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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 948डी

ज्योति बुआ पूनम दीदी को मेरे साथ चुदाई करते हुए देख कर गुस्सा हो गयी

ज्योति बुआ के देखने के बाद भी पूनम दीदी की गंद को मैं मसल रहा था

पूनम दीदी ज्योति बुआ से ज़बान लड़ा रही थी और मुझे चुदाई करने को बोल रही थी

मैं बस पूनम दीदी की गंद पर थप्पड़ मार रहा था ताक़ि मेरे थप्पड़ो से उनको सिंगनल मिलता रहे कि कब क्या बोलना है

पूनम दीदी सन्नी का नाम सुनते ही कमज़ोर पड़ रही थी कि मैं पूनम दीदी की.गंद पर चिमती काट कर उनको होश मे लाया

और पूनम दीदी ज्योति बुआ के झूठ का परदा फ़ाश करके बताने लगी कि वो ऐसा क्यूँ कर रही है

ज्योति बुआ समझ गयी कि ये उनके पापो की वजह से ये हो रहा है

ज्योति बुआ को अपने ग़लत कामो के बारे मे पता चल रहा था

ज्योति बुआ ने पूजा बुआ के घर चोर कब भेजे मुझे तो पता ही नही

मुझे तो कुछ भी पता नही होता

ज्योति बुआ कह रही थी कि उन्होने ऐसा इस लिए किया ताकि वो पूनम दीदी का फ्यूचर सेफ कर सके

पर उस चक्कर ने सन्नी तो सबको छोड़ कर चला गया

और सन्नी के बारे मे ज्योति बुआ को बताने का समय आ गया

मैं ने पूनम दीदी की साथ मस्ती करना बंद की और पूनम दीदी का साथ देने लगा

ज्योति बुआ -क्या कहा तूने

पूनम दीदी-आपने क्या सुना

ज्योति बुआ -तू खुद रंडी बन गयी है और मुझ पे झूठा इल्ज़ाम लगा रही है

पूनम दीदी-मैं आपकी वजह से रंडी बनी हूँ

ज्योति बुआ -मेरी वजह से

पूनम दीदी-आपको देख कर मैं ने फ़ैसला किया कि आप रंडी बन सकती है तो मैं क्यूँ नही

ज्योति बुआ -मैं ने सन्नी और तुम्हारे लिए इस रास्ते पे चलना शुरू किया

पूनम दीदी-हमारे लिए , पर ये सोचा कि उसका हम पर क्या असर होगा

ज्योति बुआ -कुछ असर नही हुआ , और तू भी ये नाटक बंद कर

पूनम दीदी-आपको सच पता नही है इस लिए ऐसा बोल रही हो

ज्योति बुआ -कैसा सच

पूनम दीदी-आपकी वजह से सन्नी हमारे साथ नही है

ज्योति बुआ -कुछ भी मत बोल

अवी- यही सच है

ज्योति बुआ -तू चुप रह

पूनम दीदी-अवी को कुछ मत कहो

ज्योति बुआ -तू भी अपनी ज़बान संभाल के बोल

पूनम दीदी-मैं अब तक चुप हीं इस लिए आप बोल रही हो

ज्योति बुआ -तो बोलना , बोल मुझे रंडी

पूनम दीदी-मेरा मुँह खोलने पे मज़बूर मत करो

अवी-दीदी सच बता दो , कब तक आप घुट घुट कर जीती रहोगी

ज्योति बुआ -ये अवी क्या बक रहा है

पूनम दीदी-आपको सच जानना है , आपके रंडी बनने से हमे कितना दर्द मिला है

ज्योति बुआ -दर्द नही तेरी लाइफ अच्छी बना दी है , जो चाहिए था तुझे वो तुझे एक वर्ड मे देती थी

पूनम दीदी-तब मुझे पता होता तो मैं थूकती ऐसे पैसो पे

ज्योति बुआ -तब तो बड़ी माँ माँ करती थी , और अब अकड़ आ गयी है तुझे

पूनम दीदी-आप बताइए उस दिन आप क्या कर रही थी जिस दिन सन्नी का आक्सिडेंट हुआ था

ज्योति बुआ -वो मैं

पूनम दीदी-क्या हुआ

ज्योति बुआ -याद नही

पूनम दीदी-आप मेहता अंकल के साथ थी

ज्योति बुआ -थी तो इस से सन्नी का क्या कनेक्षन है

पूनम दीदी-उस दिन के बाद मेहता अंकल कहाँ गये कुछ पता है

ज्योति बुआ -क्यूँ तेरी नज़र है उनपे

पूनम दीदी-आप रंडी हो और रंडी जैसा ही सोचती है

ज्योति बुआ -तू बोल ना क्या कहना चाहती है

पूनम दीदी-तो सुनिए , उस दिन आपको और मेहता अंकल को सन्नी ने देख लिया था

ज्योति बुआ -झूठ मत बोल

पूनम दीदी-आप मेहता अंकल और उनके दोस्त के साथ वाइल्ड सेक्स कर रही थी

आपको मेहता अंकल मार रहे थे , ये सन्नी ने देख लिया था , सन्नी को लगा कि मेहता अंकल आपको मार रहे है , आपको बचाने के लिए सन्नी मेरी मदद लेने के लिए मेरी तरफ भागते हुए आ रहा था ,

सन्नी को आपको.बचाना था , इस लिए वो रोते हुए रोड पे भाग रहा था और इस बीच उसका एक्सीडेंट हो गया

आपकी वजह से सन्नी इस दुनिया मे नही है

आपकी वजह से मेरा भाई मेरे साथ नही है

आपके पैसो के लालच ने सन्नी को हमसे छीन लिया

पूनम दीदी की बात सुनते ही ज्योति बुआ की आँखो से पानी आ गया

ज्योति बुआ तो कुछ देर के लिए स्टॅच्यू बन गयी

ज्योति बुआ -ये झूठ है

पूनम दीदी-यही सच है, आज तक आप से छुपा कर रखा था मैं ने , सोचा कि अब आप बदल गयी पर फिर से आपने ये सब शुरू कर दिया

ज्योति बुआ -ये झूठ है

पूनम दीदी-तो बताइए आप किसके साथ थी उस दिन

ज्योति बुआ -वो मेहता के साथ थी पर ये सब झूठ है

पूनम दीदी-पता है सन्नी ने क्या कहा था लास्ट वर्ड

ज्योति बुआ -क्या

पूनम दीदी-माँ को बचा लो

ज्योति बुआ ये सुनते ही फुट फुट कर रोने लगी

ज्योति बुआ -पूनम बोल दे कि ये झूठ है

पूनम दीदी-यही सच है

ज्योति बुआ -तू अपना सच छुपाने के लिए ऐसा बोल रही है

पूनम दीदी-डॉक्टर ने बताया था कि सन्नी ने मेहता अंकल का नाम लिया था

ज्योति बुआ -मैं ऐसा नही कर सकती

पूनम दीदी-आप खुद सोचो कि मेहता अंकल उस दिन के बाद कहाँ चले गये , उनको अपनी ग़लती का पश्चाताप करने दूसरी जगह रहने चले गये ,

ज्योति बुआ -मैं नही मानती

पूनम दीदी-मेरे पास मेहता अंकल की नयी जगह का नंबर है

अवी- दीदी ये लो नंबर लग गया

ज्योति बुआ -किसे फोन किया

पूनम दीदी-मेहता अंकल को

फोन स्पीकर पे लगा दिया

मेहता अंकल- हेलो कौन बोल रहा है

पूनम दीदी-अंकल मैं पूनम

मेहता अंकल - कौन पूनम

पूनम दीदी-ज्योति की बेटी , आप पहले जहाँ रहते है

मेहता अंकल- क्या हुआ बेटी इतने सालो बाद मुझे फोन कैसे किया

पूनम दीदी-अंकल आप का पश्चाताप पूरा हो गया , आप खुद को गुनहगार मत समझिए

मेहता अंकल- नही बेटी , जो हुआ उसमे मैं भी बराबर का भागीदार हूँ , मैं तो मज़ा करने के लिए ज्योति के साथ सेक्स कर रहा था , पर सन्नी के साथ जो हुआ वो हम नही चाहते थे , सन्नी का आक्सिडेंट हमारी वजह से हुआ है

और पूनम दीदी ने फोन कट कर दिया

ज्योति बुआ ने तो अपने हाथो को ज़मीन पर पटक कर रोना शुरू कर दिया

ज्योति बुआ -ये मैं ने क्या कर दिया , मेरी वजह से मेरा बेटा , मेरा लालच मेरे बेटे को खा गया

पूनम दीदी-सन्नी की जगह मैं मर जाती तो अच्छा होता

ज्योति बुआ -तू नही , मुझे मर जाना चाहिए था , ये मैं ने क्या कर दिया

पूनम दीदी-आपने ज़िंदगी भर दूसरों का बुरा चाहा आज आपके साथ बुरा हो रहा है

ज्योति बुआ -तुम सही कह रही हो , ये सब मेरे पापो की वजह से हुआ है

पूनम दीदी-आपने सन्नी , पापा और मुझे मार डाला

ज्योति बुआ -मैं ने अपने बेटे को

पूनम दीदी-आप ने पैसो के लालच मे हमारी फॅमिली की बर्बाद कर दिया

ज्योति बुआ -ये मैं ने क्या किया

पूनम दीदी-आपने उसके बाद भी फिर से ये सब शुरू करके सन्नी को दुबारा मार डाला

ज्योति बुआ -ये मैं ने तेरी शादी के लिए

पूनम दीदी-आपको क्या लगता है वजह कोई भी हो सन्नी क्या वापस आएगा

ज्योति बुआ -ये मैं ने क्या कर दिया

पूनम दीदी-आपको आज सच पता चला तो ये हाल हो रहा है मैं तो सालो से घुट घुट जी रही हूँ

ज्योति बुआ-मुझे माफ़ कर दो

पूनम दीदी-आपको मैं कभी माफ़ नही करूँगी आपकी वजह से मेरा भाई मेरे साथ नही है

और पूनम दीदी किचन से जाने लगी तो ज्योति बुआ ने पूनम के पैर पकड़ लिए

ज्योति बुआ -पूनम ये मैं ने क्या किया

पूनम दीदी-आप खुद सोचिए आपने क्या किया और आपको क्या करना चाहिए , आज आपने अपनी बेटी को भी खो दिया है , आज से आप मेरे लिए मर गयी हो

और पूनम दीदी ज्योति बुआ से दूर जाने लगी

ज्योति भी फुट फुट कर रोते हुए सन्नी का नाम ले रही थी

और एक जोरदार चीख के साथ ज्योति बुआ बेहोश हो गयी

अवी-दीदी ज्योति बुआ बेहोश हो गयी है

पूनम दीदी-तो मैं क्या करूँ

अवी-ये आप क्या बोल रही है

पूनम दीदी-मरने दो

अवी-ये आपकी माँ है

पूनम दीदी-मेरी माँ पूजा मामी है

अवी-दीदी, देखिए इनकी हार्टबीट स्लो चल रही है

पूनम दीदी-मर जाने दो मुझे उनसे कुछ लेना देना नही है

अवी-मेरी मदद तो करो

पूनम दीदी-तुम्हारी मदद कर सकती हूँ पर इनकी नही करूँगी

इतना बोल कर पूंसम दीदी अपने कमरे मे जाने लगी

अब मैं क्या करूँ

पूनम दीदी ने ज्योति बुआ से सारे रिस्ते तोड़ दिए

ज्योति बुआ की हालत तो बहुत ज़्यादा खराब है

अगर मैं ने इनकी मदद नही की तो वो उस सदमे से बाहर नही निकल पाएँगी

पर ज्योति बुआ की वजह से छोटी चाची की आँखो मे आँसू आ गये थे

ऐसे मे मैं क्या करूँ

छोटी चाची की आँख मे आँसू तो आ गये है पर उन्हो ने मुझे सिखाया है वो मैं कैसे भूल सकता हूँ

इंसानियत के नाते ही सही मुझे ज्योति बुआ की मदद करनी होगी

मैं ज्योई बुआ को उठा कर उनके कमरे मे ले गया

ये पूनम दीदी भी ना , अब उनके पास जाउ या ज्योति बुआ के पास रहूं

पहले डॉक्टर को फोन करता हू

और डॉक्टर को फ़ोन करने लगा

पर किस डॉक्टर को फोन करूँ

सारा और ज़ोया

मैं ने सारा को फोन किया

अवी- हेलो सारा

सारा-अवी , इतने दिनो बाद याद आई मेरी

अवी- एमर्जेन्सी है

सारा-क्या हुआ

अवी- ज़ोया कहाँ है

सारा-वो पेशेंट को देख रही है

अवी- तो तुम अपना बॅग लेकर मेरे एसएमएस किए हुए अड्रेस पर जल्दी आ जाओ , एमर्जेन्सी है , और हाँ ज़ोया को मत बताना

सारा-निकल ही रही हूँ

सारा को तो बता दिया , वो जल्दी आ जाएगी

मैं पूनम दीदी की देख कर आता हूँ

मैं पूनम दीदी के कमरे मे गया यो वो बेड पे नंगी लेट कर रो रही थी

मैं पूनम दीदी के पास गया तो पूनम. दीदी मेरे गले लग गयी

अवी- दीदी

पूनम दीदी-अवी सन्नी की याद आ रही है

अवी- मैं हूँ ना , मैं भी तो आपका भाई हूँ

पूनम दीदी-मैं माँ को कभी माफ़ नही करूँगी

अवी- मत करना पर उनका ख़याल तो रखो वो टूट जाएगी अगर तुम भी दूर हो गयी तो

पूनम दीदी-टूटने दो , यही उनकी सज़ा है कि वो अकेली रहे

अवी- ठीक है , पर आप खुद को तो संभाल लीजिए

पूनम दीदी-मैं ठीक हूँ , कुछ देर अकेला रहना चाहती हूँ

अवी- आप सन्नी की कमरे ने जाकर आराम करो , आपको अच्छा लगेगा

पूनम दीदी-तुम ठीक कह रहे हो

अवी- रमेश अंकल के आने के बाद आप कोई सीन क्रियेट मत करना

पूनम दीदी-उनको कुछ पता चलने नही दूँगी

अवी- आप आराम करो ,

और मैं ने पूनम दीदी को कपड़े पहना दिए

और उनको सन्नी के कमरे मे ले गया

और मैं ज्योति बुआ के कमरे मे गया

सारा के आने तक उनको संभालना भी तो था

______________________________
 
चॅप्टर 949

ज्योति बुआ ने पूनम दीदी की बात सुनकर ज़्यादा कुछ कहा नही

पर उनको जोरदार झटका लगा

सन्नी की डेत उनकी वजह से हुई ये सुनकर ज्योति बुआ जीते जी मर गयी

उनका सब कुछ बिखर कर टूट गया

पहले उनके करमो की वजह से उनका बेटा हमेशा के लिए उनसे दूर गया अब बेटी का भी विश्वास खो चुकी है

ज्योति बुआ कह रही थी कि वो पूनम दीदी की शादी के लिए ये सब कर रही है पर उनको अंदाज़ा नही था कि उनके पैसे के लालच ने बेटा और बेटी को उनसे बहुत दूर कर दिया

पता नही उनके बीच की दूरी कब ख़तम होगी

पता नही कब पूनम दीदी ज्योति बुआ को माफ़ करेंगी

ज्योति बुआ के होश मे आने के बाद क्या होगा ये सब सोच कर ही मैं टेन्षन मे आ गया था

ज्योति बुआ की वजह से छोटी चाची को दर्द मिला ऐसे मे मुझे ज्योति बुआ की मदद करनी चाहिए कि नही

पर छोटी चाची कहती है कि मदद सिर्फ़ रिस्ते या चेहरा देख कर नही की जाती , जिनको मेरी मदद चाहिए मैं इंसानियत के नातेउसकी मदद कर दूं

यही वजह थी कि मैं ज्योति बुआ की मदद कर रहा था

पूनम दीदी भी ने ज्योति बुआ की सच बता कर अपने दिल मे छिपे हुए दर्द को बाहर निकाल दिया

पूनम दीदी के दिलो दिमाग़ मे क्या चल रहा है ये जानना मुश्किल होगा

पूनम दीदी के घाव इतने जल्दी भरेंगे नही

पूनम दीदी को नॉर्मल करने मे ज्योति बुआ को माफ़ करने मे टाइम लगेगा

देखते है पूनम दीदी क्या करती है ज्योति बुआ के साथ

ये सब पता चलेगा ज्योति बुआ के होश मे आने के बाद

पर पहले सारा आएगी

इतने दिनों बाद मिलने से सारा मुझे आसानी से नही छोड़ेगी

इसी लिए अकेले सारा को बुलाया है

लो सारा का नाम लिया और सारा हाज़िर है

अवी- सारा तुम तो जल्दी आ गयी

सारा-पेशेंट कहाँ है

अवी- अंदर है

सारा-पहले उसको देखती हूँ फिर तुम्हें

मैं सारा को लेकर ज्योति बुआ के पास आ गया

अवी- अचानक बेहोश हो गयी

सारा-ये तुम्हारी कौन है

अवी- दूर की रिश्तेदार है , मेरी बुआ की ननंद है

सारा-इनका तो बीपी लो हो गया है

अवी- तो कुछ करो

सारा-मैं इंजेक्षन दे रही हूँ , जल्दी उनको होश आ जाएगा , पर इनको आराम करने देना

अवी- वो मुश्किल है

सारा -क्या मतलब

अवी- इनसे कुछ बातें छुपाई गयी थी वो बता रहे है , और आज ही बताना ज़रूरी है

सारा-ये लो मेडिसिन , दुबारा बेहोश हो गयी तो खिला देना

अवी- थॅंक्स

सारा-अब दूसरे पेशेंट को देखु

अवी- आज पासिबल नही है

सारा-ये क्या बात हुई , इतने दिनो बाद मिले हो और बिना कुछ खिलाए वापस भेजोगे

अवी- मुझे पता है तुम ऐसे जाओगी नही इस लिए तुम्हें अकेले बुलाया है

सारा-ज़ोया को पता चला तो मेरी जान ले लेगी

अवी- तुम बताना मत

सारा-नही बताउन्गि , चलो मेरी फीस दो

अवी- देखो सिर्फ़ चूसने को मिलेगा

सारा-चल जाएगा पर फिर कब मिलोगे

अवी- जल्दी मिलूँगा , अब तो यहाँ आता रहूँगा मेरी बहन की शादी है

सारा-फिर तो मज़ा आएगा

अवी- लो जल्दी अपना इनाम ले लो , वरना ज़ोया को शक होगा

और सारा ने मेरा लंड अपने हाथ मे लिया

मैं ने सारा के लिए लंड क्लीन करके रखा था

पूनम दीदी की अधूरी चुदाई से लंड खड़ा ही था

पर अब पूनम दीदी कुछ करने नही देगी , मूठ मारने से अच्छा है सारा को वीर्य पिला दूं

सारा लंड को देखते ही चूसने लगी

और मेरी क्रीम खाने को तैयार हुई

सारा के मुँह को थोड़ी देर चोदने के बाद उसको वीर्य पिला दिया

सारा-आज तो जल्दी निकल गया

अवी- तुम भी अब निकल जाओ , मैं आज बिज़ी हूँ

सारा-क्या बात है

अवी- कुछ नही मुझे यहाँ का काम करके वापस जाना है और मेरी एग्ज़ॅम भी है

सारा-आज जा रही हूँ पर नेक्स्ट टाइम

अवी- नेक्स्ट टाइम तुम जो कहूँगी वो करूँगा

सारा-बाइ ,

सारा के जाते ही मैं ज्योति बुआ के होश मे आने का इंतज़ार करने लगा

ज्योति बुआ को तो बहुत टाइम लग रहा था

तो मैं पूनम दीदी के पास गया

पूनम दीदी सन्नी के यादो मे खोई हुई थी

अवी- दीदी

पूनम दीदी -अवी ,

अवी- क्या हुआ सन्नी की याद आ रही है

पूनम दीदी -हाँ , आज वो यहाँ होता तो ये दिन देखने को नही मिलता

अवी- सन्नी तो हमेशा आपके साथ है , कभी मेरे रूप मे तो कभी राज के रूप तो और कभी आपके बेटे के रूप मे आपके साथ होगा

पूनम दीदी -मुझे सन्नी वापस मिलेगा

अवी- मिल तो गया है , मैं हूँ ना आपका भाई

पूनम दीदी -तुम और राज ,

अवी- राज भी आपका भाई है , बस उसके लिए रोना बंद कर दो

पूनम दीदी -क्या करूँ अवी ,मेरी माँ की वजह से मेरी आँख मे आँसू आ रहे है

अवी- बस हो गया , जितना रोना था उतना रो लिया , अब तो ज्योति बुआ को रोना होगा

पूनम दीदी -अवी मैने क्या ठीक किया माँ के साथ

अवी- सच को अपने अंदर दबा कर नही रखना चाहिए ,आपने सच बता कर अच्छा किया

पूनम दीदी -सच

अवी- हाँ

पूनम दीदी -लेकिन

अवी- आप कितने दिन उस सच को अपने अंडर छुपा कर खुद को दर्द देती रहती , ये सच कभी ना कभी तो पता चलना ही था , और आज आपने बता कर ज्योति बुआ को दर्द नही उनको सही रास्ते पे लाया है

पूनम दीदी -ऐसा तुम्हें लग रहा है

अवी- आपको याद होगा मैं ने कहा था कि ज्योति बुआ को सुधारने के लिए आपको उनको थप्पड़ मारना पड़ेगा

पूनम दीदी -हाँ

अवी- पर उस दिन खेत मे आपने ऐसा नही किया

पूनम दीदी -उस दिन मैं टूट गयी थी

अवी- पर देखिए चाची ने चाचा को ऐसा थप्पड़ मारा कि वो सुधर रहे है

पूनम दीदी -क्या मतलब

अवी- आज आपने ज्योति बुआ को जो थप्पड़ मारा है वो ज्योति बुआ को ग़लत रास्ते से सही रास्ते पे ले आएगा

पूनम दीदी -मैं ने कहाँ थप्पड़ मारा

अवी- आप का रंडी बनना और सन्नी का सच ये दो थप्पड़ मारे है आपने ज्योति बुआ को

पूनम दीदी -तुम उस की बात कर रहे हो

अवी- हाँ , ये दो थप्पड़ उनको सुधार देंगे

पूनम दीदी -अब तो मैं उनसे सारे रिस्ते तोड़ दूँगी

अवी- तोड़ देना उस से वो अकेली पड़ जाएगी और उनको अहसास हो जाएगा कि उन्हो ने क्या किया है

पूनम दीदी -मैं इस घर को छोड़ कर जाउन्गि

अवी- ऐसा मत करना वरना रमेश अंकल को पता चल जाएगा

पूनम दीदी -पर मैं उनके साथ नही रह पाउन्गी

अवी- रहना होगा और उनको हर दिन इसका अहसास दिलाते रहना होगा कि उन्हो क्या किया है

पूनम दीदी -पर

अवी- और इस घर मे सन्नी की यादे है , आप उनसे दूर कैसे रह पाओगी

पूनम दीदी -तुम सही कह रहे हो

अवी- अब आप ये रोना बंद करो

पूनम दीदी -कर दिया ,

अवी- और ज्योति बुआ के पास चलिए उनकी तबीयत खराब है

पूनम दीदी -मैं नही जाने वाली उनके पास

अवी- ऐसा कैसे चलेगा

पूनम दीदी -तुम मुझे अपनी मर्ज़ी से रहने दो अब

अवी- ओके जैसा आप कहे

पूनम दीदी -मेरा मतलब है माँ के साथ मैं अपनी तरह से रहना चाहती हूँ

अवी- मुझे तो लगा आप मेरे साथ भी अच्छे से नही रहेगी

पूनम दीदी -तुम तो मेरे भाई हो

अवी- और जो काम अधूरा रह गया उसका क्या

पूनम दीदी -वो अब रहने देते है

अवी- वैसे मैं हल्का ही गया हूँ ,

पूनम दीदी -थॅंक्स

अवी- आप खुश हो बस यही मेरे लिए सब कुछ है

पूनम दीदी -पर तुमने बहुत दर्द दिया मुझे

अवी- व्हाट

पूनम दीदी -अब दर्द हो रहा है

अवी- आपने ही कहा कि गंद मार लो

पूनम दीदी -अब दुबारा नही कहूँगी , मैं कैसे माँ के साथ बोल पाई ये मुझे पता है

अवी- ये मेरे लंड का कमाल था

पूनम दीदी -सही कहा तुम्हारे पुश से मैं खुद की कंट्रोल मे रख पाई

अवी- लेकिन आपने तो सब कुछ खुद हॅंडल कर लिया , मुझे तो बोलने ही नही दिया

पूनम दीदी -पता नही कैसे मुझे इतनी हिम्मत आ गयी

अवी- ये आपके अंदर की रंडी थी

पूनम दीदी -चुप करो ,

अवी- सच मे आप की रंडी ने मुझे भी शॉक्ड कर दिया

पूनम दीदी -थॅंक्स , पर अब दुबारा रंडी मत कहना

अवी- नही कहूँगा , पूनम का चाँद हो आप

पूनम दीदी -तुम अजीब हो

अवी- क्या कहा

पूनम दीदी -अभी मैं रो रही थी और अभी तुम ने मुझे नॉर्मल कर दिया

अवी- मैं ऐसा ही हूँ

पूनम दीदी -सच मे तुम्हारे साथ बात करके सब कुछ भूल जाती हूँ ,

अवी- मुझे मत भूल जाना

पूनम दीदी -नही भूलूंगी , तुम मेरे फ्रेंड और भाई हो

अवी- और हाँ स्वेता दीदी को आप कुछ मत बताना

पूनम दीदी -स्वेता को बता देती हूँ , वो मेरी हमदर्द है

अवी- उनको मैं बता दूँगा , रंडी वाली बात छोड़ कर सब बता दूँगा

पूनम दीदी -ठीक है

अवी- आप यहाँ आराम करो , मैं पूजा बुआ के आने से पहले ज्योति बुआ को होश मे लाता हूँ

पूनम दीदी -तुम आज यही रुक जाओ

अवी- ठीक है , रुक जाता हूँ ,पर ज्योति बुआ के होश मे आते ही आप अपने अंदर की रंडी को जगा देना वापस

पूनम दीदी -वो अपने आप बाहर आ जाएगी माँ को देखते ही

अवी- थ्ट्स गुड

पूनम दीदी -ये पैसे

अवी- वो आपके है

पूनम दीदी -मैं ने ये पैसे लिए तो मैं भी माँ जैसी हो जाउन्गी

अवी- एक काम करना इन पैसो को सन्नी के नाम से किसी ग़रीब बच्चो के हॉस्टिल मे डोनेट कर देना

पूनम दीदी -तुम ऐसे कैसे हो ,

अवी- मैं ऐसा ही हूँ

पूनम दीदी -मैं डोनेट कर दूँगी

अवी- मैं ज्योति बुआ के पास जाता हूँ

पूनम दीदी -अवी एक मिनिट रूको

अवी- क्या हुआ

पूनम दीदी -अपना हाथ आगे करो

अवी- क्यूँ क्या करने वाली हो

पूनम दीदी -हाथ आगे तो करो

मैं ने हाथ आगे किया

पूनम दीदी ने मेरे हाथ मे एक ब्रॅस्लेट पहना दिया

उस ब्रेसेलेट पे लिखा था " माइ स्वीट्स ब्रो "

अवी- ये क्या है दीदी

पूनम दीदी -ये ब्रॅस्लेट मैं ने सन्नी को दिया था

अवी- फिर आप ये मुझे क्यूँ दे रही हो

पूनम दीदी -तुमने तो कहा कि सन्नी तुम्हारे रूप मे मेरे साथ है , तो मैं अपने भाई को उसका गिफ्ट दे रही हूँ

अवी- मैं इसका संभाल के रखूँगा

और पूनम दीदी मेरे गले लग गयी

और सन्नी को याद करने लगी

मैं पूनम दीदी के दर्द को कम करने लगा

पूनम दीदी के साथ वक्त बिताने के बाद मैं ज्योति बुआ के पास चला गया

 
चॅप्टर 949आ

पूनम दीदी ने तो डिसाइड कर लिया कि वो ज्योति बुआ से कोई रिश्ता नही रखेगी

ज्योति बुआ को कुछ दिन सज़ा तो भुगतनी होगी

अब देखते है ज्योति बुआ के होश मे आने के बाद क्या होता है

ज्योति बुआ का बीपी लो हो गया था

पर वो जल्दी होश मे आएँगी ऐसा सारा ने कहा था

पूनम दीदी तो नॉर्मल हो गयी अब बस ज्योति बुआ को संभाल लूँ फिर मेरा काम ख़तम यहाँ का

चलो पूजा बुआ से फोन करके पूछता हूँ कि वो कब तक आएँगी

अवी- हेलो बुआ

पूजा बुआ -अवी , वहाँ सब ठीक हैं ना

अवी- मेरे होते हुए यहाँ कुछ ग़लत ही ही नही सकता

पूजा बुआ -फोन कैसे किया

अवी- आप कब तक आ रही है

पूजा बुआ -शाम तक आ जाउन्गि ,

अवी- वहाँ चल क्या रहा है

पूजा बुआ -कुछ नही बस उधर उधर की बातें

अवी- रमेश अंकल कहाँ है

पूजा बुआ -वो बाहर गये है , रोहन के पापा के साथ , उनके गाँव की हवेली देखने

अवी- ये क्या ड्रामा है

पूजा बुआ -पता नही , उनका गाँव यहाँ से पास ही है , रोहन के पापा उनकी हवेली दिखाने गये है

अवी- आप आ जाइए फिर आराम से बात करते है

पूजा बुआ -पूनम कहाँ है

अवी- वो सो रही है ,

पूजा बुआ -तुम उसका ध्यान रखना ,

अवी- जी बुआ ,

पूजा बुआ -और खुद का भी ध्यान रखना

अवी- बाकी मिल के बात करते है

और मैं ने फोन रख दिया क्यूँ की ज्योति बुआ होश मे आ रही थी

ज्योति बुआ होश मे आते ही बेड पर उठ कर बैठ गयी

और उधर इधर देखने लगी जैसे कोमा से बाहर निकली हो

फिर उनको थोड़ी देर पहले की पूनम दीदी की बातें याद आते ही उनके आँख से आँसू निकलने लगे

वो मेरी तरफ देख रही थी , जैसे पूछ रही हो पूनम दीदी कहाँ है

अचानक रोते हुए ज्योति बुआ खड़ी हो गयी और लंगड़ाते हुए भागने लगी

ज्योति बुआ कहीं स्यूयिसाइड ना कर ले इस डर से मैं भी उनके पीछे पीछे जाने लगा

ज्योति बुआ हॉल से पहले किचेन मे गयी

उनको लगा कि पूनम दीदी किचेन मे ही होंगी

पर पूनम दीदी को किचेन मे ना देख कर ज्योति बुआ मुझे पूछने लगी कि पूनम दीदी कहाँ है

उनको डर था कि पूनम दीदी उनको छोड़ कर तो नही चली गयी

ज्योति बुआ- पूनम कहाँ है

अवी- आप बैठिए , आप की हालत ठीक नही है

ज्योति बुआ - मैं ने पूछा पूनम कहाँ है

अवी- वो सन्नी के कमरे मे है

सन्नी का नाम सुनते ही ज्योति बुआ को पूनम दीदी की बताई हुई बात याद आ गयी

वो लंगड़ा कर सन्नी के कमरे की तरफ जाने लगी

ये क्या नया ड्रामा है

मैं भी पानी का ग्लास अपने साथ लेकर ज्योति बुआ के पीछे आ गया

ज्योति बुआ सन्नी के कमरे मे आतेही पूनम दीदी के पैरों मे गिर गयी

पूनम दीदी ने कोई रियेक्शन नही दिया जैसे कि ज्योति बुआ उनकी कोई नही है

ज्योई बुआ पूनम दीदी के पैरो मे गिर कर रोने लगी

कहीं ऐसा ना हो जाए कि फिर से सारा को बुलाना पड़े

ज्योति बुआ - पूनम मैं ने ये क्या कर दिया

पूनम दीदी ने कुछ नही कहा

ज्योति बुआ - मैं अपने बेटे की मौत की वजह बन गयी

पूनम दीदी -आप ने मारा है सन्नी को

ज्योति बुआ - पूनम ये क्या हो गया मुझसे , मैं कैसी माँ हूँ ,

पूनम दीदी -आपने

ज्योति बुआ - मैं ने ये क्या कर दिया , सन्नी के अच्छे फ्यूचर के लिए ये सब कर रही थी और वो ही नही रहा है

पूनम दीदी -अच्छा फ्यूचर , आपने तो सब कुछ तबाह कर दिया

ज्योति बुआ - ये मेरे पापो की सज़ा मेरे बेटे को मिल गयी

पूनम दीदी -बेटे और बेटी को मिली है

ज्योति बुआ - मैं सबकी गुनहगार हूँ

पूनम दीदी -आपके लिए हर सज़ा कम पड़ जाए इतना बड़ा गुनाह किया है आपने

ज्योति बुआ - तुम सही कह रही हो मैं ने ये क्या कर दिया

पूनम दीदी -आपने पहले सन्नी को मारा और अब मुझे मार डाला है

ज्योति बुआ - ऐसा मत कहो , मैं सन्नी को खो चुकी हूँ तुम्हे नही खो सकती

पूनम दीदी -मुझे तो उसी दिन आपने खो दिया जिस दिन आप फिर से रंडी बन गयी

ज्योति बुआ - वो मैं ने तुम्हारे लिए किया , तेरी शादी के लिए

पूनम दीदी -मेरी शादी , किसने कहा कि शादी पैसो से होती है

ज्योति बुआ -मुझे माफ़ कर दे

पूनम दीदी -मैं आपको कभी माफ़ नही करूँगी

ज्योति बुआ - मैं ने पाप ही इतने किए है कि तुम मुझे माफ़ कैसे कर पाओगि

पूनम दीदी -आपने मेरे पापा को भी मार डाला है , उनके चेहरे की हसी गायब ही चुकी है आपकी वजह से

ज्योति बुआ - मैं तुम सबकी गुनहगार हूँ

पूनम दीदी -पता नही और कितना कुछ किया है आपने पूजा मामी के साथ , रमेश मामा के साथ

ज्योति बुआ - मैं पापी हूँ , मुझे मर जाना चाहिए

और ज्योति बुआ ने पूनम दीदी के हाथो से अपना गला दबाना चाहा

पर पूनम दीदी ने अपना हाथ छुड़ा दिया

पूनम दीदी -इतनी आसान सज़ा आपको नही मिल सकती

ज्योति बुआ - मुझे मार डालो , मुझे जीने का कोई हक नही है

पूनम दीदी -आप की जान आपकी नही है , सन्नी की दी हुई जान है , सन्नी आपको बचाना चाहता था , सन्नी आपको कुछ होने नही देता ,

ज्योति बुआ - सन्न्न्न्न्न्नीयीईयीयैआइ

पूनम दीदी -आपने अब खुद को कुछ कर दिया तो आप फिर से एक बार सन्नी को मार डालोगी ,

ज्योति बुआ - सन्न्न्न्नीयीईयीयैआइ

पूनम दीदी -आप मर गयी तो सन्नी दुबारा मर जाएगा

ज्योति बुआ - नही मैं ऐसा नही होने दूँगी

पूनम दीदी -आप को रोज मरना होगा

ज्योति बुआ - तू जो कहेगी मैं वही करूँगी , मुझे अकेला मत छोड़ना

पूनम दीदी -आप को तो पैसो के साथ रहना पसंद है उसी के साथ रहो

ज्योति बुआ - पैसो ने मेरा सब कुछ छीन लिया मेरा

पूनम दीदी -आपके लालच ने छीना है आपसे , पहले सन्नी और अब मैं

ज्योति बुआ - तू ये क्या बोल रही है

पूनम दीदी -मैं भी आपके लिए मर चुकी हूँ

ज्योति बुआ - ऐसा मत कहो , तुम्हारा ही तो सहारा है मुझे

पूनम दीदी -वो सहारा आप पहले ही खो चुकी है

ज्योति बुआ - पूनम तू भी मुझे अकेला छोड़ देगी तो मैं कहाँ जाउन्गि

पूनम दीदी -आप कहीं भी जाइए पर आपसे सारे रिश्ते तोड़ रही हूँ

ज्योति बुआ - पूनम , ऐसी सज़ा मत दो मुझे

पूनम दीदी -सज़ा तो आपने मुझे दी है मेरे भाई को मुझसे दूर करके

ज्योति बुआ - पूनम तेरे भी मैं जी नही पाउन्गी

पूनम दीदी -मैं जैसे सन्नी के बिना जी रही हूँ वैसे आप भी जीना शुरू कर दो

ज्योति बुआ - पूनम मुझे इतनी बड़ी सज़ा मत दो

पूनम दीदी -मैं कौन होती हूँ आपको सज़ा देने वाली , सज़ा तो उपर वाला देगा आपको

ज्योति बुआ - तू मुझे मार डाल पर मुझसे दूर मत हो

पूनम दीदी -मैं यहाँ से कही नहीं जा रही हूँ ,मैं अपने पापा के लिए यहाँ रहूंगी पर आपके लिए मैं मर गयी समझो

ज्योति बुआ - पूनम

पूनम दीदी की बात सुनकर ज्योति बुआ फिर से बेहोश होने वाली थी

मैं ने पानी मे नींद की गोली डाल दी और पानी ज्योति बुआ को दिया

अवी- पानी पी लीजिए

ज्योति बुआ- पूनम

ज्योति बुआ ऐसे नही मानेगी

मैं ने उनको ज़बरदस्ती पानी पिला दिया

पानी पीतेही ज्योति बुआ फिर से पूनम दीदी से माफी माँगने लगी

पूनम दीदी उनको माफ़ नही करेंगी इतने आसानी से

और ज्योति बुआ पे नींद की गोली का असर हो रहा था

और ज्योई बुआ फिर से लूड़क गयी

पूनम दीदी- अवी फिर से बेहोश हो गयी

अवी- मैं ने उनको नींद की गोली दी है , इनको आराम करने देते है

पूनम दीदी - मैं भी आराम करती हूँ

अवी- आप कुछ खा लो

पूनम दीदी- भूक नही है , तुम खा लो

अवी-मैं आपके बिना नही खा सकता

पूनम दीदी- अवी प्लीज़ , मुझे आराम करने दो

और पूनम दीदी अपने कमरे ने चली गयी

और मैं ज्योति बुआ को उनके कमरे मे ले गया

ज्योति बुआ अब सोती रहेगी

उनको आराम मिलेगा तो वो खुद को संभाल पाएँगी

मैं तो पेट पूजा कर ही लूँगा

पूनम दीदी भी आराम कर रही है

मैं अपने लिए ओमलेट बनाने लगा

ओमलेट खा कर मैं टीवी देखते हुए पूजा बुआ के आने का इंतजार करने लगा

तब तक फ़ोन से कोमल के साथ चॅट की फिर रानी के साथ लंबी बात की

रानी ने पढ़ाई करना बंद करके मेरे साथ दिल खोल कर बात की

फिर छोटी चाची को फोन पर ही यहाँ के बारे मे बताया

ज्योति बुआ की हालत के बारे मे सुनकर छोटी चाची खुश भी हुई और उनको दुख भी हुआ

सन्नी के बारे मे जानने और पूनम की हालत देख कर छोटी चाची ने मुझे स्वेता दीदी को सब कुछ बताने को कहा

मेरे ना रहने पे पूनम दीदी को स्वेता दीदी संभाल लेगी

छोटी चाची को मैं ने बता दिया कि मैं भी यही सोच रहा था

स्वेता दीदी को बताना बहुत ज़रूरी था

सीतल दीदी को इनसे दूर रखना होगा

और पूजा बुआ को भी बता दूँगा कि ज्योति बुआ का सच पूनम दीदी को पता चल गया है ,

और पूनम दीदी ने ज्योति को अच्छे से हॅंडल किया है

अगर बाद मे कुछ प्राब्लम हुआ तो पूजा बुआ और स्वेता दीदी संभाल लेगी

ये सही रहेगा , स्वेता दीदी को सब कुछ बता दूँगा और पूजा बुआ से सन्नी की बात छुपा दूँगा

मैं बस पूजा बुआ के आने का इंतजार कर रहा था

रमेश अंकल के साथ रोहन के पापा क्या बात कर रहे होंगे ये मुझे पता लगाना होगा क्यूँ की रमेश अंकल मुझे कुछ बताएँगे नही

देखते है रोहन के घर पे क्या चल रहा है

पूजा बुआ काफ़ी देर तक रोहन के घर पे रुकी

काफ़ी लंबी बातें हुई दोनो के बीच मे

रमेश अंकल तो आते ही पहले पूनम दीदी के कमरे मे गये

बीमार तो पूनम दीदी और ज्योति बुआ भी है

पर रमेश अंकल पूनम दीदी से मिलने गये जैसे उनको पता हो कि उनकी बहन कैसी है

स्वेता दीदी और सीतल दीदी थक चुकी थी

वहाँ भी दोनो ने ही खाना बनाया था

पूजा बुआ तो फ्रेश होते ही मेरे पास आ गयी

रमेश अंकल को देखते ही पूनम दीदी थोड़ी भावुक हो गयी

आज दिन भर जो हुआ था उसके बाद रमेश अंकल को देखते ही खुद की भावनाओ पे कंट्रोल नही रख पाई

रमेश अंकल- क्या हुआ बेटी

पूनम दीदी - आप मुझे छोड़ कर कभी मत जाना

रमेश अंकल - क्या हुआ ऐसे क्यूँ बोल रही हो कोई बुरा सपना देखा तुमने

पूनम दीदी - बहुत बुरा

रमेश अंकल - मेरी बहादुर बेटी इतने से डर गयी

पूनम दीदी - आप पास होते हो तो मुझे अच्छा लगता है

रमेश अंकल - मैं तो अब यही रहूँगा तू फोन करना तेरा मामा भागते हुए आ जाएगा

पूनम दीदी इतना सुनते ही फिर से अंकल के गले लग गयी

इधर मैं पूजा बुआसे बात कर रहा था

अवी - बुआ

पूजा बुआ-क्या हुआ अवी ऐसे अकेले मे क्यूँ बुलाया है

अवी - आज यहाँ बहुत कुछ हुआ पूनम दीदी और ज्योति बुआ के बीच मे

पूजा बुआ-क्या हुआ

अवी - ज्योई बुआ ने आक्सिडेंट का नाटक किया था

पूजा बुआ-मैं तो यही कह रही थी

अवी - पूनम दीदी ने ज्योति बुए को बहुत बुरा भला कहा

पूजा बुआ-पूनम कैसी है

अवी - वो भी रोई पर अब वो ठीक है

पूजा बुआ-तुम ने संभाल लिया ना

अवी - हाँ , आपकी बेटी जो है

पूजा बुआ-ज्योति इस लिए सो रही है

अवी - उनका बीपी लो हो गया था , अंकल के सामने ज़्यादा ड्रामा ना हो उस लिए नींद की गोली खिला दी

पूजा बुआ-ये अच्छा किया वरना बात और बढ़ जाती

अवी - अब ज्योति बुआ कुछ नही कर पाएँगी

पूजा बुआ-मैं आज यही रुक जाती हूँ

अवी - आप यहाँ रुकेंगी तो अंकल भी रुक जाएँगे , और ज्योति बुआ ने कुछ उल्टा सीधा बोल दिया तो

पूजा बुआ-पर पूनम के लिए मुझे यहाँ रुकना होगा

अवी - अंकल को ज्योति बुआ से दूर रखना होगा , और पूनम दीदी के लिए मैं यहाँ रुक रहा हूँ

पूजा बुआ-तुम्हारे रुकने से क्या होगा , मैं रुकती हूँ

अवी - आप अंकल को हॅंडल करो , मैं स्वेता दीदी पूनम दीदी को संभाल लेंगे

पूजा बुआ-स्वेता

अवी - स्वेता दीदी को भी पता है ज्योति बुआ के बारे मे

पूजा बुआ-ठीक है , पर कुछ हुआ तो मुझे फोन करना

अवी - पहला फोन आपको करूँगा

पूजा बुआ-तूने खाना खाया

अवी - हाँ ,अब आप गाँव के लिए निकल जाइए

पूजा बुआ-ठीक है , अपना और पूनम का ख़याल रखना

और पूजा बुआ और रमेश अंकल पूनम दीदी से मिलके राज के साथ गाँव की तरफ चले गये

मैं रोहन से मिलने का बहाना बना कर रुक गया

मेरे रुकने से पूनम दीदी की हिम्मत बनी रहेगी
 
अपडेट 949 बी

पूजा बुआ को मैं ने आज जो हुआ वो सब बता दिया ,

पूनम दीदी की चुदाई के बारे मे छोड़ कर सब बता दिया

पूजा बुआ तो पूनम दीदी की हालत देखते हुए रुकना चाहती थी

पर उनके रुकने से अगर होश मे आते ही ज्योति बुआ फिर से ड्रामा शुरू कर देती तो गड़बड़ हो जाती

रमेश अंकल जितने इन सब से दूर रहे उतना पूजा बुआ के लिए अच्छा है

पूजा बुआ ने स्वेता के जाते ही हुए पूछ लिया की वो कब तक आएँगी गाँव मे

स्वेता दीदी ने कहा कि वो 2 तारीख को आ जाएगी

पूजा बुआ तो 1 को आने को बोल रही थी पर स्वेता दीदी ने मना कर दिया

मैं समझ गया कि रोहन का कुछ प्लान होगा न्यू एअर पे

31स्ट नाइट पे कुछ प्लान तो होगा जिस से 2 को आने को कहा स्वेता दीदी ने

शादी से पहले थोड़ा एंजाय्मेंट तो चाहिए

पूजा बुआ के जाते ही सीतल दीदी तो सो गयी

पूनम दीदी भी सीतल दीदी के साथ सो गयी

स्वेता दीदी मेरे लिए खाना बनाने लगी

ज्योति बुआ तो अब सुबह ही उठेंगी

मैं स्वेता दीदी को कंपनी देने के लिए किचेन मे चला गया

अवी - दीदी क्या बना रही हो

स्वेता दीदी -तुझे क्या खाना है , बता मैं बना देती हूँ ऐसा मैं नही कहूँगी

अवी - क्यूँ ?

स्वेता दीदी -रोहन के घर पे मैने खाना बनाया है , फिर लंबी बातों से मैं थक गयी हूँ

अवी - मेरा तो कुछ सोचिए

स्वेता दीदी -तुम्हारे लिए बुरजी बना रही हूँ , आज मुझसे इतना ही होगा

अवी - बुरजी , फिर तो पाव मिल जाएगा तो बढ़िया रहेगा

स्वेता दीदी -वो भी मिल जाएँगे ,

अवी - अंकल के लिए भी तो बनाना होगा आपको ( पूनम दीदी के पापा)

स्वेता दीदी -अंकल आज नही आ रहे है , वो कल सुबह आएँगे

अवी - तभी आप बुरजी बना रही हो

स्वेता दीदी -मुझे लगा पूनम दीदी बना देंगी पर वो तो सो रही है

अवी - पूनम दीदी थक चुकी है ,

स्वेता दीदी -क्या मतलब थक चुकी है

अवी - मैं था ना उनके साथ तो थक गयी

और एक स्माइल दी स्वेता दीदी को

स्वेता दीदी -क्या किया तूने

अवी - मैं ने कुछ भी नही किया

स्वेता दीदी ने मुझे चेयर पे बैठा दिया और मेरे सामने आकर मुझे सवाल पूछने लगी

स्वेता दीदी -क्या हुआ था यहाँ पर दोपेहर पे

अवी - कुछ भी तो नही

स्वेता दीदी -मुझे पता है तेरे बारे मे , पूनम दीदी ने मुझे सब बता दिया है

अवी - क्या बताया

स्वेता दीदी -जो कुछ गाँव मे हुआ था तुम्हारे और पूनम दीदी बीच मे

अवी - पूनम दीदी को कहा था कि किसी को बताना मत

स्वेता दीदी -तू बता क्या हुआ आज

अवी - दीदी आज कुछ भी नही हुआ

स्वेता दीदी -कुछ तो हुआ है , पूनम दीदी से पता चला तो मुझसे बुरा कोई नही होगा

अवी - एक मिनट कहीं आपको जलन तो नही हो रही

स्वेता दीदी -किस बात की जलन

अवी - आपके होते हुए पूनम दीदी को प्यार किया इस लिए

स्वेता दीदी -चुप , कुछ भी मत बोल

अवी - दीदी आपको जलन हो रही है ना

स्वेता दीदी -तू बता क्या किया पूनम दीदी के साथ

अवी - बताता हूँ , पहले आप बताइए पूनम दीदी ने आपको क्या बताया

स्वेता दीदी -सब कुछ , तुम्हारे और पूनम दीदी के बारे मे , मामा और ज्योति बुआ के बारे मे

अवी - ज्योति बुआ के बारे मे आपको पता है

स्वेता दीदी -हाँ

अवी - मैं कुछ और बताऊ

स्वेता दीदी -पता है मुझे कि ज्योति बुआ ने आक्सिडेंट का झूठा नाटक किया

अवी - और एक बात आपको पता नही है

स्वेता दीदी -क्या ?

अवी - सन्नी का आक्सिडेंट ज्योति बुआ की वजह से हुआ था

स्वेता दीदी -क्या ? कह रहे हो ?

और मैं ने आज की सारी बात स्वेता दीदी को बता दी
 
मेरी बात सुनते ही स्वेता दीदी की आँख मे आँसू आ गये

स्वेता दीदी -इतना कुछ हुआ और पूनम दीदी ने मुझे बताया नही

अवी - किसी को नही बताया था

स्वेता दीदी -वो अकेली इस दर्द को बर्दास्त करती रही

अवी - मैं ने उनको इस दर्द से आज़ाद कर दिया

स्वेता दीदी मेरे गले लग गयी

स्वेता दीदी -तूने जो पूनम दीदी के लिए किया उस से मैं खुश हूँ

अवी - आप खुश हो

स्वेता दीदी-मारा मतलब है पूनम दीदी की मदद करने से था , बहुत शरारती हो गया है

अवी - वो तो ऐसे ही , और

स्वेता दीदी -तेरा जैसा भाई मुझे मिला है ये मेरी खुशकिस्मती है

अवी - आप जैसी बहन तो किस्मेत वालो को मिलती है

स्वेता दीदी -अब कैसी है पूनम दीदी

अवी - अब ठीक है , आराम कर रही है

स्वेता दीदी -और ज्योति बुआ

अवी - उनको नींद की गोली दे कर सुला दिया है ,

स्वेता दीदी -अच्छा किया वरना पापा के सामने कुछ बोल देती तो गड़बड़ हो जाती

अवी - ऐसे कैसे अंकल को पता चलने देता

स्वेता दीदी -और किसी को पता है इसके बारे मे

अवी - पूनम दीदी मैं और आप को पता है सन्नी के बारे मे

स्वेता दीदी -अच्छा किया किसी और को बताया नही

अवी - और पूजा बुआ को ज्योति बुआ के रंडी बनने के बारे मे पता है

स्वेता दीदी -ये अच्छा किया माँ को आधा सच बता कर कुछ गड़बड़ हुई तो वो संभाल लेगी

अवी - हाँ लेकिन थोड़ा बहुत सन्नी के बारे मे भी पता है , मैं ने सब हॅंडल कर लिया है , बस आपको आगे का संभालना है , ज्योति बुआ और पूनम दीदी को हॅंडल करना होगा

स्वेता दीदी -वो मैं संभाल लूँगी , पूनम दीदी की हिम्मत मैं टूटने नही दूँगी

अवी - पर मैं टूट गया हूँ इतना कुछ करके , थक गया हूँ

स्वेता दीदी -तू आराम कर ,

अवी - बस आराम करूँ

स्वेता दीदी -तो

अवी - आप पूनम दीदी और मेरे लिए खुश हो

स्वेता दीदी -ये ग़लत है

अवी - आपके साथ भी तो किया था

स्वेता दीदी -चुप कर , कुछ भी बोलता है

अवी - आप भूल गयी

स्वेता दीदी -मार खाएगा अब ,

अवी - आप को जलन हुई थी पूनम दीदी और मेरे बारे मे सुनकर

स्वेता दीदी -इसे यही ख़तम कर दो

अवी - बताइए ना

स्वेता दीदी -सच कहूँ तो थोड़ा गुस्सा आया था पूनम दीदी पे जब पता चला कि तुम्हारे साथ सेक्स किया है तो

अवी -ऐसा क्यूँ ?

स्वेता दीदी -मैं तुमसे प्यार करती हूँ तुम मेरे भाई हो

अवी - मेरी बहन को मुझसे कौनसा प्यार है

स्वेता दीदी -थप्पड़ दूं

अवी - बताइएना

स्वेता दीदी -बुरजी बन गयी है

अवी - आप बात बदल रही है

स्वेता दीदी -तूने बात शुरू क्यूँ की

अवी - आपकी खोमोशी को मैं आपका जवाब समझ रहा हूँ

स्वेता दीदी -कुछ भी समझ

अवी - और हाँ दीदी , मैं अब पूनम दीदी को प्यार नही करूँगा

स्वेता दीदी -क्यूँ ?

अवी - क्यूँ कि आप को अच्छा नही लगता

स्वेता दीदी -मुझे क्यूँ अच्छा नही लगेगा

अवी - ये आपको भी पता है ,

स्वेता दीदी -अब इस को यही ख़तम कर दो

अवी - तो बताइए रोहन के घर पे क्या हुआ

स्वेता दीदी -कुछ नही इधर उधर की बातें हुई

अवी - और

स्वेता दीदी -और क्या , सब कुछ तो यहीं हो रहा है

अवी - वो तो पूनम दीदी की मदद कर रहा था

स्वेता दीदी -ऐसे ही मदद किया कर , मेरा मतलब है सिर्फ़ मदद करा कर

अवी - जी

स्वेता दीदी -अवी मामा को क्या कहा मामी ने

अवी - छोटी चाची ने पूरा हिसाब किताब अपने हाथ मे लिया

स्वेता दीदी -ये अच्छा किया छोटी मामी ने , और क्या हुआ

अवी - वहाँ की टेन्षन आप मत लो मैं हू वहाँ पर

स्वेता दीदी -और पूनम दीदी के लिए मैं यहाँ हूँ

अवी - तो आप ये किसी को बताना मत

स्वेता दीदी -पता है मुझे , ऐसी बातें बताई नही जाती

अवी - तो क्या बताया जाता है

स्वेता दीदी -तू ज़्यादा बोलने लगा है

अवी - कहाँ ज़्यादा बोलता हूँ , आप से इतने दिनो बाद मिला अकेले मे मिला हूँ तो बात करने का दिल किया वरना आप तो रोहन से बात करने मे लगी रहती हो

स्वेता दीदी -तू इतना बिजी रहता है कि मैं तुझे डिस्ट्रब नही करती

अवी - बिजी तो आप हो

स्वेता दीदी -मैं

अवी - 31स्ट का क्या प्रोग्राम है

स्वेता दीदी -कुछ भी तो नही

अवी - दीदी , मुझे तो बता दो मुझसे कुछ भी तो नही छुपा है

स्वेता दीदी -रोहन ने फार्महाउस पे पार्टी करने का प्रोग्राम बनाया है

अवी - फार्महाउस , मैं आ सकता हूँ

स्वेता दीदी -नही , उस पार्टी मे सीतल रोहन सोहन और मैं रहूंगी ,

अवी - तो शादी से पहले सुहागरात

स्वेता दीदी -चुप कुछ भी बोलता है , बस थोड़ी मस्ती करेंगे , और सुहागरात तो शादी के बाद ही एंजाय की जाती है

अवी - क्या दीदी , खुलके एंजाय करना चाहिए अब तो आपकी शादी होने वाली है

स्वेता दीदी -वो हम कर ही रहे है तेरी मदद से बहुत जगह घूमने गये है

अवी - फिर तो प्यार बहुत किया होगा

स्वेता दीदी -हाँ

अवी - तो क्या हनीमून को भी साथ मे जाएँगे

स्वेता दीदी -हाँ , साथ रहेंगे तो अच्छा रहेगा , सीतल को दूर नही होने दूँगी , वरना रोहन की माँ पता हैं ना कैसी है , सीतल टिक नही पाएँगी उनके सामने

अवी - उनका कुछ करना होगा

स्वेता दीदी -ये सब तो चलता है सास बहू के किस्से सुने नही तुमने

अवी - बहुत सुने है पर मेरी बहनें तो रानी की तरह रहनी चाहिए

स्वेता दीदी -मेरा प्यारा भाई

अवी - तो

स्वेता दीदी -तो क्या

अवी - भूक लगी है मुझे

स्वेता दीदी -बुरजी भी बन गयी , आज मेरे हाथो से खिलाती हूँ

अवी - वाउ , फिर तो बुरजी डबल टेस्टी हो जाएगी

और स्वेता दीदी मुझे अपने हाथो से खाना खिलाने लगी

खाने खाते हुए भी स्वेता दीदी से बहुत सी बातें की

स्वेता दीदी ने रोहन के बारे मे बहुत कुछ बताया

स्वेता दीदी की बातें बहुत लंबी चली

लास्ट मे स्वेता दीदी ने पूनम दीदी की मदद करने के लिए मेरे गाल पे किस की

और पूनम दीदी को अब वो हॅंडल करेंगी

ज्योति बुआ को वो संभाल लेगी ऐसा मुझे कहा

और पूनम दीदी के साथ सेक्स ना करूँ ये भी कहा

स्वेता दीदी की बात को मैं ने सहमति दे दी

और मैं हॉल मे सो गया

ज्योति बुआ पे नज़र भी रख सकता था

और सुबह होते ही स्वेता दीदी ने ज्योई बुआ को समझा दिया

स्वेता दीदी की बात से ज्योति बुआ नॉर्मल हुई

पर पूनम दीदी ने अब तक उनको माफ़ नही किया

ज्योति बुआ सुबह काफ़ी घंटे तक सन्नी के कमरे मे बंद रही

ये तो हो गया

अब मैं भी चलता हुआ

अपने घर जाना है पढ़ाई करनी है

पढ़ाई को मैं पीछे नही जाने दे सकता हूँ

पढ़ाई और काम दोनो को बराबर हॅंडल करूँगा
 
चॅप्टर 950

चाचा का प्राब्लम तो पहले ही सॉल्व हो गया था

और चाचा अपनी सज़ा भुगत रहे थे

पूनम दीदी को ज्योति बुआ ने झूठ बता कर उस वक्त के लिए ती गुमराह कर दिया

पर बाद मे पूनम दीदी को सच पता चलते ही मेरी मदद से ज्योति बुआ को सबक सिखा दिया

ज्योति बुआ को सन्नी के बारे मे बता कर पूनम दीदी ने अपने सर से बोझ कम कर दिया

ज्योति बुआ अपने दोनो बच्चो को खो बैठी है , सन्नी को पहले ही खो दिया था और अब पूनम दीदी भी उनसे दूर हो गयी

ज्योति बुआ को अपनी सज़ा पूरी तो करनी होगी

उनकी सज़ा थी अकेले रहने की

स्वेता दीदी अब बाकी का संभाल लेगी

मुझे अपनी पढ़ाई पूरी करनी है

कोमल मेरी मिस हुई पढ़ाई को कवर करने मे मेरी मदद कर रही थी

बीच बीच मे रानी भी आकर मेरी मदद कर देती

जितना अब टाइम मिल रहा है उस मे मैं ज़्यादा से ज़्यादा पढ़ाई कर रहा था

कॉलेज मे तो पढ़ाई करने को छुट्टी दे दी

ऐसे मे कविता और लीना अकेले अपने कॉलेज जाने लगी

उनके अकेले जाने से नेहा बुआ और नीता बुआ की अब अतराज़ नही था

कोमल ने आरती को बुला कर अपनी पढ़ाई पे फोकस करना स्टार्ट किया था

कोमल के साथ हसी मज़ाक करते हुए मैं पढ़ाई कर रहा था

छोटी चाची भी मेरी पढ़ाई और मेरी सेहत का ध्यान रख रही थी

चाचा तो सगाई के लिए मेहनत कर रहे थे

रमेश अंकल भी अपने काम मे लगे हुए थे

जब मेरी ज़रूरत पड़ती मुझे बुला लेते और मैं उनकी मदद कर देता

सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था

देखते देखते स्वेता दीदी की सगाई की डेट पास आने लगी

तैयारी तो पूरी हो चुकी थी

नेहा बुआ नीता बुआ अपने जीजाजी के साथ हसी मज़ाक करते हुए पूजा बुआ की मदद कर रही थी

चाची भी अपनी तरफ से पूरी मदद कर रही थी

चाचा ने बूआओं के घर के सामने जगह बना दी

पूरा गाँव सगाई का इंतजार कर रहा था

एक साथ स्वेता दीदी और सीतल दीदी की सगाई शादी एक ही घर मे होने से पैसो का बजेट कम हो रहा था

वरना ऐसा होता कि सीतल दीदी की शादी के लिए कुछ बचा कर रखो

राज छोटा होने से , उसके फ्यूचर की टेन्षन लेने मे टाइम था तो रमेश अंकल और पूजा बुआ स्वेता दीदी के शादी धूमधाम से करने का सोच रही थी

सगाई के लिए बढ़िया से बढ़िया इंतज़ाम किया था रमेश अंकल ने

खाने के लिए एक होटेल को कांट्रॅक्ट दिया

डेकोरेशन काम भी एक स्पेशलिस्ट को दिया पर कविता लीना ने साफ मना कर दिया , वो खुद सजावट करने वाली थी

बस इंतजार था स्वेता दीदी सीतल दीदी के आने का

दीदी 31स्ट की पार्टी करके 2 जान को गाँव मे आ गयी

स्वेता दीदी के आते ही हमारी पढ़ाई बंद हो गयी

कोमल कितनी बदल गयी , पढ़ाई बंद करके स्वेता दीदी के साथ रहने लगी

स्वेता दीदी के आने की खबर सुनते ही रानी ने भी अपना बॅग लिया और कोमल के कमरे मे अपना बिस्तर लगा दिया

रानी के आते ही सब कुछ अच्छा लगने लगा

रानी की मम्मी अपने ऑफीस की वजह से सगाई के दिन ही आएँगी

रानी ने आते ही स्वेता दीदी से पूनम दीदी के बारे मे पूछा

स्वेता दीदी ने बताया कि उनकी नयी जॉब लगने से उनको ज़्यादा दिन छुट्टियाँ नही मिल रही है , वो शादी के लिए छुट्टियाँ बचा कर रखना चाहती है

पूनम दीदी सगाई के एक दिन पहले आ जाएगी

ज्योई बुआ ने फोन करके बताया कि वो फिसल गयी जिस से उनका फ्रॅक्चर निकलने की जगह और बढ़ गया जिस से वो आ नही पाएँगी

ज्योति बुआ आती भी किस मुँह को लेकर

उनके गाँव मे आते ही एक लात मार कर गाँव से निकाल नही देता मैं

रोहन की फॅमिली भी सगाई की तैयारी मे लगी हुई थी

हमने उस दिन ठाकुरजी को बुलाया था जिस के वजह से शायद रोहन के पापा ने अपनी हवेली रमेश अंकल को दिखाई , वो भी कुछ कम नही है ये दिखाना चाहते होंगे

मैं तो रमेश अंकल की मदद करने मे बिजी हो गया

ज़्यादा कुछ काम नही था बस देख रेख करनी थी

ठाकुरजी ने एक कार दी सगाई की खरीदी करने के लिए

जिस का ड्राइवर मैं बन गया

जिसको भी शहर जाना होता उनको मैं ले जाता

मुझे लगा कि रानी के आने से मैं उसके साथ प्यार करूँगा पर ऐसा कोई मौका नही मिल रहा था

रानी मेरी फॅमिली के करीब आ रही थी पर मुझसे दूर जा रही थी

पहले कितना अच्छा था रानी और मैं चुपके चुपके प्यार करते थे

और अब जब भी मैं उसको अकेले मे बुलाता हूँ और कहता हूँ कि अब कुछ घंटों के लिए फ्री हूँ तो रानी मुझे एक किस करके मेरे हाथो मे किताब रख देती और पढ़ाई करने और पढ़ाई करने को बोलती

रानी के ऐसा करने से लगता कि वो मेरी माँ है

रानी को मेरे फ्यूचर का टेन्षन है

मेरा फ्यूचर खराब ना हो इस लिए मेरी पढ़ाई पे फोकस कर रही थी

क्यूँ मुझे इतनी स्मार्ट गर्लफ्रेंड मिली

उधर कोमल तो मेरे साथ ही रहती

कोमल के मुँह मे सिर्फ़ मेरा नाम निकल रहा था

किसी को कुछ लाने का होता तो वो खुद मेरे साथ शहर आ जाती

शहर आते ही मुझे इतना परेशान करती कि क्या बताऊ

मुझे ये चाहिए , यहाँ चलो , घर आराम से जाएँगे , कॉफी पीते है , पार्क मे चलते है

कोमल करना क्या चाहती है ये मेरी तो समझ मे नही आ रहा था

राजेश के आने से मुझे थोड़ी मदद मिल गयी

मैं राजेश से बड़ा होने से मैं उसको काम करने को बोल देता , और मैं अपनी बहनों चाची बुआ और रानी के साथ हसी मज़ाक करता

कविता और लीना ने तो अपने आइडियास से स्वेता दीदी और सीतल दीदी को परेशान करके रख दिया

दीदी ये ड्रेस पहन लो , दीदी ऐसा मेकप करते है ,इस तरह की बातें कर कर के कविता और लीना सबको तंग कर रही थी

कविता और लीना छोटे होने से उनको कोई कुछ ज़्यादा बोल नही रहा था

राज भी अपने पापा की मदद कर रहा था

और जब उसको खाली समय मिलता तो वो सबकी फोटो निकालने मे लग जाता

सब कुछ बहुत अच्छे से जा रहा था

पूरा गाँव सगाई का इंतज़ार कर रहा था

ठाकुर जी ने अपनी पवर से बहुत मदद की सगाई मे

पूजा बुआ अपनी बेटियो की सगाई से खुश थी

चाची और नेहा बुआ नीता बुआ की वजह से उनको सिर्फ़ ऑर्डर देने का काम मिला था

पूजा बुआ की बात सब मान कर उस हिसाब से काम कर रहे थे

बड़ी चाची इस फंक्षन की वजह से और हम सबको साथ देख कर खुश थी

सीमा चाची तो ऐसे ही किसी फंक्षन का इंतजार करती रहती है

सेम्मा चाची विद्या को लेकर सबके साथ हसी मज़ाक करके इस फंक्षन को बढ़िया बना रहे थे

सबी मेहमानो और रिश्तेदार को इन्विटेशन भेज दिया था

मेहमानों ने आना भी शुरू कर दिया

बुआ के तीनो घरो को खूबसूरती से सजाया गया था

फंक्षन शाम मे होने से लाइटिंग का इंतज़ाम चाचा ने खुद किया था

चाचा ने खेत मे जाना बंद कर दिया था वो तो बुआ के घर पे रहने लगे थे

चाचा को इस तरह फॅमिली के फंक्षन मे काम करते हुए देख कर बड़ी चाची उनको देखती रह गयी

फंक्षन के एक दिन पहले पूनम दीदी अपने पापा के साथ आ गयी

ज्योति के ना आने की वजह तो सबको पता थी

ज्योति बुआ की देख रेख के लिए 2 दिन के लिए नर्स रखी थी

पूनम दीदी के आ जाने से पूजा बुआ और स्वेता दीदी तो पहले भावुक हो गयी

पर पूनम दीदी के आ जाने से सब मे एक नया जोश आ गया

पूनम दीदी के आते रानी का काम कम हो गया

स्वेता दीदी के साथ पूनम दीदी रहेगी तो रानी को सिर्फ़ सीतल दीदी के साथ रहना पड़ेगा

रानी तो हमारे फिमिली की पर्मनॅंट मेंबर बन गयी थी

रानी ने फंक्षन के एक दिन पहले की शाम मे मेरे साथ प्यार भरा समय बिताया

रानी ने 1 हफ्ते की जुदाई को कुछ मिंटो के प्यार से ख़तम कर दिया

रानी और काफ़ी देर तक एक दूसरे के प्यार मे खोए रहे

रानी ने उस समय तो खुद मुझे किस करके मुझे प्यार किया

इस हसीन शाम के बाद तो मैं रानी के सपने देखते हुए सो गया

आज बड़ा दिन था

आज सगाई थी

सुबह से ही सब अपने अपने काम मे लगे हुए थे

मैं रमेश अंकल और राज को तो बैठने का टाइम नही था

कोई इधर से आवाज़ देता कि ये लेकर आओ तो उधर से बुआ आवाज़ देती मेहमानों के नाश्ते का क्या हुआ

चाची कहती कि गाँव वालो को इन्वाइट करो

तो नीता बुआ को समय पे शॉपिंग करना था

नेहा बुआ को उनकी चीज़े ना मिलने से मुझे गलियाँ सुननी पड़ी

तो सीमा चाची ने नाश्ते मे मेहमानों को स्वीट्स देने को कहा

विद्या तो बच्चों को देखने के साथ थोड़ा बहुत काम भी कर रही थी

रानी की मम्मी के आ जाने से नीता बुआ को वो शॉपिंग को ले गयी

सब कुछ हो तो रहा था प्लान के मुताबिक पर ऐसा लग रहा था कि कुछ तो कमी है

बीच मे ठंडा पानी ना मिलने से प्राब्लम हो गयी

तो राजेश उसके पीछे लगा हुआ था

ठाकुरजी के आ जाने से चाचा जी को उनके साथ बैठ कर बातें करना पड़ा

रोहन की फॅमिली भी निकल चुकी थी

उनकी तैयारी और बैठक के लिए नीता बुआ के घर मे इंतज़ाम किया था

उनका स्वागत और मान समान मे मैं और रमेश अंकल लगे हुए थे

रोहन के पापा हमारी तैयारी से खुश हुए

उनको लगा नही था कि गाँव मे इतना अच्छा इंतज़ाम होगा

रोहन की माँ फिर भी कमियाँ निकालने मे लगी थी

जूस ठंडा क्यूँ नही है , नाश्ता क्यूँ नही दिया , नाश्ता गरम क्यूँ नही है , चेर कम है , सॉंग्स का आवाज़ इतना ज़्यादा क्यूँ है एट्सेटरा

उनके कमीयो की लिस्ट बनाते बनाते राजेश और मैं तो परेशान हो गये

राजेश को तो उनके पीछे रहने को कहा ताकि वो कुछ कहे तो राजेश जल्दी से लेकर दे

हमारे गाँव के पांडिजी के होते हुए रोहन की माँ ने उनके पंडितजी से सगाई करवाने को कहा

रोहन की बहन तो कुछ ज़्यादा ही सज धज कर आई थी

रोहन की भाभी.संगीता नॉर्मल ड्रेस मे अपने बच्चे के साथ थी

मैं ने राज को उनके बच्चे के साथ रहने को कहा जिस से उनको तैयारी करने के लिए टाइम मिल जाए

उनको जो भी समान लगता वो मुझे माँग लेती

शायद रोहन और सोहन ने बताया होगा कि कुछ भी लगे तो मुझसे माँग के

रोहन के पापा और उनके मेहमानों के साथ ठाकुरजी बात कर रहे थे

पूजा बुआ को डर था कि कहीं कोई कमी तो नही रह गयी

पूजा बुआ को पता था कि उनकी समधन कैसी है

नेहा बुआ ने पूजा बुआ को हिम्मत देते हुए कूल रहने को कहा

बड़ी चाची पूजा बुआ के साथ थी ताकि पूजा बुआ ज़्यादा घबराए नही

और पंडितजी के कहने पे मेरी बहनें बाहर आ गयी

स्वेता दीदी और सीतल दीदी दुल्हन के ड्रेस मे खूबसूरती की महारानी दिख रही थी

उनके साथ कोमल और रानी भी कुछ कम नही थी

कविता और लीना भी साड़ी मे सुंदर दिख रही थी

मैं ने तो सबके उपर से नोटो को घुमा कर उनकी नज़र निकाल ली

और सभी ने दिल खोल कर तारीफ की

सभी तारीफ के काबिल थी

जो भी मेरी 7 एंजल को देखता वो तारीफ की बरसात कर देता

स्वेता दीदी

सीतल दीदी

कोमल

रानी

पूनम दीदी

कविता

लीना

बुआ और चाची तो 7 एंजल को देख कर सोचने लगी कि सारी अप्सरा धरती पे आई है

रोहन सोहन अपनी अपनी अप्सरा को देख कर खुश हो गये

कोई कह ही नही सकता कि गाँव की लड़कियो से शादी क्यूँ की

स्वेता दीदी सीतल दीदी के आते ही सगाई का फंक्षन स्टार्ट हो गया

रोहन और स्वेता दीदी ने अंगूठियाँ एक्सचेंज की

सोहन और सीतल दीदी ने अंगूठियाँ एक्सचेंज की

और दोनो कपल नये बंधन मे जुड़ गये

रोहन की माँ के चेहरे पे ज़्यादा खुशी नही दिख रही थी

उनकी नज़र तो रोहन की अंगूठी पे थी वो देख रही थी कि हमने कितना खर्च किया है

रोहन की भाभी ने अपने देवर को बधाई दी

और हम भी नये कपल को बधाई देने को स्टेज पर गये

एक एक करके सभी ने स्वेता दीदी और सीतल दीदी को बधाई दी

अंगूठियाँ बदलते ही गाँव वाले बधाई दे कर खाना खाने मे लग गये

पूरा फंक्षन अच्छे से बीत गया

सिर्फ़ जो कमियाँ थी वो रोहन की माँ को दिखाई दी

फंक्शन की रोहन के पापा ने बहुत तारीफ की

सगाई होते ही खाने का प्रोग्राम होते ही रोहन और सोहन अपने फॅमिली के साथ वापस चले गये

और हम फंक्शन की बातें करते हुए रात भर जागते रहे

स्वेता दीदी को उनका जीवन साथी मिल गया

सीतल दीदी को उनका प्रेमी मिल गया

और हम को नयी खुशिया मिल गयी
 
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