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चौथा घर मिशेल और रिचर्ड डिसूज़ा
अध्याय ४.३
भाग २
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एंजिल का घर :
शिरीन ने दरवाजा खोला तो देखा कि उसकी माँ बिस्तर पर नंगी पड़ी है. उसने कमरे में अन्य कुछ और नहीं देखा और ये मान लिया कि एंजिल संभवतः आत्मसंतुष्टि करके सो गई है. शिरीन ने मार्क को अंदर बुलाया और कमरा बंद कर लिया. पर जो शिरीन ने अपने उत्साह में नहीं देखा था वो मार्क ने देख लिया। वहाँ पहले ही किसी आदमी के वस्त्र पड़े थे. वो सोच ही रहा था कि किस चक्कर में पड़ गया कि बाथरूम का दरवाजा खुला और वो लड़का नंगा ही बाहर आया.
शिरीन और मार्क के मुंह से एक साथ और अनायास ही निकल पड़ा, “डेविड! तुम यहाँ !”
अब आगे….
********
मिशेल का घर:
दो बजे होंगे जब शैली ने तमतमाते हुए घर में प्रवेश किया. मिशेल और ईव खाना बनाकर सोई हुई थीं पर शैली के कारण उनकी नींद खुल गई और दोनों कमरे से बाहर निकल आयीं।
मिशेल: “क्या हुआ? इतनी गुस्से में क्यों ही?”
शैली की आँखों से अंगार बरस रहे थे, उसने ईव को देखा और बोली, “मामी आपका लड़का बहुत असभ्य है.”
ईव सकपका गई, “क्या हुआ? बताओ तो कुछ.”
शैली, “मेरी दो क्लास थीं तो मैंने उसे शिरीन के साथ छोड़ दिया था कॉलेज दिखने के लिए. पर आपके साहबजादे शिरीन को लेकर गायब हो गए और फोन भी नहीं उठाया. शिरीन की बच्ची से तो मैं निपट लुंगी, पर आप भी मार्क को समझा देना, कि ऐसा व्यव्हार मुझे बिलकुल पसंद नहीं है.”
ईव: “ठीक है, शैली. आएगा तो उसे समझा दूंगी. अब शांत हो जाओ. वैसे डेविड कहाँ है उसने तो कहा था कि एक बजे आ जायेगा पर अब दो से भी अधिक समय हो चुका है.”
अचानक ही शैली का गुस्सा छू मंतर हो गया. उसने इस पूरे प्रकरण में ये तो सोचा ही नहीं था कि डेविड कहाँ है. और कहीं शिरीन मार्क को अपने ही घर तो नहीं ले गई. ऐसा हुआ तो डेविड ने जो उसे वचन दिया था वो टूट गया होगा.
“ओह, शिट!” शैली के मुंह से निकला, “मॉम अपने डेविड से बात की क्या?”
मिशेल: “नहीं तो, मैं और तुम्हारी मामी एक दूसरे को समझने में व्यस्त थे.” मिशेल के स्वर ने बता दिया कि वो कैसे व्यस्त थे.
शैली ने उन दोनों को देखा और मुस्कुरा दी, “गुड फॉर यू बोथ. मुझे भी मामी को समझना था, पर अभी पहले डेविड को ढूँढना होगा. मैं आती हूँ.”
ये कहकर शैली चली गई और ईव मिशेल का मुंह ताकने लगी. “ये क्या हुआ?”
मिशेल: “पक्का तो नहीं कह सकती, पर मेरा अनुमान है.”
ईव ने जिज्ञासा से उसे देखा, “क्या?”
मिशेल ने साँस भरी, “शायद डेविड शिरीन की माँ के पास गया था. शिरीन को अपने घर से दूर रखने का काम शैली का था. पर अब शैली को लग रहा है कि शिरीन मार्क को उसके ही घर ले गई है. और अगर ये सच निकला तो डेविस शैली को अच्छी सीख देगा. पर ये केवल अनुमान है. सच तो उन सबके आने पर ही पता चलेगा.”
“अब हम क्या करें?”
“अब क्या कर सकते हैं, जो होना था हो चुका। आशा करो कि शिरीन मार्क को कहीं और ले गयी हो.”
“पर आप डेविड को ऐसे जाने देती हो?”
“मुझे कहाँ कोई कुछ बताता है, सब कुछ बाद में ही पता चलता है. पर मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है. डेविड का जवान खून है, तो उसे रोकना सम्भव नहीं है.”
“तो अगर मार्क यहाँ रहा तो वो भी यही सब करेगा.”
“मेरी प्यारी ननद, तुम भी तो चार आदमियों से चुदवाकर आयी थीं. उसे मजा करने दो, जब तक कि ये उसकी पढाई में अड़चन न बने.”
ईव ने कुछ सोचते हुए हामी भरी. अब उन दोनों को इस रहस्य के खुलने की प्रतीक्षा करनी थी कि आखिर मार्क और डेविड थे कहाँ.
शैली ने अपने कमरे में जाकर डेविड को फ़ोन मिलाया.
“हैलो, डेविड?”
*******
एंजिल का घर:
शिरीन और मार्क की आवाज़ सुनकर एंजिल ने अपनी ऑंखें खोल दीं और देखा कि अब कमरे में दो और लोग भी थे. एक तो उसकी बेटी ही थी और एक दूसरा लड़का था, और वो भी नंगा. लड़के के लंड को देखकर एंजिल के मन की धड़कन बढ़ गई. डेविड ने उसकी भरपूर चुदाई की थी, और ये लड़का भी डेविड से किसी भी ओर से कम नहीं लग रहा था. क्या वो इतने भाग्यशाली है कि एक ही दिन में दो दो जवान तगड़े लौंड़ों से चुद सके? उसके आँखों में वासना की भूख जाग उठी.
एंजिल: “ये कौन है?”
शिरीन जो अभी भी सकते में थी, “ये डेविड का कसिन है, साउथ अफ्रीका से आया है, मैं मैं सोच रही थी कि ये तुम्हारे साथ…”
एंजिल समझ गई कि शिरीन इस लड़के को क्यों लाई थी. उसे अपनी बेटी पर बहुत प्यार आया.
एंजिल: “मैं तो आज डेविड को बुला चुकी थी, पर मार्क को भी खाली भेजना ठीक नहीं होगा. क्यों?”
शिरीन: “पर पर…”
मार्क की आँखों में एंजिल के नंगे शरीर को देखकर चमक आ गई थी.
मार्क: “शिरीन ने मुझे बोला था कि अगर मैं आपको संतुष्ट कर पाया तो वो भी मेरे साथ चुदाई करेगी. और आपको देखकर मैं बिना आपको चोदे लौटने वाला भी नहीं.”
डेविड हंसने लगा, “आंटीजी, क्या मैंने आपको संतुष्ट किया है.”
एंजिल: “बिलकुल.”
डेविड: “तो शिरीन, मेरे विचार से आंटीजी के कथन और तुम्हारे मार्क को दिए वचन के अनुसार मैं तुम्हें चोद सकता हूँ.”
मार्क: “और मैं आंटी को खुश करने का प्रयास करूंगा.”
सिरिन को कुछ समझ नहीं पड़ रहा था. एक समस्या ये भी थी कि उनके घर में एक ही शयनकक्ष था. माँ बेटी साथ ही सोती थीं. शिरीन के पिता के जाने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वो इससे बड़ा घर ले सकते. पर इस समस्या का हल भी एंजिल ने किसी अच्छी माँ के समान तुरंत ही निकाल लिया.
एंजिल: “शिरीन, ऐसा नहीं कि हमने एक दूसरे को चुदते हुए नहीं देखा है. अंतर यही है कि पहले एक ही लड़का होता था. तो आज हम एक साथ चुदवाती हैं इन दोनों भाइयों से, बड़ा मजा आएगा.”
शिरीन ने कुछ सोचा और फिर अपने कपड़े निकालने आरम्भ कर दिए, “आप सही कह रही हो, वैसे भी हमारे बीच में कुछ छुपा तो है नहीं.”
डेविड शिरीन की ओर बढ़ा तो एंजिल उठी, “मैं बाथरूम से सफाई करके आती हूँ. आज सच में बड़ा अच्छा दिन है. दो दो लंड से चुदने का अवसर मिला है, मेरी तो क्रिसमस जल्दी आ गयी.”
डेविड ने शिरीन को बाँहों में लिया और उसे चूमने लगा. एक हाथ से वो शिरीन की चूत को मसल रहा था. शिरीन उसके इस हमले से सिहर उठी और उसका एक हाथ अनायास ही डेविड के तने लंड को सहलाने लगा.
एंजिल बाहर निकली और उसके शरीर की मनोहर छटा ने मार्क को अचम्भित कर दिया. एंजिल ने आगे बढ़कर मार्क को पकड़ा और उसे चूमने लगी. कुछ ही पलों में माँ बेटी एक जैसे अपनी चूत को सहलाने और लंड मसलने में जुट गए.
एंजिल ने पहल की और मार्क को बिस्तर की ओर ले गई. बिस्तर पर उसे लिटाकर उसके लंड को चूसने लगी. मार्क आनंद से झूम गया. उसकी मन की इच्छा पूरी जो होने थी. डेविस शिरीन को भली भांति जानते हुए भी कभी उससे शारीरिक संबंध में नहीं बंधा था. दोनों को दूरी का कारण नहीं पता था और दोनों के मन में इसके लिए खेद था कि उन्होंने इतने वर्ष यूँ ही निकाल दिए थे. एक दूसरे में समाने को आतुर खड़े खड़े ही एक दूसरे के शरीर में समाने की चेष्टा कर रहे थे. शिरीन से अब रहा नहीं जा रहा था, उसने डेविड की आँखों में देखा और उसे संकेत किया तो डेविड उसे लेकर बिस्तर की ओर बढ़ गया.
बिस्तर बहुत बड़ा तो नहीं था, पर सिरिन ने अपने शरीर को ऐसे बिछाया कि वो उपयुक्त लगने लगा. डेविड उसकी चूत में झुक गया और उसे चाटने व्यस्त हो गया. शिरीन ने अपने साथ में अपनी माँ को मार्क के लंड को चूसते हुए देखा तो उसे कुछ ईर्ष्या पर डेविड ने उसकी चूत में वो संवेदनाएं जगायीं कि वो अपने सुख में खो गयी. हो सकता है कि उसे मार्क से भी चुदने का अवसर मिल ही जाये. डेविड ने किसी विशेषज्ञ के समान उसकी चूत हर कोने और रोम को अपने होंठों और जीभ से चाट कर उसे जल्दी ही अपने चरम पर लेकर झड़ा दिया. रस से भीगे हुए चेहरे को डेविड ने उठाकर शिरीन की ओर देखा तो उसकी आँखों में प्यार और वासना की मिली जुली कसक दिखी. शिरीन ने मुस्कुराकर डेविड को देखा और फिर उसे खड़ा होने का संकेत किया.
इस बार उसने डेविड को लिटाया और उसके लंड को चूसने लगी. वहीं पास में एंजिल ने मार्क के लंड को उपयुक्त रूप से चूस कर उसका स्वाद मन में बसा लिया था और अब समय था असली चुदाई का. उसने मार्क को उसी स्थान पर लेटे रहने दिया और अपनी दोनों टाँगे उसके दोनों और करते हुए अपनी बहती प्यासी चूत को मार्क के लंड पर रखा और उस पर बैठती गई. पूरा लंड अंदर लेने के बाद वो कुछ देर अपने अंदर घुसे हुए लंड का अनुभव संजोती रही फिर धीरे से उसके ऊपर उठने बैठने लगी.
शिरीन डेविड के लंड को किसी लॉलीपॉप के समान चूस रही थी, पर ये विदित था कि उसे इसका कोई विशेष ज्ञान नहीं था. पर डेविड आज उसे रोकने वाला नहीं था. उसने निर्णय किया कि अगली बार वो शिरीन को इसके बारे में समझायेगा. डेविड के फोन की घंटी बजी तो उसने टेबल पर देखा जहां उसका फोन रखा था. उसने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया और शिरीन के मुंह में अपने लंड को कुछ कुछ बढ़ाने लगा. फिर उसने सोचा कि ये बाद में भी किया सकता है. उसने शिरीन को संकेत किया कि वो अब हट जाये. शिरीन जब हटी तो डेविड ने फोन अपने पास ही लेकर रख लिया। उसने ये नहीं देखा कि किसने कॉल किया था. फोन पास में रखकर उसने शिरीन को लिटाया और उसकी चूत पर लंड लगाते हुए बड़े संयम से उसकी चूत में अपना लंड उतारने लगा.
शिरीन की ऑंखें बंद थीं और वो डेविड के लंड को उसकी चूत को भेदने के सुख की अनुभूति में खोई हुई थी. उसके चेहरे पर एक स्वप्निल मुस्कान थी. तभी डेविड का फोन फिर बज उठा. देखा तो शैली थी.
उसने फोन उठाया, “हैलो।”
शिरीन ने आंख खोली तो डेविड ने उसे चुप रहने का संकेत किया. शिरीन ने सिर हिलाकर ऑंखें बंद कर लीं।
शैली: “डेविड, तुम कहाँ हो?”
डेविड: “जहाँ मैं बताया था.”
शैली: “तुमने शिरीन को तो नहीं देखा?”
डेविड: “रुको, मैं कॉल करता हूँ.”
फिर डेविड ने वीडियो कॉल लगाया. शैली ने जब फोन उठाया तो डेविड ने फ्रंट कैमरा ऑन किया. शैली को शिरीन का चेहरा दिखाई दिया. फोन चलता रखते हुए डेविड ने धक्के लगाए तो शैली को समझ आ गया कि डेविड शिरीन को चोद रहा है. मजा लेने के लिए डेविड ने फोन घुमाकर एंजिल की ओर किया जहाँ मार्क और एंजिल चुदाई कर रहे थे. इसके बाद उसने फोन काटा और मूक कर दिया. इस पूरे प्रकरण से अन्य सभी अनिभिज्ञ थे. शैली अब कुछ निश्चिन्त हो गई. ये पक्का था कि डेविड उससे गुस्सा तो नहीं रहेगा.
डेविड नीचे लेटी शिरीन को अब हल्के धक्कों से चोदने लगा.
उसका ध्यान शिरीन के मासूम चेहरे पर छाए हुए आनंद पर था. शिरीन और उसकी माँ उसके पिता के जाने के बाद जिस स्थिति से जूझ रहे थे, उसमे भी शिरीन ने अपना भोलापन बचाकर रखा था. वो केवल अपनी माँ को खुश रखने के लिए अन्य लड़कों से चुदवाती थी, पर ये विदित हो गया था कि वो चुदाई में निपुण नहीं है. डेविड उसे इसिलए बहुत ही प्यार से चोद रहा था जिससे वो इस चुदाई को सदैव याद रखे.
उधर एंजिल के मार्क के लंड पर कूदने की गति शिथिल पड़ चुकी थी. मार्क ने इसे समझा और कम स्थान होने के पश्चात भी किसी प्रकार से एंजिल को पलट कर नीचे कर दिया और उसके ऊपर चढ़ कर चोदने लगा. एंजिल की आत्मा तृप्त हो रही थी. मार्क ने अपनी चुदाई की गति बढ़ा दी और चूँकि डेविड ने पहले ही एंजिल की चूत को कुछ ढीला कर दिया था, तो मार्क को अधिक परिश्रम करना पड़ रहा था. पर वो अपनी पहली भारतीय चूत का भरपूर आनंद लेना चाहता था. उसके धक्कों से एंजिल का शरीर कांप उठता और बिस्तर भी हिल रहा था. डेविड के तो धक्के इतने प्रेम भरे थे कि उसका अनुभव भी नहीं हो रहा था.
एंजिल के मुंह से अब सीत्कारें और घुटी हुई चीखें निकल रही थीं और अब उसकी चूत से रस की धार छूट रही थीं. मार्क के लंड छप छप की ध्वनि के साथ उसकी बहती हुई चूत में चप्पू चला रहा था.
“उह, उह , उहहहह “ ये शिरीन की आवाज़ थी जिसका शरीर अकड़ रहा था और सम्भवतः वो अपने चरम बिंदु को स्पर्श कर रही थी. डेविड ने अब अपनी गति कुछ बढ़ा दी जिससे कि शिरीन अपने आनंद क़ शिखर से जल्दी नीचे न उतर पाए. वो इस सुंदर भोली लड़की, जो उसकी बहन की घनिष्ठ मित्र थी, जीवन का वो सुख देना चाहता था जिसे वो सदा के लिए याद रखे. परन्तु डेविड को इस विषय में अधिक चिंता की आवश्यकता नहीं थी. शिरीन का लरजता शरीर इस अनुभव को सदा के लिए आत्मसात करने में व्यस्त था. शिरीन का मन मस्तिष्क इन क्षणों को कभी भी नहीं भूलने वाला था. सम्भवतः भविष्य में उसे डेविड की भांति और भी चोदने वाले मिलेंगे, पर ये इस आनंद की पराकाष्ठा का उसका पहला अनुभव था.
मार्क की गति अब इतनी तीव्र हो गयी थी कि एंजिल उसके लंड के लिए एक खिलौना मात्र बन गई थी. वो इस पूरी चुदाई में अब तक न जाने कितनी ही बार झड़ चुकी थी, हर बार वो यही समझती कि बस अब और नहीं, पर उसका शरीर उसे चुदाई की लहरों में ऊपर नीचे ले जा रहा था. ऊंचाई से वो जिस तेजी से नीचे आती थी, मार्क की चुदाई उसे उससे भी अधिक तेजी से फिर लहर के ऊपर ले जाती. अगर डेविड से चुदवा कर उसे आनंद मिला था तो मार्क ने उसे परमानंद की अनुभूति करा दी थी. अपनी चूत में मार्क के फूलते हुए लंड का आभास होने से उसे पता चल गया कि अब मार्क भी झड़ने के निकट है.
“मुंह में, मेरे मुंह में झड़ना, प्लीज़” उसने अनुरोध किया. मार्क ने अपने लंड को बाहर निकाला तो एंजिल को अपनी चूत में एक खालीपन सा लगा. मार्क ने तेजी से उसके मुंह पर अपना लंड रखा और जैसे ही एंजिल ने मुंह खोलकर उसे अंदर लिया मार्क के लंड से रस की पट्टियाँ निकलीं जिसने उसके गले तक उसे सींच दिया. एंजिल इतने अधिक कामरस के लिए तैयार नहीं थी, उसे सारा रस पीना ही पड़ा. उसे मार्क का स्वाद बहुत अच्छा लगा और वो मार्क के लंड के बाहर निकलने के बाद भी उसे अपने मुंह में संजोये रही.
डेविड ने भी देखा कि शिरीन अब निढाल हो चुकी थी और वो भी झड़ने वाला था. पर उसने अधिक कुछ न सोचते हुए जैसे ही वो झड़ने लगा अपने लंड को बाहर निकाला और शिरीन के सपाट पेट के ऊपर ही अपने रस की वर्षा कर दी. लंड बाहर निकने पर शिरीन ने भी ऑंखें खोलीं और उसकी आँखों में डेविड के प्रति प्रेम स्पष्ट दिख रहा था. डेविड ने उसे मुस्कुरा कर देखा. शिरीन ने अपने हाथ अपने पेट पर बह रहे रस में डाले और उसे लेकर चाटने लगी.
“बाहर क्यों छोड़ा, मेरे मुंह में क्यों नहीं?” उसने डेविड से प्रश्न किया.
“मुझे पता नहीं था कि तुम्हे अच्छा लगेगा या नहीं. अगर तुम्हें अच्छा लगा है, तो अगली बार अवश्य इसका स्वाद तुम्हें चखाऊंगा।”
“अब मुझे चोदने में इतने दिन तो नहीं लगाओगे? सच में तुमसे चुदने के बाद अब मेरा इसके बिना मन नहीं लगेगा.”
“नहीं, अब हम जल्दी मिला करेंगे.”
फिर डेविड ने समय देखा तो चौंक गया. उन्हें बहुत देर हो चुकी थी. उसने मार्क से कहा कि अब उन्हें जल्दी ही निकलना होगा.
एंजिल ने इस बार अपनी बात रखी, “डेविड, मार्क. तुम दोनों ने मुझे अथाह सुख दिया है. डेविड, मैंने सोचा था कि आज मैं तुमसे अपनी गांड भी मरवाऊँगी। पर मुझे लगता है कि उसके लिए मुझे कुछ और दिन प्रतीक्षा करनी होगी. हाँ, और मार्क, ये प्रस्ताव तुम्हारे लिए भी है, पर डेविड के बाद.”
डेविड और मार्क एक दूसरे को देखकर मुस्कुराये.
डेविड: “आंटीजी, आप जब बुलाओगी, हम आपकी सेवा के लिए प्रस्तुत हो जायेंगे. बस एक शर्त है, शिरीन भी साथ होनी चाहिए.”
एंजिल: “मैं इसका ध्यान रखूंगी.”
मार्क और डेविड ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और माँ बेटी से अनुमति लेकर अपने घर के लिए निकल गए.
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अध्याय ४.३
भाग २
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एंजिल का घर :
शिरीन ने दरवाजा खोला तो देखा कि उसकी माँ बिस्तर पर नंगी पड़ी है. उसने कमरे में अन्य कुछ और नहीं देखा और ये मान लिया कि एंजिल संभवतः आत्मसंतुष्टि करके सो गई है. शिरीन ने मार्क को अंदर बुलाया और कमरा बंद कर लिया. पर जो शिरीन ने अपने उत्साह में नहीं देखा था वो मार्क ने देख लिया। वहाँ पहले ही किसी आदमी के वस्त्र पड़े थे. वो सोच ही रहा था कि किस चक्कर में पड़ गया कि बाथरूम का दरवाजा खुला और वो लड़का नंगा ही बाहर आया.
शिरीन और मार्क के मुंह से एक साथ और अनायास ही निकल पड़ा, “डेविड! तुम यहाँ !”
अब आगे….
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मिशेल का घर:
दो बजे होंगे जब शैली ने तमतमाते हुए घर में प्रवेश किया. मिशेल और ईव खाना बनाकर सोई हुई थीं पर शैली के कारण उनकी नींद खुल गई और दोनों कमरे से बाहर निकल आयीं।
मिशेल: “क्या हुआ? इतनी गुस्से में क्यों ही?”
शैली की आँखों से अंगार बरस रहे थे, उसने ईव को देखा और बोली, “मामी आपका लड़का बहुत असभ्य है.”
ईव सकपका गई, “क्या हुआ? बताओ तो कुछ.”
शैली, “मेरी दो क्लास थीं तो मैंने उसे शिरीन के साथ छोड़ दिया था कॉलेज दिखने के लिए. पर आपके साहबजादे शिरीन को लेकर गायब हो गए और फोन भी नहीं उठाया. शिरीन की बच्ची से तो मैं निपट लुंगी, पर आप भी मार्क को समझा देना, कि ऐसा व्यव्हार मुझे बिलकुल पसंद नहीं है.”
ईव: “ठीक है, शैली. आएगा तो उसे समझा दूंगी. अब शांत हो जाओ. वैसे डेविड कहाँ है उसने तो कहा था कि एक बजे आ जायेगा पर अब दो से भी अधिक समय हो चुका है.”
अचानक ही शैली का गुस्सा छू मंतर हो गया. उसने इस पूरे प्रकरण में ये तो सोचा ही नहीं था कि डेविड कहाँ है. और कहीं शिरीन मार्क को अपने ही घर तो नहीं ले गई. ऐसा हुआ तो डेविड ने जो उसे वचन दिया था वो टूट गया होगा.
“ओह, शिट!” शैली के मुंह से निकला, “मॉम अपने डेविड से बात की क्या?”
मिशेल: “नहीं तो, मैं और तुम्हारी मामी एक दूसरे को समझने में व्यस्त थे.” मिशेल के स्वर ने बता दिया कि वो कैसे व्यस्त थे.
शैली ने उन दोनों को देखा और मुस्कुरा दी, “गुड फॉर यू बोथ. मुझे भी मामी को समझना था, पर अभी पहले डेविड को ढूँढना होगा. मैं आती हूँ.”
ये कहकर शैली चली गई और ईव मिशेल का मुंह ताकने लगी. “ये क्या हुआ?”
मिशेल: “पक्का तो नहीं कह सकती, पर मेरा अनुमान है.”
ईव ने जिज्ञासा से उसे देखा, “क्या?”
मिशेल ने साँस भरी, “शायद डेविड शिरीन की माँ के पास गया था. शिरीन को अपने घर से दूर रखने का काम शैली का था. पर अब शैली को लग रहा है कि शिरीन मार्क को उसके ही घर ले गई है. और अगर ये सच निकला तो डेविस शैली को अच्छी सीख देगा. पर ये केवल अनुमान है. सच तो उन सबके आने पर ही पता चलेगा.”
“अब हम क्या करें?”
“अब क्या कर सकते हैं, जो होना था हो चुका। आशा करो कि शिरीन मार्क को कहीं और ले गयी हो.”
“पर आप डेविड को ऐसे जाने देती हो?”
“मुझे कहाँ कोई कुछ बताता है, सब कुछ बाद में ही पता चलता है. पर मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है. डेविड का जवान खून है, तो उसे रोकना सम्भव नहीं है.”
“तो अगर मार्क यहाँ रहा तो वो भी यही सब करेगा.”
“मेरी प्यारी ननद, तुम भी तो चार आदमियों से चुदवाकर आयी थीं. उसे मजा करने दो, जब तक कि ये उसकी पढाई में अड़चन न बने.”
ईव ने कुछ सोचते हुए हामी भरी. अब उन दोनों को इस रहस्य के खुलने की प्रतीक्षा करनी थी कि आखिर मार्क और डेविड थे कहाँ.
शैली ने अपने कमरे में जाकर डेविड को फ़ोन मिलाया.
“हैलो, डेविड?”
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एंजिल का घर:
शिरीन और मार्क की आवाज़ सुनकर एंजिल ने अपनी ऑंखें खोल दीं और देखा कि अब कमरे में दो और लोग भी थे. एक तो उसकी बेटी ही थी और एक दूसरा लड़का था, और वो भी नंगा. लड़के के लंड को देखकर एंजिल के मन की धड़कन बढ़ गई. डेविड ने उसकी भरपूर चुदाई की थी, और ये लड़का भी डेविड से किसी भी ओर से कम नहीं लग रहा था. क्या वो इतने भाग्यशाली है कि एक ही दिन में दो दो जवान तगड़े लौंड़ों से चुद सके? उसके आँखों में वासना की भूख जाग उठी.
एंजिल: “ये कौन है?”
शिरीन जो अभी भी सकते में थी, “ये डेविड का कसिन है, साउथ अफ्रीका से आया है, मैं मैं सोच रही थी कि ये तुम्हारे साथ…”
एंजिल समझ गई कि शिरीन इस लड़के को क्यों लाई थी. उसे अपनी बेटी पर बहुत प्यार आया.
एंजिल: “मैं तो आज डेविड को बुला चुकी थी, पर मार्क को भी खाली भेजना ठीक नहीं होगा. क्यों?”
शिरीन: “पर पर…”
मार्क की आँखों में एंजिल के नंगे शरीर को देखकर चमक आ गई थी.
मार्क: “शिरीन ने मुझे बोला था कि अगर मैं आपको संतुष्ट कर पाया तो वो भी मेरे साथ चुदाई करेगी. और आपको देखकर मैं बिना आपको चोदे लौटने वाला भी नहीं.”
डेविड हंसने लगा, “आंटीजी, क्या मैंने आपको संतुष्ट किया है.”
एंजिल: “बिलकुल.”
डेविड: “तो शिरीन, मेरे विचार से आंटीजी के कथन और तुम्हारे मार्क को दिए वचन के अनुसार मैं तुम्हें चोद सकता हूँ.”
मार्क: “और मैं आंटी को खुश करने का प्रयास करूंगा.”
सिरिन को कुछ समझ नहीं पड़ रहा था. एक समस्या ये भी थी कि उनके घर में एक ही शयनकक्ष था. माँ बेटी साथ ही सोती थीं. शिरीन के पिता के जाने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वो इससे बड़ा घर ले सकते. पर इस समस्या का हल भी एंजिल ने किसी अच्छी माँ के समान तुरंत ही निकाल लिया.
एंजिल: “शिरीन, ऐसा नहीं कि हमने एक दूसरे को चुदते हुए नहीं देखा है. अंतर यही है कि पहले एक ही लड़का होता था. तो आज हम एक साथ चुदवाती हैं इन दोनों भाइयों से, बड़ा मजा आएगा.”
शिरीन ने कुछ सोचा और फिर अपने कपड़े निकालने आरम्भ कर दिए, “आप सही कह रही हो, वैसे भी हमारे बीच में कुछ छुपा तो है नहीं.”
डेविड शिरीन की ओर बढ़ा तो एंजिल उठी, “मैं बाथरूम से सफाई करके आती हूँ. आज सच में बड़ा अच्छा दिन है. दो दो लंड से चुदने का अवसर मिला है, मेरी तो क्रिसमस जल्दी आ गयी.”
डेविड ने शिरीन को बाँहों में लिया और उसे चूमने लगा. एक हाथ से वो शिरीन की चूत को मसल रहा था. शिरीन उसके इस हमले से सिहर उठी और उसका एक हाथ अनायास ही डेविड के तने लंड को सहलाने लगा.
एंजिल बाहर निकली और उसके शरीर की मनोहर छटा ने मार्क को अचम्भित कर दिया. एंजिल ने आगे बढ़कर मार्क को पकड़ा और उसे चूमने लगी. कुछ ही पलों में माँ बेटी एक जैसे अपनी चूत को सहलाने और लंड मसलने में जुट गए.
एंजिल ने पहल की और मार्क को बिस्तर की ओर ले गई. बिस्तर पर उसे लिटाकर उसके लंड को चूसने लगी. मार्क आनंद से झूम गया. उसकी मन की इच्छा पूरी जो होने थी. डेविस शिरीन को भली भांति जानते हुए भी कभी उससे शारीरिक संबंध में नहीं बंधा था. दोनों को दूरी का कारण नहीं पता था और दोनों के मन में इसके लिए खेद था कि उन्होंने इतने वर्ष यूँ ही निकाल दिए थे. एक दूसरे में समाने को आतुर खड़े खड़े ही एक दूसरे के शरीर में समाने की चेष्टा कर रहे थे. शिरीन से अब रहा नहीं जा रहा था, उसने डेविड की आँखों में देखा और उसे संकेत किया तो डेविड उसे लेकर बिस्तर की ओर बढ़ गया.
बिस्तर बहुत बड़ा तो नहीं था, पर सिरिन ने अपने शरीर को ऐसे बिछाया कि वो उपयुक्त लगने लगा. डेविड उसकी चूत में झुक गया और उसे चाटने व्यस्त हो गया. शिरीन ने अपने साथ में अपनी माँ को मार्क के लंड को चूसते हुए देखा तो उसे कुछ ईर्ष्या पर डेविड ने उसकी चूत में वो संवेदनाएं जगायीं कि वो अपने सुख में खो गयी. हो सकता है कि उसे मार्क से भी चुदने का अवसर मिल ही जाये. डेविड ने किसी विशेषज्ञ के समान उसकी चूत हर कोने और रोम को अपने होंठों और जीभ से चाट कर उसे जल्दी ही अपने चरम पर लेकर झड़ा दिया. रस से भीगे हुए चेहरे को डेविड ने उठाकर शिरीन की ओर देखा तो उसकी आँखों में प्यार और वासना की मिली जुली कसक दिखी. शिरीन ने मुस्कुराकर डेविड को देखा और फिर उसे खड़ा होने का संकेत किया.
इस बार उसने डेविड को लिटाया और उसके लंड को चूसने लगी. वहीं पास में एंजिल ने मार्क के लंड को उपयुक्त रूप से चूस कर उसका स्वाद मन में बसा लिया था और अब समय था असली चुदाई का. उसने मार्क को उसी स्थान पर लेटे रहने दिया और अपनी दोनों टाँगे उसके दोनों और करते हुए अपनी बहती प्यासी चूत को मार्क के लंड पर रखा और उस पर बैठती गई. पूरा लंड अंदर लेने के बाद वो कुछ देर अपने अंदर घुसे हुए लंड का अनुभव संजोती रही फिर धीरे से उसके ऊपर उठने बैठने लगी.
शिरीन डेविड के लंड को किसी लॉलीपॉप के समान चूस रही थी, पर ये विदित था कि उसे इसका कोई विशेष ज्ञान नहीं था. पर डेविड आज उसे रोकने वाला नहीं था. उसने निर्णय किया कि अगली बार वो शिरीन को इसके बारे में समझायेगा. डेविड के फोन की घंटी बजी तो उसने टेबल पर देखा जहां उसका फोन रखा था. उसने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया और शिरीन के मुंह में अपने लंड को कुछ कुछ बढ़ाने लगा. फिर उसने सोचा कि ये बाद में भी किया सकता है. उसने शिरीन को संकेत किया कि वो अब हट जाये. शिरीन जब हटी तो डेविड ने फोन अपने पास ही लेकर रख लिया। उसने ये नहीं देखा कि किसने कॉल किया था. फोन पास में रखकर उसने शिरीन को लिटाया और उसकी चूत पर लंड लगाते हुए बड़े संयम से उसकी चूत में अपना लंड उतारने लगा.
शिरीन की ऑंखें बंद थीं और वो डेविड के लंड को उसकी चूत को भेदने के सुख की अनुभूति में खोई हुई थी. उसके चेहरे पर एक स्वप्निल मुस्कान थी. तभी डेविड का फोन फिर बज उठा. देखा तो शैली थी.
उसने फोन उठाया, “हैलो।”
शिरीन ने आंख खोली तो डेविड ने उसे चुप रहने का संकेत किया. शिरीन ने सिर हिलाकर ऑंखें बंद कर लीं।
शैली: “डेविड, तुम कहाँ हो?”
डेविड: “जहाँ मैं बताया था.”
शैली: “तुमने शिरीन को तो नहीं देखा?”
डेविड: “रुको, मैं कॉल करता हूँ.”
फिर डेविड ने वीडियो कॉल लगाया. शैली ने जब फोन उठाया तो डेविड ने फ्रंट कैमरा ऑन किया. शैली को शिरीन का चेहरा दिखाई दिया. फोन चलता रखते हुए डेविड ने धक्के लगाए तो शैली को समझ आ गया कि डेविड शिरीन को चोद रहा है. मजा लेने के लिए डेविड ने फोन घुमाकर एंजिल की ओर किया जहाँ मार्क और एंजिल चुदाई कर रहे थे. इसके बाद उसने फोन काटा और मूक कर दिया. इस पूरे प्रकरण से अन्य सभी अनिभिज्ञ थे. शैली अब कुछ निश्चिन्त हो गई. ये पक्का था कि डेविड उससे गुस्सा तो नहीं रहेगा.
डेविड नीचे लेटी शिरीन को अब हल्के धक्कों से चोदने लगा.
उसका ध्यान शिरीन के मासूम चेहरे पर छाए हुए आनंद पर था. शिरीन और उसकी माँ उसके पिता के जाने के बाद जिस स्थिति से जूझ रहे थे, उसमे भी शिरीन ने अपना भोलापन बचाकर रखा था. वो केवल अपनी माँ को खुश रखने के लिए अन्य लड़कों से चुदवाती थी, पर ये विदित हो गया था कि वो चुदाई में निपुण नहीं है. डेविड उसे इसिलए बहुत ही प्यार से चोद रहा था जिससे वो इस चुदाई को सदैव याद रखे.
उधर एंजिल के मार्क के लंड पर कूदने की गति शिथिल पड़ चुकी थी. मार्क ने इसे समझा और कम स्थान होने के पश्चात भी किसी प्रकार से एंजिल को पलट कर नीचे कर दिया और उसके ऊपर चढ़ कर चोदने लगा. एंजिल की आत्मा तृप्त हो रही थी. मार्क ने अपनी चुदाई की गति बढ़ा दी और चूँकि डेविड ने पहले ही एंजिल की चूत को कुछ ढीला कर दिया था, तो मार्क को अधिक परिश्रम करना पड़ रहा था. पर वो अपनी पहली भारतीय चूत का भरपूर आनंद लेना चाहता था. उसके धक्कों से एंजिल का शरीर कांप उठता और बिस्तर भी हिल रहा था. डेविड के तो धक्के इतने प्रेम भरे थे कि उसका अनुभव भी नहीं हो रहा था.
एंजिल के मुंह से अब सीत्कारें और घुटी हुई चीखें निकल रही थीं और अब उसकी चूत से रस की धार छूट रही थीं. मार्क के लंड छप छप की ध्वनि के साथ उसकी बहती हुई चूत में चप्पू चला रहा था.
“उह, उह , उहहहह “ ये शिरीन की आवाज़ थी जिसका शरीर अकड़ रहा था और सम्भवतः वो अपने चरम बिंदु को स्पर्श कर रही थी. डेविड ने अब अपनी गति कुछ बढ़ा दी जिससे कि शिरीन अपने आनंद क़ शिखर से जल्दी नीचे न उतर पाए. वो इस सुंदर भोली लड़की, जो उसकी बहन की घनिष्ठ मित्र थी, जीवन का वो सुख देना चाहता था जिसे वो सदा के लिए याद रखे. परन्तु डेविड को इस विषय में अधिक चिंता की आवश्यकता नहीं थी. शिरीन का लरजता शरीर इस अनुभव को सदा के लिए आत्मसात करने में व्यस्त था. शिरीन का मन मस्तिष्क इन क्षणों को कभी भी नहीं भूलने वाला था. सम्भवतः भविष्य में उसे डेविड की भांति और भी चोदने वाले मिलेंगे, पर ये इस आनंद की पराकाष्ठा का उसका पहला अनुभव था.
मार्क की गति अब इतनी तीव्र हो गयी थी कि एंजिल उसके लंड के लिए एक खिलौना मात्र बन गई थी. वो इस पूरी चुदाई में अब तक न जाने कितनी ही बार झड़ चुकी थी, हर बार वो यही समझती कि बस अब और नहीं, पर उसका शरीर उसे चुदाई की लहरों में ऊपर नीचे ले जा रहा था. ऊंचाई से वो जिस तेजी से नीचे आती थी, मार्क की चुदाई उसे उससे भी अधिक तेजी से फिर लहर के ऊपर ले जाती. अगर डेविड से चुदवा कर उसे आनंद मिला था तो मार्क ने उसे परमानंद की अनुभूति करा दी थी. अपनी चूत में मार्क के फूलते हुए लंड का आभास होने से उसे पता चल गया कि अब मार्क भी झड़ने के निकट है.
“मुंह में, मेरे मुंह में झड़ना, प्लीज़” उसने अनुरोध किया. मार्क ने अपने लंड को बाहर निकाला तो एंजिल को अपनी चूत में एक खालीपन सा लगा. मार्क ने तेजी से उसके मुंह पर अपना लंड रखा और जैसे ही एंजिल ने मुंह खोलकर उसे अंदर लिया मार्क के लंड से रस की पट्टियाँ निकलीं जिसने उसके गले तक उसे सींच दिया. एंजिल इतने अधिक कामरस के लिए तैयार नहीं थी, उसे सारा रस पीना ही पड़ा. उसे मार्क का स्वाद बहुत अच्छा लगा और वो मार्क के लंड के बाहर निकलने के बाद भी उसे अपने मुंह में संजोये रही.
डेविड ने भी देखा कि शिरीन अब निढाल हो चुकी थी और वो भी झड़ने वाला था. पर उसने अधिक कुछ न सोचते हुए जैसे ही वो झड़ने लगा अपने लंड को बाहर निकाला और शिरीन के सपाट पेट के ऊपर ही अपने रस की वर्षा कर दी. लंड बाहर निकने पर शिरीन ने भी ऑंखें खोलीं और उसकी आँखों में डेविड के प्रति प्रेम स्पष्ट दिख रहा था. डेविड ने उसे मुस्कुरा कर देखा. शिरीन ने अपने हाथ अपने पेट पर बह रहे रस में डाले और उसे लेकर चाटने लगी.
“बाहर क्यों छोड़ा, मेरे मुंह में क्यों नहीं?” उसने डेविड से प्रश्न किया.
“मुझे पता नहीं था कि तुम्हे अच्छा लगेगा या नहीं. अगर तुम्हें अच्छा लगा है, तो अगली बार अवश्य इसका स्वाद तुम्हें चखाऊंगा।”
“अब मुझे चोदने में इतने दिन तो नहीं लगाओगे? सच में तुमसे चुदने के बाद अब मेरा इसके बिना मन नहीं लगेगा.”
“नहीं, अब हम जल्दी मिला करेंगे.”
फिर डेविड ने समय देखा तो चौंक गया. उन्हें बहुत देर हो चुकी थी. उसने मार्क से कहा कि अब उन्हें जल्दी ही निकलना होगा.
एंजिल ने इस बार अपनी बात रखी, “डेविड, मार्क. तुम दोनों ने मुझे अथाह सुख दिया है. डेविड, मैंने सोचा था कि आज मैं तुमसे अपनी गांड भी मरवाऊँगी। पर मुझे लगता है कि उसके लिए मुझे कुछ और दिन प्रतीक्षा करनी होगी. हाँ, और मार्क, ये प्रस्ताव तुम्हारे लिए भी है, पर डेविड के बाद.”
डेविड और मार्क एक दूसरे को देखकर मुस्कुराये.
डेविड: “आंटीजी, आप जब बुलाओगी, हम आपकी सेवा के लिए प्रस्तुत हो जायेंगे. बस एक शर्त है, शिरीन भी साथ होनी चाहिए.”
एंजिल: “मैं इसका ध्यान रखूंगी.”
मार्क और डेविड ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और माँ बेटी से अनुमति लेकर अपने घर के लिए निकल गए.
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