आई उसे पकड़ते मुझे करेंट लगा.
कमर से मेरा हाथ फिसल कर कोमल की हिप पर चला गया.
और मैने फिसलने से बचने के लिए उसके चूतड़ को पकड़ लिया था.
चूतड़ को दबातें ही कोमल के मुँह से आउच निकल गया.
मेरे हाथ को चूतड़ का टच पता था.
मेरे शरीर को करेंट लगते ही मैं ने चूतड़ को छोड़ दिया.
और कोमल ने भी राहत की सास ली.
इस घटना के बाद तो जैसा मुझे समझ नही आ रहा था कि मैं क्या करूँ.
मैं क्या कहूँ कोमल को. ये एक आक्सिडेंट था.
हम दोनो चुप चाप एक दूसरे को देखने लगे
मुझे तो समझ ही नही आ रहा था कि क्या कहूँ
कोमल भी शर्मा रही होंगी
मुझे तो लग रहा था कि कोमल को गुस्सा आएगा
फिर भी कोमल मेरे बारे मे क्या सोचेंगी.
मुझे लग रहा था कि मैं क्या करूँ. ऐसे मे कोमल ने बात शुरू की.
कोमल-अवी टॉर्च मुझे दो .मैं रास्ता दिखाती हूँ. वरना तुम फिर फिसल जाओगे
अवी-वो मैं ,मैं वो , फिसल गया , मैं ने ग़लती से
कोमल- अभी तो तुम फिसले थे और अब तुम्हारी ज़बान फिसल रही है
अवी- वो मैं
कोमल- टॉर्च
अवी- हाँ हाँ टॉर्च , लो टॉर्च.
कोमल- रास्ते पे बहुत गढ्ढे है. आक्सिडेंट हो जाता है.
मैं ने उस पे कुछ नही कहा
कोमल टॉर्च पकड़ कर चलने लगी.
कोमल-अवी एक जोक सुनोगे
अवी-क्यूँ नही.ज़रूर
कोमल-एक बार एक हाथी बारिश मे भिगते हुए घर जा रहा था. रास्ते मे उसे चिटी मिल गयी. तो चिटी ने पूछा तुम बारिश मे भागते हुए घर क्यूँ जा रहे हो. तो हाथी ने कहा कि पेड़ को पानी देने का समय हो गया है. अगर पानी नही दिया तो पेड़ हमे फ्रूट कैसे देगा .
अवी-हा हा हा ,नाइस जोक ,बारिश मे पानी देगा पेड़ को.
कोमल-आगे सुनो. चिटी भी भागने लगी. तो हाथी ने पूछा तुम्हें क्या हुआ .तो चिटी ने कहा कि मुझे मेरी बीवी ने कपड़े धो कर छत पे सुखाने कहा था वही सुखाने का भूल गया , घर जल्दी जाकर कपड़े सुखाने डालने होंगे छत पर
अवी-हा हा ,बारिश मे छत पे कपड़े सुखाने डालेगा.
कोमल-आगे सुनो, हाथी ने कहा मेरी छत पे कपड़े मत सुखाना .कल ग़लती से तुम्हारी बीवी के कपड़े मेरी बीवी ने पहन लिए थे , और कह रही थी कि वो आज स्लिम हो गयी है
अवी-बस कोमल. और नही ,पेट दुख रहा है हँसते हुए.
कोमल-अवी, टॅक्सी कहाँ है. हम तो इस गाओं के बाहर आ गये
अवी-तुम्हारे जोक मे पता ही नही चला.
कोमल-मुझे तो अब डर लग रहा है
अवी-मेरे होते हुए
कोमल-कोई लड़की तुम्हें अकेला देख कर तुम्हारा फ़ायदा ना उठा ले इस बात का डर लग रहा है.
अवी-मुझे बचा लेना .पता नही यहाँ की लड़किया कैसी है.
कोमल-वेरी फन्नी
अवी-शुरुआत तुम ने की थी.
कोमल-अवी कुछ करो ना. मुझसे और चला नही जाता.
अवी-मैं गोद मे उठा लूँ.
कोमल-सीरियस्ली
अवी-यहाँ तो कोई घर दिखाई नही दे रहा है.
कोमल-अवी हवा चलने लगी है.
अवी-कोमल पकड़के रखना वरना तुम उड़ जाओगी.
मैं तो इस सिचुएशन से डर ख़तम करने के लिए मज़ाक मस्ती का सहारा ले रहा था
लेकिन अचानक तेज हवाएँ चलने लगी और हमारा छाता
कोमल-छाता
कोमल ने इतना कहा था कि तेज हवा से हमारा चटा टूट गया.
और हम भीगने लगे.
मैं ने कोमल को जल्दी पास के पेड़ के नीचे चलने को कहा.
लेकिन तब तक हम 75% भीग चुके थे.
फिर भी हम बारिश की तेज बूँदो से बचने के लिए पेड़ के नीचे आ गये.
पेड़ के नीचे आ तो गये फिर भी हम भीग रहे थे.
अब तो हम पूरी तरह से भीग गये थे.
कोमल ठंड से काप रही थी.
कोमल का ड्रेस उसके बदन से चिपक गया था.
अवी-कोमल मेरे गले लग जाओ
कोमल-मैं ठीक हूँ
मैं ने उसको पकड़ कर अपने गले लगा लिया. कस के पकड़ लिया
अवी-तुम मेरी बात मान लिया करो.
कोमल-मैं ठीक थी.
अवी-दिख रहा था. तुम पूरी काप रही हो
कोमल-वो तो
अवी-अब देखो तुम्हारी ठंड गायब हो गयी है.
कोमल-लेकिन हमे किसी ने ऐसे देख लिया तो
अवी-यहाँ बारिश मे कौन आएगा.
कोमल को गले लगाते ही हमारी सर्दी गायब हो गयी.
कोमल का नाज़ुक बदन मेरे कसरती शरीर से चिपकते ही हमारे बदन मे गर्मी पैदा होने लगी.
हमारी धड़कने तेज चल रही थी.
हम तो जैसे भूल गये थे हम बारिश भीग रहे थे.
जवान बदन एक दूसरे के संपर्क मे आते ही जवानी की ज्वाला मे जलने लग जाते हैं.
हम भी तेज बारिश मे जल रहे थे.
जवानी की ज्वाला हमारे अरमान को जगा रही थी.
अरमान जागने मे ज़्यादा समय नही लगता .इसका पता पहले कोमल को लगा.
कोमल-अवी मुझे कुछ चुभ रहा है
अवी-क्या
कोमल-कुछ नही.
शायद कोमल समझ गयी थी वो क्या है
और ग़लती से वो क्या बोल गयी इसका पता चलते ही कोमल शरमा गयी
मुझे थोड़ी देर मे समझ आया क्यूँ कि मेरा ध्यान कोई सेफ जगह ढूँढने पर था
मैं ने ,ये तो ,शिट ,मेरा लंड टाइट हो गया था.वो कोमल को चुभ रहा था.
मुझे कोमल का माइंड दूसरी तरफ डाइवर्ट करना होगा.
अवी-कोमल
कोमल ने कोई जवाब नही दिया.
मैं ने कोमल की कमर मे चींटी काट ली. तो कोमल होश मे आ गयी.
अवी-कहाँ खो गयी थी.
कोमल-क्या हुआ
अवी-वो देखो एक बाइक आ रही है.
कोमल-ये तो गाओं की तरफ जा रही है और हमे दूसरी तरफ जाना है
अवी-उस से पूछ लेते है. यहाँ से होटेल कैसे जाएँगे.
हम उस बाइक को रोकने वाले थे कि वो बाइक हमारे पास आकर रुक गयी.
बाइक वाला-क्या हुआ. ऐसे यहाँ क्यूँ खड़े हो
अवी-हमे होटेल जाना था. पर टॅक्सी नही मिल रही.इस बारिश मे हम फस गये है
बाइक वाला-वो तुम्हारे पीछे जो खेत है वहाँ तबेला है. वहाँ रुक जाओ. बारिश रुकने तक , वो तबेला मेरा है. वहाँ रुक सकते हो
(इतफाक से हम जहाँ खड़े थे वो उस बाइक वाले का खेत था ,अपने खेत के पास हमे खड़ा देखा इस लिए वो रुक गया था )
अवी-सुक्रिया.
और वो बाइक वाला चला गया. और हम बाइक वाले की बताई हुई जगह पर जाने लगे.
तबेला ठीक हमारे पीछे था .पर पेड़ की वजह से दिखा नही था.
तबेला दिखते ही हम खुश हो गये और भाग कर तबेले मे चले गये.
तबेले मे 2 गाय थी. और सुखी घास रखी थी.
तबेले मे आते ही हम रिलॅक्स हो गये
हम कम से कम बारिश से तो बच सकते है.
तबेले मे आते हम वहाँ थोड़ी जगह बनाने लगे.
कोमल मुझसे दूर होते ही फिर से कापने लगी.
मैं भी पूरी तरह से भीग गया था.
हमे सर्दी से बचने के लिए कुछ करना होगा.