चॅप्टर 949आ
पूनम दीदी ने तो डिसाइड कर लिया कि वो ज्योति बुआ से कोई रिश्ता नही रखेगी
ज्योति बुआ को कुछ दिन सज़ा तो भुगतनी होगी
अब देखते है ज्योति बुआ के होश मे आने के बाद क्या होता है
ज्योति बुआ का बीपी लो हो गया था
पर वो जल्दी होश मे आएँगी ऐसा सारा ने कहा था
पूनम दीदी तो नॉर्मल हो गयी अब बस ज्योति बुआ को संभाल लूँ फिर मेरा काम ख़तम यहाँ का
चलो पूजा बुआ से फोन करके पूछता हूँ कि वो कब तक आएँगी
अवी- हेलो बुआ
पूजा बुआ -अवी , वहाँ सब ठीक हैं ना
अवी- मेरे होते हुए यहाँ कुछ ग़लत ही ही नही सकता
पूजा बुआ -फोन कैसे किया
अवी- आप कब तक आ रही है
पूजा बुआ -शाम तक आ जाउन्गि ,
अवी- वहाँ चल क्या रहा है
पूजा बुआ -कुछ नही बस उधर उधर की बातें
अवी- रमेश अंकल कहाँ है
पूजा बुआ -वो बाहर गये है , रोहन के पापा के साथ , उनके गाँव की हवेली देखने
अवी- ये क्या ड्रामा है
पूजा बुआ -पता नही , उनका गाँव यहाँ से पास ही है , रोहन के पापा उनकी हवेली दिखाने गये है
अवी- आप आ जाइए फिर आराम से बात करते है
पूजा बुआ -पूनम कहाँ है
अवी- वो सो रही है ,
पूजा बुआ -तुम उसका ध्यान रखना ,
अवी- जी बुआ ,
पूजा बुआ -और खुद का भी ध्यान रखना
अवी- बाकी मिल के बात करते है
और मैं ने फोन रख दिया क्यूँ की ज्योति बुआ होश मे आ रही थी
ज्योति बुआ होश मे आते ही बेड पर उठ कर बैठ गयी
और उधर इधर देखने लगी जैसे कोमा से बाहर निकली हो
फिर उनको थोड़ी देर पहले की पूनम दीदी की बातें याद आते ही उनके आँख से आँसू निकलने लगे
वो मेरी तरफ देख रही थी , जैसे पूछ रही हो पूनम दीदी कहाँ है
अचानक रोते हुए ज्योति बुआ खड़ी हो गयी और लंगड़ाते हुए भागने लगी
ज्योति बुआ कहीं स्यूयिसाइड ना कर ले इस डर से मैं भी उनके पीछे पीछे जाने लगा
ज्योति बुआ हॉल से पहले किचेन मे गयी
उनको लगा कि पूनम दीदी किचेन मे ही होंगी
पर पूनम दीदी को किचेन मे ना देख कर ज्योति बुआ मुझे पूछने लगी कि पूनम दीदी कहाँ है
उनको डर था कि पूनम दीदी उनको छोड़ कर तो नही चली गयी
ज्योति बुआ- पूनम कहाँ है
अवी- आप बैठिए , आप की हालत ठीक नही है
ज्योति बुआ - मैं ने पूछा पूनम कहाँ है
अवी- वो सन्नी के कमरे मे है
सन्नी का नाम सुनते ही ज्योति बुआ को पूनम दीदी की बताई हुई बात याद आ गयी
वो लंगड़ा कर सन्नी के कमरे की तरफ जाने लगी
ये क्या नया ड्रामा है
मैं भी पानी का ग्लास अपने साथ लेकर ज्योति बुआ के पीछे आ गया
ज्योति बुआ सन्नी के कमरे मे आतेही पूनम दीदी के पैरों मे गिर गयी
पूनम दीदी ने कोई रियेक्शन नही दिया जैसे कि ज्योति बुआ उनकी कोई नही है
ज्योई बुआ पूनम दीदी के पैरो मे गिर कर रोने लगी
कहीं ऐसा ना हो जाए कि फिर से सारा को बुलाना पड़े
ज्योति बुआ - पूनम मैं ने ये क्या कर दिया
पूनम दीदी ने कुछ नही कहा
ज्योति बुआ - मैं अपने बेटे की मौत की वजह बन गयी
पूनम दीदी -आप ने मारा है सन्नी को
ज्योति बुआ - पूनम ये क्या हो गया मुझसे , मैं कैसी माँ हूँ ,
पूनम दीदी -आपने
ज्योति बुआ - मैं ने ये क्या कर दिया , सन्नी के अच्छे फ्यूचर के लिए ये सब कर रही थी और वो ही नही रहा है
पूनम दीदी -अच्छा फ्यूचर , आपने तो सब कुछ तबाह कर दिया
ज्योति बुआ - ये मेरे पापो की सज़ा मेरे बेटे को मिल गयी
पूनम दीदी -बेटे और बेटी को मिली है
ज्योति बुआ - मैं सबकी गुनहगार हूँ
पूनम दीदी -आपके लिए हर सज़ा कम पड़ जाए इतना बड़ा गुनाह किया है आपने
ज्योति बुआ - तुम सही कह रही हो मैं ने ये क्या कर दिया
पूनम दीदी -आपने पहले सन्नी को मारा और अब मुझे मार डाला है
ज्योति बुआ - ऐसा मत कहो , मैं सन्नी को खो चुकी हूँ तुम्हे नही खो सकती
पूनम दीदी -मुझे तो उसी दिन आपने खो दिया जिस दिन आप फिर से रंडी बन गयी
ज्योति बुआ - वो मैं ने तुम्हारे लिए किया , तेरी शादी के लिए
पूनम दीदी -मेरी शादी , किसने कहा कि शादी पैसो से होती है
ज्योति बुआ -मुझे माफ़ कर दे
पूनम दीदी -मैं आपको कभी माफ़ नही करूँगी
ज्योति बुआ - मैं ने पाप ही इतने किए है कि तुम मुझे माफ़ कैसे कर पाओगि
पूनम दीदी -आपने मेरे पापा को भी मार डाला है , उनके चेहरे की हसी गायब ही चुकी है आपकी वजह से
ज्योति बुआ - मैं तुम सबकी गुनहगार हूँ
पूनम दीदी -पता नही और कितना कुछ किया है आपने पूजा मामी के साथ , रमेश मामा के साथ
ज्योति बुआ - मैं पापी हूँ , मुझे मर जाना चाहिए
और ज्योति बुआ ने पूनम दीदी के हाथो से अपना गला दबाना चाहा
पर पूनम दीदी ने अपना हाथ छुड़ा दिया
पूनम दीदी -इतनी आसान सज़ा आपको नही मिल सकती
ज्योति बुआ - मुझे मार डालो , मुझे जीने का कोई हक नही है
पूनम दीदी -आप की जान आपकी नही है , सन्नी की दी हुई जान है , सन्नी आपको बचाना चाहता था , सन्नी आपको कुछ होने नही देता ,
ज्योति बुआ - सन्न्न्न्न्न्नीयीईयीयैआइ
पूनम दीदी -आपने अब खुद को कुछ कर दिया तो आप फिर से एक बार सन्नी को मार डालोगी ,
ज्योति बुआ - सन्न्न्न्नीयीईयीयैआइ
पूनम दीदी -आप मर गयी तो सन्नी दुबारा मर जाएगा
ज्योति बुआ - नही मैं ऐसा नही होने दूँगी
पूनम दीदी -आप को रोज मरना होगा
ज्योति बुआ - तू जो कहेगी मैं वही करूँगी , मुझे अकेला मत छोड़ना
पूनम दीदी -आप को तो पैसो के साथ रहना पसंद है उसी के साथ रहो
ज्योति बुआ - पैसो ने मेरा सब कुछ छीन लिया मेरा
पूनम दीदी -आपके लालच ने छीना है आपसे , पहले सन्नी और अब मैं
ज्योति बुआ - तू ये क्या बोल रही है
पूनम दीदी -मैं भी आपके लिए मर चुकी हूँ
ज्योति बुआ - ऐसा मत कहो , तुम्हारा ही तो सहारा है मुझे
पूनम दीदी -वो सहारा आप पहले ही खो चुकी है
ज्योति बुआ - पूनम तू भी मुझे अकेला छोड़ देगी तो मैं कहाँ जाउन्गि
पूनम दीदी -आप कहीं भी जाइए पर आपसे सारे रिश्ते तोड़ रही हूँ
ज्योति बुआ - पूनम , ऐसी सज़ा मत दो मुझे
पूनम दीदी -सज़ा तो आपने मुझे दी है मेरे भाई को मुझसे दूर करके
ज्योति बुआ - पूनम तेरे भी मैं जी नही पाउन्गी
पूनम दीदी -मैं जैसे सन्नी के बिना जी रही हूँ वैसे आप भी जीना शुरू कर दो
ज्योति बुआ - पूनम मुझे इतनी बड़ी सज़ा मत दो
पूनम दीदी -मैं कौन होती हूँ आपको सज़ा देने वाली , सज़ा तो उपर वाला देगा आपको
ज्योति बुआ - तू मुझे मार डाल पर मुझसे दूर मत हो
पूनम दीदी -मैं यहाँ से कही नहीं जा रही हूँ ,मैं अपने पापा के लिए यहाँ रहूंगी पर आपके लिए मैं मर गयी समझो
ज्योति बुआ - पूनम
पूनम दीदी की बात सुनकर ज्योति बुआ फिर से बेहोश होने वाली थी
मैं ने पानी मे नींद की गोली डाल दी और पानी ज्योति बुआ को दिया
अवी- पानी पी लीजिए
ज्योति बुआ- पूनम
ज्योति बुआ ऐसे नही मानेगी
मैं ने उनको ज़बरदस्ती पानी पिला दिया
पानी पीतेही ज्योति बुआ फिर से पूनम दीदी से माफी माँगने लगी
पूनम दीदी उनको माफ़ नही करेंगी इतने आसानी से
और ज्योति बुआ पे नींद की गोली का असर हो रहा था
और ज्योई बुआ फिर से लूड़क गयी
पूनम दीदी- अवी फिर से बेहोश हो गयी
अवी- मैं ने उनको नींद की गोली दी है , इनको आराम करने देते है
पूनम दीदी - मैं भी आराम करती हूँ
अवी- आप कुछ खा लो
पूनम दीदी- भूक नही है , तुम खा लो
अवी-मैं आपके बिना नही खा सकता
पूनम दीदी- अवी प्लीज़ , मुझे आराम करने दो
और पूनम दीदी अपने कमरे ने चली गयी
और मैं ज्योति बुआ को उनके कमरे मे ले गया
ज्योति बुआ अब सोती रहेगी
उनको आराम मिलेगा तो वो खुद को संभाल पाएँगी
मैं तो पेट पूजा कर ही लूँगा
पूनम दीदी भी आराम कर रही है
मैं अपने लिए ओमलेट बनाने लगा
ओमलेट खा कर मैं टीवी देखते हुए पूजा बुआ के आने का इंतजार करने लगा
तब तक फ़ोन से कोमल के साथ चॅट की फिर रानी के साथ लंबी बात की
रानी ने पढ़ाई करना बंद करके मेरे साथ दिल खोल कर बात की
फिर छोटी चाची को फोन पर ही यहाँ के बारे मे बताया
ज्योति बुआ की हालत के बारे मे सुनकर छोटी चाची खुश भी हुई और उनको दुख भी हुआ
सन्नी के बारे मे जानने और पूनम की हालत देख कर छोटी चाची ने मुझे स्वेता दीदी को सब कुछ बताने को कहा
मेरे ना रहने पे पूनम दीदी को स्वेता दीदी संभाल लेगी
छोटी चाची को मैं ने बता दिया कि मैं भी यही सोच रहा था
स्वेता दीदी को बताना बहुत ज़रूरी था
सीतल दीदी को इनसे दूर रखना होगा
और पूजा बुआ को भी बता दूँगा कि ज्योति बुआ का सच पूनम दीदी को पता चल गया है ,
और पूनम दीदी ने ज्योति को अच्छे से हॅंडल किया है
अगर बाद मे कुछ प्राब्लम हुआ तो पूजा बुआ और स्वेता दीदी संभाल लेगी
ये सही रहेगा , स्वेता दीदी को सब कुछ बता दूँगा और पूजा बुआ से सन्नी की बात छुपा दूँगा
मैं बस पूजा बुआ के आने का इंतजार कर रहा था
रमेश अंकल के साथ रोहन के पापा क्या बात कर रहे होंगे ये मुझे पता लगाना होगा क्यूँ की रमेश अंकल मुझे कुछ बताएँगे नही
देखते है रोहन के घर पे क्या चल रहा है
पूजा बुआ काफ़ी देर तक रोहन के घर पे रुकी
काफ़ी लंबी बातें हुई दोनो के बीच मे
रमेश अंकल तो आते ही पहले पूनम दीदी के कमरे मे गये
बीमार तो पूनम दीदी और ज्योति बुआ भी है
पर रमेश अंकल पूनम दीदी से मिलने गये जैसे उनको पता हो कि उनकी बहन कैसी है
स्वेता दीदी और सीतल दीदी थक चुकी थी
वहाँ भी दोनो ने ही खाना बनाया था
पूजा बुआ तो फ्रेश होते ही मेरे पास आ गयी
रमेश अंकल को देखते ही पूनम दीदी थोड़ी भावुक हो गयी
आज दिन भर जो हुआ था उसके बाद रमेश अंकल को देखते ही खुद की भावनाओ पे कंट्रोल नही रख पाई
रमेश अंकल- क्या हुआ बेटी
पूनम दीदी - आप मुझे छोड़ कर कभी मत जाना
रमेश अंकल - क्या हुआ ऐसे क्यूँ बोल रही हो कोई बुरा सपना देखा तुमने
पूनम दीदी - बहुत बुरा
रमेश अंकल - मेरी बहादुर बेटी इतने से डर गयी
पूनम दीदी - आप पास होते हो तो मुझे अच्छा लगता है
रमेश अंकल - मैं तो अब यही रहूँगा तू फोन करना तेरा मामा भागते हुए आ जाएगा
पूनम दीदी इतना सुनते ही फिर से अंकल के गले लग गयी
इधर मैं पूजा बुआसे बात कर रहा था
अवी - बुआ
पूजा बुआ-क्या हुआ अवी ऐसे अकेले मे क्यूँ बुलाया है
अवी - आज यहाँ बहुत कुछ हुआ पूनम दीदी और ज्योति बुआ के बीच मे
पूजा बुआ-क्या हुआ
अवी - ज्योई बुआ ने आक्सिडेंट का नाटक किया था
पूजा बुआ-मैं तो यही कह रही थी
अवी - पूनम दीदी ने ज्योति बुए को बहुत बुरा भला कहा
पूजा बुआ-पूनम कैसी है
अवी - वो भी रोई पर अब वो ठीक है
पूजा बुआ-तुम ने संभाल लिया ना
अवी - हाँ , आपकी बेटी जो है
पूजा बुआ-ज्योति इस लिए सो रही है
अवी - उनका बीपी लो हो गया था , अंकल के सामने ज़्यादा ड्रामा ना हो उस लिए नींद की गोली खिला दी
पूजा बुआ-ये अच्छा किया वरना बात और बढ़ जाती
अवी - अब ज्योति बुआ कुछ नही कर पाएँगी
पूजा बुआ-मैं आज यही रुक जाती हूँ
अवी - आप यहाँ रुकेंगी तो अंकल भी रुक जाएँगे , और ज्योति बुआ ने कुछ उल्टा सीधा बोल दिया तो
पूजा बुआ-पर पूनम के लिए मुझे यहाँ रुकना होगा
अवी - अंकल को ज्योति बुआ से दूर रखना होगा , और पूनम दीदी के लिए मैं यहाँ रुक रहा हूँ
पूजा बुआ-तुम्हारे रुकने से क्या होगा , मैं रुकती हूँ
अवी - आप अंकल को हॅंडल करो , मैं स्वेता दीदी पूनम दीदी को संभाल लेंगे
पूजा बुआ-स्वेता
अवी - स्वेता दीदी को भी पता है ज्योति बुआ के बारे मे
पूजा बुआ-ठीक है , पर कुछ हुआ तो मुझे फोन करना
अवी - पहला फोन आपको करूँगा
पूजा बुआ-तूने खाना खाया
अवी - हाँ ,अब आप गाँव के लिए निकल जाइए
पूजा बुआ-ठीक है , अपना और पूनम का ख़याल रखना
और पूजा बुआ और रमेश अंकल पूनम दीदी से मिलके राज के साथ गाँव की तरफ चले गये
मैं रोहन से मिलने का बहाना बना कर रुक गया
मेरे रुकने से पूनम दीदी की हिम्मत बनी रहेगी