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Incest मेरा परिवार और मेरी वासना

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अपडेट 46

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दीदी सींक के पास खड़ी थी और इस वक्त बियर के फुल नशे मे थी जोकि उसके चेहरे से सॉफ झलक रहा था

अचानक वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराइ मैं समझ नही पा रहा था की वो करना क्या चाहती है

फिर एकाएक ही वो मेरी तरफ पलटी और उसने अपनी टीशर्ट उपर उठा ली और शरारती मुस्कान के साथ मुझे देखने लगी

शायद अब मैं भी समझ गया था की वो क्या करने वाली है और मैं उसे बड़े ध्यान से देखने लगा था और दो पल के बाद ही उसके बड़े बड़े बूब्स मेरी आँखो के सामने थे

जिन्हे मैं ललचाई नज़रो से देखने लगा था की तभी उसने अपने हाथो से उन्हे धक लिया

"क्या कर रही हो यार कितना अच्छा नज़ारा था" मैं बोला लेकिन उसने अपनी एक उंगली अपने होंठो पर रख कर मुझे चुप रहने का इशारा किया और एक झटके मे अपनी टीशर्ट उतार कर फेंक दी नीचे उसने ब्रा तो पहनी ही नही थी अब वो अपनी एक शॉर्ट मे उपर से पूरी नंगी मेरे सामने खड़ी थी और उसके हाथ उसकी छोटी सी चड्डी के बटन से उलझ गये थे

फिर बटन खुलते ही उसने धीरे धीरे अपनी चड्डी नीचे करनी शुरू कर दी जहाँ मुझे उसकी काली पैंटी मे फसी गोरी गान्ड नज़र आने लगी थी

धीरे धीरे अपनी चड्डी नीचे करते हुए उसने अपनी गान्ड मेरी तरफ कर दी और झुक कर अपनी चड्डी को पैरो से बाहर निकालने लगी अब मेरी आँखो के सामने काली चड्डी मे छिपी उसकी गोरी गान्ड का दिलकश नज़ारा था

फिर वो चड्डी उतार कर पैंटी मे ही किचन की पतली पर बैठ गई और अपनी टाँगे फैला कर मुझे अपनी पैंटी के अंदर छिपी फूली हुई चूत के दर्शन करवाते हुए अपने बूब्स दबाने लगी

थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद उसने मुझे आँख मारी और अपनी पैंटी मे उंगली फँसा दी जिसका मतलब सॉफ था की वो अब अपनी पैंटी उतारने वाली थी

और उसके बाद उसने अपनी पैंटी को भी उतार दिया और अब मेरी आँखो के सामने उसकी नन्ही सी गोरी चिकनी

बिना बालो की अनचुदी चूत थी जिसे मैं बहुत गौर से देखने लगा

लेकिन ये नज़ारा कोई बहुत देर तक मेरी नज़रो के सामने नही रहा और फिर उसने अपने हाथ से अपनी छोटी सी मुनिया को धक लिया

लेकिन अब तक मेरा लंड अकड़ कर फटने को होने लगा था और अब मुझसे ज़रा भी कंट्रोल नही हो रहा था और वो मुझे तडपाए जा रही थी

अब मैने और देर करना ठीक नही समझा और मैं उसके पास पहुच गया और इसके पहले की वो कुछ बोलती मैने उसे गोद मे उठाया और डॉली के रूम की तरफ बढ़ गया क्योंकि नशे की वजह से मुझमे इतनी हिम्मत नही थी की मैं उसे उपर उसके या मेरे रूम मे ले जा पाता.. .......
 
अपडेट 47

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मैं दीदी को डॉली के रूम ले आया था और उसे डॉली के बेड पर लेटा दिया था नशे की वजह से दीदी की पलके मुंदी जा रही थी और इधर मेरा लंड दीदी की चिकनी चूत को देख कर झटके मारे जा रहा था

वैसे तो मुझे चूत चाटना या चूसना बिल्कुल भी अच्छा नही लगता है लेकिन दीदी की मस्त चूत देख कर मुझसे रहा नही गया और मैं उसकी दोनो टाँगो के बीच आ गया और उसकी पानी बहती चूत पर अपने होंठ लगा कर उसे चूमने लगा

मेरे ऐसा करने से दीदी के मज़े की कोई इंतेहा ही नही रही और वो कमर उचका उचका कर मज़े लेने लगी थी अब उसकी चूत बहुत ज़्यादा पानी छोड़ने लगी थी जिस वजह से उसका कुछ पानी मेरे मुँह मे चला गया जोकि मुझे बिल्कुल भी अच्छा नही लगा तो मैने अब दीदी की चूत को चूमना बंद कर दिया और उसके बाजू मे लेट कर उसके होंठ चूमने हुए उसके बूब्स दबाने लगा दीदी भी इस काम मे मेरा भरपूर साथ दे रही थी वो मेरे होंठो को चूसने के साथ मेरा लंड भी मसल रही थी

थोड़ी ही देर बाद मैने उसके बूब्स दबाना छोड़ कर उसकी चूत मे उंगली करना शुरू कर दिया था क्योंकि मैं जानता था की अगर चूत थोड़ी सी भी खुल जाएगी तो मुझे लंड अंदर करने मे ज़्यादा मेहनत नही करनी पड़ेगी

अपनी चूत मे मेरी उंगली महसूस करके दीदी बेहद उत्तेजित हो गई थी और अब वो मेरा लंड छोड़ कर अपने दोनो हाथो से मेरा चेहरा पकड़ कर बहुत वाइल्ड ट्राइक से मेरे होंठो को चूसने लगी थी कभी कभी तो वो उन्हे काट भी लेती थी

इतनी देर के फॉर प्ले से अब मेरा मन भर गया था और लंड दीदी की चूत मे जाने के लिए मचलने लगा था अब मैने भी उसे ज़्यादा तड़पाना ठीक नही समझा

"क्या हुआ.....तू ऐसे क्यों उठ गया" मेरे अचानक उठने से दीदी हैरान होते हुए बोली

"बहुत खेल लिया दी, अब मेरा लंड तुम्हारी चूत मे जाने के लिए मचल रहा है प्लीज़ अब मुझे मेरे मुन्ने का तुम्हारी मुनिया से मिलन करा ही लेने दो" मैं दीदी की दोनो टाँगे चौड़ी करते हुए बोला

"तो फाइनली वो टाइम आ ही गया जब मेरी सील टूट जाएगी और मेरी चूत फट जाएगी" दीदी बोली

"कभी ना कभी तो ये सब होना ही था लेकिन ये बात तुम्हारे लिए बहुत अच्छी है की ये शुभ काम तुम्हारा भाई कर रहा है जो बहुत प्यार से तुम्हारी सील तोड़ेगा ताकि तुम्हे कम से कम दर्द हो" मैं बोला

"ठीक है भाई तोड़ दे मेरी सील और भर दे अपना मूसल लंड मेरी छोटी सी चूत मे लेकिन ध्यान रखना की मुझे ज़्यादा दर्द ना हो" कहते हुए दीदी ने अपनी आँखे बंद करली और अपनी दोनो जाँघो को उठा कर अपने पेट से चिपका लिया जिससे उसकी चूत पूरी तरह से खुल कर सामने आ गई थी

मैने अब अपने सूखे लंड को अपने थूक से गीला किया और उसे दीदी की पानी बहती गीली चूत के छेद पर लगा दिया और बोला "दीदी मैं अंदर करने वाला हूँ थोड़ा दर्द होगा लेकिन अड्जस्ट कर लेना"

"ह्म.. " दीदी के मुँह से निकला अपनी चूत पर मेरा लंड लगने से वो सिहर गई थी और उसके बदन ने एक झुरजुरी सी ली थी

अब मेरी लाइन क्लियर थी मैने धीरे धीरे लंड पर दबाव देना शुरू कर दिया था जिसके कारण अब मेरा लंड दीदी की चूत को दीवारो को फैलाता हुए उसके अंदर घुसने लगा था जबकि दीदी की साँसे तेज हो गई थी और उसने अपनी दोनो मुठियो मे चादर को भींच लिया था
 
अभी मेरे लंड का सुपाडा ही अंदर गया था की मुझे ऐसा लगा जैसे आगे कोई दीवार खड़ी हो जो मेरे लंड का रास्ता रोक रही हो मैं समझ गया की ये दीदी के कुवारे पन की निशानी है जिसे आज मैं हमेशा-2 के लिए मिटा देने वाला था मैने अब दीदी को कस कर बाहों मे भर लिया था और अपने लंड को बहुत ज़्यादा दबाव देने लगा था लेकिन दीदी की सील आराम से टूटने को तैयार ही नही हो रही थी जबकि इतने मे ही दीदी की आँखो से आँसू की कुछ बूंदे धूलक गई थी लेकिन मैने उसकी कोई परवाह नही की और अपना लंड थोड़ा पीछे खींच कर एक ज़ोर का धक्का लगा दिया जिससे मेरा लंड दीदी की चूत को सील को फाड़ता हुआ आधे से ज़्यादा उसकी चूत मे घुस चुका था

"ऊ....मा... .....मर गई रे......रुक जा सोनू......वहीं रुक जा.. ....बहुत दर्द हो रहा है" दीदी ज़ोर से चिल्लाई और उसने मुझे अपनी बाँहो मे जकड़ लिया था

मैं भी उसे ज़्यादा दर्द नही देना चाहता था इसलिए कुछ देर के लिए मैं भी रुक गया और उसके नॉर्मल होने की राह देखते रहा कोई 3-4 मिनिट बाद दीदी थोड़ा हिली तो मैने झट से एक धक्का और लगा दिया जिससे अब मेरा लंड पूरी तरह से उसकी चूत मे समा गया था लेकिन दर्द के मारे दीदी एक बार फिर चीख उठी थी

"अरे साले मादरचोद.....मैने कहा था ना की अभी वैसे ही रुकना फिर धक्का क्यों लगाया, आहह.. ..." दीदी मुझे गली बकते हुए बोली

"मादरचोद नही बहनचोद बोलो दीदी और वैसे भी अब जितना दर्द होना था हो चुका क्योंकि अब मेरा पूरा लंड तुम्हारी चूत निगल चुकी है अब तो बस मज़े ही मज़े है" मैं हँसते हुए बोला

"सच..." मेरी बात सुनकर कुछ देर चुप रहने के बाद दीदी बोली "ज़रा दिखाना तो"

दीदी की बात सुनकर मैं सीधा हो गया और दीदी भी थोड़ा सा उठ कर अपनी चूत मे घुसे मेरे लंड को देखने लगी जो उसके खून से सना हुआ था

"यार क्या खून भी आया है" दीदी ने पूछा

"हाँ....वो तो आता ही है जब सील टूटती है तो" मैं बोला

"ज़रा अच्छे से दिखा तो" दीदी बोली शायद अब उसका दर्द कम पड़ गया था तो मैने भी अपना लंड उसकी चूत से पूरा बाहर निकाल लिया लेकिन इसमे भी दीदी की एक सिसकी निकल ही गई दर्द की वजह से और वो सीधी होकर उसकी चूत से निकला हुआ खून जो मेरे लंड पर भी लगा हुआ था को देखने लगी

"ओह्ह माइ गॉड....सच मे ये तो बहुत खून निकला है" वो बोली

"इतना तो निकलता ही है, उस दिन मोना का भी इतना ही निकला था" मैने बताया

कुछ देर तक वो कुछ सोचते रही फिर मुझे गले लगा लिया मैं भी उसकी पीठ सहलाने लगा और उसे वैसे ही बेड पर लेटा दिया और फिर अपना लंड उसकी चूत पर सेट करके अंदर करने लगा उसे अब भी दर्द हो रहा था लेकिन वो पहले से बहुत कम था अब मैने धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया था और जिसके कारण अब दीदी की चूत भी पानी छोड़ने लगी थी कुछ ही देर बाद मेरे धक्का की स्पीड बढ़ गई थी और दीदी भी कमर उठा उठा कर अपनी पहली चुदाई का मज़ा लेने लगी थी

कोई 5-7 मिनिट के धक्को के बाद ही दीदी झड़ गई और मैं भी उसके पानी को महसूस करके अपने लंड से पिचकारिया छोड़ते हुए उसकी चूत को भरने लगा था

हम दोनो वैसे ही पड़े गहरी गहरी साँसे लेते हुए नॉर्मल होने की कोशिश कर रहे थे और कोई एक घंटे बाद फिर हम तैयार थे सेकेंड राउंड के लिए इस बार दीदी को थोड़ा बहुत ही दर्द हुआ और हमने जोरदार चुदाई की उसके बाद सुबह के 4 बजे तक मैने दीदी की 4 बार हर पोज़िशन मे चोदा कभी डॉगी स्टाइल मे तो कभी उसे अपने उपर बैठा कर तो कभी दीवार से लगा कर खड़े खड़े

दीदी के दिल की जो तमन्ना थी पहली चुदाई को लेकर वो पूरी तरह से पूरी हो गई थी और हम दोनो ही खुश थे फिर...
 
अपडेट 48-49

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सुबह कोई 11 बजे किसी के जगाने से मेरी नींद खुली मैने देखा तो सामने मोना खड़ी हुई मुझे जगा रही थी लेकिन अभी भी मेरी आँखो मे नींद भरी पड़ी थी सो मैने आँखे पूरी तरह नही खोली थी

"कितना सोता है तू चल उठ दोपहर होने को आई है" वो मुझे हिलाते हुए बोल रही थी

अब मैने भी आँखे खोल कर अच्छी तरह से उसे देखा अभी वो एक बहुत शॉर्ट ड्रेस मे थी जिसमे से उसके बड़े बड़े थन अलग ही दिखाई पड़ रहे थे

और सच मे उसका ये नज़ारा देख कर मेरी आँखे पूरी तरह से खुल गई और नींद पता नही कहाँ भाग गई लेकिन मैं फिर भी नही उठा

"अब जब जाग ही गया है तो बेड से उतर भी जा" वो बोली लेकिन उठने की जगह मैने उसे अपने पास आने का इशारा कर दिया

"ना बाबा ना, निशा अभी यही किचन मे ही है अगर वो आ गई तो" वो घबराते हुए बोली

मैं समझ गया की अभी इसे मेरे और दीदी के प्लान के बारे मे पता नही है लेकिन कन्फर्म करना ज़रूरी था इसलिए मैने उससे पूछा "ठीक है लेकिन आज तू सुबह सुबह यहाँ क्या बात है"

"तेरी दीदी ने ही बुलाया है की आज घर पर कोई नही है तो रूपा को भी लेकर आना मस्ती करेंगे लेकिन अभी मेडम खाना बनाने मे लगी है" मोना बोली

मैं समझ गया की दीदी ने प्लान पर काम शुरू कर दिया है और मुझे मोना और रूपा की गान्ड चोदने को मिलने वाली है लेकिन रूपा मुझे दिखाई नही दे रही थी

"तो रूपा कहाँ है" मैने पूछा

"वो उसे आज अर्जेंट अपने गाओं जाना पड़ गया इसलिए वो नही आ पाई" मोना ने बताया

तभी दीदी वहाँ आ गई और बोली "अरे सोनू तू अभी तक उठा नही, चल जल्दी से उठ जा और हाँ मोना मैं ज़रा मंदिर से होकर आती हूँ तू ज़रा दरवाजा बंद करले"

दीदी बोली और बाहर निकल गई उसके पीछे मोना भी दरवाजा बंद करने चली गई थी और इधर मैं सोच रहा था की क्या इस साली रूपा को भी आज ही गाओं जाना था लेकिन चलो कोई बात नही कम से कम मोना की गान्ड तो मिल ही जाएगी आज और रूपा कहाँ भागे जा रही है आज नही तो कल उसकी भी गान्ड फटना ही है

"अरे तू उठा नही अब तक" तभी मोना रूम मे आते हुए बोली

मैने उसे फिर मेरे पास आने का इशारा किया तो उसने ना मे गर्दन हिला दी

"क्यों, अब तो दीदी भी घर पर नही है" मैं बोला

"लेकिन मैं तेरे पास नही आउन्गी आना है तो तू ही मेरे पास आ" वो बोली

"ठीक है फिर मैं नही आता तेरे पास" मैं बोला

"अच्छा......तू मेरे पास नही आएगा" वो मुस्कुराते हुए बोली

"नही....." मैने जवाब दिया और मेरे इतना कहते ही उसने अपनी फ्रॉक उतार कर फेंक दी अब वो सिर्फ़ ब्रा और पैंटी मे थी और ये नज़ारा देख कर मेरा लंड पूरी तरह से अकड़ गया था लेकिन मन कर रहा था की अभी जाकर उसे अपनी बाँहो मे जकड़ कर निचोड़ दूँ लेकिन किसी तरह से मैने अपने आप पर कंट्रोल किया और वैसे ही लेटे रहा

मुझे अपनी जगह से हिलते ना देख मोना सकपका गई

उसे मुझसे ये उम्मीद नही थी की मैं उसे ऐसे देख कर भी उसके पास नही जाउन्गा लेकिन वो भी हार मानने वालो मे से नही थी उसने अपनी अगली चल चली और अपने ब्रा को उपर उठा ली और उसके बड़े बड़े बूब्स बाहर आ गये तो वो अपने बूब्स के निपल्स दबाने लगी

अब इतना दिलकश नज़ारा देख कर मैं अपने आपको काबू मे नही रख सका और झट से उठ कर मोना के पास पहुच कर उसे बाँहो मे भर लिया और उसके होंठो से होंठ लगा कर उसे चूमने लगा और मेरे हाथ उसकी बड़ी बड़ी चुचियो को मसलने लगे जबकि मोना किस मे मेरा साथ देते हुए मेरे लंड से खेलने लगी थी

कोई दो मिनिट तक धुआधार किस के बाद हम दोनो की ही साँसे भर गई तो मैने मोना के होंठ छोड़ दिए

"हमारे पास ज़्यादा टाइम नही है सोनू, निशा कभी भी आ सकती है जो भी करना है जल्दी कर ले" मोना मेरे लंड को ज़ोर से भींचते हुए बोली

"अब करना क्या है तू जल्दी से मेरा लंड मुँह मे लेकर इसे ठंडा कर दे क्योंकि मैं तुझसे पहले ही कह चुका हूँ की तेरी गान्ड मारने के बाद ही तेरी चूत मे लंड डालूँगा तो अभी गान्ड मारने का टाइम तो है नही तो यही एक उपाय है अभी" मैं उसे याद दिलाते हुए बोला

"श...लेकिन अभी एक बार तो मेरी चूत को आग बुझा दे गान्ड बाद मे मार लेना" वो धीमे स्वर मे बोली

"नो.. ..ये नही हो सकता मैने जो कह दिया सो कह दिया अब मेरा लंड तेरी गान्ड के बाद ही तेरी चूत मे जाएगा, अब टाइम मत कर और इसे मुँह मे लेले" मैं बोला और उसके कंधो पर दबाव देकर मैने उसे नीचे मेरे लंड के सामने बैठा दिया

अब उसके पास भी कोई चारा नही था तो उसने मेरा लंड पकड़ा और उसे मुँह मे लेकर मुझे ब्लो जॉब देने लगी

और जिस तरह से वो मेरे लंड को चूस और चाट रही थी मैं जैसे जन्नत की सैर कर रहा था बीच बीच मे वो मेरे टट्टो को भी सहला देती या भींच भी लेती थी और कुछ ही देर मे मुझे लगा की मैं झड़ने वाला हूँ तो मैने उसका सिर पकड़ा और उसके मुँह मे धक्के लगाने लगा जैसे मैं उसका मुँह चोद रहा हूँ और कुछ ही धक्को के बाद मेरे लंड ने उसके मुँह मे पिचकारी छोड़ना शुरू कर दिया कुछ पिचकारिया तो सीधे उसके हलाक मे उतर रही थी वो बेचारी बहुत कोशिश कर रही थी अपना मुँह अलग करने की लेकिन मेरे दोनो हाथो ने उसका सिर पकड़ा हुआ था इस वजह से वो हिल भी नही पाई और जब तक मेरे टटटे खाली नही हो गये मैने उसे नही छ्चोड़ा और मेरे छोड़ते ही वो गहरी गहरी साँसे लेते हुए उसके मुँह मे जमा मेरे माल को थूकने लगी और फिर बहुत गुस्से से मुझे देखने लगी

अभी वो कुछ कहना चाहती थी लेकिन इसके पहले ही डोरबेल चिल्ला उठी और उसकी बाते मुँह मे ही रह गई उसने झट से अपने कपड़े पहने और अपना मुँह पौंछ कर बाहर को दरवाजा खोलने को लपकी जबकि इधर मैने पास पड़े कपड़े से मोना का थुका हुआ सॉफ किया और अपनी चड्डी उपर करके अपने रूम की तरफ चल दिया.. ........

मैं अपने रूम मे आकर नहा कर फ्रेश हो चुका था तब तक 12 बज गये थे अब मुझे भूख लग रही थी क्योंकि मैने सुबह नाश्ता भी नही किया था. मैं नीचे आया तो देखा की दीदी और मोना हॉल मे ही बैठी थी

"आ गया मेरा राजा, चल अब खाना खाते है तुझे भूख लगी होगी क्योंकि आज तूने नाश्ता भी नही किया है" मुझे देखते ही दीदी बोली

"हाँ यार तुम सच कह रही हो पेट मे चूहे दौड़ रहे है अब जल्दी से खाना लगा दो" मैं बोला और मेरी बात सुनकर दीदी मोना को साथ लेकर किचन मे चली गई खाना लेने और मैं डाइनिंग टेबल पर जाकर बैठ गया

कुछ ही देर बाद हम तीनो खाना खा रहे थे

"तो सोनू फिर क्या हुआ तुम दोनो का" अचानक दीदी बोली

"क्या मतलब, मैं कुछ समझा नही" मैं बोला और सच मे मुझे कुछ समझ भी नही आया था

"अरे यार तू मोना को अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता था ना तो उसका क्या हुआ, कुछ बात बनी या फिर मामला वहीं अटका पड़ा है" दीदी बोली और मोना से छुप कर उसने मुझे आँख मार दी मैं समझ गया की दीदी अब उसे घेरना चाहती है

"अब क्या बतौ दी, मेरी गर्लफ्रेंड बनने के लिए मैने इसकी शर्त भी पूरी कर दी लेकिन ये अभी तक किस से आगे ही नही बढ़ती है कहती है बस इतना ही करूँगी आगे नही" मैं बोला और मेरी बात सुनकर मोना ने आँखे निकाल कर मुझे देखा जैसे कह रही हो की दीदी के सामने कुछ नही बोलना

"क्यों मोना सोनू सही कह रहा है क्या, क्या सच मे तुम दोनो गर्लफ्रेंड बाय्फ्रेंड बन चुके हो और किस भी कर चुके हो" दीदी ने मोना से पूछा

"हा...हाँ" मोना हकलाते हुए बोली वो अभी कुछ समझ ही नही पा रही थी

"ये तो ग़लत है यार जब तू इसकी गर्लफ्रेंड बन ही गयी है तो फिर इसे किस पर ही क्यों अटका रखा है आगे क्यों नही बढ़ने देती उस दिन तो बड़ी बड़ी बाते कर रही थी अगर मेरा भी ऐसा हॅंडसम और स्मार्ट होता ना तो मैं पहली बार मे ही सब कुछ कर लेती" दीदी बोली खाना अभी भी शुरू ही था

"वो.. .वो.. ." मोना के मुँह से बस इतना ही निकला वो कुछ कह ही नही पा रही थी क्योंकि उसे उम्मीद ही नही थी की इस वक्त ऐसी बाते शुरू हो जाएगी

"ये क्या बकरी की तरह मिमिया रही है ढंग से बोल ना" दीदी बोली

"वो क्या है ना अभी तक टाइम और मौका ही नही मिला कुछ करने का" आख़िर मोना ने कहा

"क्या यार मोना क्यों झूठ बोल रही है दीदी से, सॉरी दीदी पहले मैने भी तुमसे झूठ बोला था दरअसल हम दोनो सब कुछ कर चुके है और एक बार नही बहुत बार" मैं मोना को और लपेटते हुए बोला

"सोनू.. ....." मोना ज़ोर से चीखी

"तू चुप रह" दीदी ने मोना से कहा और फिर मुझसे बोली "क्या कहा सोनू तुम दोनो सब कुछ कर चुके यानी चुदाई भी करली तुम दोनो ने"

"हाँ दीदी हम चुदाई भी कर चुके है" मैं बोला और मोना हम दोनो भाई बहन के मुँह से चुदाई जैसे शब्द सुनकर मुँह फाडे हमे देख रही थी
 
"ये कैसी बाते कर रहे हो तुम दोनो और कितने गंदे वर्ड यूज़ कर रहे हो" मोना हैरत से बोली

"अब चुदाई को चुदाई नही कहे तो और क्या कहे और मोना तू तो बड़ी पहुचि वाली निकली वैसे तो मेरी पक्की सहेली बनी घूमती है और चुदाई जैसा बड़ा काम कर लिया वो भी मेरे भाई के साथ और मुझे बताया तक नही" दीदी बोली

"सोनू तेरा भाई है इसीलिए तो नही बताया लेकिन तुम दोनो भाई बहन आपस मे गंदे वर्ड कैसे यूज़ कर रहे हो क्या तुम अपने रिश्ते को भूल गये हो" मोना बोली

"रिश्ते की बात तू कर रही है जो उस दिन मुझसे कह रही थी की अगर मेरा भाई होता तो मैं उससे ही चुदवाति और फिर नेट पर मुझे भाई बहन की चुदाई की स्टोरी तूने ही तो पढ़ाई थी वैसे मैं बता दूँ की हम सिर्फ़ बाते ही करते है ऐसी लेकिन अभी तक ऐसा काम नही किया है" दीदी बोली

"लेकिन.. " मोना ने कुछ कहना चाहा

"लेकिन को मार गीली और बता की पहली चुदाई कब की और उसके बाद कितनी बार चुदाई कर चुके हो तुम दोनो" दीदी ने पूछा

"तेरे भाई से ही पूछ ले इसे ही बहुत जल्दी पड़ी थी

तुझे सब बताने की" मोना मुझे टोन्ट मारते हुए बोली

"चल सोनू अब तू ही बता दे" दीदी मुझे आँख मारते हुए बोली

वैसे तो मैं दीदी को सब कुछ पहले ही बता चुका था लेकिन मैने मोना के सामने एक बार फिर दोहरा दिया और रूपा की चुदाई के बारे मे भी बताया जिसे सुनकर फिर दीदी ने हैरानी जाहिर की इन सब बातों के दौरान हम तीनो खाना ख़तम कर चुके थे

फिर दीदी और मोना ने सॉफ सफाई की और हम तीनो फिर डॉली के रूम मे आ गये थे

"हूंम्म...तो ये बात है तू मोना के साथ रूपा को भी चोद चुका है" दीदी मुझसे बोली

मैने हाँ मे गर्दन हिला दी

"तो चलो फिर एक बार मुझे भी अपनी लाइव चुदाई दिखा दो" दीदी बोली

"क्या.. ..ये कैसे हो सकता है" मोना बोली

"क्यों, क्यों नही हो सकता तू मेरी बेस्ट फ्रेंड है और वैसे भी हमारे बीच मे कुछ भी परदा नही है और सोनू को भी मैं पिक्निक पर नंगा देख ही चुकी हूँ तो फिर तुम दोनो को मेरे सामने चुदाई करने मे कैसी शरम है" दीदी बोली

"मैं तो तैयार हूँ" मैं बोला

"लेकिन हम दोनो चुदाई करेंगे और ये देखेगी, नही नही मुझे शरम आएगी" मोना बोली

"तू चिंता मत कर मैं भी तुम दोनो के जैसी ही नंगी रहूंगी और चुदाई मे तुम्हारा साथ भी दूँगी" दीदी बोली

"क्या....तू अपने भाई के सामने नंगी हो जाएगी और चुदाई मे हमारा साथ भी देगी मतलब तू भी सोनू से चुदवाएगी" मोना हैरान होते हुए बोली

"इसमे हैरानी की क्या बात है पिक्निक मे सोनू मुझे नंगी देख चुका है और रही चुदाई की बात तो अभी मैने उसके बारे मे कुछ सोचा नही है अगर मूड बन गया तो चुदवा भी लूँगी क्योंकि मुझे तेरी बात सही लगी थी की अपने भाई से चुदवाना सबसे सेफ होता है लेकिन अभी तो मैने बस साथ देने की बात की है" दीदी बोली

दीदी की बात सुनकर मोना ने अपना सिर ठोका अभी तक हमारे बीच जितनी भी बाते हुई थी वो उसके लिए किसी आश्चर्य से कम नही थी और इन सब बातों को सोच कर वो बहुत हैरान हुए जा रही थी

"तो क्या बोलती है तू" दीदी ने पूछा

"मेरी तो कुछ समझ मे नही आरहा है, तू जो कहेगी मैं करने के लिए तैयार हूँ" मोना हाथ जोड़ते हुए बोली

"लेकिन दी एक प्राब्लम है" मैं बोला

"कैसी प्राब्लम " दीदी ने पूछा

"वो क्या है ना जब मैने लास्ट टाइम मोना को चोदा था तो खुद से ही एक प्रॉमिस कर लिया था की अब जब तक मैं इसकी गान्ड नही मार लेता इसकी चूत मे लंड नही डालूँगा तो अब तुम ही बताओ की मैं इसकी चुदाई कैसे करू" मैं बोला और मेरे शब्द सुनकर मोना का मुँह खुल गया था उसे यकीन नही आरहा था की मैं अपनी बहन से ऐसी बाते कर रहा हूँ

"अरे वाह. ...ये तो बड़ा अच्छा हुआ, मैं मोना को चूत का उद्घाटन होते तो नही देख पाई लेकिन उसकी गान्ड का उद्घाटन देखने को मिल ही जाएगा, क्यों मोना तू तैयार है ना अपनी गान्ड मरवाने को" दीदी चहकते हुए बोली

"अरे यार पहले ये बताओ की आज तुम दोनो को हो क्या गया है जो ऐसी नंगी नंगी बाते कर रहे हो, कहीं तुम आपस मे चुदाई तो नही कर चुके, और हाँ निशा सब सच सच बताना तुझे मेरी कसम" मोना बोली

और अब मैं सोचने लगा की दीदी क्या जवाब देती है क्योंकि मोना ने उसे अपनी कसम दे दी थी और जहाँ तक मैं जानता था वो दोनो ही एक दूसरे की कसम के बाद झूठ नही बोलती थी

"तू ठीक समझी मोना मैं सोनू से चुदवा चुकी हूँ" आख़िर दीदी ने सच बोल ही दिया

"क्या.. ...कब" मोना ने पूछा

फिर दीदी ने उसे वो सब सच सच बता दिया जो अभी तक हमारे बीच हुआ था

"ओह्ह माइ गॉड. ....तो तू अपने सगे भाई से चूत और गान्ड दोनो मरवा चुकी है, बड़ी छुपी रुस्तम निकली तू तो" मोना मुस्कुराते हुए बोली

"अब तूने ही तो मुझे कहा था की चुदाई के मज़े लेने के लिए भाई से अच्छा कोई नही है और जब मैने सोचा तो मुझे भी तेरी बात सही लगी और फिर मेरा भाई भी पक्का बहनचोद निकला जो स्कूल से वापस आते ही मुझे चोदने के सपने देखने लगा था और फिर ज़रा सा मौका मिलते ही चोद कर ही माना" दीदी बोली

"सच है यार, काश मेरा भी कोई भाई होता" मोना आह भरते हुए बोली

"भाई नही है तो क्या हुआ सोनू भी तो तेरे भाई जैसा ही है और ये तो तुझे मुझसे भी पहले से मज़े दे रहा है, चल अब इस बेचारे को अपनी कुवारि गान्ड की सेवा करने का मौका भी देदे" दीदी मेरे पास आकर मेरे पैंट की जीप खोलते हुए बोली

"ओके डियर मैं तैयार हूँ आज अपना दूसरा होल भी अपने प्यारे भाई को देने के लिए" कहती हुई मोना भी हमारे पास आ गई

अब मैं खड़ा हो गया था और दीदी ने मेरा पैंट खोल कर चड्डी सहित नीचे सरका दिया था जिससे मेरा खड़ा लंड खुले मे आकर झटके मार रहा था

दीदी ने मेरे लंड को पकड़ लिया और उसे सहलाने लगी थी जबकि मोना दीदी की ऐसा करते देख हैरत से मुँह फाड़ चुकी थी

"चलो यार अब कोई इसे चूस कर हार्ड कर दो ताकि ये मोना की गान्ड का छेड़ खोल सके" कहते हुए मैं बेड पर लेट गया

"चल मोना तू ही इसे टाइट कर क्योंकि मुँह मे लेना मुझे अच्छा नही लगता और वैसे भी अभी ये तेरे ही काम आने वाला है" कहते हुए दीदी मेरे मुँह के पास आकर मेरे होंठो को चूमने लगी और उधर मोना ने मेरा लंड अपने मुँह मे लेलिया था

और मैं दीदी के होंठ चूस्ते हुए यही सोच रहा था की कितनी आसानी से सारी बाते खुल गई थी और अब मुझे मोना की सील पॅक गान्ड मारने को मिलने वाली थी.. ......
 
अपडेट 50

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और मैं दीदी के होंठ चूस्ते हुए यही सोच रहा था की कितनी आसानी से सारी बाते खुल गई थी और अब मुझे मोना की सील पॅक गान्ड मारने को मिलने वाली थी.. ......

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अब आगे..

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मोना मेरा लंड चूसे जा रही थी और दीदी मेरे होंठो पर टूट पड़ी थी और इन दोनो हसिनाओ के बीच मैं पिसे जा रहा था और जल्द ही वो टाइम आ गया जब मोना मेरा लंड चूस चूस कर थक गई और उसने मेरा लंड अपने मुँह से बाहर निकाल दिया तो मैने दीदी का पीछे हटाया और मोना की तरफ देखा जो अभी तेज साँसे लेरही थी

"क्यों क्या हुआ इतनी जल्दी थक गई" दीदी मोना से बोली

"जब खुद लंड मुँह मे लेकर चुसेगी ना तब पता चलेगा" मोना बोली

"अरे कोई बात नही अब मेरा लंड भी पूरी तरह हार्ड हो चुका है, चल मोना तैयार होज़ा अपनी गान्ड की सील तुड़वाने के लिए" मैं खड़े होते हुए बोला और मैने अपने सारे कपड़े उतार दिए

उधर मोना और दीदी भी अपने कपड़े उतार चुकी तो मैं दीदी से बोला की कोई क्रीम या तेल जो भी यहाँ हो वो ले आए क्योंकि बगैर चिकनाई के कोरी गान्ड मारना पासिबल ही नही था तो मेरी बात सुनकर दीदी तेल ले आई और मैने मोना को घोड़ी बना दिया अब दीदी उस तेल की मालिश मेरे लंड पर करने लगी और मैं मोना की गान्ड को तेल से भिगोने लगा

मोना की गान्ड पर तेल लगाते हुए मैने अपनी एक उंगली उसकी गान्ड मे धीरे धीरे घुसा दी जोकि चिकनाई होने की वजह से आराम से अंदर चली गई और मोना को दर्द भी नही हुआ

"मोना मेरी उंगली इस वक्त तेरी गान्ड मे है उससे तुझे दर्द हुआ क्या" मैने पूछा

"नही दर्द तो नही हुआ लेकिन वो तो एक छोटी सी उंगली है लेकिन तेरा लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है उससे तो शायद मेरी गान्ड फट ही जाएगी" मोना ने जवाब दिया

"अरे कुछ नही होगा यकीन ना आए तो दीदी की गान्ड देख ले जो मैने दो दिन पहले ही मारी है, क्यों दीदी तुम्हारी गान्ड फटी क्या? " मैं बोला

"अरे कुछ नही होता यार मोना बस थोड़ा सा दर्द होगा और फिर मज़े ही मज़े यकीन ना आए तो मेरी

गान्ड देख ले" दीदी बोली

"मुझे नही देखनी क्योंकि अब तो जो होना है वो होकर ही रहेगा, चल सोनू अब जोभी करना है जल्दी से करले क्योंकि मेरी चूत बहुत तड़प रही है तेरे लंड के लिए" मोना बोली

और उसकी बात सुनकर मैने दीदी का हाथ अपने लंड से अलग कर दिया क्योंकि अब वो अच्छी तरह से चिकना हो गया था जबकि उधर मोना की गान्ड भी पूरी तरह तैयार हो गई थी मेरा लंड लेने के लिए तो मैं आगे बढ़ा और पोज़िशन लेकर अपना लंड मोना की गान्ड का छेद पर लगा दिया और धीरे धीरे आगे दबाव बनाने लगा और चिकनाई की वजह से मेरा लंड का सुपाडा उसकी गान्ड के छेद मे घुस तो गया लेकिन उसके छल्ले मे अटक गया था

लंड के इस तरह आगे ना बढ़ने से मैने थोड़ा दबाव और बढ़ाया तो लंड तो आगे घुस गया लेकिन मोना की एक तेज चीख निकल गई
 
"आ. .......मर गई रे. ......थोड़ा धीरे कर सोनू बहुत दर्द हो रहा है लगता है मेरी गान्ड फट गई है"

मोना चिल्लाई

मैने मोना की गान्ड की तरफ देखा तो मेरा लगभग आधा लंड उसकी गान्ड मे घुस चुका था

अब मैं थोड़ी देर वैसे ही रुका रहा फिर मोना से पूछा की दर्द कम हुआ क्या और जब उसने कहा की हाँ थोड़ा कम हुआ है तो मैने पूरा लंड बाहर खींच कर एक ज़ोर का धक्का और लगा दिया जिससे मेरा लंड उसकी गान्ड को चीरते हुए पूरा जड़ तक अंदर समा गया और फिर एक बार मोना चीख उठी

"अब चीखने से कुछ नही होगा मोना क्योंकि अब तक तेरी गान्ड मेरा पूरा लंड निगल चुकी है अब बस मज़ा ही मज़ा है अब दर्द का काम नही है" मैं बोला और उसी तरह मोना की गान्ड मे लंड फसाए रुक गया क्योंकि मैं चाहता था की पहले उसका दर्द ख़तम हो जाए फिर धक्के लगाउन्गा

थोड़ी देर बाद मोना ने अपनी गान्ड हिलाई जैसे वो मेरे लंड को अपनी गान्ड मे अड्जस्ट कर रही हो और बोली "सोनू, अब दर्द कम हो गया है तू आगे बढ़ सकता है"

उसकी बात सुनकर मैने अपना लंड बाहर को खींचा जो की बहुत रगड़ते हुए बाहर आरहा था लेकिन जैसे ही मेरी नज़र लंड पर गई तो मैं चौंक गया क्योंकि सच मे मोना की गान्ड फट गई थी क्योंकि मेरे लंड के साथ कुछ बूंदे खून की भी बाहर आई थी

तभी दीदी भी वहाँ आ गई और मोना की गान्ड को देखने लगी और जैसे ही उसे खून दिखा तो उसने डर भरी निगाहो से मेरी तरफ देखा तो मैने उसे चुप रहने का इशारा किया और बोला "दीदी तुम भी ना, आज तुम्हारी दोस्त की पहली बार गान्ड मराई हो रही है और तुम उसकी कोई भी मदद नही कर रही हो"

"म..मैं क्या करू" दीदी हकलाते हुए बोली खून देख कर वो घबरा गई थी

"अरे ज़्यादा कुछ नही कर सकती तो कम से कम इसकी गान्ड ही फैला दो जिससे मेरा लंड आसानी से उसके अंदर जासके" मैं बोला

और मेरी बात सुनकर दीदी हम दोनो के पास घुटनो पर बैठ गई और अपने दोनो हाथो से मोना की गान्ड फैला दी और मैं दोबारा अपना लंड मोना की गान्ड मे घुसेड़ने लगा

धीरे धीरे करके मैने वापस अपना पूरा लंड मोना की गान्ड मे घुसेड दिया और फिर आराम से आगे पीछे करने लगा और जैसे ही एक बार मोना की गान्ड मे जगह बनी मेरे धक्को की स्पीड बढ़ने लगी और मोना भी कुछ तो दर्द और कुछ मज़े की वजह से आँखे बंद कर चुकी थी और सिसकारिया भर रही थी

अब मेरा लंड आसानी से उसकी गान्ड मे पूरी तरह अंदर बाहर होने लगा था और मेरे तूफ़ानी धक्के जारी थे लेकिन डॉगी स्टाइल मे अब मेरे घुटनो मे दर्द होने लगा था तो मैने लंड बाहर निकाला और खुद बेड पर लेट गया और मोना को अपने लंड पर बैठने को कहा मोना ने अपनी गान्ड पर मेरा लंड सेट किया और नीचे बैठती चली गई अब मेरा पूरा लंड उसकी गान्ड मे था और मैं नीचे से उचक उचक कर धक्के लगा रहा था और मोना अपने एक हाथ से अपनी चूत सहलाते हुए अपनी पहली गान्ड मराई का मज़ा लेने लगी

मोना को खुद अपनी चूत सहलाते देख दीदी हमारे पास आ गई और मोना की चूत चाटने लगी जिसे वो पहले भी कई बार चाट कर शांत कर चुकी थी

कुछ देर के बाद मुझे लगने लगा की अब मैं झड़ने वाला हूँ तो मैं बोला "आ.. .मोना अब मेरा होने वाला है, मैं झड़ने वाला हूँ"

"ओह्ह्ह्हहाँ.. .मैं भी बस झड़ने ही वाली हूँ प्लीज़

सोनू तू मेरी चूत मे अपना पानी निकालना गान्ड मे नही" मोना आहे भरते हुए बोली

और उसकी बात सुनकर मैं उठा और उसे नीचे लेटा कर उसकी चूत मे लंड पेल दिया और ज़ोर के धक्के लगाने लगा दीदी भी वहीं बैठे हमारी चुदाई का मज़ा लेरही थी

और कुछ ही धक्को के बाद मेरा लंड मोना की चूत मे अपना पानी निकालने लगा और मेरी बौछारो को मोना की चूत सह नही पाई और वो झरते हुए मेरे पानी से अपना पानी मिलाने लगी और मैं वैसे ही उसके उपर ढेर हो गया तो मोना ने मुझे बाहों मे कस लिया और दीदी मेरी लरजती गान्ड पर हाथ फिरने लगी..........
 
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