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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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उसने कांपते हाथों से प्लेट उठाकर समर की तरफ बढ़ा दी तो समर को प्लेट रखने के लिए थोड़ा सा आगे झुकना पड़ा जिस कारण उसका जिस्म आगे को आया और लंड का सुपाड़ा उसकी मा की चूत पर पूरा दबाव डालते हुए कपड़ों सहित आधा अन्दर घुस गया।

जैसे ही सुपाड़ा अंदर घुसा तो काम्या की बुरी तरह से सूजी हुई चूत में दर्द की लहर दौड़ गई।

" आह उई मा री"

और एक तेज मस्ती और दर्द से भरी हुई सिसकी उसके मुंह से निकल गई।किचेन का काम खत्म हो चुका था इसलिए बाहर निकलने के लिए जैसे ही काम्या पलटी तो लंड का आधा घुसा हुआ सुपाड़ा बाहरी निकल गया।

और वो अपने बेटे को देखती हुई उसे एक कामुक स्माइल देकर बाहर निकल गई। समर उसकी हिलती हुई गांड़ को देखता रहा।

तभी माही भी अंदर आ गई। माही को भी कल से पीरियड की वजह से दर्द हो रहा था इसलिए को पैड बदलने के लिए अाई थी। उसने उपर जाकर अपनी पैड बदल ली और नीचे हॉल में आकर बैठ गई। तीनो आराम से बैठे हुए टीवी देखते रहे और अपनी बात करते रहे। धीरे धीरे रात होने लगी तो काम्या और माही दोनो की हालत खराब थी इसलिए समर बाहर से खाना पैक करा लाया था। पूरे परिवार ने एक साथ खाना खाया और फिर माही और समर उपर चल दिए सोने के लिए जबकि काम्या बहुत हसरत भरी नजरो से समर की तरफ देख रही थी। तभी माही बोल उठी :

" मम्मी आप ध्यान दे मालिश कर लेना , कहीं ऐसा ना हो कि ठंड के कारण आपका दर्द बढ़ जाएं ।

माही उपर अपने बेडरूम में चली गई और समर भी उसके साथ ही अंदर आ गया। बेड पर ल लेटते ही माही ने उसे अपनी बाहों में भर लिया।समर भी उससे लिपटता चला गया और उसके होंठो की चूसने लगा। माही जानती थी कि उसे पीरियड हुए हैं इसलिए उसने अपने आपको काबू में किया और समर के होंठो को चूसने लगी। उसे अभी भी दर्द हो रहा था पीरियड जी की वजह से।

उफ्फ दोनो ऐसे ही किस करते रहे। समर उठा और बाथरूम चला गया क्योंकि उसे बहुत जोर से पेशाब लगी हुई थी। जैसे ही वो बाहर निकला तो गैलरी से उसकी नजर उपर छत की ओर चली गई जहां काम्या उसे दिखाई दी।जैसे ही दोनो की नजरे टकराई तो काम्या ने अपनी जीभ अपने होंठो पर घुमाते हुए उसे एक सेक्सी स्माइल दी।

समर जल्दी से बाथरूम चला गया और जैसे ही बाहर आया तो काम्या उसकी ही तरफ देख रही थी। काम्या ने अपनी एक चूची को उसे दिखाते हुए कपड़े के ऊपर से ही दबा दिया तो समर के लंड में तूफान मच गया।

वो उपर रखे हुए फ्रिज से बियर की दो कैन निकाल लाया और अपने कमरे में घुस गया जहां उसकी जान माही उसका इंतजार कर रही थी। बीयर देखते ही माही की आंखे चमक उठी क्योंकि उसे बीयर पिए हुए काफी टाइम हो गया था। वो कैन अपने मुंह से लगा ली और एक ही सांस में पूरी पी गई। समर भी पीने लगा तो उसने अपना कैन माही के होंठो से लगा दिया तो माही उसकी झूठी बियर का आधा कैन फिर से पी गई। थोड़ी देर बाद ही उसने नशे से झूमना शुरू कर दिया।

वो समर के उपर चढ गई और उसे किस करने लगी। समर भी उसका साथ देने लगा। माही ऐसे ही किस करते करते उसकी छाती पर ही सो गई। कुछ देर बाद जब समर को यकीन हो गया कि अब वो गहरी नींद में हैं तो उसने उसे धीरे से अपने उपर से हटा दिया और बहुत ही आहिस्ता से उसे बेड पर लिटा दिया। माही ने नींद में ही तकिए को समर समझ कर अपने सीने से चिपका लिया।

कोई दस मिनट बाद समर आहिस्ता से उठा और गेट खोलकर प्यार से बंद किया और उपर छत पर चल दिया।

छत पर जाकर उसने देखा तो उसे काम्या कहीं नजर नहीं आई तो वो उसे ढूंढने के लिए नीचे की तरफ चल दिया । जैसे ही उसने काम्या के दरवाजे को हल्का का धकेला तो वो खुद ही खुलता चला गया। उसने देखा कि उसकी सोफे पर बैठी हुई अंगड़ाई ले रही हैं तो वो उसके पास सोफे पर जाकर बैठ गया। काम्या ने एक लाल रंग की शॉर्ट पहनी हुई थी जिसमें से उसका जिस्म साफ नजर आ रहा था।
 
ये देखकर समर के जिस्म का तापमान बढ़ना शुरू हो गया । उसके लंड ने फिर से सिर उठाना शुरू कर दिया । समर ने एक बहुत पतले कपड़े का पायजामा पहन रखा था । समर ध्यान से काम्या की आंखो में देख रहा था काम्या ने उससे आंखो ही आंखो में शिकायत करी कि बहुत इंतजार कराया अपनी मा को। समर ने भी इसे इशारे से समझाया कि माही के सोते ही वो आ गया ।

फिर समर उसके पास लेट गया और उसे अपनी बाहों में भर लिया तो काम्या भी उससे लिपट गई मानो कभी जुदा ही ना होना चाहती हो। समर अपने होंठ उसके कान के पास ले गया और धीरे से उसे आई लव यू बोला तो काम्या को जैसे यकीन नहीं हुआ।

काम्या: मैं सब जानती हूं किसलिए मा से इतना प्यार जता रहा है तू, बता क्या चाहिए तुझे?

और ऐसा कहकर एक हाथ से धीरे से अपनी नाइटी हटाकर समर का हाथ अपनी चूत पर रख देती है। चूत पर जैसे ही समर की उंगलियां टच हुई तो दोनो ही तड़प उठे।

समर ने होश में आते हुए अपना हाथ उसकी चूत पर से हटा दिया क्योंकि उसे बहुत बुरा लगा कि काम्या उसके प्यार को सिर्फ जिस्म की भूख से तौल रही थी। उसने काम्या की आंखो में देखते हुए कहा:

" मा मैं आपसे प्यार करता हूं आपके जिस्म से नहीं, सच मैं अब आपके बिना नहीं जी सकता।

काम्या को बहुत अच्छा लगता है। और वो आगे बढ़कर उसका माथा चूम लेती हैं। समर एक दम से खुश हो जाता है। काम्या उसके उपर आकर उसके होंठो को चूसने लगी तो समर ने भी अपने हाथ उसकी भारी भरकम गांड़ पर रख दिए और दबाने लगा।

गांड़ पर अपने बेटे का हाथ लगते ही उसका जिस्म मजे से भर गया और उसने अपनी जीभ समर के मुंह में डाल दी और उसकी जीभ पकड़कर चूसने लगी। उफ्फ समर का लंड फिर से खड़ा होता चला गया और अपनी मा की चूत से जा लगा। जैसे ही लंड उसकी चूत से लगा तो समर ने अपनी गांड़ का दबाव बढ़ाया तो लंड चूत की फांको को सहलाने लगा तो काम्या को दर्द का एहसास हुआ ।

" आह समर दुखती है , सूज गई है बुरी तरह से मेरी"

समर ने उसकी चूत की हालत देखने के लिए उसका नाईट सूट उपर चढ़ा दिया तो काम्या की चूत खुलकर उसकी आंखो के सामने आ गई। उफ्फ लाल सुर्ख हो रही थी उसकी चूत लंड की मार की वजह से, फांके सूज गई थी और चूत किसी पाव रोटी की तरह फूल गई थी। कितना बुरा हाल कर दिया है उसने अपनी मा की चूत का।

उसने धीरे से अपना हाथ प्यार से चूत पर फिराया तो काम्या को एक राहत सी मिली। समर उठकर बाथरूम गया और गीजर से गर्म पानी लेकर आया और उसकी चूत की सिकाई करने लगा। काम्या को बहुत सुकून मिल रहा था, दर्द जैसे गायब होता जा रहा था। समर ने चूत की पंखुड़ियों को हाथ से फैलाया और एक साफ गीले कपड़े से उसकी चूत की दीवार की अंदर तक गर्म पानी से सिकाई करने लगा। काम्या की चूत उसकी सिकाई से धन्य होती गई । समर ने उसकी गांड़ के छेद पर भी पहले गरम पानी से अच्छे से साफ किया और फिर प्यार से उसकी गांड़ के छेद की सिकाई करने लगा, उफ्फ पहली बार किसी का हाथ उसकी गांड़ के छेद पर लगा तो उसके रोंगटे खड़े हो गए और उसका बदन मस्ती से भर उठा।
 
समर ने दोनो हाथो से उसकी गांड़ को फैलाया और अच्छे से रगड़ रगड़ कर सिकाई करने लगा। काम्या से अपनी गांड़ पर उसकी उंगलियों की छुवन बर्दाश्त नहीं हो रही थी।उसका जिस्म मजे से लहराने लगा। काम्या को आज पहली बार एहसास हुआ कि गांड़ भी मजा दे सकती हैं। उसने अपनी गांड़ के छेद को जोर से भींच लिया तो छेद सिकुड़ गया।

जैसे ही काम्या ने छेद को सिकोड़ा तो समर को एहसास हुआ कि काम्या अब मस्त हो गई है।

उसने जितना दर्द उसकी चूत और गांड़ को दिया था उसने अब उससे कहीं ज्यादा उन्हें सुख देने का फैसला किया। उसने काम्या की टांगो को पूरा खोल दिया तो उसकी चूत और गांड़ दोनो छेद खुल कर सामने आ गए।

समर ने एक बार नजरे उठाकर काम्या की तरह देखा तो वो हल्का सा मुसकाई तो समर ने उसकी आंखो में देखते हुए अपने जलते हुए होंठ उसकी चूत पर रख दिए।जैसे ही काम्या की चूत पर उसके बेटे के होंठ लगे तो उसका जिस्म उछलने लगा जिसे समर में दबा दिया और उसकी चूत को अच्छे से चूस लिया।

अब काम्या से बर्दाश्त नहीं हुआ और मजे से उसका मुंह खुल गया।

" आह समर चूस लो अपनी मा की चूत,उफ्फ हाय मेरी चूत कितनी अच्छी हैं आह उफ्फ

समर ने दोनो हाथो से उसकी चूत की पंखुड़ियों को फैला दिया और उसकी चूत के अंदर जीभ घुसा दी तो काम्या का रोम रोम वासना से जल उठा।।

उसने अपनी खुरदरी जीभ से उसकी चूत की पंखुड़ियों की अंदर से सहलाना शुरू कर दिया। कभी वो प्यार से उन पर जीभ फेरता तो कभी मुंह में भर कर चूसता । काम्या का मजे से बुरा हाल हो चुका था , उसका जिस्म हिल रहा था, गांड़ उछल रही थी तो चूचियों के निप्पल तन गए थे जिन्हें काम्या चूस रही थी।

और ज्यादा मजा लेने के लालच में उसने समर का सिर पकड़ कर अपनी चूत पर दबा दिया मानो पूरा अन्दर घुसा लेना चाहती हो। समर की जीभ थोड़ा और अंदर घुस गई , तो उसने फिर से अपनी मा की चूत की दीवारो को चूमना, चाटना , सहलाना शुरू कर दिया तो काम्या को एक अद्भुत सुख की अनुभूति होने लगी। सुबह चूत की जिन दीवारों पर लंड ने मार बरसाई थी अब समर जीभ से उन पर मरहम लगा रहा था।

समर अच्छे से उसकी चूत की अंदर से मालिश कर रहा था , काम्या को इतना मजा पहले कभी नहीं आया था। उसका रोम रोम आज अपने बेटे का कर्जदार होता चला गया। जैसे ही समर ने जोर से अपनी जीभ को अंदर चूत में रगड़ा तो मजे के कारण काम्या का जिस्म उछल पड़ा और निप्पल उसके मुंह से बाहर निकल गया तो उसके मुंह से एक मस्ती भरी आह निकल गई।

" आह मा री, कितना अच्छा है तू समर, उफ्फ और चूस मेरे लाल, फिर देखना चूत तेरा सारा कर्ज सूद समेत उतार देगी आह , रगड़ रगड़ कर चूस मेरी चूत आज।"

समर ने उसकी चूत को अच्छे से चूसकर अपनी जीभ को जैसे ही चूत से बाहर निकाला तो काम्या ने शिकायत भरी नजरो से उसकी तरफ देखा तो समर ने उसकी चूत पर पूरी लंबाई में अपनी जीभ फिराई तो मजे से फिर से काम्या की आंखे बंद हो गई।

समर ने अगली बार अपनी जीभ को उसकी चूत से लेकर गांड़ तक फिरा दिया। उफ्फ को जैसे यकीन ही नहीं हुआ कि उसके बेटे ने उसकी गांड़ पर जीभ फिराई हैं।

समर ने फिर से गांड़ पर जीभ फिराई तो काम्या की गांड़ का छेद मस्ती से अपने आप खुलने बंद होने लगा।

अगली बार जैसे ही उसने गांड़ पर जीभ रखी तो काम्या ने उसका मुंह वहां से हटा दिया और फिर उसे निराशा हुई की गलती से ये उससे क्या हो गया ।

उसका मन कर रहा था समर फिर से उसकी गांड़ अपने होंठो से सहलाए लेकिन कह पाने की हिम्मत उसके अंदर नहीं थी। समर अब उसकी चूत चूस रहा था तो काम्या ने उसे बहकाने के लिए अपनी टांगे और फैला दी और गांड़ का छेद पूरा उभार दिया तो समर से अब बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने सीधे अपने होंठ उसकी गांड़ पर चिपका दिए

तो मजे से काम्या की आंखे बंद हो गई। उसका पूरा जिस्म कांप उठा और उसने अपनी गांड़ की मांसपेशियों को बाहर की तरफ खोल दिया तो उसकी गांड़ का भुरा छेद खुलता चला गया जिसमें समर ने अपनी गीली जीभ घुसा दी। जैसे ही जीभ उसकी गांड़ में घुसी तो काम्या के सब्र का बांध टूट गया और उसकी चूत से रस की बौछारें होने लगी।

काम्या ने अब समर को अपने उपर खीचं लिया और फुर्ती से उसका पायजामा नीचे सरका दिया तो लंड उसकी पूरी तरह से भीग चुकी चूत पर जा लगा। काम्या अपनी चूत लंड के सुपाड़े पर रगड़ने लगी और उसने ढेर सारा थूक निकाल कर उसे समर के लंड पर चुपड दिया और उसे अपनी चूत में जाने लायक बना दिया और खुद अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चूत के मुंह पर लगा दिया और समर की तरफ प्यासी नजरो से देखते हुए इशारा किया तो समर ने जोश में आते हुए जैसे ही उसकी चूत में धक्का मारना चाहा उसे सीढ़ियों से माही के उतरने की आवाज सुनाई दी।
 
दोनो ने फुर्ती से अपने आपको ठीक किया और समर काम्या के कमरे में रखी हुई कुर्सी पर बैठ गया ।

माही अंदर आ गई और उसने समर को देखा तो उसने पूछा क्या हुआ सब ठीक तो है?

काम्या : अरे मेरे पैर में दर्द हो रहा था इसलिए मैंने उसे कॉल करके बुलाया था ताकि ये मुझे गरम पानी दे सके और मैं सिकाई कर सकू। तुम्हे पीरियड की वजह से दर्द था इसलिए नहीं उठाया।

बेचारी माही उनके ड्रामे को सच मान लेती हैं और बोलती हैं कि वो रात को अब उसके साथ ही सोएगी ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी हेल्प कर सके। बेड काफी बड़ा था इसलिए तीनो उस पर ही लेट गए। समर और काम्या बीच बीच में प्यासी नजरो से एक दूसरे को निहार रहे थे लेकिन बीच में लेटी हुई माही के कारण दोनो कुछ भी कर पाने की स्थिति में नहीं थे इसलिए उन्होंने सोने का निर्णय लिया । समर ने अपनी मा को जलाने के लिए माही को कसकर अपने सीने से चिपका लिया । काम्या को ये देखकर जलन हुई और उसने गुस्से से समर को मारने का इशारा किया और फिर मुस्कुराते हुए आंखे बंद करके सो गई। तीनो गहरी नींद में जा चुके थे।

अगले दिन सुबह सबसे पहले काम्या उठी और फ्रेश होकर वापिस आ गई। बाहर बहुत ज्यादा ठंड थी इसलिए वो अंदर आकर फिर से कम्बल में घुस गई। फिर माही की आंख खुली तो उसने एक नजर प्यार से समर की तरफ देखा ,उसका चेहरा बहुत प्यारा लगा उसे और उसने उसके माथे पर किस किया और फिर बाथरूम चली गई। काम्या जाग चुकी थी और सोने का नाटक करते हुए माही को किस करते हुए देख रही थी।जैसे ही माही बाहर गई तो काम्या ने रूम में लगे हुए शीशे से उसे बाहर तक जाते हुए देखा। दरअसल काम्या के बेडरूम में एक शीशा लगा हुआ जो कि बाहर गैलरी में रिफ्लेक्शन देता था जिस कारण गैलरी में होने वाली गतिविधियो पर आराम से नजर रखी जा सकती थी। जैसे ही काम्या ने देखा कि माही बाथरूम में घुस गई है तो उसकी आंखो में वासना भर उठी । वो धीरे से कम्बल में सरककर समर के पास आ गई और उससे चिपक गई। समर गहरी नींद में सोया हुआ था।काम्या ने धीरे से उसके पायजामा का नाड़ा खोल दिया और उसे नीचे सरका दिया तो समर का लंड पुरी तरह से नंगा हो गया क्योंकि रात को सोते समय अक्सर वो अंडर वियर नहीं पहना करता था।

काम्या ने उसके लंड को देखा जो अभी ढीली अवस्था में था और उसकी लम्बाई अभी भी किसी नॉर्मल लंड के बराबर लग रही थी। उसने एक फिर शीशे में देखा और फिर अपने जलते हुए होंठ सीधे लंड पर रख दिए और एक बड़ा सा किस सुपाड़े पर किया। काम्या की चूत में हलचल होने लगी और उसने अपना आपा खोते हुए लंड के सुपाड़े को मुंह में भर लिया और चूसने लगी। जैसे ही सुपाड़ा काम्या के मुंह में घुसा तो उसके मुंह की गरमी पाकर लंड अकड़ना शुरू हो गया और समर की भी आंखे खुल गई। उसने देखा कि उसकी मा उसके लंड के सुपाड़े को मुंह में लेकर चूस रही थी तो उसने इशारे से पूछा कि माही कहां हैं तो तो काम्या ने बाहर बाथरूम की तरफ इशारा करते हुए शीशे पर ध्यान रखने को कहा। समर ने जैसे ही शीशे पर नजर डाली तो उसे बाथरूम साफ नजर आया उसके उसके साथ ही इस किचेन , हॉल का गेट भी नजर आया। वो इस व्यवस्था से जोश में आ गया और उसका लंड में जोश आना शुरू हो गया ।

माही ने पूरे लंड को मुंह में भर लिया और चूसने लगी जिस करण समर का लंड खड़ा होता चला गया । जैसे जैसे लंड खड़ा हुआ तो वो माही के मुंह से बाहर की तरफ निकलता चला गया। जल्दी ही उसका लंड पुरी तरह से खड़ा हो गया और और उठाकर उसकी चूत को चुनौती देना लगा। काम्या ने अच्छे से जीभ से लंड को गीला करते हुए चूत से उसकी चुनौती स्वीकार कर ली और अपनी नाइटी को उपर उठा कर पेंटी को साइड में करते हुए उसके दोनो और टांगे करके बैठ गई। लंड का मुंह उसने अपनी चूत पर लगाया और थोड़ा दबाव डालते हुए पूरा सुपाड़ा चूत के अंदर घुसा लिया। दोनो मा बेटे के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकल पड़ीं ।

तभी समर को बाथरूम से माही निकलती हुई दिखाई दी जो सीधा उनकी ही तरफ आ रही थी तो समर ने काम्या को इशारे से समझाते हुए लंड से नीचे उतार दिया तो दोनो में जल्दी जल्दी अपने कपड़े ठीक किए और आंखे बंद करके दोनो सो गए।काम्या की चूत एक बार फिर से प्यासी रह गई ,उसे बहुत बुरा लग रहा था उसकी चूत पुरी गीली थी और रस उसकी जांघो तक आ रहा था। वहीं समर की हालत भी कुछ जुदा नहीं थी, उसका लंड भी पूरी तरह से तना हुआ था और लंड में तनाव के कारण हल्का हल्का दर्द हो रहा था ।
 
काम्या करवट लेकर दूसरी तरफ लेती हुई थी । माही जैसे ही अंदर अाई तो उसने देखा कि दोनो मा बेटे सोए हुए थे तो उसने समर को उठाना शुरू किया । थोड़ी देर ड्रामा करने के बाद समर उठ गया , जैसे ही वो उठा उसका खड़ा हुआ लंड कपडे के उपर से साफ महसूस हो रहा था। उसे देखकर माही के होंठो पर स्माइल आ गई और उसने समर को बांहों में भर लिया और धीरे से उसका लंड पकड़ कर सहलाने लगी।

समर ने उसे इशारे से काम्या की तरफ इशारा किया तो माही ने उसके होंठो को चूमते हुए लंड को छोड़ दिया तो समर माही की तरफ स्माइल करता हुआ बाहर निकल गया और घूमने चला गया।

थोड़ी देर बाद काम्या भी उठी और देखा कि माही किचेन में हैं और नाश्ता तैयार कर रही हैं तो काम्या भी उसकी हेल्प करने लगी।

माही: मम्मी मैं कर लूंगी आप के पैर में दर्द हैं, आप रहने दीजिए ।

रात जिस तरह से समर ने उसकी चूत और गांड़ की सिकाई करी थी उससे सूजन जैसे गायब हो गई थी और अब काम्या पूरी तरह से ठीक थी।

काम्या: अरे माही अब मैं ठीक हूं, तुम ही आराम करो, अभी तुम्हारे पीरियड को सिर्फ दूसरा ही दिन हैं , मैं करती हूं सारा काम।

और काम्या जबरदस्ती उसे किचेन से बाहर निकाल देती हैं और खुद काम में लग जाती है। माही ना चाहते हुए भी हॉल में आकर बैठ गई।

थोड़ी देर बाद खाना बन गया था और समर भी आने के बाद नहाकर फ्रेश हो चुका था। तीनो नाश्ता कर रहे थे।

समर: मम्मी मैं आज से अखाड़ा का काम देखूंगा इसलिए मैं आज अखाड़े में जाऊंगा

काम्या को बहुत बुरा लगा और काम्या से ज्यादा उसकी चूत को ।

माही खुश हो गई क्योंकि वो चाहती थी कि समर बड़ा नाम कमाए और जिम्मेदार पति बने।

काम्या एक झूठी मुस्कान अपने लिप्स पर लाते हुए : ठीक हैं बेटा लेकिन शाम को जल्दी वापिस आ जाना, हम दोनों तेरा इंतजार करेंगे।

ऐसा बोलते हुए उसने हल्के से टेबल के नीचे से समर का हाथ पकड़ कर अपनी चूत पर रख दिया तो समर समझ गया कि मा और उसकी चूत दोनो इंतजार करेंगे।

माही खुश हो रही थी कि काम्या ने उसके दिल की हालत भी समर को बता दी है कि वो उससे बहुत प्यार करती हैं ।

नाश्ता करने के बाद माही को दर्द होने लगा ब्लड ज्यादा आने के कारण, इसलिए वो पैड बदलने के लिए उपर चली गई। उसके जाते ही काम्या पागलों की तरफ समर ने लिपट गई और उसके पैरो पर चढ़ कर अपनी चूत उसके लंड पर रगड़ने लगी। समर ने भी अपने दोनो हाथ उसकी गांड़ पर रखकर उसकी गांड़ दबाना शुरू कर दिया।

काम्या धीरे से उसके कान में बोली: जल्दी आ जाना मेरी गीली चूत चोदने के लिए मिलेगी। आज रात में तुम्हे नहीं रोकूंगी जितना मन करे उतना चोद लेना ।"

और ऐसा बोलकर उसके लंड को दबा देती हैं तो समर उसकी गांड़ पूरी ताकत से दबाने लगा तो काम्या के मुंह से सिसकारी निकल पड़ी।

समर : देख लेना कहीं कल की तरह भाग ना जाओ अपने बेटे को प्यासा छोड़कर।

काम्या ने उसकी पैंट के अंदर हाथ घुसा दिया और लंड को सहलाते हुए बोली: कितना मोटा हैं तेरा लंड ज़ालिम , फट जाती हैं मेरी चूत हर बार, अगर में भाग गई तो फिर से पकड़ कर चोद देना मुझे चाहे मैं कितनी भी चींखू या चिल्लाऊं तू कोई रहम मत करना अपनी मा की चूत पर।,"

समर ने जैसे ही उसकी सलवार के अन्दर हाथ डालकर उसकी चूत को सहलाया तो काम्या ने मदहोश होकर अपने होंठ समर की गर्दन पर रख दिए और चाटने लगी। तभी उन्हें उपर से माही के आनी की आहट अाई तो वो दोनो अलग हो गए ।

समर दोनो को बाय करता हैं और अखाड़े की तरफ निकल गया।

काम्या और माही दोनो पूरे दिन घर पर ही रही और काम्या ने घर के सारे काम खत्म किए । माही को उसके कोई काम नहीं करने दिया पूरे दिन। माही के दिल में अपनी भाभी मा के लिए इज्जत और ज्यादा बढ़ गई।

शाम को समर जल्दी ही वापिस आ गया और फ्रेश होकर हॉल में बैठ गया। तीनो शाम की चाय का आनंद ले रहे थे। धीरे धीरे रात गहराने लगी तो उन्होंने खाना खाया और काम्या जल्दबाजी करते हुए अपने रूम में सोने चली गई। समर और माही दोनो उपर चले गए।

नीचे काम्या पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी और गीली चूत के साथ समर का इंतजार कर रही थी और अपनी चूत को उंगली से सहला रही थी। उपर जाकर माही और समर दोनो लेट गए तो माही समर से चिपक गई। माही शादी के बाद से रोज समर की छाती पर ही सोती थी । जब वो गहरी नींद में होती तो समर प्यार से उसे अपने बगल में लिटा देता था। आज भी वो समर की छाती पर लेटी हुई थी। कल पूरी रात वो समर से शादी के बाद दूर रही थी और आज दिन में भी समर चला गया था तो वो उदास थी क्योंकि पहली बार एक समर से इतने समय तक दूर रही थी। वो किसी छोटे बच्चे की तरह समर से लिपटी हुई थी। रात के 11 बजते बजते उसे नींद आने लगी और वो सो गई । जैसे ही वो गहरी नींद में सोई तो समर ने धीरे से उसे अपने उपर से हटाना चाहा तो माही नींद में ही कोई सपना देख रही थी जिस कारण वो समर से और भी ज्यादा जोर से चिपक गई। थोड़ी देर बाद समर में फिर से उसे उपर से हटाने का प्रयास किया तो वो फिर से चिपकती चली गई।
 
समर को समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करे। उधर काम्या अपने बेटे का इंतजार कर रही थी उसकी चूत पुरी तरह से गीली हो चुकी थी । आज एक खुलकर चुदना चाहती थी, दिखा देना चाहती थी समर को कि उसके अंदर उससे कहीं ज्यादा चुदाई की भूख हैं क्योंकि वो उसकी मा हैं और मा हमेशा बेटे से आगे होती है फिर चाहे वो चुदाई ही क्यों ना हो।

जब 12 बजे तक समर नहीं आया तो काम्या से अब सब्र नहीं हुआ और वो अपने नंगे जिस्म पर एक चादर ओढ़ कर समर की तरफ चल दी। चूत से उसकी इतना रस टपक रहा था कि उसकी जांघें पूरी भीग रही थी।

समर का गेट अंदर से खुला हुआ था। उसने जैसे ही गेट को हल्का सा धक्का दिया तो उसे अंदर समर लेटा हुआ नजर जिसकी छाती पर माही लेती हुई थी नींद में थी।

उसने धीरे से समर को इशारा किया कि वो माही को बेड पर लिटा दे और उसके पास आ जाए ।समर ने फिर से माही को जैसे ही बेड पर लिटाना चाहा वो फिर से उससे चिपक गई।

काम्या को सब समझ में आ गया। उसका मूड खराब होने लगा। आज माही उसे अपनी सबसे बड़ी दुश्मन प्रतीत हो रही थी। ऐसे ही धीरे धीरे रात गुजरती जा रही थी और वो कुछ भी नहीं कर पा रही थीं । काम्या ने समर को रिझाने के लिए अपने जिस्म से चादर हटा दी और चादर के हटते ही उसका संगमरमर सा जिस्म समर के आगे आ गया लेकिन समर पुरी तरह से मजबूर था। इसलिए अपने काम्या के आगे दोनो हाथ जोड़ दिए ।

काम्या उदास हो गई और समर की तरफ हसरत भरी नजरो से देखती हुई अपनी प्यासी चूत के साथ नीचे की तरफ आ गई और सो गई।।

अगले दिन सुबह जैसे ही मा बेटे की नजरे टकराई तो काम्या ने उसे घुरकर देखा । जैसे ही माही किसी काम में लगी तो काम्या ने उसे कहा:

"रात तो माही को बड़ा प्यार कर रहा था, कभी अपनी मा से भी कर के ऐसा प्यार।

समर : मा मैं जल्दी ही कोई तरीका निकालता हूं और फिर देखना तुम्हे इतना प्यार करूंगा की तुम और तुम्हारी चूत दोनो धन्य हो जाओगे।

काम्या उसकी बात पूरी होने से पहले ही उसका मोटा लन्ड हाथ से दबा देती हैं ।

माही उपर से आ गई और समर उन्हें दोनो को बाय करके अखाड़े कि तरफ चल पड़ा। अब काम्या और माही दोनो घर पर रह गए थे। आज माही कुछ अच्छा फील कर रही थी क्योंकि दर्द कल के मुकाबले कुछ कम था।

दिन जल्दी ही गुजर गया और समर वापिस घर आ चुका था। फ्रेश होकर सबने खाना खाया और फिर काम्या बरतन धोने किचेन में चली गई तो माही समर से चिपक गई और किस करने लगी।

दोनो किस में डूबते चले गए । उधर काम्या ने आज दिन में ही अपना प्लान बना लिया और थोड़ी देर के लिए घर से बाहर गई थी और नींद की गोलियां ले अाई थी। वो तीन ग्लास में दूध भरने लगी, उसकी चूचियां पूरी तरह से अकड़ रही थी, दिल चुदाई के लालच में उपर नीचे हों रहा था और चूत तो जैसे आज अपने पूरे शबाब पर थी।

वो अपनी गीली चूत के साथ हॉल की तरफ दूध चल पड़ी और गेट खोल दिया तो माही और समर किस में डूबे हुए थे । जैसे ही माही ने काम्या को देखा तो शर्मा कर समर से अलग हो गई।

उसका चेहरा लाल हो चुका और आंखे शर्म से झुकी हुई थी। काम्या उसके पास पहुंच गई और उसे छेड़ते हुए:

" अरे कुछ तो शर्म किया करो मेरी बहुरानी , कम से कम दरवाजा तो ठीक से बंद कर लिया करो।

माही कुछ माही बोलती और वो शर्म के मारे काम्या से चिपक जाती हैं। काम्या उसकी पीठ सहलाने लगती हैं। फिर उसकी आंखो में देखते हुए कहती हैं कि मैं दूध लेकर अाई हूं तुम दोनो के लिए । पी लो तुम्हे ताकत मिलेगी"

और ऐसा कहकर धीरे से उसकी चूत सहला देती हैं तो माही शर्म से पानी पानी हो जाती हैं।

समर कुछ बोल नहीं रहा था। काम्या उसकी तरफ दूध की ट्रे बढ़ाकर उसे एक गिलास दे देती हैं और दूसरा बहुत ही उम्मीद के साथ माही को की तरफ बढ़ा देती हैं और उसके दूध पीने का इंतजार करती है।

माही दूध पीना शुरू कर देती हैं । जैसे जैसे दूध का गिलास खाली होता जा रहा था काम्या की चूत रस से और ज्यादा भीगती जा रही थी। जैसे ही माही ने खाली ग्लास टेबल पर रखा तो काम्या ने आगे बढ़कर प्यार से उसका माथा चूम लिया।

फिर वो बोली कि ठंड बहुत हैं बाहर इसलिए रूम में चलते हैं मुझे तो नींद आ रही है, मैं तो चली सोने "

और बड़ी अदा के साथ अपनी गांड़ मटकाती हुई अपने बेडरूम की तरफ बढ़ गई। उसका दिल आज बहुत बहुत था और दिल भी ज्यादा खुश उसकी चूत हो रही थी। बेडरूम के अंदर जाकर वो गेट के पीछे से उनकी और देखने लगीं

वो दोनो भी उपर की तरफ जाने लगे तो काम्या ने समर को आवाज लगाई कि बेटा उपर से मुझे मेरी दर्द वाली ट्यूब ला देना सोने से पहले।

समर और माही दोनो उपर आ गए और माही अपना बेडरूम ठीक करने लगी और फिर पैड बदलने के लिए बाथरूम में चली गई। समर ने ट्यूब उठाई और चल पड़ा अपनी मा के पास।

समर जैसे ही अंदर घुसा तो गेट के पीछे खड़ी हुई माही में उसे बांहों में भर लिया और उसका लंड पकड़ लिया । समर भी अपनी मा से चिपक गया और उसकी गांड़ दाबने लगा।

काम्या उसके लंड को सहलाते हुए दूसरे हाथ से उसका हाथ अपनी सलवार में घुसा कर अपनी चूत पर रख देती हैं। उसकी चूत इतनी टपक रही थी कि समर की पूरी हथेली रस से भीग गई।
 
समर ने उसकी चूत को सहलाना शुरु किया तो काम्या के मुंह मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगीं।

" आह समर बस और थोड़ी देर फिर जी भर कर चोदना मुझे, माही के दूध में मैंने नींद कि गोलियां मिला दी है मेरे लाल।"

और फिर एक उसके लंड को दबाते हुए बोली : इसका भी आज दम देखना हैं , सारी रात चोद सकता है या नहीं।

समर तो जैसे खुशी से उछल पड़ा। वो खुद भी अपनी मा को चोदने के लिए मरा जा रहा था। उसने काम्या की चूत को पूरा हाथ में भर कर जोर से दबा दिया तो काम्या इससे लिपट गई।

काम्या: बस एक बार माही को देख आ मेरी चूत तेरा इंतजार करती मिलेगी।

समर तेजी से उपर गया तो देखा कि माही बेड पर लेट चुकी थी और उसका ही वेट कर रही थी। समर आज बहुत ज्यादा खुशी के साथ उससे चिपक गया तो हमेशा की तरह माही उसकी छाती पर चिपक कर लेट गई।

काम्या को समर का इंतजार करते हुए तीस मिनट से ज्यादा हो गए थे। जब वो नहीं आया तो काम्या उसे देखने उपर की तरफ चल दी तो देखा कि समर गहरी नींद में सोया हुआ पड़ा था और उसकी छाती पर लेटी हुई माही उसके गाल पर किस कर रही थी।

ये सब देखकर काम्या ने अपना माथा पीट लिया। गलती से उसके नींद की गोलियां वाला ग्लास समर को पिला दिया था। दर असल जब उसने टेबल पर ट्रे रखी थी तो वो भूल गई थी कि गोली वाला ग्लास कौन था जिस कारण ये भयंकर गलती उससे हो गई।

उदास मन के साथ वो अपनी मुरझाई हुई चूत लेकर अपने बेडरूम में आ गई। उसका मन नहीं लग रहा था क्योंकि चूत की आग और ज्यादा बढ़ती जा रही थी। उसने अपनी उंगली को चूत के दाने पर टिका दिया और सहलाने लगी। इससे भी उसे कुछ सकून नहीं मिला तो वो नंगी ही किचेन में घुस गई और एक सबसे मोटा और लंबा खीरा निकाल लिया और उसे अपने मुंह में डालकर चूसने लगी।

जैसे ही खीरा गीला हुआ तो उसने उसे अपनी टपकती हुई चूत के छेद पर लगा दिया और अंदर घुसाने की कोशिश करने लगी। उसकी आंखो के आगे लगातर उसके बेटे का मूसल जैसा लंड घूम रहा था तो उसे लंड के आगे खीरा फीका महसूस होता महसूस दिया। उसका चेहरा गुस्से से लाल हो गया और उसने एक नजर घूर कर खीरे को देखा और अपने बेडरूम की खिड़की से बाहर फेंक दिया ।

मेरी चूत में अब सिर्फ लंड घुसेगा और वो भी मेरे बेटे का। मुझे किसी खीरे या मूली की जरूरत नहीं हैं। जिस्म की प्यास की वजह से उसका पूरा जिस्म अकड़ रहा था, आंखे लाल सुर्ख होकर दहक रही थी ,गला सूख चुका था, चूत पूरी चिप चिप कर रही थी। वो पूरी रात बेचैनी से बेड पर करवटें बदलती रही।

दूसरी तरफ राम्या का अब सिर्फ एक ही मकसद रह गया था कुछ भी करके अपने बाप के सपने को पूरा करना। वो सब कुछ भूल गई और सिर्फ अपनी प्रैक्टिस पर फोकस कर रही थी। करण लगातर शीला मैडम के संपर्क में था और पैसा पानी की तरह बहा रहा था। राम्या को सबसे अच्छी ट्रेनिंग और ड्रेस मिल रही थी। उसके फिगर को और बेहतर बनाने के लिए विदेश से स्पेसिलिस्ट बुलाए गए । राम्या भी अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रही थी। उसे लग रहा था कि ये सब शीला मैडम की वजह से हो रहा है जबकि असल में उसका बाप ये सब करवा रहा था और उसने शीला को राम्या को ये सब बताने के लिए मना कर दिया था।

आज 28 दिसंबर हो चुका था और 30 दिसंबर को रात को प्रतियोगिता थी। राम्या के पास सिर्फ दो दिन बचे हुए थे इसलिए वो अपना बेस्ट कर रही थी। वो दुनिया की बेहतरीन मॉडल की हर एक पोजिशन को ध्यान से देख रही थी और उसे फॉलो कर रही थी।

दूसरी तरफ माही उठी और उसने देखा कि समर अभी तक सो रहा था जबकि वो रोज सुबह पांच बजे उठ जाता था और अभी आठ बज चुके थे। उसे हैरानी हुई लेकिन उसने सोचा कि शायद पूरे दिन के काम की वजह से थक गया होगा क्योंकि आज कल समर अखाड़े का काम भी देखना शुरू कर चुका था। मेरा पति अब जिम्मेदार बन रहा हैं जैसे ही ये ख्याल उसके मन में आया तो उसे समर पर बहुत प्यार आया और उसने उसका माथा चूम लिया और फ्रेश होकर नीचे आ गई और किचेन में घुस गई।

काम्या भी उठ चुकी थी ,उसे समर की बहुत चिंता हो रही थी क्योंकि वो अभी तक नहीं उठा था। कहीं उसे कोई प्रॉब्लम ना हो जाए गोलियों कि वजह से ये सोचकर काम्या बहुत परेशान थी। लेकिन वो तो ये दवाई माही को पिलाने वाली थी और गलती दे समर पी गया । तभी उसके मन में विचार आया कि क्या वो माही से उतना प्यार नहीं करती जितना समर से करती हैं।

जल्दी ही उसे इसका जवाब भी मिल गया। मा का दिल बोल उठा कि हां मैं सच में सबसे ज्यादा प्यार समर से करती हूं क्योंकि वो मेरे जिस्म का एक हिस्सा हैं, उसे मैंने अपना दूध पिलाकर बड़ा किया है। मैं सपने में भी उसका गलत नहीं सोच सकती , क्योंकि वो मेरा अपना खून हैं मेरा सगा बेटा है समर।

जैसे ही माही नीचे अाई और किचेन में घुसी तो पागलों कि तरह से दौड़ती हुई वो समर के कमरे में पहुंची तो उसने देखा कि समर अभी भी सो रहा हैं। उसने बड़े प्यार से अपने बेटे की तरफ देखा और आज सच में उसकी नजरो में समर के लिए कोई वासना, हवस , प्यास नहीं थी । ये सिर्फ एक मा का प्रेम था अपने बेटे के लिए ।उसने समर की नब्ज देखी तो उसे सुकून हुआ कि उसका बेटा ठीक हैं, फिर उसने प्यार से उसका माथा चूम लिया और उसके पास ही बैठकर उसके जागने का इंतजार करने लगी।

कोई बीस मिनट के बाद समर के जिस्म में हरकत हुई और उसने धीरे से अपनी आंखे खोल दी तो उसे अपनी मा का चेहरा नजर आया। समर अभी कुछ कुछ नशे में था , उसने आगे बढ़ कर काम्या का चेहरा चूम लिया । समर के जागते ही काम्या के अंदर खुशी एक एक लहर दौड़ गई और वो दीवानावार अपने बेटे के चेहरे को चूमने लगी।

समर भी उससे लिपट गया। जैसे ही उसकी नजर घड़ी पर पड़ी तो उसे एहसास हुआ कि 10 बज चुके हैं और अभी सोकर उठा हैं तो उसे जैसे खुद पर यकीन ही नहीं हुआ। दिमाग पर जोर डालने पर उसे हल्का हल्का याद आने लगा कि रात क्या हुआ था।

उसकी मा ने माही को नींद की गोलियां दूध में पिला दी थी और उसके नीचे आने का इंतजार कर रही थी ताकि वो दोनो प्यार कर सके। फिर वो गया क्यों नहीं जबकि उसकी मा तड़प रही थी उसके लिए ।

काम्या ने उसका चेहरा देखा तो उसे उसकी उलझन का एहसास हुआ तो उसे बहुत बुरा महसूस हुआ। फिर उसने आंखो में अपराध बोध लिए हुए बोलना शुरू किया:

" मुझे माफ़ कर दे मेरे लाल, गलती से मैंने गोलियों वाला दूध जल्दबाजी में माही की जगह तुम्हे पिला दिया था अगर तुम्हे कुछ हो जाता तो मैं भी नहीं जी पाती।

इतना बोलकर का चेहरा उदास हो गया और उसकी आंखो में नमी आ गई जिस कारण दो आंसू उसकी आंखो से छलक पड़े। समर को जैसे ही अपने मा की आंखो से आंसू छलकते हुए दिखे तो उसने प्यार से उन्हें चाट लिया और अपनी मा को गले लगा लिया।
 
समर:" मा अशुभ बाते अपनी जुबान से मत निकालो, गलती इंसान से ही होती हैं । और मैं जानता हूं कि तुम्हे प्यार की बहुत जरूरत है इसलिए तुमने ये कदम उठाया था। आप दुखी मत हो , मैं आपको इतना प्यार दूंगा कि आपसे संभालना मुश्किल हो जाएगा। सही समय का इंतजार करो।

काम्या का दिल भर आया और उसने समर की आंखो में देखते हुए कहा:

" तुम्हारे पापा को मेरी कोई फिक्र नहीं हैं, उनके लिए तो सब कुछ उनकी बेटी ही हैं, लेकिन तू तो मेरे लाडला बेटा हैं और मेरा इतना ख्याल रख रहा है।

समर उसे कस कर गले लगा लेता है और कहता हैं: मा मुझ पर भरोसा रखो , मैं तुम्हे इतना प्यार दूंगा कि आप पापा को भूल जाओगी। भाड़ में जाए पापा और राम्या , मैं हूं ना आपकी फिक्र करने के लिए।

और समर को अपने बाप और बहन से नफ़रत सी होने लगी। फिर वो काम्या का गाल चूम कर बाथरूम में घुस गया और जल्दी ही तीनो बैठे हुए नाश्ता कर रहे थे । माही आज बहुत खुश थी क्योंकि आज उसके पीरियड का आखिरी दिन था मतलब कल से उसकी चुदाई शुरू। ये सब सोच कर उसके गाल शर्म से लाल हो रहे थे जो काम्या से ना छुप सके।

काम्या उसे छेड़ते हुए: क्या बात हैं माही आज बहुत खुश नजर आ रही हो। हमे भी बताओ कुछ ।"

माही काम्या की बात सुन कर और ज्यादा शर्मा गई और उसके होंठो पर स्माइल आ गई।

काम्या: अरे कुछ बोल भी पगली ऐसे कब तक अकेले अकेले मुस्कुराती रहेगी".

माही नजरे झुका कर बोलती हैं :

" मम्मी आज मुझे पेट में दर्द नहीं हैं और कल तक बिल्कुल ठीक हो जाएगा।"

ये बात उसने बड़ी मुश्किल से कहीं और उसकी धड़कने बढ़ने के कारण चूचियां उपर नीचे होने लगी।उसका चेहरा पूरी तरह से झुका हुआ था।

उसकी बात सुनकर काम्या के होंठो पर कातिल स्माइल आ गई और उसने उसे और ज्यादा छेड़ते हुए कहा:" अच्छा तो ये बात हैं, मतलब कल से मेहनत शुरू हो जाएगी ।

ये बात काम्या ने समर की आंखो में देखते हुए कही और अपने लिप्स पर बहुत ही कामुक अंदाज में जीभ फिराई।

समर का लंड खड़ा होने लगा अपनी मा की बात सुनकर।

माही शर्म के मारे उठकर उपर भाग गई क्योंकि उसकी चूचियां अकड़ने लगी थी और चूत में नमी आ गई।

उफ्फ मम्मी भी कुछ भी बोल देती हैं , कम से कम उन्हें अपने बेटे की तो शर्म करनी चाहिए।

उसके जाते ही समर से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने काम्या को बांहों में भर लिया और उसकी गांड़ दबाने लगा। काम्या भी उससे लिपट गई और उसके होंठो को चूसने लगी। लंड पुरी तरह से खड़ा हो चुका था और सीधे उसकी मा की चूत पर अड गया था।काम्या ने उसे हाथ में पकड़ लिया और दबाते हुए बोली:

"कब घूसाएगा र इसे अपनी मा की प्यासी चूत में"?

समर ये सुनकर जोश में आ गया और उसकी गांड़ को बहुत जोर जोर से दबाने लगा।उसने धीरे धीरे से काम्या के कान में कहा:

"मा बहुत जल्दी , बस थोड़ा सा और सब्र करो,

काम्या उत्तेजना से कांप रही थी उसने फिर से तड़पते हुए कहा:

" मुझे तो लगता हैं कि ये चूत एक दिन जल जाएगी आग इतनी ज्यादा तपती हैं अब"

तभी उन्हें उपर से माही के आने की आवाज अाई तो दोनो अलग अलग हो गए। माही उसका बैग लेकर अाई थी और उसने समर को से दिया तो वो इन्हे बाय बोलते हुए अखाड़े कि तरफ निकल गया।

माही आज अच्छा महसूस कर रही थी इसलिए वो ब्यूटी पार्लर चली गई जबकि काम्या दिन भर घर पर ही रही और चूत की आग में जलती रही।

जब उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो उसने समर का नंबर मिला दीया ।

समर ने जैसे ही अपनी मा का कॉल देखा तो उसने एक दम से पिक कर लिया ।

समर: हां मम्मी बोलो सब ठीक तो हैं ?

काम्या तड़पती हुई: कहां ठीक है , मेरी चूत में आग सी लगी हुई है, तू कुछ करता क्यों नहीं मेरे लाल"?

समर: मा मैं खुद तड़प रहा हूं उस रात के बाद, लंड इतना तना रहता हैं जैसे फट जाएगा।

काम्या अपनी पर उंगली रख देती हैं अपने बेटे के मुंह से लंड सुनकर, धीरे धीरे चूत सहलाते हुए:"

" आह समर तू आजा मेरी चूत चिकनी हैं एक दम, पूरा लंड घुस जाएगा तेरा"

समर अपनी मा की प्यास समझ रहा था लेकिन आज उसे बहुत जरूरी काम था सरकार को एक फाइल भेजनी थी ताकि अखाड़ा सरकार से जुड़ जाए।

समर: मा आज मुझे बहुत जरूरी काम हैं इसलिए नहीं आ सकता , मुझे समझने की कोशिश करो मा"

काम्या बिलख उठी:"

" जैसा तू वैसा ही तेरा बाप , उसे भी काम की फिक्र और तुझे भी, मेरी कोई परवाह ही नहीं तुम्हे भी"

समर उसे मनाते हुए:" मा बस आज का टाइम दे दो मुझे , रात को देखना मैं आपको बहुत प्यार करूंगा।"

काम्या: " रात को तो तुझे वो माही की बच्ची नहीं छोड़ेगी और कल तो उसके पीरियड भी खत्म हो जाएंगे, फिर तुझे जवान लड़कि चोदने को मिलेगी तो मेरी कहां फिक्र होगी?

समर को दुख हुआ उसकी बात सुनकर।वो बोला:"

" मा मैं तुम्हारे सिर लक की कसम खाकर कहता हूं मैं तुम्हे माही से भी ज्यादा प्यार करता हूं क्योंकि तुमने मुझे पैदा किया और बड़ा किया सबसे पहले मेरे लिए तुम हो मा"

काम्या को अच्छा लगा और उसे कुछ सुकून मिला।

समर:" मा मैं शाम को जल्दी घर आ जाऊंगा , अभी बहुत जरूरी फाइल भेजनी हैं , मुझे आपसे कुछ कहना था मा"

काम्या: जल्दी कहो बेटा?

समर बहुत प्यार से: " आई लव यू मेरी जान कम्मो"

काम्या जैसे ही ये सुनती हैं उसका पूरा जिस्म प्यार से महक उठा , ऐसा प्यार जो उसने आज तक करण के लिए भी महसूस नहीं किया था।

काम्या: " तेरी कम्मो भी तुझसे बहुत प्यार करती हैं मेरे लाल, और उसकी चूत भी।

ऐसा कहकर वो मुस्कुराई और फोन काट दिया । समर अपने काम में लग गया और दिन जैसे तैसे करके गुजर गया।

शाम को चुकी थी। माही और काम्या दोनो खाना बनाने में लगे हुए थे । तभी दरवाजे पर दस्तक हुई तो काम्या ने दरवाजा खोल दिया तो उसे सामने खड़ी हुई सोनम नजर अाई जिसे देखकर काम्या खुश हो गई क्योंकि उसकी वजह से ही उसे अपने बेटे से चुदने का मोका मिला था। क्या पता आज भी वो उनके लिए फरिश्ता बनकर ही अाई हो।
 
सोनम अंदर आकर सोफे पर बैठ गई और काम्या ने उसे पानी पिलाया तो उसे कहा कि उसे माही से जरूरी बात करनी है तो काम्या ने माही को बुला लिया ।

माही उसे देखते ही खुश हो गई।

माही: हां बोलो सोनम कैसे हो , क्या हुआ कैसे आना हुआ आज?

सोनम जैसे ही बोलने के लिए अपना मुंह खोलते हैं काम्या को सारे देवी देवता एक साथ याद आ गए और वो मन ही मन पूजा अर्चना करने लगी।

सोनम: मैं ठीक हूं माही, खुशी की बात ये है कि आज अमेरिका से मशहूर ब्यूटीशियन जेमिमा अाई हुई है अपने शहर में और उसने आज रात एक ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा हुआ है जिसकी फीस एक लाख रुपया हैं। अगर हम वो ट्रेनिंग ले ले तो ज़िन्दगी बदल सकती हैं लेकिन समस्या ये हैं कि मेरे पास पैसे नहीं हैं इसलिए तुम चाहो तो जा सकती हो।"

माही के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई , लेकिन उसके पास इतने पैसे नहीं थे। उसने बड़ी उम्मीद से काम्या की तरफ देखा।

काम्या इस वक़्त अपने आपको दुनिया की सबसे ज्यादा खुशनसीब महसूस कर रही थी। सोनम की बात सुनते ही उसकी चूत गीली हो गई थी। उसने जैसे तैसे करके अपनी खुशी को दबाया और माही की तरफ देखती हुई बोली:

" माही तुम पैसे की फिक्र मत करो और जाने की तैयारी करो जब तक मैं हूं तुम्हे चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है और सोनम तुम भी तैयार हो जाओ, मैं तुम्हारी फीस भी दूंगी।"

इतना सुनते ही दोनो खुशी से उछल पड़ी और काम्या के गले लग गई। दोनो तैयार होने लगी और जल्दी ही सोनम और माही दोनो जा चुके थे।

उनके जाते ही काम्या का जिस्म और ज्यादा सुलगने लगा क्योंकि जब रोटी मिलने वाली हो तो भूख और ज्यादा लगती हैं। काम्या बाथरूम में घुस गई और अपनी चूत को वीट से एक दम चिकना बना लिया और पूरे जिस्म को रगड़ रगड़ कर चमका दिया।

उसने अपनी टपकती हुई चूत पर अपने बेटे का पसंदीदा परफ्यूम अच्छे से छिड़का और एक पतली सी लिंगरी पहन कर अपने जलते हुए बदन के साथ अपने बेटे का इंतजार करने लगी।

जल्दी ही इंतजार की घड़ियां खत्म हुई और समर अंदर आ गया तो काम्या पर्दे के पीछे से निकल कर उसके सामने आ गई। सचमुच कमाल का जिस्म पाया था उसने जिसे देखकर आज कल की लडकी भी आंहे भरने पर मजबुर हो जाए।

नीले रंग की लिंगरी से उसकी दोनो चूचिया लगभग पूरी ही बाहर थी। निप्पल साफ नजर आ रहे थे और लिंगरी की हल्की सी पट्टी चूत को बस दिखावे के लिए ढके हुए थी।

चूत के होंठ आधे से ज्यादा बाहर झांक रहे थे और पूरी तरह से रस से भीगे हुए थे।

वो अपनी गांड़ मटकाती हुई उपर छत की तरफ जाने लगी । आज वो पूरी अदा से अपनी गांड़ मटका रही थी मानो आज अपनी चूत नहीं बल्कि गांड़ मराना चाहती हो।

समर का लंड खड़ा होना शुर हो गया लेकिन फिर उसे माही का ख्याल आया तो उसने अपनी मां की तरफ देखा जो कि सीढ़ियों पर चढ़ रही थी जिस कारण लिंगरी की पार्टी गांड़ में घुस गई थी और उसकी पूरी गांड़ बस एक पतली सी नाममात्र पट्टी में पूरी नंगी हिल रही थी।

समर तो अपनी पलके तक झपकाना भूल गया आज उसकी नशीली अदाएं देख कर। उसका लंड पुरी तरह से खड़ा होकर पत्थर बन चुका था।

समर उसे प्यासी नजरो से देखते हुए:

" मा माही कहां हैं, "

काम्या उसकी तरफ पलटी और लिंगरी अपनी चूत पर हटकर एक उंगली को अपने मुंह में भर कर चिकना करते अपनी चूत में घुसा कर बोलती हैं:

" आह , उफ्फ हाय आज पूरी रात घर पर सिर्फ कम्मो और उसकी प्यासी चूत रहेगी"

समर ने जैसे ही ये सुना उसने तेजी से भागकर अपनी मा को कस कर चिपका लिया और उसके होठ चूसने लगा। काम्या भी पूरी तरह से मदहोश होकर उससे लिपट गई। उफ्फ दोनो मा बेटे पागलों को तरह एक दूसरे के होंठो को चूस रहे थे, चाट रहे थे, काट रहे थे।
 
तभी एक बार फिर से उनकी किस्मत धोखा दे गई। बाहर दरवाजे पर दस्तक हुई तो दोनो को ना चाहते हुए भी अलग होना पड़ा। काम्या कमरे के अंदर घुस गई जबकि समर ने अपने आपको ठीक करते हुए दरवाजा खोला तो उसने देखा कि बाहर कबीले से भीमा आया हुआ खड़ा था और उसके साथ पांच आदमी और थे।

काम्या भी छुपक कर देख रही थीं । उसका मन किया कि उसे भगा दे लेकिन चुप रही।

समर का दिमाग खराब हो गया उसे देखकर। साला पहले तो माही के पीछे पड़ा हुआ था और अब मैं अपनी मा को चोद रहा हूं तो साला फिर से टांग अडा रहा हैं।

भीमा ने समर के पैर छुए क्योंकि वो उसका गुरु भी था और कबीले का सरदार भी।सभी लोग अन्दर आ चुके थे और हॉल में बैठ गए और काम्या दुखी मन से उनके लिए पानी लेकर आ गई तो अपनी बहन को देखकर उसे बहुत खुशी हुई और उसके गले लग गया

काम्या को ऐसा लगा जैसे उसके गले से सांप लिपट गया हो। फिर भी उसने उसका हाल चाल पूछा। ऐसा नहीं था कि वो अपने भाई को पसंद नहीं करती थी बस वो गलत टाइम पर आ गया था और जब चूत तड़प रही हो तो सिर्फ अपने प्रेमी का लंड अच्छा लगता है और कुछ नहीं ।

भीमा अब पहले से ज्यादा स्मार्ट लग रहा था। बेशक उसका रंग हल्का सांवला था लेकिन चेहरा बहुत खूबसूरत लग रहा था। वो बिल्कुल बदल चुका था और एक दम किसी अच्छे शहर का आदमी लग रहा था। पढ़ने के कारण उसके हाव भाव भी बदल चुके थे और बात करने का तरीका भी।

समर: हां बोलो भीमा अचानक कैसे आना हुआ ?

भीमा: माफी चाहता हूं कि मैं इतनी रात को आपको परेशान किया लेकिन बात ही कुछ ऐसी थी कि आना पड़ा । कबीले में सड़के स्कूल , बिजली , पानी सब आ चुका है लेकिन मोबाइल और इंटरनेट की कमी है जिस कारण हम तकनीकी रूप से काफी पीछे हैं इसलिए मैंने प्लान लिया है कि कुछ भी करके मुझे ये सब सुविधा अपने लोगो को देनी हैं और साथ ही साथ हॉस्पिटल भी क्योंकि बीमार लोगो के इलाज की कोई सुविधा नहीं हैं।

समर खुश हो गया उसकी बात सुनकर। और काम्या को भी पहली बार अपना भाई अच्छा लगा जबसे वो घर आया हुआ था।

समर: ये तो बहुत अच्छी बात हैं। दरअसल मैं एक नक्शा तैयार करना चाहता हूं जिसके हिसाब से ये सारा काम ठीक से हो सके और मैं ये काम आज ही खत्म करना चाहता हूं क्योंकि कल सुबह मुझे मुंबई जाना हैं जहां मेरी एक पार्टी के साथ मीटिंग हैं।

समर बिना कुछ उठ गया और किचेन में काम्या के पास चला गया जो सबके लिए खाना तैयार कर रही थी और उनकी बाते भी सुन रही थी। समर ने अपनी मा को सब कुछ बताया तो काम्या बोली कि बेटे कोई बात नही मेरी चूत और इंतजार कर लेगी । हमारे लोग और उनकी भलाई पहले हैं। तुम भीमा का साथ दो मुझे तुम से कोई शिकायत नहीं है।

समर बाहर आ गया । खाना बना चुका था तो पहले सबने खाना खाया और फिर समर और काम्या दोनो लग गए नक्शा तैयार करने में। उनकी मेहनत रंग लाई और सुबह के छह बजे तक नक्शा तैयार हो चुका था ।

भीमा तैयार हो गया और एयरपोर्ट की तरफ समर उसे लेकर चल दिया। जल्दी ही उसकी फ्लाइट उड़ चुकी थी मुंबई के लिए।

भीमा मुंबई पहुंच चुका था और उसकी मीटिंग शुरू हो गई थी। दोपहर तक उसकी मीटिंग खत्म हो गई और उसने पार्टी वाले को सारे काम का ऑर्डर कर दिया जिसमे मोबाइल टॉवर, हॉस्पिटल और इंटरनेट सर्विस शामिल थे। फिर वो खाना खाने के लिए एक शानदार होटल में चला गया। उसने एक ब्लू जीन्स और ब्लैक टी शर्ट पहनी हुई थी और आंखों पर काला चश्मा लगा हुआ था। वो हल्का सांवला होने के बाद भी काफी जांच रहा था।

राम्या की ट्रेनिंग भी खत्म हुई और वो भी खाना खाने के लिए होटल अाई हुई थी तभी उसकी नजर भीमा पर पड़ी तो उसे देखती ही रह गई। 6 फीट ऊंचा, घुंघराले बाल, और सेहत तो उसकी शानदार थी ही,वो उसे अच्छा लगा और खाना खाते हुए बीच बीच में उसकी तरफ देख रही थी। भीमा भी बीच बीच में उसकी तरफ देख रहा था और उसे लग रहा था कि उसने इस लड़की को कहीं देखा है लेकिन उस याद नहीं आ रहा था।

दूसरी तरफ राम्या ने भीमा को देखा तो था लेकिन अब वो पुरी तरह से बदल चुका था इसलिए पहचान नही पाई। खाना खाकर राम्या बाहर निकली और जैसे ही सड़क पर पहुंची तो एक गाड़ी से कुछ आदमी उतरे और उसे उठाकर गाड़ी मैं रखा और गाड़ी चल दी।

जल्दी ही गाड़ी एक पुराने घर के आगे खड़ी हुई थी जहां चारो सिर्फ घना जंगल था। राम्या पूरी तरह से डरी हुई थी और कांप रही थी ,उसे अपने पापा की बहुत याद आ रही थी कि काश वो होते तो आज वो सुरक्षित होती। सबसे ज्यादा वो इसलिए परेशान थी कि आज रात को प्रतियोगिता थी ।

उसे इसलिए उठाया गया था वहां के विधायक की लड़की जीत सके क्योंकि अगर उस लड़की को कोई हरा सकती थी तो सिर्फ राम्या।

तभी वो आदमी उसे अंदर ले गए और अंदर जाते ही उसके उपर भूखे कुत्तों की तरह टूट पड़े। उसके सारे कपड़े फाड़कर उसे नंगी कर दिया और उसका शानदार जिस्म देखकर पागल हो गए। राम्या बुरी तरह से रो रही थी और रहम की भीख मांग रही थी लेकिन वो ठहरे जानवर।

तभी उनका सरदार आगे बढ़ा और राम्या को दबोच लिया और दो लोगो ने उसके हाथ पकड़ लिए तो एक ने उसकी टांगे खोल कर फैला दी ।

जैसे ही सरदार राम्या की टांगो के बीच में लेटा तभी किसी ने उसे उठाकर फेंक दिया और वो दीवार से जा टकराया।

दरअसल भीमा वहां पहुंच चुका था। वो उन लोगो का पीछा करते हुए वहां आ गया था क्योंकि जब राम्या का किडनैप हुआ तो उसने अपनी आंखो से देखा था। राम्या ने उसे देखा और अपना चेहरा नीचे झुका लिया क्योंकि वो पूरी नंगी थी। भीमा ने उसे अपनी शर्ट दी और फिर टूूट पड़ा उन गुंडों पर। भीमा पूरा जानवर बन चुका था और जल्दी जी उन सभी की लाशे वहां पड़ी हुई थी।

वो राम्या को लेकर वहां से निकल गया । राम्या ने उसे थैंक्स बोला और उसने राम्या को मैडम शीला के घर पर छोड़ दिया। राम्या उससे बहुत प्रभावित हुई और उसे अपना मोबाइल नम्बर दे दिया।
 
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