S
StoryPublisher
Guest
फ्लॅशबॅक 960
नीता-नेहा उठ ना ,
नेहा-सोने दो ना,
नीता-माँ बुला रही है
नेहा-इतनी सुबह,
नीता-कल भैया आने वाले है
नेहा-भैया ,
नीता-अब कैसे उठ गयी.
नेहा-तू मज़ाक कर रही है तो मेरे हाथ से मार खाएगी
नीता-मुझे मारेगी. जा मैं नही बताती,
नेहा-सॉरी ,अब बता ना ,क्या सच मे भैया आ रहे है
नीता-हाँ, और भाभी भी आ रही ,डेलिवरी के लिए.
नेहा-सच ,पहले क्यूँ नही बताया. भाभी के लिए तय्यारी करनी होगी.
नीता-पहले फ्रेश तो हो जा
नेहा भागते हुए अपनी माँ के कमरे मे गयी.
नेहा-माँ, भैया भाभी आ रहे हैं
माजी-हाँ ,कल आने वाले है. बहू की डेलिवरी यही करेंगे
नीता-भाभी अपने मायके नही जाएगी.
माजी-नही, तुम्हारे पिताजी चाहते है कि डेलिवरी यहीं हो ,
नेहा-फिर तो मुझे बहुत काम करना होगा. मैं अभी से काम मे लगती हूँ.
नीता-भैया भाभी किस कमरे मे रुकेंगे.
माजी-छोटू (चाचा) के कमरे मे .
नेहा-तो छोटू कहाँ रहेगा.
माजी-हम हॉल मे सोएंगे.और छोटू स्टोर रूम मे.
नीता बुआ-मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा
माजी-तुम दोनो एक कमरे मे सोती हो, छोटू के कमरे मे बहू रहेगी, मेरे कमरे मे पूजा और दामाद जी रहेंगे. और हॉल मे मैं तुम्हारे पिताजी और छोटू स्टोर रूम मे सोएगा.
नेहा-पूजा दीदी भी आ रही है ,जीजाजी के साथ कौन कौन आ रहा है
माजी-पूजा ,दामाद जी ,स्वेता और सीतल आ रही है.
नीता- स्वेता सीतल भी आ रही है फिर तो बहुत मज़ा आएगा
नेहा-बस इतने ही लोग आ रहे है
माजी-हाँ, दामाद जी यहाँ काम से आ रहे है. उनको वापस शहर के कंपनी मे काम करने भेजा है.
नीता-जीजाजी का अच्छा है ,शहर2 के कंपनी मे कुछ दिन काम करते है ,फिर यहाँ हमारे गाँव आकर शहर के कंपनी मे काम करते है.
माजी- दोनो कंपनी एक ही है. कभी या काम करते तो कभी वहाँ
नेहा-पिछली बार तो जीजाजी अपने दोस्तो के साथ आए थे,
माजी-तब उनकी शादी कहाँ हुई थी इस लिए वो शहर मे रुके थे .अब तो वो यही रुकेंगे हमारे साथ
नीता-तू क्यूँ इतना पूछ रही है. चल भाभी के लिए कमरा तय्यार करते है.
नेहा-हाँ चल ,पता नही छोटू ने कमरे की क्या हालत बनाके रखी थी.
( अब बड़ी चाची और सीमा चाची रहती है वो कमरा पहले नेहा नीता और पूजा का हुआ करता था. पूजा की शादी के बाद नेहा और नीता का हो गया)
(छोटू मतलब चाचा, घर मे सब से छोटे होने से उनको छोटू कह के बुलाते थे. वो कमरा पहले छोटू और जयसिंघ का था .जयसिंघ की शादी के बाद छोटू को अकेले को वो कमरा मिला . अब उस कमरे मे चाचा और छोटी चाची रहती है.)
(मेरा कमरा पहले दादा दादी का था . )
(स्टोर हाउस ,2 मिनिट मे कमरा तो 2 मिनिट मे स्टोर हाउस बन जाता था,अब उस कमरे मे विद्या रहती है.)
नेहा और नीता छोटू के कमरे मे चली गयी. छोटू अभी तक सो रहा था.
नेहा -देख कैसा सो रहा है.
नीता-2 ही तो काम करता है. एक दोस्तो के साथ घूमना और दूसरा खाना खा कर सोना.पढ़ाई तो करना इसे आता ही नही.
नेहा-कुछ भी बोल ,दोनो काम मन लगा कर करता है
नीता-छोटू उठ , सुबह हो गयी
छोटू-कितनी बार कहा कि मुझे छोटू मत कहो,अब मैं बड़ा हो गहा हूँ
नेहा-तू कितना भी बड़ा हो जाए रहेगा तो हमेशा छोटा ही
नीता-अब उठ जल्दी
छोटू-मुझे और सोना है. सोने दो
नेहा-अब उठ और अपने दोस्तो के साथ घूमने जा
छोटू-मेरे दोस्तो के बारे में कुछ मत बोलना
नीता-कैसे दोस्त बना कर रखे है. सब तुझ से बड़े है.
छोटू-मैं बड़ा हो गया हूँ ,इसी लिए मेरे दोस्त बड़े है
नेहा-इसी लिए कहती हूँ पढ़ाई पर ध्यान दे ,तुझे तेरे जैसी अनपढ़ बीवी मिलेगी.
नीता-भैया को देख ,भाभी कितनी पड़ी लिखी है.कुछ सीख उनसे
नेहा-चल उठ अब
छोटू-मुझे उठा क्यूँ रही हो
नीता-भैया भाभी आ रहे है.
छोटू-मैं क्या करूँ ,मुझे सोने दो
नेहा-बाहर जाके सो जा, हमे कमरा ठीक करना है
छोटू-ये मेरा कमरा है. मैं क्यूँ बाहर जाउ
नीता-क्यूँ कि
नेहा-यहाँ भैया भाभी रहेंगे
छोटू-तो मैं कहाँ रहूँगा
नीता बुआ-स्टोर रूम मे , उसे कमरा बना देंगे
नेहा-चल उठ जल्दी
छोटू-मैं नही जाउन्गा वहाँ पर,
नीता-माँ देखो ,छोटू हमारी बात नही मान रहा
माजी-क्या हुआ
नीता-छोटुयही रहने की ज़िद्द कर रहा है.
माजी-छोटू मेरा प्यारा बेटा , अपनी माँ की बात नही मानेगा.
छोटू-मैं वहाँ नही रहूँगा
माजी-तेरी भाभी आ रही है. वो माँ बन ने वाली है. उसके लिए ये कमरा ठीक रहेगा
छोटू-मुझे स्टोर रूम मे नींद नही आती
माजी-हॉल मे सोएगा
छोटू-हाँ
माजी-तू हॉल मे सोना ,मैं और तेरे पिताजी स्टोर रूम मे सोएंगे.
छोटू-ठीक है.
माजी-फ्रेश हो जा. अपनी बहनों को काम करने दे
छोटू फ्रेश होने चला गया .
नेहा और नीता कमरा ठीक करने मे लग गयी .
भैया भाभी जो आ रहे थे.
साथ मे पूजा दीदी और जीजाजी भी आ रहे थे.
स्वेता और सीतल के साथ खेलने के लिए नेहा और नीता तय्यार थी.
दोनो खुश थी क्यूँ भैया भाभी आ रही थी
भैया उनके लिए गिफ्ट लाएँगे ,लेकिन उनका बेस्ट गुड गिफ्ट था उनकी भाभी , भाभी आते ही जैसे नेहा नीता खुद को भूल ही जाती है ,दिन रात भाभी के साथ रहती है , शालिनी ने जैसा वादा किया वो पूरा कर दिया , हर 3 महीने मे एक बार गाँव ज़रूर आती , शालिनी के आते ही सब के लिए दीवाली हो जाती ,, नेहा नीता को भाभी के आने का इंतज़ार था ,
भाभी माँ बन ने वाली थी. नेहा और नीता बुआ बने वाली थी. ये तो उनके लिए अपनी भाभी की तरफ से गिफ्ट था
साथ ही पूजा दीदी आ रही थी .इस बार दोनो साली तय्यार थी अपने जीजाजी के स्वागत के लिए.
माजी-अवी की दादी
पिताजी(योगेंद्रसिंघ)-अवी के दादाजी
नेहा-नेहा बुआ
नीता-नीता बुआ
पूजा-पूजा बुआ
छोटू-अवी का चाचा
जयसिंघ-अवी के पापा
शालिनी-अवी की माँ
रमेश-पूजा का पति
सुरेश-रमेश का दोस्त
जतिन-रमेश का दोस्त
अजीत- जयसिंघ का दोस्त
कुमार- जयसिंघ का दोस्त
ठाकुरजी.(प्रतापसिंघ )- रणजीतसिंघ के पिता
______________________________
नीता-नेहा उठ ना ,
नेहा-सोने दो ना,
नीता-माँ बुला रही है
नेहा-इतनी सुबह,
नीता-कल भैया आने वाले है
नेहा-भैया ,
नीता-अब कैसे उठ गयी.
नेहा-तू मज़ाक कर रही है तो मेरे हाथ से मार खाएगी
नीता-मुझे मारेगी. जा मैं नही बताती,
नेहा-सॉरी ,अब बता ना ,क्या सच मे भैया आ रहे है
नीता-हाँ, और भाभी भी आ रही ,डेलिवरी के लिए.
नेहा-सच ,पहले क्यूँ नही बताया. भाभी के लिए तय्यारी करनी होगी.
नीता-पहले फ्रेश तो हो जा
नेहा भागते हुए अपनी माँ के कमरे मे गयी.
नेहा-माँ, भैया भाभी आ रहे हैं
माजी-हाँ ,कल आने वाले है. बहू की डेलिवरी यही करेंगे
नीता-भाभी अपने मायके नही जाएगी.
माजी-नही, तुम्हारे पिताजी चाहते है कि डेलिवरी यहीं हो ,
नेहा-फिर तो मुझे बहुत काम करना होगा. मैं अभी से काम मे लगती हूँ.
नीता-भैया भाभी किस कमरे मे रुकेंगे.
माजी-छोटू (चाचा) के कमरे मे .
नेहा-तो छोटू कहाँ रहेगा.
माजी-हम हॉल मे सोएंगे.और छोटू स्टोर रूम मे.
नीता बुआ-मुझे तो कुछ समझ नही आ रहा
माजी-तुम दोनो एक कमरे मे सोती हो, छोटू के कमरे मे बहू रहेगी, मेरे कमरे मे पूजा और दामाद जी रहेंगे. और हॉल मे मैं तुम्हारे पिताजी और छोटू स्टोर रूम मे सोएगा.
नेहा-पूजा दीदी भी आ रही है ,जीजाजी के साथ कौन कौन आ रहा है
माजी-पूजा ,दामाद जी ,स्वेता और सीतल आ रही है.
नीता- स्वेता सीतल भी आ रही है फिर तो बहुत मज़ा आएगा
नेहा-बस इतने ही लोग आ रहे है
माजी-हाँ, दामाद जी यहाँ काम से आ रहे है. उनको वापस शहर के कंपनी मे काम करने भेजा है.
नीता-जीजाजी का अच्छा है ,शहर2 के कंपनी मे कुछ दिन काम करते है ,फिर यहाँ हमारे गाँव आकर शहर के कंपनी मे काम करते है.
माजी- दोनो कंपनी एक ही है. कभी या काम करते तो कभी वहाँ
नेहा-पिछली बार तो जीजाजी अपने दोस्तो के साथ आए थे,
माजी-तब उनकी शादी कहाँ हुई थी इस लिए वो शहर मे रुके थे .अब तो वो यही रुकेंगे हमारे साथ
नीता-तू क्यूँ इतना पूछ रही है. चल भाभी के लिए कमरा तय्यार करते है.
नेहा-हाँ चल ,पता नही छोटू ने कमरे की क्या हालत बनाके रखी थी.
( अब बड़ी चाची और सीमा चाची रहती है वो कमरा पहले नेहा नीता और पूजा का हुआ करता था. पूजा की शादी के बाद नेहा और नीता का हो गया)
(छोटू मतलब चाचा, घर मे सब से छोटे होने से उनको छोटू कह के बुलाते थे. वो कमरा पहले छोटू और जयसिंघ का था .जयसिंघ की शादी के बाद छोटू को अकेले को वो कमरा मिला . अब उस कमरे मे चाचा और छोटी चाची रहती है.)
(मेरा कमरा पहले दादा दादी का था . )
(स्टोर हाउस ,2 मिनिट मे कमरा तो 2 मिनिट मे स्टोर हाउस बन जाता था,अब उस कमरे मे विद्या रहती है.)
नेहा और नीता छोटू के कमरे मे चली गयी. छोटू अभी तक सो रहा था.
नेहा -देख कैसा सो रहा है.
नीता-2 ही तो काम करता है. एक दोस्तो के साथ घूमना और दूसरा खाना खा कर सोना.पढ़ाई तो करना इसे आता ही नही.
नेहा-कुछ भी बोल ,दोनो काम मन लगा कर करता है
नीता-छोटू उठ , सुबह हो गयी
छोटू-कितनी बार कहा कि मुझे छोटू मत कहो,अब मैं बड़ा हो गहा हूँ
नेहा-तू कितना भी बड़ा हो जाए रहेगा तो हमेशा छोटा ही
नीता-अब उठ जल्दी
छोटू-मुझे और सोना है. सोने दो
नेहा-अब उठ और अपने दोस्तो के साथ घूमने जा
छोटू-मेरे दोस्तो के बारे में कुछ मत बोलना
नीता-कैसे दोस्त बना कर रखे है. सब तुझ से बड़े है.
छोटू-मैं बड़ा हो गया हूँ ,इसी लिए मेरे दोस्त बड़े है
नेहा-इसी लिए कहती हूँ पढ़ाई पर ध्यान दे ,तुझे तेरे जैसी अनपढ़ बीवी मिलेगी.
नीता-भैया को देख ,भाभी कितनी पड़ी लिखी है.कुछ सीख उनसे
नेहा-चल उठ अब
छोटू-मुझे उठा क्यूँ रही हो
नीता-भैया भाभी आ रहे है.
छोटू-मैं क्या करूँ ,मुझे सोने दो
नेहा-बाहर जाके सो जा, हमे कमरा ठीक करना है
छोटू-ये मेरा कमरा है. मैं क्यूँ बाहर जाउ
नीता-क्यूँ कि
नेहा-यहाँ भैया भाभी रहेंगे
छोटू-तो मैं कहाँ रहूँगा
नीता बुआ-स्टोर रूम मे , उसे कमरा बना देंगे
नेहा-चल उठ जल्दी
छोटू-मैं नही जाउन्गा वहाँ पर,
नीता-माँ देखो ,छोटू हमारी बात नही मान रहा
माजी-क्या हुआ
नीता-छोटुयही रहने की ज़िद्द कर रहा है.
माजी-छोटू मेरा प्यारा बेटा , अपनी माँ की बात नही मानेगा.
छोटू-मैं वहाँ नही रहूँगा
माजी-तेरी भाभी आ रही है. वो माँ बन ने वाली है. उसके लिए ये कमरा ठीक रहेगा
छोटू-मुझे स्टोर रूम मे नींद नही आती
माजी-हॉल मे सोएगा
छोटू-हाँ
माजी-तू हॉल मे सोना ,मैं और तेरे पिताजी स्टोर रूम मे सोएंगे.
छोटू-ठीक है.
माजी-फ्रेश हो जा. अपनी बहनों को काम करने दे
छोटू फ्रेश होने चला गया .
नेहा और नीता कमरा ठीक करने मे लग गयी .
भैया भाभी जो आ रहे थे.
साथ मे पूजा दीदी और जीजाजी भी आ रहे थे.
स्वेता और सीतल के साथ खेलने के लिए नेहा और नीता तय्यार थी.
दोनो खुश थी क्यूँ भैया भाभी आ रही थी
भैया उनके लिए गिफ्ट लाएँगे ,लेकिन उनका बेस्ट गुड गिफ्ट था उनकी भाभी , भाभी आते ही जैसे नेहा नीता खुद को भूल ही जाती है ,दिन रात भाभी के साथ रहती है , शालिनी ने जैसा वादा किया वो पूरा कर दिया , हर 3 महीने मे एक बार गाँव ज़रूर आती , शालिनी के आते ही सब के लिए दीवाली हो जाती ,, नेहा नीता को भाभी के आने का इंतज़ार था ,
भाभी माँ बन ने वाली थी. नेहा और नीता बुआ बने वाली थी. ये तो उनके लिए अपनी भाभी की तरफ से गिफ्ट था
साथ ही पूजा दीदी आ रही थी .इस बार दोनो साली तय्यार थी अपने जीजाजी के स्वागत के लिए.
माजी-अवी की दादी
पिताजी(योगेंद्रसिंघ)-अवी के दादाजी
नेहा-नेहा बुआ
नीता-नीता बुआ
पूजा-पूजा बुआ
छोटू-अवी का चाचा
जयसिंघ-अवी के पापा
शालिनी-अवी की माँ
रमेश-पूजा का पति
सुरेश-रमेश का दोस्त
जतिन-रमेश का दोस्त
अजीत- जयसिंघ का दोस्त
कुमार- जयसिंघ का दोस्त
ठाकुरजी.(प्रतापसिंघ )- रणजीतसिंघ के पिता
______________________________