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मैं और मेरा परिवार

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अपडेट 922आ

क्लास मे जो ड्रामा हुआ वो आरती के लिए एक सबक जैसा होगा

आरती के घमंड की वजह से आज वो मुसीबत मे फस गयी

जिसका हमको डर था वही हुआ

आरती ने ग़लती की और मिसेज़ गुप्ता से पंगा ले लिया

आरती को इस बार तो छोटी सज़ा मिली

इस से आरती को सबक लेना चाहिए और अपनी पढ़ाई पे फोकस करना चाहिए

वरना मिसेज़ गुप्ता उसका फ्यूचर खराब कर देंगी

सुना बहुत है मिसेज़ गुप्ता के बारे मे की जो उनको पसंद नही होता उसका फ्यूचर डार्क हो जाता है

मिसेज़ गुप्ता अच्छों के लिए अच्छी है और बुरो के लिए बहुत बुरी है

पता नही मिसेज़ गुप्ता को कितना गुस्सा आया होगा

उनके गुस्से से आरती भी बहुत डर गयी थी

पता नही अब आगे क्या होगा

मिसेज़ गुप्ता उसको माफ़ करेंगी या नही ये तो वक्त बताएगा

मैं ने कोमल और रानी को समझा दिया कि वो शांत रहे

आरती कितनी भी उकसाने की कॉसिश करे तो उस पे ध्यान ना दे

रानी और कोमल समझदार है

पर उनको आरती के लिए फिकर हो रही थी

आरती तो मिसेज़ गुप्ता से माफी माँगने गयी है , लास्ट मे पता चल जाएगा कि क्या हुआ है ,

लेकिन अभी तो मुझे बियो गर्ल के पास जाना है

बियो गर्ल

हर कॉलेज मे फॉर्वर्ड गर्ल होती ही है

किसी किसी को पटाने मे पूरी ज़िंदगी कम पड़ जाती है

तो कोई एक झटके मे हाँ कर देती है

किसी को जन्मो जन्मो का प्यार चाहिए

तो किसी को वन नाइट वाला प्यार चाहिए

बियो गर्ल इसी मे से एक है

रात भर प्यार करो और सुबह तू कौन और मैं कौन वाली पहचान हो

सुबह होते ही तू अपने रास्ते और मैं अपने रास्ते

और मैं बियोगर्ल के रास्ते की तरफ जाने लगा

बिोगिर्ल ने मुझे 3र्ड फ्लोर पर बुलाया था जहाँ जूनियर के क्लास होते है

जूनियर तो क्लास आटेंड कर रहे थे

बिोगिर्ल छत की तरफ जाने वाली सीडियो पे बैठ कर मेरा इंतजार कर रही थी

मैं उसके पास आकर बैठ गया

मुझे देखते ही उसने एक सेक्सी स्माइल दी

अवी- तुमने मुझे यहाँ क्यूँ बुलाया

बिोगिर्ल- मुझे तो लगा तुम स्मार्ट हो जो समझ जाओगे

अवी- मैं तो समझ गया पर बात क्लियर हो तो चिपुकु वाली प्राब्लम नही रहती , मुझे गले लगने वाली पसंद नही है

बिोगिर्ल- तो क्या पसंद है

अवी- जब जागो तब सुबह , और सुबह होते ही तू कौन और मैं कौन

बिोगिर्ल- मैं भी इसी बात को फॉलो करती हूँ

अवी- तो कितनो के साथ फॉलो किया है

बिोगिर्ल- 3 टीचर और 4 बाय्फ्रेंड

अवी- वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाने का प्लान है

बिोगिर्ल- बन गया तो अच्छा ही होगा मेरे लिए

अवी- तो चले

बिोगिर्ल-कहाँ पर

अवी- होटेल मे

बिोगिर्ल-होटेल की जगह यही कॉलेज मे कैसा रहेगा

अवी- मुझे कोई प्राब्लम नही है मैं तो तुम्हारे लिए कह रहा था

बिोगिर्ल-मुझे तो कॉलेज सेफ लगता है और मुझे एक्सपीरियेन्स भी है कॉलेज का

अवी- तो चलो मेरे साथ

बिोगिर्ल-अब कहाँ चलने को बोल रहे हो

अवी- कॉलेज मे सेफ जगह ढूँढने

बिोगिर्ल-कहीं जाने की ज़रूरत क्या है , यहीं पर लॅडीस बाथरूम मे चलते है

अवी- मरवाने का इरादा है क्या

बिोगिर्ल-लॅडीस टाय्लेट सेफ जगह है इस दुनिया मे , मुझे पता है वहाँ कैसे हॅंडल करते है

अवी- तुम्हारे लिए रिस्क ले रहा हूँ

बिोगिर्ल-अच्छा, मज़ा तो तुम्हें भी आएगा

अवी- तो चलो

बिोगिर्ल-तुम्हें बहुत जल्दी है

अवी- तुम्हारी जैसी हॉट लड़की के लिए देरी करनी अच्छी बात नही होती

बिोगिर्ल-थॅंक्स , पर इतनी जल्दी मैं मिलने वाली नही हूँ

अवी- तो

बिोगिर्ल-मैं रिस्क लेकर खुद का मज़ा खराब नही करती

अवी- क्या मतलब

बिोगिर्ल-मैं पहले पेन चेक करूँगी , पसंद आई तो आगे बढ़ेंगे

अवी- नाइस जोक

बिोगिर्ल-ये जोक नही है ,

अवी- ए हेलो , ये कोई शॉपिंग माल नही है जो चेक करके देखोगी और पसंद नही आया तो दूसरे शॉप मे जाओगी

बिोगिर्ल-मेरे एक बाय्फ्रेंड की वजह से मैं प्यासी रह गयी थी , वो दिखने ने था बिल्डर पर पेन मे दम नही था

अवी- मेरा दम देखना है तो चलके बातरूम मे देखो , वरना अपनी उंगली ईस्तमाल करो , मैं चला क्लास मे

और मैं जाने लगा कि उसने आवाज़ दी

बिोगिर्ल-रूको तो

अवी- क्या है

बिोगिर्ल-एक बार पेन दिखा दो , दिल को तसल्ली हो जाएगी

अवी- देखो तुम क्या हो और मैं क्या हूँ ये हम दोनो अच्छे से जानते है , ये कोई तुम्हारा 1स्ट टाइम नही है जो मैं तुम जो कहोगी वो करूँगा , तुम्हारा पेपर फटा हुआ है , फटा हुआ पेपर कैसा होता है तुम्हें भी पता है , फटे हुए पेपर को जो पेन मिलता है वो लेना चाहिए ,

बिोगिर्ल-तुम मुझे बेज़्जत कर रहे हो

अवी- मैं ने क्या झूठा कहा , तुम्हारा पेपर 3 टीचर और 4 बाय्फ्रेंड के बाद क्लीन तो नही होगा , और रही बात मेरे पेन की तो इतना कह सकता हूँ कि तुम्हारे पेपर को अच्छे से फाड़ सकता है , इतना काफ़ी होगा तो चलो वरना मैं चला क्लास मे

बिोगिर्ल-तुम ने तो एक पल मे रंग बदल दिया

अवी- तुम ने बात ही ऐसी की जिस से रंग बदलना पड़ा

बिोगिर्ल-दिखाने तो कहा था

अवी- बात उसकी सुनी जाती है जिसकी वॅल्यू हो ,

बिोगिर्ल-क्या मतलब , मेरी कोई वॅल्यू नही

अवी- तुम्हें और मुझे , दोनो को एक ही चीज़ चाहिए , ऐसे मे कुछ कहने और कुछ बोलने मे टाइम वेस्ट नही करना चाहिए ,

बिोगिर्ल-मैं तो बस , चलो

अवी- क्यूँ देखना नही है

बिोगिर्ल-करते समय देख लूँगी

अवी- तुम्हें एक बात बताता हूँ , जो लड़की 1स्ट बेंच पर बतिह्ती है वो स्मार्ट होती है और लास्ट बेंच वाली खूबसूरत , तुम हो खूबसूरत पर तुम्हारे पास दिमाग़ कम है

बिोगिर्ल-तुम मेरी तारीफ करने के साथ आ बेज़्जती भी कर रहे हो

अवी- तुमने बात ही ऐसी कही थी

बिोगिर्ल-पेन देखने की बात ही तो की थी

अवी- देख कर क्या करती , पेन अभी लिखने वाली शेप मे नही है , क्या पता चलता तुम्हें मेरी पेन को वैसे देख कर , बोलो क्या पता चलता तुम्हें पेन को देख कर ,पेन ऐसी चीज़ है जिसको लिख कर देखने के बाद पता चलता है कि वो कैसी है, छोटी हो या लंबी वो कितने देर लिखती है वो तो लिखने के बाद पता चलेगा ना , अभी देख कर क्या पता चलता , कुछ समझी या फिर से बताऊ

बिोगिर्ल-तो ये सब पहले नही बता सकते थे

अवी- तुम्हें समझ मे आए इस लिए इस तरह बताया

बिोगिर्ल-चलो

अवी- कहाँ

बिोगिर्ल-लॅडीस टाय्लेट मे , पहले मैं जाउन्गी , टाय्लेट खाली देखते ही तुम्हें मिस कॉल्ड दूँगी तुम अंदर आ जाना

अवी- ये ठीक सोचा , थोड़ा दिमाग़ है तुम्हारे पास

और वो टाय्लेट की तरफ जाने लगी

और मैं उसके कॉल का इंतजार करने लगा

वो हर तरफ देख कर जा रही थी

मैं उसके पास ही था

उसने टाय्लेट मे जाने से पहले क्लास के पास वाली डस्टबिन उठा ली और टाय्लेट मे चली गयी

थोड़ी देर बाद उसने मुझे कॉल किया

उसका मिस्ड कॉल आते ही मैं टाय्लेट ने चला गया

जूनियर अपने अपने क्लास मे थे जिस से मैं आराम से लॅडीस टाय्लेट मे गया

टाय्लेट मे आते ही मैं ने टाय्लेट भी चेक किया

टाय्लेट मे तीन केबिन थे ,

उसने कॉर्नोर वाले और बीच वाले कॅबिन के पास डस्टबिन मे रखे हुए पेपर फेक दिए

और थर्ड केबिन क्लीन रखा

अवी- ये क्या कर रही हो

बिोगिर्ल-मेरे पास भी दिमाग़ है वही दिखा रही हूँ

अवी- कितना दिमाग़ है मुझे भी बताओ

बिोगिर्ल-हम कॉर्नर वाले कॅबिन मे करेंगे ,

अवी- लेकिन वहाँ तो तुम्हें ने पेपर डाल दिए

बिोगिर्ल-ये गंदा दिखाने के लिए किया , 2 कॅबिन गंदे रखे और एक क्लीन , अब जो भी लड़की आएगी वो क्लीन कॅबिन मे जाएगी

अवी- अगेर वो इधर भी आ गयी तो

बिोगिर्ल-नही आएगी , क्यूँ कि ये पेपर देख कर लड़की ये समझेगी कि किसी लड़की के पीरियड चालू है और उसने पेपर से खून साफ करके टाय्लेट गंदा कर दिया , जिस से यहाँ कोई नही आएँगी

अवी- आइडिया अच्छा है ,

बिोगिर्ल-ये मेरा आइडिया है हर बार कामयाब हुआ है , मेरे बाय्फ्रेंड के साथ ईस्तमाल किया है

अवी- ये आइडिया सिर्फ़ लॅडीस टाय्लेट मे ईस्तमाल होता है

बिोगिर्ल-सही कहा , क्यूँ कि म्सी सिर्फ़ लड़कियो को होती है

अवी- वो पता है मुझे पर लड़के अड्जस्ट कर लेते है , पर लड़किया बड़ी मुश्किल से अड्जस्ट करती है

बिोगिर्ल-तो चले कॅबिन मे

अवी- चलो

और हम लास्ट वाले कॅबिन मे चले गये

उस ने मैं डोर के पास वो डस्टबिन लगाके रखी थी जिस से कोई आए तो पता चल जाए

कॅबिन मे आते ही मैं वेस्टर्न टाय्लेट पे बैठ गया

1स्ट टाइम लॅडीस टाय्लेट मे आया था लेकिन लास्ट टाइम नही होगा

वो मेरी गोद मे बैठ गयी

और शुरू हो गया हमारा खेल

खेल की शुरुआत हमेशा की तरह किस्सिंग से हुई

हम दोनो एक्सपिरिन्स थे

जिस से सब अच्छे से हो जाएगा

वो मेरी गोद मे आते ही किस करने लगी

और मैं भी उसके होंटो को चूसने लगा

उसकी लिपस्टिक के साथ उसके होंटो का रस भी पीने लगा

वो भी मेरे होंटो को चूस रही थी

मेरा ध्यान हर तरफ था

उसको किस करने पे और कोई आए उसपे भी कान लगे हुए थे

आज सेक्स करते हुए कानो का ईस्तमाल भी करूँगा

वो बड़े जोश के साथ किस कर रही थी

साथ मे अपनी कमर हिला कर मेरा लंड खड़ा कर रही थी

अभी तक तो कोई नही आया

और हमारा खेल मज़दार होता गया

उसको तो मसल्ने का मन कर रहा था पर ये जगह ठीक नही थी

किस करने के साथ मैं ने उसकी टीशर्ट निकाल दी

टीशर्ट निकालते ही उसके बिग बूब्स को देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया

लेकि वो तो बस किस करने मे बिज़ी थी

मैं भी उसका साथ दे रहा था , साथ ही मेरा हाथ कभी उसकी पीठ पर घूम रहा था तो कभी उसकी जाँघो को सहला रहा था

उसकी स्कर्ट उपर हो गयी थी जिस से.लग रहा था कि वो ब्रा पैंटी मे मेरी गोद मे बैठी हो

उसको जी भर के किस किया

वो और मैं दोनो पूरी तरह से संतुष्ट हो गये

अब बारी थी नेक्स्ट लेवेल की
 
चॅप्टर 922ब

उसको किस करने मे मज़ा आ रहा था

वो तो पूरे जोश के साथ मुझे किस कर रही थी

थोड़ी देर किस करने के बाद उसने खुद किस करना बंद किया

और मेरे गोद से उठ कर नीचे ज़मीन पर बैठ गयी

और मेरे जीन्स की ज़िप निकाल कर लंड बाहर निकाल लिया

उसके बदन की गर्मी से लंड खड़ा हो चुका था जिस से बाहर निकालते उसको बाइट करने को तैयार था

मेरे पेन के दर्शन होते ही उसके आँख मे चमक आ गयी और मैं उसको शॉक्ड देख कर स्माइल करने लगा

उसको जिसकी उम्मीद थी उससे बढ़िया था मेरा लंड , उसको तो प्यार हो गया मेरे लंड से

जो चीज़ प्यारी लगती है उसको प्यार करने मे कोई देर नही करता

उसने भी देर ना करते हुए लंड पे किस करना स्टार्ट किया

वो तो बस किस करने तक नही रुकी वो तो लंड को मुँह मे लेकर चूसने लगी

इसके जैसी मिल जाए तो कुछ बताने की ज़रूरत नही पड़ती , उसको भी पता था कि संतुष्ट कैसे करते है

उसने तो अपना काम शुरू काइया

और मैं मज़े लेने लगा

वो तो काफ़ी एक्सपीरियेन्स थी , जिस से मुझे दूसरो से ज़्यादा मज़ा आ रहा था

इतना मज़ा कि क्या बताऊ और लॅडीस टाय्लेट मे करने से एक अलग मज़ा मिल रहा था

वो तो अपना बड़े अच्छे से करते हुए खुद भी मज़ा ले रही थी और साथ मे मुझे भी मज़ा दे रही थी

हम दोनो मस्ती मे खो चुके थे कि डस्टबिन के गिरने की आवाज़ आ गयी , लगता है कोई टाय्लेट मे आया है

मैं ने उसको रोक दिया

अवी- रूको

वो रुक गयी और हमे बाहर से कुछ आवाज़ आने लगी

लड़की- कितना गंदा कर के रखा है यहाँ पर

लड़की2- नीचे के फ्लोर के टाय्लेट चलते है

उसका प्लान तो कामयाब हो गया

वो लड़किया चली गयी

अवी- तुम्हें दिमाग़ भी है

बिोगिर्ल- थॅंक्स

और वो खड़ी हो गयी और मैं भी उसके साथ खड़ा हो गया

अवी-तुमने दिमाग़ लगाया है तो तुम्हें इनाम भी देता हूँ

बिोगिर्ल- तुम्हारा पेन देखते ही मुझे मेरा इनाम कैसा होगा वो पता चल गया

इतना बोल कर वो झुक कर अपनी बॅग से कुछ निकालने लगी

मैने अपनी जेब से कॉंडम निकाला तो उसने भी अपनी बॅग से कॉंडम निकाला

ये देखते हम दोनो हँसने लगे

मैं ने उसका कॉंडम ईस्तमाल किया और लंड पे चढ़ा दिया साथ ही जीन्स नीचे कर लिया

वो भी मेरी तरफ पीठ करके झुक गयी

उसने पोज़िशन लेते ही मैं ने उसकी स्कर्ट उपर कर ली और उसकी पैंटी नीचे कर ली

देखने मे तो ये हॉट थी उसकी गंद उस भी ज़्यादा हॉट थी

लगता है सबने अच्छी मेहनत की है इस पर

मैं भी इस फटे हुए पेपर पर अपने पेन से नाम लिख देता हूँ

मैं ने उसके गंद पर एक थप्पड़ मारते हुए उसको बताया कि मैं उसपर नाम.लिखने वाला हूँ

वो भी तैयार थी

उसकी चूत को मैं ने देखा तो समझ गया कि तीन टीचर वो भी एक्सपीरियेन्स वालों ने पास करके पूरा खजाना लूट लिया है

चलो मैं भी थोड़ा बहुत खजाना लूट लेता हूँ

लंड उसकी गीली चूत पर रगड़ने से उसके मुँह से आवाज़ आने लगी

मैं ने फिर से एक थप्पड़ मारा उसकी गंद पर, और आवाज़ पे कंट्रोल रखने को कहा

जैसे वो तैयार हुए मेरे पहले झटके मे आधे से ज़्यादा लंड अंदर चला गया

उसके मुँह से आवाज़ तो निकली पर इतना काफ़ी नही था मेरे लंड के हिसाब से

पर ये तो फटी हुई है फिर क्या था मैं ने दूसरे झटके मे पूरा लंड उसकी चूत मे डाल दिया

और मैं ने अपना नाम लिख ही दिया

बस अब ऐसा नाम लिखना था कि कभी वो मिटे ना

वो तो लंड अपने अंदर लेट धक्के मारने को बोल रही थी

फिर मैं कुछ पीछे रहता मैं ने भी धक्के मारने शुरू कर दिया

मेरे धक्को से उसको मज़ा आने लगा

शुरू से ही वो मज़ा लेने लगी

ऐसा बहुत कम के साथ होता है मुझे क्या था मैं उसकी चूत मारने लगा

वो भी धीरे धीरे शीष्कारियाँ लेने लगी मेरी चूत चोद चोद के भोसड़ा बना दो

वो मुझे ज़ोर से धक्के मारने को बोल रही थी पर मैं ने अपना कंट्रोल बनाया रखा , मुझे याद था कि हम कहाँ है

वो अपने दोनो हाथो से दीवार को पकड़ कर मेरे धक्के बर्दास्त कर रही थी

मैने एक लंबा झटका अंदर तक मार कर फिर कुछ छोटे छोटे शॉट लगाता जिस से चुदाई लंबी चलने मे मदद होगी और उसकी शीष्कारियों पे कंट्रोल रहेगा

वो अपने पुराने बाय्फ्रेंड का नाम लेकर मुझे धक्के मारते रहने को बोल रही थी

उसकी गंद पे थप्पड़ मारते हुए उसकी डिमॅंड पूरी कर रहा था

उसकी डिमॅंड उसकी चूत की तरह बड़ी थी

वो रुकने को बोल ही नही रही थी

और मैं भी उसकी चूत फाड़ने लगा

मुझे तो उसकी गंद भी मारने का दिल कर रहा था

उसकी चुदाई मे बहुत मज़ा आ रहा था

उसकी चूत से पानी भी टपक रहा था उसके पैर अब कमज़ोर पड़ रहे थे

उसका पानी निकालने के बाद तो उसमे इतनी हिम्मत नही थी कि वो खड़ी रहे पर उसका जोश कम नही हुआ

फिर क्या था मैं कॉमोड पे बैठ गया और वो अपनी चूत मेरे लंड पे रख कर बैठ गयी

उसके बैठने से थोड़ा आराम मिला

जगह कम होने से मैं कुछ नही कर पा रहा था जिस से मैं ने उसकी ब्रा खोल दी

उसके फॉर्म मे आने तक मैं उसके बूब्स के साथ खेलने लगा

मैं उसके निपल्स को मुँह मे लेके चूसने लगा

निपल्स को चूसने के साथ ही मैं उसकी गंद पे हाथ घुमा कर सहलाने लगा

थोड़ी दे बाद एक बूब्स को चूसने के साथ दूसरे बूब्स की हाथ से दबाने लगा

वो फिर मस्ती मे आने लगी

उसके बूब्स को चूसने के साथ मैं उनको काटने लगा

वो कहने लगी आराम से करो मेरे राजा मे कहीं जा नही रही हूँ.

पर मे कहाँ मानने वाला था बूब्स को चूस्ता गया

बूब्स चूसने के साथ ही वो अब धीरे धीरे अपनी कमर हिलाने लगी

मैं भी अपनी कमर हिला कर उसका साथ देने लगा

इसमे उसकी फटी हुई चूत को मज़ा कहाँ आता

उसने अपनी दोनो पैर कॉमोड पे रख कर मेरे लंड पे उछलना शुरू किया

उसके ऐसा करते ही मुझे भी जगह मिल गयी

और मैं ने भी नीचे से शॉट लगाने स्टार्ट किए

अब तो उसको ज़्यादा मज़ा आने लगा

और मैं उसकी चूत को अच्छे से फाड़ने लगा

वो भी मेरा स्टॅमिना देख कर मज़े लेते हुए उछलने लगी

हमारी चुदाई धीरे धीरे अपनी सीमा पर पहुँचने लगी

उसका बदन तो पसीने से भीग गया

पर मेरा लंड उसकी चूत को भिगाने मे लगा हुआ था

उसने काफ़ी देर तक चुदाई मे उछल कूद की

जिस से मेरा लंड खुश हो गया

अब तो मेरी नज़र उसकी गंद पर थी

मैं ने इसको कहा कि गंद मे लो तो उसने मना किया और कहने लगी कि कॉलेज मे शाम तक रुकना है वरना वहाँ भी लेती

जाने दो मैं ने भी ज़िद्द नही की

और उसको खड़ा कर के दीवार से चिपका दिया और उसके गले लग कर उसके पैर को कमोड पे रख कर लंड पेलने लगा

उसको टाय्लेट के कॅबिन मे अलग अलग पोज़िशन मे पेलता गया

वो पूरी तरह से संतुष्ट हो गयी

और मैं तो मज़े के समुंदर मे गोते लगाने लगा

उसकी फटी हुई चूत ने मेरा भी वीर्य निकालना शुरू किया

उसने तो मेरा वीर्य मुँह मे लेना पसंद किया

मुझे क्या था मैं उसके मुँह मे अपना अमृत डालने लगा

उसकी प्यास भुज़ाने तक मेर्ने वीर्य निकाला

मैं हल्का होकर अच्छा फील करने लगा

वो मेरा मेरा वीर्य पी कर खुश हो गयी
 
चॅप्टर 923

बियोगर्ल की चुदाई करके मज़ा आ गया.

कॉलेज के वॉशरूम मे बियोगर्ल की चुदाई करना एक अलग एक्सपीरियेन्स मिला

एक डर था कही कोई बीच मे टाँग ना अड़ा दे, डर के साथ चुदाई करना आम्जिंग होता है.

मिसेज़ गुप्ता के लेक्चर के बाद इतनी हॉट चुदाई करने को मिल जाए तो मज़ा आ जाता है.

बियो गर्ल इतनी जल्दी मेरे लंड को अपने अंदर लेंगी सोचा नही था

बियोगर्ल फॉर्वर्ड थी और काफ़ी एक्सपीरियेन्स वाली लग रही .

फिर भी मज़ा आ गया ,कॉलेज के लॅडीस टाय्लेट मे चुदाई करना मज़ेदार था.

वो तो मेरे धक्के खा कर हाफ़ रही थी.

बियो गर्ल-तुम्हारी पेन ने तो मेरा पेपर फाड़ दिया.

अवी-बोला था ना मेरा पेन ऐसा लिखना स्टार्ट करता है कि पेपर फट जाती है

बियो गर्ल-फटे हुए पेपर को फाड़ना मतलब तुम्हारी पेन का जवाब नही.

अवी-तुम इतनी फटी होने के बाद भी मुझे मज़ा आया.

बियो गर्ल-फिर कब मिलोगे

अवी-जब पेन का मूड हुआ तब मिलेंगे.

बियो गर्ल-अपनी पेन को बता दो कि पेपर फटने को तैयार रहेगा.

अवी-चुप रहो ,कोई अंदर आ रहा है

बियो गर्ल-मैं देखती हूँ

मुझे कॅबिन मे रोक कर वो बाहर चली गयी.

मैं ने उसके जाते ही कॉंडम निकाल लिया और पेशाब करके कॉंडम फ्लश करने वाला था कि वो कॅबिन मे वापस आ गयी.

बियो गर्ल-चलो ,रास्ता साफ है

अवी-हाँ चलो

बियो गर्ल-कॉंडम तो फ्लश कर दो.

अवी-करता हूँ तुम क्या खा रही हो

बियो गर्ल-सेंटर फ्रेश

अवी-मुझे दो

मैं ने सेंटर फ्रेश लिया और कॉंडम को बेसिन के पास वाले मिरर से चिपका दिया.

बियो गर्ल-ये क्या कर रहे हो

अवी-मेरा पहना हुआ कॉंडम और वीर्य आज कॉलेज की लड़कियो को देख कर एंजाय करने दो

बियो गर्ल-तुम इंट्रेस्टिंग हो. जब लड़किया तुम्हारा वीर्य कॉंडम मे देखेंगी तो उंगली ज़रूर करेंगी.

अवी-यही तो मैं चाहता हूँ. चलो अब

बियो गर्ल-रूको मुझे चेक करने दो ,वरना तुम फस जाओगे

उसने बाहर ज़ा कर देखा .और रास्ता क्लियर होते ही मैं लॅडीस बाथरूम से बाहर निकल गया.

बियो गर्ल-ऐसे कॉलेज मे सेक्स करना मुझे ज़्यादा मज़ा देता है.

अवी-तुम ने ओरल पढ़ाई कॉलेज मे की थी.

बियो गर्ल-हाँ, पर आज पूरी पढ़ाई करके वो भी इतनी दमदार पेन से मज़ा आ गया

अवी-फिर कभी कंबाइन क्लास हुआ तो तुम्हारी फिर फाड़ुँगा

बियो गर्ल-मैं तो चाहती हूँ रोज कंबाइन क्लास हो.

अवी-तुम तो यही चाहोगी.अब बोलो कोई शिकायत है

बियो गर्ल-नही. पूरी संतुष्ट हूँ

अवी-चलो अब ,तुम अपने रास्ते जाओ मैं चला कॅंटीन मे

उसके गंद पे एक थप्पड़ मार कर मैं कॅंटीन मे चला गया.

करीम तो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अपने घर चला गया.

मैं कॅंटीन मे बैठ कर रानी और कोमल इंतजार करने लगा.

मैं कॅंटीन मे बैठ कर कोमल और रानी का इंतजार कर रहा था कि अनु अपने बाय्फ्रेंड के साथ कॅंटीन मे आ गयी.

अनु की नज़र मुझपे पड़ते ही वो अपने बाय्फ्रेंड से कुछ बात करके मेरे पास आ गयी.

अवी-हाई डियर

अनु-हाई

अवी-कहाँ रहती हो, कुछ खबर ही नही है तुम्हारी

अनु-अपने बाय्फ्रेंड के साथ वक्त बिता रही हूँ. उसको जानना जो है.

अवी-कैसा है तुम्हारा बाय्फ्रेंड ,

अनु-अच्छा है. शादी के लिए पर्फेक्ट है

अवी-और बेड पे

अनु-अभी तक बेड पे मिले नही, पर देख कर लगता है मेरे लिए पर्फेक्ट है.

अवी-और पढ़ाई कैसी चल रही है

अनु-मेरा बाय्फ्रेंड मेरी मदद करता है जिस से अच्छा रिज़ल्ट आया

अवी-फिर तो मेरा पत्ता कट

अनु-तुम ने ही तो सही रास्ता दिखाया. वरना मैं तो तुम्हारी थी

अवी-रास्ता फ्रेंड ही दिखाते है

अनु-तुम जैसा फ्रेंड सबको मिले. तुम मेरा ईस्तमाल कर सकते थे फिर भी तुम ने मुझे नया रास्ता दिखाया

अवी-तुम खुश हो इस से ज़्यादा क्या चाहिए.पर तुम अपना ध्यान रख नही रही हो. तुम्हारा फिगर

अनु-तुम जो ना थे,

अवी-अपने बाय्फ्रेंड को बोलो मेहनत करके

अनु-अब बोलना पड़ेगा.वैसे मेरे बाय्फ्रेंड ने तुम ने जो बताए थे सारे टेस्ट पास कर लिए

अवी-तो यहाँ क्या कर रही हो .अपने बाय्फ्रेंड के पास जाओ .वो इधर ही देख रहा है

अनु-सॉरी ,आंड थॅंक्स

अवी-कभी भी कोई मदद लगे तो मुझे याद करना

और अनु मुझसे मिलके अपने बाय्फ्रेंड के पास चली गयी.

पर वो दोनो नही आई उनकी जगह कविता और लीना हमारे कॉलेज मे आ गयी.

कविता-भैया हम आ गये.

अवी-कैसा रहा तुम्हारा कॉलेज ,

लीना-फुल टू धमाल किया कॉलेज मे

अवी-मस्ती करती हो या पढ़ाई भी करती हो

कविता-पढ़ाई घर पे और मस्ती कॉलेज मे

अवी-मुझे भी बताओ कॉलेज मे क्या किया.

लीना-भैया आज तो बहुत मज़ा आया कॉलेज मे ,हम ने एक टीचर को इतना परेशान किया कि वो क्लास से बाहर चली गयी

अवी-ऐसा क्या किया.

कविता-कुछ नही भैया ,एक मेडम है जो पढ़ाने की जगह सिर्फ़ सवाल पूछती रहती है.और पूरे क्लास को एक एक करके सब स्टूडेंट को खड़ा करती है.फिर पनिशमेंट के नाम पर असाइनमेंट देती है

अवी-तो तुम ने क्या किया.

लीना-हम ने मेडम को सवाल पूछने शुरू किए.

अवी-वो कैसे

कविता-मेडम ने हमे सवाल पूछे हम उसका जवाब दे कर उल्टा हम दूसरा सवाल पूछ लेते

अवी-तुम दोनो पागल हो ,मेडम से पंगा नही लेना चाहिए

लीना-भैया हम सब देख कर करते है.

अवी-क्या मतलब

कविता-भैया हमे पता लग गया कि मेडम का चक्कर फिज़िक्स के सर के साथ उनकी लॅब मे चलता रहता है.

अवी-तो

कविता-मेडम फिज़िक्स के टॉपिक पर पीएच.डी भी कर रही है

अवी-तो

लीना-हम ने मेडम से एक सवाल पूछा कि ,फिज़िक्स मे पीएच.डी करनी है तो फिज़िक्स लब मे क्लास ख़तम हो जाने के बाद प्रॅक्टीस करनी पड़ती है क्या

अवी-ये सवाल से तो मेडम के पसीने निकल गये होगे

कविता-हाँ, हमारा सवाल सुनते ही मेडम के पसीने निकलने लगे और क्लास से बाहर चली गयी.

अवी-ऐसे रिस्क मत लिया करो, हमारे कॉलेज मे पता है क्या हुआ.

लीना-क्या हुआ

अवी-एक स्टूडेंट ने मेडम से पंगा लिया तो उसको 15 के लिए कॉलेज आने से मना किया.

कविता-भैया हमारी बात अलग है ,हमे पता होता है कि हम क्या कर रही है.

अवी-वो दिख रहा है. तुम्हारी ब्रा कहाँ है

लीना-भैया दिख रहा है

अवी-दूर से तो नही दिख रहा पर ध्यान से देखा तो पता चल जा रहा है कि तुम ने ब्रा नही पहनी.

कविता-भैय लीना की ग़लती है

अवी-क्या ग़लती.

लीना-भैया दुपट्टा से छुपा रही हूँ.

अवी-पर ब्रा गयी कहाँ.

कविता-भैया लीना अपनी ब्रा हार गयी.

अवी-हार गयी से क्या मतलब

लीना-भैया वो मैं सीनियर के साथ गेम खेल रही थी कि गेम हार गयी और हारने पे ब्रा निकालनी पड़ी

अवी-तुम्हें मार चाहिए तभी अकल आएगी.और कविता तू कहाँ क्या कर रही थी

कविता-भैया मैं टाय्लेट गयी थी.अगर मैं होती तो इसको हारने नही देती.

अवी-क्या गेम था

लीना-एक पज़िल थी जो सॉल्व करेगी वो हारने वाले से कुछ भी माँग सकती थी.

अवी-ऐसे शरत नही लगानी. अगर कुछ और माँग लेती तो वो

कविता-मैं भी इसको यही कह रही थी.

अवी-चलो ठीक है पर एक खरीद लेती शॉप से

लीना-खरीद कर क्या करती .मेरी ब्रा मेरे बॅग मे है.

अवी-तो पहनी क्यूँ नही.

लीना-शर्त जो थी

अवी-मेरी माँ, वो सीनियर यहाँ है क्या नही ना , तो पहन लो

लीना-पर शरत थी वो

अवी-एक थप्पड़ मारूँगा. चलो वॉशरूम जाके पहन लो

लीना वॉशरूम चली गयी.

कविता-भैया दीदी कहाँ है

अवी-वो अपने क्लास मे है

कविता-दीदी क्या कॅंटीन मे आती है कि नही.

अवी-वो जाने दो .ये बताओ तुम्हारा कॉलेज कैसा है.

कविता-अच्छा है. ऐसा लगता नही कि कॉलेज मे हूँ.

अवी-और फ्रेंड बनाए कि नही.

कविता-पूरे कॉलेज को फ्रेंड बनाया है ,जूनियर हो कि सीनियर सब से फ्रेंडशिप की

अवी-और रेंट वाला मकान उसका क्या हाल है

कविता-भैया ब्रेक मे हम तो मकान पे जाते है

अवी-और किसी को लेके जाती हो.

कविता-कुछ सीनियर आते है कभी कभी.

अवी-किसी को की मत देना

कविता-कुछ सीनियर अपने बाय्फ्रेंड के साथ वक्त बिताने के लिए की मांगती है पर हम ने आपका नाम बता कर मना किया.

अवी-अच्छा किया.

कविता-पर भैया आपका नाम आते ही सीनियर बोल रही थी कि आपके साथ वक्त बिताने को की मिलेगी कि .....

अवी-तो बोल देना कि मैं वैसा लड़का नही हूँ

कविता-बोल तो दिया पर कह रही थी एक बार मिलवा देना

अवी-ठीक है देखते है. अब शांत रहना कोमल आ रही है

कोमल के आते ही हम ने टॉपिक चेंज कर लिया.
 
चॅप्टर 923आ

कोमल के आते ही हम ने बातें करना बंद किया.

रानी-कविता कैसी हो, कब आई कॉलेज से और ये लीना कहाँ है

कविता-दीदी एक साथ इतने सारे सवाल .

कोमल-लीना कहाँ है

लीना-मैं यहाँ हूँ दीदी.

कोमल-कहाँ गयी थी.

लीना-आपको ढूँढने लाइब्रेरी गयी थी.

कोमल-तुम अकेले गयी थी ,पहली बार ऐसा देख रही हूँ.

रानी-एक काम करो अब साथ मे जाकर कॉलेज का एक चक्कर लगा लो

कविता-क्यूँ दीदी.

रानी-जाकर देखो समझ जाओगी. एक देखने लायक चीज़ है

कहीं रानी वॉशरूम के कॉंडम की बात तो नही कर रही.

लीना-अब जाके देखते है पर है कहाँ

कोमल-खुद पता लगा लो

कोमल के चेलेंज करते ही दोनो कॉलेज का चक्कर लगाने चली गयी.

अवी-उनको कहाँ भेजा

कोमल-आरती की बात दोनो के सामने कैसे करती .इस लिए उनको भगा दिया

अवी-क्या हुआ आरती का

रानी-उसे 15 दिन के लिए कॉलेज मे आने से मना किया. मेडम ने

अवी-ये तो मुझे पता है बाद मे क्या हुआ.

कोमल-होना क्या था ,आरती मेडम के कॅबिन गयी थी माफी माँगने

अवी-तो कभीं मे क्या हुआ

रानी-होना क्या था मेडम ने आरती को डाँट ना शुरू किया.

अवी-क्या कहा मेडम ने

कोमल-मुझे कैसे पता होगा. पर जब आरती कॅबिन से बाहर आई तब वो रो रही थी

अवी-लगता है कॅबिन मे कुछ ज़्यादा बहस होगयि.

रानी-हाँ, आरती का चेहरा बता रहा था की मेडम उस पे बहुत गुस्सा है

अवी-तुम ने बात की आरती से

कोमल-ट्राइ किया .पर

अवी-पर क्या

रानी-वो कॅबिन से बाहर निकलते हमारे गले लग कर रोने लगी.

अवी-तुम्हारे गले लग कर. अच्छा जोक था.

कोमल-पहले हम भी शोक्ड हुए .पर जैसे वो शांत हुई हम से दूर होके हम पे चिल्लाने लगी. पहले वो कितना एमोशन हो गयी कि हमारे गले लग गयी थी.

अवी-क्या कहा उसे

रानी-यही कि उसके साथ जो हुआ वो कोमल की वजह से हुआ .वो कोमल से इसका बदला टॉप करके लेगी.

अवी-वो पागल है

कोमल-हाँ ,वो मेंटली बीमार हो गयी है .

अवी-तुम उस पे ज़्यादा ध्यान मत देना

रानी-तुमने देखा ना हम क्लास मे चुप थे

अवी-वैसे ही रहना . अपना ध्यान भटकने मत देना

कोमल-यस बॉस

अवी-क्या कहा

कोमल-हम आरती की बात को सीरियसली नही लेते

अवी-लेना भी मत

कोमल-वैसे आरती के साथ जो हुआ वो अच्छा नही हुआ.

अवी-तुम ने ट्राइ किया था मेडम को मनाने का

रानी-आरती को अपने बातों का पछतावा एक दिन ज़रूर होगा

अवी-वो तो होगा ही पर आरती ने मिसेज़ गुप्ता से पंगा लिया.

कोमल-उसी बात का तो डर है,मिसेज़ गुप्ता की इन्सल्ट करके आरती ने मुसीबत को इन्विटेशन दिया है

अवी-देखते है क्या होता है आरती के साथ. मिसेज़ गुप्ता इतने आसानी से छोड़ेंगी नही आरती को

रानी-ज़्यादा कुछ होना नही चाहिए,वरना आरती का फ्यूचर खराब होगा

अवी-(मुझे मिसेज़ गुप्ता का वीडियो अपने साथ लेकर घूमना होगा कभी भी ज़रूरत पड़ सकती है) जो होगा देखा जाएगा. मिसेज़ गुप्ता ने कुछ ज़्यादा किया तो हम आरती का साथ देंगे

कोमल-वो हमारी फ्रेंड थी ,साथ तो देना ही होगा

अवी-लो आ गयी कविता औरलीना

रानी-टॉपिक चेंज

अवी-क्या हुआ

कविता-दीदी ने हमे उल्लू बनाया ,कॉलेज मे सब वैसा ही था

रानी-मैं तुम्हारी स्मार्टनेस चेक कर रही थी.

लीना-आज मेरा दिन ही खराब है.

कोमल-क्या हुआ आज .

अवी-पहले उसके कॉलेज मे वो उल्लू बन गयी और अब हमारे कॉलेज मे तुम ने उल्लू बनाया

रानी-सॉरी डियर, मुझे पता नही था

अवी-सॉरी से मेरी बहन मानती नही.

रानी-तो इनका मूड कैसे ठीक करे

अवी-तुम्हें ट्रीट देनी होगी.

रानी-तो चलो ,आज मेरी तरफ से सबको ट्रीट देती हूँ

कविता-वाउ ,भैया आपका जवाब नही.

अवी-ट्रीट मे क्या होगा.

कोमल-बारिश मे आइस क्रीम कैसी रहेगी

लीना-ये सुनते ही ठंड लगने लगी.

रानी-तो बारिश मे आइस क्रीम को एंजाय करते है

अवी-चलो फिर

और हम कॉलेज से सीधा आइस क्रीम शॉप मे चले गये

बारिश का सीजन था तो शॉप खाली था.

कोमल-कविता लीना तुम ऑर्डर करो

कविता-पहले कोल्ड कॉफी फिर आइस क्रीम

रानी-फिर तो मैं सिर्फ़ आइस क्रीम लूँगी

अवी-मैं भी

और हम ने सबके लिए आइस क्रीम ली और कविता लीना को कॉफी के साथ आइस क्रीम

ऑर्डर आते ही हम आइस क्रीम पे टूट पड़े

कोमल-टेस्टी है

अवी-तो एक और लो

कोमल ने मेरी आइस क्रीम ली

अवी-मैं ने मेरी आइस क्रीम लेने को नही कहा. हर बार तुम ऐसा ही करती हो

कोमल-आइ लव आइस क्रीम

अवी-लाइक होगा, आइ लाइक आइस कीम

रानी-लड़कियो को आइस क्रीम से प्यार होता है.

अवी-मैं अकेला लड़का हूँ इस लिए ऐसा बोल रही हो

कविता-भैया ,हमारा ग्रूप बन गया है. फ्रेंड ग्रूप नाम है

अवी-ये कब बना

रानी-कल

अवी-ओह, कल तुम रानी के घर पे गयी थी तब ग्रूप बनाया

कोमल-हाँ, और हम ने डिसाइड किया कि हफ्ते मे एक बार साथ मे वक्त बिताएँगे. फुल तो मस्ती करेंगे

अवी-और मैं

रानी-सिर्फ़ लड़कियो का ग्रूप है. तुम्हें नो एंट्री

अवी-मैं अकेला क्या करूँगा. मुझे भी एड करो

लीना-नही भैया. नही कर सकते. लड़कियो की गॉसिप पे आप का क्या काम

अवी-ये चीटिंग है.

कविता-कोई चीटिंग नही है. आपका भी तो अपने फ्रेंड का ग्रूप होगा.

अवी-हाँ है. पर मुझे जान ना है कि लड़कियो की गॉसिप मे क्या होता है

कोमल-बिल्कुल नही. इस ग्रूप मे सिर्फ़ लड़किया होगी.

अवी-कोमल तुम भी.

रानी-तुम तो अपने फ्रेंड के साथ एंजाय करते हो ,हमे भी अपने ग्रूप के साथ एंजाय करने दो

अवी-ठीक है. मैं नही जाय्न करूँगा ग्रूप, पर ये तो बताओ कल क्या किया तुम ने

कोमल-पहले हम मूवी देखने गये

कविता-फिर पार्क मे मस्ती की, होटेल मे लंच किया

रानी-फिर लोंग ड्राइव पे गये ,

लीना-फिर हम ने घर पे मस्ती की

अवी-घर पे क्या किया

कविता-घर पे हम ने

कोमल-कविता चुप. क्या तय हुआ था कि हम ये बात किसी को नही बताएँगे

अवी-अब तो मैं जान के रहूँगा. लीना अपने भैया को नही बताओगी.

रानी-मैं बता देती हूँ .हम कार्ड खेल रहे थे

लीना-हा हा, हम कार्ड खेल रहे थे

मैं समझ गया कि ये झूठ बोल रहे है.

इनको भी अपनी लाइफ खुल के एंजाय करनी चाहिए

मैं भी तो यही चाहता था कि कोमल बाहरकी दुनिया कितनी खूबसूरत है ये जान ले

अवी-अच्छा ग्रूप है. इस ग्रूप से वो चीज़े करना जो दूसरो के साथ एंजाय नही कर सकती

कोमल-हमारा यही मकसद है .कि हम पढ़ाई के साथ एंजाय भी करे

अवी-ड्रिंक मत करना

रानी-वॉटर तो पीना होगा

अवी-ओके

कोमल-पापुलर जोक

अवी-पंचाट जोक

कविता-कुछ भी हो ,हमारे घर जाने का समय आया है.

अवी-घर भी जाएगा .पर क्यूँ ना तुम्हारे फ्रेंड ग्रूप , फ्रेंड ग्रूप मतलब कविता लीना कोमल सिस्टर से फ्रेंड बन गयी

कोमल-हाँ, इस से हम एक दूसरे को जान पाएँगे

अवी-तो फ्रेंड ग्रूप के नाम एक एक आइस क्रीम और हो जाए. मेरे तरफ से

रानी-नेकी और पूछ पूछ

और हम ने फ्रेंड ग्रूप के नाम से स्क एक आइस क्रीम खा ली.

और रानी को बाइ बोल हम घर आ गये.
 
चॅप्टर 924

अब आरती कुछ दिनो के लिए कॉलेज मे नही दिखेगी.

और जब आएगी तो चुप चाप अपने क्लास अटेंड करेगी.

मिसेज़ गुप्ता की वजह से आरती शांत रहेंगी. पर मिसेज़ गुप्ता ने कुछ नही करना चाहिए.वरना मुझे आरती की मदद करनी होगी.

ये तो हो गया कॉलेज की बातें ,गाओं मे मैं हफ्ते मे एक बार किरण से मिलने जाने लगा.

किरण को थोड़ा प्यार और प्रिया को उस के पापा का प्यार देने लगा.

अगर रोज रोज जाउन्गा तो प्रिन्सिपल सर को शक हो जाएगा.

मैं किरण और प्रिया को परेशानी नही देना चाहता था.

साथ मे विद्या थी मेरी ज़रूरत का ध्यान रखने के लिए. रति तो सुबह आकर शाम मे मेरे कॉलेज से आने से पहले चली जाती.

छोटी चाची मेरा पूरा ध्यान रख रही थी.मेरी पढ़ाई मे इंटेरेस्ट ले रही थी.

बड़ी चाची मुझे पढ़ाई करते हुए ,मेहनत करते हुए देख कर खुश हो जाती.

सीमा चाची तो अपनी ही दुनिया मे रहती. अपने मोबाइल पे मेले और टूर के फोटो और वीडियो देखती. और अपना ज़्यादा समय विद्या के साथ बिताती. जिस से उनकी अच्छी बनती थी.और विद्या उनको नयी नयी मूवी डाउनलोड करके देती जिस से सीमा चाची अपना टाइम पास करती.

कॉलेज गर्ल ने फ्रेंड ग्रूप बना लिया जिसमे मुझे एंट्री नही मिली.

इस लिए मैं खाली समय मे अपने ग्रूप के जूनियर लड़कियो से चॅट करता.

पंकज की गर्लफ्रेंड और करीम की गर्लफ्रेंड ने मेरे लिए अपने ग्रूप मे तीन जूनियर लड़कियो को एड जो किया था.

तीनो की वर्जिनिटी तो मैं तोड़ूँगा.उनको कली से फूल मैं बना लूँगा.

फ्रेंड ग्रूप जब वीकांड पे अपनी मस्ती मे लगा रहता तो मैं पंकज और करीम से मिल लेता.

पंकज और करीम कोई ना कोई प्लान बना लेते.

प्लान बनाते वो दोनो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ एंजाय करते और तीनो जूनियर लड़कियो को मैं और एक जूनियर लड़का संभाल लेता.

उनके साथ फन मस्ती करने मे मज़ा आ जाता.

तीनो मे अपनी अपनी खास बात थी जो मुझे और मेरे लंड को पसंद आने लगी.

एक के साथ तो किस भी कर लिया था मैं ने,

ये तो चलता रहता है.कॉलेज मे तो इतनी मस्ती चल जाती है.

और मैं अपने मस्ती की रिपोर्ट मेरी स्मार्ट छोटी चाची को बराबर देता रहता

सी चाची-तो मेरे शेर ,आज कल क्या चल रहा है

अवी-चाची आपका शेर आराम ज़्यादा कर रहा है

सी चाची-क्यूँ मेरे शेर को शिकार नही मिल रहा.

अवी- शिकार तो बहुत है पर पहले पढ़ाई

सी चाची-शेर ने शिकार करना बंद किया तो कैसा चलेगा

अवी-किरण और विद्या हैं.

सी चाची-मेरे शेर को नया खून नही चाहिए

अवी-आप किसी की दिलवा रही हो

सी चाची-मैं अगर घर से बाहर निकलती तो तुझे घर बैठ शिकार लाकर देती.

अवी-चाची शेर शिकार नही कर रहा है तो आपके काम की बातें नही मेरे पास जो आपको बताऊ

सी चाची-मसाला नही है तो कुछ चटपटा बता दे

अवी-मतलब आप कुछ सुने बिना यहाँ से जाएगी नही

सी चाची-पता है तो पूछ क्यूँ रहा है

अवी-तो सुनिए.पंकज करीम और उनकी गर्लफ्रेंड मिलके हमारा 5 फ्रेंड का ग्रूप था ना उनको बढ़ा दिया है.

सी चाची-किसको शामिल किया लड़के तो कम होगे लड़किया ज़्यादा

अवी-3 जूनियर लड़कियाँ और एक जूनियर लड़का

सी चाची-तो लड़कियो से कहाँ तक बात बनी

अवी-एक के साथ किस किया .और चॅट की.ये देखिए मॅसेंजर

और चाची तीनो से हुई बातें पढ़ने लगी.

सी चाची-तीनो का नंबर जल्दी आएगा

अवी-हाँ, पर धीरे धीरे मज़ा लूँगा. क्यूँ कि पढ़ाई करनी है

सी चाची-इनका वीडियो चाहिए मुझे

अवी-ठीक है ,मिल जाएगा ,वैसे चाची योगा करके आप फिट हो गयी.

सी चाची-सच

अवी-हाँ,डेलीवेरी के बाद आप मोटी हो गयी थी अब पहले की तरह बॉलीवुड की हेरोयिन लग रही है

सी चाची-मेरे हीरो को हेरोयिन पसंद आई इसी लिए योगा किया. योगा से हम तीनो को फ़ायदा हुआ

अवी-मेरी प्यारी चाची. योगा करते हुए आप सेक्सी लगती है.

सी चाची-अब सेक्सी लग रही हूँ. और डिलेवेरी के समय मोटी बुला रहा था.

अवी-कितने जल्दी समय बीत जाता है

सी चाची-हाँ, अमित 1 साल का हो जाएगा

अवी-हम अमित सुमित और परी के बर्तडे को हम अलग तरह से मनाएँगे

सी चाची-क्या करने वाला है

अवी- कुछ सोचा नही. हाँ एक आइडिया आया ,क्यूँ ना उस दिन हम खेत मे पिक्निक की तरह पूरा दिन बिताए ,वहीं पर सेलेब्रेट करेंगे

सी चाची-मैं तो सोच रही थी पूरे गाओं को खाना खिलाएँगे

अवी-शाम मे गाओं वालो को खाना खिला देंगे.क्या कहती हो आप

सी चाची-बच्चों के पापा ने कहा है तो करना पड़ेगा

अवी-तो भाग्यवान हमारा बेटा क्या रहा है

सी चाची-अमित के पापा अमित सो रहा है.

अवी-भाग्यवान ये क्या है तुम्हारा पल्लू सर पे क्यूँ नही है

सी चाची-ग़लती हो गई

और चाची ने अपने सर पे पल्लू ले लिया

अवी-भाग्यवान तुम ने ग़लती की है और ग़लती की सज़ा तुम्हें मिलेगी

सी चाची-जी, आप जो सज़ा देंगे मंजूर होगी

अवी-तो तुम्हें हमे किस करना होगा.

सी चाची-इतनी प्यारी सज़ा

अवी-हुकुम की तामील हो

और चाची ने मुझे स्वीटसा किस किया. जिस से दिल जो कब से बंज़र बन गया था वहाँ फूल खिल गया.

अवी-चाची आपका जवाब नही. आप जल्दी अपना रोल चेंज करती हो. चाची से बीवी बन गयी

सी चाची-तुम भतीजे से पति बन गये तो मुझे बीवी बनना ही था.

अवी-ऐसा रोल प्ले करना कितना अच्छा लगता है

सी चाची-हाँ, एक अलग फीलिंग आती है. इस लिए तुम्हारे रोल चेंज करते ही मैं तुम्हारी बीवी बन गयी.

अवी-और मेरी बीवी ने मुझे किस दिया.

सी चाची-बीवी का धरम होता है पति की सेवा करने का.

अवी-आप जो मेरे दिल की सेवा करती है उसका प्रसाद मैं ने अमित के रूप मे दिया है

सी चाची-वो प्रसाद दे कर तुम ने मुझे जो खुशी दी वो कोई नही दे सकता. आइ लव यू

अवी-आइ लव यू टू

चाची से प्यार भारी बातें करने के बाद मैं बड़ी चाची के पास जाकर उनके गोद मे सर रख कर लेट गया.

अवी-चाची मैं आप से नाराज़,,,,,,,,,,

ब चाची-क्या हुआ .मैं ने क्या किया.

अवी-आपने कुछ नही किया इस लिए नाराज़ हूँ.

ब चाची-बता ना क्या हुआ. तू नाराज़ अच्छा नही लगता.

अवी-आपने मुझे परान्ठे खिलाए ही नही. कितने दिन हो गये

म चाची-ये झूठे, मैं रोज बना कर देती हूँ उसका क्या

अवी-वो तो टेस्टी होते है. पर आज मुझे बड़ी चाची के हाथो के बने परान्ठे खाने है.

ब चाची-पहले क्यूँ नही कहा. रुक अभी बनाती हूँ

रानी-चाची मैं बना दूं

ये तो रानी की आवाज़ है.

हम ने गेट की तरफ देखा तो वहाँ रानी कोमल के साथ खड़ी थी.

रानी को देखते ही मैं तो सर्प्राइज़्ड हो गया.

रानी ने बताया नही कि वो यहाँ आ रही है.

मेरी तरह चाची भी रानी को देख कर खुश हो गयी.

ब चाची-रानी ,तुम कब आई ,

कोमल-मामी ,रानी एक खास वजह से यहाँ आई है

ब चाची-पहले तुम दोनो अंदर आओ,विद्या नाश्ता और टी बना देना

विद्या-जी चाची

रानी-नही नही चाची ,नेहा आंटी ने पेट भर के नाश्ता करवाया है

म चाची-रानी तुम्हें समझना चाहिए कि यहाँ कितने घर है. सबके यहाँ थोड़ा थोड़ा खाना चाहिए

रानी-मैं ने नेहा आंटी को कहा भी था पर आंटी कह कह रही थी कि मैं दुबली हो गयी

कोमल-मामी रानी का कहना हैकि अगर आप नाश्ता बनाएगी तो खाएगी वरना नही

रानी-मैं ने ऐसा कब कहा.

ब चाची-सही कहा कोमल ने.सीमा तेरे हाथो का नाश्ता चाहिए रानी को

म चाची-ऐसी बात है. आज मैं नाश्ता रानी के लिए बनाउन्गी. कल से तो उसी को बनाना होगा.

सीमा चाची भी ना ,एक दिन मरवा देंगी मुझे.

ब चाची-क्या कहा तूने

सी चाची-सीमा दीदी कुछ भी बोलती है .

म चाची-मैं नाश्ता बना कर लाती हूँ. प्यारी रानी के लिए

और सीमा चाची रानी को आँख मार कर रशोई घर मे चली गयी.

ब चाची-ये सीमा भी ना, रानी कहो कैसे चल रही है पढ़ाई

कोमल मेरी तरह बड़ी चाची के दूसरे पैर पे सर रख कर लेट गयी.

रानी-चाची आपको अपने घर ले जाने आई हूँ.

सी चाची-तुम्हारे घर ,कोई फंक्षन है

कोमल-महारानी का बर्तडे है.

ब चाची-रानी का बर्तडे है. कब

रानी-इस सनडे को है. तो मम्मी ने आप के लिए एक दावत रखी है.

ब चाची-हमारे लिए मतलब

रानी-वैसे मैं बर्तडे सेलेब्रेट नही करती पर मम्मी ने कहा है कि इस बर्तडे पे आप सबको बुलाया जाए.मम्मी आप से मिलना चाहती है.

सी चाची-ये तो अच्छी बात है, हम भी तुम्हारे मम्मी से मिलना चाहते है

ब चाची-हाँ, ये अच्छा रहेगा. पिच्छली बार टूर के समय पे ज़्यादा बातें नही हुई थी.अब अच्छे से मिल लेंगे

रानी ने मुझे कुछ बताया नही.

पर प्लान अच्छा है. इसी बहाने से रानी की मम्मी और आंटी की मुलाकात हो जाएगी.

कोमल-मामी सिर्फ़ हमारी फॅमिली को इन्वाइट किया है

म चाची-किसे इन्वाइट किया है

ब चाची-सीमा रानी हमे

रानी-सीमा चाची को मैं बताती हूँ. उनके लिए स्पेशल इन्विटेशन है.

म चाची-स्पेशल इन्विटेशन ,बता जल्दी तभी नाश्ता दूँगी

रानी-चाची सनडे को मेरा बर्तडे है तो मैं ने आपके लिए एक दावत रखी है. उसकी का इन्विटेशन देने आई हूँ.

म चाची-मैं तो इसी का इंतजार कर रही थी. तेरी मम्मी से मिल लूँगी. और तेरे हाथ का खाना खा लूँगी.

रानी-जी. दावत मे खाना मैं बना रही हूँ

कोमल-मुझे भूल गयी. मैं भी मदद करने वाली हूँ.

म चाची-ये सनडे कब आएगा .मैं तो रुक नही पाउन्गि इतने दिन

रानी-चाची इंतजार का फल मीठा होता है.

ब चाची-वैसे एक बात कहूँ रानी, तुम और कोमल फ्रेंड कम बहनें ज़्यादा लगती हो

कोमल-मामी हम बहनें ही है.भूल गई आप माँ ने कहा था कि रानी उनकी 3र्ड बेटी है

रानी-तो आप सब आ रहे है ना

सी चाची-हाँ, हम सब आएँगे ,

ब चाची-अवी के चाचा नही आएँगे. वो बोर हो जाते है

रानी-पर आपको आना होगा

सी चाची-हम सुबह आ जाएँगे. पूरा दिन साथ मे रहेंगे है ना दीदी

ब चाची-हाँ, इस बहाने से थोड़ा चेंज हो जाएगा.कोमल नेहा ने क्या कहा था

कोमल-माँ ने कहा कि हम सब जाएँगे. ओरजो नही आएगा उसे

ब चाची-समझ गयी. अवी हमारे जाने आने का देख लेना. तुम्हारे चाचा तो नही आएँगे इस लिए तुम्हें देखना होगा.

अवी-जी चाची. पर चाची मुझे तो इन्विटेशन नही मिला.

कोमल-तुम्हें क्या सेपरेट इम्विटेशन चाहिए ,

रानी-सबको आना होगा. अवी तुम्हें भी

अवी-अब तो आना होगा

सी चाची-सीमा दीदी आपको रानी से बात करनी थी.

म चाची-मैं ने कब कहा

छोटी चाची ने आँख मारी

सी चाची-भूल गयी आप

म चाची-याद आया. चलो रानी मेरे साथ

कोमल-मामी कहाँ जा रही हो

म चाची-तू भी चल

ब चाची-कोमल तू यहीं रुक मुझे तुम से बात करनी है

सीमा चाची रानी को अपने कमरे मे ले गयी.

और बड़ी चाची कोमल के साथ बातें करने लगी.

कोमल-मामी क्या बात है

ब चाची-रानी का बर्तडे है तूने पहले क्यूँ नही बताया.

कोमल-मुझे आज ही पता चला है.

ब चाची-ठीक है. नेहा को बोलना मैं ने उसको बुलाया है

कोमल-माँ नेवजह पूछी तो क्या कहूँ

ब चाची-रानी का बर्तडे है.गिफ्ट लेना होगा ना

कोमल-माँ भी यही सोच रही थी.

ब चाची-तो क्या कहा नेहा ने

कोमल-मौसी को बुला कर बात कर रही है.

सी चाची-दीदी हम भी चलते है , अच्छा गिफ्ट लेना होगा ना.

ब चाची-हाँ, दावत पे बुलाया है तो हमे कुछ लेना होगा.

कोमल-मुझे भी गिफ्ट लेना है.

सी चाची-तो रानी को सीमा दीदी के पास छोड़ देते हैं .और हम नेहा के घर चलते है. कोमल तू भी चल मेरे साथ. तेरी फ्रेंड है तो तुझे उसकी पसंद पता होगी

कोमल-हाँ मुझे पता है उसे क्या पसंद है.

ब चाची-तो चले

चाची कोमल के साथ बुआ से मिलने चली गयी.

और मैं सीमा चाची के पास चला गया.
 
दोस्तो मैं काफ़ी दिनों से देख रहा हूँ हमारे पाठक फिर से हौंसलाअफजाई करना भूलते जा रहे हैं दोस्तो एक अच्छा पाठक वही होता है जो लेखक की मेहनत के फलस्वरूप दो शब्द लेखक या कहानी के लिए लिख दे . पर ज़्यादातर पाठक तो बस कहानी पढ़ते हैं ...............................

 
अपडेट 925

मैं सीमा चाची के कमरे मे चला गया.

देखना था कि सीमा चाची रानी से बात क्या करती है

म चाची-रानी तुम तो मुझे भूल ही गयी.

रानी-चाची वो पढ़ाई के वजह से टाइम ही नही मिला

म चाची-सब समझती हू ,मीना को फोन करती हो और मुझे भूल गयी .

रानी-चाची वो मैं

म चाची-मैं मीना से बड़ी हूँ ,

अवी-क्या बातें हो रही है. सास बहू मे

म चाची-ऐसे ही.अपनी बहू को मुट्ठी मे रख रही हूँ.

रानी-चाची ,आगे से आपको पहले फोन करूँगी.

म चाची-फोन करेगी. कैसे करेगी मेरा नंबर है तेरे पास

रानी-नही.

म चाची-कैसी लड़की है तू ,अपनी सास का नंबर नही है तुम्हारे पास

रानी-ये अवी ने नही दिया

म चाची-अवईीईईई

अवी-चाची क्या फोन के पीछे लगी हो. देखिए रानी ने आपको स्पेशल इन्विटेशन दिया है

रानी-स्पेशल चाची को स्पेशल इन्विटेशन

म चाची-मस्का मत लगा.

रानी-मम्मी ने कहा कि वो आप से मिलना चाहती है.

म चाची-सच बोल रही है

रानी-बड़ी चाची को तो कुछ पता नही है ऐसे मे आप से बात करना चाहती है मम्मी

म चाची-पहले क्यूँ नही बताया. मुझे लगा था कि तू मुझे भूल नही सकती

रानी-आपके हाथ का नाश्ता भूलने नही देता

म चाची-मेरे हाथो का जादू है वो

रानी-चाची मुझे भी सीखना है.

म चाची-तू इस घर मे आएगी तो सिखा दूँगी. हमारी जोड़ी अच्छी जमेगी

रानी सीमा चाची की तारीफ करके खुश कर रही थी.

रानी-चाची मैं तो डॉक्टर बनके यहाँ आउन्गि ताकि आपकी सेवा कर सकूँ

म चाची-अवी तूने मेरे लिए बहू अच्छी ढूंढी है

अवी-आप के बारे मे सोच कर रानी को प्यार करने लगा था.

म चाची-सारे खूबिया है रानी मे जो शालिनी भाभी मे थी.

अवी-(सीमा चाची से कुछ बातें पता लगा सकता हूँ) मेरी माँ की खूबिया किसी और मे आ नही सकती.

म चाची-तुझे क्या पता है. तू तो बच्चा था. मैं ने तो शालिनी भाभी से बहुत कुछ सीखा है. वो भी कुछ मुलाकात मे

रानी-चाची अवी की माँ आपकी भाभी कैसे हुई

म चाची-सब उनको भाभी कहते थे .तो हम भी प्यार से शालिनी भाभी कहने लगे,

रानी -अवी की माँ मे ऐसी क्या खूबिया थी.

अवी-किसे पूछ रही हो ,सीमा चाची को कुछ पता नही है

म चाची-क्या जानना है बता

अवी-मेरी माँ की सब इतनी तारीफ क्यूँ करते है

म चाची-क्यूँ कि वो देवी थी. उनको दिल जोड़ना आता था .

रानी-मैं समझी नही

म चाची-देखो हम तीनो सौतन होके प्यार से रहते है. हमे प्यार से रहना शालिनी भाभी ने सिखाया है , वो ना होती तो हम तीनो बहनों जैसी नही रहती .

अवी-पर हम तो गाओं मे नही रहते थे.

म चाची-तो क्या हुआ .वो दूर रह कर हमारे पास थी.हमारे दिल मे थी

अवी -हम शहर3 मे क्यूँ रहते थे. गाओं तो इतना प्यारा है

म चाची-अवी के पापा की वजह से ,

अवी-पर हुआ क्या था

म चाची-तब तो मेरी शादी भी नही हुई थी ,पर पूजा दीदी ने बताया कि ये सब नेहा के शादी से शुरू हुआ.

अवी-क्या हुआ था नेहा बुआ की शादी मे

म चाची-शादी के मंडप मे नेहा ने .......

रानी-नेहा आंटी ने क्या

अवी-बुआ ने क्या किया .

रानी-नेहा आंटी ने क्या

अवी-बुआ ने क्या किया .

म चाची-वो शालिनी भाभी ने नेहा को थप्पड़.............

रानी- व्हाट

अवी-पर आपने तो कहा कि माँ देवी थी.

रानी-ऐसा क्या हुआ था

म चाची-वो ..........

सीमा चाची बता रही थी कि परी रोने लगी.

परी के रोते ही सीमा चाची होश मे आ गयी .और उनको अहसास हो गया कि वो क्या बताने जा रही थी.

म चाची-(परी तूने अपनी माँ को बचा लिया ,मैं ये क्या कर रही थी. मुझे बात बदलनी होगी .वरना मीना तो मेरी जान ले लेंगी अगर उसे पता चला कि मैं ने अवी को वो बात बताई जो अब तक छुपाई गयी थी.)

रानी-चाची परी को भूख लगी होगी.

म चाची-तुम बातें करो मैं परी को दूध पिला के आती हूँ

अवी-चाची आप कुछ बता रही थी.

म चाची-अवी परी रो रही है

इतना बोल के सीमा चाची दूसरे रूम मे चली गयी.

और फिर से मुझे बात पता चलते चलते बीच मे बात बदल गयी.

हर बार कोई ना कोई मेरे अतीत के बीच मे टाँग अड़ा देता है.

रानी-अवी क्या सोच रहे हो

अवी-अपनी माँ के बारे मे सोच रहा हूँ. ऐसा क्या हुआ होगा कि माँ ने नेहा बुआ को थप्पड़ मारा होगा,वो भी उनके शादी के मंडप मे

रानी-तुम अपने दिमाग़ से कुछ भी मत सोचो , सीमा चाची ने बात पूरी नही की है ,

अवी- लेकिन

रानी- तुम जो सोच रहे हो कि तुम्हारी माँ ने नेहा आंटी को थप्पड़ मारा ये सही भी हो सकता है या फिर ये हो सकता है कि तुम्हारी माँ ने नेहा आंटी को थप्पड़ मारने को कहा होगा किसी और को , होने को कुछ भी हो सकता है

अवी- पर बात क्या होगी ,

रानी-होगी कोई बात तुम टेन्षन मत लो, सीमा चाची आकर बता देंगी

अवी-कैसे ना लूँ, कोई कुछ बताता ही नही.

रानी-सही समय का इंतजार करना होता है.

अवी-छोटी चाची यही कहती है की सही समय आने दो

रानी-छोटी चाची से मैं ने एक बात सीखी है कि सही समय का इंतजार करो ,वरना दर्द मिलता है.

अवी-पर वो समय कब आएगा.

रानी-छोटी चाची पे विश्वास रखो. उनको लगता होगा कि तुम अभी अपने अतीत के बारे मे मे जानने के लिए छोटे हो.

अवी-कब तक रुकु मैं

रानी-देखो अवी .चाची तुम से बहुत प्यार करती है. अगर तुम उनको अपनी कसम दोगे तो वो बता देंगी पर उस से चाची को दर्द होगा ,उनको लगेगा की तुमको उनके प्यार पे विश्वास नही है , क्या तुम ये चाहते हो

अवी-नही. चाची को मैं दर्द कैसे दूँगा.

रानी-तो सही समय आने दो

अवी-तुम कहती हो तो रुक जाता हूँ. पर माँ ने नेहा बुआ को थप्पड़............ इस लाइन को कौन पूरा करेगा ,

रानी-तुम्हारी माँ देवी थी. ऐसा चाची ने कहा ,मतलब तुम्हारी माँ की ग़लती नही होगी(शालिनी आंटी ग़लती नही कर सकती मैं जानती हूँ ,मेरी माँ उनको बहुत मानती है )

अवी-सही कहा. तुम रूको मैं फ्रेश होकर आता हूँ

और मैं फ्रेश होने चला गया.

मेरे जाते सीमा चाची रानी के पास आ गयी.

रानी-चाची

म चाची-रानी तुम ने ये क्या करवा दिया मुझसे

रानी-सॉरी चाची,

म चाची-रानी तुम्हें मीना ने बताया होगा कि अवी के माता पिता के आक्सिडेंट के बाद उसकी कैसी हालत हुई थी. वो किसी से बात नही करता था .जिंदा लाश जैसा बेड पर पड़ा रहता था. वो बड़ी मुश्किल से नॉर्मल हुआ है. ऐसे मे उसको ऐसी बातें बताने का मतलब है कि अवी को फिर से खो देना

रानी-छोटी चाची ने मुझे बताया है,

म चाची-तुम्हें नही पता , हम ने रात को दिन बनाया, मंदिर मे जाके पूजा की, तब जाके अवी को नॉर्मल हुआ था. उसे वापस हसना सिखाया .जीना सिखाया.

रानी-चाची मुझे माफ़ कर दो .दुबारा ऐसी ग़लती नही होगी.

म चाची-तुझे तो माफ़ कर्दुन्गि पर अवी मुझे वापस पूछेगा तो मैं क्या कहूँगी

रानी-अवी की टेन्षन आप मत लो मैं ने उसको समझा दिया

म चाची-क्या समझाया

रानी-छोटी चाची के बताने तक रुक जाओ .सही समय का इंतजार करे

म चाची-अवी ने क्या कहा.

रानी-वो रुकने को तैयार है

म चाची-सच

रानी-हाँ,

म चाची-तुम ने अवी को समझा कर मुझे बचा लिया. वरना शालिनी भाभी के बारे मे अवी मुझसे पूछ लेता

रानी-शालिनी आंटी के बारे मे मुझे कब पता चलेगा

म चाची-वो मीना बता सकती है. वो सब हॅंडल कर रही है

रानी-लगता है अवी आ रहा है

अवी-चाची परी सो गयी.

म चाची-हाँ,

अवी-तो मेरी परी से बातें हो रही है.

म चाची-रानी है ही इतनी प्यारी की बहू की जगह अपनी बेटी बना लूँ

रानी-मैं तो आपकी बेटी बनकर रहना चाहती हूँ

म चाची-तो आज से मेरी 2 बेटी एक रानी और दूसरी परी

और रानी सीमा चाची के गले लग गयी.

अवी-अभी सास बहू का ड्रामा चल रहा था. और अब माँ बेटी का प्यार देखनेको मिला है.लगता है कलियुग ख़तम हो गया.

म चाची-चल भाग यहाँ से ,

अवी-बेटी आ गयी तो बेटे को भूल गयी आप

म चाची-तू तो मीना के पल्लू मे छुपा रहता है. रानी आएगी तो हम मिलके मीना की खिचाई करेंगी.

रानी-अवी मुझे बहुत तंग करता है.

म चाची-अवी मैं क्या सुन रही हूँ. खबरदार जो मेरी बेटी को तंग किया.

और रानी ने मुझे ठेंगा दिखाया.

रानी-चाची आपको पता है परी का नाम मैं ने रखा है

म चाची-हाँ, बताया था मीना ने ,जब मेले के बाद गुस्सा हुई तब बताया उसने

रानी-आप खुश है ना

म चाची-मेरी बड़ी बेटी ने छोटी बेटी का नाम रखा इस से खुशी से बड़ी क्या बात हो सकती है

अवी-चाची मुझे तो प्यार करने दीजिए रानी से

म चाची-तू तो रोज मिलता रहता है. मुझे बहुत सी बातें करनी है रानी से

अवी-कर लीजिए, बाद मे मैं प्यार कर लूँगा.

म चाची-तो अपने कमरे मे जा ,लॅडीस की बातें सुनना बॅड हॅबिट होती है.

मैं ने चाची के गाल पे किस किया.

और मौका देख कर रानी के गाल पे किस किया.

और सास बहू को अकेला छोड़ दिया .और मैं अपने कमरे मे आ गया.
 
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