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मैं और मेरा परिवार

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फ्लश बॅक 995

नेहा नीता के साथ रूम मे चली गयी.

कुमार का आलीशान रूम देख कर नीता पागलो की तरह रूम मे इधर उधर जंप मारने लगी.

नीता-नेहा, जीजाजी बहुत अच्छे है.

नेहा-तुझे पसंद है

नीता-हाँ,

नेहा-फिर मुझे भी पसंद है.

नीता-देख ना इतना बड़ा होटेल है, मैं तो पूरा होटेल देखना चाहती हूँ.

नेहा-तू कहीं नही जाएगी. पिताजी ने क्या कहा था पता है ना

नीता-प्ल्ज़ नेहा ,मैं बाद मे कहाँ इस होटेल मे आउन्गि. मुझे देखने दे ना

नेहा-ठीक है पर जल्दी आना

नीता नेहा से इजाज़त लेके होटेल देखने के लिए चली गयी. और नेहा ड्रेस ट्राइ करने लगी.

नेहा नीता के साथ रूम मे जाते ही कुमार अजीत और उसकी बीवी के साथ अजीत के रूम मे चले गये

रूम मे जाते ही कुमार ने अजीत की बीवी को किस करना सुरू किया .और उसके कपड़े निकालने सुरू किए.अजीत भी कपड़े निकालने वाला था की कुमार ने उसे रोक लिया

कुमार-तू क्या कर रहा है ,

अजीत-मेरी बीवी की चुदाई करूँगा.

कुमार-पहले मेरी तरह लंड खड़ा करके आ फिर चुदाई करना ,

अजीत-मेरी बीवी के साथ तू मज़े करेगा और मैं लंड खड़ा करने जाउ.

कुमार-जाना यार, लंड मे बहुत दर्द हो रहा है ,जल्दी तेरी बीवी की चूत मे जाना चाहता है

अजीत-साथ मे करते है.

कुमार-उन दोनो पे नज़र कौन रखेगा.तू उन पे नज़र रख ,मैं तेरी बीवी की चूत मारकर अपना लंड ठंडा करता हूँ

अजीत-चल ठीक है. अपनी साली की गर्मी मेरी बीवी पे निकाल मैं चला तेरी होने वाली बीवी पे नज़र रखने

कुमार-कोई गड़बड़ मत करना

अजीत ने कुमार के रूम की दूसरी चाबी ली और रूम से बाहर आ गया.

अजीत ने रूम से बाहर आते ही नीता को होटेल देखते हुए देख लिया.

अजीत-नीता इधर है तो रूम मे नेहा अकेली होगी.

अजीत ने नीता को दूर जाने दिया .और धीरे से चाबी की मदद से गेट खोल कर अंदर गया.

अंदर नेहा ,नीता के जाते ही बेड पर गिर गयी.और नरम नरम गद्दे का मज़ा लेने लगी.

फिर अचानक खड़ी हो गयी.और अपने नये ड्रेस देखने लगी.

नेहा ने ड्रेस ट्राइ करने का सोचा. और अपने कपड़े निकालने लगी.

अजीत कमरे मे आ चुका था और छुप कर नेहा को देख रहा था

नेहा ने नीता की तरह अपनी कमीज़ निकालना सुरू किया

अजीत तो खुद को लकी मान रहा था.नेहा को कपड़े बदलते हुए देखने को जो मिला था.

नेहा के कमीज़ निकालते ही अजीत की तो निकल पड़ी. नेहा के को इस तरह इतनी जल्दी देखने मिलेगा उसने सोचा नही था.

कुमार को तो नीता को देखने मिला जिस से उसका ऐसा हाल हुआ कि वो अजीत की बीवी चुदाई कर रहा है.

अजीत को तो नेहा को देखने मिल रहा है.नेहा को, उसका लंड नेहा को देख कर फटने को हो रहा था.

नेहा ने कमीज़ निकालने के बाद नयी कमीज़ पहनने की जगह अपनी ब्रा भी निकाल दी.

ब्रा निकलते ही अजीत के दिल ने धड़कना बंदकर दिया.

उसका गला सूख गया. लंड पैंट से निकल कर फटने को तय्यार था.

नेहा की पीठ अजीत की तरफ थी .जिस से अजीत को नेहा की दूध देखने नही मिले .

पर नेहा नया ड्रेस लेने के लिए पलट गयी और नेहा के दूध अजीत को दिख गये

नेहा के बेमिसाल दूध देख कर अजीत का कंट्रोल चला गया और पास मे रुका हुआ फ्लवर प्लॉट गिर गया

फ्लवर प्लॉट फूटने से नेहा का ध्यान अजीत कीतरफ गया. वहाँ अजीत को देख कर नेहा ने अपने बदन को छुपाना सुरू किया.

अजीत समझ गया कि गड़बड़ हो गयी . वो वहाँ से जल्दी भाग गया.

नेहा-अजीत ने अब अपनी लिमिट क्रॉस की है. अब तक बहुत हो गया था ,अब इसका कुछ करना होगा

कुमार को बताना होगा. अजीत के बारे में कुमार को पता होना चाहिए.

इसको तो मैं नही छोड़ूँगी. कुमार को बता कर सबक सीखा कर रहूंगी.

नेहा ने अपने कपड़े पहन लिए और रूम से बाहर आ गयी.

नेहा-ये कुमार कहाँ मिलेगा.सुनो

होटेल्बाय-यस मेडम

नेहा-कुमार साब का रूम कहाँ है

होटेल्बाय-मेडम यही तो है जहाँ से आप आई हो

नेहा-(अजीत की बीवी से बात करती हूँ, कुमार के आने के बाद उसे बता दूँगी) अजीत साब का रूम कहाँ है

होटेल्बाय-वो लास्ट वाला है

होटेल्बाय के जाते ही नेहा ने गेट पर नॉक किया

नेहा अजीत की बीवी से बात करना चाहती थी पर गेट कुमार ने खोला .

कुमार को यहाँ अजीत के रूम मे वो बी टवल पहन कर देखा तो नेहा शॉक्ड हो गयी

नेहा को इस तरह सामने देख कर कुमार भी शॉक्ड हुआ ,पर उसने नेहा को अंदर नही आने दिया.

कुमार-क्या हुआ

नेहा-मुझे आप से बात करनी है.

कुमार-रूको कपड़े पहन कर आता हूँ

जितना गेट खुला था वहाँ से नेहा अंदर देख रही थी.उसे उंड़र कपड़े बिखरे हुए दिखाई दिए

कुमार ने गेट बंद किया और कपड़े पहन कर बाहर आ गया.

कुमार-क्या हुआ

नेहा-आप अजीत के रूम मे क्या कर रहे थे.

कुमार-तुम मेरे रूम मे थी तो यहाँ फ्रेश हो रहा था

नेहा-अंदर अजीत है

कुमार-नही.

नेहा-आप अपने दोस्त को समझा दीजिए,उसके जैसा घटिया इंसान नही देखा.

कुमार-क्या हुआ ,

नेहा-वो मैं रूम मे कपड़े बदल रही थी कि वो वहाँ आ गया .और मुझे

कुमार-(ये अजीत भी ना ,कहा था गड़बड़ मत करना)मुझे पूरी बात बताओ

नेहा ने पूरी बात कुमार को बता दी

नेहा-ऐसा है आपका दोस्त

कुमार-उसको मैं ने भेजा था. तुम्हारे लिए नाश्ता चाहिए कि नही पूछने के लिए

नेहा-आपने भेजा ,तो वो ऐसे छुप कर क्यूँ देख रहा था.

कुमार-वो बिचारा क्या करता, तुम ने कपड़े निकाले होंगे और तभी वो वहाँ आ गया .जैसे वो जाने के लिए पीछे मुड़ा कि पॉट टूट गया.समझी

नेहा-वो सुबह से मुझे तंग कर रहा है.

कुमार-वो थोड़ा मज़किया है. और ग़लती तुम्हारी थी तुम ने गेट ठीक से बंद नही किया होगा

नेहा-(मैं ने तो ठीक से बंद किया था. ये नीता खुला छोड़ गयी होगी) शायद मैं ने गेट ठीक से बंद नही किया होगा.

कुमार-फिर भी मैं उस से सॉरी बोलने को कहूँगा. अब स्माइल करो

नेहा-ठीक है. ये अजीत की बीवी कहाँ है.

कुमार-वो नीचे गयी है. तुम फ्रेश हो जाओ मैं अजीत से बात करता हूँ

और कुमार नीचे अजीत को ढूँढने चला गया .और नेहा वही खड़ी रह कर कुमार को प्यार से देखती रह गयी.

नेहा को कुमार का शांत नेचर अच्छा लगने लगा.

नेहा अब कुमार के बारे में सोच रही थी कि अजीत के रूम का गेट खुला

अजीत की बीवी-कोई है, अरे नेहा तुम यहाँ क्या कर रही हो

अजीत को बीवी को रूम मे देख कर नेहा को कुछ समझ नही आया. उपर से अजीत की बीवी ने नाइटी पहन रखी थी

और वो शायद कुमार को देखने आई थी

अजीत की बीवी-नेहा क्या हुआ

नेहा-मेरा सर दर्द कर रहा है. मैं अंदर आ जाउ

अजीत की बीवी के कुछ कहने से पहले नेहा अंदर चली गयी.

अंदर रूम मे जैसे कुमार के कपड़े बिखरे हुए देखे थे वैसे अजीत के बीवी के कपड़े पड़े थे.कुमार तो अपने कपड़े पहन कर चला गया पर अजीत की बीवी के कपड़े वैसे पड़े थे , ये वही कपड़े थे दोनो ने थोड़ी देर पहने थे

ब्रा पैंटी का भी वही हाल था.

बेड की हालत बता रही थी यहाँ क्या हुआ है.

कुमार ने पहना हुआ टवल बेड पर ऐसे पड़ा हुआ था जैसे किसी ने जल्द बाज़ी मे फेका हो

नेहा को समझ मे आ गया कि कुमार और अजीत की बीवी के बीच मे कुछ चल रहा है.

नेहा अपने यकीन को पक्का करना चाहती थी

कुमार ने झूठ कहा कि अजीत की बीवी नीचे है पर तो वो कमरे मे थी

अजीत की बीवी ने झूठ कहा कि कुमार उसको मिला नही पर कुमार तो कमरे से अभी बाहर गया है

और अजीत तो उसके कमरे मे आया था फिर अजीत की बीवी झूठ क्यूँ बोल रही है

नेहा-लगता है अजीत भैया काफ़ी रोमॅंटिक है.

अजीत की बीवी-हाँ, एक पल चैन से बैठने नही देते

नेहा-बेड को देख कर पता चल गया. अजीत भैया कहाँ है.

अजीत की बीवी-अभी यहाँ से गये है.तुम बाहर क्या कर रही थी

नेहा-मैं कुमार को ढूँढ रही थी .आपको पता है कहाँ है वो

अजीत की बीवी-मुझे तो नही पता, होटेल मे आते ही कहाँ गये कुछ पता नही है

नेहा-चलिए ढूँढते है.

अजीत की बीवी-मैं फ्रेश होती हूँ

नेहा-मैं समान लेके आती हूँ

अजीत की बीवी-ठीक है

अजीत की बीवी फ्रेश होने चली गयी और नेहा नीता को ढूँढने मे लग गयी.

नीता ने पूरा होटेल देख लिया और वापस रूम मे आ गयी.

नेहा-कहाँ थी तू

नीता-होटेल देख रही थी

नेहा-चल हमे यहाँ से जाना है.

नीता-क्या हुआ .अभी तो आधा दिन बाकी है

नेहा-मुझे यहाँ अच्छा नही लग रहा है.

नीता-क्या हुआ

नेहा-सर मे दर्द है

नीता-ठीक है. सामान लेके जीजाजी को बाइ बोलते है

नेहा-हाँ, चल

नीता ने अपना सामान ले लिया. और दोनो रूम से बाहर आ गयी.

बाहर उनका अजीत की बीवी मिल गयी.

नेहा को अजीत की बीवी के साथ नीचे रेस्तरॉ मे जाना पड़ा.

वहाँ पर अजीत की बीवी ने तीनो के लिए टी मंगाई और कुमार अजीत को ढूँढने को वेटर को कहा.

नेहा को कुमार से बहुत कुछ पूछना था.

नेहा का दिमाग़ फट रहा था. ये हो क्या रहा था.

टी पीकर अपने दिमाग़ को फ्रेश करना चाह रही थी पर कुछ फ़ायदा नही हो रहा था.

उसका दिमाग़ तभी शांत होगा जब नेहा को कुमार से उसके सवाल का जवाब मिलेगा.
 
फ्लश बॅक 996

नेहा नीता और अजीत की बीवी के साथ बैठ कर टी पी रही थी.

नेहा के दिमाग़ मे अभी भी वही बाते घूम रही थी.अजीत ने जानबूझ कर उसे देखा या अंजाने मे हुआ.

कुमार और अजीत की बीवी के बीच मे क्या चल रहा है. दोनो एक ही रूम मे थे. बिना कपड़ो के ,और कह रहे है कि उनको

नही पता कि दूसरा कहाँ है

अजीत की बीवी अपनी आग बुझा कर फ्रेश दिख रही थी. और नीता अपने जीजाजी के बिहेवियर से खुश थी.

नेहा-ये कुमार कहाँ है.

अजीत की बीवी-यहीं कही होगा .आ जाएगा

नेहा-मैं बाथरूम होकर आती हूँ

अजीत की बीवी-हाँ, फ्रेश हो जाओ ,तुम्हें अच्छा लगेगा

नेहा-नीता तू यही रुक ,कहीं जाना मत

नीता-मैं कहा जाउन्गी.

मैं यही रुकूंगी.

नेहा अपने दिमाग़ को फटने से बचाने के लिए बाथरूम की तरफ जाने लगी.

नेहा होटेल मे इधर उधर देख रही थी कि कुमार को ढूँढ सके.

नेहा के ऐसा करने से उसे कुमार दिख गया. कुमार को देखते ही नेहा उसके पास जा रही थी कि कुमार के साथ अजीत भी दिखा.

दोनो हँसते हुए बाते कर रहे थे .ऐसा लग रहा था कि कुछ हुआ ही ना हो.

नेहा कुमार के पास जा रही थी कि बीच मे रुक गयी. और उनकी बाते छुप कर सुन ना सही समझा.

नेहा ,कुमार अजीत के पास चली गयी और ऐसी जगह छुप गयी जहाँ से वो नेहा को देख ना सके पर नेहा उनकी बात सुन सके

कुमार-तुझे कहा था कि गड़बड़ मत करना

अजीत-नेहा को देख कर कंट्रोल नही कर पाया.

कुमार-तूने आज मरवा दिया था.

अजीत-क्या करूँ, नेहा को आधी नंगी देख कर ग़लती से फ्लवर प्लॉट गिर गया. वरना पूरी नंगी देखने को मिल जाती.

कुमार-नेहा ने ब्रा भी निकाली थी क्या

अजीत-हाँ, उसके दूध देख कर मेरा तो पानी निकल गया.

कुमार-नेहा ने इतने मे तेरा पानी निकाल दिया, उसके साथ सुहागरात मनाने मे मज़ा आएगा

अजीत-अकेले मत मनाना,

कुमार-पहले मैं मज़ा लूँगा फिर साथ मे मज़ा लेंगे

कुमार की बात सुनकर नेहा को ऐसा झटका लगा कि उसकी जान जाते जाते बच गयी हो.

नेहा को तो अपने कानो पर विश्वास नही हो रहा था.

कुमार ऐसा भी कर सकता है. अपनी बीवी को दोस्त के साथ शेयर करने की बात कर रहा है.

नेहा तो यहाँ कुमार और अजीत के बीच झगड़ा ना हो ये सुन ने आई थी.

पर यहाँ आके नेहा को वो बात पता चली जो उसके साथ शादी के बाद होगी.

नेहा की आँख मे आसू आ गये ,वो वहाँ से जाना चाहती थी,उसके पैर वहाँ से जाने के लिए बढ़ रहे थे कि अचानक रुक गये

नेहा ने अपने आसू पोछ लिए .और उनकी बाते सुन ने लगी.

अजीत-मुझे तो उस्दिन तक इंतज़ार नही हो रहा.

कुमार-इंतज़ार करना पड़ेगा. और दुबारा ऐसी ग़लती मत करना

अजीत-नही करूँगा. वैसे तूने संभाल लिया होगा.

कुमार-संभालना पड़ा. सारा इल्ज़ाम उस पे लगा दिया.

अजीत-फिर तो एक बार और नेहा को नंगा देखना पड़ेगा

कुमार-शादी तक रुक जा, वरना हर बार किस्मत अच्छी नही होती.

अजीत-तेरा अच्छा है, नीता को तूने नंगा देख लिया और पकड़ा भी नही गया.

कुमार-सब देख के करना पड़ता था

नीता का नाम सुनते ही नेहा जिंदा लाश बन गयी. कुमार यहाँ तक गिर सकता है उसने सोचा नही था.

अजीत-पर तुझ से किस्मत वाला मैं हूँ जो नेहा को नंगा देखने को मिला और तू ने नीता को ब्रा मे देखा ,

कुमार-नीता को ब्रा मे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया था

अजीत-नेहा को नंगा देख कर मेरा तो पानी निकल गया था.

कुमार-मैं ने तेरी बीवी की चूत मे अपना पानी डाला है.तेरी बीवी को पूछना कैसी उसकी चुदाई की है , नीता ने तो आग लगा दी थी

अजीत-उसे क्या पूछना है. रात मे मिल कर एक साथ उसकी चूत मारेंगे ,

नेहा को झटके पे झटके लग रहे थे.अजीत को पता है कि कुमार उसकी बीवी के साथ चुदाई करता है. और तो और साथ मे चुदाई करते है.

कुमार-रात मे तो मैं उसकी गंद मारूँगा

अजीत-मार लेना .पहली बार उसकी गंद तूने मारी थी.

कुमार-नेहा की तू मार लेना. मैं तो उसकी सुहागरात मे ऐसी चूत मारूँगा कि 1 हफ़्ता बेड से उठेगी नही.

अजीत-क्या बात है नेहा की गंद मुझे दे रहा है

कुमार-नेहा की तुझे इस लिए दे रहा हूँ कि नीता की गंद पर मेरा दिल आ गया है ,नेहा से पहले नीता की गंद मारूँगा

अजीत-नीता ऐसा करने नही देगी.

कुमार-तू टेन्षन मत ले, नेहा की चूत मार कर प्रेग्नेंट कर दूँगा फिर नीता को नेहा की मदद करने बुला लेंगे.

अजीत-और वो मान जाएगी ऐसा तुझे लगता है.

कुमार-नीता को कैसे पटाना है ये मुझे पता है.उसको जैसे आज खुश करके नंगा किया वैसे ही खुश करके गंद मार लूँगा

अजीत-तेरे बाद मैं

कुमार-ये भी बोलने की बात है. मिल बाँट कर खाएँगे,

अब तो नेहा सदमे मे चली गयी. अब और क्या बाकी रहा है नेहा वहाँ से जाने लगी कि अजीत की बात सुनकर रुक गयी.

अजीत-उसकी बड़ी बहन पूजा भी हॉट है.

कुमार-उसको जाने दे, पहले शालिनी को देख लेंगे उसने अब तक बहुत तडफाया है

अजीत-हाँ, जयसिंघ ने जब पहली बार शालिनी से मिलवाया था उसी दिन पटक कर चोदने का मन हो रहा था.

कुमार-मेरा भी तेरे जैसा हाल है.

अजीत-तो शालिनी का क्या सोचा है.

कुमार-सोचना क्या है वो भी जल्दी इस लंड के नीचे होगी.

नेहा अपनी भाभी की बात सुनकर भैया पे बहुत गुस्सा हो रही थी.कैसे दोस्तो से उसकी शादी करवा रहे है

अजीत-मेरा लंड भी उसकी चूत मे जाने को बेताब है.

कुमार-जल्दी जाएगा ,एक बार शादी तो होने दो, शालिनी से थप्पड़ का बदला भी लेना है , सबके सामने मुझे थप्पड़ मारा था , मुझे कुमार को

अजीत- मैं ने तुझे बचाया था भूलना मत

कुमार- तू ही मेरा खास दोस्त है

अजीत-पर जयसिंघ उसका क्या.

कुमार-उसकी बहन मेरे लंड के नीचे रहेगी तो वो क्या कर सकता है.

अजीत-जयसिंघ ने गुस्से मे कंपनी छोड़ दी तो.

कुमार-वो कंपनी ना छोड़े इसी लिए नेहा से शादी कर रहा हूँ. गाँव मे कंपनी खोलेगा उसको तो मैं गुलाम बनाकर रखूँगा, वो काम करेगा और हम नेहा और शालिनी की चुदाई करते रहेंगे

अजीत-मेहनत करे मुर्गा और अंडे खाए फकीर

कुमार-सही कहा, बिचारा कुत्ते जैसा काम करेगा और मलाई हम खाएँगे

नेहा समझ गयी कि भैया को इनके इरादो का पता नही है.

वरना भैया कभी उसकी शादी कुमार के साथ नही करवाते

अजीत-सही सोचा तुम ने पर मुझे एक डाउट है

कुमार-क्या?

अजीत-नेहा मेरे साथ करने को तय्यार नही होगी.

कुमार-तू टेन्षन क्यूँ लेता है. मैं हूँ ना

अजीत-नेहा का मुश्किल लग रहा है.

कुमार-क्यूँ मुश्किल लग रहा है

अजीत-वो गाँव की लड़की है, वो ऐसा नही करेगी.

कुमार-भूल गया मेरी पहली बीवी के साथ मेने कैसी मस्ती की थी , उसे तो लास्ट तक पता नही चलता कि उसकी एक नही दो लोग चुदाई कर रहे है

कुमार की शादी हो चुकी है. इतनी बड़ी बात मुझसे छुपाई है. भैया को तो पता होगा.

अजीत-वो 1 महीने वाली बीवी

कुमार-हाँ, कैसे मज़े किए थे

अजीत-वो भी कहा मानी थी.पर मज़ा बहुत आया था

कुमार-कुछ भी हो , मज़े किए थे ना

अजीत-हाँ, पर उसने स्यूयिसाइड की थी,भूल गया.

कुमार-हमने उसे शूसाइड करने को मज़बूर किया था , और उसके साथ मज़े किए ,उसकी वजह से ये कंपनी खोली, अब देखो

उसकी वजह से हम अमीर है

अजीत-हाँ, पर उसके बाप ने कितना परेशान किया था

कुमार-किस को पता था कि उसने मेरे साथ शादी की, मंदिर मे मैं तू और वो थी. पंडितजी को भी तो मार दिया था हमने

अजीत-शादी करके कुँवारा है तू

कुमार-तूने भी तो ,जाने दे

अजीत-तो नेहा पे वही प्लान इस्तेमाल करेंगे.

कुमार-पहले अंधेरे मैं बन कर तू चुदाई करना फिर आगे का तुझे पता है

अजीत-चल अब

कुमार-सुन वहाँ जाकर नेहा से माफी माँग लेना

अजीत-नेहा की गंद के लिए इतना तो करना ही पड़ेगा.

कुमार-आराम से माफी माँग लेना फिर ज़िंदगी भर घर मे रह कर आराम से खाना है. काम जयसिंघ करेगा.

अजीत-समझ गया,चल अब

कुमार-पहले बाथरूम मे चल ,कब से रोक रखा है

अजीत कुमार बाथरूम मे चले गये .

और नेहा की ऐसी हालत करके गये कि नेहा सदमे मे चली गयी.

उसे तो कुछ समझ नही आ रहा था कि वो क्या करे

नेहा ने खुद को कैसे भी करके ठीक किया और नीता के पास आ गयी.
 
फ्लॅशबॅक 997

नेहा बड़ी मुश्किल से नीता के पास आ गयी.

नेहा की हालत देख कर नीता समझ गयी कि उसकी तबीयत ठीक नही है

नीता-नेहा क्या हुआ ,क्या हाल बना कर रखा है

नेहा-ह्म

नीता-क्या हुआ ,तेरी तबीयत तो ठीक है ना

नेहा-मुझे घर जाना है.

नीता-क्या हुआ

नेहा-मुझे घर जाना है.

नीता-जीजाजी को आने दे फिर चलते है

नेहा-मुझे...

नेहा की बात पूरी होने से पहले कुमार और अजीत वहाँ आ गये

कुमार ने नेहा को देखा तो उसके बारे में पूछने लगा

कुमार-क्या हुआ नेहा .ये क्या हाल बनाकर रखा है.

नेहा-नीता मुझे घर जाना है

कुमार-नीता क्या हुआ नेहा को

नीता-मुझे नही पता ,नेहा तो फ्रेश होने गयी थी पता नही उसे क्या हुआ

कुमार-(कही इसने सब सुन तो नही लिया) क्या हुआ नेहा को

अजीत की बीवी काउंटर से सर दर्द की गोली लेकर आ गयी.

अजीत की बीवी-मैं बताती हूँ

कुमार-क्या हुआ नेहा को

अजीत की बीवी-नेहा के सर मे दर्द हो रहा है.

कुमार-तुम ने पहले क्यूँ नही बताया

अजीत की बीवी-तुम मिले नही ,कहाँ गायब हो गये थे ,कब से उसका सर दर्द कर रहा है

कुमार-(तो ये बात ,मुझे लगा कि) नेहा को मेडिसिन दी

अजीत की बीवी ने मेडिसिन नीता को दी. और नीता ने नेहा को खिला दी.

नीता-जीजाजी हमे घर जाना चाहिए

कुमार-नेहा को देख कर यही लग रहा है.

नीता-चलिए

कुमार-नेहा का फेस वॉश कर दो ऐसे जाएँगे तो सब मुझे ग़लत समझ बैठेंगे

नीता-मैं अभी नेहा को ठीक करके लाती हूँ

अजीत-ये मेरी वजह से हुआ होगा.सॉरी भाभी जी

कुमार-वो बाद मे देख लेंगे.

नीता-क्या कहा इन्हो ने

कुमार-कुछ नही. ऐसा छोटा मोटा हसी मज़ाक नेहा को पसंद नही आया.

नीता-चलो नेहा

नेहा-मुझे घर जाना है

नीता-हम घर ही जा रहे है.

और नीता ने नेहा के कपड़े ठीक किए और उसका फेस वॉश कर दिया.

अजीत-मेरी वजह से तो नेहा की ये हालत हुई है

कुमार-वो मैं ने संभाल लिया था.

अजीत-फिर क्या बात है

कुमार-गाँव की लड़कियाँ शहर आती है तो ऐसा ही होता है.

नीता-चलो जीजाजी,

कुमार-अजीत तू यही रुक मैं इनको छोड़ कर आता हूँ.

कुमार नेहा और नीता को गाँव छोड़ने चला गया.

कुमार ने एक बार नेहा की तरफ देखा जो नीता के कंधे पे सर रख कर कुछ सोच रही थी.

कुमार-(नेहा के साथ ज़िंदगी बिताने मे मज़ा आएगा. कितनी मासूम है)

कुमार नेहा को लेकर गाँव आ गया

नेहा के इतनी जल्दी आने से पिताजी सोचने लगे कि क्या हुआ होगा जो नेहा इतनी जल्दी आ गयी.

नीता ने नेहा को जिस तरह कार से नीचे उतरते देखा ये देख कर पिताजी को कुछ ठीक नही लग रहा था.

नीता नेहा को अपने साथ कमरे मे ले गयी. और नेहा को बेड पर सुला दिया.

पिताजी-नेहा को क्या हुआ

कुमार-उसके सर मे दर्द हो रहा है जिस से यहाँ लेकर आ गया.

पिताजी-ऐसे कैसे दर्द हुआ नेहा को

नीता-पिताजी अचानक नेहा के सर मे दर्द होने लगा. नेहा को टी पिलाई पर कोई फ़ायदा नही हुआ

पिताजी-उसको हॉस्पिटल ले जाते

कुमार-मेडिसिन दी है. शाम तक असर नही हुआ तो हॉस्पिटल ले जाएँगे

पिताजी-उसको आराम करने दो ,शहर की हवा उसे पसंद नही है

कुमार-अच्छा ,अब मैं चलता हूँ

और जयसिंघ कुमार को गेट तक छोड़ने चला गया.

एक एक करके सब नेहा को देखने चले गये.

पिताजी ने नीता से सब कुछ पूछना शुरू किया जो शहर मे हुआ है

नीता अच्छी बेटी की तरह सब सच सच बता दिया.

नीता की बात सुनकर पिताजी ने चैन की साँस ली

नीता नेहा के सर पे बाम लगा कर मालिश करने लगी.

नेहा अपने ख़यालो मे कोई हुई थी.

कुमार ऐसा कैसे कर सकता है. इतनी गिरी हुई सोच कैसे रह सकता है.

अपनी बीवी को कैसे अपने दोस्त के साथ शेयर कर सकता है. वो अजीत अपनी बीवी को कुमार केसाथ शेयर करता है

मैं ऐसे आदमी के साथ शादी कैसे कर सकती हूँ.

कुमार की गंदी नज़र नीता पर है, मैं ने उस से शादी की तो नीता की ज़िंदगी कुमार खराब कर देगा.

भाभी के बारे में कैसे गंदे वर्ड ईस्तमाल कर रहे थे. भैया ने ऐसे दोस्त बनाए है.

भैया को तो पता होगा कि कुमार की शादी हुई है, नही नही ,भैया को इस बारे में पता नही है.

भैया को पता होता तो मेरी शादी कुमार के साथ नही करवाते

कुमार मेरे ज़रिए भाभी को रखैल बनाना चाहता है.

कुमार मुझसे शादी करके भैया को गुलाम बना कर रखना चाहते है.

मुझे कुमार से शादी के लिए मना करना होगा. वरना नीता के साथ क्या क्या होगा.

पर मैं कैसे शादी के लिए मना करूँ

पिताजी को कुमार के बारे में बता दूं ,अगर ऐसा किया तो पिताजी कुमार को जान से मार देंगे और पिताजी जैल मे ..नही पिताजी को जैल मे नही जाने दूँगी.

माँ को बताती हूँ ,पर माँ भी क्या करेगी.

पूजा दीदी से बात करती हूँ. पूजा दीदी ने कहा था कि वो सब ठीक कर देगी.पर क्या अब पूजा दीदी मेरी मदद कर पाएगी.

मेरी बात का यकीन कैसे करेगी. पहले पूजा दीदी की बात मान लेती तो अच्छा होता.

जीजाजी भी मुझ पे गुस्सा होंगे सुरेश को मना करने से.

भैया तो अपने दोस्तो के तरफ से बोलेंगे .उसको तो मेरी बात झूठी लगेगी.

मैं क्या करूँ .कैसे शादी से मना कर दूं.

शादी को 6 दिन बाकी है ऐसे मे मना किया तो पिताजी की इजाज़त का क्या होगा.

पर शादी की तो नीता का क्या होगा.

ना मैं शादी को मना कर पा रही हूँ और ना शादी करना चाहती हूँ

अब एक ही रास्ता है मुझे शूसाइड करना होगा. नही तो शादी से मना करने से भैया और पिताजी फिर से दूर हो जाएँगे.

पर मैं ने स्यूयिसाइड की उसके बाद कुमार ने नीता से शादी की तो

नही मैं ऐसा नही होने दूँगी.

मैं करूँ तो क्या करूँ.

ना मैं स्यूयिसाइड कर सकती हूँ और ना किसी को कुमार के बारे में बता सकती हूँ

कौन मेरी बात पे विश्वास करेगा .किसी को सुरेश के बारे में पता चला तो सब कहेंगे सुरेश के लिए शादी से मना किया.

मैं करूँ तो क्या करूँ

नेहा का दिमाग़ सच मे फटने वाला था.

नेहा सवाल जवाब का गेम खेल के अपने दिमाग़ पे प्रेशर डाल रही है.

ऐसे सोचते हुए नेहा की आँख लग गयी पर उसे रास्ता नही मिला.
 
फ्लश बॅक 998

कुमार नेहा और नीता की गाँव छोड़ कर वापस आ गया

कुमार ने वापस आते ही अजीत की बीवी की जोरदार चुदाई की

नीता को कपड़े बदलते हुए देख कर कुमार खुद को कंट्रोल मे नही रख पाया , उसकी आग शांत हो नही रही थी

कुमार और थोड़ी देर रुक जाता तो नीता की चुदाई कर देता

पर कुमार ने कंट्रोल रख कर अजीत की बीवी के उपर अपना लावा छोड़ दिया

कुमार ने इतनी जोरदार चुदाई की जिसे देख कर अजीत भी शॉक्ड हो गया

अजीत को अपनी बीवी की हालत पे दया नही आई

कुमार के रुकते ही अजीत ने अपनी बीवी की चुदाई सुरू कर दी

क्यूँ कि अजीत नेहा को कपड़े चेंज करते हुए देख कर बड़ी मुश्किल से खुद को कंट्रोल.मे रख पाया था

नेहा को देखते ही अजीत भी कंट्रोल खो रहा था

जिस से अजीत ने अपनी बीवी की की चुदाई कुमार जैसी ही की

कुमार का लंड नीता को देख कर खड़ा हुआ था तो अजीत का लंड नेहा को देख कर खड़ा हुआ था पर दोनो ने अपना लोड अजीत की बीवी के अंडर डिसचार्ज किया

अजीत की बीवी तो कमजोर पड़ गयी , दोनो ने ऐसी चुदाई की जिस से वो अब लंगड़ा कर चलेगी

अजीत और कुमार डिसचार्ज होते ही ऐसा फील करने लगे कि सच मे नेहा नीता की चुदाई की हो

दोनो हल्का महसूस कर रहे थे

दोनो सोफे पे बैठ कर अजीत की बीवी को देख रहे थे

अजीत- अब जाके दिल को सुकून मिला है

कुमार- हाँ यार ,लंड मे जो दर्द था वो ख़तम हो गया

अजीत- सभी नसें फूल गयी थी लंड की

कुमार- ऐसा पहले कभी नही हुआ था , नीता को देख कर तो मेरा सारा खून लंड मे जमा हो गया था

अजीत- और नेहा को देख कर मेरा सारा खून मेरे लंड मे जमा हो गया था , कुछ भी बोल तेरी होने वाली बीवी लंड खड़ा कर देती है

कुमार- मेरी होने वाली बीवी और साली दोनो माल है

अजीत- मैं तो सोच रहा हूँ कब वो मेरी गोद मे बैठेगी

कुमार- पहले मेरी गोद मे तो बैठने दे , पर साले तू ध्यान नही रख सकता था

अजीत- जाने दे ना ,

कुमार- नेहा कितनी भड़क गयी थी

अजीत- तूने संभाल लिया ना

कुमार- हाँ , दुबारा ऐसी ग़लती मत करना , थोड़ा कंट्रोल रख , साथ मे मस्ती करेंगे उनके साथ

अजीत- वो दिन जल्दी आ जाए

कुमार- कुछ दिन मे शादी हो जाए फिर देखना मैं क्या करता हूँ

अजीत- क्या करने वाला है

कुमार- तू बस देखता जा

अजीत- बताना तेरे दिमाग़ मे क्या चल रहा है

कुमार- अभी नही ,

अजीत- मुझपे क्या विश्वास नही है , अपनी बीवी तुझे दी है

कुमार- तुझे बता देता हूँ , पर जयसिंघ को पता चलने मत देना

अजीत- अभी तक कुछ बताया है क्या ,

कुमार- तू ही मेरा भाई है

अजीत- अब बता क्या सोच रहा है

कुमार- तुझे पता है कुछ महीने पहले जयसिंघ मुझसे मिलने मेरे घर आया था ,

अजीत- कब

कुमार- जब जयसिंघ को बेटा हुआ था तब की बात कर रहा हूँ

अजीत- हाँ याद आया

कुछ महीने पीछे चलते है ====>>>>>>

जयसिंघ शालिनी के कहने पे गाँव मे कंपनी खोलने को तय्यार हुआ था ,

जयसिंघ कुमार से बात करने शहर आया था

कुमार से पहले अपने पार्टनरशिप बढ़ाने की बात की 20% से 40 कर दी

फिर कोम्पनी की एक ब्रांच गाँव मे खोलने की बात कही

जो कुमार को माननी पड़ी ,

कुमार जयसिंघ के बिना कुछ नही है , ये कुमार को पता है

कुमार जयसिंघ की हाँ मे हाँ मिलाता गया ,

जयसिंघ को भी पता था कि उसके बीमा कुमार 1 साल भी कंपनी चला नही सकता

जयसिंघ कंपनी की ब्रांच गाँव मे खोलने की बात करके वापस गाँव आ गया

और कुमार अपने घर मे बैठ कर सोचने लगा , ( जयसिंघ को बस स्टॉप पर कुमार का ड्राइवर ने छोड़ दिया था )

कुमार- ये जयसिंघ को ज़िंदा दफ़ना दूं मेरा बस चले तो

कुमार ने शराब पीना सुरू किया

और गुस्से मे एक बॉटल ज़मीन पर पटक दी

बॉटल टूटने की आवाज़ सुनकर अजीत जो छुप कर कुमार और जयसिंघ की बात सुन कर रहा था वो बाहर आ गया ,, और अजीत की बीवी जो कुमार के रूम मे थी और कुमार के पास आ गयी

कुमार ने जयसिंघ की कहा कि अजीत बाहर गया है , पर अजीत और उसकी बीवी कुमार के रूम मे थे ,

कुमार के इस रूप से जयसिंघ अंजान था

कुमार ने जयसिंघ को कभी पता ही नही चलने दिया

अजीत- क्या हुआ बॉटल क्यूँ फोड़ दी

कुमार- उस जयसिंघ को मैं मार डालूँगा

अजीत- तू बस बॉटल फोड़ सकता है उसके सिवा तू कुछ नही कर सकता

कुमार- तू मुझसे दूर रह वरना तेरा सर फोड़ दूँगा

अजीत- कमज़ोर पे हाथ उठाना ही आता है तुझे

कुमार- तू बोलना क्या चाहता है

अजीत- जयसिंघ तेरी गंद मार के गया है और तू शराब पी रहा है

कुमार- जयसिंघ को मैं छोड़ूँगा नही

अजीत- अब तू कुछ नही कर सकता ये जयसुंघ को पता है

कुमार- तू कहना क्या चाहता है

अजीत- जयसिंघ को पता है कि उसके बिना तू एक लूसर है

कुमार- मैं कोई लूसर नही हूँ

अजीत- तू लूसर है , ये जयसिंघ ने साबित कर दिया है

कुमार- एक और बार लूसर कहा तो तेरी जान ले लूँगा

अजीत- मेरी जान लेकर क्या होगा

कुमार- उस जयसिंघ को मार डालूँगा मैं

अजीत- तू खाली धमकी से , और जयसिंघ तेरी गंद मारता जाएगा

कुमार- क्या मतलब

अजीत- जयसिंघ तुझे बर्बाद करने का प्लान बना रहा है

कुमार- क्या बक रहा है

अजीत- तू खुद सोच , जयसिंघ ने शादी के बाद क्या क्या किया , कैसे बदल गया है जयसिंघ

कुमार- हाँ , शादी से पहले कुमार कुमार करता फिरता था मेरे पीछे , पर शादी होते ही मुझे अपने पीछे घुमा रहा है

अजीत- तू अब तक समझ ही नही पाया

कुमार- मुझे पता है , पर उसके बिना ये कंपनी बंद हो जाएगी

अजीत- यही तो जयसिंघ चाहता है कि कंपनी बंद पड़े और तू उसके सामने भीक माँगे

कुमार- मैं भीक मांगू ये हो नही सकता

अजीत- तू अँधा है , अपनी आँख खोल और देख जो मैं देख रहा हूँ

कुमार- तू क्या देख रहा है

अजीत- मैं बताता हूँ तुझे , जयसिंघ अपनी शादी के समय इतने महीने कंपनी मे क्यूँ नही आया

कुमार- क्यूँ नही आया

अजीत- क्यूँ कि जयसिंघ देखना चाहता था कि उसके बिना तेरी हालत कैसी होती है , कंपनी लॉस मे चलने लगी जयसिंघ के बिना , जयसिंघ समझ गया की उसके बिना ये कंपनी बंद हो जाएगी

कुमार- तो

अजीत- तो देखा नही शादी के बाद तुझे अपने पीछे घुमाने लगा क्यूँ की उसको उसकी वॅल्यू पता चल गयी (ये शालिनी की वजह से हुआ , शालिनी ने जयसिंघ को बदलना सुरू किया था, मतलब ये है कि नयी नयी शादी होते ही जयसिंघ शालिनी पे ज़्यादा ध्यान देगा ना )

कुमार- तू सही बोल रहा है

अजीत- और अब तो मेरा शक सही साबित हुआ

कुमार- कैसा शक

अजीत- जयसिंघ को बेटा हुआ है , अब वो अपने बेटे के लिए पैसे कमाने का सोच रहा है

कुमार- मैं नही समझा

अजीत- देख , शादी होते ही उसने तुझे कुत्ता बना दिया , अब बेटा होते ही तेरी गंद मार रहा है

कुमार- तू सीधे सीधे बोल ,

अजीत- जयसिंघ को पता है तेरी शादी नही हुई है तो वो तेरी शादी से पहले तुझे भिकारी बना देगा

कुमार- वो कैसे

अजीत- पहले उसके शेयर कितने थे

कुमार- 20%

अजीत- और अब उसे उसकी वॅल्यू पता चल गयी है , जिस से उसने पार्टनरशिप बढ़ाने को कहा , 20% से 40% हो गये

कुमार- तो

अजीत- तुझे उसकी बात माननी ही पड़ी , ये बात जयसिंघ को पता थी

कुमार- तो उसने 50% नही माँगे

अजीत- तू अँधा हो गया है , तुझे शक ना हो इस लिए 40% पे खुश हो गया जयसिंघ ,

कुमार- तेरी बात मे दम है

अजीत- आज तेरे 80% है पर कल को तेरे 20% रह जाएँगे

कुमार- ऐसे कैसे हो जाएगा

अजीत- तुझे करने ही पड़ेंगे क्यूँ कि तेरे पास जयसिंग के सिवा दूसरा रास्ता नही है ये जयसिंघ को पता है

कुमार- मैं ऐसा होने नही दूँगा

अजीत- तू कर भी क्या सकता है , अब जयसिंघ ने नयी ब्रांच खोलने को क्यूँ कहा पता है

कुमार- मैं ने ही वादा किया था

अजीत- पर तूने कहा था कि तू वैसा नही करेगा

कुमार- पर अब कोई रास्ता नही है

अजीत- जयसिंघ ने सारे रास्ते बंद किए है

कुमार- बोल तो सही रहा है तू

अजीत- देख अब तू उसके गाँव मे ब्रांच खोलेगा

कुमार- अभी फिक्स नही है

अजीत- कन्सिडर तो कर

कुमार- ओके ,

अजीत- अभी जयसिंघ के शेयर हो गये है 40%

कुमार- हाँ

अजीत- फिर जयसिंघ कहेगा 50-50% कर दो

कुमार- वो करना ही पड़ेगा

अजीत- फिर जयसिंघ कहेगा कि शहर3 वाली कंपनी तुम्हारी और गाँव वाली जयसिंघ की

कुमार- ये तो मैं ने सोचा ही नही

अजीत- 50-50% होने से तुझे गाँव वाली कंपनी जयसिंघ को देनी होंगी

कुमार- हाँ

अजीत- फिर जयसिंघ और तेरे रास्ते अलग हो जाएँगे

कुमार- ऐसा हो सकता है

अजीत- सब तेरे सामने है

कुमार- ऐसे तो मैं सड़क पे आ जाउन्गा

अजीत- तेरी कंपनी बंद हो जाएगी और जयसिंघ सारे टेंडर अपनी कंपनी को देगा और वो एक कंपनी की 2 3 4 कर देगा

कुमार- हाँ , सारे टेंडर वही हॅंडल करता है

अजीत- इसी लिए तुझे टेंडर से दूर रखता है

कुमार- साला मैं ने ये कभी सोचा ही नही

अजीत- सोचना सुरू कर दे , इस से पहले कि जयसिंघ तुझे सड़क पर लाए

कुमार- तू सही कह रहा है

अजीत- जयसिंघ सारे इम्पोर्टेंट काम खुद करता है , तुझे उन कामों से दूर क्यूँ रखता है ये सोच (क्यूँ कि कुमार ने जयसिंघ की शादी के समय इतना लॉस किया की कंपनी बंद ही जाती जिससे कुमार को इन कामो से दूर रखा जयसिंघ ने)

कुमार- आज से मैं

अजीत- क्या आज से , तुझे जल्दी कुछ करना होगा वरना तू सड़क पर आएगा ,

कुमार- तू सही कह रहा है ,

और कुमार ने अपने हाथ का शराब का ग्लास फेक दिया

कुमार- मैं यहा शराब के चक्कर मे फसा हूँ उधर जयसिंघ मुझे बर्बाद करने का प्लान बना रहा है , जयसिंघ तुझे छोड़ूँगा नही ,

कुमार- अजीत तू ही मेरा भाई है , मेरा हमदर्द है

और कुमार इतना बोल कर अजीत के गले लग गया

और अजीत मन ही मन मे हँसने लगा

अजीत अपने प्लान मे कामयाब हुआ , जयसिंघ के बारे में जहर कुमार के दिमाग़ मे डाल दिया
 
फ्लॅशबॅक 998आ

अजीत ने कुमार के दिमाग़ मे जयसिंघ के बारे में जहर डाल दिया

जयसिंघ ने कभी ऐसा चाहा ही नही था

पर सब बाते ऐसी जोड़ कर अजीत ने बता दी कुमार को कि कुमार को सारी बाते सच लग रही थी

शादी के बाद जयसिंघ ज़्यादा से ज़्यादा समय शालिनी के साथ बिताने लगा था और बाकी समय कंपनी मे

कुमार ने जयसिंघ के शादी के समय कंपनी लॉस मे डाल दी जिस से जयसिंघ कुमार से सारी फाइल माँग लेता जिस से कुमार को लगा की जयसिंघ कुमार को पीछे पीछे भगा रहा है

अब भी जयसिंघ ने मज़ाक मे पार्टनरशिप माँग ली , और वो उस का हकदार भी था

जयसिंघ ने अपनी मेहनत की पार्टनरशिप माँगी है

और कुमार जयसिंघ मे डील ऐसी हुई थी कि कम्पनी की एक ब्रांच गाँव मे खोलेंगे , वही वादा याद दिलाया जयसिंघ ने

और कुमार इतना होसियार नही था कि टेंडर पास करवा सके , कुमार को जितने टेंडर लाने का काम दिया सब मे वो फैल हुआ था जिस से टेंडर के काम जयसिंघ देखता था

जयसिंघ का कंपनी मे इंटेरेस्ट देख कर अजीत जलने लगा था

ऐसे मे अजीत को अब जयसिंघ को रास्ते से हटाने की वजह मिल गयी

जयसिंघ को बुरा बना कर अजीत कुमार के और पास आ जाएगा

जयसिंघ के शेयर उसे मिल जाएँगे ये अजीत सोचने लगा

कुमार अजीत की बतो मे आ गया

कुमार तो अजीत को गले लगा कर थॅंक्स कहने लगा

अजीत- तू मेरा भाई है तेरे अच्छे का ही सोचता हूँ मैं

कुमार- अब हम मिलके जयसिंघ को हॅंडल करेंगे

अजीत- ये मुश्किल होगा

कुमार- मैं कुमार हूँ भूल मत तू

अजीत- याद है मुझे तूने कैसे ये कंपनी स्टार्ट की है , लाषो पे खड़ी की है तूने ये कंपनी

कुमार- मैं इस कंपनी के लिए किसी को मार सकता हूँ तो जयसिंघ क्या चीज़ है

अजीत- जयसिंघ कोई मामूली चीज़ नही है

कुमार- उसे मारेंगे नही

अजीत- तो

कुमार- उसे गुलाम बना देंगे

अजीत- वो कैसे

कुमार- ये मुझे भी पता नही है

अजीत- तो कुछ सोच

कुमार- जल्दी सोचूँगा

अजीत- टाइम कम है , अगर गाँव मे कंपनी खोल दी तो हम बर्बाद हो जाएँगे

कुमार- कंपनी गाँव मे नही खुलेगी

अजीत- तूने तो वादा किया था

कुमार- तो वादा किसी ना किसी बहाने से तोड़ दूँगा

अजीत- हाँ , तोड़ देना वादा

कुमार- उस गाँव मे कंपनी खोल कर क्या मुझे सड़क पे आना है

अजीत- पर तू कहेगा क्या जयसिंघ को

कुमार- जयसिंघ को छोड़ नही सकते , ऐसे मे जो करना है वो सोच समझ कर करना है

अजीत- एक एक कदम सोच समझ कर रखना होगा

कुमार-तू बस देखता जा की ये कुमार क्या करता है , मैं जहरीला साप हूँ ये जयसिंघ को पता नही है ,

अजीत- मुझे पता है, कैसे तूने उस लड़की को प्यार के जाल मे फसाया , उस से शादी की और उसकी कंपनी अपने नाम करके मार डाला

कुमार- अब वो सोया हुआ कुमार जाग गया है

अजीत- पर करेंगे क्या

कुमार-जयसिंघ की कमज़ोरी ढूंढ़ेंगे

अजीत- शालिनी

कुमार- हाँ और उसपे वॉर करके जयसिंघ को गुलाम बना देंगे

अजीत- शालिनी तेरे हाथ नही आएगी , भूल गया वो थप्पड़ जो शालिनी ने तुझे पार्टी मे मारा था

कुमार- कैसे भूल सकता हूँ

अजीत- तो कुछ और सोचना होगा

कुमार- मेरे पास बहुत से रास्ते है

अजीत- कौनसा रास्ता

कुमार- मैं ये प्रॉजेक्ट का प्रॉफिट बिना जयसिंघ को बताए इनवेस्ट कर दूँगा

अजीत- फिर तो जयसिंघ को शक होगा

कुमार- बहुत चालाक है ना जयसिंघ

अजीत- हाँ

कुमार- प्रॉजेक्ट कंप्लीट होने मे 6 8 महीने लग जाएँगे उसके बाद कंपनी की ब्रांच करने का सोचना है

अजीत- तो

कुमार- तब तक कोई ना कोई रास्ता ढूँढ ही लूँगा

अजीत- ये ठीक रहेगा

कुमार- पहले तो मैं अब कंपनी के बारे में सब जान लूँगा जयसिंघ से

अजीत- हाँ , अगर कोई प्राब्लम हुई तो कंपनी बंद नही होंगी

कुमार- अब कंपनी को मैं अपने हाथ मे लूँगा

अजीत- सही जा रहे हो

कुमार- और तू मेरा साथ देना

अजीत- मैं तेरा गुलाम हूँ

कुमार- गुलाम नही मेरा भाई है तू

अजीत- और जयसिंघ

कुमार- वो मेरा दुश्मन है ,

अजीत-तेरा दुश्मन वो मेरा दुश्मन

कुमार- ये दुश्मनी तो 2 साल पहले सुरू हो गयी थी

अजीत- 2 साल पहले

कुमार- हाँ , ये दुश्मनी तो 2 साल पहले सुरू हो गयी थी पर तूने आज मेरी आँख खोल कर उस दुश्मनी का असली चेहरा

दिखाया है

अजीत- 2 साल पहले से तेरा मतलब है उस पार्टी से

कुमार- हाँ , उस रात को मैं कभी नही भूल सकता

अजीत- तुझे वो थप्पड़ मारा था पर दर्द मुझे हुआ था

कुमार- शालिनी ने सबके सामने मुझे थप्पड़ मारा था

अजीत- और नही तो क्या , उसकी औकात क्या थी

कुमार- खुद को समझती क्या है , थोड़ा प्यार ही तो करना चाहता था

अजीत- प्यार देने से उसका क्या बिगड़ जाता

कुमार- जयसिंघ से ज़्यादा खुश रखता , रानी बना कर रखता शालिनी को

अजीत- शालिनी को पता नही है कि उसने अपनी किस्मत को ठोकर मारी है

कुमार- पर उसको मुझे थप्पड़ नही मारना चाहिए था , हाथ ही तो लगाया था उसकी गंद को , रेप तो नही किया था , सबके सामने थप्पड़ मारा उसने

अजीत- उसको बहुत घमंड है अपनी खूबसूरती का

कुमार- उसकी खूबसूरती पे दाग मैं लगाउन्गा

अजीत- कैसे

कुमार- शालिनी को अपनी रंडी बना दूँगा मैं

अजीत- शालिनी को रंडी बना कर जयसिंघ को गुलाम बना देंगे

कुमार- शालिनी को इस बिस्तर पे नंगा नही किया तो मेरा नाम कुमार नही

अजीत- मैं तुम्हारे साथ हूँ

कुमार- बस अब पिछली बार की तरह गड़बड़ नही करूँगा

अजीत- उस पार्टी के दिन तो मैं ने संभाल लिया था

कुमार- तू ना होता तो जयसिंघ मुझे मार ही डालता

अजीत- ऐसे कैसे मार देता , मैं तुझे कुछ होने नही दूँगा

कुमार- पर तुझे वो आइडिया कैसे आया

अजीत- सिंपल था , वहाँ भीड़ थी , और तेरे एक हाथ मे थाली थी , ऐसे मे तेरा बॅलेन्स चला गया और तूने दूसरे हाथ से जो चीज़ हाथ मे आई वो पकड़ ली , इतना झूठ बोल दिया

कुमार- तूने सही समय पर सब संभाल लिया था

अजीत- और देखो जयसिंघ को समझ मे आ गया कि वो सर्फ एक आक्सिडेंट था , शालिनी ने उस पार्टी मे माफी भी माँगी थी तुझसे

कुमार- मैं ने जान बुझ कर उसकी गांद दबाई और तूने शालिनी को मुझे सॉरी बोलने को मज़बूर किया , मान गये तुझे

अजीत- पर सिर्फ़ सॉरी बोलने से काम नही चलता

कुमार- हाँ , उस थप्पड़ का जवाब भी देना होगा शालिनी को

अजीत- पर इस बार सब देख कर करना होगा

कुमार- अब तो जयसिंघ और शालिनी को प्यार से हॅंडल करना होगा , क्यूँ कि उसे बात को बुलाने के लिए मुझे शालिनी से

राखी बँधवानी पड़ी

अजीत- ये भी मेरा ही आइडिया था

कुमार- तेरा दिमाग़ ऐसे कामो मे अच्छा चलता है

अजीत- , चलाना पड़ता है , उस पार्टी की वजह से जो तेरे और जयसिंघ मे दूरिया ही गयी थी , उसको ख़तम करना ज़रूरी था क्यूँ कि तब जयसिंघ के हाथ मे कंपनी थी , तो मैं ने तुझे कहा कि शालिनी से रखी बँधवा लो , शालिनी को बहन बना दो , सारी प्राब्लम सॉल्व होंगी

कुमार- शालिनी की बहन बनाने से सब ठीक हो गया

अजीत- पर अब उस से बदला लेना होगा

कुमार- देख अब मैं जयसिंघ और शालिनी के साथ क्या करता हूँ

अजीत- क्या करेगा

कुमार- वो तुझे पता चल जाएगा , अभी तो पहले जयसिंघ के गाँव जाना है

अजीत- तू गाँव जाएगा

कुमार- पिछली बार जतसिंघ की शादी मे नही गया था पर इस बार जयसिंघ के बेटे के नाम करण मे जाउन्गा और जयसिंघ

की कमज़ोरी ढूंढूंगा

अजीत- ये बढ़िया आइडिया है

कुमार- तो तू तयारी कर जयसिंघ के गाँव जाने की

अजीत- और तू क्या करने वाला है

कुमार- जयसिंघ का गुस्सा तेरी बीवी पे निकालता हूँ

और कुमार अजीत की बीवी की चुदाई करके जयसिंघ का गुस्सा अजीत की बीवी पे निकालने लगा

और अजीत अपनी कामयाबी का जशन मनाने लगा शराब पी कर
 
फ्लॅशबॅक 998बी

------->>>>>>>>> अब प्रेज़ेंट मे , जहाँ नेहा को.कुमार गाँव छोड़ कर वापस होटेल आकर अजीत से साथ बात कर रहा था

कुमार ने अजीत को बता दिया कि ये सब कैसे सुरू हुआ

अजीत को कुमार ने बता दिया कब क्या और किस तरह हुआ है

अजीत- ये क्या बता रहा है

कुमार- यही से तो सब सुरू हुआ , पहले शालिनी ने मुझे थप्पड़ मारा , फिर जयसिंघ ने मुझे पार्टनरशिप माँगी फिर यहा गाँव मे कंपनी खोलने को बोला

अजीत- ये सब मुझे पता है , मैं ने तो तुझे शालिनी के थप्पड़ मारने के बाद बचाया है , शालिनी से राखी बाँधने को मैंने ही कहा था ताकि तुम्हारे और जयसिंघ का रिस्ता बना रहे ,

कुमार- तू ना होता तो उसी दिन कंपनी बंद पड़ जाती

अजीत- और उसके बाद मैं ने ही जयसिंघ क्या सोच रहा है ये बताया , और मेरी कहानी मुझे बता रहा है तू

कुमार- ये इस लिए बताया कि मैं नेहा से शादी क्यूँ कर रहा हूँ

अजीत- मैं समझा नही

कुमार- अभी आगे की कहानी तो सुन

अजीत- तो बता

कुमार- उस दिन तूने मुझे बताया कि जयसिंघ क्या सोच रहा है

अजीत- हाँ ,

कुमार- उसके बाद मैं ने उस बात पर बहुत सोचा

अजीत- क्या सोचा

कुमार- कि मुझे करना क्या होगा जिस से गाँव मे कंपनी ना खोली जाए

अजीत- तो कुछ आइडिया मिला है

कुमार- नही , कुछ समझ नही आ रहा था

अजीत- तो तू अब नेहा से शादी के बाद यहाँ कोमोनी खोल देगा

कुमार- तू बीच मे ग़लत सवाल मत पूछ

अजीत- बता फिर क्या हुआ

कुमार- जयसिंघ के बारे में सोचते हुए दिमाग़ खराब हो रहा था , ऐसे मे वो दिन भी आ गया जब जयसिंघ के बेटे का नाम

करण था

अजीत- बोलता जा

कुमार- सोचा चलो जयसिंघ के गाँव जाकर सोचता हूँ कि जयसिंघ को मुट्ठी मे क़ैद कैसे करूँ

अजीत- तो हम जयसिंघ के गाँव आ गये थे उसके बेटे के नाम करण पे

कुमार- हाँ , और गाँव मे आते ही मुझे एक आइडिया आ गया

अजीत- कौनसा आइडिया

कुमार- ऐसा आइडिया कि , जयसिंघ मेरा गुलाम बन जाएगा , शालिनी मेरी रंडी बन कर रहेगी

अजीत- बता ना ये कैसे होगा

कुमार- मेरी नज़र नेहा पे गयी

अजीत- नेहा पे

कुमार- हाँ , तुझे याद होगा कि जयसिंघ कॉलेज के दिनो मे नेहा की मस्तिया हमे सुनाता था

अजीत- हाँ याद है

कुमार- और जैसे जयसिंघ ने मेरी पहचान नेहा से कराई तो मैं उसकी खूबसूरती को देखता रह गया ,

अजीत- नेहा शालिनी से ज़्यादा सुंदर नही है

कुमार- पर कुछ कम भी नही है

अजीत- तो नेहा को देख कर तुझे कौनसा आइडिया आया

कुमार- नेहा पे तो दिल आ गया

अजीत- बताना क्या सोचा था तूने

कुमार- नेहा के बाद उसकी जुड़वा बहन नीता पे मेरी नज़र चली गयी

अजीत- बता रहा है या ऐसे गोल गोल घुमाएगा

कुमार- जयसिंघ जिस तरह कॉलेज मे हमे नेहा की बाते बताता था उस से लगा कि जयसिंघ नेहा से बहुत प्यार करता है

अजीत- उसकी बहन है तो प्यार तो करेगा ही

कुमार- उसकी प्यारी बहन मेरी बीवी बन गयी तो , दिखने मे सुंदर है , और नेहा मेरी बीवी बन जाएगी तो जयसिंघ मेरी मुट्ठी मे आ जाएगा

अजीत- हाँ यार

कुमार- गाँव मे तो दामाद की हर बात मानते है , ऐसे मे नेहा से शादी करके मैं जयसिंघ के घर का दामाद बन जाता , फिर मैं जैसा कहता जयसिंघ वैसा करना पड़ता ,

अजीत- बिल्कुल सही

कुमार- अगर जयसिंघ मना करता तो उसके घर वाले जयसिंघ पे दबाव डालते , या फिर मैं नेहा को परेशान करता फिर तो जयसिंघ को मेरी बात माननी पड़ती ,

अजीत- और इस से तो जयसिंघ कंपनी छोड़ कर जा भी नही सकता था

कुमार- जयसिंघ मेरा गुलाम बन जाता , और मैं गाँव की जगह शहर3 मे दूसरी कंपनी खोलता

अजीत- ये तो सूपर प्लान है

कुमार- हाँ , मुझे नेहा जैसी कड़क माल मिल रही है और जयसिंघ मेरी मुट्ठी मे आजा जाता

अजीत- हाँ

कुमार- अगर नेहा से मन भर जाता तो जैसे पहली बीवी को रास्ते से हटा दिया वैसे नेहा को नौकरानी बनाकर रखता

अजीत- और शालिनी

कुमार- जयसिंघ के गुलाम बनते ही शालिनी को रंडी बना देना आसान था

अजीत- हाँ , शालिनी को रंडी बना देते

कुमार- जयसिंघ कुछ नही कर पाता क्यूँ कि मैं उसकी बहन का पति हूँ

अजीत- मान गये

कुमार- और सुन , नीता जुड़वा बहन है

अजीत- हां तो

कुमार- जुड़वा मतलब मैं उसे नेहा मान कर प्यार कर सकता हूँ ,

अजीत- नेहा के साथ नीता फ्री , और शालिनी रंडी

कुमार- हां , कैसा है प्लान

अजीत- और पूजा , वो भी कुछ कम.नही है

कुमार- पूजा के बारे में इन्फर्मेशन मैं ने निकाल ली है

अजीत- क्या ,

कुमार- पूजा की ननद मेरे काम आ सकती है ज्योति , उसको पैसे मिल गये तो पूजा भी मेरी बन जाएगी

अजीत- मतलब पूरा घर हमारा गुलाम

कुमार- हाँ

अजीत- और हम राजा

कुमार- जयसिंघ हमारा गुलाम

अजीत- काम जयसिंघ करेगा और हम उसकी बहनों को मसलेंगे

कुमार- सही समझा , इसी लिए नेहा से शादी कर रहा हूँ

अजीत- 1 हफ्ते मे तेरी शादी हो जाएगी

कुमार- फिर तो बल्ल्ले बल्ले हो जाएगी , और इस गाँव मे कंपनी नही खोलनी पड़ेगी

अजीत- जयसिंघ को नौकर बना देंगे पार्टनर से

कुमार- ऐसा हुआ तो तुझे 10% पार्टनर बना दूँगा

अजीत- मेरी दुआ है तेरे साथ , ऐसा ही होगा

कुमार- तू कोई गड़बड़ मत करना

अजीत- अब कुछ नही करूँगा , क्यू कि 1हफ्ते बाद वो हमारी होंगी

कुमार- अब समझा मेरा प्लान

अजीत- हाँ , समझ गया

कुमार- तो तू नेहा से दूर रहना

अजीत- तू भी मेरी बीवी से दूर रहना

कुमार- क्यूँ बे साले

अजीत- सिर्फ़ शादी तक ताकि कुछ गड़बड़ ना हो

कुमार- पर इस लंड का क्या करूँ

अजीत- तू टेन्षन क्यूँ लेता है , मैं ने कुछ लड़कियो का इंतज़ाम किया है , कुवारि , आज पार्टी करेंगे

कुमार- मेरी जीत की खुशी मे

अजीत- नही , जयसिंघ की हार की खुशी मे

कुमार- जा , जयसिंघ हमेशा जीतता आया है अब उसे हार क्या होती है वो मैं बताउन्गा

अजीत- अब तो जयसिंघ का दिमाग़ कुछ काम नही आएगा

अजीत की बीवी- पर मेरी हालत क्यूँ खराब कर रहे हो तुम दोनो

कुमार- अब तो तुम्हें आराम मिलेगा क्यूँ कि अब 4 रंडी का इंतज़ाम हो गया पर्मनॅंट

अजीत की बीवी- जल्दी से शादी हो जाए , मेरी जान छूट जाएगी

अजीत- तुम्हें क्या हुआ है तुम ऐसा क्यूँ बोल रही हो

अजीत की बीवी- तुम्हारे लंड को वो खड़ा करती है और दर्द मुझे झेलना पड़ता है

कुमार- चुदाई के समय तो बोलती हो और ज़ोर से मारो

अजीत की बीवी- मज़ा लेना पड़ता है , पर पहली बार जब तुमने शालिनी को देखा था तब मैं 2 दिन तक ठीक से चल नही पाई थी

कुमार- पेटिकोट मे देखा था ,आग लगा दी थी शालिनी ने

अजीत की बीवी - और आज नेहा नीता को देख कर मेरी हालत पतली कर दी

कुमार- आज से शादी तक तुम आराम करो

अजीत- आज दूसरी लड़कियो को बुलाया है मैं ने

अजीत की बीबी- मैं तो बच गयी

कुमार- वो रात को बुलाया है , अभी तो बहुत टाइम है

अजीत की बीवी- तभी सोचु इतनी आसानी से कैसे छोड़ रहे हो , तो शराब का ग्लास बना के रखो मैं फ्रेश होके आती हूँ

और अजीत की बीवी लंगड़ा कर बाथरूम मे चली गयी

और अजीत कुमार के साथ बाते करने लगा
 
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