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Fantasy बॉलीवुड की मस्त सेक्सी कहानियाँ

मेरा तो मन किया की उसके ऊपर कूद कर उसके पूरे बदन को चूम लू... मैं धिरे-2 उसकी तरफ कदम बढ़ाए और जब में उसके करीब पहुचा तो उसने आगे से अपनी लिंगरी ऊपर करदी... उसकी फूली हुई चूत मेरी आँखों के सामने आगई जो कि पिंक कलर के पैंटी में कैद थी...

में जल्दी से अपने घुटनों पर बैठ गया और उसकी प्यारी सी मुनिया को और करीब से देखने लगा...

उसके चूत के होंठ पैंटी के ऊपर से ही दिख रहे थे... मुझ से रहा नही गया और मैने ऊनी उंगलिया पैंटी की इलास्टिक में अटकाया और एक ही झटके में पैंटी उसके पैरों में गिरादी... अब उसकी डबल रोटी जैसी चूत मेरी आँखों के सामने थी... उसने पैरों से पैंटी निकल कर अपने तांग फैला दिए ताकि मुझे उसकी चूत आराम से दिखे...

ऐसे लग रहा था कि उसने अभी-2 अपनी चूत के बाल साफ किये है... मेने उसके चूत के होठो कर तीन चार चुमियाँ देदी... उसके चूत से पानी बह रहा था और वो चिपचिपा पानी मेरे होठो पर भी लग गया... में उसकी चूत को चूमते ही जारहा था... उसने मेरा सिर पकड़ कर मुझे रोक दिया और अपने पैरों के पास पैंटी की तरफ इशारा कर के बोला "मेरी निशानी अपने पास रख लो"

मेने पैंटी उठा कर जेब मे दाल दी... और फिर से उसकी चूत को चाटने लगा... अपनी जीभ को नुकीला करके उसकी चूत के अंदर दाल कर चूत को जीभ से चोदने लगा... मस्ती में उसने मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चुत पर दबा दिया और अपने पैर भी फैला दिए... उसके मुह से लगातार सिसकारियां निकल रही थी...

इसी तरह लगातार उसकी चुत चाटने की वजह से उसके पैर कप रहे थे... तो मैने उसे अपने गोद मे उठा कर बेड पर चित्त लेटा दिया और खुद भी बेड पर चढ़ कर उसके पैरों के बीच मे आकर उसके चुत के होठो को फैला कर अंदर का गुलाबी भाग देखने लगा... उसके चुत के छेद में से पानी बह रहा था...

बिपाशा ने मेरे हाथ चुत से हटा कर खुद ही अपने चुत के होठो को फैला दिया...

"प्लीज सक्क मि... बेबी प्लीज..." उसने अपनी उंगलियों से चुत के होठो को फैला कर बोला...

मेने उसकी बात मानते हुए उसकी चुत के गुलाबी छेद को अपनी खुरदरी जीभ से चाटने लगा... चुत से चिपचिपा सफेद पानी बह रहा था जिसका स्वाद कुछ नमकीन और खटा सा था...

जब मैने उसकी चुत के होठो को अपने मुह में भर कर जोर की चुस्की ली तो उसने बेड शीट को अपने हाथों से बीच लिया और अपने पैरों से मेरे चेहरे को जोर से चुत पर दबा दिया...

"ओहहह... मय्य्य्य..... गोड़ड़ड़ड़..... ओऊहहह... एससस... एससस... एससस... बेबी सक्क मय पुसी..." ऐसे ही बिपाशा की सिसकारियां और तेज़ चलती साँसों की आवाज पुरे रूम में गूंज रही थी...

जब वो झादने वाली थी तो उसने मेरा चेहरा अपनी चुत पर दबाकर अपनी कमर जोर-2 से हिलाने लगी जैसे कि वो मेरे मुह को चोद रही हो और मैने भी अपने दांतों से और जीभ से वॉर करते हुए उसकी चुत को जोर-2 से चूसने लगा...

"ओहहह फक्कककक... आहहहहह... डोंट बाईट..." तेज़ सिसकारियां भरते हुए वो झाद गई...

में उसका सारा पानी पी गया और उसकी चुत से मुह हटा कर हफ्ते हुए उससे देखने लगा....

वो भी आँखे बंद करके लंबी-2 साँसे भर्ती हुए अपने ओर्गास्म को एन्जॉय कर रही थी... बिपाशा का बदन पसीने से पूरी तरह भीग चुका था और चमक रहा था... उसकी चुत मेरे दातो की वार के वजह से लाल हो चुकी थी...

उसके नंगे बदन को देख कर मुझ से राह नही गया और अपने सारे कपड़े एक-2 कर के उतार दिए... मेरा लंड तो पहले से ही लोहे की रॉड की तरह तन कर खड़ा था...

मेने उसे संभालने का कोई मौका नही दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसके गाल और गर्दन को चूमने लगा... मेरे इस हरकत पर उसके चेहरे पर मुस्कान आगई और उसने भी मेरा साथ देते हुए मेरी पीठ को सहलाने लगी और अपना चेहरा एक तरफ करके मज़ा लेने लगी...

पर चेहरा उस तरफ करते ही उसकी सिसकियाँ बंद होगई थी इसलिए मैंने अपनी जीभ से उसके गर्दन और कान को चाटा तो उसकी सिसकारियां फिर से सुरु होगई...

"आहहहह.... उममममम... ओहहह"

पर अचानक एक झटके के साथ वो मेरे ऊपर आगई और वो मेरे गाल और कान के पास किस्स करने लगी...

उसने मेरे कान को अपनी गीली जीभ से चाटा तो मेरे बदन में झुर-झूरी सी उठने लगी जो उसने भी महसूस किया...

"सोनो जो अब में बोलने वाली हु उस पर रियेक्ट मत करना" उसने मेरे कान में फुस-फसते हुए कहा...

मेने "ह्म्म्म" में उसकी बात का जवाब दिया...

"दरवाजे पर कोई लड़की खड़ी है... तुमने डोर लॉक नही लिया था क्या" उसने मेरे कान को अपने दातो से काट कर कहा...

उसके काटने की वजह से मैने अपने लंड को उसकी चुत पर दबा दिया पर चुत के बहते पानी की वजह से वो फिसल कर उसकी झंगो के बीच घुस गया और सीधा गांड की दरार में फस गया...

मेने दरवाजे की तरफ तिरछी नज़र कर के देखा तो वहा पर सच मे कोई था और उसे में अछि तरह से जनता था...

उसकी आंखें हमारे सेक्सी सिन देख कर वासना के कारण गुलाबी हो गई थी और माथे पर पसीना भी जम गया था..

वो दरवाजे पर खड़ी लड़की कोई और नही बल्कि लीना मेम थी मेरी मैनेजर... इस वक्त उन्हीने लाइट ब्लू कलर का नाईट ड्रेस पहना था... उस ब्लू कलर के सांडो टाइप टॉप में उनके कड़क निप्पल्स आसानी से दिख रहे थे...

उसके पाजामे के ऊपर भी एक ढबा सा बन गया था जो बता रहा था कि उसकी चुत भी बहुत टाइम से पानी छोड़ रही है... इसका मतलब की वह हमारी रास लीला बहुत टाइम से देख रही है...

मेरे मन मे पता नही क्या आया और में बहुत सारी हिम्मत इकट्ठा कर बिपाशा को अपने ऊपर से हटाया और अपने कदम लीना मेम की तरफ बड़ा दिए...

उनकी नज़र मेरे लंड पर ही थी जो कि चलने के कारण उछल रहा रहा था...

उनके करब पहुचते की मेने उनका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया... उनके हाथ बहुत ही ज्यादा ठंडे थे और उनके हाथ ने सीधा मेरे लंड के टोपे को ही पकडा था...

"ओहहह...आहहहह..." उनके ठंडे हाथो के कारण मेरे मुह से सिसकारियां निकल गई...

उन्होंने मेरे एक दम करीब आकर अपने पैरो के पंजों पर खड़े हो कर मेरे होठो पर एक किस्स दे कर मेरे लंड के टोपे को जोर से दबा दिया और इस बात का प्रमाण दिया कि वो भी हमारे साथ है...

उसने घूम कर डोर को लॉक किया और फिर से मेरे लंड को पकड़ कर मुझे सोफे तक लेजाकर उसपर बिठा दिया...

मेरे बैठते ही मेम ने टॉप को उतार दिया और उनके पिंक कलर के निप्पल्स जिसका अरेओला काफी फैला हुआ था जो एक दम कमाल लग रहा था...

मेरे मुह से तो लार टपकना सुरु होगई थी मन कर रहा था कि अभी पूरा निप्पल अरेओला समेत मुह में भर है चूस लू...

पर उसके बूब्स ज्यादा समय तक मेरे सामने नही रहे वो घूम गई और जुक कर अपना पैजामा पैंटी के साथ उतार दिया...

मेम की मोटी सी भारी भरकम गांड मेरी आँखों के सामने थी जिस का दरार काफी गहरा लग रहा था... वी अपनी मोती गांड को मेरी आँखों के सामने हिलाने लगी और तब मुझे उसकी चुत की झलक भी मिल गई जो काफी फूली हुई लग रही थी...

मैं जैसे ही उसकी गांड को हाथ लगाने गया तो वो घूम गई और उसकी डबल रोटी जैसी फूली हुई चुत सामने आगई... चुत पे बाल का नामोनिशान नही था...

 
मैं चुत को और करीब से देखने के लिए उठा तो उसने मुझे धक्का दे कर वापिस बिठा दिया और खुद मेरे बाजू में बैठ गई...

उसने अपने हाथ पर थूक लगाया और मेरे लंड की मुठ मारने लगी...

ये सारा नज़ारा बिपाशा बेड पर बैठ कर मुस्कुराते हुए देख रही थी... जब मेरी नज़र बिपाशा से मिली तो मैने उसे अपने पास आने का इशारा किया... वो झट से उठके मेरे दूसरी तरफ बेठ गई और एक हाथ मेरी झांग पर रख कर सहलाने लगी...

मेने लीना मेम का सिर पकड़ कर अपने लंड की तरफ झुकने लगा तो उन्होंने मेरा हाथ हटा दिया और ना में सिर हिलाया... शायद उनको लंड चूसना अच्छा नही लगता था इसलिए मेरे भी उनके साथ जबरदस्ती नही की...

पर बिपाशा से रह नही गया और उसने मेरे लंड की तरफ झुक कर उसे मुह में भर कर धीरे-2 चूसने लगी... उसे चुसाई में इतना मज़ा आरहा था कि वो मेरे लंड को जड़ तक मुह में लेती और फिर अपने लार से गिला कर देती...

में अपने सिर लीना मेम के सिने में दबा कर आँखे बंद कर के मेरे लंड की चुसाई का मज़ा लेने लगा... मेरी नज़र जब लीना मेम के बूब्स की तरफ गई तो उनका बड़ा सा अरेओला वाला निप्पल मुझे अपनी तरफ चूसने के लिए बुला रहा था.... मेने देर ना करते हुए उन के एक चुचे को मुह में भर कर चूसने लगा और एक हाथ से दूसरे चुचे को सहलाने लगा...

उनके बूब्स एक दम कड़क थे जैसे कोई पहली बार दबा रहा हो...

हम तीनो एक दूसरे को मज़ा देने में लसगे हुए थे... इतने में लीना मेम उठी और अपने पैजामे में से कोई दवाई का स्ट्रिप निकल कर ले आई और मुझे खाने के लिए बोला...

मैं:- ये किस लिए...

लीना मेम:- इसे तुम्हारा स्टैमिना बढेगा और तुम ज्यादा देर तक तिकोगे...

बिपाशा:- खालो हम दो है और मेरे चुत में तो बहुत आग लगी है में तुम्हे जल्दी छोड़ने वाली नही हु...

लीना मेम:- में भी तुम्हे जल्दी नही छोडूंगी...

उन दोनों की बात मानते हुए मैं गोली खाने के लिए तैयार हो गया और लीना मेम के हाथ से गोली ले कर पानी लेने के लिए उठा ही था कि...

"कहा जारहे हो" मुझे बिपाशा ने उठते देख कहा...

में:- पानी लेने... बिना पानी के ये गोली कैसे खाऊंगा...

बिपाशा:- रोको में हेल्प करती हूं...

उसने मेरे हाथ से गोली ले कर कहा "मुह खोलो"

मेने अपना मुह खोला तो उसने गोली मेरे मुह में एक दम अंदर तक रख दी और अपने होठ मेरे होठो से मिला कर अपने मुह का सारा थूक मेरे मुह में डालने लगी...

उसने कसके मेरा चेहरा पकड़ा हुआ था ताकि में अपने आप को छुड़ा ना सकू और हुआ भी ऐसे ही... उसका सारा थूक मुझे ना चाहते हुए भी गोली के साथ निगलना ही पड़ा...

वैसे किस्स करते हुए भी थूक मुह में जाता है पर इतना सारा थूक एक साथ... और टेस्ट भी बहुत अजीब लग रहा था... बिपाशा तो रुकने का नाम ही नही ले रही थी वो लगातार अपना थूक मेरे मुह में उड़ेलते जारही थी...

मेने अपनी पूरी ताकत लगा कर बिपाशा को अपने से अलग किया... उसका पूरा थूक मेरे होठो से बहते हुए मेरे थुड़ी तक आने लगा...

बिपाशा ने सारा थूक चाट-2 कर साफ कर दिया...

मैं:- गंदी कही की...

मेरी बात सुन के वो मुस्कुराने लगी...

बिपाशा ने मेरे होठो पर किस्स कर के सॉरी कहा...

मेने दोनो का हाथ पकड़ा और बेड पर लेआया...

"तो पहले किस की बारी" मेने दोनो को एक दूसरे के बाजू में चित लेटा कर पूछा...

"पहले मैं" बिपाशा झट से बोली...

तो फिर क्या था में बिपाशा के पैरो के बीच मे आकर उसकी चुत पर एक किस्स दिया और अपने लंड के टोपे को उसकी गर्म चुत के छेद पर रख कर धीरे से धक्का दिया तो मेरा टॉप उसकी चुत में चला गया और बिपाशा के मुह से हल्की सी चीख निकल गई...

मुझ पे गोली का असर हो रहा था... आंखे भी लाल हो गई थी... अब और कंट्रोल नही हो रहा था... मेने सीधा दो धक्के में लंड को चुत के अंदर की...

"आहहहह.... ओहहहहहह.... फ़क.... कुत्ते.... धीरे कर... आहहह... दर्द हो रहा.... है...." बिपाशा चीखते हुए बोली...

"अब मुह से और कंट्रोल नही हो रहा" मेने उसकी चुत में धीरे-2 लंड को अंदर बाहर करना सुरु करदिया था...

में पूरे लंड को टोपे तक बाहर निकालता और उसकी चुत के जड़ तक अंदर दाल देता...

जब भी मेरा लंड उसके बच्चे दानी से टकराता उसके मुह से हल्की दी चीख निकल जाती... उसकी चुत का गिला पन और गर्माहट में अपने लंड पर महसूस कर सकता था... मेने उसके पैरों को अपने कंधों पर ले कर अपनी धक्कों की रफ्तार बड़ा दी और उसके हिलते हुए बूब्स देख कर में और तेज़ चोदने लगा...

बिपाशा मज़े में अपनी आंखें बंद कर के अपनी चुत चुदाई का मज़ा ले रही थी... मेरे झांग उसकी गांड से टकरा कर थाप-2 की आवाज कर रहे थे...

अचानक बिपाशा ने मुझे कसके अपनी बाहों में भर लिया और अपने पैरों से मेरी कमर दबा कर जोर-2 से सिसकारियां भरने लगी...

"ओहहह.... येससस.... येससस.... येससस.... आई एम कमिंग.... आई एम कमिंग.... आई एम कमिंग.... यस... ओहहह... फक्क में बेबी... मेक में कम.... यु आर सो गुड...." बिपाशा की सिसकारियां पूरे रूम में गूंज रही थी...

मेने और तेज़ धक्के लगाए और बिपाशा "ओहहह... आहहहह..." करते हुए झाड़ गई...

उसके आंखों में से पानी भी निकल रहा था... उसने अभी तक अपनी आंखें बंद कर के मुझे कस कर अपनी बाहों में जकड़ा हुआ था...

मेने उसकी आँखों से पानी पोछ कर पूछा "इतनी जल्दी क्यों झाड़ गई"

बिपाशा:- इतना तेज चोदोगे तो किसी का भी पानी निकल जाएगा बेबी...

उसने मेरे होठो को चूम कर कहा... वो अभी तक हाफ रही थी...

मेने फिर से उसकी चुत में धक्के लगाने शुरू किए...

"छोड़ा मुझे... अब उसकी बारी है" उसने मुझे अपने ऊपर से हटाते हुए कहा...

मैं लीना मेम के पास गया तो वो भी अपने पैर फैला कर लेट गए... पर मैं भी उनके बाजू में लेट गया और उनको इशारा किया... वो मेरा इशारा समझ गई और वो अपनी भारी भरकम गांड उठा कर मेरे ऊपर आगई...

मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ कर अपने चुत पर सेट किया और धिरे-2 कर के वो लंड पर बैठ गई... वो अपनी आँखें बंद करके मेरे लंड को अपनी चुत के गहराई तक महसूस करने लगी...

उनकी चुत किसी भट्टी की तरह गर्म थी... मेरा लंड उनकी चुत में ही झटके मार रहा था... मेने उसके बूब्स दबा कर उन्हें कूदने का इशारा किया...

वो मेरे सीने पर हाथ रख कर धिरे-2 अपनी गांड को ऊपर नीचे करने लगी... और कुछ ही देर में वो धक्के तेज़ होगए... उसकी गांड मेरे झंगो से टकरा कर थाप-2 की आवाज करने लगी...

उनकी चुत से सफेद पानी निकल रहा था जिसके वजह से चुत पर झाग बन रहा था...

बिपाशा भी हमारी चुदाई देख कर फिर से गर्म हो गई थी उसकी चुत फिर से पानी छोड़ रही थी... वो उठी और मेरे चेहरे पर अपनी गांड रख कर बैठ गई और ऊनी चुत चटवाने लगी...

मैं भी चुत से बहता हुआ पानी चाटने लगा... वो अपनी चुत के दाने को रंगने लगी...

उसका चेहरा लीना मेम की तरफ था... उनदोनो की आँखे एक दूसरे से मिली और दोनों में किस्स शुरू होगया...

अब बिपाशा मेरे चेहरे पर बैठ कर अपनी चुत चटवा रही थी और लीना मेम मेरे लंड पर बैठ कर अपनी चुत चुदवा रही थी और दोनों ही एक दुदरे को किस्स कर रहे थे...

लीना मेम मेरे लंड पर कूद-2 कर थक गई थी तो वो मेरे साइड में ही चित लेट गई... मेने बिपाशा को अपने चेहरे पर से हटाया और उसे लीना मेम के ऊपर ही घोड़ी बना दिया...

मेने एक ही झटके में लंड को लीना मेम की चुत में डाला और तेज़ धक्के मारने लगा और कुछ ही देर में वो बिपाशा को किस्स करते और गु... गु... की आवाज निकालते हुए झाद गई...

मेने झट से अपनी लंड बिपाशा की चुत में डाल दिया... बिपाशा को इस वॉर की उमीद नही थी... उसके मुह से चीख निकल गई और मेरी तरफ देखने लगी...

मेरे धक्कों की वजह से बिपाशा के बूब्स लीना मेम के बूब्स से रगड़ रहे थे और वो दोनों फिर से किस्स करने लगे थे...

लंड को बिपाशा की चुत से निकाला और लीना मेम की चुत में दाल दिया... कुछ देर उनको चोदने के बाद बिपाशा को चोदने लगा... इसी तरह में दोनो को बारी-2 से चोदने लगा...

और वहा पर दोनों कभी किस्स करते तो कभी एक दूसरे के बूब्स दबाते और चूसते... दोनो के बूब्स पूरे लाल हो चुके थे...

 
मेने बिपाशा की गांड के छेद पर थूक लगाया और उसके छेद को उंगली से खुरेदने लगा...

"ओहहह.... वह पर नही... प्लीज...." बिपाशा ने मेरा हाथ हटा कर बोला...

तो मैने लीना मेम की चुत से लंड निकल कर बिपाश की चुत में दाल दिया और लीना मेम के गांड के छेद को छेड़ने लगा तो उन्होंने भी मन कर दिया...

मुझे गांड मारने का बहुत मन कर रहा था पर क्या कर सकते है... और वैसे भी मैं दो-2 चुत एक साथ पहली बार चोद रहा था जो मेने कभी सोचा भी नही था...

बिपाशा फिर से झाद गई और लीन मेम के ऊपर से हट कर एक तरफ लेट कर हाँफने लगी... मेने लीना मेम को घोडी बनाया और उनकी गांड पर थपड मरते हुए चुत चोदने लगा...

लीना मेम भी अपन गांड मज़े में आगे पीछे कर के खुद चुद रागी थी... उनकी गोरी गांड एक दम लाल हो गई थी...

इस पोजीशन में लीना मेम को उनकंफेर्टेबले फील हो रहा था... तो मैने उनको बेड पर एक करवट ले कर लेटा दिया और खुद उनके पीछे जाकर चुत में लंड डाला उनकी चुत को ज़ोर-2 से रगड़ ते हुए में लीना मेम को चोदने लगा... वो एक पेर हवे में लहराते हुए मस्ती में चुद रही थी...

"ओहहह यससस... केविन... आई... एम कमिंग्गगग.... फक्क में हार्ड... हार्डर... मय्य्य्य पुसी इस... सोऊ वेट... यु लाइक फैकिंग मय पुसी... हाँ... यस... यस... यस... आई एम कमिंग्गगग..." चीखते, चिल्लाते और सिसकारियां भरते हुए वो झाद गई...

मेरा अभी तक पानी नही निकला था... मेने लीना मेम को आराम करने दिया और बिपाशा को खड़ा किया और उसे दीवार का सहारा दे कर झुका दिया और लंड को उसकी चुत में पेल दिया... फिर से रूम में थाप-2 की आवाज गूँजने लगी...

लीना मेम फिर से गर्म हो गई थी और अपनी चुत को रगते हुए हमारी चुदाई देख रही थी...

अचानक बिपाशा ने मेरा लंड अपनी चुत से बाहर निकल दिया और मेरा लंड पकड़ कर मुझे बाथ रूम ले आई...

बाथ रूम की दीवार पर अपने हाथ रख मेरे लंड को फिर अपनी चुत में लेलिया... मेरे शुरू से ही तेज़ धक्के लगाने शुरू कर दिए...

और कुछ ही देर में बिपाशा झादने लगी उसकी चुत से चुत रस के साथ-2 पेशाब भी निकलने लगा और एक मधुर सिटी की आवाज आने लगी...

वो अपनी चुत को रगड़-2 कर मूत रही थी...

उसने अपना निशाना कमोड को बना रखा था पर फिर भी उसका थोड़ा पेशाब इधर उधर गिर रहा था...

लीना मेम बाथ रूम के दरवाजे पर खड़े रह कर अपनी चुत को रगड़ते हुए ये सारा नज़ारा देख रही थी... उनको तो दरवझे से ही देखने की आदत है... इस बार भी में उनका हाथ पकड़ कर बाथ रूम में ले आया...

उनको दीवार से टिका कर किस्स किया और नीचे झुक कर अपने लंड को उनकी चुत पर सेट किया और मेरे सीधा खड़े होते ही मेरा लंड उनकी चुत में चला गया... मेने उनको दीवार से पूरा चिपका दिया और उनके दोनों पैसो को पकड़ कर हवे में उठा लिया... मेरा लंड अपनी चुत में एक दम अंदर तक मोहसूस कर के लीना मेम का मुह खुला राह गया...

मेने उनकी चुत में धक्के देना सुरु कर दिए... उन्होंने एक हाथ मेरे गले मे दाल दिया और मज़े से सिसकारियां लेने लगी...

"ओहहह... केविन यु... आर से स्ट्रांग... फक्क... मि... फक्क में हार्ड... मेरा निकलने वाला है... आई एम कनिंगगग..." बोलते हुए वो झादने लगी...

मेरा भी अब बहुत देर की चुदाई की वजह से पानी छूटने ही वाला था... "आई एम कमिंग टू लीना डार्लिंग" मैं झादते हुए बोला...

एक के बाद एक वीर्या कि पिचकारी मेरे लंड ने छोड़ना सुरु किया और लीन मेम की चुत मेरे वीर्या से भर गया... उनकी चुत ने मेरे लंड को पूरा निचोड़ दिया...

लीना मेम की चुत से मेरा लंड बाहर आते ही उनकी चुत से उनका चुत रस और मेरा वीर्या मिक्स हो कर टपकने लगा...

बिपाशा झट से आई और अपने घुटनो पर बैठ कर लीना मेम की चुत को चाट-2 कर वो सारा पानी पीगई...

उसने तो मेरे लंड को पकड़ कर आखरी बून्द तक निचोड़ कर वो चाट गई...

इस धुआंदार चुदाई के बाद हम तीनों थक गए थे... बिपाशा बाथ रूम में नहाने लगी तो मैने उसके होठो पर किस्स किया और उससे अलविदा कह कर फिर मिलने का वादा करके... लीना मेम के साथ अपने कपड़े पहन कर बाहर आगया...

"गुड नाईट मेम" लीना मेम का रूम आगया तो में बोला...

"अब लीना मेम नही लीना डार्लिंग कहो बेबी" उन्होंनेे मेरे होठ चुम कर कहा "गुड नाईट" उन्होंने मेरे पूरे चेहरे पर चुमियाँ दी और वो अपने रूम में चली गई...

में भी अपने रूम में आगया... अब तो बस सोने का मन कर रहा था...

मेरे पास रूम की दूसरी चाबी थी उसे मेने रूम खोला और सीधा बाथ रूम में घुस गया... मेने अपने लंड को अछे से साफ किया... इतनी चुदाई के वजह से पूरा चिपचिपा सा होगया था...

नाहा धो कर में सिर्फ शॉट्स में बाहर आया और बेड पर सोने के लिए गया ही था पर ये क्या बेड पर पहले से ही कोई सो रहा था.... शायद मेरा दोस्त सो रहा होगा... साला पूरा चादर ओढ़ कर अंधे मुह सो रहा था...

मेने चादर हटा कर उसके गांड पर लात मारने के लिए गया ही था कि मैं उसकी गांड देखता ही रह गया... अब मैं कोई गे तो था नही जो किसी लड़के की गांड को देखता... हा दोस्तो वो लड़की ही थी...

एक लड़की मेरे बेड पर अंधे मुह सो रही थी... उसकी गांड देख कर मेरा लंड शर्ट्स के अंदर तम्बू बनाने लगा... रूम की लाइट जली हुई थी और उस लाइट में उसकी गोरी और गोल मटोल मुलायम गांड चमक रही थी...

जब उसने करवट बदली तो उसकी चुत की झलक भी मिल गई... शायद ये वही कॉल गर्ल है... क्या मस्त माल है... मेरा तो मन कर सहा था कि अभी इसकी गांड में लंड पेल दु...

उस कॉल गर्ल के बदन पर ठंडी हवा पड़ने की वजह से उसकी नींद खुल गई और उसने मुझे अपने गांड को घुरते हुए पाया तो उसने एक हाथ अपने गांड पर रख कर फैला दिया...

उसकी गांड का भूरा रंग का छेद मेरी आंखों के सामने आगया... अब तो मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो कर कड़क हो गया था और शॉर्ट्स में ही बड़ा सा तम्बू बन गया था...

 
अब तो मुझ से राह नही जा रहा था... उसने मुझे अपने पास आने का इशारा किया... मेने झट से अपना शॉर्ट्स निकाल दिया और उसे सीधा करके उसके ऊपर चढ़ गया...

पर उसने मुझे पलट दिया और खुद मेरे ऊपर आगई... उसने मेरे सीने पर किस्स करना सुरु किया और अपने जीभ बाहर निकाल कर मेरे निप्पल पर अपनी जीभ से चुभलाने लगी...

धीरे-2 करके वो मेरे पेट को चूमते हुए मेरे लंड पर आगई... उसने मेरे लंड की खाल को नीचे किया और उसके टोपे को चूम कर उसके ऊपर थूक दिया... और ज़ोर-2 से मेरे लंड की मुठ मरते हुए आपने थूक को मेरे लंड पर मलने लगी...

उसका गर्म थूक और ठंडे हाथ मुझे कुछ अलग ही मज़ा दे रहे थे... मेरे लंड पर एक और बार थूकने के बाद उसे अछि तरह से मलने के बाद...

वो उठी और मेरा लंड का टोपा अपनी चुत के मुह पर रखाऔर एक झटका मारा... मेरा लंड आधा उसकी चुत में चला गया... और मेरे दुसरा झटका मरते ही मेरा लंड उसकी चुत के गहराइयो में उत्तर गया और हैम दोनो के मुह से चीख निकल गई...

क्या की उसकी चुत अभी तक गीली नही हुई थी और मेरा लंड का टोपा उसकी चुत के दीवारों से रगड़ता हुआ अंदर गया था तो मुझे भी दर्द हुआ था....

वो मेरे ऊपर झुक गई और मैने उसके एक चुचे को अपने मुह में भर कर चूसने लगा... वो भी मेरे बालो को सहलाते हुए मज़ा ले रही थी... धीरे-2 उसकी चुत पानी छोड़ने लगी और मैने उसके चुचो को चूसते हुए उसकी चुत में धक्के मरना शुरू किया...

धीरे-2 धक्के तेज़ हो गए और वो भी अपनी कमर हिला कर मस्ती में सिसकारियां ले रही थी... अब मेरा लंड उसकी गीली चुत की दीवारों से बराबर रगड़ कर मज़ा देरहा था...

मेरे उसकी कमर को पकड़ कर अपने लंड पर दबा कर रोक दिया...

में:- पीछे से करने दोगी...

कॉल गर्ल:- क्यों नही... पर पहले तेल लगा लो...

उसने ड्रेसिंग टेबल से तेल की शीशी उठाई और मेरे लंड पर दाल कर उसके ऊपर अछे से लगने लगी... उसने ढेर सारा तेल मेरे लंड पर लगाया और मेरे सामने घोड़ी बन कर अपनी गांड मेरी तरफ कर दिया...

मेने तेल लेकर उसकी गांड के छेद पर लगाना शुरू किया... एक उंगली को उसके गांड के अंदर दाल कर अंदर तक तेल लगाया...

मैं उसके गांड में उंगली कर रहा था और वो अपनी चुत को सहला रही थी...

फिर उसने अपनी गांड को हाथो से फैलाया...

तो में समाज गया वो क्या चाहती है और मैने लंड पकड़ कर उसकी गांड के छेद पर टिकाया और धीरे-2 अंदर करने लगा...

धीरे-2 उसकी गांड मेरा पूरा लंड खागई... मेने उसे सीने से पकड़ कर उठाया और उसके बूब्स दबाते हुए पूछा "धीरे-2 करू या ज़ोर से"

तो उसने कहा "ज़ोर-2 से करना और चिखु तो भी मत रुकना"

उसके बोलते ही मेने धक्के लगाना सुरु किया और सच मे उसके मुह से चीख निकलने... उसकी गांड काफी टाइट थी... तेल लगाने की वजह से उसकी गांड मारने मज़ा आरहा था...

मेने अपने दो उंगली उसकी चुत में दाल कर अंदर बाहर करना सुरु किया... उसकी चुत से बहता हुआ पानी झंगो तक आरहा था...

मेने लंड बाहर निकाल दिया और उसे सीधा लिटा कर साइड में पड़ी हुई उसकी पैंटी उठा कर उसकी चुत से बहता हुआ पानी पोछा और लंड उसकी चुत में पेल दिया... अब में उसकी चुत बहुत तेज़ी से मार रहा था...

"ओहहह.... येस येस येस.... फक्क मि.... फक्क मि हार्ड... आई एम कमिंग... येस फक्क मि"

उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और अपने पैरों को मेरे कमर पर लॉक करके वो ज़ोर-2 से कमर हिलाते हुए झादने लगी...

उसका चेहरा पूरा लाल पड़ गया था... झादने के बाद वो लंबी-2 साँसे भरते हुए मेरे बालो को अपने उंगलियों से सहलाने लगी...

थोड़ी देर रुकने के बाद मेने उसको उलट दिया और उसके पेट के नीचे एक तकिया रख दिया... जिससे उसकी गांड ऊपर आगई... मेने लंड को उसकी गांड के छेद पर सेट किया और उसके ऊपर ही लेट गया... मेरा लंड उसकी गांड में पूरा अंदर तक घुस गया था...

मेने उसकी कसी हुई गांड में धक्के लगाना शुरू किया और वो बड़े प्यार से मेरे बालो को सहलाते हुए सिकरिया भर रही थी...

धीरे-2 मेरे धक्के तेज़ होते गए... उसकी टाइट गांड मारने में काफी मज़ा आरहा था...

मेने इतने तेज़ धक्के लगाने शुरू किए की अब वो मज़ा दर्द में बदल गया और उसके मुह से चीख और आंखों से आंसू निकलने लगे... पर फिर भी उसने मुझे रुकने के लिए नही बोला...

मेरा भी बस निकलने ही वाला था.. में लगातार उसकी टाइट गांड मार रहा था...

कुछ दस धक्कों के बाद ही मेरे लंड ने उसकी गांड के गहराइयो में पानी छोड़ने शुरू किया...

उसकी गांड में झादने के बाद में उसके ऊपर से हट कर साइड में लेट गया और कब मुझे नींद आगई मुझे पता ही नही चला...

तो दोस्तो आपको ये कहानी कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताए...

 
रवीना टंडन की गांड मारी

बात उन दिनों की है, जब मैं मुम्बई काम की तलाश में गया। वहाँ पर मेरा एक दोस्त था, मैं उसी के रूम पर रहता था। मुम्बई में दिन भर काम की तलाश करता.. लेकिन अब तक मुझे कोई काम नहीं मिला था।

आखिर में मैं हार मानकर वापस घर जाने का सोच रहा था लेकिन सोचा आज आखिरी दिन और काम ढूंढ लूँ।

सुबह खाना खाकर काम ढूंढने के लिए निकल पड़ा। शाम तक कोई काम नहीं मिला। फिर थककर वापस रूम पर जा ही रहा था, तभी मैंने देखा कि एक लड़की सामने पड़ी कराह रही है। मैं भागकर वहाँ पहुंचा तो देखा वो कोई और नहीं मशहूर अभिनेत्री रवीना टंडन थी। उनकी गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई थी, इसलिए वो गाड़ी से बाहर गिर गईं और उनके पैर में मोच आ गई थी।

रवीना ने मुझसे कहा- तुम अपने फ़ोन से एक नंबर पर कॉल करो.. मेरा फ़ोन यहीं कहीं झाड़ियों में गिर गया है।

मैंने कहा- पहले आप खड़ी तो हो जाइए।

मैंने उनको सहारा देकर खड़ा किया और कार में बिठाया।

फिर मैंने कहा- मेरा फ़ोन चार्ज नहीं है, आप कहो तो मैं आपको आपके घर तक पहुँचा सकता हूँ, मुझे ड्राइविंग आती है।

रवीना ने कुछ सोचने के बाद कहा- ठीक है।

अब हम रवाना हो चुके थे। फिर उन्होंने मुझसे मेरा नाम पूछा, तो मैंने कहा- जी मेरा नाम आनन्द है।

‘हम्म..’

मैंने कहा- रवीना जी मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूँ। प्लीज एक ओटोग्राफ तो दे ही देना।

उन्होंने कहा- तुमने मेरी मदद की है, ऑटोग्राफ तो मैं तुम्हें दे ही दूँगी, इसके अलावा भी तुम्हें कोई जरूरत हो तो बता देना।

मैं काम की तलाश में था और मैडम मुझसे कह रही थीं कि कोई जरूरत हो तो बता देना, मैं उनकी तरफ चूतियों की तरह से पलकें झपकाने लगा।

फिर रवीना ने पूछा- क्या काम करते हो?

मैंने कहा- काम की ही तलाश कर रहा हूँ.. लेकिन अब तक नहीं मिला इसलिए कल वापस गांव जा रहा हूँ।

तो रवीना कहा- मेरे घर पर काम करोगे?

मैंने कहा- मैं आपके क्या काम का?

तो रवीना ने कहा- मेरे ड्राईवर का काम कर लोगे.. वैसे भी गाड़ी काफी अच्छी चलाते हो। मेरे घर में एक नीचे वाला कमरा भी खाली है।

मैं बहुत खुश हुआ।

अब तक हम उनके घर पर पहुँच गए। बाहर तैनात कुछ गार्ड्स ने उनको उनके कमरे में पहुँचाया, मैं भी साथ ही था। कुछ देर बाद सभी गार्ड भी चले गए।

रवीना बिस्तर पर लेट गई और उसने मुझसे कहा- चोट ज्यादा नहीं है.. तुम वो सामने जो दवा पड़ी है.. बस वो लगा दो।

मैं वो उठा कर लाया और खड़ा हो गया।

फिर रवीना ने कहा- लगाओ!

रवीना ने उस वक्त ब्लैक कलर की शार्ट ड्रेस पहनी हुई थी। उसने अपनी छोटी स्कर्ट को ऊपर उठाया तो रवीना की गोरी-गोरी टांगों और जांघों को देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया।

रवीना ने कहा- लगाओ.. देख क्या रहे हो?

मैंने कहा- रवीना जी, आपके पैर काफी अच्छे हैं।

रवीना ने ‘थैंक्स..’ कहते हुए बोला- अब देखते ही रहोगे क्या.. लगाओ भी!

मैंने उसके पैरों को अपनी जाँघों पर रखा और हल्के हाथ से दवा मलते हुए पैरों की मालिश करने लगा।

अय हय.. क्या मुलायम और चिकने पैर थे.. मेरा लंड कड़क तो था ही, साला छूने भर से तड़प उठा।

मैंने रवीना के नाम की कई बार मुठ मारी थी। आज उसे अपने सामने देख कर मेरी हालत ख़राब हो रही थी। मैंने जैसे-तैसे दवाई लगा दी।

रवीना को मेरा खड़ा लंड अपने पैरों पर महसूस होने लगा था, जिससे उनको पता चल गया था।

रवीना ने कुछ मजाक भरे स्वर में कहा- कैसा लग रहा है?

मैंने शर्माते हुए कहा- बहुत मजा आ रहा है।

फिर वो खुल कर बोली- तुम्हारा लंड मुझे चुभ रहा है।

मैं उनकी इस बिंदास बात से एकदम से अवाक रह गया। मैंने कहा- सॉरी मेम..

रवीना बोली- कोई बात नहीं.. चल आज तू आज अपनी ख्वाहिश पूरी कर ले।

वो उठी और उसने आगे बढ़ कर मेरा लंड बाहर निकाल लिया और बोली- वाह.. क्या बड़ा लंड है तुम्हारा..!

उसने नीचे बैठते हुए मेरा खड़ा और रस छोड़ता हुआ लंड अपने मुँह में ले लिया। रवीना के मुँह में लंड क्या गया, मैं तो सातवें आसमान पर उड़ने लगा था।

रवीना टंडन के मुँह में मेरा लंड… मुझे यह सोच कर ही उत्तेजना हो रही थी।

उसके चूसने से मैं जल्द ही झड़ गया.. और वो मेरा पूरा रस पी गई।

फिर मैंने रवीना को बिस्तर पर लिटाया और अपने सारे कपड़े उतार डाले। फिर आगे बढ़ कर मैंने रवीना के कपड़े भी उतारे और उसको सिर्फ ब्रा और पेंटी में ला दिया।

अब रवीना के होंठों को मैं चूसने लगा और साथ-साथ उसके तने हुए बोबे भी दबाने लगा।

हय.. क्या मुलायम चूचे थे!

फिर मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी और उसके रसीले मम्मों को दबाते हुए पीने लगा.. आह्ह.. क्या बॉडी थी रवीना की, समझो पूरी चाटने के लिए ही बनी थी।

रवीना भी चुदासी हो उठी थी और कामुक सीत्कारें ‘आह आह..’ कर रही थी।

अब मैंने रवीना को उल्टा किया और उसकी गांड को दबाने लगा। मैं रवीना की गांड का बहुत बड़ा फैन हूँ। मैंने अब उसकी छोटी सी पेंटी भी उतार दी।

रवीना की गोरी चिकनी और बड़ी-बड़ी गांड मेरे सामने नंगी हो गई थी। मैं पागलों की तरह उसकी गांड को चाट और दबा रहा था। मैं अति उत्तेजना में उसकी गांड के छेद पर अपनी जीभ घुमाते हुए गांड चाटने लगा।

रवीना कराह उठी और बोली- और जोर से.. चाट ले पूरी..!

मैं और जोर से जीभ को नुकीली करता हुआ उसकी गांड में अन्दर-बाहर करने लगा।

फिर मैंने उसे सीधी करके देखा तो रवीना की चिकनी गुलाबी और पाव की तरह उठी हुई चूत मेरे सामने थी, मैं पागल हो रहा था। मैंने उसकी चूत पर एक चूमा किया और टांगों को फैला दिया।

अब मैं अपना पूरा मुँह चूत के ऊपर लगा कर चूत को चाटने लगा।

वाह.. क्या स्वाद था उसकी रसीली चूत का!

अब तक रवीना तड़प उठी थी, वो बोली- प्लीज़ अब और इंतज़ार मत करवाओ।

लेकिन मैं तो चूत ही चाटता रहा.. वो ‘आह आह.. आ आ.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उई माँ मर गई..’ जैसी कामुक आवाजें निकालने लगी।

फिर रवीना बोली- अब देर मत करो.. तुम फाड़ ही दो मेरी चूत को!

मैं फिर से उसकी चुची को मसलने लगा और मैंने ऊपर को होते हुए अपने लंड को रवीना के मुँह में डाल दिया, वो आइसक्रीम की तरह लंड को चाटने और चूसने लगी।

अब मैंने कहा- रवीना मैं आपकी गांड मारना चाहता हूँ।

वो चुदासी सी बोली- सब कुछ मार डाल मेरे राजा.. सब तो खुला पड़ा है।

यह सुनते ही मैंने रवीना को उल्टा किया और कुतिया की पोजीशन में होने को कहा, वो लपक कर कुतिया बन गई।

अब रवीना की मोटी रसीली चिकनी गांड मेरे सामने थी.. मैंने दोबारा गांड पूरा चाटा और गांड के छेद पर थूक लगाकर उंगली अन्दर डाल कर लंड के लिए जगह बनाई।

रवीना ने कामुक सिसकारी भरते हुए कहा- जल्दी से फाड़ दे मेरी गांड..

मुझ में जोश आ गया, अब लंड का सुपारा उसकी गांड के छेद पर टिकाया और एक ही झटके में पूरा लंड गांड में पेला तो वो सरसराता हुआ अन्दर घुसता चला गया।

रवीना जोर से चिल्लाई- आअईई.. धीरे चोद..

मैंने उसकी चीख को अनसुना किया और धक्के देना शुरू कर दिया।

अह.. क्या मस्त मजा आ रहा था.. ऐसा लग रहा था कि मेरा लंड को किसी गर्म भट्टी में घुसा हो।

अब रवीना भी उछल-उछल कर गांड मरवा रही थी.. मैं चुदाई के साथ-साथ उसकी गोरी गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ भी मार रहा था। गांड पर चमाट की आवाज मुझे और जोश दिला रही थी।

मैं कुछ मिनट तक रवीना की गांड मारता रहा.. फिर मैंने सारा माल उसकी गांड में ही छोड़ दिया।

अब रवीना ने लंड को रूमाल से पोंछ कर उसे चूसा और फिर से खड़ा कर दिया।

फिर मैंने रवीना की चूत को भी बहुत देर तक चोदा और रवीना को चुदाई के लिए ‘थैंक्यू..’ बोला।

रवीना ने कहा- आज चुदाई का असली मजा आया, मेरे पति तो बाहर ही रहते हैं और उनका लंड भी छोटा सा है। आज से तुम ही मेरी मेरी प्यास बुझाओगे।

मैंने कहा- ठीक है मेम!

अगले दिन से मैं रवीना की कार में उसकी गांड मारता और घर पर चूत चोदता।

मित्रो, अंत में मुझे बस एक ही बात लिखनी है कि काश यह मेरी सेक्स स्टोरी सच हो जाए। आपको कैसी लगी मेरी फ़ैंटेसी यानि कल्पना? जरूर बताइएगा।
 
पोर्न स्टार रायलेनी की चुदाई



यह मेरी पहली कहानी है जो मैं आपके सामने रख रहा हूँ।

बात उन दिनों की है.. जब मैं अमेरिका में नया था और हमारे हॉस्टल में काफी लड़कियाँ थीं। मैं उनको देख हैरान था.. उनकी चूचियाँ बहुत बड़ी-बड़ी थीं। मैं कई बार उनकी बारे में सोच कर मुठ्ठ मार लेता था।

जब हमें पत्रकारिता के लिए सब्जेक्ट मिले तो मैंने एक पोर्न स्टार का सब्जेक्ट चुना। तो अब मुझे रायलेनी नामक पोर्न स्टार से मुलाकात करनी थी।

वैसे मैंने उसकी बहुत सी सेक्स मूवीज देखी थीं तो जब मुझे उसका अपॉइंटमेंट मिला.. तो मैं बहुत खुश था।

मुझे उनके ऑफिस से कॉल आया और टाइम दिया गया। मुझे रात दस बजे का टाइम दिया था.. तो मैं तैयार होकर निकला।

उसके ऑफिस पहुँचा.. तो उसकी सेक्रेटरी ने कहा- मैडम बिजी है- आप बैठो..

मैं वहाँ बैठ कर वेट करने लगा और ऐसे ही 11 बज गए। फिर उस सेक्रेटरी को अन्दर से कॉल आया और मुझे अन्दर बुलाया गया।

दोस्तों क्या बताऊँ.. अन्दर जाते ही मेरा लंड इतनी जोर से उछला.. कि मैं अन्दर सब देखता ही रह गया। सभी दीवारों पर रायलेनी की नंगी तस्वीरें लगी हुई थीं। मेरा लंड मेरे पैन्ट की अन्दर ही तम्बू हो गया था। जब मैंने उसकी तस्वीरें देखीं तभी मेरे होश उड़ गए थे।

तभी रायलेनी शायद बाथरूम से बाहर आ गई और अपनी सेक्रेटरी को फ़ोन किया और बोली- तुम अब घर जाओ।

जब मैंने उसे देखा तो देखते ही रह गया.. उसने लो कट वाला टॉप पहना था। उसमें से उसके मम्मे बड़े ही साफ दिख रहे थे।

मेरा यहाँ बहुत बुरा हाल ही रहा था और हम बातें करने लगे।

मैं- हाय

रायलेनी- हैलो..

मैं- मुझे आपके बारे में कुछ जानकारी चाहिए थी..

रायलेनी- हाँ क्यों नहीं.. प्लीज़ पूछिए..

मैं- आपने इस काम की शुरुआत कब की?

रायलेनी- जब मैं 21 साल की हुई..

इसी तरह काफी देर तक उसने मेरे सवालों के उत्तर दिए जिससे मेरा काम बन गया अब सिर्फ कुछ फोटो लेने बाकी थे।

मैं- क्या मैं आप की फोटो ले सकता हूँ?

रायलेनी- क्यों नहीं… ले लो..

मैं जब फोटो लेने के लिए उठा.. तो उसका ध्यान मेरे पैंट पर गया और उसने पूछा- तुम ठीक हो?

वो अपनी कुर्सी से उठ कर मेरे पास आई।

वैसे ही मेरा बुरा हाल था.. जैसे ही वो मेरे पास आई मेरे तो पसीने छूटने लगे।

उसने मेरे हाथ पर हाथ रखा और कहने लगी- तुम्हारा लंड काफी बड़ा लगता है।

वो मेरे तरफ देख मुस्कुराने लगी और अपना हाथ मेरी पैंट पर रख दिया और मुझे किस किया।

मुझे बहुत डर लगा और मैं वहाँ से हट गया।

तो उसने कहा- डरो मत.. यहाँ हम दोनों के सिवा और कोई नहीं है।

उसने मेरा हाथ लिया और अपने मम्मों पर रख दिया.. तो मेरा डर भी कम हुआ और मैं धीरे-धीरे उसके मम्मों को दबाने लगा।

वो टेबल पर बैठी थी और मुझे जोर-जोर से किस किए जा रही थी। अब मैं भी उसके मम्मों को जोर-जोर से दबा रहा था और कस कर उसे किस कर रहा था।

मेरा एक हाथ उसके मम्मों पर और दूसरा उसकी चूत को सहला रहा था। वो अब बहुत गर्म हो चुकी थी और उसकी चूत से पानी निकल रहा था। वो अब नीचे आ गई और मेरे पैंट से मेरा लण्ड निकालने लगी। उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए.. अब मैं भी पूरे जोश में था।

वो मेरे लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और मैं भी उसकी मुँह की चुदाई करने लगा।

वो इतना जोर-जोर से मेरा लंड अन्दर-बाहर कर रही थी कि दस मिनट में ही मेरा पानी उसके मुँह में निकल गया और वो पूरा पानी पी गई।

थोड़ी देर के बाद मेरे लंड फिर से खड़ा हो गया और रायलेनी ने अपने पूरे कपड़े उतार दिए।

उसने अपने कूल्हों गाण्ड पर मस्त टैटू बनाया था। मैंने जैसे ही उसे नंगी देखा.. मैं उस पर टूट पड़ा, मैंने उसको टेबल पर लिटाया और उसका पूरा शरीर पागलों की तरह चाटने लगा।

उसकी चूत से बहुत मादक खुशबू आ रही थी। मैं भी बड़े मजे से उसकी चूत चाट रहा था और वो अपने मुँह से आवाज निकाल रही थी ‘ऊऊओह्ह ह्हह्हह ऊओया आअ.. ऊऊऊ ऊऊ ऊऊईई ईईइ..मा..’

वो बोल रही थी- फ़क मी हार्ड..

अब मैंने जरा सा थूक अपने लण्ड पर लगाया और उसकी चूत में अपना लण्ड डाल दिया। मेरे पूरा लौड़ा एक ही बार में अन्दर चला गया। अब मैं बड़े ही मस्त तरीके से उसे चोद रहा था और वो भी काफी कामुक आवाजें निकाल रही थी ‘फक मी हार्ड.. ओह्ह.. यू आर ग्रेट फकर.. योर टूल इस सो लॉन्ग.. फक मी हार्ड..’

अब मैंने अपनी पोजीशन बदली और उसकी कुर्सी पर बैठ गया और उसे अपने लंड पर बैठने को कहा।

वो जैसे ही लंड पर बैठी.. उसके मम्मे मेरे मुँह के सामने आ गए और मैं उन्हें मुँह में लेकर चूसने लगा। मैं चूचियाँ चूसते-चूसते बीच में ही हल्के से काट भी लेता.. तो वो मेरे सर को अपने मम्मों के बीच दबा लेती।

उसकी काफ़ी लम्बी चुदाई के बाद वो थक गई और मेरे ऊपर से हट गई।

मैंने उससे कहा- मुझे तुम्हारी गदराई गाण्ड मारनी है।

तो वो अपनी अलमारी से एक तेल लाई और टेबल पर लेट गई। उसने वो तेल मेरे लण्ड पर और अपनी गाण्ड में लगाया और मेरे लंड अपनी गाण्ड में डालने लगी। थोड़ी दिक्कत के बाद मेरा पूरा लण्ड आराम से उसकी गाण्ड में चला गया। अब वो सीधे मेरे लंड पर बैठ गई और चुदने लगी।

थोड़ी देर बाद मेरा लंड गाण्ड से निकाल कर फिर से अपनी चूत में डाल लिया और अपनी उंगलियों से अपनी चूत सहलाने लगी और आवाजें निकालने लगी।

‘आआहह.. आआअ ऊऊहह..’

अचानक उसकी चीख निकल पड़ी और उसने अपना सारा पानी छोड़ दिया।

इधर मैं भी अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुका था.. तो मैंने उसे उठाकर टेबल पर बैठा दिया और अपना पूरा लावा उसके मम्मों और मुँह पर छोड़ दिया।

उसने मेरा लंड चाट कर साफ़ किया और खुद भी बाथरूम से साफ़ होकर आ गई।

फिर हमने कपड़े पहने।

जाते वक़्त उसने मुझे अपना कार्ड दिया और फ़ोन करने को कहा।

जाते-जाते उसने फिर एक लम्बा चुम्बन किया और चली गई।

फिर अमरीका से वापिस के बाद अब मैं पुणे में ही हूँ।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताना
 
करीना कपूर की चिकनी चूत की चुदाई

बात कुछ समय पहले की है।

चूंकि मेरे प्रदेश में ज्यादा रोजगार तो है नहीं.. तो मैंने तय किया कि मैं बम्बई जाकर कुछ रोज़गार ढूंढ लूँगा।

मैं कद-काठी में अच्छा हूँ क्योंकि भैंस का दूध पीकर ही बड़ा हुआ हूँ.. तो बलिष्ठ हूँ। बहुत नौकरी ढूँढने के बाद मेरी नौकरी रसोइए के तौर पर करीना कपूर के घर लग गई।

शुरुआत में तो इन बड़े लोगों को देखता ही रह गया, बाद में आदत पड़ गई।

करीना मैडम तो घर पर केवल टी-शर्ट ही पहनती थीं.. नीचे कुछ भी नहीं।

उनकी मांसल जांघें देखते ही मेरा लण्ड कड़क हो जाता था।

वो अक्सर किचन में आकर कुछ न कुछ खाती रहती थीं।

एक दिन वो मुझसे कहने लगीं- तुम्हारा शरीर इतना हट्टा-कट्टा है.. क्या खाते हो?

मैं शरमा गया, कुछ बोल भी नहीं पाया।

वो हल्का सा मुस्कुराकर चली गईं।

उस दिन मैंने उसके नाम की मुठ मार ली क्योंकि चोद तो सकता ही नहीं था।

दिन बीतते गए।

एक दिन घर के सभी लोग लन्दन गए थे, करीना मैडम शूटिंग करके रात को 9 बजे आईं।

किचन में आकर वे मुझसे बोलीं- मैं थक गई हूँ.. तुम मेरे कमरे में आओ।

मैं उनके कमरे में गया.. तो दंग रह गया कि करीना बिस्तर पर चादर लपेटे हुए लेटी थीं।

वो मुझसे बोलीं- दरवाज़ा बंद कर दो और मेरी मालिश करो।

इतना बोलते ही उन्होंने अपनी चादर भी अलग कर दी करीना कपूर पूरी नंगी होकर बिस्तर पर लेटी थी।

मेरा तो लंड ही खड़ा हो गया।

जैसे ही मैं उनके पास गया उन्होंने कहा- तुम सिर्फ अंडरवियर में रहो।

मैंने कहा- जी मैडम।

अब मैं उनकी मालिश करने लगा।

पहले पीठ की मालिश की.. फिर घुटनों.. फिर जांघों तक हाथ पहुँच गए।

फिर आई बारी उनके नितंबों पर हाथ फेरने की… माँ कसम क्या बदन है उनका.. मानो पूरा बदन केवल चाटने के लिए ही बना हो।

काफी देर तक मालिश के बाद वो सीधे पलट गई।

मेरी तो गांड ही फट गई।

दूध क्या मस्त थे एकदम गोल.. उन पर छोटे-छोटे से कड़क निप्पल चिपके थे।

क्या गजब का सीन लग रहा था।

मैंने उसके दूधों की खूब मालिश की।

उसके बाद में उनके पेट पर आया। संगमरमर सा एकदम चिकना पेट…

अब बारी थी चूत की.. क्या गजब की खुशबू आ रही थी।

मैंने बातों-बातों में अपनी उंगली उनकी चूत में डाल दी।

वो चिहुँक उठीं, बोलीं- क्या कर रहे हो.. धीरे..

इतने मैं उनकी नज़र मेरे लंड पर गई.. तो तपाक से बोलीं- अच्छा तेरा इतना बड़ा हथियार है.. तभी तूने उंगली डाल दी। इधर आ.. मैं भी तो देखूँ कितना बड़ा है ये।

जैसे ही उन्होंने मेरे लंड पर हाथ रखा, मेरा लंड एकदम लौकी सा लंबा हो गया।

वो उसे बड़े प्यार से सहलाने लगीं और अपने होंठों के करीब लेकर मुँह में लेने लगीं।

मेरे तन-बदन में आग सी लग गई।

मैंने तुरंत उनको अपनी बांहों में ले लिया, उनको चुम्बन करने लगा।

उनके होंठ इतने रसीले थे कि क्या बताऊँ।

मैं उसका रस पीने लगा।

उसके बाद वो ‘आह.. आह..’ करने लगीं।

फिर मैंने उनके दूध को खूब दबाया और जी भर के पिया।

दूध इतने कड़े हो गए कि उन पर मेरे दांतों के निशान दिखने लगे।

जब मैं उनके दूध पी रहा था.. तो वो मस्ती में मेरे सर को हाथों से सहलाने लगीं, कहने लगीं- पियो.. जितना पीना है।

मैं कभी दांया.. कभी बांया चूचा पीता.. दोनों दूध खूब चूसे।

अब करीना मैम अपने हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगीं, कहने लगीं- दूध ही पियोगे या जूस भी पीना है?

मैं समझ गया कि वो अपनी चूत चटवाने की कह रही हैं।

मैंने उनकी दोनों टांगों को ऊपर किया और खुद नीचे बैठकर उनकी चूत पर हल्का सा चुम्बन लेकर चूत को रगड़ दिया।

दोस्तो करीना कपूर की चूत पर एक भी बाल नहीं था..

वो सिहर उठीं और कहने लगीं- आह्ह.. क्या कर रहे हो.. खा जाओगे क्या… आराम से चाटो ना!

मैं अहिस्ता-अहिस्ता उनकी चूत को चाटता गया।

जैसे-जैसे उनकी चूत चाटता.. वो अपने हाथ मेरे सर पर घुमाती रहीं, कहती रहीं- आज मेरी चूत को पूरा पी जाओ।

मैंने अपनी पूरी जीभ उनकी चूत के अन्दर डाल दी।

वो बड़े प्यार से अपनी पूरी नंगी चूत को मेरे मुँह के अन्दर डालती रहीं।

‘आह.. आह..’ कहते हुए वो अपनी चूत मेरे होंठों से चिपका कर मेरे सर को सहलाती रहीं।

वो बार-बार कह रही थीं- पूरा रस आज तुम पी जाना।

मैंने भी ‘हाँ’ करते हुए अपनी मुंडी हिला दी।

उनकी चूत का रस जैसे-जैसे मेरे मुँह में जा रहा था.. मुझको नशा छाने लगा।

अब मैंने और जोर-जोर से उनकी चूत को चाटना और चूसना शुरू किया।

अचानक करीना ने अपनी चूत मेरे सर पर बुरी तरह चिपका ली और कहने लगीं- प्लीज पूरा रस जोर से पियो.. कुछ भी नहीं छोड़ना।

‘आह.. आह..’ करते हुए करीना अपनी दोनों जांघें आगे-पीछे करते हुए मेरे सर को हाथों से सहलाते हुए अपना रस मेरे मुँह में छोड़ बैठीं।

मैंने भी उनके रस की एक-एक बूँद को पी लिया।

पूरा रस पीने के बाद करीना मुझे कहने लगीं- कैसा लगा मेरा रस।

मैंने ध्यान ही नहीं दिया.. क्योंकि मैं तो अब भी उसकी चूत को चूसने-चाटने में लगा हुआ था।

मैं दिल ओ जान से करीना की चूत में मस्त था। अपने दोनों हाथों से उनकी जांघों को मसल रहा था और रस को चूत में से निकाल-निकाल कर पी रहा था।

अब करीना बोलीं- रस ही पियोगे कि कुछ और भी करोगे.. ऐसे तो मैं प्यासी ही रह जाऊँगी। प्लीज अब मुझे चोदो भी तो।

मैंने कहा- पहले आप सोफे पर बैठो।

वो सोफे पर जा बैठीं.. तो मैंने उनके दूध को पीना शुरू किया। उन्होंने बड़े प्यार से मेरे मुँह में अपने दूध लगा दिए और बोलीं- लो पी लो जितना पीना है।

मैं दबा-दबा कर उनकी मुसम्मियाँ पीने लगा।

‘अहह.. क्या कर रहे हो.. काटो मत प्लीज.. धीरे-धीरे पियो.. मैं पागल हो रही हूँ.. आह.. आह..’

करीना के मुँह से ‘आह..’ की आवाज़ सुनकर मैं और जोश में आ गया, मैंने तुरंत अपना लंड करीना के मुँह में दे दिया।

वो बड़े मज़े से लौड़े को चूसने लगीं.. और कहने लगीं- वाओ.. क्या मस्त है तुम्हारा।

इतने में मैंने अपना लंड वापस उनके मुँह से निकाल कर उनकी चूत में डाल दिया। वो एकदम से पागल हो गईं.. अपनी जांघों को मेरे कमर में लपेट लिया और मुझे किस करने लगीं।

उनके किस से मैं जोश में आ गया, मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी।

करीना पूरी नंगी मेरे जिस्म से बेल की तरह लिपटी हुई थीं।

यही सोच-सोच कर मेरे लंड में कसावट बनी हुई थी।

करीना ने अपनी जांघों को मेरे बदन में इतने जोर से लिपटा लिया कि मुझे दर्द होने लगा।

चुदाई करते काफी देर हो गई थी करीना शायद दो बार झड़ चुकी थीं। करीना आखिर में मुझे कहने लगीं- आह्ह.. तेज करो प्लीज प्लीज.. नहीं तो मैं मर जाऊँगी।

ये कहते हुए वो एक बार फिर स झड़ गईं।

अब करीना की चूत में मेरे लंड ने भी पिचकारी छोड़ दी।

माल झड़ने के बाद करीना पूरी मेरी कमर से लिपटी रहीं। उनके दूध बुरी तरह से लाल हो गए थे। उनकी चूत का रस मेरे लंड से चिपका हुआ था।

करीना मुझसे चिपकी ही रहीं।

जब जोश ठंडा हुआ तो करीना ने अपनी चूत को मेरे होंठ से साफ़ करवाया।

मुझे अपनी टांगों के बीच में फंसा लिया और मैं बैठा ही रहा, वो खड़े-खड़े अपनी चूत को मुझसे साफ़ करवाती रहीं।

फिर वो मस्त चुदाई के बाद सुबह शूटिंग पर चली गईं।

यह थी करीना को चुदने की काल्पनिक कहानी।
 
माधुरी दीक्षित के साथ चुदाई

]

[COLOR=#0000FF]मधुरी दीक्षित को कौन नही जानता.बॉलीवुड की रानी है वो.मैं उसका सेक्रेटरी

राज हूँ.एकदिन मधुरी शूट से लौटी तो खुश दिखी.मैने कहा आप खुश दिख रही

है..क्या बात है.मधुरी ने कहा...उस दिन तुमने सुभाष घई से 1 करोड़ की

डिमॅंड की थी वो मान गया.आइ एम रियली सो हॅपी टू गेट आ सेक्रेटरी लाइक यू . .यू

रियली डू वर्क हार्ड.

मैने कहा...आप की ख़ुसी और सक्सेस के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ.वो

हँसने लगी.उसकी मुस्कराहट देख कर मेरे लंड मे गुदगुदी हेने लगी.

मधुरी के बंगले मे सिर्फ़ वो ही अकेले रहती थी.सर्वेंट्स सारे अपने क्वार्टर मे

चले जाते थे.उस वक़्क रात के दस बज रहे थे..मैं भी घर जाने लगा तो वो

बोली..राज!आज काफ़ी बारिश हो रही है और बाहर ठंड है..मुझे डर लग रहा

है...प्लीज़ रुक जाओ.

[IMG]]

मैं मन ही मन खुस हो गया.हुश्न की रानी के साथ कुच्छ देर रहना ही शान की

बात थी फिर पूरी रात...मैं सोफे पे बैठ गया.

मधुरी बाथरूम की तरफ जाते हुए बोली...मैं फ्रेश हो कर आती हूँ.तुम कुछ

खाने का ऑर्डर कर दो.मैने पिज़्ज़ाहट को फोन कर पिज़्ज़ा का ऑर्डर दे दिया.मैं

पहली बार इतनी देर रात मधुरी के साथ था.

मधुरी जब बाथरूम से लौटी तो पिंक रंग की गाउन मे थी.उसके बाल खुले थे

और होटो पर गहरे रेड कलर की लिपस्टिक थी.वो सोफे पे मेरी बगल मे आ

बैठी.मैने नोटीस किया...उसने ब्रा नही पहनी थी और उसकी चूचियाँ पतले

गाउन मे थोड़ी थोड़ी विज़िबल थी.वो दो पके हुए अनार की तरह दिख रही थी..और

उसके निपल अंगूर के दानो की तरह उनसे चिपके थे.मैं उन्हे तिरछी निगाहो से

देख ही रहा था कि कॉल्लबेल बजी.

पिज़्ज़ा वाले को मैने पे किया और डोर दरवाजा लगा दिया.मधूरी ने कहा...अभी

भूक नही...कुछ देर टीवी देखते है.मैं भी बैठ गया.तभी उसने कहा...हॅव

यू सीन छोटी सी लव स्टोरी?

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मैं चौंक गया.वो एक अडल्ट फिल्म थी.मैने कहा..नही

.मधुरी ने कहा...मैनेएक सीडी ली है...हम फिल्म ही देखते हैं.

मैं भला क्या कह सकता था.मैने वीसीडी मे कॅसेट डाली और सोफे पे बैठ गया.

फिल्म मे अचानक मनीषा अपने बाय्फ्रेंड से अपनी टाँगे उठाकर चुदवा रही है...

मधुरी का चेहरा लाल हो उठा...उसे फिल्म अच्छी लग रही थी..मैने कहा

मॅम.....क्या मैं सीन आगे कर दूँ...

वो बोली...भला क्यों? हम लोग बच्चे थोड़ी ही हैं..और हँसने लगी.मेरा लंड

गन्गना उठा.उसने कहा...फ्रिज से थोड़ी बियर ले आओ...मैने हुकुम पूरा

किया.वो पहली बार मेरे सामने बियर पी रही थी हालाकी मैने उसके सेक्रेटरी के

रूप मे हाल ही मे जाय्न किया था क्योंकि उसके पहले उसकी माँ ही सेक्रेटरी का काम

देखती थी.वो मेरे साथ काफ़ी अच्छा महसूस करती थी..मेरे उसके सेक्रेटरी बन ने

के बाद उसे काफ़ी सक्सेस मिली थी और काफ़ी हद तक मैं भी उसके लिए ज़िम्मेदार

था.

मधुरी पे बियर का नशा छाने लगा.उसने मुझसे कहा...कोई और इस तरहा की मूवी

नही है?मैने कहा...मॅम मैं तो सिर्फ़ ट्रिपलएक्स फ़िल्मे ही देखता हूँ.ऐसी अडल्ट फिल्म

मुझे अधूरी लगती है.

माधुरी ने कहा...मैं भी देख सकती हूँ..क्या तुम कॅसेट ला सकते हो.

मैं तो जैसे सातवें आसमान पे जा पहुचा.मैने कहा..खाली समय मे मैं यहाँ

बैठ कुछ सीडी देखता हूँ.बुरा ना माने तो मैं वो लगाऊ??

मधुरी ने कहा..हाँ.

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स्क्रीन पे एक सेक्सी औरत नंगी सोई थी और एक मर्द उसकी चुचियों को चूम रहा

था.माधुरी शरमा कर हँसने लगी.उसने कहा..मेरी चुचियाँ इस से अच्छी

है...देखोगे?

मैने सर हिलाया..[/COLOR]
 


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.उसने लूस गाउन के बटन खोले और दोनो चुचियाँ दोनो

हाथों मे थाम कर गाउन से बाहर निकाला.अगले ही पल मैं उसकी चूचियों के

बीच था.मेरी साँसे चूचियों मे क़ैद हो गयीं.एक हाथ से मैने उसके गाउन के

अंदर उसकी पैंटी को टटोलने लगा.मैं अवाक रह गया..उसने पैंटी नही पहनी थी

और उसकी चूत के बड़े बड़े होठ मेरी उंगलियों के बीच थे.उसकी चूत से पानी

निकल कर मेरी हथेली पे जमा होने लगा.मैने उसकी चुचियों से मुँह हटाया और

होठ उसके होठों पे रख दिए.माधुरी ना जाने कब मेरी पॅंट की ज़िप खोल मेरे

लंड के साथ खेल रही थी.अचानक मैने उसे सोफे पे पटक दिया और उसकी गाउन

फाड़ डाली...

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उसकी नंगी चूत मेरे सामने...चुदवाने को बेक़रार थी..मैं भी झटपट नंगा हो

गया.

मेरा मोटा और 8 इंच लंबा लंड माधुरी की चूत को सूंघ रहा था.मैने झटके

से सुपाडा माधुरी की चूत मे घुसेड़ा.......ओउुुुउऊचह.......गॅप

से लंड अंदर चला गया.मैने उसकी चूचियों को दोनो हाथों से मसलना शुरू

किया.वो और बड़ी हो गयीं...

मैने उसकी मस्त गान्ड को पकड़ करसोफे पे चढ़ गया...और उसकी चूत मे कस कस

के धक्के मारने लगा...

..ओह.........एशह....छोड़ूऊऊऊओ...कस केचोदो....माधुरी सिसक रही थी.

उसकी चूत से फ़च फ़च की आवाज़ आने लगी...

मेरे लंड को उसकी चूत ने पानी ने पूरी तरहा भिगो दिया था..

उसकी चूत की महक पूरे रूम मे फैल गयी...

माधुरी ने कहा...राज प्लीज़ रूको...लंड निकालो...

मैने अपना लंड बाहर खींच लिया...क्या हुआ मॅम...

माधुरी...मेरी चूत खाओ...

मैं ने कहा...क्या मॅम...पहले कहना था ना..

वो हँसने लगी...

वो सोफे पे नंगी टाँगे फैला कर बैठ गयी...

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मैं उसकी बड़ी गदराई चूत को सूंघने लगा.. मस्त चूत थी,रूम मे उसकी चूत

की खुसबू फैल रही थी... मैने जीभ से उसकी चूत को सहलाया...

अहह...............च्तत्तटटटटटतततूऊऊओ.... माधुरी ने कहा..

.मैं जीभ से उसे चोद रहा था...वो मेरी ओर देख मुस्करा रही थी... गान्ड

उछाल उछाल के वो चूत चटा रही थी... अब मैं 69 पोज़ मे..उसके सेक्सी मूह मे

अपना लंड देते हुए चूत चाटने लगा... वो मेरे लंड को जीभ से फ्लिक कर रही

थी... मैने उसका मुँह चोदना शुरू कर दिया...और तेज़ी से उसकी चूत चाटने

लगा.. वो तड़पने लगी.... "आइ एम कमिनग्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज" वो चिल्लाई.. कस के

घुसा के चाटो.. मैने जीब पूरी घुसा दी और उसके मूह मे अपनना लंड भी. मैं

जैसे स्वर्ग मे था...माधुरी झाड़ रही थी... मेरा लंड भी बेक़ाबू होकर

उसके मूह मे झड़ने लगा... मैने लंड निकालना चाहा लेकिन उसने मेरी कमर कस के

पकड़ ली...फिर क्या था..मेरा वीर्य(कम)उसके मूह मे गिरने लगा....मैने लंड

बाहर किया..तो उसपे थोड़ा कम बचा था... मधुरी मुस्कराते हुए मेरा चुदाई से

खुश लंड चाटने लगी..."'ऊ ला ला....क्या लंड है...मेरा दिल धक धक कर

रहा है.."वो चाट ती गयी... आखरी वीर्य(कम)की बूँद तक्क्क....

समाप्त

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