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Guest
अब मैं सोच रही थी कि पिछले कुछ मिनटों में मैंने क्या किया। मैंने अपनी कमजोरी को राहुल के सामने पूरा खोल दिया और उसके इशारो पर नाचती रही। फिर सोचा वो चाहता तो उस वक़्त मेरी चूत को अपने लंड से भी चोद सकता था या मुझे आगे से पूरा नंगा देख सकता था जो मैं अब तक छुपाती आ रही थी। पर इतना होने के बाद मैं उसका सामना कैसे करुँगी।
मैं अब नजरे झुकाये बाहर आयी। राहुल अपना सूट पहन तैयार था। हम दोनों बाहर आकर कार में बैठे। हम दोनों चुपचाप बैठे थे।
राहुल: “तुम्हे अपने आप को रोकना नहीं चाहिए, तुम्हारी बहुत सी दबी हुई इच्छाएं हैं, उनको बाहर आने दो, रोको मत। खुल कर जियो।”
मैं चुप चाप नजरे झुकाये सब सुनती रही।
राहुल: “कुछ तो बोलो ”
मैं कुछ नहीं बोल पायी। चुप ही रही।
राहुल: “तो फिर कल मेरे केबिन से शुरू करे”
मेरे मुँह पर तो जैसे शर्म का ताला लग चूका था, मैंने सिर्फ ना में गरदन हिला दी।
राहुल: “हां बोल कर अब पीछे मत हटो। इतनी जगहों के लिए हां बोला था…अच्छा बताओ उन सब में से कौन सी जगह के लिए तैयार हो।
मैं सर झुकाये शर्म से सिर्फ गरदन हिलाते हुए ना कर रही थी।
राहुल: “अरे शर्माओ मत, बोल भी दो, अब कैसी शर्म”
मैं: “इसी कारण से मैंने उस दिन तुम्हारी जगह जोसफ को चुना था। एक बार कुछ हो गया तो हमेशा मुझे ऐसी बातें सुनने को मिलेगी।”
राहुल: “अच्छा सॉरी, मैं बार बार नहीं बोलूंगा, बस एक बार बता दो, कहा करेंगे?”
मैं: “जो होना था हो चूका, अब कुछ नहीं होगा”
राहुल: ” अच्छा ठीक हैं, अब मैं नहीं बोलूंगा। वैसे डील मिलने वाली हैं तो हम सेलिब्रेट करते हैं।”
मैं: “तुम फिर से वैसी ही बातें कर रहे हो। ”
राहुल: “मैं असली पार्टी की बात का रहा था। फार्म हाउस पर पार्टी रखते हैं ।”
मैं: “ऊप्स सॉरी, इस बार मैं पति को भी लाऊंगी. पार्टी में।”
राहुल: “ओह, तो पति के सामने करवाने का ऑप्शन चुना हैं तो तुमने। ठीक हैं। ”
मैं: “हे? मैं पार्टी की बात कर रही हूँ। वैसे भी पति के सामने करवाने से बेहतर बंद कमरे में करवा लू।”
राहुल: “मैं तो पहले ही बोल रहा था, मेरे केबिन में कर लेते हैं। तो कल का पक्का रखे प्रोग्राम फिर। ”
मैं: “अब इस बारे में कोई भी बात की तो मैं कार से उतर जाऊंगी”
राहुल “इस पार्टी में वैसे भी सिर्फ स्टाफ होगा उसकी फॅमिली नहीं। फॅमिली के लिए तो सालाना पार्टी होती ही है।”
उसके बाद राहुल पुरे रास्ते चुप ही रहा। पर कार ऑफिस पहुंचते ही उसने मुझे फिर छेड़ ही दिया।
राहुल: “अभी मैं बार बार याद नहीं दिलवाऊंगा, कल मेरे केबिन में हमारा प्रोग्राम हैं।”
मैं सर हिलाते हुए ऑफिस में आ गयी। ये तो मुझे अब ऐसे ही परेशान करता रहेगा। वैसे ये वाला राहुल पहले के खड़ूस राहुल बॉस से बेहतर था।
दोपहर बाद सैंड्रा और जोसफ हमारे ऑफिस में आये। मैंने और राहुल ने उनको रिसीव किया और सीधा राहुल के केबिन में आये। सभी लोगो को अपेक्षा थी कि आज हमें डील मिल ही जाएगी। हम चारो राहुल के केबिन में पहुंचे और बैठ गए।
सैंड्रा: “राहुल मैंने बोला वो काम हुआ कि नहीं।”
राहुल: “हो गया हैं, प्रतिमा जरा वीडियो दिखाओ।”
मैं अपने मोबाइल पर पहले ही वीडियो ओपन कर तैयार बैठी थी। मैंने अपना मोबाइल सैंड्रा की तरफ बढ़ाया।
सैंड्रा: “सबूत की जरुरत नहीं, राहुल का चेहरा ही बता रहा हैं कि काम हो गया।”
राहुल: “ठीक हैं प्रतिमा तुम जाओ। कुछ काम होगा तो बुला लूंगा। ”
मैं अब नजरे झुकाये बाहर आयी। राहुल अपना सूट पहन तैयार था। हम दोनों बाहर आकर कार में बैठे। हम दोनों चुपचाप बैठे थे।
राहुल: “तुम्हे अपने आप को रोकना नहीं चाहिए, तुम्हारी बहुत सी दबी हुई इच्छाएं हैं, उनको बाहर आने दो, रोको मत। खुल कर जियो।”
मैं चुप चाप नजरे झुकाये सब सुनती रही।
राहुल: “कुछ तो बोलो ”
मैं कुछ नहीं बोल पायी। चुप ही रही।
राहुल: “तो फिर कल मेरे केबिन से शुरू करे”
मेरे मुँह पर तो जैसे शर्म का ताला लग चूका था, मैंने सिर्फ ना में गरदन हिला दी।
राहुल: “हां बोल कर अब पीछे मत हटो। इतनी जगहों के लिए हां बोला था…अच्छा बताओ उन सब में से कौन सी जगह के लिए तैयार हो।
मैं सर झुकाये शर्म से सिर्फ गरदन हिलाते हुए ना कर रही थी।
राहुल: “अरे शर्माओ मत, बोल भी दो, अब कैसी शर्म”
मैं: “इसी कारण से मैंने उस दिन तुम्हारी जगह जोसफ को चुना था। एक बार कुछ हो गया तो हमेशा मुझे ऐसी बातें सुनने को मिलेगी।”
राहुल: “अच्छा सॉरी, मैं बार बार नहीं बोलूंगा, बस एक बार बता दो, कहा करेंगे?”
मैं: “जो होना था हो चूका, अब कुछ नहीं होगा”
राहुल: ” अच्छा ठीक हैं, अब मैं नहीं बोलूंगा। वैसे डील मिलने वाली हैं तो हम सेलिब्रेट करते हैं।”
मैं: “तुम फिर से वैसी ही बातें कर रहे हो। ”
राहुल: “मैं असली पार्टी की बात का रहा था। फार्म हाउस पर पार्टी रखते हैं ।”
मैं: “ऊप्स सॉरी, इस बार मैं पति को भी लाऊंगी. पार्टी में।”
राहुल: “ओह, तो पति के सामने करवाने का ऑप्शन चुना हैं तो तुमने। ठीक हैं। ”
मैं: “हे? मैं पार्टी की बात कर रही हूँ। वैसे भी पति के सामने करवाने से बेहतर बंद कमरे में करवा लू।”
राहुल: “मैं तो पहले ही बोल रहा था, मेरे केबिन में कर लेते हैं। तो कल का पक्का रखे प्रोग्राम फिर। ”
मैं: “अब इस बारे में कोई भी बात की तो मैं कार से उतर जाऊंगी”
राहुल “इस पार्टी में वैसे भी सिर्फ स्टाफ होगा उसकी फॅमिली नहीं। फॅमिली के लिए तो सालाना पार्टी होती ही है।”
उसके बाद राहुल पुरे रास्ते चुप ही रहा। पर कार ऑफिस पहुंचते ही उसने मुझे फिर छेड़ ही दिया।
राहुल: “अभी मैं बार बार याद नहीं दिलवाऊंगा, कल मेरे केबिन में हमारा प्रोग्राम हैं।”
मैं सर हिलाते हुए ऑफिस में आ गयी। ये तो मुझे अब ऐसे ही परेशान करता रहेगा। वैसे ये वाला राहुल पहले के खड़ूस राहुल बॉस से बेहतर था।
दोपहर बाद सैंड्रा और जोसफ हमारे ऑफिस में आये। मैंने और राहुल ने उनको रिसीव किया और सीधा राहुल के केबिन में आये। सभी लोगो को अपेक्षा थी कि आज हमें डील मिल ही जाएगी। हम चारो राहुल के केबिन में पहुंचे और बैठ गए।
सैंड्रा: “राहुल मैंने बोला वो काम हुआ कि नहीं।”
राहुल: “हो गया हैं, प्रतिमा जरा वीडियो दिखाओ।”
मैं अपने मोबाइल पर पहले ही वीडियो ओपन कर तैयार बैठी थी। मैंने अपना मोबाइल सैंड्रा की तरफ बढ़ाया।
सैंड्रा: “सबूत की जरुरत नहीं, राहुल का चेहरा ही बता रहा हैं कि काम हो गया।”
राहुल: “ठीक हैं प्रतिमा तुम जाओ। कुछ काम होगा तो बुला लूंगा। ”