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समर ने सोफे पर पड़ी हुई सॉफ्ट जेली क्रीम की ट्यूब उठाई और काम्या की आंखो में देखते हुए जैसे ही उसका ढक्कन खोलना शुरू किया तो काम्या ने उसके हाथ से ट्यूब छीनकर एक तरफ फेंक दी और बोली: मुझे अपने बेटे को अपने अंदर समाने के लिए किसी ट्यूब या क्रीम की जरूरत नहीं है।
आज काम्या के मन से लंड का सारा डर ख़तम हो गया था , ये देखकर समर ने जोश में आते हुए अपने होंठ काम्या के गाल पर रख दिए और जोर जोर से उसके गाल चूसने लगा । चूस चूस कर उसने उसके दोनो गालों को लाल कर दिया। फिर उसने अपने होंठ आगे लाते हुए सीधे काम्या के होंठो पर रख दिए और उसके होंठो को चूसने लगा। मजे से दोनो की आंखे बंद हो चुकी थी, दोनो एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे, काम्या कभी उसका उपर वाला तो कभी नीचे वाला होंठ चूस रही थी। काम्या के दोनो हाथ समर के बालो को सहला रहे थे जबकि समर की उंगलियां उसकी कमर पर उत्तेजना का संगीत बजा रही थी । तभी काम्या ने अपनी जीभ बाहर निकालते हुए समर के मुंह में घुसा दी, जैसे ही समर ने काम्या की जीभ को अपनी जीभ से पकड़ा तो बाहर से गेट बजने की आवाज अाई ।
जैसे ही आवाज दोनो के कानो में पड़ी तो उनके होश उड़ गए, रात के 10 बज गए थे ,। इतनी रात को कौन हो सकता हैं शायद माही तो वापिस नहीं आ गई।
दोनो का मूड खराब हो गया , समर उसकी गोद से खड़ा हुआ तो काम्या की आंखो से आंसू निकल पड़े।
वो उदास और प्यासी नजरो से समर की तरफ देख रही थीं , नशा और जोश उस पर इस कदर हावी हो चुका था कि उसे अपनी हालत का जरा भी एहसास नहीं था,। अगर बाहर सचमुच माही हुई तो वो उसे मुंह दिखाने लायक भी नहीं बचनी वाली थी।
काम्या ने आगे बढ़कर समर को अपने गले लगा लिया और उसके पैरो पर चढ़ गई और अपनी चूत उसकी लंड पर रगड़ती हुई बोली:
गेट मत खोलो, बस सिर्फ मेरी चुदाई करो, भाड में जाए चाहे कोई भी हो"
जब बार बार पीते जाने पर भी गेट नहीं खुला तो समर का फोन बज उठा, उसने देखा तो उसके होश उड़ गए क्योंकि माही का कॉल था, जबकि काम्या अभी अभी अपनी आंखे बंद किए हुए अपनी चूत उसके लंड पर रगड़ रही थी।
समर: होश में आओ मम्मी, बाहर माही खड़ी हुई है , मुझे गेट खोलना ही होगा।
काम्या को नशे कारण कुछ समझ नहीं आ रहा था, वो बोली माही हैं तो क्या हुआ, तुम मेरे बेटे ही और तुम पर सबसे पहले सिर्फ मेरा हक हैं, सब कुछ भूल कर मेरी चूत मार लो आज, घोड़ी बनाकर मेरे उपर चढ़ जाओ और मेरी सारी प्यास बुझा दो। तुम्हारी मा और उसकी चूत दोनो लंड के लिए तड़प रहें हैं।
समर उसे अपनी बांहों में उठा लेता है और काम्या को उसके कमरे में ले जाकर लिटा देता हैं और कमरे को अंदर से बंद करके खिड़की से बाहर निकला आया और सब कुछ अच्छे से अच्छे करके जैसे ही गेट पर पहुंचा तो फिर से उसका फोन बज उठा तो उसने धड़कते हुए दिल के साथ दरवाजा खोल दिया तो सचुमुच बाहर माही खड़ी हुई थी और उसके साथ सोनम भी खड़ी थी।
गेट खुलते ही वो समर पर बरस पड़ी: इतनी देर से गेट क्यों खोला, ?
समर बहाना बनाते हुए: अरे मैं ऊपर बाथरूम में था, आवाज नहीं आ रही थी जब तुम्हरा कॉल आया तो देखा और नीचे चला आया।
।
माही अंदर घुस गई और साथ में सोनम भी, माही ने समर से पूछा कि: काम्या मम्मी कहां हैं ?
समर : वो तो कभी की सो गई हैं, लेकिन तुम तो सुबह आने वाली थी अचानक से इतनी रात को दोनो आ गई सब ठीक तो हैं ?
माही: अरे सोनम के मम्मी पापा ने मम्मी और तुम्हारे लिए केक और खाना भेजा हैं बस ही लेकर अाई हैं हम।
समर ने चैन की सांस ली , बस वो ये कन्फर्म करना चाहता था कि वो दोनो अभी वापिस जाएगी या यहीं रुकेंगी। लेकिन पूछने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था।
तभी सोनम बोल पड़ी: माही अब हमे चलना चाहिए क्योंकि मम्मी पापा और पूरा परिवार अभी भूखे पेट ही हमारा इंतजार कर रहा है।
माही उसकी हां में हां मिलाते हुए : ठीक हैं समर मैं अभी चलती हू और सुबह खुद ही आ जाऊंगी । ध्यान रखना अपना , गुड नाईट एंड स्वीट ड्रीम्स ।( उस बेचारी को क्या पता था कि आज सचुमच उसके सपने पूरे होने वाले हैं, अपनी मा को चोदना का सपना)
और ऐसा बोलकर वो दोनो फिर से घर से बाहर निकाल गई और समर ने फुर्ती से गेट बंद कर लिया और उसका लंड फिर से लोहे की रोड के जैसे तन गया। उसने अपने सारे कपड़े उतार फेंके और एक दम नंगा हो गया ।
वो काम्या के रूम की खिड़की में से उसके रूम में घुस गया
वो काम्या के रूम की खिड़की में से उसके रूम में घुस गया ।जैसे ही वो रूम के अंदर घुसा तो उसने देखा कि उसकी मा एक लिंगरी में लेटी हुई है और उसकी दोनो आंखे पूरी तरह से बंद थी और नशे और उत्तेजना में पता नहीं क्या क्या बडबडा रही हैं,कभी दोनो हाथो से अपनी चूचियां मसल रही थी तो कभी अपनी चूत सहला रही थी । समर उस ध्यान से देखने लगा तो उसे महसूस हुआ कि उसकी मा सच में बहुत खूबसूरत हैं
आज काम्या के मन से लंड का सारा डर ख़तम हो गया था , ये देखकर समर ने जोश में आते हुए अपने होंठ काम्या के गाल पर रख दिए और जोर जोर से उसके गाल चूसने लगा । चूस चूस कर उसने उसके दोनो गालों को लाल कर दिया। फिर उसने अपने होंठ आगे लाते हुए सीधे काम्या के होंठो पर रख दिए और उसके होंठो को चूसने लगा। मजे से दोनो की आंखे बंद हो चुकी थी, दोनो एक दूसरे के होंठ चूस रहे थे, काम्या कभी उसका उपर वाला तो कभी नीचे वाला होंठ चूस रही थी। काम्या के दोनो हाथ समर के बालो को सहला रहे थे जबकि समर की उंगलियां उसकी कमर पर उत्तेजना का संगीत बजा रही थी । तभी काम्या ने अपनी जीभ बाहर निकालते हुए समर के मुंह में घुसा दी, जैसे ही समर ने काम्या की जीभ को अपनी जीभ से पकड़ा तो बाहर से गेट बजने की आवाज अाई ।
जैसे ही आवाज दोनो के कानो में पड़ी तो उनके होश उड़ गए, रात के 10 बज गए थे ,। इतनी रात को कौन हो सकता हैं शायद माही तो वापिस नहीं आ गई।
दोनो का मूड खराब हो गया , समर उसकी गोद से खड़ा हुआ तो काम्या की आंखो से आंसू निकल पड़े।
वो उदास और प्यासी नजरो से समर की तरफ देख रही थीं , नशा और जोश उस पर इस कदर हावी हो चुका था कि उसे अपनी हालत का जरा भी एहसास नहीं था,। अगर बाहर सचमुच माही हुई तो वो उसे मुंह दिखाने लायक भी नहीं बचनी वाली थी।
काम्या ने आगे बढ़कर समर को अपने गले लगा लिया और उसके पैरो पर चढ़ गई और अपनी चूत उसकी लंड पर रगड़ती हुई बोली:
गेट मत खोलो, बस सिर्फ मेरी चुदाई करो, भाड में जाए चाहे कोई भी हो"
जब बार बार पीते जाने पर भी गेट नहीं खुला तो समर का फोन बज उठा, उसने देखा तो उसके होश उड़ गए क्योंकि माही का कॉल था, जबकि काम्या अभी अभी अपनी आंखे बंद किए हुए अपनी चूत उसके लंड पर रगड़ रही थी।
समर: होश में आओ मम्मी, बाहर माही खड़ी हुई है , मुझे गेट खोलना ही होगा।
काम्या को नशे कारण कुछ समझ नहीं आ रहा था, वो बोली माही हैं तो क्या हुआ, तुम मेरे बेटे ही और तुम पर सबसे पहले सिर्फ मेरा हक हैं, सब कुछ भूल कर मेरी चूत मार लो आज, घोड़ी बनाकर मेरे उपर चढ़ जाओ और मेरी सारी प्यास बुझा दो। तुम्हारी मा और उसकी चूत दोनो लंड के लिए तड़प रहें हैं।
समर उसे अपनी बांहों में उठा लेता है और काम्या को उसके कमरे में ले जाकर लिटा देता हैं और कमरे को अंदर से बंद करके खिड़की से बाहर निकला आया और सब कुछ अच्छे से अच्छे करके जैसे ही गेट पर पहुंचा तो फिर से उसका फोन बज उठा तो उसने धड़कते हुए दिल के साथ दरवाजा खोल दिया तो सचुमुच बाहर माही खड़ी हुई थी और उसके साथ सोनम भी खड़ी थी।
गेट खुलते ही वो समर पर बरस पड़ी: इतनी देर से गेट क्यों खोला, ?
समर बहाना बनाते हुए: अरे मैं ऊपर बाथरूम में था, आवाज नहीं आ रही थी जब तुम्हरा कॉल आया तो देखा और नीचे चला आया।
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माही अंदर घुस गई और साथ में सोनम भी, माही ने समर से पूछा कि: काम्या मम्मी कहां हैं ?
समर : वो तो कभी की सो गई हैं, लेकिन तुम तो सुबह आने वाली थी अचानक से इतनी रात को दोनो आ गई सब ठीक तो हैं ?
माही: अरे सोनम के मम्मी पापा ने मम्मी और तुम्हारे लिए केक और खाना भेजा हैं बस ही लेकर अाई हैं हम।
समर ने चैन की सांस ली , बस वो ये कन्फर्म करना चाहता था कि वो दोनो अभी वापिस जाएगी या यहीं रुकेंगी। लेकिन पूछने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था।
तभी सोनम बोल पड़ी: माही अब हमे चलना चाहिए क्योंकि मम्मी पापा और पूरा परिवार अभी भूखे पेट ही हमारा इंतजार कर रहा है।
माही उसकी हां में हां मिलाते हुए : ठीक हैं समर मैं अभी चलती हू और सुबह खुद ही आ जाऊंगी । ध्यान रखना अपना , गुड नाईट एंड स्वीट ड्रीम्स ।( उस बेचारी को क्या पता था कि आज सचुमच उसके सपने पूरे होने वाले हैं, अपनी मा को चोदना का सपना)
और ऐसा बोलकर वो दोनो फिर से घर से बाहर निकाल गई और समर ने फुर्ती से गेट बंद कर लिया और उसका लंड फिर से लोहे की रोड के जैसे तन गया। उसने अपने सारे कपड़े उतार फेंके और एक दम नंगा हो गया ।
वो काम्या के रूम की खिड़की में से उसके रूम में घुस गया
वो काम्या के रूम की खिड़की में से उसके रूम में घुस गया ।जैसे ही वो रूम के अंदर घुसा तो उसने देखा कि उसकी मा एक लिंगरी में लेटी हुई है और उसकी दोनो आंखे पूरी तरह से बंद थी और नशे और उत्तेजना में पता नहीं क्या क्या बडबडा रही हैं,कभी दोनो हाथो से अपनी चूचियां मसल रही थी तो कभी अपनी चूत सहला रही थी । समर उस ध्यान से देखने लगा तो उसे महसूस हुआ कि उसकी मा सच में बहुत खूबसूरत हैं