• Hello Friends You can Register on the Forum and by posting you can earn money too.

Adultery दिव्या का सफ़र

  • Thread starter Thread starter StoryPublisher
  • Start date Start date
दिव्या जब भी झड़ने के करीब होती है तो कर्नल रेणुका को रुकने का इशारा कर देता है जिससे दिव्या की तड़प और बढ़ जाती है।

दिव्या: अंकल रेणुका को बोलो न की रुके नहीं।

लाला: क्यों मेरी रांड?

दिव्या: प्लीज अंकल।

लाला: पहले जो पुछा है उसका जवाब दो।

दिव्या: मुझे अब डिस्चार्ज होना है बस।

लाला: हाहाहा, हो जाओगी मेरी जान पहले ये बताओ की आज से पहले कभी थ्रीसम किया है क्या?

दिव्या: नहीं।

कर्नल रेणुका को रुकने का इशारा करता है तो दिव्या तड़प उठती है।

दिव्या: अंकल प्लीज।

लाला: तो सच सच बोलो।

दिव्या: हाँ किया है लेकिन मर्जी से नहीं।

लाला: बाकी दोनों मर्द थे या औरत और मर्द? कैसा लगा था तुमको?

दिव्या: दोनों मर्द थे और शुरू में काफी बुरा लगा था।

URL]


लाला: और बाद में?

दिव्या: बाद में मैं भावनाओ में बह गयी थी।

लाला: एक तो वो साला चौकीदार रहा होगा और दूसरा कौन था?

दिव्या: प्लीज ये सब मत पूछिए।

लाला: अच्छा सच सच बता शादी के बाद अपने पति के अलावा कितने लंड खाए है तूने?

दिव्या: प्लीज अंकल।

लाला: जब तक नहीं बोलेगी रेणुका कुछ नहीं करेगी।

दिव्या: चार।
 
राजेश ये सुन के चौंक जाता है और सोचने लगता है की शायद कर्नल सही कह रहा है, अगर चार खुद बोल रही है तो न जाने कितने मर्दों के नीचे लेटी होगी मेरी बीवी। मेरी बीवी सच में रंडी है और न जाने कितने राज है उसकी बीवी के जो वो नहीं जानता और उसका गिल्ट कम होने लगता है की दिव्या की इस हालत के लिए वो जिम्मेदार है और जो तरस उसके दिल में दिव्या के लिए था वो अब गुस्से और नफरत में बदल जाता है।

उधर कर्नल इशारा करता है और रेणुका वापस दिव्या की चूत चाटने लगती है और कर्नल अपना लंड दिव्या के मुंह में ठूंस देता है। दिव्या भी आँखे बंद करके कर्नल का लंड चूसने लगती है। कर्नल मुस्कुरा कर राजेश की तरफ देखता है जो अब खड़ा हो गया था। कर्नल राजेश को चुदाई में शामिल होने का इशारा करता है लेकिन राजेश को कुछ समझ नहीं आता की वो क्या करे। वो अपने कपडे ठीक करता है और चुपचाप वहां से बाहर निकल जाता है।

उसको जाता देख कर्नल परेशान हो जाता है क्योंकि वो चाहता था की आज राजेश उसके साथ मिल कर दिव्या को चोदे ताकि आज के बाद वो जब चाहे दिव्या को चोद सके लेकिन भले ही उसका ये प्लान कामयाब न हुआ हो पर राजेश से अब कोई पर्दा नहीं रहा था इसीलिए वो राजेश को रोकता भी नहीं है। दिव्या आँखे बंद करके कर्नल का लंड चूसने में मस्त थी तो उसे भी राजेश के जाने का पता नहीं चलता। राजेश के जाने के बाद वो दिव्या के पीछे आकर अपना लंड एक ही झटके में दिव्या की चूत में उतार देता है।

दिव्या की चूत इस कदर पानी छोड़ रही थी की कर्नल का लंड आराम से उसकी चूत में चला जाता है और वो दिव्या की चुदाई शुरू कर देता है।

URL]


लाला: देखा न रेणुका अगर पति राजेश जैसा नामर्द हो तो बीवी को कैसे रंडी की तरह दूसरे मर्दों से चुदवाना पड़ता है।

दिव्या को अब कर्नल की इन बातों से कोई फरक नहीं पड़ रहा था। वो बस अब किसी भी तरह झड जाना चाहती थी। उसका पानी छूटने वाला था और कर्नल भी अपनी स्पीड अब कम नहीं करता। दिव्या की चूत जैसे ही गरम लावे जैसा पानी छोडती है कर्नल भी उसकी चूत में झड जाता है।

लाला: ओह यू बिच, यू आर रियली वैरी हॉट। आःह्ह्ह हैप्पीईई अनिवेर्सरी मेरी जान।

कर्नल अब दिव्या को छोड़ कर सोफे पर पसर जाता है और रेणुका से अपने लिए एक ड्रिंक बनाने को कहता है। दिव्या भी किसी तरह हिम्मत जुटा कर खड़ी होती है और अपने कपडे पहनने लगती है की तभी उसकी नजर वहां पड़ती है जहाँ राजेश बेहोश पड़ा था। राजेश को वहां न देख कर उसके पैरों तले जमीन खिसक जाती है।
 
दिव्या: अंकल वो राजेश वहां नहीं है।

लाला: शायद उसको होश आ गया होगा और तुमको मुझसे चुदते देख बर्दाश्त नहीं कर पाया होगा तो चला गया।

दिव्या: व्हाट? आपने बोला था की दवा का असर 5-6 घंटे तक रहेगा फिर उसको होश कैसे आ गया।

लाला: ओह कामोन दिव्या अब ये मैं कैसे बताऊँ, जो दवा देने वाले ने बोला था वही मैंने तुमको बताया और एक तरह से तो ये अच्छा ही हुआ न की उसको पता चल गया की वो तुम्हारी प्यास नहीं बुझा सकता है। अब तुम जब चाहो मेरे पास आ सकती हो।

कर्नल ये बोलकर अपने कपडे उठा कर रेणुका के साथ अन्दर चला जाता है।

दिव्या समझ जाती है की उसकी मैरिड लाइफ बर्बाद हो चुकी है लेकिन वो एक आखिरी कोशिश करने के लिए राजेश को ढूंढती है लेकिन राजेश उसे पूरे फार्म हाउस में कहीं नहीं मिलता। वो बाहर जाकर देखती है तो राजेश की कार भी नहीं है। दिव्या फ़ौरन कर्नल के पास जाती है। कर्नल रेणुका के साथ अपने बेड पर नंगा ही पड़ा हुआ था और उसके बदन को छेड़ रहा था।

URL]


दिव्या: अंकल बाहर राजेश की कार भी नहीं है। प्लीज जल्दी से घर चलिए। कहीं वो कुछ कर न ले।

लाला: डोंट वरी दिव्या, उसमे कुछ करने की हिम्मत नहीं है। देखो आज तुमने मुझे काफी थका दिया है तो अब सुबह ही घर चलेंगे। तब तक राजेश को गुस्सा भी ठंडा हो जायेगा। आओ मेरे पास आकर लेट जाओ।

दिव्या झुंझला कर वहां से चली आती है और फार्महाउस के बाहर आकर खड़ी हो जाती है। वो राजेश को कई बार फ़ोन मिलाती है लेकिन वो फोन नहीं उठाता। करीब एक घंटे तक सड़क पर खड़े रहने के बाद भी उसे कोई आता जाता नहीं दिखता तो वो मन मार कर वापस अन्दर आ जाती है और अपने कमरे में जाकर दरवाजा बंद करके लेट जाती है। रात को कर्नल उसे चोदने के लिए बाहर बुलाता है लेकिन वो नहीं निकलती। कर्नल भी ज्यादा जोर नहीं देता और वापस अपने रूम में लौट जाता है।
 
अगले दिन सुबह रेणुका उसको आवाज देती है की वो लोग निकल रहे हैं तो दिव्या बाहर आती है और चुपचाप जाकर कर्नल की गाडी में पीछे बैठ जाती है। पूरे रस्ते कर्नल उसे समझाने की कोशिश करता है की जो हुआ अच्छा हुआ है और राजेश का गुस्सा धीरे धीरे ठंडा हो जायेगा लेकिन दिव्या एक लफ्ज भी नहीं बोलती।

सोसाइटी पहुँच कर वो सीधा अपने फ्लैट पर जाती है लेकिन राजेश का यहाँ भी कोई पता नहीं था। राजेश अपने कपडे भी ले गया था। वो राजेश को कई बार फोन करती है लेकिन राजेश उसका फोन नहीं उठाता और उसका नंबर ब्लाक भी कर देता है।

करीब तीन महीने निकल जाते हैं पर राजेश दिव्या से कोई संपर्क नहीं करता और न ही दिव्या के फ़ोन या मेसेज का कोई जवाब देता है, इस बीच कर्नल दिव्या के पास अक्सर आ जाता है लेकिन अब दिव्या उसको घर में भी नहीं घुसने देती है। कर्नल इससे काफी परेशान था क्योंकि एक तरफ तो वो सोच रहा था की दिव्या पूरी तरह उसके चंगुल में फंस गयी है लेकिन राजेश के घर छोड़ कर जाने की वजह से उसका पूरा खेल ख़राब हो गया था।

उसने मदन से बचने के लिए स्कूल जाना भी बंद कर देती है और मनीष से भी अब वो चैट या फ़ोन पर बात नहीं करती। अब दिव्या को किसी चीज से कोई मतलब नहीं था, उसको तो बस राजेश का इंतज़ार था।

इसी बीच एक दिन सलमान उसके घर का दरवाजा खटखटाता है। दिव्या दरवाजा तो नहीं खोलती लेकिन अन्दर से पूछती है।

दिव्या: क्यों आये हो यहाँ। मुझे तुम लोगो से अब कोई वास्ता नहीं रखना।

सलमान: मैडम हम अपनी मर्जी से नहीं आये है। हमको पता है की आप परेशान है। भरी जवानी में किसी औरत का आदमी उसे छोड़ जाए तो तकलीफ तो होती है लेकिन नौकरी की मजबूरी में आना पड़ा। अब आप प्रिंसिपल साहब का फ़ोन भी तो नहीं उठा रही है तो उन्होंने सन्देश भिजवाया था की वो आपसे एक बार मिलना चाहते है और अगर आप न आई तो वो आपका विडियो...

सलमान आगे बोल भी नहीं पाया की तब तक बाहर से शोर होने लगा। दरअसल कर्नल ये सब बातें अपने फ्लैट से सुन रहा था और उसको लगा की दिव्या को हासिल करने का ये एकदम सही मौका है तो वो अब बाहर निकल आया था।

लाला: क्यों बे क्या बोल रहा है। तुझे मना किया था न की दिव्या मेमसाब के आस पास न दिखाई देना।

सलमान: नहीं नहीं कर्नल साहब वो प्रिंसिपल साहब ने बोला था की मैडम स्कूल आकर अपना हिसाब किताब कर ले तो यही बताने आया था।

लाला: सुन लिया मैंने की प्रिंसिपल ने क्या बोला है और सुन आज से तेरी नौकरी ख़तम। आगे से सोसाएटी में दिख भी गया न तो तेरी लाश भी नहीं मिलेगी।

सलमान: गलती हो गयी कर्नल साहब।

लाला: भाग जा मादरचोद वरना अभी यही मारना शुरू करूंगा।

सलमान समझ जाता है की इस सोसाइटी में उसके दिन पूरे हो गए हैं तो वो आगे बिना कुछ बोले वहां से चला जाता है।

लाला: दिव्या दरवाजा खोलो, मैं वादा करता हूँ की तुम्हे हाथ भी नहीं लगाऊंगा।

URL]


दिव्या न जाने क्या सोच कर दरवाजा खोल देती है और कर्नल अन्दर आ जाता है। आज करीब दो महीने बाद कर्नल दिव्या को देख रहा था, वो काफी बुरे हाल में थी। उसने एक साधारण सा ड्रेस पहना हुआ था और बिलकुल भी मेकअप नहीं किया था, उदासी उसके चेहरे से टपक रही थी और रो रो कर उसकी आंखे सूज चुकी थीं।
 
रेणुका: मुझको माफ़ कर दो दिव्या। मुझे जरा भी अंदाजा नहीं था की राजेश ऐसे चला जायेगा वरना मैं कुछ भी करके...

दिव्या: जो हो गया अब उसकी क्या बात कर रही हो और वैसे भी कौन सा पति अपनी बीवी को किसी गैर मर्द की बाँहों में देख कर खुश होगा और कुछ गलती तो मेरी भी थी, मुझे राजेश को कर्नल के इरादों के बारे में पहले ही...

रेणुका: नहीं दिव्या, इस सबमे तुम्हारी कोई गलती नहीं थी तुमको शायद पता नहीं है दिव्या लेकिन राजेश को कर्नल के इरादों का अच्छे से पता था। कर्नल ने खुद मेरे सामने उसको अपने इरादे बताये थे और तुमको फार्म पर लेकर आने को बोला था, राजेश सब कुछ जानते बूझते हुए भी तुमको वहां लेकर आया था।

दिव्या: क्या कह रही हो रेणुका?

रेणुका: कसम से मैं झूठ नहीं बोल रही हूँ। राजेश को अच्छे से पता था की कर्नल तुम्हारे साथ क्या करने वाला है। याद करो की उसने कैसे तुम्हारी आँखों पर पट्टी बाँधी थी और तुम्हारे हाथ बाँध कर तुम्हे कर्नल के हवाले कर दिया था।

दिव्या: लेकिन तब तो राजेश के किसी दोस्त का एक्सीडेंट हो गया था, मेरे सामने उसको फोन आया था।

रेणुका: किसी को कुछ नहीं हुआ था, वो फोन कर्नल ने उसे किया था और वो तुमको कर्नल के रहमो करम पर छोड़ कर रात भर मेरे साथ पड़ा था। कर्नल ने उसके साथ यही डील की थी की तुम्हारे बदले वो राजेश को मेरे साथ सेक्स करने देगा।

दिव्या: अगर तुम सच कह रही हो तो वो मुझे छोड़ कर क्यों जाता?

रेणुका: उस दिन जब वो होश में आया तो तुम उसको नामर्द बोल रही थी इसीलिए शर्मिंदा हो कर भागा है नाराज होकर नहीं। मेरा विश्वास करो, तुम बेवजह अपने को सजा दे रही हो और तुम्हारी ये हालत मुझसे देखी नहीं जाती इसीलिए तुमको ये सब बता रही हूँ वरना कर्नल ने मुझे सख्त मना किया है तुमसे इस तरह की कोई बात करने को। अब तुम हाथ मुंह धो लो और कुछ खा लो। तुम्हारी शकल देख कर लग रहा है की न तो तुम कई दिनों से सोई हो और न ही तुमने कुछ खाया है।

रेणुका की ये बातें सुनकर दिव्या का गिल्ट एकदम से ख़तम हो जाता है और उसे अब राजेश के ऊपर गुस्सा आने लगता है की वो पति होकर उसके साथ ऐसा कैसे कर सकता है। कर्नल ने रेणुका को इसी काम के लिए यहाँ भेजा था जो उसने बखूबी अंजाम दिया। धीरे धीरे रेणुका दिव्या को नार्मल करने की कोशिश करती रहती है।

अगले एक महीने में दिव्या काफी ठीक हो जाती है लेकिन तब धीरे धीरे उसका पेट फूलने लगता है।

URL]


वो रेणुका के पूछने पर बताती है की काफी दिनों से उसके पीरियड्स नहीं हुए है और उसे लग रहा था की वो प्रेग्नेंट है और जाहिर सी बात थी की ये बच्चा कर्नल का ही है क्योंकि कर्नल ने उसे बोला था की वो कभी बच्चा पैदा नहीं कर सकता तो दिव्या ने कर्नल से सेक्स के बाद कोई गर्भनिरोधक गोली नहीं ली थी। कर्नल को भी रेणुका के जरिये पता चल जाता है की दिव्या उसके बच्चे की माँ बनने वाली है।

कर्नल और रेणुका अगले दिन दिव्या को कर्नल की दोस्त डॉक्टर नीलम के पास चेकअप के लिए ले जाते हैं।
 
नीलम (चेकअप के बाद): फिलहाल तो सब कुछ नार्मल है कर्नल साहब लेकिन ये काफी कमज़ोर हैं। लगता है ठीक से खाती पीती नहीं है। थोडा ध्यान रखिये और मैं एक डाइट चार्ट देती हूँ उसको फॉलो कीजिये।

दिव्या: डॉक्टर मैं ये बच्चा अबो्र्ट कराना चाहती हूँ।

नीलम: आई ऍम अफ्रेड मिसेस दिव्या की अब ये पॉसिबल नहीं है। आपको ये फैसला पहले करना चाहिए था, अब आपने काफी देर कर दी है।

दिव्या: कोई आप्शन नहीं है क्या? मेरी शारीरिक और मानसिक स्थिति इस वक़्त बच्चे के लिए ठीक नहीं है।

नीलम: तुम्हारी शारीरिक और मानसिक देखभाल के लिए मेरे पास डॉक्टरो की टीम है जो तुम्हारी अच्छे से देखभाल करेंगे दिव्या और कर्नल साहब आप इनको समझाइये की अब ये वक्त इन सब बातों को सोचने का नहीं है। अब तो बच्चे की देखभाल के बारे में सोचिये।

लाला: मैं और रेणुका तुम्हारे साथ है दिव्या सो डोंट वरी। एवरीथिंग विल बी फाइन।

अगले कुछ महीनो तक कर्नल और रेणुका दिव्या का भरपूर ख्याल रखते हैं। धीरे धीरे दिव्या के मन से कर्नल के लिए नफरत ख़तम हो जाती है और राजेश के लिए उसका गुस्सा बढ़ता ही जाता है। तय समय पर दिव्या एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देती है। डिलीवरी एकदम नोर्मल होती है और दिव्या को तीन दिन में ही हॉस्पिटल से छुट्टी मिल जाती है। रेणुका और कर्नल दिव्या को घर ले आते है। तीन चार हफ्ते और निकल जाते हैं और कर्नल को शराफत का नाटक करते लगभग दस महीने हो चुके थे और अब उससे ये नाटक और नहीं हो पा रहा था। एक दिन कर्नल दिव्या के पास आकर कहता है।

लाला: दिव्या जब तुम हॉस्पिटल में थीं तब राजेश ने एक ब्रोकर भेजा था। वो ये फ्लैट बेचने जा रहा है और बोला है की तुम ये फ्लैट जल्द से जल्द खाली कर दो।

दिव्या: व्हाट? वो बास्टर्ड जानता है की अब मेरा कोई नहीं है। बस फादर ही बचे थे तो वो भी तीन साल पहले गुजर गए इसीलिए मुझे परेशान कर रहा है।

लाला: देखो दिव्या फ्लैट उसी के नाम है इसीलिए वो चाहे तो बेच तो सकता ही है। फिर भी मैं अपने वकील से बात करता हूँ बट आई थिंक की तुमको बच्चे को लेकर कुछ दिन के लिए फार्म हाउस पर चले जाना चाहिए। तुम्हारा मन भी बदल जायेगा और बच्चे की हेल्थ के लिए ठीक रहेगा। फिर जैसा वकील कहेगा करेंगे।

दिव्या: जैसा आप ठीक समझे।

लाला: तो चलो फिर रेडी हो जाओ। आधे घंटे में निकलते हैं।

दिव्या के मन में एक अजीब सी बेचैनी होने लगती है। वो जानती है की कर्नल उसे फार्म हाउस पर ले जाकर चोदने की कोशिश जरूर करेगा लेकिन अब वो कहीं न कहीं कर्नल से चुदने के लिए तैयार थी। पिछले कुछ महीनो में जैसे कर्नल ने उसका ख्याल रखा था उससे वो खुश थी और राजेश को तो वो लगभग भूल ही गयी थी। और सबसे बड़ी बात की दिव्या ने भी तो दस महीनो से किसी से चुदवाया नहीं था तो उसकी प्यास भी इस वक़्त चरम पर थी।

वो कर्नल से चुदने का मन बनाकर तैयार होने लगती है। आज बहुत दिनों बाद वो एक अच्छी सी ड्रेस पहनती है और मेकअप करती है। तैयार होने के बाद वो अपने को शीशे में निहारती है, बच्चा होने से उसका वजन हल्का सा बढ़ गया था लेकिन आज भी वो किसी भी नयी लड़की से इक्कीस ही लग रही थी। तभी कर्नल का फ़ोन आता है।

दिव्या: हेल्लो।

लाला: तैयार हो गयी दिव्या?

दिव्या: जी।

लाला: तो नीचे पार्किंग में आ जाओ। मैं यही गाडी में तुम्हारा वेट कर रहा हूँ।

URL]


दिव्या फ्लैट लॉक करके नीचे पहुँच जाती है। इतने दिन बाद दिव्या को अच्छी तरह तैयार देख कर आज कर्नल का लंड फिर से झटके लेने लगता है। वो फ़ौरन उसके हाथ से बैग लेकर डिक्की में रख लेता है और बच्चे को पीछे की सीट पर लगी बच्चे की स्पेशल सीट पर बिठा कर दिव्या को आगे बैठने को कहता है।
 
लाला: तुम आराम से आगे बैठो दिव्या।

दिव्या: ठीक है अंकल।

लाला: यार अब तो अंकल मत कहा करो। अब तो मैं तुम्हारे बच्चे का बाप भी बन गया हूँ।

URL]


दिव्या कर्नल की बात सुन कर शर्मा जाती है और आगे की सीट पर बैठ कर बोलती है।

दिव्या: ठीक है कर्नल साब।

लाला: चलो अंकल से तो सही ही है लेकिन कहना तो तुमको जानू चाहिए। हाहाहा...

दिव्या: प्लीज कर्नल साब...

इसी तरह के हंसी मजाक करते हुए कर्नल दिव्या को लेकर फार्महाउस पहुँच जाता है लेकिन फार्महाउस पहुँचते ही दिव्या का मूड खराब हो जाता है क्योंकि उसको सामने सलमान दिख जाता है।

दिव्या: कर्नल साब ये यहाँ क्या कर रहा है?

लाला: अरे मैं तुमको शायद बताना भूल गया की मैंने इसको यहाँ नौकरी दे दी थी। दरअसल इसको स्कूल से निकाले जाने के बाद कोई काम नहीं मिला और गाँव में इसके बीवी बच्चे भूखे मर रहे थे तो इसने कुछ दिन पहले आकर मेरे पांव पकड़ लिए। इसके कमीनेपन की सजा इसके बीवी बच्चो को क्यों मिले मैंने यही सोच कर इसे यहाँ नौकरी दे दी।

दिव्या: लेकिन मैं इसके साथ यहाँ कैसे रहूंगी? आपको तो सब पता ही है।

लाला: अब अगर इसने तुम्हारी तरफ गन्दी नजर से देखा भी तो इसकी आँखे निकाल लूँगा। ये जानता है की अब तुम किसी कमजोर आदमी के साथ नहीं हो लेकिन अगर तुम कहो तो अभी फ़ौरन इसको निकाल देता हूँ पर एक बार इसके बीवी बच्चो के बारे में सोच लेना।

दिव्या (मन मारकर): ठीक है। रहने दीजिये लेकिन इसको बोल दीजियेगा की मेरे पास न ही आये तो अच्छा है।

लाला: तुम चिंता न करो। (चिल्लाकर सलमान से) अबे इधर आ।

सलमान दौड़ कर गाडी के पास आ जाता है ।

लाला: चल जल्दी से मालकिन का और मेरा सामान निकाल कर अन्दर कमरे में रख दे और फिर इनके लिए कुछ खाने का इन्तेजाम कर।

सलमान चुपचाप दिव्या का सामान गाडी से निकालता है और अन्दर चला जाता है। वही दिव्या को अपने लिए कर्नल के मुंह से मालकिन सुनकर बड़ा अजीब लगता है। कर्नल तो उसको ऐसे बुला रहा था जैसे की वो उसकी बीवी हो। कर्नल दिव्या को लेकर अन्दर जाता है तो दिव्या देखती है की सलमान ने उसका सामान भी कर्नल के बेडरूम में ही रख दिया है। वो कुछ बोलती इससे पहले ही कर्नल उसको बोलता है।

लाला: मैंने ही उसको बोला है हम एक ही कमरे में रहेंगे। लाओ बच्चे को मुझे दे दो और तुम जाकर फ्रेश हो लो।

दिव्या: क्यों रेणुका नहीं आ रही क्या?

लाला: नहीं, कल उसका पति वापस आ गया है तो मैंने उसको डिस्टर्ब करना ठीक नहीं समझा।
 
जिस फार्म में ये फार्महाउस था वहां काफी सारे पेड़ वगेरह भी लगे हुए थे। फार्महाउस के पीछे ही तरफ एक स्टोर था जिसमे खेती का सामना वगेरह था और वही एक छोटा सा तबेला भी था जिसमे 4-4 गायें भैसें थी। साथ ही एक बैल और एक भैंसा भी था। उसके बगल में ट्रेक्टर का गैराज था और उसके साथ की एक अस्तबल था जिसमे एक घोड़ा भी था। कुल मिलाकर काफी बड़ा फार्म था। कर्नल ने दिव्या को लाने से पहले फार्म के सारे नौकरों को छुट्टी दे दी थी तो पूरे फार्म की देखभाल भी अब सलमान के जिम्मे ही थी। राजेश जाकर सलमान के कमरे में छुप गया। तब तक दिव्या भी फ्रेश होकर आ गयी और कर्नल के साथ खाना खाने बैठ गयी।

URL]


खाना अच्छा बना था और दिव्या भूखी भी थी तो दोनों लोगों ने फटाफट खाना ख़त्म कर दिया।

लाला: सलमान तुम बच्चे का ध्यान रखो, हम थोडा सो लेते है। दिव्या भी थक गयी होगी। (कर्नल मुस्कुराते हुए)

सलमान: ठीक है कर्नल साहब लेकिन अगर मालकिन बच्चे को दूध पिला कर जाती तो अच्छा होता वरना ये रोने लगेगा तो आप लोग आराम से सो नहीं पाएंगे।

लाला: हाँ दिव्या, तुम इसको दूध पिला दो।

दिव्या बच्चे को लेकर सामने के रूम में चली जाती है लेकिन करीब 15 मिनट की कोशिश के बाद भी बच्चा दूध नहीं पीता तो वो रूम से बाहर आ जाती है। कर्नल दिव्या से बच्चा लेकर सलमान को दे देता है और दिव्या की कमर में हाथ डालकर उसे अपने रूम में ले जाता है। दोनों के अन्दर जाते ही सलमान राजेश को बुला लाता है और दोनों कान लगाकर अन्दर की बातें सुनने लगते है।

अन्दर जाते ही कर्नल दिव्या को चूमने लगता है।

दिव्या तो मन बनाकर आई थी की यहाँ लाकर कर्नल उसके साथ क्या करने वाला है तो वो भी कर्नल का पूरा साथ देती है। कर्नल दिव्या के मम्मो को उसकी ड्रेस से बाहर निकाल कर चूसने लगता है। दिव्या सिस्कारिया भरने लगती है। फिर कर्नल अपने कपडे उतार कर पूरा नंगा हो जाता है और दिव्या को लंड चूसने का इशारा करता है। दिव्या कर्नल का लंड पकड़ कर सहलाने लगती है।

URL]


कर्नल का लंड अब धीरे धीरे विशाल रूप लेने लगता है। दिव्या कर्नल के लंड को मुंह में लेकर चूसना शुरू करती है जिससे कर्नल का लंड पूरा तन जाता है। कर्नल धीरे धीरे धक्का देकर सुपाड़ा दिव्या के हलक में ठूँस देता है। अब दिव्या लंड चूसने में एक्सपर्ट हो चुकी थी तो अब उसको गले तक लंड जाने में कोई ख़ास दिक्कत नहीं होती है। कर्नल को भी दिव्या के ऐसे लंड चूसने में परम आनंद मिल रहा था। दिव्या काफी देर तक कर्नल का लंड चूस कर थक गयी थी लेकिन कर्नल झड़ने का नाम नहीं ले रहा था। जब दिव्या लंड चूसते चूसते थक कर रुक गयी तो कर्नल ने उसके सारे कपडे उतार कर उसे बेड पर लिटा दिया और दिव्या की चूत पर मुंह रख कर चाटने लगा। दिव्या पांच मिनट में ही झड़ गयी और कर्नल दिव्या का सारा रस पी गया।

URL]
 
फिर कर्नल ने दिव्या की टाँगे फैलाई और उसकी गुलाबी चूत पर अपना हलब्बी लंड रख कर रगड़ने लगा। दिव्या की आह निकल गयी और उसने अपनी आँखों को कर्नल की आँखों में डाल कर उसे एक तरह से चोदने का निमंत्रण दिया लेकिन कर्नल ने लंड अन्दर नहीं डाला और वैसे ही रगड़ कर दिव्या को तड़पाता रहा। आखिर दिव्या कई महीनों से लंड की भूखी थी तो उससे सहन नहीं हुआ और उसने धीरे से कर्नल से कहा।

दिव्या: अब डाल भी दीजिये अंकल।

लाला: अंकल बोलोगी तो बिलकुल नहीं डालूँगा।

दिव्या: ओफ्फो कर्नल साहब क्यों सता रहे हैं।

लाला: कर्नल साहब भी नहीं। वो बोलो जो अपने पति को बोलती।

दिव्या: उफ्फ्फ जानू अब डाल भी दो न।

दिव्या के जानू बोलते ही कर्नल के अन्दर एक उबाल सा आता है और वो एक जोर का धक्का मारता है और उसका लंड दिव्या की चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस जाता है। कई महीनो के बाद दिव्या ने आज लंड लिया था इसीलिए चूत पूरी गीली के बावजूद उसके मुंह से एक जोरदार चीख निकल जाती है। सलमान जो बच्चे को सुला कर आ वहीँ घूम रहा था दिव्या की चीख सुनते ही दरवाजे पर कान लगा कर अन्दर की आवाजे सुनने लगता है। कर्नल अब तक दिव्या की ताबड़तोड़ चुदाई शुरू कर चूका था और ठप ठप की आवाजे सलमान को साफ़ सुनाई दे रही थी।

URL]


लाला: मजा आ रहा है न मेरी जान।

दिव्या: हाँ जानू ऐसे ही करते रहो।

लाला: आह दिव्या अगर तुम न होती तो मैं तो बिना प्यार के ही मर जाता।

दिव्या: उफ्फ्फ आःह्ह आप तो हैं ही प्यार करने लायक हैं इसीईईलिए ये तो आह्ह्ह्ह मेरी खुशकिस्मती है की आआआप मुझे मिले।

लाला: मन तो करता है की तुमसे निकाह कर लूं लेकिन फिर सोचता हूँ की तुम्हारे उस पति का क्या होगा।

दिव्या: उस नामर्द का नाम लेकर मेरा मूऊऊड मत ख़राब कीजिये आःह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़। आह्ह्ह बस ऐसे ही मुझे प्यार कीजिये आःह्ह्ह।
 
राजेश: अच्छा तो कर्नल तुम्हारे गाँव का है फिर तो तुमको पता होगा की इसकी बीवी कैसे मरी?

सलमान: आपसे किसने कहा की इसकी बीवी मर गई? अरे वो अपने बेटे के साथ इसको छोड़ कर चली गयी।

राजेश: क्या कह रहे हो? इसका बेटा भी है? ये तो खुद बोलता है की इसकी बीवी काफी पहले मर गयी।

सलमान: तो अब किस मुंह से लोगो को सच्चाई बतायेगा। साला शुरू से ही बहुत ठरकी है लेकिन इसकी बीवी बर्दाश्त करती रही लेकिन फ़ौज से निकाले जाने के बाद तो ये छुट्टा सांड बन गया। दो नम्बरी काम करके पैसा भी खूब बनाया लेकिन औरतों का चक्कर पहले से भी बढ़ गया। हद तो तब हो गयी जब बेटे की शादी के बाद इसने बहू को भी नहीं छोड़ा। चोद चोद कर उसको भी रंडी बना दिया। एक दिन रंगे हाथ बीवी और बेटे ने इसको पकड़ लिया और वो दोनों इसको छोड़ कर चले गए। कुछ दिन इसने बहू के साथ गुलछर्रे उडाये फिर जब मन भर गया तो उसको भी भगा दिया। अब वो अपने माँ बाप के साथ रहती है।

राजेश: कहीं ये सब अफवाह तो नहीं है।

सलमान: अरे साहब मैं सुनी सुनाई बात नहीं बोलता। इसने खुद अपनी बहू को मुझसे चुदवाया है। जब ये लड़की से बोर होने लगता है तो पहले उसको अपने दोस्तों के हवाले कर देता है, फिर प्रिंसिपल और मेरे।

राजेश: लेकिन दिव्या को तो लगता है ये बहुत चाहता है...

सलमान: हर नए माल के साथ ये शुरू में ऐसा ही करता है। लेकिन दिव्या को भी ये रंडी बना देगा। नंगा घुमायेगा तुम्हारी बीवी को सड़क पर।

URL]


गैंगबैंग करवाएगा अपने अफ्रीकन दोस्तों से।

URL]


दस दस लौड़े खाएगी तुम्हारी बीवी यही पर और आखिर में फिर से मुझसे ही चुदेगी तुम्हारी दिव्या फिर जब कोई नयी मिल जाएगी तो उसको भी भगाएगा कर्नल। तुम चार पांच महीने इंतज़ार करो खुद ही तुम्हारे पास आ जाएगी तुम्हारी बीवी और अगर वापस नहीं चाहिए तो कर्नल को बोल दो। किसी कोठे पर बेच देगा वो उसको और बच्चे को अनाथालय में डाल देगा।

राजेश: नहीं मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। सलमान कुछ भी करके दिव्या को बचाओ। मैं तुम्हे इतने पैसे दूंगा की तुमको नौकरी नहीं करनी पड़ेगी।

राजेश ने सलमान से उसकी मदद करने को कहा क्योंकि वो नहीं जानता था की दिव्या की बर्बादी की शुरुवात में सलमान का कितना बड़ा हाथ था लेकिन सलमान ने साफ़ इंकार कर दिया।

सलमान: चुपचाप सो जाओ साहब। तुम कर्नल को नहीं जानते। मुझको अपनी जान प्यारी है अगर मैंने ऐसा कुछ किया तो वो मुझे पाताल से भी ढूंढ कर निकाल लेगा।

ये बोलकर सलमान सो जाता है। राजेश सलमान की बातों से डर जाता है लेकिन उसे कोई रास्ता नजर नहीं आता। थक हार कर वो भी सो जाता है। वो सपने में देखता है की दो गोरे दिव्या को गोद में उठा कर चोद रहे हैं और दिव्या हंस कर उनका लंड एक साथ ले रही है।

URL]


घबराकर जब उसकी नींद खुलती है तो वो देखता है की सलमान कमरे में नहीं है। अचानक उसको दिव्या की हलकी हलकी चीख सुनाई देती है। राजेश धीरे से बाहर देखता है तो उसे कोई भी नहीं दिखता। वो बाहर आकर घर की तरफ जाने लगता है की तभी उसे लगता है की आवाजें फार्म हाउस के पीछे की तरफ से आ रही हैं।
 
Back
Top