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Incest कैसे कैसे परिवार

चौथा घर मिशेल और रिचर्ड डिसूज़ा

अध्याय ४.३

भाग २

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एंजिल का घर :

शिरीन ने दरवाजा खोला तो देखा कि उसकी माँ बिस्तर पर नंगी पड़ी है. उसने कमरे में अन्य कुछ और नहीं देखा और ये मान लिया कि एंजिल संभवतः आत्मसंतुष्टि करके सो गई है. शिरीन ने मार्क को अंदर बुलाया और कमरा बंद कर लिया. पर जो शिरीन ने अपने उत्साह में नहीं देखा था वो मार्क ने देख लिया। वहाँ पहले ही किसी आदमी के वस्त्र पड़े थे. वो सोच ही रहा था कि किस चक्कर में पड़ गया कि बाथरूम का दरवाजा खुला और वो लड़का नंगा ही बाहर आया.

शिरीन और मार्क के मुंह से एक साथ और अनायास ही निकल पड़ा, “डेविड! तुम यहाँ !”

अब आगे….

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मिशेल का घर:

दो बजे होंगे जब शैली ने तमतमाते हुए घर में प्रवेश किया. मिशेल और ईव खाना बनाकर सोई हुई थीं पर शैली के कारण उनकी नींद खुल गई और दोनों कमरे से बाहर निकल आयीं।

मिशेल: “क्या हुआ? इतनी गुस्से में क्यों ही?”

शैली की आँखों से अंगार बरस रहे थे, उसने ईव को देखा और बोली, “मामी आपका लड़का बहुत असभ्य है.”

ईव सकपका गई, “क्या हुआ? बताओ तो कुछ.”

शैली, “मेरी दो क्लास थीं तो मैंने उसे शिरीन के साथ छोड़ दिया था कॉलेज दिखने के लिए. पर आपके साहबजादे शिरीन को लेकर गायब हो गए और फोन भी नहीं उठाया. शिरीन की बच्ची से तो मैं निपट लुंगी, पर आप भी मार्क को समझा देना, कि ऐसा व्यव्हार मुझे बिलकुल पसंद नहीं है.”

ईव: “ठीक है, शैली. आएगा तो उसे समझा दूंगी. अब शांत हो जाओ. वैसे डेविड कहाँ है उसने तो कहा था कि एक बजे आ जायेगा पर अब दो से भी अधिक समय हो चुका है.”

अचानक ही शैली का गुस्सा छू मंतर हो गया. उसने इस पूरे प्रकरण में ये तो सोचा ही नहीं था कि डेविड कहाँ है. और कहीं शिरीन मार्क को अपने ही घर तो नहीं ले गई. ऐसा हुआ तो डेविड ने जो उसे वचन दिया था वो टूट गया होगा.

“ओह, शिट!” शैली के मुंह से निकला, “मॉम अपने डेविड से बात की क्या?”

मिशेल: “नहीं तो, मैं और तुम्हारी मामी एक दूसरे को समझने में व्यस्त थे.” मिशेल के स्वर ने बता दिया कि वो कैसे व्यस्त थे.

शैली ने उन दोनों को देखा और मुस्कुरा दी, “गुड फॉर यू बोथ. मुझे भी मामी को समझना था, पर अभी पहले डेविड को ढूँढना होगा. मैं आती हूँ.”

ये कहकर शैली चली गई और ईव मिशेल का मुंह ताकने लगी. “ये क्या हुआ?”

मिशेल: “पक्का तो नहीं कह सकती, पर मेरा अनुमान है.”

ईव ने जिज्ञासा से उसे देखा, “क्या?”

मिशेल ने साँस भरी, “शायद डेविड शिरीन की माँ के पास गया था. शिरीन को अपने घर से दूर रखने का काम शैली का था. पर अब शैली को लग रहा है कि शिरीन मार्क को उसके ही घर ले गई है. और अगर ये सच निकला तो डेविस शैली को अच्छी सीख देगा. पर ये केवल अनुमान है. सच तो उन सबके आने पर ही पता चलेगा.”

“अब हम क्या करें?”

“अब क्या कर सकते हैं, जो होना था हो चुका। आशा करो कि शिरीन मार्क को कहीं और ले गयी हो.”

“पर आप डेविड को ऐसे जाने देती हो?”

“मुझे कहाँ कोई कुछ बताता है, सब कुछ बाद में ही पता चलता है. पर मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है. डेविड का जवान खून है, तो उसे रोकना सम्भव नहीं है.”

“तो अगर मार्क यहाँ रहा तो वो भी यही सब करेगा.”

“मेरी प्यारी ननद, तुम भी तो चार आदमियों से चुदवाकर आयी थीं. उसे मजा करने दो, जब तक कि ये उसकी पढाई में अड़चन न बने.”

ईव ने कुछ सोचते हुए हामी भरी. अब उन दोनों को इस रहस्य के खुलने की प्रतीक्षा करनी थी कि आखिर मार्क और डेविड थे कहाँ.

शैली ने अपने कमरे में जाकर डेविड को फ़ोन मिलाया.

“हैलो, डेविड?”

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एंजिल का घर:

शिरीन और मार्क की आवाज़ सुनकर एंजिल ने अपनी ऑंखें खोल दीं और देखा कि अब कमरे में दो और लोग भी थे. एक तो उसकी बेटी ही थी और एक दूसरा लड़का था, और वो भी नंगा. लड़के के लंड को देखकर एंजिल के मन की धड़कन बढ़ गई. डेविड ने उसकी भरपूर चुदाई की थी, और ये लड़का भी डेविड से किसी भी ओर से कम नहीं लग रहा था. क्या वो इतने भाग्यशाली है कि एक ही दिन में दो दो जवान तगड़े लौंड़ों से चुद सके? उसके आँखों में वासना की भूख जाग उठी.

एंजिल: “ये कौन है?”

शिरीन जो अभी भी सकते में थी, “ये डेविड का कसिन है, साउथ अफ्रीका से आया है, मैं मैं सोच रही थी कि ये तुम्हारे साथ…”

एंजिल समझ गई कि शिरीन इस लड़के को क्यों लाई थी. उसे अपनी बेटी पर बहुत प्यार आया.

एंजिल: “मैं तो आज डेविड को बुला चुकी थी, पर मार्क को भी खाली भेजना ठीक नहीं होगा. क्यों?”

शिरीन: “पर पर…”

मार्क की आँखों में एंजिल के नंगे शरीर को देखकर चमक आ गई थी.

मार्क: “शिरीन ने मुझे बोला था कि अगर मैं आपको संतुष्ट कर पाया तो वो भी मेरे साथ चुदाई करेगी. और आपको देखकर मैं बिना आपको चोदे लौटने वाला भी नहीं.”

डेविड हंसने लगा, “आंटीजी, क्या मैंने आपको संतुष्ट किया है.”

एंजिल: “बिलकुल.”

डेविड: “तो शिरीन, मेरे विचार से आंटीजी के कथन और तुम्हारे मार्क को दिए वचन के अनुसार मैं तुम्हें चोद सकता हूँ.”

मार्क: “और मैं आंटी को खुश करने का प्रयास करूंगा.”

सिरिन को कुछ समझ नहीं पड़ रहा था. एक समस्या ये भी थी कि उनके घर में एक ही शयनकक्ष था. माँ बेटी साथ ही सोती थीं. शिरीन के पिता के जाने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वो इससे बड़ा घर ले सकते. पर इस समस्या का हल भी एंजिल ने किसी अच्छी माँ के समान तुरंत ही निकाल लिया.

एंजिल: “शिरीन, ऐसा नहीं कि हमने एक दूसरे को चुदते हुए नहीं देखा है. अंतर यही है कि पहले एक ही लड़का होता था. तो आज हम एक साथ चुदवाती हैं इन दोनों भाइयों से, बड़ा मजा आएगा.”

शिरीन ने कुछ सोचा और फिर अपने कपड़े निकालने आरम्भ कर दिए, “आप सही कह रही हो, वैसे भी हमारे बीच में कुछ छुपा तो है नहीं.”

डेविड शिरीन की ओर बढ़ा तो एंजिल उठी, “मैं बाथरूम से सफाई करके आती हूँ. आज सच में बड़ा अच्छा दिन है. दो दो लंड से चुदने का अवसर मिला है, मेरी तो क्रिसमस जल्दी आ गयी.”

डेविड ने शिरीन को बाँहों में लिया और उसे चूमने लगा. एक हाथ से वो शिरीन की चूत को मसल रहा था. शिरीन उसके इस हमले से सिहर उठी और उसका एक हाथ अनायास ही डेविड के तने लंड को सहलाने लगा.

एंजिल बाहर निकली और उसके शरीर की मनोहर छटा ने मार्क को अचम्भित कर दिया. एंजिल ने आगे बढ़कर मार्क को पकड़ा और उसे चूमने लगी. कुछ ही पलों में माँ बेटी एक जैसे अपनी चूत को सहलाने और लंड मसलने में जुट गए.

एंजिल ने पहल की और मार्क को बिस्तर की ओर ले गई. बिस्तर पर उसे लिटाकर उसके लंड को चूसने लगी. मार्क आनंद से झूम गया. उसकी मन की इच्छा पूरी जो होने थी. डेविस शिरीन को भली भांति जानते हुए भी कभी उससे शारीरिक संबंध में नहीं बंधा था. दोनों को दूरी का कारण नहीं पता था और दोनों के मन में इसके लिए खेद था कि उन्होंने इतने वर्ष यूँ ही निकाल दिए थे. एक दूसरे में समाने को आतुर खड़े खड़े ही एक दूसरे के शरीर में समाने की चेष्टा कर रहे थे. शिरीन से अब रहा नहीं जा रहा था, उसने डेविड की आँखों में देखा और उसे संकेत किया तो डेविड उसे लेकर बिस्तर की ओर बढ़ गया.

बिस्तर बहुत बड़ा तो नहीं था, पर सिरिन ने अपने शरीर को ऐसे बिछाया कि वो उपयुक्त लगने लगा. डेविड उसकी चूत में झुक गया और उसे चाटने व्यस्त हो गया. शिरीन ने अपने साथ में अपनी माँ को मार्क के लंड को चूसते हुए देखा तो उसे कुछ ईर्ष्या पर डेविड ने उसकी चूत में वो संवेदनाएं जगायीं कि वो अपने सुख में खो गयी. हो सकता है कि उसे मार्क से भी चुदने का अवसर मिल ही जाये. डेविड ने किसी विशेषज्ञ के समान उसकी चूत हर कोने और रोम को अपने होंठों और जीभ से चाट कर उसे जल्दी ही अपने चरम पर लेकर झड़ा दिया. रस से भीगे हुए चेहरे को डेविड ने उठाकर शिरीन की ओर देखा तो उसकी आँखों में प्यार और वासना की मिली जुली कसक दिखी. शिरीन ने मुस्कुराकर डेविड को देखा और फिर उसे खड़ा होने का संकेत किया.

इस बार उसने डेविड को लिटाया और उसके लंड को चूसने लगी. वहीं पास में एंजिल ने मार्क के लंड को उपयुक्त रूप से चूस कर उसका स्वाद मन में बसा लिया था और अब समय था असली चुदाई का. उसने मार्क को उसी स्थान पर लेटे रहने दिया और अपनी दोनों टाँगे उसके दोनों और करते हुए अपनी बहती प्यासी चूत को मार्क के लंड पर रखा और उस पर बैठती गई. पूरा लंड अंदर लेने के बाद वो कुछ देर अपने अंदर घुसे हुए लंड का अनुभव संजोती रही फिर धीरे से उसके ऊपर उठने बैठने लगी.

शिरीन डेविड के लंड को किसी लॉलीपॉप के समान चूस रही थी, पर ये विदित था कि उसे इसका कोई विशेष ज्ञान नहीं था. पर डेविड आज उसे रोकने वाला नहीं था. उसने निर्णय किया कि अगली बार वो शिरीन को इसके बारे में समझायेगा. डेविड के फोन की घंटी बजी तो उसने टेबल पर देखा जहां उसका फोन रखा था. उसने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया और शिरीन के मुंह में अपने लंड को कुछ कुछ बढ़ाने लगा. फिर उसने सोचा कि ये बाद में भी किया सकता है. उसने शिरीन को संकेत किया कि वो अब हट जाये. शिरीन जब हटी तो डेविड ने फोन अपने पास ही लेकर रख लिया। उसने ये नहीं देखा कि किसने कॉल किया था. फोन पास में रखकर उसने शिरीन को लिटाया और उसकी चूत पर लंड लगाते हुए बड़े संयम से उसकी चूत में अपना लंड उतारने लगा.

शिरीन की ऑंखें बंद थीं और वो डेविड के लंड को उसकी चूत को भेदने के सुख की अनुभूति में खोई हुई थी. उसके चेहरे पर एक स्वप्निल मुस्कान थी. तभी डेविड का फोन फिर बज उठा. देखा तो शैली थी.

उसने फोन उठाया, “हैलो।”

शिरीन ने आंख खोली तो डेविड ने उसे चुप रहने का संकेत किया. शिरीन ने सिर हिलाकर ऑंखें बंद कर लीं।

शैली: “डेविड, तुम कहाँ हो?”

डेविड: “जहाँ मैं बताया था.”

शैली: “तुमने शिरीन को तो नहीं देखा?”

डेविड: “रुको, मैं कॉल करता हूँ.”

फिर डेविड ने वीडियो कॉल लगाया. शैली ने जब फोन उठाया तो डेविड ने फ्रंट कैमरा ऑन किया. शैली को शिरीन का चेहरा दिखाई दिया. फोन चलता रखते हुए डेविड ने धक्के लगाए तो शैली को समझ आ गया कि डेविड शिरीन को चोद रहा है. मजा लेने के लिए डेविड ने फोन घुमाकर एंजिल की ओर किया जहाँ मार्क और एंजिल चुदाई कर रहे थे. इसके बाद उसने फोन काटा और मूक कर दिया. इस पूरे प्रकरण से अन्य सभी अनिभिज्ञ थे. शैली अब कुछ निश्चिन्त हो गई. ये पक्का था कि डेविड उससे गुस्सा तो नहीं रहेगा.

डेविड नीचे लेटी शिरीन को अब हल्के धक्कों से चोदने लगा.

उसका ध्यान शिरीन के मासूम चेहरे पर छाए हुए आनंद पर था. शिरीन और उसकी माँ उसके पिता के जाने के बाद जिस स्थिति से जूझ रहे थे, उसमे भी शिरीन ने अपना भोलापन बचाकर रखा था. वो केवल अपनी माँ को खुश रखने के लिए अन्य लड़कों से चुदवाती थी, पर ये विदित हो गया था कि वो चुदाई में निपुण नहीं है. डेविड उसे इसिलए बहुत ही प्यार से चोद रहा था जिससे वो इस चुदाई को सदैव याद रखे.

उधर एंजिल के मार्क के लंड पर कूदने की गति शिथिल पड़ चुकी थी. मार्क ने इसे समझा और कम स्थान होने के पश्चात भी किसी प्रकार से एंजिल को पलट कर नीचे कर दिया और उसके ऊपर चढ़ कर चोदने लगा. एंजिल की आत्मा तृप्त हो रही थी. मार्क ने अपनी चुदाई की गति बढ़ा दी और चूँकि डेविड ने पहले ही एंजिल की चूत को कुछ ढीला कर दिया था, तो मार्क को अधिक परिश्रम करना पड़ रहा था. पर वो अपनी पहली भारतीय चूत का भरपूर आनंद लेना चाहता था. उसके धक्कों से एंजिल का शरीर कांप उठता और बिस्तर भी हिल रहा था. डेविड के तो धक्के इतने प्रेम भरे थे कि उसका अनुभव भी नहीं हो रहा था.

एंजिल के मुंह से अब सीत्कारें और घुटी हुई चीखें निकल रही थीं और अब उसकी चूत से रस की धार छूट रही थीं. मार्क के लंड छप छप की ध्वनि के साथ उसकी बहती हुई चूत में चप्पू चला रहा था.

“उह, उह , उहहहह “ ये शिरीन की आवाज़ थी जिसका शरीर अकड़ रहा था और सम्भवतः वो अपने चरम बिंदु को स्पर्श कर रही थी. डेविड ने अब अपनी गति कुछ बढ़ा दी जिससे कि शिरीन अपने आनंद क़ शिखर से जल्दी नीचे न उतर पाए. वो इस सुंदर भोली लड़की, जो उसकी बहन की घनिष्ठ मित्र थी, जीवन का वो सुख देना चाहता था जिसे वो सदा के लिए याद रखे. परन्तु डेविड को इस विषय में अधिक चिंता की आवश्यकता नहीं थी. शिरीन का लरजता शरीर इस अनुभव को सदा के लिए आत्मसात करने में व्यस्त था. शिरीन का मन मस्तिष्क इन क्षणों को कभी भी नहीं भूलने वाला था. सम्भवतः भविष्य में उसे डेविड की भांति और भी चोदने वाले मिलेंगे, पर ये इस आनंद की पराकाष्ठा का उसका पहला अनुभव था.

मार्क की गति अब इतनी तीव्र हो गयी थी कि एंजिल उसके लंड के लिए एक खिलौना मात्र बन गई थी. वो इस पूरी चुदाई में अब तक न जाने कितनी ही बार झड़ चुकी थी, हर बार वो यही समझती कि बस अब और नहीं, पर उसका शरीर उसे चुदाई की लहरों में ऊपर नीचे ले जा रहा था. ऊंचाई से वो जिस तेजी से नीचे आती थी, मार्क की चुदाई उसे उससे भी अधिक तेजी से फिर लहर के ऊपर ले जाती. अगर डेविड से चुदवा कर उसे आनंद मिला था तो मार्क ने उसे परमानंद की अनुभूति करा दी थी. अपनी चूत में मार्क के फूलते हुए लंड का आभास होने से उसे पता चल गया कि अब मार्क भी झड़ने के निकट है.

“मुंह में, मेरे मुंह में झड़ना, प्लीज़” उसने अनुरोध किया. मार्क ने अपने लंड को बाहर निकाला तो एंजिल को अपनी चूत में एक खालीपन सा लगा. मार्क ने तेजी से उसके मुंह पर अपना लंड रखा और जैसे ही एंजिल ने मुंह खोलकर उसे अंदर लिया मार्क के लंड से रस की पट्टियाँ निकलीं जिसने उसके गले तक उसे सींच दिया. एंजिल इतने अधिक कामरस के लिए तैयार नहीं थी, उसे सारा रस पीना ही पड़ा. उसे मार्क का स्वाद बहुत अच्छा लगा और वो मार्क के लंड के बाहर निकलने के बाद भी उसे अपने मुंह में संजोये रही.

डेविड ने भी देखा कि शिरीन अब निढाल हो चुकी थी और वो भी झड़ने वाला था. पर उसने अधिक कुछ न सोचते हुए जैसे ही वो झड़ने लगा अपने लंड को बाहर निकाला और शिरीन के सपाट पेट के ऊपर ही अपने रस की वर्षा कर दी. लंड बाहर निकने पर शिरीन ने भी ऑंखें खोलीं और उसकी आँखों में डेविड के प्रति प्रेम स्पष्ट दिख रहा था. डेविड ने उसे मुस्कुरा कर देखा. शिरीन ने अपने हाथ अपने पेट पर बह रहे रस में डाले और उसे लेकर चाटने लगी.

“बाहर क्यों छोड़ा, मेरे मुंह में क्यों नहीं?” उसने डेविड से प्रश्न किया.

“मुझे पता नहीं था कि तुम्हे अच्छा लगेगा या नहीं. अगर तुम्हें अच्छा लगा है, तो अगली बार अवश्य इसका स्वाद तुम्हें चखाऊंगा।”

“अब मुझे चोदने में इतने दिन तो नहीं लगाओगे? सच में तुमसे चुदने के बाद अब मेरा इसके बिना मन नहीं लगेगा.”

“नहीं, अब हम जल्दी मिला करेंगे.”

फिर डेविड ने समय देखा तो चौंक गया. उन्हें बहुत देर हो चुकी थी. उसने मार्क से कहा कि अब उन्हें जल्दी ही निकलना होगा.

एंजिल ने इस बार अपनी बात रखी, “डेविड, मार्क. तुम दोनों ने मुझे अथाह सुख दिया है. डेविड, मैंने सोचा था कि आज मैं तुमसे अपनी गांड भी मरवाऊँगी। पर मुझे लगता है कि उसके लिए मुझे कुछ और दिन प्रतीक्षा करनी होगी. हाँ, और मार्क, ये प्रस्ताव तुम्हारे लिए भी है, पर डेविड के बाद.”

डेविड और मार्क एक दूसरे को देखकर मुस्कुराये.

डेविड: “आंटीजी, आप जब बुलाओगी, हम आपकी सेवा के लिए प्रस्तुत हो जायेंगे. बस एक शर्त है, शिरीन भी साथ होनी चाहिए.”

एंजिल: “मैं इसका ध्यान रखूंगी.”

मार्क और डेविड ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और माँ बेटी से अनुमति लेकर अपने घर के लिए निकल गए.

********
 
मिशेल का घर:

डेविड से बात करने के बाद शैली दुविधा में थी. एक ओर वो खुश थी कि शिरीन को डेविड जैसे तगड़े लंड से छोड़ने का सौभाग्य मिला था, वहीं उसे डेविड द्वारा दिए जाने वाले उपहार के न मिलने का भी था. पर उसने सोचा कि डेविड उसे उपहार दे ही देगा. आज या कल. ये सोचकर वो मुस्कुराती हुई बैठक में लौट आयी.

“डेविड का पता लगा? मार्क का?” मिशेल ने अधीरता से पूछा.

“हाँ दोनों साथ ही हैं.”

“मतलब..”

“शिरीन मार्क को उसके घर ही ले गई थी. पर डेविड वहां पहले से ही था. उसने मुझे वीडियो कॉल में दिखाया कि वो शिरीन को चोद रहा था और मार्क उसकी मॉम एंजिल को.”

“ओह गॉड! शॉकिंग!” ईव के मुंह से निकला.

“क्यों मामी हम सब भी तो एक दूसरे के साथ…”

“ओह, इट इस ओके.” मिशेल ने बात संभाली.

शैली ने अपनी मामी के गदराये शरीर को देखते हुए कहा, “मामी, मुझे भी आपके साथ मॉम के जैसे कुछ समय बिताना है.”

ईव: “शैली, मुझे भी ख़ुशी होगी. पर आज देर हो चुकी है, इसे हम कल के लिए स्थगित कर देते हैं. वैसे भी कुछ ही देर में सब लौटने ही वाले हैं, और तुमने अभी तक खाना भी नहीं खाया है.”

शैली, “हाँ, मुझे भूख तो बहुत लगी है. मैं खाना खा ही लेती हूँ.”

खाने के बाद शैली अपनी मॉम की बगल में बैठ गई.

“तो आज रात का क्या कार्यक्रम है?”

“व्ही जो कल था, पर आज जल्दी शुरू करेंगे.”

“गुड़, मुझे भी मार्क की परीक्षा लेनी है. और पापा लगता है आज मामी को नहीं छोड़ने वाले.”

“आई होप सो.” ईव ने कहा तो मिशेल हंस पड़ी.

मिशेल, “लगता है आज मुझे फिर जैसन ही मिलने वाला है. डेविड का मन ऐलिस पर आया हुआ है.”

शैली: “मॉम, अपने अभी तक मामा से गांड नहीं मरवाई है, आज उसे भी कर लो.”

“ऊह , ये सच कहा तुमने. वैसे शैली जैसन की भी तुम्हारी गांड के लिए कुछ ऐसी ही इच्छा है.”

” वो भी पूरी हो जाएगी मॉम, अभी तो दो ही दिन हुए हैं.”

तीनों हंस पड़ीं और अन्य बातों में व्यस्त हो गयीं.

डेविड ने देखा कि शैली उसे कुछ कहना चाह रही थी. दोनों उठकर बाहर गए.

“डेविड, तुम शिरीन के बारे में क्या सोचते हो.”

“मुझे वो सच्ची और अच्छी लगी. पर उनकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. क्या हम कुछ कर सकते हैं.”

“देखते हैं. क्या तुम उसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहोगे.”

“मुझे तो ये ठीक लगता है. यस , मुझे उसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना अच्छा लगेगा.”

“पता है, वो तुम्हे कई दिनों से चाहती है, पर कुछ भी कहने में झिझक रही थी.”

“कोई बात नहीं, अब मैं बात करूंगा. और शैली, तुम्हारा पुरुस्कार तुम्हें मिलेगा.”

“थैंक्स, ब्रो।”

ये कहकर दोनों अंदर आ गए. सोफे पर बैठकर जैसन और रिचर्ड व्हिस्की पी रहे थे. ईव ने मिशेल की ओर देखा. मिशेल ने समझते हुए बात आरम्भ की.

मिशेल: “जैसन, मैं ये सोच रही थी, कि अगर तुम ये नया व्यापर आरम्भ कर ही रहे हो तो क्यों नहीं तुम इसका उत्तरादित्व ईव को दे देते. ऐसे मैं वो हर दो महीने में आ सकेगी. मार्क के यहाँ रहने के कारण उसे भी घर की इतनी याद नहीं सताएगी.”

जैसन ने रिचर्ड को देखा, “मुझे तो ये ठीक लगता है. मेरे पास वैसे भी इतना काम है कि मेरा इतनी जल्दी जल्दी आना सम्भव नहीं है. अगर ईव ये चाहती है, तो मुझे स्वीकार है.”

ईव: “हाँ, मैं भी इसके लिए स्वीकृति देती हूँ.”

रिचर्ड: “तो फिर इस नयी कम्पनी के पंजीकरण में ईव का ही नाम देते हैं.”

शैली, “मामी, आप जो इतने दिनों के बीच आएंगी, आपको नहीं लगता कि आपके पास कोई विश्वस्त होना चाहिए जो आपकी अनुपस्थिति में आपको सब बातों की सूचना देता रहे?”

ईव: “हाँ, ये भी ठीक है, हमें किसी को देखना होगा.”

शैली ने डेविड की ओर देखकर कहा, “और अगर मैं कहूं कि मैं किसी को जानती हूँ, तो?”

मिशेल बोल पड़ी: “एंजिल ! तुम एंजिल की बात कर रही हो न?”

शैली: “यस, मॉम !”

मिशेल: “ईव, शैली सही कह रही है. एंजिल इसकी पक्की सहेली की माँ है और बहुत अच्छी स्त्री है. और मेरे विचार से वो बहुत निश्छल स्त्री है. शैली, मेरे विचार से भी एंजिल इस कार्य के लिए उपयुक्त रहेगी.”

ईव: “ठीक है, पंजीकरण के बाद हम उससे मिलेंगे.”

मार्क जो अब तक चुप था बोला : “मॉम दिस इस ग्रेट. यू कैन कीप कमिंग हियर. वाओ.”

सभी लोग इस निर्णय से संतुष्ट थे. डेविड ने शैली को देखकर मूक स्वर में धन्यवाद कहा. शैली ने उसे आंख मारी।

फिर ड्रिंक्स का क्रम चला, जिसमें रिचर्ड और जैसन व्हिस्की पीते रहे, स्त्रियों ने वाइन ली और लड़कों ने बियर. दो राउंड के बाद खाने का समय हो गया.

खाने के बाद ये चर्चा हुई कि सीधे क्रीड़ांगन में जाना है या कुछ देर और बैठना है. फिर ये निश्चित हुआ कि नीचे ही पूल के पास बैठकर बातें करेंगे. घर को ठीक से बंद करने के बाद मिशेल ने चतुर प्रबंधक के जैसे चारों बच्चों को काम पर लगाया. किसी को तौलिये, किसी को अल्पाहार तो किसी को व्हिस्की, वाइन और बियर नीचे ले जाने का आदेश दिया. चारों ने ये सारे काम शीघ्रता से निपटा दिए. घर का एक बार निरीक्षण करने के बाद सभी क्रीड़ांगन में चले गए.

वहाँ पर मार्क और डेविड ने पूल की कुर्सियों को गोलाई में लगा कर बीच में एक टेबल लगाई हुई थी. मिशेल ने दोनों को इस उत्तम व्यवस्था के लिए प्रशंसा दी. सब बैठ कर इतने दिनों में क्या कुछ घटित हुआ इस पर बातें करते रहे. हालाँकि सभी पी रहे थे पर कोई भी इतनी जल्दी नहीं पी रहा था कि नशे में धुत हो जाये. ईव के परिवार ने उनके देश में चल रहे सामाजिक और राजनितिक के बारे में भी बताया. डेविड और शैली को इसमें कोई खास रूचि नहीं थी, इसीलिए वो अपने कपड़े निकाल कर तैराकी करने लगे. जब तक वार्ड परिवार की बात समाप्त हुई डेविड और शैली बाहर निकलकर तौलिये में ही लपटे हुए बैठ गए.

मार्क की आगे की पढ़ाई के भी बातें चलीं. ऐलिस भी सम्भवतः अगले वर्ष यहीं पढ़ने के लिए आ जाये. इससे ईव का यहाँ निरंतर आने का एक और कारण जुड़ गया. पर उन्हें ये भी लगा कि जैसन अब अधिक अकेला पड़ जायेगा. जैसन ने इस बात पर कोई विशेष टिप्पणी नहीं की. उसके विचार में ये जीवन का हिस्सा थे. और ईव यहां वर्ष में अधिकतम साठ दिन ही रहने वाली थी जिसमें से केवल तीस दिन ही वो अकेली आएगी, अन्य तीस दिनों में जैसन भी रहेगा.

मार्क और ऐलिस भी उठकर तैरने के लिए चले गए. डेविड और शैली अंदर कमरे को ठीक करने में लग गए थे. अवसर देखकर ईव ने कहा, “मिशेल और मैं कल रिकी और अन्य तीनों को यहां आमंत्रित करना चाहते हैं. दूसरा ये भी है कि दो दिन बाद क्रिसमस का क्या प्रबंध किया जाये. और तीसरा, ये कि रिकी और साथियों को वो क्रिसमस में यहां नहीं बुलाना चाहती, पर अगर उनके मनोरंजन का कोई उपयुक्त प्रबंध हो सके तो अच्छा रहेगा.”

रिचर्ड बोला, “कल वो चारों आ सकते हैं. और मुझे कोई आपत्ति नहीं. पर केवल इसी स्थान का प्रयोग करना. अपने किसी भी शयनकक्ष में नहीं खेलना. क्रिसमस के लिए भी मैंने कुछ प्रबंध किया है, कल सुबह बताऊँगा, एक बार पुष्टि हो जाये. और मैं आकार से पूछूंगा उसकी सेक्रेटरी निशा के बारे में उसने कहा था कि वो किसी भी समय मनोरंजन के लिए उपलब्ध रहती है. उसकी कोई और भी सहेली हो तो अच्छा होगा.”

“क्या आकार से अभी पूछ सकते हो.” मिशेल ने जिद की.

“ठीक है, मैं ऊपर जाकर फोन पर पूछता हूँ.” रिचर्ड उठते हुए बोला।

रिचर्ड चला गया और मिशेल और ईव कपड़े उतारकर तरणताल में कूद गयीं. जैसन ने देखा कि वो अकेला ही है तो उसने भी तुरंत कपड़े फेंके और वो भी अंदर कूद गया. रिचर्ड जब तक आया तो वे तीनों तैराकी कर रहे थे. रिचर्ड ने भी उनके साथ तैरने के लिए कूद पड़ा.

कुछ देर तैरने के बाद सब एक ओर रुक कर साँस संयत करने लगे. तब रिचर्ड ने बताया कि आकार ने विश्वास दिलाया है कि वो निशा से कह देगा और निशा पहले भी इस प्रकार के आयोजन कर चुकी है, क्योंकि उसके भी विदेशी अथिति आते रहते हैं. इससे आश्वस्त होकर मिशेल और ईव ने अपनी प्रसन्नता दिखाई और अपने पति को चूम लिया. गहरे चुंबनों के बीच रिचर्ड और जैसन के हाथ अपनी पत्नियों के नितम्बों को दबाने लगे. पर जैसे ही जैसन ने ईव की चूत को चुने का प्रयत्न किया तो वो छिटक गयी.

“जैसन! तुम जानते हो आज रिचर्ड मुझे चोदेगा न कि तुम! प्लीज़”

“ओके बेबी, तो फिर देर किस बात की. मुझे भी अपनी बहन की एक बार और चुदाई करने का मन है.”

मिशेल और ईव ने अपने स्थान परिवर्तिति किये और मिशेल जैसन की बाँहों में झूम गयी और उसे चूमने लगी. वहीं ईव ने रिचर्ड को चूमते हुए उसकी बाँहों में अपने आप को छोड़ दिया. चूमते हुए जीजा साले ने अपनी साथी स्त्री को उठाकर ताल के कोने पर बैठाया और उनकी जाँघे फैलाकर उनकी चूत का रस लेने लगे. ईव और मिशेल की किलकारियां सुनकर डेविड, शैली, मार्क और ऐलिस कमरे से निकले और देखा कि उनके अभिवाहक अपने खेल में तल्लीन हैं. चारों ने एक दूसरे को देखा और लगभग दौड़कर कमरे में घुस गए और एक बिस्तर पर ढेर हो गए.

ऐलिस और शैली ने लौंड़ों को अपने मुंहे में लेकर चूसने में देर नहीं की. उन्हें पहले लगता था कि सब साथ ही रहेंगे कल जैसे, और इसीलिए वे रुके हुए थे. पर अब इसका कोई अर्थ नहीं था. डेविड और मार्क के लंड पहले से ही फटने को आतुर थे. हालाँकि दिन में चुदाई की थी,पर यही जवान होने का लाभ है कि लंड चुदाई के लिए कभी झुकता नहीं.

“लैट अस 69” मार्क ने सुझाव दिया. और पल भर में ही आसन बदले और इस बार डेविड ऐलिस की चूत में मुंह डालकर चूसने लगा और ऐलिस उसका लंड. यही स्थिति मार्क और शैली की भी थी.

लड़कियों को अपनी चूत में चल रही जीभों से भी उतना ही आनंद मिल रहा था जितना उन्हें लंड चूसने में मिल रहा था. दोनों का अपना अलग सुख था और इस समय वो इन दोनों में ही लीन थीं. लड़कों को भी चूत चाटने का बहुत शौक था और इसमें उन्हें उतना ही आनंद मिल रहा था जितना लंड चुसवाने में. उनके मोटे लंड पर चलती हुई मलमली जीभ और मुंह के अंदर की गर्मी, चूत या गांड का तो नहीं परन्तु एक अन्य आनंद का स्त्रोत थी.

ईव और मिशेल की चूत से छूटता हुआ रस केवल रिचर्ड और जैसन के मुंह में ही नहीं गिर रहा था, बल्कि उसका एक अच्छा हिस्सा ताल के जल में भी अपना रास्ता बना रहा था. पर इससे कोई व्यथित नहीं था. जिस रस को पीना सम्भव था उसमे नहाने में कोई समस्या ही नहीं थी. अब तक ईव और मिशेल अपनी टाँगे ताल में छोड़कर किनारे पर लेट चुकी थीं और उनका शरीर अपनी चूत में चल रही जीभ की गतिविधि से छटपटा रहा था. रिचर्ड अब ईव को चोदने के लिए उतावला था. उसने ही पहल करते हुए अपने चेहरे को ईव की चूत से हटाया.

“हमें अब अंदर चलना चाहिए.” जैसन ने ये सुनकर मिशेल की चूत में से मुंह निकाला और ताल के बाहर उछाल मारी। रिचर्ड भी ताल के बाहर आया और उसने ईव का हाथ पकड़ा और कमरे की ओर बढ़ा.

“लगता है बच्चे पहले ही बाजी मर चुके हैं.” ईव ने कमरे के अंदर चल रहे रास को देखकर कहा.

“हमारी प्रतीक्षा में तक गए होंगे.”

कमरे में जाने पर चारों बच्चों ने अंदर आते अपने माता पिता को देखा पर कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं दी. ईव ने एक बिस्तर चुना और उसपर लेटकर अपनी पैर फैलाये और अपनी उँगलियों से चूत की पंखुड़ियों को अलग करते हुए रिचर्ड को आमंत्रण दिया,“कम,फक मी नाउ.”

रिचर्ड वैसे भी रुकने वाला तो था नहीं उसने अपने लंड का निशाना साधा और ईव की रसीली चूत में एक ही बार में जड़ तक अपने लंड को पेल दिया.

“येह, देट इस द वे टू फक मी.” ईव ने सीत्कारी लेते हुए कहा. “नाउ, डोंट स्टॉप, कीप फकिंग मी हार्ड एंड फ़ास्ट.”

रिचर्ड भी ऐसे ही चुदाई के लिए लालायित था और उसने अपने लंड के प्रबल प्रहारों से ईव की चूत को पेलना आरम्भ कर दिया. ईव की चीखों से अन्य सभी कुछ देर के लिए व्याकुल हुए, पर फिर अपने काम पर लग गए.

“हे सिस, हाउ डू यू वांट टू फक?” जैसन ने मिशेल से पूछा.

“मेरी गांड में, पर पहले मेरी चूत से अपने लंड को गीला कर लो. तुमसे गांड मरवाये हुए वर्षों हो गए.” मिशेल बोली।

“हाँ, इतने सालों के बाद भी मुझे तुम्हारी गांड मारने वाले दिन आज भी याद आते हैं.” जैसन ने कहा.

इस बात पर ऐलिस ने डेविड के लंड से मुंह हटाकर अपने पिता को देखा, “डैड, आप हर बार यही बोलते हो. मुझे भी और मॉम को भी. इस डायलॉग को थोड़ा बदलो अब.”

जैसन: “बिलकुल नहीं, जो सच है वही तो कहता हूँ.” जैसन अपने लंड को मिशेल की चूत में डालते हुए बोला। “मुझे तुम्हारी गांड मारने वाले दिन आज भी याद आते हैं.”

“ओफ्फोह, डैड, आप भी!” कहकर ऐलिस ने डेविड से कहा, “डेविड, ब्रो। टाइम टू फक मी।”

ये कहकर ऐलिस ने अपने आसन को बदलते हुए डेविड के छत को ताकते लंड के दोनों ओर पांव रखे और उसके लंड पर चूत लगाकर बैठती चली गई. जब उसने पूरे लंड को अंदर कर लिया तो ठहरी और डेविड को देखकर बोली, “वाओ, यू हैव ए नाइस बिग फैट कॉक. लवली.”

डेविड: “थैंक्स सिस, मुझे ख़ुशी हुई कि तुम्हें पसंद आया.”

ऐलिस अब उसके लंड पर उछलकूद करने लगी.

अब शैली ही थी जिसकी चुदाई अभी भी नहीं हुई थी और वो इस कमी को पूरा करने के लिए उत्सुक थी. उसने मार्क के लंड को चूसना बंद किया और अपनी मामी के समान बिस्तर पर पैर फैलाये और मार्क को चोदने का निमंत्रण दिया. मार्क भी अब पूरी तरह चुदाई के ही मूड में था तो उसने भी अपने लंड को शैली की कमसिन चूत पर रखा और बड़े प्रेम के साथ धीरे धीरे पूरे लंड को शैली की गहराई में धकेल दिया. शैली की ऑंखें बंद थीं, पर उसके होंठ पर एक मुस्कुराहट थी. मार्क को उसपर बड़ा प्यार आया और उसने झुककर शैली के होंठ चूम लिए. शैली ने ऑंखें खोलीं और मार्क की आँखों में झाँका. और फिर होंठ मिलकर दोनों चुम्बन लेने लगे. मार्क उसकी बहुत हल्की गति से चुदाई कर रहा था.

“थोड़ा तेज करो न, प्लीज.” शैली ने मार्क से कहा तो मार्क ने गति बढ़ा दी परन्तु ये अभी भी मध्यम ही थी. शैली को इसमें आनंद मिल रहा था और उसने भी अपने कूल्हे उचका कर मार्क के लंड को अंदर लेने में उसकी सहायता की.

मिशेल की चूत के रस से पर्याप्त रूप से अपने लंड को सेकने और रस से भिगा लेने के बाद जैसन ने मिशेल को घोड़ी के आसन में आने का सुझाव दिया. मिशेल तो न जाने कब से इस समय की प्रतीक्षा में थी. वो तुरंत ही पलटी और घोड़ी बनकर, अपनी गांड को हिलाया और फिर ऊपर की ओर किया. अपने सिर को नीचे तकिये पर रखा. मिशेल का सुडौल शरीर इस आसन में बहुत ही आकर्षक लग रहा था. जैसन ने मिशेल की चूत में अपनी तीन उँगलियाँ डालीं और उन्हें एक एक करके उसने मिशेल की गांड में डाला. इससे मिशेल की गांड में भी कुछ नमी बन गई जो जैसन को उसकी गांड मारने के लिए आवश्यक थी.

“सिस , इतने वर्षों बाद मैं फिर तुम्हारी गांड में घुस रहा हूँ.”

“वेलकम इन माई बैक होल डियर ब्रदर.” मिशेल ने फिर गांड मटकाई।

जैसन ने उसके नितम्बों को थामा और फिर दाएं हाथ के सहयोग से मिशेल की गांड में अपने लंड का सुपाड़ा अंदर कर दिया. मिशेल थोड़ा कसमसाई, पर उसने अपनी गांड उछाली और जैसन को संकेत किया कि वो आगे बढ़े.

“शी लाइक्स इट हार्ड एंड फ़ास्ट, सो फक हर गुड.” रिचर्ड ने उसे मिशेल की पसंद से अवगत कराया.

जैसन ने रिचर्ड की बात पर अपने लंड के बाकी हिस्से को एक अच्छे तगड़े धक्के के साथ मिशेल की तंग गांड में अंदर तक पेल दिया.

“आई लाइक इट, ब्रो। आई लव इट. नाउ फक माई आस एंड मेक मी हैप्पी.”

“ओके,सिस डियर,एस यू से.”जैसन ने गांड में अपने लंड से चुदाई आरम्भ करते हुए कुछ ही देर में द्रुत गति प्राप्त कर ली.

ऐलिस अब डेविड के लौड़े पर कूदते हुए तक सी गई थी, तो डेविड ने उसको पतली कमर में हाथ डाला और पलट गया. अब ऐलिस उसके नीचे थी और डेविड उसके ऊपर. ऐलिस की उछलकूद से डेविड को ये पता था कि ऐलिस भी तेज चुदाई की ही इच्छा रखती थी, और उसने उसे भी देने का निर्णय लिया. उसके लंड की लम्बी शक्तिशाली थापों से ऐलिस की चूत द्रवित हो गई. उसकी हल्की चीखें निकल रही थीं पर डेविड पर तो अब जैसे भूत स्वर था. वो बिना रुके ऐलिस को चोदे जा रहा था. ऐलिस की आनंदातिरेक चीखें कमरे में गूंज रही थीं. पर ऐसा नहीं था कि उसकी ही ध्वनि से कमरा हिल रहा था.

उसकी माँ ईव की भी इस समय तीव्र और गहरी चुदाई हो रही थी और रिचर्ड अपने पूरे सामर्थ्य से उसे चोद रहा था. माँ बेटी की किलकारियां, सिसकारियां और चीखें जैसे लयबद्ध रूप में एक नए संगीत को जन्म दे रही थीं. मिशेल अनाव्यशक रूप से शांत थी और वो जैसन से अपनी गांड मरवाते हुए केवल अपनी कमर उछाल कर जैसन के लंड को जितना सम्भव हो उतना अपनी गांड में समाने का पर्यटन कर रही थी. जैसन भी उसकी इस ताल में ताल मिलकर उसकी गांड की गहराइयों तक अपने लंड के हमले तेज कर रहा था. सबसे शांत और आनंद में इस समय शैली थी. मार्क और उसकी चुदाई उसी मंथर गति से चल रही थी. दोनों जैसे किसी जल्दी में नहीं थे और उनकी चुदाई प्रेमालाप अधिक लग रही थी.

मिशेल की संकरी तंग गांड का ही प्रभाव था कि जैसन से अब रुका नहीं जा रहा था. उसने मिशेल को बताया कि वो झड़ने के निकट है, और वो क्या चाहती है. मिशेल ने उसे गांड में ही पानी छोड़ने के लिए कहा. अब जैसन को और संयम की आवश्यकता नहीं थी. उसके शरीर ने अकड़कर अपना रस मिशेल की गांड में छोड़ दिया. मिशेल ने अपनी गांड सिकोड़ते हुए जैसन के लंड को जैसे चूस डाला और उसकी हर बून्द को अपने अंदर आत्मसात कर लिया.

ऐलिस की चूत अब और झड़ने के लायक नहीं बची थी, और डेविड ने भी अपने लंड की तीव्र धक्कों में और बढ़ोत्तरी करते हुए उसकी चूत मो अपने पानी से सींच डाला. उसने आगे झुककर ऐलिस के होंठों पर अपने होंठ रखे और दोनों एक दूसरे के साथ झड़ते हुए चूमने लगे.

ऐलिस: “देट वास ए गुड फक, ब्रो। आई लव्ड इट.”

डेविड ने उसे फिर चूमा,”इट वास रिअली ग्रेट, सिस.”

इसके बाद डेविड हटकर बैठ गया और अन्य जोड़ों को देखा. जैसन अपने लंड को उसकी माँ की गांड से बाहर निकाल रहा था. निकलते ही उसकी माँ की गांड में से सफेद तरल पदार्थ बहने लगा. डेविड का मन हुआ कि वो अपनी माँ की गांड में अपना लंड पेल दे. पर अपने लंड को देखा तो उसे आभास हुआ कि अभी सम्भव नहीं है. उसके पिता भी अब कुछ डगमगा रहे थे और मामी भी किंचित ठंडी पड़ रही थी. रिचर्ड ने कुछ ही पलों में एक चिंगाड के साथ अपने लंड को ईव की चूत में अंदर पेल कर उसे अपने पानी से भर दिया. डेविड को ये दृश्य भी बहुत मनोहर लगा और वो अपने कल मामी की चुदाई क क्षणों को याद करने लगा.

मार्क और शैली के प्रेम मिलन को देखकर उसे अपनी बहन के ऊपर स्वयं भी प्रेम आया. मार्क अब रुक चूका था, उनकी गति और सहजता से ये पता भी नहीं चला था कि उसकी चुदाई समाप्त हो चुकी है. मार्क ने जब अपने लंड को बाहर निकाला तभी डेविड को पता लगा. उसे प्रसन्नता हुई कि मार्क ने शैली को इतने प्यार से संतुष्ट किया.

पुरुष अब एक ओर बैठ चुके थे. महिलाएं लेटी थीं पर वे भी एक एक करके उठीं और दूसरी ओर जा बैठीं. बैठते ही मिशेल की गांड से एक श्वेत धक्का गिरा, पर उसने अपनी गांड पर हाथ फैलाकर शेष बचे रस को अंदर सोख लिया.

रिचर्ड: ‘ड्रिंक!”

ये सुनकर मार्क और डेविड उछले और सबके लिए ड्रिंक का प्रबंध करने चले गए.

ईव: “दिस वेकेशन इस गोइँग टू बी ग्रेट फन.”

रिचर्ड: “कुछ ठहरो, और कल मेरे क्रिसमस के प्रबंध को भी देख लो.”

सबने तालियां बजायीं और इतने में डेविड और मार्क ड्रिंक्स लेकर आ गए.

“ड्रिंक फॉर टुनाइट। रात अभी बाकी है.!”

सबने चियर्स किया और फिर चुदाई के अगले चरण के लिए विचारमंथन करने लगे.

...... अगले भाग में
 
चौथा घर मिशेल और रिचर्ड डिसूज़ा

अध्याय ४.३

भाग ३

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मिशेल का घर:

रिचर्ड: “कुछ ठहरो,और कल मेरे क्रिसमस के प्रबंध को भी देख लो.”

सबने तालियां बजायीं और इतने में डेविड और मार्क ड्रिंक्स लेकर आ गए.

“ड्रिंक फॉर टुनाइट। रात अभी बाकी है.!”

सबने चियर्स किया और फिर चुदाई के अगले चरण के लिए विचारमंथन करने लगे.

...... अब आगे

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मिशेल का घर:

रात की चुदाई से कुछ थकान तो थी, पर सबके मन प्रफुल्लित भी थे. सुबह के नाश्ते के बाद सब अपने काम से निकल गए. बचे तो फिर ईव और मिशेल ही. ईव ने डॉन से बात की और उसे कार्यक्रम बताया. उसे ये भी बताया कि उनके लिए कुछ विशेष प्रबंध भी किया गया है, इसीलिए वो २५ को उपलब्ध रहें. डॉन ने उसे बताया कि वे सब आज दो बजे के बाद आ सकते हैं. इसके बाद ईव और मिशेल अपने घर के कामों में व्यस्त हो गयीं.

एक घंटे के बाद रिचर्ड ने फोन करके बताया कि उसके सम्पर्क ने उनका नए वर्ष का प्रबंध पक्का कर दिया है.

रिचर्ड: “मेरी इवान स्टोन से बात हुई है. उसने नए वर्ष के लिए हम सबके लिए प्रबंध कर दिया है. हम सभी को ३० दिसंबर को चलना होगा और हम १ जनवरी की शाम को लौटेंगे.”

मिशेल: “हम क्या कहीं बाहर जायेंगे?”

रिचर्ड: “हाँ,शहर से लगभग ३०० किमी दूर एक रिसोर्ट है, जो विशिष्ट आयोजनों के लिए जाना जाता है. किसी नेता का है, इसीलिए वहां पर किसी प्रकार से भी कोई निरीक्षण के लिए नहीं आता। वहाँ पर बहुत ही विशिष्ट लोगों को ही आमंत्रण दिया जाता है. इवान ने हम सबके लिए वहीं प्रबंध किया है. उसका कहना है कि ऐसा अनुभव हमने कभी नहीं लिया होगा.”

मिशेल: “क्या विशेषता है वहां की?”

रिचर्ड: “वहाँ वस्त्र नहीं पहने जाते. और केवल ५० लोग ही आमंत्रित होते हैं. यहाँ तक कि वहाँ का स्टाफ भी वस्त्र नहीं पहनता. तुम्हें कोई आपत्ति तो नहीं?”

मिशेल: “नहीं,बिलकुल नहीं. मुझे लगता है कि मुझे इवान को पुरुस्कृत करना होगा.”

रिचर्ड हँसते हुए: “उसे इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी.”

मिशेल: “और हाँ, डॉन और उसके मित्र २ बजे आएंगे. तो आप सब ६ बजे के पहले मत आना. बच्चों को भी दूर ही रखना, प्लीज.”

रिचर्ड: “ओके, डियर. आई विल टेक केयर. यू टू हैव फन.”

बात समाप्त होने पर मिशेल ने ईव को अपनी ओर उत्सुक दृष्टि से देखता पाया. उसने रिचर्ड के प्रबंध के बारे में बताया तो ईव की बांछें खिल उठीं.

ईव: “मैं भी इवान को गिफ्ट दूंगी.”

मिशेल: “ओके,उसमे समय है. चलो नीचे के क्रीड़ांगन को तैयार करते हैं.”

मिशेल और ईव फिर अपने काम में जुट गए. एक बजे दोनों ने खाना खाया और चारों अतिथियों की प्रतीक्षा करने लगीं.

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डेविड शैली के कॉलेज गया और उसने वहाँ शिरीन को ढूंढा. शिरीन उसे एक पेड़ की छाओं में पड़ती हुई दिखाई दी उसे कुछ देर यूँ ही देखने के बाद वो उसके निकट गया. शिरीन ने सिर उठाकर देखा और डेविड को देखकर उसके चेहरे पर ख़ुशी छा गई.

शिरीन: “डेविड,तुम यहाँ?”

डेविड: “हैलो शिरीन. क्या मैं यहाँ बैठ सकता हूँ?”

शिरीन: “बिलकुल. आज कॉलेज कैसे आ गए?”

डेविड: “मैं तुमसे ही मिलने आया हूँ. कुछ कहना चाहता हूँ.”

शिरीन के शरीर में झुरझुरी हुई,क्या डेविड वही कहेगा जो वो सुनना चाहती है?

शिरीन: “हाँ,बताओ.”

डेविड: “मैं चाहता हूँ कि तुम मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ.”

शिरीन: “ओह,डेविड. मैं तो कब से ये चाहती हूँ. पर मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी. तुम जानते ही हो हमारी स्थिति. कहाँ हम और कहाँ तुम.”

डेविड: “समय सदा एक जैसा नहीं रहता है. कल को तुम्हारा भी अच्छा समय आएगा. तुम जिस तरह पढ़ाई कर रही हो, एक दिन तुम बहुत सफल होने वाली हो. एक बात और है, मैं भी तुम्हें बहुत दिनों से चोरी छुपे चाहता था. पर कभी बोल नहीं पाया. तुम जानती तो हो ही कि मैं कितनी अन्य लड़कियों और स्त्रियों से सम्बन्ध रखता हूँ. पर कल मुझे विश्वास हो गया कि तुमसे मैं अधिक निकटता चाहता हूँ. तो क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी?”

शिरीन: “सौ प्रतिशत. और डेविड,मेरे लिए तुम्हें अपनी जीवन शैली बदलने की अभी आवश्यकता नहीं है. जिस दिन मुझे उससे परेशानी होगी,मैं बता दूंगी.”

डेविड: “ग्रेट. अपनी मॉम को बोल दो कि आज तुम देरी से होगी. हम तुम्हारे कॉलेज के बाद कहीं घूमने चलेंगे. अभी मैं चलता हूँ.”

शिरीन: “ओके” कहते हुए शिरीन ने अपना फोन निकाला और डेविड को बाय करते हुए अपनी माँ को कॉल लगा दिया.

********

रिचर्ड का ऑफिस:

रिचर्ड के ऑफिस में निशा ने कदम रखा तो रिचर्ड कुछ स्तम्भित हुआ.

निशा: “आकार ने मुझे बताया कि आपको कुछ विशेष सेवा की आवश्यकता है अपने विदेशी अतिथियों के लिए.”

रिचर्ड: “हाँ, हाँ, बैठो, बैठो.”

निशा बैठ गई और कुछ आगे झुकी इससे उसके स्तन छलक गए. पर निशा ऐसे बात कर रही थी जैसे कुछ हुआ ही न हो.

निशा: “मुझे बताया है कि वे अफ़्रीकी लोग हैं. क्या लौड़े बड़े हैं?”

रिचर्ड समझ गया कि इससे सीधे बात करना की ठीक है.

रिचर्ड: “मेरे अनुमान से, हाँ.”

निशा: “परन्तु हम उनके होटल नहीं जायेंगे. एक घर है जहाँ हम उन्हें ले जायेंगे या बुलाएँगे. सुरक्षित स्थान है.”

रिचर्ड: “ठीक है, मेरे विचार से इसमें कोई आपत्ति नहीं है.”

निशा: “अब जो मैं आपको बताउंगी, उससे आप कुछ स्तब्ध हो सकते हैं, पर इसके लिए मुझे आप विशेष पुरुस्कार देंगे, तभी बताउंगी. उन चार महिलाएं जो आपके मित्रों से मिलेंगी.”

रिचर्ड समझ चुका था निशा का संकेत किस ओर था. इसीलिए उसने अपनी स्वीकृति दे दी.

निशा: “मैं तो रहूंगी ही. मेरे साथ अन्य तीन और भी रहेंगी.” इसके बाद निशा ने रिचर्ड की आँखों में झांककर कहा,“उसमे से एक से आप परिचित हैं.” सुनकर रिचर्ड कुछ चौंका,पर उसे अनदेखा कर दिया. “और उसके अनुमान में आप लोग उन्मुक्त सेक्स में विश्वास रखते हैं. उसने पूछा है कि क्या आप लोग उनके साथ कभी सेक्स पार्टी करने के इच्छुक हैं?”

रिचर्ड को झटके पर झटके लग रहे थे.

“मुझे पूछना पड़ेगा.”

“अवश्य,तो अब मेरा पुरुस्कार कब दे रहे हैं?”

“आज शाम तीन बजे?मैं कमरा बुक कर लेता हूँ.” रिचर्ड ने एक होटल का नाम लेकर कहा.

“ठीक है, मैं आपसे वहीं मिलूंगी.” ये कहकर निशा उठकर चलने को हुई. फिर दरवाजे पर पहुंचकर मुड़कर रिचर्ड की ओर देखा,“आप चाहें तो जैसन को भी बुला सकते हैं. मुझे डबल में अधिक आनंद आता है. और उस परिचित का नाम में काम के बाद बताउंगी.”

रिचर्ड ने सिर हिलाकर हामी भरी और चिंता में डूब गया.

*********

मिशेल का घर:

दो बजे ही थे कि घंटी बजी और मिशेल ने द्वार खोला. सामने रिकी, डॉन, बोरिस और मार्टिन खड़े थे. चारों को मिशेल ने अंदर बुलाया और घर लॉक कर दिया. उसने फिर मुड़कर पहले रिकी और फिर डॉन को चूमा और फिर बोरिस और मार्टिन की ओर हाथ बढ़ाया।

मिशेल: “स्वागत है, हम इसके पहले कभी मिले नहीं.”

बोरिस: “धन्यवाद, मुझे भी आपसे मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई.”

मार्टिन ने उसके हाथ को चूमकर कहा, “मुझे भी. और ऐसे संदर्भ में मिलने की और भी ख़ुशी है.”

मिशेल: “मैं भी यही कहना चाहूंगी. चलिए हम हमारे तरणताल में चलते हैं, ईव वहीं आपकी प्रतीक्षा कर रही है.”

मिशेल चारों को लेकर तरणताल वाले क्रीड़ांगन में पहुंची तो देखा कि ईव ने सारा प्रबंध किया हुआ है. फ्रिज में बियर रखी थी और तरणताल वाली कुर्सियों लगी हुई थीं, एक ओर तौलिये रखे हुए थे. चारों इतना विहंगम दृश्य देखकर बहुत प्रभावित हुए.

डॉन जो इस समूह का मुखिया था बोला, “पर हम तैरने के कपड़े नहीं लाये हैं.”

ईव ने भी आकर उन सबको गले से लगाया और चुंबन लिया. ईव ने इस समय बहुत छोटी सी दो हिस्सों की बिकनी पहनी हुई थी. देखने वाले ये सोचने को विवश हो जाते कि जो पहना है उसका कोई लाभ ही नहीं है. ईव ने डॉन की बात सुन ली थी.

ईव: “डॉन, कपड़े पहन कर कौन बेवकूफ तैरता है? हम तो नंगे ही तैरना पसंद करते हैं.”

डॉन और अन्य तीनों के चेहरे खिल उठे. ईव ने चारों को बियर के लिए आमंत्रित किया तो डॉन ने अपने हाथ में लिए हुए थैले को मिशेल को सौंपा.

डॉन: “आपके लिए साउथ अफ्रीका की सबसे उत्तम वाइन और रिचर्ड के लिए व्हिस्की लाये हैं. कृपया स्वीकार करें.”

मिशेल उनके इस औपचरिक और विचारशील व्यव्हार से बहुत प्रसन्न हुई. उसने थैले में से बोतलें निकालीं और डॉन को धन्यवाद देकर उन्हें बार में जाकर रख दिया. इन्हें क्रिसमस में खोलना होगा.

बियर लेकर चारों पुरुष भारत और साउथ अफ्रीका के बीच में असमानता के बारे में बातें करने लगे. उनका ये पहला भारत भ्रमण था और उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था. जैसे ही बियर समाप्त हुई तो ईव से रहा नहीं गया.

ईव: “मेरा तो मन तैराकी का है, तो मैं तो चली.” ये कहकर उसने क्षणभर में अपने अधोवस्त्र उतारे और ताल में कूद गई.

मिशेल ने उनकी ओर देखा, “आप चाहो तो आप भी…”

उसका वाक्य अभी समाप्त भी नहीं हुआ था कि चारों अपने कपड़े उतारने लगे. कपड़ों को एक ओर रखकर वो मुड़े तो उनके बलिष्ठ शरीर और मोटे लम्बे काले लौड़े देखकर मिशेल के मुंह में पानी आ गया. उसने भी अपने वस्त्र उतारे और उन पांचों के साथ ताल में सम्मिलित हो गई.

ताल में पाँचों तैरते रहे और इसमें कोई बिस मिनट निकल गए थे. मिशेल को छोड़ अन्य चारों ताल के एक ओर जाकर सुस्ता रहे थे. अचानक डॉन ने ईव को अपनी ओर खींचा और उसके होंठ चूसने लगा. उसके हाथ पानी के नीचे थे पर ये विदित था कि वो ईव के नितम्ब मसल रहा था. बोरिस ईव के पीछे गया और उसके शरीर से चिपक कर उसके मम्मे मसलने लगा. मिशेल को अब तुक जो कुछ दिख रहा था वो तब बंद हो गया जब रिकी और मार्टिन ईव के दोनों ओर जाकर खड़े हो गए. मिशेल को बस इतना ही दिख पाया कि ईव के हाथ नीचे की ओर बढे थे फिर सब कुछ छुप गया.

मिशेल ताल से बाहर निकली और उसने एक बियर ली और लॉउन्ज कुर्सी पर लेट क्र सामने चल रही रासलीला को देखने लगी. इस ऊंचाई से अब उसे पानी के ऊपर चल रहे उत्पात सरलता से दिखाई दे रहा था. बियर की चुस्की लेते हुए वो उँगलियों से अपनी चूत को साहलाने लगी. ईव अब मुड़ मुड़कर चारों को बारी बारी चुम रही थी. उसके पीछे आने वाला उसके मम्मे दबाता और सामने वाला गांड. बगल में से कोई एक उसकी चूत में भी ऊँगली कर रहा था. उसने ईव को कुछ कहते हुए सुना पर दूरी के कारण उसे समझ नहीं पड़ा. पर जब एक एक करके सब ताल से निकलने लगे तो उसने समझा कि ईव अब आगे के कार्यक्रम के लिए निकल रही है.

पाँचों ने ताल से निकलकर अपने शरीर तौलिये से पोंछे बोरिस अब मिशेल को देख रहा था, मिशेल ने उसकी ओर देखकर अपने होंठों पर जीभ फिरै तो बोरिस ने अपने तौलिये को फेंका और अपने फनफनाते हुए लंड को लिए हुए मिशेल की ओर बढ़ा. मिशेल के सामने जब वो खड़ा हुआ तो मिशेल ने अपनी उँगलियाँ चूत से निकलीं और बोरिस के लंड को थामकर उसे अपने मुंह में ले लिया। वो लंड चूसने में व्यस्त हुई ही थी कि उसने दो हाथों को उसकी जांघों को पृथक करते हुए पाया. उसने लंड मुंह से निकालकर देखा तो मार्टिन था. उसने मार्टिन को आंख मारी और बोरिस के लंड को चूसने में लग गई.

ईव इस समय डॉन और रिकी के साथ व्यस्त थी. वो लॉउन्ज कुर्सी पर बैठी हुई दोनों के लौड़े एक एक करके चूस ही थी. अथाह प्रयासों के बाद भी वो डॉन के लंड को पूरा अपने मुंह में नहीं ले पा रही थी. थूक से लथपथ दोनों लंड इस समय ताल से प्रतिबिम्बित जल के दर्प से अलग ही छटा बिखेर रहे थे. उन सबके शरीर पानी के प्रतिबिम्ब से चमक कर रंग बदल रहा था. इसी बीच मिशेल के फोन की घंटी बजी.

मिशेल: “हैलो।”

दूसरी ओर रिचर्ड था.

रिचर्ड: “मैं और जैसन किसी ग्राहक से मिलने जा रहे हैं, मुझे लौटने में ६ या अधिक हो सकते हैं. वैसे तुम्हारा कार्यक्रम कैसा जा रहा है?”

मिशेल: “बिलकुल सही. असली खेल अब शुरू होने को है.”

रिचर्ड: “मैं और जैसन भी इसी कार्य से जा रहे हैं. सो लेट अस आल एन्जॉय. लव यू.”

मिशेल: “लव यू टू.”

मिशेल ने फोन रखा और देखा कि तीन बजने को हैं, बोरिस और मार्टिन उसे देख रहे थे.

मिशेल: “रिचर्ड का कॉल था, वो भी किसी के साथ चुदाई करने जा रहा है.”

बोरिस ने सिर हिलाया और उसके लंड को मिशेल दोबारा चूसने लगी. मार्टिन उसकी चूत चाटने के लिए लौट गया. ईव को अब अधलेटा कर दिया गया था और जहां रिकी के लंड को वो चूस रही थी, वहीं डॉन अब उसकी चूत चाटने में लग चुका था. डॉन को विश्वास था कि जो ईव के साथ वो उस दिन नहीं कर पाए थे, आज न केवल ईव, बल्कि मिशेल के साथ आज उसे करने में सफल रहेंगे.

*******

रिचर्ड जैसन के साथ होटल पहुंचा और अपने कमरे की चाबी लेकर दोनों ऊपर चले गए. उसने निशा को कमरे का नंबर मैसेज किया. दो ही मिनट में निशा का उत्तर आ गया. वो होटल में आ चुकी थी. कमरे में जाकर रिचर्ड और जैसन बैठे ही थे की घंटी बजी. खोलने पर निशा खड़ी थी. वो बिना कुछ कहे अंदर आयी और कमरा बंद कर दिया.

निशा: “तो अपने मेरी बात मान ही ली. जैसन जी को भी साथ लाये हैं. आपके पास कितना समय है?”

रिचर्ड: “छह बजे तक का. कमरा पूरी रत के लिए है, आप चाहो तो रुक सकती हो.”

निशा: “हम्म्म, सुझाव अच्छा है. सोचूंगी. क्या आप में से कोई रुकेगा?”

दोनों ने मना किया.

निशा बिना किसी और औपचारिकता के कमरे के बिस्तर पर बैठ गई और उछल कर देखा.

निशा: “देख रही थी बिस्तर चूँ चूँ तो नहीं करता.”

रिचर्ड और जैसन इस बात पर हंस पड़े. निशा बाथरूम में घुस गई और कुछ ही देर में कमरे में लौटी तो वो नितांत नंगी थी. उसने रिचर्ड और जैसन को संकेत दिया तो वे भी अपने कपड़े निकालने लगे. दोनों के नंगे शरीरों को देखकर निशा ने अपनी संतुष्टि दिखाई. फिर उसने आगे बढ़ते हुए दोनों के लंड पकडे और उन्हें अपने सामने करते हुए बिस्तर पर बैठ गई. दोनों के लंड कुछ देर हाथ से सहलाने के बाद वो उन्हें अपनी जीभ से चाटने लगी और फिर मुंह में अंदर लेकर चूसने लगी.

रिचर्ड और जैसन ने पाया कि वो इसमें उतनी ही निपुण ही जितनी कि उनकी पत्नियां. न चाहते हुए भी उनका ध्यान अपने घर में चल रहे खेल पर गया. रिचर्ड को इस बात का भी ध्यान आया कि उसने बच्चों को घर से बाहर रहने की लिए कहा था. इसके बाद उसने लौटकर अपने लंड पर चल रही निशा की गतिविधि में स्वयं को खो दिया.

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तीन बजे कॉलेज छूटने के बाद डेविड शिरीन को लेकर घूमने के लिए निकल गया. दोनों नए प्रेमी यूँ ही बातें करते हुए घूमते रहे. रुक रुक कर वे खिन कॉफी पिटे, तो कहीं आइसक्रीम खाते। समय बहुत अच्छा निकला और छह बजे डेविड ने शिरीन को उसके घर पर छोड़ दिया. वो निकलने को ही था कि उसने मार्क को शिरीन के अपार्टमेंट से निकलते देखा. वो रुका और फिर मार्क को लेकर घर चल पड़ा.

डेविड: “यहां कैसे?”

मार्क: “आंटी से मिलने आया था.”

डेविड: “तो मिल लिए?”

मार्क: “यस. आज गांड भी मारने को मिली. बहुत मजा आया. तुम शिरीन के साथ कैसे?”

डेविड: “मैंने उसे अपनी गर्लफ्रेंड बना लिया है. अच्छी लगती है वो मुझे.”

मार्क: “इसके आगे भी कुछ?”

डेविड: “अभी नहीं कह सकता, पर सम्भव है.”

मार्क: “गुड लक, ब्रो! पर मैं आंटी को चोदता रहूं तो तुम्हें कोई आपत्ति तो नहीं होगी?”

डेविड: “नहीं, बल्कि मैं भी उसकी चुदाई करता रहूंगा. शिरीन को भी इसमें कोई आपत्ति नहीं.”

मार्क: “वाओ, यू फाउंड ए नाइस गर्लफ्रेंड.”

डेविड: “यस.”

और कुछ देर में वे घर पहुँच गए. शैली और ऐलिस शॉपिंग करने गई थीं और जैसा उनका अनुमान था वे आठ बजने के पहले आने वाली नहीं थीं. दोनों घर में प्रवेश कर गए.

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मिशेल का घर:

ईव के कहने पर अभी लोग अंदर कमरे में आ चुके थे. मिशेल और ईव उसी प्रकार से व्यस्त थे. इस बार बोरिस मिशेल की चूत चाट रहा था और मार्टिन अपने लंड से उसके मुंह को चोद रहा था. ईव भी अब लेटी हुई थी और डॉन उसकी चूत की सेवा में लगा हुआ था और रिकी ने उसके मुंह में अपना लंड पेला हुआ था. डॉन अब और रुकना नहीं चाहता था. उसने अपने लंड को ईव की चूत पर रखा और हल्के दबाव के साथ अंदर डालना आरम्भ किया. ईव रिकी में लंड को चूसते हुए रुक गई और अपनी चूत में जाते हुए उस मोटे बेलन समान लौड़े का आभास कर रही थी. डॉन ने इस बार बहुत संयम से काम लिया और जल्दी न करते हुए अपने लंड को अंदर पेलने में अधिकतम समय लिया. एक बार पूरे लौड़े को अंदर डालने पर वो रुका. ईव को ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे उसकी चूत पूरी भरी हुई है. उसने चूत को कुछ सिकोड़ने का प्रयास किया पर लंड इतना मोटा था कि ये सम्भव न हो पाया.

डॉन: “हैलो, ब्यूटीफुल, कैसा लग रहा है?” डॉन ने उसके उत्तर की प्रतीक्षा नहीं ही. अपने लंड को वो सधी हुई ताल से ईव की चूत में चलाने लगा.

ईव: “उँह उँह” रिकी के लंड को बाहर निकाले बिना ही ईव ने मानो अपनी सहमति दिखाई. रिकी के लंड पर उसका मुंह दोबारा उसी गति से चलने लगा, पर अब उसका ध्यान अपनी चूत में चल रही गतिविधि पर केंद्रित था. डॉन का मोटा और लम्बा लंड उसकी चूत की उन गहराइयों को नाप रहा था जिन्हें अब तक किसी ने छुआ भी नहीं था. पसीजती हुई चूत डॉन के लंड का भरपूर स्वागत कर रही थी.

बोरिस ने भी अपने तगड़े लंड से मिशेल की चुदाई आरम्भ कर दी थी. पर उसने डॉन के समान संयम नहीं दिखाया और तेज और करारी चुदाई करने लगा. मिशेल को कुछ असहजता के बाद इसमें भी आनंद आने लगा था जिसका लाभ मार्टिन को मिला जिसके लंड को मिशेल किसी पिस्टन के समान चूस रही थी. तेज चुदाई के कारण ये आसन कुछ कठिनाई दे रहा था इसीलिए मिशेल के सुझाव पर मार्टिन लेट गया और मिशेल उसके लंड को घोड़ी के आसन में चूसने लगी. बोरिस ने अपने लंड को मिशेल की चूत में दोबारा रौंद दिया और अपनी तीव्र चुदाई चालू कर दी. इस आसन में बोरिस का लंड कुछ अधिक सट के जा रहा था और मिशेल को भी अधिक आनंद मिल रहा था. एक तेज चीख सुनकर मिशेल का ध्यान उस ओर गया.

चीख ईव की थी जिसे अब डॉन ने अपने पूरे लंड की लम्बाई से तीव्रता से चोदना आरम्भ किया था. असामान्य रूप से बड़े लंड की इस द्रुत गति से ईव की चूत दया की भीख मांग रही थी, जिसे देने के लिए अब डॉन कतई बाध्य नहीं था. रिकी ने उसकी चीखों को दबाने के लिए ईव के सिर को अपने लंड पर मजबूती से पकड़ लिया. चाहे ईव की चीखें निकल रही थीं, पर उसे अब इसमें कुछ कुछ आनंद भी आने लगा था. और बिना अधिक समय गंवाए हुए उसकी चूत पानी से अपने रास्ते को सींचकर डॉन के लंड के लिए सरल कर रही थी.

बोरिस: “शी इस लविंग हिस बिग कॉक.”

मार्टिन: “यस. पर जब डॉन उसकी गांड में डालेगा तो उसकी चीखें दबाना सम्भव नहीं होगा.”

दोनों इस बात पर हंसने लगे. मिशेल की गांड में सुरसुरी होने लगी. इनमे से उसकी गांड कौन मारेगा?ये सोचकर उसकी चूत फिर से पानी छोड़ने लगी.

मार्टिन : “बोरिस , क्यों न हम स्थान बदलें, मुझे भी कुछ चुदाई करने दो.”

बोरिस: “क्यों नहीं.“ ये कहकर उसने अपने लंड को मिशेल की चूत से निकाला और मार्टिन मिशेल से अलग होकर उसके पीछे गया. बोरिस लेट गया और मिशेल ने निसंकोच अपनी चूत के रस से भीगा हुआ उसका लंड अपने मुंह में भर लिया. मार्टिन बहुत देर से प्रतीक्षा में था तो उसने एक ही बार में अपने लंड को मिशेल की चूत में पेलते हुए निर्विरोध द्रुत गति से धक्के मरने आरम्भ कर दिया.

न जाने क्या सोचकर रिकी ने अपना लंड ईव के मुंह से निकाल लिया. अब ईव की चीखों को दबाने वाला कोई न था और तलघर के विशाल प्रकोष्ठ में उसकी चीखें गूंज रही थीं. डॉन को इन चीखों के कारण और भी जोश आ रहा था और वो ईव की और तेज चुदाई करने लगा. ईव की चीखें फिर बंद हो गयीं और केवल हल्की सिसकारियां ही सुनाई दे रही थीं. वो कुछ निढाल पड़ रही थी, पर डॉन को रोकना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा था. उसके मोटे लम्बे काले लंड की छाया में ईव का सुंदर श्वेत वर्ण अब दूषित सा हुआ प्रतीत हो रहा था. रिकी ने अपने मुंह में ऊँगली डालकर ईव के उभरे हुए पिछवाड़े को सहलाते हुए अपनी ऊँगली उसकी गांड में डाल दी. ईव की एक आनंदमयी चीख ने इस बार भूतल को दहला ही दिया. उसकी चूत ने ढेर सारा रस छोड़ा और वो बिस्तर पर औंधें मुंह गिर पड़ी.

डॉन ने अपने लंड को बाहर निकाला और ईव के सिर को उठाकर उसके मुंह में पेल दिया. ईव बेसुध सी थी पर उसे ये ज्ञात था की उससे क्या अपेक्षा है. उसने अपने रस को डॉन के लंड से चाटकर डॉन के लंड को चूसना आरम्भ किया. डॉन उसकी चूत में नहीं झड़ना चाहता था, इसीलिए उसने ईव के मुंह में अपने रस को छोड़ने का निश्चय किया था. कुछ ही क्षणों की देरी के बाद ईव को अपने मुंह में एक अविरल धार का बहाव अनुभव हुआ. वो इस समय कुछ भी और करने की स्थिति में तो थी नहीं, तो उसने उस कामरस को पीने में ही अपनी भलाई समझी. जब डॉन की पहली धार उसके मुंह में छूटी तो उसने अपनी चूत को फिर से भरता हुआ पाया. इस बार रिकी ने अपना लंड पेल दिया था और दनादन धक्के लगा रहा था.

डॉन के लंड का पूरा रस पीने के बाद डॉन ने अपना लंड निकाला और बाहर जाकर अपने लिए एक बियर ले आया और कमरे में चल रहे व्यभिचार को देखने लगा. ईव पर रिकी चढ़ा हुआ था. और मिशेल पर इस समय मार्टिन. देखने से लग रहा था कि मार्टिन भी अब अपने चरम पर पहुँचने के निकट था.

डॉन ने कुछ ऊँचे स्वर में कहा: “उसकी चूत में मत झड़ना.”

मार्टिन धक्के लगते हुआ अचानक रुका और फिर डॉन की ओर देखकर सिर हिलाकर हामी भरी और फिर चुदाई में व्यस्त हो गया. मिशेल भी अब तक की बार जड़ चुकी थी पर उसे पता था कि ये केवल आरम्भ है. ये चारों चुड़क्कड़ उन्हें एक मिनट का भी विश्राम नहीं लेने देंगे. पर उसे इसमें कोई आपत्ति नहीं थी. वो इस सम्भोग का पूर्ण आनंद ले रही थी. उसे मार्टिन के लंड का चूत बाहर निकलने का आभास हुआ और साथ ही बोरिस को उसके मुंह से लंड निकालने का. अब उसे मार्टिन के रस को पीने का भी सुख मिलने वाला था. मार्टिन ने उसे अधिक प्रतीक्षा नहीं कराई और बोरिस के हटने और मार्टिन के उसके मुंह में लंड जड़ने में बहुत अंतराल नहीं हुआ.

अपनी चूत के रस की गंध से नहाये हुए काले लंड को उसने बड़े प्रेम से छठा और मुंह में लिया. मार्टिन ने भी लंड अंदर जाते ही उसके मुंह में धार छोड़ दी. बोरिस ने अपने लंड को मिशेल की चूत में फिर डाला और चोदने लगा. पर अब बोरिस और रिकी भी झड़ने के निकट थे तो दोनों ने अपने लंड निकाले और मिशेल और ईव के मुंह को सौंप दिए. अपने रस को उन दोनों को प्रदान करने के बाद वे हट गए. अब तक मार्टिन सबके लिए बियर की ठंडी बोतलें ले आया था.

मार्टिन और डॉन दोनों एक ओर खड़े होकर रिकी और बोरिस के खेल समाप्ति को देख रहे थे. झड़ने के बाद रिकी और बोरिस भी अपनी बियर लेकर घूंट लेने लगे. मिशेल और ईव दोनों अभी उठने की अवस्था में नहीं थीं. और दस मिनट अपने रौंदे हुए शरीर को विश्राम देने के बाद वे भी बैठ गयीं. मार्टिन ने उन दोनों को बियर थमाई.

“दॅट वास सम ग्रेट फकिंग.” ईव ने कहा.

“होप यू लाइकड इट.” मार्टिन ने कहा.

“लव्ड इट, कान्ट वेट फॉर मोर.” ईव हंसकर बोली.

“यू विल गेट मोर, मच मोर.” मार्टिन के स्वर ने ईव के शरीर में सिहरन दौड़ा दी. उसने मिशेल की ओर देखा तो उसे मिशेल प्रतिक्रिया से भी वही भावना दिखी.

ईव: “ओके, लेट अस सी.”

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चार बज चुके थे. कुछ देर और बातें करने के बाद अगले चरण के लिए सबके मन उत्सुक हो उठे. इस बार रिकी ने मिशेल की और बढ़कर उसे अपनी बाँहों में ले लिया. बोरिस ने डॉन का साथ दिया और ईव को आगे और पीछे से पकड़ लिया. बोरिस और डॉन के मध्य आँखों से सांकेतिक समझौता हुआ. उधर मिशेल अब दोनों लौड़े चूस रही थी. डॉन ने ईव को बैठकर उन दोनों के लंड चूसने के लिए खा जिसे ईव ने सहर्ष स्वीकार किया.

दोनों स्त्रियां लंड चूसकर उन्ही शक्ति और कड़ाई दोबारा स्थापित करने लगीं. इसमें अधिक समय भी नहीं लगा. डॉन और मार्टिन बिस्तर पर लेट गए और ईव और मिशेल ने उनके ऊपर चढ़ते हुए अपनी चूत में उनके लंड ले लिए. दोनों एक ही साथ लौडों पर उछलकूद करने लगीं. जब दोनों ने एक ताल स्थापित कर ली तो बोरिस ने टेबल पर पड़ी जैल की ट्यूब ली और उसने ईव की गांड में ऊँगली से पर्याप्त मात्रा में लगाई. अपने लंड पर मलने के बाद उसने ट्यूब रिकी की ओर फेंकी जिसे रिकी ने पकड़कर मिशेल की गांड और अपने लंड पर वही उपक्रम दोहराया.

ईव और मिशेल को ज्ञात था कि ये चरण उनके लिए सबसे कष्टदाई हो सकता ही, परन्तु आनंद की एक ऐसी ऊंचाई भी मिलेगी जिसका वर्णन सम्भव नहीं है.वैसे भी ये दोनों इस सुख को अपने परिवार के पुरुषों एवं यदा कदा अन्यत्र भी भोगती तीन परन्तु जो लंड आज उन्हें मिले थे उनकी उपमा नहीं थी. अपनी गांड में चलती हुई ऊँगली से दोनों को आने वाले प्रचंड प्रहार का आभास हो चला था. दोनों ने अपनी उछलकूद की गति कम की और फिर आगे झुकते हुए रोक दी. रिकी और बोरिस को इससे अधिक आमंत्रण की आवश्यकता नहीं थी.

बोरिस ने बिस्तर पर चढ़कर अपने लंड के टोपे को ईव की गांड पर रखा और हल्के से अंदर डाल दिया. ईव की गांड स्वतः खुली और उसने बोरिस का लंड निगल लिया. हल्के धक्कों के साथ बोरिस ने अपने लंड की पूरी लम्बाई को ईव की गांड की गहराई में बैठा दिया. यही कार्य मिशेल की गांड में रिकी करके ठहरा हुआ था. इसके बाद चारों आदमी अपनी एक ताल में दोनों स्त्रियों की चूत और गांड में अपने लंड चलाने लगे. धीमी गति से मध्यम और मध्यम से तीव्र होते हुए उनके शरीर एक ऐसी भीषण गति को प्राप्त किये कि उनके बीच की दोनों महिलाएं केवल चीखने के सिवाय कुछ और करने में समर्थ थीं.

कुछ देर की इस कुत्सित चुदाई के उपरांत दोनों और गहरे और तेजी से चोदने की गुहार लगाने लगीं. कुछ देर इसी प्रकार से चोदने के पश्चात रिकी और बोरिस ने अपने स्थान बदले और रिकी अब ईव की गांड और बोरिस मिशेल की गांड में लंड पेलने लगा. गति न थमी न कम हुई. चीत्कारें बढ़ते हुए सीत्कारों में परिवर्तिति हो चली थीं. कुछ समय की चुदाई के बाद, बोरिस और रिकी ने अपने लंड निकाले और वो एक दूसरे बिस्तर पर जा लेटे। संकेत समझ कर मिशेल ने रिकी के लंड पर चढ़ाई की और ईव ने बोरिस के लंड पर. डॉन दोनों उछलती हुई गाँडों को देख रहा था और सोच रहा था कि किसकी ली जाये. अंत में उसने ईव को ये सुख देना ही उचित समझा. आखिर पिछली बार वही वंचित रही थी.

डॉन को उस और बढ़ता देख मार्टिन को मिशेल की गांड पर अपना ध्यान लगाना पड़ा. उसने अपने लंड को पकड़ा और मिशेल की उछलकूद को रोकते हुए अपने लौड़े को गांड के खुले छेद पर लगाया और एक दमदार झटके से मिशेल की गांड में पेल दिया. मिशेल ने आनंद भरी सिसकारी ली और अब फिर से दो लौडों के बीच में पीसने लगी. आनंद ही आनंद था कि इतने में एक भीषण चीख ने उसकी तंद्रा भंग कर दी. देखने पर जान पड़ा कि डॉन ने भी अपने पूरे लौड़े को एक ही बार में उसकी गांड में पेल दिया था. मिशेल को ईव पर दया तो आयी पर वो कुछ करने में असमर्थ थी. फिर उसे ध्यान आया कि जिस प्रकार ये अदला बदली कर रहे हैं तो उसकी गांड में अगला लंड डॉन का ही होने वाला है. डर और रोमांच से उसका शरीर सिहर उठा.

मार्टिन और रिकी जहां मिशेल की गांड और चूत की दुर्दशा करने में जुटे थे, ईव को एक असीम पीड़ा और आनंद के समावेश का आभास हो रहा था. उसका मस्तिष्क पीड़ा और आनंद के बीच में व्यथित था. उसकी इन्द्रियां ये निर्णय नहीं कर पा रही थीं कि उसका आनंद अधिक था या कि पीड़ा. दो विशाल लौडों से चूत और गांड का सत्यानाश हो रहा था और उसका शरीर और मन असीम ऊंचाइयों को छूकर नीचे आता और फिर ऊपर चला जाता. डॉन उस पर किसी प्रकार की दया नहीं कर रहा था. न ही उसके नीचे से चूत चोदता हुआ बोरिस. फिर उसे ऐसा प्रतीत हुआ जैसे उसकी गांड में कुछ ठंडी हवा का प्रवेश हुआ हो. डॉन ने अपना लंड निकाल लिया था. पर अधिक देर न हुई कि उसकी गांड का छेद फिर से बंद हो गया और उसकी गांड में इस बार मार्टिन के लंड ने अपना स्थान ले लिया.

मिशेल को भी अपनी गांड के खाली होते ही ये ज्ञात हो गया कि अब उसकी असली परीक्षा की घड़ी आ चुकी है. उसने अपनी गांड को ढीला करने का प्रयास किया. तीन लौडों से फ़टी गांड में अब वो लचक भीं थी. और इसका पूरा लाभ उठाकर डॉन ने उसकी गांड में निर्ममता से अपने पूरे लौड़े को पेल दिया. इस बार दुर्दांत चीखें मिशेल की थीं. और रिकी और डॉन एक समन्वय में तीव्र गति से उसकी चूत और गांड को पेल रहे थे.

समय अधिक हो चला था. चारों पुरुष अपनी क्षमता के अनुसार चुदाई कर चुके थे. मार्टिन और डॉन ने अपने रस को गांड में ही छोड़ दिया. और हटकर एक ओर हो गए. बोरिस और रिकी ने ईव और मिशेल को नीचे करते हुए तेज गति से उनकी चूत की धज्जियां उड़ाने का प्रयास किया. पर वे सफल न हुए और डॉन की आज्ञा को ध्यान रखते हुए झड़ने के निकट पहुँचने पर दोनों ने अपना रास ईव और मिशेल के मुंह में ही विसर्जित कर दिया.

मिशेल और ईव अब बेसुध सी टाँगे फैलाये पड़ी थीं. दोनों के मुंह और गांड से वीर्य बह रहा था. मार्टिन ने डॉन को देखते हुए बियर लेन का निश्चय किया. इस बार मिशेल और ईव को बीस मिनट बाद चेतना लौटी. दोनों ने अपने आप को किसी प्रकार से खड़ा किया और लड़खड़ाते हुए बाथरूम में चली गयीं. पंद्रह मिनट बाद दोनों बाहर आयीं और बियर लेकर पीने लगीं.

मिशेल: “आशा से अधिक आनंद आया. आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद. पर शरीर अब टूट सा रहा है.”

ईव ने भी सहमति में सिर हिलाया. कुछ देर और रुकने के बाद चारों अतिथियों ने अपने वस्त्र धारण किया और मिशेल उन्हें घर के बाहर तक छोड़ आयी. लौटने पर दोनों ताल में कुछ देर तक बैठीं और फिर पोछते हुए कपड़े पहन लिए. जैसे ही वे ऊपर की ओर पहुंची, तो मार्क और डेविड घर में प्रवेश कर रहे थे.

दोनों ने लगभग एक साथ ही कहा, “हाय मॉम”

......शेष अगले भाग में.
 
तीसरा घर: शीला और समर्थ सिंह

अध्याय ३.३

भाग 4

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सुरेखा का घर:

सुरेखा अपने कमरे में जाकर बैठ गयी और गहन विचारों में डूब गयी. क्या जो हो रहा है वो ठीक है? उसने माना की संजना और सजल का साथ उसे बहुत अच्छा लगता है. और परिवार के न्य लोगों का भी. पर वो इसके आगे नहीं बढ़ना चाहेगी। सजल और संजना अभी अपने ही कमरे में थे. उसने एक ड्रिंक बनाई और कुछ देर पीते हुए आगे के जीवन पर विचार किया. फिर उठकर खाना बनाने में जुट गयी. कुछ ही समय में संजना भी आ गयी और दोनों ने मिलकर खाना बना लिया. सजल ने तब तक टेबल सजा दी. खाने के बाद सभी सुरेखा के कमरे में चले गए.

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शीला का घर:

शीला और समर्थ अपने शयनकक्ष में लेटे हुए थे. दोनों सदा के समान नंगे ही थे और एक दूसरे से हल्की हल्की छेड़खानी कर रहे थे. समर्थ शीला के व्यवहार से ये तो समझ ही गया था कि उसके मन में कुछ उथल पुथल चल रही है. जब शीला ने अपनी ओर से कुछ नहीं बोला तो उसनेही पहल की.

समर्थ: “तुम्हारे मन में कुछ चल रहा है. बताओगी?”

शीला: “नहीं तो, कुछ भी तो नहीं.”

समर्थ: “शीला, हम लोग इतने साथ से साथ हैं. ये मत कहो कि मैं नहीं जानता कि तुम कुछ कहना तो चाहती हो, पर कह नहीं पा रही हो.”

शीला: “मैंने किसी को न बताने के लिए कहा है.”

समर्थ खीज कर: “जैसा तुम चाहो.”

शीला समझ गयी कि समर्थ वर्षों बाद उससे गुस्सा हुआ है. उसने कुछ देर सोचा.

शीला: “पर आप ये वादा करिये कि आप किसी से कुछ नहीं कहेंगे.”

समर्थ: “ये सरल है. मैं तुम्हारा विश्वास कभी नहीं तोडूंगा.”

शीला ने फिर मेहुल से हुई पूरी बात को विस्तार से बताया. समर्थ को भी आश्चर्य हुआ कि शेट्टी और राणा परिवार भी पारिवारिक सम्भोग में लिप्त हैं. और उसके परिवार के ही तरह वैवाहिक संबंध में बंधने वाले हैं. जब शीला की बात समाप्त हुई तो समर्थ कुछ देर तक चुप रहा.

समर्थ: “तुम क्या चाहती हो?”

शीला: “क्या हमें इस समुदाय में सम्मिलित नहीं होना चाहिए?”

समर्थ: “शीला, हमारा परिवार वैसे भी बहुत बड़ा है. दूसरा, सुरेखा हम सबसे अभी ही जुडी है इस रूप में, सजल और संजना अभी तक नहीं. सुप्रिया के बारे में अधिक चिंतन की बात नहीं है क्योंकि वो इससे अनिभिज्ञ नहीं है.”

समर्थ: “ऐसे किसी भी समाज में जुड़ने से मुझे लगता है कि सुरेखा से हम हाथ न धो बैठें. पर मैं ये अवश्य कह सकता हूँ. अगर वे चार से छह महीने हमारे बारे में जाँच पड़ताल में निकालेंगे तो समय रहेगा हमें भी इस विषय में आगे सोचने का. ये मेहुल को चेता देना कि हम सम्मिलित होंगे या नहीं ये हम बाद में निर्णय करेंगे. अगर सुरेखा और बच्चे माने तो. अन्यथा, हमें इसे भूलना ही होगा.”

शीला ने बात को समझा और समर्थ को वचन दिया कि वो ऐसा ही करेगी.

“अब थोड़ा अपनी चूत का स्वाद भी दे दो भागवान।” समर्थ शीला की चूत की ओर अपने मुंह को ले जाते हुए बोला। शीला ने उसके स्वागत में अपने पाँव फैला लिया.

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सुप्रिया का घर:

सुप्रिया अपने कमरे में ही थी. उसके मन में भी कई विचार उथल पुथल कर रहे थे. हालाँकि शीला ने कुछ कहा नहीं था, पर वो ये जान चुकी थी कि शीला को अब सम्भवतः उस समुदाय के विषय में ज्ञान हो चुका था जिसका मेहुल ने नाम लिया था. जहाँ तक उसका विश्वास था, ये किसी प्रकार का सेक्स समुदाय था. शीला क्यों इसके बारे में उत्सुक थी, ये अवश्य एक चिंतन का विषय था. उनके परिवार में पहले ही अब इतने उन्मुक्त जीवन था और अब निखिल के विवाह के ही साथ जॉय और शोनाली का भी परिवार मिल चूका था. इससे अधिक सेक्स की इच्छा सुप्रिया को तो नहीं थी. उसका ध्यान सुरेखा की ओर गया. उसे नहीं लगता था की सुरेखा भी इससे अधिक कुछ चाहेगी. अभी तक तो वो चटर्जी परिवार से भी नहीं मिली थी.

नितिन और निखिल भी कमरे में आ गए और देखा की सुप्रिया विचार मग्न है.

निखिल: “क्या हुआ मॉम, कुछ सोच रही हो क्या?”

सुप्रिया ने दोनों को अपने मन के उद्गार बताये. निखिल और नितिन भी ऐसे किसी समुदाय में जुड़ने के लिए उत्सुक नहीं थे. निखिल तो पहले ही क्लब की सदस्य महिलाओं की चुदाई कर लेता था. घर में नानी, माँ और मौसी भी थे. संजना देर सवेर चुदने वाली ही थी. फिर उसका नया परिवार भी था, सागरिका, शोनाली, सुमति और फिर पारुल. इसके बाद अपना काम और व्यवसाय भी संभालना था. उसने भी अपना मन खोल कर कहा कि उसे भी किसी और समुदायी में सम्मिलित होने की कोई इच्छा नहीं है.

निखिल और सुप्रिया ने नितिन की ओर देखा.

नितिन: “मॉम, मुझे निखिल की बात ठीक लग रही है. हालाँकि मैं क्लब में नहीं हूँ पर पार्थ और निखिल मुझे किन्ही विशेष सदस्याओं से मिलवा चुके हैं. फिर, समय के साथ उसका भी विवाह हो जायेगा और चटर्जी जैसे ही परिवार में होगा, ये निश्चित था. उसके बाद सजल और संजना भी तो थे. इतने विशाल परिवार के बाद बाहर किसी के भी साथ संसर्ग का कोई अर्थ नहीं बनता.”

अनजाने में ही शीला के सिवाय सभी इस बात पर एकमत थे कि किसी और समुदाय की आवश्यकता नहीं है. फिर नितिन और निखिल ने एक दूसरे की ओर देखा और फिर सुप्रिया को देखा.

नितिन: “वैसे देखा जाये तो मॉम, हमें आपके सिवाय किसी और की आवश्यकता ही नहीं है. नानी की भी नहीं. मौसी की भी नहीं.”

ये कहते हुए दोनों ने सुप्रिया को अपनी बाँहों में दबोच लिया. सुप्रिया उनके इस प्रेम से विव्हळ हो गयी और उसने भी उन कस के अपने आप में समाने का प्रयास किया. पर कहाँ सुप्रिया और कहाँ दो तगड़े हट्टे कट्टे लड़के, दोनों ने उसे उठाया और बिस्तर पर जाकर पटक दिया. सुप्रिया आश्चर्य और रोमांच से चीख पड़ी.

सुप्रिया: “बहुत दुष्ट हो गए हो तुम दोनों. देखना मैं तुम्हे क्या सजा दूंगी.”

निखिल हँसते हुए अपने कपड़े निकाल रहा था, वहीं नितिन सुप्रिया को नंगा करने में लगा हुआ था.

निखिल: “मॉम, हम जानते हैं आप क्या और कैसी सजा देती हो. हमें भी आपकी सजा में बड़ा मजा आता है. अब चलो जरा अपने मुंह का जादू तो दिखाओ, देखो कैसे तड़प रहा है ये आपके प्यार के लिए.” निखिल अपने लंड को सुप्रिया के चेहरे के सामने हिलाते हुए बोला।

सुप्रिया की एक दृष्टि निखिल के लंड पर पड़ी नहीं कि उसका गुस्सा हवा हो गया. उसने भूखी शेरनी के समान उसके लंड को अपने मुंह में लिया और चूसने में व्यस्त हो गयी. नितिन भी अब उसे नंगा करने के बाद स्वयं भी नंगा हो चुका था और उसने सुप्रिया की जाँघों को फैलाकर अपना मुंह उसकी बहती हुई चूत पर लगा दिया और उसके रस से अपनी प्यास मिटाने लगा. सुप्रिया ने अपनी जांघों को और फैलाया और शरीर को ढीला छोड़ दिया. उसका एक बेटा उसकी चूत में घुसा पड़ा था तो एक उसके मुंह में. एक माँ को इससे अधिक और क्या चाहिए?

ऐसा नहीं था कि इन तीनों के बीच ये कुछ नया था. ये तो लगभग उनके जीवन का अभिन्न अंग था. पर आज कुछ बदला हुआ सा था. एक तो इस बात का आभास था कि वे अपने आप में ही संतुष्ट थे. और दूसरा ये कि जब नितिन ने अपने विवाह की बात की तो सुप्रिया को जल्दी ही इन दोनों के प्रेम को बाँटने का भी आभास हो चला. और इसी कारण आज उसे एक अलग सी चुदाई की इच्छा थी. प्रेम से आनंद पूर्वक. जैसे कोई गीत लिखा जा रहा हो. नितिन और निखिल अपनी माँ के इस अंतर की इच्छा को पढ़ने में सक्षम थे. उन दोनों को भी लगा कि कुछ ही दिनों में सागरिका भी इस क्रीड़ा में जुड़ेगी और उन्हें अपने ही घर में अपनी माँ को अकेले चिढ़ाने के अवसर कम ही मिलेंगे.

नितिन अपनी माँ की चूत को फैलाकर उसके अंदर अपनी जीभ से उसे मलाई के समान चाट रहा था. आज सुप्रिया भी अधिक रस छोड़ रही थी. और निखिल का लंड अनावश्यक रूप से तना हुआ था जिसे सुप्रिया बड़ी आत्मीयता से चाट और चूस रही थी. कमरे में वासना से अधिक प्रेम का वातावरण था.

निखिल: “मॉम, अगर ऐसे ही चला तो मैं झड़ जाऊँगा।”

सुप्रिया ने उसकी आँखों में देखा और पलक झपक कर बता दिया कि उसे इसमें ख़ुशी ही होगी। सुप्रिया की चूत अब पूरी खुल चुकी थी. नितिन ने अपनी जीभ को अब उसकी गांड के द्वार की ओर मोड़ा और उसकी गांड को चाटने लगा. सुप्रिया के आनंद में वृद्धि हो गयी. उसकी गांड लपलपाने लगी और नितिन की जीभ का स्वागत करने को मचल उठी. नितिन ने उसकी भावनाओं को समझते हुए उसके दोनों पैर मोड़ दिए जिसके कारण उसकी गांड ऊपर की ओर उभर गई और छेद खुल गया.

नितिन की जीभ ने अंदर का रास्ता देखा और उसे चाटने में तल्लीन हो गया. निखिल अब निकट था और उसने सुप्रिया को एक बार फिर बताया कि वो झड़ जायेगा. उसे पता था की उसकी माँ उसके रस को पीने में कभी पीछे नहीं हटी, पर उसने उसे बताने में ही भलाई समझी. नितिन की जीभ ने जब सुप्रिया की गांड की गहराइयों को छुआ तो सुप्रिया का शरीर थरथराने लगा और वो झड़ने लगी. और उसका साथ देते हुए निखिल ने अपना भी रस उसके मुंह में उढेल दिया. एक रस सुप्रिया के मुंह में जा रहा था तो एक उसकी चूत से बाहर निकल रहा था. नितिन ने उसके भग्नाशे को रगड़ कर उसके आनंद में और भी बढ़ोत्तरी कर दी.

निखिल ने अपने लंड को बाहर निकाला और सुप्रिया के मम्मे चूसने लगा. नितिन भी अब सुप्रिया की गांड को उपयुक्त मात्रा में चाट चुका था. वो उठा और उसने अपने लंड को सुप्रिया की चूत पर लगाया और एक ही बार में पूरे लंड को अंदर डाल दिया. पर इसमें तीव्रता नहीं थी, और उसका लंड बड़ी ही सरलता से सुप्रिया की चूत में प्रवेश कर गया.

नितिन बड़ी ही सहज गति से अपनी माँ की चुदाई कर रहा था. निखिल उन दोनों के इस प्रेम भरे मिलन को देखकर आनंदित था. सुप्रिया ने उसे पास बुलाया और उसके लंड को हाथ से सहलाने लगी. निखिल का लंड फिर से अकड़ने लगा. और शीघ्र ही अपने पूरे तनाव पर आ गया. सुप्रिया ने नितिन को संकेत किया और नितिन ने अपने लंड को निकाला और लेट गया. सुप्रिया ने करवट ली और अपनी चूत को नितिन के लंड पर बैठाते हुए उसे अंदर ले लिया. इस बार सुप्रिया उछाल ले रही थी और फिर वो रुकी और आगे की ओर झुककर ठहर गयी. ये निखिल के लिए पर्याप्त था.

उसने अपने तने लंड को सुप्रिया की गांड पर लगाया और सरलता से अंदर पेल दिया. सुप्रिया ने आनंद और संतोष की एक गहरी साँस ली. आज फिर उसके दोनों बेटे, उसकी चूत और गांड में थे. अनगिनत बार ये दृश्य इस घर में चल चुका था. पर आज इसमें एक ऐसी आत्मीयता थी जिसे तीनों शब्दों में नहीं पिरो सकते थे. नितिन और निखिल बड़ी शांति और प्रेम के साथ सुप्रिया के दोनों छेदों की सिकाई करने लगे. सुप्रिया आज बिना कुछ कहे उन दोनों की निकटता का आनंद ले रही थी. अन्य दिनों वो उन्हें जोरदार चुदाई के लिए उत्साहित करती थी. पर आज इस अंतरंग मिलन का सुख जैसे वो सदैव के लिए अपने मन में संजोना चाहती थी.

इस प्रकार की चुदाई की विशषता यही थी कि सभी आनंद ले रहे थे और झड़ने के निकट कोई नहीं था. ऐसी अंतर गति की चुदाई में सम्भोग का आनंद निहित है. कुछ समय पश्चात आसन परिवर्तित किया. इस बार नितिन गांड में था. यही चलता रहा. किसी को न समय का ज्ञान था न अपने निस्तार की जल्दी. बस एक प्रेम भरा मिलन था जो न जाने कितने ही समय चलता रहा. अंत में एक एक करके निखिल और नितिन ने अपना रस सुप्रिया के भिन्न छेदों में छोड़ दिया. सुप्रिया तो वैसे भी कई बार झड़ चुकी थी.

तीनों एक दूसरे के आलिंगन में लेटे रहे. लंड सिकुड़कर बाहर आ गए. माँ अपने बेटों के चेहरे और होंठ चूमती रही. आज जैसी संतुष्टि उसे पहले कभी नहीं प्राप्त हुई थी. इसी प्रकार से एक दूसरे से लिपटे हुए वो तीनों नींद में चले गए. तीनों के चेहरे पर एक मुस्कान थी.

*********

सुरेखा का घर:

सुरेखा के कमरे में आने के बाद सजल और संजना ने सुरेखा को बियर पीते हुए देखा. वो अभी उस प्रकार से इतने निकट नहीं आये थे कि उसके मन को समझ पाते। सजल अपने लिए बियर लेने जाने लगा तो उसने संजना की ओर प्रश्न भरी आँखों से देखा. उसे संजना के भाव से समझ आया कि वो भी बियर ले लेगी. उसने जाकर तीन बियर लायीं क्योंकि सुरेखा की बियर समाप्ति की ओर थी.

बियर पीते हुए संजना सुरेखा के निकट गयी और उसके हाथ अपने हाथ में लेकर बैठ गयी. कुछ देर सब यूँ ही शांत बैठे रहे.

सजल: “आप क्या सोच रही हो मॉम ?”

सुरेखा जैसे अपनी सोच से बाहर आयी.

सुरेखा: “कुछ विशेष नहीं. बस कोई बात जो सुप्रिया ने मुझे बताई है.”

संजना: “मॉम, आप अधिक चिंता मत करो. हम पर कोई भी अपनी इच्छा नहीं थोप पायेगा. और तो और, मुझे नहीं लगता कि मौसी ऐसा कुछ भी करेंगी जिससे आपको दुःख हो. कम से कम अब तो नहीं.”

सुरेखा ये सुनकर चौंकी.

“अब तो नहीं? मतलब?”

सजल: “मॉम, पहले हमें उनकी जीवन शैली के बारे में पता नहीं था. इसीलिए, वो ऐसा कुछ कर सकती थीं जिससे आपको दुःख होता. पर जब आप उनकी शैली में जुड़ चुकी हो, तो अब वो ऐसा नहीं करेंगी.”

सुरेखा: “क्या तुम दोनों भी इस शैली से सहमत हो?”

सजल: “मॉम, आप स्वयं ही देखो. इन दिनों आप कितनी प्रसन्न रहती हो. और हम दोनों भी अब कितने निकट आ चुके हैं. तो मुझे लगता है कि इसे स्वीकार करना ही सही लगता है. हमारा परिवार अब और अधिक निकट होगा और इसमें कोई भी बुराई नहीं है.”

सुरेखा ने अपनी बाहें फैलायीं और सजल उसमे जाकर समा गया. वो सुरेखा की एक ओर बैठा संजना पहले ही दूसरी और बैठी थी. सुरेखा ने अपने दोनों बच्चों को अपनी बाँहों में ले लिया. संजना ने अपनी माँ के चेहरे को अपने हाथों में लेकर चूमा. ये माँ बेटी वाला चुंबन नहीं था. ये दो प्रेमियों के बीच का चुंबन था.

सजल ने भी अपना ध्यान सुरेखा के मम्मों की ओर किया और धीरे से अपने हाथ उसकी झीनी नाइटी के भीतर डालकर उन्हें मसलना आरम्भ कर दिया. सुरेखा ने एक हल्की सी आह भरी और उसके पांव स्वतः ही खुल गए. सजल ने इसे निमंत्रण माना और एक हाथ मम्मों पर रहने दिया और दूसरे से सुरेखा की चूत को सहलाने लगा.

संजना: “मॉम, चलो हम सब कपड़े निकालकर खेलते हैं. किसी ने प्रतिकार नहीं किया और कुछ ही क्षणों में तीनों नंगे थे. संजना और सुरेखा अपने चुंबन में व्यस्त हो गए और सजल मम्मों और चूत को छेड़ने में. फिर सजल नीचे बैठ गया और सुरेखा की जांघें अलग करते हुए उसकी चूत को चाटने लगा. सुरेखा ने अपने पाँव और खोल दिए. सजल उस मादक गंध में खो गया. सुरेखा की चूत फिर से रस की वर्षा करने लगी. सजल को व्यस्त देखकर संजना ने अपने मुंह को सुरेखा के मम्मों पर रखा और उनको पीने लगी. सुरेखा ऑंखें बंद करते हुए अपने शरीर में उठ रही तरंगों का सुख लेने लगी.

संजना जहां मम्मों पर ध्यान दे रही थी, सजल की जीभ अब सुरेखा की योनि में हलचल मचा रही थी. मध्यम आयु की दो बच्चों की माँ इस समय वासना के सागर में डुबकी ले रही थी. सजल अब रुकने की स्थिति में नहीं था. उसने अपनी माँ की ओर देखा और एक क्षण के लिए उसे उसमे अपनी मौसी का प्रतिबिम्ब दिखाई पड़ा. समय के साथ वो भी होगा, ये सोचते हुए सजल ने बिना विरोध अपने लंड को सुरेखा की चूत में जड़ दिया.

संजना ने भी अपनी स्थिति बदली और सुरेखा के मम्मों को दबाते हुए चाटने लगी. सुरेखा अपने ऊपर चल रहे इस दोहरे आघात के कारण कामोत्तेजना के शिखर पर शीघ्र ही पहुंच गयी. सजल के धक्के अब तीव्र हो चले थे. वहीं संजना भी उसके स्तन इस बेदर्दी से मसल रही थी कि सुरेखा अब ये न समझ पा रही थी कि उसे पीड़ा अधिक है, या आनंद. मन की इन्हीं विपरीत भावनाओं ने उसके शरीर ने अपने आप को आनंद की ओर धकेला. सुरेखा के शरीर की कँपकँपी ने ये चेता दिया किया की वो अपने उत्कृष के निकट है.

सजल ने भी अपनी ओर से कोई कमी नहीं की और अपनी पूरी शक्ति सुरेखा की चुदाई में झोंक दी. सुरेखा के कंपकंपाते हुए शरीर ने एक तगड़ा झटका लिया और एक चीख के साथ उसकी चूत ने रस छोड़ते हुए शरीर को शिथिल कर दिया. संजना ने सजल की ओर देखा जो स्वयं भी झड़ रहा था. संजना ने उसे अपना मुंह खोल कर संकेत किया तो सजल ने अपने लंड को सुरेखा की चूत से निकाला और संजना ने तपाक से उसे अपने मुंह में ले लिया. अभी संजना ने चूसना आरम्भ ही किया था कि सजल ने उसके मुंह को अपने कामरस से भर दिया.

संजना पूरा रस गटक कर पी गयी. जो बचा वो उसने अपनी माँ के मुंह में उढेल दिया और माँ बेटी फिर से चुंबन में लिप्त हो गयीं.

संतुष्ट होकर तीनों एक दूसरे से लिप्त कर सो गए.

********

अगला दिन:

सुरेखा अपने ऑफिस में थी जब सुप्रिया अंदर आयी. कुछ देर बातें करने के बाद सुप्रिया ने बताया कि वो किसी भी समुदाय में सम्मिलित होने के पक्ष में नहीं है. ये सुनकर सुरेखा ने चैन की साँस ली. फिर सुप्रिया ने उसे कुछ और कहा और अपने ऑफिस में चली गयी.

सुरेखा ने फोन उठाकर सजल को कॉल किया: “मौसी आज शाम तुमसे मिलना चाहती हैं.”

दूसरी ओर की बात सुनकर उसने फोन काट दिया और फिर संजना को मिलाया.

सुरेखा: “नानी ने तुम्हे आज शाम याद किया है.” इसके बाद उसने फोन काट दिया.

सुप्रिया ने ये भी उसे बता दिया था कि आज रात निखिल और नितिन दोनों उसके साथ रहने वाले हैं. उसकी चूत आने वाली रात की प्रतीक्षा में रस बहाने लगी. पर उसने उसे अनदेखा किया और अपने काम में व्यस्त हो गई.

..... चौथे परिवार की ओर
 
चौथा घर मिशेल और रिचर्ड डिसूज़ा

अध्याय ४.३

भाग १

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अगले दिन सुबह:

सब अपने अपने समय से उठे. एक दूसरे से लिपटे होने के कारण कुछ असुविधा हुई, पर उठकर अपने नित्यकर्म से निपट कर अपने कमरे की ओर चले गए. कल रात जो हुआ वो इतने वर्षों का एक लुका छुपा खेल और छेड़खानी का परिणाम था. दोनों परिवारों में कामुक छेड़खानी आम थी, पर कल उसका सुखद अंत हुआ. और अब ये रुकने वाला था नहीं.

मिशेल उठकर अपने कमरे में गयी और नहाकर किचन में सबके लिए नाश्ते का प्रबंध करने लगी. उसने कॉफी भी बनाने के लिए चढ़ा दी थी कॉफी मेकर में. ईव कुछ ही समय में उसके पास आयी. उसके चेहरे पर एक नई चमक थी और चेहरे पर अभी भी वीर्य की हल्की सी पपड़ी दिख रही थी.

ईव: “लास्ट नाईट वास वंडरफुल.”

मिशेल: “यस, आई इन्जॉयेड इट टू.”

ईव: “क्रिसमस का क्या प्लान है?”

मिशेल: “रिचर्ड बताएँगे. पर मुझे तो इस बार घर में ही रहने की इच्छा है.”

ईव: “मैं आती हूँ, बस दस मिनट में.”

मिशेल: “नो प्रॉब्लम, टेक योर टाइम.” कहकर मिशेल अपने काम में व्यस्त हो गयी.

रिचर्ड उबासी लेता हुआ आया और मिशेल को चूमकर बोला, “मॉर्निंग ब्यूटीफुल.”

मिशेल ने उसके चुंबन का उत्तर दिया और उसके चेहरे को पकड़कर एक गहरा चुंबन लिया, “मॉर्निंग, हैंडसम.”

रिचर्ड ने फिर कहा कि वो बस यूँ गया और आया. वो जब किचन से निकल रहा था तो शैली आ गयी. अपने पापा को चूमकर उसने मिशेल को चूमा और मिशेल का हाथ बँटाने लगी.

मिशेल: “हे, तुमसे गंध आ रही है, जाओ पहले ब्रश और नहाकर आओ.”

शैली: “ओके, मॉम। यू और ग्रेट.”

मिशेल अपने काम में लगी रही, कुछ ही समय में कॉफी बन गयी और उसने अपने लिए एक कप में ली और काम में लगी रही. इतने में ही ईव आ गयी और उसने भी मिशेल का साथ दिया. अपने लिए कॉफी लेकर वो मिशेल के साथ मिलकर सैंडविच बनाने में जुट गयी.

जैसन अपने कमरे में गया और सीधा नहाने के लिए घुस गया. बाहर आकर वो बैठक में आया पर वहां किसी को न पाकर किचन में गया. वहाँ ईव और मिशेल थीं.

उसने ईव को किस किया और उसके नितम्ब दबा दिए. फिर कॉफी ली और जाने लगा.

मिशेल: “हे ब्रो, नो किस फॉर मी ?”

जैसन: “ओह सिस, श्योर.”

जैसन ने जब मिशेल को किस किया तो मिशेल ने उसके लंड को दबा दिया. जैसन ने भी अवसर देखकर मिशेल की गांड दबा दी. फिर कॉफी लेकर बैठक में चला गया.

कुछ ही देर में ऐलिस, मार्क और डेविड भी ऊपर आ गए और जाकर सोफे पर बैठे.

जैसन: “ब्रश तो कर लो. फिर कॉफी ले लेना.”

डेविड और मार्क सीधे किचन में गए और ऐलिस अपने कमरे में चली गयी. डेविड ने मिशेल को पीछे से पकड़ा और उसकी गर्दन चुम ली. “मॉर्निंग माई ब्यूटीफुल मॉम!”

“मॉर्निंग, बेटा, क्या चाहिए.”

“जो चाहिए, वो आप अभी तो देने से रहीं. पर अभी के लिए कॉफी चलेगी.”

“शैतान, ब्रश किया कि नहीं?”

“मॉम, वो भी हो जायेगा.” कहते हुए वो कॉफी मशीन की ओर बढ़ा. मार्क ईव से लिपटा हुआ उसके होंठ चूस रहा था.

“कम ब्रो, कॉफी पीते हैं. अपनी मॉम को बाद में पीना.”

मार्क ने ईव को छोड़ा तो ईव गहरी साँसे ले रही थी. मार्क और डेविड ने कॉफी ली और वहीं खड़े होकर पीने लगे. फिर उन्होंने कप धोने के लिए डाले। फिर डेविड ने अपनी मामी को पकड़ा और उसे चूमकर अपने कमरे में चला गया. मार्क ने ये देखा तो उसने भी अपनी बुआ को चूमा और डेविड के पीछे चल दिया.

मिशेल: “मार्क कुछ समझदार और शांत है, डेविड का बस चले तो मुझे रात दिन चोदता रहे.”

ईव ये सुनकर हंसने लगी.

ईव: “यहाँ पर सीधा बन रहा है, घर पर तो मुझे एक पल भी नहीं छोड़ता.”

मिशेल: “तुम्हारी जैसी रसीली माँ हो तो कौन छोड़ेगा?”

ईव: “जैसे तुम कुछ कम हो. रिचर्ड कहाँ है, क्रिसमस के बारे में पूछना था.”

मिशेल: “आने ही वाला होगा. नहाने में बहुत समय लगता है. पर कल तुम्हें इतनी देर क्यों हो गयी घर आने में?”

ईव ने कल घटित हुआ वृत्तांत सुनाया तो मिशेल की चूत बहने लगी.

मिशेल: “मुझे भी उन सबसे मिले बहुत समय निकल गया. मेरे विचार से इसका मुझे जल्दी ही कुछ प्रबंध करना होगा.”

नाश्ता बन चुका था. दोनों ने उसे खाने की टेबल पर लगाया और सबको पुकारा. पर जैसन के सिवाय कोई नहीं था. मिशेल और ईव जाकर बैठक में जैसन के साथ बैठ गयीं. मिशेल अपने जन्म देश के बारे में जानने के लिए उत्सुक थी और अपने अन्य परिवार के विषय में भी जानना चाहती थी. जैसन और ईव ने उसे नए समाचारों से अवगत कराया तब तक रिचर्ड भी आ गया और कॉफी लेकर साथ बैठ गया.

“जैसन आज पटेल बंधु अपने ऑफिस आने वाले हैं, आकार का इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का काम है, पर आकाश भी इसमें कुछ जिज्ञासा दिखा रहा है. मेरे विचार से हम सब अच्छा व्यवसाय कर सकते हैं.

“ठीक है, मेरे पार्टनर्स को भी बुला लूँ क्या?”

“नहीं, उन्हें अपने अन्य ग्राहकों के पास भेज दो. वो भी आवश्यक है.”

“ओके, कब मिलना है. ११ बजे आएंगे.”

“ठीक है, आप जब कहोगे मैं चलूँगा.”

मिशेल और ईव ने दोनों से नाश्ता करने का आग्रह किया.

“बच्चे बाद में खा लेंगे. उनका कोई समय नहीं है.”

चारों उठकर नाश्ते के लिए बैठे और नाश्ता करने के बाद मिशेल और ईव अपने अन्य कामों में व्यस्त हो गयीं और जैसन और रिचर्ड ऑफिस के लिए तैयार होने लगे.

दस बजे के आसपास ईव और मिशेल को छोड़कर सभी लोग अपने अपने काम पर निकलने लगे. शैली मार्क के साथ कॉलेज चली गयी, जैसन और रिचर्ड ऑफिस गए और डेविड ये कहकर निकला कि उसे कुछ काम से बाहर जाना है, पर वो शैली की दोस्त शिरीन की माँ एंजिल के घर उसके आमंत्रण पर उसके घर जा रहा था. शैली ने शिरीन को अपने ही साथ बुला लिया था. शिरीन के पिता कुछ महीनों से उनसे अलग रह रहे थे. और एंजिल को घर के कामों में कोई न कोई सहायता चाहिए होती थी.

सबके जाने के मिशेल और ईव कॉफी लेकर बैठक में जाकर गप्पें मरने लगे. पर मिशेल ईव के उन चार काले लौडों से चुदाई के विषय में जानने के लिए अधिक उत्सुक थी. ईव ने उसे इस बार विस्तृत रूप में बताया तो मिशेल की चूत ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया. उसके हाथ अनायास ही अपनी चूत पर चले गए. ईव से ये छुपा न रह सका.

ईव: “मिशेल, मैं इसमें तुम्हारी कुछ सहायता कर सकती हूँ, अगर तुम चाहो तो.”

मिशेल: “हम्म्म, चलो मेरे कमरे में चलते हैं.

मिशेल और ईव ने अपनी कॉफी के कप धोकर किचन में रखे और मिशेल के कमरे में चल दिए.

*******

एंजिल का घर :

डेविड ने एंजिल के घर की घंटी बजे. दरवाजा खुलने पर उसने देखा कि एंजिल एक बहुत झीना गाउन पहने हुए थी. डेविड को समझ आ गया की आंटी चुदने के लिए तत्पर है.

डेविड: “गुड मॉर्निंग, आंटी।”

एंजिल: “गुड मॉर्निंग, आओ मैं तुम्हारी ही प्रतीक्षा कर रही थी.”

डेविड अंदर गया और एंजिल ने दरवाजा लॉक कर लिया.

डेविड: “आंटीजी, क्या काम था, जिसके लिए आपने मुझे याद किया है.”

एंजिल: “कुछ लीक कर रहा है, मैं सोच रही थी कि तुम्हारे पास कोई औजार है जिससे कि वो बंद हो सकता है.”

डेविड मुस्कुरा उठा. उसे सब समझ आ गया. आंटी की चूत लीक कर रही थी जिसे वो उसके लंड से बंद करना चाहती थी.

डेविड: “आंटीजी, मेरे औजार से हो सकता है, कि लीक और भी बढ़ जाये. कहीं बह न निकले. पर उसके बाद अवश्य बंद हो सकती है.”

एंजिल: “मुझे भी ऐसा ही कुछ लगता है.” एंजिल डेविड के निकट आकर बोली.

उसके इत्र की सुगंध ने डेविड को मुग्ध कर दिया.

डेविड: “आंटीजी, अपने बहुत अच्छा सेंट लगाया है. बहुत अच्छी सुगंध है.”

एंजिल: “दो स्थानों पर लगा है. हम्म्म, दो नहीं तीन.”

डेविड भी अब उसके निकट आ गया और उसकी आँखों में झांककर देखा.

डेविड: “क्या मैं अनुमान लगा सकता हूँ कि वो तीन स्थान क्या हैं?”

एंजिल: “ठीक है. बताओ.”

डेविड: “छू कर बताऊंगा.”

एंजिल: ये तो और भी अच्छा है.”

डेविड ने एंजिल के चेहरे पर आंखे रखते हुए अपने दोनों हाथ उसके दोनों मम्मों पर रख दिए.

“दो तो ये हैं.”

“और तीसरा ये.” इसके पहले कि एंजिल कुछ प्रतिक्रिया दे पाती डेविड ने उसकी चूत पर हाथ रख दिया. “ठीक है या गलत.”

“हम्म्म, तुम बहुत बुद्धिमान हो. तुमने एक बार में ही ताड़ लिया.”

“आंटीजी, जब सब कुछ साफ है, तो क्यों न आपके कमरे में चलकर आपकी लीकेज को ठीक किया जाये?”

एंजिल ने अपने कमरे की ओर कदम बढ़ाये और डेविड उसकी मस्त गांड की लचक देखते हुए उसके पीछे चल पड़ा. कमरे में जाते ही डेविड ने अपने कपड़े निकालने आरम्भ कर दिए. जब एंजिल मुड़ी तो देखा और कुछ शर्मा सी गयी.

“बहुत जल्दी में हो.”

“देर करने से लीकेज बढ़ सकती है, इसीलिए मैं अपना औजार निकाल रहा हूँ.”

“स्मार्ट हो.” ये कहते हुए एंजिल ने अपने होंठ डेविड से मिला दिए. दोनों प्रगाढ़ चुंबन में लीन हो गए. न जाने एंजिल के शरीर से वो झीना वस्त्र भी धराशाई हो कर गिर गया. डेविड अपनी पैंट अभी तक नहीं निकाल पाया था.

एंजिल: “लैट मी हेल्प.” ये कहकर उसने डेविड की पैंट पर हाथ रखा और कुछ ही क्षणों में डेविड भी उसके समान नंगा था.

एंजिल: “वाओ, तुम्हारा औजार तो सच में बहुत बड़ा है, मेरी लीकेज अवश्य बंद कर पायेगा.”

डेविड ने उसे बाँहों में भरकर चुम्बनों की झड़ी लगा दी. एंजिल भी उसका पूरा साथ दे रही थी. फिर एंजिल बिस्तर पर बैठ गयी और डेविड के लंड को मुंह से चाटने लगी.

*******

कॉलेज में:

मार्क शैली के साथ कॉलेज पहुंचा और कुछ ही देर में शिरीन भी आ गयी. शैली ने दोनों का परिचय कराया और फिर मार्क को कॉलेज दिखाने के लिए चल पड़ी. कोई बीस मिनट बाद शैली की क्लास का समय हो गया तो उसने शिरीन से कहा कि वो मार्क को कॉलेज घुमा दे. वो अपनी दो क्लास समाप्त करने के बाद १ बजे केंटीन में मिलेगी. उसकी आँखों को ये नहीं दिख पाया की पूरे समय शिरीन और मार्क एक दूसरे को देखकर आंख-मटक्का कर रहे थे. शैली के जाते ही मार्क ने अपना दांव खेला.

मार्क: “मेरे विचार से कॉलेज बाद में भी देखा जा सकता है, अब जब यहाँ पढ़ना ही है, तो मुझे ये सब समय के साथ पता चल ही जायेगा. मुझे ये समय अगर तुम्हारे साथ बिताने के लिए मिले तो अधिक ख़ुशी होगी.”

शिरीन की बाछें खिल गयीं. वो मार्क से आकर्षित थी और किसी प्रकार अपनी भावनाओं को संभाले हुए थी. पर मार्क के इस प्रस्ताव से उसका संयम टूट गया.

शिरीन: “क्यों नहीं. चलो केंटीन में चलते हैं, इस समय वहाँ कम ही लोग होंगे.”

मार्क: “तुम्हें क्लास में नहीं जाना.”

शिरीन: “आज नहीं.”

मार्क और शिरीन केंटीन चले गए, पर वहाँ पर उनके अनुमान के विपरीत अधिक लोग थे. कुछ समय बैठने के बाद मार्क ने तो समझ ही लिया कि यहाँ कुछ अधिक बात नहीं हो पायेगी. शिरीन ने भी ये भांप लिया. वो सोच रही थी कि क्या किया जाये. शैली एक घंटे में लौट ही आएगी. फिर उसने अपने मन में एक निश्चय किया. वो ये अवसर छोड़ना नहीं चाहती थी. शैली को वो बाद में मना लेगी. पर मार्क के साथ अगर उसे कुछ समय मिल जाये तो…

शिरीन: “चलो मैं तुम्हें दूसरी जगह ले चलती हूँ.”

मार्क: “कब तक लौटेंगे?”

शिरीन: “ये तुम्हारे ऊपर है, तुम इस समय का कैसे उपयोग करना चाहोगे.”

शिरीन की बात से ये तय हो गया कि वो चुदने के लिए तत्पर है. और मार्क भी शिरीन की चूत का मजा लेना चाहता था.

“चलो.”

“शैली को मैं बाद में समझा दूंगी. मेरी सबसे निकट सहेली है. अपने भाई के साथ समय बिताने के लिए मुझे नहीं लगता वो बुरा मानेगी.”

“आई होप यू आर राइट.” मार्क बुदबुदाया. और शिरीन के साथ चल पड़ा.

वहीँ शिरीन के मन में ये विचार चल रहे थे कि मैं इसे जहाँ ले जा रही हूँ अगर उसे वो अच्छा लगा तो ये सदा के लिए मेरा हो सकेगा. उसने मन में ये इच्छा भी की कि उसका अनुमान गलत न हो.

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मिशेल के घर:

ईव ने मिशेल के कमरे में आने के बाद उसे अपनी बाँहों में जकड़ लिया और दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने लगी. कपड़े जैसे किसी स्वचालित प्रक्रिया से निकल कर अलग हो गए. एक दूसरे को चूमते हुए बिस्तर पर जाकर ढेर हो गयीं. कुछ देर की चूमा चाटी के बाद ईव ने आसन बदला और अपनी चूत को मिशेल के मुंह पर लगाते हुए मिशेल की चूत को चाटने लगी. भाभी नन्द एक दूसरे के प्यार में दुब कर एक दूसरे को मौखिक सम्भोग जा सुख दे रही थीं.

कुछ ही देर में दोनों ने झड़ कर अपना रस एक दूसरे के मुंह में छोड़ दिया. फिर एक दूसरे के साथ लेट कर चूमते हुए अपने हाथों से एक दूसरे को सहलाती रहीं.

ईव: “डेविड बहुत अच्छी चुदाई करता है, क्या सब आपसे सीखा है?”

मिशेल: “नहीं, कुछ मुझसे, कुछ औरों से, पर जो भी सीखा उसका उपयोग भरपूर करता है. आनंद आ जाता है उससे चुदवाने में.”

ईव : “सच है, मेरा मार्क भी ऐसा ही है, तुम्हे कल कैसा लगा उसके साथ?”

मिशेल: “बहुत अच्छा, दिल से चोदता है, लंड तो केवल एक निमित्त है.”

दोनों हंस पड़ीं.

मिशेल: “तुम्हारा उन चारों के लिए क्या प्लान है?”

ईव: “कहीं और जाना ठीक नहीं होगा, विशेषकर जो बदमाशी उन्होंने की थी. उस दिन इतनी थकी न होती और कुछ और समय मिला होता तो मैं दो दो लौड़े भी ले सकती थी. और ऐलिस भी डर गयी थी. सोचना होगा, क्या करूँ?”

मिशेल कुछ देर सोचती रही.

“यहां बुला लो.”

ईव चौंकी, “यहाँ?”

मिशेल: “हाँ, मैं पहले भी रिकी और डॉन से चुदवा चुकी हूँ. तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है.”

ईव: “कल बुला लूँ?”

मिशेल: “हाँ, फिर हम सब क्रिसमस में व्यस्त हो जायेंगे.”

ईव: “ठीक है, मैं जैसन से पूछ लूँ, फिर उन्हें बुला लूँगी. आप भी रिचर्ड से पूछ लेना।”

दोनों इस बात पर सहमत हो गए और फिर एक बार फिर से एक दूसरे के शरीर का रसपान करने लगे.

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एंजिल का घर :

एंजिल ने डेविड के लंड को पूरा मन लगाकर चूमा, चाटा और चूसा. वो डेविड के लंड के आकार से बहुत प्रभावित हुई थी. उसने और भी डेविड की आयु के लड़कों से अपनी वासना मिटाई थी, पर जो लंड डेविड के पास था उनके सामने वे क्षीण थे. उसकी बहती हुई चूत की मादक गंध कमरे में छा चुकी थी और डेविड को भी इसका आभास था. उसे लगा कि अधिक देर करने पर ऐसा न हो कि मुख्य व्यंजन से उसे हाथ धोना पड़े. उसे घर भी लौटना था. उसने एंजिल के सिर पर एक थप्पी दी तो एंजिल ने सिर उठाकर उसे देखा.

डेविड: “आपकी लीकेज की महक से लग रहा है कि उसका कोई प्रबंध करना होगा. आइये, पहले मैं उसका निकट से परिक्षण कर लूँ.”

एंजिल को समझ तो आ गया कि डेविड क्या चाहता है, पर उसकी आयु के अन्य लड़कों के साथ किये हुए सहवास के कारण उसे कुछ शक था. वो खड़ी हुई तो डेविड ने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके दोनों पाँवों को चौड़ा करते हुए अपने मुंह को उसकी अविरल बहती चूत पर रख दिया. एंजिल का शरीर कांप उठा. इसका यही अर्थ था कि डेविड अन्य लड़कों के समान नहीं था. अपितु वो स्त्री की प्यास हर पराक्रम से मिटने में सक्षम था. एंजिल ने निर्णय किया कि वो डेविड को वो सुख भी देगी जिसे वो अन्य लड़कों को नकारती रही थी. इस विचार से ही उसके शरीर में झुरझुरी उठी और उसकी चूत ने धरे सारा रस डेविड के मुंह में उढेल दिया.

डेविड चूत चूसने का रसिया था और उसे इसकी शिक्षा इतनी अनुभवी महिलाओं से मिली थी कि आज वो इसमें पारंगत हो चुका था. उसे सीखने में उसकी अपनी माँ का भी योगदान था, और कुछ कुछ शैली का भी. डेविड ने अपने सारे अनुभव का रस निचोड़कर एंजिल की चूत को कुछ इस प्रकार से चूसा कि एंजिल की चूत का बहाव अनवरत रूप से चलायमान रहा. डेविड ने उस रस को अमृत की भांति पिया और फिर उसने उसने अपनी उँगलियों से चूत को खोलकर रस से भीगते हुए अपने लंड पर भी लगाया. अगले चरण के लिए इसका बहुत महत्व था.

जब डेविड को लगा कि अब एंजिल बहुत झड़ चुकी है और अगर और देर की तो चुदाई में वो ढिलाई करेगी तो वो खड़ा हुआ और अपने लंड को चूत के ऊपर घुमाने लगा. इस प्रक्रिया से बहता हुए रस से उसका लंड सुचारु रूप से गिला हो गया. एंजिल की ऑंखें अभी बंद ही थीं और वो अपने उल्लास में खोई हुई थी. उसे ये आभास नहीं था कि उसकी चूत को सहलाने के लिए उँगलियों का नहीं बल्कि लंड का प्रयोग किया जा रहा है. पर एक झटके में उसकी ये तंद्रा टूटी और उसकी ऑंखें बाहर निकल पड़ीं.

उसे अपनी चूत में किसी तेज धार वाली वस्तु के अंदर जाने का अनुभव हुआ. उसकी ऑंखें जब नीचे की ओर गयीं तो उसने जाना कि डेविड ने अपने लंड से उसकी चूत को चीर दिया था. अभी वो इस ज्ञान से अपने आप को अवगत ही करा रही थी कि डेविड ने एक और शक्तिशाली धक्का मारा और उसके लंड ने चूत पर अपनी जीत का झंडा गाढ़ दिया. एंजिल हतप्रभ थी. उसकी फैली हुई आँखें और होठों का निशब्द संचालन उसे लगे किसी सदमे का आभास दे रहे थे.

डेविड जानता था कि समय बहुमूल्य है, और अगर उसने देर की तो एंजिल झटपटाकर उसे हटाने का प्रयास न करने लगे. उसने हल्की गति से एंजिल की चुदाई आरम्भ कर दी. लंड के इस प्रकार गतिशील होने से एंजिल को भी कुछ आनंद आने लगा. वो छुईमुई कली तो थी नहीं, उसे केवल इस आकस्मक हमले से ही कुछ आश्चर्य हुआ था. लंड के चलने से उसकी चूत ने अपनी प्रसन्नता जताई और एंजिल ने अपनी ऑंखें दोबारा बंद कर लीं.

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मिशेल के घर:

एक दूसरे के साथ आत्मीय समय बिताने के बाद मिशेल और ईव अधिक निकटता अनुभव कर रही थीं. दोनों उठकर किचन में गयीं और खाना बनाने में जुट गयीं. अब आठ लोगों का खाना जो बनाना था. मिशेल को लगा कि कुछ और सामान की आवश्यकता पड़ेगी. तो उसने ईव से बाहर चलने के लिए पूछा तो ईव मान गयी. कुछ ही देर में दोनों अपनी कार से एक बड़े स्टोर में गयीं और आवश्यक वस्तुओं को लेकर लौट आयीं। कुछ देर आराम करने के पश्चात् वे किचन में जुट गयीं.

मिशेल: “डेविड की आदत है कि अगर मैं किचन में रहूं और वो घर लौटे तो मुझे एक बार तो वो किचन में ही चोद देता है.”

ईव खिलखिला पड़ी. “मार्क भी ऐसा ही कुछ करता है. मुझे बहुत सम्भल कर रहना पड़ता है उससे. पर अब जब वो यहाँ रहने वाला है, मुझे उसकी याद बहुत सताएगी.” ये कहते हुए ईव की आँखों में आंसू आ गए और गला भर उठा.

मिशेल: “हे ईव, ऐसा क्यों सोच रही हो. वो घर में ही रहने वाला है. और अब तुम जब मन हो यहाँ आ सकती हो. इस बहाने तुम्हारा भी चक्कर लगता रहेगा. मेरे विचार से जैसन किसी नए व्यापार में जाने वाला है. क्यों नहीं तुम उसका प्रबंधन अपने हाथ में ले लेतीं। इस प्रकार से तुम्हारा आना जाना लगा रहेगा और मार्क को भी दूरी का अनुभव कम होगा. और यहां तुम्हें चुदाई के लिए भी तीन तीन लौड़े मिल जायेंगे.”

ईव ये सुनकर खिल उठी. “ये सही है. मैं आज ही जैसन से बात करुँगी.”

मिशेल: “अगर चाहो तो ये प्रस्ताव मैं दे सकती हूँ, तुम उसे आगे ले जाना.”

ईव मिशेल के गले लग गयी. “यु आर ब्रिलियंट!”

अब ईव इस तेजी से काम करने लगी कि मिशेल को आश्चर्य हुआ. कुछ ही देर मैं सारा कहना बन चुका था और अभी अधिक समय भी नहीं हुआ था. दोनों ने कुछ देर सोने का विचार किया और मिशेल के कमरे में चली गयीं.

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एंजिल का घर :

डेविड के लंड के धक्कों और उसकी जांघों की एंजिल की जांघों के थापों के संगीत से एंजिल के मन के तार हिल रहे थे. अभी तक के अन्य लड़कों की तुलना में न केवल डेविड आकर में बड़ा था बल्कि वो अपने लंड का भरपूर उपयोग करना भी जानता था. उसे अपनी बेटी की विनती याद आ रही थी जो उसे किसी तगड़े लड़के से चुदवाने के लिए न जाने कब से मना रही थी. पर आज उसका मनोरथ स्वयं ही पूरा हो गया था. डेविड की चुदाई के ढंग ने उसके मन मस्तिष्क के तार झनझना दिए थे.

आनंद से उसकी सीत्कारें निकल रही थीं, परन्तु अपार्टमेंट होने के कारण वो अधिक हल्ला नहीं मचा सकती थी, हालाँकि उसका मन इस समय चीख चीख कर अपने आनंद को बताने के लिए उत्सुक था. डेविड भी अपनी पूरी शक्ति और अनुभव के साथ एंजिल की चूत में अपने लंड के प्रहार कर रहा था. एंजिल के शरीर में अचानक अकड़न हुई और उसके कूल्हे बिना लय के थिरकने लगे. काँपते शरीर ने अपनी हार मानते हुए चूत से एक लम्बी धार निकाली और एंजिल शिथिल पड़ गई. डेविड भी अब अधिक रुकने के लिए बाध्य नहीं था. उसे ऐसा लग रहा था कि एक राउंड और होगा और तभी उसे घर लौटने का अवसर मिलेगा. इस बार उसकी आँखों के सामने एंजिल की कसी हुई गांड नाच रही थी, पर उसे विश्वास नहीं था कि वो गांड मरवाने के लिए मानेगी. अपने लंड के रस से एंजिल की चूत को सरोबार करने के बाद डेविड उठा और बाथरूम चला गया. एंजिल उसी स्थिति में अपने पैर फैलाये हुए होंठों पर मुस्कान लिए हुए ऑंखें बंद करके लेटी रही.

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शिरीन मार्क को लेकर एक अपार्टमेंट में गई और उसने एक घर को अपने पर्स में रखी चाबी से खोला. मार्क को कुछ आश्चर्य हुआ पर वो चुप ही रहा. अंदर जाकर श्रीं उसके गले लग गई.

शिरीन: “मैं तुम्हें कुछ बताना चाहती हूँ. ये मेरा ही घर है. मैं और मेरी मॉम यहां रहते हैं. मेरे पापा हमे छोड़कर किसी और के साथ घर बसा चुके हैं. मॉम बहुत अकेलापन अनुभव करती हैं. ”

मार्क उसकी बात ध्यान से सुन रहा था.

शिरीन: “मैंने मॉम से कई बार कहा है कि किसी दमदार लड़के से चुदवा लो, पर वो हमेशा ऐसे लड़कों को चुनती हैं कि उन्हें संतुष्टि नहीं मिलती. मैं तुमसे आज ये प्रार्थना करती हूँ कि आज तुम प्लीज मेरी मॉम को चोदो उसके बाद तुम जब चाहोगे मैं तुम्हारे लिए उपलब्ध रहूँगी.”

मार्क ने दीवाल पर लगी फोटो से ये अनुमान तो लगा लिया था कि शिरीन की माँ कैसी है. और उसे इस बात में कोई विशेष आपत्ति भी नहीं थी.

मार्क: “पर तुम्हें कैसे पता कि मैं उन लड़कों जैसा नहीं हूँ?”

शिरीन: “क्योंकि तुम डेविड के कसिन हो और वो…” उसे लगा कि वो पहले ही अधिक बोल चुकी है.

मार्क मुस्कुराकर बोला, “ठीक है, पर याद रहे, मैं तुम्हें जब चोदना चाहूँगा तुम्हें आना होगा.”

शिरीन उसके गले से लिपट गई. “प्रॉमिस. तुम ऐसा करो कपड़े यहीं निकाल लो, मैं मॉम को सरप्राइज दूंगी.”

मार्क मान गया और उसके कपड़े उतारकर एक ओर समेत कर रख दिए. शिरीन उसके बलिष्ठ शरीर और तगड़े लंड को देखकर खुश हो गई. उसने ऊँगली के संकेत से मार्क को एक कमरे की ओर बुलाया.

शिरीन ने दरवाजा खोला तो देखा कि उसकी माँ बिस्तर पर नंगी पड़ी है. उसने कमरे में अन्य कुछ और नहीं देखा और ये मान लिया कि एंजिल संभवतः आत्मसंतुष्टि करके सो गई है. शिरीन ने मार्क को अंदर बुलाया और कमरा बंद कर लिया. पर जो शिरीन ने अपने उत्साह में नहीं देखा था वो मार्क ने देख लिया। वहाँ पहले ही किसी आदमी के वस्त्र पड़े थे. वो सोच ही रहा था कि किस चक्कर में पड़ गया कि बाथरूम का दरवाजा खुला और वो लड़का नंगा ही बाहर आया.

शिरीन और मार्क के मुंह से एक साथ और अनायास ही निकल पड़ा, “डेविड! तुम यहाँ !”

.......अगले भाग में आगे
 
चौथा घर मिशेल और रिचर्ड डिसूज़ा

अध्याय ४.३

भाग २

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एंजिल का घर :

शिरीन ने दरवाजा खोला तो देखा कि उसकी माँ बिस्तर पर नंगी पड़ी है. उसने कमरे में अन्य कुछ और नहीं देखा और ये मान लिया कि एंजिल संभवतः आत्मसंतुष्टि करके सो गई है. शिरीन ने मार्क को अंदर बुलाया और कमरा बंद कर लिया. पर जो शिरीन ने अपने उत्साह में नहीं देखा था वो मार्क ने देख लिया। वहाँ पहले ही किसी आदमी के वस्त्र पड़े थे. वो सोच ही रहा था कि किस चक्कर में पड़ गया कि बाथरूम का दरवाजा खुला और वो लड़का नंगा ही बाहर आया.

शिरीन और मार्क के मुंह से एक साथ और अनायास ही निकल पड़ा, “डेविड! तुम यहाँ !”

अब आगे….

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मिशेल का घर:

दो बजे होंगे जब शैली ने तमतमाते हुए घर में प्रवेश किया. मिशेल और ईव खाना बनाकर सोई हुई थीं पर शैली के कारण उनकी नींद खुल गई और दोनों कमरे से बाहर निकल आयीं।

मिशेल: “क्या हुआ? इतनी गुस्से में क्यों ही?”

शैली की आँखों से अंगार बरस रहे थे, उसने ईव को देखा और बोली, “मामी आपका लड़का बहुत असभ्य है.”

ईव सकपका गई, “क्या हुआ? बताओ तो कुछ.”

शैली, “मेरी दो क्लास थीं तो मैंने उसे शिरीन के साथ छोड़ दिया था कॉलेज दिखने के लिए. पर आपके साहबजादे शिरीन को लेकर गायब हो गए और फोन भी नहीं उठाया. शिरीन की बच्ची से तो मैं निपट लुंगी, पर आप भी मार्क को समझा देना, कि ऐसा व्यव्हार मुझे बिलकुल पसंद नहीं है.”

ईव: “ठीक है, शैली. आएगा तो उसे समझा दूंगी. अब शांत हो जाओ. वैसे डेविड कहाँ है उसने तो कहा था कि एक बजे आ जायेगा पर अब दो से भी अधिक समय हो चुका है.”

अचानक ही शैली का गुस्सा छू मंतर हो गया. उसने इस पूरे प्रकरण में ये तो सोचा ही नहीं था कि डेविड कहाँ है. और कहीं शिरीन मार्क को अपने ही घर तो नहीं ले गई. ऐसा हुआ तो डेविड ने जो उसे वचन दिया था वो टूट गया होगा.

“ओह, शिट!” शैली के मुंह से निकला, “मॉम अपने डेविड से बात की क्या?”

मिशेल: “नहीं तो, मैं और तुम्हारी मामी एक दूसरे को समझने में व्यस्त थे.” मिशेल के स्वर ने बता दिया कि वो कैसे व्यस्त थे.

शैली ने उन दोनों को देखा और मुस्कुरा दी, “गुड फॉर यू बोथ. मुझे भी मामी को समझना था, पर अभी पहले डेविड को ढूँढना होगा. मैं आती हूँ.”

ये कहकर शैली चली गई और ईव मिशेल का मुंह ताकने लगी. “ये क्या हुआ?”

मिशेल: “पक्का तो नहीं कह सकती, पर मेरा अनुमान है.”

ईव ने जिज्ञासा से उसे देखा, “क्या?”

मिशेल ने साँस भरी, “शायद डेविड शिरीन की माँ के पास गया था. शिरीन को अपने घर से दूर रखने का काम शैली का था. पर अब शैली को लग रहा है कि शिरीन मार्क को उसके ही घर ले गई है. और अगर ये सच निकला तो डेविस शैली को अच्छी सीख देगा. पर ये केवल अनुमान है. सच तो उन सबके आने पर ही पता चलेगा.”

“अब हम क्या करें?”

“अब क्या कर सकते हैं, जो होना था हो चुका। आशा करो कि शिरीन मार्क को कहीं और ले गयी हो.”

“पर आप डेविड को ऐसे जाने देती हो?”

“मुझे कहाँ कोई कुछ बताता है, सब कुछ बाद में ही पता चलता है. पर मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है. डेविड का जवान खून है, तो उसे रोकना सम्भव नहीं है.”

“तो अगर मार्क यहाँ रहा तो वो भी यही सब करेगा.”

“मेरी प्यारी ननद, तुम भी तो चार आदमियों से चुदवाकर आयी थीं. उसे मजा करने दो, जब तक कि ये उसकी पढाई में अड़चन न बने.”

ईव ने कुछ सोचते हुए हामी भरी. अब उन दोनों को इस रहस्य के खुलने की प्रतीक्षा करनी थी कि आखिर मार्क और डेविड थे कहाँ.

शैली ने अपने कमरे में जाकर डेविड को फ़ोन मिलाया.

“हैलो, डेविड?”

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एंजिल का घर:

शिरीन और मार्क की आवाज़ सुनकर एंजिल ने अपनी ऑंखें खोल दीं और देखा कि अब कमरे में दो और लोग भी थे. एक तो उसकी बेटी ही थी और एक दूसरा लड़का था, और वो भी नंगा. लड़के के लंड को देखकर एंजिल के मन की धड़कन बढ़ गई. डेविड ने उसकी भरपूर चुदाई की थी, और ये लड़का भी डेविड से किसी भी ओर से कम नहीं लग रहा था. क्या वो इतने भाग्यशाली है कि एक ही दिन में दो दो जवान तगड़े लौंड़ों से चुद सके? उसके आँखों में वासना की भूख जाग उठी.

एंजिल: “ये कौन है?”

शिरीन जो अभी भी सकते में थी, “ये डेविड का कसिन है, साउथ अफ्रीका से आया है, मैं मैं सोच रही थी कि ये तुम्हारे साथ…”

एंजिल समझ गई कि शिरीन इस लड़के को क्यों लाई थी. उसे अपनी बेटी पर बहुत प्यार आया.

एंजिल: “मैं तो आज डेविड को बुला चुकी थी, पर मार्क को भी खाली भेजना ठीक नहीं होगा. क्यों?”

शिरीन: “पर पर…”

मार्क की आँखों में एंजिल के नंगे शरीर को देखकर चमक आ गई थी.

मार्क: “शिरीन ने मुझे बोला था कि अगर मैं आपको संतुष्ट कर पाया तो वो भी मेरे साथ चुदाई करेगी. और आपको देखकर मैं बिना आपको चोदे लौटने वाला भी नहीं.”

डेविड हंसने लगा, “आंटीजी, क्या मैंने आपको संतुष्ट किया है.”

एंजिल: “बिलकुल.”

डेविड: “तो शिरीन, मेरे विचार से आंटीजी के कथन और तुम्हारे मार्क को दिए वचन के अनुसार मैं तुम्हें चोद सकता हूँ.”

मार्क: “और मैं आंटी को खुश करने का प्रयास करूंगा.”

सिरिन को कुछ समझ नहीं पड़ रहा था. एक समस्या ये भी थी कि उनके घर में एक ही शयनकक्ष था. माँ बेटी साथ ही सोती थीं. शिरीन के पिता के जाने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वो इससे बड़ा घर ले सकते. पर इस समस्या का हल भी एंजिल ने किसी अच्छी माँ के समान तुरंत ही निकाल लिया.

एंजिल: “शिरीन, ऐसा नहीं कि हमने एक दूसरे को चुदते हुए नहीं देखा है. अंतर यही है कि पहले एक ही लड़का होता था. तो आज हम एक साथ चुदवाती हैं इन दोनों भाइयों से, बड़ा मजा आएगा.”

शिरीन ने कुछ सोचा और फिर अपने कपड़े निकालने आरम्भ कर दिए, “आप सही कह रही हो, वैसे भी हमारे बीच में कुछ छुपा तो है नहीं.”

डेविड शिरीन की ओर बढ़ा तो एंजिल उठी, “मैं बाथरूम से सफाई करके आती हूँ. आज सच में बड़ा अच्छा दिन है. दो दो लंड से चुदने का अवसर मिला है, मेरी तो क्रिसमस जल्दी आ गयी.”

डेविड ने शिरीन को बाँहों में लिया और उसे चूमने लगा. एक हाथ से वो शिरीन की चूत को मसल रहा था. शिरीन उसके इस हमले से सिहर उठी और उसका एक हाथ अनायास ही डेविड के तने लंड को सहलाने लगा.

एंजिल बाहर निकली और उसके शरीर की मनोहर छटा ने मार्क को अचम्भित कर दिया. एंजिल ने आगे बढ़कर मार्क को पकड़ा और उसे चूमने लगी. कुछ ही पलों में माँ बेटी एक जैसे अपनी चूत को सहलाने और लंड मसलने में जुट गए.

एंजिल ने पहल की और मार्क को बिस्तर की ओर ले गई. बिस्तर पर उसे लिटाकर उसके लंड को चूसने लगी. मार्क आनंद से झूम गया. उसकी मन की इच्छा पूरी जो होने थी. डेविस शिरीन को भली भांति जानते हुए भी कभी उससे शारीरिक संबंध में नहीं बंधा था. दोनों को दूरी का कारण नहीं पता था और दोनों के मन में इसके लिए खेद था कि उन्होंने इतने वर्ष यूँ ही निकाल दिए थे. एक दूसरे में समाने को आतुर खड़े खड़े ही एक दूसरे के शरीर में समाने की चेष्टा कर रहे थे. शिरीन से अब रहा नहीं जा रहा था, उसने डेविड की आँखों में देखा और उसे संकेत किया तो डेविड उसे लेकर बिस्तर की ओर बढ़ गया.

बिस्तर बहुत बड़ा तो नहीं था, पर सिरिन ने अपने शरीर को ऐसे बिछाया कि वो उपयुक्त लगने लगा. डेविड उसकी चूत में झुक गया और उसे चाटने व्यस्त हो गया. शिरीन ने अपने साथ में अपनी माँ को मार्क के लंड को चूसते हुए देखा तो उसे कुछ ईर्ष्या पर डेविड ने उसकी चूत में वो संवेदनाएं जगायीं कि वो अपने सुख में खो गयी. हो सकता है कि उसे मार्क से भी चुदने का अवसर मिल ही जाये. डेविड ने किसी विशेषज्ञ के समान उसकी चूत हर कोने और रोम को अपने होंठों और जीभ से चाट कर उसे जल्दी ही अपने चरम पर लेकर झड़ा दिया. रस से भीगे हुए चेहरे को डेविड ने उठाकर शिरीन की ओर देखा तो उसकी आँखों में प्यार और वासना की मिली जुली कसक दिखी. शिरीन ने मुस्कुराकर डेविड को देखा और फिर उसे खड़ा होने का संकेत किया.

इस बार उसने डेविड को लिटाया और उसके लंड को चूसने लगी. वहीं पास में एंजिल ने मार्क के लंड को उपयुक्त रूप से चूस कर उसका स्वाद मन में बसा लिया था और अब समय था असली चुदाई का. उसने मार्क को उसी स्थान पर लेटे रहने दिया और अपनी दोनों टाँगे उसके दोनों और करते हुए अपनी बहती प्यासी चूत को मार्क के लंड पर रखा और उस पर बैठती गई. पूरा लंड अंदर लेने के बाद वो कुछ देर अपने अंदर घुसे हुए लंड का अनुभव संजोती रही फिर धीरे से उसके ऊपर उठने बैठने लगी.

शिरीन डेविड के लंड को किसी लॉलीपॉप के समान चूस रही थी, पर ये विदित था कि उसे इसका कोई विशेष ज्ञान नहीं था. पर डेविड आज उसे रोकने वाला नहीं था. उसने निर्णय किया कि अगली बार वो शिरीन को इसके बारे में समझायेगा. डेविड के फोन की घंटी बजी तो उसने टेबल पर देखा जहां उसका फोन रखा था. उसने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया और शिरीन के मुंह में अपने लंड को कुछ कुछ बढ़ाने लगा. फिर उसने सोचा कि ये बाद में भी किया सकता है. उसने शिरीन को संकेत किया कि वो अब हट जाये. शिरीन जब हटी तो डेविड ने फोन अपने पास ही लेकर रख लिया। उसने ये नहीं देखा कि किसने कॉल किया था. फोन पास में रखकर उसने शिरीन को लिटाया और उसकी चूत पर लंड लगाते हुए बड़े संयम से उसकी चूत में अपना लंड उतारने लगा.

शिरीन की ऑंखें बंद थीं और वो डेविड के लंड को उसकी चूत को भेदने के सुख की अनुभूति में खोई हुई थी. उसके चेहरे पर एक स्वप्निल मुस्कान थी. तभी डेविड का फोन फिर बज उठा. देखा तो शैली थी.

उसने फोन उठाया, “हैलो।”

शिरीन ने आंख खोली तो डेविड ने उसे चुप रहने का संकेत किया. शिरीन ने सिर हिलाकर ऑंखें बंद कर लीं।

शैली: “डेविड, तुम कहाँ हो?”

डेविड: “जहाँ मैं बताया था.”

शैली: “तुमने शिरीन को तो नहीं देखा?”

डेविड: “रुको, मैं कॉल करता हूँ.”

फिर डेविड ने वीडियो कॉल लगाया. शैली ने जब फोन उठाया तो डेविड ने फ्रंट कैमरा ऑन किया. शैली को शिरीन का चेहरा दिखाई दिया. फोन चलता रखते हुए डेविड ने धक्के लगाए तो शैली को समझ आ गया कि डेविड शिरीन को चोद रहा है. मजा लेने के लिए डेविड ने फोन घुमाकर एंजिल की ओर किया जहाँ मार्क और एंजिल चुदाई कर रहे थे. इसके बाद उसने फोन काटा और मूक कर दिया. इस पूरे प्रकरण से अन्य सभी अनिभिज्ञ थे. शैली अब कुछ निश्चिन्त हो गई. ये पक्का था कि डेविड उससे गुस्सा तो नहीं रहेगा.

डेविड नीचे लेटी शिरीन को अब हल्के धक्कों से चोदने लगा.

उसका ध्यान शिरीन के मासूम चेहरे पर छाए हुए आनंद पर था. शिरीन और उसकी माँ उसके पिता के जाने के बाद जिस स्थिति से जूझ रहे थे, उसमे भी शिरीन ने अपना भोलापन बचाकर रखा था. वो केवल अपनी माँ को खुश रखने के लिए अन्य लड़कों से चुदवाती थी, पर ये विदित हो गया था कि वो चुदाई में निपुण नहीं है. डेविड उसे इसिलए बहुत ही प्यार से चोद रहा था जिससे वो इस चुदाई को सदैव याद रखे.

उधर एंजिल के मार्क के लंड पर कूदने की गति शिथिल पड़ चुकी थी. मार्क ने इसे समझा और कम स्थान होने के पश्चात भी किसी प्रकार से एंजिल को पलट कर नीचे कर दिया और उसके ऊपर चढ़ कर चोदने लगा. एंजिल की आत्मा तृप्त हो रही थी. मार्क ने अपनी चुदाई की गति बढ़ा दी और चूँकि डेविड ने पहले ही एंजिल की चूत को कुछ ढीला कर दिया था, तो मार्क को अधिक परिश्रम करना पड़ रहा था. पर वो अपनी पहली भारतीय चूत का भरपूर आनंद लेना चाहता था. उसके धक्कों से एंजिल का शरीर कांप उठता और बिस्तर भी हिल रहा था. डेविड के तो धक्के इतने प्रेम भरे थे कि उसका अनुभव भी नहीं हो रहा था.

एंजिल के मुंह से अब सीत्कारें और घुटी हुई चीखें निकल रही थीं और अब उसकी चूत से रस की धार छूट रही थीं. मार्क के लंड छप छप की ध्वनि के साथ उसकी बहती हुई चूत में चप्पू चला रहा था.

“उह, उह , उहहहह “ ये शिरीन की आवाज़ थी जिसका शरीर अकड़ रहा था और सम्भवतः वो अपने चरम बिंदु को स्पर्श कर रही थी. डेविड ने अब अपनी गति कुछ बढ़ा दी जिससे कि शिरीन अपने आनंद क़ शिखर से जल्दी नीचे न उतर पाए. वो इस सुंदर भोली लड़की, जो उसकी बहन की घनिष्ठ मित्र थी, जीवन का वो सुख देना चाहता था जिसे वो सदा के लिए याद रखे. परन्तु डेविड को इस विषय में अधिक चिंता की आवश्यकता नहीं थी. शिरीन का लरजता शरीर इस अनुभव को सदा के लिए आत्मसात करने में व्यस्त था. शिरीन का मन मस्तिष्क इन क्षणों को कभी भी नहीं भूलने वाला था. सम्भवतः भविष्य में उसे डेविड की भांति और भी चोदने वाले मिलेंगे, पर ये इस आनंद की पराकाष्ठा का उसका पहला अनुभव था.

मार्क की गति अब इतनी तीव्र हो गयी थी कि एंजिल उसके लंड के लिए एक खिलौना मात्र बन गई थी. वो इस पूरी चुदाई में अब तक न जाने कितनी ही बार झड़ चुकी थी, हर बार वो यही समझती कि बस अब और नहीं, पर उसका शरीर उसे चुदाई की लहरों में ऊपर नीचे ले जा रहा था. ऊंचाई से वो जिस तेजी से नीचे आती थी, मार्क की चुदाई उसे उससे भी अधिक तेजी से फिर लहर के ऊपर ले जाती. अगर डेविड से चुदवा कर उसे आनंद मिला था तो मार्क ने उसे परमानंद की अनुभूति करा दी थी. अपनी चूत में मार्क के फूलते हुए लंड का आभास होने से उसे पता चल गया कि अब मार्क भी झड़ने के निकट है.

“मुंह में, मेरे मुंह में झड़ना, प्लीज़” उसने अनुरोध किया. मार्क ने अपने लंड को बाहर निकाला तो एंजिल को अपनी चूत में एक खालीपन सा लगा. मार्क ने तेजी से उसके मुंह पर अपना लंड रखा और जैसे ही एंजिल ने मुंह खोलकर उसे अंदर लिया मार्क के लंड से रस की पट्टियाँ निकलीं जिसने उसके गले तक उसे सींच दिया. एंजिल इतने अधिक कामरस के लिए तैयार नहीं थी, उसे सारा रस पीना ही पड़ा. उसे मार्क का स्वाद बहुत अच्छा लगा और वो मार्क के लंड के बाहर निकलने के बाद भी उसे अपने मुंह में संजोये रही.

डेविड ने भी देखा कि शिरीन अब निढाल हो चुकी थी और वो भी झड़ने वाला था. पर उसने अधिक कुछ न सोचते हुए जैसे ही वो झड़ने लगा अपने लंड को बाहर निकाला और शिरीन के सपाट पेट के ऊपर ही अपने रस की वर्षा कर दी. लंड बाहर निकने पर शिरीन ने भी ऑंखें खोलीं और उसकी आँखों में डेविड के प्रति प्रेम स्पष्ट दिख रहा था. डेविड ने उसे मुस्कुरा कर देखा. शिरीन ने अपने हाथ अपने पेट पर बह रहे रस में डाले और उसे लेकर चाटने लगी.

“बाहर क्यों छोड़ा, मेरे मुंह में क्यों नहीं?” उसने डेविड से प्रश्न किया.

“मुझे पता नहीं था कि तुम्हे अच्छा लगेगा या नहीं. अगर तुम्हें अच्छा लगा है, तो अगली बार अवश्य इसका स्वाद तुम्हें चखाऊंगा।”

“अब मुझे चोदने में इतने दिन तो नहीं लगाओगे? सच में तुमसे चुदने के बाद अब मेरा इसके बिना मन नहीं लगेगा.”

“नहीं, अब हम जल्दी मिला करेंगे.”

फिर डेविड ने समय देखा तो चौंक गया. उन्हें बहुत देर हो चुकी थी. उसने मार्क से कहा कि अब उन्हें जल्दी ही निकलना होगा.

एंजिल ने इस बार अपनी बात रखी, “डेविड, मार्क. तुम दोनों ने मुझे अथाह सुख दिया है. डेविड, मैंने सोचा था कि आज मैं तुमसे अपनी गांड भी मरवाऊँगी। पर मुझे लगता है कि उसके लिए मुझे कुछ और दिन प्रतीक्षा करनी होगी. हाँ, और मार्क, ये प्रस्ताव तुम्हारे लिए भी है, पर डेविड के बाद.”

डेविड और मार्क एक दूसरे को देखकर मुस्कुराये.

डेविड: “आंटीजी, आप जब बुलाओगी, हम आपकी सेवा के लिए प्रस्तुत हो जायेंगे. बस एक शर्त है, शिरीन भी साथ होनी चाहिए.”

एंजिल: “मैं इसका ध्यान रखूंगी.”

मार्क और डेविड ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और माँ बेटी से अनुमति लेकर अपने घर के लिए निकल गए.

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मिशेल का घर:

डेविड से बात करने के बाद शैली दुविधा में थी. एक ओर वो खुश थी कि शिरीन को डेविड जैसे तगड़े लंड से छोड़ने का सौभाग्य मिला था, वहीं उसे डेविड द्वारा दिए जाने वाले उपहार के न मिलने का भी था. पर उसने सोचा कि डेविड उसे उपहार दे ही देगा. आज या कल. ये सोचकर वो मुस्कुराती हुई बैठक में लौट आयी.

“डेविड का पता लगा? मार्क का?” मिशेल ने अधीरता से पूछा.

“हाँ दोनों साथ ही हैं.”

“मतलब..”

“शिरीन मार्क को उसके घर ही ले गई थी. पर डेविड वहां पहले से ही था. उसने मुझे वीडियो कॉल में दिखाया कि वो शिरीन को चोद रहा था और मार्क उसकी मॉम एंजिल को.”

“ओह गॉड! शॉकिंग!” ईव के मुंह से निकला.

“क्यों मामी हम सब भी तो एक दूसरे के साथ…”

“ओह, इट इस ओके.” मिशेल ने बात संभाली.

शैली ने अपनी मामी के गदराये शरीर को देखते हुए कहा, “मामी, मुझे भी आपके साथ मॉम के जैसे कुछ समय बिताना है.”

ईव: “शैली, मुझे भी ख़ुशी होगी. पर आज देर हो चुकी है, इसे हम कल के लिए स्थगित कर देते हैं. वैसे भी कुछ ही देर में सब लौटने ही वाले हैं, और तुमने अभी तक खाना भी नहीं खाया है.”

शैली, “हाँ, मुझे भूख तो बहुत लगी है. मैं खाना खा ही लेती हूँ.”

खाने के बाद शैली अपनी मॉम की बगल में बैठ गई.

“तो आज रात का क्या कार्यक्रम है?”

“व्ही जो कल था, पर आज जल्दी शुरू करेंगे.”

“गुड़, मुझे भी मार्क की परीक्षा लेनी है. और पापा लगता है आज मामी को नहीं छोड़ने वाले.”

“आई होप सो.” ईव ने कहा तो मिशेल हंस पड़ी.

मिशेल, “लगता है आज मुझे फिर जैसन ही मिलने वाला है. डेविड का मन ऐलिस पर आया हुआ है.”

शैली: “मॉम, अपने अभी तक मामा से गांड नहीं मरवाई है, आज उसे भी कर लो.”

“ऊह , ये सच कहा तुमने. वैसे शैली जैसन की भी तुम्हारी गांड के लिए कुछ ऐसी ही इच्छा है.”

” वो भी पूरी हो जाएगी मॉम, अभी तो दो ही दिन हुए हैं.”

तीनों हंस पड़ीं और अन्य बातों में व्यस्त हो गयीं.

डेविड ने देखा कि शैली उसे कुछ कहना चाह रही थी. दोनों उठकर बाहर गए.

“डेविड, तुम शिरीन के बारे में क्या सोचते हो.”

“मुझे वो सच्ची और अच्छी लगी. पर उनकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है. क्या हम कुछ कर सकते हैं.”

“देखते हैं. क्या तुम उसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहोगे.”

“मुझे तो ये ठीक लगता है. यस , मुझे उसे अपनी गर्लफ्रेंड बनाना अच्छा लगेगा.”

“पता है, वो तुम्हे कई दिनों से चाहती है, पर कुछ भी कहने में झिझक रही थी.”

“कोई बात नहीं, अब मैं बात करूंगा. और शैली, तुम्हारा पुरुस्कार तुम्हें मिलेगा.”

“थैंक्स, ब्रो।”

ये कहकर दोनों अंदर आ गए. सोफे पर बैठकर जैसन और रिचर्ड व्हिस्की पी रहे थे. ईव ने मिशेल की ओर देखा. मिशेल ने समझते हुए बात आरम्भ की.

मिशेल: “जैसन, मैं ये सोच रही थी, कि अगर तुम ये नया व्यापर आरम्भ कर ही रहे हो तो क्यों नहीं तुम इसका उत्तरादित्व ईव को दे देते. ऐसे मैं वो हर दो महीने में आ सकेगी. मार्क के यहाँ रहने के कारण उसे भी घर की इतनी याद नहीं सताएगी.”

जैसन ने रिचर्ड को देखा, “मुझे तो ये ठीक लगता है. मेरे पास वैसे भी इतना काम है कि मेरा इतनी जल्दी जल्दी आना सम्भव नहीं है. अगर ईव ये चाहती है, तो मुझे स्वीकार है.”

ईव: “हाँ, मैं भी इसके लिए स्वीकृति देती हूँ.”

रिचर्ड: “तो फिर इस नयी कम्पनी के पंजीकरण में ईव का ही नाम देते हैं.”

शैली, “मामी, आप जो इतने दिनों के बीच आएंगी, आपको नहीं लगता कि आपके पास कोई विश्वस्त होना चाहिए जो आपकी अनुपस्थिति में आपको सब बातों की सूचना देता रहे?”

ईव: “हाँ, ये भी ठीक है, हमें किसी को देखना होगा.”

शैली ने डेविड की ओर देखकर कहा, “और अगर मैं कहूं कि मैं किसी को जानती हूँ, तो?”

मिशेल बोल पड़ी: “एंजिल ! तुम एंजिल की बात कर रही हो न?”

शैली: “यस, मॉम !”

मिशेल: “ईव, शैली सही कह रही है. एंजिल इसकी पक्की सहेली की माँ है और बहुत अच्छी स्त्री है. और मेरे विचार से वो बहुत निश्छल स्त्री है. शैली, मेरे विचार से भी एंजिल इस कार्य के लिए उपयुक्त रहेगी.”

ईव: “ठीक है, पंजीकरण के बाद हम उससे मिलेंगे.”

मार्क जो अब तक चुप था बोला : “मॉम दिस इस ग्रेट. यू कैन कीप कमिंग हियर. वाओ.”

सभी लोग इस निर्णय से संतुष्ट थे. डेविड ने शैली को देखकर मूक स्वर में धन्यवाद कहा. शैली ने उसे आंख मारी।

फिर ड्रिंक्स का क्रम चला, जिसमें रिचर्ड और जैसन व्हिस्की पीते रहे, स्त्रियों ने वाइन ली और लड़कों ने बियर. दो राउंड के बाद खाने का समय हो गया.

खाने के बाद ये चर्चा हुई कि सीधे क्रीड़ांगन में जाना है या कुछ देर और बैठना है. फिर ये निश्चित हुआ कि नीचे ही पूल के पास बैठकर बातें करेंगे. घर को ठीक से बंद करने के बाद मिशेल ने चतुर प्रबंधक के जैसे चारों बच्चों को काम पर लगाया. किसी को तौलिये, किसी को अल्पाहार तो किसी को व्हिस्की, वाइन और बियर नीचे ले जाने का आदेश दिया. चारों ने ये सारे काम शीघ्रता से निपटा दिए. घर का एक बार निरीक्षण करने के बाद सभी क्रीड़ांगन में चले गए.

वहाँ पर मार्क और डेविड ने पूल की कुर्सियों को गोलाई में लगा कर बीच में एक टेबल लगाई हुई थी. मिशेल ने दोनों को इस उत्तम व्यवस्था के लिए प्रशंसा दी. सब बैठ कर इतने दिनों में क्या कुछ घटित हुआ इस पर बातें करते रहे. हालाँकि सभी पी रहे थे पर कोई भी इतनी जल्दी नहीं पी रहा था कि नशे में धुत हो जाये. ईव के परिवार ने उनके देश में चल रहे सामाजिक और राजनितिक के बारे में भी बताया. डेविड और शैली को इसमें कोई खास रूचि नहीं थी, इसीलिए वो अपने कपड़े निकाल कर तैराकी करने लगे. जब तक वार्ड परिवार की बात समाप्त हुई डेविड और शैली बाहर निकलकर तौलिये में ही लपटे हुए बैठ गए.

मार्क की आगे की पढ़ाई के भी बातें चलीं. ऐलिस भी सम्भवतः अगले वर्ष यहीं पढ़ने के लिए आ जाये. इससे ईव का यहाँ निरंतर आने का एक और कारण जुड़ गया. पर उन्हें ये भी लगा कि जैसन अब अधिक अकेला पड़ जायेगा. जैसन ने इस बात पर कोई विशेष टिप्पणी नहीं की. उसके विचार में ये जीवन का हिस्सा थे. और ईव यहां वर्ष में अधिकतम साठ दिन ही रहने वाली थी जिसमें से केवल तीस दिन ही वो अकेली आएगी, अन्य तीस दिनों में जैसन भी रहेगा.

मार्क और ऐलिस भी उठकर तैरने के लिए चले गए. डेविड और शैली अंदर कमरे को ठीक करने में लग गए थे. अवसर देखकर ईव ने कहा, “मिशेल और मैं कल रिकी और अन्य तीनों को यहां आमंत्रित करना चाहते हैं. दूसरा ये भी है कि दो दिन बाद क्रिसमस का क्या प्रबंध किया जाये. और तीसरा, ये कि रिकी और साथियों को वो क्रिसमस में यहां नहीं बुलाना चाहती, पर अगर उनके मनोरंजन का कोई उपयुक्त प्रबंध हो सके तो अच्छा रहेगा.”

रिचर्ड बोला, “कल वो चारों आ सकते हैं. और मुझे कोई आपत्ति नहीं. पर केवल इसी स्थान का प्रयोग करना. अपने किसी भी शयनकक्ष में नहीं खेलना. क्रिसमस के लिए भी मैंने कुछ प्रबंध किया है, कल सुबह बताऊँगा, एक बार पुष्टि हो जाये. और मैं आकार से पूछूंगा उसकी सेक्रेटरी निशा के बारे में उसने कहा था कि वो किसी भी समय मनोरंजन के लिए उपलब्ध रहती है. उसकी कोई और भी सहेली हो तो अच्छा होगा.”

“क्या आकार से अभी पूछ सकते हो.” मिशेल ने जिद की.

“ठीक है, मैं ऊपर जाकर फोन पर पूछता हूँ.” रिचर्ड उठते हुए बोला।

रिचर्ड चला गया और मिशेल और ईव कपड़े उतारकर तरणताल में कूद गयीं. जैसन ने देखा कि वो अकेला ही है तो उसने भी तुरंत कपड़े फेंके और वो भी अंदर कूद गया. रिचर्ड जब तक आया तो वे तीनों तैराकी कर रहे थे. रिचर्ड ने भी उनके साथ तैरने के लिए कूद पड़ा.

कुछ देर तैरने के बाद सब एक ओर रुक कर साँस संयत करने लगे. तब रिचर्ड ने बताया कि आकार ने विश्वास दिलाया है कि वो निशा से कह देगा और निशा पहले भी इस प्रकार के आयोजन कर चुकी है, क्योंकि उसके भी विदेशी अथिति आते रहते हैं. इससे आश्वस्त होकर मिशेल और ईव ने अपनी प्रसन्नता दिखाई और अपने पति को चूम लिया. गहरे चुंबनों के बीच रिचर्ड और जैसन के हाथ अपनी पत्नियों के नितम्बों को दबाने लगे. पर जैसे ही जैसन ने ईव की चूत को चुने का प्रयत्न किया तो वो छिटक गयी.

“जैसन! तुम जानते हो आज रिचर्ड मुझे चोदेगा न कि तुम! प्लीज़”

“ओके बेबी, तो फिर देर किस बात की. मुझे भी अपनी बहन की एक बार और चुदाई करने का मन है.”

मिशेल और ईव ने अपने स्थान परिवर्तिति किये और मिशेल जैसन की बाँहों में झूम गयी और उसे चूमने लगी. वहीं ईव ने रिचर्ड को चूमते हुए उसकी बाँहों में अपने आप को छोड़ दिया. चूमते हुए जीजा साले ने अपनी साथी स्त्री को उठाकर ताल के कोने पर बैठाया और उनकी जाँघे फैलाकर उनकी चूत का रस लेने लगे. ईव और मिशेल की किलकारियां सुनकर डेविड, शैली, मार्क और ऐलिस कमरे से निकले और देखा कि उनके अभिवाहक अपने खेल में तल्लीन हैं. चारों ने एक दूसरे को देखा और लगभग दौड़कर कमरे में घुस गए और एक बिस्तर पर ढेर हो गए.

ऐलिस और शैली ने लौंड़ों को अपने मुंहे में लेकर चूसने में देर नहीं की. उन्हें पहले लगता था कि सब साथ ही रहेंगे कल जैसे, और इसीलिए वे रुके हुए थे. पर अब इसका कोई अर्थ नहीं था. डेविड और मार्क के लंड पहले से ही फटने को आतुर थे. हालाँकि दिन में चुदाई की थी,पर यही जवान होने का लाभ है कि लंड चुदाई के लिए कभी झुकता नहीं.

“लैट अस 69” मार्क ने सुझाव दिया. और पल भर में ही आसन बदले और इस बार डेविड ऐलिस की चूत में मुंह डालकर चूसने लगा और ऐलिस उसका लंड. यही स्थिति मार्क और शैली की भी थी.

लड़कियों को अपनी चूत में चल रही जीभों से भी उतना ही आनंद मिल रहा था जितना उन्हें लंड चूसने में मिल रहा था. दोनों का अपना अलग सुख था और इस समय वो इन दोनों में ही लीन थीं. लड़कों को भी चूत चाटने का बहुत शौक था और इसमें उन्हें उतना ही आनंद मिल रहा था जितना लंड चुसवाने में. उनके मोटे लंड पर चलती हुई मलमली जीभ और मुंह के अंदर की गर्मी, चूत या गांड का तो नहीं परन्तु एक अन्य आनंद का स्त्रोत थी.

ईव और मिशेल की चूत से छूटता हुआ रस केवल रिचर्ड और जैसन के मुंह में ही नहीं गिर रहा था, बल्कि उसका एक अच्छा हिस्सा ताल के जल में भी अपना रास्ता बना रहा था. पर इससे कोई व्यथित नहीं था. जिस रस को पीना सम्भव था उसमे नहाने में कोई समस्या ही नहीं थी. अब तक ईव और मिशेल अपनी टाँगे ताल में छोड़कर किनारे पर लेट चुकी थीं और उनका शरीर अपनी चूत में चल रही जीभ की गतिविधि से छटपटा रहा था. रिचर्ड अब ईव को चोदने के लिए उतावला था. उसने ही पहल करते हुए अपने चेहरे को ईव की चूत से हटाया.

“हमें अब अंदर चलना चाहिए.” जैसन ने ये सुनकर मिशेल की चूत में से मुंह निकाला और ताल के बाहर उछाल मारी। रिचर्ड भी ताल के बाहर आया और उसने ईव का हाथ पकड़ा और कमरे की ओर बढ़ा.

“लगता है बच्चे पहले ही बाजी मर चुके हैं.” ईव ने कमरे के अंदर चल रहे रास को देखकर कहा.

“हमारी प्रतीक्षा में तक गए होंगे.”

कमरे में जाने पर चारों बच्चों ने अंदर आते अपने माता पिता को देखा पर कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं दी. ईव ने एक बिस्तर चुना और उसपर लेटकर अपनी पैर फैलाये और अपनी उँगलियों से चूत की पंखुड़ियों को अलग करते हुए रिचर्ड को आमंत्रण दिया,“कम,फक मी नाउ.”

रिचर्ड वैसे भी रुकने वाला तो था नहीं उसने अपने लंड का निशाना साधा और ईव की रसीली चूत में एक ही बार में जड़ तक अपने लंड को पेल दिया.

“येह, देट इस द वे टू फक मी.” ईव ने सीत्कारी लेते हुए कहा. “नाउ, डोंट स्टॉप, कीप फकिंग मी हार्ड एंड फ़ास्ट.”

रिचर्ड भी ऐसे ही चुदाई के लिए लालायित था और उसने अपने लंड के प्रबल प्रहारों से ईव की चूत को पेलना आरम्भ कर दिया. ईव की चीखों से अन्य सभी कुछ देर के लिए व्याकुल हुए, पर फिर अपने काम पर लग गए.

“हे सिस, हाउ डू यू वांट टू फक?” जैसन ने मिशेल से पूछा.

“मेरी गांड में, पर पहले मेरी चूत से अपने लंड को गीला कर लो. तुमसे गांड मरवाये हुए वर्षों हो गए.” मिशेल बोली।

“हाँ, इतने सालों के बाद भी मुझे तुम्हारी गांड मारने वाले दिन आज भी याद आते हैं.” जैसन ने कहा.

इस बात पर ऐलिस ने डेविड के लंड से मुंह हटाकर अपने पिता को देखा, “डैड, आप हर बार यही बोलते हो. मुझे भी और मॉम को भी. इस डायलॉग को थोड़ा बदलो अब.”

जैसन: “बिलकुल नहीं, जो सच है वही तो कहता हूँ.” जैसन अपने लंड को मिशेल की चूत में डालते हुए बोला। “मुझे तुम्हारी गांड मारने वाले दिन आज भी याद आते हैं.”

“ओफ्फोह, डैड, आप भी!” कहकर ऐलिस ने डेविड से कहा, “डेविड, ब्रो। टाइम टू फक मी।”

ये कहकर ऐलिस ने अपने आसन को बदलते हुए डेविड के छत को ताकते लंड के दोनों ओर पांव रखे और उसके लंड पर चूत लगाकर बैठती चली गई. जब उसने पूरे लंड को अंदर कर लिया तो ठहरी और डेविड को देखकर बोली, “वाओ, यू हैव ए नाइस बिग फैट कॉक. लवली.”

डेविड: “थैंक्स सिस, मुझे ख़ुशी हुई कि तुम्हें पसंद आया.”

ऐलिस अब उसके लंड पर उछलकूद करने लगी.

अब शैली ही थी जिसकी चुदाई अभी भी नहीं हुई थी और वो इस कमी को पूरा करने के लिए उत्सुक थी. उसने मार्क के लंड को चूसना बंद किया और अपनी मामी के समान बिस्तर पर पैर फैलाये और मार्क को चोदने का निमंत्रण दिया. मार्क भी अब पूरी तरह चुदाई के ही मूड में था तो उसने भी अपने लंड को शैली की कमसिन चूत पर रखा और बड़े प्रेम के साथ धीरे धीरे पूरे लंड को शैली की गहराई में धकेल दिया. शैली की ऑंखें बंद थीं, पर उसके होंठ पर एक मुस्कुराहट थी. मार्क को उसपर बड़ा प्यार आया और उसने झुककर शैली के होंठ चूम लिए. शैली ने ऑंखें खोलीं और मार्क की आँखों में झाँका. और फिर होंठ मिलकर दोनों चुम्बन लेने लगे. मार्क उसकी बहुत हल्की गति से चुदाई कर रहा था.

“थोड़ा तेज करो न, प्लीज.” शैली ने मार्क से कहा तो मार्क ने गति बढ़ा दी परन्तु ये अभी भी मध्यम ही थी. शैली को इसमें आनंद मिल रहा था और उसने भी अपने कूल्हे उचका कर मार्क के लंड को अंदर लेने में उसकी सहायता की.

मिशेल की चूत के रस से पर्याप्त रूप से अपने लंड को सेकने और रस से भिगा लेने के बाद जैसन ने मिशेल को घोड़ी के आसन में आने का सुझाव दिया. मिशेल तो न जाने कब से इस समय की प्रतीक्षा में थी. वो तुरंत ही पलटी और घोड़ी बनकर, अपनी गांड को हिलाया और फिर ऊपर की ओर किया. अपने सिर को नीचे तकिये पर रखा. मिशेल का सुडौल शरीर इस आसन में बहुत ही आकर्षक लग रहा था. जैसन ने मिशेल की चूत में अपनी तीन उँगलियाँ डालीं और उन्हें एक एक करके उसने मिशेल की गांड में डाला. इससे मिशेल की गांड में भी कुछ नमी बन गई जो जैसन को उसकी गांड मारने के लिए आवश्यक थी.

“सिस , इतने वर्षों बाद मैं फिर तुम्हारी गांड में घुस रहा हूँ.”

“वेलकम इन माई बैक होल डियर ब्रदर.” मिशेल ने फिर गांड मटकाई।

जैसन ने उसके नितम्बों को थामा और फिर दाएं हाथ के सहयोग से मिशेल की गांड में अपने लंड का सुपाड़ा अंदर कर दिया. मिशेल थोड़ा कसमसाई, पर उसने अपनी गांड उछाली और जैसन को संकेत किया कि वो आगे बढ़े.

“शी लाइक्स इट हार्ड एंड फ़ास्ट, सो फक हर गुड.” रिचर्ड ने उसे मिशेल की पसंद से अवगत कराया.

जैसन ने रिचर्ड की बात पर अपने लंड के बाकी हिस्से को एक अच्छे तगड़े धक्के के साथ मिशेल की तंग गांड में अंदर तक पेल दिया.

“आई लाइक इट, ब्रो। आई लव इट. नाउ फक माई आस एंड मेक मी हैप्पी.”

“ओके,सिस डियर,एस यू से.”जैसन ने गांड में अपने लंड से चुदाई आरम्भ करते हुए कुछ ही देर में द्रुत गति प्राप्त कर ली.

ऐलिस अब डेविड के लौड़े पर कूदते हुए तक सी गई थी, तो डेविड ने उसको पतली कमर में हाथ डाला और पलट गया. अब ऐलिस उसके नीचे थी और डेविड उसके ऊपर. ऐलिस की उछलकूद से डेविड को ये पता था कि ऐलिस भी तेज चुदाई की ही इच्छा रखती थी, और उसने उसे भी देने का निर्णय लिया. उसके लंड की लम्बी शक्तिशाली थापों से ऐलिस की चूत द्रवित हो गई. उसकी हल्की चीखें निकल रही थीं पर डेविड पर तो अब जैसे भूत स्वर था. वो बिना रुके ऐलिस को चोदे जा रहा था. ऐलिस की आनंदातिरेक चीखें कमरे में गूंज रही थीं. पर ऐसा नहीं था कि उसकी ही ध्वनि से कमरा हिल रहा था.

उसकी माँ ईव की भी इस समय तीव्र और गहरी चुदाई हो रही थी और रिचर्ड अपने पूरे सामर्थ्य से उसे चोद रहा था. माँ बेटी की किलकारियां, सिसकारियां और चीखें जैसे लयबद्ध रूप में एक नए संगीत को जन्म दे रही थीं. मिशेल अनाव्यशक रूप से शांत थी और वो जैसन से अपनी गांड मरवाते हुए केवल अपनी कमर उछाल कर जैसन के लंड को जितना सम्भव हो उतना अपनी गांड में समाने का पर्यटन कर रही थी. जैसन भी उसकी इस ताल में ताल मिलकर उसकी गांड की गहराइयों तक अपने लंड के हमले तेज कर रहा था. सबसे शांत और आनंद में इस समय शैली थी. मार्क और उसकी चुदाई उसी मंथर गति से चल रही थी. दोनों जैसे किसी जल्दी में नहीं थे और उनकी चुदाई प्रेमालाप अधिक लग रही थी.

मिशेल की संकरी तंग गांड का ही प्रभाव था कि जैसन से अब रुका नहीं जा रहा था. उसने मिशेल को बताया कि वो झड़ने के निकट है, और वो क्या चाहती है. मिशेल ने उसे गांड में ही पानी छोड़ने के लिए कहा. अब जैसन को और संयम की आवश्यकता नहीं थी. उसके शरीर ने अकड़कर अपना रस मिशेल की गांड में छोड़ दिया. मिशेल ने अपनी गांड सिकोड़ते हुए जैसन के लंड को जैसे चूस डाला और उसकी हर बून्द को अपने अंदर आत्मसात कर लिया.

ऐलिस की चूत अब और झड़ने के लायक नहीं बची थी, और डेविड ने भी अपने लंड की तीव्र धक्कों में और बढ़ोत्तरी करते हुए उसकी चूत मो अपने पानी से सींच डाला. उसने आगे झुककर ऐलिस के होंठों पर अपने होंठ रखे और दोनों एक दूसरे के साथ झड़ते हुए चूमने लगे.

ऐलिस: “देट वास ए गुड फक, ब्रो। आई लव्ड इट.”

डेविड ने उसे फिर चूमा,”इट वास रिअली ग्रेट, सिस.”

इसके बाद डेविड हटकर बैठ गया और अन्य जोड़ों को देखा. जैसन अपने लंड को उसकी माँ की गांड से बाहर निकाल रहा था. निकलते ही उसकी माँ की गांड में से सफेद तरल पदार्थ बहने लगा. डेविड का मन हुआ कि वो अपनी माँ की गांड में अपना लंड पेल दे. पर अपने लंड को देखा तो उसे आभास हुआ कि अभी सम्भव नहीं है. उसके पिता भी अब कुछ डगमगा रहे थे और मामी भी किंचित ठंडी पड़ रही थी. रिचर्ड ने कुछ ही पलों में एक चिंगाड के साथ अपने लंड को ईव की चूत में अंदर पेल कर उसे अपने पानी से भर दिया. डेविड को ये दृश्य भी बहुत मनोहर लगा और वो अपने कल मामी की चुदाई क क्षणों को याद करने लगा.

मार्क और शैली के प्रेम मिलन को देखकर उसे अपनी बहन के ऊपर स्वयं भी प्रेम आया. मार्क अब रुक चूका था, उनकी गति और सहजता से ये पता भी नहीं चला था कि उसकी चुदाई समाप्त हो चुकी है. मार्क ने जब अपने लंड को बाहर निकाला तभी डेविड को पता लगा. उसे प्रसन्नता हुई कि मार्क ने शैली को इतने प्यार से संतुष्ट किया.

पुरुष अब एक ओर बैठ चुके थे. महिलाएं लेटी थीं पर वे भी एक एक करके उठीं और दूसरी ओर जा बैठीं. बैठते ही मिशेल की गांड से एक श्वेत धक्का गिरा, पर उसने अपनी गांड पर हाथ फैलाकर शेष बचे रस को अंदर सोख लिया.

रिचर्ड: ‘ड्रिंक!”

ये सुनकर मार्क और डेविड उछले और सबके लिए ड्रिंक का प्रबंध करने चले गए.

ईव: “दिस वेकेशन इस गोइँग टू बी ग्रेट फन.”

रिचर्ड: “कुछ ठहरो, और कल मेरे क्रिसमस के प्रबंध को भी देख लो.”

सबने तालियां बजायीं और इतने में डेविड और मार्क ड्रिंक्स लेकर आ गए.

“ड्रिंक फॉर टुनाइट। रात अभी बाकी है.!”

सबने चियर्स किया और फिर चुदाई के अगले चरण के लिए विचारमंथन करने लगे.

...... अगले भाग में
 
चौथा घर मिशेल और रिचर्ड डिसूज़ा

अध्याय ४.३

भाग ३

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मिशेल का घर:

रिचर्ड: “कुछ ठहरो,और कल मेरे क्रिसमस के प्रबंध को भी देख लो.”

सबने तालियां बजायीं और इतने में डेविड और मार्क ड्रिंक्स लेकर आ गए.

“ड्रिंक फॉर टुनाइट। रात अभी बाकी है.!”

सबने चियर्स किया और फिर चुदाई के अगले चरण के लिए विचारमंथन करने लगे.

...... अब आगे

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मिशेल का घर:

रात की चुदाई से कुछ थकान तो थी, पर सबके मन प्रफुल्लित भी थे. सुबह के नाश्ते के बाद सब अपने काम से निकल गए. बचे तो फिर ईव और मिशेल ही. ईव ने डॉन से बात की और उसे कार्यक्रम बताया. उसे ये भी बताया कि उनके लिए कुछ विशेष प्रबंध भी किया गया है, इसीलिए वो २५ को उपलब्ध रहें. डॉन ने उसे बताया कि वे सब आज दो बजे के बाद आ सकते हैं. इसके बाद ईव और मिशेल अपने घर के कामों में व्यस्त हो गयीं.

एक घंटे के बाद रिचर्ड ने फोन करके बताया कि उसके सम्पर्क ने उनका नए वर्ष का प्रबंध पक्का कर दिया है.

रिचर्ड: “मेरी इवान स्टोन से बात हुई है. उसने नए वर्ष के लिए हम सबके लिए प्रबंध कर दिया है. हम सभी को ३० दिसंबर को चलना होगा और हम १ जनवरी की शाम को लौटेंगे.”

मिशेल: “हम क्या कहीं बाहर जायेंगे?”

रिचर्ड: “हाँ,शहर से लगभग ३०० किमी दूर एक रिसोर्ट है, जो विशिष्ट आयोजनों के लिए जाना जाता है. किसी नेता का है, इसीलिए वहां पर किसी प्रकार से भी कोई निरीक्षण के लिए नहीं आता। वहाँ पर बहुत ही विशिष्ट लोगों को ही आमंत्रण दिया जाता है. इवान ने हम सबके लिए वहीं प्रबंध किया है. उसका कहना है कि ऐसा अनुभव हमने कभी नहीं लिया होगा.”

मिशेल: “क्या विशेषता है वहां की?”

रिचर्ड: “वहाँ वस्त्र नहीं पहने जाते. और केवल ५० लोग ही आमंत्रित होते हैं. यहाँ तक कि वहाँ का स्टाफ भी वस्त्र नहीं पहनता. तुम्हें कोई आपत्ति तो नहीं?”

मिशेल: “नहीं,बिलकुल नहीं. मुझे लगता है कि मुझे इवान को पुरुस्कृत करना होगा.”

रिचर्ड हँसते हुए: “उसे इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी.”

मिशेल: “और हाँ, डॉन और उसके मित्र २ बजे आएंगे. तो आप सब ६ बजे के पहले मत आना. बच्चों को भी दूर ही रखना, प्लीज.”

रिचर्ड: “ओके, डियर. आई विल टेक केयर. यू टू हैव फन.”

बात समाप्त होने पर मिशेल ने ईव को अपनी ओर उत्सुक दृष्टि से देखता पाया. उसने रिचर्ड के प्रबंध के बारे में बताया तो ईव की बांछें खिल उठीं.

ईव: “मैं भी इवान को गिफ्ट दूंगी.”

मिशेल: “ओके,उसमे समय है. चलो नीचे के क्रीड़ांगन को तैयार करते हैं.”

मिशेल और ईव फिर अपने काम में जुट गए. एक बजे दोनों ने खाना खाया और चारों अतिथियों की प्रतीक्षा करने लगीं.

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डेविड शैली के कॉलेज गया और उसने वहाँ शिरीन को ढूंढा. शिरीन उसे एक पेड़ की छाओं में पड़ती हुई दिखाई दी उसे कुछ देर यूँ ही देखने के बाद वो उसके निकट गया. शिरीन ने सिर उठाकर देखा और डेविड को देखकर उसके चेहरे पर ख़ुशी छा गई.

शिरीन: “डेविड,तुम यहाँ?”

डेविड: “हैलो शिरीन. क्या मैं यहाँ बैठ सकता हूँ?”

शिरीन: “बिलकुल. आज कॉलेज कैसे आ गए?”

डेविड: “मैं तुमसे ही मिलने आया हूँ. कुछ कहना चाहता हूँ.”

शिरीन के शरीर में झुरझुरी हुई,क्या डेविड वही कहेगा जो वो सुनना चाहती है?

शिरीन: “हाँ,बताओ.”

डेविड: “मैं चाहता हूँ कि तुम मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ.”

शिरीन: “ओह,डेविड. मैं तो कब से ये चाहती हूँ. पर मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी. तुम जानते ही हो हमारी स्थिति. कहाँ हम और कहाँ तुम.”

डेविड: “समय सदा एक जैसा नहीं रहता है. कल को तुम्हारा भी अच्छा समय आएगा. तुम जिस तरह पढ़ाई कर रही हो, एक दिन तुम बहुत सफल होने वाली हो. एक बात और है, मैं भी तुम्हें बहुत दिनों से चोरी छुपे चाहता था. पर कभी बोल नहीं पाया. तुम जानती तो हो ही कि मैं कितनी अन्य लड़कियों और स्त्रियों से सम्बन्ध रखता हूँ. पर कल मुझे विश्वास हो गया कि तुमसे मैं अधिक निकटता चाहता हूँ. तो क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी?”

शिरीन: “सौ प्रतिशत. और डेविड,मेरे लिए तुम्हें अपनी जीवन शैली बदलने की अभी आवश्यकता नहीं है. जिस दिन मुझे उससे परेशानी होगी,मैं बता दूंगी.”

डेविड: “ग्रेट. अपनी मॉम को बोल दो कि आज तुम देरी से होगी. हम तुम्हारे कॉलेज के बाद कहीं घूमने चलेंगे. अभी मैं चलता हूँ.”

शिरीन: “ओके” कहते हुए शिरीन ने अपना फोन निकाला और डेविड को बाय करते हुए अपनी माँ को कॉल लगा दिया.

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रिचर्ड का ऑफिस:

रिचर्ड के ऑफिस में निशा ने कदम रखा तो रिचर्ड कुछ स्तम्भित हुआ.

निशा: “आकार ने मुझे बताया कि आपको कुछ विशेष सेवा की आवश्यकता है अपने विदेशी अतिथियों के लिए.”

रिचर्ड: “हाँ, हाँ, बैठो, बैठो.”

निशा बैठ गई और कुछ आगे झुकी इससे उसके स्तन छलक गए. पर निशा ऐसे बात कर रही थी जैसे कुछ हुआ ही न हो.

निशा: “मुझे बताया है कि वे अफ़्रीकी लोग हैं. क्या लौड़े बड़े हैं?”

रिचर्ड समझ गया कि इससे सीधे बात करना की ठीक है.

रिचर्ड: “मेरे अनुमान से, हाँ.”

निशा: “परन्तु हम उनके होटल नहीं जायेंगे. एक घर है जहाँ हम उन्हें ले जायेंगे या बुलाएँगे. सुरक्षित स्थान है.”

रिचर्ड: “ठीक है, मेरे विचार से इसमें कोई आपत्ति नहीं है.”

निशा: “अब जो मैं आपको बताउंगी, उससे आप कुछ स्तब्ध हो सकते हैं, पर इसके लिए मुझे आप विशेष पुरुस्कार देंगे, तभी बताउंगी. उन चार महिलाएं जो आपके मित्रों से मिलेंगी.”

रिचर्ड समझ चुका था निशा का संकेत किस ओर था. इसीलिए उसने अपनी स्वीकृति दे दी.

निशा: “मैं तो रहूंगी ही. मेरे साथ अन्य तीन और भी रहेंगी.” इसके बाद निशा ने रिचर्ड की आँखों में झांककर कहा,“उसमे से एक से आप परिचित हैं.” सुनकर रिचर्ड कुछ चौंका,पर उसे अनदेखा कर दिया. “और उसके अनुमान में आप लोग उन्मुक्त सेक्स में विश्वास रखते हैं. उसने पूछा है कि क्या आप लोग उनके साथ कभी सेक्स पार्टी करने के इच्छुक हैं?”

रिचर्ड को झटके पर झटके लग रहे थे.

“मुझे पूछना पड़ेगा.”

“अवश्य,तो अब मेरा पुरुस्कार कब दे रहे हैं?”

“आज शाम तीन बजे?मैं कमरा बुक कर लेता हूँ.” रिचर्ड ने एक होटल का नाम लेकर कहा.

“ठीक है, मैं आपसे वहीं मिलूंगी.” ये कहकर निशा उठकर चलने को हुई. फिर दरवाजे पर पहुंचकर मुड़कर रिचर्ड की ओर देखा,“आप चाहें तो जैसन को भी बुला सकते हैं. मुझे डबल में अधिक आनंद आता है. और उस परिचित का नाम में काम के बाद बताउंगी.”

रिचर्ड ने सिर हिलाकर हामी भरी और चिंता में डूब गया.

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मिशेल का घर:

दो बजे ही थे कि घंटी बजी और मिशेल ने द्वार खोला. सामने रिकी, डॉन, बोरिस और मार्टिन खड़े थे. चारों को मिशेल ने अंदर बुलाया और घर लॉक कर दिया. उसने फिर मुड़कर पहले रिकी और फिर डॉन को चूमा और फिर बोरिस और मार्टिन की ओर हाथ बढ़ाया।

मिशेल: “स्वागत है, हम इसके पहले कभी मिले नहीं.”

बोरिस: “धन्यवाद, मुझे भी आपसे मिलकर अत्यंत प्रसन्नता हुई.”

मार्टिन ने उसके हाथ को चूमकर कहा, “मुझे भी. और ऐसे संदर्भ में मिलने की और भी ख़ुशी है.”

मिशेल: “मैं भी यही कहना चाहूंगी. चलिए हम हमारे तरणताल में चलते हैं, ईव वहीं आपकी प्रतीक्षा कर रही है.”

मिशेल चारों को लेकर तरणताल वाले क्रीड़ांगन में पहुंची तो देखा कि ईव ने सारा प्रबंध किया हुआ है. फ्रिज में बियर रखी थी और तरणताल वाली कुर्सियों लगी हुई थीं, एक ओर तौलिये रखे हुए थे. चारों इतना विहंगम दृश्य देखकर बहुत प्रभावित हुए.

डॉन जो इस समूह का मुखिया था बोला, “पर हम तैरने के कपड़े नहीं लाये हैं.”

ईव ने भी आकर उन सबको गले से लगाया और चुंबन लिया. ईव ने इस समय बहुत छोटी सी दो हिस्सों की बिकनी पहनी हुई थी. देखने वाले ये सोचने को विवश हो जाते कि जो पहना है उसका कोई लाभ ही नहीं है. ईव ने डॉन की बात सुन ली थी.

ईव: “डॉन, कपड़े पहन कर कौन बेवकूफ तैरता है? हम तो नंगे ही तैरना पसंद करते हैं.”

डॉन और अन्य तीनों के चेहरे खिल उठे. ईव ने चारों को बियर के लिए आमंत्रित किया तो डॉन ने अपने हाथ में लिए हुए थैले को मिशेल को सौंपा.

डॉन: “आपके लिए साउथ अफ्रीका की सबसे उत्तम वाइन और रिचर्ड के लिए व्हिस्की लाये हैं. कृपया स्वीकार करें.”

मिशेल उनके इस औपचरिक और विचारशील व्यव्हार से बहुत प्रसन्न हुई. उसने थैले में से बोतलें निकालीं और डॉन को धन्यवाद देकर उन्हें बार में जाकर रख दिया. इन्हें क्रिसमस में खोलना होगा.

बियर लेकर चारों पुरुष भारत और साउथ अफ्रीका के बीच में असमानता के बारे में बातें करने लगे. उनका ये पहला भारत भ्रमण था और उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था. जैसे ही बियर समाप्त हुई तो ईव से रहा नहीं गया.

ईव: “मेरा तो मन तैराकी का है, तो मैं तो चली.” ये कहकर उसने क्षणभर में अपने अधोवस्त्र उतारे और ताल में कूद गई.

मिशेल ने उनकी ओर देखा, “आप चाहो तो आप भी…”

उसका वाक्य अभी समाप्त भी नहीं हुआ था कि चारों अपने कपड़े उतारने लगे. कपड़ों को एक ओर रखकर वो मुड़े तो उनके बलिष्ठ शरीर और मोटे लम्बे काले लौड़े देखकर मिशेल के मुंह में पानी आ गया. उसने भी अपने वस्त्र उतारे और उन पांचों के साथ ताल में सम्मिलित हो गई.

ताल में पाँचों तैरते रहे और इसमें कोई बिस मिनट निकल गए थे. मिशेल को छोड़ अन्य चारों ताल के एक ओर जाकर सुस्ता रहे थे. अचानक डॉन ने ईव को अपनी ओर खींचा और उसके होंठ चूसने लगा. उसके हाथ पानी के नीचे थे पर ये विदित था कि वो ईव के नितम्ब मसल रहा था. बोरिस ईव के पीछे गया और उसके शरीर से चिपक कर उसके मम्मे मसलने लगा. मिशेल को अब तुक जो कुछ दिख रहा था वो तब बंद हो गया जब रिकी और मार्टिन ईव के दोनों ओर जाकर खड़े हो गए. मिशेल को बस इतना ही दिख पाया कि ईव के हाथ नीचे की ओर बढे थे फिर सब कुछ छुप गया.

मिशेल ताल से बाहर निकली और उसने एक बियर ली और लॉउन्ज कुर्सी पर लेट क्र सामने चल रही रासलीला को देखने लगी. इस ऊंचाई से अब उसे पानी के ऊपर चल रहे उत्पात सरलता से दिखाई दे रहा था. बियर की चुस्की लेते हुए वो उँगलियों से अपनी चूत को साहलाने लगी. ईव अब मुड़ मुड़कर चारों को बारी बारी चुम रही थी. उसके पीछे आने वाला उसके मम्मे दबाता और सामने वाला गांड. बगल में से कोई एक उसकी चूत में भी ऊँगली कर रहा था. उसने ईव को कुछ कहते हुए सुना पर दूरी के कारण उसे समझ नहीं पड़ा. पर जब एक एक करके सब ताल से निकलने लगे तो उसने समझा कि ईव अब आगे के कार्यक्रम के लिए निकल रही है.

पाँचों ने ताल से निकलकर अपने शरीर तौलिये से पोंछे बोरिस अब मिशेल को देख रहा था, मिशेल ने उसकी ओर देखकर अपने होंठों पर जीभ फिरै तो बोरिस ने अपने तौलिये को फेंका और अपने फनफनाते हुए लंड को लिए हुए मिशेल की ओर बढ़ा. मिशेल के सामने जब वो खड़ा हुआ तो मिशेल ने अपनी उँगलियाँ चूत से निकलीं और बोरिस के लंड को थामकर उसे अपने मुंह में ले लिया। वो लंड चूसने में व्यस्त हुई ही थी कि उसने दो हाथों को उसकी जांघों को पृथक करते हुए पाया. उसने लंड मुंह से निकालकर देखा तो मार्टिन था. उसने मार्टिन को आंख मारी और बोरिस के लंड को चूसने में लग गई.

ईव इस समय डॉन और रिकी के साथ व्यस्त थी. वो लॉउन्ज कुर्सी पर बैठी हुई दोनों के लौड़े एक एक करके चूस ही थी. अथाह प्रयासों के बाद भी वो डॉन के लंड को पूरा अपने मुंह में नहीं ले पा रही थी. थूक से लथपथ दोनों लंड इस समय ताल से प्रतिबिम्बित जल के दर्प से अलग ही छटा बिखेर रहे थे. उन सबके शरीर पानी के प्रतिबिम्ब से चमक कर रंग बदल रहा था. इसी बीच मिशेल के फोन की घंटी बजी.

मिशेल: “हैलो।”

दूसरी ओर रिचर्ड था.

रिचर्ड: “मैं और जैसन किसी ग्राहक से मिलने जा रहे हैं, मुझे लौटने में ६ या अधिक हो सकते हैं. वैसे तुम्हारा कार्यक्रम कैसा जा रहा है?”

मिशेल: “बिलकुल सही. असली खेल अब शुरू होने को है.”

रिचर्ड: “मैं और जैसन भी इसी कार्य से जा रहे हैं. सो लेट अस आल एन्जॉय. लव यू.”

मिशेल: “लव यू टू.”

मिशेल ने फोन रखा और देखा कि तीन बजने को हैं, बोरिस और मार्टिन उसे देख रहे थे.

मिशेल: “रिचर्ड का कॉल था, वो भी किसी के साथ चुदाई करने जा रहा है.”

बोरिस ने सिर हिलाया और उसके लंड को मिशेल दोबारा चूसने लगी. मार्टिन उसकी चूत चाटने के लिए लौट गया. ईव को अब अधलेटा कर दिया गया था और जहां रिकी के लंड को वो चूस रही थी, वहीं डॉन अब उसकी चूत चाटने में लग चुका था. डॉन को विश्वास था कि जो ईव के साथ वो उस दिन नहीं कर पाए थे, आज न केवल ईव, बल्कि मिशेल के साथ आज उसे करने में सफल रहेंगे.

*******

रिचर्ड जैसन के साथ होटल पहुंचा और अपने कमरे की चाबी लेकर दोनों ऊपर चले गए. उसने निशा को कमरे का नंबर मैसेज किया. दो ही मिनट में निशा का उत्तर आ गया. वो होटल में आ चुकी थी. कमरे में जाकर रिचर्ड और जैसन बैठे ही थे की घंटी बजी. खोलने पर निशा खड़ी थी. वो बिना कुछ कहे अंदर आयी और कमरा बंद कर दिया.

निशा: “तो अपने मेरी बात मान ही ली. जैसन जी को भी साथ लाये हैं. आपके पास कितना समय है?”

रिचर्ड: “छह बजे तक का. कमरा पूरी रत के लिए है, आप चाहो तो रुक सकती हो.”

निशा: “हम्म्म, सुझाव अच्छा है. सोचूंगी. क्या आप में से कोई रुकेगा?”

दोनों ने मना किया.

निशा बिना किसी और औपचारिकता के कमरे के बिस्तर पर बैठ गई और उछल कर देखा.

निशा: “देख रही थी बिस्तर चूँ चूँ तो नहीं करता.”

रिचर्ड और जैसन इस बात पर हंस पड़े. निशा बाथरूम में घुस गई और कुछ ही देर में कमरे में लौटी तो वो नितांत नंगी थी. उसने रिचर्ड और जैसन को संकेत दिया तो वे भी अपने कपड़े निकालने लगे. दोनों के नंगे शरीरों को देखकर निशा ने अपनी संतुष्टि दिखाई. फिर उसने आगे बढ़ते हुए दोनों के लंड पकडे और उन्हें अपने सामने करते हुए बिस्तर पर बैठ गई. दोनों के लंड कुछ देर हाथ से सहलाने के बाद वो उन्हें अपनी जीभ से चाटने लगी और फिर मुंह में अंदर लेकर चूसने लगी.

रिचर्ड और जैसन ने पाया कि वो इसमें उतनी ही निपुण ही जितनी कि उनकी पत्नियां. न चाहते हुए भी उनका ध्यान अपने घर में चल रहे खेल पर गया. रिचर्ड को इस बात का भी ध्यान आया कि उसने बच्चों को घर से बाहर रहने की लिए कहा था. इसके बाद उसने लौटकर अपने लंड पर चल रही निशा की गतिविधि में स्वयं को खो दिया.

*******

तीन बजे कॉलेज छूटने के बाद डेविड शिरीन को लेकर घूमने के लिए निकल गया. दोनों नए प्रेमी यूँ ही बातें करते हुए घूमते रहे. रुक रुक कर वे खिन कॉफी पिटे, तो कहीं आइसक्रीम खाते। समय बहुत अच्छा निकला और छह बजे डेविड ने शिरीन को उसके घर पर छोड़ दिया. वो निकलने को ही था कि उसने मार्क को शिरीन के अपार्टमेंट से निकलते देखा. वो रुका और फिर मार्क को लेकर घर चल पड़ा.

डेविड: “यहां कैसे?”

मार्क: “आंटी से मिलने आया था.”

डेविड: “तो मिल लिए?”

मार्क: “यस. आज गांड भी मारने को मिली. बहुत मजा आया. तुम शिरीन के साथ कैसे?”

डेविड: “मैंने उसे अपनी गर्लफ्रेंड बना लिया है. अच्छी लगती है वो मुझे.”

मार्क: “इसके आगे भी कुछ?”

डेविड: “अभी नहीं कह सकता, पर सम्भव है.”

मार्क: “गुड लक, ब्रो! पर मैं आंटी को चोदता रहूं तो तुम्हें कोई आपत्ति तो नहीं होगी?”

डेविड: “नहीं, बल्कि मैं भी उसकी चुदाई करता रहूंगा. शिरीन को भी इसमें कोई आपत्ति नहीं.”

मार्क: “वाओ, यू फाउंड ए नाइस गर्लफ्रेंड.”

डेविड: “यस.”

और कुछ देर में वे घर पहुँच गए. शैली और ऐलिस शॉपिंग करने गई थीं और जैसा उनका अनुमान था वे आठ बजने के पहले आने वाली नहीं थीं. दोनों घर में प्रवेश कर गए.

*********

मिशेल का घर:

ईव के कहने पर अभी लोग अंदर कमरे में आ चुके थे. मिशेल और ईव उसी प्रकार से व्यस्त थे. इस बार बोरिस मिशेल की चूत चाट रहा था और मार्टिन अपने लंड से उसके मुंह को चोद रहा था. ईव भी अब लेटी हुई थी और डॉन उसकी चूत की सेवा में लगा हुआ था और रिकी ने उसके मुंह में अपना लंड पेला हुआ था. डॉन अब और रुकना नहीं चाहता था. उसने अपने लंड को ईव की चूत पर रखा और हल्के दबाव के साथ अंदर डालना आरम्भ किया. ईव रिकी में लंड को चूसते हुए रुक गई और अपनी चूत में जाते हुए उस मोटे बेलन समान लौड़े का आभास कर रही थी. डॉन ने इस बार बहुत संयम से काम लिया और जल्दी न करते हुए अपने लंड को अंदर पेलने में अधिकतम समय लिया. एक बार पूरे लौड़े को अंदर डालने पर वो रुका. ईव को ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे उसकी चूत पूरी भरी हुई है. उसने चूत को कुछ सिकोड़ने का प्रयास किया पर लंड इतना मोटा था कि ये सम्भव न हो पाया.

डॉन: “हैलो, ब्यूटीफुल, कैसा लग रहा है?” डॉन ने उसके उत्तर की प्रतीक्षा नहीं ही. अपने लंड को वो सधी हुई ताल से ईव की चूत में चलाने लगा.

ईव: “उँह उँह” रिकी के लंड को बाहर निकाले बिना ही ईव ने मानो अपनी सहमति दिखाई. रिकी के लंड पर उसका मुंह दोबारा उसी गति से चलने लगा, पर अब उसका ध्यान अपनी चूत में चल रही गतिविधि पर केंद्रित था. डॉन का मोटा और लम्बा लंड उसकी चूत की उन गहराइयों को नाप रहा था जिन्हें अब तक किसी ने छुआ भी नहीं था. पसीजती हुई चूत डॉन के लंड का भरपूर स्वागत कर रही थी.

बोरिस ने भी अपने तगड़े लंड से मिशेल की चुदाई आरम्भ कर दी थी. पर उसने डॉन के समान संयम नहीं दिखाया और तेज और करारी चुदाई करने लगा. मिशेल को कुछ असहजता के बाद इसमें भी आनंद आने लगा था जिसका लाभ मार्टिन को मिला जिसके लंड को मिशेल किसी पिस्टन के समान चूस रही थी. तेज चुदाई के कारण ये आसन कुछ कठिनाई दे रहा था इसीलिए मिशेल के सुझाव पर मार्टिन लेट गया और मिशेल उसके लंड को घोड़ी के आसन में चूसने लगी. बोरिस ने अपने लंड को मिशेल की चूत में दोबारा रौंद दिया और अपनी तीव्र चुदाई चालू कर दी. इस आसन में बोरिस का लंड कुछ अधिक सट के जा रहा था और मिशेल को भी अधिक आनंद मिल रहा था. एक तेज चीख सुनकर मिशेल का ध्यान उस ओर गया.

चीख ईव की थी जिसे अब डॉन ने अपने पूरे लंड की लम्बाई से तीव्रता से चोदना आरम्भ किया था. असामान्य रूप से बड़े लंड की इस द्रुत गति से ईव की चूत दया की भीख मांग रही थी, जिसे देने के लिए अब डॉन कतई बाध्य नहीं था. रिकी ने उसकी चीखों को दबाने के लिए ईव के सिर को अपने लंड पर मजबूती से पकड़ लिया. चाहे ईव की चीखें निकल रही थीं, पर उसे अब इसमें कुछ कुछ आनंद भी आने लगा था. और बिना अधिक समय गंवाए हुए उसकी चूत पानी से अपने रास्ते को सींचकर डॉन के लंड के लिए सरल कर रही थी.

बोरिस: “शी इस लविंग हिस बिग कॉक.”

मार्टिन: “यस. पर जब डॉन उसकी गांड में डालेगा तो उसकी चीखें दबाना सम्भव नहीं होगा.”

दोनों इस बात पर हंसने लगे. मिशेल की गांड में सुरसुरी होने लगी. इनमे से उसकी गांड कौन मारेगा?ये सोचकर उसकी चूत फिर से पानी छोड़ने लगी.

मार्टिन : “बोरिस , क्यों न हम स्थान बदलें, मुझे भी कुछ चुदाई करने दो.”

बोरिस: “क्यों नहीं.“ ये कहकर उसने अपने लंड को मिशेल की चूत से निकाला और मार्टिन मिशेल से अलग होकर उसके पीछे गया. बोरिस लेट गया और मिशेल ने निसंकोच अपनी चूत के रस से भीगा हुआ उसका लंड अपने मुंह में भर लिया. मार्टिन बहुत देर से प्रतीक्षा में था तो उसने एक ही बार में अपने लंड को मिशेल की चूत में पेलते हुए निर्विरोध द्रुत गति से धक्के मरने आरम्भ कर दिया.

न जाने क्या सोचकर रिकी ने अपना लंड ईव के मुंह से निकाल लिया. अब ईव की चीखों को दबाने वाला कोई न था और तलघर के विशाल प्रकोष्ठ में उसकी चीखें गूंज रही थीं. डॉन को इन चीखों के कारण और भी जोश आ रहा था और वो ईव की और तेज चुदाई करने लगा. ईव की चीखें फिर बंद हो गयीं और केवल हल्की सिसकारियां ही सुनाई दे रही थीं. वो कुछ निढाल पड़ रही थी, पर डॉन को रोकना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन सा था. उसके मोटे लम्बे काले लंड की छाया में ईव का सुंदर श्वेत वर्ण अब दूषित सा हुआ प्रतीत हो रहा था. रिकी ने अपने मुंह में ऊँगली डालकर ईव के उभरे हुए पिछवाड़े को सहलाते हुए अपनी ऊँगली उसकी गांड में डाल दी. ईव की एक आनंदमयी चीख ने इस बार भूतल को दहला ही दिया. उसकी चूत ने ढेर सारा रस छोड़ा और वो बिस्तर पर औंधें मुंह गिर पड़ी.

डॉन ने अपने लंड को बाहर निकाला और ईव के सिर को उठाकर उसके मुंह में पेल दिया. ईव बेसुध सी थी पर उसे ये ज्ञात था की उससे क्या अपेक्षा है. उसने अपने रस को डॉन के लंड से चाटकर डॉन के लंड को चूसना आरम्भ किया. डॉन उसकी चूत में नहीं झड़ना चाहता था, इसीलिए उसने ईव के मुंह में अपने रस को छोड़ने का निश्चय किया था. कुछ ही क्षणों की देरी के बाद ईव को अपने मुंह में एक अविरल धार का बहाव अनुभव हुआ. वो इस समय कुछ भी और करने की स्थिति में तो थी नहीं, तो उसने उस कामरस को पीने में ही अपनी भलाई समझी. जब डॉन की पहली धार उसके मुंह में छूटी तो उसने अपनी चूत को फिर से भरता हुआ पाया. इस बार रिकी ने अपना लंड पेल दिया था और दनादन धक्के लगा रहा था.

डॉन के लंड का पूरा रस पीने के बाद डॉन ने अपना लंड निकाला और बाहर जाकर अपने लिए एक बियर ले आया और कमरे में चल रहे व्यभिचार को देखने लगा. ईव पर रिकी चढ़ा हुआ था. और मिशेल पर इस समय मार्टिन. देखने से लग रहा था कि मार्टिन भी अब अपने चरम पर पहुँचने के निकट था.

डॉन ने कुछ ऊँचे स्वर में कहा: “उसकी चूत में मत झड़ना.”

मार्टिन धक्के लगते हुआ अचानक रुका और फिर डॉन की ओर देखकर सिर हिलाकर हामी भरी और फिर चुदाई में व्यस्त हो गया. मिशेल भी अब तक की बार जड़ चुकी थी पर उसे पता था कि ये केवल आरम्भ है. ये चारों चुड़क्कड़ उन्हें एक मिनट का भी विश्राम नहीं लेने देंगे. पर उसे इसमें कोई आपत्ति नहीं थी. वो इस सम्भोग का पूर्ण आनंद ले रही थी. उसे मार्टिन के लंड का चूत बाहर निकलने का आभास हुआ और साथ ही बोरिस को उसके मुंह से लंड निकालने का. अब उसे मार्टिन के रस को पीने का भी सुख मिलने वाला था. मार्टिन ने उसे अधिक प्रतीक्षा नहीं कराई और बोरिस के हटने और मार्टिन के उसके मुंह में लंड जड़ने में बहुत अंतराल नहीं हुआ.

अपनी चूत के रस की गंध से नहाये हुए काले लंड को उसने बड़े प्रेम से छठा और मुंह में लिया. मार्टिन ने भी लंड अंदर जाते ही उसके मुंह में धार छोड़ दी. बोरिस ने अपने लंड को मिशेल की चूत में फिर डाला और चोदने लगा. पर अब बोरिस और रिकी भी झड़ने के निकट थे तो दोनों ने अपने लंड निकाले और मिशेल और ईव के मुंह को सौंप दिए. अपने रस को उन दोनों को प्रदान करने के बाद वे हट गए. अब तक मार्टिन सबके लिए बियर की ठंडी बोतलें ले आया था.

मार्टिन और डॉन दोनों एक ओर खड़े होकर रिकी और बोरिस के खेल समाप्ति को देख रहे थे. झड़ने के बाद रिकी और बोरिस भी अपनी बियर लेकर घूंट लेने लगे. मिशेल और ईव दोनों अभी उठने की अवस्था में नहीं थीं. और दस मिनट अपने रौंदे हुए शरीर को विश्राम देने के बाद वे भी बैठ गयीं. मार्टिन ने उन दोनों को बियर थमाई.

“दॅट वास सम ग्रेट फकिंग.” ईव ने कहा.

“होप यू लाइकड इट.” मार्टिन ने कहा.

“लव्ड इट, कान्ट वेट फॉर मोर.” ईव हंसकर बोली.

“यू विल गेट मोर, मच मोर.” मार्टिन के स्वर ने ईव के शरीर में सिहरन दौड़ा दी. उसने मिशेल की ओर देखा तो उसे मिशेल प्रतिक्रिया से भी वही भावना दिखी.

ईव: “ओके, लेट अस सी.”

*******
 
चार बज चुके थे. कुछ देर और बातें करने के बाद अगले चरण के लिए सबके मन उत्सुक हो उठे. इस बार रिकी ने मिशेल की और बढ़कर उसे अपनी बाँहों में ले लिया. बोरिस ने डॉन का साथ दिया और ईव को आगे और पीछे से पकड़ लिया. बोरिस और डॉन के मध्य आँखों से सांकेतिक समझौता हुआ. उधर मिशेल अब दोनों लौड़े चूस रही थी. डॉन ने ईव को बैठकर उन दोनों के लंड चूसने के लिए खा जिसे ईव ने सहर्ष स्वीकार किया.

दोनों स्त्रियां लंड चूसकर उन्ही शक्ति और कड़ाई दोबारा स्थापित करने लगीं. इसमें अधिक समय भी नहीं लगा. डॉन और मार्टिन बिस्तर पर लेट गए और ईव और मिशेल ने उनके ऊपर चढ़ते हुए अपनी चूत में उनके लंड ले लिए. दोनों एक ही साथ लौडों पर उछलकूद करने लगीं. जब दोनों ने एक ताल स्थापित कर ली तो बोरिस ने टेबल पर पड़ी जैल की ट्यूब ली और उसने ईव की गांड में ऊँगली से पर्याप्त मात्रा में लगाई. अपने लंड पर मलने के बाद उसने ट्यूब रिकी की ओर फेंकी जिसे रिकी ने पकड़कर मिशेल की गांड और अपने लंड पर वही उपक्रम दोहराया.

ईव और मिशेल को ज्ञात था कि ये चरण उनके लिए सबसे कष्टदाई हो सकता ही, परन्तु आनंद की एक ऐसी ऊंचाई भी मिलेगी जिसका वर्णन सम्भव नहीं है.वैसे भी ये दोनों इस सुख को अपने परिवार के पुरुषों एवं यदा कदा अन्यत्र भी भोगती तीन परन्तु जो लंड आज उन्हें मिले थे उनकी उपमा नहीं थी. अपनी गांड में चलती हुई ऊँगली से दोनों को आने वाले प्रचंड प्रहार का आभास हो चला था. दोनों ने अपनी उछलकूद की गति कम की और फिर आगे झुकते हुए रोक दी. रिकी और बोरिस को इससे अधिक आमंत्रण की आवश्यकता नहीं थी.

बोरिस ने बिस्तर पर चढ़कर अपने लंड के टोपे को ईव की गांड पर रखा और हल्के से अंदर डाल दिया. ईव की गांड स्वतः खुली और उसने बोरिस का लंड निगल लिया. हल्के धक्कों के साथ बोरिस ने अपने लंड की पूरी लम्बाई को ईव की गांड की गहराई में बैठा दिया. यही कार्य मिशेल की गांड में रिकी करके ठहरा हुआ था. इसके बाद चारों आदमी अपनी एक ताल में दोनों स्त्रियों की चूत और गांड में अपने लंड चलाने लगे. धीमी गति से मध्यम और मध्यम से तीव्र होते हुए उनके शरीर एक ऐसी भीषण गति को प्राप्त किये कि उनके बीच की दोनों महिलाएं केवल चीखने के सिवाय कुछ और करने में समर्थ थीं.

कुछ देर की इस कुत्सित चुदाई के उपरांत दोनों और गहरे और तेजी से चोदने की गुहार लगाने लगीं. कुछ देर इसी प्रकार से चोदने के पश्चात रिकी और बोरिस ने अपने स्थान बदले और रिकी अब ईव की गांड और बोरिस मिशेल की गांड में लंड पेलने लगा. गति न थमी न कम हुई. चीत्कारें बढ़ते हुए सीत्कारों में परिवर्तिति हो चली थीं. कुछ समय की चुदाई के बाद, बोरिस और रिकी ने अपने लंड निकाले और वो एक दूसरे बिस्तर पर जा लेटे। संकेत समझ कर मिशेल ने रिकी के लंड पर चढ़ाई की और ईव ने बोरिस के लंड पर. डॉन दोनों उछलती हुई गाँडों को देख रहा था और सोच रहा था कि किसकी ली जाये. अंत में उसने ईव को ये सुख देना ही उचित समझा. आखिर पिछली बार वही वंचित रही थी.

डॉन को उस और बढ़ता देख मार्टिन को मिशेल की गांड पर अपना ध्यान लगाना पड़ा. उसने अपने लंड को पकड़ा और मिशेल की उछलकूद को रोकते हुए अपने लौड़े को गांड के खुले छेद पर लगाया और एक दमदार झटके से मिशेल की गांड में पेल दिया. मिशेल ने आनंद भरी सिसकारी ली और अब फिर से दो लौडों के बीच में पीसने लगी. आनंद ही आनंद था कि इतने में एक भीषण चीख ने उसकी तंद्रा भंग कर दी. देखने पर जान पड़ा कि डॉन ने भी अपने पूरे लौड़े को एक ही बार में उसकी गांड में पेल दिया था. मिशेल को ईव पर दया तो आयी पर वो कुछ करने में असमर्थ थी. फिर उसे ध्यान आया कि जिस प्रकार ये अदला बदली कर रहे हैं तो उसकी गांड में अगला लंड डॉन का ही होने वाला है. डर और रोमांच से उसका शरीर सिहर उठा.

मार्टिन और रिकी जहां मिशेल की गांड और चूत की दुर्दशा करने में जुटे थे, ईव को एक असीम पीड़ा और आनंद के समावेश का आभास हो रहा था. उसका मस्तिष्क पीड़ा और आनंद के बीच में व्यथित था. उसकी इन्द्रियां ये निर्णय नहीं कर पा रही थीं कि उसका आनंद अधिक था या कि पीड़ा. दो विशाल लौडों से चूत और गांड का सत्यानाश हो रहा था और उसका शरीर और मन असीम ऊंचाइयों को छूकर नीचे आता और फिर ऊपर चला जाता. डॉन उस पर किसी प्रकार की दया नहीं कर रहा था. न ही उसके नीचे से चूत चोदता हुआ बोरिस. फिर उसे ऐसा प्रतीत हुआ जैसे उसकी गांड में कुछ ठंडी हवा का प्रवेश हुआ हो. डॉन ने अपना लंड निकाल लिया था. पर अधिक देर न हुई कि उसकी गांड का छेद फिर से बंद हो गया और उसकी गांड में इस बार मार्टिन के लंड ने अपना स्थान ले लिया.

मिशेल को भी अपनी गांड के खाली होते ही ये ज्ञात हो गया कि अब उसकी असली परीक्षा की घड़ी आ चुकी है. उसने अपनी गांड को ढीला करने का प्रयास किया. तीन लौडों से फ़टी गांड में अब वो लचक भीं थी. और इसका पूरा लाभ उठाकर डॉन ने उसकी गांड में निर्ममता से अपने पूरे लौड़े को पेल दिया. इस बार दुर्दांत चीखें मिशेल की थीं. और रिकी और डॉन एक समन्वय में तीव्र गति से उसकी चूत और गांड को पेल रहे थे.

समय अधिक हो चला था. चारों पुरुष अपनी क्षमता के अनुसार चुदाई कर चुके थे. मार्टिन और डॉन ने अपने रस को गांड में ही छोड़ दिया. और हटकर एक ओर हो गए. बोरिस और रिकी ने ईव और मिशेल को नीचे करते हुए तेज गति से उनकी चूत की धज्जियां उड़ाने का प्रयास किया. पर वे सफल न हुए और डॉन की आज्ञा को ध्यान रखते हुए झड़ने के निकट पहुँचने पर दोनों ने अपना रास ईव और मिशेल के मुंह में ही विसर्जित कर दिया.

मिशेल और ईव अब बेसुध सी टाँगे फैलाये पड़ी थीं. दोनों के मुंह और गांड से वीर्य बह रहा था. मार्टिन ने डॉन को देखते हुए बियर लेन का निश्चय किया. इस बार मिशेल और ईव को बीस मिनट बाद चेतना लौटी. दोनों ने अपने आप को किसी प्रकार से खड़ा किया और लड़खड़ाते हुए बाथरूम में चली गयीं. पंद्रह मिनट बाद दोनों बाहर आयीं और बियर लेकर पीने लगीं.

मिशेल: “आशा से अधिक आनंद आया. आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद. पर शरीर अब टूट सा रहा है.”

ईव ने भी सहमति में सिर हिलाया. कुछ देर और रुकने के बाद चारों अतिथियों ने अपने वस्त्र धारण किया और मिशेल उन्हें घर के बाहर तक छोड़ आयी. लौटने पर दोनों ताल में कुछ देर तक बैठीं और फिर पोछते हुए कपड़े पहन लिए. जैसे ही वे ऊपर की ओर पहुंची, तो मार्क और डेविड घर में प्रवेश कर रहे थे.

दोनों ने लगभग एक साथ ही कहा, “हाय मॉम”

......शेष अगले भाग में.
 
चौथा घर मिशेल और रिचर्ड डिसूज़ा

अध्याय ४.३

भाग ४

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निशा: “देख रही थी बिस्तर चूँ चूँ तो नहीं करता.”

रिचर्ड और जैसन इस बात पर हंस पड़े. निशा बाथरूम में घुस गई और कुछ ही देर में कमरे में लौटी तो वो नितांत नंगी थी. उसने रिचर्ड और जैसन को संकेत दिया तो वे भी अपने कपड़े निकालने लगे. दोनों के नंगे शरीरों को देखकर निशा ने अपनी संतुष्टि दिखाई. फिर उसने आगे बढ़ते हुए दोनों के लंड पकडे और उन्हें अपने सामने करते हुए बिस्तर पर बैठ गई. दोनों के लंड कुछ देर हाथ से सहलाने के बाद वो उन्हें अपनी जीभ से चाटने लगी और फिर मुंह में अंदर लेकर चूसने लगी.

रिचर्ड और जैसन ने पाया कि वो इसमें उतनी ही निपुण ही जितनी कि उनकी पत्नियां. न चाहते हुए भी उनका ध्यान अपने घर में चल रहे खेल पर गया. रिचर्ड को इस बात का भी ध्यान आया कि उसने बच्चों को घर से बाहर रहने की लिए कहा था. इसके बाद उसने लौटकर अपने लंड पर चल रही निशा की गतिविधि में स्वयं को खो दिया.

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मिशेल: “आशा से अधिक आनंद आया. आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद. पर शरीर अब टूट सा रहा है.”

ईव ने भी सहमति में सिर हिलाया. कुछ देर और रुकने के बाद चारों अतिथियों ने अपने वस्त्र धारण किया और मिशेल उन्हें घर के बाहर तक छोड़ आयी. लौटने पर दोनों ताल में कुछ देर तक बैठीं और फिर पोछते हुए कपड़े पहन लिए. जैसे ही वे ऊपर की ओर पहुंची, तो मार्क और डेविड घर में प्रवेश कर रहे थे.

दोनों ने लगभग एक साथ ही कहा, “हाय मॉम”

...... अब आगे

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होटल में:

रिचर्ड और जैसन इस समय निशा के अनुभवी और दक्ष मुंह द्वारा दिए जा रहे मौखिक सुख में डूबे हुए थे. रह रह कर उन्हें घर पर उनकी पत्नियों के द्वारा चार अफ़्रीकी आदमियों से चुदाई का ध्यान आता और उनके लंड कुछ और तन जाते. निशा ने उनसे अभी तक कुछ कहा नहीं था परन्तु ये विदित था कि वो भी अब इसके आगे कुछ चाहती थी. जैसन ने मौन तोड़ा।

जैसन: “निशा, क्यों न अब हम दोनों को भी तुम्हारी सेवा का अवसर दो? तुम्हारी चूत और गांड भी तो कुछ ध्यान चाहने लगी होगीं.”

निशा ने अपने थूक से लथपथ मुंह को उनके लंड से अलग किया.

निशा: “मुझे प्रसन्नता हुई कि आप मेरे बारे में भी सोच रहे है. और मैं आपसे सहमत हूँ.”

जैसन: “तो चलो बिस्तर पर लेटो, मैं और रिचर्ड तुम्हे दोहरे मुख मैथुन का आनंद देने के इच्छुक है.”

निशा जाकर बिस्तर पर लेटी तो जैसन ने उसे एक करवट कर दिया। इसके बाद रिचर्ड और जैसन उसके साथ उलटी दिशा में ले गये. रिचर्ड के सामने निशा की चूत थी तो जैसन को उसकी गांड अपने आगे दिख रही थी. जीजा साले अपने अपने छेदों पर नियुक्त हो गए और निशा के दोनों छिद्रों को अपने मुंह और जीभ से चाटने लगे. हालाँकि निशा दुहरे सम्भोग की आदी थी और दो लौंड़ों से चुदवाने में विशेषज्ञ, परन्तु इस आसन में उसे कभी भी किसी ने भी प्रेम नहीं किया था. और इसीलिए उसे इसमें असीम आनंद की अनुभूति हो रही थी.

रिचर्ड और जैसन अपने कार्य में पारंगत थे और उनकी थिरकती हुई जीभों निशा की चूत और गांड खुल कर स्वागत कर रही थीं. अपने मुंह के सामने रिचर्ड के तने हुए लंड को देखकर निशा से रहा नहीं गया और उसने उसे अपने मुंह में लेकर चूसना आरम्भ कर दिया. उसने अपने ऊपर वाले हाथ से जैसन के लंड को ढूंढा और उसे अपनी मुट्ठी में लेकर सहलाने लगी. दोनों लौड़े इस समय पूरे तनाव में थे और निशा को सांत्वना मिली कि वे दोनों ही उसे रगड़कर चोदने की क्षमता रखते हैं.

चूत और गांड जब भली भांति गीली हो चुकी तो जैसन ने अपनी जीभ को निकाला और फिर अपना आसन बदला. अब वो निशा के पीछे उसकी ही दिशा में था. अपने लंड पर थूक लगाने के बाद लंड को निशा की गांड पर रखा और अंदर डाल दिया. निशा मानो आनंद से दूभर हो गई. पहले गांड मारने वाले कम ही होते थे. अधिकतर पहले उसकी चूत का आनंद लेने के पश्चात् ही लोग उसकी गांड मारते थे. यही नहीं, इस समय भी रिचर्ड की जीभ उसकी चूत में अठखेलियां कर रही थीं. अब जब उसका ऊपर वाला हाथ स्वतंत्र था तो उसने रिचर्ड के सिर को अपनी चूत में दबा लिया. रिचर्ड ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और उसकी चूत को चाटने में व्यस्त रहा.

जैसन के लंड की बढ़ती गति ने उसकी गांड में थिरकन की हुई थी. उसने रिचर्ड के सर को छोड़ा और उसके लंड को भी अपने मुंह से निकाला। रिचर्ड के लिए ये संकेत था कि अब वो भी चढ़ाई कर सकता था. रिचर्ड ने भी अपने शरीर को सही दिशा में मोड़ा और अपने लंड को चूत में लगाकर अंदर कर दिया. निशा की पहली चुदाई में ही दोनों ने डबल चुदाई कर दी थी. और निशा जैसी घनघोर चुदक्क्ड़ स्त्री को और क्या इच्छा हो सकती ही. आनंद से उसके मुंह से सिसकारियां ही निकल रही थीं. देखने वाली बात ये थी कि कब ये जीजा साला उसे चीखने के लिए बाध्य करेंगे. पर उसे विश्वास था कि इसमें अधिक समय नहीं लेंगे.

परन्तु इस आसन में चुदाई करना आसान नहीं था. रिचर्ड और जैसन के घुटने एक दूसरे से लड़ रहे थे जिसके कारण चुदाई की लय नहीं बन पा रही थी. इस समस्या को भांपते हुए निशा ने ही स्वयं आसन बदलने का सुझाव दिया. जैसन ने अपना लंड निकाला और रिचर्ड ने निशा को अपने ऊपर रखते हुए एक करवट ली. अब वो नीचे था और निशा उसके लंड पर चढ़ी हुई थी. जैसन ने पीछे जाकर अपने लंड को फिर से निशा की गांड में पेल दिया. डबल चुदाई का वैसे भी ये सबसे प्रचलित आसन था और तीनों इससे परिचित थे. निशा रिचर्ड के लंड पर लम्बी छलाँगे लगाने लगी पर जैसन ने उसे थामे हुए अपने लंड से उसकी गांड का मंथन चालू रखा.

जैसन ने निशा की पीठ पर हाथ रखकर उसे धीमा किया और इसके बाद वो और रिचर्ड अपनी स्वाभाविक गति से निशा की डबल चुदाई करने लगे. निशा का स्वयं से प्रश्न कि चीखें कब निकलेंगी का उत्तर शीघ्र ही मिल गया. अगर उनके अगल बगल के कमरों में कोई था तो उसे अवश्य ही इन चीखों की ध्वनि सुनाई दी होगी. पर इन तीनों को इससे कोई भी मतलब नहीं था. तीनों अपनी शरीर की भूख के आगे कुछ भी देख न पा रहे थे. वैसे भी जैसे आज उनकी पत्नियों की चुदाई हो रही थी, घर पर कुछ शांति मिलने का कम ही अवसर था. उनकी बेटियां अवश्य उबलब्ध थीं परन्तु उनके बेटों को वो प्यासा और अकेला नहीं छोड़ सकते थे.

तेजी से चूत और गांड को भेदते हुए लौडों के बीच में पिसती हुई निशा आनंद की सीमा तोड़ चुकी थी. उसकी चीखें और उन दोनों से और तेज और गहरी चुदाई की विनती रिचर्ड और जैसन को भी और शक्तिशाली और गहरी चुदाई के लिए प्रेरित कर रही थीं. और दोनों इसमें पूरी तरह से संलग्न थे. जैसन ने रिचर्ड को देखा तो रिचर्ड की आँखों में उसे गांड मारने की इच्छा दिखी. उसने अपने लंड को निशा की गांड में से निकाला और उसके मुंह में डाल दिया. निशा बिना चिंतन के कि ये लंड अभी उसकी गांड की गहराइयों में से निकला है उसे पूरी तन्मयता से चूसने लगी. रिचर्ड ने अपने आप को निशा के नीचे से हटाया और अपने लंड को उसकी आँखों के सामने लहराया. निशा ने उसे भी चाटने में देरी नहीं की.

इस बार जैसन लेट गया और उसने निशा को अपने ऊपर करते हुए उसकी चूत में लंड पेला। एक बार आसन स्थापित होने के बाद रिचर्ड ने इस बार गांड में लंड पेल दिया और जीजा साला एक बार फिर से द्रुत गति से निशा की चुदाई करने लगे. निशा कुछ ही देर में फिर से चिल्ला चिल्ला कर उन्हें उसकी चूत और गांड फाड़ने के लिए उत्साहित कर रही थी. दस मिनट की भीषण गांड फाड़ चुदाई के बाद रिचर्ड ने अपना पानी निशा की गांड में छोड़ दिया. उसने झड़ने के बाद अपने लंड को बाहर निकाला और कुर्सी पर बैठकर सुस्ताने लगा. जैसन ने निशा को पलटकर नीचे किया और उसके ऊपर आकर लम्बे गहरे धक्कों के साथ उसे कुछ देर और चोदा।

जैसन: “कहाँ छोडूं?”

निशा: “मुंह में.”

जैसन ने कुछ और धक्के मैरे और अपना लंड निशा के मुंह की ओर किया ही था कि उसके लंड से धार निकलने लगी जिसने निशा के चेहरे और मुंह पर वीर्य की एक चिपचिपाती पार्ट बना दी. पूरा झड़ने के बाद निशा ने अपनी उँगलियों से उसे इकठ्ठा किया और अपने मुंह में डालकर पी लिया.

तीनों कुछ देर बाद बैठे हुए बातें करते रहे. फिर रिचर्ड ने जाने की इच्छा की तो निशा ने उसे बताया कि उनके मित्रों के लिए जो आयोजन किया है, उसकी वो चाहें तो वीडियो बनाई जा सकती है, परन्तु ये केवल उनके देखने के लिए ही होगी. रिचर्ड ने स्वीकृति दी और फिर सबने अपने आपको बाथरूम में जाकर साफ किया और कपड़े पहनकर निकल गए.

*******

मिशेल के घर:

जब रिचर्ड और जैसन घर पहुंचे तो देखा कि शैली और ऐलिस अभी भी आयी नहीं थीं. मार्क और डेविड कोई वीडियो गेम खेल रहे थे और मिशेल और ईव किचन में थी. रिचर्ड ने जाकर मिशेल को चुंबन दिया और जैसन ने ईव को. फिर रिचर्ड ने ईव को और जैसन ने मिशेल को चूमा.

“हाउ वास योर डे.”

‘फन.”

“ओके, हम अपने लिए ड्रिंक बना रहे हैं, तुम दोनों कुछ लोगी?” रिचर्ड ने पूछा.

“वाइन। पर आप लो, हमें कुछ समय लगेगा. हम आती हैं.”

रिचर्ड और जैसन ने अपने लिए लम्बे पेग बनाये और मार्क और डेविड के पास बैठ गए. मार्क और डेविड ने कुछ देर में अपने गेम को रोका और फिर अपने पिता को हेलो कहा. मार्क ने बियर पीने की इच्छा की तो जैसन ने अनुमति दे दी. डेविड ने रिचर्ड को देखा तो उसने भी हामी दे दी. बियर लेकर दोनों आये और अपने दिन के बारे में बताया. रिचर्ड और जैसन ने अपने दिन के बारे में कुछ अधिक नहीं कहा.

मिशेल और ईव अपने वाइन के ग्लास के साथ आकर बैठी ही थीं कि मार्क पूछ बैठा.

“हम नीचे कब चलेंगे?”

मिशेल ने उत्तर दिया: “आज नहीं.”

मार्क का मुंह उत्तर गया.

जैसन ने कहा, “हम अपनी पत्नियों के साथ ही रहना चाहेंगे आज. तुम बच्चे इंजॉय करो.”

डेविड: “हम म्यूजिक बजा सकते हैं.”

रिचर्ड: “बिल्कुल , पर अधिक ऊँचा मत करना कि पूरे घर में हल्ला हो.”

डेविड: “ओके, डैड.”

कुछ देर में ऐलिस और शैली ढेर सारे शॉपिंग के थैले लेकर अंदर आयीं.

“कुछ छोड़ा कि नहीं दुकानों में?” डेविड ने छेड़ते हुए कहा.

“नहीं. और अब बकवास बंद कर.”

मिशेल: “कूल इट गर्ल्स.”

शैली: “सॉरी मॉम. सॉरी ब्रो थक गए चलते चलते इसीलिए थोड़ा गुस्सा आ गया.”

डेविड: “नो प्रॉब्लम. तुम दोनों बैठो, मैं तुम्हें ठंडी बियर पिलाता हूँ.”

शैली: “थैंक्स ब्रो, वी नीड इट। “

डेविड ने दोनों को बियर लेकर दी और फिर बताया की आज उनके माँ बाप खेल में नहीं रहेंगे और वे म्यूजिक सुन सकते हैं.

“लवली. खाने के बाद चलते हैं.”

बच्चों की उत्सुकता देखकर उनके माँ बाप हंसने लगे. और कुछ देर में खाने के लिए बैठ गए.

*******

खाने के बाद बच्चे खेलने के लिए नीचे के तरणताल में चले गए और चारों बड़े वहीं बैठे बातें करते रहे. मिशेल और ईव ने अपनी चुदाई की कथा बताई तो रिचर्ड और जैसन ने उनकी. इस सबसे चारों उत्तजित तो हुए पर आज कुछ भी करने की शक्ति किसी में न थी. ऐसा न था कि रिचर्ड और जैसन चुदाई नहीं कर सकते थे, परन्तु वे रिचर्ड का ध्यान रह रह कर निशा की बातों पर जा रहा था. उसके अनुमान से वो विवाहित थी. तो क्या उसका पति उसके क्रिया कलापों के बारे में जानता था? खिन वे किसी अन्य मुश्किलमे तो नहीं पड़ जायेंगे? यही बातें उसे व्यथित कर रही थीं.

जब उसने अपनी चिंता तीनों को बताई तो मिशेल ने पहले निशा से बात करके सब साफ करने के लिए कहा और उससे कल बात करने का निश्चय किया. कुछ और देर बैठने के बाद दोनों जोड़े अपने कमरों में चले गए. जाते हुए उन्हें तलघर से संगीत सुनाई दिया परन्तु उसका अधिक ऊँचा न होने के कारण उन्हें कोई समस्या नहीं थी.

******

तलघर में चारों युवा इस समय नंगे नहा रहे थे. उन्होनें अपना चाहता संगीत चला रखा था और चारों उसका भी आनंद ले रहे थे. मार्क और डेविड ऊपर से कई सारी बियर की बोतलें ले आये थे और इस समय सब बियर, संगीत और स्नान का आनंद ले रहे थे. शैली पहले ताल से बाहर आयी और फिर अपने आपको पोंछने के बाद संगीत कुछ तेज किया और नंगी ही उसकी ताल पर थिरकने लगी. उसे देख अन्य तीन भी शीघ्र बाहर निकले और उसके साथ नाचने में व्यस्त हो गए. शैली डेविड की बाँहों में समाकर नाचने लगी तो ऐलिस ने मार्क का साथ किया. यूँ नाचते हुए एक दूसरे के चुंबन भी लेने लगे और जब उनसे रहा नहीं गया तो कमरे की ओर चल पड़े.

69 के आसन में दोनों भाई बहन की जोड़ियाँ एक दूसरे को संतुष्ट करने में जुट गयीं.

*******

जैसा कि रिचर्ड ने कहा था तो निशा ने अपने पति को रात के लिए होटल में ही बुला लिया. उसे देखने से ही पता चलता था कि क्यों निशा दूसरे आदमियों से अपनी शरीर की भूख मिटाने के लिए बाध्य थी. उसका पति हालाँकि अच्छी नौकरी में था परन्तु उसका व्यक्तित्व दब्बू था और इसीलिए उसे उसकी योग्यता अनुसार पद भी कभी न मिल पाया था. निशा उसे बहुत ही तिरस्कार से सम्बोधित करती थी. फिर भी उसने कभी आपत्ति नहीं की. निशा चाहती थी कि वो कुछ हिम्मत और आक्रोश दिखाए, परन्तु इतने वर्षों के बाद भी वो उसी प्रकार से रह रहा था.

निशा उसे उसकी पौरुष शक्ति के लिए ताने देती थी, और यही कारण भी था कि उन्हें आज तक संतान प्राप्ति नहीं हुई थी. निशा ने कई बार ये विचार लिया कि वो अपने अन्य प्रेमियों से माँ बन जाये, पर किन्हीं कारणों से ये भी कभी सम्भव न हो पाया था. क्रमशः निशा के मन में अपने पति के लिए आदर का भाव समाप्त हो गया और बचा तो एक तिरस्कार।

जब उसके पति ने होटल के कमरे में प्रवेश किया तो उसे ये समझने में अधिक देर न लगी कि निशा यहाँ किसी से चुदवा चुकी है. चुदाई की गंध अभी भी कमरे में व्याप्त थी. निशा बिस्तर पर नंगी ही लेटी थी और उसके चेहरे पर कोई पपड़ी सी जमी हुई थी.

“मुझे अभी दो तगड़े आदमी चोद कर गए हैं. जो तुम्हारा काम है उसके लिए बाहर के लोगों की सहायता लेनी पड़ती है.”

“मैं भी तो तुम्हे चोदता हूँ.”

“हाँ, पर मुझे ऐसी चुदाई चाहिए होती है जो मेरे शरीर को झिंझोड़ दे. जैसे आज वो दोनों करके गए हैं. अब अपना काम करो और मेरी चूत और गांड को अपने मुंह से साफ करो. मैं बहुत देर से तुम्हारी ही राह देख रही थी. अब देर मत करो और अपने काम पर लग जाओ.”

निशा के पति ने अपने कपड़े निकाले और निशा की फैली हुई जांघों के बीच बैठकर अपना मुंह उसकी चूत में डाल दिया.

*******

भाई बहन के प्रेम का ये दृश्य मनमोहक तो था ही, अपितु रोमांचित और उत्तेजित करने वाला भी था. हालाँकि कमरे में चार थे परन्तु इस समय प्रेमी जोड़े केवल अपने साथी के ही बारे में सोच रहे थे अन्य किसी और के लिए तो बिलकुल भी नहीं. चूत में चलती सरपट जीभ का उत्तर लौड़े पर चल रही जीभ उसी लय में दे रही थी. चूत की चाशनी को पीते हुए अपने लंड के स्वाद को चखाने का आनंद ही अलग था. अब परिस्थिति ये थी की लड़के ऊपर से अपने लंड अपनी बहनों के मुंह में डाले हुए थे और अपने नीचे फैली हुई चूत का सेवन कर रहे थे. परन्तु डेविड को संतोष न था. उसने शैली को ऊपर आने के लिए कहा. शैली ने बिना किसी संकोच पलटते हुए उसके लंड को मुंह में ले लिया.

अब डेविड के मुंह के आगे शैली की टपकती हुई चूत थी. उसकी जीभ ने आगे बढ़कर स्वयं को शैली की चूत में डाला और फिर एक ऊँगली से उसे भेदने लगा. शैली की बढ़ती हुई चूसने की गति ने उसे बता दिया कि उसे भी ये अच्छा लग रहा था. अपनी गीली ऊँगली को डेविड ने बाहर निकाला और शैली के गांड के छेद तो ढूंढकर उसके अंदर धीरे से सरका दिया. शैली ने मुंह से लंड निकालते हुए एक हल्की सी आह भरी और उसका शरीर कुछ कंपकपाया. फिर उसने अपना ध्यान डेविड के लंड पर केंद्रित कर दिया.

मार्क और ऐलिस अब एक दूसरे को चूम रहे थे. मार्क का खड़ा लौड़ा अमीके की चूत के ऊपर रगड़ खा रहा था और ऐलिस उसे चूमते हुए अपनी चूत में डालने का प्रयत्न कर रही थी. मार्क ने उसकी इस कठिनाई को दूर किया और अपने हाथ से लंड को ऐलिस की तपती चूत में डाल दिया. मार्क और ऐलिस एक दूसरे को चूमते हुए चुदाई में लीन हो गए. ये चुदाई शारीरिक नहीं बल्कि मन को मिलाने के लिए थी. दोनों किसी प्रकार की जल्दी में नहीं थे. मार्क एक मंथर गति से ऐलिस को चोद रहा था. दोनों एक दूसरे में तन मन से समय हुए थे.

शैली ने डेविड के लंड को मुंह से निकाला और अपने शरीर को ऊपर उठाकर डेविड के लंड के दोनों ओर पाँव किया और उसकी ओर प्रेम से देखकर बोली, “मैं तेरा लंड अपनी गांड में ले रही हूँ. इस आसन में गांड मरवाने में बहुत आनंद मिलता है.”

डेविड: “यू नो, आई कैन फक योर आस एवरीडे.”

शैली: “यस, बट आई वांट इट ओनली सम डेस. लाइक टुडे.” ये कहते हुए शैली ने अपनी गांड में डेविड के लंड को बिठाया और हल्की गति से उस पर बैठती गयी. जब वो रुकी तो उसकी गांड में डेविड का लंड जड़ तक समाया हुआ था. उसने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, “यू कैन फक मॉम इन हर आस व्हेन यू वांट, शी लव्स इट.”

डेविड: “आई नो. आई लव हर आस टू. पर अभी तुम्हारी गांड की बात चल रही है.”

शैली धीमी गति से डेविड के लंड को अपनी गांड से चोदने लगी. आगे झुकते हुए उसने डेविड के होंठ अपने होंठों से चूमे और डेविड ने अपने हाथों से उसके मम्मे मसले. दोनों एक दूसरे में खोये हुए थे. जैसे ये कोई साधारण जीवन का अंग हों.

इसी प्रकार की चुदाई में दोनों जोड़े न जाने कितने समय तक एक दूसरे को आनंद देते रहे. कोई शीघ्रता या तीव्रता नहीं दिखा रहा था. ये प्रेम का बंधन था जिसमे शरीर केवल साधन थे. युवा तन एक दूसरे में समाये हुए कितनी ही देर तक एक ही आसन में चुदाई करते रहे. किसी ने कुछ भी बदलने के बारे में विचार भी नहीं किया. समय के साथ मार्क और डेविड झड़ने के निकट पहुँच ही गए. डेविड का तो लौड़ा गांड में था तो उसे अपना रस वहां छोड़ने में कोई संकोच नहीं था. पर मार्क ऐलिस की चूत में नहीं झड़ना चाहता था. और इसीलिए उसने अपने लंड को बाहर निकालते हुए अपने रस को ऐलिस की चूत के ऊपर छोड़ा. ऐलिस ने अपने हाथों से उसे अपनी चूत और जांघों पर मला और मार्क को ऊपर खींचकर फिर से उसे चूमने लगी.

शैली ने अपनी गांड से बहते हुए रस को बाथरूम में जाकर धोया और लौटकर डेविड की बाँहों में समा गयी. दोनों एक दूसरे को चूमते रहे. कुछ देर बार उठकर सबने एक बियर और ली और संगीत की धुनपर थिरकने लगे. रात में अभी और चुदाई शेष थी. प्रेम का दृश्य पूर्ण हो चूका था, अब वासना का क्रम था.

*******

क्रिसमस के दिन डॉन और उसके साथी अपने गेस्टहॉउस के बाहर किसी की प्रतीक्षा कर रहे थे. कुछ देर में कार लेकर एक नवयुवा आया और उन्हें कार में बैठा लिया. कार उन चारों के लिए पर्याप्त नहीं थी. लम्बे चौड़े व्यक्तित्व के तीन व्यक्ति किसी प्रकार पिछली सीट पर बैठे. लड़के ने कार निकाली और कोई बीस मिनट के बाद एक शानदार बंगले में अंदर ले जाकर रोक दी. उसने हॉर्न बजाया तो निशा ने दरवाजा खोला और उन्हें अंदर आने का आमंत्रण दिया. उनके अंदर जाने के बाद वो लड़का कार लेकर लौट गया.

कमरे में चार सुंदर स्त्रियां बैठी हुई थीं. इससे पहले कि निशा उनका परिचय लेती एक स्त्री बोल पड़ी, “माँ के लौड़े, ये तो मेरी गांड फाड़ देंगे.”

वातावरण स्वयं ही उसकी इस बात से प्रफुल्लित हो उठा. निशा ने डॉन जो उसके अनुमान में उनका मुखिया था अपने मित्रों का परिचय करने के लिए आग्रह किया. डॉन ने सबका परिचय दिया और फिर निशा ने स्त्रियों का परिचय दिया.

“मैं निशा हूँ, ये सबीना जिसकी बात आप सुन ही चुके हैं, ये हैं रमोना, और ये नीलम है, ये घर नीलम का ही है.”

डॉन और उसके साथियों ने सबको भारतीय पद्धति से नमस्ते किया. फिर उन्हें बैठाया गया और सभी बातों में व्यस्त हो गए. पर सबीना से रहा नहीं जा रहा था. आखिर वो बोल ही पड़ी.

“अरे इन मादरचोदों से बोलो डांस करते हुए कपड़े निकालें. इनके लौड़े देखने का बड़ा मन कर रहा है.” ये तो भला हो कि उन्हें हिंदी नहीं आती थी नहीं तो समस्या हो सकती थी.

डॉन के पूछने पर निशा ने सबीना की इच्छा बताई. डॉन मुस्कुराया.

“हमें कोई आपत्ति नहीं अगर आप भी बाद में हमें भी अपना नृत्य दिखाएँ.”

सबकी स्वीकृति होते ही, नीलम ने उठकर पाश्चात्य संगीत चला दिया और डॉन और उसके साथी खड़े हो गए. डॉन ने कहा की वे अपने देश के कुछ गाने चलाएंगे और उसने अपने फोन को स्टीरिओ में लगाया और अफ़्रीकी संगीत बज उठा.

शेष शीघ्र
 
चौथा घर मिशेल और रिचर्ड डिसूज़ा

अध्याय ४.३

भाग ५

डॉन के पूछने पर निशा ने सबीना की इच्छा बताई. डॉन मुस्कुराया.

“हमें कोई आपत्ति नहीं अगर आप भी बाद में हमें भी अपना नृत्य दिखाएँ.”

सबकी स्वीकृति होते ही, नीलम ने उठकर पाश्चात्य संगीत चला दिया और डॉन और उसके साथी खड़े हो गए. डॉन ने कहा की वे अपने देश के कुछ गाने चलाएंगे और उसने अपने फोन को स्टीरिओ में लगाया और अफ़्रीकी संगीत बज उठा.

..... अब आगे

संगीत बहुत ही कर्णप्रिय और उत्तेजक था. चारों उस धुन पर नाच रहे थे.

फिर सबीना ने चिल्लाकर कहा, “शर्ट उतारो मादरचोदों.”

हालाँकि उन्हें पूरी बात समझ नहीं आयी पर शर्ट सुनकर उन्होंने किसी अभ्यस्त नर्तक की धुन पर अपनी शर्ट धीरे धीरे खोलीं और उतारकर फेंक दीं. शर्ट उतरने से उनकी बाहें दिखने लगीं जिनकी तनी हुई मांसपेशियों ने स्त्रियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कुछ देर वे इसी प्रकार नाचते रहे फिर रमोना ने उनसे बनियान निकालने के लिए बोला। बनियान निकलने में अधिक देर नहीं लगी और उनके चौड़े सीने और समतल पेट उजागर हुआ. महिलाओं के मन की धड़कन बढ़ गयी. इसी क्रम में आगे चलते हुए उन्होंने अपनी पैंट भी निकाल दी और अब केवल छोटे जाँघियों में ही अब नाच रहे थे.

इस बार चारों महिलाओं ने एक ही स्वर ने चिल्लाकर उन्हें उसे भी उतारने के लिए कहा. बड़ी कलाकारी के साथ उन्होंने अपने जाँघिए उतारे तो उनके लपलपाते हुए लौड़े स्वतंत्र होते ही उछल पड़े. नंगे नाचते हुए वो सब बहुत ही अश्लील लग रहे थे और उनके लंड उछल उछल कर एक अलग ही दृश्य बना रहे थे.

डॉन ने इस बार चिल्लाकर कहा, “अब आप सबकी बारी है. आप लोग भी आईये.”

चारों महिलाओं ने इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया और वे भी उस संगीत की धुन पर थिरकने लगीं. डॉन और साथियों के आव्हान पर उन्होंने भी एक एक करके अपने वस्त्र उतारे। अब आठों लोग नंगे ही नाच रहे थे. डॉन ने जाकर सबीना का हाथ लिया और उसे अपने सीने से लगाकर नाचने लगा. रिकी ने नीलम को थमा, बोरिस ने निशा को और मार्टिन के हाथ रमोना के हाथों में समा गए. अब चार जोड़े अफ़्रीकी संगीत पर एक दूसरे से सट कर नंगे नाच रहे थे. बड़ा मनोहारी दृश्य था. निशा ने जैसा सोचा था, उसी अनुसार उसने कमरे में चार कैमरे भी लगाए हुए थे. इस पूरे खेल को रिकॉर्ड करने के लिए. जो इसे बाद में देखेंगे उन्हें ये आभास होगा कि ये कितना कामोत्तेजक दृश्य था.

यूँ नंगे नाचते हुए ये स्वाभाविक था कि जोड़ों के होंठ एक दूसरे से मिल गए. महिलाओं के हाथ नीचे जाकर पुरुषों के स्तम्भों को अपने हाथों से मसलने लगे. ऐसे मोटे और लम्बे लौड़े हाथ में लेते ही स्त्रियों की चूतों में पानी आ गया और गांड में भी एक खुजली होने लगी. होंठ चूसते हुए पुरुषों ने अपने विशाल हाथों में उनके मम्मे लिए और मसलते हुए चूमने लगे. चूत से पानी की धार अब जांघों को गीला करने लगी थीं. उनके स्त्राव की गंध से कमरा महक उठा था. समय उपयुक्त जानकर अपने साथी को लेकर चारों पुरुष सोफों की ओर चल पड़े. नीलम ने उन्हें अन्य स्थान के लिए कहा और सबके आगे चलते हुए एक कमरा खोला जिसमें केवल गद्दे बिछे हुए थे. उनके चारों ओर सोफे भी लगे थे. ये व्ही स्थान था जहाँ ये कुछ सप्ताह पहले सामूहिक चुदाई के लिए आये थे.

रिकी ने नीलम की प्रशंसा की और कहा कि ये सम्भवतः आपका क्रीड़ांगन है. नीलम ने सहमति जताई और रिकी की होंठों से होंठ मिला दिए. चारों अफ़्रीकी पुरुषों ने उन्हें सोफे पर बैठाया और उनके पांव फैलाकर बहती हुई चूतों में अपने मुंह डालकर उन्हें चाटने लगे. स्त्रियों ने भी भरपूर साथ देकर अपने पाँव उनके कंधों पर रखे और उन्हें अपनी चूत के अंदर तक पहुँचने का रास्ता दे दिया.

रसीली चूतों को चाटने में मग्न चारों अफ्रीकी अपने भाग्य को धन्य कर रहे थे. हालाँकि मिशेल और ईव को वो यहाँ चोद चुके थे परन्तु वे मूल रूप से भारतीय नहीं थीं. दोनों अफ्रीका में ही जन्मी थीं और इसीलिए ये उनकी पहली भारतीय महिलाओं के साथ चुदाई का अवसर था. स्वाद में अभूतपूर्व चूत उन्हें इस समय किसी रसगुल्ले की चाशनी ने कम प्रतीत नहीं हो रही थी. अपने सामने बिछी हुई इन मलाईदार चूत को उनका बस चलता तो खा ही जाते, पर अभी उन्हें केवल चाटकर ही संतोष करना था. और इसी के फलस्वरूप वे इस कार्य में अपनी पूरी योग्यता दिखा रहे थे. चारों स्त्रियां भी पहली बार किसी अफ्रीकी पुरुष के साथ सहवास करने वाली थीं और इसके कारण वो भी अत्यंत ही उत्तेजित थीं और उनकी चूत इसका प्रमाण थीं, जो अविरल पानी छोड़ रही थीं.

उन अफ्रीकियों के केवल लंड ही लम्बे नहीं थे, बल्कि उन्हें ईश्वर ने जीभ भी लम्बी प्रदान की थीं. उनकी खुरदुरी जीभ स्त्रियों की उन गहराइयों के सम्पर्क में आ रही थीं जहां अभी तक कोई अन्य जीभ ने पदापर्ण नहीं किया था. केवल वही स्त्री जो मौखिक सुख का आनंद ले चुकी हो ये समझ सकती है कि ये एक अद्भुत आभास होता है. चूत के रोम रोम पर चलती अफ्रीकी जीभों से अतुलित आनंद प्राप्त करते हुए वे उपहार स्वरूप अपना मीठा रस उन्हें भेंट दे रही थीं.

डॉन ने एक अद्भुत पहल की. उसकी लम्बी सर्प समान जीभ से सबीना के भग्नाशे को छेड़ते हुए उसे अपनी उँगलियों से उसे मसला और अपनी जीभ को उसकी गांड पर चलाया.

सबीना उछल पड़ी, “ओह, मादरचोद! अब क्या मेरी गांड खायेगा?”

डॉन ने इसे उसकी सहमति समझकर अपनी जीभ से उसकी गांड पर हमले तीव्र किया तो गांड ने स्वागत के लिए अपने द्वार खोलने आरम्भ किये. पहला अवसर पाते ही डॉन की जीभ सबीना की गांड में विचरण करने लगी.

“उउउह , ये हरामी तो मेरी गांड में घुसा दिया अपनी जीभ. माँ के लौड़े ने लगता है मेरी गांड साफ करने का काम भी करना है आज.” सबीना यह लेकर बोली.

नीलम ने उसे देखते हुए कहा, “गांड साफ कर रहा है तेरी गांड मारने के लिए. उसका लंड देखा है. तेरे दो भतीजों के बराबर एक ही. तेरी गांड चार दिन तक खुली रहेगी.”

सबीना की आँखों में कुछ क्षणों के लिए भय दिखा पर गांड में सुरसुरी कर रही जीभ ने उसे आनंद का भी आभास कराया.

“अगर इसकी जीभ इतना मजा दे रही है तो इस बहनचोद से गांड मरवाना तो बनता है. अगर हुआ तो बाद में अपनी गांड में दो भतीजों के लंड ले लूँगी पर ऐसा लौड़ा नहीं छोड़ सकती.”

नीलम: “मैंने यही सोचा था.” और उसकी ऑंखें आनंद और वासना से बंद होने लगीं क्योंकि रिकी ने भी आप अपनी जीभ उसकी गांड पर फिरानी आरम्भ कर दी थी. मार्टिन और बोरिस भी जान चुके थे कि डॉन इस समय किस छेद पर केंद्रित है और उन्होंने भी अपनी जीभ रमोना और निशा की गांड की ओर केंद्रित कर दीं. सबीना के सिवाय सब इस आनंद से पूर्व से ही परिचित थीं और उन्होंने अपने अफ्रीकी प्रेमियों के इस कदम की सराहना में अपनी गांड के छेद खोल दिए.

चूत और गांड का पर्याप्त सेवन करने के बाद डॉन एक गद्दे पर लेट गया. उसका भयावह काला लंड छत को ताक रहा था. रिकी, बोरिस और मार्टिन भी अब लेट गए और उनके लंड भी आसमान को ताक रहे थे. सबीना ले जब लंड देखा तो एक बार तो उसकी गांड फट गयी. फिर उसने सोचा यही समय है इससे चुदवाने का और अगर नहीं चुदवाउंगी तो जीवन भर पछताऊंगी. उसने डॉन के लंड को पकड़कर तोला तो उसे समझ आ गया कि आज उसे या तो अनंत शांति मिलेगी या भरपूर पीड़ा. उसने लंड को पकड़ा और अपने मुंह से चाटने में जुट गई. नीलम भी अब रिकी के लंड को चूस रही थी. बोरिस का लंड निशा के मुंह था तो रमोना ने मार्टिन के लंड को अपने मुंह में लिया हुआ था.

चारों अफ्रीकियों को इस बात से प्रसन्नता हुई कि ये महिलाएं लंड चूसने में किसी भी अफ्रीकी महिला से कम नहीं हैं. कुछ समय तक लंड चूसने के बाद डॉन ने अब चुदाई की इच्छा व्यक्त की.

“मेरे विचार से आपको हमारे लौंड़ों पर इसी आसन में चढ़ना चाहिए. एक बार आपकी चूत अभ्यस्त हो जाएगी तो हम आसन बदल लेंगे.” डॉन का परामर्श सबको रुचिकर लगा और चार काले नागों के दोनों ओर पांव करते हुए वो श्वेतांबर स्त्रियां अपने हिस्से के लंड पर लंड लगाकर उसपर बैठने लगीं. निशा ने सबसे पहले बोरिस के लंड की पूरी लम्बाई को अपने में उतारा। अगर प्रतिस्पर्था हो रही होती तो वो प्रथम आती. उसने गर्व से अन्य स्त्रियों को देखा. रमोना भी अब पूरी तरह से लंड ले चुकी थी और हल्की गति से उछाल रही थी. निशा ने भी व्ही किया और नीलम की और देखा. नीलम बिना पूरे लंड को लिए हुए ही हल्की उछलकूद कर रही थी और इसके कारण शेष लंड भी उसकी चूत में अपना स्थान बना ले रहा था. सबीना को देखकर निशा को हंसी आ गयी. गालियों में बात करने वाली सबीना का मुंह इस समय खुला हुआ था जबकि डॉन का आधा लंड अभी बाहर ही था.

निशा: “क्या रे सबीना, वैसे तो बड़ी चुदककड़ बनी फिरती है, अब क्यों गांड फट रही है.”

सबीना: “गांड फ़टे तेरी बहन की लौड़ी. मेरी चूत की माँ चुद रही है और तुझे मजाक सूझ रहा है?”

डॉन ने स्थिति को भांपते हुए सबीना के कंधे को मजबूती से पकड़ा. “आइये आपकी कठिनाई मैं दूर कर देता हूँ.” ये कहकर उसने कंधे को नीचे की ओर धकेला और नीचे से ऐसा तगड़ा धक्का मारा कि सबीना की नींव हिल गयी. उसकी चीख इतनी हृदयविदारक थी कि उसकी तीनों सहेलियों की भी आँखों में भय से आंसू निकल पड़े.

उनके साथियों ने उन्हें समझाया कि चिंता न करें, बस कुछ देर देखें डॉन का कमाल। उनकी बात को मान अन्य तीनों उनके लौडों पर उछलकर चुदवाने लगीं.

कुछ देर की उछलकूद के बाद चूतें उन बड़े लौंड़ों की अभ्यस्त हो गयीं. यहां तक कि सबीना के मुंह से अब चीखें नहीं बल्कि कामोत्तेजक सिसकारियां निकल रही थीं. हालाँकि ये बताना अब असम्भव था कि किस स्त्री की सिसकारियाँ तेज थीं. जब डॉन ने ये समझ लिया कि वे अपने असली तरिके से चुदाई कर सकते हैं तो उसने सबीना की कमर पकड़ कर उसे पलटाया और उसके ऊपर चढ़ गया. सबीना की आँखों में भय की परछाइयाँ दिखीं पर अब डॉन को रोकना सम्भव नहीं था. अब तक सबीना बहुत मंथर गति से उसके लंड पर कूद रही थी, जिससे डॉन को पूरा आनंद नहीं मिल रहा था. वो अब इस परिस्थिति को बदलने वाला था. और ये भी जनता था कि सबीना भी कुछ देर में उसके लौड़े के आनंद से अपने आप को भूलने वाली है.

लम्बे तगड़े धक्कों से अब डॉन ने सबीना की चूत की धज्जियाँ उड़ाने में देर नहीं की. सबीना इस प्रकार की चुदाई इसी घर में अनुभव की थी, पर उन लड़कों के लंड डॉन के समान नहीं थे. बड़े और मोटे थे, पर डॉन एक अलग ही स्तर पर था. डॉन के अन्य साथी उन लड़कों के समानंतर थे, शायद कुछ उन्नीस ही थे, पर डॉन. उसके लंड के आगे कोई और नहीं था. डॉन के तेज शक्तिशाली धक्कों से सबीना की चीखें फिर गूंजने लगीं. पर ये भी विदित था कि ये कुछ ही देर में आनंद से भरपूर होने वाली थीं.

निशा, नीलम और रमोना भी अब नीचे उत्तर कर पाँव फैलते हुए अपने साथी को छोड़ने के लिए आमंत्रित करने लगीं. पल भर में ही उसकी चूतें उनके साथियों के लौंड़ों से भर गयीं और चुदाई का एक महासंग्राम आरम्भ हो गया. किस स्तिर के मुंह से कितनी आहें या चीखें निकल रही थीं ये अब समझना दूभर था. ये तो वीडियो दलहन पर ही पता चलेगा कि कौन किस सीमा तक चुद रही थी.

कुछ देर बाद डॉन ने सबको घोड़ी बनने के लिए कहा और उनके उस आसन में आते ही लौंड़ों ने फिर से अपनी शक्ति का परिचय इस नए आसन में दी. लेट के चोदने के बाद खुली चूतें एक बार फिर से तंग हो गयीं और सिसकारियों का क्रम अविराम चलता रहा.

इसी आसन में चुदाई कोई दस मिनट और चली. उसके बाद धक्कों की गति क्षीण और अनियमित होने लगी. अनुभवी महिलाओं ने समझ लिया कि अब उनके साथी झड़ने के निकट है. डॉन ने अपने साथियों को नियम की याद दिलाई कि किसी भी चूत में झड़ना नहीं है. इसी कारण जैसे ही कोई भी झड़ने के स्तर पर पहुंचा उसने अपना लंड चूत से निकाल लिया. अब लौंडों का गंतव्य उनकी साथी के मुंह थे. कुछ ही समय में निशा बोरिस के लंड पर से अपने रस को चाटकर उसके लंड को चूसने लगी. नीलम ने रिकी के लंड की आवभगत की तो रमोना ने मार्टिन के लिए अपने मुंह को प्रस्तुत किया. चूत में से लंड निकालने वाला अंतिम व्यक्ति डॉन ही था और उसने सबीना की मुंह में अपने लंड को डाल दिया जिसे सबीना ने अपने सामर्थ्य के अनुसार चाटा और चूसा. एक एक करके हर महिला के मुंह में अफ्रीकी श्वेत रस की फुहार छूटीं और जिसका स्वाद भिन्न होने के कारण उन्हें एक नए अनुभव का आभास हुआ. परन्तु ऐसा नहीं था कि वे पूरा रस पि पायीं, जो बाहर छिटका उसे अपने चेहरे पर मलने में चारों महिलाओं ने कोई शर्म या घृणा नहीं दर्शाई.

चूत की चुदाई का पहला क्रम समाप्त हो चला था. अब समय थे एक विराम का. नीलम के पूछने पर सबने बियर पीने की इच्छा प्रकट की. नीलम ने फ्रिज में से बियर लायी और सभी सोफे पर सुस्ताते हुए बियर पीने लगे. नीलम ने किसी को अपने फोन से संदेश भेजा जिसका उत्तर भी कुछ ही देर में आ गया. नीलम ने आगे होने वाले कार्यक्रम के बारे में सोचा. अपने घर के क्या चल रहा होगा ये सोचते हुए उसके चेहरे पर मुस्कान आ गयी. आज ऑफिस बंद था और मेधा बाहर गयी थी. घर में दिया और कनिका के साथ उसके पति, जेठ, उसका बेटा और भतीजा ही थे. दिया और कनिका को आज अवश्य अतिरिक्त कार्य करना होगा.

उसका ध्यान सबीना के प्रश्न ने वर्तमान की और खींचा, “इस मादरचोद के लंड को तो मैं कभी अपनी गांड में न लूँ. चूत को फाड़ ही सा दिया है बहनचोद ने, गांड फाड़ दी तो मेरा क्या होगा?”

रमोना जो अब तक कम ही बोली थी, उसे छेड़ते हुए बोली, “अरे मेरी सबीना बी, जब उसके लंड पर उछाल रही थी तब तो नहीं लग रहा था की फट रही है तेरी चूत, तू तो और चिल्ला कर चोदने के लिए कह रही थी.”

सबीना बगलें झाँकने लगी, “वो वो वो… पर गांड की बात अलग है न?”

रमोना: “कुछ अलग नहीं, गांड मरवाने के लिए भी तू ऐसे ही गिड़गिड़ायेगी. वैसे अगर तेरी औकात नहीं है, तो मैं मरवाती हूँ इससे गांड.”

ऐसी चुनौती सुनकर सबीना भड़क गयी, “ए रंडी, इतना होशियार मत बन भोसड़ी वाली. मैं तो यूँ ही कह रही थी. मुझे ऐसे लौड़े से गांड मरवाने में कोई डर नहीं है.”

नीलम ने मामला संभाला, “अरे इसके बाद जिसे जिससे भी चुदवाने का मन हो, सो कर लेना. लड़ना मत शुरू करो बेकार में.”

सबीना और रमोना ने एक दूसरे को तपती आँखों से देखा फिर नीलम की बात पर सहमति दिखाई. आधे घंटे और बातें चलती रहीं, कि घर की घंटी बज उठी और नीलम के फोन पर संदेश आया. इससे पहले कि कोई घबराता उसने कहा, “मैंने और बियर मंगाई थी हितेश से, बाहर रख गया है. निशा, आओ उन्हें फ्रिज में लगा दें.”

दोनों उठी और नीलम ने झांक कर बाहर देखा तो कोई नहीं था. उसे तपाक से दरवाजा खोला और बियर के क्रेट को अंदर खींचकर दरवाजा लॉक कर दिया. रिकी और मार्टिन उठे और उन्होंने इस काम के लिए स्वयं को प्रस्तुत किया तो उन्हें छोड़कर नीलम और निशा सोफे पर लौट गयीं.

सबीना की गांड अब खुजलाने लगी थी. एक तो रमोना ने उसकी झांटे सुलगा दी थीं, दूसरे उसे वैसे भी गांड मरवाने में बहुत मजा आता था. उसका पति आजकल जब भी विदेश से लौटता था तो केवल उसकी गांड ही मारता था. जाने क्यों अब उसकी चूत में उसका कोई आकर्षण नहीं था. ये तो भला हो उसके भतीजों का जो मौसी की चूत और गांड दोनों तबियत से बजाते थे. पर लौड़े का नाप देखकर सबीना कुछ डर रही थी. पर वो रमोना के आगे झुक तो सकती नहीं थी.

सबीना: “मेरी तो गांड अब खुजला रही है, तुम लोग अपनी जानो, मैं तो चली अपनी गांड खुलवाने.”

रमोना जो उससे चिड़ी हुई थी बोल पड़ी, “बाथरूम हो आ पहले नहीं तो कमरे में गंध मचाएगी.”

इससे पहले कि नीलम हस्तक्षेप करती सबीना ने सबको चौंका दिया, “बात तो सही की तूने भोसड़ी वाली. मैं निपट कर आती हूँ.”

रमोना की बात को अन्य तीनों ने भी सही समझा और एक के बाद बाथरूम में जाकर सफाई करने के बाद अंदर आ गयीं. नीलम ने कमरे की एक अलमारी से कुछ तेल जैसा द्रव्य निकाला।

नीलम: “ये विशेष तेल है, इसे लगाने से संवेदना बढ़ जाती है. मैं इसका उपयोग कई बार कर चुकी हूँ और आनंद की सीमा का मैं विश्लेषण नहीं कर सकती.”

नीलम ने दो बोतल निकालीं, सम्भवतः महंगी रही होंगी. उसने रिकी को उनके बारे में समझाया और अन्य भी उसकी बात सुनकर समझ गए. स्त्रियों घुटने पर बैठकर लौड़े चूसने लगीं और कुछ ही समय में वो सब तन कर कड़े हो गए. घोड़ी का आसन बनाते हुए नीलम ने तेल लगाने के लिए कहा और दो दो करते हुए चारों गांड तेल से भीग गयीं. कमरे में एक लुभावनी महक छा गयी. तेल में सुगंध इतनी मोहक थी कि सबको भा रही थी. गांड में अपनी उँगलियों से तेल को अच्छे से मलने के बाद अब समय था अपनी घोड़ियों की सवारी गांठने का. और उसके लिए ये चार काले घुड़सवार अपने लम्बे चाबुक लिए तैयार थे.

धीरे धीरे चार मोटे काले लंड गोरी गांड के भूरे छेद में अपना स्थान बनाने लगे. कुछ असहजता के बाद स्त्रियों ने चैन की साँस ली जब टोपे अंदर चले गए. बिना रुके निर्विरोध वो काले सिपाही अँधेरी गुफा में बढ़ते गए, धीरे, धीरे, धीरे धीरे. समय मानो रुका हुआ था. सबकी साँसे ठहरी हुई थीं. स्त्रियों का पूरा ध्यान अपनी गांड में जाते हुए लौडों पर था तो उन लौड़ा धारकों का अपने आगे बढ़ते पिंड का. जब लंड आधे से अधिक अपना रास्ता तय क्र चुके तो घुड़सवार रुक गये. जैसे कोई धावक अपनी दौड़ के पहले सामने के मैदान को नापता है और फिर तेज गति से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है.

ठहरी हुई साँसे अब फिर से एकत्रित हो गयीं. स्त्रियां अपनी गांड के अंदर डले लंड से अब अभ्यस्त होने लगीं. उन्होंने अब अपनी गांड में से लंड को बाहर निकलता हुआ अनुभव किया और केवल टोपे ही अंदर थे. ये क्या कर रहे हैं? ये सोचना ही था की उनकी गांड में ऐसा कम्पन हुआ की मानो किसी से मक्खन पर छुरी चला दी हो. हुआ ये था कि चारों अफ्रीकी बंधुओं ने अपने लंड बाहर केवल इसीलिए निकाले थे कि वो अब पूरे लंड से गांड मारने का मन बना चुके थे. शक्तिशाली धक्कों ने लौड़े गांड में पेल तो दिए पर उन चार चीखों को सुनकर उनके स्वयं के भी मन दहल उठे. और जैसा अपेक्षित था इसमें से सबसे तीव्र और हृदय विदारक चीख सबीमा की ही थी. डॉन ने बिना दया दिखाए उसकी कोमल गांड में अपने लंड को पूर्ण रूप से गाढ़ दिया था. स्त्रियां छटपटा रही थीं, पर जो इस समय सबसे अधिक कष्ट में थी वो सबीना किसी प्रकार अब इस लंड से अपने आपको मुक्त करना चाहती थी.

पर ऐसा फंसा हुआ था डॉन का लंड उसकी गांड में कि बिना गंभीर चोट के वो उससे उबर नहीं सकती थी. डॉन एक हाथ से उसकी चूत और एक से उसके मम्मे सहलाने लगा. सबीना तड़पती हुई इस नए पराक्रम पर कुछ कुछ शांत हुई. इस समय समय रुका हुआ था. लंड अपना गंतव्य पा चुके थे और आगे के प्रयास के लिए रुके हुए थे. कुछ देर में अपनी गांड में जलन कम होने के बाद स्त्रियों ने पाया अब उन्हें कुछ आराम है, एक खुजली जो चोट ठीक होने पर होती है, वो हो रही थी. गांड की मांसपेशियों ने भी कुछ हलचल की. जिसका आभास लंड के स्वामियों को तत्क्षण हो गया. अर्थात गांड की चुदाई के लिए अब रास्ता साफ था. केवल सबीना ही थी जिसकी गांड अभी भी निश्चेत थी. उसके आँसू उसकी गांड की व्यथा के साक्षी थे.

तीन लौड़े गांड में चलने के लिए अग्रसर हुए. अंदर बाहर, अंदर बाहर, अंदर बाहर, अंदर बाहर, अंदर बाहर। संकीर्ण गांड के रास्तों को चौड़ाते हुए वो सरपट अपनी चाल चल रहे थे. अब राह आसान होने लगी थी. डॉन ने अब सबीना की चिंता किये हुए अपने लंड को उसकी गांड में चलाना आरम्भ किया. सबीना कुछ देर तक तो निष्क्रिय ही रही पर उसकी इन्द्रियों ने उसे गांड से उठ रही सुखद संवेदनाओं से अवगत कराया तो मानो वो भी क्रियाशील हो गयी. जलन कम होने लगी थी, पर खुजली अभी भी बनी हुई थी.

और खुजली मिटाने का उत्तम औजार उसकी गांड में चलायमान था. जैसे जैसे उसकी गांड में डॉन का लंड चलता गया, खुजली भी कम होने लगी. अब केवल एक अकल्पनीय सुख मिल रहा था. उसकी गांड में एक ऐसी चेतना जागी थी जिसका अब तक कोई पर्याय नहीं था. उसके मुंह से निकलती कामोत्तेजक सिसकारियाँ डॉन को ये जता रही थीं कि उसने इस गुफा में भी अपना झंडा गाढ़ दिया है. उसने अपने साथियों को भी अन्य सुंदर गांड वाली स्त्रियों की गांड मारते हुए देखा तो उसे अभूत प्रसन्नता हुई कि आज उन सबका एक सपना साकार हो गया.

उसने सबीना की गांड को अब उछलकर उसके लंड को अंदर लेने की चेष्टा करते देखा तो उसने अपने दोनों पाँव उसकी गांड के दोनों ओर अच्छे से जमाये और फिर किसी पिस्टन की भांति उसकी गांड में लंड पेलने लगा. सबीना एक बार फिर से कुछ पीड़ा, पर अधिक आनंद की विरोधी संवेदनाओं में झूल रही थी. अन्य स्त्रियां भी अब कुछ ऐसी ही विषम स्थिति में थीं. पर उन्हें इस प्रकार की चुदाई का भरपूर अनुभव था और उनके साथियों के लौड़े डॉन के लंड की तुलना में नहीं थे. और उन्हें उस आकार के लौड़े अपनी गांड में लेने का पूर्व अनुभव था. केवल चुदाई का ढंग अलग था और इसका आनंद उन्हें अवश्य मिल रहा था.

अपनी चूत को सहलाती हुई सारी स्त्रियां अब तक झड़ चुकी थीं और गांड में अब पानी लेने के लिए उत्सुक थीं. उन्हें अधिक देर राह भी नहीं देखनी पड़ी. एक के बाद एक सभी अफ्रीकी अपने लंड के रस को उनकी गांड में छोड़ने लगे. जब उन्होंने अपने लंड बाहर निकाले तो खुली हुई गांड से गाढ़े श्वेत रस बाहर निकलने लगे. स्त्रियां उसी आसन में बनी रहीं और अपनी गांड में हो रही संवेदनाओं को अनुभव करती रहीं. फिर उठते हुए उन्होंने बाथरूम में जाकर सफाई की और लौटकर आयीं तो देखा कि सबके लिए ठंडी बियर रखी थी. सबीना चलने में लड़खड़ा रही थी. पर उसके चेहरे पर एक ऐसी चमक थी जो केवल अच्छी चुदाई के बाद ही स्त्री के मुखमंडल पर आती है.

रमोना को देखकर वो बोली, “जालिम का लौड़ा सच में गांड फाड़ दिया है मेरी.”

रमोना उसके पास आयी और उसके गाल पर प्यार से हाथ फिरते हुए बोली, “अब बस कर, जब तक तू सामान्य नहीं होती, बैठी रह. और चुदवाने का मन हो तो कोई और लंड चुनना.”

सबीना ने रमोना को देखा और उसकी ऑंखें भर आयीं। अब और कुछ कहने की आवश्यकता हो नहीं थी.

बियर पीने के बाद खाने का समय होने लगा था तो नीलम ने एक होटल से खाना मंगवा लिया. आते आते उसे १ घंटा लग गया. इस बीच बियर के राउंड चलते रहे. सबीना जो अधिक पीने की आदी नहीं थी, कुछ बियर के नशे में, कुछ चुदाई के नशे में वहीं लोट कर सो गयी. उसकी गांड का खुला छेद सबको दिख रहा था. और अभी तक पूरा बंद नहीं हुआ था. खाना आने के बाद सबीना को उठाया और सबने मिलकर खाना खाया. बियर की खुमारी और खाने के कारण सब लोग कुछ देर के लिए सो गए. बीस मिनट के बाद उठने लगे और फिर पानी पीकर मुंह हाथ धोने के बाद अगले युद्द की तैयारी में जुट गए.

सबीना ने अपने आपको इस बार के लिए अलग कर दिया. हालाँकि उसकी इच्छा तीव्र थी, पर वो चोटिल नहीं होना चाहती थी. न जाने क्या सोचकर इस बार नीलम ने भी कहा कि उसके लिए इतनी ही चुदाई पर्याप्त है. बची केवल निशा और रमोना. दोनों ने एक दूसरे की ओर देखा और मुस्कुरा दीं.

रमोना: “लगता है कि अब हम दोनों को ही इन चारों को ठिकाने लगाना होगा.” ये कहते हुए दोनों ने डॉन को देखा और फिर उसके लंड को.

“टॉस हो जाये.” निशा ने कहा.

नीलम ने अपने पर्स में से एक सिक्का निकाला। उसने निशा से कहा कि उसे मांगना है. ये कहते हुए उसने सिक्का उछाला और अपनी हथेली में बंद कर लिया.

“हैड.” निशा ने अधीरता ने कहा. नीलम ने मुट्ठी खोली तो टेल निकली. निशा का चेहरा मुरझा गया. रमोना ने उसे आगे बढ़कर अपनी बाँहों में लिया.

“इससे कुछ नहीं होता. हम इन्हें बदल बदल कर चोद लेंगे. ओके. मेरी साथी है सबीना और निशा की नीलम.”

सब चौंक गए. फिर रमोना बोली, “लौंड़ों को तैयार करने का काम इनका रहेगा.”

“ओके” ये कहते हुए सबीना और नीलम ने दो दो लंड पकड़े और उन्हें चूमते, चाटते, चूसते हुए खड़ा करने में लग गयीं.

जब लंड बढ़िया खड़े होकर तन गए तो डॉन सोफे पर बैठ गया. रमोना ने अपनी चूत में तेल लगाया और डॉन के लंड पर अपनी चूत को सटाते हुए पहले तो जल्दी से बैठी और फिर आखिरी में धीरे धीरे। अभी उसने पूरे लंड हो अंदर नहीं लिया था. वो जानती थी की धक्कों के साथ जाने में अधिक सरलता रहेगी. उसके लंड पर उछलते हुए उसने निशा की ओर देखा जो इस समय सोफे पर बैठे मार्टिन के लंड पर सवार हो रही थी. परन्तु निशा को लंड पूरा लेने में अधिक कठिनाई नहीं हुई. निशा ने रमोना से ताल मिलाते हुए मार्टिन के लंड की सवारी गांठ ली. जैसा रमोना का अनुमान था इस उछलकूद में ही डॉन का पूरा लौड़ा उसकी चूत में बस गया था.

कुछ देर की उस उठापटक के बाद रमोना और निशा को अपने पीछे कुछ गतिविधि का आभास हुआ. फिर उन्होंने उनकी गांड में किसी की ऊँगली जाने का अनुभव हुआ. कमरे में फैलती सुगंध ने उन्हें बताया कि उनकी गांड में तेल लगाया जा रहा है. दोनों ने अपनी गांड को ढीला छोड़ा पर अपनी उछलकूद को बंद नहीं किया, अपितु धीमा अवश्य कर दिया. कुछ क्षणों पश्चात उँगलियाँ बाहर निकल गयीं. डॉन ने रमोना की कमर जकड़ी और उसे अपने ऊपर दबा लिया. इससे रमोना की गांड किसी भी प्रहार के लिए अब उपलब्ध थी. डॉन उसके होंठ चूसने लगा और दूसरी ओर मार्टिन ने भी यही क्रम को अपनाते हुए निशा को अपने ऊपर दबा लिया.

रिकी ने अपने लंड का टोपा रमोना की गांड पर रखा. गांड खुली हुई थिस, कुछ देर की चुदाई के कारण तो उसने अधिक समय न लेते हुए एक लम्बे धक्के के साथ ही पूरा लंड अंदर पेल दिया. अगर डॉन का लंड इतना बड़ा न होता तो रमोना को इसमें कोई कठिनाई नहीं होती. पर डॉन के मोटे लंड ने उसकी झिल्ली इतनी जोर से दबाई हुई थी कि रिकी के लंड का पूरा मार्ग जलन से भर गया. डॉन और रिकी के लिए ये नया नहीं था और इसीलिए डॉन रमोना को जकड़े हुए उसके होंठ चूस रहा था. रमोना की चीख उसके होंठों में ही दब कर रह गयी. रिकी ने कुछ देर रुकते हुए अपने लंड से रमोना की गांड का खनन प्रारम्भ कर दिया. डॉन शांति से रमोना को पकडे उसे चूमता रहा. फिर उसने भी हल्के हल्के धक्के लगाने आरम्भ किये. और कुछ ही देर में दो विशाल काले भुजंग रमोना की दोनों गहराइयों को मथ रहे थे.

मार्टिन और बोरिस ने भी निशा की सवारी गाँठि हुई थी और निशा उन दोनों की चुदाई से अत्यंत आनंदित थी. ऐसी ही चुदाई में उसे असीम आनंद आता था और उसे भी मिल रही थी. एक ताल पकडे हुए बोरिस और मार्टिन उसकी गांड और चूत में अपने लंड पूरी शक्ति से चला रहे थे.

नीलम और सबीना ये देख रही थीं. दोनों की चूत खुजला रही थी, पर वे अभी के लिए संतुष्ट थीं. इसी प्रकार से चुदाई चलती रही, अफ्रीकी बंधुओं की ठहरने की क्षमता अनंत थी. अलग अलग आसन और ढंग इ उन्होंने रमोना और निशा के हर छेद को भेदा. डॉन को भी दोनों की गांड मारने का अवसर मिला, और अब तक खुली होने के कारण डॉन के लंड से उन्हें उतनी कठिनाई नहीं हुई जितनी सबीना को हुई थी. पर हर आनंद की सीमा और हर कार्यक्रम का अंत तो होता ही है. जब उन्होंने चेताया कि वे झड़ने वाले हैं और अपने लंड बाहर निकाले तो उनके रस के लिए उन्हें दो नहीं बल्कि चार मुंह खुले हुए मिले.

किस का रस किस मुंह में गिरा ये तो किसी ने दिन नहीं दिया. पर चेहरों और मम्मों पर भी प्रचुर मात्रा में बिखरा. सबके चेहरे एक अनंत संतुष्टि में चमक रहे थे. और रात अभी पूरी शेष थी.

शेष अगले भाग में.
 
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