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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 892

रानी को मैने थप्पड़ मारा . उसे प्यार करने से रोका .

उसे तो मुझपे गुस्सा होना चाहिए पर उसने तो स्माइल दी.

खुद अपनी मम्मी का प्रॉमिस तोड़ रही थी .इसे हुआ क्या है

थप्पड़ मारने के बाद मुझे वजह पूछने की जगह मुझे आइ लव यू बोल कर मेरे गले लग गयी.

रानी को थप्पड़ मारने की जगह मुझे उसे रोकना चाहिए था.

पर मेरे बोलने तक वो अपना प्रॉमिस तोड़ देती.

मुझे बुरा तो लग रहा है पर शॉक्ड भी हूँ कि रानी ने मुझपे गुस्सा क्यूँ नही किया.

अवी-रानी

रानी-कुछ मत कहो दर्द हो रहा है

अवी-सॉरी ,मैं थप्पड़ नही मारना चाहता था .

रानी-मैं यही चाहती थी कि तुम मुझे थप्पड़ मारो

अवी-कैसी बात कर रही हो.

रानी-अगर तुम थप्पड़ ना मारते तो मैं तुम्हें थप्पड़ मारती

अवी-तुम गुस्सा होने की जगह ऐसी पागलो जैसी बातें कर रही हो

रानी-अगर तुम थप्पड़ ना मारते तब गुस्सा होती. मैं तो खुश हूँ तुम ने मुझे थप्पड़ मारा

अवी-तुम पागल हो गयी हो

रानी-तुम बुद्धू हो

अवी-बोलो तुम गुस्सा क्यूँ नही हुई.

रानी-पहले तुम बताओ तुम ने थप्पड़ क्यूँ मारा.

अवी-तुम क्या कर रही थी. अपनी मम्मी को दिया हुआ प्रॉमिस तोड़ रही थी.

रानी-टूटने देते ,हम प्यार तो कर लेते

अवी-ऐसे कैसे. तुम्हारा प्रॉमिस कैसे टूटने देता.

रानी-मैं तुम्हें प्यार ही तो कर रही थी.इसमे ग़लत क्या है.

अवी-ग़लत ही ग़लत है, हमारे सुहागरात मनाने से ज़्यादा इम्पोर्टेंट तुम्हारा प्रॉमिस है. और मैं तुम्हें प्यार करता हूँ ,तुम्हारे दर्द परेशानी टेन्षन मेरी है. ऐसे मे तुम्हारा प्रॉमिस कैसे तोड़ने देता. इतने दिन रुके है तो तुम्हारे डॉक्टर बनने तक रुक सकता हूँ

रानी-रुकोगे

अवी-तुम्हें प्यार करता हूँ .तुम्हारे लिए ज़िंदगी भी रुक सकता हूँ.

रानी-क्या कहा .प्यार करते हो

अवी-क्यूँ डाउट है. मैं अपनी जान से ज़्यादा तुम्हें प्यार करता हूँ.

रानी-लो मिल गया तुम्हें तुम्हारे सवाल का जवाब ,तुम सिर्फ़ प्यार करना जानते हो. अगर तुम मे थोड़ी भी हवस होती तो मुझे रोकते नही.

अवी-तुमने मेरे सवाल का जवाब देने के लिए ये सब किया.

रानी-हाँ, तुम सिर्फ़ प्यार करना जानते हो.आइ लव यू

अवी-आइ लव यू टू.मैं सच मे किस्मतवाला हूँ जो मुझे तुम मिली हो

रानी-मेरी किस्मत अच्छी है जो मुझे तुम मिले हो.

अवी-पर तुम किसी और तरीके से बता सकती थी.

रानी-ये जवाब तुम कभी नही भूलोगे. जवाब ऐसा दो कि सवाल दुबारा पैदा ही ना हो.

अवी-अगर मैं तुम्हें थप्पड़ नही मारता तो

रानी-मेरे दिल के टुकड़े हो जाते. पर प्यार कभी हारता नही. आज ये साबित हो गया.

अवी-तुम्हारे साथ मेरा दिल भी टूट जाता

रानी-आज तुम्हें तुम्हारे सवाल का जवाब मिल गया.

अवी-हाँ,

रानी-फिर मुझे एक प्रॉमिस करो

अवी-बोलो ,तुम जो कहोगी वो मैं करूँगा.

रानी-आज जैसा दुबारा मत करना. मैं बहुत डर गयी थी.बारिश मे छत पर ऐसे ख़यालो डूब कर आए थे मुझे लगा कहीं तुम स्यूयिसाइड करने तो नही गये.मेरी तो जान निकल गयी थी.

अवी-प्रॉमिस करता हूँ दुबारा ऐसा नही करूँगा.

रानी-अब तो करने भी नही दूँगी.तुम पे नज़र रकूँगी.

अवी-नही करूँगा बाबा. बस तुम चाची को कुछ मत बताना

रानी-मैं ज़रूर बताउन्गी. तभी तुम दुबारा ऐसा करने से पहले 10 बार सोचोंगे.

अवी-सोच लो, तुम अभी भी मेरे साथ बिना कपड़ो की हो

मेरी बात सुनते रानी शरमा गयी. और मुझसे और चिपक गयी,

ये शर्मीली रानी मुझे सबसे ज़्यादा पसंद है.

ये है मेरी रानी

अवी-अब बोलो

रानी-नही बताउन्गी.

अवी-अब तुम ऐसे मेरे गले लग कर रहना वरना

रानी-तुम फिर शुरू हो गये.अपनी आँख बंद करो

अवी-लो कर ली.

रानी-खोलना मत मैं कपड़े पहन रही हूँ

अवी-थोड़ी देर वैसे रहो ना .मैं कुछ नही करूँगा.

रानी-कर भी नही सकते. खोलो आँख मेरा सब कुछ तुम्हारा है

मैं ने आँख खोली तो रानी ने अपनी पैंटी उपर कर ली थी.

अवी-रानी बारिश रुक गयी.

रानी-ये बारिश ने मुझे बेशरम बना दिया था

अवी-एक बात पुछु

रानी-पूछो

अवी-तुम मे इतनी हिम्मत कैसे आ गयी जो मेरे साथ इतना कुछ किया

रानी-तुम्हारे लिए मैं कुछ भी कर सकती हूँ. फिर ये तो सिर्फ़ एक सवाल है .

अवी-तुमने अपनी मम्मी को दिया हुआ प्रॉमिस दाव पे लगाया

रानी-मुझे तुमपे पूरा विश्वास था. और ये हमारे प्यार की परीक्षा थी जिसमे हमारा प्यार जीत गया.

अवी-तुम्हारा प्यार देख कर मुझे खुद पे गुस्सा आता है.

रानी-क्यूँ ?

अवी-तुम्हारे होते हुए मैं दूसरो के साथ...

रानी-आगे कुछ मत कहो. मुझे पता है तुम मुझे कितना प्यार करते हो. और आज देख लिया है. और चाची कहती है तुम सिर्फ़ मेरे हो. लेकिन तुम बने ही हो प्यार बाटने के लिए.ऐसा भी कहती है

अवी-फिर भी तुम्हें जलन नही होती

रानी-तुम्हारे बारे मे चाची ने मुझे एक ऐसी बात बताई है उसके बाद मैं तुम्हें रोक ही नही सकती.

अवी-क्या बताया चाची ने .

रानी-सॉरी तुम्हें बता नही सकती ,चाची ने अपनी कसम दी है.

अवी-चाची मुझे कुछ नही बताती और तुम भी.

रानी-कसम दी है वरना बता दी.

अवी-फिर भी,

रानी-(कुछ तो बताना होगा वरना अवी चाची से पूछ लेगा फिर तो मैं गयी काम से) तुम लड़कियो मे इतने फेमस हो. इसमे तुम्हारी क्या ग़लती है.

अवी-मैं कम करने की पूरी कोशिस करूँगा.

रानी-कम ज़्यादा मुझे नही पता. बस लड़कियो की बात से परेशान मत हो जया करो. परेशान तुम होते हो और जान मेरी जाती है.

अवी-जो हुकुम ,

रानी-वैसे कौन थी वो जिसके वजह से तुम परेशान थे

अवी-(कोमल के बारे मे रानी को बता नही सकता ) इस होटेल की रिसीप्निस्ट

रानी-किसी के भी बात पे परेशान होते है.तुम भी ना.

अवी-वो जाने दो. तुम बताओ तुम्हारा एक्सपीरियेन्स

रानी-मुझे शरम आ रही है.मैं नही बताउन्गी.

अवी-प्लीज़ बताओ ना

रानी-अवी वो कितना बड़ा है

अवी-वो क्या

रानी ने मेरे चेस्ट पे मुक्का मारा

रानी-मुझसे नही होगा.

अवी-सॉरी .तुम्हें जैसा लगे वैसा बताओ

रानी-वो कितना बड़ा है

अवी-तुम्हें पसंद आया

रानी-हाँ, फिल्म मे देखा था .ऐसा ही होता है.

अवी-किस करने पे कैसा लगा

रानी-ज़िंदगी भर प्यार करती रहूं .

अवी-तुम ने तो सिर्फ़ किस किया

रानी-तुम्हारे सवाल का जवाब जो देना था.

अवी-और कैसा लगा.

रानी-अवी ,पहली बार तो इतना बड़ा नही था.

अवी-इतना ही बड़ा था.

रानी-फिर मुझे ज़्यादा दर्द नही हुआ था.

अवी-मैं तुम्हें दर्द कैसे होने देता.

रानी-तुम बहुत प्यारे हो

अवी-तुम भी. पर रानी तुम्हारे बूब्स बढ़ गये है.

रानी-चुप रहो वरना थप्पड़ मारूँगी.

अवी-एक बार टच करूँ ,तुम भी टच कर लो

रानी-नही. मैं अब कंट्रोल नही कर पाउन्गि.

अवी-शादी के बाद

रानी-शादी के बाद तुम्हें कुछ कहने का मोका नही दूँगी.

अवी-चलो कपड़े पहन लो ,बारिश भी रुक गयी.कोई उपर आ गया तो क्या सोचेगा.

रानी-यही कि गर्लफ्रेंड बाय्फ्रेंड प्यार कर रहे थे.

अवी-अच्छा ,लेकिन मेरी गर्लफ्रेंड को कोई ऐसे देखेगा तो मुझे गुस्सा आएगा.

रानी-मुझे अपने बाहों मे छुपा देना.

अवी-उसके लिए मैं तैयार रहता हूँ.

रानी-पता है किस बात के लिए तैयार रहते हो .देखो टवर खड़ा है अभी तक.

अवी-टवर, चलो मुझे आज पता तो चला मेरी गर्लफ्रेंड नॉनवेज बातें करती है.

रानी-नॉनवेज. अब चलो .मुझे ठंड लग रही है

मैं ने रानी को एक किस किया.और अपनी जीन्स उपर करके टांक कार् पीछे से बाहर आ गया.

रानी भी अपने कपड़े पहन कर बाहर आ गयी.

रानी-बाय्फ्रेंड जी ,अपनी टशहिर्त पहन लो .वरना होटेल की लड़किया तुम्हारा रेप कर देंगी.

अवी-ऐसे कैसे. तुम हो ना मुझे बचाने के लिए

रानी-तुम्हें तो बचना मेरा फ़र्ज़ है.

और मैं ने टीशर्ट पहन ली.

और फिर से रानी को किस किया.

अवी-चले

रानी-हाँ, कोमल इंतजार कर रही होगी.

अवी-तुम स्मार्ट हो .मुझे पता है तुम कोमल को संभाल लोगि.

रानी ने कुछ नही कहा पर ऐसा गुड बाइ किया कि मुझे उस पर प्यार आ गया.

रानी मेरे लंड को जीन्स के उपर से मसल कर भाग गयी.

मैं रानी की हरकत पे हँसते हुए नीचे गया.
 
चॅप्टर 893

रानी के साथ वक्त बिताने के बाद मैं अपने रूम मे चला गया.

मैं के से ओपन किया था वो डोर खुला नही. फिर मैं ने डोर पे नॉक किया.

थोड़ी देर बाद डोर खुला.डोर सोहन ने खोला

सोहन-क्या हुआ.

अवी-तुम यहाँ फिर राजेश

सोहन-भूल गये ,रूम चेंज किया था. और तुम फिर से भीग कैसे गये.

अवी-मैं बाहर गया था. अंदर कौन है.

सोहन-सुबह बात करते है.

और सोहन ने डोर बंद किया. सोहन सिर्फ़ टवल मे था इसका मतलब तो मैं समझ गया .दीदी से कल बात करनी होगी. दीदी ने कहा था सिर्फ़ बात करेंगे पर यहाँ तो ,जाने दो कल बात करते है.

मैं राजेश के रूम मे चला गया. राजेश ने भी टाइम लिया.

अवी-कितनी देर करते हो

राजेश-मैं रिसीप्निस्ट के साथ था.

अवी-उसे वापस भेज दो. मुझे आराम करना है.

राजेश-भैया आप भी जाय्न कर लो

अवी-नही. आज नही ,मुझे आज चैन से सोना है.

राजेश-भैया आपका समझ मे नही आता, लड़की सामने है फिर भी मना कर रहे है.

अवी-मैं ऐसा ही हूँ .और आज बारिश ने मूड ऑफ किया है.मैं गरम पानी से नहा लेता हूँ.

और मैं बाथरूम मे चला गया तो वो रिसीप्निस्ट बाथरूम से बाहर आ गयी नाइटी पहन कर. आज वो मुझे देख कर शरमाई नही.

मैं गरम पानी से नहाने लगा .और नहाते हुए कोमल के बारे मे सोचने लगा.

कोमल के साथ जो हुआ ,जो मैं ने किया वो मुझे नही करना चाहिए था.

उस से पहले जो छोटी छोटी घटना हुई ये उसकी वजह से हुआ.

मैं कल कोमल से बात करके माफी माँग लूँगा.

माफी माँगने से मेरे दिल पे जो बोझ था वो हल्का हो जाएगा.

कोमल मेरी बात समझ जाएगी. कल सब क्लियर करूँगा

मैं ने कोमल से बात करने का फ़ैसला किया.

मैं नहा कर रूम मे आया तो वो दोनो बैठ कर बात कर रहे थे

अवी-क्या हुआ. शुरू हो जाओ. मैं तो सो जाउन्गा.

राजेश-ये थोड़ी शरमा रही है. आप सो जाइए. हम यहाँ सोफे पे करेंगे.

अवी-ठीक है

राजेश ने अपना गेम शुरू किया .

और मैं आराम से सो गया.

इस रात को मैं कभी नही भूलूंगा.

ये बारिश मुझे हमेशा याद रहेगी.

इस बारिश मे शुरू से लेके बारिश ख़तम होने तक भीगता रहा .

पहले कोमल के साथ फिर रानी के साथ

पता नही रानी ने क्या बहाना बनाया होगा.वो तो पूरी भीग गयी थी.

पर रानी ने आज तो कमाल ही कर दिया.

रानी का ये बिंदास रूप मैं हमेशा याद रखूँगा.

रानी ने जिस तरह मुझे गरम किया .और बिना डरे मेरे सामने नंगी हो गयी.

इतनी हिम्मत कहाँ से आ गयी रानी मे.

वो रानी ने मेरे लंड पे जो किस किया वो तो मैं ज़िंदगी भर नही भूलूंगा.

वो किस अब तक का सबसे बेस्ट किस था.

पर रानी को मेरे किसी और लड़की के साथ करने से ज़्यादा प्राब्लम नही है.

पता नही छोटी चाची ने रानी को क्या बताया .जो मुझसे इतना प्यार करती है.

चाची मेरे पूछने पे मुझे कुछ नही बताती पर रानी को एक झटके बता देती है.

कल देखता हूँ जो करना है.

कल तो वापस भी जाना है.

कल दोपेहर मे निकल जाएँगे. रोड क्लियर होते ही.

मैं अब रिलॅक्स होके सो गया.

सुबह मैं अलार्म की आवाज़ सुनकर जल्दी उठ गया.

हम अपने रूम मे वापस जाना था वरना बुआ को पता चला कि दीदी रोहन के साथ थी तो मेरी वाट लग जाएगी.

मैं तो उठ गया .पर ये दोनो नंगे सो रहे थे.

मैं ने राजेश को उठाया .

अवी-राजेश उठ हमे अपने रूम जाना होगा.

राजेश-इतनी सुबह.

अवी-रोहन हमारा इंतज़ार कर रहा होगा.

राजेश-बस 2 मिनट मे तैयार होता हूँ. तब तक आप इसको उठाइए

राजेश अपने कपड़े उठाने लगा .

लड़की को नींद से उठाने का मेरा अलग स्टाइल था. मैं ने रिसीप्निस्ट की चूत मे 2 उंगली डाल दी.

वो हड़बड़ा कर उठ गयी.

रेसिनीपन्स्ट-क्या हुआ.

अवी-उठो .सुबह हो गयी है,

रिसीप्निस्ट-इतनी जल्दी.

अवी-चलो उठो जल्दी. और हाँ जल्दी बिल बना देना. हम दोपेहर मे चेकआउत कर रहे है.

रिसीप्निस्ट -बना दूँगी.

उस के कपड़े पहनते वो अपने काउंटर पे चली गयी. और हम अपने रूम मे.

रोहन सोहन उठ चुके थे. सीतल दीदी और स्वेता दीदी भी हमारे रूम मे थी.

अवी-हो गयी बातें

रोहन-हो गयी. थॅंक्स

अवी-थॅंक्स किस लिए दीदी ने कहा और मैं ने कर दिया

सोहन-यहाँ से चेकआउत कब कर रहे हो.

अवी-दोपेहर मे .लंच करते निकल जाएँगे. अब बारिश आ गयी तो यहा घूम नही सकते .वरना शाम मे निकलने का प्लान था.

रोहन-साथ मे निकलते. थोड़ी दूर रास्ता तो सेम है. वहाँ तक साथ चलेंगे.

अवी-ये तो अच्छा रहेगा.तुम्हें अपने रूम

अवी-ये तो अच्छा रहेगा.तुम्हें अपने रूम मे जाना चाहिए ,सबके उठने का टाइम हो गया.

रोहन सोहन थोड़ा आराम करने के लिए उनके रूम मे चले गये. उनके जाते ही मैं ने स्वेता दीदी को रोक लिया.

अवी-दीदी आप से बात करनी थी.

स्वेता दीदी-हाँ बोलो

अवी-दीदी आपने कहा था सिर्फ़ बातें करेंगे

स्वेता दीदी-बातें ही की है.

अवी-मैं ने खुद देखा है सीतल दीदी को सोहन के साथ.

स्वेता दीदी-मैं कसम खाती हूँ कि मैं और रोहन सिर्फ़ बातें करते रहे. रोहन को मेरा गुस्सा पता है. वो मेरी बात मानता है.

अवी-सीतल दीदी उनका क्या.

स्वेता दीदी-उसे मैं ने समझा या था पर सोहन की ज़िद्द के सामने उसने..

अवी-दीदी ,कम से कम सच बता देती तो मैं मेनेज करके रखता. अगर मेरी जगह कल बुआ ने सीतल दीदी ने पकड़ा होता तो

स्वेता दीदी-मैं अभी खबर लेती हूँ सीतल की. पर सोहन उस से इंटनी ज़िद्द करता है कि उसे हाँ करना पड़ता है,

अवी-आप बड़ी हो ,आप मुझ से अच्छे से जानती है. जाने दीजिए सब ठीक हुआ इतना काफ़ी है.

स्वेता दीदी-थॅंक्स अवी. तुमने रोहन सोहन को यहाँ बुला के अच्छा किया. उनके आने से माँ ,और बाकी सब रोहन सोहन को अच्छे से जान पाई.

अवी-आप खुश है इस से ज़्यादा मुझे क्या चाहिए.

स्वेता दीदी-तेरे जैसा भाई किस्मत वालो को मिलता है.

स्वेता दीदी मुझे थॅंक्स बोल कर अपने रूम मे चली गयी.

राजेश तो रूम मे आते ही सो गया.

मैं फ्रेश होकर विद्या के पास गया.

अवी-विद्या

विद्या-तुम इतनी सुबह.

अवी-दर्द कैसा है.

विद्या-अब बहुत कम है

अवी-तो वापस चलने को तैयार हो जाओ

विद्या-आज वापस जा रहे है

अवी-हाँ कल की बारिश से अब यहाँ एंजाय करना मुश्किल होगा , तुम अपनी पॅकिंग कर्लो. फिर चाची को मदद करना

विद्या-यस बॉस

अवी-और हाँ ,पेन किक्लेर खा लेना वरना बैठे रहने से दर्द होगा सफ़र मे

विद्या-मैं तो लास्ट की सीट पे सो जाउन्गी.

अवी-जैसा ठीक रहे वैसे करना.

विद्या ने मुझसे बातें करके हुए पॅकिंग की और अपना समान लेकर चाची के रूम मे चली गयी.
 
चॅप्टर 894

विद्या अपना सामान लेकर चाची के रूम मे गयी.

चाची चाचा के साथ बातें कर रही थी.

तीनो चाची आज खुश लग रही थी. चाचा भी उनके साथ हंस कर बातें कर रहे थे,

मेरे आते ही ,चाची से पहले चाचा ने मुझे आवाज़ दी

चाचा-अवी. खड़े क्यूँ हो ,बैठो

अवी-जी

म चाची-अरे विद्या तुम बॅग लेकर कहाँ जा रही हो

विद्या-मैं ने अपनी पॅकिंग कर ली

अवी-चाची, हम आज वापस जा रहे है.

म चाची-इतने जल्दी. कुछ दिन और रुक जाते

अवी-रुक तो जाते पर बारिश की वजह से अब घूमने मे मज़ा नही आएगा. कल रात की बारिश से यहाँ बहुत परिणाम हुआ है.

चाचा-अवी ,कुछ दिन रुक जाते है. सीमा को और घूम ना है

अवी-रुक जाएँगे तो हमे होटेल मे रुकना होगा. हम घूमने नही जा सकते. कल की बारिश से तूफान आया था.उसको अड्जस्ट करने मे यहाँ के लोगो को टाइम लगेगा जिस से हमारा यहाँ रुकना किसी काम नही आएगा

सी चाची-अवी ठीक कह रहा है. हम सिर्फ़ 2दिन के टूर पर आए थे. और आज 4 दिन हो जाएँगे .इतना काफ़ी है

म चाची-मीना तुझे तो मज़ा करना आता ही नही.

चाचा-रुकना है तो मैं कुछ नही कहूँगा

अवी-चाची. हनीमून सूट आज किसी और ने बुक किया है.

म चाची-क्या ? पर ऐसा तुम ने होने कैसे दिया

अवी-चाची आज के लिए पहले से बुक किया हुआ था.

म चाची-तुम ज़्यादा पैसे दो

अवी-ऐसा नही होता है.

म चाची-फिर तो हम आज ही यहाँ से वापस जाएँगे. यहाँ रुक कर क्या फ़ायदा होगा.

सीमा चाची की बात सुनते ही सब हँसने लगे.

सी चाची-दीदी आप भी ना. कल का नशा उतरा नही है.

म चाची-कल की रात तो मैं भूल ही नही सकती. वो बारिश का गिरना ,ठंडी हवाए और

ब चाची-सीमा कुछ तो शरम कर. अवी के सामने कैसी बातें कर रही हो

म चाची-दीदी अवी बड़ा हो गया. वो तो शादी लायक हो गया है.

ब चाची-चुप रह वरना मार खाएगी.

म चाची-दीदी,

ब चाची-तुम आज कल कुछ ज़्यादा ही मज़ाक करने लगी हो .

म चाची-ऐसी जगह पे मज़ाक ही तो किया जाता है.

अवी-तो बताइए मैं क्या करूँ

ब चाची-अवी हम आज गाओं वापस जाएँगे. बहुत दिन हो गये गाओं से दूर रह कर. बारिश आई है तो नये सेशन की तैयारी करनी है.

चाचा-सुमन काम तो होता रहता है. कुछ दिन रुक जाते है.

अवी-मैं रुकने का इंतज़ाम करता हूँ

ब चाची-नही अवी, 2 दिन मे हम ने बहुत एंजाय किया .अब घर चलते है. घर जैसा प्यार और कहीं नही मिलता.और यहाँ बारिश ने मज़ा खराब किया है.

अवी-बात तो सही है

चाचा-सुमन जैसा कहती है वही करो, तुम वापस जाने का इंतज़ाम करो मैं बाहर घुमके आता हूँ. कल से रूम से बाहर ही नही गया हूँ.

म चाची-चलिए मैं आपके कपड़े निकाल कर देती हूँ.

सी चाची-दीदी , अब बस भी करो

चाचा-सीमा घर पे बात करेंगे.

चाचा की बात सुनकर सीमा चाची खुश हो गयी.

और चाचा बाहर घूमने के लिए निकल गये.

म चाची-विद्या पहले मेरी मदद करना सामान पॅक करने मे

विद्या-जी चाची.

म चाची-चल मेरे साथ ,हम शुरू करते पॅकिंग करना और तुझे एक बात बतानी है.

अवी-मुझे भी बतानी है

म चाची-अपने चाचा को बोल वो बता देंगे

ब चाची-सीमा,

बड़ी चाची की आवाज़ सुनते ही सीमा चाची. दूसरे कमरे मे भाग गयी

ब चाची-ये सीमा भी ना कुछ भी बोलती रहती है.

सी चाची-सीमा दीदी ऐसी ही है.

ब चाची-अवी मेरे पास आओ

मैं चाची के पास जाकर उनके गोद मे लेट गया.

ब चाची-अवी ,कल तुझे कुछ हुआ तो नही था ना.

अवी-नही. मुझे क्या होता.

ब चाची-स्वेता ने कहा था कि रास्ते मे बिजली गिरी थी.

अवी-हम जहाँ थे उसके पास से वो जगह दूर थी, अगेर हम वहाँ होते तो कोमल तो डर जाती

ब चाची-पर बारिश मे ऐसे अकेले रहा मत कर,

अवी-जी .आगे से ध्यान रुखूँगा.

सी चाची-दीदी क्या हुआ था. आप किस बारे मे बात कर रही है.

छोटी चाची के पूछते ही बड़ी चाची ने उनको सब बता दिया.

बड़ी चाची की बात सुनते ही हुए छोटी चाची मुझे गुस्से मे देखने लगी.

बड़ी चाची छोटी चाची को पूरी कहानी बता कर बाथरूम मे चली गयी.

उनके जाते ही छोटी चाची मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी.

अवी-क्या हुआ.

सी चाची-दीदी क्या कह रही थी.

अवी-मैं आपको बताने वाला था पर आप चाचा के साथ थी

सी चाची-तुझे थप्पड़ चाहिए. मुझे खुशी दे कर खुद बारिश मे भीग रहा था.

अवी-आपका बेटा हूँ. अपनी माँ के लिए इतना तो कर ही सकता हूँ.

सी चाची- तेरा कौनसा फ्रेंड है यहाँ पर

अवी- वो वो वो आप नही जानती उसे

सी चाची- सच बता कहाँ रुका था तू

अवी- वो एक तबेले के पास

सी चाची- किस तबेले की बात कर रहा है , कही वो तो नही जहाँ पे कल बिजली गिरी थी

अवी- आपको कैसे पता

ये सुनते चाची का गुस्सा बढ़ गया

सी चाची- तुझे मार चाहिए तभी समझ मे आएगा

अवी- चाची बिजली बता कर तो नही गिरती

सी चाची- बता क्या हुआ था

कोमल के साथ और रानी के साथ जो हुआ वो छोड़ कर सब कुछ बता दिया

सी चाची-अगर तुझे कुछ हो जाता तो .वो बिजिली कही और गिरती तो सोचा है मेरा क्या होता.

अवी-क्या होता ,मैं आपके पेट से फिर से जनम लेता.

सी चाची-बहुत बातें करने लगा है.

अवी-आपका प्यार मेरी ढाल है. मुझे कैसे कुछ हो सकता है.

सी चाची-पर तुझे कल रात मे बताना चाहिए था.

अवी-आपकी खुशी मे भंग क्यूँ डालता .और बड़ी चाची थी मेरे पास

सी चाची-मैं भी तो खाली ही थी

अवी- क्या कहा

सी चाची-कुछ नही

अवी- आप तो चाचा के साथ थी , एक मिनट , कल रात मे सीमा चाची मुझे दिखाई नही दी , चाची क्या किया था आपने

सी चाची-वो मैं

अवी- (थोड़ा ज़ोर डालते हुए)चाची

सी चाची- कल मैं तेरे चाचा के साथ नही थी , मैं ने अपनी जगह सीमा दीदी को वापस भेज दिया

अवी- आपने ऐसा क्यूँ किया

सी चाची- पता नही ,

अवी- ये मेरे लिए किया आपने

सी चाची- मुझे नही पता , और सीमा दीदी इतनी अच्छे मौसम मे बाहर कैसे आती , तो मैं ने उनको पूरी रात दे दी , और मैं ने एक दूसरा कमरा बुक किया था वही रुक गयी

अवी- आपने सीमा चाची के लिए किया

सी चाची- हन , एक मिनट तू बात घुमा रहा है

अवी- मैं तो

सी चाची- तुझे कल कुछ हो जाता तो मेरा क्या होता सोचा नही तूने

अवी-आपको क्या होता, आप तो मेरे दिल मे रहती है.

सी चाची-सफेद झूठह, दिल मे होती तो मुझे बता देता.

अवी-आप मेरे दिल मे है इसी लिए कल नही बताया .वरना आप रात भर नही सोती

सी चाची-बारिश मे दौड़ती हुई तेरे पास आती.

अवी-इसी लिए नही बताया, ये जाने दीजिए पर आपने 2न्ड सुहागरात मिस की .

सी चाची- मैं ने मिस की पर सीमा दीदी ने बहुत एंजाय किया . तेरे चाचा काफ़ी कुछ सीख गये है ऐसा बोल रही थी सीमा दीदी

अवी-(ज्योति बुआ) गंदी वाली फिल्म देखते होंगे

सी चाची-कुछ भी हो. वो तुझ पर गुस्सा तो नही है. यही बहुत है हमारे लिए

अवी-चाचा खुश तो आप खुश. आप खुश तो मैं खुश

सी चाची-पता है कितना खुश है तू. अंदर से जलन हो रही थी कल तुझे , पर आज

अवी-ये जलन जब ज्वाला बन जाएगी तो अपपको भगा कर ले जाउन्गा.

सी चाची-मैं हमेशा तैयार रहूंगी बस मेरा हाथ मत छोड़ना.

अवी-जान भी चली गयी तो भी हाथ नही छोड़ूँगा.

सी चाची-जा ,वापस जाने का इंतज़ाम कर ,मुझे नहाना भी है. बच्चों को भी नहलाना है.

अवी-आपको टूर मे मज़ा आया

सी चाची-हाँ. हम अगले साल भी टूर पे जाएँगे.

अवी-ज़रूर जाएँगे.

छोटी चाची ने चुपके से मुझे किस किया.

और मैं होटेल का बिल पे करने जाने लगा

मैं चाची के रूम से बाहर निकला था कि पूजा बुआ ने मुझे आवाज़ दी.

पूजा बुआ-अवी

अवी-जी बुआ

पूजा बुआ-रोहन सोहन के नाश्ते का इंतज़ाम किया.

अवी-वो तो सो रहे है.

पूजा बुआ-तो क्या हुआ. तुम वेटर को बोलो नाश्ता तैयार रखे .उनके उठ ते नाश्ता उनके सामने होना चाहिए

अवी-आप बेफिकर रहिए .उनको पूरा ध्यान रखूँगा मैं

पूजा बुआ-कोई शिकायत नही आनी चाहिए .पता है ना हम लड़की वाले है.

अवी-बुआ शादी मे टाइम है. शादी के समय ध्यान रखेंगे इस बात का

पूजा बुआ-वो बड़े लोग है .उनको शिकायत का मोका देना मतलब स्वेता को सर नीचे करके जीना होगा.

अवी-ऐसा कुछ नही होगा. मैं अभी देखता हूँ. आप स्वेता दीदी के रूम मे जाइए मैं सबका नाश्ता वही भेजता हूँ

पूजा बुआ-ये ठीक रहेगा. जा जल्दी.

पूजा बुआ तो बिना वजह टेन्षन लेती है.रोहन सोहन दीदी से बहुत प्यार करते है. वो उनका पूरा ख़याल रखेंगे

पूजा बुआ से मिलने के बाद मैं नीचे रिसीप्निस्ट के पास चला गया
 
चॅप्टर 894 ए

चाची और फिर पूजा बुआ से बात करने के बाद मैं नीचे चला गया

सोचा चलो रेसीपिन्स्ट से बिल चेक कर लूँ कितना हुआ है

रेसीपिन्स्ट अपने काम मे लगी हुई थी

जो 2 घंटे पहले मेरे साथ नंगी लेटी हुई थी वो अब स्कर्ट टॉप पहन कर काउंटर पे खड़ी थी.

रिसीप्निस्ट ने मुझे देखते ही स्माइल की .

मैं उस रिसीप्निस्ट के पास चला गया.

रिसीप्निस्ट-कहिए सर क्या मदद कर सकती हूँ.

अवी-तुम ने तो मेरे भाई की बहुत मदद की है

रिसीप्निस्ट-आपके भाई की सेवा करके मुझे मेवा जो मिला है.

अवी-देख रहा हूँ .तीन दिन से उसके साथ हो

रिसीप्निस्ट-दिन नही रात सर.

अवी-दिन और रात को काउंट करना शुरू करो ,जल्दी तुम्हारा पेट फूलने लगेगा.

रिसीप्निस्ट-उसका ध्यान रखा था.

अवी-अच्छी बात है.

रिसीप्निस्ट-पर आपका भाई हमेशा आपकी बात करता है.

अवी-मेरी बात ,क्या कहता है वो

रिसीप्निस्ट-वो कहता है आपके साथ एक रात रहूंगी तो तारीफ करती रहूंगी.

अवी-और

रिसीप्निस्ट-उसने कहा कि एक बार करके देखना ,दुबारा करने की ज़िद करूँगी.

अवी-तो

रिसीप्निस्ट-तो आप कब मुझे अपने रूम मे बुलाओगे.

अवी-आज तो मैं जा रहा हूँ.

रिसीप्निस्ट-एक रात रुक जाते

अवी-पासिबल नही है.

रिसीप्निस्ट-कैसे लड़के हो जो एक लड़की कह रही है और तुम मना कर रहे हो.

अवी-मैं ऐसा ही हूँ. तुम तो कल मेरे साथ नंगी सोई थी फिर भी मैं ने कुछ नही किया.

रिसीप्निस्ट-कर लेते मैं मना नही करती.

अवी-वो मुझे पता था,चलो बिल कितना हुआ वो बताओ

रिसीप्निस्ट-अभी बिल तैयार नही किया है.

मैं रिसीप्निस्ट से बात कह रहा था कि एक फोन आ गया

रेसीपिन्स्ट फोन पर बात करने लगी

फोन पर बात करने के बाद रिसीप्निस्ट कुछ सोचने लगी

अवी- क्या हुआ

रिसीप्निस्ट - तुम्हारे रूम से फोन था , तुमने मुझे फसा ही दिया

अवी- क्या हुआ

रिसीप्निस्ट- वेटर का फोन था कि रूम मे तोड़ फोड़ की है , कुछ चीज़े टूटी हुई है

अवी- क्या

रिसीप्निस्ट- तुमने वो रूम किसको दिया था

अवी- वो छोड़ो , चलो देखते है क्या हुआ है

रिसीप्निस्ट- वो मेरा काम नही है वो मेनेज़र देखेगा

अवी- तुम चलो , जो हुआ है वो पैसे दे कर अड्जस्ट कर देते है , कोई ज़्यादा पंगा नही चाहता मैं ( अगर मेनेज़र आ गया तो बात फैल जाएगी फिर तो पूजा बुआ को पता चलेगा कि सोहन और सीतल दीदी ने क्या किया कल )

रिसेप्सनिस्ट-आना तो मुझे ही पड़ेगा क्यूँ की बारिश के वजह से मेनेज़र भी नही आया है

रिसेप्सनिस्ट थोड़े गुस्से मे मेरे साथ चलने लगी

हम मेरे रूम मे आ गये

मुझे तो सुबह कुछ ऐसा वैसा नही दिखा था

पता नही कहा पे कुछ तोड़ा है सीतल दीदी ने

रूम मे राजेश भी था जो अब उठ चुका था

अवी- क्या हुआ राजेश

राजेश- वो बालकोनी मे , मैं सो रहा हूँ

और राजेश वापस सो गया

और वेटर के साथ हम बाल्कनी मे आ गये .

बाल्कनी मे जो ज़ुला लगा हुआ था सिंगल चेयर वाला वो टूट गया था ,

और जो फ्लवर प्लॉट था उसके पास वो भी टूटे हुए थे ,

टी टेबल पे कॉफी और टी के 2 सेट रखे हुए थे जो कॉर्नर मे रखा हुआ था

वेटर- मेडम ये देखिए

रिसेप्सनिस्ट- तुम इसको साफ करो ,

वेटर उस जगह को क्लीन करने लगा

अवी- ये तो मुझे पता ही नही था

रिसेपसनिस्ट- मेनेज़र ने ये देख लिया तो गड़बड़ हो जाएगी

अवी- उस से पहले कुछ कर लेते है

रिसेपसनिस्ट- क्या ?

अवी- ये जो झूला है उसको रिपेर किया जा सकता है और फ्लवर प्लॉट खरीद सकते है

रिसेपसनिस्ट- लेकिन ये बात मेनेज़र को पता चली तो मेरा क्या होगा

वेटर- मेडम ये आइरन की रिंग पे जो वेलडिंग थी वो टूट गयी है जिस से ये टूट गया इसको एक वेइलडिंग से ठीक किया जा सकता है

अवी- लो हो गया प्राब्लम सॉल्व

रिसेपसनिस्ट- जल्दी करो ,

अवी- और जो पैसे लगेंगे मुझसे ले लेना

वेटर की तो किस्मत खुल गयी , सुबह सुबह उसको पैसे मिलेंगे ,

वेटर उस चेयर को अड्जस्ट करने लगा जिस से शोर होने लगा इस लिए राजेश ने सॉंग लगाने जा सोचा

म्यूज़िक प्लेयर ऑन करते हमे अपने कान बंद करने पड़े

वॉल्यूम फुल था

राजेश ने जल्दी प्ल्येर ऑफ किया और हमारे तरफ देखने लगा

रिसेप्सनिस्ट- यहाँ था कौन , लगता है म्यूज़िक पे डॅन्स किया होगा बाल्कनी मे जिस से ये सब हुआ ,

वेटर- मेडम इस रूम मे रात को टी मंगाई थी ,

अवी- अच्छा , इसी लिए 2 सेट है एक कॉफी का और एक टी का , एक रात मे और एक सुबह

वेटर ने वहाँ सॉफ सफाई की और वो चेर लेकर चला गया

रिसेप्सनिस्ट- इसके पैसे लगेंगे

रिसेप्सनिस्ट- बाकी सब तो ठीक लग रहा है

अवी- चेक कर लो वरना फिर चिल्लाओगी

और रिसेप्सनिस्ट ने रूम को चेक किया और सब ठीक देखते ही वो वापस चली गयी

रिसेप्सनिस्ट के जाते ही मैं थोड़ा टेन्षन मे आ गया

कल एक तो सीतल दीदी ने प्रॉमिस तोड़ दिया , वो सिर्फ़ बातें करने वाली थी पर किया बहुत कुछ

बाल्कनी मे जो हुआ ये भी उसी बात का सबूत है

अब तो सीतल दीदी से बात करनी ही होगी

मैं ने सीतल दीदी और स्वेता दीदी को फोन किया और मेरे रूम मे बुला लिया

मेरे फोन करते ही दोनो जल्दी रूम मे आ गयी

स्वेता दीदी को लगा कि मैं गुस्से मे हूँ

और मैं भी थोडा गुस्से मे था

अवी- दीदी ये सब क्या है

सीतल दीदी- अवी किस बारे मे बात कर रहे हो

स्वेता दीदी- अवी उसी बारे मे बात कर रहा है जिसके बारे मे मैं अभी तुमसे पूछ रही थी

सीतल दीदी- तो आपको लगता है मैं ने सोहन के साथ रात मे

अवी- लगना क्या है , मैं ने खुद देखा

सीतल- क्या देखा तूने

अवी- जब रात मे मैं ग़लती से यहाँ आया था तो सोहन टवल मे था ,

सीतल दीदी- इस से क्या साबित हुआ

अवी- और ये बाल्कनी मे क्या किया आपने ,

सीतल दीदी- दीदी हमने लास्ट टाइम क्या डिसाइड किया था

स्वेता दीदी- जो करना है वो शादी के बाद

सीतल दीदी- फिर आपने सोचा ही कैसे कि मैं ने कुछ किया होगा

स्वेता दीदी- मैं ने नही ये अवी है

सीतल दीदी- किस , थोड़ा हँसी मज़ाक ही तो कर रही थी उस से ज़्यादा कुछ नही किया

अवी- फिर सोहन ने मुझे रात मे जल्दी क्यूँ भगा दिया

सीतल दीदी- क्यूँ कि मैं अंदर कपड़े चेंज कर रही थी

अवी- कपड़े चेंज ?

सीतल दीदी-देखो रात मे हम इस रूम मे आए

स्वेता दीदी- पूरा दिन नही है हमारे पास

सीतल दीदी- शॉर्टकट मे बताती हूँ , कल बारिश चल रही थी , और 2 प्रेमी एक कमरे मे , सोहन से तो कंट्रोल ही नही हो रहा था , वो बार बार कह रहा था कि .......

पर मैं ने मना किया

जिस से सोहन रूठ गया और बाल्कनी मे जाकर बैठ गया

सोहन को मनाने के लिए मैं ने म्यूज़िक प्लेयर ऑन किया और बाल्कनी मे जाकर टी टेबल को बाजू मे रख कर वहाँ डॅन्स करके सोहन का गुस्सा ख़तम करने लगी

थोड़ा सिड्यूस टाइप का डॅन्स किया तो सोहन का गुस्सा कम हो गया

फिर बारिश के साथ हवा भी चलने लगी जिस से बारिश बाल्कनी मे आने लगी

बारिश की बूँदो मे भीगते हुए डॅन्स कर रही थी

टिप टिप बरसा पानी , पानी ने आग लगाई

फिर क्या था सोहन ज़्यादा देर मुझपे गुस्सा कैसे रहता वो भी मेरे साथ भिगते हुए डॅन्स करने लगा

मूवी जैसा ही थोड़े प्यार के साथ थोड़ी छेड़ छाड़ करते हुए डॅन्स करते हुए इस बारिश को एंजाय करने लगे

सोहन इस से बहुत खुश हुआ जिस से वो अपनी टीशर्ट निकाल कर डॅन्स करते हुए कभी मुझे अपनी गोद मे उठा लेता तो कभी किस कर देता

सोहन और मैं इस नशे मे इतना डूब गये कि पता ही नही चला कि कब हम पूरी तरह से भीग गये

फिर थक कर सोहन झूले वाले चेयर पे बैठ गया और मुझे अपनी गोद मे बैठ ने को बोलने लगा

मैं जंप मार कर सोहन की गोद मे बैठ तो गयी पर झूला टूट गया और हम गिर गये , और खुद को बचाने ले लिए जो हाथ मे आया वो पकड़ लिया तो फ्लॉवर प्लॉट भी टूट गये

और हम हँसने लगे

उसके बाद भी थोड़ी देर हम भिगते रहे फिर हम रूम मे वापस आ गये

सोहन और मुझे ठंड लग रही थी इस लिए सोहन ने टी ऑर्डर की और कपड़े चेंज करने लगे ,

जैसे सोहन ने कपड़े निकाले तो तुम आ गये सोहन को लगा कि वेटर आया होगा इस लिए वो टवल मे बाहर आ गया और मैं अंदर कपड़े चेंज करने लगी मतलब नाइटी पहन ली

ऐसा हुआ रात मे

इस से ज़्यादा कुछ नही हुआ

और अवी को लगा कि

अवी- सॉरी , मुझे लगा था कि

सीतल दीदी- तुम्हारी जगह कोई और होता तो उसे भी यही लगता

स्वेता दीदी- मुझे लगा ही था कि ऐसा ही कुछ हुआ होगा

अवी- अच्छा , आप तो बोल रही थी कि सीतल दीदी की पिटाई करेंगी

सीतल दीदी- दीदी आपने ऐसा कहा

स्वेता दीदी- वो तो ऐसे ही , अवी को समझाने के लिए

सीतल दीदी- अब समझे क्या हुआ था

अवी- अच्छा हुआ मैं ने गुस्सा नही किया

सीतल दीदी -तुमने तो हमने इतना अच्छा गिफ्ट दिया है , तुम्हारा गुस्सा करना लाजमी होता

स्वेता दीदी- चलो अब , रोहन सोहन भी तैयार हो गये होंगे

अवी- आप चलिए मैं नीचे रिसेपसनिस्ट से बात करता हूँ और नाश्ता आपके रूम मे भेज देता हूँ

और दीदी अपने रूम मे चली गयी

और मैं वास रिसेपसनिस्ट के पास चला गया

रिसेपसनिस्ट बिल बना रही थी

अवी- क्या कर रही हो

रिसेपसनिस्ट- जो टूट गया है उसका बिल बना रही हूँ

अवी- और बाकी का बिल

रिसेपसनिस्ट- वो भी बनाती हूँ

अवी-तुम सेक्स करने को तैयार रहती हो और बिल तैयार नही है.

रिसेपसनिस्ट-अभी तैयार करती हूँ बिल. वैसे खाने का बिल तैयार है. हर दिन का अलग बिल

अवी-तो आज का नाश्ता और लंच भी एड करना.

रिसीप्निस्ट-आज के खाने का बिल जाते हुए पे करना .2 दिन का अभी कर दो

अवी-दिखाओ बिल

मैं खाने का बिल देखने लगा.

मेरी बहनों ने डाइयेटिंग पे ध्यान नही दिया. बस ऑर्डर करती रही.

कोई बात नही

मैं बिल को देखने लगा तो .वहाँ 4 बीयर की बॉटल एड की थी.

बीयर के लिए मैं बिल देख रहा था ये बात किसी को पता नही चलनी चाहिए

मैने तो सिर्फ़ 2 बॉटल ऑर्डर की थी. इसी लिए बिल देखना पड़ता है.

अवी-ये क्या है .कैसे बिल बनाती हो

रिसीप्निस्ट-क्या हुआ

अवी-मैं ने 2 बॉटल बेर ऑर्डर की थी. और यहाँ 4 लिखी है.

रिसेप्सनिस्ट-ऐसी ग़लती कभी नही होती . फिर भी मैं चेक करती हूँ.

अवी-अच्छे से चेक करना

रिसेपसनिस्ट-बिल करेक्ट है 4 बॉटल 2 अलग अलग रूम मे बुलाई थी. 2 परसो और 2 कल

अवी-कल ,कल किसने बुलाई. मुझे रूम नंबर बताओ

रिसेप्सनिस्ट-307मे परसो ऑर्डर किया था.

अवी-वो मैं ने किया था.(विद्या का रूम है वो)

रिसेप्सनिस्ट-और कल 301मे बीयर बुलाई गयी थी.

अवी-301 ये नही हो सकता .फिर से चेक करो

रिसेप्सनिस्ट-301है, क्या हुआ

अवी-कुछ नही.तुम पूरा बिल तैयार रखना और हाँ बिल मे से बीयर को निकाल देना ताकि ये किसी को पता ना चले , आज का नाश्ता 305 मे देना. मैं अभी आता हूँ

रिसेप्सनिस्ट-हो जाएगा

मैं रिसेप्सनिस्ट से पास से सीधा 301की तरफ जाने लगा.

इनको बीयर चाहिए. पानी ज़्यादा सर के उपर जाने दिया मैं ने

आज इनको बताना होगा कि फ्रीडम का ग़लत ईस्तमाल करने से क्या होता है.
 
चॅप्टर 895

मैं 301 रूम की तरफ जाने लगा.

मैं उनको ज़्यादा सर पे चढ़ा कर रखा है .ये उसकी का नतीज़ा है.

मैं ने उनको थोड़ी आज़ादी का क्या दे दी वो तो कुछ ज़्यादा ही मस्ती करने लगी

उनको का लगता है वो कुछ भी करेगी और उनका भाई बचा लेगा ,कुछ नही कहेगा.

मुझे पता होता ये दोनो इस हद तक जा सकती है तो मैं इनको इतनी आज़ादी देता ही नही.

तभी दोनो दूसरे कॉलेज मे अड्मिशन लेना चाहती थी. ताकि खुल के एंजॉयकर सके.

मैं दोनो को छोड़ूँगा नही. इनकी पिटाई करनी होगी तभी दोनो को अकल आएगी.

कविता लीना ने कल बीयर पी ली. मुझे उनसे ये उम्मीद नही थी.

मैं ने उनके रूम पे नॉक किया.डोर कविता ने खोला.

कविता उस दिन की तरह टवल मे खड़ी थी .मतलब वो नहा रही थी.

कविता-वाउ ,भैया आप ,हम आपकी के बारे मे सोच रहे थे. चलिए उस दिन की तरह नहाते है.

अवी-हटो रास्ते से

मैं ने कविता को अपने रास्ते से हटाया और रूम को अच्छे से देखने लगा.

कविता-भैया क्या हुआ. आप ऐसे बात क्यूँ कर रहे

अवी-चुप ,जब तक मैं ना बोलू आवाज़ मत निकालना वरना थप्पड़ पड़ेगा.

मेरी बात सुनते ही कविता के रोने जैसी शकल हो गयी.

कविता-भैया

अवी-मैं ने क्या कहा समझ मे नही आया

मेरी आवाज़ सुनते ही लीना बाथरूम से बाहर आ गयी .

लीना-कविता, भैया को क्या हुआ

अवी-क्या हुआ. रूको अभी बताता हूँ. आज़ादी दी तो तुम ये सब करने लगी हो

लीना-हम ने क्या किया. आप गुस्सा क्यूँ कर रहे हो.

अवी-गुस्सा .थोड़ी देर मे तुम्हारे गाल लाल करूँगा

और मैं उनके रूम मे बीअर की बॉटल ढूँढने लगा.

कविता और लीना मेरे इस तरह ट्रीट करने से रोने जैसी शकल बना कर मुझे देख रही थी.

उनको तो अपने कानो पे विश्वास नही हो रहा था उनका भाई उनसे ऐसे बात करेगा.

उनको समझ मे नही आ रहा था कि दोनो ने ऐसा क्या किया जो मैं उनपे इतना गुस्सा कर रहा हूँ.

कविता-भैया.

अवी-क्या है

लीना-आपको क्या हो गया. आप हम से ऐसे बात क्यूँ कर रहे है

अवी-तुम ने काम ही ऐसा किया है कि मुझे तुमपे गुस्सा आ गया

कविता-भैया हम ऐसा कुछ कैसे कर सकते है कि आप नाराज़ हो

अवी-नाराज़ नही मैं गुस्सा हूँ. तुम ने मेरी दी हुई आज़ादी का ग़लत फ़ायदा उठाया.

लीना-ग़लत फ़ायदा ,हम ऐसा कुछ नही कर सकते जिस से आपको बुरा लगे

और मैं बेड के नीचे देखने लगा तो वहाँ बीयर की बॉटल और 2 ग्लास मिल गये.

मैं ने बॉटल और ग्लास बाहर निकाल लिए

अवी-क्या है ये

कविता-भैया ये वो

अवी-अब बोलती क्यू बंद हुई. बोलो क्या है ये

लीना-भैया वो हम

अवी-तुम दोनो ने मेरा विश्वास तोड़ दिया ,,मैं ने तुम्हें आज़ादी दी और तुम हो की ये सब कर रही हो

कविता-भैया हम तो

अवी-क्या हम तो. अगर बुआ ने देख लिया होता तो बुआ मुझे क्या कहती. सब मेरे वजह से हुआ है यही कहती ना.

कविता लीना ने अपने सर नीचे कर लिए

अवी- तुम दोनो को मैं ने कभी किसी बात के लिए नही रोका पर तुम तो आज बीयर कल दारू फिर क्या पता उसके बाद ड्रग्स भी लेने लग जाओगी

कविता- भैया

अवी- ये सब मेरी वजह से हुआ है , बुआ सही कहती है कि तुम मेरे वजह से बिगड़ गयी हो , और इसके लिए मुझे जो सज़ा देती वो देख कर तुम्हें अच्छा लगता

अवी- ये मेरी वजह से हुआ है तो इसकी सज़ा मुझे मिलनी चाहिए

और मैं अपने गाल पर थप्पड़ मारने लगा

मैं कविता और लीना को कैसे मार सकता था

वो तो मेरी प्यारी बहनें है

इस लिए मैं खुद की मार कर उनको सज़ा दे रहा था

ताकि उनको याद रहे कि उनके वजाहह से उनके भैया को सज़ा मिली है

तभी आगे जाकर वो ऐसी ग़लती कभी नही करेंगी

मैं अपने गाल पे थप्पड़ मार कर उनको सज़ा दे रहा था

मुझे खुद को मारते हुए देख कर कविता लीना मेरे पास आ गयी

कविता- भैया हमे मारिए ,

लीना- ये हमने किया है इसकी सज़ा हमे दीजिए

अवी- ग़लती तुमने की है इसकी सज़ा तो मुझे मिलनी चाहिए

लीना-भैया हम तो बस

अवी- बिल्कुल चुप , अपने मोबाइल मुझे दो , और आज से तुम्हारी सारी मस्ती बंद

कविता और लीना के आँख मे आँसू आने लगे

अवी-तुम दोनो को अपने ज़िम्मेदारी पे आज़ादी दी. तुम्हारा दूसरे कॉलेज मे अड्मिशन करवाया ,वहाँ भी तुम ये सब करोगी. झूठ बोल कर वहाँ अड्मिशन लिया, ताकि वहाँ भी ये सब करो

कविता और लीना रोने लगी.

उनकी आँख से पानी निकलने लगा.

मेरी हस्ती खेलती बहनों को रोता हुआ देख कर मुझे बुरा लगने लगा.

पर ये करना ज़रूरी था ताकि वो अपनी लिमिट कभी क्रॉस ना करे

मैं वैसे ही अपने गाल पर थप्पड़ मारने लगा

ये देख कर दोनो लगातार रो रही थी

दोनो से ये देखा नही गया और वो दोनो मुझे रोकने आने वाली थी कि मैं ने उनको रोक दिया

अवी- वही रहो अगर आगे आई तो ....

दोनो मेरे गुस्से को देख कर डर गयी

और मुझे खुद को मारते हुए देखने लगी

मुझे थप्पड़ मारने से दर्द नही हो रहा था पर उनके आँख मे आँसू देख कर दर्द हो रहा था

दोनो से अब बर्दास्त नही हुआ

और दोनो मेरी तरह खुद को थप्पड़ मारने लगी

उनकी वजह से उनके प्यार भैया को सज़ा मिल रही थी

ऐसे मे वो कैसे खुद को माफ़ करती

कविता लीना खुद को थप्पड़ मारने लगी

मैं ये देख कर रुक गया पर दोनो नही रुकी

मैं तो खुद को सज़ा दे कर उनको बता रहा था कि उनकी ग़लती से क्या होगा किसको सज़ा मिलेगी

पर यहाँ तो कविता लीना मुझसे ज़्यादा स्मार्ट निकली

कविता और लीना हँसती हुई अच्छी लगती है. रोते हुए नही.

मुझे उनको रुला कर बहुत बुरा लग रहा था.

पर मैं जो बोल रहा था वो उनके अच्छे के लिए था

दोनो मेरी आज़ादी का कुछ ज़्यादा ही फ़ायदा उठा रही है

इनको आज नही रोका तो कल तो बहुत देर हो जाएगी

लेकिन उनकी आँखो मे आँसू

ये मैं कैसे दे सकता था

ये तो मेरी हस्ती खेलती गुड़िया है

मैं कविता और लीना के पास गया .और उनको गले लगाया

कविता और लीना मेरे गले लग कर रोने लगी.

वो कुछ ज़्यादा ही रो रही थी. उनको रोता हुआ देख कर मेरे भी आँख मे आँसू आ गये.

मैं ने दोनो को कुछ ज़्यादा ही हर्ट किया

अवी-तुमको पता है ना मैं तुम दोनो से कितना प्यार करता हूँ. फिर भी तुम ने ऐसी हरकत क्यूँ करती हो जिस से मुझे तुम्हें डाटना पड़ता है , मैं तो तुम्हें डाट भी नही पा रहा हूँ इस से अच्छा है तुमसे बात नही करूँगा

लीना-भैया हमे माफ़ कर दो .दुबारा हम ऐसा नही करेंगे

कविता-भैया हमे माफ़ कर दो .हम कभी आपको शर्मिंदा नही होने देंगे

लीना-भैया हमारी पहली ग़लती समझ कर माफ़ करदो

कविता-भैया आप जो बोलेंगे जैसा बोलेंगे वही करेंगे ,हमे माफ़ कर दो

लीना-भैया ,आप हम पे गुस्सा करेंगे तो हम ऐसे रोते रहेंगे. जब तक आप माफ़ नही करेंगे.

कविता-भैया कुछ बोलिए ,हमे मारिए ,हमे सज़ा दीजिए पर ऐसे चुप रह कर हमे जीते जी मार मत डालिए

लीना-भैया ,हम कोई भी सज़ा भुगतने को तैयार है पर आपका नाराज़ होना हमे मंज़ूर नही है.

अवी-तुम दोनो ने ऐसा क्यूँ किया.

कविता-भैया हम आपको सब सच सच बताएँगे .आप अपना गुस्सा ख़तम कीजिए.

अवी-पहले बताओ तुम ने ऐसा क्यूँ किया

लीना-भैया हम ने बीयर नही पी

अवी-मैं झूठ नही सुनना चाहता

कविता-सच भैया ,आप बीयर को देख लीजिए. ग्लास मे बीयर वैसी ही भरी है

मैं ग्लास और बॉटल देखी तो बीयर की मात्रा थोड़ी कम थी.

अवी-बीयर नही पी तो मंगाई क्यूँ?

लीना-भैया वो हम

अवी-बोलो ,

कविता-सबकी कोई ना कोई इच्छा होती है. हमे भी बीयर पीके देखना था ,कि लोग बीयर क्यूँ पीते है.

अवी- कल को दारू फिर ड्रग्स भी पी कर देखोगी

लीना- नही भैया

कविता- हम तो बस बीयर पीकर देखना चाहते थे

अवी-तो क्या पता चला .

लीना-हम ने जैसे पहला सीप लिया तो उल्टी करने का मन हुआ. और मैं ने बीयर थूक दी.

अवी-थूक दिया

कविता-फिर क्या करते ,कितनी कड़वी थी .हम से तो एक सीप भी पीना नही हुआ.

लीना-पिया हम ने कुछ नही पर आपके गुस्सा का सामना करना पड़ा.

अवी-ये तो ऐसे हुआ खाया पिया कुछ नही ग्लास तोड़ा बारा आना.

कविता-भैया हम बस देखना चाहते थे कि बीयर पीने से कैसा लगता है. ये हमारी जिग्यासा थी.

अवी-पर तुम्हें मुझे बताना चाहिए था.

लीना-बताने वाले थे पर आप कहीं मिले नही. पता नही कल रात को कहाँ गये थे

अवी-(मैं छत पे था रानी के साथ) तो रुक जाती,

कविता-आज के बाद मोका नही मिलता. अगर गाओं मे पीते तो माँ को पता चलता.

अवी-पर मुझे तुम्हारा बीयर पीना अच्छा नही लगा

लीना-सॉरी भैया .हम दुबारा बीयर को हाथ भी नही लगाएँगे

कविता-और ऐसा कुछ भी करेंगे तो पहले आपकी इजाज़त लेंगे

अवी-प्रॉमिस करो

लीना-पक्का प्रॉमिस

कविता-बस आप कभी हम पे गुस्सा मत करना .

अवी-क्यूँ ना करूँ .अगर ग़लती की तो गुस्सा करूँगा.

लीना-अब कभी ग़लती नही करेंगे.

अवी-ठीक है.

कविता-तो आपने हमे माफ़ किया.

अवी-नही. क्यूँ कि तुम खुद सोचो अगर बुआ को पता चलता तो मेरा क्या होता.मेरा छोड़ो तुम्हारा क्या होता

लीना-सॉरी भैया

अवी-ये सोचो जीजाजी को पता चलता तो वो क्या सोचते तुम्हारे बारे मे, स्वेता दीदी क्या मुँह दिखाती उनको

कविता-सॉरी भैया.

अवी-ठीक है. पर दुबारा ऐसा किया तो मैं कभी तुम से बात नही करूँगा.

लीना-मैं अब आपको शिकायत का मोका नही देंगे

कविता-और कॉलेज मे जो करेंगे वो आपको बता देंगे.

अवी-फिर ठीक है.

लीना-तो आपने हमे माफ़ किया

अवी-अभी कहाँ .तुम ने ग़लती की तो सज़ा मिलेगी.

कविता-हमे हर सज़ा मंज़ूर है.

अवी-तो 25 25 उठक बैठक करो

लीना-सिर्फ़ 25 ,हम 50 करेंगे

अवी-तो करो

दोनो ने अपने टवल निकाल दिए .

और मेरे सामने नंगी होकर उठक बैठक मारने लगी.

हर बार उठक बैठक करते सॉरी भैया बोलने लगी

इनको सज़ा भी देने का दिल नही कर रहा था

पर अगर सज़ा नही दी तो वो ग़लतिया करती रहेंगी. उनको पता है उनके भैया माफ़ कर देंगे

मैं ने बीयर की बॉटल उठा ली .

और एक सीप पीते ही मुझे भी उल्टी करने का मन हुआ. कितनी बकवास बीयर थी.

दोनो की 25 25 उठक बैठक हो गयी.

पर वो फिर भी लगी हुई थी.

अवी-हो गया .अब रुक जाओ

लीना-नही भैया. हम ने आप को दुख दिया है हमे सज़ा मिलनी चाहिए

अवी-इतनी काफ़ी है

कविता-भैया ,आप हमे सज़ा पूरी करने दो

अवी-कहा ना हो गया. अब बस करो वरना मैं फिर गुस्सा करूँगा.

लीना-हम बंद कर रहे है.

दोनो रुक गयी. और मेरे पास आकर बैठ गयी.

अवी-तुम बीयर पीते हुए अच्छी नही लगती

कविता-तो

अवी-तुम्हारे लिए एक स्पेशल स्वीट है मेरे पास पियोगी.

लीना-पहले बताइए क्या है

अवी-तुम्हें बहुत पसंद आएगा

कविता-बताइए ना क्या है

और मैं ने दोनो को एक एक किस किया

और दोनो के चेहरे पे वही स्माइल वापस आ गयी जो उनकी पहचान थी

अवी- ऐसे हँसते रहना और अपनी हँसी से सबको खुश रखना

कविता- जी भैया

अवी- अब चलो

कविट- कहाँ

अवी- नहाना नही है क्या ,

कविता- आप हमारे साथ नहाएँगे

अवी- हाँ

लीना-सच भैया.

अवी-हाँ, पर दुबारा ऐसा मत करना .

कविता-नही करेंगे

अवी-तुम्हें रोता हुआ देख कर मुझे कितना दुख हुआ पता है तुम्हें

लीना-देखा हमने. हमारे साथ आप भी रो रहे थे.

अवी-अब चलो तुम्हें क्रीम पिला कर खुश करता हू.

कविता-आइ लव यू भैया

लीना-आइ लव यू भैया

अवी-लव यू डियर

फिर मैं ने उन दोनो को अपनी बीयर पिलानी शुरू की.

कल मेरा लंड खड़ा हुआ था पर क्रीम नही निकेली थी.

आज कविता और लीना ने जो हरकत की उस से गुस्सा तो आया पर उन पे प्यार करने का दिल कर रहा था.

इस लिए मैं ने उनको वो बीअर पिलाई जो उनको सबसे ज़्यादा पसंद थी .

मेरा वीर्य पीते ही दोनो बीयर को भूल गयी.

मेरा वीर्य उनके लिए सबसे नशीली ड्रिंक थी.

वो मेरा वीर्य पीते ही नागिन की तरह नाचने लगी.

और मैं उनका डॅन्स देखने लगा.
 
चॅप्टर 896

कविता और लीना को सज़ा और मज़ा दे कर मैं उनके लिए रिलॅक्स हो गया

उनको भी ये टूर याद रहेगा.

कविता- भैया आप ने हम पे गुस्सा किया था तो मुझे अच्छा नही लग रहा था

अवी- मुझे तो तुमसे ज़्यादा बुरा लगा था

लीना-अब हम ऐसा कुछ करेंगे ही नही जिस से आपको गुस्सा आए

कविता- हाँ अब हम आपका इंतजार करेंगे , आपके हाँ कहने के बाद भी सोच समझ कर कुछ करेंगे

अवी-वो सब ठीक है . चलो तैयार हो जाओ. और अपने जीजाजी का दिमाग़ खाना शुरू करो

कविता-जीजाज को तो हम भूल ही गये.

लीना-चलो जीजाजी के साथ मस्ती करते है. सोहन जीजू से टिप लेंगे मेनेज़मेंट के

अवी-मैं भी चलता हूँ

मैं ने कविता और लीना को सज़ा और प्यार दोनो दिया.

इस से उनको समझ मे आएगा कि उनके भाई को क्या पसंद है.

मैं ने कविता और लीना को स्वीट सा किस दिया और अपने काम मे लग गया.

मुझे कोमल से मिलना था.

मैं अब कोमल से बात करने को तैयार था

मैं ने रानी को मसेज भेजा कि चाची उसे बुला रही है.

और मैं रानी के रूम से बाहर निकलने का इंतज़ार करने लगा.

थोड़ी देर मे रानी रूम से बाहर चली गयी .और मैं कोमल से बात करने के लिए रूम मे चला गया.

रूम मे कोमल बेड पे लेट कर छत की तरफ देख रही थी.

शायद वो किसी सोच मे डूबी हुई थी

अवी-कोमल

मेरी आवाज़ सुनते कोमल हड़बड़ा कर उठ गयी.

मुझे अपने रूम मे देखते ही शरमा गयी. जैसे दूल्हा दुल्हन से मिलने आया हो.

कोमल-अवी तुम

अवी-क्यू किसी और का इंतजार कर रही थी.

कोमल-नही. मैं तो तुम्ह का... मेरा मतलब है कि...तुम खड़े क्यूँ हो बैठो.,

अवी-कोमल मुझे तुमसे बात करनी है.

कोमल-हाँ कहो किस बारे मे बात करनी है.

अवी-वो मैं ,

कोमल-क्या हुआ

अवी-समाज नही आ रहा कि कहाँ से शुरू करू

कोमल-तुम्हें जहाँ से बताना है वहाँ से शुरू करो

अवी-कोमल .कल जो हुआ...

"कल "वर्ड सुनते ही कोमल शरमा गयी.

अवी-कोमल मुझे तुमसे कहना था कि

कोमल-ह्म

अवी-कल जो हुआ वो किसी को बताना मत ,अगर किसी को पता चला तो वो क्या सोचेंगे .

कोमल ने हाँ मे गर्दन घुमाई

अवी-मुझे पता है तुमने कल किसी को तबेले मे जो हुआ वो बताया नही .फिर भी इस बात को हम दोनो के बीच मे रखना .वरना

कोमल-हम दोनो के बीच मे रहेगा.

अवी-थॅंक्स, मुझे तुमसे इसी जवाब की उम्मीद थी.

कोमल-और

अवी-कोमल कल जो हुआ उसके बाद भी हम फ्रेंड रहेंगे ना,

कोमल-हाँ, हम बेस्ट फ्रेंड है.

अवी-तुम्हें बुरा नही लगा

कोमल-बुरा क्यूँ लगेगा. आक्सिडेंट तो होते रहते है.

अवी-आक्सिडेंट

कोमल-आक्सिडेंट ही हुए थे ना कल ,सब अचानक हुआ

अवी-हाँ, हाँ, कल आक्सिडेंट हुआ था. थॅंक्स कोमल

कोमल-हम फ्रेंड है .सो नो थॅंक्स

अवी-सॉरी

कोमल-सॉरी भी नही चलेगा.

अवी-ओके फ्रेंड. फ्रेंड कल आक्सिडेंट मे चोट नही लगी ना

कोमल-नही. कल के आक्सिडेंट से चोट कैसे लग सकती है. एक फ्रेंड दूसरे फ्रेंड को चोट कैसे दे सकता है.

अवी-सो स्वीट,

कोमल-वो तो मैं हूँ ही.

अवी-पर कल तुम ने कहा था कि तुम्हें आक्सिडेंट के बारे मे पता नही था.

कोमल-तब झूठ बोला था.

अवी-और अब

कोमल-बारिश होने का इंतजार कर रही हूँ.

अवी-तुम भी ना.

कोमल-कल की बारिश मुझे हमेशा याद रहेगी.

अवी-मुझे भी. पहली बार ऐसी बारिश मे भीगा हूँ.

कोमल-फिर से भीगने मे मज़ा आएगा.

अवी-सर्दी हो जाएगी.

कोमल-तुम्हें हुई

अवी-नही. पर तुम्हें हुई तो नेहा बुआ मेरी जान लेंगी.

कोमल-माँ को सिर्फ़ मेरी चिंता रहती है. इस लिए ऐसा कहा है.

अवी-कोमल तुम फूलो की तरह नाज़ुक हो.

कोमल-और तुम वो भवरे हो जो मेरी रक्षा करते हो

अवी-वो तो मैं करता रहूँगा.

कोमल-अवी

अवी-हाँ

कोमल-तुम बहुत अच्छे हो

अवी-और तुम खूबसूरत हो. एक एंजल हो तुम

कोमल-इतनी तारीफ काफ़ी है.

अवी-तारीफ करनी शुरू की तो वर्ड कम पड़ जाएँगे .इतनीखूबसूरत हो तुम

कोमल-रहने दो ,

अवी-सच

कोमल-सफेद झूठ

अवी-तुम तो दूध से ज़्यादा सफेद हो.

कोमल-ये क्या था.

अवी-कुछ नही

हम ऐसे इधर उधर की बातें करने लगे. जिस से हम पहली की तरह फ्री हो सके

कोमल ने कल की बात को आक्सिडेंट मान कर मेरी टेन्षन दूर कर दी.

मैं तो सोच रहा था कि कोमल से कैसे बात करूँगा. उसे क्या कहूँगा.

पर कोमल ने कल की घटना को आक्सिडेंट का नाम दे कर मेरी प्राब्लम सॉल्व की.

कोमल ने मुझे फिर से अपना बेस्ट फ्रेंड बना दिया.

अवी-कोमल

कोमल-अवी

अवी-पता है .आज तुमसे बात करके दिल को चैन मिला

कोमल-मुझे भी सुकून मिला

अवी-कल रात तो सोचते सोचते बीत गयी. रात भर नींद नही आई. तुम्हारे बारे मे सोच रहा था.

कोमल-मैं भी. कल तुम मेरे सपने मे आए थे और मुझे रात भर सोने नही दिया.

अवी-अच्छा

कोमल-हाँ

अवी-और अब कैसा लग रहा है

कोमल-तुमसे बात करके अच्छा लगा.(ऐसा लग रहा है कि कल जैसे आक्सिडेंट होते रहे)

अवी-मुझे भी तुमसे बात करने से बेहतर फील हो रहा है.

कोमल-सेम हियर

अवी-लगता है हमारी बातें कभी ख़तम ही नही होंगी .

कोमल-ऐसा लगता है बातें करती रहूं तुम्हारे साथ

अवी-वो गाओं जाकर करेंगे .चले जीजाजी इंतजार कर रहे होंगे

कोमल-जीजाजी बहुत रोमॅंटिक है जो दीदी से मिलने यहाँ आ गये.

अवी-वो तो है. चलो लव बर्ड को बाहर ले जाते है ताकि वो आसमान मे उड़ सके

कोमल-कौन लव बर्ड

अवी-स्वेता दीदी और रोहन, सीतल दीदी और सोहन

कोमल-लव बर्ड तो उड़ने को तैयार होंगे पर कविता लीना उनको उड़ने नही देंगी.

अवी-चलो हम उनकी मदद करते है

और मैं कोमल के साथ स्वेता दीदी के रूम की तरफ जाने लगा.

कोमल और मेरे बीच का टेन्षन ख़तम हो गयी .

हम पहले की तरह फ्रेंड बन्गये.

मैं कोमल के साथ स्वेता दीदी के रूम मे जा रहा था कि रानी का मसेज आया .छत की सीडियो के पास बुलाया

अवी-कोमल तुम चलो मैं नाश्ता ऑर्डर करके आता हूँ

कोमल-जल्दी आना

अवी-10 मिनट मे

कोमल स्वेता दीदी के रूम मे चली गयी और मैं रानी के पास

रानी के पास जाते ही वो मुझे गुस्से से देख रही थी.

अवी-रानी थोड़ा कंट्रोल किया करो. किस करने के लिए मुझे यहाँ बुला लिया.

रानी-क्या कहा.

अवी-तुम्हें किस चाहिए थी जिस से तुमने मुझे यहाँ बुलाया.

रानी-उल्टा चोर कोतवाल को डान्टे

अवी-मुझे चोर क्यूँ बोल रही हो. तुम्हारे दिल का चोरी किया इस लिए कह रही हो, फिर ठीक है.

रानी-तुम ने झूठ क्यूँ कहा चाची मुझे बुला रही है

अवी-इस लिए कि हम आज वापस जा रहे है तो चाची की मदद करो पॅकिंग करने मे, ये बात चाची थोड़ी कहेंगी वो तो तुम्हें समझ मे आनी चाहिए

रानी-तो ये बात थी. मुझे लगा कि तुम्हें किस चाहिए

अवी-वो तो अब लेकर रहूँगा.

रानी-भूल जाओ. मैं नही देने वाली

अवी-मेरी प्यारी रानी

रानी-गाल पे दूँगी.

अवी-ठीक है. आज पप्पी से काम चला लूँगा.

और रानी ने मुझे पप्पी की पर मैं ने उसे किस मे बदल दिया.

रानी-तुम ने किस ले ही ली

अवी-तुम्हारे किस से दिन अच्छा जाएगा.

रानी-फिर तो मुझे हर दिन किस देना पड़ेगा.

अवी-मुझे चल जाएगा.

रानी-तुम्हारी शिकायत करनी पड़ेगी चाची से,

अवी-कर लो. मैं भी कहूँगा कि कल तुम ने क्या किया था. छत पे

रानी-लो ,मदद करो और शिकायत हो जाए

अवी-कल छत से नीचे जाते हुए क्या किया था.

रानी-क्या किया था.

अवी-तुम्हें पता है.

रानी-तुम्हें भी पता है. कोमल तुम्हारे पीछे

मैं ने पीछे मूड कर देखा तो कोई नही था.

और रानी मुझे ठेंगा दिखा कर चली गयी.

रानी की हर अदा पे जान कुर्बान

मैं रानी के पीछे स्वेता दीदी के रूम मे चला गया.

जहा सब नाश्ता कर रहे थे.

मैं भी उनके साथ नाश्ता करने लगा

रोहन-अवी कब निकलना है

अवी-दोपहर मे लंच करके निकलते है

सोहन-अभी तो टाइम है

अवी-तब तक जिसको जहाँ घूमना है घूम सकता है. अकेले अकेले

कविता-ये अच्छा रहेगा.

लव बर्ड खुश हो गये

लोवे बर्ड ने जल्दी नाश्ता ख़तम किया और हवा मे उड़ गये
 
चॅप्टर 897

हम दोपेहर मे लंच करके वापस जाने वाले थे.

दोपेहर तक सब थोड़ी देर के लिए एक चक्कर वादियो मे घूम कर आ सकते है.

इसका फ़ायदा तो लव बर्ड उठा कर वादियो मे उड़ गये.

राजेश भी बाकियो के साथ घूमने चला गया.

बुआ चाची चाचा के साथ थोड़ी दूर घूमने गयी. अपने पैर हल्के करने के लिए चले गये.

रानी कोमल और विद्या के साथ घूमना चाहती थी. आज सब को अपनी मर्ज़ी से अकेले जाने दिया.

सब मुझे चलने को बोल रहे थे पर मैं थोड़ा आराम करना चाहता था. इस लिए मैं होटेल मे रुक गया.

होटेल मे मैं अपने रूम मे थोड़ी देर सोना चाहता था. टूर की टेन्षन ख़तम करना चाहता था.

मैं इन तीनो दीनो मे मेंतली और फिज़िकली दोनो तरह से थक गया.

इतने बड़े टूर को मेनेज करना मुश्किल था. पर राजेश ने पूरा साथ दिया मेरा.

राजेश ने तो दूसरा का ख़याल तो रखा और खुद के लिए रिसेप्षनिस्ट का बंदोबस्त किया.

मैं तो विद्या के साथ एक बार चुदाई करके थक गया था.

ऐसे मे मैं आज आराम करना चाहता था

1 घंटे की नींद पूरी करके मैं भी थोड़ा घूमने चला गया

वहाँ मुझे बुआ और चाची मिल गयी

मैं टूर का लास्ट समय अपने बुआ और चाची के साथ घूमना चाहता था

मेरे आने से चाची और बुआ दोनो खुश हो गयी

चाची और बुआ उस टूर के लिए मुझे थॅंक्स कहने लगी

सबने इस टूर को बहुत एंजाय किया

जिस से ये तय हुआ कि हम सब फिर से टूर पे आएँगे

फॅमिली टूर मे जितना मज़ा मिलता है वो किसी और मे कहाँ

चाचा तो अलग ही दुनिया मे थे

चाचा और सीमा चाची अकेले घूमने गये थे ,

चलो अच्छा है सीमा चाची को इस मे मज़ा आएगा और चाचा भी खुस रहेंगे

चाची के साथ घूमने के बाद मैं वापस होटेल आ गया

जब मैं हिटेल मे आया तो मुझे राजेश का मसेज आ गया कि वो होटेल आ रहे है .

उनके आने से पहले मैं ने अपनी पॅकिंग करके तैयार हो गया.

सब ने आते ही मुझे आज की मस्ती के बारे मे बताना शुरू किया.

कविता और लीना को फिर से हँसता हुआ देख कर अच्छा लगा.

राज तो एक फोटोग्राफर बन गया.

राज इतनी अच्छी फोटो निकालने लगा था कि मैं ने उसे किसी अच्छे फोटोग्रापेर के पास अगली छुट्टियों मे भेजने का सोचा.

पढ़ाई के साथ फोटोग्राफर बन जाएगा तो कितना अच्छा होगा.इंजिनियर के साथ फोटोग्रफी भी करेंगे ये उसके लिए बहुत अच्छा होगा.

ये तो बाद की बात है .अभी तो मेट्रिक मे जाएगा. फिर कॉलेज ,फिर ग्रेजुएशन ,बहुत टाइम बाकी है. तब तक ऐसे फॅमिली के फोटो निकाल कर प्रॅक्टीस कर सकता है.

बुआ चाची मेरे साथ ही होटेल आ गयी थी और चाचा भी होटेल आ गये .चाचा थोड़ी शॉपिंग करके आए थे, चाची के लिए सारी लाए थे , जिस से तीनी चाची खुश हो गयी , शॉपिंग करने वाले है ऐसा पता होता तो मैं चला जाता.

पर मेरे जाने से भी अच्छी बात ये है कि चाचा ने सीमा चाची को शॉपिंग करवाई.और बड़ी चाची छोटी चाची के लिए गिफ्ट लिए

इतने दिनो बाद चाचा और चाची का प्यार देख कर अच्छा लगा.

वो मैं ने ठीक किया कि पूनम दीदी को बुलाया नही. वरना ज्योति बुआ आ जाती तो मेरी चाची को चाचा का प्यार नही मिलता.

मैं जितना हो सके उतना चाचा को ज्योति बुआ से दूर रखूँगा.

लेकिन ये हमारे लव बर्ड कहाँ है.

कही हमारे लव बर्ड उड़ते हुए किसी नयी दुनिया मे तो नही चले गये

लंच का टाइम हो चुका है. शाम होने से पहले गाओं पहुँचना है. अगर बारिश शुरू हो गयी तो हमारा आज वापस जाना मुश्किल होगा.

मैं ने स्वेता दीदी को फोन किया तो दीदी ने कहा कि वो बाहर से लंच करके आ जाएगी.

छोटी चाची ने कहा कि उनको आज़ादी से उड़ने दूं, ऐसा मोका कम मिलता है. लव बर्ड को प्यार से उड़ने दूं

मैं ने स्वेता दीदी को लंच करके जल्दी आने को कहा. क्यूँ कि टूर लंबा हो जाने से सबकी प्लानिंग मे फरक पड़ रहा था.

कोमल और रानी के क्लासस जो अब और सिर्फ़ 2 हफ्ते चलेंगे वो भी बाकी थे.

एंडिंग मे क्लासस जाना ज़रूरी होता है

कविता और लीना को भी अपने कॉलेज जाय्न करने की तैयारी करनी होगी.

पहली बारिश हुई है. चाचा को खेतो मे नयी फसल लगाने की तैयारी करनी होंगी.

मुझे भी अपने कॉलेज ,पढ़ाई और अपने फ्रेंड्स से मिलना है. पता नही पंकज और करीम क्या कर रहे होंगे

हम सब ने एक दूसरे की मदद करते हुए पॅकिंग कर ली.

पॅकिंग होते ही हम लंच करके के लिए नीचे कॅंटीन मे चले गये.

हँसते ,मज़ा मस्ती करते हुए हम ने आराम से लंच कर लिया.

लो हमारे लव बर्ड आसमान से उतर के ज़मीन पर आ गये.

हम तो लंच कर रहे थे ऐसे मे स्वेता दीदी पॅकिंग करने के लिए उपर अपने रूम मे चली गयी .

पूजा बुआ ने रोहन सोहन को अपने पास रोक लिया.

और पूजा बुआ उनसे बातें करके उनके बारे मे ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी निकालनी चाही .

पूजा बुआ का साथ नेहा बुआ और नीता बुआ देते हुए रोहन से ज़्यादा से ज़्यादा इन्फोर्मेशन निकालने लगी.

ऐसी इन्फर्मेशन जिस से स्वेता दीदी सीतल दीदी अपने ससुराल मे ठीक से रह सके.

दोनो मे जो कमियाँ थी वो पूरी करके ससुराल भेज सके.

इस काम मे तीनो बुआ लग चुकी थी.

लंच तो हो गया पर बुआ की बातें ख़तम नही हुई.

हम ने उनको बातें करने दिया .और हमारे बॅग बस मे रखने लगे.

स्वेता दीदी जब नीचे आई तो बुआ को रोहन के साथ बातें करते हुए देख कर उनके पास चली गयी. और मुझे कुली बना गयी.

बॅग तो बस मे रख दिए .

चलो बिल पे करके आता हूँ. मैं राजेश के साथ बिल पे करने चला गया.

राजेश बिल देखते ही शॉक्ड हो गया.

वो मेरी तरफ देखने लगा .कि मैं अब क्या करूँगा.

राजेश-भैया इतना बिल. पे कैसे करेंगे

अवी-तू टेन्षन मत ले, मैं हूँ ना

मैं ने चाचा वाला कार्ड मे से थोड़ा बिल पे किया.

फिर अपनी कंपनी वाले एटीएम कार्ड से बाकी का बिल पे किया.

राजेश मेरी इस हरकत को ध्यान से देखने लगा.

राजेश-भैया ऐसा क्यूँ किया

अवी-क्या किया मैं

राजेश-2 कार्ड से बिल क्यूँ पे किए

अवी-एक कार्ड चाचा का था जिस से कम बिल पे किया ताकि चाचा को लगे कि ज़्यादा खर्च नही किया ,

राजेश-और दूसरा कार्ड

अवी-वो मेरा पर्सनल कार्ड था जिस की लिमिट नही है

राजेश-आपके पास इतने लाखों रुपये कहाँ से आए

अवी-लाखों नही .करोड़ों बोलो

राजेश-भैया आप तो मुझे शॉक्ड दे रहे है.

अवी-देख किसी को बताना मत, मैं एक कंपनी का 50%पार्टनर हूँ, ये पैसे उसी कंपनी से आए है.

राजेश-व्हाट, ये बात मामी मामा को पता है

अवी-नही. पर तुम भी बताना मत

राजेश-भैया मुझे ये कार्ड कब मिलेगा.

अवी-तुझे जब ज़रूरत होगी माँग लेना. तू बिना पूछे भी ईस्तमाल कर सकता है.

राजेश-थॅंक्स भैया. आपने इतना कहा ये मेरे लिए काफ़ी है.

अवी-चल अब ,वापस गाओं जाना है

राजेश-हाँ, मुझे तो अपने कॉलेज जाने की तैयारी करनी है. और आपको भी आना होगा.

अवी-मैं क्या करूँगा वहाँ आकर

राजेश-मस्ती करेंगे

अवी-अभी नही. बाद मे आउन्गा

राजेश-अगस्त मे तो आना होगा. एक फंक्षन रहता है तब आओगे तो मज़ा आएगा.

अवी-ठीक है. पक्का आउन्गा चल अब

राजेश मुझे अपने कॉलेज बुला के रहेगा.

चलो राजेश के कॉलेज जाके देख लूँगा .उसके लिए मुझे अभी पढ़ाई करके रखनी होगी.

10 15 दिन तो राजेश अपने कॉलेज मे रुकने को बोलेगा. उतनी पड़ाई अब गाओं जाते ही कवर करके रख दूँगा.

लो बुआ की बातें ख़तम हो गयी.

बस भी हम सब को वापस ले जाने को तैयार थी.

चाचा को मैं ने कम पैसो वाला बिल दिखा दिया. कम बिल देख कर चाचा खुश हो गये.

तो छोटी चाची मेरी चालाकी समझ गयी .और मन ही मन मे हँसने लगी.

सब वापस गाओं जाने के लिए ,अपने टूर की बातें अपने फ्रेंड को बताने के लिए बेताब थे.

मैं ने वापस जाने का बस मे वैसा ही इंतज़ाम किया जैसे आते वक्त किया था.

मैं ने ग्रीन फ्लॅग दिखा कर इस टूर का ख़तम होने का और गाओं वापस जाने की घोषणा कर दी.

पहले घूमने फिर लंच करने से बस शुरू होते सबकी आँख बंद हुई.

मैं ने इसी लिए होटेल मे नींद पूरी की ताकि सफ़र मे सबके सोने का इंतज़ाम करूँ. किसी को तो जागना था.

मैं अकेला अपने मोबाइल पे सॉंग सुनते हुए सफ़र एंजाय कर रहा था.

लव बर्ड तो कार से हमारे आगे चल रहे थे.

स्वेता दीदी के साथ राज भी था जो बुआ ने जान बुझ कर भेजा ताकि लव बर्ड पे नज़र रखे

पर रोहन ने इसका इंतज़ाम पहले किया था, उसको स्वेता दीदी ने बताया था कि अगर वो घूमने जाएँगे तो राज उनके साथ ज़रूर आएगा.

इसी लिए वो राज को कार मे वीडियो गेम ,या मोबाइल मे मूवी लगा कर देते. जिस से राज अपनी मस्ती मे डूब जाता .और लव बर्ड प्यार करने लग जाते.

1 घंटे के सफ़र का रोड रोहन के शहर2 और हमारे गाओं का सेम था.

लेकिन उसके आगे हमारे रास्ते अलग हो जाते .

उस 1घंटे का सफ़र स्वेता दीदी और सीतल दीदी ने खूब एंजाय किया होगा.

पर जब बिछड़ने का वक्त आया तो स्वेता दीदी और सीतल दीदी थोड़ी उदास हो गयी.

कितना अच्छा वक्त बिताया था सब ने .अब ऐसे बिछड़ने से थोड़ा दुख तो होगा.

लेकिन उनके भी कॉलेज जल्दी शुरू होंगे.

लव बर्ड ने प्लान तो बनाया होगा कि कॉलेज शुरू होते ही वो एक टूर पे घूमने जाएँगे. बिना परेंस्ट को बताए.

ये बात याद आते ही रोहन सोहन को खुशी खुशी अलविदा किया.

और हम निकल पड़े अपने गाँव के लिए.

पूरा सफ़र शांति से बीत गया.

कोई सो रहा था तो कोई टूर की बातें कर रहा था.

सबके लिए ये टूर एक खास याद बन कर उनके यादों का हिस्सा रहेगा.

सब के लिए ये टूर एक चेंज की तरह था.

ऐसे टूर हर बार प्लान करने होंगे.

अगली बार अंकल को साथ लेंगे जिस से बुआ खुश हो जाएगी.

ये लो हमारा शहर आ गया.

रानी अपने घर जाने के लिए रेडी हो गयी तो कोमल और नेहा बुआ ने उसे गाओं चलने को कहा.

रानी को भी ये ठीक लगा. आज की रात गाओं मे रुक कर जाएगी तो अच्छा रहेगा.

वरना उसकी मम्मी कहेंगी कि सबको नाश्ता और टी पीके जाना होगा. और कोई इस मूड मे नही था.

सबको पहले घर जाना था. अपने अपने बेड पे लेट कर टूर के सपने देखने थे.

रानी ने ज़्यादा बहस नही की और हमारे साथ गाँव आ गयी.

गाओं आते ही सब अपने अपने घर चले गये .मैं भी चाची के साथ अपने घर आकर रिलॅक्स हो गया.
 
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