कड़ी_34 अदिति अकेली, विशाल आफिस में वापस
वो क्या था?
क्यों अदिति ने कहा- “वह सब अब उठने वाले हैं अब छोड़िये मुझको पापा। मैं आपको यहाँ एक्सपेक्ट कर रही थी.” ऐसा लगा की इन दोनों के बीच कोई सीक्रेट है, ऐसा ही कुछ लगा ना? यह दोनों एक दूसरे के इतने करीब थे? दोनों के बीच कुछ था भी या इनकी ऐसे भी बात करने की आदत थी हमेशा से?
खैर, चलो देखते हैं आगे।
आफिस में विशाल का दिल और दिमाग सिर्फ अपने डैड के घर पर था। बेशक वो वही सबके बारे में सोच रहा था जो कुछ कल उसके नजरों ने देखा।
जिस तरह उसने अदिति को अपने ससुर को हग करते देखा, किस तरह उसकी पल्लू नीचे गिरी थी और उसके डैड की नजरें अदिति की क्लीवेज पर थी। किस तरह राकेश ने अदिति को हग किया था और उसकी उंगलियां किस तरह से अदिति के स्ट्रैप्स पर फीरी थीं। किस तरह दीपक का सिर उसकी चूचियों पर दबा हुवा था। विशाल ने यह भी याद किया की एक-दो बार लीना की नजरें भी दीपक और अदिति पर गई थी, जिस वक्त वो हग कर रहे थे, और तब लीना ने मुड़कर विशाल के चेहरे में देखा था की क्या वो भी उन दोनों को देख रहा है।
अब विशाल ने खुद से यह सवाल किया- “क्यों लीना ने मुझको उस तरह से देखा था जब वह दोनों हग कर रहे थे? लगता है लीना को कुछ पता है। क्या ऐसा हो सकता है की लीना ने कभी डैड और अदिति को साथ देखा हो? क्या ऐसा कुछ है जो लीना को पता है, मगर मुझे बता नहीं सकती? या ऐसा है की लीना भी अदिति की पार्टनर है सब में? ओह माई गोड... अब मैं क्या सोचने लगा? क्या मुझे लीना से बात करनी चाहिये की क्या उसको कुछ पता है? मगर कैसे उससे ऐसी बात पूछंगा मैं? क्या लीना मुझको कोई सीक्रेट बताएगी? कैसे पूछंगा लीना से, कैसे? कोई तरीका है क्या? कैसे इस बात को शुरू करूँगा लीना से? अदिति भी तो आस-पास होगी तो कब और कहाँ लीना से बात कर सकूँगा इस बारे में? बिस्तर पर जिस तरह अदिति ने रोल-प्ले में जवाब किया उससे तो ऐसा लगता है की तीनों से चदवा चकी है। वरना अदिति जैसी भोली भली, मासम कमसिन लड़की जो थी वो पहले कैसे इतनी सही तरीके से जवाब कर सकती है उस खेल में? क्या वो एक छुपी रुस्तम की तरह है, जिसको मैंने बिल्कुल नहीं पहचाना था? नहीं नहीं, यह नहीं हो सकता। मैं नहीं मन सकता इस बात को..."
विशाल का बुरा हाल था इन सबके बारे में सोचते हए, उसकी दिमागी हालत खराब थी। मेंटल स्ट्रेस हद से
ज्यादा हो गया था शायद उस वक्त। कभी-कभी विशाल सोच रहा था की उसकी सेक्सुअल लाइफ अदिति के साथ और भी गरम हो जाएगी, अगर उसको पता चला के सच में घर में से किसी एक मर्द के साथ उसका ऐसा नाता है तो। मगर कभी सोचता था की वो अपनी बीवी से धोखा खाया हुआ भी महसूस कर सकता है, अगर वैसी कोई बात हुई तो। मगर ज्यादा मजा आता था विशाल को यह सोचते हुए की हाँ अगर कोई बात है अदिति की मेरे घर के किसी एक भी मर्द के साथ तो बड़ा मजा आएगा मुझे तो। मेरे लिए तो खुशी की बात होगी वो। और अगर कुछ ऐसा था तो विशाल सब कुछ जानने के लिए बेताब था। वो जानना चाहेगा की कब शुरू हवा? पहले दिन हुआ यह सब? किसने किसको प्रपोज किया, कौन किसके करीब पहले गया एट्सेटरा।
मगर, अगर ऐसी बात हुई भी हो तो कौन उसको सब कुछ डीटेल्स में बताएगा, पहले दिन से? क्या अदिति कभी राजी होगी उसके साथ ऐसे सीक्रेट शेयर करने को, अगर है भी तो? क्या लीना अदिति को धोखा देगी विशाल को बताकर अगर उसे कुछ पता हो भी तो? लीना अदिति को बहुत चाहती थी तो क्या उसको दगा देगी लीना? विशाल का मन किया के आफिस में सब कुछ छोड़ छाड़ कर तुरंत वापस घर लौटे। मगर वैसा करना नामुमकिन था।
कुछ देर बाद विशाल सोचने लगा की इस वक्त वह लोग घर पर क्या कर रहे होंगे? सोचने लगा की वो अपनी सेक्सी, हाट, काम्क वाइफ को अकेले तीन मर्दो के बीच छोड़कर आफिस चला आया है। क्या वहाँ पर कुछ गुजरेगा? विशाल ने सोचा- “क्या अदिति डैड के पास उसके कमरे में चली गई थी, उसे जगाने के लिए जब मैं वहाँ से निकला सुबह को आज?”
विशाल ने सब अपने दिमाग में एक दृश्य की तरह रचा कुछ ऐसे सोचते हुए अपने दिमाग के अंदर- “जैसे ही वो निकला सुबह को, तो अदिति ने चारों तरफ देखा और कोई नहीं नजर आया तो अपने ससुर के कमरे में गई उसको जगाने के लिए। कमरे में जाते ही अदिति ससुर के बेड पर बैठकर उसको हिलाते हुए कहती है- “ओह्ह... पापा मैं आपके लिए कितना तड़प रही हूँ, और आप चैन की नींद सो रहे हो? कम ओन जल्दी उठिए और इससे पहले के और लोग जाग जाएं, आप जल्दी से कर लीजिए जो करना है हरी-अप पापा..."
फिर ससुर जागा और अदिति को बेड पर खींचा, उसके सभी कपड़े निकाले और बिस्तर पर पटका उसको और करने लगा जल्दी-जल्दी। विशाल का जमकर खड़ा हो गया। वो टायलेट गया और अपनी बीवी को अपने बाप के साथ सोचकर मूठ मारा। कमाल है अपनी बीवी को छोड़कर आफिस में उसको याद करके मूठ मारता है।
असल में विशाल के डैड के घर पर लीना उठी तो थोड़ी देर बाद अदिति से कहा उसके साथ चलने को फल तोड़ने के लिये उत्सव के लिए।
मगर लीना के पापा ने कहा- “उसको क्यों कह रही हो? अपनी सहेलियों के साथ जाओ तुम बेटा, अदिति कल इतनी दूर से आई है थकी हुई है उसको आराम करने दो...”
लीना ने अपने पापा को देखा फिर अदिति को और उसे एक आँख मारी लीना ने और कहा- “ओके ओके ठीक है। तुम लोगों को डिस्टर्ब नहीं करूँगी, अपनी सहेलियों को लेकर जाती हूँ मैं..."
उस गाँव में एक परंपरा के जैसा था की जब भी कोई उत्सव, शादी, मंगनी या कुछ ऐसा होता था तो गाँव की लड़कियां पास वाले जंगल में फूल तोड़ने जाती थीं, तब उन फूलों से उत्सव वाली जगह को सजाते थे। मगर लीना ने क्यों कहा की उन दोनों को डिस्टर्ब नहीं करेगी, क्या कोई सीक्रेट था? अगर अदिति को अपने साथ ले जाती तो कैसे उनको डिस्टर्ब करती वो?
उत्सव शाम को शुरू होने वाला था, कुछ गरबा डान्स और फोक गाने विशाल के डैड के अंगने में हुआ करते थे। उस उत्सव के लिए सभी को वहाँ के ट्रेडीशनल कपड़े पहनने होते हैं, शहर के कपड़े उतारकर उस गाँव की ड्रेस में होना होता है उस उत्सव के दौरान। घर के पिछवाड़े में कुछ लोग भंग बना रहे थे। वो औरतें भी पीती थी उस दिन को।
राकेश और दीपक उन आदमियों के साथ लग गये घर के पीछे। अदिति घर में अकेली रह गई थी ससुर के साथ। लीना भी चली गई थी जंगल। फिर भी घर पूरा का पूरा खुला पड़ा था, कोई भी अंदर आता जाता था सिवाए कमरे के। बहत सारे लोग उनके अंगने में आ गये थे और एक टेंट बनाया गया अंगने में घर के सामने। कुछ नौजवान लोग बिजी थे टेंट को बनाने में।
उनमें से एक ने दूसरे से कहा- “हे क्या तुमने विशाल की पत्नी को देखा? क्या लगती है यार... सेक्स बाम्ब लगती है यह तो, उसको पटकने को मन कर रहा है यार...”
दूसरे ने कहा- “यार जब वो शादी करके नई नवेली दुल्हन इस घर में आई थी, तब मैंने पहली मूठ मारा था अपनी जिंदगी की उसको सोचकर। उससे ज्यादा सेक्सी और खूबसूरत दुल्हन मैंने आज तक नहीं देखी है कभी..."
तब एक और नौजवान ने कहा- “सिर्फ तुम और वो नहीं, इस गाँव के सभी बूढ़े और जवान अदिति को सोचकर मूठ मारते थे, जब वो शादी करके इस गाँव में आई तो। इस गाँव की सबसे हाट, सेक्सी और आकर्षक दुल्हन थी वो और आज तक कोई दूसरी अदिति के जैसी नहीं आई है इस गाँव में.."
तभी एक लड़का जो एक स्टूल पर खड़ा एलेक्ट्रिक के वायर सजा रहा था टेंट में, और ऊंचाई पर होने से घर के अंदर भी ताक झाँक कर रहा था, तो उसने कहा- “हे मैंने अभी अदिति को देखा अंदर। वो अपने ससुर से बात कर रही है इस्स्स्स ..”
तब एक और ने धीरे से कहा- “यार जब वो नहाकर अपनी सेक्सी साड़ी में मंदिर जाती थी, तो मैं उसकी कमर
और नाभि देखने के लिए हर रोज उसका इंतेजार किया करता था। साला पंडित भी अपना संभाल रहा होगा जब अदिति उसके सामने जाती होगी उन दिनों.”
और एक ने कहा- “यारो इस घर में तीन मर्द हैं। तुम्हारे खयाल से सबको अपना-अपना हिस्सा नहीं मिला होगा अदिति से?"
तब एक ने जवाब दिया- “दीपक से पूछना पड़ेगा, वो उसके बहुत करीब है, उसकी डार्लिंग भाभी है..”
फिर किसी और ने कहा- “अरे नहीं... एक बार मैंने दीपक से अदिति के बारे में बात किया था, तो उसने मुझे
बहुत मारा था। वो पजेसिव है अपनी भाभी को लेकर.."
जो लड़का स्टूल पर था उसने फिर धीरे से कहा- “इस्स्स... यारों ससुर ने अदिति को हग किया है, वो उसकी बाहों में है इस वक्त सब आकर देखो...”
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