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Adultery वासना की मारी औरत की दबी हुई वासना

[SIZE=150%] चल फ्रिज में से स्ट्राबेरी और दूध निकाल कर ला | प्रियम आज्ञाकारी बच्चे की तरह दोनों चीजे ले आया | चल स्ट्राबेरी मेरी चूत में घुसेड़, फिर मेरे चूत त्रिकोण पर ट्रायंगल शेप में सजा |

प्रियम कराहते हुए लंड की तरफ इशारा करते हुए - चाची बहुत दर्द कर रहा है |

रीमा गरजी - करता है या मारू फिर से | इतना कहकर उसने लेडल की ताड़ बतोड़ 5 - 8 जोरदार चपत प्रियम के लंड पर लगा दी | प्रियम कराह कर रह गया | उसकी आँखों से आंसू निकल आये | रीमा के चेरे पर कोई भाव नहीं आये उसने अपनी जांघे हाथों में थामकर सीने से चिपका ली और चूत में स्ट्राबेरी डालने के लिए प्रियम का रास्ता साफ़ कर दिया | खड़े लंड पर हुए प्रहार से दर्द से बिलबिलाता प्रियम स्ट्राबेरी उठाकर रीमा की कसी चूत में घुसाने लगा |

मेरी चूत कौन चाटेगा साले तेरा बाप, उसे बुलाऊ, सुखी स्ट्राबेरी सूखी चूत में घुसेड रहा है | पहले उसे गीली कर फिर चूत को चाट, फिर चूत में डाल, | साले बस औरत को चोदने का ख्वाब देखने लगते है , पता उसकी झांट के एक बाल के बराबर भी नहीं | पहले औरत और उसकी चूत का क ख ग तो सीख लेता, लंड खड़ा होने लगा तो चूत चाहिए तुमारे जैसे चुतियो को | अन्दर तक घुसा स्ट्राबेरी ...... रोहित के कपूत, तुमारी माँ की चूत |

प्रियम ने दो स्ट्राबेरी रीमा की चूत में घुसा दी - बाकि ऊपर झांटो के सफाचट जंगल पर लगा | प्रियम ने इस बार बिना रीमा के टोके ही उस पर स्ट्राबेरी से ट्रायंगल बना दिया |

अब वो दूध की जग उठा और मुझे दे | प्रियम ने बिलकुल वैसा ही किया आज तक तूने औरत की चुचियो से ही दूध पिया होगा | तुझे आज मै औरत की चूत से दूध पिलाती हूँ | चल जाकर नीचे चूत के सामने बैठ, और गांड के छेद के पास अपना मुहँ खोलकर बैठ | आज तुझे अपनी चूत का बना स्ट्राबेरी चूत शेक पिलाती हूँ | रीमा ने हलके हलके दूध को खुद पर गिराना शुरू किया, स्ट्राबेरी के बीचे से होता हुआ, रीमा के चूत के कसे गुलाबी ओंठो पर से बहता हुआ दूध नीचे प्रियम के मुहँ में गिरने लगा | जब दूध का आधा जग खाली हो गया तो रीमा ने अपनी चूत पर जोर डाला और पक्क से एक स्ट्राबेरी उसकी चूत से निकल प्रियम के मुहँ में जा गिरी |

रीमा - चल शेक बना अपने मुहँ में चूत दूध और चूत स्ट्राबेरी का और गटक जा, फिर तुझे आगे जन्नत दिखाती हूँ | प्रियम ने बिलकुल वैसा ही किया |

रीमा ने धीरे धीरे सारा जग खाली कर दिया, प्रियम भी डर के मारे इतनी सावधानी से बैठा रहा की दूध की एक बूँद भी बाहर नहीं गिरी | दूध की आखिरी बूँद ख़त्म होते ही दूसरी स्ट्राबेरी चूत से निकालकर प्रियम के मुहँ में जा गिरी | प्रियम उसे भी खा गया |

रीमा - चल ये बाकि स्ट्राबेरी उठकर उधर प्लेट में रख और जीतन दूध लगा है चूत के आसपास सब चाट कर जा | प्रियम ने बिलकुल वैसा ही किया |

जो भी हो रहा था वो प्रियम की सोच से कही बढ़कर था लेकिन वो इनमे से किसी का भी आनंद नहीं ले सकता था | वो बस एक आज्ञाकारी बच्चे की तरह ये सब करता जा रहा था | रीमा को भी पता था प्रियम का लंड काफी देर से अकड़ा हुआ है, उसे लगा इतनी सजा काफी इस लड़के को | अपने अन्दर मन से नरमी लाते हुए लेकिन उसी टोन से बोली - इधर आज तेरा खूंटा नरम कर दू नहीं तो तेरी गोटिया फट जाएगी |

प्रियम का लंड अपने हाथ में लेते ही बहुत जोर जोर से मुठ मारने लगी | प्रियम का लंड पूरी तरह अकड़ा हुआ था और सख्त भी फिर भी प्रियम की हालत असल में अब ख़राब होने लगी, इससे अच्छा था की उसकी चाची उसके लंड को हाथ न लगाती | बिलकुल किसी गाड़ी के पिस्टन की तरह रीमा प्रियम के लंड पर हाथ चला रही थी, इस हालत में भी उसके पत्थर जैसे कठोर लंड पर उसे रीमा के जकड़न का दर्द हो रहा था, प्रियम दर्द और वासना से पागल हुआ जा रहा था | प्रियम दर्द से कराह रहा था या वासना से, इस वक्त ये बताना मुश्किल हो गया था | रीमा अपनी फुल स्पीड में उसके लंड पर स्ट्रोक कर रही थी | इसलिए जल्दी ही प्रियम झड़ने की कगार पर पहुच गया | प्रियम की हालत देख रीमा से स्ट्राबेरी से भरी प्लेट उठाई और उसके सामने प्रियम के लंड को जोर जोर से रगड़ने लगी |

प्रियम की पहले सी फूली गोलियां और ज्यादा दबाव सह नहीं पाई और अपना गरम सफ़ेद लावा छोड़ दिया | जो ऊपर की तरफ बहता हुआ उसके लंड के सुपाडे से स्ट्राबेरी पर गिरने लगा |

प्रियम के मुहँ से बस एक आखिरी कराह निकली - आआआआआआआआह्हीईईईईईईईईईइ स्सस्सस्सस्सस्सस्सस ऊऊऊऊऊऊऊऊऊऊओह्हह्हह्हह्हह |

प्रियम बस दांत भींचे झड रहा था और रीमा उसके अन्दर की एक एक बूँद निचोड़ लेना चाहती थी - चल जब तक एक एक बूँद बाहर न निकल आये हिलाते रह इसको | तब तक मै बाथरूम से आई | रीमा अपने मांसल भरी चूतड़ मटकाती हुई बाथरूम में चली गयी और प्रियम अपने लंड को लगातार हिलाए जा रह था ताकि उसमे का बचा रस भी निचुड़ आये |

प्रियम सोच रहा था कहाँ फंस गया, कहाँ पिछली बार चाची ने कितनी आराम से लंड चूसा था अबकी बार कहाँ फंस गया, आज तो मेरी गांड ही फाड़ के रख दी है, रीमा चाची तो ऐसी नहीं थी | गलती सारी मेरी है मुझे किसी भी कीमत पर घर के अन्दर नहीं आना चाहिए था, बल्कि मुझे यहाँ आना ही नहीं चाहिए था | रीमा चाची से जितना हो सके उतना दूर रहना चाहिए था, अब तो बस ऊपर वाले का सहारा है,.........यही सोचते सोचते उसका हाथ लंड पर धीमा हो गया | तभी पीछे से उसके सर पर पड़ा तड़ाक..........|

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[SIZE=150%] प्रियम सोच रहा था कहाँ फंस गया, कहाँ पिछली बार चाची ने कितनी आराम से लंड चूसा था अबकी बार कहाँ फंस गया, आज तो मेरी गांड ही फाड़ के रख दी है, रीमा चाची तो ऐसी नहीं थी | गलती सारी मेरी है मुझे किसी भी कीमत पर घर के अन्दर नहीं आना चाहिए था, बल्कि मुझे यहाँ आना ही नहीं चाहिए था | रीमा चाची से जितना हो सके उतना दूर रहना चाहिए था, अब तो बस ऊपर वाले का सहारा है,.........यही सोचते सोचते उसका हाथ लंड पर धीमा हो गया | तभी पीछे से उसके सर पर पड़ा तड़ाक..........|

रीमा ने उसके एक और जड़ दिया - औरत को चोदना है तो उसका कहना मानो, जब तक वो नया कुछ न बताये पिछला बताया करते रहो |

रीमा को पता था प्रियम का लंड झड़ते ही मुरझाना शुरू कर देगा, इसलिए उसने आते ही प्रियम का लंड अपने हाथ में ले लिया और फिर से स्ट्रोक लगाने लगी | तेजी से लंड पर अपना हाथ ऊपर नीचे चलाते चलाते रीमा ने उसके लंड को कोको रस से सरोबार कर दिया और मुहँ में लेकर चूसने लगी |

प्रियम हैरान था, मन ही मन सोच रहा था - ऊऊऊऊऊऊऊफ्फ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़, रीमा चाची क्या कर रही है, क्या चाहती है | अभी अभी तो झड़ा हूँ, आआआआआआआआह्हीईईईईईईईईईइ, क्या कर रही है, आज तो लग रहा है मेरे लंड की जान ही ले लेगी |

रीमा जीतनी तेज मुहँ से उसके लंड को चूस सकती थी, जीतनी तेज स्ट्रोक मार सकती थी मार रही थी | प्रियम की गोलिया जांघे सब कोको रस से सन गए थे | लेकिन झड़ने के बाद लंड का मुरझाना तो प्राकृतिक है सो प्रियम का लंड नरम हो गया लेकिन रीमा को कहाँ चैन था रीमा ने गिलास में कोको रस भरकर उसमे पूरा का पूरा प्रियम का लंड और गोलिया डुबो दी, प्रियम का लंड और गोलिया सब पूरी तरह से कोको रस से सरोबार हो गए | ऐसा लग रहा था जैसे प्रियम का लंड गोरा न होकर चोकलेटी हो | रीमा गपागप उसे चाटने चूमने और चूसने लगी | उसे जल्द से जल्द प्रियम का लंड खड़ा करना था |

उसने जल्दी ही चूस चूस कर प्रियम का लंड खड़ा कर दिया लेकिन उसकी छाती भी कोको रस से सान गयी | उसके हाथ भी कोको रस से सने हुए थे | और वो बेतहाशा प्रियम का लंड चुसे जा रही थी | प्रियम की उत्तेजना बढ़ने लगी, साथ ही उसकी कराहे भी | रीमा ना केवल कोको रस से सने लंड को चूस रही थी बल्कि बेदर्दी से मसल कर मुट्ठ भी मार दे रही थी | लंड को चूसना और मुठियाना दोनों साथ साथ चल रहे थे | रीमा की बड़ा मजा आ रहा था इतनी स्पीड में चूसने मुठीयाने में लेकिन प्रियम के लिए ये कोई प्लेजर वाली बात नहीं थी | वो अभी अभी झाड़ा था उसके लिए इतनी जल्दी खुद को फिर से तैयार करना मुश्किल हो रहा था वो अलग बात थी की रीमा की हरकतों और क्रियाकलापों की वजह से प्रियम का शरीर रेस्पोंद कर रहा था | रीमा भी शायद प्रियम को सबक देना चाहती थी की वो अपनी हद में रहे | औरत और उसकी चूत चुदाई कोई लड़कपन का मजाक नहीं होता | जब कोई औरत चुदती है तो उसका बहुत कुछ दांव पर लग जाता है इसलिए औरत हमेशा ऐसे मर्द से चुदना पसंद करती है जो उसकी कीमत जानता हो, जिसे पता हो औरत जब किसी के सामने नंगी होती है और फिर चुदती भी है तो वो कितना कुछ उस पर लुटाकर, उसी पर न्योछावर कर देती है | जिसे औरत के समर्पण की कीमत नहीं मालूम, उसे उसको चोदने का भी कोई हक़ नहीं , शायद यही सबक रीमा प्रियम को देना चाहती थी | औरत और मर्द के बीच के रिश्ते की गंभीरता का सबक शायद प्रियम के लिए जरुरी भी था | किसी औरत को नंगा करके चोदना सिर्फ वासना और हवस का ही खेल भर नहीं है | उसमे आगे पीछे उस औरत और मर्द के जज्बात, रस, गंध, स्पर्श बहुत कुछ जुड़ जाता है | वरना फिर रंडी और एक आम औरत की चूत में कोई फर्क नहीं रहेगा | चुदाई दोनों जगह एक जसी ही होती है लेकिन रंडी के पास गया आदमी सिर्फ अपनी हवस मिटा पाता है, प्यार का भूखा वो हमेशा रहता है | रंडी के पास उसे सिर्फ चूत मिलती है जबकि जिस औरत के साथ उसका लगाव हो वहां उसे चूत के साथ साथ प्यार समर्पण स्नेह सुकून और संतुष्टि सब मिलता है | प्रियम के लिए इस कच्ची उम्र में ये सबक सीखना जरुरी था | प्रियम का खुद पर कोई काबू नहीं था, रीमा अपने पुरे दम से उसे निचोड़ने में लगी थी | रीमा उसका लंड बुरी तरह चूस रही थी और वो बुरी तरह हांफ रहा था |

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[SIZE=150%] प्रियम का लंड मुठियाते/ चूसते काफी समय हो गया था, रीमा ने चाट चाट कर कोको का नामोनिशान प्रियम के जिस्म से मिटा दिया था | प्रियम फिर से झड़ने की कगार पर पंहुच गया था | उसकी कराहे बता रही थी की वो कभी भी झड सकता है रीमा ने तेजी से उसके लंड पर हाथ चलाना शुरू कर दिया और सामने के एक प्लेट में मफिन रख दिया | प्रियम के हाथ पैर फिर ऐठ गए, शरीर अकड़ गया और प्रियम की पिचकारी फिर से छुटने लगी | और साथ आठ पिचकारी में ही प्रियम का काम तमाम हो गया | उसके लंड रस से मफिन भीग गया और रीमा ने स्ट्राबेरी के बाद एक और प्लेट प्रियम के लंड रस से तैयार कर ली | उसने प्लेट में फैले बाकि लंड रस से चार मफिन तैयार कर लिए | एक मफिन को खाने भी लगी |

प्रियम अपनी सांसे काबू करने लगा, रीमा ने उसकी तरफ एक मफिन बढ़ाते हुए पुछा - खायेगा, तेरा ही रस है एक टेस्ट करके तो देख | प्रियम ने अनिक्षा जाहिर करी | रीमा प्रियम को साँस नहीं लेने देना चाहती थी, आज चार पांच बार लगातार झाड़ के उसकी ठरक को हमेशा के लिए उतार देना चाहती थी | वो चाहती थी आज के बाद कभी अपनी ठरक में इस कदर न बेबस हो जाये की इस हद तक आ जाये, जैसा आज उसने किया | इससे पहले प्रियम अपनी सांसे काबू कर पाता और प्रियम का लंड मुरझाता | रीमा ने उसके तने लंड पर क्रीम उड़ेल दी और जीभ से चाटने लगी | प्रियम के झाड़े लंड के सुपाडे में अजीब सी संवेदना हो रही थी, जैसे ही रीमा उसके सुपाडे को कसकर चुस्ती, प्रियम के शरीर में सनसनाहट दौड़ जाती | उसका लंड दुबारा खड़ा होने से मना कर रहा था लेकिन स्थितियां प्रियम के हाथ में नहीं थी | प्रियम की हिम्मत तो नहीं हो रही थी लेकिन रीमा ने उसे सख्त हिदायत दे रही थी कि वो अपना लंड जड़ से पकड़कर थामे रखे, ताकि की उसमे कड़ापन बना रहे | प्रियम ने बिलकुल वैसा ही किया | रीमा ने प्रियम के सुपाडे पर ही ढेर सारी क्रीम उड़ेल दी |

जब सुपाडे पर जरुरत से ज्यादा क्रीम हो गयी तो वो रीमा की भरी पूरी सुडौल छातियों के उभारो पर जा गिरी | रीमा ने उसे अपने सुडौल तने हुए स्तनों पर और अपने गोरे दमकते गुलाबी जिस्म पर फैला दिया | प्रियम का लंड जड़ से थामकर उसके सुपाडे पर लगी क्रीम चाटने लगी | प्रियम दो बार झड चूका था, जब रीमा उसके सुपाडे पर जीभ फिराती तो उसके सुपाडे में अजीब सी सनसनाहट हो रही थी, जो उसे बर्दास्त करनी पड़ रही थी | ये मुश्किल था लेकिन प्रियम के आगे और कोई चारा नहीं था | शरीर की अपनी एक प्रक्रिया होती है जहाँ आदमी का लंड झड़ने के बाद कुछ देर तक सुस्ताने के बाद ही खड़ा होता है लेकिन रीमा तो उसे जबरदस्ती खड़ा रखना चाहती थी | प्रियम की नयी उम्र और रीमा के नंगे बदन के कारन उसकी उत्तेजना से प्रियम के लिए ये ज्यादा मुश्किल नहीं था | फिलहाल प्रियम की भावनाओं की दरकिनार करते हुए रीमा बेतहाशा उसका लंड चुसे जा रही थी ताकि वो किसी भी कीमत पर मुरझाने न पाए | उसके ओंठो के किनारों से बहकर क्रीम उसकी छातियों पर टपक रही थी और रीमा उसे अपनी उन्नत गुदाज उभरी छातियों पर ही फैला देती |

जीतनी तेज रीमा का सर प्रियम के लंड पर हिल रहा था उतनी ही तेज उसके हाथ भी प्रियम के सख्त लंड पर रपट रहे थे | प्रियम के लंड को मुरझाने का मौका ही नहीं दिया रीमा ने | उसमे फिर से खून का दौरान तेज हो गया | रीमा पूरी ताकत से मुट्ठ मार रही थी, उसे प्रियम के दर्द की कोई परवाह नहीं थी वो बस बेदर्दी से बेरहमी से उसके नाजुक सुकुमार लंड को मसले जा रही थी ताकि उसमे से फिर से मलाई निकल सके | उसे प्रियम से कोई लेना देना नहीं था, न ही वो उसकी तरफ देख रही थी | लंड को चूसते चूसते मसलते मसलते सारी क्रीम गायब हो गयी, प्रियम का लंड प्राकृतिक तरीके के रंग में चमकने लगा | रीमा उसकी खाल को सख्ती से जकड़े मुठिया रही थी लेकिन प्रियम के लिए ये पीड़ादायक अनुभव था | इस तरह से कसकर किसी ने भी उसके लंड को नहीं मसला था | उत्तेजना के कारन शरीर गरम था और लंड कड़क इसके बावजूद उसे दर्द का अहसास हो रहा था | रीमा सचमुच बहुत बेदर्द हो गयी थी | सूखे लंड को भी उसी बेदर्दी से सख्ती से मुठिया रही थी, जैसे पहले मुठिया रही थी | आखिर उसको प्रियम पर हल्का तरह आ गया - चल क्रीम बिछा पुरे लंड पर जड़ से लेकर सुपाडे तक |

जब प्रियम लंड पर क्रीम उड़ेल रहा था तो रीमा की खुसी देखते बनती थी | इस तरह से कोई औरत किसी सेक्सुअल एक्ट को कण्ट्रोल कर सकती है, सामने खड़े लंड को आज्ञाकारी पालतू कुत्ते की तरह अपने इशारो पर नचा सकती है ये तो उसने कभी सोचा ही नहीं था | प्रियम उसका भतीजा है तो क्या हुआ, अभी तो वो बस एक लंड है उसके लिए, जो अपने अरमान पुरे करने आया था, उसे चोदने आया था उसकी चूत को पेलने का अरमान पाले उसकी नंगी फोटो खीचने आया था | ताकि उसे दिखकर बाद में उसे ब्लैकमेल कर उसे चोद सके | जब किसी का लंड इस कमीनेपन की हद तक सोच सकता है तो फिर वो तो चूत है, ऐसी चूत जो लगातार दर्जन भर लंडो को एक के बाद एक ले सकती है | घंटो बिना रुके बिना थके चुद सकती है, फिर मुझे भी तो इसकी १० गुना ज्यादा गाड़ फाड्नी चाहिए | जब इसकी गांड फटेगी तब इसके लंड को अकल आएगी | तब इसे चूत के हरामीपन का अहसास होगा और आगे से ये हर औरत और उसकी चूत से तमीज से पेश आएगा | रीमा की नॉनस्टॉप स्पीड और सख्त जकड़न के आगे प्रियम का लंड बेबस था और लगातार तीसरी बार उसके लंड ने हथियार डाल दिए | उसकी गोलिये में मथ रहा सफ़ेद लावा अपना बांध तोड़ ऊपर की तरफ बह चला | इस बार की मलाई पहले से कम थी लेकिन जीतनी भी थी रीमा ने सारी की सारी अपने मुहँ पर ही उड़ेल ली | रीमा ने बड़ा सा मुहँ खोल दिया और पिचकारियाँ सीधे रीमा के मुहँ में समां गयी |

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[SIZE=150%] प्रियम किसी रेस में भागते लड़के की तरह हांफता हुआ चुसे हुए गन्ने की तरह अगल जा लुढका | रीमा अपने मुहँ में भरी गरम सफ़ेद मलाई को अन्दर ही घुमा घुमाकर स्वाद लेती रही | कुछ देर बाद प्रियम की सारी गाढ़ी सफ़ेद मलाई निगल गयी और एक लम्बा चटकारा भरा |

प्रियम का लंड इस बार जल्दी ही सिकुड़ने लगा | रीमा चौथा राउंड करना चाहती थी लेकिन प्रियम और उसके लंड की हालत देखकर उसने अपना विचार बदल दिया |

प्रियम के लंड को मुरझाया देख दो कटोरों में क्रीम भरकर उसमे कई चीजे डाल कर अपने दोनों सुडौल स्तनों के सामने रख दिया और ऊपर से कोको रस उड़ेल दिया - थक गया होगा, तेरा काफी जूस निकल दिया मैंने, चल चूस कर अपनी थकान दूर कर ले | आ जा चल चूस इनको, अभी तरोताजा हो जायेगा | ये ऐसी चीज है अच्छे अच्छे मर्द इन्हें देखकर ही तरोताजा हो जाते है, तुझे तो चूसने का मौका मिल रहा है | चूस ले आकर ये नरम नरम मांस की सफ़ेद सफ़ेद क्रीम | अच्छी तरह से कान खोलकर सुन ले एक बार को अपने बाप से पंगा ले लेना लेकिन मुझसे नहीं | दुबारा कभी ये गलती मत करना, मै वो हरामी चूत हूँ जो बस अपनी ताकत भूल गयी थी | किसी भले इंसान ने याद दिला दी |

चल आ जा जा क्रीम लगा और चाट | तेरी थकान दूर होगी, और अभी तो तेरी ठरक उतरनी शुरु की है | रीमा प्रियम की हालत देखकर खिलखिलाने लगी | प्रियम रीमा के बर्फीले सुडौल उरोजों को चूसने चाटने लगा |

रीमा अन्दर से थोडा मायूस थी लेकिन सबक जिदगी भर का सबक सीखाना जरुरी था | प्रियम ने रीमा के उरोजो को अपने मुहँ में भरकर बारी बारी से चूस रहा था | रीमा ने प्रियम के रस से सनी मफिन ख़तम की फिर स्ट्राबेरी खाने लगी | प्रियम के मना करने के बावजूद उसको उसी के लंड लंड रस से सनी स्ट्राबेरी खिला दी | उब्काते हुए किसी तरह से प्रियम दो स्ट्राबेरी निगल गया |

रीमा ने स्ट्राबेरी खतम करते ही अपने शरीर पर आइस क्रीम मलनी शुरू की और प्रियम से चाटने को कहा | आइसक्रीम का बर्फीला रोमांच, उसे शब्दों में बयां करना संभव नहीं है | छाती से लेकर नाभि के नीचे चूत त्रिकोण तक पिघल रही आइसक्रीम पर उसे कुछ स्ट्राबेरी छितरा दी, प्रियम आइसक्रीम चाटते हुए बारी बारी से वो स्ट्राबेरी खाता जा रहा था | ठंडी ठंडी बर्फीली आइसक्रीम का उसकी चूत के ओंठो पर से बहते गांड तक जाकर चुताड़ो को भिगोने से जो सनसनाहट, उसके जिस्म में हो रही थी वो सिर्फ रीमा महसूस कर सकती थी | रीमा ऊपर से नीचे तक स्ट्राबेरी और आइसक्रीम फैलाने में लगी थी और प्रियम समेटने में | रीमा के अपनी वासना से खेलने के अपने ही तरीके थे | जिनके बारे वो रातो में सिर्फ करवटे बदल बदल कर सोचा करती थी आज उन्हें वो जी रही है | भरपूर तरीके से जी रही थी |

प्रियम रीमा के जिस्म के जिस हिस्से तक नहीं पंहुचा था, इस पिघलती आइसक्रीम ने पंहुचा दिया | रीमा के जिस्म का पोर पोर प्रियम को चाटना पड़ा, रोहित के बाद दूसरा आदमी था जिसने रीमा के जिस्म को अपनी जीभ से ही नाप डाला | रोहित ने रीमा के जिस्मानी जादू के लिए वो किया था और प्रियम ने रीमा के डर से किया | रोहित का मकसद रीमा के शरीर को सुख देना था और प्रियम सिर्फ अपनी चाची के गुस्से से बचने को उनका जिस्म उनके बताये अनुसार साफ़ कर रहा था | हर चीज का अंत होता है वैसे ही रीमा के फ्रूट एडवेंचर का भी अंत हुआ, प्रियम ने हार नहीं मानी और रीमा के गुलाबी शरीर को पूरी तरह से चाट कर साफ़ कर दिया | उसे भी अंदाजा नहीं था, चाटते चाटते कितनी चीजे वो खा गया है | रीमा अभी भी नहीं थमना चाहती थी | उसने आइसक्रीम को एक कोन में भरा और आइसक्रीम कोन को अपनी चूत में ठेल दिया | औरत की चूत एक नाजुक अंग है और जब सामान्य चमड़ी पर बर्फ चुभती है तो सोचो चूत का क्या हाल होगा | रीमा तो जैसे हवस की फैक्ट्री थी, उसका जिस्म ठंडा होने का नाम ही नहीं ले रहा था | चूत के अन्दर जाते ही आइसक्रीम चूत की दीवारों को जाम करने लगी, उस ठण्ड के अहसास से रीमा के कुल्हे कमर जांघे और पूरा शरीर काँप गया | रीमा ने ठण्ड बर्दास्त करने को मुठियाँ भींच ली और जोर जोर से कराहने लगी | फिर जब बर्दास्त नहीं हुआ तो आइसक्रीम से भरे कोने को चूत के ऊपर रगड़ने लगी |

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[SIZE=150%] चूत और बदन की गर्मी से आइसक्रीम पिघलने लगी | फिर रीमा ने कोन को उलटी तरफ से चूत में अन्दर बाहर करना शुरू किया | अब तक चूत ठंडी आइसक्रीम को लेकर कुछ हद तक अनुकूल हो गयी थी | रीमा ने प्रियम को आदेश दिया - ले इस आइसक्रीम को मेरी चूत को खिला कोन सहित और मेरी चूत को इससे चोद, आइसक्रीम वो अपने खाकर खतम कर देगी | चुदाई तब तक नहीं रुकनी चाहिए जब तक ये सारी आइसक्रीम मेरी चूत खा न जाये | प्रियम को कुछ नहीं समझ आया सिर्फ इसके की इस कोन को उसकी चूत में अन्दर बाहर करना है | प्रियम रीमा की चूत में बर्फ के गोले को अन्दर बाहर करने लगा | जैसे ही बफ के गोले को चूत की तपिश लगनी चालू हुई, आइसक्रीम पिघल कर बहने लगी और चूत के अन्दर ही जमा होने लगी | प्रियम धीरे धीरे रीमा की चूत में कोन ठेलता रहा, जब रीमा को लगा अब चूत की दीवारे ठण्ड से सुन्न हो जाएगी उसने प्रियम से कोन चूत से निकाल लेने को कहा | कोन निकलते ही रीमा की चूत में जमा पिघली आइसक्रीम फच्च से बाहर निकल कर उसकी गांड के छेद और चुताड़ो को भिगोने लगी | रीमा को इस ठन्डे चूत चुदाई एडवेंचर से बहुत संतुष्टि मिली |

रीमा बस खुद को व्यवस्थित कर रही थी तभी उठकर प्रियम का लंड हाथ में थम लिया और हिलाने लगी, दुसरे हाथ से उसकी गोलियों की जाँच पड़ताल करते हुए - अभी तो गोलियों में लगता है बहुत माल है, इसे निकालना पड़ेगा |

प्रियम अपनी जांघे सिकोड़ने लगा , वो तीन बार झड चूका था अब उसकी हिम्मत नहीं थी चौथी बार, इससे पहले ऐसा उसके साथ कभी नहीं हुआ | लेकिन रीमा ने उसे झिड़क दिया और उसके लंड को सीधा करने में जुट गयी | प्रियम बिना बोले ही अपनी असहमति जताता रहा | रीमा समझ गयी - उसने मुरझाये लंड को हिलाते हुए पुछा - एक बात बता तूने कभी चूत बर्गर खाया |

प्रियम के लिए ये सब्द ही नया था, उसकी उम्र के लौड़ो में ऐसी चीजो में बहुत दिलचस्पी होती है, उसका ध्यान उसके लंड पर से हटकर रीमा की तरफ हो गया - मतलब, मै कुछ समझा नहीं चाची |

रीमा - अगर तू मुझे अपने लंड को चूसने और मुठीयाने देगा तो मै तुझे मैक दी का चूत बर्गर खिलाऊंगी | तूने आज तक खाना तो छोड़ नाम भी नहीं सुना होगा | प्रियम तीन बार झड चूका था इसलिए ना नुकुर करने लगा , लेकिन रीमा ने लपक कर प्रियम का लंड थम लिया और मुठीयाने लगी | कुछ देर बाद रीमा प्रियम का लंड मुहँ में लेकर चूसने लगी | आखिर इतनी कोशिश के बाद प्रियम का मुरझाया लंड सीधा होने लगा तनने लगा खड़ा होने लगा | प्रियम की सांसे तेज हो गयी | रीमा एक हाथ से लंड पर छल्ला बनाकर उसकी खाल ऊपर नीचे करने लगी और उसके सुपाडे को मुहँ के लेकर कसकर चूसने लगी | दोनों तरफ से बढ़ते दबाव से लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया | रीमा ने उस पर ढेर सारी क्रीम उड़ेल दी और प्रियम से स्ट्रोक लगाने को कहा | तब तक वो कुछ करने चली गयी | जब वापस आई तो उसके हाथ में कुछ तिल, एक टमाटर की स्लाइस और एक सलाद का टुकड़ा था | उसने एक बूँद शहद लिया और अपनी चूत के बांये ओंठ मल दिया और ढेर सारे सफ़ेद तिल उस पर चिपका दिए, फिर चूत की दरार में टमाटर की स्लाइस डाल दी और उस पर सलाद का टुकड़ा रखकर चूत के ओंठो को कसकर बंद कर दिया |

फिर दोनों जांघो को सिकोड़कर पास पास कर लिया - तेरा मैक दी का चूत बर्गर रेडी है, लेकिन तुझे ये तब खाने को मिलेगा, जब मुझे तेरी ताज़ी फ्रेश गाढ़ी सफ़ेद मलाई मिलेगी | अब तू मुझे तेरी मलाई निकालने दे जैसे ही तेरी मलाई निकलेगी, ये चूत बर्गर तेरा | इसे जैसे मर्जी हो वैसे खाना, न तुझे रोकूंगी न टोकुंगी | चल अब अपना खूंटा ला इधर, चूसने दे मुझे | रीमा प्रियम के लंड को जोर जोर से मुठिया कर चूसने लगी | बीच बीच में चाटने लगती | फिर मुहँ में लेकर चूसने लगती | एक दो बार सुपाडा चाटने के बाद रीमा ने थोड़े और ओठ चौड़े किये और मुहँ खोला | धीरे से प्रियम के लंड के सुपाडे के चारो ओर ओठो का घेरा बना लिया | लार से सनी लसलसी जीभ अब सुपाडे के चारो ओर घूम रही थी | प्रियम की कामुक कराहे उसकी उत्तेजना के साथ बढ़ रही थी, उसके नितम्ब बढ़ती उत्तेजना के कारन ऐठ रहे थे | रीमा अपने हाथ को फिर से लंड की जड़ में ले गयी और लंड के सुपाडे के थोड़ा सा और मुहँ के अन्दर ठेल दिया, देखते ही देखते, खून से भरा लाल सुपाडा रीमा के गीले और गरम मुहँ में समा गया | जैसे रीमा ने लार से भरे मुहँ से प्रियम की कमर के झटके से हिलते लंड के सुपाडे को पहली बार चूसा, प्रियम के मुहँ से हल्की सी मादक आह निकल गयी |

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[SIZE=150%] रीमा फिर प्रियम की तरफ मुड़ती हुई - फट गयी न गाड़, औरत को चोदना इतना आसान नहीं है, अपने पर आ जाये तो अच्छे अच्छे मर्दों की गांड मार लेती है | औरत को चोदना है तो उसे धमकाओ या हड्काओ नहीं, उसे प्यार से मनाओ | उसे आंख दिखाकर डराओगे, उसका विडिओ बनाकर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश करोगे तो अगली बार इससे भी बुरी गति होगी | चुदाई प्यार से होती है, औरत को प्यार से मनाओ और जी भर के चोदो | जब तक दिल न भरे तब तक चोदो, वो चुदती रहेगी वो मना नहीं करेगी, आखिर उसको भी तो चुदाई का मजा लेना होता है और चुदने का उसका भी तो मन होता है, और औरत की चूत बनी ही है चुदने के लिए, औरत नहीं चुदेगी तो कौन चुदेगा | औरत बनी ही आदमी का लंड लेने के लिए है, अब जो जो करने के लिए उसे राजी कर पाओ, खुसी खुसी करवाएगी, पूरा मजा देगी और खुद भी पूरा मजा लेगी | ये ऑडियो विडिओ से धमकाने चले थे मुझे, मेरी भतीजे न होते तो तुमारी गाड़ मार मार कर उसका विडिओ वायरल कर देती | तीन दिन तक चलने लायक नहीं रखती तब पता चलता जब किसी छेद में लंड घुसता है तब कैसा महसूस होता है | अभी तीन चार बार निचोड़ा है तब तो ये हाल है, कही पूरी रात रोक लू तो सुबह स्ट्रेचर पर लद कर जावोगे | चल इधर आ और अपना चूत बर्गर खा ले |

इतना कहकर रीमा ने अपनी जांघे फैला दी | प्रियम का सर रीमा की गोरी गोरी जांघो के बीच में झुकता चला गया | प्रियम डरा हुआ था और हड़बड़ी में था इसलिए उसने जल्दी जल्दी में रीमा की चूत को चाटना शुरू कर दिया और उसने रीमा चूत में लगा टमाटर और सलाद लीफ रीमा की चूत के बंद होंठो की दरार से जल्दी जल्दी निकलाने के चक्कर में एक और गड़बड़ कर दी , प्रियम के दांत रीमा की चूत के बाहरी मुहाने पर चुभ गए | रीमा चिहुंक उठी |

रीमा - क्या करा रहा, मेरे लाल, आराम से खा, मेरी बेदाग गोरी गुलाबी चूत पर अगर कही दाग लगाया तो मार मार कर तेरा पिछवाडा बन्दर की तरह बनाकर भेजूंगी |

प्रियम ने फिर आराम आराम से रीमा की चूत को चाट चाट कर उस पर लगा सारा खाने का आइटम खा गया |

रीमा - यही बैठा रह, ऐसे ही जब तक मै कुछ और न बताऊ | समझा की नहीं | इतना कहकर वो बाथरूम की तरफ बढ़ गयी |

इतना करने के बाद भी रीमा की लालसा अभी ख़त्म नहीं हुई थी, वो बाथरूम गयी खुद को साफ़ किया | रीमा जब बाथरूम में थी तो प्रियम के बारे में ही सोच रही थी | आखिर उसकी इतनी हिम्मत हुई कैसे कि वो उसी के घर में उसी का नंगा विडिओ बनाने चला आया | रीमा प्रियम को लेकर दुविधा में थी | एक मन कह रहा था उसको अब छोड़ देना चाहिए, उसको उसकी गलती की भरपूर सजा मिल चुकी है लेकिन दूसरा मन उसे अभी और सबक सिखाने के मूड में था, ताकि चाह कर भी उसकी दुबारा कभी ऐसी हारकर करने की हिम्मत न हो | वो समझ नहीं पा रही थी क्या करे | आखिर उसने प्रियम को थोड़ी देर और टेस्ट करने की सोची | और

और नए कपडे पहन किचन में आ गयी | उसने ऊपर एक टीशर्ट पहनी और नीचे बस जी स्ट्रिंग टाइप की पैंटी, और हाई हील्स | जाहिर सी बार है इन कपड़ो में वो क्लासिक सेक्सी ब्यूटी लग रही थी | उसके सुडौल चूतड़ पूरी तरह नुमाया हो रहे थे | किचन काफी गन्दा हो गया था इसलिए उसने किचन साफ़ करना शुरू कर दिया | असल में उसे सफाई कम करनी थी प्रियम को ज्यादा नोटिस करना था |

उसने थोड़ी ही देर में अपनी पैंटी उतार दी और जब उसने जी स्ट्रिंग टाइप की पैंटी उतारी तो उसे नीचे की तरफ झुकना पड़ा और उसकी बेपर्दा गुलाबी चिकनी चूत, गांड का छेद और भरे पुरे बड़े बड़े गोल मांसल चूतड़ नुमाया हो गए | प्रियम नजरे झुकाए था लेकिन रीमा की हरकते और उसके जादुई नंगे जिस्म का जादू ही कुछ और था इसलिए बार बार उसकी नज़रे रीमा के जिस्म पर जाकर टिक जाती | रीमा ने फिर मूड बदल लिया और पैंटी फिर से पहन ली | शायद वो बस अपनी चूत दिखाकर प्रियम को टेस्ट कर रही थी | प्रियम का लंड बेदम हो चूका था इसलिए उसमे कोई जान नहीं बची थी और न ही अभी तक कोई हरकत हुई | रीमा ने हाई हील्स भी उतार दिए और सॉक्स पहन लिए ताकि पैरो में फर्श की ठंडक ना लगे | रीमा फिर से सफाई में मगन हो गयी और बार बार अपने अपने सुडौल चुस्त ठोस मांसल ऊपर को उठे हुए चूतड़ प्रियम को दिखा रही थी | न चाहते हुए भी प्रियम की नजरे बार बार रीमा के जिस्म की तरफ चली ही जाती | आखिर औरत के बदन का कोई भी नंगा हिस्सा आकर्षण का केंद्र होता है | रीमा के उठे हुए चिकने गोरे चुतड देख प्रियम की नजरे ही न हट रही थी |

रीमा ने आटे के कंटेनर से ढेर सारा आटा निकाला और आटा गूथने लगी | रीमा बार बार चूतड़ उठाकर कमर हिलाती, बिना प्रियम की तरफ देखे फिर से आटा गूथने लगती | उसने अपने दोनों चुताड़ो पर अपने आंटे से सने पंजे की छाप बना दी थी | प्रियम अभी भी मुरझाये लंड के साथ वही बैठा बार बार रीमा हो घूर रहा था | उसकी आँखों में वासना की डोरियाँ फिर से आ चुकी थी भले ही अभी शरीर उसके लिए तैयार नहीं था लेकिन रीमा के जिस्म के जादू और उसकी मादक हरकतों ने प्रियम के अन्दर वासना फिर से भड़का दी थी |

अंततः रीमा ने पैंटी उतार ही दी अब वो कमर के नीचे पूरी तरह से नंगी थी और रीमा जैसी औरत कमर के नीचे पूरी तरह से नंगी हो और उसे देखकर किसी का लंड न खड़ा हो, ऐसा भला हो सकता है | प्रियम के लंड में भी हरकत होनी शुरू हो गयी | रीमा ने आंटे को बेलना शुरू कर दिया और लगातार अपने चूतड़ मटकाती रही | उसने ऊपर के कपडे भी उतार दिए सिर्फ उसके जिस्म पर ब्रा रह गयी | आंटे से उसका जिस्म सरोबार था, सर से लेकर पाँव तक उसके शरीर पर आटे का पाउडर की सफेदी लगी हुई थी | रीमा जानबूझकर भी पुरे जिस्म में आटा पोत रही थी | उसने कनखियों से प्रियम के हालत का जायजा लिया | उसका लंड अर्धमुर्क्षित अवस्था में अपने पैरो पर खड़ा होने की कोशिश कर रहा था | रीमा तेजी से लपकी और उसके लंड को दाहिने हाथ से जकड़ कर 10 - 15 बार मुठिया दिया |

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[SIZE=150%]रीमा - इसकी खड़ी होने की इक्षा है तो इसे खड़ा क्यों नहीं करता, चल इसको हाथ में ले और मुठिया, तब तक मुथियाता रह जब तक पूरी तरह खड़ा न हो जाये |

प्रियम ने ना नुकुर करने की कोशिश की तो कुछ रूककर धमकाते हुए बोली - अच्छी तरह से कान खोलकर सुन ले, अगली बार ऐसी हरकत करी ना तो मशीन में डाल कर चुसवा दूगी लंड को, गोलिया का सफ़ेद रस तो छोड़ो खून भी निकल लेगी वो, इसलिए आज के बाद किसी चूत को ब्लैकमेल करने की कोशिश मत करना | आज तो तेरे नसीब में चूत है नहीं इसलिए इसे हिला हिलाकर ही शांत करना पड़ेगा | चूत बड़े नसीब वाले और समार्ट लंडो को मिलाती है, चुतिया लोगो को नहीं | अगली बार ये चुतियापंती करी न तो तुमारी गांड चौड़ी करने के और भी हथियार और तरीके है मेरे पास | चल शुरू हो जा और जब तक मै न बोली हाथ लंड पर से न हटना चाहिए न रुकना चहिये |

रीमा ने ब्रा भी उतार दी, अब वो फिर से पूरी तरह नंगी हो चुकी थी, उसके लिए घर के अन्दर इस तरह से नंगा होना अब आम बात थी | उसने जिस्म पर लगा थोड़ा बहुत आटा झाड़ा और फ्रिज से एग लेने चली गयी | एक को बीचो बीच बेले हुए आटे पर फोड़ दिया | उसके भरे भरे सुडौल तने हुए स्तन उसके झुकने से उलटी पहाड़ी की आकृति बना रहे थे और उसके नाभि के नीचे चिकने सपाट चूत त्रिकोण मैदान को पार करते हुए, उसकी चूत का चीरा भी दिख रहा था | रीमा प्रियम को सजा देकर बहुत खुश थी, उसे प्रियम को सबक सिखाते हुए बड़ा मजा आ रहा था | सबसे बड़ी बात जिस कॉन्फिडेंस के साथ उसने प्रियम की बजाई थी वो काबिले तारीफ था | उसने चार बार प्रियम को झाड़ा लेकिन मजाल है जो प्रियम एक बार भी उसका मजा लूट पाया हो | गाड़ फाड़ कर रख दी उसकी |

प्रियम की हालत देखकर वो अन्दर से मन ही मन बहुत गदगद थी, शायद ये खुसी उसके औरतपन को और उसकी वासना को चुनौती देने वाले मर्दाना सोच की ये हालत देखकर ज्यादा थी | प्रियम ने एक तरह से उसके वासना और स्त्रीत्व को ही ललकार दिया था | रीमा बिना लंड, बिना मर्द के भी अपनी वासना और हवस में डूबकर खुद तो तृप्त कर सकती है, शायद यही यो प्रियम को दिखाना चाहती थी | मर्द को अपनी भूख मिटाने को औरत का जिस्म चाहिए लेकिन औरत खुद में खुद से खुद के लिए एन्जॉय कर सकती है | प्रियम अपने अर्द्ध मुरझाये लंड पर अपना हाथ ऊपर नीचे कर रह था और उसके लंड में भी जान वापस आने लगी थी | धीरे धीरे ही सही वो फिर से सख्त होने लगा | रीमा ये देखकर मस्तिया गयी, की उसके खूबसूरत जादुई जिस्म में इतनी जान है चार बार के झड़े मुरझाये लंडो में भी जान डाल दे | उसने बेली हुई रोटी धीरे से किनारे करी और उसी पत्थर पर लोट गयी | सारा आटा उसके जिस्म लग गया | उसके बड़े बड़े उभरे मांस से लदे भारी भरकम चूतड़, जांघे, सुडौल छातियाँ सब आटे से सन गए |

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[SIZE=150%] | रीमा ये देखकर मस्तिया गयी, की उसके खूबसूरत जादुई जिस्म में इतनी जान है चार बार के झड़े मुरझाये लंडो में भी जान डाल दे | उसने बेली हुई रोटी धीरे से किनारे करी और उसी पत्थर पर लोट गयी | सारा आटा उसके जिस्म लग गया | उसके बड़े बड़े उभरे मांस से लदे भारी भरकम चूतड़, जांघे, सुडौल छातियाँ सब आटे से सन गए |

रीमा - और मेरे लाल, कैसा लग रहा है मुठिया कर, मजा आ रहा है अपनी नंगी चाची को इस तरह से लोटते देखकर | अन्दर से खून का दौरान लंड में बढ़ रहा है या नहीं चाची के ये आटे से सने चूतड़ देख | अच्छे अच्छे रईस मर्द भी तड़पते है ऐसे मांसल ठोस चुताड़ो को देखने के लिए | तुझे फ्री फंड में दिखा रही हूँ | इन्ही के बीच में मेरी गुलाबी चिकनी चूत है, जिसको चोदने का ख्वाब पाल कर तुम चुतानंदन तुर्मखा बनने निकले थे, लेकिन यहाँ तो उल्टा लेने के देने पड़ गए | जोर जोर से स्पीड में मुठियाते रहो, अगर रुके तो सोच लो फिर मै अपने तरीके से मुथियाउंगी |

प्रियम अपने लंड पर तेज तेज हाथ ऊपर नीचे करने लगा | उसका लंड भी अकड़ कर खड़ा हो चूका था |

रीमा के शब्दों ने भी उसकी उत्तेजना बढ़ा दी |

रीमा - ऐसे ही मुठियाते रहो अपनी रीमा चाची को नंगी देखकर और सपने में ही सही उनको चोदने का ख्वाब पालकर | चलो तुम्हे अपनी बड़ी बड़ी छातियाँ दिखाती हूँ | बहुत मन था न रीमा चाची की भरी पूरी नंगी छातियां देखने का |

इतना कहकर रीमा उलट गयी | पूरा जिस्म आटे से सना हुआ था, सर से लेकर पैर तक रीमा के जिस्म पर आटे की सफेदी ही छाई हुई थी | उसके तने हुए पुष्ट नुकीले स्तन अलग ही कहर ढा रहे थे | उसके पेट, नाभि, कमर और नीचे चूत त्रिकोण के सफाचट मैदान तक आटा पुँरी तरह से चिपका हुआ था |

अब रीमा से रहा न गया, उसने अपने चूत दाने को एक हाथ से रगड़ना शुरू कर दिया और दूसरे हाथ से स्तन मसलने लगी | उसके साथ ही उसके मुहँ से सिकरियां निकालनी शुरू हो गयी | धीरे धीरे उसके हाथ चूत की दरार पर पंहुच गए और चूत के ओंठो को पर उसकी उंगलियाँ रपटने लगी | उसको इस तरह से सिस्स्कारियां भरती देख प्रियम के हाथ की स्पीड भी बढ़ गयी | रीमा ने एक उंगली अपनी चूत के गरम गुलाबी संकरे छेद में घुसा दी | फिर वहां से उंगली निकाल कर चाट लिया और अपने ही दोनों हाथो से अपने स्तनों को मसलने लगी |

मसलते मसलते प्रियम की मुठीयाने की स्पीड देखने लगी | रीमा को उसके गोरे सुडौल पुष्ट स्तनों को मसलते देख प्रियम की स्पीड और बढ़ गयी | प्रियम पुरे लंड पर जड़ से लेकर सुपाडे तक जोर जोर से हाथ चला रहा था |

प्रीयम को जोश में देख रीमा ने पोजीशन बदल दी और घुटनों के बल आ गयी | अपने चूतड़ हवा में उठा दिए | उसके गोरे गुलाबी मांसल चूतड़ हवा में हो गए, फिर एक साथ से अपनी चूत और उसका गुलाबी चूत दान रगड़ने लगी | मुहँ से सिकरियां निकल रही थी, प्रियम भी कराह रहा था | रीमा में हवा में चूतड़ घुमा घुमा कर अपनी चूत रगड़ती रही और उसकी गुलाबी चूत के दर्शन कर प्रियम पगलाया जा रहा था |

उसका मन कर रहा था बस उठे और रीमा की गुलाबी चूत में जड़ तक लंड पेलकर रीमा को चोदना शुरू कर दे | लेकिन हिम्मत नहीं कर पा रहा था | रीमा आँखे बंद किये बस चूत दाने और गुलाबी चूत को मसल रही थी | जैसे ही उसकी उंगलियाँ उसी की चूत से बह रहे चूत रस से गीली होती , फट से वो दुसरे हाथ से अपनी चूत रगड़ने लगती और चूत रस से भीगी उंगलियाँ को मुहँ में ले जाकर अपना ही चूत रस चखने लगती |

प्रियम पूरी तरह से उत्तेजित था और उसके सामने अब तक की देखि सबसे हसीन खूबसूरत जिस्म की मालकिन उसकी रीमा चाची पूरी तरह से नंगी होकर अपने गुलाबी गोरे चिकने मांसल जिस्म को चमकाती हुई चूतड़ मटका रही थी और अपनी गोरी चिकनी गुलाबी चूत मसल रही थी, आखिर एक किशोर लंड से सब्र हो तो कैसे | वो बार बार रह रह कर अपने को काबू करने की कोशिश करता लेकिन अब चीजे उसके नियंत्रण से बाहर थी | उसे पता था आज जो उसने हरकत करी है उसके बाद चाची से पूछना बेकार है लेकिन आखिर चाची चाहती क्या है ये भी तो पता चले | पिछले तीन घंटे में पहली बार उसका दिमाग एक्टिव हुआ | आखिर क्यों नंगी होकर मुझे अपने चुतड और चूत दिखा रही है |

उसने सारी हिम्मत बटोर कर आखिर अपनी इक्षा जाहिर ही कर दी - चाची अब रहा नहीं जा रहा, प्लीज ऐसा मत करो, एक बार कर लेने दो |

रीमा अपनी रौ में मस्त थी - क्या कर लेने दो ?

प्रियम - अब आपको देखकर रहा नहीं जा रहा है, बस एक बार चूत में डाल लेने दो, एक बार चोदने दो न |

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[SIZE=150%] रीमा अपनी ही हवस की आग में मस्त थी, रीमा को एक पल लगा प्रियम की बात समझने में | प्रियम के शब्दों ने जैसे आग पर पानी डाल दिया हो, रीमा के कान खड़े हो गए, वो चौंक गयी, इसकी इतनी हिम्मत हुई कैसे - क्या कर लेने दू, तुमारी इतनी हिम्मत हुई कैसे, तुम मुझी से मेरी चूत चोदने के लिए पूँछ रहे हो | चुपचाप मुट्ठी मारो, नहीं मै तुमारी गांड मार लूंगी अभी |

रीमा भी रौ में बोल गयी |

प्रियम भी त्रस्त हो गया था आखिर फट पड़ा - कब तक ऐसे करता रहू, मेरे सामने ही आप भी तो नंगी होकर अपनी चूत दिखा रही हो, इन्सान का बच्चा हूँ आखिर कैसे बर्दाश्त करू आप ही बता दो | मुझे अब और काबू नहीं हो रहा |

अब रीमा का गुस्सा चरम तक पंहुच गया | वो गुस्से से तमतमाने लगी | इतना सब कुछ होने के बाद भी इसकी इतनी हिम्मत, साला मुझे से मुझको चोदने के लिए पूछ रहा है | डर नाम की कोई चीज है या नहीं | इतना सब कुछ होने के बाद भी मेरी दहशत से बेख़ौफ़ है | इसकी इतनी हिमात हुई कैसे ? रीमा को चैलेन्ज | रीमा के हाथ पांव बस काबू में थे, यही क्या कम था फिर भी प्रियम पर फट पड़ी |

रीमा - भोसड़ी के मादरचोद, रंडी की औलाद, झांट भर के लंड, इंसान की चूत से निकले हो इन्सान के लंड के बच्चे की तरह रहना था न, अभी तो ठीक से तनता भी नहीं है कुचल दूँगी तो जिंदगी भर के लिए बस मुतने के काम आएगा | भोसड़ी के मुझे चोदोगे, तुमारी माँ की चूत .........................तड़ाक तड़ाक तड़ाक |

रीमा आगबबुला होकर पागल हो गयी थी - बर्दाश्त नहीं हो रहा तो अपनी अम्मा की चूत में जाकर डालो भोसड़ी के , तब तो यहाँ आये थे रीमा की चूत का विडिओ बनाने ताकि मुझे ब्लैकमेल कर सको चोदने के लिए | झांट भर के लंड वाले बच्चे कही क्या चूत के ख्वाब देखते है मादरचोद |

प्रियम बदहवास सा आखिरकार रोने लगा |

प्रियम - चाची गलती हो गयी , मै अँधा हो गया था इस ठरक के चक्कर में | आपने मेरी आंखे खोल दी | मुझे माफ़ कर दो | अब जिंदगी भर ऐसा नहीं करूगां , किसी के साथ नहीं करूगां |

उसे कुछ समझ नहीं आया था, उसके अन्दर की हिम्मत पाताल पंहुच गयी और वो बुरी तरह से डर गया था | बस रोये जा रहा था, पहली बार वो रीमा से न केवल अन्दर तक डर गया बल्कि उसके अन्दर सचमुच की दहशत भर गयी |

रीमा प्रियम को रोता देख मुहँ फेर, किचन के सिंक की तरफ चली गयी | एक गिलास पानी पिया, प्रियम का सिबुकना सुनकर कर उसकी तरफ दौड़ी और तड़ाक से एक करारा झापड़ जड़ दिया |

रीमा - चुप बिलकुल चुप, ये नौटंकी बंद , साँस की भी आवाज नहीं आनी चाहिए, मादरजात, वरना मार मार के पिचका दूँगी. तुझे भी और तेरे लंड को भी |

रीमा को सबसे बुरा ये लग रहा था कि इतना डराने धमकाने के बाद भी वो रीमा के सामने इतना बेख़ौफ़ कैसे हो सकता है | रीमा के हिसाब से उसे डरना चाहिए था, उसकी नजरे नीची होनी चाहिए थी और उसने जो किया था उसके लिए उसके अन्दर जबदस्त ग्लानी होनी चाहिए थी | परिस्थियों के अनुसार (जब आपके सामने खूबसूरत नंगी औरत हो, और उसकी चिकनी सफाचट चूत आपके अन्दर की आग के लगातार घी डाल रही हो) प्रियम की एक सामान्य सी मानव स्वाभाव की प्रतिक्रिया थी, रीमा को पता नहीं क्यों अपने अस्तित्व पर एक चुनौती की तरह लगी, उसका स्त्रीत्व का अहंकार, जो पहले से ही उस पर हावी था अपने चरम पर पंहुच गया | प्रियम ने हाथ पाँव सब ढीले छोड़ दिए, निढाल, हरा हुआ , पस्त , फर्श की तरफ जितना ज्यादा गर्दन झुका सकता था, झुकाए, आँखों से खामोश आंसू बहाता हुआ बैठा था, तब न सही लेकिन अब वो सब प्रियम के हाव भाव से जरुर झलक रहा था, जो रीमा के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए जरुरी था | अब प्रियम बेबस, लाचार, थका हुआ, निस्तेज, मानसिक रूप से हारा हुआ, ग्लानी और अवसाद से भरा बैठा था | रीमा को अपमानित करने की इससे ज्यादा क्या सजा हो सकती थी, अहंकारी रीमा को अपने अहम् को संतुष्ट करने को और क्या चाहिए था | रीमा के इतना पास होने के बावजूद भी प्रियम की हिम्मत अपनी गर्दन ऊपर की तरफ करने की नहीं हुई, उसके अन्दर रीमा की आँखों से आंखे मिलाने की हिम्मत नहीं बची थी | उसकी आँखों से आंसू टपक रहे थे |

रीमा नफरत भरी आँखों से कुछ देर प्रियम को घूरती रही और उसकी हालत देखकर अपने अन्दर के अहम्तु को संतुष्ट करती रही, आखिरकार उसके गुस्से में कुछ नरमी आई |

रीमा - रोहित के लंड के बच्चे आये तो तुम थे मुझे चोदने का इरादा लेकर ही, इतना तो पक्का हो ही चूका है, तो लो मै तो चूत खोल के बैठी हूँ, नंगी, पूरी तरह से नंगी | बीच में झांटो का भी पर्दा नहीं, बिलकुल चिकनी सफाचट गुलाबी, गीली, रसभरी चूत | अब इससे ज्यादा औरत किसी अनाड़ी कच्चे लंड की क्या मदद कर सकती है?

क्या मै तुमारा अनाड़ी कच्चा लंड पकड़ के अब अपने ही चूत के छेद में भी घुसाऊ, फिर काहे के मर्द हो और काहे की मर्दानगी | गांड में दम है और सीने में हिम्मत है और लंड में जान है तो चोद डालो मेरी चूत को, सामने ही तो है,

प्रियम का रोना थमा ही था कि वो फिर से रोने लगा और रोते हुए कहने - चाची गलती हो गयी अब ऐसा कभी नहीं करूगां, प्लीज मुझे माफ़ कर दो, अब ऐसी गलती कभी नहीं होगी दुबारा | बहुत गलत सोच लिया था मैंने, बहुत ही बड़ी गलती करने जा रहा था | आपने रंगे हाथ पकड़कर मुझे सीधे नरक जाने से बचा लिया |

प्रियम की ग्लानी और आंसू से भरी आवाज रीमा के अन्दर तक छूती चली गयी | रीमा को एक पल को अपनी आक्रामकता का अहसास हुआ लेकिन फिर संभल कर अपने पर काबू किया -, मैंने जरा सा भाव क्या दिया बच्चा समझकर, तुम तो मुझसे ही मर्दानगी दिखाने लगे थे, मुझ पर ही मर्दानगी आजमाने लगे | कल को चूत से निकलकर पैदा हुए हो और लंड तो ऐसे तना हुआ था जैसे मेरी चूत फाड़कर रख दोगे, अब चूत से निकले बच्चे की तरह मिमियाने क्यों लगे | जिस चूत को चोदने आये थे वो तुमारे सामने है, गांड में हिम्मत है तो चोद के दिखावो | चोदो न रीमा की चूत, मै भी तो देखू कौन सा लंड दुनिया में ऐसा है जो बिना मेरी मर्जी के मेरी चूत में घुस जायेगा |

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