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मैं और मेरा परिवार

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चॅप्टर 950 आ

स्वेता दीदी और सीतल दीदी की सगाई का फंक्षन अच्छे से बीत गया

सब खुश थे

गाँव वाले भी स्वेता दीदी को बधाई देने आए थे

सगाई का फंक्षन से रोहन की फॅमिली , गाँव वाले , मेहनन सब ने तारीफ की

दूसरे दिन तो मेहमानों की वजह से हम बिजी हो गये

दूसरे दिन मेहमानों के लिए नॉनवेज दावत रखी गयी

दावत मे काम कम और सगाई की बात ज़्यादा हो रही थी

रमेश अंकल तो बहुत दिनो बाद चैन से सो पाए

पूजा बुआ ने एक चैन की साँस लेकर मेहमानों को अलविदा किया

मेहमानों के जाते ही हम फॅमिली मेंबर्ज़ ने पूरी रात फिर से बातें करने मे बिता दिया

रानी को तो मैं ने छत पे पकड़ लिया

और हम चाँद और चाँदनी के साथ बातें करते हुए प्यार करने लगे

फंक्षन के हो जाने के बाद भी कुछ दिन उसी की बातें होने लगी

बातें ऐसी कि ख़तम होने का नाम नही ले रही थी

लेकिन हमारी पढ़ाई पे उसका असर हो रहा था

ये बात स्वेता दीदी के दिमाग़ मे आते ही उन्होने इस टॉपिक को ख़तम करने को कहा

और हम वापस पढ़ाई मे लग गये

रानी भी अपने घर जाने को तैयार हुई इस बार भी रानी अपने साथ बहुत सी गिफ्ट लेकर गयी

स्वेता दीदी और सीतल दीदी भी शहर2 चली गयी

उनको भी कॉलेज जाना था

रमेश अंकल उनको पूनम दीदी के घर छोड़ने चले गये

चाची भी अपने काम मे लग गयी

छोटी चाची और बड़ी चाची मेरे पर्फॉर्मेन्स से खुश थी

उनका प्यार इतना मिला मुझे कि मेरे आँख से खुशी के आँसू निकल गये

चाचा ने भी मेरी तारीफ की

पर छोटी चाची चाचा को माफ़ करने वाली नही थी

चाचा पूरी कॉसिश कर रहे थे कि छोटी चाची उनको माफ़ कर दे

इनका तो ऐसे ही चलता रहेगा

मैं वापस अपने पढ़ाई मे लग गया

मोबाइल स्विच ऑफ करके पढ़ाई कर रहा था

करीम पंकज ने भी पढ़ाई करने पे ज़्यादा फोकस किया

करीम को तो मुझसे ज़्यादा मार्क लेने थे

उधर आरती कोमल के 1स्ट आने से टेन्षन मे आ गयी थी

सुनने मे आया कि वो 16 घंटे पढ़ाई कर रही थी एक दिन मे

पर कोमल तो नॉर्मल तरीके से मेरे और रानी के साथ प्राब्लम सॉल्व कर रही थी

अगले महीने मे हमारे प्रॅक्टिकल एग्ज़ॅम होने वाले थे

टाइम तेज़ी से निकल रहा था

देखते देखते जनवरी की एंडिंग आ गयी

जनवरी की एंडिंग आते ही हमारा टेन्षन बढ़ रहा था

मुझे टेन्षन मे देख कर छोटी चाची मेरे पास आ गयी

मैं सुबह छत पे कसरत करने के बाद पढ़ाई कर रहा था

छोटी चाची भी छत पे आ गयी

छोटी चाची के हाथ मे एक एन्वॉलप था

सी चाची-अवी

अवी-जी चाची

सी चाची-पढ़ाई कर रहे हो

अवी-हाँ , अब सिर्फ़ एक महीना बाकी है

सी चाची-टेन्षन आ रहा है

अवी-थोड़ा सा

सी चाची-तो कहीं घूम आओ या फिर टीवी देख लो

अवी-पहले 10 दिन वेस्ट हो गये सगाई के चक्कर मे

सी चाची-वो सब तो चलता है , देखा कितनी तारीफ हुई तेरी

अवी-उनको क्या है आज तारीफ करेंगे और कल मार्क कम मिलने पे बुरा कहेंगे

सी चाची-इस साल तो तू ज़्यादा मेहनत कर रहा है , कम मार्क नही आ सकते

अवी-मैं रिस्क नही ले सकता

सी चाची-टेन्षन लेगा तो रिस्क होगा

अवी-चाची आप डराने आई है

सी चाची-मैं तो तुझे पढ़ाई से कुछ घंटों के लिए आराम देने आई हूँ

अवी-क्या काम करना है मुझे

सी चाची-समझदार हो

अवी-बताइए जल्दी , वरना मुझे पढ़ाई करने दो

सी चाची-ये एनवलप ठाकुरजी को देना है

अवी-ठाकुरजी को

सी चाची-ठाकुरजी को ही देना है

अवी-क्या है इसमे

सी चाची-तुझे क्या करना है तू बस काम कर दे

अवी-बॉम्ब हुआ तो ,

सी चाची-क्या कहा

अवी- सरकार कहती है चेक कर लिया करो कि एंवोलोप मे क्या है , क्या पता बॉम्ब हो

सी चाची-मैं क्या तुझे टेररिस्ट दिखती हूँ

अवी-आप तो माओवादी है

सी चाची-माओवादी , किस आंगल से दिखती हूँ मैं तुम्हें माओवादी

अवी-इतने बड़े बड़े मौ(बूब्स) है तो आप माओवादी हो गयी

सी चाची-अच्छा जॉक था

अवी-बताइए क्या है इसमे

सी चाची-तेरी काम की चीज़ नही है

अवी-पर आप ठाकुरजी को ऐसा क्या देने वाली है

सी चाची-मैं हिसाब किताब देखती हूँ ना उसी के सिलसिले मे है

अवी-तो ये पर्सनल तो नही हुआ , मुझे बता सकती है

सी चाची-बता दूँगी , अभी तू पढ़ाई कर , एग्ज़ॅम के बाद बता दूँगी

अवी-एग्ज़ॅम के बाद

सी चाची-एग्ज़ॅम के बाद दीदी को सच बता दूँगी और तुम्हें भी बहुत सी बातें बताउन्गी

अवी-सच

सी चाची-हाँ ,तू बड़ा हो गया है अब तो तुझे सब कुछ बताना पड़ेगा ना

अवी-दीजिए मैं ठाकुरजी को देके आता हूँ

सी चाची-रंजीत सिंग को नही , पुराने ठाकुरजी को देना

अवी-पता है मुझे

सी चाची-और हाँ , इसे खोलना मत

अवी-ये क्या बात हुई , इतना तो मुझे करने दीजिए

सी चाची-तुझे मेरी कसम इसको खोलना मत

अवी-कसम , फिर तो इसमे इम्पोर्टेंट चीज़ होगी

सी चाची-कहा ना एग्ज़ॅम के बाद बता दूँगी

अवी-कूल चाची , दीजिए मैं दोपेहर मे दे दूँगा

सी चाची-दोपेहर मे नही , अभी जा

अवी-क्या बात है चाची

सी चाची-ठाकुरजी , शाम को बाहर जा रहे है

अवी-ठीक है अभी जाता हूँ

सी चाची-अगर ठाकुरजी कुछ दें तो उसे सीधा मेरे पास लाना ,

अवी-टॉप सीक्रेट

सी चाची-ऐसा ही समझ

अवी-सीक्रेट सीक्रेट खेल रही है आप

सी चाची-तुझे भी इन्वॉल्व करूँगी एग्ज़ॅम के बाद

और चाची ने मुझे एक किस दी

अवी-ये पोस्टमॅन की फीस थी

सी चाची-फीस मिली है तो एंवोलोपे पहुँचा दे

चाची के कहने पे मैं बिना बड़ी चाची को बताए हवेली चला गया

चाची पता नही क्या क्या करती रहती है

खोल के देखु कि इसमे क्या है

इम्पोर्टेंट ही होगा कुछ

अबी खोल के देखा तो बिना वजह मैं उसी के पीछे लगा रहूँगा

चाची एग्ज़ॅम के बाद बता देगी

चाची के बताने तक रुक जाता हूँ

मैं हवेली आ गया

पहले रणजीतसिंघ के साथ बात करने के बाद मैं ठाकुरजी के कमरे मे चला गया

ठाकुरजी ने मुझे देखते ही ठकुराइन को बाहर भेज दिया

ठकुराइन ने उनके उपर वाले कमरे मे आने को कहा और वो उपर चली गयी

ठाकुरजी को जैसे पता हो कि मैं आ रहा हूँ

ठाकुरजी ने साइड मुझे एनवोलप माँग लिया

ठाकुरजी-अवी एन्वोलप दो

लगता है कुछ बहुत ज़्यादा इम्पोर्टेंट चीज़ छुपी है इसमे

चाची ने फोन करके बता दिया होगा कि मैं आ रहा हूँ

मैं ने एन्वोलप ठाकुरजी को दे दिया

ठाकुरजी-बैठो

मैं चेयर पे बैठ गया और ठाकुरजी ने एन्बोलोप ओपन किया

उसमे से एक चिट्ठी निकाल कर पढ़ने लगे

पढ़ते हुए बीच मे मेरी तरफ देख रहे थे जैसे चिट्ठी मे मेरे बारे मे लिखा हो

ठाकुरजी ने चिट्ठि पढ़ने के बाद उसको जला दिया

ये क्या बात हुई

लगता है कुछ बहुत बहुत बहुत ज़्यादा इम्पोर्टेंट है

इस लिए चिट्ठि जला दी

लेकिन एनवोलॉप को टेबल के ड्रॉयर मे रख दिया

शायद एंवोलोप मे कुछ और भी था

ठाकुरजी-अवी , कैसे हो

अवी-आपकी कृपा से सब ठीक है

ठाकुरजी-पढ़ाई चल रही है

अवी-हाँ , अब एग्ज़ॅम होंगे अगले महीने मे , उसी की तैयारी कर रहा था

ठाकुरजी-तुम्हारे चाचा जी कहाँ है

अवी-चाची जी को चाची ने शहर भेजा है किसी काम से

ठाकुरजी-तुम्हारी चाची ने

अवी-जी

ठाकुरजी-रहने दो मैं खुद बता दूँगा

अवी-आप बता सकते है मुझे मैं चाची को बता दूँगा

ठाकुरजी-नही , तुम अभी पढ़ाई करो , पढ़ाई के बाद देखेंगे जो करना है

अवी-जी मैं समझा नही

ठाकुरजी-समझ जाओगे

अवी-मैं चलूं

ठाकुरजी-हाँ ,

अवी-आपको कुछ देना हो चाची को तो मुझे

ठाकुरजी-कुछ नही , उनको कहना कि मुझे एन्वोलोप मिल गया है ,

अवी-(ये क्या बात हुई , उसमे भी सब छुपा के रखा है ) जी बोल दूँगा

और मैं ठाकुरजी से मिलने के बाद ठकुराइन से मिलके घर आ गया

घर आते ही छोटी चाची ने पूछ लिया कि क्या हुआ

मैं ने सब कुछ बता दिया , चिट्ठि जला देने की बात भी बता दी

सी चाची-अवी तू सोच रहा होगा कि उस एन्वोलोप मे क्या था

अवी-हाँ , क्या था उसमे

सी चाची-तुझे मैं सब बता दूँगी एग्ज़ॅम हो जाने दे

अवी-पक्का बताएँगी

सी चाची-हाँ , अब सिर्फ़ तू पढ़ाई पे ध्यान दे

चाची ने मुझे विश्वास दिलाया कि वो मुझे एग्ज़ॅम के बाद बता देगी कि उस एन्वोलोप मे क्या था

चाची का काम करने के बाद मैं फिर पढ़ाई करने लगा

कभी कोमल के साथ पढ़ाई करता

तो कभी शहर जाके रानी के साथ पढ़ाई करता

अब बस यही काम था मेरे पास 85+% का टारगेट

उस टारगेट को मुझे अचिव करना था

और मैं उस को अचिव करने के लिए दिन रात एक कर रहा था

ना ज़्यादा टेन्षन ना ज़्यादा प्राब्लम के साथ पढ़ाई मे लगा हुआ था

देखते देखते फर्बरी महीना भी आ गया .

फ़रवरी महीना आते ही ठंड गायब हो गयी और हम रात मे ज़्यादा देर तक पढ़ाई करने लगे

इस बीच हमारे हॉल टिकेट भी आ गये

मैं ने कोमल का हॉल टिकेट भी ले आया

साथ मे प्रॅक्टिकल एग्ज़ॅम और रिटन एग्ज़ॅम का टाइम टेबल पहले कोमल को दिखाया

उस टाइम टेबल के हिसाब से हम पढ़ाई करने मे लग गये

पहले प्रेक्टीकल एग्ज़ॅम फिर रिटन उसके बाद मेरी दीवाली शुरू हो जाएगी

मैं मार्च महीने मे दीवाली मनाउन्गा

क्यूँ कि छोटी चाची मुझे बहुत सी बातें बताएँगी
 
चॅप्टर 951

2 हफ्ते बाद 12थ की फाइनल एग्ज़ॅम है. जैसा मैं ने चाची को प्रॉमिस किया था कि इस साल पिछले साल से ज़्यादा मार्क लेकर आउन्गा.

11थ क्लास मे मैं मस्ती मज़ा करने के चक्कर मे पढ़ाई को भूल गया था .जिसका रिज़ल्ट मेरे सामने था,

चाची की प्रेगेन्सी की वजह से दीवाली से पहले जो एग्ज़ॅम हुई उसमे सिर्फ़ 59% मिले और मेले के वजह से नेक्स्ट एग्ज़ॅम मे 51% मिले ,ओवर ऑल 11थ क्लास मे 55% मिले,

ये रिज़ल्ट देख कर बड़ी चाची गुस्सा हो गयी थी.और चाचा जो मुझे शहर भेजने के खिलाफ थे उनको तो मुझ पर गुस्सा होने की वजह मिली थी.

लेकिन छोटी चाची ने मेरा साथ .और इस साल मुझे सिर्फ़ पढ़ाई करने पे ध्यान देने का प्रॉमिस लिया.

मेरा रिज़ल्ट तो खराब गया था वही आरती कॉलेज मे 1स्ट ,कोमल 2न्ड और रानी 3र्ड आई थी. उनके सामने मैं कहीं पर भी नही था.

इस बार मैं ने पिछली बार की तरह कोई ग़लती नही की. ज़्यादा से ज़्यादा समय पढ़ाई को दिया.

रानी से जहाँ रोज कॉल करता था वो अब हफ्ते मे एक बार कॉल करने लगा.

कोमल के साथ लाइब्रेरी मे भी जाने से मैं ने जल्दी कम बॅक किया

पढ़ाई तो चालू थी. 2 हफ्ते बाद मेरी एग्ज़ॅम जो थी.मैं पढ़ाई करते हुए पिछले 1 साल के बारे मे सोच रहा था.

पुरानी बातें दिमाग़ मे आते ही ,मैं ने पढ़ाई करना बंद किया और एक ब्रेक ले लिया.और कमरे से बाहर निकल गया.

कमरे से बाहर निकलते ही छोटी चाची मेरे सामने आकर खड़ी हो गयी.

पिछले 2 महीने से छोटी चाची मुझे पढ़ाई के सिवाय कुछ करने नही दे रही थी. कमरे मे बंद रह कर मुझे पढ़ाई करने को कहती

सी चाची-अवी क्या हुआ

अवी-कुछ भी तो नही

सी चाची-फिर कमरे से बाहर क्यूँ निकले ,कल तुम्हारी एग्ज़ॅम हैं ना

अवी-चाची कल प्रेक्टीकल का एग्ज़ॅम है, उसकी तैयारी हो गयी.

सी चाची-कोई भी एग्ज़ॅम क्यूँ ना हो एग्ज़ॅम तो है ना

अवी-चाची मैं बस एक ब्रेक ले रहा हूँ,

सी चाची-और ब्रेक किस खुशी मे ले रहे हो

अवी-वो ,पिछले साल की बातें याद आ गयी.तो माइंड फ्रेश करने के लिए ब्रेक लिया है.

सी चाची-ठीक है ,पर ज़्यादा लंबा ब्रेक मत लेना

अवी-नही लूँगा. बस कोमल से मिलके आता हूँ

सी चाची-ठीक है. पर जल्दी आना ,या फिर कोमल के साथ वही पर पढ़ाई कर लेना

अवी-ये बढ़िया आइडिया है. थोड़ी देर कोमल के साथ पढ़ाई करके पिछली बात भूल जाउन्गा.

चाची ने फिर से ऐसा आइडिया दिया जिस से मेरा ब्रेक हो गया ,और मैं पढ़ाई भी करता रहूँगा.

चाची के साथ बातें करने के बाद मैं कोमल के पास चला गया.

2 हफ्ते बाद एग्ज़ॅम है,ऐसे मे कोमल तो कमर कस्के पढ़ाई मे लग गयी थी. ऐसी पढ़ाई कर रही थी कि उसको चश्मा लग जाता

कोमल पढ़ाई कर रही थी और नेहा बुआ कविता के साथ घर ठीक तक कर रही थी. क्यू की एग्ज़ॅम के बाद कविता के पाप हमेशा के लिए दुबई से घर आने वाले थे. अब वो यही पर रह कर पैसे कमाने वाले थे

मेरे आते ही हमेशा की तरह नेहा बुआ ने मुझे गुस्से से देखा ,मैं ने उन पर ध्यान नही दिया और कोमल के कमरे मे चला गया.

अवी-लगता है इस बार तुम आरती को पीछे छोड़ दोगि

मेरी आवाज़ सुनकर कोमल ने मेरी तरफ देखा

कोमल-तुम ,तुम कब आए

अवी-अभी आया हूँ

कोमल-क्यूँ आए, कल एग्ज़ॅम है उसकी तैयारी करो

अवी-इसी लिए तो आया हूँ ,ताकि तुम्हारे साथ पढ़ाई कर सकूँ

कोमल-फिर खड़े क्यूँ हो, किताब लेकर बैठ जाओ

अवी-मैं किताब नही लाया .सोचा तुम्हारे नोट्स पढ़ लूँ,वैसे तुम किस सब्जेक्ट की पढ़ाई कर रही हो

कोमल-केमिस्ट्री

अवी-केमिस्ट्री क्यूँ

कोमल-कल उसी का प्रेक्टीकल एग्ज़ॅम है मेरा. इसी बहाने से केमिस्ट्री की पढ़ाई हो जाएगी.

अवी-फिर मुझे फिज़िक्स के नोट्स दो

कोमल-तुम्हारा फिज़िक्स का प्रेक्टीकल है

अवी-हाँ, दोफेहर 3 बजे

कोमल-मेरा तो सुबह है 11 बजे,इसमे तो प्राब्लम हो जाएगी

अवी-कुछ नही होगा. मेरे एग्ज़ॅम तक लाइब्रेरी मे बैठ कर पढ़ेंगे

कोमल-लाइब्रेरी, तुम कितने बदल गये हो

अवी-कहाँ बदला हूँ, वैसा ही तो हूँ

कोमल-पहले तुम लाइब्रेरी ना आने के बहाने करते थे और अब खुद लाइब्रेरी मे जाने की बात कर रहे हो

अवी-क्या करूँ ,तुम्हारे लिए बदलना पड़ा

कोमल-मेरे लिए

अवी-तुम टॉप मे आती हो और मैं पीछे से टॉप मे आता हूँ ,कोई हमारे मार्क देखेगा तो क्या कहेगा कोमल मेरी मदद नही करती .तुम्हें ऐसा कोई नही कहे इस लिए पढ़ाई कर रहा हूँ

मेरी बात सुनते ही कोमल ने मुझे गले लगा लिया.

अवी-ये क्या है, किस खुशी मे गले लगा रही हो

कोमल-बस ऐसे ही,ये लो फ़िजिकल के नोट्स

कोमल के साथ पढ़ाई करने मे मुझे हमेशा फ़ायदा होता था. घर पे रानी के नोट्स थे और यहाँ कोमल के नोट्स, पढ़ाई करने मे आसानी हो रही थी.

कोमल के साथ पढ़ाई करने मे समय का पता ही नही चला.

शाम से रात हो गयी. फिर भी हम पढ़ाई करते गये.कविता के आने तक हम पढ़ाई करते गया.

कविता-भैया ,माँ खाना बना रही है तो मुझे पूछने भेजा है कि आप यहीं रुकने वाले हो या घर जाओगे.

अवी-टाइम क्या हुआ है

कोमल-9 बजे रहे है

अवी-आज तो बहुत देर हो गयी.

कविता-भैया माँ को मैं क्या कहूँ

अवी-बुआ को कहो कि मैं बस जा रहा हूँ

कोमल-आज यही रुक जाओ,साथ मे पढ़ाई करते है

अवी-मैं चाची को बता कर नही आया हूँ, चाची खाने के लिए मेरा इंतज़ार कर रही होगी मुझे जाना होगा

कोमल-रुक जाते तो साथ मे पढ़ाई करते

अवी-नेक्स्ट टाइम पक्का

कोमल के साथ पढ़ाई करने के बाद मैं घर आ गया .जैसा सोचा था वैसा ही हुआ ,चाची मेरा इंतज़ार कर रही थी.

चाची के साथ खाना खाने के बाद मैं फिर से पढ़ाई करने लगा.

आज कुछ ज़्यादा ही पढ़ाई हो गयी. कल एग्ज़ॅम है ,मुझे आराम भी करना था .

थोड़ी देर पढ़ाई करने के बाद मैं सो गया.
 
अपडेट 951आ

आज मेरा प्रेक्टीकल का एग्ज़ॅम है. कल कोमल के साथ पढ़ाई करने से कॉन्फिडेन्स बढ़ गया था.

मैं ने एग्ज़ॅम की तैयारी करने लगा और छोटी चाची मेरे कमरे आ गयी.

सी चाची-अवी ,एग्ज़ॅम की तैयारी हो गयी

अवी-हाँ हो गयी.

सी चाची-अच्छे से एग्ज़ॅम देना ,पिछले साल की तारह ग़लती मत करना

अवी-पिछली ग़लती से बहुत कुछ सीखा है.इस बार पहले पढ़ाई फिर बाकी का काम ,

सी चाची-इसी सोच के साथ एग्ज़ॅम दो ,फिर मैं तुम्हें एक सर्प्राइज़्ड दूँगी

अवी-कैसा सर्प्राइज़्ड

सी चाची-तुम ने इतनी पढ़ाई की है मुझे अभी से तुम्हारा रिज़ल्ट दिख रहा है. इस लिए सोचा कि तुम्हें एक सर्प्राइज़ दूं.

अवी-बताइए ना कैसा सर्प्राइज़

सी चाची-तुम्हारे एग्ज़ॅम जिस दिन ख़तम होगे उस दिन हम सुहागरात मनाएँगे.

अवी-सच

सी चाची-हाँ. पर मैं आज की बात नही कर रही ,सब एग्ज़ॅम हो जाने के बाद

अवी-इस का तो मैं कब से इंतज़ार कर रहा हूँ.

सी चाची-तुम से ज़्यादा मैं इंतज़ार कर रही हूँ ,जब से तुम से शादी की है तब से मेरी एक एक रात कैसे गयी है तुम्हें क्या बताऊ

अवी-आपका जो हाल है वही मेरा है.

सी चाची-बस कुछ दिन और फिर हम हमेशा के लिए एक हो जाएँगे.

अवी-हम आज भी तो एक है.

सी चाची-वो दिल से ,कुछ दिन बाद तन से हो जाएँगे. देखो मैं ने सिर्फ़ तुमने दिया हुआ मन्गल्सुत्र पहना है

अवी-चाचा वाला कहाँ है.

सी चाची-उसको हमारी शादी वाले दिन निकालने के बाद पहना ही नही.

अवी-अगर ये किसी ने देख लिया तो

सी चाची-देखने दो ,ये छुपा छुपी का खेल बहुत हो गया. लास्ट एग्ज़ॅम के बाद हम सुहागरात मनाएँगे और फिर दूसरे दिन दीदी को मैं सब बता दूँगी

अवी-आज आप तो झटके पे झटके दे रही हो

सी चाची-आज से आप की जगह मुझे तुम कहा करो,

अवी-नही. मैं तो आप ही कहूँगा.

सी चाची-फिर सुहागरात कॅन्सल

अवी-सुहागरात से कहूँगा

सी चाची-ठीक है.

अवी-मेरी तैयारी हो गयी.

सी चाची-इन बातों मे एग्ज़ॅम के बारे मे भूल गये. तुम रूको मैं दही शक्कर लाती हूँ

छोटी चाची रशोई घर मे चली गयी.और दही शक्कर लेकर आ गयी.

पहले बड़ी चाची ने मेरा मुँह मीठा किया फिर सीमा चाची उसके बाद छोटी चाची ने मुँह मीठा किया.

चाची का आशीर्वाद लेने के बाद मैं कोमल के घर चला गया.

कोमल अभी तक पढ़ाई कर रही थी.

अवी-तुम तैयार नही हुई.

कोमल-इतनी जल्दी. अबी तो 8.30 बज रहे है. मेरी एग्ज़ॅम तो 11 बजे है

अवी-तुम भूल गयी क्या. रानी ने जल्दी बुलाया था , मिलके पढ़ाई करने को

कोमल-मैं तो भूल ही गयी. तुम रूको मैं 10 मिनट मे तैयार होती हूँ

कोमल ने बॅग तो कल ही फिल करके रखा था. वो बस चेक कर रही थी.

कोमल-हाँ चलो

अवी-इतनी जल्दी तैयार हो गयी.

कोमल-हाँ,

कोमल ने नेहा बुआ का आशीर्वाद लिया.और हम एग्ज़ॅम देने के लिए निकल पड़े.

प्रकतिक्ले एग्ज़ॅम शुरू हो गये

कोमल के तीन प्रेक्टिकल थे तो मेरे दो ही प्रेक्टीकल एग्ज़ॅम थी

पहले दिन सबके एग्ज़ॅम अच्छे गये

कोमल रानी और मैं प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम दे कर बातें करने लगे

वो मुझे केमिस्ट्री के बारे मे बताने लगी और मैं उनको फ़िज़िक्स के बारे मे बताने लगा

दूसरे दिन मेरा एग्ज़ॅम नही था पर मुझे कोमल के साथ जाना पड़ा

कोमल और रानी की वजह से मुझे लग ही नही रहा था कि एग्ज़ॅम हो रहे है

मज़े लेते हुए एग्ज़ॅम दे रहा था
 
चॅप्टर 951ब

हमारे प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम तीन दिन चलने वाले थे

हम सबको 25 25 स्टूडेंट के ग्रुप मे डिवाइड किया था

रानी और कोमल एक ग्रूप मे थी ,, उनके तीन प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम थे बायोलॉजी फ़िज़िक्स केमिस्ट्री

मेरे सिर्फ़ 2 प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम था फ़िज़िक्स और केमिस्ट्री

दिन भर प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम चलने वाले थे

किसी के सुबह थे किसी के दोपेहर मे तो किसी के शाम मे एग्ज़ॅम होने वाले थे

रानी और कोमल के बायोलॉजी और केमिस्ट्री का प्रेक्टिकल हो चुका था , और मेरा फ़िज़िक्स का प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम हो चुका था

अब बस लास्ट दिन एक प्रेक्टिकल बाकी था सबका

मेरा फ़िज़िक्स का एग्ज़ॅम सुबह की बॅच मे था और रानी कोमल का शाम की बॅच मे

फिर भी रानी और कोमल सुबह से कॉलेज मे आ गयी और लाइब्रेरी मे पढ़ाई करते हुए अपने एग्ज़ॅम का इंतजार करने लगी

मैं तो सुबह कॉलेज मे आते ही केमिस्ट्री लॅब मे चला गया

मेरा प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम अच्छे से हो गया

कोई प्राब्लम नही हुआ

ईज़ी प्रेक्टिकल आया था

करीम ने अपने एग्ज़ॅम अच्छे से लिखा था

मेरी एक टेन्षन ख़तम हो गयी

प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम ख़तम ही गये अब बस रिटन एग्ज़ॅम अच्छे गये तो सब ठीक हो हाएगा

मैं तो एग्ज़ॅम होते ही कॉलेज मे घूमने लगा

रानी और कोमल पढ़ाई कर रही थी उनका लास्ट बॅच मे प्रेक्टिकल होने वाला था

कुछ देर कॉलेज मे घूमने के बाद मैं भी कोमल और रानी के साथ बैठ कर पढ़ाई करने लगा और फिज़ के एग्ज़ॅम के बारे मे बताने लगा

हर बॅच ख़तम होते ही आधे घंटे के बाद नयी बॅच स्टार्ट हो जाती

पूरे कॉलेज मे प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम की टेन्षन ले रहे थे

दोपेहर तक मैं कोमल और रानी के साथ लाइब्रेरी मे बैठा रहा

फिर लंच करने के लिए हम कॅंटीन मे जाने लगे

रानी और कोमल को ज़्यादा टेन्षन नही था फिर भी एग्ज़ॅम तो एग्ज़ॅम होती है

हम कॅंटीन की तरफ जा रहे थे कि हमे फ़िज़िक्स लॅब से आरती रोते हुए बाहर निकलते हुए दिखाई दी

आरती को इस तरह लॅब से रोता हुआ बाहर निकलते हुए देख कर हम शॉक्ड हो गये

आरती का तो फ़िज़िक्स का एग्ज़ॅम था , और अभी तक चल रहा था फिर ऐसा क्या हुआ जो आरती इस तरह लॅब से बाहर आ गयी

और लॅब से बाहर आकर रोने लगी

आरती को रोता हुआ देख कर मुझे अच्छा लगा पर वो कैसी भी क्यूँ ना हो थी तो हमारी फ्रेंड ना

कोमल- रानी ये आरती ऐसे रो क्यूँ रही होगी

रानी- मुझे क्या पता

कोमल- उसकी तो एग्ज़ॅम चालू है फिर वो ऐसे रोते हुए बाहर क्यूँ आई

रानी- पता नही

कोमल- चलो देखते है

रानी- हाँ चलो , ज़रूर कुछ बात होगी जिस से आरती ऐसे रो रही है

अवी- जाने दो उसे हम लंच करते है

कॉनल- अवी चलो ना देख कर आते है , बिचारी अकेली है , वो हमे अपना फ्रेंड नही मानती पर हम तो उसे फ्रेंड मानते हैं ना

अवी- चलो

और हम आरती के पास चले गये
 
चॅप्टर 951सी

आरती फ़िज़िक्स लब के सामने रो रही थी

उसका प्रेक्टीकल एग्ज़ॅम चल रहा था

बाकी स्टूडेंट एग्ज़ॅम दे रहे थे और आरती बाहर बैठ कर रो रही थी

कोमल और रानी ने जब आरती को रोता हुआ देखा तो उनको भी ये जानना था कि क्या हुआ है

कोमल और रानी ,आरती के पास जाने लगी

मुझे भी कुछ ग़लत हुआ है ऐसा लग रहा था

क्यूँ कि आरती फ़िज़िक्स का प्रेक्टिकल था ,

मिसेज़ गुप्ता को आरती ने कई बार गुस्सा दिलाया था जिस से मुझे लग रहा था कि मिसेज़ गुप्ता ने आरती से बदला लिया होगा

मिसेज़ गुप्ता की कई बार पूरे क्लास के सामने आरती ने बेइजहती की थी जिस से मिसेज़ गुप्ता ने गुस्से मे आकर आरती को एग्ज़ॅम देने नही दिया होगा

अब क्या हुआ ये तो वहाँ जाकर ही पता चलेगा

हम आरती के पास आ गये

कोमल- आरती क्या हुआ , ऐसे रो क्यूँ रही हो

आरती ने कोमल की तरफ देखा और फिर से रोने लगी

कोमल आरती के पास बैठ गयी

कोमल- आरती बात क्या है , तुम्हारा तो एग्ज़ॅम था ना फिर तुम ऐसे लॅब के बाहर बैठ कर रो क्यूँ रही हो

आरती - ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है

कोमल- मैं ने क्या किया और हुआ क्या है

आरती- तुम्हारी वजह से मैं फैल हो जाउन्गी इस साल , ये सब तुमने किया है

रानी- आरती हम ऐसा क्यूँ चाहेंगे ,

आरती- तुम्हारी वजह से मेरी लाइफ बर्बाद हो जाएगी

कोमल- आरती हुआ क्या है वो तो बताओ

आरती- मिसेज़ गुप्ता ने मुझे एग्ज़ॅम देने से रोक दिया और बाहर निकाल दिया , अब मैं फैल हो जाउन्गी , अब तो तुम खुश होंगी ना कि तुम 1 स्ट आओगी

कोमल- क्या कह रही है , मिसेज़ गुप्ता ने तुम्हे लॅब से बाहर निकाला

आरती- तुम 1स्ट आओ इस लिए , मिसेज़ गुप्ता मुझे प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम मे फैल कर रही है

रानी- ये सब झूठ है , हम ऐसा नही करेंगे

कोमल- आरती बात क्या है , हमें बताओ

आरती- कोमल तुमने मेरे साथ ऐसा क्यूँ किया है , क्या बिगाड़ा था मैं ने तुम्हारा , क्यूँ मेरी लाइफ बर्बाद की तुमने

कोमल- आरती तुम मेरी फ्रेंड हो , मैं ऐसा कैसे कर सकती हूँ , बताओ क्या हुआ है ,

रानी- मिसेज़ गुप्ता से पूछते है कि क्या हुआ है

आरती- क्या पुछोगी , मिसेज़ गुप्ता किसी की नही सुनती

कोमल- आरती बात क्या है वो तो बताओ ,

आरती- तुम ही बताओ क्या मैं कॉपी कर सकती हूँ , क्या मुझे प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम मे चीटिंग करने की ज़रूरत थी , मैं तो आँखे बंद करके भी एग्ज़ॅम मे आउट ऑफ मार्क ला सकती हूँ

कोमल- हमे पता है कि प्रेक्टीकल करते समय तुम्हारा प्रेक्टीकल सबसे पहले कंप्लीट होता था , तुम चीटिंग कर ही नही सकती

आरती- मिसेज़ गुप्ता ने खुद मेरे पास एक पेपर फेक दिया , और मैं ने पेपर उठाया तो मुझे पकड़ लिया और चीटिंग करने का इल्ज़ाम लगा कर लॅब से बाहर निकाल दिया , ये सब तुम्हारी वजह से हुआ है

कोमल- ये मिसेज़ गुप्ता ने ग़लत किया ,

रानी- पर ये हमने नही किया , तुम हम पर इल्ज़ाम क्यूँ लगा रही हो

आरती- तुम्हारी वजह से मिसेज़ गुप्ता मुझ पर गुस्सा हुई और अब बदला लिया , सब तुम्हारी वजह से हुआ है

कोमल- तुम ठीक कह रही हो , मेरी वजह से हुआ है ये , ना हम शर्त लगाते और ना मिसेज़ गुप्ता के साथ तुम्हारा झगड़ा होता और ना तुम से मिसेज़ गुप्ता इस तरह बदला लेती

रानी- कोमल तुम ये क्या कह रही हो

कोमल- यही सच है रानी, आरती के इस हालत के पीछे हम भी ज़िम्मेदार है

कोमल की ये बात सुनते ही आरती कोमल के गले लग कर रोने लगी

आरती- कोमल मुझे फैल नही होना है , अगर मैं फैल हो गयी तो मैं जी नही पाउन्गी

कोमल- कुछ नही होगा , हम मिलके प्रिन्सिपल सर के पास जाएँगे कंप्लेंट करेंगे

आरती- कंप्लेट की भी तो मैं फैल हो जाउन्गी ,

कोमल- नही होगी तुम फैल , हम बात करते है मिसेज़ गुप्ता से

आरती- तुम बात करोगी

कोमल- हाँ

आरती- मैं ने तुम्हारे साथ इतना बुरा किया और तुम मेरी मदद करोगी , क्यूँ

कोमल- क्यूँ कि हम फ्रेंड है , और फ्रेंड मे ऐसी छोटी मोटी बाते होती है

ये सुनकर आरती फिर से रोने लगी

रानी- कोमल , मिसेज़ गुप्ता से बात करके कुछ नही होगा , तुम्हे पता हैना मिसेज़ गुप्ता कैसी है , किसी की नही सुनती

कोमल- तो क्या हम आरती का फ्यूचर खराब होने देंगे ,

रानी- पर तुम करोगी क्या

कोमल- हम बात करते है , मिसेज़ गुप्ता से रिक्वेस्ट करेंगी

रानी- आरती ने पूरे क्लास के सामने कई बार मिसेज़ गुप्ता को चॅलेंज किया है ऐसे मे वो किसी की नही सुनेगी

कोमल- अवी , बात करेगा मिसेज़ गुप्ता से

अवी- मैं , मैं क्यूँ बात करूँ

कोमल- तुम अपनी बातों से सबको मना लेते हो , वैसे मिसेज़ गुप्ता से बात करके मना लो

अवी- मैं नही करने वाला बात , और आरती के लिए तो बिल्कुल नही , आरती ने तुम्हे कितना कुछ कहा था

कोमल- अब उसको अपनी ग़लती का अहसास हो गया है , मेरे लिए बात करो ना मिसेज़ गुप्ता से

अवी- मैं नही करने वाला

कोमल- फिर ठीक है मैं भी अपना प्रेक्टीकल एग्ज़ॅम नही दूँगी

अवी- तुम मुझे धमकी दे रही हो

कोमल- अवी मेरे लिए इतना नही कर सकते

अवी- ठीक है , करता हूँ बात मिसेज़ गुप्ता से , पर मेडम तो अंदर है

आरती- जल्दी बात करनी होगी अगर टाइम निकल गया तो मेरा एग्ज़ॅम

अवी- मिसेज़ गुप्ता का मोबाइल नंबर दो ,

रानी- मेरे पास है नंबर

मैं ने रानी से नंबर ले लिया

कोमल- क्या करने वाले हो

अवी- तुम बस देखती जाओ ,

कोमल-अवी , काम हो जाएगा ना

अवी- तुम्हारे लिए तो कुछ भी कर सकता हूँ ,

और मैं ने अपने पॉकेट से दूसरा वाला मेमोरी कार्ड निकाला जिस मे मेरा दूसरा चेहरा छुपा हुआ रहता है , मतलब मेरे सेक्स क्लिप

ऋतु दीदी ने जो मिसेज़ गुप्ता की क्लिप बनाई थी उसका ईस्तमाल करने का समय आ गया था

मैं ने उस क्लिप को अपने फोन मे कॉपी करके उस मेमोरी कार्ड को वापस रख दिया

उस क्लिप से ऋतु दीदी ने मिसेज़ गुप्ता को ब्लॅकमेल किया था

मैं भी ब्लॅकमेल करूँगा पर मेरे लिए नही आरती के लिए

मुझे तो आरती की मदद करने का दिल नही कर रहा है ,

पर कोमल की बात भी सही है , ना ये शर्त होती और ना आरती मिसेज़ गुप्ता से पंगा लेती
 
चॅप्टर 951डी

जो कुछ हो रहा है इसके लिए हम सब ज़िम्मेदार है

मिसेज़ गुप्ता से बात करने के लिए पहले उनको क्लास से बाहर लाना होगा

मैं ने मिसेज़ गुप्ता को एक मेसेज किया

मोबाइल मिसेज़ गुप्ता के हाथ मे था जिस से उन्होने मेसेज देख लिया

मेसेज देखते ही मिसेज़ गुप्ता के पसीने निकल गये

नंबर अननोन था पर कोई ऐसा मज़ाक नही करेगा , कि उनका रिश्ता उनके स्टूडेंट के साथ है और उसका क्लिप चाहिए तो लॅब से बाहर आकर मिलो

मिसेज़ गुप्ता इस क्लिप से पहले भी ब्लॅकमेल हो चुकी है ऐसे मे उनको लगा कि ऋतु होगी

इस लिए मिसेज़ गुप्ता एक झटके मे बाहर आ गयी

पर बाहर तो हमारे सिवा कोई नही था

मिसेज़ गुप्ता ऋतु दीदी को इधर उधर ढूँढने लगी

और उनके सामने जाकर मैं खड़ा हो गया

अवी- गुड आफ्टरनून मेडम

मिसेज़ गुप्ता- गुड आफ्टरनून , तुम अभी जाओ , मुझे एग्ज़ॅम लेना है

अवी- मेडम आपको बाहर मैं ने बुलाया है और आप मुझे जाने को कह रही ही

मिसेज़ गुप्ता- क्या मतलब तुमने बुलाया है

अवी- वो मेसेज मैं ने किया है

मिसेज़ गुप्ता- तुमने ,,

मिसेज़ गुप्ता शॉक्ड हो गयी

मिसेज़ गुप्ता- किस लिए मेसेज किया मुझे

अवी- आपकी क्लिप मेरे पास है ,

मिसेज़ गुप्ता- कैसी क्लिप

अवी- वही जिस से ऋतु ने आपको ब्लॅकमेल किया था

मिसेज़ गुप्ता- उस ऋतु की तो , उसने कहा था कि क्लिप डेलीट की है

अवी- अब वो क्लिप मेरे पास है

मिसेज़ गुप्ता- तुम झूठ बोल रहे हो

अवी- कल इंटरनेट पे देखना पसंद करेंगी आप

मिसेज़ गुप्ता- क्या चाहते हो तुम

अवी- मेरे पास टाइम कम है , हम बातें बाद मे करेंगे , आपको आरती को लॅब मे लेना होगा और मैं क्लिप डेलीट करूँगा

मिसेज़ गुप्ता- आरती को एग्ज़ॅम , मैं समझी नही

अवी- आरती को एग्ज़ॅम देने दीजिए और क्लिप मैं डेलीट कर दूँगा

मिसेज़ गुप्ता- आरती तो तुम्हारी सिस्टर की दुश्मन है उसके लिए ये सब कर रहे हो

अवी- कहा ना बात बाद मे करेंगे

मिसेज़ गुप्ता- पर मैं कैसे मान लूँ कि क्लिप तुम्हारे पास है

अवी- अभी दिखा सकता हूँ पर यहाँ इतने लोग है अगर किसी ने ग़लती से देख लिया तो ,

मिसेज़ गुप्ता- ठीक है , मैं तुम्हारा काम कर दूँगी पर तुम्हें क्लिप डेलेट करनी होगी

अवी- कर दूँगा ,

और मिसेज़ गुप्ता आरती के पास गयी

मिसेज़ गुप्ता- आरती , तुम लकी हो जो कोमल जैसी फ्रेंड मिली है तुम्हें , मैं कोमल की वजह से तुम्हें एक और चान्स दे रही हूँ , पर अब तुम्हें 1 घंटे की जगह आधे घंटे मे एग्ज़ॅम देना होगा

आरती- यस मेडम

मिसेज़ गुप्ता - चलो मेरे साथ ,

आरती खुश हो गयी

और मिसेज़ गुप्ता के साथ जाने लगी

आरती ने कोमल को थॅंक्स भी नही कहा

कोई बात नही उसके पास एग्ज़ॅम देने को टाइम कम है जिस से वो भूल गयी होगी

आरती वापस एग्ज़ॅम देने चली गयी

कोमल खुश हो गयी कि मैं ने उसका काम कर दिया

कोमल- अवी तुम्हें क्या कहा मिसेज़ गुप्ता से जो वो मान गयी

अवी- ये मेरी ट्रिक है तुम्हें बही बता सकता , बस तुम ये देखो कि तुम्हारा काम मैने कर दिया है

रानी- अवी जादूगर है

कोमल- थॅंक्स अवी , आरती अब फैल नही होगी

अवी- पर उसने तुम्हें थॅंक्स भी नही कहा

कोमल- जाने दो , मेडम ने कहा ना कि बस आधा घंटा है उसके पास इस लिए वो टाइम वेस्ट नही करेगी ,

रानी- चलो अब , लंच करते है बाद मे हमारा एग्ज़ॅम भी है

और हम लंच करने के लिए कॅंटीन मे आ गये
 
चॅप्टर 951ए

आरती की प्राब्लम सॉल्व हो गयी

मिसेज़ गुप्ता क्लिप का नाम सुनते ही आरती को एग्ज़ॅम देने के लिए मान गयी

मुझे इतना कुछ पता है क्लिप के बारे मे तो मेरे पास क्लिप होगी और मिसेज़ गुप्ता रिस्क नही लेगी

आरती को भी पता चल गया कि उसके पास कोमल जैसी फ्रेंड है

आरती को भी इस बात का पता चला कि वो कितनी ग़लत थी

अगर आज कोमल ना होती तो वो फैल हो जाती

आरती तो एग्ज़ॅम देने लगी और हम लंच करके केमिस्ट्री लब की तरफ चल गये

रानी और कोमल का प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम था केमिस्ट्री का

लास्ट बॅच थी ,

उनका एग्ज़ॅम शुरू होने मे अभी आधा घंटा बाकी था फिर भी दोनो जल्दी केमिस्ट्री लब मे चली गयी , वो कोई रिस्क नही लेती , आराम से एग्ज़ॅम देना चाहती है , जल्द बाज़ी नही करती दोनो

मैं दोनो को केमिस्ट्री लॅब मे छोड़ कर कॅंटीन की तरफ जाने लगा

अभी सिर्फ़ 2 बॅच बचे थे , एक केमिस्ट्री और फ़िज़िक्स की , इसकी वजह से कॉलेज मे सिर्फ़ उतने ही स्टूडेंट थे , बाकी सब घर चले गये थे एग्ज़ॅम की तैयारी करने

फ़िज़िक्स लॅब के सामने लास्ट बॅच वाले स्टूडेंट खड़े थे एग्ज़ॅम स्टार्ट होने का इंतजार करते हुए , और एक्सट्नोवर तो प्रिन्सिपल के कॅबिन मे गया था अब लास्ट बॅच थी तो वो भी रिलॅक्स हो गया

लॅब मे मिसेज़ गुप्ता और आरती थी , मिसेज़ गुप्ता ने टाइम ख़तम होने के बाद भी आरती को एक्सट्रा 10 मिनट दिया जिस से आरती प्रेक्टिकल लिख रही थी

मुझे लॅब के सामने से कॅंटीन मे जाते हुए मिसेज़ गुप्ता ने देख लिया था

मैं कॅंटीन मे अकेला बैठा था , ऐसे मे मैं कॅबिन वाले टेबल पे जाकर बैठ गया मिसेज़ गुप्ता की क्लिप देखते हुए

थोड़ी देर बाद मिसेज़ गुप्ता भी कॅंटीन मे आ गयी

और कॅंटीन मे बाय्स से मेरे बारे मे पूछा तो उसने बताया कि कॅंटीन मे बस एक स्टूडेंट है और वो भी कॅबिन मे

मिसेज़ गुप्ता कॅबिन मे आ गयी जहाँ पर मैं बैठा था

मिसेज़ गुप्ता मेरे सामने आकर बैठ गयी

अवी- मेडम आप , सारे एग्ज़ाम हो गये

मिसेज़ गुप्ता- तुमसे बात करने आई हूँ , और मुझे डाइरेक्ट बात करना पसंद है

अवी- ये तो अच्छी बात है

मिसेज़ गुप्ता- तुम्हारा काम मैं ने कर दिया अब वो क्लिप मुझे दो

अवी- ब्लूटूथ ऑन कर दो मैं सेंड करता हूँ

मिसेज़ गुप्ता- ज़्यादा स्मार्ट मत बना , वो क्लिप डेलीट करो

अवी- आपको प्रेक्टिकल एग्ज़ॅम लेने जाना है

मिसेज़ गुप्ता- वो आसिटेंट ले लेगा , लास्ट बॅच है पर मुझे वो क्लिप चाहिए

अवी- मैं भी वही क्लिप देख रहा था आप भी देखिए

और मैं ने मिसेज़ गुप्ता की तरफ स्क्रीन की , मेडम अपना वीडियो देख कर शॉक्ड हो गयी

मिसेज़ गुप्ता- तुम्हारा काम हो गया है , अब क्लिप मुझे दो

अवी- ना दी तो

मिसेज़ गुप्ता- हमारी डील हुई थी , कि मैं आरती को एग्ज़ॅम देने दूँगी और तुम मुझे क्लिप दोगे, अब तुम मुझे धोका नही दे सकते

अवी- दे दूँगा क्लिप , पहले ये बताइए कि आपने आरती के साथ ये सब क्यूँ किया

मिसेज़ गुप्ता- उस से तुम्हें क्या लेना देना है

अवी- आप बताएँगी नही तो क्लिप नही मिलेगी

मिसेज़ गुप्ता- उसकी वजह से क्लास के सामने मुझे काम पड़ना पड़ा , उसकी बदतमीज़ी की वजह से पूरे क्लास के सामने मुझे शर्मिंदा होना पड़ा ऐसे मे मैं उसे कैसे छोड़ती , उससे बदला लेकर मैं स्टूडेंट को दिखना चाहती थी कि मेरे साथ बदतमीज़ी करने का क्या असर होता है

अवी- आप टीचर हो आपको ये शोभा नही देता

मिसेज़ गुप्ता- तो क्या उसका मेरे साथ ऐसा करना ठीक था

अवी- आप टीचर हो आपको समझदारी से काम लेना चाहिए था

मिसेज़ गुप्ता- पर तुम क्यूँ उसकी साइड ले रहे हो , उसने तो तुम्हारी बहन को भी बेइज्जत किया है

अवी- वो हमारी फ्रेंड है और फ्रेंड मे ये सब चलता है , ऐसी शर्त तो लगती रहती है , आपको इस से दूर रहना चाहिए था जैसे बाकी टीचर दूर थे

मिसेज़ गुप्ता- मैं तो तुम्हारी बहन की मदद कर रही थी इन्डाइरेक्ट्ली

अवी- आप मेरी बहन का नाम मत लो , ये आपने अपने लिए किया , और कोमल आरती फ्रेंड है , वो कुछ भी करे आपको ऐसा नही करना चाहिए था,

मिसेज़ गुप्ता- जाने दो , मेरी क्लिप दो

अवी- आप प्रॉमिस कीजिए कि आप किसी भी स्टूडेंट के साथ ऐसा नही करेंगी , पता है आपके ईगो की वजह से आरती की लाइफ बर्बाद हो जाती

मिसेज़ गुप्ता- प्रॉमिस करती हूँ दुबारा किसी के साथ ऐसा नही करूँगी , वो सब गुस्से मे हो गया

अवी- आप की वजह से आज आरती की लाइफ बर्बाद होते होते बच गयी आरती तो स्यूयिसाइड करने जा रही थी , उसने स्यूयिसाइड कर लिया होता तो

मिसेज़ गुप्ता- मेरा ऐसा कोई इरादा नही था मैं तो बस उसको सबक सिखाना चाहती थी

अवी- ये कौन.सा तरीका है

मिसेज़ गुप्ता- ग़लती हो गयी , सच मे मुझे अपनी ग़लती का पछतावा है , ये मैं ने पहली बार किया है और अब आख़िरी बार होगा

अवी- मैं यही सुनना चाहता था , ये लीजिए मोबाइल

मिसेज़ गुप्ता- पर तुम्हारे पास मेरी क्लिप कहाँ से आ गयी

अवी- ऋतु दीदी ने दी है

मिसेज़ गुप्ता- उस ऋतु की तो

अवी- ग़लती से उसके पास से मेरे पास आ गयी थी अब उसके पास भी नही है क्लिप ,

मिसेज़ गुप्ता-और कोई कॉपी नही है

अवी- नही पर मेरा मोबाइल तो वापस कीजिए , इसको मत तोड़ देना

मिसेज़ गुप्ता ने वीडियो डेलीट कर लिया

अवी- हो गया

मिसेज़ गुप्ता- हाँ , और अब मैं ने तुम्हें इस ब्लॅकमेल की वजह से फैल किया तो

अवी- आप इतनी भी बुरी नही है , आप ऐसा नही करेंगी इतना मुझे पता है

मिसेज़ गुप्ता- ये तुम्हारी ग़लत फ़हमी है

अवी- तो कर दीजिए मुझे फैल ,

मिसेज़ गुप्ता- तुम्हें डर नही लग रहा है

अवी- आप अपने स्टूडेंट को प्यार करना जानती है उनको फैल करना नही

मिसेज़ गुप्ता- क्या मतलब

अवी- मुझे आपके बारे मे जितना पता है उससे तो यही लगता है कि आप लड़कों की बेस्ट टीचर हो
 
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