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सहन में आते ही ज़ाहिद की नज़र सामने भीची एक पुरानी चारपाई पर पड़ी. तो उस ने अपनी अम्मी को उधर लेटने का कहा.
रज़िया बीबी के चारपाई पर लेटते ही ज़ाहिद भी अपनी अम्मी के उपर चढ़ गया.और बोला “अपनी टाँगों को खोल दो और अपने शोहर के लंड का स्वागत करो मेरी जान”
इस के साथ ही ज़ाहिद ने अपनी अम्मी की टाँगों को अपनी टाँगों पर रख कर अपने लंड को अम्मी की चूत में डाल दिया.
“आओ बेटा, पेल दो अपनी माँ की चूत में अपना लंड, तुम्हारी अम्मी बहुत प्यासी है,तुम्हारा बाप तो मर गया, अब तुम ही मेरी चूत को ठंडा कर सकते हो मेरे ज़ाहिद्द्द्द्द्द्दद्ड”रज़िया बीबी ने भी ज़ाहिद की गरम बातों का जवाब उसी गरम अंदाज़ में दिया. और फिर नीचे से अपने चूतड़ उठा उठा कर ज़ाहिद के मोटे लंड को अपनी चूत में जज़ब करने लगी.
कुछ देर यूँ ही अपनी अम्मी की फुद्दि मारने के बाद ज़ाहिद ने अपनी अम्मी की चूत में अपने लंड का फव्वारा फिर से खोल दिया.
ज्यों ही ज़ाहिद ने अपना पानी अपनी अम्मी की फुद्दि में फारिग किया. तो अपने लंड का आखरी क़तरा अपनी दूसरी बीवी की चूत में डालते ही ज़ाहिद एक दम से उठा.और चारपाई पर लेटी रज़िया बीबी के साथ लेट कर अपनी अम्मी को 69 पोज़िशन में अपने उपर आने का कहा.
जैसे ही रज़िया बीबी ने ज़ाहिद के जिस्म के उपर आ कर 69 स्टाइल में अपनी चूत ज़ाहिद के मुँह पर रखी. और दूसरी तरफ से ज़ाहिद के मोटे लंड को अपने मुँह भरा.
तो ज़ाहिद अपनी अम्मी के भारी वजूद को अपने मज़बूत बाजुओं में अच्छी तरह कसते हुए चारपाई से उठ कर सहन के फर्श पर खड़ा हो गया.
ज़ाहिद के इस तरह अपनी अम्मी को अपने बाजुओं में उठ कर खड़ा होने से रज़िया बीबी का मुँह अब नीचे ज़ाहिद के पैरों की तरफ हो गया था.
जब कि रज़िया बीबी की फूली हुई चूत के लब फर्श पर खड़े ज़ाहिद के मुँह के ऐन सामने आ चुके थे.
“हाईईईईईईईईई मेरा जिस्म ना सिर्फ़ भारी है बल्कि गीला भी, में फिस्सल जाउन्गी तुम्हारी बाहों से ज़ाहिद” ज्यों ही ज़ाहिद ने रज़िया बीबी के जिस्म को अपनी बाहों में भर कर चारपाई से उठाया. तो रज़िया बीबी ख़ौफ़ के मारे चिल्ला उठी.
“मेरी जान मेरा तुम से वादा है कि में तुम्हारी पूरी तरह से हिफ़ाज़त करूँगा ,बस तुम मेरे लंड को अपने मुँह में भर कर इस पर लगा अपनी चूत का पानी सॉफ करो,मेरी रज़िया बेगम” ज़ाहिद ने अपनी बीवी माँ को होसला देते हुआ कहा.
ज़ाहिद कल दोपहर को भी इसी तरह अपनी अम्मी के भारी वजूद को अपनी बाहों मे भर कर चोद चुका था.
इसीलिए रज़िया बीबी को अपने जानू बेटे की मर्दानगी पर पूरा यकीन था. कि ज़ाहिद जो कह रहा है वो वाकई ही करेगा भी ज़रूर.
ये ही वजह थी कि ज़ाहिद के समझाने पर रज़िया बीबी के दिल में बैठा ख़ौफ़ एक दम दूर हो गया. और उस ने ज़ाहिद के मोटे लंड को अपने मुँह में ले कर अपनी ही चूत का पानी पीना शुरू कर दिया.
जब कि दूसरी तरफ ज़ाहिद भी अपनी अम्मी की कमर को ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ते हुए रज़िया बीबी के मोटे फुद्दे में छोड़ा हुआ अपना ही जूस चाटने में मसरूफ़ हो गया.