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Guest
शिप्रा कुछ कहने के लिए मुह खोलती है, पर सतीश उसके साइड से होते हुए अपने रूम की तरफ बढ़ जाता है...
शिप्रा डोर लॉक करके- आरे भय्या सुनो तो...
शिप्रा सतीश के पीछे पीछे उसके रूम मे पहुंच जाती है....
शिप्रा- आई एम सॉरी भइया...
सतीश- मे थक गया हूँ मुझे आराम करने है...
शिप्रा- पर भेया...
सतीश-पर वर कुछ नही...
शिप्रा वहि खड़ी रहती है उसकी आँखे अब नम हो चुकी थी.... और उसकी आँखों से आँसु बहने लगते हैं वो सतीश से बहुत कुछ कहना चाहती थि, पर कुछ कह नहि पाती और वहि खड़े आँसु बहाने लगती है....
सतीश जब गेट की तरफ देखता है तो शिप्रा को रोता हुआ देख वो तुरंत उसके पास आकर उसके कन्धो को पकड़ते हुये
सतीश- अरे पगली तू रो रही है....
शिप्रा उसके गले लगते हुये- प्लीज् भाई मुझे माफ़ कर दो मे जानती हूँ की मैंने आपका दिल दुखाया है, पर आगे से ऐसा नहि होगा और अब मे प्रिंस से भी नहि मिलूँगी पर प्लीज् आप मुझसे नाराज मत होना......
सतीश ने तो सोचा भी नहि था की प्रिंस नाम की प्रॉब्लम से इतनी जल्दी छुटकारा मिल जाएगा,
सतीश- अरे पगली मे तुझसे नाराज नहि हु... वो तो मे थक गया था इस्लिये तेरे से बात नहि कर रहा था.......
शिप्रा सुबकते हुये- सच कह रहे हो ना...
सतीश- एकदम सच्... भला मे तुझसे झुट क्यों बोलूंगा... चल अब टेसुए बहाने बंद कर और अपना मुह धोले जाकर....
शिप्रा उससे अलग होकर अपने रूम मे चलि जाती है और सतीश भी अपना लैपटॉप खोल कर बैठ जाता है.... थोड़ी देर मे ही सोनाली उनको खाने के लिए बुला लेती है.. सतीश जब निचे पहुचता है तो खाने की टेबल पर सोनाली और शिप्रा उसका वेट कर रही थी....
सतीश जैसी ही वह पहुचता है सोनाली उससे सवालो की झड़ी लगा देती है वो चुपचाप उनके जवाब देता है और फिर सब लोग भोजन करके अपने अपने रूम मे चले जाते है...
आज सतीश की आँखों मे नींद नहि थी वो तो बस शिप्रा के सोने का वेट कर रहा था क्युकी उसे आज रात का हॉट लाइव शो देखना था और उस पल के बारे मे सोच कर उसका लंड अभी से जोर मार रहा था......
पर तभी उसके डोर पर नॉक होती है जिससे वो ख्ययालो की दुनिया से बाहर आ जाता है...
सतीश घडी की तरफ देखता है जिसमे १० बज रहे थे- इस समय कोण होगा....
ओर सतीश बेड से उठ कर डोर खोलने के लिए बढ़ जाता है और गेट खोलते ही उसे अपना प्लान चोपट होता हुआ नजर आता है....
गेट खोलते ही सतीश का सारा प्लान चोपट हो जाता है, सामने शिप्रा खड़ी हुई मुस्कुरा रही थी....
सतीश- तू सोयी नहि अभी तक्...
शिप्रा- आपको मे सोयी हुई लगती हूँ क्या...
सतीश- मेरे कहने का मतलब है की तू इतनी रात को यहा क्या कर रही है, जा जाकर सोजा...
शिप्रा- क्या भाई मे आपसे बात करने आई हूँ और आप मुझे भगा रहे हो...
सतीश- हाँ बता क्या बात करनी है...
शिप्रा- क्या भाई अब गेट पर खड़ा रखोगे क्या अंदर नहि बुलाओगे...
सतीश अपने रूम को देखता है की कहि कुछ उल्टा सीधा तो नहि है फिर अपना पूरा गेट खोल कर उसे अंदर बुलाता है...
शिप्रा आकर सतीश के बेड पर टाँगे फैलाकर लेट जाती है और पास मे पड़े रिमोट को उठा कर टीवी ऑन कर लेती है, सतीश भी उसके पास आकर लेट जाता है...
सतीश- तू क्या टीवी देखने आई है यहां पर...
शिप्रा- नहि भाईया मे तो आपसे बात करने आई थी....
सतीश- बता तुझे क्या बात करनी है...
शिप्रा- भाई आप तो भारती से प्यार करते हो न...
सतीश उसकी तरफ देखता है पर शिप्रा अपनी नजरे टीवी पर टिकाये हुए थी...
शिप्रा- बताओ न भाई...
सतीश- हम्म बहोत प्यार करता हु...
शिप्रा- फिर ये प्रियंका कौन है भाई....
सतीश एक बार फिर से उसे देखता है पर वो अभी भी नजरे टीवी पर टिकाये हुए थि, सतीश उसकी बात का कोई जवाब नहि देता...
शिप्रा- आप भारती को कही चीट तो नहि कर रहे..
सतीश उसकी बात से बौखलाते हुये- तू पागल है क्या तू जानती है की मे उसे चीट नहि कर सकता...
शिप्रा- तो फिर प्रियंका कोण है....
सतीश- फ्रेंड है...
इस बार शिप्रा सतीश की तरफ देखति है पर वो ऐसे बिहेव करता है जैसे की कितने ध्यान से टीवी देख रहा हो... शायद अब वो शिप्रा से नजरे नहि मिला रहा था...
शिप्रा- तो भारती को तो पता ही होगा ना प्रियंका के बारे मे... क्यों भाईया?
सतीश- नहि... उसे नहि पता...
शिप्रा- यानी की आप उसे चीट कर रहे हो...
सतीश- तू आज कुछ ज्यादा ही सवाल जवाब नहि कर रहि...
शिप्रा- वो तो मे बस ऐसे ही जनरल नॉलेज के लिए ही पूछ रही थी...
सतीश उसके बालो को पकड़ कर धीरे से खीचते हुये- मे बढ़ाऊ तेरी जनरल नॉलेज.
शिप्रा- नही छोड़ो दर्द हो रहा है भाई, आपको नहि बताना तो मत बताओ इसमें इतने नाराज होने की क्या बात है...
सतीश उसके बाल छोड़ते हुये- चल भाग अपने रूम में...
शिप्रा बेड से उठते हुये- अगर आप नहि बता पा रहे है तो मे बात दू भारती को प्रियंका के बारे मे....
सतीश अपने बेड से उठ कर शिप्रा का हाथ पकड़ते हुये- तुझे मेरी कसम है शिप्रा तू भारती को कुछ भी नहि बतायेगि, तुझे पता है मे उसके बगैर नहि जी सकता....
ये बात सतीश ने बहुत सीरियसली कहि थी...
शिप्रा- डोंट वरि भाई मे उसे कुछ नहि बताऊंगी...
सतीश- थँक्स फ़ॉर धिस
शिप्रा- तो अब बताओगे की ये प्रियंका कौन है,
सतीश- सही टाइम आने पर बता दूँगा... अब तू जाकर सोजा मुझे बहुत जोर की नींद आ रही है, और जाते समय लाइट ऑफ कर जाना...
ओर सतीश आँखे बंद करके ऐसे रियेक्ट करता है जैसे उसे कितनी तेज नींद आ रही हो...
शिप्रा सतीश को देख कर मुस्कुरा देती है और फिर रूम की लाइट ऑफ करके वो गेट को बंद करके बाहर निकल जाती है....
शिप्रा डोर लॉक करके- आरे भय्या सुनो तो...
शिप्रा सतीश के पीछे पीछे उसके रूम मे पहुंच जाती है....
शिप्रा- आई एम सॉरी भइया...
सतीश- मे थक गया हूँ मुझे आराम करने है...
शिप्रा- पर भेया...
सतीश-पर वर कुछ नही...
शिप्रा वहि खड़ी रहती है उसकी आँखे अब नम हो चुकी थी.... और उसकी आँखों से आँसु बहने लगते हैं वो सतीश से बहुत कुछ कहना चाहती थि, पर कुछ कह नहि पाती और वहि खड़े आँसु बहाने लगती है....
सतीश जब गेट की तरफ देखता है तो शिप्रा को रोता हुआ देख वो तुरंत उसके पास आकर उसके कन्धो को पकड़ते हुये
सतीश- अरे पगली तू रो रही है....
शिप्रा उसके गले लगते हुये- प्लीज् भाई मुझे माफ़ कर दो मे जानती हूँ की मैंने आपका दिल दुखाया है, पर आगे से ऐसा नहि होगा और अब मे प्रिंस से भी नहि मिलूँगी पर प्लीज् आप मुझसे नाराज मत होना......
सतीश ने तो सोचा भी नहि था की प्रिंस नाम की प्रॉब्लम से इतनी जल्दी छुटकारा मिल जाएगा,
सतीश- अरे पगली मे तुझसे नाराज नहि हु... वो तो मे थक गया था इस्लिये तेरे से बात नहि कर रहा था.......
शिप्रा सुबकते हुये- सच कह रहे हो ना...
सतीश- एकदम सच्... भला मे तुझसे झुट क्यों बोलूंगा... चल अब टेसुए बहाने बंद कर और अपना मुह धोले जाकर....
शिप्रा उससे अलग होकर अपने रूम मे चलि जाती है और सतीश भी अपना लैपटॉप खोल कर बैठ जाता है.... थोड़ी देर मे ही सोनाली उनको खाने के लिए बुला लेती है.. सतीश जब निचे पहुचता है तो खाने की टेबल पर सोनाली और शिप्रा उसका वेट कर रही थी....
सतीश जैसी ही वह पहुचता है सोनाली उससे सवालो की झड़ी लगा देती है वो चुपचाप उनके जवाब देता है और फिर सब लोग भोजन करके अपने अपने रूम मे चले जाते है...
आज सतीश की आँखों मे नींद नहि थी वो तो बस शिप्रा के सोने का वेट कर रहा था क्युकी उसे आज रात का हॉट लाइव शो देखना था और उस पल के बारे मे सोच कर उसका लंड अभी से जोर मार रहा था......
पर तभी उसके डोर पर नॉक होती है जिससे वो ख्ययालो की दुनिया से बाहर आ जाता है...
सतीश घडी की तरफ देखता है जिसमे १० बज रहे थे- इस समय कोण होगा....
ओर सतीश बेड से उठ कर डोर खोलने के लिए बढ़ जाता है और गेट खोलते ही उसे अपना प्लान चोपट होता हुआ नजर आता है....
गेट खोलते ही सतीश का सारा प्लान चोपट हो जाता है, सामने शिप्रा खड़ी हुई मुस्कुरा रही थी....
सतीश- तू सोयी नहि अभी तक्...
शिप्रा- आपको मे सोयी हुई लगती हूँ क्या...
सतीश- मेरे कहने का मतलब है की तू इतनी रात को यहा क्या कर रही है, जा जाकर सोजा...
शिप्रा- क्या भाई मे आपसे बात करने आई हूँ और आप मुझे भगा रहे हो...
सतीश- हाँ बता क्या बात करनी है...
शिप्रा- क्या भाई अब गेट पर खड़ा रखोगे क्या अंदर नहि बुलाओगे...
सतीश अपने रूम को देखता है की कहि कुछ उल्टा सीधा तो नहि है फिर अपना पूरा गेट खोल कर उसे अंदर बुलाता है...
शिप्रा आकर सतीश के बेड पर टाँगे फैलाकर लेट जाती है और पास मे पड़े रिमोट को उठा कर टीवी ऑन कर लेती है, सतीश भी उसके पास आकर लेट जाता है...
सतीश- तू क्या टीवी देखने आई है यहां पर...
शिप्रा- नहि भाईया मे तो आपसे बात करने आई थी....
सतीश- बता तुझे क्या बात करनी है...
शिप्रा- भाई आप तो भारती से प्यार करते हो न...
सतीश उसकी तरफ देखता है पर शिप्रा अपनी नजरे टीवी पर टिकाये हुए थी...
शिप्रा- बताओ न भाई...
सतीश- हम्म बहोत प्यार करता हु...
शिप्रा- फिर ये प्रियंका कौन है भाई....
सतीश एक बार फिर से उसे देखता है पर वो अभी भी नजरे टीवी पर टिकाये हुए थि, सतीश उसकी बात का कोई जवाब नहि देता...
शिप्रा- आप भारती को कही चीट तो नहि कर रहे..
सतीश उसकी बात से बौखलाते हुये- तू पागल है क्या तू जानती है की मे उसे चीट नहि कर सकता...
शिप्रा- तो फिर प्रियंका कोण है....
सतीश- फ्रेंड है...
इस बार शिप्रा सतीश की तरफ देखति है पर वो ऐसे बिहेव करता है जैसे की कितने ध्यान से टीवी देख रहा हो... शायद अब वो शिप्रा से नजरे नहि मिला रहा था...
शिप्रा- तो भारती को तो पता ही होगा ना प्रियंका के बारे मे... क्यों भाईया?
सतीश- नहि... उसे नहि पता...
शिप्रा- यानी की आप उसे चीट कर रहे हो...
सतीश- तू आज कुछ ज्यादा ही सवाल जवाब नहि कर रहि...
शिप्रा- वो तो मे बस ऐसे ही जनरल नॉलेज के लिए ही पूछ रही थी...
सतीश उसके बालो को पकड़ कर धीरे से खीचते हुये- मे बढ़ाऊ तेरी जनरल नॉलेज.
शिप्रा- नही छोड़ो दर्द हो रहा है भाई, आपको नहि बताना तो मत बताओ इसमें इतने नाराज होने की क्या बात है...
सतीश उसके बाल छोड़ते हुये- चल भाग अपने रूम में...
शिप्रा बेड से उठते हुये- अगर आप नहि बता पा रहे है तो मे बात दू भारती को प्रियंका के बारे मे....
सतीश अपने बेड से उठ कर शिप्रा का हाथ पकड़ते हुये- तुझे मेरी कसम है शिप्रा तू भारती को कुछ भी नहि बतायेगि, तुझे पता है मे उसके बगैर नहि जी सकता....
ये बात सतीश ने बहुत सीरियसली कहि थी...
शिप्रा- डोंट वरि भाई मे उसे कुछ नहि बताऊंगी...
सतीश- थँक्स फ़ॉर धिस
शिप्रा- तो अब बताओगे की ये प्रियंका कौन है,
सतीश- सही टाइम आने पर बता दूँगा... अब तू जाकर सोजा मुझे बहुत जोर की नींद आ रही है, और जाते समय लाइट ऑफ कर जाना...
ओर सतीश आँखे बंद करके ऐसे रियेक्ट करता है जैसे उसे कितनी तेज नींद आ रही हो...
शिप्रा सतीश को देख कर मुस्कुरा देती है और फिर रूम की लाइट ऑफ करके वो गेट को बंद करके बाहर निकल जाती है....