-मुझे नही पता कोई मस्त जगह ले चल.पर पहले किसी एटीएम पे बाइक रोकना.
और हम लोग निकल पड़े पहले हम लोग एटीएम पे गये और कुछ कॅश विड्रो किया फिर हम घूमने निकल पड़े .
कुछ देर मे हम लोग एक बड़े माल के सामने थे .रघु बाइक पार्क करने चला गया और मैं एंट्री गेट पे उस का इंतज़ार करने लगा.क्या यार कितना टाइम लगा दिया चल भी अब या यही खड़ा रखना है .
रघु-अरे नही यार तू नही जानता ये इंडिया है यहाँ तो पेसाब करने के लिए भी लाइन लगानी पड़ती है ये तो फिर भी बाइक पार्किंग थी.
मैं-अब चलेगा भी या सिर्फ़ भाषण ही देगा.
हम दोनो अभी एंट्री कर ही रहे थे पीछे से कुछ लड़कियों का ग्रूप आया और हम को ओवर्टेक कर के आगे चला गया
मैं-.एक्सक्यूस मी लेडीस.
लड़की-हाँ बोलो क्या है.
मैं-जी मेम बात ऐसी है कि अगर आप को जल्दी थी तो मुझे बोल देती मैं आप को रास्ता दे देता इस तरह हमे ओवर्टेक करने की
ज़रूरत नही थी.(असल मैं उन मे से एक लड़की जो देखने मे उन सब की बॉस;लीडर;या जो भी कह लो थी. उस ने रघु को धक्का दे के अपने और अपने फ्रेंड्स के लिए रास्ता बनाया था).
लड़की-मैं समझी नही .
मैं-वो असल मे आप ने जिस बच्चे को हटा के अपने और अपने दोस्तो के लिए रास्ता बनाया था वो मेरा दोस्त है.
लड़की02-तुम लड़को के पास सिर्फ़ हम लड़कियों को छेड़ने के अलावा कोई और काम नही होता क्या.
रघु-भाई अब रहने भी दे वैसे भी यहाँ की पब्लिक मोके के फिराक मे रहती है कि कब हाथ सॉफ करे और देख अब भीड़ बढ़ रही है मेरी बात मान छोड़ इस को.
मैं-तू सही कह रहा है यार मुझे अभी पिटने का कोई शॉक नही है चल बाद मे देखते है इन को.
हम लोग अंदर चले गये और अपन घूमने लगे.फिर हम लोग केफे मे चले गये कॉफ़्फीे पीने के लिए वहाँ पे उन लड़कियों का ग्रूप भी था जिन्हो ने हमारा वेलकम किया था.तभी कुछ लड़के उन लड़कियों को परेशान करने लगे पहले मैने सोचा कि छोड़ो जो हो रहा है अच्छा ही हो
रहा है फिर सोचा कि हेल्प कर ही देता हूँ ये भी क्या याद करेंगी.
मैं--हेलो दोस्तो कोई प्राब्लम तो नही है.
बाय्स-नही हमे तो कोई प्राब्लम नही है और अगर तू चाहता है कि तुझे भी ना हो तो निकल ले यहाँ से.
मैं-चाय्स तो अच्छी दी है आप लोगो ने बट एक प्रॉब्लम है यार तुम लोग रॉंग नंबर पे ट्राइ कर रहे हो इन सब के ऑलरेडी बाय्फ्रेंड है जो नीचे ही इन सब के लिए गिफ्ट्स वागेहरा खरीद रहे है और उन के साथ उन के फ्रेंड्स भी अच्छी संख्या (ज़्यादा लोग) मे है.या तो तुम लोग अपने फ्रेंड्स को बुला लो नही तो ...
बाय्स-तू हमे डरा रहा है.तू जानता है मैं कौन हूँ...
मैं-यार तुम्हारे बात करने के तरीके से ही मालूम पड़ रहा है कि तुम किसी नेता की औलाद हो जो यहाँ जलील होने के बाद भी
सबक सीखेगा.ऐज यू विश
वो देखो उन मे से एक आ रहा है...(मैने रघु की ओर इशारा करते हुए जो अब मेरी तरफ ही आ रहा था)
बाय्स-तू तो गया साले.(अभी वो मुझे मारने आ ही रहा था कि उन मे से एक लड़के ने उस को पकड़ लिया )
भाई अभी इस से उलझना ठीक नही अगर इस के साथ सच मे और लड़के हुए तो दिक्कत हो जाएगे बाद मे देखते है .जाएगे कहाँ सिटी
तो अपनी ही है अगर ये यहाँ का रहने वाला हुआ तो देख लेगे इसे अभी थोड़ा दिमाग़ से काम लो.
बाय्स-तेरी किस्मत अच्छी है जो मुझे किसी ज़रूरी काम से जाना है .पर मैं तुझे छोड़ुगा नही ये तू ध्यान रख तू अगर इस सिटी से है तो तेरे लिए अच्छा होगा की ये सिटी आज ही छोड़ दे.
(अब मैं आप लोगो को बता दूं कि वो 5लड़को का ग्रूप था सभी की हाइट 5 फुट से उपर थी बॉडी भी आवरेज थी सिर्फ़ एक को छोड़ कर जो कि इन का लीडर लग रहा था और उन लड़कियों को छेड़ने की पहल भी उसी ने की थी.बॉडी अच्छी ख़ासी थी देखने मे ही पता चल रहा
था की अपना आधा जीवन जिम मे ही बर्बाद किया है शायद.)
हाँ तो गर्ल्स नीचे हमारी बाते कुछ अधूरी रह गयी थी तो उसे पूरा कर लें.
लड़की02-सॉरी मैं ने आप को ग़लत समझा था उस मे मेरी कोई ग़लती नही है ये सब इस निशा की वजह से हुआ मुझे माफ़ कर दो प्ल्ज़.
मैं-अब तो सोचना पड़ेगा जब इतनी खूबसूरत लड़की माफी माँग रही है तो माफ़ तो करना ही पड़ेगा.पर एक प्रॉब्लम है मैं इस सिटी मे नया है और तुम्हारी फ्रेंड ने जिसने धक्का दिया था वो मेरा एक्लोटया फ्रेंड है इस सिटी मे तो तुम्हे माफी चाहिए तो मेरी फ्रेंड लिस्ट मे इज़ाफा करना होगा.
लड़की 02-मैं समझी नही.
मैं-तुम लड़किया सच मे ही डंबो होती हो या बनने का नाटक करती हो.
लड़की 01-हमे तुम्हारा फ्रेंड बनने का कोई शॉक नही है आंड हेल्प के लिए थॅंक्स आंड गेट लॉस्ट.
मैं-सॉरी मिस मैने तो आप से पूछा भी नही मैं तो इस ब्यूटिफुल आंड सेक्सी गर्ल से फ्रेंडशिप की बात कर रहा था.(पर असल मैं था इस
का उल्टा जिस लड़की की मैं तारीफ कर रहा था वो उससे कही ज़्यादा खूबसूरत थी जो मुझे भगा रही थी.)
अपनी ततीफ़ सुन के वो और खिल गयी .
लड़की 02-देख निशा एक तो आज पहली बार किसी ने मुझे सामने से फ्रेंडशिप के लिए पूछा है मैं ये मोका नही छोड़ने वाली.
मैं-तो हम फ्रेंड्स बन रहे है या मैं जाऊं मेरा फ्रेंड वहाँ अकेला फील कर रहा है.
लड़की02 -हाँ क्यूँ नही .हाई मेरा नाम सिमरन है आज से हम दोस्त.ये प्रीति है ये रेखा और ये है हमारी नकचाढ़ी फ्रेंड आंड मोस्ट
ब्यूटिफुल निशा आंड यू.
मैं -खूबसूरत है पर तुम्हारी जितनी नही.वैसे अगर तुम लोग माइंड ना करो तो मैं अपने दोस्त को भी बुला लूँ यहाँ पे.
मैं-मेरा नाम अजय है कल ही इस शहर मे आया हू और कुछ खास नही है मेरे बारे मैं और ये मेरा दोस्त रघु.
रघु-हाई गर्ल्स
रघु का सब से इंट्रो करवाने के बाद.
मैं-सिमरन क्या तुम मेरी हेल्प कर सकती हो मुझे कुछ चीज़े लेनी है.अगर तुम माइंड ना करो तो .
(दोस्तो मुझे अब लगता है कि मुझे इन लड़कियों के बारे मे बताने का सही टाइम आ गया है.फर्स्ट-निशा देखने मे सुपर फिगेर भी कमाल का है शायद 32-29-36 के आस पास होना चाहिए जीन्स टॉप और वो भी बिल्कुल फिटिंग का ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने उस के कपड़े
पहना के फिटिंग की है एक इंच भी कही से लूज़ नही था.उपर से ब्लॅक गॉगल कहर ही ढा रहे थे ऐसे ही नही वो लड़के इन के पास खिचे चले आए थे.
सेकेंड-सिमरन देखने मे थोड़े भारी शरीर की थी फिगर शायद 33-30-36 के आस पास होगा .
बकीओ की ज़रूरत नही है इस लिए उन के बारे मे बताना सही समझता.)
सिमरन- ठीक है चलो .
फिर हम सब को वही छोड़ के शॉपिंग के लिए चल दिए.
तो तुम्हे क्या लेना है .
मैं-एक मोबाइल और सिम कार्ड कुछ कपड़े और एक गर्लफ्रेंड क्या लगता है कहाँ मिलेगा ये सब.
सिमरन-या तो तुम बहुत ही स्मार्ट हो या बुद्धू.
मैं-तुम्हे क्या लगता है.
सिमरन-छोड़ो जाने दो वो सब कौन सा मोबाइल लेने की सोच रहे हो .
मैं-मुझे नही पता मैने इस पहले तो सिर्फ़ आइ फोन ही चलाया है.
सिमरन-मुझे घूरते हुए देखने मे तो नही लगता कि तुम ने कभी आइ फोन देखा भी होगा.
और मुझे अपनी ग़लती का अहसास हो गया और बात को बदलते हुए .मतलब कि आइ फोन की कॉपी से था.
सिमरन-ठीक है मुझे लगा ही था.ठीक है कितना बजेट है तुम्हारा.
मैं-जिस मे एक बढ़िया सा फोन मिल जाए.
सिमरन -ठीक है फिर चलो तुम्हे सॅमसंग***लेना चाहिए लेटेस्ट है और सस्ता भी.क्या बोलते हो.
मैं-जैसा तुम्हे ठीक लगे.फिर हम लोगो ने फोन लिया और कपड़े लेने के लिए चल दिए जहाँ दो टी शर्ट और दो पैंट के लिए मैं कम से 15 से 20 बार चेंजिंग रूम मे गया.तब मुझे पता चला कि सबसे महान तो वो ही है जो लड़कियों को जल्दी शॉपिंग करा दे अभी सिर्फ़ मेरे कपड़े
लेने थे तो पूरा एक घंटा लग गया अगर इसे कुछ लेना होता तो कयामत ही आ जाती सूकर है फोन सील पॅक आते है नही तो.
सिमरन-कहाँ खो गये प्यारे कपड़े पसंद नही आए.
मैं-क्या बात कर रही हो इतने अच्छे कपड़े तो मैने आज तक कभी लिए ही नही.मुझे मेरे फ्रेंड के लिए भी लेने है क्या तुम....
सिमरन-ओके ठीक है पर देख लेना कहीं ओवर बजेट ना हो जाए.
मैं-तुम उस की चिंता ना करो तुम चाहो तो अपने लिए भी ले लो मैं मॅनेज कर लूँगा.
सिमरन-रहने दो नही तो बाद मे तुम्हे पछताना पड़ेगा ...
मैं-मैने एक बार जो कह दिया सो कह दिया उस के बाद तो मैं अपने .....की भी नही सुनता.
हम लोग घर के लिए निकल पड़े और अब मुझे कुछ घबराहट सी हो रही थी रात की पार्टी को ले के कि में सब से कैसे मिलुगा अगर किसी को मेरा बर्ताव पसंद नही आया तो कहीं मुझ से कोई ग़लती हो गयी तो यही सब सोच सोच के मेरा सिर दर्द करने लगा जब मुझ से नही रहा गया तो मेने रघु को रुकने को बोला और मेने नैना दी को कॉल मिलाया उन्होने एकदम आख़िरी रिंग में फोन उठाया शायद सो रही थी.
नैना दी-हेलो कौन
में-शायद नंबर ना देखा हो.हेलो दी में हूँ सॉरी आप की नीद खराब की.
नैना दी-अब तू पिटने वाला है मेरे हाथ से लगता है काफ़ी दिन हो गये मार खाए हुए ना इसलिए ऐसा बोल रहा है.
में-नही दी ऐसे बात नही है.मुझे इस टाइम आप को फोन नही करना चाहिए था .
नैना दी-अब देख तू मेरा दिमाग़ खराब कर रहा है.और वैसे भी में तेरा ही सपना देख रही थी .और अब ये मत पूछो कि सपना क्या था.
में-ओके दी नही पूछता .
नैना दी-आज्जु (दी मुझे प्यार से अज्जु बुलाती है पर कभी कभी जब वो अपने आप को अकेला महसूस करती है) क्या बात है इतना
परेशान क्यूँ है.
में-दी में परेशान नही हूँ बस थोड़ा डर लग रहा है.
नैना दी-घबराते हुए क्या हुआ किसी ने कुछ कहा क्या कुछ हुआ है क्या.मेने पहले ही कहा था कि कुछ टाइम रुक जा साथ में चलेंगे इंडिया पर नही तुझे तो अपनी नॉर्मल जीने का भूत चढ़ा हुआ था .तू घबरा मत में अभी निकल रही हूँ यहाँ से ऑलमोस्ट 8 से 10 घंटे में तेरे
पास हूँ.तू चिंता मत कर में हूँ ना.
में-दी ऐसी बात नही है पहले आप पूरी बात तो सुन लो .फिर मेने उन्हे पूरी बात बता दी कि में सब परिवार वालो को एक साथ फेस करने
के लिए डर रहा हूँ.
नैना दी-अच्छा तो ये बात है हमारे हीरो को डर लग रहा है वो भी अपने ही फॅमिली मेंबर से बच्चे अब बड़ा हो जा.इसमें डरने की कोई बात नही है और कोई तुझ से नाराज़ हो ही नही सकता.
में-फिर भी दी अगर किसी को मेरी किसी बात का बुरा लगा तो .दी में अब किसी भी अपने को खोना नही चाहता.
नैना दी-देख तू फालतू में परेशान हो रहा है .मेरी बात ध्यान से सुन पहली बात कि कोई तुझ से नाराज़ हो ही नही सकता अगर फिर भी कोई प्रॉब्लम होती है तो वहाँ अंकल आंटी और मोस्ट इंपॉर्टेंट जिया है ये लोग तुझे कभी भी अकेला नही छोड़ेगे और ना ही किसी को
तुझसे नाराज़ होने देंगे इसलिए तू फालतू की बातों पे ध्यान मत दे और अपना मूड ठीक कर .
में-दी अगर आप ना होती तो कोई और होता है ना.
नैना दी-अच्छा अभी तक रो रहा था और अब मज़ाक कर रहा है .तू ऐसे ही हँसते रहा कर अच्छा लगता है चल में फोन रख रही हूँ पार्टी
के बाद फोन करना और बताना कि क्या क्या हुआ पार्टी में.
दी से बात कर के दिल को बहुत सकुन मिला अब मुझे कोई डर कोई घबराहट नही थी.हम लोग फिर से घर को चल दिए कोई 10 मिनट में घर पहुँच गया और अंदर हॉल में जाते ही मेने एक लड़की को देखा जो मुझे देखते ही मोम के रूम में भाग गयी.मेने दोस्तो ऐसा पहले
कभी महसूस नही किया था जैसा उस को देख के मुझे महसूष हुआ उस को देख के ऐसा लगा जैसे में अब तक बिना किसी मतलब के जी रहा था.
नैना दी-अच्छा अभी तक रो रहा था और अब मज़ाक कर रहा है .तू ऐसे ही हँसते रहा कर अच्छा लगता है चल में फोन रख रही हूँ पार्टी के बाद फोन करना और बताना कि क्या क्या हुआ पार्टी में. दी से बात कर के दिल को बहुत सकुन मिला अब मुझे कोई डर कोई घबराहट नही थी.हम लोग फिर से घर को चल दिए कोई 10 मिनट में घर पहुँच गया और अंदर हॉल में जाते ही मेने एक लड़की को देखा जो मुझे देखते ही मोम के रूम में भाग गयी.मेने दोस्तो ऐसा पहले कभी महसूस नही किया था जैसा उस को देख के मुझे महसूष हुआ उस को देख के ऐसा लगा जैसे में अब तक बिना किसी मतलब के जी रहा था.
तभी मोम अपने रूम से बाहर आई और वो लड़की भी उन के साथ थी और मुझे देखते ही मोम के पीछे छिप गयी .मुझे नही पता कि लोग क्यूट किसे कहते है या खूबसूरत मुझे तो वो बस बिल्कुल एक ऐसी परी जैसी लग रही थी जो मेने सिर्फ़ कहानिओ में ही पढ़ा था कि
परी होती है और बहुत खूबसूरत होती है जो भी एक बार उन को देख ले बस देखता ही रहे कुछ ऐसा ही मुझे भी फील हो रहा था
इस टाइम.उस की उम्र मुझे से कोई दो से तीन साल कम लग रही थी देखने में कुछ नही बोल सकता इस से ज़्यादा.
में-मोम इंडिया ने काफ़ी तरक्की कर लिया है लगता है तभी तो यहाँ इंसान जैसे डॉल भी बनने लगी है और कोई देख के बता भी नही सकता की वो डॉल है या इंसान.
मोम-अच्छा कहाँ है डॉल मुझे भी तो दिखा ज़रा में भी तो देखू तेरी डॉल को.
में-मज़ाक अच्छा था मोम आप के पीछे ही तो जिस का शायद मूट बटन आप ने प्रेस कर दिया है.
लड़की--में कोई डॉल नही हूँ में एक लड़की हूँ और आप कौन है जो मेरी मोम को मोम बोल रहे है.
मोम अभी कुछ बोलने ही वाली थी कि मेने उन्हे इशारे से रोक दिया.
मैं--क्या आप को ये भी नही पता कि किसी से उस के बारे में पूछने से पहले अपने बारे में बताना चाहिए.चलिए कोई नही में ही बता देता
हूँ में यहाँ पे आप को किडनॅप करने आया हूँ वो क्या है ना मेरी सिस्टर को डॉल बहुत पसंद है और आप बिल्कुल एक बार्बीडॉल लगती हो.
लड़की--हिहिहिहीही आप हमे यहाँ से नही ले जा सकते बाहर बहुत सारे लोग है हमे बचाने के लिए और आप को पोलीस में भी दे देंगे
और फिर पोलीस आप को जेल में बंद कर देगी.
मैं-अच्छा तो में आप एक बड़े बॅग में बंद कर के ले जाउन्गा.
इतना सुन के वो मोम के पीछे दुबारा छुप गयी .और मोम को ऐसे देखने लगी जैसे में सच में उसे ले जाउन्गा और मोम कुछ भी नही करेंगी.
मोम-,अजय बहुत हुआ अब.
मेरा नाम सुनते ही वो मोम के पीछे से निकलते हुए भाग के मेरे गले लग के रोने लगी.
मैं-आशु बस भी कर अब कितना रोएगी अब तू रोते हुए बिल्कुल भी अच्छी नही लगती चल चुप हो जा और मेने उस को फिर से गले लगा लिया.
आशु-आप कब आए भैया आप को पता है में कब से आप का इंतज़ार कर रही हूँ और आप है कि अब जा के आए है मुझे बात नही करनी आप से जाओ .
और मूह घुमा के रोने लगी
मेने उसे पीछे से ही गले लगते हुए सॉरी मुझे माफ़ कर दे प्ल्ज़ देख अब तो आ गया ना में अपनी गुड़िया के पास हमेशा हमेशा के लिए
अब कहीं नही जाना तुझे छोड़ के प्लीज़ अब गुस्सा छोड़ भी दे.अगर तूने रोना बंद नही किया ना तो देख में अभी वापस चला जाउन्गा क्यूँ कि में तुझे रोते हुए नही देख सकता.
मेरे इतना कहते ही वो मेरे गले लग के सुबकने लगी और फिर शांत हो गयी.
आशु-(दोस्तो अब से में इस को गुड़िया ही बुलाउन्गा ) अब अगर आप जाना भी चाहेगे तो में आप को जाने नही दूँगी आप को पता है कितनी बार आप को बुलाने के लिए मेने मोम से झगड़ा किया है कितनी बार रात को खाना नही खाया क्यूँ कि मोम ने मेरी बात नही मानी.मेरी
सभी सहेलियाँ कहती थी कि आप नही आओगे पर मुझे पता था कि आप ज़रूर आओगे.
उसकी ये सब बातें सुन के मेरा दिल रोने लगा और में उपर वाले को शुक्रिया अदा करने लगा कि आप का बहुत बहुत धन्यवाद जो आप ने मुझे इतनी प्यारी सिस्टर दी आप ने मेरी जिंदगी में सब से अच्छा काम ये ही किया है में आप का बहुत अभारी हूँ अब मुझे आप से कोई शिकायत नही है.
में-चल छोड़ ये बता तू चाचा के यहाँ से कब आई.
गुड़िया-मुझे आए हुए काफ़ी टाइम हो गया पर किसी ने बताया ही नही कि आप आए हुए हैं.और अस्मिता दी भी आई है आप उन से
कभी नही मिले ना बहुत ही खाड़ुस है अभी बाहर गयी है शाम तक आ जाएगी.
में-अच्छा खडुस दी क्या बात है .अच्छा ये सब छोड़ चल देख तेरे लिए में बहुत सारे गिफ्ट्स लाया हूँ तू उपर मेरे रूम में चल में आता हूँ .और मेने उस को अपना रूम दिखाया और भेज दिया और मेने मोम के पास जा के उन को गले लगा लिया .थॅंक्स मोम आप ने मुझे इस दुनिया की सबसे कीमती चीज़ दे दी अब मुझे कुछ नही चाहिए.और एक बार फिर गले लग के में उपर चला गया ......
गुड़िया-हाँ तो भैया कहाँ है मेरा गिफ्ट
मैं-.रुक तो सही अभी देता हूँ ये ले ये रहे तेरे गिफ्ट्स.
गुड़िया-वाउ क्या बात है आप को इतना बड़ा टॅडिबियर कहाँ से मिला और ये ड्रेस बहुत ही सुंदर है में आज की पार्टी में इसे ही पहनूँगी.थॅंक्स थॅंक्स भैया
और फिर में फ्रेश होने के लिए चला गया जब में फ्रेश हो के बाहर आया तो गुड़िया वहाँ नही थी शायद अपने गिफ्ट्स मोम को दिखाने
गयी थी में नीचे हॉल में चला गया में अभी वहाँ पे बैठने ही वाला था कि मेरे पीछे से किसी ने आवाज़ लगाई .
हेलो हाँ तुम्हे ही बोल रही हूँ एक काम करो मेरे और मेरे फ्रेंड के लिए कुछ खाने को ले आओ हम उपर मेरे कमरे में है.मेने पीछे मूड के देखा तो मुझे अपनी किस्मत पे बहुत ही ज़्यादा हसी आने लगी पीछे दो लड़किया खड़ी थी जिन में से एक निशा थी और दूसरी शायद
अमृता दी होगी मेने गेस किया.निशा को देख के मेने सोचा अभी बात करना ठीक नही बाद में दी से बात कर लूँगा .पर निशा ने अभी
तक मुझे नही देखा था वो घर को ही देख रही थी घूर घूर के इसलिए उस का ध्यान मेरे उपर नही गया.
में-ओके माँ आप चलें में अभी ले के आता हूँ.
और में किचन में और वो दोनो उपर दी के कमरे में चली गयी.
(अमृता दी मेरे चाचा की लड़की है और सच बोलू तो मुझे अभी तक पता नही कि में उन से छोटा हूँ या बड़ा इसलिए में अभी उन्हे दी ही बोलुगा देखने में एक दम खूबसूरत हाइट ये ही कोई 5.3के आस पास फेस में कोई एक्सट्रा खिचाव नही है पर बॉडी कमाल की है टोटल मिला के धमाल है दिखने में कोई भी उन्हे रिजेक्ट नही कर सकता.)
मैं--मोम शायद उपर अमृता दी और उन की फ्रेंड आई है उन्हे कुछ खाने में चाहिए आप मुझे दे दे में ले जाता हूँ.
मोम-तू क्यूँ ले जाएगा घर में इतने नोकर है और फिर वो खुद भी आ के ले जा सकती है तू रहने दे में भिजवा देती हूँ.
में-कोई नही मोम में ले जाता हूँ वैसे भी में इस से पहले कभी उन से मिला नही हूँ मिल भी लूँगा.
में ट्रे में नाश्ता ले के चला गया कमरे में.जब एंट्री करने वाला था तो अंदर से उन की आवाज़ आ रही थी और जो बाते वो कर रही थी उन
को सुनने के बाद में ना चाहते हुए भी उन की बाते सुनने लगा.
निशा-वाउ यार कमाल का घर है बिल्कुल महल जैसा तू यहाँ कब से रहने लगी .
अमृता-ये मेरे अंकल आंटी का घर है .तू ये सब छोड़ ये बता कि तू वो माल की क्या बात बताने वाली थी पहले वो बता.