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Guest
चॅप्टर 955
कोमल-माँ ,पापा और अवी अभी तक आए क्यूँ नही.
नेहा बुआ-हाँ, टाइम तो हो गया .अब तक तो आ जाना चाहिए थे
कोमल-लीना के घर गये होगे. कविता को भेज कर देखते है.
नेहा बुआ-यही से आवाज़ दे कर देख
कोमल के गेट के पास आ गयी और लीना को आवाज़ देने लगी.
कोमल-लीना लीना
नीता बुआ- लीना, कोमल तुम्हें आवाज़ दे रही है
लीना-हाँ दीदी
कोमल-अवी पापा आ गये
लीना-नही, अभी तक तो नही आए है.
कोमल-माँ ,कविता को भेज कर देखते है. शायद बस लेट हो
नेहा बुआ- ठीक है ,कविता जा कर देख
कविता बस स्टॉप पर चली गयी. और भागते हुए वापस आ गयी.
कोमल-क्या हुआ
कविता-भैया वहाँ पर नही है. और कोई भी नही है.
कोमल-अवी कहा गया होगा.
नेहा बुआ-तूने पूछा नही की बस आई कि नही.
कविता-वहाँ कोई नही था. दुकान भी बंद थी जहाँ बस रुकती है.
कोमल-मैं अवी को फोन लगाती हूँ.
कोमल मुझे फोन लगाने लगी. सिर्फ़ रिंग जा रही थी ,मैं फोन नही उठा रहा था.
नेहा बुआ-क्या हुआ ,कहाँ है वो
कोमल-फोन नही उठा रहा. छोटी मामी को फोन करती हूँ
कोमल ने छोटी चाची को कॉल किया
कोमल-मामी अवी आया है वहाँ पर
सी चाची-नही तो ,वो तुम्हारे पास रुका था.
कोमल-हाँ, पर उसे पापा को लाने बस स्टॉप पर भेजा था .पर वो वहाँ नही है .और कॉल भी नही उठा रहा
सी चाची-मैं ट्राइ करके देखती हूँ. वो यही कहीं होगा.
कोमल-अवी से बात होते ही बता दीजिएगा.
कोमल-अवी घर पे भी नही है.
नेहा बुआ-कहाँ गया होगा. एक काम ठीक से नही करता.
छोटी चाची मुझे कॉल लगाने लगी. एग्ज़ॅम की वजह से मोबाइल साइलेंट पे रखा था जिस से मैं फोन नही उठा रहा था
------------------------------
अवी-ये सपना है, छोटी चाची सब ठीक कर देंगी, छोटी चाची कुछ भी कर सकती है,वो सब ठीक कर देंगी
लीना के पापा-अवी अवी,ये कहाँ चला गया.
वॉर्ड बॉय-आप उसको देखो थोड़ी देर मैं इनको रूम मे रखता हूँ
लीना के पापा मुझे ढूँढने लगे.
मैं हॉस्पिटल के गेट के पास खड़ा था .
अवी-छोटी चाची सब ठीक कर देंगी.वो कुछ भी कर सकती है.
अवी-छोटी चाची , छोटी चाची, कहाँ है ,यही तो थी, हमेशा मेरे साथ रहती है, चाची
मैं चाची को इधर उधर देखने लगा ,आती जाती औरतों मे चाची को ढूँढ ने लगा.
अवी-ये सपना है, मेरा सपना है.मैं चाहू तो चाची को यहाँ ला सकता हूँ. चाची आ जाओ
मैं चाची को बुलाने लगा. चाची को बुलाने के बाद भी चाची ना आने पर मैं फिर से डरने लगा.
अवी-चाची कहाँ हो तुम ,मुझे अकेला छोड़ कर कहाँ चली गयी हो, तुम्हारा बेटा अकेला है, मुझे आपकी ज़रूरत है.
मैं चाची का नाम लेकर रोने लगा .आते जाते लोग मुझे देख कर बाते कर रहे थे.
लड़का-हेलो ,हेलो चाची
एक लड़का फोन पर बात कर रहा था
चाची का नाम सुनते ही मैं ने उस लड़के के हाथ से मोबाइल ले लिया.
अवी-हेलो चाची कहाँ हो तुम ,मैं अवी ,मुझे अकेला छोड़ कर कहाँ चली गयी.
अननोन-कौन अवी ,मैं किसी अवी को नही जानती.
उस लड़के ने मुझ से मोबाइल ले लिया.मैं उससे मोबाइल माँग रहा था पर वो मुझे मोबाइल नही दे रहा था.
अवी-चाची ने मुझे पहचाना नही , चाची ने मुझे पहचाना नही,ये बुरा सपना है ,ये सपना है ,चाची मुझे ऐसा नही कह सकती.ये सपना है
उस लड़के ने मेरी हालत देखी और मुझे अपने रूम मे ले गया.
लीना के पापा मुझे ढूँढने लगे .पर वो लड़का मुझे अपने कमरे ले गया.
वो समझ गया कि मैं उसकी चाची को अपनी चाची समझ रहा हूँ.
मेरी हालत देखते हुए उसने मेरे जेब चेक किए और मेरा मोबाइल ले लिया
कोमल-माँ ,पापा और अवी अभी तक आए क्यूँ नही.
नेहा बुआ-हाँ, टाइम तो हो गया .अब तक तो आ जाना चाहिए थे
कोमल-लीना के घर गये होगे. कविता को भेज कर देखते है.
नेहा बुआ-यही से आवाज़ दे कर देख
कोमल के गेट के पास आ गयी और लीना को आवाज़ देने लगी.
कोमल-लीना लीना
नीता बुआ- लीना, कोमल तुम्हें आवाज़ दे रही है
लीना-हाँ दीदी
कोमल-अवी पापा आ गये
लीना-नही, अभी तक तो नही आए है.
कोमल-माँ ,कविता को भेज कर देखते है. शायद बस लेट हो
नेहा बुआ- ठीक है ,कविता जा कर देख
कविता बस स्टॉप पर चली गयी. और भागते हुए वापस आ गयी.
कोमल-क्या हुआ
कविता-भैया वहाँ पर नही है. और कोई भी नही है.
कोमल-अवी कहा गया होगा.
नेहा बुआ-तूने पूछा नही की बस आई कि नही.
कविता-वहाँ कोई नही था. दुकान भी बंद थी जहाँ बस रुकती है.
कोमल-मैं अवी को फोन लगाती हूँ.
कोमल मुझे फोन लगाने लगी. सिर्फ़ रिंग जा रही थी ,मैं फोन नही उठा रहा था.
नेहा बुआ-क्या हुआ ,कहाँ है वो
कोमल-फोन नही उठा रहा. छोटी मामी को फोन करती हूँ
कोमल ने छोटी चाची को कॉल किया
कोमल-मामी अवी आया है वहाँ पर
सी चाची-नही तो ,वो तुम्हारे पास रुका था.
कोमल-हाँ, पर उसे पापा को लाने बस स्टॉप पर भेजा था .पर वो वहाँ नही है .और कॉल भी नही उठा रहा
सी चाची-मैं ट्राइ करके देखती हूँ. वो यही कहीं होगा.
कोमल-अवी से बात होते ही बता दीजिएगा.
कोमल-अवी घर पे भी नही है.
नेहा बुआ-कहाँ गया होगा. एक काम ठीक से नही करता.
छोटी चाची मुझे कॉल लगाने लगी. एग्ज़ॅम की वजह से मोबाइल साइलेंट पे रखा था जिस से मैं फोन नही उठा रहा था
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अवी-ये सपना है, छोटी चाची सब ठीक कर देंगी, छोटी चाची कुछ भी कर सकती है,वो सब ठीक कर देंगी
लीना के पापा-अवी अवी,ये कहाँ चला गया.
वॉर्ड बॉय-आप उसको देखो थोड़ी देर मैं इनको रूम मे रखता हूँ
लीना के पापा मुझे ढूँढने लगे.
मैं हॉस्पिटल के गेट के पास खड़ा था .
अवी-छोटी चाची सब ठीक कर देंगी.वो कुछ भी कर सकती है.
अवी-छोटी चाची , छोटी चाची, कहाँ है ,यही तो थी, हमेशा मेरे साथ रहती है, चाची
मैं चाची को इधर उधर देखने लगा ,आती जाती औरतों मे चाची को ढूँढ ने लगा.
अवी-ये सपना है, मेरा सपना है.मैं चाहू तो चाची को यहाँ ला सकता हूँ. चाची आ जाओ
मैं चाची को बुलाने लगा. चाची को बुलाने के बाद भी चाची ना आने पर मैं फिर से डरने लगा.
अवी-चाची कहाँ हो तुम ,मुझे अकेला छोड़ कर कहाँ चली गयी हो, तुम्हारा बेटा अकेला है, मुझे आपकी ज़रूरत है.
मैं चाची का नाम लेकर रोने लगा .आते जाते लोग मुझे देख कर बाते कर रहे थे.
लड़का-हेलो ,हेलो चाची
एक लड़का फोन पर बात कर रहा था
चाची का नाम सुनते ही मैं ने उस लड़के के हाथ से मोबाइल ले लिया.
अवी-हेलो चाची कहाँ हो तुम ,मैं अवी ,मुझे अकेला छोड़ कर कहाँ चली गयी.
अननोन-कौन अवी ,मैं किसी अवी को नही जानती.
उस लड़के ने मुझ से मोबाइल ले लिया.मैं उससे मोबाइल माँग रहा था पर वो मुझे मोबाइल नही दे रहा था.
अवी-चाची ने मुझे पहचाना नही , चाची ने मुझे पहचाना नही,ये बुरा सपना है ,ये सपना है ,चाची मुझे ऐसा नही कह सकती.ये सपना है
उस लड़के ने मेरी हालत देखी और मुझे अपने रूम मे ले गया.
लीना के पापा मुझे ढूँढने लगे .पर वो लड़का मुझे अपने कमरे ले गया.
वो समझ गया कि मैं उसकी चाची को अपनी चाची समझ रहा हूँ.
मेरी हालत देखते हुए उसने मेरे जेब चेक किए और मेरा मोबाइल ले लिया