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Guest
राम्या के गाल गुलाबी हो जाते हैं और वो आपके दोनो हाथो की उंगलियां आपस में आपस में घिसने लगती हैं। करण ये सब देख कर करण गाड़ी को रोड के किनारे पर रोक देता है । बाहर अभी पूरी तरह से अंधेरा हो चुका था और और उनकी गाड़ी अभी जंगल के बीच में थी जिस कारण गाड़ी के अंदर का कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। सिर्फ आने जाने वाली गाड़ियों की लाइट पड़ने से गाड़ी के अंदर रोशनी आ रही थी जिसे राम्या और खूबसूरत लग रही थी मानो बादलों में से चांद निकला हुआ हो।
करण जैसे ही गाड़ी रोकता है राम्या का दिल और तेजी से धड़कने लगता है। फिर वो गाड़ी से बाहर निकलता है और पीछे की खिड़की खोल कर अंदर बैठी हुई राम्या के पास बैठ जाता हूं जो अपने आप में सिमटी हुई जा रही थी।
करण: बताओ राम्या फिर आज किस मिलेगी क्या ?
राम्या शर्म के कारण कुछ नहीं बोलती और आंखे फिर से नीची कर लेती हैं। दिल तो उसका भी मचल रहा था लेकिन नारी सुलभ स्वभाव के करण उसके शर्म कुछ ज्यादा ही थी जिस करण उसके लब उसका साथ नहीं दे पा रहे थे।
करण समझ जाता हैं कि पहल उसे है करनी होगी इसलिए वो धीरे से अपना हाथ राम्या की गर्दन पर रखता हैं तो राम्या का बदन कांप जाता है और वो जोर जोर से हाथो कि उंगली आपस में रगड़ने लगी थी।अब करण धीरे से उसका चेहरा उपर की ओर उठाता हैं तो राम्या की आंखे शर्म के मारे बंद हो जाती हैं ।उसके होंठ खुल और बंद हो रहे थे मानो करण को आमंत्रण दे रहे हो कि आओ और हमे चूस लो।
करण उसकी हालत का मजा लेते हुए: बताइए ना राम्या , किस दोगी क्या ?
राम्या का रोम रोम तड़प रहा था , उसके होंठ जैसे जल रहे थे बस उसका जुबान उसका साथ नहीं दे पा रही थी। करण धीरे से आगे बढ़ता हैं और अपने होठ उसके होठों के बिल्कुल पास ले आता हैं जो राम्या महसूस करती है और अब उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा था , उसके होठ मानो खुद ही जुड़ जाना चाह रहे थे करण के होंठो से।
करण अपना एक हाथ आगे बढ़ाते हुए राम्या के सिर के पीछे ले जाता हैं और अपने होठ राम्या के होंठो से टच करते हुए उसके गालों पर रख देता हैं और एक जोरदार किस करता है।
राम्या को एक सुखद अनुभूति हुई और उसके होठ थोड़े से और खुल गए मानो उन्हें बुरा लगा कि हमे प्यार क्यार क्यों नहीं किया ?
करण उसके गाल पर से अपने होठ हटा लेता है जिससे राम्या की आंखे खुल गई थी और अब वो पहली बार उससे नजर मिलाते हुए अपने होंठो को जीब से गीला करके पूरा उपर की ओर उभार कर अपनी आंखे फिर से बंद कर लेती हैं मानो अब उसने उसे खुला आमंत्रण दे दिया हो , ये सब करने से उसकी चूत में नमी आ गई थी। करण भी अब जोश में आ चुका था और वो अपने लिप्स को आगे करके राम्या के होंठो पर से टच करके जैसे ही गाल पर रखता हैं तो राम्या को इस बार बुरा लगा कि क्यों करण उसके लिप्स पर ध्यान नहीं दे रहा है। अच्छे से उसका गाल चूसने के बाद वो राम्या की आंखो में देखते हुए वो एक बार फिर से अपने होंठ राम्या के होंठो के पास लाते हुए उस तड़पने के लिए जैसे ही पीछे करने लगता है राम्या का धैर्य जवाब दे जाता हैं और वो गुस्से और जोश की वजह से वहीं सीट पर करण को एक धक्का देती हैं और उसके उपर आते हुए अपने होंठो को उसके होठों से जोड़ देती हैं और किस करने लगती हैं। करण का प्लान कामयाब हो गया था।
अब वो भी अपने हाथ उसकी कमर पर रखकर उसके किस करने लगता है । दोनो की आंखे बंद हो चुकी थीं। राम्या उसके होंठो को ऐसे चूस रही थी मानो कोई आइस क्रीम चूस रही हो।करण किस करते करते अपने एक हाथ को उसके सूट के अंदर घुसा देता है और उसकी नंगी कमर को सहलाने लगता हैं। जैसे ही करण की उंगलियां उसकी नंगी कमर पर पड़ती है उसे एक झटका सा लगता है और उसके होठ करण के होंठो से अलग हो जाते हैं। करण आंखे खुल कर एक बार फिर से उसकी तरह देखता हैं और उसके होंठ को देखकर अपने होंठो को गीला करके आंखे बंद कर लेता हैं राम्या उसकी तड़प समझते हुए फिर से उसके होंठ चूसने लगती हैं । दोनो का मजे के कारण बुरा हाल था। फिर दोनो एक लम्बी किस करने के बाद दोनो के होंठ अलग हो जाते हैं और राम्या को जैसा होश आ गया हो । ये भगवान मैं ये क्या कर रही थी अपने है पापा से किस ।
राम्या: पापा हम लेट हो रहे हैं और जल्दी से घर चलिए।
करण उसकी बात मानते हुए आगे आकर गाड़ी स्टार्ट करते हुए घर की तरफ चल देता हैं।
राम्या को यकीन करना मुश्किल हो रहा था कि को अभी उसने अपने पापा को किस किया वो कहीं कोई सपना तो नहीं था । शर्म के मारे वो गड़ी जा रही थी और उसकी हालत देख कर करण के होठ मुस्करा रहे थे।
उधर घर पर एक लम्बी नींद के बाद समर और माही दोनो उठ जाते हैं और एक दूसरे को किस करते हैं ।
काम्या के आने का टाइम हो गया था इसलिए को दोनो फ्रेश होने चले जाते है । थोड़ी देर बाद काम्या भी आ गई थी और वो खाना भी पैक करा कर लाई थी जिस कारण अब रात के खाने की नहीं फिक्र नहीं थी।
और वो तीनो हाल में बैठे हुए गप्पे मर रहे थे। तभी करण और रम्या भी घर आ चुके थे।
काम्या: क्या बात आज पूरा दिन ही लगा दिया ! एडमिन का क्या हुआ ?
राम्या: मम्मी सीट फूल हो गई थी लेकिन पापा ने करा दिया ।
काम्या: अच्छी बात हैं ये तो । चलो आप दोनो जल्दी से फ्रेश होकर आ जाओ । फिर खाना खाना हैं ।
जल्दी ही वो दोनो फ्रेश होकर आ जाते हैं और डिनर शुर करते हैं
करण जैसे ही गाड़ी रोकता है राम्या का दिल और तेजी से धड़कने लगता है। फिर वो गाड़ी से बाहर निकलता है और पीछे की खिड़की खोल कर अंदर बैठी हुई राम्या के पास बैठ जाता हूं जो अपने आप में सिमटी हुई जा रही थी।
करण: बताओ राम्या फिर आज किस मिलेगी क्या ?
राम्या शर्म के कारण कुछ नहीं बोलती और आंखे फिर से नीची कर लेती हैं। दिल तो उसका भी मचल रहा था लेकिन नारी सुलभ स्वभाव के करण उसके शर्म कुछ ज्यादा ही थी जिस करण उसके लब उसका साथ नहीं दे पा रहे थे।
करण समझ जाता हैं कि पहल उसे है करनी होगी इसलिए वो धीरे से अपना हाथ राम्या की गर्दन पर रखता हैं तो राम्या का बदन कांप जाता है और वो जोर जोर से हाथो कि उंगली आपस में रगड़ने लगी थी।अब करण धीरे से उसका चेहरा उपर की ओर उठाता हैं तो राम्या की आंखे शर्म के मारे बंद हो जाती हैं ।उसके होंठ खुल और बंद हो रहे थे मानो करण को आमंत्रण दे रहे हो कि आओ और हमे चूस लो।
करण उसकी हालत का मजा लेते हुए: बताइए ना राम्या , किस दोगी क्या ?
राम्या का रोम रोम तड़प रहा था , उसके होंठ जैसे जल रहे थे बस उसका जुबान उसका साथ नहीं दे पा रही थी। करण धीरे से आगे बढ़ता हैं और अपने होठ उसके होठों के बिल्कुल पास ले आता हैं जो राम्या महसूस करती है और अब उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा था , उसके होठ मानो खुद ही जुड़ जाना चाह रहे थे करण के होंठो से।
करण अपना एक हाथ आगे बढ़ाते हुए राम्या के सिर के पीछे ले जाता हैं और अपने होठ राम्या के होंठो से टच करते हुए उसके गालों पर रख देता हैं और एक जोरदार किस करता है।
राम्या को एक सुखद अनुभूति हुई और उसके होठ थोड़े से और खुल गए मानो उन्हें बुरा लगा कि हमे प्यार क्यार क्यों नहीं किया ?
करण उसके गाल पर से अपने होठ हटा लेता है जिससे राम्या की आंखे खुल गई थी और अब वो पहली बार उससे नजर मिलाते हुए अपने होंठो को जीब से गीला करके पूरा उपर की ओर उभार कर अपनी आंखे फिर से बंद कर लेती हैं मानो अब उसने उसे खुला आमंत्रण दे दिया हो , ये सब करने से उसकी चूत में नमी आ गई थी। करण भी अब जोश में आ चुका था और वो अपने लिप्स को आगे करके राम्या के होंठो पर से टच करके जैसे ही गाल पर रखता हैं तो राम्या को इस बार बुरा लगा कि क्यों करण उसके लिप्स पर ध्यान नहीं दे रहा है। अच्छे से उसका गाल चूसने के बाद वो राम्या की आंखो में देखते हुए वो एक बार फिर से अपने होंठ राम्या के होंठो के पास लाते हुए उस तड़पने के लिए जैसे ही पीछे करने लगता है राम्या का धैर्य जवाब दे जाता हैं और वो गुस्से और जोश की वजह से वहीं सीट पर करण को एक धक्का देती हैं और उसके उपर आते हुए अपने होंठो को उसके होठों से जोड़ देती हैं और किस करने लगती हैं। करण का प्लान कामयाब हो गया था।
अब वो भी अपने हाथ उसकी कमर पर रखकर उसके किस करने लगता है । दोनो की आंखे बंद हो चुकी थीं। राम्या उसके होंठो को ऐसे चूस रही थी मानो कोई आइस क्रीम चूस रही हो।करण किस करते करते अपने एक हाथ को उसके सूट के अंदर घुसा देता है और उसकी नंगी कमर को सहलाने लगता हैं। जैसे ही करण की उंगलियां उसकी नंगी कमर पर पड़ती है उसे एक झटका सा लगता है और उसके होठ करण के होंठो से अलग हो जाते हैं। करण आंखे खुल कर एक बार फिर से उसकी तरह देखता हैं और उसके होंठ को देखकर अपने होंठो को गीला करके आंखे बंद कर लेता हैं राम्या उसकी तड़प समझते हुए फिर से उसके होंठ चूसने लगती हैं । दोनो का मजे के कारण बुरा हाल था। फिर दोनो एक लम्बी किस करने के बाद दोनो के होंठ अलग हो जाते हैं और राम्या को जैसा होश आ गया हो । ये भगवान मैं ये क्या कर रही थी अपने है पापा से किस ।
राम्या: पापा हम लेट हो रहे हैं और जल्दी से घर चलिए।
करण उसकी बात मानते हुए आगे आकर गाड़ी स्टार्ट करते हुए घर की तरफ चल देता हैं।
राम्या को यकीन करना मुश्किल हो रहा था कि को अभी उसने अपने पापा को किस किया वो कहीं कोई सपना तो नहीं था । शर्म के मारे वो गड़ी जा रही थी और उसकी हालत देख कर करण के होठ मुस्करा रहे थे।
उधर घर पर एक लम्बी नींद के बाद समर और माही दोनो उठ जाते हैं और एक दूसरे को किस करते हैं ।
काम्या के आने का टाइम हो गया था इसलिए को दोनो फ्रेश होने चले जाते है । थोड़ी देर बाद काम्या भी आ गई थी और वो खाना भी पैक करा कर लाई थी जिस कारण अब रात के खाने की नहीं फिक्र नहीं थी।
और वो तीनो हाल में बैठे हुए गप्पे मर रहे थे। तभी करण और रम्या भी घर आ चुके थे।
काम्या: क्या बात आज पूरा दिन ही लगा दिया ! एडमिन का क्या हुआ ?
राम्या: मम्मी सीट फूल हो गई थी लेकिन पापा ने करा दिया ।
काम्या: अच्छी बात हैं ये तो । चलो आप दोनो जल्दी से फ्रेश होकर आ जाओ । फिर खाना खाना हैं ।
जल्दी ही वो दोनो फ्रेश होकर आ जाते हैं और डिनर शुर करते हैं