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समाचार पत्रों में यह खबर विवरण सहित छपी थी कि सोलो ने एक बैंक में डाका डाला, जिसमें कैशियर की चालाकी से वह पूरी तरह असफल हो गया । सोलो का निशान घटना स्थल पर पाया गया था । ऐसा सिक्का जिस पर सूर्य का निशान था । इस तरह की घटना जौहरी की दुकान पर भी घटी, वहाँ भी सोलो डाकेजनी में असफल रहा । सोलो बेचैन हो उठा । उसने अपने आदमियों को चारों तरफ फैलाकर अब उन लोगों की तलाश में लगा दिया जो उसके नाम को मलियामेट कर रहे थे ।
शहर में घटने वाली इन घटनाओं का पूर्ण विवरण सोलो के पास पहुँच रहा था और जब उसके साथी नाकाम हो गए तो उसने अपने गिरोह के प्रमुखों को तलब किया ।
तमाम महत्वपूर्ण लोग उसके गिर्द जमा थे । आज सोलो बहुत विचलित नजर आ रहा था । उसकी आँखें खून की तरह सुर्ख थीं । और उसके साथी सहमे हुए नजर आ रहे थे ।
“तुम में से कोई ऐसा नहीं जो इस राज पर से पर्दा हटा सके, आखिर वह कौन लोग थे ?” उसने गुर्राती आवाज से कहा ।
“हमें इसका अवसर दें श्रीमान ।” रोमी ने दबी-दबी जुबान में कहा और सोलो उसकी तरफ घूम गया ।
“कितना वक्त चाहते हो ?”
“बस शीघ्रातिशीघ्र । मेरी तो इच्छा है श्रीमान कि तुरन्त ही उन लोगों को पकड़कर आपके सामने पेश कर दूँ, लेकिन ।”
“हाँ – लेकिन क्या ?”
“पता लगाना पड़ेगा ।”
“कहाँ पता लगाओगे जानेमन... ?” सोलो ने व्यंग्यात्मक स्वर में कहा और रोमी बगलें झाँकने लगा ।
“मैं कोशिश करूँगा श्रीमान जी ।”
“और अगर मैं इस सिलसिले में तुम्हारी सहायता कर दूँ तो.... ।” सोलो ने कहा ।
“मैं....मैं नहीं समझा श्रीमान ।”
सोलो के होंठों पर एक व्यंग्यात्मक मुस्कुराहट फैल गई । उसकी आँखों में शैतान नाच रहा था ।
“मैं समझा दूंगा...तुम्हें समझा दूंगा । मैं तुम्हें उस व्यक्ति का नाम बता दूंगा जो मेरे नाम से नाकाम डाकेजनी करके मेरे मुँह पर तमाचे मार रहा है । तो क्या तुम उसे मेरे सामने पेश कर सकते हो ?”
“अगर आप उसके बारे में इस कदर जानते हैं श्रीमान । तो फिर इतना चिंतित होने की क्या आवश्यकता है ? हम सब आपके लिए जान की बाजी लगा देंगे– चाहें उसके लिए हमें कुछ भी क्यों न करना पड़े ।” रोमी ने कहा ।
“सोच लो – फिर सोच लो रोमी ! जो शब्द कह रहे हो, उन्हें निभा पाओगे । यूँ लगता है सोलो इस बार अपनी मौत लेकर इस देश में प्रविष्ट हुआ है । हाँ मैं स्वीकार करता हूँ कि मेरे तमाम साथी नकारा हो चुके हैं और अब वह सोलो के साथी कहलाने योग्य नहीं...खुद सोलो अपनी पोजीशन से हजारों गुना नीचे गिर चुका है और मैं इस बात को कभी भूल नहीं सकता, अपनी मौत के बाद भी नहीं, समझे तुम लोग, तुम सबने यहाँ आकर मुझे जलील कर दिया है ।”
सोलो बुरी तरह गुर्रा रहा था और उसके तमाम साथी खामोश बैठे थे, लेकिन रोमी की आँखें प्रश्नसूचक चिन्ह लिए थीं ।
जब सोलो खामोश हो गया तो चंद क्षण बाद उसने पूछा–
“श्रीमान जी ! क्या आपको यकीन है कि जिस व्यक्ति का आप नाम सुन चुके हैं, यह काम उसी ने किया है ?”
“हंड्रेड पर्सेंट- हंड्रेड पर्सेंट । जब हम किसी सांप की दुम पर पांव रखते हैं तो वह पलटकर अवश्य डसता है । समझे तुम । लेकिन बात हमारी महारत की होती है, हम दुम की बजाय कमर पर पांव रखना चाहते थे । लेकिन पांव पड़ गया दुम पर, और सांप को पलटने का अवसर मिल गया, जानते हो वह कौन है ?”
“नहीं श्रीमान । मैं नहीं जानता, कृपया आप इस बारे में बताइये ।”
“हीरा...हीरा...हीरा... । वही रहस्यमय नाम जो अब मुझे भूत-प्रेत मालूम होने लगा है । हर व्यक्ति उसकी छाया तक पाने में असफल रहा । उसने हम पर जबरदस्त हमला किया है । सोलो के मुँह पर नाकाम डाकेजनी करके तमाचा मारा है । हीरा कितना ही बड़ा गुंडा है लेकिन क्या यूरोप के मकलारिस, जोड़ी फ्लोरिडा और जॉनसन से अधिक खतरनाक है ? लेकिन वास्तव में उसने उन लोगों के नाक में नकेल डालकर रख दी है । इस शहर क्या, इस मुल्क का कोई गुंडा उसके विरुद्ध सिर उठाने को तैयार नहीं । पुलिस जिसकी परछाई तक तलाश नहीं कर पाई, मुझे मालूम है कि वह किस खानदान का चिराग है ।
लेकिन हैरत की बात है कि पुलिस नहीं जानती । और अगर जानती भी है तो इतने जुर्म करने के बाद भी उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं । वह वांटेड व्यक्ति है । जिसे जिन्दा या मुर्दा गिरफ्तार करने की कीमत लगाई गई है, लेकिन कोई इतने बड़े इनाम की खातिर उसके खिलाफ जाने को तैयार नहीं । और हीरा अब मेरे साथ चूहे-बिल्ली का खेल खेल रहा है और तुम सब यहाँ मुँह लटकाये खड़े हो । तुम लोग इस एक नाम से इतने भयभीत हो गए कि उसके खिलाफ कुछ करते हुए दहशत से कांपने लगते हो । मुझे अफसोस है कि तुमने भी इस परिस्थिति में मेरा साथ छोड़ दिया ।”
“नहीं श्रीमान । अगर आप हमें हुक्म दे, आप हमें किसी जगह का पता बता दें तो हम आँखें बन्द करके वहाँ घुस जायेंगे और वहाँ जितने इंसान होंगे उन्हें कत्ल कर देंगे । यकीनी तौर पर उनमें हीरा होगा । हमें बताइये कि हम उस गुंडे को किस जगह और कहाँ गोली मार दें । चाहें वह कोई राजपथ हो या पुलिस हैडक्वार्टर और उसके बाद चाहें हमें उसी जगह गोलियों से छलनी कर दिया जाये । हम अपनी वफादारी पर हर्फ नहीं आने देंगे लेकिन हमें बताइये तो सही...हमें हुक्म तो दीजिये ।”
“कुछ नहीं...कुछ नहीं...तुम लोग कुछ नहीं कर सकते, मुझे यकीन है ।” सोलो ने कहा
“आपका यह यकीन गलत भी प्रमाणित हो सकता है श्रीमान ।” रोमी ने कहा ।
“नहीं, ऐसा नहीं हो सकता । तुम लोगों ने अगर कुछ करना होता तो अब तक कम से कम गिरोह का एक आदमी तो जरूर पकड़ लाते... अब मैंने फैसला कर लिया है कि खुद ही उससे निपटूंगा । बल्कि अब मुझे अपनी इस मूर्खता का एहसास हो रहा है कि मैंने तुम सबको यहाँ क्यों जमा किया ?”
“आप हमसे इतने निराश न हों श्रीमान । अतीत से लेकर अब तक हम हमेशा आपके वफादार रहे हैं ।” रोमी ने बुरा मानते हुए कहा ।
“तुम्हारी वफादारी पर मुझे संदेह नहीं है रोमी ! क्या तुमने इस बात पर गौर किया कि उसके पास हमारा निशान, हमारा सिक्का किस तरह पहुँच गया ? उसने हमारे सम्बन्ध में इतनी जानकारियां किस तरह एकत्रित कर लीं । क्या यह इस बात की पुष्टि के लिए काफी नहीं कि उसकी पहुँच हमारे गिरेबान तक हो गई है । और तुम यहाँ के गुंडों की दहशत देख-देखकर खुद भी इस नाम से घबराने लगे हो ।”
“आपका यह ख्याल गलत है श्रीमान । दरअसल हम उससे भयभीत नहीं हैं । हकीकत तो यह है कि हम उसकी हस्ती से अनभिज्ञ हैं ।”
“तो फिर जाओ और अपने तौर पर पता लगाओ कि हीरा कहाँ है, और क्या कर रहा है ? उसे कत्ल कर दो । उसे और उसके पूरे गिरोह को खत्म कर दो अन्यथा तुम सब खत्म हो जाओ और अगर तुम खत्म होने से डरते हो तो सोलो का हुक्म है जहाँ दिल चाहे चले जाना वापिस सोलो के पास नहीं आना – जाओ ।” सोलो ने दहाड़कर कहा और वे सब एक एक करके उठ खड़े हुए ।
सोलो के साथ मुश्किल यह थी कि स्थानीय गुंडे उसका साथ देने को तैयार नहीं हो रहे थे । जब से उन्हें मालूम हुआ कि सोलो और हीरा के बीच गैंगवार छिड़ गई है, तब से उन्होंने सोलो के लिए काम करने से इंकार कर दिया था ।
☐☐☐
शहर में घटने वाली इन घटनाओं का पूर्ण विवरण सोलो के पास पहुँच रहा था और जब उसके साथी नाकाम हो गए तो उसने अपने गिरोह के प्रमुखों को तलब किया ।
तमाम महत्वपूर्ण लोग उसके गिर्द जमा थे । आज सोलो बहुत विचलित नजर आ रहा था । उसकी आँखें खून की तरह सुर्ख थीं । और उसके साथी सहमे हुए नजर आ रहे थे ।
“तुम में से कोई ऐसा नहीं जो इस राज पर से पर्दा हटा सके, आखिर वह कौन लोग थे ?” उसने गुर्राती आवाज से कहा ।
“हमें इसका अवसर दें श्रीमान ।” रोमी ने दबी-दबी जुबान में कहा और सोलो उसकी तरफ घूम गया ।
“कितना वक्त चाहते हो ?”
“बस शीघ्रातिशीघ्र । मेरी तो इच्छा है श्रीमान कि तुरन्त ही उन लोगों को पकड़कर आपके सामने पेश कर दूँ, लेकिन ।”
“हाँ – लेकिन क्या ?”
“पता लगाना पड़ेगा ।”
“कहाँ पता लगाओगे जानेमन... ?” सोलो ने व्यंग्यात्मक स्वर में कहा और रोमी बगलें झाँकने लगा ।
“मैं कोशिश करूँगा श्रीमान जी ।”
“और अगर मैं इस सिलसिले में तुम्हारी सहायता कर दूँ तो.... ।” सोलो ने कहा ।
“मैं....मैं नहीं समझा श्रीमान ।”
सोलो के होंठों पर एक व्यंग्यात्मक मुस्कुराहट फैल गई । उसकी आँखों में शैतान नाच रहा था ।
“मैं समझा दूंगा...तुम्हें समझा दूंगा । मैं तुम्हें उस व्यक्ति का नाम बता दूंगा जो मेरे नाम से नाकाम डाकेजनी करके मेरे मुँह पर तमाचे मार रहा है । तो क्या तुम उसे मेरे सामने पेश कर सकते हो ?”
“अगर आप उसके बारे में इस कदर जानते हैं श्रीमान । तो फिर इतना चिंतित होने की क्या आवश्यकता है ? हम सब आपके लिए जान की बाजी लगा देंगे– चाहें उसके लिए हमें कुछ भी क्यों न करना पड़े ।” रोमी ने कहा ।
“सोच लो – फिर सोच लो रोमी ! जो शब्द कह रहे हो, उन्हें निभा पाओगे । यूँ लगता है सोलो इस बार अपनी मौत लेकर इस देश में प्रविष्ट हुआ है । हाँ मैं स्वीकार करता हूँ कि मेरे तमाम साथी नकारा हो चुके हैं और अब वह सोलो के साथी कहलाने योग्य नहीं...खुद सोलो अपनी पोजीशन से हजारों गुना नीचे गिर चुका है और मैं इस बात को कभी भूल नहीं सकता, अपनी मौत के बाद भी नहीं, समझे तुम लोग, तुम सबने यहाँ आकर मुझे जलील कर दिया है ।”
सोलो बुरी तरह गुर्रा रहा था और उसके तमाम साथी खामोश बैठे थे, लेकिन रोमी की आँखें प्रश्नसूचक चिन्ह लिए थीं ।
जब सोलो खामोश हो गया तो चंद क्षण बाद उसने पूछा–
“श्रीमान जी ! क्या आपको यकीन है कि जिस व्यक्ति का आप नाम सुन चुके हैं, यह काम उसी ने किया है ?”
“हंड्रेड पर्सेंट- हंड्रेड पर्सेंट । जब हम किसी सांप की दुम पर पांव रखते हैं तो वह पलटकर अवश्य डसता है । समझे तुम । लेकिन बात हमारी महारत की होती है, हम दुम की बजाय कमर पर पांव रखना चाहते थे । लेकिन पांव पड़ गया दुम पर, और सांप को पलटने का अवसर मिल गया, जानते हो वह कौन है ?”
“नहीं श्रीमान । मैं नहीं जानता, कृपया आप इस बारे में बताइये ।”
“हीरा...हीरा...हीरा... । वही रहस्यमय नाम जो अब मुझे भूत-प्रेत मालूम होने लगा है । हर व्यक्ति उसकी छाया तक पाने में असफल रहा । उसने हम पर जबरदस्त हमला किया है । सोलो के मुँह पर नाकाम डाकेजनी करके तमाचा मारा है । हीरा कितना ही बड़ा गुंडा है लेकिन क्या यूरोप के मकलारिस, जोड़ी फ्लोरिडा और जॉनसन से अधिक खतरनाक है ? लेकिन वास्तव में उसने उन लोगों के नाक में नकेल डालकर रख दी है । इस शहर क्या, इस मुल्क का कोई गुंडा उसके विरुद्ध सिर उठाने को तैयार नहीं । पुलिस जिसकी परछाई तक तलाश नहीं कर पाई, मुझे मालूम है कि वह किस खानदान का चिराग है ।
लेकिन हैरत की बात है कि पुलिस नहीं जानती । और अगर जानती भी है तो इतने जुर्म करने के बाद भी उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं । वह वांटेड व्यक्ति है । जिसे जिन्दा या मुर्दा गिरफ्तार करने की कीमत लगाई गई है, लेकिन कोई इतने बड़े इनाम की खातिर उसके खिलाफ जाने को तैयार नहीं । और हीरा अब मेरे साथ चूहे-बिल्ली का खेल खेल रहा है और तुम सब यहाँ मुँह लटकाये खड़े हो । तुम लोग इस एक नाम से इतने भयभीत हो गए कि उसके खिलाफ कुछ करते हुए दहशत से कांपने लगते हो । मुझे अफसोस है कि तुमने भी इस परिस्थिति में मेरा साथ छोड़ दिया ।”
“नहीं श्रीमान । अगर आप हमें हुक्म दे, आप हमें किसी जगह का पता बता दें तो हम आँखें बन्द करके वहाँ घुस जायेंगे और वहाँ जितने इंसान होंगे उन्हें कत्ल कर देंगे । यकीनी तौर पर उनमें हीरा होगा । हमें बताइये कि हम उस गुंडे को किस जगह और कहाँ गोली मार दें । चाहें वह कोई राजपथ हो या पुलिस हैडक्वार्टर और उसके बाद चाहें हमें उसी जगह गोलियों से छलनी कर दिया जाये । हम अपनी वफादारी पर हर्फ नहीं आने देंगे लेकिन हमें बताइये तो सही...हमें हुक्म तो दीजिये ।”
“कुछ नहीं...कुछ नहीं...तुम लोग कुछ नहीं कर सकते, मुझे यकीन है ।” सोलो ने कहा
“आपका यह यकीन गलत भी प्रमाणित हो सकता है श्रीमान ।” रोमी ने कहा ।
“नहीं, ऐसा नहीं हो सकता । तुम लोगों ने अगर कुछ करना होता तो अब तक कम से कम गिरोह का एक आदमी तो जरूर पकड़ लाते... अब मैंने फैसला कर लिया है कि खुद ही उससे निपटूंगा । बल्कि अब मुझे अपनी इस मूर्खता का एहसास हो रहा है कि मैंने तुम सबको यहाँ क्यों जमा किया ?”
“आप हमसे इतने निराश न हों श्रीमान । अतीत से लेकर अब तक हम हमेशा आपके वफादार रहे हैं ।” रोमी ने बुरा मानते हुए कहा ।
“तुम्हारी वफादारी पर मुझे संदेह नहीं है रोमी ! क्या तुमने इस बात पर गौर किया कि उसके पास हमारा निशान, हमारा सिक्का किस तरह पहुँच गया ? उसने हमारे सम्बन्ध में इतनी जानकारियां किस तरह एकत्रित कर लीं । क्या यह इस बात की पुष्टि के लिए काफी नहीं कि उसकी पहुँच हमारे गिरेबान तक हो गई है । और तुम यहाँ के गुंडों की दहशत देख-देखकर खुद भी इस नाम से घबराने लगे हो ।”
“आपका यह ख्याल गलत है श्रीमान । दरअसल हम उससे भयभीत नहीं हैं । हकीकत तो यह है कि हम उसकी हस्ती से अनभिज्ञ हैं ।”
“तो फिर जाओ और अपने तौर पर पता लगाओ कि हीरा कहाँ है, और क्या कर रहा है ? उसे कत्ल कर दो । उसे और उसके पूरे गिरोह को खत्म कर दो अन्यथा तुम सब खत्म हो जाओ और अगर तुम खत्म होने से डरते हो तो सोलो का हुक्म है जहाँ दिल चाहे चले जाना वापिस सोलो के पास नहीं आना – जाओ ।” सोलो ने दहाड़कर कहा और वे सब एक एक करके उठ खड़े हुए ।
सोलो के साथ मुश्किल यह थी कि स्थानीय गुंडे उसका साथ देने को तैयार नहीं हो रहे थे । जब से उन्हें मालूम हुआ कि सोलो और हीरा के बीच गैंगवार छिड़ गई है, तब से उन्होंने सोलो के लिए काम करने से इंकार कर दिया था ।
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