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वक्त ने बदले रिश्ते ( माँ बनी सास ) complete

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सहन में आते ही ज़ाहिद की नज़र सामने भीची एक पुरानी चारपाई पर पड़ी. तो उस ने अपनी अम्मी को उधर लेटने का कहा.

रज़िया बीबी के चारपाई पर लेटते ही ज़ाहिद भी अपनी अम्मी के उपर चढ़ गया.और बोला “अपनी टाँगों को खोल दो और अपने शोहर के लंड का स्वागत करो मेरी जान”

इस के साथ ही ज़ाहिद ने अपनी अम्मी की टाँगों को अपनी टाँगों पर रख कर अपने लंड को अम्मी की चूत में डाल दिया.

“आओ बेटा, पेल दो अपनी माँ की चूत में अपना लंड, तुम्हारी अम्मी बहुत प्यासी है,तुम्हारा बाप तो मर गया, अब तुम ही मेरी चूत को ठंडा कर सकते हो मेरे ज़ाहिद्द्द्द्द्द्दद्ड”रज़िया बीबी ने भी ज़ाहिद की गरम बातों का जवाब उसी गरम अंदाज़ में दिया. और फिर नीचे से अपने चूतड़ उठा उठा कर ज़ाहिद के मोटे लंड को अपनी चूत में जज़ब करने लगी.

कुछ देर यूँ ही अपनी अम्मी की फुद्दि मारने के बाद ज़ाहिद ने अपनी अम्मी की चूत में अपने लंड का फव्वारा फिर से खोल दिया.

ज्यों ही ज़ाहिद ने अपना पानी अपनी अम्मी की फुद्दि में फारिग किया. तो अपने लंड का आखरी क़तरा अपनी दूसरी बीवी की चूत में डालते ही ज़ाहिद एक दम से उठा.और चारपाई पर लेटी रज़िया बीबी के साथ लेट कर अपनी अम्मी को 69 पोज़िशन में अपने उपर आने का कहा.

जैसे ही रज़िया बीबी ने ज़ाहिद के जिस्म के उपर आ कर 69 स्टाइल में अपनी चूत ज़ाहिद के मुँह पर रखी. और दूसरी तरफ से ज़ाहिद के मोटे लंड को अपने मुँह भरा.

तो ज़ाहिद अपनी अम्मी के भारी वजूद को अपने मज़बूत बाजुओं में अच्छी तरह कसते हुए चारपाई से उठ कर सहन के फर्श पर खड़ा हो गया.

ज़ाहिद के इस तरह अपनी अम्मी को अपने बाजुओं में उठ कर खड़ा होने से रज़िया बीबी का मुँह अब नीचे ज़ाहिद के पैरों की तरफ हो गया था.

जब कि रज़िया बीबी की फूली हुई चूत के लब फर्श पर खड़े ज़ाहिद के मुँह के ऐन सामने आ चुके थे.

“हाईईईईईईईईई मेरा जिस्म ना सिर्फ़ भारी है बल्कि गीला भी, में फिस्सल जाउन्गी तुम्हारी बाहों से ज़ाहिद” ज्यों ही ज़ाहिद ने रज़िया बीबी के जिस्म को अपनी बाहों में भर कर चारपाई से उठाया. तो रज़िया बीबी ख़ौफ़ के मारे चिल्ला उठी.

“मेरी जान मेरा तुम से वादा है कि में तुम्हारी पूरी तरह से हिफ़ाज़त करूँगा ,बस तुम मेरे लंड को अपने मुँह में भर कर इस पर लगा अपनी चूत का पानी सॉफ करो,मेरी रज़िया बेगम” ज़ाहिद ने अपनी बीवी माँ को होसला देते हुआ कहा.

ज़ाहिद कल दोपहर को भी इसी तरह अपनी अम्मी के भारी वजूद को अपनी बाहों मे भर कर चोद चुका था.

इसीलिए रज़िया बीबी को अपने जानू बेटे की मर्दानगी पर पूरा यकीन था. कि ज़ाहिद जो कह रहा है वो वाकई ही करेगा भी ज़रूर.

ये ही वजह थी कि ज़ाहिद के समझाने पर रज़िया बीबी के दिल में बैठा ख़ौफ़ एक दम दूर हो गया. और उस ने ज़ाहिद के मोटे लंड को अपने मुँह में ले कर अपनी ही चूत का पानी पीना शुरू कर दिया.

जब कि दूसरी तरफ ज़ाहिद भी अपनी अम्मी की कमर को ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ते हुए रज़िया बीबी के मोटे फुद्दे में छोड़ा हुआ अपना ही जूस चाटने में मसरूफ़ हो गया.

 
इस दौरान बदिश का पानी ज़ोर ज़ोर से दोनो जिन्सी पदमियो के जिस्मो पर पड़ते हुए ज़ाहिद और रज़िया बीबी के लंड और चूत के पानी के ज़ायक़े को उन दोनो के लिए मज़ीद स्वाद वाला बना रहा था.

और ये दोनो मियाँ बीवी आज एक दूसरे के जिस्म के पानी को एक नये अंदाज़ में पी पी कर लुफ्त अंदोज़ हो रहे थे.

जब दोनो माँ बेटा एक दूसरे के लंड और चूत का पानी चाट चाट कर अच्छी तरह मुत्मिन हो गये.

तो ज़ाहिद ने रज़िया बीबी के जिस्म को दुबारा चारपाई पर लिटाया. और फिर बे सूध हो कर अपनी अम्मी के गीले बदन पर ढेर हो गया.

उस दिन के बाद रज़िया बीबी अपने बेटे की बीवी की हैसियत से अब हर रोज़ ज़ाहिद के साथ रात बसर करने लगी. और ज़ाहिद भी अब अपनी अम्मी को माँ से ज़्यादा एक बीवी की तरह ट्रीट करने लगा था.

ज़ाहिद अक्सर शाज़िया और रज़िया बीबी को एक साथ शॉपिंग के लिए ले जाता. और अपनी दोनो बीवियों को अपनी पसंद के मुताबिक कपड़े और अंडर गारमेंट्स खरीद कर देता.

शाज़िया की तरह रज़िया बीबी भी अब ज़ाहिद की ख्वाहिश के मुताबिक खुले गले वाले तंग शलवार कमीज़ पहनने लगी थी.

इन तंग कमीज़ों के खुले गालों से जब रज़िया बीबी के भारी मम्मे बाहर को छलकते.

तो अपनी अम्मी के नीम नंगे बदन को देख कर ज़ाहिद का लंड उस की शलवार में से उठ उठ खड़ा होता.

इस दौरान जब शाज़िया की चूत में आग ज़्यादा लगती. तो रज़िया बीबी एक माँ और सौतन का फ़र्ज़ निभाते हुए अपनी बेटी,बहू,और सोतन के गरम फुद्दे की आग को अपनी नुकीली ज़ुबान से सकून पहुँचा देती.

रज़िया बीबी को अब अपने बेटे से अपनी चूत को नंगा चुदवाते हुए तकरीबन एक महीना होने को था. और इस एक महीने में ज़ाहिद ने अपनी अम्मी को हर हर स्टाइल में चोद लिया था.

(कहते हैं कि जिस तरह अच्छा खाना खाने से इंसान की सेहत बेहतर तो है. उसी तरह रेग्युलर चुदवाने से अक्सर औरतों का वज़न भी बढ़ जाता है.

इस की मिसाल ऐसे दी जा सकती है. कि बहुत सारी कंवारी लड़कियाँ जो शादी से पहले काफ़ी दुबली पतली होती हैं. उन में से अक्सर का वज़न शादी के बाद पहले से ज़्यादा हो जाता है.)

लगता था कि शायद ऐसा ही कुछ रज़िया बीबी के साथ भी हो रहा था. रज़िया बीबी का वजूद तो पहले भी काफ़ी भारी था.

लेकिन ज़ाहिद से चुदवाने के बाद रज़िया बीबी का जिस्म ना सिर्फ़ पहले से भी थोड़ा भर गया था. बल्कि उसके साथ साथ रज़िया बीबी का पेट भी उस के कपड़ों में से पहले से कुछ ज़्यादा ही वज़िया नज़र आने लगा था.

मगर रज़िया बीबी ने अपने इस बेटे हुए वज़न की वजह जानने की ना तो कभी कॉसिश की. और ना ही टीन एज लड़कियों की तरह उस को अपना फिगर खराब होने की परवाह थी.

एक महीने के बाद ज़ाहिद को एक रोज़ किसी काम के सिलसिले में मुर्री जाना था. तो उसने अपनी दोनो ने शाज़िया और अम्मी को साथ जाने को कहा.

“नही भाई आप अम्मी को साथ ले जाओ, मेरी तबीयत खराब है, दोराने सफ़र हमारे बच्चे को कुछ हो ना जाए तो अच्छा नही हो गा ”

शाज़िया ने कमीज़ के उपर से अपने हमला पेट पर हाथ फेरते हुए अपने खाविंद ज़ाहिद को जवाब दिया.

“ठीक है तुम आराम करो,हम शाम तक वापिस आ जाएँगे” ज़ाहिद ने शाज़िया की बात मान ली.

“में कार बाहर निकालता हूँ,आप जल्दी से आ जाएँ अम्मी” शाज़िया से बात करने के बाद ज़ाहिद ने अपनी कार की चाभी उठी. और रज़िया बीबी को जल्दी आने का कह कर ज़ाहिद खुद बाहर निकल गया.

"तुम क्यों नही साथ जा रही शाज़िया” ज़ाहिद के बाहर जाते ही रज़िया बीबी ने शाज़िया से पूछा.

“में तो शादी के बाद मुर्री जा कर ज़ाहिद के साथ अपने हनी मून मना चुकी हूँ,इसीलिए आज आप को मोका देना चाहती हूँ कि आप अकेले ज़ाहिद के साथ जा कर एंजाय कर सको,अम्मी जान”

 


शाज़िया ने मुस्कराते हुए अपनी अम्मी से कहा. और प्यार भरे अंदाज में अपनी अम्मी के जिस्म के साथ चिपक गई.

“अच्छा तबीयत खराब होना तो सिर्फ़ एक बहाना है,असल बात ये है” रज़िया बीबी भी अपनी बेटी की बात सुन कर मुस्कराई. और फिर शाज़िया को खुदा हाफ़िज़ कह कर ज़ाहिद के साथ कार में आन बैठी.

ज़ाहिद की कार के शीशे टिनटेड थे. इसीलिए ज्यों ही ज़ाहिद ने अपनी कार को पिंडी से बाहर निकाल कर मुर्री हाइवे पर डाला.

तो उस ने अपने काले शीशों का फ़ायदा उठाते हुए अपना एक हाथ फ्रंट सीट पर बैठी अपनी अम्मी की शलवार के उपर से रज़िया बीबी की चूत पर रख दिया.

“शरम करो ज़ाहिद बाहर से कोई देख ले गा बेटा”अपने बेटे की इस ना मतवका हरकत से रज़िया बीबी एक दम परेशान हो कर बोली.

“गाड़ी के शीशे काले होने की वजह से बाहर से अंदर नज़र नही आता मेरी जान” ज़ाहिद ने रज़िया बीबी को समझाया.

इस के साथ ही ज़ाहिद ने अपनी ज़िप खोली .और अपनी अम्मी का हाथ पकड़ कर अपने तने अपने लंड पर रख दिया.

रज़िया बीबी को अपने बेटे के प्यार का ये अंदाज़ बहुत अच्छा लगा. और वो गरम होते हुए चलती कार में ही अपने बेटे की मूठ लगाने लगी. जब कि इस दोरान ज़ाहिद भी अपने हाथ को अपनी अम्मी की फुद्दि के उपर इधर उधर फैरने लगा.

अपनी सारी शादी शुदा ज़िंदगी में ज़ाहिद के मरहूम अब्बू के साथ रज़िया बीबी ने अपने घर से बाहर इस तरह की किसी हरकत का तसव्वुर नही किया था.

मगर आज अपने ही सगे बेटे के साथ दोरान सफ़र मे मस्ती भरी ये हरकत रज़िया बीबी को बहुत अच्छी लग रही थी.

इसीलिए वो पूरे सफ़र के दोरान ज़ाहिद के लंड से हल्की हल्की छेड़ छाड़ करती रही. और ज़ाहिद भी अपनी अम्मी की चूत और मम्मो को अपने हाथ से मसलता और दबाता रहा.

मुरी पहुँचने तक ज़ाहिद ने रज़िया बीबी को और रज़िया बीबी ने ज़ाहिद को अपने अपने हाथों से खूब गरमा दिया था.

हिल पर जा कर ज़ाहिद को अपने काम से फारिग होते शाम के 3 बज गये.

इस दोरान ज़ाहिद और रज़िया बीबी को ज़ोर की भूक लग रही थी. इसीलिए ज़ाहिद के काम से फारिग होते ही दोनो माँ बेटा एक रेस्टोरेंट में खाना खाने बैठ गये.

अभी ज़ाहिद और रज़िया बीबी को खाना ख़ाते थोड़ी देर ही हुई थी. कि इस दोरान अचानक शदीद किसम की बारिश स्टार्ट हो गई.

बदिश स्टार्ट होने की देर थी. कि रेस्टोरेंट में लगे टीवी सेट पर ब्रेकिंग न्यूज़ चलने लगी.

ब्रेकिंग न्यूज़ के मुताबिक मुर्री में होने वाली तेज बदिश की वजह से मिट्टी का एक तोड़ा सड़क पर गिरने से पिंडी वाली रोड ब्लॉक हो गई है.

इस तेज बारिश की वजह से इम्दादी काम में मुश्किल पेश आ रही थी. जिस वजह से बंद रोड का कल दूसरे दिन तक ही खुलने का इम्कान है.

“चलो कर लो गल” न्यूज़ सुन कर ज़ाहिद ने अपने सामने बैठ कर खाना खाती हुई अपनी अम्मी रज़िया की तरफ देखा और बोला.

“अब क्या हो गा ज़ाहिद” रज़िया बीबी ये खबर सुन कर परेशान हो गई, क्यों कि शाज़िया घर में अकेली थी.

“अब हमें शाज़िया को फोन कर के ये बात बताना पड़े गी, और फिर रात इधर ही रुकना पड़े गा” ज़ाहिद ने जवाब दिया.

“ठीक है अब इस के अलावा हो भी क्या सकता है” रज़िया बीबी ने ज़ाहिद की हां में हां मिला दी.

दोनो माँ बेटा खाने से फारिग हो कर एक करीबी होटेल में आए. और एक रूम ले कर अपने कमरे में चले गये.

कमरे में पहुँच कर ज़ाहिद ने शाज़िया को इतला दी. और उसे शाज़िया को अपने पास बुलाने का कह दिया.

जिस वक्त ज़ाहिद शाज़िया से बात कर रहा था. उसी दोरान रज़िया बीबी के पेट में अचानक मरोड़ (दर्द) हुआ. और उसे ऐसा लगा जैसे वो एक दम से उल्टी (वॉमिटिंग) कर देगी .

रज़िया बीबी समझी कि शायद रेस्टोरेंट के खाने में कोई ऐसी चीज़ थी. जिस वजह से उस की तबीयत खराब होने लगी है.वो उठी और बाथरूम में जा कर उल्टी करने लगी.

“आप की तबीयत तो ठीक है अम्मी” फोन बंद करते ही ज्यों ही ज़ाहिद के कान में अपनी अम्मी की उल्टियो की आवाज़ पड़ी. तो वो दौड़ कर बाथरूम गया और अम्मी से पूछा.

“पता नही क्यों खाना खाते ही उल्टी होने लगी है,अभी ठीक हो जाउन्गी ,तुम फिकर ना करो” रज़िया बीबी ने जवाब दिया.

 
रज़िया बीबी समझी कि शायद रेस्टोरेंट के खाने में कोई ऐसी चीज़ थी. जिस वजह से उस की तबीयत खराब होने लगी है.वो उठी और बाथरूम में जा कर उल्टी करने लगी.

“आप की तबीयत तो ठीक है अम्मी” फोन बंद करते ही ज्यों ही ज़ाहिद के कान में अपनी अम्मी की उल्टियो की आवाज़ पड़ी. तो वो दौड़ कर बाथरूम गया और अम्मी से पूछा.

“पता नही क्यों खाना खाते ही उल्टी होने लगी है,अभी ठीक हो जाउन्गी ,तुम फिकर ना करो” रज़िया बीबी ने जवाब दिया.

रज़िया बीबी बाथरूम में मुँह धो कर बाहर आई.मगर काफ़ी देर बिस्तर पर लेटा रहने के बाद भी रज़िया बीबी की तबीयत ठीक नही हुई.

ज़ाहिद इस दोरान कमरे की विंडो के पास खड़ा बाहर होती बारिश का नज़ारा ले रहा था.कि इतने में उस की नज़र होटेल के साथ ही लेडी डॉक्टर के क्लिनिक पर पड़ी.

“ये साथ ही एक क्लिनिक है, चलो जा कर डॉक्टर साहिबा से अपना चेक अप करवा लो अम्मी” अपनी अम्मी की हालत पर फिकर मंद होते हुए ज़ाहिद ने कहा.

“लगता है मुझे गॅस है, इसीलिए डॉक्टर के पास जाने की ज़रूरत नही,तुम बस मुझे सेवेन अप पिला दो, में थोड़ी देर में बैठर हो जाऊंगी” रज़िया ने ज़ाहिद के सामने ज़िद करते हुए कहा.

“अभी शाम नही हुई, इसीलिए डॉक्टर से दवाई ले लो,रात को तबीयत ज़्यादा खराब हुई तो मसला हो गा अम्मी” ज़ाहिद ने अपनी अम्मी को समझाते हुए कहा. और रज़िया बीबी की किसी बात को ना मानते हुए अम्मी को लेडी डॉक्टर के पास ले गया.

डॉक्टर की नर्स ज़ाहिद को वेटिंग रूम में बैठा कर रज़िया बीबी को लेडी डॉक्टर के पास चेक अप के लिए ले गई.

लेडी डॉक्टर ने रज़िया बीबी से उस की बीमारी के मतलक पूछ कर चेक अप से पहले रज़िया बीबी का यूरिन टेस्ट करवा लिया.

ज्यों ही रज़िया बीबी बाथरूम से फारिग हो कर दुबारा डॉक्टर के पास आई. तो लेडी डॉक्टर ने रज़िया बीबी को अपने पास पड़े चेकिंग टेबल पर लिटा कर रज़िया बीबी के पेट पर हाथ फेरते हुए अच्छी तरह चेक अप किया.

जितनी देर में डॉक्टर का चेकअप मुकम्मल हुआ. तो इतनी देर में नर्स ने रज़िया बीबी के पेशाब की रिपोर्ट डॉक्टर के टेबल पर आन कर रख दी.

चेक अप के बाद डॉक्टर आ कर अपनी चेयर पर बैठी. और रज़िया बीबी को भी अपनी डेस्क के सामने पड़ी चेयर पर बैठने का कहा.

ज्यों ही रज़िया बीबी डॉक्टर के सामने कुर्सी पर बैठी. तो डॉक्टर ने यूरिन रिपोर्ट पढ़ते हुए रज़िया बीबी के चेहरे की तरफ देखा और मुस्कुराते हुए बोली “ये गॅस की वजह से नही, बल्कि ये माँ बनने वाली उल्टियाँ हैं बीबी, मुबारक हो आप को,आप माँ बनने वाली हैं”

“कियययययययययययययययययययययययययययययययययययी, आप ये केसी बातें कर रही हैं डॉक्टर साहिबा” डॉक्टर के मुँह से ये इलफ़ाज़ सुन कर रज़िया बीबी को ऐसे लगा. जैसे उस का सिर पर आसमान ही गिर गया हो.

“में ठीक कह रही हूंन, आप को यकीन क्यों नही आ रहा बीबी” रज़िया बीबी का रिक्षन देख कर डॉक्टर ने दोबारा अपनी बात दोहराई.

“इसीलिए कि मेरी माहवारी (पीरियड्स) तो पिछले कई सालों से नॉर्मल नही, और वैसे भी उमर के इस हिस्से में मेरे लिए माँ बनना केसे और क्यों कर मुमकिन है डॉक्टर साहिबा”. रज़िया बीबी को समझ नही आ रही थी. कि वो लेडी डॉक्टर की सुनाई हुई इस आटम बॉम्ब खबर पर कैसे रिएक्ट करे. इसीलिए हैरान होते हुए वो लेडी डॉक्टर से बोली.

“क्या आप के पीरियड्स मुकमल तौर पर बंद हो चुके हैं बीबी” डॉक्टर ने रज़िया बीबी से सवाल किया.

“मुझे एक आध महीने बाद, कभी कभी अपनी शलवार पर स्पॉटिंग लगी हुई नज़र आती है, इसीलिए लगता है कि मेरे पीरियड्स मुकमल तौर पर बंद नही हुए शायद” रज़िया बीबी ने डॉक्टर की बात का जवाब दिया.

“वैसे आप कह तो सही रही हैं, कि आप की उमर में माँ बनने के चान्सस बहुत की कम होते हैं, लेकिन चूँकि आप के पीरियड्स अभी पूरी तरह बंद नही हुए, शायद ये ही वजह है कि आप के साथ ये मोजाज़ा (मिराकल) पेश आया है, और इस उमर में भी आप प्रेगनेंट हो गई हैं” रज़िया बीबी की बात सुन कर डॉक्टर ने जवाब दिया.

“मगर मेरी उमर इस वक्त 57 साल से उपर है, इस उमर में ये केसे मुमकिन है भला” रज़िया बीबी को अभी तक डॉक्टर की बात का यकीन नही आ रहा था. इसीलिए वो सवाल पर सवाल किए जा रही थी.

“आप के शोहर की उमर क्या है” डॉक्टर ने फिर पूछा.

“उन की उमररर्ररर, हो गी अंदाज़न 34 साल” रज़िया बीबी ने झिझकते हुए जवाब दिया.

“ओह तो आप के शोहर आप से उमर में छोटे हैं” रज़िया बीबी के मुँह से ज़ाहिद की उमर सुन कर डॉक्टर थोड़ी हैरान होते हुए बोली.

“जी हां वो मुझ से तकरीबन 22,23 साल छोटे हैं” रज़िया बीबी डॉक्टर के सलवाल पर शरमाते हुए बोली.

“इस का मतलब है कि शायद ये आप की दूसरी शादी है” रज़िया बीबी की बात सुन कर डॉक्टर भी अब शायद चस्के लेने के मूड में आ गई थी. इसीलिए उस ने रज़िया बीबी से ये सवाल पूछा.

“जीिइईईई डॉक्टर साहिबा” रज़िया बीबी ने शरम से सर झुकाते हुए जवाब दिया.

 
“ओह्ह्ह्ह, जब आप का शोहर इतना जवान हैं ,तो फिर आप को अपने हमला होने पर हैरत क्यों हो रही है” रज़िया बीबी के मुँह से ज़ाहिद की उमर के बारे में सुन कर डॉक्टर मुस्कुराइ. और उस ने शरारती अंदाज़ में रज़िया बीबी को फिर छेड़ा.

“मुझे कुछ समझ नही आ रहा, आप कहना क्या चाहती हैं डॉक्टर साहिबा” रज़िया बीबी ने डॉक्टर के मज़ाक को नज़र अंदाज़ करते हुए डॉक्टर से तफ़सील जानने की कॉसिश की.

इस के बावजूद कि ज़ाहिद से अपनी जिन्सी ताल्लुक़ात कायम करने के बाद रज़िया बीबी की ये दिली ख्वाहिश थी. कि काश वो अपने ही बेटे के बच्चे की माँ बन सके.

लेकिन आज जब उसे अचानक ये खबर मिल गई थी. कि वो ज़ाहिद के बच्चे की माँ बनने जा रही है. तो डॉक्टर के बार बार इसरार के बावजूद रज़िया बीबी का दिल इस बात को मानने पर तैयार नही हो रहा था.

“असल में बात ये है कि आप के मुक़ाबले में आप से ज़्यादा जवान होने की वजह से, आप के शोहर के स्पर्म काफ़ी ताक़त वर हैं ,इसीलिए लगता है कि ज्यों ही आप के शोहर का पानी आप की बच्चा दानी में गया,

तो आप को आप की कोख ने आप के जवान खाविंद के गाढ़े वीर्य को फॉरन अपने अंदर कबूल कर लिया, और इस कबोलियत का नतीजा अब आप की प्रेग्नेन्सी की शकल में आप के सामने है” रज़िया बीबी को तफ़सील से सारी बात समझाते हुए डॉक्टर बोली.

“में तो समझी थी कि 30,35 साल की उमर के बाद औरतों के माँ बनने के चान्सस काफ़ी कम हो जाते हैं,मगर आज पता चला कि मेरी उमर की औरत भी कभी माँ बन सकती है” वैसे तो लेडी डॉक्टर के मुँह से सारी बात तफ़सील से सुन कर रज़िया बीबी के दिल में खुशी के लड्डू फूट पड़े.

मगर शरम के मारे वो अपनी इस खुशी का इज़हार लेडी डॉक्टर से नही करना चाहती थी.

इसीलिए अपने जज़्बात पर बा मुश्किल काबू पाते हुए रज़िया बीबी आहिस्ता से बोली.

“सच पूछें तो मेरी सारी प्रॅक्टीस के दोरान, आप एक रेयर केस हैं जिन के साथ ये मामला हुआ है, अब आप प्रेगनेंट तो हो गई हैं, अब मेरा आप को मशवरा है कि आप कुछ अरसा अपने शोहर से परहेज करो, वरना आप की प्रेग्नेन्सी में कॉंप्लिकेशन्स हो सकती हैं”

शाज़िया की तरह रज़िया बीबी को चुदाई से परहेज का कह कर लेडी डॉक्टर ने रज़िया बीबी को भी कुछ हिफाज़ती टिप्स देने के साथ साथ ताक़त की चन्द टॅब्लेट्स लिख कर फारिग कर दिया.

पहले पहल तो रज़िया बीबी को डॉक्टर की बात सुनने के बाद चन्द लम्हे वाकई ही यकीन नही आया था. कि उस के साथ ये अन होनी भी हो सकती है.

मगर ज्यूँ ज्यूँ डॉक्टर उसे यकीन दिलाती गई कि वाकई ही उस के पेट में एक बच्चा पल रहा है. त्यु त्यु ये बात सुनते हुए रज़िया बीबी की फुद्दि में ज़ाहिद के हाथों की लगाई हुई आग अपना ज़ोर पकड़ती गई.

फिर जिस वक्त रज़िया बीबी ने लेडी डॉक्टर के कमरे से बाहर कदम रखे. तो अपने बेटे के बेटे को अपनी कोख में पालने के तसव्वुर से रज़िया बीबी के पूरे जिस्म में खुशी की एक लहर दौड़ गई.

जिस की वजह से एक तरफ रज़िया बीबी की आँखों से खुशी के आँसू भी जारी हुए. तो दूसरी तरफ नीचे से रज़िया बीबी की चूत ने अपने मुँह खोल कर अपना गरम पानी से उस की शलवार को भी भिगोना शुरू कर दिया था.

 
Rohit Kapoor wrote: ↑ 21 Oct 2017 17:31
बहुत बढ़िया भाई एक बहुत ही रोमांचिक कहानी जा रही है

लंड फाडू अपडेट रही
 
फिर जिस वक्त रज़िया बीबी ने लेडी डॉक्टर के कमरे से बाहर कदम रखे. तो अपने बेटे के बेटे को अपनी कोख में पालने के तसव्वुर से रज़िया बीबी के पूरे जिस्म में खुशी की एक लहर दौड़ गई.

जिस की वजह से एक तरफ रज़िया बीबी की आँखों से खुशी के आँसू भी जारी हुए. तो दूसरी तरफ नीचे से रज़िया बीबी की चूत ने अपने मुँह खोल कर अपना गरम पानी से उस की शलवार को भी भिगोना शुरू कर दिया था.

“सब ठीक है ना” क्लिनिक के वेटिंग रूम में बैठे ज़ाहिद ने रज़िया बीबी को अपनी तरफ आता देख कर जल्दी से पूछा.

“सब ठीक है, बल्कि कुछ ज़्यादा ही ठीक हो गया है ज़ाहिद” रज़िया बीबी ने ज़ाहिद की बात का जवाब दिया. और अपने बेटे की आँखों में आँखे डाल कर मुस्कुराने लगी.

“क्या डॉक्टर साहिबा ने क़रून के ख़ज़ाने का पता बता दिया है, जो इतना मुस्करा रही है आप” ज़ाहिद अपनी अम्मी के चेहरे पर एक अजीब किस्म की खुशी और मुस्कुराहट को देख कर बेताबी से पूछने लगा.

“बस यूँ ही समझ लो, चलो होटेल के कमरे में जा कर तफ़सील से सारी बात बताती हूँ” रज़िया बीबी ने ज़ाहिद की बात का जवाब दिया. और एक अदा के साथ अपनी भारी गान्ड मटकाती हुई अपने होटेल की तरफ चल पड़ी.

होटेल की तरफ कदम बढ़ाते हुए अब रज़िया बीबी को उस का वज़न और पेट एक दम बढ़ने की असल वजह समझ आने लगी थी. और ये ऐसी वजह थी. जिस ने रज़िया बीबी की गरम चूत को मज़ीद गरमा कर रख दिया था.

क्लिनिक से होटेल के दरमियाँ फासला तो कुछ ज़्यादा नही था.मगर इस के बावजूद दोनो माँ बेटे को इस वक्त ऐसा लग रहा था कि वक्त की रफ़्तार जैसे थम सी गई हो.

ज़ाहिद चाहता था कि जल्द अज जल्द कमरे में पहुँच कर वो अपनी अम्मी से उन की इस खुशी की वजह जान सके.

जब कि रज़िया बीबी का दिल चाह रहा था. कि वो उड़ कर कमरे में जाए और अपने सरताज बेटे की बाहों में सिमट कर उसे अपने माँ बनने की खुस खबरी सुनाए.

लेकिन इस वक्त ज़ाहिद और रज़िया बीबी को अपने कदम ना जाने क्यों बहुत भारी लगने लग गये थे.और क्लिनिक से होटेल का ये मुक्तिसार सा रास्ता उन दोनो को पुले सेरात का सफ़र लग रहा था.

कमरे में जाते ही ज़ाहिद ने बेसबरी से अपनी अम्मी को अपनी बाहों में भरा. और अपनी अम्मी की भारी छातियों पर अपना मुँह मारते हुए बोला.

“अब बताओ किस बात की खुशी चढ़ी हुई हैं तुम्हें बेगम”.

“छोड़ो ना, मुझे ये बात बताने में शरम आ रही है ज़ाहिद”रज़िया बीबी ने शरमाते हुए अपने आप को ज़ाहिद की बाहों से आज़ाद करवाया. और एक दम अपनी पीठ अपने जानू बेटे ज़ाहिद की तरफ करते हुए कहा.

ज़ाहिद समेत 5 बच्चो की माँ बनने के बावजूद आज रज़िया बीबी यूँ शर्मा रही थी.

जैसे वो ज़िंदगी में पहली बार माँ बनने की खबर अपने शोहर को सुनाने वाली हो

“उफफफफफफफफफफ्फ़ बता भी दो ना,इतना शरमाना ठीक नही मेरी जान” कहते हुए ज़ाहिद ने पीछे से अपनी अम्मी के वजूद को दोबारा अपनी बाहों में कसा.

और फिर पीछे से अपनी अम्मी की कमीज़ की ज़िप को खोलते हुए रज़िया बीबी की कमीज़ को उस के बदन से उतारना शुरू कर दिया.

“वो असल में बात ये है कि में तुम्हारे बच्चे की माँ बनने वाली हूँ ज़ाहिद्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्द्दद्ड” ज्यों ही ज़ाहिद ने अपनी अम्मी की कमीज़ को उतार कर उसे होटेल के बिस्तर पर फैंका. तो रज़िया बीबी ने अपने शोहर बेटे को ये खुश खबरी सुना दी.

“किययययययययययययययययययया” इस दफ़ा ज़ाहिद के हैरान होने की बारी थी.

 
“हां मेरे पेट में ,तुम्हारा बच्चा पल रहा है मेरे लाल” रज़िया बीबी ने ज़ाहिद के मोटे लंड पर अपनी भारी गान्ड को रगड़ते हुए कहा.

“आप तो कहती थी कि आप अब माँ नही बन सकतीं, तो फिर ये केसे मुमकिन है अम्मी जान” रज़िया बीबी की तरह ज़ाहिद को भी इस बात का यकीन नही हो रहा था. मगर इस के बावजूद अपनी अम्मी के मुँह से ये खबर सुन कर ज़ाहिद का लंड टाइट हो कर छत पर जा लगा था.

रज़िया बीबी ने मुस्कराते हुए अपने आप को ज़ाहिद की बाहों से निकाला. और बिस्तर पर चढ़ कर अपनी शलवार भी उतार दी.

अपनी शलवार को अपने जिस्म से अलग करने के दोरान रज़िया बीबी ने आहिस्ता आहिस्ता डॉक्टर की पूरी बात अपने बेटे ज़ाहिद के गोसे गुज़र कर दी.

अपनी शलवार और कमीज़ उतारने के बावजूद रज़िया बीबी अभी तक पूरी नंगी नही हुई थी. क्यों कि रज़िया बीबी के मोटे मम्मे और गरम चूत उस के अंडरवेअर और ब्रेज़ियर में अभी तक क़ैद थे.

“उफफफफफफफफफफफफ्फ़ इस का मतलब है कि मेरी अपनी सग़ी बहन शाज़िया के साथ साथ मेरी सग़ी अम्मी भी मेरे बच्चे की माँ बने गी आब्ब्ब्ब्ब्बबब ” अपनी अम्मी की सारी बात सुन कर ज़ाहिद की खुशी की इंतिहा ना रही और वो एक दम बोला.

इस के साथ ही मस्ती में आते हुए ज़ाहिद ने अपने सारे कपड़े भी उतार फैंके और सिर्फ़ अंडरवेअर में ही मलबूस हो कर अपनी अम्मी के साथ बिस्तर पर लेट गया.

“हां ना सिर्फ़ शाज़िया की तरह अब में भी तुम्हारे बच्चे की माँ बनूँगी,बल्कि तुम्हारे बच्चे को अपनी कोख से जनम दे कर शाज़िया की तरह में भी तुम्हारी असली बीवी का दर्जा पा लूँगी मेरे सरताज” ज़ाहिद की बात सुन कर रज़िया बीबी ने भी जोश में जवाब दिया.

“हाईईईई मुझे अपने इस हमला पेट का दीदार तो करवाओ, जहाँ मेरे लंड के बीज से बनने वाला, मेरा बच्चा परवरिश पाएगा मेरी जान” अपनी अम्मी के पीछे बिस्तर पर लेटते ही ज़ाहिद ने जोश से अपनी अम्मी के उभरे हुए मोटे नंगे पेट पर हाथ फेरते हुए कहा.

“हां क्यों अच्छी तरह से दीदार करो,मेरी इस कोख का जहाँ तुम्हारे प्यार की निशानी जनम ले रही है मेरे जानू” रज़िया बीबी भी ज़ाहिद की गरम जोशी देखते हुए मस्ती में आई. और उस ने भी ज़ाहिद की मस्ती भरी बात का उसी अंदाज में जवाब दिया.

“उफफफफफफफफफ्फ़ सिर्फ़ देखने से तो अब मेरा दिल नही भरे गा, इसीलिए बेहतर हो गा,कि में तुम्हारे बदन को चूम कर, तुम्हारे प्यार भरे इस तोहफे का शुकरिया अदा करूँ, मेरी छोटी ज़ोज़ा जान ”अपनी अम्मी के जिस्म के पीछे बिस्तर पर लेटते हुए ज़ाहिद ने रज़िया बीबी की लंबी और गुदाज रान को हाथ से पकड़ कर हवा में उठाया.

और पीछे से अपनी अम्मी के मोटे नंगे हमला पेट पर अपनी गरम ज़ुबान फेरते हुए कहा.

“हाईईईईईईईईईईईईई में क्या बताऊ कि आज तुम्हारे बच्चे की माँ बनने की ये खबर सुन कर मेरी चूत की क्या हालत हुई है मेरे बच्चे,मगर चाहने के बावजूद में अब तुम से अपनी फुद्दि नही मरवा सकती ज़ाहिद” ज्यों ही ज़ाहिद के गरम होंठो ने रज़िया बीबी के नंगे पेट को छुआ. तो मज़े की शिद्दत से रज़िया बीबी सिसकते हुए बोली.

“उउफफफफफफफफफफ्फ़ ये खबर सुन कर तो खुशी और जोश के मारे मेरा लंड फटने वाला है,और आप कह रही है कि में आप को अब चोद नही सकता,मगर क्यों” ये बात कहते हुए ज़ाहिद ने बिस्तर पर लेटी रज़िया बीबी को बेड पर बैठा कर पहले रज़िया बीबी के ब्रेज़ियर और पैंटी को उस के बदन से अलग किया.

और साथ ही अपना अंडरवेअर भी उतार कर पूरा नंगा होते हुए पीछे से अपनी अम्मी के नंगे वजूद को फिर अपनी बाहों में भर लिया.

“शाज़िया की तरह मुझे भी डॉक्टर ने चुदाई से कुछ महीने परहेज का कहा है,इसीलिए में अब तुम से एक दो महीने नही चुदवा सकती मेरी जान” ज़ाहिद के दिल और लंड पर बिजलियाँ गिराने वाली ये खबर सुनाते हुए रज़िया बीबी अपने मुँह को मोडते हुए पीछे को झुकी.और अपने बेटे ज़ाहिद के मुँह में मुँह डाल कर उस की ज़ुबान से ज़ुबान लहराते हुए बोली.

“हाईईईईईईईईईईईईईई आप ने ये खुशी की खबर सुना कर तो मेरे लंड को पागल कर दिया है,इसीलिए आज कुछ भी हो जाए, में एक दफ़ा तो आप की फुद्दि मार कर ही रहूं गा अम्मी जान”

 
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