अपडेट 48-49
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सुबह कोई 11 बजे किसी के जगाने से मेरी नींद खुली मैने देखा तो सामने मोना खड़ी हुई मुझे जगा रही थी लेकिन अभी भी मेरी आँखो मे नींद भरी पड़ी थी सो मैने आँखे पूरी तरह नही खोली थी
"कितना सोता है तू चल उठ दोपहर होने को आई है" वो मुझे हिलाते हुए बोल रही थी
अब मैने भी आँखे खोल कर अच्छी तरह से उसे देखा अभी वो एक बहुत शॉर्ट ड्रेस मे थी जिसमे से उसके बड़े बड़े थन अलग ही दिखाई पड़ रहे थे
और सच मे उसका ये नज़ारा देख कर मेरी आँखे पूरी तरह से खुल गई और नींद पता नही कहाँ भाग गई लेकिन मैं फिर भी नही उठा
"अब जब जाग ही गया है तो बेड से उतर भी जा" वो बोली लेकिन उठने की जगह मैने उसे अपने पास आने का इशारा कर दिया
"ना बाबा ना, निशा अभी यही किचन मे ही है अगर वो आ गई तो" वो घबराते हुए बोली
मैं समझ गया की अभी इसे मेरे और दीदी के प्लान के बारे मे पता नही है लेकिन कन्फर्म करना ज़रूरी था इसलिए मैने उससे पूछा "ठीक है लेकिन आज तू सुबह सुबह यहाँ क्या बात है"
"तेरी दीदी ने ही बुलाया है की आज घर पर कोई नही है तो रूपा को भी लेकर आना मस्ती करेंगे लेकिन अभी मेडम खाना बनाने मे लगी है" मोना बोली
मैं समझ गया की दीदी ने प्लान पर काम शुरू कर दिया है और मुझे मोना और रूपा की गान्ड चोदने को मिलने वाली है लेकिन रूपा मुझे दिखाई नही दे रही थी
"तो रूपा कहाँ है" मैने पूछा
"वो उसे आज अर्जेंट अपने गाओं जाना पड़ गया इसलिए वो नही आ पाई" मोना ने बताया
तभी दीदी वहाँ आ गई और बोली "अरे सोनू तू अभी तक उठा नही, चल जल्दी से उठ जा और हाँ मोना मैं ज़रा मंदिर से होकर आती हूँ तू ज़रा दरवाजा बंद करले"
दीदी बोली और बाहर निकल गई उसके पीछे मोना भी दरवाजा बंद करने चली गई थी और इधर मैं सोच रहा था की क्या इस साली रूपा को भी आज ही गाओं जाना था लेकिन चलो कोई बात नही कम से कम मोना की गान्ड तो मिल ही जाएगी आज और रूपा कहाँ भागे जा रही है आज नही तो कल उसकी भी गान्ड फटना ही है
"अरे तू उठा नही अब तक" तभी मोना रूम मे आते हुए बोली
मैने उसे फिर मेरे पास आने का इशारा किया तो उसने ना मे गर्दन हिला दी
"क्यों, अब तो दीदी भी घर पर नही है" मैं बोला
"लेकिन मैं तेरे पास नही आउन्गी आना है तो तू ही मेरे पास आ" वो बोली
"ठीक है फिर मैं नही आता तेरे पास" मैं बोला
"अच्छा......तू मेरे पास नही आएगा" वो मुस्कुराते हुए बोली
"नही....." मैने जवाब दिया और मेरे इतना कहते ही उसने अपनी फ्रॉक उतार कर फेंक दी अब वो सिर्फ़ ब्रा और पैंटी मे थी और ये नज़ारा देख कर मेरा लंड पूरी तरह से अकड़ गया था लेकिन मन कर रहा था की अभी जाकर उसे अपनी बाँहो मे जकड़ कर निचोड़ दूँ लेकिन किसी तरह से मैने अपने आप पर कंट्रोल किया और वैसे ही लेटे रहा
मुझे अपनी जगह से हिलते ना देख मोना सकपका गई
उसे मुझसे ये उम्मीद नही थी की मैं उसे ऐसे देख कर भी उसके पास नही जाउन्गा लेकिन वो भी हार मानने वालो मे से नही थी उसने अपनी अगली चल चली और अपने ब्रा को उपर उठा ली और उसके बड़े बड़े बूब्स बाहर आ गये तो वो अपने बूब्स के निपल्स दबाने लगी
अब इतना दिलकश नज़ारा देख कर मैं अपने आपको काबू मे नही रख सका और झट से उठ कर मोना के पास पहुच कर उसे बाँहो मे भर लिया और उसके होंठो से होंठ लगा कर उसे चूमने लगा और मेरे हाथ उसकी बड़ी बड़ी चुचियो को मसलने लगे जबकि मोना किस मे मेरा साथ देते हुए मेरे लंड से खेलने लगी थी
कोई दो मिनिट तक धुआधार किस के बाद हम दोनो की ही साँसे भर गई तो मैने मोना के होंठ छोड़ दिए
"हमारे पास ज़्यादा टाइम नही है सोनू, निशा कभी भी आ सकती है जो भी करना है जल्दी कर ले" मोना मेरे लंड को ज़ोर से भींचते हुए बोली
"अब करना क्या है तू जल्दी से मेरा लंड मुँह मे लेकर इसे ठंडा कर दे क्योंकि मैं तुझसे पहले ही कह चुका हूँ की तेरी गान्ड मारने के बाद ही तेरी चूत मे लंड डालूँगा तो अभी गान्ड मारने का टाइम तो है नही तो यही एक उपाय है अभी" मैं उसे याद दिलाते हुए बोला
"श...लेकिन अभी एक बार तो मेरी चूत को आग बुझा दे गान्ड बाद मे मार लेना" वो धीमे स्वर मे बोली
"नो.. ..ये नही हो सकता मैने जो कह दिया सो कह दिया अब मेरा लंड तेरी गान्ड के बाद ही तेरी चूत मे जाएगा, अब टाइम मत कर और इसे मुँह मे लेले" मैं बोला और उसके कंधो पर दबाव देकर मैने उसे नीचे मेरे लंड के सामने बैठा दिया
अब उसके पास भी कोई चारा नही था तो उसने मेरा लंड पकड़ा और उसे मुँह मे लेकर मुझे ब्लो जॉब देने लगी
और जिस तरह से वो मेरे लंड को चूस और चाट रही थी मैं जैसे जन्नत की सैर कर रहा था बीच बीच मे वो मेरे टट्टो को भी सहला देती या भींच भी लेती थी और कुछ ही देर मे मुझे लगा की मैं झड़ने वाला हूँ तो मैने उसका सिर पकड़ा और उसके मुँह मे धक्के लगाने लगा जैसे मैं उसका मुँह चोद रहा हूँ और कुछ ही धक्को के बाद मेरे लंड ने उसके मुँह मे पिचकारी छोड़ना शुरू कर दिया कुछ पिचकारिया तो सीधे उसके हलाक मे उतर रही थी वो बेचारी बहुत कोशिश कर रही थी अपना मुँह अलग करने की लेकिन मेरे दोनो हाथो ने उसका सिर पकड़ा हुआ था इस वजह से वो हिल भी नही पाई और जब तक मेरे टटटे खाली नही हो गये मैने उसे नही छ्चोड़ा और मेरे छोड़ते ही वो गहरी गहरी साँसे लेते हुए उसके मुँह मे जमा मेरे माल को थूकने लगी और फिर बहुत गुस्से से मुझे देखने लगी
अभी वो कुछ कहना चाहती थी लेकिन इसके पहले ही डोरबेल चिल्ला उठी और उसकी बाते मुँह मे ही रह गई उसने झट से अपने कपड़े पहने और अपना मुँह पौंछ कर बाहर को दरवाजा खोलने को लपकी जबकि इधर मैने पास पड़े कपड़े से मोना का थुका हुआ सॉफ किया और अपनी चड्डी उपर करके अपने रूम की तरफ चल दिया.. ........
मैं अपने रूम मे आकर नहा कर फ्रेश हो चुका था तब तक 12 बज गये थे अब मुझे भूख लग रही थी क्योंकि मैने सुबह नाश्ता भी नही किया था. मैं नीचे आया तो देखा की दीदी और मोना हॉल मे ही बैठी थी
"आ गया मेरा राजा, चल अब खाना खाते है तुझे भूख लगी होगी क्योंकि आज तूने नाश्ता भी नही किया है" मुझे देखते ही दीदी बोली
"हाँ यार तुम सच कह रही हो पेट मे चूहे दौड़ रहे है अब जल्दी से खाना लगा दो" मैं बोला और मेरी बात सुनकर दीदी मोना को साथ लेकर किचन मे चली गई खाना लेने और मैं डाइनिंग टेबल पर जाकर बैठ गया
कुछ ही देर बाद हम तीनो खाना खा रहे थे
"तो सोनू फिर क्या हुआ तुम दोनो का" अचानक दीदी बोली
"क्या मतलब, मैं कुछ समझा नही" मैं बोला और सच मे मुझे कुछ समझ भी नही आया था
"अरे यार तू मोना को अपनी गर्लफ्रेंड बनाना चाहता था ना तो उसका क्या हुआ, कुछ बात बनी या फिर मामला वहीं अटका पड़ा है" दीदी बोली और मोना से छुप कर उसने मुझे आँख मार दी मैं समझ गया की दीदी अब उसे घेरना चाहती है
"अब क्या बतौ दी, मेरी गर्लफ्रेंड बनने के लिए मैने इसकी शर्त भी पूरी कर दी लेकिन ये अभी तक किस से आगे ही नही बढ़ती है कहती है बस इतना ही करूँगी आगे नही" मैं बोला और मेरी बात सुनकर मोना ने आँखे निकाल कर मुझे देखा जैसे कह रही हो की दीदी के सामने कुछ नही बोलना
"क्यों मोना सोनू सही कह रहा है क्या, क्या सच मे तुम दोनो गर्लफ्रेंड बाय्फ्रेंड बन चुके हो और किस भी कर चुके हो" दीदी ने मोना से पूछा
"हा...हाँ" मोना हकलाते हुए बोली वो अभी कुछ समझ ही नही पा रही थी
"ये तो ग़लत है यार जब तू इसकी गर्लफ्रेंड बन ही गयी है तो फिर इसे किस पर ही क्यों अटका रखा है आगे क्यों नही बढ़ने देती उस दिन तो बड़ी बड़ी बाते कर रही थी अगर मेरा भी ऐसा हॅंडसम और स्मार्ट होता ना तो मैं पहली बार मे ही सब कुछ कर लेती" दीदी बोली खाना अभी भी शुरू ही था
"वो.. .वो.. ." मोना के मुँह से बस इतना ही निकला वो कुछ कह ही नही पा रही थी क्योंकि उसे उम्मीद ही नही थी की इस वक्त ऐसी बाते शुरू हो जाएगी
"ये क्या बकरी की तरह मिमिया रही है ढंग से बोल ना" दीदी बोली
"वो क्या है ना अभी तक टाइम और मौका ही नही मिला कुछ करने का" आख़िर मोना ने कहा
"क्या यार मोना क्यों झूठ बोल रही है दीदी से, सॉरी दीदी पहले मैने भी तुमसे झूठ बोला था दरअसल हम दोनो सब कुछ कर चुके है और एक बार नही बहुत बार" मैं मोना को और लपेटते हुए बोला
"सोनू.. ....." मोना ज़ोर से चीखी
"तू चुप रह" दीदी ने मोना से कहा और फिर मुझसे बोली "क्या कहा सोनू तुम दोनो सब कुछ कर चुके यानी चुदाई भी करली तुम दोनो ने"
"हाँ दीदी हम चुदाई भी कर चुके है" मैं बोला और मोना हम दोनो भाई बहन के मुँह से चुदाई जैसे शब्द सुनकर मुँह फाडे हमे देख रही थी