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“आआहह अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उउह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊओफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़आआआआआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह उईईईईईईइमाआआआआआआ भाईईईईईईईईईईईई आप तो बहुत ही बे सबरे हैं, मुझे कपड़े तो उतार लेने देते आप” अपने भाई की ज़ोर दार चुदाई की वजह से शाज़िया के मुँह से सिसकारियाँ निकल रही थी.
“उफफफफफफफफ्फ़ शाज़िया,तुम इन कपड़ों में आज इतनी प्यारी लग रही थी,कि अगर मेरा बस चलता तो में तुम को ट्यूलिप में ही पकड़ कर चोद देता मेरी जान,मेरी बीवी”ज़ाहिद मज़ीद ज़ोर ज़ोर से झटके मारते हुए बोला.
“उफफफफफफफ्फ़ भाई मुझे एक मिनट के लिए अपनी कमीज़ और ज्यूयेल्री को उतारने का मोका तो दो ना” शाज़िया ने अपने हाथ को पीछे ले जा कर अपनी गान्ड से चिपके हुए अपने भाई ज़ाहिद को धक्का दिया. तो ज़ाहिद खुद ही अपनी बहन के जिस्म से पीछे हट गया.
ज़ाहिद के पीछे से हटते ही शाज़िया निढाल हो कर ड्रेसिंग टेबल पर गिर पड़ी और लंबे लंबे सांस लेने लगी.
शाज़िया से परे होते ही ज़ाहिद का लंड भी उस की बहन की फुद्दि से स्लिप हो कर बाहर तो निकल आया था. मगर कमीज़ पहने होने की वजह से रज़िया बीबी अभी तक अपने बेटे का लंड देखने से महरूम थी.
शाज़िया के जिस्म से अलग होते ही ज़ाहिद अपने बिस्तर की तरह चल पड़ा और बिस्तर तक पहुँचते पहुँचते ज़ाहिद ने अपनी कमीज़ उतार कर कमरे के फर्श पर फैंक दी.
ज़ाहिद के कमीज़ उतारते ही कमरे की ट्यूब लाइट की रोशनी में उस का लंड बाहर से झाँकती हुई उस की अम्मी रज़िया बीबी के सामने नुमाया हो गया.
ज़ाहिद का लंड इस वक्त एक खंबे की तरह तन कर ऊपर की तरह खड़ा था.
शाज़िया की फुद्दि के सफेद पानी से ज़ाहिद का लंड इस वक्त इतना तर हो चुका था.कि ज्यों ही ज़ाहिद ने अपनी कमीज़ उतार कर बिस्तर की तरफ दो कदम बढ़ाए. तो उस के लंड पर लगा हुआ उस की बहन की चूत का पानी बारिश की बूँदों की तरह “टॅप टॅप” करता कमरे के फर्श पर गिरने लगा था.
अपनी जवानी में चुदाई के दौरान रज़िया बीबी की चूत भी गरम हो कर बहुत पानी छोड़ती थी.
इसीलिए अपने बेटे के लंड पर लगे हुए अपनी ही सग़ी बेटी के पानी की मिक्चर देख कर रज़िया बीबी को अंदाज़ा हुआ. कि उस की तरह उस की बेटी शाज़िया की चूत से निकलने वाला पानी भी बहुत ज़्यादा और गाढ़ा (थिक) है.
जो कि इस बात की निशानी थी. कि अपनी अम्मी की तरह शाज़िया की चूत में भी बहुत ज़्यादा आग मौजूद है.
“उफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ क्याआअ मोटा ताज़ा लंड है मेरे बेटे का, वैसे मेरे बेटे का ये बड़ा ही लंड सही मायनो में मेरी बेटी की गरम और प्यासी चूत का हक दार हाईईईईईईईई” अपनी ही बेटी की चूत के पानी से भीगे हुए अपने सगे बेटे के लंड का साइज़ देख कर रज़िया बीबी के बदन में एक सुर्राहट हुई. और उस का अपना एक हाथ खुद ब खुद आगे बढ़ता हुआ शलवार के ऊपर से उस की फुद्दि तक जा पहुँचा.
“ओह” अपनी फुद्दि पर अपना हाथ रखते ही रज़िया बीबी ने सिसकारी ली और उस ने अपने होंठो को आपस में भींच लिया. ताकि उस के मुँह से निकलने वाली सिसकारी को अंदर कमरे में माजूद ज़ाहिद या शाजिया कहीं सुन ना ले.
पहले अपने बेटे को अपनी ही बहन की चुदाई करते देख कर और अब अपने बेटे का जवान और मोटा ताज़ा बड़ा लंड पूरा नंगा देख कर रज़िया बीबी की चूत में अपने ही बेटे के लंड की तलब जाग उठी. और वो ज़ाहिद के लंड को भूकि नज़रों से देखती आहिस्ता आहिस्ता अपनी चूत को शलवार के ऊपर से रगड़ने लगी.
इधर कमरे के बाहर खड़ी रज़िया बीबी ने ज्यों ही अपनी चूत रगड़ाई का खेल स्टार्ट किया.
तो दूसरी तरफ इतनी देर में ज़ाहिद ने अपने बिस्तर पर लेट कर अपने जिस्म पर एक चादर ओढ़ ली.और वो बिस्तर पर लेट कर ड्रेसिंग टेबल कर सामने खड़ी हुई शाज़िया को अपनी ज्वेलरी और मेक अप को उतारते देखने लगा.
“जल्दी कर शाज़िया, मुझ से अब और बर्दास्त नही हो रहा, मेने आज तुम्हें पूरी रात चोदना है मेरी जान” ज़ाहिद से जब मज़ीद इंतिज़ार ना हुआ. तो उस ने बिस्तर की चादर हटा कर अपनी बहन की चूत के पानी से तर लंड को फिर से अपनी बहन के सामने करते हुए कहा.
“अच्छा बाबा आ रही हूँ, वैसे आप ने तो अभी से मेरा बुरा हाल कर दिया है, रात भर में तो पता नही आप मेरा क्या हाल करोगे भाई” शाज़िया ने बिस्तर पर लेटे हुए अपने भाई की तरफ देखा और बोली.साथ ही साथ ये कहते हुए शाज़िया ने अपनी कमीज़ उतारी और आहिस्ता आहिस्ता चलती हुई बिस्तर पर लेटे हुए अपने भाई की तरफ चली गई.
“अऊूऊ और आ कर अपने इस असली शोहर को प्यार करो मेरी जान” ज्यों ही शाज़िया अपने भाई के बिस्तर के पास आई. तो ज़ाहिद ने अपने खड़े हुए लंड की तरफ इशारा करते हुए कहा.
“उफफफफफफ्फ़ भाई मैं तो खुद अपनी चूत के इस असली मालिक को प्यार करने के लिए तरस रही हूँ” शाज़िया ने अपने भाई के मोटे लंड को जो उसके हाथ में था देखा और सिसक कर बोली.
फिर रज़िया बीबी के देखते ही देखते शाज़िया ने अपनी ही चूत के पानी से तर अपने भाई के बड़े लंड को अपने मुँह में लिया. और बहुत मज़े से अपने भाई के लंड पर लगी हुई अपनी ही मनी को अपनी ज़ुबान से चाट चाट कर सॉफ करने लगी.
“उफफफफफफफफ्फ़ शाज़िया,तुम इन कपड़ों में आज इतनी प्यारी लग रही थी,कि अगर मेरा बस चलता तो में तुम को ट्यूलिप में ही पकड़ कर चोद देता मेरी जान,मेरी बीवी”ज़ाहिद मज़ीद ज़ोर ज़ोर से झटके मारते हुए बोला.
“उफफफफफफफ्फ़ भाई मुझे एक मिनट के लिए अपनी कमीज़ और ज्यूयेल्री को उतारने का मोका तो दो ना” शाज़िया ने अपने हाथ को पीछे ले जा कर अपनी गान्ड से चिपके हुए अपने भाई ज़ाहिद को धक्का दिया. तो ज़ाहिद खुद ही अपनी बहन के जिस्म से पीछे हट गया.
ज़ाहिद के पीछे से हटते ही शाज़िया निढाल हो कर ड्रेसिंग टेबल पर गिर पड़ी और लंबे लंबे सांस लेने लगी.
शाज़िया से परे होते ही ज़ाहिद का लंड भी उस की बहन की फुद्दि से स्लिप हो कर बाहर तो निकल आया था. मगर कमीज़ पहने होने की वजह से रज़िया बीबी अभी तक अपने बेटे का लंड देखने से महरूम थी.
शाज़िया के जिस्म से अलग होते ही ज़ाहिद अपने बिस्तर की तरह चल पड़ा और बिस्तर तक पहुँचते पहुँचते ज़ाहिद ने अपनी कमीज़ उतार कर कमरे के फर्श पर फैंक दी.
ज़ाहिद के कमीज़ उतारते ही कमरे की ट्यूब लाइट की रोशनी में उस का लंड बाहर से झाँकती हुई उस की अम्मी रज़िया बीबी के सामने नुमाया हो गया.
ज़ाहिद का लंड इस वक्त एक खंबे की तरह तन कर ऊपर की तरह खड़ा था.
शाज़िया की फुद्दि के सफेद पानी से ज़ाहिद का लंड इस वक्त इतना तर हो चुका था.कि ज्यों ही ज़ाहिद ने अपनी कमीज़ उतार कर बिस्तर की तरफ दो कदम बढ़ाए. तो उस के लंड पर लगा हुआ उस की बहन की चूत का पानी बारिश की बूँदों की तरह “टॅप टॅप” करता कमरे के फर्श पर गिरने लगा था.
अपनी जवानी में चुदाई के दौरान रज़िया बीबी की चूत भी गरम हो कर बहुत पानी छोड़ती थी.
इसीलिए अपने बेटे के लंड पर लगे हुए अपनी ही सग़ी बेटी के पानी की मिक्चर देख कर रज़िया बीबी को अंदाज़ा हुआ. कि उस की तरह उस की बेटी शाज़िया की चूत से निकलने वाला पानी भी बहुत ज़्यादा और गाढ़ा (थिक) है.
जो कि इस बात की निशानी थी. कि अपनी अम्मी की तरह शाज़िया की चूत में भी बहुत ज़्यादा आग मौजूद है.
“उफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ क्याआअ मोटा ताज़ा लंड है मेरे बेटे का, वैसे मेरे बेटे का ये बड़ा ही लंड सही मायनो में मेरी बेटी की गरम और प्यासी चूत का हक दार हाईईईईईईईई” अपनी ही बेटी की चूत के पानी से भीगे हुए अपने सगे बेटे के लंड का साइज़ देख कर रज़िया बीबी के बदन में एक सुर्राहट हुई. और उस का अपना एक हाथ खुद ब खुद आगे बढ़ता हुआ शलवार के ऊपर से उस की फुद्दि तक जा पहुँचा.
“ओह” अपनी फुद्दि पर अपना हाथ रखते ही रज़िया बीबी ने सिसकारी ली और उस ने अपने होंठो को आपस में भींच लिया. ताकि उस के मुँह से निकलने वाली सिसकारी को अंदर कमरे में माजूद ज़ाहिद या शाजिया कहीं सुन ना ले.
पहले अपने बेटे को अपनी ही बहन की चुदाई करते देख कर और अब अपने बेटे का जवान और मोटा ताज़ा बड़ा लंड पूरा नंगा देख कर रज़िया बीबी की चूत में अपने ही बेटे के लंड की तलब जाग उठी. और वो ज़ाहिद के लंड को भूकि नज़रों से देखती आहिस्ता आहिस्ता अपनी चूत को शलवार के ऊपर से रगड़ने लगी.
इधर कमरे के बाहर खड़ी रज़िया बीबी ने ज्यों ही अपनी चूत रगड़ाई का खेल स्टार्ट किया.
तो दूसरी तरफ इतनी देर में ज़ाहिद ने अपने बिस्तर पर लेट कर अपने जिस्म पर एक चादर ओढ़ ली.और वो बिस्तर पर लेट कर ड्रेसिंग टेबल कर सामने खड़ी हुई शाज़िया को अपनी ज्वेलरी और मेक अप को उतारते देखने लगा.
“जल्दी कर शाज़िया, मुझ से अब और बर्दास्त नही हो रहा, मेने आज तुम्हें पूरी रात चोदना है मेरी जान” ज़ाहिद से जब मज़ीद इंतिज़ार ना हुआ. तो उस ने बिस्तर की चादर हटा कर अपनी बहन की चूत के पानी से तर लंड को फिर से अपनी बहन के सामने करते हुए कहा.
“अच्छा बाबा आ रही हूँ, वैसे आप ने तो अभी से मेरा बुरा हाल कर दिया है, रात भर में तो पता नही आप मेरा क्या हाल करोगे भाई” शाज़िया ने बिस्तर पर लेटे हुए अपने भाई की तरफ देखा और बोली.साथ ही साथ ये कहते हुए शाज़िया ने अपनी कमीज़ उतारी और आहिस्ता आहिस्ता चलती हुई बिस्तर पर लेटे हुए अपने भाई की तरफ चली गई.
“अऊूऊ और आ कर अपने इस असली शोहर को प्यार करो मेरी जान” ज्यों ही शाज़िया अपने भाई के बिस्तर के पास आई. तो ज़ाहिद ने अपने खड़े हुए लंड की तरफ इशारा करते हुए कहा.
“उफफफफफफ्फ़ भाई मैं तो खुद अपनी चूत के इस असली मालिक को प्यार करने के लिए तरस रही हूँ” शाज़िया ने अपने भाई के मोटे लंड को जो उसके हाथ में था देखा और सिसक कर बोली.
फिर रज़िया बीबी के देखते ही देखते शाज़िया ने अपनी ही चूत के पानी से तर अपने भाई के बड़े लंड को अपने मुँह में लिया. और बहुत मज़े से अपने भाई के लंड पर लगी हुई अपनी ही मनी को अपनी ज़ुबान से चाट चाट कर सॉफ करने लगी.