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चॅप्टर 929
सब अपनी तरफ से मदद कर रहे थे जिस से ये बर्तडे सिर्फ़ बर्तडे ना रह कर एक मध्यम हो गया 2 फॅमिली की नज़दीकिया बढ़ाने का.
बातें करते हुए काम करना, काम करते हुए प्यार भरा रिश्ते जोड़ना ,कितना अच्छा लगता है.
आज की दावत मे तो प्यार ही प्यार होगा.
बुआ चाची ने रानी की मम्मी से ऐसे रिस्ता बना लिया कि जिस से 2 फॅमिली को एक होने से कोई नही रोक सकता.
मेरे लिए तो आज की दावत स्पेशल थी.
आज की दावत मे सबका प्यार जो शामिल था.
कोमल ने तो आज सबके दिल जीत लिए. कोमल के वजह से नेहा बुआ का सर उचा हो गया.
बड़ी चाची को रानी के यहाँ आकर अपने घर जैसा फील हो रहा है.
खाना तो सबने मिलके तैयार कर लिया. जिसकी खुसबु से मैं किचन की तरफ आ गया.
अवी-आंटी खाने की खुसबी अच्छी आ रही है.
रानी की मम्मी-सबने मिलके बनाया है. स्पेशल तो होगा ही.
अवी-आंटी मैं टेस्ट करू .मुझसे तो रुका नही जा रहा.
नीता बुआ-चल भाग यहाँ से, दावत केक काटने के बाद शुरू होगी.
अवी-बुआ बस टेस्ट करूँगा.
म चाची-बिल्कुल नही,
अवी-चाची आप भी.
रानी की मम्मी-अवी बस हो गया.रानी कोमल तैयार हो जाए ,केक काटने का समय हो गया
रानी-हमारा काम भी हो गया. अभी फ्रेश होती हूँ
कोमल-सहेलियो के आने का समय हो गया है.
रानी की मम्मी-किसे बुलाया तुम ने .मैं ने मना किया था ना.
कोमल-आंटी ,3 4 सहेली और पड़ोसियो को बुलाया ,उनके बिना बर्तडे कैसे होगा.
रानी की मम्मी-ठीक है तुम दोनो तैयार हो जाओ.
कोमल-जी आंटी
नेहा बुआ-ज़्यादा देर मत लगाना .
रानी-आंटी मैं अपने रूम मे तैयार होती हूँ ,कोमल मम्मी के रूम मे हो जाएगी.
नेहा बुआ-ये ठीक रहेगा. समय बच जाएगा.
कविता-दीदी हम ने हमारा काम कर दिया
रानी-हो गया हॉल सजाके
लीना-आप खुद चल के देख लो
नीता बुआ-मैं भी तो देखु हमारी नटखट बेटियो ने क्या किया.
और हम सब हॉल मे आ गये.
हॉल को कविता और लीना अच्छे से सजाया था.
देखते ऐसा लग रहा था कि दोनो को एक एक पप्पी दे दूं.
नीता बुआ ने तो खुश होकर उनको गले लगा लिया.
कविता और लीना अपनी तारीफ सुनकर खुश हो गयी.
रानी की मम्मी-रानी कोमल तुम यही खड़ी हो ,जल्दी जाओ तैयार हो जाओ
कोमल रानी के कमरे मे जाकर अपने कपड़े लेकर आ गयी.
राज रानी के दूसरे कमरे का गेट खोलने की कोशिस कर रहा था.
इस कमरे मे रानी ने मेरी फोटो लगा कर रखी थी.
रानी-राज क्या कर रहे हो
राज-दीदी ये रूम बंद क्यूँ है.
रानी-उस रूम मे मेरे पापा की यादे रखी हुई है ,उसे बंद ही रहने दो
रानी ने झूठ कहा ताकि कोई दुबारा उस कमरे मे जाए नही
कोमल -राज तुम रानी को तंग मत करो ,
राज पूजा बुआ के पास चला गया. राज के शिकायत करने पे विद्या उसे छत पे ले गयी. और शहर की बिल्डिंग दिखाते हुए उसके साथ खेलने लगी.
नीता बुआ-कविता लीना मेरे साथ चलो तुम्हें केक दिखाती हूँ .रानी और कोमल ने खुद बनाया है
कविता-दीदी ने बनाया है फिर तो मैं ज़रूर देखूँगी.
रानी की सहेलिया आ गयी तो आंटी उनको देखने लगी.
रानी को उसके रूम मे गये हुए काफ़ी समय हो गया था.
मैं मौका देख कर रानी के रूम मे चला गया.
रानी फ्रेश हो चुकी थी.
और बर्तडे के लिए ड्रेस पहनने की जगह साड़ी पहने रही थी.
सारी पहने मे रानी को परेशानी हो रही थी.
पल्लू को ठीक से मोड़ नही पा रही थी.
रानी तो हर ड्रेस .मे सुंदर लगती है पर साड़ी की खूबसूरत की बात अलग होती है.
रानी का साड़ी पहनने का तरीका भी अलग था.
ज़्यादातर अओरत की नाभि पल्लू के पीछे चुप जाती हाइपर रानी पल्लू की एक फोल्ड को निकाल कर अपने पेट को उससे धक देती ताकि उसकी नाभि छुपी रहे.
उपर ब्लाउस के पास तो उसे समझ नही रहा था की क्या किया जाए.
झुकने से ब्लाउस से उसके बूब्स नज़र आ जाते थे.
मैं तो उसके पीछे खड़ा था जिस से मैं समझ नही पाया कि उसे परेशानी हो रही है.
मैं तो रानी को साड़ी मे देख कर उसे पीछे से पकड़ लिया.
अवी-मेरी रानी सारी मे अप्सरा लग रही है
रानी-दूर हाथों ,सारी पहने मे परेशानी हो रही है
अवी-क्या हुआ. सारी मे तो तुम खूबसूरत दिख रही हो.
रानी-तुम्हें तो बस तारीफ करना आता है. मैं यहाँ साड़ी कैसे पहनु ये सोच रही हूँ
अवी-क्या हुआ मुझे बताओ ,मैं मदद करता हूँ
रानी-तुम्हारा काम साड़ी पहनाना नही होता.
अवी-डार्लिंग साड़ी पहनाउन्गा नही तो निकालूंगी कैसे
रानी-ये देखो पल्लू के ऐसा रखने से ,मेरे झटके क्या हो रहे है
अवी-वाउ ,ये तो अच्छा है. मुझे इतना सुंदर नज़ारा जो देखने को मिलेगा.
रानी-मार खाओगे.किसी और ने देखा तो
अवी-इसका सोल्युशन है मेरे पास
रानी-क्या बताओ ना.
अवी-बता तो दूँगा पर मुझे क्या मिलेगा.
रानी-जो तुम चाहो
अवी-मेरी तरफ पलट जाओ
रानी मेरे तरफ पलट गई. उसके हाथ मे उसका पल्लू था
अवी-पल्लू पहन लो
रानी-लो पहन लिया
अवी-पल्लू की लास्ट की फोल्ड निकालो
रानी-लो निकाल ली
अवी-उसके ब्लाउज के दूसरी तरफ ले जाकर पिन लगा दो. जैसे अपना पेट छुपाया है.
रानी-वो तो मैं लूँगी पर वो अच्छा नही दिखेगा
अवी-वो फ्लवर वाली पिन लगाओ ऐसा लगेगा कि फ्लवर के लिए इस तरह साड़ी पहनी है. फ्लवर से उसकी तरफ किसी का ध्यान नही जाएगा
रानी- लव यू ,
अवी-मेरा इनाम
रानी-क्या चाहिए मेरे दिल के राजा को
अवी-तुम्हें प्यार करना है.
रानी-पिच्छली बार जैसा प्यार नही करने दूँगी.
अवी-उपर से
रानी-फिर तो मुझे दुबारा फ्रेश होना पड़ेगा.
अवी-तुम बोलती बहुत हो
और मैं ने रानी के होंटो को अपने होंटो से लॉक कर दिया.
रानी के मीठे मीठे होंटो का रस पीना शुरू किया.
कितनी बार रानी के होंटो का रस पिया है पर उसमे जो प्यार है वो कम होने की जगह बढ़ रहा है.
रानी और मैं किस करने मे इतने माहिर हो गये कि बस होंटो को होन्ट मिलाने की देरी होती है. प्यार तो अपने आप मिल जाता है.
कितने सॉफ्ट होन्ट है. इतने बार चूसने के बाद उसकी सॉफ्टनेस कम नही हुई है.
रानी पहले तो ना करती है पर बाद मे किस करने मे खुद को डूबा देती है.
वो पूरी दुनिया को भूल कर मुझे किस करती है.
आज तो रानी अपने प्यार को नदी की तरह बहाने दे रही थी.
प्यार भरा किसा वाइल्ड बनने जा रहा था.
रानी ने मेरे हाथो को पकड़ कर अपने पीछे रख दिए.
और मुझे वाइल्ड किस करने को बढ़ावा दे रही थी.
रानी के नरम नरम चूतड़ को अपने हाथो के दबातें रानी मेरी जीभको चूसने लगी.
पिछले साल रानी शरमा रही थी और आज मुझे से ज़्यादा जोश मे थी.
रानी ने मेरे होंटो को काट कर किस ख़तम किया.
उसकी चेस्ट की धड़कने की आवाज़ सुनाई दे रही थी.
अवी-आइ लव यू
रानी-अवी तुम्हारे बिना मैं नही रह सकती
अवी-क्या हुआ.
रानी-हम कब एक होंगे
अवी-मेरे बर्तडे के दिन
रानी-तुम्हारा बर्तडे तो 4 साल मे एक बार आता है.
अवी-तो क्या हुआ. जिस दिन आएगा उस दिन तुम्हें इतना प्यार करूँगा कि तुम सोच नही सकती.
रानी-सच
अवी-हाँ,
रानी-उस दिन का इंतजार रहेगा.
अवी-तुम से ज़्यादा तो मैं तुम्हें प्यार करने को तरस रहा हूँ
रानी-वो दिख रहा है. अब तो हाथ हटा दो
मैं ने हाथ हटाने की जगह फिर से उसके चूतड़ दबा दिए
ऐसा करते वो मेरे करीब आ गयी और हमारे होन्ट फिर से मिल गये
रानी को बस शुरुआत करके देना पड़ता है.
फिर तो रानी खुद प्यार करने लग जाती है
रानी को किस करके मैं उसके सामने बैठ गया.
और उसकी साड़ी की पिन निकाल दी जिस से उसकी नाभि मेरे सामने आ गयी.
मैं ने रानी के नाभि को उस से भी ज़्यादा संदर थी उस पे किस किया.
मेरे ऐसा करते ही रानी ने अपनी आँख बंद की और मेरे सर को पकड़ लिया.
मुझे दूर करने की जगह और पास लाकर मुझे अपनी नाभि को प्यार करने का इन्विटेशन दिया
रानी की नाभि जो हमारे प्यार से गहरी थी उसे किस करते रानी का प्यार बाहर आ गया.
रानी के मुँह से शीष्कारी निकल गयी.
उसकी प्यारी शीष्कारी सुनकर मैं खड़ा हो गया.और उसे फिर से किस करने लगा.
रानी ने तो मेरे होंटो की जगह मेरे चेहरे पे किस करने लगी.
वो ज़्यादा एग्ज़ाइट हो गयी थी.
वो मेरे प्यार मे डूब गयी थी.
उसे रोकने के लिए मैं ने उसे कस के गले लगा लिया.
अवी-रानी इस सब के लिए टाइम है.
रानी-तुम्हें मुझपे गुस्सा आ रहा होगा ना
अवी-क्यूँ ,मैं तुम पे गुस्सा क्यूँ करूँगा.
रानी-तुम ने मेरे बर्तडे के क्या क्या सोचा होगा और मैं हूँ कि तुम्हें हर बार रोकती हूँ.
अवी-इसे तो प्यार कहते है. एक पार्टनर को दूसरे पार्टनर को प्यार के समुन्द्र मे डूबने से बचाते रहना चाहिए
रानी-पर प्यार के समुन्द्र मे तो हर कोई डूबना चाहता है.
अवी-उसके लिए टाइम है. पहले हमे अपने प्यार को नाम देना होगा. वरना जमाना ऐसे समुन्द्र और नदी के रिश्ते को ग़लत समझता है वैसे हमारे रिश्ते तो ग़लत समझेगा
रानी-नदी तो अपना मीठा जल समुन्द्र को दे कर उसके नमकीन जल को मीठा करती रहती है. नदी जैसी दीवानी कोई नही है.
अवी-तुम हो ना. जो मुझे एक दीवानी की तरह प्यार करती हो
रानी-प्यार करती रहूंगी.
अवी-चलो अब कोई आ जाएगा.
रानी-थोड़ी देर ऐसे मुझे गले लगा कर रहो ना मुझे तुम्हारी धड़कने सुननी है.
अवी-नही सुन पाउन्गि .मेरा दिल तो तुम्हारे पास है.
रानी-तो क्या हुआ ,आज हमारी धड़कानो को एक हो जाने दो
अवी-तुम मेरी धड़कने सुनो मैं तुम्हारी धड़कने सुनता हूँ.
और हम गले लग कर एक दूसरे की धड़कने को सुनने लगे.
रानी-इस से प्यारा संगीत दुनिया मे होगा ही नही.
अवी-सही कहा. प्यार की तरंगों से निकल रही ये धुन कितनी प्यार की है.
रानी-ऐसा लग रहा है हमारी सौल इस संगीत मे नाच रही है.
अवी-मैं तो ये संगीत ऐसे ज़िंदगी भर सुनता रहूं.
रानी-मैं भी.
हम ऐसे एक दूसरे की धड़कने को सुनते रहे.
धदकनो की संगीत मे मुझे रोने की आवाज़ सुनाई दे रही थी.
अवी-क्या हुआ रानी.रो क्यूँ रही हो
रानी-आज पापा होते तो कितना अच्छा होता.
अवी-तुम्हारे पापा आज तुम्हें देख रहे होंगे तो हमे आशीवाद दे रहे होंगे
रानी-ऐसा क्यूँ लगता है तुम्हें
अवी-क्यूँ कि मेरे माँ और पापा भी वही है. उन्हों तुम्हारे पापा से तुम्हारा हाथ माँगा होगा मेरे लिए.
रानी-ऐसा हुआ होगा.
अवी-हाँ. तभी तो उनका आशीर्वाद हमे मिल रहा है .और हमारा प्यार नयी उँचाई छु रहा है.
रानी-अवी मेरी एक बात मानोगे
अवी-कहो
रानी-मेरी शादी हो गयी तो मम्मी अकेली रह जाएगी
अवी-किसने कहा तुम्हें
रानी-तो क्या वो हमारे साथ रहेगी
अवी-उनको दहेज मे मागुंगा मैं.
रानी-वो नही मानेंगी.
अवी-तुम्हारी खुशी के लिए सबको मना लूँगा.
रानी-अवी इतने सपने मत दिखाओ
अवी-क्यूँ?
रानी-सपने टूट जाते है तो बहुत दर्द होता है
अवी-मैं तुम्हारा हर सपना पूरा करूँगा.
रानी-कहना आसान होता है
अवी-तुम ऐसे कमज़ोर पड़ जाओगी तो मैं अकेले सपने पूरे कैसे करूँगा.मुझे तुम्हारे साथ की ज़रूरत है.
रानी-अगर भगवान ने हमारा साथ ज़्यादा लंबा ना लिखा हो तो
अवी-मेरी माँ और पापा भगवान से कहेंगे कि हमारा साथ कभी छूटे ना. और मैं अपनी किस्मत बदल दूँगा.
रानी-मेरे लिए
अवी-तुम्हारे लिए तो कुछ भी कर सकता हूँ
रानी मेरी बात सुनकर भावुक हो गयी.
मेरे गले लग कर धीरे धीरे खुशी के आँसू बहाने देने लगी.
मैं रानी को अपने गले लगा कर उसे प्यार करने लगा.
हम दोनो बेख़बर होके एक दूसरे की धड़कनो को सुन ने लगे
हम भूल गये कि रानी के इतने देर लगाने से कोई उसे ढूंढता हुआ यहाँ आ सकता है.
रानी तो मेरी बाहों मे आकर सब कुछ भूल जाती है.
पर मुझे मिरर मे जो दिखा उसे देखते ही मेरी आँख खुली की खुली रह गयी
मिरर मे रूम का डोर साफ दिखाई दे रहा था.
और डोर पास खड़ी थी कोमल
कोमल को मिरर मे देखते ही मेरी धड़कने तेज चलने लगी.
कोमल हमे ऐसी हालत मे देखेगी तो क्या होगा ये सोच भी नही सकते.
सब अपनी तरफ से मदद कर रहे थे जिस से ये बर्तडे सिर्फ़ बर्तडे ना रह कर एक मध्यम हो गया 2 फॅमिली की नज़दीकिया बढ़ाने का.
बातें करते हुए काम करना, काम करते हुए प्यार भरा रिश्ते जोड़ना ,कितना अच्छा लगता है.
आज की दावत मे तो प्यार ही प्यार होगा.
बुआ चाची ने रानी की मम्मी से ऐसे रिस्ता बना लिया कि जिस से 2 फॅमिली को एक होने से कोई नही रोक सकता.
मेरे लिए तो आज की दावत स्पेशल थी.
आज की दावत मे सबका प्यार जो शामिल था.
कोमल ने तो आज सबके दिल जीत लिए. कोमल के वजह से नेहा बुआ का सर उचा हो गया.
बड़ी चाची को रानी के यहाँ आकर अपने घर जैसा फील हो रहा है.
खाना तो सबने मिलके तैयार कर लिया. जिसकी खुसबु से मैं किचन की तरफ आ गया.
अवी-आंटी खाने की खुसबी अच्छी आ रही है.
रानी की मम्मी-सबने मिलके बनाया है. स्पेशल तो होगा ही.
अवी-आंटी मैं टेस्ट करू .मुझसे तो रुका नही जा रहा.
नीता बुआ-चल भाग यहाँ से, दावत केक काटने के बाद शुरू होगी.
अवी-बुआ बस टेस्ट करूँगा.
म चाची-बिल्कुल नही,
अवी-चाची आप भी.
रानी की मम्मी-अवी बस हो गया.रानी कोमल तैयार हो जाए ,केक काटने का समय हो गया
रानी-हमारा काम भी हो गया. अभी फ्रेश होती हूँ
कोमल-सहेलियो के आने का समय हो गया है.
रानी की मम्मी-किसे बुलाया तुम ने .मैं ने मना किया था ना.
कोमल-आंटी ,3 4 सहेली और पड़ोसियो को बुलाया ,उनके बिना बर्तडे कैसे होगा.
रानी की मम्मी-ठीक है तुम दोनो तैयार हो जाओ.
कोमल-जी आंटी
नेहा बुआ-ज़्यादा देर मत लगाना .
रानी-आंटी मैं अपने रूम मे तैयार होती हूँ ,कोमल मम्मी के रूम मे हो जाएगी.
नेहा बुआ-ये ठीक रहेगा. समय बच जाएगा.
कविता-दीदी हम ने हमारा काम कर दिया
रानी-हो गया हॉल सजाके
लीना-आप खुद चल के देख लो
नीता बुआ-मैं भी तो देखु हमारी नटखट बेटियो ने क्या किया.
और हम सब हॉल मे आ गये.
हॉल को कविता और लीना अच्छे से सजाया था.
देखते ऐसा लग रहा था कि दोनो को एक एक पप्पी दे दूं.
नीता बुआ ने तो खुश होकर उनको गले लगा लिया.
कविता और लीना अपनी तारीफ सुनकर खुश हो गयी.
रानी की मम्मी-रानी कोमल तुम यही खड़ी हो ,जल्दी जाओ तैयार हो जाओ
कोमल रानी के कमरे मे जाकर अपने कपड़े लेकर आ गयी.
राज रानी के दूसरे कमरे का गेट खोलने की कोशिस कर रहा था.
इस कमरे मे रानी ने मेरी फोटो लगा कर रखी थी.
रानी-राज क्या कर रहे हो
राज-दीदी ये रूम बंद क्यूँ है.
रानी-उस रूम मे मेरे पापा की यादे रखी हुई है ,उसे बंद ही रहने दो
रानी ने झूठ कहा ताकि कोई दुबारा उस कमरे मे जाए नही
कोमल -राज तुम रानी को तंग मत करो ,
राज पूजा बुआ के पास चला गया. राज के शिकायत करने पे विद्या उसे छत पे ले गयी. और शहर की बिल्डिंग दिखाते हुए उसके साथ खेलने लगी.
नीता बुआ-कविता लीना मेरे साथ चलो तुम्हें केक दिखाती हूँ .रानी और कोमल ने खुद बनाया है
कविता-दीदी ने बनाया है फिर तो मैं ज़रूर देखूँगी.
रानी की सहेलिया आ गयी तो आंटी उनको देखने लगी.
रानी को उसके रूम मे गये हुए काफ़ी समय हो गया था.
मैं मौका देख कर रानी के रूम मे चला गया.
रानी फ्रेश हो चुकी थी.
और बर्तडे के लिए ड्रेस पहनने की जगह साड़ी पहने रही थी.
सारी पहने मे रानी को परेशानी हो रही थी.
पल्लू को ठीक से मोड़ नही पा रही थी.
रानी तो हर ड्रेस .मे सुंदर लगती है पर साड़ी की खूबसूरत की बात अलग होती है.
रानी का साड़ी पहनने का तरीका भी अलग था.
ज़्यादातर अओरत की नाभि पल्लू के पीछे चुप जाती हाइपर रानी पल्लू की एक फोल्ड को निकाल कर अपने पेट को उससे धक देती ताकि उसकी नाभि छुपी रहे.
उपर ब्लाउस के पास तो उसे समझ नही रहा था की क्या किया जाए.
झुकने से ब्लाउस से उसके बूब्स नज़र आ जाते थे.
मैं तो उसके पीछे खड़ा था जिस से मैं समझ नही पाया कि उसे परेशानी हो रही है.
मैं तो रानी को साड़ी मे देख कर उसे पीछे से पकड़ लिया.
अवी-मेरी रानी सारी मे अप्सरा लग रही है
रानी-दूर हाथों ,सारी पहने मे परेशानी हो रही है
अवी-क्या हुआ. सारी मे तो तुम खूबसूरत दिख रही हो.
रानी-तुम्हें तो बस तारीफ करना आता है. मैं यहाँ साड़ी कैसे पहनु ये सोच रही हूँ
अवी-क्या हुआ मुझे बताओ ,मैं मदद करता हूँ
रानी-तुम्हारा काम साड़ी पहनाना नही होता.
अवी-डार्लिंग साड़ी पहनाउन्गा नही तो निकालूंगी कैसे
रानी-ये देखो पल्लू के ऐसा रखने से ,मेरे झटके क्या हो रहे है
अवी-वाउ ,ये तो अच्छा है. मुझे इतना सुंदर नज़ारा जो देखने को मिलेगा.
रानी-मार खाओगे.किसी और ने देखा तो
अवी-इसका सोल्युशन है मेरे पास
रानी-क्या बताओ ना.
अवी-बता तो दूँगा पर मुझे क्या मिलेगा.
रानी-जो तुम चाहो
अवी-मेरी तरफ पलट जाओ
रानी मेरे तरफ पलट गई. उसके हाथ मे उसका पल्लू था
अवी-पल्लू पहन लो
रानी-लो पहन लिया
अवी-पल्लू की लास्ट की फोल्ड निकालो
रानी-लो निकाल ली
अवी-उसके ब्लाउज के दूसरी तरफ ले जाकर पिन लगा दो. जैसे अपना पेट छुपाया है.
रानी-वो तो मैं लूँगी पर वो अच्छा नही दिखेगा
अवी-वो फ्लवर वाली पिन लगाओ ऐसा लगेगा कि फ्लवर के लिए इस तरह साड़ी पहनी है. फ्लवर से उसकी तरफ किसी का ध्यान नही जाएगा
रानी- लव यू ,
अवी-मेरा इनाम
रानी-क्या चाहिए मेरे दिल के राजा को
अवी-तुम्हें प्यार करना है.
रानी-पिच्छली बार जैसा प्यार नही करने दूँगी.
अवी-उपर से
रानी-फिर तो मुझे दुबारा फ्रेश होना पड़ेगा.
अवी-तुम बोलती बहुत हो
और मैं ने रानी के होंटो को अपने होंटो से लॉक कर दिया.
रानी के मीठे मीठे होंटो का रस पीना शुरू किया.
कितनी बार रानी के होंटो का रस पिया है पर उसमे जो प्यार है वो कम होने की जगह बढ़ रहा है.
रानी और मैं किस करने मे इतने माहिर हो गये कि बस होंटो को होन्ट मिलाने की देरी होती है. प्यार तो अपने आप मिल जाता है.
कितने सॉफ्ट होन्ट है. इतने बार चूसने के बाद उसकी सॉफ्टनेस कम नही हुई है.
रानी पहले तो ना करती है पर बाद मे किस करने मे खुद को डूबा देती है.
वो पूरी दुनिया को भूल कर मुझे किस करती है.
आज तो रानी अपने प्यार को नदी की तरह बहाने दे रही थी.
प्यार भरा किसा वाइल्ड बनने जा रहा था.
रानी ने मेरे हाथो को पकड़ कर अपने पीछे रख दिए.
और मुझे वाइल्ड किस करने को बढ़ावा दे रही थी.
रानी के नरम नरम चूतड़ को अपने हाथो के दबातें रानी मेरी जीभको चूसने लगी.
पिछले साल रानी शरमा रही थी और आज मुझे से ज़्यादा जोश मे थी.
रानी ने मेरे होंटो को काट कर किस ख़तम किया.
उसकी चेस्ट की धड़कने की आवाज़ सुनाई दे रही थी.
अवी-आइ लव यू
रानी-अवी तुम्हारे बिना मैं नही रह सकती
अवी-क्या हुआ.
रानी-हम कब एक होंगे
अवी-मेरे बर्तडे के दिन
रानी-तुम्हारा बर्तडे तो 4 साल मे एक बार आता है.
अवी-तो क्या हुआ. जिस दिन आएगा उस दिन तुम्हें इतना प्यार करूँगा कि तुम सोच नही सकती.
रानी-सच
अवी-हाँ,
रानी-उस दिन का इंतजार रहेगा.
अवी-तुम से ज़्यादा तो मैं तुम्हें प्यार करने को तरस रहा हूँ
रानी-वो दिख रहा है. अब तो हाथ हटा दो
मैं ने हाथ हटाने की जगह फिर से उसके चूतड़ दबा दिए
ऐसा करते वो मेरे करीब आ गयी और हमारे होन्ट फिर से मिल गये
रानी को बस शुरुआत करके देना पड़ता है.
फिर तो रानी खुद प्यार करने लग जाती है
रानी को किस करके मैं उसके सामने बैठ गया.
और उसकी साड़ी की पिन निकाल दी जिस से उसकी नाभि मेरे सामने आ गयी.
मैं ने रानी के नाभि को उस से भी ज़्यादा संदर थी उस पे किस किया.
मेरे ऐसा करते ही रानी ने अपनी आँख बंद की और मेरे सर को पकड़ लिया.
मुझे दूर करने की जगह और पास लाकर मुझे अपनी नाभि को प्यार करने का इन्विटेशन दिया
रानी की नाभि जो हमारे प्यार से गहरी थी उसे किस करते रानी का प्यार बाहर आ गया.
रानी के मुँह से शीष्कारी निकल गयी.
उसकी प्यारी शीष्कारी सुनकर मैं खड़ा हो गया.और उसे फिर से किस करने लगा.
रानी ने तो मेरे होंटो की जगह मेरे चेहरे पे किस करने लगी.
वो ज़्यादा एग्ज़ाइट हो गयी थी.
वो मेरे प्यार मे डूब गयी थी.
उसे रोकने के लिए मैं ने उसे कस के गले लगा लिया.
अवी-रानी इस सब के लिए टाइम है.
रानी-तुम्हें मुझपे गुस्सा आ रहा होगा ना
अवी-क्यूँ ,मैं तुम पे गुस्सा क्यूँ करूँगा.
रानी-तुम ने मेरे बर्तडे के क्या क्या सोचा होगा और मैं हूँ कि तुम्हें हर बार रोकती हूँ.
अवी-इसे तो प्यार कहते है. एक पार्टनर को दूसरे पार्टनर को प्यार के समुन्द्र मे डूबने से बचाते रहना चाहिए
रानी-पर प्यार के समुन्द्र मे तो हर कोई डूबना चाहता है.
अवी-उसके लिए टाइम है. पहले हमे अपने प्यार को नाम देना होगा. वरना जमाना ऐसे समुन्द्र और नदी के रिश्ते को ग़लत समझता है वैसे हमारे रिश्ते तो ग़लत समझेगा
रानी-नदी तो अपना मीठा जल समुन्द्र को दे कर उसके नमकीन जल को मीठा करती रहती है. नदी जैसी दीवानी कोई नही है.
अवी-तुम हो ना. जो मुझे एक दीवानी की तरह प्यार करती हो
रानी-प्यार करती रहूंगी.
अवी-चलो अब कोई आ जाएगा.
रानी-थोड़ी देर ऐसे मुझे गले लगा कर रहो ना मुझे तुम्हारी धड़कने सुननी है.
अवी-नही सुन पाउन्गि .मेरा दिल तो तुम्हारे पास है.
रानी-तो क्या हुआ ,आज हमारी धड़कानो को एक हो जाने दो
अवी-तुम मेरी धड़कने सुनो मैं तुम्हारी धड़कने सुनता हूँ.
और हम गले लग कर एक दूसरे की धड़कने को सुनने लगे.
रानी-इस से प्यारा संगीत दुनिया मे होगा ही नही.
अवी-सही कहा. प्यार की तरंगों से निकल रही ये धुन कितनी प्यार की है.
रानी-ऐसा लग रहा है हमारी सौल इस संगीत मे नाच रही है.
अवी-मैं तो ये संगीत ऐसे ज़िंदगी भर सुनता रहूं.
रानी-मैं भी.
हम ऐसे एक दूसरे की धड़कने को सुनते रहे.
धदकनो की संगीत मे मुझे रोने की आवाज़ सुनाई दे रही थी.
अवी-क्या हुआ रानी.रो क्यूँ रही हो
रानी-आज पापा होते तो कितना अच्छा होता.
अवी-तुम्हारे पापा आज तुम्हें देख रहे होंगे तो हमे आशीवाद दे रहे होंगे
रानी-ऐसा क्यूँ लगता है तुम्हें
अवी-क्यूँ कि मेरे माँ और पापा भी वही है. उन्हों तुम्हारे पापा से तुम्हारा हाथ माँगा होगा मेरे लिए.
रानी-ऐसा हुआ होगा.
अवी-हाँ. तभी तो उनका आशीर्वाद हमे मिल रहा है .और हमारा प्यार नयी उँचाई छु रहा है.
रानी-अवी मेरी एक बात मानोगे
अवी-कहो
रानी-मेरी शादी हो गयी तो मम्मी अकेली रह जाएगी
अवी-किसने कहा तुम्हें
रानी-तो क्या वो हमारे साथ रहेगी
अवी-उनको दहेज मे मागुंगा मैं.
रानी-वो नही मानेंगी.
अवी-तुम्हारी खुशी के लिए सबको मना लूँगा.
रानी-अवी इतने सपने मत दिखाओ
अवी-क्यूँ?
रानी-सपने टूट जाते है तो बहुत दर्द होता है
अवी-मैं तुम्हारा हर सपना पूरा करूँगा.
रानी-कहना आसान होता है
अवी-तुम ऐसे कमज़ोर पड़ जाओगी तो मैं अकेले सपने पूरे कैसे करूँगा.मुझे तुम्हारे साथ की ज़रूरत है.
रानी-अगर भगवान ने हमारा साथ ज़्यादा लंबा ना लिखा हो तो
अवी-मेरी माँ और पापा भगवान से कहेंगे कि हमारा साथ कभी छूटे ना. और मैं अपनी किस्मत बदल दूँगा.
रानी-मेरे लिए
अवी-तुम्हारे लिए तो कुछ भी कर सकता हूँ
रानी मेरी बात सुनकर भावुक हो गयी.
मेरे गले लग कर धीरे धीरे खुशी के आँसू बहाने देने लगी.
मैं रानी को अपने गले लगा कर उसे प्यार करने लगा.
हम दोनो बेख़बर होके एक दूसरे की धड़कनो को सुन ने लगे
हम भूल गये कि रानी के इतने देर लगाने से कोई उसे ढूंढता हुआ यहाँ आ सकता है.
रानी तो मेरी बाहों मे आकर सब कुछ भूल जाती है.
पर मुझे मिरर मे जो दिखा उसे देखते ही मेरी आँख खुली की खुली रह गयी
मिरर मे रूम का डोर साफ दिखाई दे रहा था.
और डोर पास खड़ी थी कोमल
कोमल को मिरर मे देखते ही मेरी धड़कने तेज चलने लगी.
कोमल हमे ऐसी हालत मे देखेगी तो क्या होगा ये सोच भी नही सकते.