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Adultery दिव्या का सफ़र

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मनीष: प्लीज मैम बस एक बार.

दिव्या: जिद मत करो.

मनीष: अच्छा ये तो बता दीजिये की अभी आपने पहना क्या है.

दिव्या: नाईटी पहनी है.

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मनीष: वाह मैम. आप कितनी हॉट लगती होगी नाईटी में. वैसे आपकी चूत अभी भी गीली है क्या?

दिव्या: बस अब सो जाओ तुम.

मनीष: बस पांच मिनट और अच्छा मैम ये तो बोलिए की मेरा लंड कैसा लगा आपको.

दिव्या: मुझे क्या पता मैंने ध्यान नहीं दिया.

मनीष: अरे मैम देखा तो है आपने पहले भी और आज भी. वैसे कहिये तो अभी फिर से दिखा देता हूँ.

दिव्या: नहीं बिलकुल नहीं.

मनीष: अच्छा ये तो बता दीजिये की मेरा बड़ा है या आपके हस्बैंड का.

दिव्या: शायद तुम्हारा.

मनीष: शायद का क्या मतलब. पक्का बताइए न.

दिव्या: राजेश को छोटा है तुमसे. बस खुश अब तो सो जाओ.

मनीष: रुको न मैम.

दिव्या: उफ़ तुम्हारा हुआ नहीं क्या अभी तक?

मनीष: क्या नहीं हुआ मैम?

दिव्या: जो तुम कर रहे थे.

मनीष: आपने तो देखा ही है मैम की मुझे थोडा टाइम लगता है.

दिव्या: अच्छा अब सो जाओ कल बात करेंगे.

मनीष: बस मैम होने ही वाला है. अच्छा आपके बूब्स का साइज़ क्या है?

दिव्या: अब तो 38 हो गया है.

मनीष: अब मतलब?

दिव्या: अरे शादी के बाद हर लड़की का साइज़ थोडा बढ़ ही जाता है और माँ बनने के बाद और बढ़ जाता है. समझे.

मनीष: ओह लगता है आपके हस्बैंड ने खूब बूब्स चूसे हैं आपके?

दिव्या: चलो गुड नाईट.

मनीष: मैम बस दो मिनट और.
 
दिव्या अब कोई जवाब नहीं देती और फोन साइलेंट करके लेट जाती है. रात के दो बज रहे है लेकिन उसकी आँखों से नींद एकदम गायब है. रह रह कर उसको मनीष का लंड याद आ रहा है. वो सोचती है की जब इसी उम्र में मनीष का लंड इतना बड़ा और मोटा है तो जब वो जवान होगा तब तो उसका लंड क़यामत ढा देगा.

लेकिन फिर उसको लगता है की वो कैसी कैसी गन्दी बातें सोचने लगी है. यही सब सोचते हुए सुबह के चार बज जाते है और वो सलमान की लाई हुई एक गोली खा लेती है और सोने की कोशिश करती है. उधर सलमान नीचे गार्ड रूम में बैठा अलग अलग मंसूबे बना रहा था.

उसकी भी रात कट नहीं रही थी. दिव्या की पूरी रात बिस्तर पर तड़पते ही कटी और सुबह सात बजे के करीब उसकी आँख लगी तो दस बजे काम वाली ने घंटी बजाकर उसे जगा दिया.

दिव्या उठी तो उसका सर बहुत भारी था. उसने काम वाली को वापस भेज दिया और वापस सोने की कोशिश करने लगी लेकिन फिर उसको नींद नहीं आई. करीब ग्यारह बजे उसने सोचा की वो किसी भी तरह सलमान को मना कर देती है. एक तो उसको तबियत ठीक नहीं लग रही थी और उसपर वो जानती थी की सलमान पक्का कुछ न कुछ बदतमीजी करेगा और बात और बिगड़ जाएगी.

वो यही सब सोचते हुए बालकनी में आ जाती है. उसी समय सलमान भी सोसाइटी से निकल कर अपने रूम पर जा रहा होता है और वो दिव्या के फ्लैट की तरफ देखता है. दिव्या को नाईटी में देख कर वो सोचता है की ये आने के लिए तैयार क्यों नहीं हुई. उसे चिंता होती है की कहीं मछली जाल से फिसल न जाए. वो फ़ौरन दिव्या को फोन लगाता है.

सलमान: गुड मोर्निंग मैडम.

दिव्या: गुड मोर्निंग सलमान और हैप्पी बर्थडे.

सलमान: थैंक यू मैडम. आज तो आपके साथ सेलिब्रेट करके मेरा बर्थडे हैप्पी होगा ही.

दिव्या: वो सलमान मैं तुमको फ़ोन करने ही वाली थी. दरअसल मेरी तबियत कुछ ठीक नहीं है. नींद की गोलियां लेने के बाद भी रात भर नींद नहीं आई और सर दर्द से फटा जा रहा है. आज तुम्हारी पार्टी में मेरा आना थोडा मुश्किल होगा.

सलमान: अरे मैडम आप तो बहाना बना रही हैं. मैं तो इतने दिन से आज ही का इंतज़ार कर रहा था. देखिये मैं भी तो रात भर जाग कर ड्यूटी कर रहा था फिर भी आपके लिए दोपहर का समय रखा क्योंकि शाम को आपको दिक्कत होती. एक काम करता हूँ मैं सर दर्द की दवाई और केक लेकर आपके फ्लैट पर ही आ जाता हूँ. वैसे भी राजेश सर तो हैं नहीं.

दिव्या: नहीं नहीं सलमान यहाँ मत आना. राजेश नहीं है तो क्या अगल बगल के लोग तो हैं. लोग क्या सोचेंगे की मैं तुम्हारा बर्थडे क्यों मना रही हूँ.

सलमान: वो सब मैं नहीं जानता बस थोड़ी देर में आता हूँ आपके पास.

दिव्या: नहीं सलमान. अच्छा मैं आती हूँ स्कूल थोड़ी देर में पर ज्यादा देर नहीं रुकुंगी.

सलमान: ठीक है मैडम. मैं दो बजे तक इंतज़ार करूंगा वरना खुद ही आ जाऊंगा.

अब दिव्या सलमान के पास जाने को मजबूर हो गयी थी. कुछ देर बाद दिव्या नहा कर तैयार हो गयी और स्कूल की तरफ चल दी. अपनी हलकी गुलाबी साड़ी में दिव्या किसी स्वर्ग से उतरी अप्सरा की तरह लग रही थी.

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दिव्या को स्कूटी से स्कूल पहुँचने में ज्यादा समय नहीं लगा लेकिन स्कूल के गेट पर पहुचते ही उसके दिल की धडकनों की रफ़्तार दोगुनी हो गयी.

उसे बहुत डर लग रहा था और उसका दिमाग बार बार उसे वापस जाने के लिए कह रहा था. लेकिन उसे डर था की कहीं सलमान उसके फ्लैट पर न आ जाए इसीलिए वो सलमान के रूम पर पहुँच कर उसका दरवाजा खटखटा देती है.
 
सलमान जैसे ही दरवाजा खोल कर दिव्या को देखता है उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता. उसके मन में अभी तक डाउट था की शायद दिव्या न आये लेकिन दिव्या आ भी गयी और वो बेहद खूबसूरत भी लग रही थी. दिव्या एक बुके लाई थी. वो उसको सलमान को दे देती है.

दिव्या: हैप्पी बर्थडे सलमान. देखो अब तो मैं आ गयी लेकिन मेरी तबियत ठीक नहीं है तो अब मुझे जाने दो.

सलमान: अरे मैडम क्या दरवाजे से ही चली जायेगी आप. ऐसा कैसे हो सकता है. प्लीज अन्दर आइये. मैं आपके लिए सर दर्द की गोली लाया हूँ. वो खा लीजिये और केक कटवा कर चली जाईयेगा.

दिव्या मन मार कर कमरे में आ जाती है. पूरा कमरा सजा हुआ था. टेबल पर एक केक और एक बियर की बोतल रखी थी. दिव्या सोफे के एक तरफ बैठ जाती है. सलमान दिव्या को अन्दर से एक गिलास पानी और एक दवाई लाकर देता है. दिव्या गोली खा लेती है.

सलमान: अब बताइए मैडम क्या लेंगी आप?

दिव्या: कुछ नहीं सलमान. अब तुम केक कट कर लो.

सलमान: अरे मैडम थोड़ी देर तो बैठो. अभी दवाई ली है न. आपका सर दर्द ठीक हो जायेगा. थोडा सेलिब्रेट तो कीजिये.

ये बोल कर सलमान दो गिलास में बियर डाल देता है और एक गिलास दिव्या की तरफ बढ़ा देता है.

दिव्या: मैं शराब नहीं पीती सलमान.

सलमान: ये शराब नहीं बियर है मैडम. आज मना मत कीजिये.

दिव्या: मैं बियर भी नही पीती सलमान. तुम मुझे कोल्ड ड्रिंक दे दो.

सलमान: कोल्ड ड्रिंक तो नहीं है मैडम. मैं इसको आधा कर देता हूँ. आधे गिलास में आपको कुछ नहीं होगा और इसको ख़तम करके फिर केक काटेंगे.

दिव्या: ठीक है लेकिन सिर्फ आधा गिलास देना.

सलमान अन्दर से एक दुसरे गिलास में उसके लिए थोड़ी सी बियर लाता है लेकिन इसमें उसने व्हिस्की का एक पेग भी मिला दिया था.

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दिव्या धीरे धीरे सिप करने लगती है. सलमान ये देख कर खुश हो जाता है. दिव्या ने रात में भी टेबलेट खाई थी और अब एक सलमान ने भी उसको खिला दी थी. अब शराब अन्दर जाते ही दिव्या का बदन गरम होने लगता है.
 
सलमान को भी पता था की अगर आज चूका तो फिर दिव्या हाथ नहीं आएगी. उसने पहले ही ठान लिया था की आज वो दिव्या को ऐसे नहीं जाने देगा. दिव्या को लिटा कर वो उसके पैरों के पास बैठ जाता है और दिव्या की टांगों को चूमना शुरू कर देता है.

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दिव्या के मुह से सिसकिया निकलने लगती हैं और वो घूम कर पेट के बल लेट जाती है.

दिव्या: सलमान प्लीज मत करो. तुमने वादा किया था.

सलमान: अरे मैडम वादे तो तोड़ने के लिए ही किये जाते हैं. आप बस एन्जॉय करो.

सलमान दिव्या के ऊपर लेट जाता है जिससे उसका खड़ा लंड दिव्या की गांड में टच होने लगता है. सलमान दिव्या की गर्दन और कान चूमने लगता है.

सलमान: मैडम एक बार मेरी तरफ देखो न.

दिव्या: नहीं सलमान प्लीज् मुझे जाने दो.

सलमान दिव्या की एक नहीं सुनता. वो जानता था की दिव्या ज्यादा देर अपने पर कण्ट्रोल नहीं कर पायेगी. वो दिव्या के साइड में आ जाता है और उसको घुमा कर उसके होठ चूसने लगता है. दिव्या सलमान को हटा कर बेड से खड़ी हो कर बाहर जाने लगती है लेकिन सलमान उसकी साड़ी का पल्लू पकड़ लेता है तो वो रुक जाती है. सलमान दिव्या की तरफ बढ़ता है तो दिव्या पीछे हटने लगती है और दीवार से सट कर खड़ी हो जाती है. सलमान दिव्या के कंधे पर हाथ रखता है और दुसरे हाथ से उसके पेट को मसल देता है.

सलमान: अरे मैडम आप क्यों खुद भी तड़प रही हो और मुझे भी तडपा रही हो. मैं अच्छी तरह जानता हूँ आप क्या चाहती हो.

दिव्या: मुझे जाने दो सलमान. मैं अपने पति के अलावा किसी को नहीं चाहती.

सलमान: कैसा पति मैडम. वो जो आपके बदन को शांत भी नहीं कर सकता. अब आपको और तड़पता नहीं देख सकता. आज मैं आपकी प्यास बुझा कर ही मानूंगा.
 
इतना कह कर सलमान दिव्या वो पकड़ कर वापस बेड पर ले आता है और उसे लिटा देता है. वो अपनी टीशर्ट उतार देता है और दिव्या की साड़ी और पेटीकोट ऊपर करके उसमे अपना हाथ डालने लगता है. दिव्या लगातार सलमान को मना कर रही है और वो सलमान का हाथ पकड़ने की कोशिश करती है लेकिन सलमान का हाथ उसकी पेंटी तक पहुँचने में ज्यादा समय नहीं लगता.

दिव्या की पेंटी पूरी तरह भीगी हुई है. उस पर हाथ लगते ही सलमान के चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है और वो दिव्या की चूत पर हाथ फेरने लगता है. दिव्या के मुह से आह निकल जाती है और अब उसका विरोध सिर्फ नाम मात्र का ही रह गया है.

सलमान: मैडम क्यों बहाने बना रही थी. आपके नीचे तो सैलाब आया हुआ है. देखना चाहती हो की आप कितनी प्यासी हो?

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ये कहकर सलमान अपना हाथ उसकी पेंटी के अन्दर डाल कर उसकी चूत सहलाने लगता है और अपने होठ दिव्या के होठो के नजदीक ले जाता है. सलमान हा हाथ अपनी नंगी चूत पर पाकर दिव्या मस्त हो जाती है. वो हलके से आँख खोलती है और सलमान को अपने इतना करीब पाती है. सलमान अपने होठ दिव्या के और करीब ले आता है जिसे देख कर दिव्या भी अपना मुह ऊपर उठा कर सलमान को चूमने का निमंत्रण देती है लेकिन सलमान झट से पीछे हो जाता है.

एक दो बार सलमान ऐसे ही करता है जिससे दिव्या झुझला जाती है और अपना सर नीचे रख लेती है. तब अचानक सलमान दिव्या के करीब आता है और दिव्या के रस भरे होठो को किसी जंगली जानवर की तरह चूसने लगता है. दिव्या भी सलमान का पूरा साथ देते हुए अपनी जीभ सलमान के मुह में डाल देती है.

अब सलमान दिव्या के बदन से खेल कर उसकी प्यास और भड़का देता है. कभी उसके हाथ दिव्या की चूत पर तो कभी उसकी चून्चियों पर रेंगने लगते है. अब दिव्या सलमान को मना नहीं करती. वो बेजान सी बिस्तर पर पड़ी आहे भर रही है और सलमान के छूने का एहसास उसे पागल बना रहा था. ऐसा एहसास उसे कभी राजेश के साथ नहीं हुआ था. सलमान जितनी देर फोरप्ले कर रहा था इससे जल्दी तो राजेश का पूरा सेक्स हो जाता था.

अब तक सलमान ने दिव्या साड़ी उतार दी थी और वो पेटीकोट ब्लाउज में बेड पर पड़ी बेहद सेक्सी लग रही थी. सलमान अपना हाथ बार बार उसके पेटीकोट के नाड़े पर ले जा रहा था जिससे दिव्या का शरीर कांप उठता था. वो जानती थी की अब सलमान क्या करेगा. वो बड़ी हिम्मत करके सलमान से कहती है.

दिव्या: प्लीज सलमान अब रुक जाओ.

सलमान: क्या आप सच में चाहती है मैडम की मैं रुक जाऊं.

दिव्या: हाँ सलमान अब बहुत हो गया ये सब.

सलमान: ठीक है मैडम आप मुझे मेरा बर्थडे गिफ्ट दे दो और जाओ.
 
दिव्या: मैं तो तुम्हारे लिए फूल लाई थी और तो कोई गिफ्ट जल्दी में ला नहीं पाई.

सलमान: फूल भी कोई गिफ्ट है. ये तो गलत बात है मैडम. अब तो मैं अपना गिफ्ट आपके बदन से वसूल करूंगा.

सलमान ये कह कर दिव्या का पेटीकोट खोल देता है और उसे नीचे सरका कर दिव्या की चूत के आस पास चाटने लगता है. दिव्या जोर से आह भरती है.

दिव्या: आःह्ह सलमाआंन ओह्ह्ह्ह प्लीजजज्ज

सलमान: दिव्या मेरी जान अब मैं तेरी चूत में अपना लंड उतार कर तुझे हमेशा के लिए अपनी रांड बना लूँगा. तेरे जैसी गरम माल उस नामर्द को ऊपर वाले इसीलिए दी है ताकि तुम मेरे लंड से अपनी चूत की आग को बुझा सको.

सलमान ये कहते हुए अपने सारे कपडे उतार देता है. दिव्या उसके लंड का साइज़ देख कर हैरान हो जाती है. ऐसा लंड तो उसने सिर्फ पोर्न फिल्म में ही देखा था लेकिन सलमान की भाषा सुन कर उसे गुस्सा आ जाता है.

दिव्या: ये कैसी बात कर रहे हो मुझसे.

सलमान: कुछ गलत नहीं बोला मेरी जान. मैंने खुद देखा है की राजेश तेरे अन्दर डालते ही झड गया था. आज तुझे मैं बताऊँगा की असली चुदाई क्या होती है.

ये कह कर सलमान दिव्या की पूरी तरह से भीगी हुई पेंटी फाड़ देता है और अपना मुह दिव्या की चूत पर रख देता है और उसकी रसीली चूत चाटने लगता है. दिव्या अपनी टांगों में सलमान का मुह जकड लेती है. सलमान को लगता है की दिव्या जल्दी ही झड जाएगी. वो अपना मुह दिव्या की चूत से हटाना चाहता है लेकिन दिव्या अपनी टाँगे नहीं खोलती.

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पहले भी सलमान के चूत चाटने से वो झड़ने वाली थी पर राजेश की वजह से वो झड नहीं पाई तो आ वो उस तड़प को सहने के लिए तैयार नहीं थी. सलमान को ये समझ आ जाता है और वो अपनी जीभ दिव्या की चूत की गहराई में डाल देता है और दिव्या झड़ने लगती है. सलमान नहीं चाहता था की दिव्या इतनी जल्दी झडे लेकिन वो कर भी क्या सकता था.
 
झड़ने के बाद दिव्या को झटका लगता है की वो क्या कर रही है और वो भी एक दो कौड़ी के चौकीदार के साथ.दिव्या एकदम शांत हो जाती है और बिस्तर में सिर्फ ब्लाउज पहने पड़ी है. उसने सलमान को छोड़ दिया था तो अब सलमान उसका ब्लाउज और ब्रा उतार कर उसको पूरा नंगा कर देता है और अपना लंड उसके मुह के पास ले जाता है.

सलमान: तूने तो बीच में ही साथ छोड़ दिया मेरी जान. कोई नहीं, अब इसे थोडा चूस मुझे मस्त कर दे फिर मैं ये तेरी चूत में आराम से उतारूंगा.

दिव्या: इसे दूर करो सलमान. मुझे ये सब बिलकुल पसंद नहीं.

सलमान: वाह. चूत चटवाने में तो तुझे बहुत मजा आता है लेकिन लंड चूसना तुझे पसंद नहीं. चूस जल्दी इसे.

दिव्या: मैंने तुमसे नहीं कहा था वहाँ चाटने को. तुमने जबरदस्ती किया था.

सलमान अब थोडा नरम हो जाता है.

सलमान: अरे मैडम जबरदस्ती कहाँ की मैंने. सब आपकी मर्जी से हुआ और आप मेरी बात समझिये. आप झड गयी और मैंने अच्छे से आपकी चूत चाट कर साफ़ भी कर दी. अब अगर मैं सूखा डालूँगा तो आपको तकलीफ होगी क्योंकि आप तो देख ही रही हैं की ये राजेश सर के लंड से काफी बड़ा है. मेरा बर्थडे गिफ्ट आपके लिये दर्द का कारण न बने इसीलिए कह रहा हूँ की थोडा चूस कर गीला कर दीजिये.

सलमान दिव्या के बालों में हाथ डाल कर अपना लंड दिव्या के मुह के पास लाता लेकिन दिव्या को उसके लंड से अजीब सी स्मेल आती है. दिव्या अपना मुह पीछे करना चाहती है लेकिन सलमान करने नहीं देता.

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दिव्या: तुम फिर जबरदस्ती कर रहे हो. मैं ये गन्दी चीज मुह में नहीं लूंगी. कितनी स्मेल आ रही है.

सलमान: मैडम या तो मुह में लो या चूत में. ऐसे तो नहीं जाने दूंगा. अगर स्मेल आ रही है तो धो देता हूँ आपके लिए.

दिव्या को लगता है की यही मौका है की वो सलमान से पीछा छुड़ा सकती है.

दिव्या: हाँ जाकर अच्छे से धो कर आओ.

सलमान वाशरूम में चला जाता है और दिव्या दौड़ कर वाशरूम का दरवाजा बाहर से बंद कर देती है. सलमान को इसकी उम्मीद नहीं थी. वो सोच रहा था की दिव्या अब आराम से चुद जाएगी लेकिन झड़ने के बाद दिव्या के बदन की गर्मी कम हो गयी थी.
 
दिव्या: फिर से बदतमीजी. मुझसे ये सब मत बोला करो. मुझे पसंद नहीं है.

मनीष: मैम आप तो खामखाँ नाराज़ हो जाती है. हम खुल कर बात कर सके इसीलिए तो इस साईट पर आते हैं. मैं तो यहाँ आपको दोस्त मान कर बात करता हूँ टीचर समझ कर नहीं और दोस्त से क्या शर्म.

दिव्या: लेकिन मैं तुमसे ऐसे बात नहीं कर सकती. लोग कहेंगे की टीचर होकर बच्चो को बिगाडती है.

मनीष: अरे मैम समझाया तो था की यहाँ सब सेफ है और आप ही बताओ की मैं लंड को लंड न कहूं तो क्या कहूं?

दिव्या: बस अब और बदमाशी नहीं.

तभी दिव्या के स्क्रीन पर मनीष की कैमरा शेयर करने की रिक्वेस्ट आती है. दिव्या रिजेक्ट कर देती है.

मनीष: अरे मैम रिजेक्ट क्यों किया.

दिव्या: क्योंकि तुम बहुत बेशरम हो.

मनीष: आपसे क्यों शरमाऊँ. आपने तो सब देखा ही है.

दिव्या: मुझे दुबारा नहीं देखना अब.

मनीष: प्लीज मैम एक्सेप्ट करो न. मेरा जल्दी हो जायेगा. फिर कल पेपर भी तो है.

मनीष फिर से रिक्वेस्ट भेज देता है. दिव्या सोचती है की क्या करे.

मनीष: प्लीज् मैम एक्सेप्ट करो न. मैं कैमरा का फोकस लंड पर नहीं करूंगा. अगर करूं तो आप दुबारा बात मत करना. प्लीज मैम प्लीज.

दिव्या रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लेती है. मनीष दिव्या की स्क्रीन पर दिखने लगता है. मनीष मुठ मार रहा है हालाँकि उसका लंड नहीं दिख रहा लेकिन उसके बॉडी मूवमेंट से दिव्या को पता चल जाता है की वो क्या कर रहा है.

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दिव्या: तुम पागल हो क्या? क्या कर रहे हो.

मनीष: मैम आप भी तो करती है.

दिव्या: सबके सामने नहीं करती.

मनीष: मैं भी सिर्फ आपके सामने कर रहा हूँ. आपसे बात करते ही ये खड़ा हो जाता है तो क्या करूं.
 
दिव्या कोई जवाब नहीं देती.

मनीष: आपने बताया नहीं की आपका करवाचौथ का क्या प्लान है.

दिव्या: बताया तो राजेश का कुछ पक्का नहीं है.

मनीष: अरे आप लिख कर ले लो की वो जरूर आएंगे.

दिव्या: तुमको कैसे पता.

मनीष: मैम उस दिन हर पति अपनी पत्नी का जरूर चोदता है तो आपके हस्बैंड आपको कैसे छोड़ देंगे.

दिव्या: तुमको तो बस यही फालतू बातें आती है.

मनीष: नहीं मैम फालतू बात नहीं है. अगर मैं आपका पति होता तो दिन में कई बार आपको चोदता.

दिव्या: तुम चुप ही रहो और जो कर रहे थे वो कर लो.

अब दिव्या मनीष की बातों से ज्यादा नाराज नहीं हो रही लेकिन झिझक रही है.

मनीष: मैम वो तो दुसरे हाथ से कर ही रहा हूँ. आप बात करो.

दिव्या: नहीं अब मुझे भी सोना है.

मनीष: ठीक है मैम लेकिन जाने से पहले एक बार अपना कैमरा भी ओन करो न.

दिव्या: क्यों?

मनीष: आपकी देखे बिना मैं झड़ नहीं पाऊँगा.

दिव्या: पागल हो क्या? मैं कैमरा ओन नहीं कर रही.

मनीष: मैम मैं कुछ गलत करने को तो नहीं कह रहा बस आपका चेहरा देखना है. प्लीज ओन करो न.

दिव्या मना करती है लेकिन मनीष पीछे पड़ जाता है तो आखिर में दिव्या कैमरा ओन कर देती है.

मनीष: वाओ मैम. क्या सेक्सी लग रही हो इस नाईटी में. आपको देख कर मेरा और तन गया है. आप देखेंगी.

दिव्या को लगता है की मनीष के हाथ की स्पीड तेज हो गयी है. दिव्या को गिल्ट के साथ साथ एक अजीब सी उत्तेजना भी महसूस होती है.

दिव्या: नहीं मुझे नहीं देखना. तुम बस जल्दी करो.

मनीष: मैम आपने इस नाईटी के नीचे क्या पहना है?

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दिव्या: ये थ्री पीस है. शॉर्ट्स टॉप और ऊपर ये गाउन.

मनीष: इस गाउन को उतार दो न मैम.

दिव्या: अब तुम कुछ ज्यादा ही बोल रहे हो.

मनीष: अरे कौन सा आपको नंगा होने को कह रहा हूँ. नीचे आपने टॉप पहना तो है. प्लीज मैम बस एक बार.

दिव्या: नहीं नहीं तुम तो हद से बढ़ रहे हो. अभी ये बोल रहे हो फिर कुछ और बोलोगे.

मनीष: गॉड प्रॉमिस मैम और कुछ नहीं कहूँगा. बस आप इसको उतार दो एक बार.

दिव्या न जाने क्यों गाउन उतार देती है.

मनीष: आह मैम क्या बूब्स है आपके. वाह निप्पल भी साफ़ दिख रहे हैं. मन कर रहा है की इन्हें चूस कर लाल कर दूं.

दिव्या: बस अब मैं सोने जा रही हूँ.

मनीष: मैम रुको तो सही. बस पांच मिनट.

दिव्या: गुड नाईट.

मनीष: अरे मैम कल कब आओगी ये तो बता दो.

दिव्या बिना कोई जवाब दिए लॉगआउट कर देती है. दिव्या मन ही मन सोचने लगती है की वो क्या कर रही है. कैसे वो अपने स्टूडेंट से ऐसी बातें कर सकती है. लेकिन फिर उसका मन कहता है की उसने कुछ गलत नहीं किया. सिर्फ बात करने से क्या होता है. आखिरकार दिव्या जैसे तैसे सो जाती है. सुबह वो काफी देर से उठती है और जल्दी जल्दी स्कूल के लिए तैयार होती है और साथ ही उसे केवाईसी के लिए बैंक भी जाना था.
 
वैसे भी आज उसकी बस की ड्यूटी नहीं थी तो वो अपनी स्कूटी से बैंक निकल जाती है और जल्दी से वहां का काम निपटा कर स्कूल की तरफ चल देती है. रस्ते में एक बस स्टैंड पर उसे मनीष खड़ा दिखता है. वो दिव्या को हाथ देता है तो वो उसके पास जाकर स्कूटी रोक देती है.

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मनीष: गुड मोर्निंग मैम.

दिव्या: मोर्निंग. क्या हुआ? स्कूल नहीं जाना क्या? एग्जाम शुरू होने वाला होगा.

मनीष: मैम बाइक ख़राब हो गयी इसीलिए यहाँ बस का वेट कर रहा था. लेकिन काफी देर से कोई बस आई ही नहीं.

दिव्या: ओह. चलो बैठो. मैं स्कूल ही जा रही हूँ.

मनीष दिव्या के पीछे बैठ जाता है लेकिन चिपकता नहीं है.

मनीष: आप भी आज लेट हो गयी क्या? रात को मैंने सोने नहीं दिया तो क्या देर तक सो रही थी?

दिव्या: नहीं. मुझे कुछ काम था.

ये कह कर दिव्या स्कूटी को तेज़ी से भगाती है. उधर दिव्या के करीब होने से मनीष का लंड खड़ा हो जाता है लेकिन वो उसे दिव्या को छूने नहीं देता. उसे लगता है की कहीं मैम नाराज़ न हो जाए लेकिन गैप बनाकर बैठने से उसे डर भी लग रहा है.

मनीष: मैम थोडा धीरे चलिए वरना मैं गिर जाऊँगा.

दिव्या: अरे धीरे चले तो तुम्हारा पेपर छूट जायेगा.

मनीष: इसमें तो कुछ पकड़ने को भी नहीं है. मैम मैं आपको पकड़ लूं क्या?

दिव्या कोई जवाब नहीं देती तो मनीष दिव्या की कमर पकड़ लेता है. मनीष के हाथ रखते ही दिव्या के बदन में एक करंट दौड़ जाता है पर वो कुछ कहती नहीं. अब मनीष को शरारत सूझती है तो वो आपने दोनों हाथ मिला लेता है जिससे उसके हाथ एकदम दिव्या की नाभि के ऊपर आ जाते है और वो दिव्या की नाभि में ऊँगली करने लगता है. बीच बीच में रास्ता ख़राब होने का भी मनीष फायदा उठाता है और दिव्या के पेट और कमर को खूब सहलाता है. धीरे धीर जो गैप उसने बना रखा हा वो भी झटके लगने से ख़तम हो जाता है और दिव्या को अपनी गांड पर एक सख्त चुभन होती है. मनीष दिव्या का कोई रिएक्शन न देख कर अपना लंड दिव्या की गांड में और जोर से दबाता है.

मनीष का मन तो कर रहा था की वो दिव्या की चूंची भी दबा दे लेकिन वो रिस्क नहीं लेता. दिव्या को समझ नहीं आता की वो मनीष को क्या बोले क्योंकि उसे तो मनीष बोल ही चुका था की उससे बात करके ही उसका खड़ा हो जाता है. मनीष भी दिव्या के कुछ न बोलने का फायदा अच्छे से लेता है लेकिन कुछ ही देर में वो लोग स्कूल पहुच जाते है. दिव्या मनीष को स्कूल से थोडा पहले उतार देती है. मनीष दिव्या को थैंक्स बोलकर चला जाता है लेकिन सलमान इन दोनों को साथ आते देख लेता है.

उसे न जाने क्यों बहुत बुरा लगता है. उसे लगता है की मनीष चिकना लौंडा है इसीलिए कहीं दिव्या उसके हाथ से निकल कर मनीष से न सेट हो जाए. वो उस जगह पहुँच जाता है जहाँ टीचर्स की कार और बाइक पार्क होती हैं. दिव्या अपनी स्कूटी लगा कर वहां से जा रही थी की सामने सलमान आ जाता है. उसे याद आ जाता है की कैसे वो सलमान को बाथरूम में बंद करके भागी थी.
 
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