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कुछ देर आराम करने के बाद फिर दोनों ने देवा के लंड को सहलाना शुरू कर दिया। देवा ने दोनों रंडियों को अपना लंड चाटने का इशारा किया।
अब जब दोनों गरम औरतों ने देवा के लंड को चूसना शुरू किया तो दो दो गरम मुँह की गर्मी से देवा के लंड का बुरा हाल हो गया।इस बार देवा ने फर्श पर गद्दा डलवाया और पहले रत्ना को उल्टा लिटा दिया।और शालू को उसकी गांड और चूत को गिला करने को कहा शालू ने जल्दी ही रत्ना की चूत और गांड को अपनी जीभ से चाट कर और थूक लगाकर गिला कर दिया फिर उसने अपने होनेवाले दामाद के लंड को भी गिला कर दिया और बोली चलो फाड़ डालो बेटे अपनी माँ की चूत और गांड।
देवा ने अपने लंड को अपनी सगी माँ रत्ना की चूत पर रखा और एक ही धक्के में अपना 9 इंच का लंड अपनी माँ की चूत में जड़ तक पेल दिया।रत्ना सिसियाने लगी।
लेकिन देवा को कोई फर्क नहीं पड़ा।वह तो धक्के पे धक्के मार के पेल रहा था।जब लंड पूरा गिला हो गया तो उसने लंड निकालकर शालू को चूसने को बोला। शालू जल्दी जल्दी देवा का लंड चूसने लगी।इस बार देवा ने अपने लंड को रत्ना की गांड के भूरे छेद पर लगाया तो रत्ना कांप उठी।लेकिन देवा ने जोर का धक्का मारा और उसका पूरा लंड रत्ना की गाण्ड को फैलाता हुवा घुस गया।।
रत्ना:आह मरर गईईईईई बेटे।धीरे धीरे पेलो ना।लगता है आज मेरी गांड फाड़ डालोगे।
देवा:आह्ह्ह साली रंडी। कितनी गरम गाँड है तेरी। मेरा लंड पिघल रहा है। साली तूने मेरे लन्ड को अपनी गरम और टाइट गांड में जकड लिया है।आह साली रंडी अपनी गांड ढीली कर साली।
यह कहकर देवा रत्ना की गांड पर जोर से थप्पड़ मारता है।रत्ना अपनी गांड ढीली कर देती है और देवा अपना लण्ड अपनी माँ की गांड में पेलने लगता है।
देवा को कोई फर्क नहीं पड़ा वह रत्ना की गांड से लंड निकाल के शालू के मुँह को चोदने लगता है।फिर शालू के मुँह से निकालकर रत्ना की चूत और गांड फाड़ने लगता।इस बार पूरी बेरहमी से उसने रत्ना की चूत और गांड मारी।आखिरी समय में तो रत्ना मज़े से चिल्लाने लगी और बुरी तरह से झड़ गई।
अब जब दोनों गरम औरतों ने देवा के लंड को चूसना शुरू किया तो दो दो गरम मुँह की गर्मी से देवा के लंड का बुरा हाल हो गया।इस बार देवा ने फर्श पर गद्दा डलवाया और पहले रत्ना को उल्टा लिटा दिया।और शालू को उसकी गांड और चूत को गिला करने को कहा शालू ने जल्दी ही रत्ना की चूत और गांड को अपनी जीभ से चाट कर और थूक लगाकर गिला कर दिया फिर उसने अपने होनेवाले दामाद के लंड को भी गिला कर दिया और बोली चलो फाड़ डालो बेटे अपनी माँ की चूत और गांड।
देवा ने अपने लंड को अपनी सगी माँ रत्ना की चूत पर रखा और एक ही धक्के में अपना 9 इंच का लंड अपनी माँ की चूत में जड़ तक पेल दिया।रत्ना सिसियाने लगी।
लेकिन देवा को कोई फर्क नहीं पड़ा।वह तो धक्के पे धक्के मार के पेल रहा था।जब लंड पूरा गिला हो गया तो उसने लंड निकालकर शालू को चूसने को बोला। शालू जल्दी जल्दी देवा का लंड चूसने लगी।इस बार देवा ने अपने लंड को रत्ना की गांड के भूरे छेद पर लगाया तो रत्ना कांप उठी।लेकिन देवा ने जोर का धक्का मारा और उसका पूरा लंड रत्ना की गाण्ड को फैलाता हुवा घुस गया।।
रत्ना:आह मरर गईईईईई बेटे।धीरे धीरे पेलो ना।लगता है आज मेरी गांड फाड़ डालोगे।
देवा:आह्ह्ह साली रंडी। कितनी गरम गाँड है तेरी। मेरा लंड पिघल रहा है। साली तूने मेरे लन्ड को अपनी गरम और टाइट गांड में जकड लिया है।आह साली रंडी अपनी गांड ढीली कर साली।
यह कहकर देवा रत्ना की गांड पर जोर से थप्पड़ मारता है।रत्ना अपनी गांड ढीली कर देती है और देवा अपना लण्ड अपनी माँ की गांड में पेलने लगता है।
देवा को कोई फर्क नहीं पड़ा वह रत्ना की गांड से लंड निकाल के शालू के मुँह को चोदने लगता है।फिर शालू के मुँह से निकालकर रत्ना की चूत और गांड फाड़ने लगता।इस बार पूरी बेरहमी से उसने रत्ना की चूत और गांड मारी।आखिरी समय में तो रत्ना मज़े से चिल्लाने लगी और बुरी तरह से झड़ गई।