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Adultery दिव्या का सफ़र

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मनीष पूजा को गले लगा लेता है और उसको सॉरी बोलता है. पूजा मन ही मन सोचती है की अब सलमान उसका पीछा नहीं छोड़ने वाला.

मनीष: मैं तुमको जिस हाल में छोड़ गया था तुम्हारी जगह कोई और भी होता तो शायद यही करता तो गलती मेरी भी है. आज जो हुआ उसे भूल जाओ. मेरे प्यार में इस बात से कोई फर्क नहीं आयेगा. चलो तुम तैयार हो जाओ तो मैं तुम्हे घर छोड़ दूं.

पूजा थोड़ी देर में रेडी हो जाती है और मनीष उसको घर छोड़ कर वापस सलमान के पास आ जाता है.

मनीष: यार तुमने तो ऐसे रगड़ दिया बेचारी को की किसी को भी शक हो जाये. कुछ ज्यादा नहीं कर दिया तुमने.

सलमान: तू टेंशन न ले. साली पूरी रांड है. संभाल लेगी. तू भी चोदता ही है न.

मनीष: हाँ चोदता तो हूँ लेकिन...

सलमान: अरे छोड़ न. ले दिव्या मैम का नंबर ले. 9999xxxxxx. खुश? लेकिन इस नंबर का करेगा क्या?

मनीष: यार ये तो मैंने सोचा ही नहीं.

सलमान: हा हा हा. सोचा भी नहीं और पूजा को मुझसे चुदवा भी दिया. कोई नहीं. मुझे सोचने दे कुछ आईडिया. करवाता हूँ तेरी सेटिंग. चल जा मुझे अब पीने दे. थका दिया है तेरी पूजा ने आज मुझे.

मनीष भी घर चला जाता है और रात भर दिव्या के ख्वाब देखता रहता है. अगले दिन दिव्या एक बहुत ही सुन्दर साड़ी में स्कूल आती है.

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हालाँकि साड़ी में उसका बदन ज्यादा नहीं दिख रहा होता लेकिन फिर भी उसके उभरे हुए मम्मे और भारी गांड देख कर मनीष का बुरा हाल हो जाता है. वो क्लास में बस दिव्या को ही देख रहा है. तभी वो देखता है की दिव्या के ब्लाउज का एक हुक पीछे से टूटा हुआ है.

दरअसल शादी के बाद दिव्या की चून्चिया काफी बड़ी हो गयी है लेकिन आज वो अपना पुराना ब्लाउज पहन कर आ गयी थी. ब्लाउज टाइट हो रहा था फिर भी उसने जबरदस्ती हुक लगा लिये थे. उसे अंदाजा नहीं था की हुक टूट जाएगा. मनीष हँसते हुए पूजा को बताता है की मैम के ब्लाउज का हुक टूटा है.

क्लास ख़तम होने के बाद सब बच्चे घर के लिए निकल जाते हैं लेकिन पूजा से रहा नहीं जाता और वो दिव्या के पास जाकर कहती है.

पूजा: एक्सक्यूस मी मैम.

दिव्या: क्या हुआ पूजा? तुम घर नहीं जा रहीं.

पूजा: वो मैम एक्चुअली आपके ब्लाउज का हुक टूट गया है. साड़ी का पल्ला होने से क्लास में तो किसी ने नहीं देखा लेकिन...

दिव्या: ओह्हो. ब्लाउज थोडा कस गया है लेकिन देर हो रही थी तो मैं यही पहन कर आ गयी. आज तो मैं स्कूटी से आई हूँ. कहीं रस्ते में कोई और हुक न टूट जाए.

पूजा: आप टॉयलेट में चलिए. मैं एडजस्ट कर देती हूँ.

दिव्या पूजा को लेकर टीचर टॉयलेट में चली जाती है लेकिन दोनों के पास कोई सेफ्टी पिन नहीं थी और ब्लाउज काफी टाइट था तो कोई फायदा नहीं होता और इसी चक्कर में दुसरा हुक भी टूट जाता है और ब्लाउज काफी खुल जाता है. अब दिव्या घबरा जाती है.

दिव्या: अरे पूजा ये क्या किया? अब मैं घर कैसे जाऊंगी?

पूजा: सॉरी मैम लेकिन ये अपने आप ही टूट गया. आप एक काम करो की ब्लाउज उतार कर मुझे दे दो. मैं स्कूल के सामने वाले टेलर से हुक लगवा लाती हूँ. तब तक आप यही वेट करो.

दिव्या: बिना ब्लाउज के?

पूजा: अरे मैम. अब तो छुट्टी हो गयी है तो सारे टीचर्स तो घर चले गए होंगे तो यहाँ कौन आयेगा. मैं 15 मिनट में आ जाऊंगी.

दिव्या को भी कोई रास्ता समझ नहीं आता तो वो अपना ब्लाउज उतार कर पूजा को दे देती है. पूजा जैसे ही टॉयलेट से बाहर आती है उसे सामने सलमान दिख जाता है.

सलमान: अरे रांड तू घर नहीं गयी और ये टीचर्स के बाथरूम में क्या कर रही थी.

पूजा: ओफ्फो. मैं दिव्या मैम का ब्लाउज ठीक करवाने ले जा रही हूँ. बहुत टाइट था तो इसके हुक टूट गए हैं. बेचारी अन्दर वेट कर रही हैं.

सलमान: अच्छा! एक काम कर. ये ब्लाउज मुझे दे दे और तू जा. तेरी बस जाने ही वाली है. मैं इसके हुक लगवा कर मैम को दे देता हूँ.

पूजा: लेकिन?

सलमान (पूजा से ब्लाउज ले लेता है): लेकिन वेकिन न कर. तेरी बस छूट जाएगी. तू जा. मैं इसे ठीक करवा के मैम को दे देता हूँ. अब अपनी रांड के लिए इतना तो करना ही पड़ेगा.

पूजा: ठीक है. मैं जा रही हूँ लेकिन ये जल्दी से मैम को दे देना. बेचारी काफी परेशान हैं.

सलमान जाकर ब्लाउज के हुक तो लगवा देता है लेकिन दर्जी से कहता है की सारे हुक थोड़े और टाइट कर दे. दर्जी ऐसा ही करता है और सलमान ब्लाउज लेकर वापस आ जाता है और गार्ड रूम में बैठ जाता है.

उधर दिव्या की हालत ख़राब है. उसके पास पूजा का नंबर भी नहीं था की वो उसे फोन ही कर लेती. इधर 15-20 मिनट में सब बस निकल जाती हैं और स्कूल खाली हो जाता है तब सलमान दिव्या का ब्लाउज लेकर टीचर्स के बाथरूम की तरफ चल देता है. सलमान बाथरूम का दरवाजा खटखटाता है तो दिव्या को लगता है की पूजा आ गयी.
 
दिव्या कुछ नहीं बोलती तो सलमान उसके बदन से पीछे से चिपक जाता है. दिव्या आगे होने की कोशिश करती है लेकिन तभी सलमान आपने हाथ आगे ले जाकर दिव्या की ब्रा के अन्दर डाल कर उसकी चून्चियों पर रख देता है.

दिव्या को इस तरह की उम्मीद बिलकुल नहीं थी. वो शॉक हो जाती है और सलमान का हाथ हटा कर उसे धक्का दे देती है तो वो टॉयलेट की दीवार से टकरा जाता है. ये आवाज बाहर खड़ी इंग्लिश की टीचर रश्मि को सुनाई देती है.

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रश्मि: कौन है अन्दर? सब ठीक तो है?

दिव्या को कुछ समझ नहीं आता की क्या कहे लेकिन सलमान उसको बोलने का इशारा करता है.

दिव्या: मैं हूँ रश्मि. थोडा पैर स्लिप हो गया.

रश्मि: छुट्टी हुए इतनी देर हो गयी और तू अभी घर नहीं गयी?

दिव्या: हाँ वो थोडा पेट गड़बड़ है इसीलिए. तू क्यों रुकी है?

रश्मि: अरे वो प्रिंसिपल सर ने मीटिंग के लिए बुला लिया था. चल मैं तेरा वेट करती हूँ. तू मुझे ड्राप कर देना.

दिव्या: ओके.

दिव्या हलकी आवाज में सलमान को डांट लगाती है.

दिव्या: तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे हाथ लगाने की.

सलमान: लेकिन मैडम आप ने ही तो कहा था की ब्रा एडजस्ट कर दो.

दिव्या: मैंने कुछ नहीं कहा था और ब्रा एडजस्ट करने के लिए तुम ऐसी गन्दी हरकत करोगे?

सलमान: सॉरी मैडम. मैं तो ब्रा ही एडजस्ट करने की कोशिश कर रहा था. आप कहती हैं तो मैं चला जाता हूँ.

दिव्या: अरे कहाँ जा रहा है बेवकूफ. बाहर रश्मि मैडम खड़ी होंगी. मेरे बाहर जाने के थोड़ी देर बाद ही निकलना यहाँ से.

सलमान: ठीक है तो आप जाइये पहले.

दिव्या: बिना ब्लाउज के कैसे जाऊं बाहर.

सलमान: अरे मैडम ये ब्लाउज आपको नहीं आयेगा. मैंने काफी कोशिश करके देख ली. मेरी मानिए तो ब्रा उतार कर कोशिश कीजिये. शायद आ जाए.

दिव्या: क्या बकते हो? तुम्हारे सामने ब्रा उतार दूं?

तब तक रश्मि आवाज लगाती है.

रश्मि: अरे कितना टाइम लगाएगी दिव्या?

दिव्या: बस पांच मिनट और.

सलमान: मेरे सामने मत उतारिये. मुह उस तरफ करके उतार दीजिये और ब्लाउज पेहेन लीजिये. ज्यादा देर करने से रश्मि मैडम को शक हो सकता है.

दिव्या को कुछ समझ नहीं आता. वो घूम कर खड़ी हो जाती है लेकिन शर्म के कारण ब्रा नहीं खोलती. वो मन ही मन पूजा और रश्मि के ऊपर झुंझला रही थी. सलमान भी दिव्या की हालत समझ रहा था. वो उसको कोई मौका दिए बिना पीछे से उसकी ब्रा खोल देता है और उसे उतार कर अपनी जेब में रख लेता है.

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हालाँकि वो दिव्या के नंगे मम्मे तो नहीं देख पा रहा लेकिन उसको ये एहसास ही पागल कर देता है की दिव्या उसके बराबर में ऊपर से नंगी खड़ी है. वैसे भी उसने कुछ देर पहले दिव्या के बूब्स को अपने हाथो से महसूस किया था. दिव्या ब्लाउज पहन लेती है लेकिन हुक अभी भी नहीं लग रहे होते तो सलमान खींच कर किसी तरह हुक लगा देता है और कहता है.

सलमान: मैडम अपने साइज़ का ब्लाउज पहना कीजिये. शुक्र है की बटन बंद हो गए वरना आपकी इस अधनंगी हालत में कोई मुझे आपके साथ देख लेता तो मेरी कितनी बदनामी होती. वैसे एक बात बोलूं बुरा मत मानियेगा. आप बहुत सुन्दर हैं. आपके पति काफी किस्मत वाले हैं की उन्हें आपके जैसी सुन्दर बीवी मिली.

ये कहते हुए सलमान अपना हाथ दिव्या की कमर पर रख देता है.दिव्या सलमान का हाथ झटक देती है और कहती है.

दिव्या: दूर हटो मुझसे और मेरी ब्रा वापस करो.

सलमान: अरे ब्रा हाथ में लेकर जायेंगी तो रश्मि मैडम शक करेंगी. आप अभी जाइये, मैं रात में ब्रा आपके घर पहुंचा दूंगा.
 
दिव्या बिना कुछ कहे बाहर आ जाती है और रश्मि के साथ बाथरूम से बाहर निकल जाती है. सलमान दिव्या की ब्रा सूंघते हुए अपना लंड हिलाने लगता है और कुछ ही देर में डिस्चार्ज हो कर अपने रूम की तरफ चला जाता है. उस रात को दिव्या जब सोने के लिए लेटती है तो उसे अपने जिस्म में एक अजीब सी बेचैनी महसूस होती है.

आमतौर पर वो सेक्सुअली ज्यादा परेशान नहीं होती लेकिन आज सलमान और पहले मनीष की हरकतों ने उसके बदन में सेक्स की प्यास को भड़का दिया था. उसे नींद ही नहीं आ रही थी. बस वो यही सोच रही थी की उसके साथ ये सब क्यों हो रहा है. वो राजेश को मिस करने लगती है. 2 दिन से राजेश ने उसे काल भी नहीं किया था तो वो राजेश को फ़ोन मिला देती है.

राजेश: हाय डिअर

दिव्या: हेल्लो, क्या हो रहा है?

राजेश: कुछ ख़ास नहीं बस सोने की तैय्यारी. बताओ कुछ ख़ास बात है क्या?

दिव्या: क्यों अब क्या मैं बिना किसी बात के आपको कॉल भी नहीं कर सकती? एक तो आप मेरी याद करते नहीं हो और जब मैंने काल किया तो वजह पूछ रहे हो.

राजेश: नहीं मेरी जान. ये बात नहीं है. तुम तो जानती हो की टूर पर कितना ज्यादा काम होता है तो किसी से भी बात करने का मन नहीं होता.

दिव्या: अच्छा तो अब मेरी गिनती किसी में हो गयी.

राजेश: देखो यार अब तुम झगड़ा मत करो. मैं बहुत थक गया हूँ और नींद से आंखे बंद हो रही है. कल फ्री होकर बात करते हैं. ओके.

दिव्या: ओके.

राजेश फ़ोन काट देता है. दिव्या को राजेश से बात करके आज अच्छा नहीं लगा. वो उससे और देर बात करना चाहती थी. वो मन मसोस कर सोने की कोशिश करती है लेकिन बार बार उसकी आँखों के सामने आ जाता था की कैसे सलमान ने उसके मम्मो पर हाथ रख दिया था. आज पहली बार राजेश के अलावा किसी गैर मर्द ने उसके मम्मे छुए थे. यही सब सोचते सोचते कब उसका हाथ उसकी चूत तक पहुँच जाता है उसे पता भी नहीं चलता.

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उधर नीचे गार्ड रूम में सलमान दिव्या की ब्रा लेकर बैठा था. उसे भी याद आ रहा था की जब उसने दिव्या के मम्मे छुए थे तो उसके निप्पल ताने हुए थे. उसके लंड ने कैसे दिव्या की गांड को महसूस किया था.

कैसे उसने दिव्या की ब्रा को उतार दिया और दिव्या कुछ नहीं बोली. उसे अफ़सोस भी था की इतना सब करके भी वो दिव्या के बूब्स नंगे नहीं देख पाया, चोदना तो दूर की बात है. वो मन में बार बार नए प्लान बनाता है की कैसे दिव्या को चोदे.

वो सोचता है की अभी ब्रा देने के बहाने दिव्या के फ्लैट में जाकर उसे चोद डाले लेकिन उसकी इतनी हिम्मत नहीं होती. वो बड़ी हसरत से दिव्या के फ्लैट की तरफ देखता है की शायद दिव्या की एक झलक मिल जाए लेकिन वहां अँधेरा छाया है. उधर पूजा मनीष को बता देती है कैसे मैम का ब्लाउज उससे सलमान ने ले लिया था. मनीष सलमान को फोन करता है लेकिन सलमान फोन नहीं उठाता. अगले दिन सन्डे है तो सलमान रूम पर पहुँच कर मनीष को काल करता है.

सलमान: क्या हुआ भाई. रात को 3 बार काल किया तुमने?

मनीष: अरे तो उठाया क्यों नहीं?

सलमान: यार फोन रूम पर ही रह गया था. अभी वापस आया तो देखा. बोल क्या बात है?

मनीष: ये बता की कल तूने पूजा से दिव्या मैम का ब्लाउज लिया था फिर क्या हुआ? दे दिया न?

सलमान: नहीं. वो अभी भी बाथरूम में नंगी खड़ी है. जाकर देख ले.

मनीष: मजाक मत कर. बता न क्या किया तूने?

सलमान: दारू लेकर रूम पर आ जा तो बताता हूँ वरना रात भर ड्यूटी करके आया हूँ तो सोने दे.

मनीष: रुक भाई अभी 10 मिनट में आया.

मनीष चुपचाप अपने पापा के बार से एक बोतल लेकर बैग में रख लेता है और सलमान के रूम पर पहुँच जाता है. सलमान के बेड पर ब्रा पड़ी देख कर मनीष पूछता है.

मनीष: अबे ये ब्रा किसकी है यहाँ?

सलमान: खुद अंदाजा लगा ले. तू जानता है उसे.

मनीष: पूजा की है क्या? नहीं उसका साइज़ तो छोटा है. बता न, क्यों नखरे कर रहा है.

सलमान: तेरी दिव्या मैम की है. हा हा हा.

फिर सलमान मिर्च मसाला लगा कर सारी बात मनीष को बता देता है. मनीष का लंड ये सब सुन कर खड़ा हो जाता है.

मनीष: यार मैम को ठोकने का कुछ जुगाड़ कर जल्दी. देख पूजा को भी तुझसे चुदवा दिया मैंने मैम की चूत के लिए. अब उनके बिना रहना बहुत मुश्किल है.

सलमान: चिंता न कर. जैसे इसी कमरे में पूजा को चोदा था वैसे ही इसी कमरे में दिव्या भी चुदेगी. पर थोडा सब्र करना होगा. इतनी आसानी से हाथ आने वाली नहीं है ये चिड़िया, शराफत का ढोंग करती है वरना कल ही ले ली होती उसकी.
 
दिव्या: एक काम है तो लेकिन रहने दो...

सलमान: अरे बताइए मैडम, राजेश साहब तो यहाँ है नहीं तो आप मेरे अलावा किसके कहेंगी.

दिव्या: वो मैं कभी कभी नींद की गोली खाती हूँ वो ख़तम हो गयी है. यहाँ पास वाली मार्किट में तो मिली नहीं. अगर तुम ला सको तो.

सलमान: बस आप मुझे नाम दे दीजिये मैं ले आऊँगा.

दिव्या: मैं तुम्हे डॉक्टर का परचा दे देती हूँ. उसके बिना केमिस्ट नहीं देगा.

सलमान: परचा कहीं खो जायेगा मैडम. आप सिर्फ नाम लिख कर दे दीजिये. आप चिंता न कीजिये. मैं ले आऊंगा.

दिव्या: अच्छा ये खाली शीशी ले जाओ.इसको दिखा कर ले आना.

सलमान शीशी लेकर वापस आ जाता है और दुसरे गार्ड को बोलकर अपने एक दोस्त राजू के पास चला जाता है जो केमिस्ट की दुकान में काम करता है. वो उससे पूछता है की क्या उसके पास ये दवाई है. राजू उसको दवाई दे देता है. दवाई देख कर उसको एक आईडिया आता है.

सलमान: यार इसमें कितनी गोलियां है.

राजू: 30 हैं लेकिन 2 से ज्यादा मत लेना वरना काम तमाम हो जायेगा.

सलमान: यार एक काम कर. 30 गोलिया दूसरी वाली भी दे दे.

राजू: दूसरी कौन सी.

सलमान: अरे यार वही जो तू लौंडिया को गरम करने के लिए मुझे देता है.

राजू: अबे क्या चक्कर चला रहा है? कहीं मुझे न फंसा देना. बिना पर्चे के तेरे को ये दवाई दे रहा हूँ.

सलमान: कोई चक्कर नहीं है दोस्त. ये नींद की गोली तो सोसाइटी के मैडम की हैं और दूसरी वाली मेरे लिए है.

राजू उसको दूसरी वाली गोली भी दे देता है. सलमान अपने रूम में आता है और नींद की गोलियां निकाल कर पुरानी शीशी में भर देता है और उसे छुपा देता है और उसमे सेक्स की प्यास भड़काने वाली गोलियां भर देता है जो साइज़ और रंग में एकदम नींद की गोली के बराबर थी. अब वो वापस जाकर दवा दिव्या को दे देता है. दिव्या उसको 2 सौ रुपये टिप देती है लेकिन सलमान लेने से इंकार कर देता है.

सलमान: आप तो पहले ही मुझे मेरी मुह मांगी चीज दे चुकी है अब और कुछ नहीं चाहिए.

मन ही मन सलमान सोचता है की साली जब टेबलेट खाकर तडपेगी तब देखूँगा की कितने दिन शरीफ बनने का नाटक करती है. अगले दिन जब दिव्या स्कूल के गेट पर पहुचती है तो सलमान उसे घूरता नहीं बल्कि हलकी सी स्माइल देता है. दिव्या भी मुस्कुरा कर अन्दर चली जाती है. आज दिव्या एक एक लाल रंग की सेक्सी साड़ी में आई है जिसे देख कर मनीष का लंड बेकाबू होने लगता है.

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वैसे भी जब से मनीष को सलमान और दिव्या के एनकाउंटर के बारे में पता चला है वो दिव्या को हासिल करने के लिए और तड़पने लगा है. फिलहाल वो अपने को शांत करने के लिए पूजा की जाँघों में हाथ डाल देता है. पूजा अपनी टाँगे फैला देती है और मनीष का लंड सहलाने लगती है.

अचानक दिव्या का ध्यान उन पर जाता है. वो काफी दिन से सजा देने की सोच रही थी की मनीष को कैसे सजा दे. वो पूजा से भी नाराज थी क्योंकि उसकी वजह से सलमान उसको परेशान कर रहा था. वो दोनों को खड़ा करके कुछ सवाल पूछती है. दोनों जवाब नहीं दे पाते. वो दोनों को क्लास से निकाल देती है. बाहर आ कर मनीष पूजा से कहता है.

मनीष: तू रुक मैं सलमान से चाभी लेकर आता हूँ.

पूजा: नहीं नहीं मैं अब उसके रूम में नहीं जाऊंगी और अगर मैम ने वापस बुलाया तो.

मनीष: अरे लास्ट पीरियड है. अब मैम नहीं बुलाएंगी. अच्छा सुन ऊपर चलते हैं.
 
ऊपर का फ्लोर आधा बना है. वहां का काम फंड्स की कमी से कई महीनो से रुका हुआ है बस दो तीन क्लासरूम और एक बाथरूम कम्पलीट हो गया था. लेकिन वहां कोई आता जाता नहीं था क्योंकि वहां हर तरफ बिल्डिंग मटेरियल पड़ा रहता था. पूजा भी ये बात जानती थी तो वो मनीष के साथ ऊपर चल देती है. इत्तेफाक से क्लास ख़तम होते होते दिव्या को बहुत तेज़ पेशाब लग आती है और ऊपर का वाशरूम पास होने की वजह से वो ऊपर ही चल देती है.

उधर मनीष और पूजा फोरप्ले में लगे हैं लेकिन किसी के आने की आहट पाकर वो दोनों बाथरूम के अन्दर जाकर एक टॉयलेट में बंद हो जाते हैं. दिव्या भी उसी टॉयलेट के बगल वाले टॉयलेट में घुस जाती है. तब तक मनीष ने पूजा की पेंटी उतार दी होती है और अपना लंड उसकी चूत से रगड़ रहा होता है लेकिन पूजा उसे रोकती है.

मनीष: क्या हुआ?

पूजा: मैं भी तुम्हारा मुह में लेती हूँ तो बदले में तुम्हे भी तो कुछ करना चाहिए.

मनीष: साले सलमान ने भी तुमको क्या क्या सिखा दिया है.

मनीष पूजा की चूत चूसने लगता है. चूत पर मनीष का मुह लगते ही पूजा जोर से आह भारती है. ये आवाज दिव्या सुन लेती है. उसे लगता है की साथ वाले टॉयलेट में कुछ गड़बड़ है. दिव्या फारिग होकर चुपके से बाहर आती है और दरवाजे में कान लगाकर अन्दर की आवाज सुनने की कोशिश करती है तभी उसे दरवाजे के पार्टीशन की दरार नजर आती है. वो अपनी आँख उसमे लगा देती है. अन्दर का नजारा देख दिव्या के होश उड़ जाते हैं.

अन्दर मनीष पूजा की चूत चाट रहा था. वो जानती थी की मनीष बिगड़ा हुआ है लेकिन पूजा को वो शरीफ समझती थी लेकिन दिव्या वहां से हटती नहीं है. थोड़ी देर में मनीष पूजा को झुकाता है और अपना लौड़ा उसकी चूत में पीछे से पेल देता है. ये सब दिव्या की आँख से बस एक फीट की दूरी पर हो रहा था. न जाने क्यों मनीष के लंड की तुलना वो राजेश के लंड से करने लगती है. उसे लगता है की मनीष का लंड राजेश से बड़ा भी है और मोटा भी.

उधर पूजा भी अब पूरी मस्ती में आ चुकी है. वो भी अब उछल उछल कर मनीष का लंड अन्दर ले रही थी. दिव्या को लगता है की इतनी देर में तो राजेश अपना सारा माल उसकी चूत में छोड़ देता है लेकिन मनीष अभी भी चालू है. उसे लगता है शायद मनीष ने कंडोम पहना है इसलिए ऐसा हो क्योंकि राजेश तो उसे हमेश बिना कंडोम के ही चोदता है. उसी को गर्भ निरोधक गोली लेनी होती है.

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यही सब सोचते सोचते कब दिव्या अपनी चूत सहलाने लगती है उसे पता ही नहीं चलता. अचानक मनीष को चूड़ियों की हलकी सी खनखनाहट सुनकर लगता है की शायद बाहर कोई है तो वो पूजा के मुह पर हाथ रख कर दरार से बाहर देखता है तो उसे दिव्या अपनी चूत सहलाते हुए दिखती है. इस वक़्त दिव्या की आँख मस्ती में बंद हो गयी है वरना उसकी और मनीष की नज़र आपस में मिल गयी होती.

मनीष समझ जाता है की दिव्या ने उन दोनों की चुदाई देख ली है तो उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है. वो पूजा के मुह से हाथ हटा कर अपनी स्पीड डबल कर देता है ताकि दिव्या उसकी आवाज साफ़ सुन सके. अचानक पूजा मस्त होकर चीखने लगती है और ठप ठप की आवाज भी दिव्या को सुनाई देती है तो वो वापस आँख खोल कर अन्दर देखने लगती है.

ऐसी भयानक चुदाई देख कर दिव्या भी अपनी चूत को जोरों से रगड़ने लगती है लेकिन मनीष और पूजा उससे पहले ही एक साथ चरम पर पहुच कर झड जाते है. मनीष लंड से कंडोम उतार कर फेंक देता है और पेंट पहनने लगता है. दिव्या को लगता है कहीं ये दोनों उसको देख न लें तो वापस बगल वाले टॉयलेट में घुस जाती है.
 
दिव्या अब दरवाजा पूरा खोल कर सलमान को अन्दर आने को बोलती है. दिव्या ने इस समय एक सेक्सी सी नाईट ड्रेस पहनी हुई थी. सलमान अपने मोबाइल की टोर्च जला कर उसको देखता ही रह जाता है.

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दिव्या: क्या देख रहे हो. फ्यूज बॉक्स गैलरी में है.

सलमान: वो मैडम आज तक आपको ऐसे कपड़ो में देखा नहीं न. स्कूल में तो ज्यादातर आप साड़ी या लॉन्ग ड्रेस ही पेहेनती हैं लेकिन इसमें तो आप फिल्म की हेरोइन जैसी लग रही हैं.

दिव्या: तुम फिर शुरू हो गए. लाइट देखो की क्यों नहीं आ रही.

सलमान फ्यूज बॉक्स में देखता है तो एमसीबी ट्रिप होती है लेकिन वो दिव्या से कहता है की फ्यूज उड़ा है और वो थोडा तार और एक पेंचकस ले आये. दिव्या दोनों चीजे ले आती है. तब तक सलमान कटआउट निकाल कर एमसीबी ठीक कर देता है. सलमान दिव्या से तार ले लेता है और फ्यूज बॉक्स में लगाने का नाटक करने लगता है.

सलमान: मैडम आप मेरे मोबाइल से टोर्च दिखाइए न. कुछ नजर नहीं आ रहा तो तार कैसे जोडू.

दिव्या पीछे से मोबाइल की टोर्च दिखाने लगती है.

सलमान: मैडम ऐसे तो यहाँ पर मेरी छाया आ रही है. आप मेरे आगे आ जाइये.

दिव्या सलमान के आगे आ जाती है. सलमान दिव्या के बदन की खुशबु को सूंघता है और एक गहरी सांस लेता है. दिव्या के पास कोई चारा नहीं है. वो चुपचाप खड़ी रहती है. अब सलमान अपना लंड दिव्या की गांड में छुआ देता है. अब दिव्या सलमान को टोकती है.

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दिव्या: देखो तुमने मुझसे बोला था की अब ऐसी हरकत नहीं करोगे.

सलमान: मैडम अब हर चीज मैं कैसे कण्ट्रोल करूं. आप करीब आयीं तो ये अपने आप खड़ा हो गया. इसमें मेरी क्या गलती है.

दिव्या: तो क्या मेरी गलती है? तुमने पी भी रख है ये भी मेरी ही गलती है क्या?

सलमान: गलती तो आपकी ही है लेकिन मुझसे मत बुलवाओ.

दिव्या अब नाराज हो जाती है.

दिव्या: बताओ मेरी गलती कैसे है.

सलमान: मैडम पीने की बात तो जाने दो. वो तो मैं रोज ही पीता हूँ. और आपकी गलती ये है की आप इतनी खूबसूरत हैं की मुर्दे का भी खड़ा कर दें. मुझे माफ़ कीजिये. अब मैं जाता हूँ. कल सुबह इलेक्ट्रिसियन को भेज दूंगा.

दिव्या: अरे तो पूरी रात मैं बिना लाइट के कैसे रहूंगी. तुम ठीक करके ही जाना.

सलमान: तो ठीक है आप भी मेरी मजबूरी समझिये और बिना गुस्सा किये आगे खड़ी रहिये.

ये बोल कर सलमान अपना तना हुआ लंड दिव्या की गांड की दरार में घुसा देता है.

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दिव्या को मानो एक करंट सा लगता है. सलमान स्विच ऊपर नीचे करके नाटक करता रहता है और दिव्या की गांड में अपना लंड रगड़ता रहता है. इससे दिव्या की चूत भी गीली होने लगती है. दिव्या की साँसे तेज़ होने लगती है.

सलमान: मैडम आपको थैंक्स कहना चाहता था बहुत दिनों से.

दिव्या: कक्कक्यों?

सलमान: वो आपने अपनी ब्रा मुझे दी थी न और फिर किसी से कुछ कहा भी नहीं. आपके पति ज्यादातर बाहर क्यों रहते हैं.

दिव्या: उनकी नौकरी ही ऐसी है.

सलमान: मैं होता तो नौकरी छोड़ देता लेकिन ऐसी बीवी न छोड़ता. मैडम आप भी बहुत प्यासी होंगी न?

दिव्या: कितना टाइम लगेगा सलमान?

सलमान तो कब का कटआउट वापस लगा चुका था लेकिन कमरे की लाइट बंद थी तो दिव्या को पता नहीं चला था की लाइट आ गयी है. अब सलमान थोड़ी हिम्मत करता है और झुक कर दिव्या के गले को चूम लेता है.

दिव्या: ये क्या कर रहे हो सलमान. चलो बाहर निकलो.

सलमान: मैडम आपका भी तो मन करता है की मैं आपकी प्यास बुझाऊँ तो फिर मना क्यों करती हो?

ये कह कर सलमान दिव्या के मम्मो को पकड़ लेता है. दिव्या सलमान से छूट कर बेडरूम की तरफ बढती है लेकिन सलमान उसे दीवार से लगा कर दिव्या के नाईट ड्रेस का स्ट्रेप कंधे से उतार देता है.

दिव्या: सलमान... ये क्या कर रहे हो. छोडो मुझे वरना तुम्हारी शिकायत कर दूँगी.

सलमान: मैडम मेरी आँखों में तो देखो.

सलमान दिव्या के चेहरे को ऊपर करके उसकी आँखों में आँखे डाल देता है और उसके मम्मे दबाने लगता है. दिव्या उसका हाथ पकड़ लेती है.

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दिव्या: बस अब और कुछ मत करना. छोडो मुझे वरना तुम्हारी कंप्लेंट कर दूँगी.

सलमान: मैडम आप भी तो यही चाहती हो तभी तो गरम हो गयी हो फिर क्यों मना कर रही हो.

दिव्या: शटअप. मैं एक शादीशुदा औरत हूँ और अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ.

सलमान: तो मैं कब कह रहा हूँ की आप अपने पति को छोड़ कर मुझसे निकाह कर लो. मैं तो ये बोल रहा हूँ की आपकी प्यास बुझाने के लिए आपके पति यहाँ नहीं हैं लेकिन मैं हूँ. देखो जब भी आपको देखता है मेरा हथियार कैसे तन जाता है.

ये कह कर सलमान दिव्या का हाथ अपने लंड पर रख देता है लेकिन दिव्या फ़ौरन हाथ हटा लेती है और सलमान को धक्का देती है. सलमान लड़खड़ा कर गिर जाता है.

दिव्या: तुम फ़ौरन निकलो यहाँ से वरना मैं शोर मचा दूँगी.

सलमान को लगा था की अब तक तो दिव्या की प्यास बहुत बढ़ गयी होगी तो आज तो दिव्या चुद ही जाएगी. उसको नहीं पता था की दिव्या रोज नींद की टेबलेट नहीं लेती है. लेकिन आज उसने तय किया की वो दिव्या को हाथ से नहीं जाने देगा.
 
सलमान खड़ा होकर वापस दिव्या की तरफ बढ़ता है लेकिन तभी घर की बेल बजती है. दिव्या और सलमान दोनों चौंक जाते हैं की रात को 12 बजे कौन हो सकता है. दिव्या अपने को संभालती है और पीप होल से बाहर देखती है. उसके होश उड़ जाते हैं क्योंकि बाहर राजेश खड़ा है. वो पसीना से नहा जाती है. वो सोचती है की वो राजेश को क्या बोलेगी की सलमान इतनी रात को यहाँ क्या कर रहा है. तब सलमान उसके पास आकर उसके कान में कहता है.

सलमान: अरे मैडम कौन आया है. भगाओ उसको जल्दी से.

दिव्या: स्टुपिड बाहर मेरे हस्बैंड हैं. उफ़ मैं क्या बोलूंगी उनको. तुम जाओ यहाँ से.

सलमान: पर जाऊं कैसे. बाहर तो आपके पति खड़े हैं.

दिव्या: तुम विंडो से निकल जाओ.

सलमान: मैडम मैं कोई सर्कस में काम नहीं करता. इतना ऊपर से गिरूंगा तो बचने का कोई चांस ही नहीं है.

उधर राजेश फिर से बेल बजाता है और दिव्या को कॉल भी करने लगता है.

सलमान: मैडम मैं अभी कहीं छुप जाता हूँ. मौका लगते ही बाहर निकल जाऊँगा.

दिव्या: ठीक है तुम उस दुसरे रूम में छुप जाओ.

ये बोल कर दिव्या बेडरूम में चली जाती है राजेश का काल उठाने और सलमान डाइनिंग टेबल के नीचे छुप जाता है.

दिव्या: हेल्लो.

राजेश: क्या कर रही हो जान. इतनी देर से बेल बजा रहा हूँ.

दिव्या: ओह. सॉरी. आँख लग गयी थी. अभी खोलती हूँ.

दिव्या बाहर आकर देखती है. सलमान छुप गया था. वो डोर खोल देती है. राजेश अन्दर आते ही दिव्या को बाँहों में लेकर चूम लेता है.

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दिव्या: तुम अचानक कैसे आ गए?

राजेश: तुमको सरप्राइज जो देना था. क्या तुमको खुशी नहीं हुई.

दिव्या: क्या बोलते रहते हो. मैं तो कब से तुम्हारा वेट कर रही थी.

राजेश दिव्या को फिर से चूम लेता है और दिव्या की नाईटी खोलने लगता है. ये देख सलमान का लंड उछलने लगता है पर दिव्या राजेश को रोकती है.

दिव्या: अरे जल्दी क्या है. पहले हाथ मुह तो धो लो.

राजेश: ठीक है. तुम खाना लगाओ. बहुत भूख लगी है.

दिव्या: तुम आओ तब तक मैं खाना लगाती हूँ.

राजेश के बाथरूम में जाते ही दिव्या दुसरे रूम में जाती है लेकिन सलमान वहां नहीं है. वो स्टडी में देखती है वहां भी उसे सलमान नहीं दिखता. वो सोचती है की सलमान कहाँ चला गया तब तक राजेश उसे आवाज देता है.

राजेश: कहाँ चली गयी? खाना नहीं लगाया.
 
दिव्या वापस आकर खाना डाइनिंग टेबल लगा देती है. राजेश खाना खाने लगता है और दिव्या उसके सामने बैठ जाती है. दिव्या के बैठने पर सलमान की नज़र दिव्या की गोरी मखमली जांघों पर पढ़ती है.

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सलमान खिसक कर उसके पास जाता है और उसकी जांघों को सहलाने लगता है. सलमान के हाथ रखते ही दिव्या शॉक हो जाती है. अब उसको पता चलता है की सलमान यहाँ छुपा है. वो सलमान का हाथ हटाने की कोशिश करती है लेकिन सामने राजेश है तो ज्यादा फ़ोर्स नहीं कर पाती. सलमान जानता है की इस समय दिव्या कुछ नहीं कर पायेगी. वो अपना हाथ बढ़ा कर दिव्या की चूत पर रख देता है. दिव्या को झटका लगता है और वो खड़ी हो जाती है.

राजेश: क्या हुआ?

दिव्या: व्व्व वो पानी ले आती हूँ.

राजेश: अरे पानी तो यहीं रखा है. तुम्ही ने तो रखा था अभी. आराम से बैठो न थोड़ी देर.

दिव्या (वापस बैठ जाती है): ओह्ह वो नींद आ रही है न इसीलिए ध्यान नहीं दिया.

राजेश: आज इतनी जल्दी तो नहीं सोने दूंगा तुमको.

उधर दिव्या के बैठते ही सलमान वापस अपना हाथ दिव्या की चूत पर रख देता है और पेंटी के ऊपर से उसकी चूत सहलाने लगता है. दिव्या की पेंटी उसकी चूत की लाइन में घुस जाती है और उसकी चूत गीली होने लगती है. सलमान को ऊँगली में गीलापन महसूस होता है तो वो मन ही मन दिव्या पर हसने लगता है.

इधर दिव्या को बहुत डर लग रहा है की कहीं राजेश सलमान को न देख ले. वो राजेश से इधर उधर की बातें करने लगती है. सलमान दिव्या की टांगे फैला देता है और उसकी जांघो में किस करते हुए चूत की तरफ बढ़ने लगता है. वो दिव्या की पेंटी को साइड करके उसकी चूत पर किस कर लेता है. दिव्या की सिसकी निकल जाती है.

राजेश: क्या हुआ?

दिव्या: किसी कीड़े ने काट लिया हाथ में.

राजेश: ओके. आजकल मच्छर काफी हो गए हैं.

उधर सलमान अपने दोनों हाथ दिव्या की कमर तक ले जाता है और उसकी पेंटी उतारने की कोशिश करने लगता है लेकिन दिव्या के बैठे होने से पेंटी नीचे नहीं खिसकती. दिव्या सलमान को घूर कर देखती है लेकिन सलमान उसे इशारा करता है की उसे पेंटी चाहिए. दिव्या समझ जाती है की सलमान नहीं मानेगा तो वो फिर से आधी खड़ी होकर राजेश से पूछती है की और कुछ लाऊँ.

राजेश इशारे से मना कर देता है. इतनी देर में सलमान उसकी पेंटी उतार लेता है.

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दिव्या फिर से बैठ जाती है. अब सलमान अपनी जीभ सीधे उसकी चूत पर लगा देता है और उसकी चूत चाटने लगता है. दिव्या की चूत बुरी तरह पानी छोड़ने लगती है. दिव्या किसी तरह अपने फेस एक्सप्रेशंस को कण्ट्रोल करती है.

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तब तक राजेश अपना खाना ख़तम करके हाथ धोने चला जाता है. जैसे ही राजेश जाता है वैसे ही सलमान चूत चाटने की स्पीड बढ़ा देता है. दिव्या को ये बहुत अच्छा लग रहा है. आज से पहले कभी किसी ने उसकी चूत नहीं चाटी थी. वो इतनी मदहोश हो जाती है की भूल जाती है की यही समय है जब उसको सलमान को घर से बाहर निकाल देना चाहिए. दिव्या आहें भरने लगती है. उसको लगता है की वो एक बार झड जाए फिर सलमान को भगा देगी.

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सलमान भी पूरी तरह से उसकी चूत चाटने में डूबा हुआ है. तभी राजेश दिव्या को पुकारता है. दिव्या न चाहते हुए भी खड़ी हो जाती है लेकिन सलमान उसको रोकता है.

दिव्या: पागल हो क्या? राजेश बुला रहे हैं. तुम भी निकल जाओ यही मौका है.

सलमान: मैडम दो दिन बाद मेरा जन्मदिन है. मैं चाहता हूँ की आपके साथ सेलिब्रेट करूं. मेरा तो यहाँ और कोई है नहीं.

दिव्या: अरे ये कोई टाइम है ये बात करने का. निकलो अभी.

सलमान: आप नहीं आओगी तो मैं नहीं जाऊँगा.

दिव्या: उफ़ अरे अगर राजेश ने तुम्हे देख लिया तो मुसीबत हो जाएगी.

राजेश: क्या हुआ दिव्या? यहाँ टॉवल नहीं है.

दिव्या: 2 मिनट में लाई. बेडरूम वाले बाथरूम में हैं टॉवल. (सलमान से) अच्छा मैं आ जाउंगी प्लीज अब तुम जाओ.
 
सलमान दिव्या को छोड़ देता है. दिव्या बाथरूम की तरफ चली जाती है और सलमान टेबल के नीचे से निकल कर बगल वाले रूम में चुप जाता है दरअसल वो आज दिव्या की लाइव चुदाई देखने के मूड में था. 5 मिनट बाद राजेश और दिव्या वापस आते हैं. दिव्या गौर से टेबल के नीचे देखती है. सलमान को न पाकर वो राहत की सांस लेती है.

तब तक राजेश उसको पकड़ लेता है और किस करने लगता है.

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सलमान ने दिव्या को काफी गर्म कर दिया था तो दिव्या भी राजेश का साथ देने लगती है और अपनी जीभ राजेश के मुह में डाल देती है. शादी के इतने सालों में दिव्या ने कभी ऐसा नहीं किया था. इससे राजेश एक्साइटेड हो जाता है और दिव्या की नाईटी उतार देता है. वो देखता है की दिव्या ने अन्दर सिर्फ ब्रा पहनी है पेंटी नहीं पहनी. सलमान बगल वाले रूम में छुप कर ये सब देख रहा है.

राजेश: वैसे ती घर में तुम ब्रा उतार देती हो लेकिन बिना पेंटी के कभी नहीं रहती. आज उल्टा कैसे हो गया.

दिव्या कुछ नहीं बोलती बस राजेश को अपनी ओर खींच कर किस करने लगती है. राजेश दिव्या को उठा लेता है और बेडरूम में जाकर बेड पर लिटा देता है. सलमान भी रूम से निकल कर बेडरूम के डोर की आड़ से उनको देखने लगता है. इतनी देर में राजेश अपने कपडे उतार कर अपना लंड दिव्या की चूत में डाल देता है. चूत इतनी गीली है की लंड एक बार में ही पूरा अन्दर चला जाता है. दिव्या की आह निकल जाती है. राजेश धक्के लगाना शुरू कर देता है.

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दिव्या: आह्ह्ह यस और उफफ्फ्फ्फ़ हाय्य्या

सलमान देख रहा था की दिव्या उसके सामने पूरी नंगी पड़ी अपने पति से चुद रही है. वो सोचता है की ये गांडू आज न आता तो इस बेड पर मैं होता. वो अपना लंड हाथ से मसलने लगता है. उधर दिव्या भी चूतड़ उछाल उछाल कर राजेश का लंड लेने लगती है लेकिन अब राजेश से बर्दाश्त नहीं होता और उसका बदन अकड़ने लगता है.

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अचानक राजेश एक आह भरता है और अपना सारा माल दिव्या की चूत में भर देता है और दिव्या के ऊपर ही ढेर हो जाता है.

दिव्या: राजेश राजेश...

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राजेश:आःह जान आज तो मजा आ गया.

ये बोल कर राजेश साइड में लेट जाता है और पांच मिनट में ही सो भी जाता है और दिव्या परेशान बैठी रहती है. इधर सलमान को समझ आ जाता है की दिव्या झड़ी नहीं. उसको ये भी पता चल जाता है की राजेश जल्दी झड जाता है. सलमान देखता है की राजेश सो गया तो वो डोर के सामने आ जाता है.

जैसे ही दिव्या सलमान को देखती है वो समझ जाती है की सलमान गया नहीं और उसने सब कुछ देखा होगा, वो शर्म से पानी पानी हो जाती है. दिव्या टॉवल से अपना बदन ढक लेती है. सलमान दिव्या के बेडरूम में घुस जाता है और उसके पास आ जाता है. दिव्या की जान हलक में आ जाती है. वो सलमान का हाथ पकड़ कर बेडरूम से बाहर आ जाती है. बाहर आते ही सलमान दिव्या को बाँहों में भर कर किस करने लगता है.

दिव्या: क्या कर रहे हो सलमान. राजेश जाग जायेंगे. जाओ यहाँ से.

सलमान दिव्या की एक नहीं सुनता और उसके होठों को चूसने लगता है लेकिन दिव्या उसको हटा कर दूर कर देती है.

दिव्या: पागल मत बनो. तुमको पहले ही चले जाना चाहिए था. अगर राजेश जाग गए तो तुम्हारी खैर नहीं.

सलमान: मैडम मुझे तो बस आपकी प्यास बुझानी है.

दिव्या: मुझे कोई प्यास व्यास नहीं लगी बस तुम जाओ यहाँ से.

सलमान: अरे मैडम मैंने सब देखा है की कैसे आपके हस्बैंड आपके साथ करते है. वो तो ढंग से आपके बदन से प्यार भी नहीं करते.

दिव्या: बकवास न करो. वो मेरे पति हैं. ये हम दोनों के बीच की बात है. मैं उनसे बहुत खुश हूँ अब तुम निकलो यहाँ से.

सलमान: ठीक है मैडम. चला जाता हूँ लेकिन आप अपना वादा याद रखना. दो दिन बाद मेरे जन्मदिन पर आपको आना है.

दिव्या: हाँ बाबा ठीक है, मैं आ जाऊंगी. बस अब तुम जाओ प्लीज.
 
सलमान: अन्दर आ जाओ पूजा.

पूजा: नहीं नहीं मेरी क्लास छूट जाएगी. तुम यहीं बता दो क्या काम है.

सलमान: अरे आओ तो. ज्यादा टाइम नहीं लगेगा. मुझको भी वापस ड्यूटी पर जाना है.

पूजा: नहीं सलमान. तुमने बोला था की कुछ जरूरी बात है तो मैं आई हूँ वरना कल मेरा फिजिक्स का प्री बोर्ड टेस्ट है और मुझे उसकी बहुत टेंशन है.

सलमान तब पूजा को टेस्ट का पेपर दिखा देता है.

पूजा: यही टेस्ट हैं न तुम्हारा?

पूजा पेपर अपने हाथ में लेकर देखती है पर तुरंत ही सलमान उससे पेपर वापस ले लेता है.

पूजा: ये तुमको कैसे मिला? फेक तो नहीं है?

सलमान पूजा का हाथ पकड़ कर उसको अन्दर खींच लेता है. अब पूजा भी ज्यादा नखरा नहीं करती.

सलमान: तुम्हारे लिए बहुत मुश्किल से लाया हूँ मेरी जान. मुझे पता था की तुमको इसकी जरूरत है.

ये बोलकर सलमान पूजा को बाँहों में भर लेता है और उसके होठ चूसने लगता है.

पूजा: मत करो सलमान. मुझे क्लास में जाना है.

सलमान: क्या करेगी अब क्लास में जाकर? पेपर तो मिल गया.

पूजा: अरे वो फिजिक्स की नहीं, केमिस्ट्री की क्लास है.

सलमान: अच्छा 10 मिनट तो करने दे. ज्यादा टाइम नहीं लूँगा इस बार. देख तेरे लिए बेड भी लगवा दिया है अब.

सलमान पूजा को बेड पर लिटा देता है और उसकी स्कर्ट और शर्ट उतार देता है.

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सलमान: नाटक कर रही थी साली. तेरी पेंटी तो पूरी गीली है.

सलमान पूजा की पेंटी उतार देता है और अपना मुह पूजा की चूत पर लगा देता है. पूजा तड़पने लगती है.

सलमान: बता मेरी रानी क्लास में जाएगी या मुझसे चूत चटवाएगी?

पूजा: चाट न पूछ मत
 
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