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Adultery दिव्या का सफ़र

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सलमान जोर जोर से पूजा की चूत चाटता है फिर उसको घोड़ी बना कर पीछे से अपना लंड पूजा की चूत में पेल देता है. लंड अन्दर जाते ही पूजा को हल्का दर्द होता है लेकिन आज इतना बड़ा लंड लेने में उसे पहले की तरह कोई दिक्कत नहीं होती.

सलमान पूजा की गांड पकड़ कर झटके देना शुरू कर देता है. पूजा भी सलमान का पूरा साथ दे रही थी. अब पूजा को सलमान से कोई शर्म नहीं रह गयी थी. सलमान पूजा के बाल पकड़ कर झटके मारता है और कमरे में ठप ठप की आवाजे गूंजने लगती है.

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थोड़ी देर में पूजा का बदन अकड़ने लगता है तो सलमान भी धक्को की स्पीड बढ़ा देता है और दोनों एक साथ झड़ने लगते हैं. झड़ने के बाद पूजा फटाफट पेंटी पहनती है और बाल ठीक करके पेपर लेकर क्लास में जाने लगती है.

सलमान: सुन ये पेपर किसी और को मत दिखाना. मनीष को भी नहीं. समझी.

पूजा: नहीं दिखाऊंगी. ओके. लेकिन यही क्वेश्चन पेपर आयेगा न?

सलमान: तू टेंशन न ले मेरी जान. अगर ये पेपर न आया तो मेरा नाम बदल देना.

पूजा: थैंक्स अब मैं जाती हूँ.

सलमान: एक बात पूछूं. सच सच बताना.

पूजा: बोलो.

सलमान: तुझे चुदने में ज्यादा मजा किसके साथ आता है? मनीष के साथ या मेरे?

पूजा बस मुस्कुरा कर वहां से चली जाती है और सलमान भी गेट के पास पहुँच जाता है. छुट्टी के टाइम वो दिव्या को गेट के पास रोकता है. आज दिव्या स्कूटी से स्कूल आई थी.

सलमान: आपका बहुत बहुत शुक्रिया मैडम जो कल परसों मेरे बर्थडे पर आयेंगी.

दिव्या: मैं और तुम्हारे बर्थडे में? दिमाग तो ठीक है तुम्हारा.

सलमान: लेकिन आपने वादा किया था.

दिव्या: तुमने मेरी मजबूरी का फायदा उठा कर मेरे साथ बहुत बदतमीज़ी की है. मैंने तुम्हे पुलिस में नहीं दिया यही गनीमत समझो.

सलमान: मैंने कब बदतमीजी की आपके साथ?

दिव्या: उस दिन बाथरूम में और फिर मेरे घर में तो टेबल के नीचे तुमने हद ही कर दी.

सलमान: लेकिन मैडम मजा तो आपने भी लिया था.

दिव्या: शटअप और कान खोल कर सुन लो की मैं ऐसी बदतमीजी दुबारा बर्दाश्त नहीं करूंगी और प्रिंसिपल सर से तुम्हारी शिकायत करूंगी.

सलमान: ठीक है मैडम फिर हम आपका विडियो देख कर ही काम चला लेंगे.

दिव्या: कौन सा विडियो?

सलमान: वही जो हमने उस रात बनाया था.

दिव्या: व्हाट? फ़ौरन डिलीट करो वो विडियो.

सलमान: कर देंगे अगर आप कल हमारा जन्मदिन मनाने का अपना वादा निभाए तो.

दिव्या: देखो सलमान बात समझो. राजेश घर पर है. मैं सन्डे के दिन कैसे आ सकती हूँ?

सलमान: फिर आपने वादा क्यों किया था.

दिव्या: अच्छा मैं पूरी कोशिश करूंगी अब वो विडियो डिलीट कर दो.

सलमान: विडियो तो तभी डिलीट होगा जब आप आयेंगी. आप चिंता न कीजिये मैं किसी को दिखाऊँगा नहीं और हाँ आप बेफिक्र होकर आ जाइये, मैं भी प्रॉमिस करता हूँ की कोई ऐसी वैसी हरकत नहीं करूंगा.

दिव्या: मैं यहाँ खड़े रहकर ज्यादा बात नहीं कर सकती सलमान. कोई देखेगा तो क्या सोचेगा.

दिव्या ये बोल कर आगे बढ़ जाती है. 2 मिनट बाद ही उसका फ़ोन बजता है.

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वो स्कूटी रोककर फोन देखती है. सलमान का फोन होता है.
 
दिव्या फोन रखकर घर के काम में लग जाती है. राजेश के जाने से उसका मूड बहुत ऑफ है और जब से सलमान ने उसको बोला है की उसने राजेश और दिव्या का विडियो बना लिया है वो काफी परेशान भी है. उसको क्या पता की सलमान झूठ बोल रहा है. इसी सब में उधेड़बुन में रात हो जाती है और दिव्या सोने के लिए लेट जाती है. लेकिन उसको नींद नहीं आती और उसके सर में दर्द भी हो रहा है तो वो सलमान की दी हुई नींद की गोली ले लेती है और लेट जाती है.

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तभी उसके फ़ोन पर मेसेज आता है. उसे लगता है शायद राजेश का मेसेज होगा तो वो फ़ोन उठाती है लेकिन ये किसी अननोन नंबर का मेसेज है. इसमें सिर्फ सॉरी लिखा हुआ है.

दिव्या: व्हू इस दिस? एंड सॉरी फोर व्हाट?

दूसरी तरफ से: मैम दिस इस मनीष. योर स्टूडेंट.

दिव्या: तुमको मेरा नंबर किसने दिया? और रात को मेसेज करने का क्या मतलब है.

मनीष: वो मैम आपको काफी दिन से सॉरी बोलना चाहता था लेकिन सामने से नहीं बोल पाया इसीलिए मेसेज किया है.

दिव्या: किसलिए?

मनीष: वो मैडम उस दिन बस में मुझसे गलती हो गयी थी.

दिव्या: ओके मनीष. इट्स गुड दैट यू रियलाइस्ड योर मिस्टेक.

मनीष: वैसे मैम मैंने जान बूझ कर कुछ नहीं किया था. आप तो जानती हैं की बस में कितनी भीड़ थी.

दिव्या: हाँ शुरू में तो भीड़ थी लेकिन बाद में. अभी तुम्हारी उम्र नहीं है ये सब करने की. तुमको स्टडी पर फोकस करना चाहिए.

मनीष: जी मैम आप ठीक कहती हैं लेकिन उस दिन जब आपकी एस मुझसे टच हुई तो मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ.आपकी एस इतनी सॉफ्ट सी लग रही थी मैम की न चाहते हुए भी वो हो गया.

दिव्या अब दवाई की वजह से गरम हो चुकी थी वरना इस तरह की बात का वो कोई जवाब नहीं देती और मनीष को ब्लाक भी कर देती.

दिव्या: मनीष तुम्हे नहीं लगता की तुम्हे मुझसे ऐसी बात नहीं करनी चाहिए.

मनीष: मैंने तो सिर्फ सच ही कहा है मैम.

दिव्या: ओके फिर भी तुमको कण्ट्रोल करना चाहिए था.

मनीष: जी मैम लेकिन आपने मुझको क्यों नहीं रोका.

दिव्या: मैं तो सीट पर जाकर बैठ गयी थी.

मनीष: लेकिन काफी देर तक तो खड़ी रहीं थी. आपने क्यों नहीं रोका मैम?

दिव्या: अच्छा अब सो जाओ तुम. कल से टेस्ट भी शुरू हो रहें हैं. सब तैयारी हो गई.

मनीष: नहीं मैम तयारी तो नहीं हुई है.

दिव्या: क्यों?

मनीष: मैम जबसे वो सब हुआ तो मेरे अन्दर कुछ अजीब सा फील होता है, एक अजीब सी प्यास भड़क गयी है. सारा दिन दिमाग में वही इंसिडेंट घूमता रहता है और पढने में मन ही नहीं लगता.

दिव्या ने मनीष को पूजा की चुदाई करते देखा था लेकिन फिर भी वो उसकी बात पर यकीन कर लेती है क्योंकि उसकी खुद की यही हालत है. मनीष से बात करते हुए वो सोचती है की मनीष के लंड ने उस दिन से जो उसकी प्यास जगाई है वो आज तक नहीं बुझी.

दिव्या: मैं समझ सकती हूँ मनीष पर अब तुम सो जाओ. मैंने तुम्हारी गलती माफ़ की.

मनीष: ओके मैम. थैंक्स. गूड नाईट.

दिव्या: गुड नाईट.

दिव्या से चैट करके मनीष तो मुठ मार कर सो जाता है लेकिन दिव्या को रात नींद नहीं आती. वो परेशान हो जाती है की नींद की गोली लेकर भी नींद नहीं आई लेकिन असली वजह तो ये है की वो पहले से ही चुदाई की भूखी थी और सलमान की टेबलेट ने उसकी भूख और बढ़ा दी थी. आखिरकार दिव्या अपने को अपनी चूत में ऊँगली करने से नहीं रोक पाती और वो राजेश को इमेजिन करके चूत में ऊँगली करने लगती है लेकिन उसे पता ही नहीं चलता की कब राजेश की जगह सलमान ले लेता है.

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आखिर कल रात को ही तो सलमान ने उसको चूत चटवाने के आनंद से रूबरू करवाया था. दिव्या तेजी से चूत रगड़ने लगती है और झड जाती है. फिर वो सोचने लगती है की उसे क्या हो गया है की वो एक लो क्लास चौकीदार को सोच कर ऊँगली कर रही थी. उसकी आँख में गिल्ट के आंसू आ जाते है लेकिन झड़ने से उसका मन हल्का हो चुका था और वो सो जाती है.

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मदन: सलमान कह रहा था की तुम्हारी तयारी इस बार अच्छी नहीं है और तुम्हे क्वेश्चन पेपर्स चाहिए.

पूजा: जजजी सर

मदन: लेकिन तुमको पढाई करनी चाहिए. अगर मैं तुमको पेपर्स दे भी दूं तो तुम टेस्ट तो पास कर लोगी लेकिन बोर्ड कैसे निकालोगी.

पूजा कुछ नहीं बोलती. मदन उसके बालों से खेलने लगता है.

मदन: कहीं तुम ये तो नहीं सोच रहीं की मैं तुम्हे बोर्ड्स के पेपर भी एग्जाम से पहले दे दूंगा? मैं भला ऐसा क्यों करूंगा? इसमें मेरा क्या फायदा?

पूजा को ये सब अजीब लग रहा है लेकिन वो कुछ नहीं बोलती. मदन जेब से मंडे के टेस्ट का पेपर निकाल कर पूजा के सामने टेबल पर रख देता है.

मदन: अब तुमको सलमान ने भेजा है तो मना करना भी मुश्किल है. लो देख लो क्वेश्चन.

पूजा: थैंक्स सर

मदन पूजा की चेयर घुमा देता है और पूजा का चेहरा अब मदन की पेंट के ठीक सामने है. पेंट में एक टेंट बना हुआ है.

मदन: थैंक्स मत बोलो. इसकी मदद कर दो. हो सकता है ये बोर्ड्स में भी तुम्हारी मदद कर दे.

मदन पूजा का मुह अपने लंड की तरफ प्रेस करने लगता है. पूजा भी मदन की बेल्ट खोल देती है और चैन खोल कर उसका लंड बाहर निकाल लेती है. पर मदन का लंड सलमान से भी बड़ा और मोटा है. पूजा इसे देख कर चौंक जाती है.

मदन: सोचो मत पूजा इसे मुह में ले लो. सोचो एक चौकीदार से ज्यादा फायदा तुम्हे मुझसे मिलेगा.

पूजा बिना कुछ कहे लंड मुंह में लेने की कोशिश करने लगती है पर लंड उसके मुह में आधा भी नहीं जा पता और वो उबकाई लेने लगती है.

मदन: लगता है सलमान ने ठीक से ट्रेनिंग नहीं दी तुझे. ठीक से चूसे इसे. पूरा मुह में ले.

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मदन पूजा के बालों में हाथ डाल कर उसके मुह को अपने लंड की तरफ धकेल देता है और उसका विशालकाय लंड आधे से ज्यादा पूजा में मुह में चला जाता है. थोड़ी देर में मदन का लंड पूरी तरह पूजा के थूक में भीग जाता है लेकिन पूजा लंड चूसना नहीं छोडती. मदन भी अपना लंड पूजा के गले में घुसेड़ने की कोशिश करने लगता है जिससे पूजा का दम निकलने लगता है और आँखों से पानी आने लगता है.
 
मदन लंड पूजा के मुह से निकाल लेता है और पूजा को सामने की टेबल पर झुका कर घोड़ी बना देता है. घोड़ी बनते ही पूजा की स्कर्ट ऊपर हो जाती है और ब्लू लेगिंग में उसकी गांड का उभार मदन को पागल करने लगता है. मदन पूजा की चूत पर हाथ रख कर मसलने लगता है जिससे पूजा इस कदर पानी छोड़ने लगती है की उसकी लेगिंग भीग जाती है.

मदन: अरे तुम पेंटी नहीं पहनती क्या? या मेरे लिए उतार कर आई हो?

ये कह कर मदन उसकी लेगिंग के ऊपर से ही ऊँगली पूजा की चूत में घुसाने लगता है जिससे पूजा की लेगिंग में छेद हो जाता है.

पूजा: अरे सर मेरी लेगिंग फट जाएगी तो मैं घर कैसे जाऊंगी?

मदन: डर मत. वैसे भी ये स्कर्ट से ढक जाएगी और मेरे पास कई नयी लेगिंग रखी है. उनमे से अपनी साइज़ की ले लेना.

ये बोलकर मदन लेगिंग का छेद बड़ा कर देता है और पूजा की चूत में ऊँगली डाल कर ऊँगली अन्दर बाहर करना शुरू कर देता है. पूजा भी गरम होकर आहें भरने लगती है.

मदन: लगता है तू तैयार है चुदने के लिए.

पूजा कुछ नहीं बोलती तो मदन उसकी गांड पर एक जोर का थप्पड लगा देता है.

पूजा: आह्ह्ह

मदन: जब भी मैं कुछ पूछूं तो उसका जवाब दिया कर नहीं तो तेरी गांड पीट पीट कर लाल कर दूंगा. समझी.

पूजा: जी सर.

मदन: तो बोल तैयार है न मेरा लंड लेने के लिए?

पूजा: जी सर तैयार हूँ.

मदन अपनी पेंट उतार कर अपना लंड पूजा की चूत में घुसेड़ने लगता है जिससे पूजा की चूत पूरी तरह से खिचने लगती है. पूजा दर्द से तड़प उठती है पर मदन नहीं रुकता और अपना पूरा लंड पूजा की चूत में डाल देता है और पूजा को चोदना शुरू कर देता है.

पूजा: आह सर थोडा आराम से कीजिये न.

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मदन पूजा की एक नहीं सुनता और जोर जोर से धक्के मारने लगता है. थोड़ी देर में पूजा का दर्द भी कम हो जाता है और उसको भी मजा आने लगता है. मदन कभी पूजा की चूंची दबाता है तो कभी उसके चुतर पर थप्पड़ मारता है. मदन धीरे धीरे पूजा के कपडे खोलने लगता है.
 
मदन: तुमको पता है मेरी पसंदीदा पोजीशन क्या है?

पूजा: आःह डोगीईई पोजीशन स्स्स्ससर

मदन: तुमको कैसे पता

पूजा: उफ्फ्फ क्योंकिईई आपने आह्ह्ह ऐसे ही करना शुरूऊ कियाआआह

मदन: क्या करना शुरू किया

पूजा कुछ नहीं बोलती तो मदन एक जोरदार थप्पड उसकी गांड पर लगा देता है.

पूजा: उईइ माँ आःह्ह्ह चोदना सर

अब मदन पूजा को सीधा खड़ा करता है और खुद चेयर पर बैठ जाता है और अपना लंड हाथ में लेकर पूजा से बोलता है.

मदन: शर्मा मत मेरी जान. अपने असली रूप में आ जा. ले ले इसको अपने अन्दर.

पूजा मदन की तरफ गांड करके खड़ी हो जाती है और लंड अपनी चूत के मुहाने पर लगा कर बैठ जाती है. धीरे धीरे मदन का पूरा लंड पूजा की चूत में चला जाता है. अब पूजा उछल उछल कर मदन से चुदने लगती है. पूजा की सिस्कारियों से कमरा गूंजने लगता है. थोड़ी देर में ही वो अपना सारा रस मदन के लंड पर छोड़ देती है.

मदन: ये क्या किया पूजा. अभी तो मैंने तुझे पूरी नंगी भी नहीं किया और तू झड भी गयी रांड.

पूजा: सॉरी सर मैं अपने को रोक नहीं पाई.

मदन: इस गलती की तुझे सजा मिलेगी.

ये बोलकर मदन पूजा को सामने सोफे पर लिटा देता है और उसके मुह में अपना लंड ठूँस देता है. लंड पहले से ही पूजा के कामरस से भीगा हुआ था. पूजा भी मजबूरी में मदन का लंड चूसने लगती है. मदन पूजा के चूसने के काफी खुश होता है और थोड़ी देर में ही अपना सारा माल पूजा के मुह में ही निकाल देता है. पूजा का मुह पूरा कसैला हो जाता है. वो वीर्य थूकने की कोशिश करती है तो मदन उसे रोकता है.

मदन: खबरदार रांड जो तूने मेरा माल थूंका. पूरा पी जा. एक बूँद भी बाहर नहीं आना चाहिए.

आखिर में पूजा को सारा वीर्य पीना ही पड़ता है जिससे मदन खुश हो जाता है.

मदन: जा रांड वो पेपर भी लेती जा और कुछ भी चाहिए हो तो बिना झिझक आ जाना.

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पूजा अपने कपडे पहनती है और पेपर लेकर प्रिंसिपल ऑफिस से बाहर आ जाती है. पहले वो सोचती है की सलमान के पास जाए फिर उसे लगता है की सलमान को तो पता ही होगा की यहाँ क्या होने वाला है तो वो चुपचाप अपने घर चली जाती है.
 
मनीष: मैम मैंने तो पहले ही कहा था की उनकी बात बहुत गन्दी है लेकिन आपने ही बोला की बताओ. मैंने तो सिर्फ उनके शब्द ही दोहराए हैं. आप गुस्सा मत होइए वैसे भी अब मुझे उनकी इस बात पर भरोसा नहीं रहा.

दिव्या ये सुनकर शांत हो जाती है क्योंकि उसी ने जिद की थी मनीष से बात बताने के लिए.

दिव्या: क्यों भरोसा क्यों नहीं रहा.

मनीष: मैम मैं बता तो दूंगा क्योंकि मैं तो आपको एक फ्रेंड की तरह मानता हूँ लेकिन आप बुरा मान जायेगी.

दिव्या: अच्छा मैं नाराज नहीं होउंगी लेकिन तुम भी थोडा कण्ट्रोल करके बोलना की कौन से शब्द बोलने चाहिए और क्या नहीं बोलना.

मनीष: तो मैम आप ही बता दो की कौन से शब्द नही बोलूं.

दिव्या: ओफ्फो अच्छा बताओ की तुमको उनपर भरोसा क्यों नहीं रहा?

मनीष: दरअसल कामिनी आंटी कहती हैं की जिन औरतो की चूत पर तिल होता है वो अपनी सेक्सुअल डिजायर को कण्ट्रोल नहीं कर पाती.

दिव्या को बार बार मनीष के मुह से चूत शब्द सिन कर अजीब लग रहा था. उसका बदन भी गरम हो रहा था. उसका मन हुआ की वो ऊँगली करके अपने को शांत करे लेकिन मनीष से उसको पूरी बात जाननी थी.

दिव्या: तो तुमको इस बात पर भरोसा क्यों नहीं रहा?

मनीष: सच बता दूं. नाराज तो नहीं होंगी न मैम?

दिव्या: बोलो न कितनी बार बोलूं की नाराज नहीं होउंगी.

मनीष: मैम क्योंकि आपकी चूत पर भी तो तिल है लेकिन आप तो पूरा कण्ट्रोल रखती हैं अपने ऊपर.

दिव्या शर्म से लाल हो जाती है. उसको भी पता था की उसकी चूत पर तिल है लेकिन पूरी बात चीत में उसने ये नहीं सोचा था और मनीष को ये कैसे पता चला.

दिव्या: मनीष मुझे तुमसे ऐसी उम्मीद नहीं थी. आज के बाद मुझे कभी मेसेज मत करना.

मनीष: मैम आप खुद ही पूछती हैं फिर नाराज़ हो जाती हैं. प्लीज अगर आपको बुरा लगा तो मैंने माफ़ी मांगता हूँ.

दिव्या अपने को संभालती है और पूछती है

दिव्या: तुमको कैसे पता मेरे बारे में?

मनीष: क्या मैम?

दिव्या: यही की मेरे वहां तिल है.

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मनीष: वो जब स्कूल के टॉयलेट में आप मुझे और पूजा को देखकर अपने वहां फिंगर डाल रहीं थी तो मैंने आपको देख लिया था. तभी मैंने वो तिल भी देखा. जिस जगह कामिनी आंटी के है वही आपके भी है.
 
ये सुन कर दिव्या के होश उड़ जाते है. उसे लगता है की उसको चक्कर आने लगें और वो गिर पड़ेगी. उसके कान गरम हो जाते है और वो सोचती है की कितने शर्म की बात है की उसके स्टूडेंट्स ने उसको कैसी हालत में देख लिया. उसका गला एकदम सूख जाता है और उसको समझ नहीं आता की वो क्या लिखे. मनीष भी जानता था की इस बात का दिव्या पर क्या असर होगा. वो कुछ देर रुक कर फिर से मेसेज करता है.

मनीष: क्या हुआ मैम?

दिव्या: तुम लोगों ने ये बात किसी को बोली तो नहीं?

मनीष: मैम मैं क्या पागल हूँ जो आपकी ऐसी बात किसी को बोलूं और आप फिकर मत कीजिये सिर्फ मैंने ही आपको देखा था. पूजा ने नहीं देखा था.

दिव्या को ये सुनकर थोड़ी तसल्ली होती है की सिर्फ मनीष ने ही उसको देखा. मनीष की चाल कामयाब हो रही थी की दिव्या उसको अपना राजदार मान ले.

मनीष: मैम मैं समझ सकता हूँ आपकी परेशानी. आपके हस्बैंड भी तो काफी समय बाहर रहते हैं. आप पूरा कण्ट्रोल तो रखती हैं लेकिन फिर भी कभी तो मन करता ही होगा शायद इसीलिए बस में भी आपने मेरे उसको अपनी एस के बीच में लगा लिया था.

मनीष जानता था की अब वो इस तरह की बात दिव्या से कर सकता है क्योंकि अब वो उसकी शिकायत नहीं करेगी.

दिव्या: क्या बोल रहे हो. मैंने ऐसा कुछ नहीं किया था.

मनीष: अरे मैम अब तो हम दोस्त हैं तो मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगा. मुझे अच्छे से याद है की मेरा लंड आपकी गांड से छू रहा था और आपने खुद ही उसको बीच में फंसा लिया था.

दिव्या: नहीं मनीष ये तुम्हारी ग़लतफहमी है. वो तो मैंने झुक कर बाहर देखा था तब वो हो गया था.

मनीष: अच्छा मैम मैं आपकी बात मान लेता हूँ लेकिन फिर आपने अपनी गांड से उसको हटाया क्यों नहीं?

दिव्या के पास इस बात का कोई जवाब नहीं था. अब मनीष उससे खुले आम गांड लंड बोल रहा था और वो उसको मना भी नहीं कर पा रही थी.

मनीष: बोलिए न मैम?

दिव्या: मुझे नहीं पता.

मनीष: बताइए न मैम आपको मेरी कसम.

दिव्या: मुझे सच में नहीं पता. पता नहीं उस वक़्त मुझे क्या हो गया था.

मनीष: उस टाइम आप गीली हो गयीं थी क्या?

दिव्या: काफी देर हो गयी है अब तुम सो जाओ मनीष.

मनीष: बस थोड़ी देर और मैम. बताओ न तब आप गीली हो गयीं थी क्या?

दिव्या: मुझे याद नहीं है.

मनीष जानता था की दिव्या झूठ बोल रही है पर उसे बहुत मजा आ रहा था. दिव्या से बात करते हुए उसका लंड एकदम सख्त हो गया था और वो उसे लगातार हिला रहा था.

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इधर दिव्या को समझ नहीं आ रहा था की वो मनीष को क्या बोले क्योंकि उसकी चूत पानी छोड़ रही थी और उसका मन कर रहा था की ऊँगली करके अपने को शांत करे लेकिन एक अपराधबोध उसे ऐसा करने से रोक रहा था.

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मनीष: अच्छा तब का याद नहीं तो क्या अभी आपकी वो गीली है.

दिव्या: पागल हो क्या? कैसे बात कर रहे हो मुझसे?

मनीष: मैम मुझे तो आप बता ही सकती हो. अब मुझसे क्या छुपाना. मैंने तो आपको चूत में ऊँगली करते देखा है. आपको आपके पति की कसम बताइए न आपकी चूत अभी गीली है या नही?

दिव्या: पति की कसम क्यों दे रहे हो.

मनीष: ताकि आप झूठ न बोले. अब बताइए भी...

दिव्या: आज के बाद कभी भी तुम मुझसे ये सब बात नहीं करना.

मनीष: मतलब आप मुझे अपना दोस्त नहीं मानती. मैंने तो आपको इतना सब बोल दिया और आप इतनी सी बात नहीं बता रहीं.

दिव्या: दोस्त मानती हूँ लेकिन ये सब बात ठीक नहीं है और हाँ आज के बाद कभी मुझको मेरे पति की कसम मत देना.

मनीष: फिर आप भी जो मैं बोलू तुरंत बता देना. अब बताइए आपकी चूत गीली है न?

दिव्या: हाँ गीली हैं. तो क्या हुआ? क्यों पूछ रहे हो बार बार?

मनीष: फिर तो आप ऊँगली कर रही होंगी.

दिव्या: पागल हो क्या. मैं ऐसा कुछ भी नहीं कर रही.

मनीष: तो कर लो न मैम. आपके बदन को शांति मिल जाएगी और अगर आप चाहें तो मैं आपके बिस्तर पर आकर आपकी चूत सहला दूं.
 
दिव्या नाराज़ हो जाती है.

दिव्या: तुमने मुझे उस दिन देख लिया था तो क्या कुछ भी कहोगे मुझे.

मनीष: अरे मैं तो मजाक कर रहा था मैम. मैं कौन सा आपके घर आ जाऊँगा वैसे अगर आपके पति घर पर होते तो अब तक आप चढ़ गयी होतीं उनपर.

दिव्या: बस ज्यादा मजाक नहीं.

दिव्या को पता भी नहीं चलता की कब उसका हाथ उसकी चूत पर पहुँच जाता है और उसकी चूत की पंखुड़ी से खेलने लगता है.

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मनीष: वैसे मैम आपके पति बहुत लकी हैं.

दिव्या: क्यों?

मनीष: क्योंकि उनको आप जैसी वाइफ मिली है.

दिव्या: तो इसमें क्या हुआ?

मनीष: उफ़. आपको पता नहीं मैम की आपमें क्या बात है. आपके नशीले बदन को देख कर मुर्दे का भी लंड खड़ा हो जाए. आपके जैसे बूब्स मैंने आज तक किसी के नहीं देखे. एकदम गोल और सख्त. ऊपर से एकदम पहाड़ की तरह तने जैसे दूध से भरे हों.

दिव्या को मनीष की बातें सही तो नहीं लगती लेकिन वो अपनी चूत शांत करने में लगी थी तो कोई जवाब नहीं देती.

मनीष: क्या हुआ मैम?

दिव्या: कुछ नहीं.

मनीष: तो फिर आप रिप्लाई क्यों नहीं कर रहीं.

दिव्या: मैंने तुमको मना किया है न की इस तरह के शब्द मत बोला करो.

मनीष: सॉरी मैम लेकिन मैं तो सिर्फ आपकी तारीफ कर रहा था.

दिव्या: इस तरह की झूठी तारीफ मुझे पसंद नहीं.

मनीष: एकदम सच बोल रहा हूँ मैम. अगर मैं आपके पति की जगह होता तो हरदम आपके बूब्स चूसता रहता. आपको पसंद है न बूब्स चुसवाना.

दिव्या: मनीष मैं तुमसे आखिरी बार कह रही हूँ की मुझसे ऐसी बातें न किया करो. मैं तुम्हारी टीचर हूँ.

मनीष: वो तो आप स्कूल में हैं. अभी तो आप मेरी दोस्त हैं. बताइए न मैम. झूठ मत बोलियेगा.

दिव्या: नहीं मनीष. बस अब बाद में बात करेंगे.

मनीष: मैम प्लीज एक बार बता दीजिये न की आपको बूब्स चुसवाना पसंद है या नही.

दिव्या: ये तो सब औरतों को अच्छा लगता है. बस अब बंद करो.

मनीष: उफ़ मैम अगर मैं आपके साथ होता तो आपके बूब्स ऐसे चाटता और चूसता की आपको मजा आ जाता.

दिव्या: जाओ जाकर ये सब अपनी कामिनी आंटी के साथ करो या फिर पूजा के साथ.

मनीष: अरे मैम उन दोनों के बूब्स आपके बूब्स के सामने कुछ भी नही है. अगर मैं आपके हस्बैंड की जगह होता तो आपके बूब्स चूस चूस कर आपको मस्त कर देता.

दिव्या: बोला न जाकर ये सब अपनी आंटी के साथ करो.

मनीष: उनको तो मेरे ऊपर बैठ कर बूब्स चुसवाना पसंद है.

दिव्या: मतलब?

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मनीष फ़ौरन इस पोजीशन की एक फोटो दिव्या को भेज देता है.

दिव्या: क्या बकवास है ये मनीष. तुम हद से बढ़ रहे हो. ये सब क्या भेज रहे हो. बंद करो ये चैट अब.

मनीष: मैम मैं तो बस उनकी फेवरेट पोजीशन बता रहा था.

दिव्या: खबरदार जो ये सब दुबारा भेजा.
 
मनीष: अरे इसमें क्या गलत है मैम.

दिव्या: अरे तुम मेरे नंबर पर ऐसी चीज नहीं भेज सकते. कोई देख सकता है और फिर मैं ये सब पसंद नहीं करती.

मनीष: आप डिलीट कर दो वैसे भी किसी को पता नहीं चलेगा. ये चैट एकदम सेफ है.

दिव्या: मुझे ये सब नहीं सुनना बस आज के बाद ये सब भेजा तो तुम्हे ब्लाक कर दूँगी.

मनीष: मैम आप तो बेकार में परेशान हो जाती हैं. अच्छा सोचिये की अगर कोई आपके बूब्स भी ऐसे ही चूसे तो आपको कैसा लगेगा.

दिव्या: फिर बकवास. कोई का क्या मतलब. मेरे हस्बैंड हैं और मैं सिर्फ उन्ही के बारे में सोचती हूँ.

मनीष: अच्छा हस्बैंड ऐसे चूसेंगे तो कैसा लगेगा आपको.

दिव्या: तुमको ये जानने की जरूरत नहीं है. बस अब गुड नाईट.

मनीष: अरे मैम एक बात मैं आपसे और करना चाहता था.

दिव्या: अब क्या है?

मनीष: वो मैम आपकी गांड से मेरा लंड टच होने का एहसास मेरे अन्दर एकदम ताज़ा है. मैं उसे भूल नहीं पा रहा हूँ. ऐसा क्यों हो रहा है.

दिव्या: मुझे क्या पता की तुमको क्या क्या होता है. बस अब मुझे नींद आ रही है.

मनीष: मैम आपके हस्बैंड ने कभी आपकी गांड की तारीफ की है? कभी उन्होंने आपसे कहा है क्या की आपकी गांड कितनी भरी हुई और सॉफ्ट है. उस दिन जब मेरा लंड आपकी गांड के बीच में रगड़ रहा था तो मेरा मन कह रहा था की काश ये आपकी चूत में घुस जाए. उफ़ काश ऐसा हो जाता.

मनीष जानता था की अगर दिव्या को ये बातें बहुत बुरी लग रही होती तो वो अब तक उसे ब्लाक कर चुकी होती या फिर जवाब देना बंद कर देती इसीलिए दिव्या के मना करने पर भी वो उसके साथ गन्दी बातें किये जा रहा था और ये सब पढ़ कर दिव्या का हाथ उसकी चूत पर औए तेज़ी से चलने लगता था.

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मनीष: मैम आपको कुछ दिखाना था. आपको एक लिंक भेजता हूँ आप लैपटॉप से लॉग इन करो.

दिव्या: नहीं मनीष मुझे अब सोना है.

दरअसल दिव्या अब झड़ना चाहती थी लेकिन मनीष उसको ऑनलाइन चैट साईट का लिंक और पतिव्रता के नाम का लॉग इन और पासवर्ड भेज देता है.

दिव्या: ये क्या है मनीष?

मनीष: बस आप लॉग इन कर लो मैम. मैंने जो आईडी पासवर्ड भेजा है ये आपके नाम से भी नहीं है और इस साईट पर कुछ भी सेव नहीं होता. कोई हिस्ट्री नहीं देख सकता. एकदम सेफ है. कुछ स्पेशल है आपके लिए.

दिव्या: नहीं नहीं. मुझे अब और बात नहीं करनी. अगर कुछ बोलना है तो यहीं बोल दो.

मनीष: मैम मैं वहां आपका वेट कर रहा हूँ. अगर आप मुझको दोस्त मानती हैं तो आ जाइये.
 
अब मनीष चैट पर मेसेज भेजना बंद कर देता है. इधर दिव्या को समझ नहीं आता की क्या करे क्योंकि वो मनीष की बातों से गरम भी काफी हो गयी थी और उसे मजा भी आ रहा था लेकिन मनीष उसका स्टूडेंट था तो वो उसके साथ अब और आगे नहीं जाना चाहती थी.

फिर वो सोचती है की देखती हूँ की मनीष क्या कहना चाहता है और ओव लैपटॉप पर लॉग इन कर लेती है. दरअसल उसके बदन की प्यास ने उसको मजबूर कर दिया था की वो मनीष से और बात करे. जैसे ही वो लॉग इन करती है उसके पास प्यासा लंड के नाम से एक मेसेज आता है.

मनीष: थैंक यू मैम. मैं जानता था की आप मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं.

दिव्या: उफ़ ये कितना गन्दा नाम रखा है.

मनीष: मैम ये ऑनलाइन वर्ल्ड में तो हम अपने मन का कर ही सकते हैं. यहाँ कोई नियम कायदे नहीं होते.

और मनीष दिव्या को अंडरवियर के अन्दर अपने खड़े लंड की एक फोटो भेज देता है.

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दिव्या: अरे तुमको मना किया न ये सब भेजने से.

मनीष: यहाँ मत रोकिये मैम. वैसे ये मेरा लंड है. देखिये कितना सख्त हो रहा है.

दिव्या: तो मुझे क्यों दिखा रहे हो. मुझे बात नहीं करनी अब.

मनीष: अरे मैम अब आपसे क्या छुपाना. आपने तो पहले भी मेरा लंड देखा ही है.

दिव्या: बस अब कपडे पहन लो.

मनीष: अरे मैम ये तो पहले की फोटो है. अब तो मैं दुसरे हाल में हूँ.

दिव्या: मतलब?

अचानक दिव्या के स्क्रीन पर मनीष का कैमरा दिखाने की रिक्वेस्ट आती है. दिव्या बिना कुछ सोचे उसको एक्सेप्ट कर लेती है. एक्सेप्ट करते ही उसके स्क्रीन पर पूरा नंगा मनीष आ जाता है जो अपना लंड हिला हिला कर मुठ मार रहा था.

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दिव्या घबरा जाती है. उसको कुछ समझ नहीं आता और वो लॉगआउट कर देती है. मनीष ने सोचा था की आज वो दिव्या के पूरे मजे लेगा. उसको दिखा कर मुठ मारेगा और फिर उसको भी नंगा देखेगा और उसको बोलेगा की चूत में ऊँगली करके दिखाए. दिव्या के लॉगआउट करते ही उसके अरमानो पर पानी फिर गया. वो फ़ौरन दिव्या को फ़ोन पर मेसेज करता है.

मनीष: क्या हुआ मैम. आप चली क्यों गयी. प्लीज बोलिए न.

वो इसी तरह के कई मेसेज दिव्या को भेजता है. काफी देर बाद दिव्या जवाब देती है.

दिव्या: अब मुझे कोई मेसेज मत करना.

मनीष: लेकिन मैम हुआ क्या है.

दिव्या: तुमको नहीं पता की क्या हुआ?

मनीष: नहीं मैम मुझे नहीं पता. हम तो काफी देर से यही सब बात कर रहे थे.

दिव्या: कैमरा ओन होते ही तुम क्या कर रहे थे?

मनीष: अरे वो मैम. वो तो मैं आपको दिखा रहा था की मैं आपको याद करके क्या कर रहा हूँ.

दिव्या: मैं एक शादीशुदा औरत हूँ मनीष कोई तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं और सबसे बड़ी बात की मैं तुम्हारी टीचर हूँ.
 
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