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वतन तेरे हम लाडले complete

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फैजल को यूँ चुप देखकर मारिया ने अपने शरीर से चादर हटा दी और बोली लो अब जी भर कर देख लो मेरा शरीर। जैसे ही फैजल की दृष्टि मारिया के शरीर पर पड़ी तो वह अपनी आंखें झपकाना भूल गया था, मारिया वही नाइटी पहने थी जो अभी कुछ देर पहले ही पहन कर वह लोकाटी के साथ सेक्स कर रही थी। सेक्सी ब्रा में बड़े बड़े मम्मे आपस में मिलकर सेक्सी क्लीवेज़ बना रहे थे और उसके नीचे नेट की नाइटी से मारिया का सारा शरीर झलक रहा था जबकि उसके पेट से नाइटी वैसे ही हटी हुई थी और उसकी नाभि दिख रही थी, नीचे मात्र पैन्टी मारिया ने पहन रखी थी उसके नीचे मारिया के पैर बिल्कुल नंगे थे। मारिया को इतनी सेक्सी पोशाक में देखकर फैजल अपनी नज़रें झपकाना ही भूल गया। फैजल को यूँ अपनी तरफ देखते हुए पाकर मारिया ने प्रसन्नता से कहा अब यूँ ही देखते रहोगे या कुछ करोगे भी ??? अभी तुम्हारे बाबा साईं के लिए पहनी थी यह नाइटी मगर मेरे अंदर 4, 5 धक्के लगा कर ही वह खुद तो फारिग हो गए और मुझे वैसे ही प्यासा छोड़ दिया, क्या अब तुम मेरी प्यास बुझाओगे ???

ab aage................

यह सुनकर फैजल एक दम आगे बढ़ा और मारिया के शरीर पर टूट पड़ा। । उसने मारिया को अपनी गोद में उठा कर उसकी पतली ब्लाउज को पकड़ लिया था और दीवाना वार मारिया की गुलाब की पंखुड़ियों जैसे लबों पर टूट पड़ा था और मारिया भी उसका पूरा साथ दे रही थी। कुछ देर मारिया के लबों को चूसने के बाद फैजल ने मारिया को फिर से नीचे उतारा और एक ही झटके में उसका ब्रा उतार कर साइड में फेंक दिया और उसकी नाइटी भी उतार दी। वह महज अभी पैन्टी पहने फैजल के सामने खड़ी थी। उसे विश्वास था कि फैजल का शक्तिशाली लंड आज उसको बहुत अच्छी तरह से चोदेगा। फैजल ब्रा उतारते ही मारिया के 36 आकार के मम्मों पर टूट पड़ा और उन पर पागल वार प्यार करने लगा। वह मारिया के मम्मों के निपल्स को मुँह में लेकर चूस रहा था और मारिया तीव्र भावनाओं से अपने मुंह से आह ह ह ह आह ह ह ह की आवाजें निकाल रही थी। अभी फैजल ने मुश्किल से 2 मिनट ही मारिया के बूब्स को चूसा होगा कि अचानक बाहर वाला दरवाजा खुला तो दोनों एक साथ चौंक गये उन्होंने एकदम दरवाजे की तरफ देखा तो वहां फग़ान खड़ा था। उसने कुछ देर दोनों को देखा और फिर दरवाजे की कुंडी लगा कर बोला मुझे वापस भेज कर क्या कर रही हो तुम? ??? फैजल के साथ यह सब कुछ करने का क्या मतलब है? क्या तुम मुझे भी रास्ते से हटाकर उसको यहाँ की सरकार देना चाहती हो ??

यह सुनकर मारिया के मन में एक और विचार आ गया और वह बोली कि नहीं फैजल काफी देर से मेरे शरीर पर विशेष रूप से छाती पर नजरें जमाए बैठा था और तुम्हारे पास आने से पहले तुम्हारे बाबा ने कुछ देर मुझे चोदा मगर वह कुछ ही देर में मेरे अंदर ही फारिग हो गए और मुझे प्यासा छोड़ दिया तो मैंने सोचा कि फैजल जो मेरे शरीर को पहले ही घूर रहा था उसके लंड से अपनी प्यास बुझाई जाए, मगर मुझे अच्छा लगेगा अगर तुम दोनों भाई मिलकर मेरी प्यास बुझाओ .

यह सुनकर फग़ान एकदम आगे बढ़ा और वह भी पागल वार मारिया को बाहों मे भर कर उसके होठों से रस चूसने लगा। फैजल के लिए यह सब कुछ अजीब था, मगर फिर भी सोचा कि आज यह अनुभव भी कर ही लेना चाहिए, उसने मारिया को फग़ान की बाहों में ही रहने दिया, मगर पीछे खड़े होकर मारिया की पैन्टी उतार दी और नीचे बैठ कर उसके चूतड़ों को पकड़ कर चूसने लगा। वह मारिया के चूतड़ों की पहाड़ियों को खोलकर उसमें निहित गाण्ड के छेद पर अपनी जीभ चला रहा था और अपने हाथों से मारिया के चूतड़ों को जोर से दबा रहा था। फग़ान भी कुछ देर मारिया के लबों को चूसने के बाद अब मारिया के बड़े मम्मों का आनंद ले रहा था . जबकि मारिया ने फैजल को भी अपना हाथ उसके चेहरे पर रख कर उसे ऊपर उठा लिया था और अपने मम्मे चूसने के लिए कहा था। अब एक मम्मा फैजल के मुँह में था और दूसरा मम्मा फग़ान के मुंह में, दोनों बहुत ही बेताबी से मारिया के सेक्सी बूब्स को चूस रहे थे। उनकी अपनी पत्नियों के मम्मे न तो इतने बड़े थे और न ही इतने सेक्सी। फैजल की पत्नी के मम्मे 32 आकार के थे और फग़ान की पत्नी के मम्मे 34 के थे मगर लुढ़के हुए थे। मारिया के 36 आकार के कसे हुए और तने हुए मम्मे देखकर फग़ान पागल हो गया था।

कुछ देर बाद फैजल और फग़ान दोनों एक दूसरे की ओर मुंह करके खड़े थे और उन दोनों के बीच मारिया जमीन पर बैठी थी। उन दोनों के लौडे मारिया के हाथ में थे, वो कभी फग़ान का 8 इंच का लोड़ा चूसती तो कभी फैजल का 7 इंच लंबा लोड़ा अपने मुंह में डाल चौपे लगाती। फैजल और फग़ान दोनों को ही अपनी किस्मत पर नाज़ था कि उन्हें इतनी सेक्सी और युवा पाकिस्तानी लड़की चुदाई के लिए मिल गई है। दोनों ने मिलकर करीब 2 घंटे तक मारिया की खूब चुदाई की और मारिया ने भी दोनों के लंड का खूब मज़ा लिया। बारी बारी दोनों से चुदवा कर मारिया ने अपनी रात को बहुत सुंदर बना लिया था। दोनों के लंड वीर्य 2, 2 बार निकला था जबकि मारिया की चूत का पानी 4 बार निकल चुका था। वह उसे लंबी चुदाई से थक तो गई थी मगर उसने एंजाय भी खूब किया था। फैजल ने दोनों बार अपना वीर्य मारिया की चूत में निकाला था और वह जल्दी फारिग हो गया था दोनों बार जबकि फग़ान ने मारिया को ज़्यादा मज़ा भी दिया और ज़्यादा देर तक मारिया की चुदाई भी की कभी घोड़ी बना कर तो कभी अपने ऊपर बिठा कर और कभी खुद मारिया के ऊपर चढ़ कर उसको चोदा। फग़ान ने एक बार अपना वीर्य मारिया के चूतड़ों पर निकाला जबकि दूसरी बार उसने वीर्य मारिया के मुंह में निकाला जिसको मारिया ने बड़े चाव के साथ पी लिया था

 
मारिया को चोदने के बाद दोनों अपने-अपने कमरे में जाकर सो गए थे, जबकि मारिया भी अपनी चूत चुदवाने के बाद थोड़ा मुश्किल से चलती वापस लोकाटी के पास चली गई थी जो अभी तक सोया पड़ा था लोकाटी के पहलू में लेट कर मारिया खुद को दाद दे रही थी कि उसने बहुत आसानी से दोनों भाइयों को पिता के खिलाफ कर दिया था और उनके लंड से अपनी चूत को चुदवा कर मजे भी ले लिए थे। अब वह आने वाले हालात के बारे में सोच रही थी कि न जाने वह यहां कैसे निकलेगी और उसके साथ क्या होने वाला है?

सुबह मारिया की आंख खुली तो कमरे में लोकाटी मौजूद नहीं था, मारिया ने कपड़े पहने और कमरे से बाहर निकल गई जहां पहले से 2 महिलाएँ कल की तरह उसके पीछे पीछे चलने लगी मगर मारिया ने दोनों को मना कर दिया और वहीं रुकने के को कहा। खुद मारिया अब पहली मंजिल पर मौजूद उस कमरे से चली गई जहां से नीचे वाले अतिथि कक्ष को देखा जा सकता था। मारिया वहां पहुंची तो उसे सामने कुर्सी पर एक आर्मी ऑफिसर बैठा दिखाई दिया। जो सामने बैठे लोकाटी से बातचीत कर रहा था, जबकि कमरे में और कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद नहीं था। मारिया काफी देर तक उस व्यक्ति को पहचानने की कोशिश करती रही मगर उसे समझ नहीं आय कि यह कौन व्यक्ति है। फिर अचानक लोकाटी ने उसे कर्नल इरफ़ान कह कर संबोधित किया तो मारिया के शरीर से प्राण निकलने लगे . अब यहाँ मारिया को अपना बचना मुश्किल नजर आ रहा था, क्योंकि लोकाटी के पास मारिया का असली नाम अंजलि था और वह कर्नल इरफ़ान की बेटी राफिया की दोस्त थी इस मामले में हो सकता था कि वह कर्नल इरफ़ान कोबता दे कि वह अंजलि को अपने साथ ले आया है और जब वह कर्नल इरफ़ान से मिलेगी और कर्नल इरफ़ान इनकार कर देगा कि राफिया की तो इस नाम की कोई दोस्त नहीं और न ही वह अंजलि को जानता है तो समस्या बढ़ सकती थी मारिया के लिए।

अब मारिया यही सोच रही थी कि उसे कर्नल इरफ़ान की आवाज़ सुनाई दी। कर्नल इरफ़ान जो बातें लोकाटी से कर रहा था वह सुनकर मारिया के मन में ख़ौफ़ छाने लगा था, उसने मेजर राज के बारे में लोकाटी बता दिया था और साथ ही यह भी बता दिया था कि वह इमरान बनकर उसकी बेटी के साथ रहा था और अब वह पाकिस्तान में ही छिपता फिर रहा है लेकिन कर्नल इरफ़ान अभी इस विशेष अभियान को पूरा करने के लिए इंडिया आ चुका है। फिर कुछ ही देर के बाद मारिया को कर्नल इरफ़ान चेहरा नजर आया तो उस पर जैसे क़यामत टूट पड़ी। कर्नल इरफ़ान को देखते ही एक बार उसका दिल किया कि वह अब नीचे जाए और कर्नल इरफ़ान पर चाकू के वार कर करके उसकी एक एक बोटी अलग कर दे, मगर उसने अपने ऊपर काबू रखा और अपने मन में अब यहाँ से भागने का प्लान बनाने लगी। कुछ ही देर बाद उसने सोच लिया था कि वह यहां से कैसे निकलेगी। वह तुरंत फग़ान के कमरे में गई और फग़ान को अकेले में ला कर उसको उसको उसके बेटे शाह मीर का जीवन खतरे में होने की सूचना दी। इकलौते बेटे की जिंदगी का सुनकर वह परेशान हो गया था, मारिया ने उसे बताया कि नीचे कर्नल इरफ़ान बैठा है और वह तुम्हारे बाबा साईं को कह रहा है कि हमें जल्द ही स्वतंत्रता आंदोलन की घोषणा करनी होगी, उसके साथ साथ फैजल से तुम्हारे बाबा साईं को मरवाने के बाद आप को भी मारने की कोशिश की जाएगी, क्योंकि वह जानता है कि तुम्हारे बाबा के बाद तुम सरदार बनने के ज़्यादा योग्य होगे क्योंकि तुम्हारा वारिस भी है जबकि फैजल का वारिस कोई नहीं इसलिए उसे आप से खतरा है, वह तुम्हारे बाबा साईं को मारने के बाद तुम्हें और तुम्हारे बेटे को मारने की भी कोशिश करेंगे। तुम्हें तो मैं नहीं बचा सकती, तुम्हें खुद अपनी रक्षा करनी होगी, लेकिन तुम्हारे बेटे को यहां से किसी दूसरे शहर ले जा रही हूँ जहाँ वह सुरक्षित रहेगा और अगर तुम्हें कुछ हो भी जाता है तो तुम्हारा बेटा बड़ा होकर वापस अपने क्षेत्र में आए तो लोग उसको अनाथ समझ कर उसका साथ देंगे और फैजल के खिलाफ हो जाएंगे और यदि तुम फैजल को खत्म करने में कामयाब हो गए तो शाह मीर तुरंत ही तुम्हारे पास आ जाएगा

बेटे के जीवन के जोखिम के बारे में सुनकर फग़ान काफी परेशान हो गया षा और उसने बिना सोचे समझे अपने 15 वर्षीय बेटे को मारिया केसाथ भेजने पर सहमति व्यक्त कर दी और एक चोर रास्ते से उन्हें हवेली से निकलवा दिया। हवेली से निकलने के बाद मारिया जल्द से जल्द मुंबई जाना चाहती थी, क्योंकि वहां से उसका पकड़े जाना बहुत मुश्किल था, इतने बड़े शहर में एक छोटी सी जगह पर आसानी से छिपा जा सकता था और पाकिस्तान से रवाना होने से पहले मेजर राज ने भी समीरा को बताया था कि वह पाकिस्तान से वापस आएगा तो सीधा अपने शहर में ही आएगा .

 
एक दिन के थका देने वाले सफ़र के बाद मारिया मुंबई पहुंच गई थी। वहाँ एक छोटे से क्षेत्र के एक होटल में कमरा किराए लेने के बाद समीरा अब कर्नल इरफ़ान के बारे में सोच रही थी। उसका बस नहीं चल रहा था कि वह जल्द से जल्द उसका सफाया कर दे। कर्नल इरफ़ान को आज समीरा ने 10 साल के बाद फिर से देखा था, आज से पहले उसे कर्नल का नाम तो पता नहीं था मगर वह उसकी शक्ल आज तक नहीं भूली थी। ये कर्नल इरफ़ान ही था जिसने आज से 10 साल पहले पाक अधिकृत कश्मीर की एक हसीन घाटी में खून की होली खेली थी। तब वह कैप्टन रैंक का अधिकारी था। कैप्टन इरफ़ान ने एक सुंदर सुबह में अधिकृत कश्मीर के एक छोटे से सुंदर गांव में तब हमला किया था जब वहाँ के सभी लोग उठने की तैयारी कर रहे थे। सुबह कैप्टन इरफ़ान ने गाँव के करीब करीब सभी पुरुषों को सेना की मदद से मौत के घाट उतार दिया था। 50 से 70 पुरुषों के शव गांव की विभिन्न गलियों में पड़े थे और उन पर कफन डालने वाला कोई नहीं था। इसी सुबह समीरा के पिता को भी कैप्टन इरफ़ान ने गोलियों से छलनी कर दिया था और समीरा के घर में घुसकर उसकी मां जिसकी उम्र उस समय मुश्किल से 31 साल होगी समीरा के सामने नंगा कर के चोद दिया था। तब समीरा चुपचाप अपनी माँ को कैप्टन इरफ़ान के 9 इंच लंड तले तड़पते हुए देखती रही मगर वह कुछ कर नहीं सकती थी उसको एक और सैनिक ने पकड़ रखा था और वह भी सीधे चुदाई का मज़ा ले रहा था। समीरा की माँ बेरहमी से चोदने के बाद कैप्टन इरफ़ान ने अपना वीर्य से भरा लंड जबरन उसकी माँ के मुँह में डाल कर साफ किया और फिर उसको भी गोलियों से छलनी कर दिया था जबकि समीरा को वहीं कोने में छोड़कर वह गांव से निकल गए थे।

आज जब समीरा ने कर्नल इरफ़ान को फिर देखा तो उसकी आँखों में उसकी माँ को तड़पता हुआ शरीर दो बार नजर आ रहा था, और उसके पिता के खून में भरी लाश भी समीरा की भावनाओं को भड़का रही थी, उसने कैप्टन इरफ़ान से बदला लेने के लिए ही अमजद और अन्य मुजाहिदीन के साथ काम करना शुरू किया था, और आज 10 साल के बाद उसे वही व्यक्ति नजर आया, लेकिन अपनी काली करतूतों की वजह से वह बहुत जल्द तरक्की करके कैप्टन की बजाय कर्नल बन चुका था, और समीरा अब उसको मारने के लिए बेचैन हुए जा रही थी मगर मेजर राज के साथ कुछ दिन बिताने के बाद इतना तो समझ गई थी कि कभी भी भावुक हो कर फैसला नहीं करना चाहिए बल्कि ठंडे दिमाग से सही समय का इंतजार कर के ही दुश्मन पर हमला करने में सफलता मिलती है ।

 
मेजर राज फ़िरोज़ के रूप में इंडिया जाने वाली फ़्लाईट में प्रथम श्रेणी खंड में सबसे पिछली सीट पर बैठा बोर हो रहा था। 1 घंटे की उड़ान शुरू हुए अभी मात्र 5 मिनट ही बीते थे मगर न तो साना जावेद उसे कोई लिफ्ट करा रही थी और न ही कोई और व्यक्ति। साना जावेद की सेवा के लिए एक एयर होस्टेस चुनी गई थी जो हर 5 मिनट के बाद साना जावेद के पास पहुंच जाती कि अगर उसे कोई चीज़ चाहिए तो वह बताए। इसी तरह 20 मिनट का समय बीत चुका था, और मेजर राज का बोरियत के मारे बुरा हाल था। फिर मेजर राज ने अपनी सीट पर बैठे बैठे ही साना जावेद को आवाज़ दी: एक्सक्यूज मी मेडम , फ़िरोज़ की आवाज सुनकर साना जावेद ने पीछे मुड़ कर देखा और बोली हां फ़िरोज़ क्या बात है? मैम एक मिनट, आपके लिए महत्वपूर्ण संदेश है। यह सुनकर साना जावेद अपनी सीट से उठी और फ़िरोज़ के पास पहुंच गई और बोली- हां बोलो अब क्या हो गया ???

फ़िरोज़ ने भोली सी शक्ल बनाकर कहा साना जावेद की बच्ची यह तुम अच्छा नहीं कर रही मेरा यहाँ बोरियत के मारे बुरा हाल हो रहा है और आप अपने अन्य मित्रों के साथ मजे कर रही हो .... यह सुनकर साना जावेद मुस्कुराई और फ़िरोज़ के गालों को पुचकार्ते हुए बोली क्या, अब आप खुद ही तो मेरे कर्मचारी के रूप में मेरे साथ आए हो और तुम तो जानते ही हो कि साना जावेद स्टार ऑफ लॉलीवुड अपने कर्मचारी के साथ यों सरे आम फ्री नहीं हो सकती। इसलिए अब सहन करो मैं वापस जा रही हूँ। यह कह कर साना जावेद वापस चली गई।

यह दृश्य को वहां मौजूद एक दूसरी एयर होस्टेस ने देख लिया था और वह काफी प्रभावित हुई थी कि एक नौकर साना जावेद के साथ इस हद तक फ्री है। जबकि साना जावेद के जाने के बाद अब मेजर राज बाथरूम जाना चाह रहा था, वह इधर उधर देखने लगा और फिर उसकी नज़र उसी एयर होस्टेस पर पड़ी, जब मेजर राज इस समय एक नौकर के रूप में था इसलिए वह अपने आपको काफी नर्वस शो करवा रहा था जैसे पहली बार जहाज में बैठा हो। एयर होस्टेस को देखकर मेजर राज ने उसे अपनी ओर आने का इशारा किया तो वह एयर होस्टेस तुरंत मेजर राज के पास आ गई और नीचे झुककर बहुत ही धीमी आवाज़ के साथ बोली जी सर फरमाइए।

मेजर राज ने उसकी ओर देखा तो उसकी नज़र होस्ट के मम्मों पर पड़ी जिनकी गहराई एयर होस्टेस की सेक्सी शर्ट के खुले बटन से दिख रही थी। यह पाकिस्तानी एयर लाइन थी और अंतरराष्ट्रीय उड़ान थी जिसने इंडिया से आगे यूरोपीय देशों की ओर भी जाना था। इसी वजह से इसमें पाकिस्तानी और अंग्रेज एयर होस्टेस मौजूद थीं। मगर इन सब की ड्रेसिंग यूरोपीय स्टेंडर्स के अनुसार होती थी छोटी स्कर्ट के साथ एक शर्ट और सिर पर एक टोपी। दुपट्टे नाम की किसी चीज़ की अनुमति नहीं थी। कुछ देर मेजर राज इस एयर होस्टेस के मम्मों की गहराई को देखता रहा जब एयर होस्टेस ने बोला जी सर मैं आपकी क्या सहायता कर सकती हूँ तो मेजर राज अपने होश में वापस आया और बोला कि मुझे बाथरूम जाना है। एयर होस्टेस ने कहा आइए सर में आपको लिए चलती हूँ, यह कह कर एयर होस्ट आगे चल पड़ी और मेजर राज उसके पीछे उसके बड़े चूतड़ों को गोल गोल घूमता देखकर चलने लगा

इस एयर होस्टेस नाम हिना थी जो उसकी शर्ट पर एक बेज पर लिखा था, हिना मेजर राज को बाथरूम तक ले गई। कुछ देर बाद मेजर राज बाथरूम से बाहर निकला तो उसके सामने 3 एयर होस्टेस खड़ी थीं जैसे उन्हें मेजर राज के बाहर निकलने का इंतजार हो . मेजर राज बाहर निकला और अपने सामने 3 महिलाओं को देखकर घबरा गया जोकि उसे लगातार घूरे जा रही थीं। मेजर राज ने डरते डरते पूछा क्या हुआ मुझे ऐसे क्यों देख रही हो ???

इस पर हिना बोली तुम्हारा नाम क्या है ???

मेजर ने अपना नाम फ़िरोज़ बताया क्योंकि वह तो साना जावेद के कर्मचारी के रूप में यात्रा कर रहा था।

हिना बोली फ़िरोज़ क्या तुम साना जावेद जी को यहाँ बुला सकते हो ??

फ़िरोज़ ने पूछा क्या मतलब?

हिना बोली मतलब यह कि हमें साना जावेद मेडम के पास जाने की अनुमति नहीं है केवल एक एयर होस्टेस है जो उनके पास जा सकती है। तुम्हारे बुलाने पर साना जावेद जी तुम्हारे पास आई थी और तुम्हारे गाल पर एक प्यार से चमाट भी मारी, इसका मतलब साना जावेद जी आप से काफी फ्री हैं।ऐसा है क्या ??

फ़िरोज़ ने कहा, हां मैं उनके घर पर उनकी सेवा करता हूं, उनके सारे काम करता हूं तो वो क्या मुझे हल्की सी चमाट भी नहीं मार सकतीं ??? मेजर राज इस समय फुल एक्टिंग कर रहा था वह कहीं से भी मेजर नहीं लग रहा था और पूरा अनपढ़ जाहिल आदमी की तरह जवाब दे रहा था। उसके जवाब पर हिना फिर झुन्झुला बोली अरे बुद्धू मैं ने कब कहा कि वो नहीं कर सकतीं, मैं तो बस यह पूछना चाहती हूँ अगर तुम साना जावेद मेडम को यहाँ बुलाओ तो वो तुम्हारे कहने पर आजाएँगी ???

फ़िरोज़ ने उन्हें संदिग्ध नजरों से देखा और कहा क्यों भला उन्हें यहाँ क्यों बुलाऊ ??? इस पर हिना के साथ खड़ी दूसरी एयर होस्टेस जिसका नाम शकीला था बोली पैसे नहीं मांगने हमे तेरी मेडम से, बस उनके साथ एक सेल्फी बनवानी है हमें। और यह काम तुम्हारे अलावा और कोई नहीं कर सकता ???

इस बार फ़िरोज़ ने फिर मूर्खता का सबूत देते हुए कहा सेल्फी कैसे बनवाते हैं ??? अब हिना बोली अबे यार उनकी तस्वीर बनवानी है।इस पर फ़िरोज़ ने अपना मोबाइल निकाला और बोला ये कौनसा मुश्किल काम है मैं दे देता हूँ तुम्हें उनकी तस्वीरें बोलो कितनी तस्वीरें चाहिए ??

अब की बार तीसरी एयर होस्टेस शाजिया बोली अरे बुद्धू ........ उनकी तस्वीरों का हम अचार डालना है क्या वह तो हम भी इंटरनेट से ले सकते हैं। मतलब यह है कि उनके साथ हमने अपनी तस्वीरें खिंचवानी हैं ताकि दूसरों को दिखा सकें कि साना जावेद मेडम ने हमसे मिलकर हमारे साथ तस्वीरें भी बनवाई हैं। अब की बार फ़िरोज़ ने शाजिया को घूरते हुए कहा ..... अच्छा ....... तो यूँ कहो न कि आप को शेखियां मारनी हैं। क्यों साना मेडम को तंग करते हो वह अपने दोस्तों के साथ व्यस्त हैं। यह कह कर फ़िरोज़ वापस अपनी सीट की ओर जाने लगा मगर शकीला ने उसको कंधे से पकड़कर वापस खींच लिया और बोली क्या मतलब है तुम्हारा इसमें उनको परेशान करने वाली कौन सी बात है? 5 मिनट ही तो लगेंगे कौन सी साना जावेद मेडम शूटिंग में व्यस्त हैं। अगर 5 मिनट हमारे साथ बता लेंगी तो तुम्हें क्या तकलीफ होगी?

इस पर फ़िरोज़ ने शकीला का हाथ अपने कंधे से हटाया और बोला वाह, बड़ा नखरा है मेडम, एक तो काम भी अपना करवाना है और ऊपर से ढंग नहीं बात करने की जाओ नहीं करता तुम्हारा काम।

 
shubhs wrote: ↑ 18 Oct 2017 05:57
बिलकुल भी मत करना काम
 
हिना ने काम बिगड़ता देखा तो उसने शकीला को पीछे किया और बड़े प्यार से आगे बढ़ी और फ़िरोज़ के कंधे पर हाथ रख कर बोली सॉरी फ़िरोज़, यह शकीला तो है ही नेवकूफ़ मगर तुम तो अच्छे इंसान हो न, तो प्लीज़ हमारा यह छोटा सा काम कर दो ना प्लीज

... अब की बार फ़िरोज़ ने हिना को ध्यान से देखा और बोला मगर मुझे क्या फ़ायदा होगा तुम्हारा यह काम करने के लिए। उस पर पीछे खड़ी शाजिया ने जल्दी से कहा .... मैं तुम्हें एक हजार रुपये दूंगी अगर तुम हमारा यह काम कर दो ???

फ़िरोज़ हंसा और बोला जाओ जाओ, मुझे पैसे की कमी नहीं, जितने पैसों की जरूरत होती है साना जावेद मेडम तुरंत दे देती हैं मुझे बताओ तो साना जावेद मेडम से कह कर अभी तुम तीनों को दस दस हजार दिलवा देता हूँ। यह कह कर फ़िरोज़ फिर वापस अपनी सीट की ओर जाने लगा तो अब फिर हिना ने फ़िरोज़ को प्यार से रोका और बोली- देखो अगर तुम हमारा यह छोटा सा काम कर दोगे तो इसमे तो तुम्हारा कोई नुकसान नहीं न, हम तुम्हें दुआ देंगी । अब की बार फ़िरोज़ ने व्यंग्यात्मक ठहाका लगाया और कहा अगर मैं यह काम नहीं करता तो भी मुझे कोई नुकसान नहीं और न तुम्हारा कोई नुकसान हो जाएगा बस दुस्साहस नहीं मारस्को जाओगे तुम।और जाओ मुझे नहीं चाहिए तुम्हारी दुआएं। जिस काम में लाभ ही कोई न हो वह काम मैं क्यों करूँ ??

अब हिना ने दोनों हाथों से फ़िरोज़ को कंधों से पकड़ कर वापस पीछे किया और बोली देखो फ़िरोज़ तुम बताओ बदले में तुम्हें क्या चाहिए, जो तुम कहोगे तुम्हें मिलेगा, बस तुम हमारा यह काम कर दो। अब फ़िरोज़ कुछ देर सोचता रहा, फिर बोला क्या तुम मुझे क्या दे सकती हो ???

हिना ने पहले ही महसूस कर लिया था कि फ़िरोज़ मियां की नजरें उसके मम्मों पर थीं जब उसने बाथरूम जाने को कहा था तो उसने इसी बात का इस्तेमाल किया और बोली, तुम जिन्हे देखना चाह रहे थे वह तुम्हें दिखा सकती हूँ में ???

अब की बार फ़िरोज़ ने कुछ तिरछी नज़रों से शकीला और शाजिया को देखा और उसके बाद फिर हिना को देखते हुए बोला क्या मतलब है तुम्हारा?क्या देखना चाहता था ???

शकीला और शाजिया भी हैरानगी से हिना को देखने लगीं कि यह क्या कहना चाहती है ?? फ़िरोज़ को अपनी ओर ऐसे देखते हुए हिना ने कहा जब तुमने मुझे अपने पास बुलाया था तब तुम जो कुछ देखना चाह रहे थे वह दिखा सकती हूँ तुम्हें अगर तुम मेरा यह काम कर दो .... अब की बार फ़िरोज़ ने झुंझलाते हुए कहा अरे यार खुलकर कहो यूं पहेलियाँ न बुझवाओ मुझे। इस पर हिना एकदम से बोली मुझे पता है तुम्हारी नज़रें उस समय मेरे सीने पर थी, मैं तुम्हें दिखा दूंगी बस तुम एक बार साना जावेद मेडम के साथ हमारी सेल्फी बनवा दो। यह सुनकर शाजिया और शकीला गुस्सा हुई और बोली हिना पागल हो गई है क्या ??? यह क्या बकवास कर रही है ???

इस पर हिना ने कहा यह मेरी समस्या है तुम्हें क्या प्रॉब्लम है ??? बस मुझे साना जावेद के साथ तस्वीर बनवानी है और उस ज़ुबैदा की बच्ची को जलाना है जो हर दिन साना जावेद का नाम ले लेकर मुझे सड़ाती रहती है कि वह साना जावेद से एक शॉपिंग मॉल में हाथ मिलाया था, जब उसे साना जावेद मैम के साथ अपनी फोटो दिखाउन्गी तो साली फिर कभी हाथ मिलाने का नाम नहीं लेगी।

हिना के शांत होने पर फ़िरोज़ हकलाया और बोला म्म्म्म में क ... कब देखें। .... देख रहा था ...... त। त। । त तुम्हारा सीना

........ इस पर हिना ने उसको गुस्से से देखा और बोली इतनी भी बच्ची नहीं हूँ मैं तुम जैसे ठरकी इस जहाज में यात्रा करते हैं और उन सभी की नजरें हमारे स्तनों पर ही होती हैं जैसे उन्होंने कभी लड़की का सीना देखा नहीं होता। अब सीधे सीधे बताओ यदि मेरा सीना देखना चाहते हो तो साना जावेद मेडम को बुला दो नहीं तो जाओ वापस अपनी सीट पर जाकर बैठ जाओ और खबरदार जो फिर हम तीनों में से किसी को भी अपने किसी काम के लिए बुलाया ....

अब फ़िरोज़ खड़ा सोचने लगा और फिर बोला मगर इस बात की क्या गारंटी है कि साना जावेद मैम के साथ सेल्फी बनाने के बाद तुम अपना दिखाओगी? आप बाद में मुकर जाओगी तो मैं किससे जा के शिकायत करूंगा ??? पहले मुझे दिखाओ फिर मेम को बुलाउन्गा ???

इस पर अब शकीला बोली यह बात तो हम भी कर सकते हैं कि अगर हिना ने तुम्हें पहले अपना सीना दिखा दिया तो क्या गारंटी है कि तुम साना जावेद मैम को बुलाओगे ?? तुम बाद में मुकर जाओ तो हम क्या करेंगे ???





दीपावली की आप सभी दोस्तो को बहुत बहुत हार्दिक बधाई
 
फ़िरोज़ ने शकीला को गुस्से से देखा और बोला तुम्हारा सीना कौन देखना चाहता है ??? मेरी और हिना की बात हो रही है, यदि मेरी बात पर विश्वास है तो पहले सीना दिखाओ फिर साना जावेद मेडम के साथ तुम्हारी सेल्फी बनवा दूंगा .... और अगर पहले नहीं दिखाया सीना तो मुझे रास्ता दो में वापस अपनी जगह पर जा कर बैठूँ

मगर हिना ने फ़िरोज़ को रास्ता नहीं दिया और उसके सीने पर हाथ रख कर खड़ी सोचती रही, फिर अचानक वह अपने हाथ अपनी शर्ट मे लेकर गई और शर्ट के ऊपर वाले 3 बटन खोल कर अपनी शर्ट को साइड से हटा दिया। नीचे हिना ने हल्के गुलाबी रंग का सुंदर ब्रा पहन रखा था जिसमें हिना के 34 आकार के मम्मे बहुत सुंदर लग रहे थे। कुछ सेकंड के लिए हिना ने अपनी शर्ट को खुली रहने दिया, इस दौरान फ़िरोज़ की नजरें हिना के मम्मों पर ही थी और वह उनका आकार मापने की कोशिश कर रहा था, जबकि शाजिया और शकीला हैरान होकर हिना की इस हरकत को देख रही थीं वह हैरान रह गयीं थीं कि कैसे हिना ने इतनी जल्दी यह हरकत कर डाली। मगर जैसे ही हिना ने शर्ट के बटन फिर से बंद करने की कोशिश की तो फ़िरोज़ एकदम बोला अरे यह क्या बेईमानी है, क्या साना जावेद मेडम के साथ आप इतनी सी ही बात करोगे जितनी देर आप ने अपना सीना दिखाया ???

यह सुनकर हिना ने खा जाने वाली नजरों से फ़िरोज़ को देखा मगर मरती क्या न करती उसने अपनी शर्ट के बटन बंद करने की सोच को समाप्त कर दिया और बोली लो तुम देख लो और अच्छी तरह से।

अब की बार फ़िरोज़ मुस्कुराते हिना को देखने लगा और फिर बोला बस शर्ट ही ???

हिना फ़िरोज़ की इस बात को कुछ कुछ समझते हुए गुस्से से बोली क्या मतलब है तुम्हारा कि बस शर्ट ही ???

फ़िरोज़ बोला मतलब यह कि आपने अपना सीना दिखाने की बात की थी तो पूरा सीना तो दिखा नहीं ...

हिना ने कहा पूरा ही तो दिखा रही हूँ और कैसे पूरा दिखाऊ ???

इस पर फ़िरोज़ ने कहा पूरा कहां है ???? इतना बड़ा तो आप ने ब्रा पहन रखा है जो तुम्हारे सीने असली सौंदर्य को छिपा रहा है ... अब अगर में साना जावेद मेडम को बुर्का पहना कर ले आऊ तो उसका क्या फायदा ??? इसी तरह आपके सीना दिखाने की बात है तो पूरा सीना तो दिखाया नहीं जो मैं देखना चाहता था .

फ़िरोज़ की इस बात पर पीछे से शाजिया की आवाज़ आई अरे यह तो बढ़ता ही जा रहा है हिना छोड़ो उसको हम ही। । । । इससे पहले शाजिया की बात पूरी होती वह यह देखकर हैरान गई कि हिना अपनी शर्ट का अंतिम बटन खोलने के बाद अपने दोनों हाथ पीछे ले जा कर अपनी ब्रा की हुक खोल चुकी थी फिर उसने हाथ वापस आगे लाकर अपने दोनों मम्मों पर रखा और अपनी ब्रा को पकड़ कर मम्मों से हटा दिया ....

वाह क्या नजारा था। फ़िरोज़ ने तो सोचा भी नहीं था कि ऐसे हवाईजहाज में भी वह किसी के ऐसे सुंदर मम्मे देख पाएगा। हिना के गोरे गोरे बदन पर गोरे गोरे 34 आकार के गोल और सुडौल मम्मे बहुत सुंदर लग रहे थे उन पर एक छोटे से ब्राउन गोल धब्बे और उसमे एक एक छोटे निपल्स जो देखने में काफी नरम लग रहे थे और बहुत सुंदर लग रहे थे । । फ़िरोज़ यह देखकर दंग रह गया था। और उसका दिल मे बस यही चल रहा था कि वह आगे बढ़कर दोनों मम्मों को अपने हाथों से पकड़ ले, लेकिन वह गर्म गर्म निवाला खाने का आदी नहीं था।

हिना को खुद भी समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसने ऐसा बोल्ड स्टेप क्यों ले लिया था मगर अब तो जो होना था हो चुका था, वह अपने नंगे मम्मों को लिए फ़िरोज़ के सामने खड़ी थी और उसकी सांसें तेज हो रही थीं, उसने आज तक किसी अनजान व्यक्ति को यूँ अपने मम्मे नहीं दिखाए थे। उसकी शादी को भी अभी 1 साल ही हुआ था और अपने पति के अलावा किसी के सामने यूं अपना ब्रा खोलने की यह पहली घटना थी। सांसें तेज चलने की वजह से उसके तने हुए 34 आकार के मम्मे ऊपर नीचे हो रहे थे और फ़िरोज़ उनको देखकर अपनी आँखों की प्यास बुझा रहा था जबकि उसकी पैंट में उसका लंड सिर उठा चुका था। कुछ देर तक अपने मम्मे दिखा लेने के बाद हिना ने पूछा बस या अब और भी देखना है ???

इस बार राज ने कहा आप साना जावेद मेडम को बस देखेंगी या उनसे हाथ भी मिलाएँगी ???

यह सुनकर पीछे से शाजिया बोली बहन चोद अब और क्या चाहता है ??? छोड़ हिना बड़ा कमीना है यह हमें नहीं मिलना साना जावेद से।

हिना का भी अब गुस्से से बुरा हाल था,





दीपावली की आप सभी दोस्तो को बहुत बहुत हार्दिक बधाई
 
shubhs wrote: ↑ 19 Oct 2017 22:41
मस्त अपडेट
 


शाजिया की बात सुनकर फ़िरोज़ ने उसको व्यंग्य वाली मुस्कान से देखा और बोला आप क्या बात कर रही है? जब हिना सब कुछ दिखा ही चुकी है तो मैं उन्हें हाथ भी लगा लूँगा तो कौन उसके मम्मे घिस जाएंगे ??? फ़िरोज़ की बात सुनकर हिना ने बड़े क्रोध मगर मजबूरी की हालत में दांत पीसते हुए कहा मादर चोद ये शौक भी पूरा कर ले अपना हाथ भी लगा ले, लेकिन अब अगर तूने साना जावेद मैम से मिलवाने का वादा पूरा नहीं किया तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।यह कहना था कि फ़िरोज़ ने उत्साह से हिना की कमर में हाथ डाला और उसे अपनी ओर खींचकर उसके एक मम्मे को अपने हाथ में पकड़ लिया और उसे दबा दबा कर उसकी सख्ती का अंदाजा लगाने लगा, बहुत ही सुंदर मम्मा था उसका। गोल और मुलायम और तना हुआ मम्मा। फिर फ़िरोज़ ने हिना के निप्पल को अपनी उंगलियों से पकड़ कर हल्का सा मसला तो हिना की एक सिसकारी निकल गई। हिना का मियां उसको निपल्स से खेलता था मगर फ़िरोज़ ने जब उसका निप्पल मसला तो उसे अजीब सा आनंद मिला, शायद यह एक पराए पुरुष के हाथों की वजह से था

फिर फ़िरोज़ हिना के मम्मे के ऊपर झुका और अपनी जीभ निकाल कर हिना के प्यारे से निपल्स पर फेरने लगा जो अब तन कर सख्त हो चुका था। हिना यह सब कुछ नहीं चाहती थी मगर साना जावेद से मिलने का शौक उसे पागल किए दे रहा था और अब न चाहते हुए भी फ़िरोज़ की ज़ुबान लगने से उसकी सिसकियाँ निकलना शुरू हो गई थी जबकि पीछे खड़ी शकीला शाजिया के कान में कह रही थी चल अच्छा हुआ उसी ने सब कुछ किया अब हमें तो फ्री में ही साना जावेद मैम के साथ सेल्फी बनवाने का मौका मिल जाएगा। उत्तर में शाजिया ने भी उसकी हां में हां मिलाई।हिना को तब और कुछ होश नहीं था उसे तो एक अनजान आदमी से यूं अचानक अपने निपल्स और मम्मे दबवाने मे मज़ा आ रहा था और वह हल्की हल्की सिसकियाँ ले रही थी जबकि फ़िरोज़ ने शकीला की यह बात सुन ली थी और मन ही दिल में उन पर हँस रहा था। कुछ देर तक हिना का प्यारा सा मम्मा और उसका निपल चूसने के बाद अब फ़िरोज़ ने अपना दूसरा हाथ उसकी कमर में डाला और पहले जो हाथ कमर में था उससे हिना का दूसरा मम्मा पकड़ लिया और उसे भी चूसने लगा। जब फ़िरोज़ ने साना जावेद के उस मम्मे को चूसना शुरू किया तो नीचे से उसका लंड फूल जोबन पर आ चुका था और वह भी अब अपने आपे से बाहर हो रहा था तभी उसने जरा जोर से हिना का निपल्स चूसा तो उसके मुंह में कुछ नमकीन, कुछ गाढ़ा और कुछ कड़वा सा पानी आया।फ़िरोज़ ने एकदम से निपल मुंह से निकाला और उसे देखने लगा तो निप्पल के ऊपर एक सफेद या फिर यूं कहिए हल्का पीला ड्रॉप था, यह हिना के निपल्स से निकलने वाला दूध था। वह एक बच्चे की मां थी जो उसकी शादी के 9 महीने बाद ही हो गया था इसी वजह से उसके मम्मों दूध भी था,

फ़िरोज़ जब यूं उसके निपल छोड़ कर उसे देखने लगा तो हिना बोली रुक क्यों गए और चूसो ना प्लीज, हिना ने यह कहा तो फ़िरोज़ फिर उसके निप्पल को चूसने लगा मगर इस बार वह उसका दूध भी पी रहा था जोकि उसको मज़ा दे रहा था। कुछ ही देर मम्मे चूसने के बाद हिना के मम्मों से दूध आना बंद हो गया तो फ़िरोज़ ने भी सोचा कि बस अब बहुत हो गया है अब इस बेचारी को साना जावेद से मिलवा देना चाहिए। उसने अपना मुंह हिना के मम्मे से हटाया। और बोला चलो अब तुम अपने कपड़े ठीक कर लो मैं तुम्हें साना जावेद जी से मिलवा लाता हूँ।

यह सुनकर शकीला और शाजिया एकदम साथ चिल्लाई: क्या मतलब मिलवा लाता हूँ ??? तुमने कहा था तुम साना जावेद मैम को यहाँ बुलाओगे ताकि हम उनके साथ सेल्फी बनवा सकें। फ़िरोज़ ने उन्हें मुस्कुरा कर देखा और बोला हाँ तो वहां जाकर हिना साना जावेद जी के साथ सेल्फी बनवा लेगी। जरूरी तो नहीं कि यहीं बुलवाकर सेल्फी ली जाए। इस पर शकीला बोली हिना मैंने कहा था न यह मुकर जाएगा। उसको कुछ मत दिखाओ।

शकीला की बात सुनकर हिना ने कहा: वह कब मुकरा है वह मुझे ले जा तो रहा है साना जावेद जी के पास ...

इस पर शाजिया चिल्लाई क्या मतलब तुम्हें ले जा रहा है ??? और हमारा क्या?

अब की बार फ़िरोज़ मुस्कुराया और बोला जिसने मुझे अपना सीना दिखा दिया उसी को लेकर जाऊंगा ना . आपने कुछ दिखाया ही नहीं तो तुम्हें क्यों मिलवाऊ ????

उसकी बात सुनकर शाजिया ने कहा अब इस उम्मीद में न रहना कि हम भी अपना शरीर तुझे दिखाएँगी चल हट । । । ... ।

इससे पहले शाजिया की बात पूरी होती शकीला अपनी शर्ट के बटन खोलकर शर्ट साइड पर कर चुकी थी और अपने हाथों से अपने काले रंग के ब्रा के हुक खोल कर अपना ब्रा भी उतार रही थी और यह दृश्य देखकर शाजिया की तो चुप्पी लग गई थी। शकीला ने अपना ब्रा उतारा और फ़िरोज़ के सामने आकर खड़ी हो गई, हिना ने भी अब तक न तो अपना ब्रा पहना था और न ही शर्ट।

शकीला ने फ़िरोज़ के पास आकर कहा लो मेरे भी देख लो और इनको भी चूसो चाहे दबाओ मगर मुझे भी साना जावेद मैम से मिलना है इस पर शाजिया बोली अरे तुम दोनों का दिमाग खराब हो गया है क्या कर रही हो यह ??

फ़िरोज़ ने शकीला के मम्मों की ओर देखा तो उसे कुछ खास मज़ा नहीं आया। 32 आकार के मम्मे तने हुए तो थे मगर आकार में छोटे थे। फ़िरोज़ ने शकीला के मम्मों से नजरें हटाकर कहा तुम्हारे बूब्स में वह बात नहीं जो हिना के मम्मों में हैं, यह कह कर उसने एक बार फिर हिना का एक मम्मा अपने मुँह में लेकर उसका निप्पल चूस लिया जिससे हिना की सिसकी निकली। फिर फ़िरोज़ ने फिर से शकीला को देखा जो अभी रोने वाली हो रही थी कि अपना सीना भी दिखा दिया मगर फ़िरोज़ ने कोई लिफ्ट नहीं करवाई।

 
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